तबाही मचा रहा चक्रवात ‘अर्णब’: आंध्र प्रदेश तट से टकराया तूफान, कई पेड़ उखड़ें, सड़कें जलमग्न

तबाही मचा रहा चक्रवात 'अर्णब': आंध्र प्रदेश तट से टकराया तूफान, कई पेड़ उखड़ें, सड़कें जलमग्न

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Cyclone Arnab : चक्रवाती तूफान अर्णब बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश में काकीनाडा के पास यानम के नजदीक तट से टकरा गया। चक्रवात के तट से टकराने के बाद, काकीनाडा कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली की लाइनें टूट गईं हैं। सड़कें जलमग्न हो गई हैं। आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का दौर जारी है। ALSO READ: Cyclone Arnab: समुद्र में कैसे पैदा होता है खतरनाक चक्रवात? जानिए ‘लैंडफॉल’ और तूफान से जुड़ी खास बात

 

चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से आंध्रप्रदेश के तटीय इलाकों में बहुत तेज हवाएं चल रही हैं और भारी बारिश हो रही है।काकीनाडा में रिहायशी इलाकों में समुद्र का पानी कई घरों में घुस गया। वहीं कोनासीमा में चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण तेज हवाएं चल रही हैं और समुद्र में ऊंची लहरें देखी गई।

खराब मौसम के चलते ओडिशा और आंध्र प्रदेश में कई उड़ानें प्रभावित हुई, रेलवे ने भी कई ट्रेनें रद्द कर दी है। चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सलाह दी गई है कि जब तक तूफान तट को पार न कर ले, वे अपने घरों के अंदर ही रहें। 

अर्णब गोपालपुर के करीब

ओडिशा के गोपालपुर में चक्रवात अर्णब के प्रभाव के कारण तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है। इस चक्रवाती तूफान का केंद्र तट के बहुत करीब है और अगले कुछ घंटों तक इसके तट से टकराने (लैंडफॉल) की प्रक्रिया जारी रहेगी।

 

क्या बोले ओडिशा के मंंत्री?

ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा, “लैंडफॉल की प्रक्रिया करीब 1:30 बजे काकीनाडा में शुरू हुई और यह आंध्र प्रदेश राज्य की ओर बढ़ने लगी। आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंचने के बाद यह उत्तर और उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा और मलकानगिरी तक पहुंचेगा…इसे ओडिशा पहुंचने में अभी कुछ और घंटे लगेंगे। स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए, हमने अलग-अलग जगहों पर 313 रिस्पॉन्स टीमें तैनात की हैं।

 

लैंडफॉल की प्रक्रिया अभी भी जारी है। जैसे ही यह ओडिशा की ओर बढ़ना शुरू करेगा, हमारे सिस्टम इस चक्रवाती तूफान से निपटने के लिए तैयार रहेंगे और हम लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएंगे। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और न ही लोगों को किसी तरह की परेशानी होने की कोई सूचना मिली है। हम पूरी तरह से तैयार हैं।

 

पश्चिम बंगाल में भी भारी बारिश

चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। 

 

कल का मौसम 27 अक्टूबर: चक्रवात ‘अर्नब’ का अलर्ट, इन 10 राज्यों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी

Cyclonic Storm Arnab Update: बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ अब बेहद खतरनाक और विकराल रूप धारण करने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक कल यानी मंगलवार 27 अक्टूबर को इस चक्रवात के असर से तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा समेत देश के कम से कम 10 राज्यों में मूसलाधार बारिश, गड़गड़ाहट और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है जबकि समुद्र में हवाओं की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार छू सकती है।

जानिए कहां केंद्रित है चक्रवात अर्णब और क्या है इसका रूट?

IMD के मौसम प्रणाली जानकारी के मुताबिक, पूर्व-मध्य और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ पिछले छह घंटों के दौरान 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है। मौसम विभाग के मुताबिक यह चक्रवात पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 26 अक्टूबर की शाम तक गंभीर चक्रवाती तूफान और 27 अक्टूबर तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में ही बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा। इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 28 अक्टूबर की दोपहर से पहले बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यानम के करीब आंध्र प्रदेश और यानम तट को एक अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में पार करेगा जहां अधिकतम हवाओं की रफ्तार 115 से 125 किमी/घंटे से लेकर 140 किमी/घंटे के विनाशकारी झोंकों तक हो सकती है।

तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी तबाही की आशंका

चक्रवात अर्णब का सबसे सीधा और घातक असर आंध्र प्रदेश और ओडिशा पर पड़ने वाला है। 27 अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश के पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ बेहद भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही ओडिशा के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। इन राज्यों के तटीय जिलों में आकाशीय बिजली कड़कने के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं भी चलेंगी। आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज और खतरनाक सतही हवाएं चलती रहेंगी।

तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और मध्य भारत में मूसलाधार बारिश व थंडरस्क्वाल

चक्रवात के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने के कारण इसका असर आंतरिक और मध्य भारत के राज्यों में भी साफ देखने को मिलेगा। 27 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जगहों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली तूफानी हवाओं यानी थंडरस्क्वाल का प्रकोप देखने को मिल सकता है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, तेलंगाना और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है।

पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण के अन्य राज्यों का हाल

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ-साथ दक्षिण में तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल, रायलसीमा और विदर्भ के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 27 अक्टूबर को दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में तेज हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।

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समुद्र में 140 किमी/घंटे की तूफानी हवाएं, मछुआरों के लिए रेड अलर्ट

चक्रवात अर्नब के कारण समुद्र की स्थिति अत्यंत भयावह रहने वाली है। 27 अक्टूबर की दोपहर से लेकर 28 अक्टूबर की दोपहर तक लैंडफॉल के समय तक पश्चिम-मध्य और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 140 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। 27 अक्टूबर की सुबह तक पूर्व-मध्य, दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में 35 से 45 किमी/घंटे (झोंके 55 किमी/घंटे) की गति से तूफानी मौसम बना रहेगा। मौसम विभाग ने तटीय सुरक्षा और जहाजरानी क्षेत्र को हाई अलर्ट पर रहने तथा मछुआरों को समुद्र में न जाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।

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Cyclone Arnab Landfall Alert News Updates: बंगाल की खाड़ी में एक खतरनाक मौसमी सिस्टम तेजी से गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप लेने की ओर बढ़ रहा है। चक्रवात ‘अर्नब’ की बढ़ती ताकत ने पूर्वी तट के लिए खतरे की आशंका बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विभाग विभाग (IMD) के 26 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:30 बजे जारी नेशनल बुलेटिन के मुताबिक, यह तूफान आने वाले घंटों में और शक्तिशाली हो सकता है। इसके 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तटवर्ती इलाके के पास दस्तक देने की आशंका जताई गई है।

ओडिशा-आंध्र में रेड अलर्ट

तूफान के संभावित लैंडफॉल के समय हवाओं की रफ्तार 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक और हवा के तेज झोंकों की स्पीड 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे हालात में तटीय इलाकों में तेज हवाओं, समुद्र में उथल-पुथल और संभावित भारी मौसमी प्रभावों को लेकर सतर्कता बेहद जरूरी है।मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के तटों के लिए चक्रवात चेतावनी के तहत बारिश बारिश होने को लेकर ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है।

ओडिशा के 5 जिलों में स्कूल बंद

तूफान के आंध्र प्रदेश के तट से होकर गुजरने का अनुमान है। लेकिन ओडिशा के दक्षिणी और तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे लोगों की सुरक्षा, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और इमरजेंसी स्थिति से निपटने को प्राथमिकता दें, ताकि किसी की जान न जाए।

राज्य सरकार ने 28 और 29 अक्टूबर को गंजाम, गजपति, रायगडा, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का आदेश दिया है। इन जिलों में इस मौसमी प्रणाली का सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका है। अन्य जिलों के कलेक्टर स्थानीय मौसम और बदलती परिस्थितियों को देखते हुए यह तय करेंगे कि शिक्षण संस्थानों को बंद रखा जाए या नहीं।

तूफान की रफ्तार बढ़ी, अब और विकराल होने की आशंका

मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ पिछले छह घंटों के दौरान लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा है। IMD फोरकास्ट के मुताबिक, 26 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे यह पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित था। इसकी स्थिति लगभग 15.4 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 88.5 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज की गई।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, तूफान के 26 अक्टूबर की आधी रात तक पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की प्रबल आशंका है। इसके बाद 27 अक्टूबर को इसके अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप लेने का अनुमान है। यानी अगले 24 से 48 घंटे इस तूफान की दिशा, तीव्रता और तटीय क्षेत्रों पर संभावित प्रभाव के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।

28 अक्टूबर की सुबह तट से टकराने की आशंका

कब दस्तक देगा तूफान?

मौसम विभाग के वेदर बुलेटिन में कहा गया है कि चक्रवात ‘अर्नब’ आगे चलकर उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ सकता है। 28 अक्टूबर 2026 की सुबह तक आंध्र प्रदेश एवं यानम के तट को पार कर सकता है। इसके लिए बापटला और विशाखापत्तनम के बीच का तटीय क्षेत्र संभावित लैंडफॉल जोन बताया गया है। पूर्वानुमान के मुताबिक, तूफान यानम के निकट से गुजरते हुए तट पार कर सकता है।

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140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं हवा के झोंके

मौसम विभाग के अनुसार, तूफान की सबसे चिंताजनक बात इसकी संभावित स्पीड है:-

  • लगातार हवाओं की रफ्तार: 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकता है।
  • हवा के तेज झोंके: 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक होने की आशंका है।
  • संभावित लैंडफॉल: 28 अक्टूबर की सुबह।
  • संभावित क्षेत्र: बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यानम के नजदीक।
  • इस गति की हवाएं पेड़ों, बिजली के खंभों, कमजोर ढांचों और अस्थायी निर्माणों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
  • समुद्र में ऊंची और खतरनाक लहरें उठने की आशंका भी हो सकती है। वास्तविक नुकसान इस बात पर निर्भर करेगा कि तूफान की तीव्रता, दिशा और तट से टकराने की स्थिति क्या रहती है।

IMD Weather Alert: बंगाल की खाड़ी में उठेगा खतरनाक तूफान! इन राज्यों के लिए खतरे की घंटी

IMD Weather Update: भारत में आने वाले कुछ दिनों में मौसम में काफी बदलाव होने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बन रहा मौसमी सिस्टम अब चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के आसपास के तटीय इलाकों के लिए चक्रवाती तूफान को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्वी हिस्से में एक मौसमी सिस्टम बन रहा है। जो 28 अक्टूबर 2026 तक बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप लेने की आशंका है।

इस दौरान 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक हवाएं चलने और तेज झोंकों की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। ऐसे में तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं कैसा होगा आज का मौसम

28 अक्टूबर को टकराएगा तूफान

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना मौसमी सिस्टम पहले दक्षिण दिशा में आगे बढ़ सकता है और फिर धीरे-धीरे अपनी दिशा बदल सकता है। इसके 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है। इसके बाद 27 अक्टूबर को इसकी ताकत और बढ़ सकती है और यह गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 28 अक्टूबर की सुबह तक यह आंध्र प्रदेश के तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुमान के मुताबिक, चक्रवाती तूफान 28 अक्टूबर की दोपहर तक आंध्र प्रदेश के बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यनम सहित तटीय इलाकों से टकरा सकता है। तूफान के तट से टकराने के दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की आशंका है, जबकि तेज झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करने की जरूरत है।

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Cyclone Alert: बंगाल की खाड़ी में उठ रहा भीषण चक्रवाती तूफान! 28 अक्टूबर को आंध्र तट से टकराने की आशंका, यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

Cyclone Alert 2026: बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का मौसमी सिस्टम अब तेजी से ताकतवर हो रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 25 अक्टूबर 2026 के बुलेटिन के मुताबिक, यह सिस्टम अगले कुछ दिनों में गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके 28 अक्टूबर की सुबह तक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान बनने और आंध्र प्रदेश के तट पर बापटला तथा विशाखापत्तनम के बीच टकराने की आशंका जताई गई है। इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। जबकि झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है।

इस तूफानी सिस्टम का असर केवल तटीय इलाकों तक सीमित रहने की आशंका नहीं है। ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बंगाल की खाड़ी में तेजी से मजबूत हो रहा सिस्टम

IMD के मुताबिक, 25 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे बंगाल की खाड़ी के मध्यवर्ती हिस्से और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में बना डिप्रेशन लगभग स्थिर था। इसका केंद्र अंडमान द्वीपसमूह के श्री विजयपुरम से करीब 440 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में और विशाखापत्तनम से लगभग 880 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित था।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, यह सिस्टम पहले गहरे डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके बाद 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान और 27 अक्टूबर की सुबह तक गंभीर चक्रवाती तूफान बनने की आशंका है। इसके बाद इसके और शक्तिशाली होकर 28 अक्टूबर की सुबह तक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान का रूप लेने का अनुमान है।

तूफान के 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश तट से टकराने की आशंका

मौसम विभाग के बुलेटिन में अनुमान जताया गया है कि चक्रवाती तूफान 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंच सकता है। इसके बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश तथा यानम तट को पार करने की आशंका है। इस दौरान हवा की अधिकतम रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। तेज झोंकों में यह 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

तूफान के तट से टकराने से पहले आंध्र प्रदेश और आसपास के तटीय इलाकों में हवाओं की रफ्तार लगातार बढ़ने का अनुमान है। 27 अक्टूबर की शाम तक कई तटीय इलाकों में हवा की स्पीड 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तूफान के प्रभाव से समुद्र में भीषण उथल-पुथल होने की आशंका है। पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति 28 अक्टूबर की सुबह से दोपहर तक बेहद खतरनाक हो सकती है।

आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी से बेहद भारी बारिश का अलर्ट

चक्रवाती तूफान के कारण आंध्र प्रदेश में 27 और 28 अक्टूबर को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की भी आशंका है। 29 अक्टूबर को भी राज्य में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। ओडिशा में 27 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

इसके अलावा 28 अक्टूबर को कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। 29 अक्टूबर को भी राज्य के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। तेलंगाना के पूर्वी हिस्सों में 28 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बरसात हो सकती है। 29 अक्टूबर को भी कुछ इलाकों में भारी बारिश की आशंका है।

छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में भी बिगड़ेगा मौसम

IMD के मुताबिक, दक्षिण छत्तीसगढ़ में 28 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। 29 अक्टूबर को उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश और कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश का अनुमान है। झारखंड में 28 से 30 अक्टूबर के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

बिहार में 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका है। जबकि 30 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी क्षेत्रों में 28 और 29 अक्टूबर को तटीय जिलों में भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 29 और 30 अक्टूबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है।

उत्तर प्रदेश में कब होगी बारिश?

चक्रवाती सिस्टम का असर पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी दिखाई दे सकता है। मौसम विभाग के 25 अक्टूबर के बुलेटिन के अनुसार, 29 और 30 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश, 29 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश और 30 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा विदर्भ में भी 28 से 30 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। हालांकि, इस बुलेटिन में यूपी के सभी जिलों के लिए अलग-अलग रेन पूर्वानुमान नहीं दिया गया है।

तेज हवाओं से मकानों, पेड़ों और फसलों को नुकसान की आशंका

मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और उससे सटे दक्षिणी ओडिशा में 27 और 28 अक्टूबर के दौरान तेज हवाओं तथा भारी बारिश से नुकसान की आशंका जताई है। कच्चे मकानों को व्यापक नुकसान हो सकता है। जबकि झोपड़ियों के नष्ट होने और कुछ पक्के मकानों को भी क्षति पहुंचने का खतरा है। तेज हवाओं से बिजली और संचार के खंभे झुक या उखड़ सकते हैं।

IMD फोरकास्ट के मुताबिक, बड़े पेड़ों की शाखाएं टूटने, पेड़ों के गिरने और खड़ी फसलों, बागानों तथा नारियल के पेड़ों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। सड़कों पर जलभराव से ट्रैफिक बाधित हो सकता है। निचले इलाकों में पानी भरने और कुछ अंडरपास बंद होने की स्थिति भी बन सकती है। अंडमान द्वीपसमूह में 25 से 27 अक्टूबर के बीच भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर यातायात प्रभावित होने और खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है।

मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह

IMD ने मछुआरों को बंगाल की खाड़ी के मध्यवर्ती और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों तथा अंडमान द्वीपसमूह के आसपास 26 अक्टूबर तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी तथा दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में 26 से 28 अक्टूबर तक मछली पकड़ने से बचने को कहा गया है।

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आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों के आसपास 27 अक्टूबर से समुद्र में जाने पर रोक संबंधी चेतावनी दी गई है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने, कमजोर मकानों में रहने से बचने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों से गुजरने और छोटी नावों से यात्रा करने से भी बचना चाहिए।

कल का मौसम: IMD का महाअलर्ट! आ रहा है भयानक चक्रवाती तूफान, दिल्ली-NCR समेत 10 राज्यों में भारी बारिश का खतरा

Weather Update: देश के कई हिस्सों में मौसम करवट लेने वाला है। कहीं, मूसलाधार बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है, तो कहीं आंधी, बिजली और तेज हवाओं से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण भारत में बारिश का दौर जारी रहेगा। जबकि बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा कम दबाव का क्षेत्र अगले कुछ दिनों में चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इस सिस्टम के प्रभाव से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में 27 से 29 अक्टूबर के बीच भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। इसका असर पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों तक पहुंच सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है।

बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवाती सिस्टम, 26 अक्टूबर अहम दिन

  • मौसम विभाग के अनुसार, पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र मजबूत हो रहा है। इसके 24 अक्टूबर को डिप्रेशन, 25 अक्टूबर को गहरे डिप्रेशन और 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना जताई गई है।
  • पूर्वानुमान के मुताबिक, यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 28 अक्टूबर के आसपास उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तट के नजदीक पहुंच सकता है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में भारी बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून सक्रिय हो चुका है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का दौर तेज रहने का अनुमान है:-

  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल: 24 से 26 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है।
  • इस दौरान गरज-चमक, बिजली और 40–50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
  • केरल और माहे: 24 से 26 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी से भारी बारिश का खतरा है। इसके बाद भी 28 अक्टूबर तक कई जगह बारिश जारी रह सकती है।
  • लक्षद्वीप: 24 और 25 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर बहुत तेज बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन सकती है।
  • कर्नाटक: तटीय और दक्षिणी आंतरिक हिस्सों में बारिश का अनुमान है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 25 अक्टूबर को भारी बारिश और कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है।

आंध्र प्रदेश और ओडिशा पर सबसे ज्यादा नजर

बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा सिस्टम अगले सप्ताह के मौसम को प्रभावित कर सकता है। खासतौर पर तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में बारिश की तीव्रता बढ़ने की आशंका है:-

  • आंध्र प्रदेश: तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 27 और 28 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है।
  • 29 अक्टूबर को भी भारी बारिश की आशंका है। रायलसीमा में भी 24 से 29 अक्टूबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • ओडिशा: 27 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश और 28 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का अनुमान है। 29 अक्टूबर को भी भारी बारिश जारी रह सकती है।
  • मौसम विभाग ने झारखंड में 28 और 29 अक्टूबर के दौरान गरज के साथ तेज आंधी की आशंका जताई है, जिसमें हवा की रफ्तार 50–60 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी बदलेगा मौसम

मौसम का असर केवल समुद्र तटों तक सीमित रहने का अनुमान नहीं है। पूर्वी भारत में भी अगले सप्ताह बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं:-

  • पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 28–29 अक्टूबर को व्यापक बारिश हो सकती है। गंगा के मैदानी हिस्सों में 29-30 अक्टूबर को बारिश की आशंका है।
  • बिहार: 28 से 30 अक्टूबर के बीच कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान है। 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश और 30 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है।
  • झारखंड: 28–29 अक्टूबर को बारिश के साथ तेज आंधी की आशंका है। 28 और 29 अक्टूबर को हवा के तेज झोंके नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  • अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह: 24 से 27 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश और कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है।

मध्य भारत में भी बारिश और तेज हवाओं का खतरा

  • मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम बदलने की संभावना है। मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 27 से 30 अक्टूबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 29–30 अक्टूबर को व्यापक बारिश का अनुमान है। विदर्भ में 28 अक्टूबर को कई जगह बारिश हो सकती है।
  • जबकि छत्तीसगढ़ में 28–29 अक्टूबर के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इन क्षेत्रों में गरज-चमक और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है।
  • विदर्भ में 28 अक्टूबर और छत्तीसगढ़ में 28-29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। इससे निचले इलाकों में जलभराव और खेतों में पानी जमा होने की समस्या पैदा हो सकती है।

दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?

  • दिल्ली-NCR के लोगों के लिए फिलहाल राहत की बात यह है कि 24 अक्टूबर को दिल्ली में व्यापक बारिश का अनुमान नहीं है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत के लिए जारी पूर्वानुमान में 24 अक्टूबर को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं की संभावना बताई गई है।
  • इसके बाद 28–29 अक्टूबर के दौरान दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में कुछ स्थानों पर हल्की या छिटपुट बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29-30 अक्टूबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28-30 अक्टूबर के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29-30 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।

इन बातों को लेकर सावधानी बरतना जरूरी

1. भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों, जलभराव वाली सड़कों और उफनते नालों से दूर रहें।

2. बिजली चमकने के समय खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें।

3. तेज हवाओं के दौरान कमजोर छतों, अस्थायी ढांचों और पेड़ों के आसपास सावधानी बरतें।

4. तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग प्रशासन और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें। मछुआरे समुद्र में जाने से पहले जारी चेतावनियों की जांच करें।

5. किसान कटाई के बाद खुले में रखी फसल और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था करें।

कल का मौसम 24 अक्टूबर: दक्षिण में मूसलाधार बारिश और उत्तर भारत में तेज हवाएं! दिल्ली-NCR के लिए IMD ने दिया ये अलर्ट

Weather forecast for October 24: देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां दक्षिण भारत के तटीय और प्रायद्वीपीय इलाकों में चक्रवाती प्रणालियों के असर से मूसलाधार बारिश का दौर जारी है, वहीं उत्तर और पश्चिम भारत के राज्यों में भी मौसमी हलचल तेज होने वाली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक कल शनिवार 24 अक्टूबर को देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश, गरज-चमक और तेज झोंकेदार हवाएं चलने की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है जबकि राजधानी दिल्ली और आसपास के उत्तर भारतीय इलाकों के लिए भी खास अलर्ट जारी किया गया है।

दक्षिण भारत और द्वीपों में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव

दक्षिण प्रायद्वीप और समुद्र में बने मौसमी सिस्टम की वजह से दक्षिणी राज्यों में बारिश का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक 24 अक्टूबर को केरल व माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी आशंका है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग जगहों पर भी भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

दिल्ली-NCR और उत्तर भारत के राज्यों के लिए IMD का अलर्ट

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में भी मौसमी गतिविधियों में तेजी आएगी। 24 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली कड़कने के साथ-साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है।

दिल्ली-NCR के निवासियों को इस दौरान मौसम में बदलाव के साथ तेज हवाओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही पश्चिमी और मध्य भारत के कोंकण व गोवा क्षेत्र और दक्षिण के आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 30 से 40 किमी/घंटे की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। तटीय कर्नाटक के इलाकों में भी बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं जबकि आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

अंडमान और बंगाल की खाड़ी में तूफानी हवाओं का अलर्ट

समुद्री क्षेत्रों में चक्रवाती गतिविधियों के चलते बंगाल की खाड़ी का माहौल काफी अशांत बना हुआ है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और अंडमान द्वीप समूह के तटीय क्षेत्रों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लेकर 65 किमी/घंटे की गति के तूफानी झोंकों वाली हवाएं चलेंगी। समुद्र में इस उथल-पुथल को देखते हुए अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी के संबंधित इलाकों में मछुआरों और नौका चालकों को गहरे समुद्र में न जाने की सख्त ताकीद की गई है।

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