तबाही मचा रहा चक्रवात ‘अर्णब’: आंध्र प्रदेश तट से टकराया तूफान, कई पेड़ उखड़ें, सड़कें जलमग्न

तबाही मचा रहा चक्रवात 'अर्णब': आंध्र प्रदेश तट से टकराया तूफान, कई पेड़ उखड़ें, सड़कें जलमग्न

cyclone arnab

Cyclone Arnab : चक्रवाती तूफान अर्णब बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश में काकीनाडा के पास यानम के नजदीक तट से टकरा गया। चक्रवात के तट से टकराने के बाद, काकीनाडा कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली की लाइनें टूट गईं हैं। सड़कें जलमग्न हो गई हैं। आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का दौर जारी है। ALSO READ: Cyclone Arnab: समुद्र में कैसे पैदा होता है खतरनाक चक्रवात? जानिए ‘लैंडफॉल’ और तूफान से जुड़ी खास बात

 

चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से आंध्रप्रदेश के तटीय इलाकों में बहुत तेज हवाएं चल रही हैं और भारी बारिश हो रही है।काकीनाडा में रिहायशी इलाकों में समुद्र का पानी कई घरों में घुस गया। वहीं कोनासीमा में चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण तेज हवाएं चल रही हैं और समुद्र में ऊंची लहरें देखी गई।

खराब मौसम के चलते ओडिशा और आंध्र प्रदेश में कई उड़ानें प्रभावित हुई, रेलवे ने भी कई ट्रेनें रद्द कर दी है। चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सलाह दी गई है कि जब तक तूफान तट को पार न कर ले, वे अपने घरों के अंदर ही रहें। 

अर्णब गोपालपुर के करीब

ओडिशा के गोपालपुर में चक्रवात अर्णब के प्रभाव के कारण तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है। इस चक्रवाती तूफान का केंद्र तट के बहुत करीब है और अगले कुछ घंटों तक इसके तट से टकराने (लैंडफॉल) की प्रक्रिया जारी रहेगी।

 

क्या बोले ओडिशा के मंंत्री?

ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा, “लैंडफॉल की प्रक्रिया करीब 1:30 बजे काकीनाडा में शुरू हुई और यह आंध्र प्रदेश राज्य की ओर बढ़ने लगी। आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंचने के बाद यह उत्तर और उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा और मलकानगिरी तक पहुंचेगा…इसे ओडिशा पहुंचने में अभी कुछ और घंटे लगेंगे। स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए, हमने अलग-अलग जगहों पर 313 रिस्पॉन्स टीमें तैनात की हैं।

 

लैंडफॉल की प्रक्रिया अभी भी जारी है। जैसे ही यह ओडिशा की ओर बढ़ना शुरू करेगा, हमारे सिस्टम इस चक्रवाती तूफान से निपटने के लिए तैयार रहेंगे और हम लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएंगे। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और न ही लोगों को किसी तरह की परेशानी होने की कोई सूचना मिली है। हम पूरी तरह से तैयार हैं।

 

पश्चिम बंगाल में भी भारी बारिश

चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। 

 

Cyclone Alert: बंगाल की खाड़ी में उठ रहा भीषण चक्रवाती तूफान! 28 अक्टूबर को आंध्र तट से टकराने की आशंका, यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

Cyclone Alert 2026: बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का मौसमी सिस्टम अब तेजी से ताकतवर हो रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 25 अक्टूबर 2026 के बुलेटिन के मुताबिक, यह सिस्टम अगले कुछ दिनों में गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके 28 अक्टूबर की सुबह तक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान बनने और आंध्र प्रदेश के तट पर बापटला तथा विशाखापत्तनम के बीच टकराने की आशंका जताई गई है। इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। जबकि झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है।

इस तूफानी सिस्टम का असर केवल तटीय इलाकों तक सीमित रहने की आशंका नहीं है। ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बंगाल की खाड़ी में तेजी से मजबूत हो रहा सिस्टम

IMD के मुताबिक, 25 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे बंगाल की खाड़ी के मध्यवर्ती हिस्से और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में बना डिप्रेशन लगभग स्थिर था। इसका केंद्र अंडमान द्वीपसमूह के श्री विजयपुरम से करीब 440 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में और विशाखापत्तनम से लगभग 880 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित था।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, यह सिस्टम पहले गहरे डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके बाद 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान और 27 अक्टूबर की सुबह तक गंभीर चक्रवाती तूफान बनने की आशंका है। इसके बाद इसके और शक्तिशाली होकर 28 अक्टूबर की सुबह तक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान का रूप लेने का अनुमान है।

तूफान के 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश तट से टकराने की आशंका

मौसम विभाग के बुलेटिन में अनुमान जताया गया है कि चक्रवाती तूफान 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंच सकता है। इसके बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश तथा यानम तट को पार करने की आशंका है। इस दौरान हवा की अधिकतम रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। तेज झोंकों में यह 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

तूफान के तट से टकराने से पहले आंध्र प्रदेश और आसपास के तटीय इलाकों में हवाओं की रफ्तार लगातार बढ़ने का अनुमान है। 27 अक्टूबर की शाम तक कई तटीय इलाकों में हवा की स्पीड 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तूफान के प्रभाव से समुद्र में भीषण उथल-पुथल होने की आशंका है। पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति 28 अक्टूबर की सुबह से दोपहर तक बेहद खतरनाक हो सकती है।

आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी से बेहद भारी बारिश का अलर्ट

चक्रवाती तूफान के कारण आंध्र प्रदेश में 27 और 28 अक्टूबर को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की भी आशंका है। 29 अक्टूबर को भी राज्य में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। ओडिशा में 27 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

इसके अलावा 28 अक्टूबर को कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। 29 अक्टूबर को भी राज्य के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। तेलंगाना के पूर्वी हिस्सों में 28 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बरसात हो सकती है। 29 अक्टूबर को भी कुछ इलाकों में भारी बारिश की आशंका है।

छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में भी बिगड़ेगा मौसम

IMD के मुताबिक, दक्षिण छत्तीसगढ़ में 28 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। 29 अक्टूबर को उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश और कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश का अनुमान है। झारखंड में 28 से 30 अक्टूबर के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

बिहार में 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका है। जबकि 30 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी क्षेत्रों में 28 और 29 अक्टूबर को तटीय जिलों में भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 29 और 30 अक्टूबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है।

उत्तर प्रदेश में कब होगी बारिश?

चक्रवाती सिस्टम का असर पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी दिखाई दे सकता है। मौसम विभाग के 25 अक्टूबर के बुलेटिन के अनुसार, 29 और 30 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश, 29 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश और 30 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा विदर्भ में भी 28 से 30 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। हालांकि, इस बुलेटिन में यूपी के सभी जिलों के लिए अलग-अलग रेन पूर्वानुमान नहीं दिया गया है।

तेज हवाओं से मकानों, पेड़ों और फसलों को नुकसान की आशंका

मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और उससे सटे दक्षिणी ओडिशा में 27 और 28 अक्टूबर के दौरान तेज हवाओं तथा भारी बारिश से नुकसान की आशंका जताई है। कच्चे मकानों को व्यापक नुकसान हो सकता है। जबकि झोपड़ियों के नष्ट होने और कुछ पक्के मकानों को भी क्षति पहुंचने का खतरा है। तेज हवाओं से बिजली और संचार के खंभे झुक या उखड़ सकते हैं।

IMD फोरकास्ट के मुताबिक, बड़े पेड़ों की शाखाएं टूटने, पेड़ों के गिरने और खड़ी फसलों, बागानों तथा नारियल के पेड़ों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। सड़कों पर जलभराव से ट्रैफिक बाधित हो सकता है। निचले इलाकों में पानी भरने और कुछ अंडरपास बंद होने की स्थिति भी बन सकती है। अंडमान द्वीपसमूह में 25 से 27 अक्टूबर के बीच भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर यातायात प्रभावित होने और खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है।

मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह

IMD ने मछुआरों को बंगाल की खाड़ी के मध्यवर्ती और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों तथा अंडमान द्वीपसमूह के आसपास 26 अक्टूबर तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी तथा दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में 26 से 28 अक्टूबर तक मछली पकड़ने से बचने को कहा गया है।

ये भी पढ़ें- राजस्थान जाने वालों के लिए खुशखबरी! यूपी समेत 4 राज्यों को मिलेंगी 2 नई एक्सप्रेस ट्रेनें, 26 अक्टूबर से होगा उद्घाटन; मिर्जापुर में भी स्टॉपेज

आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों के आसपास 27 अक्टूबर से समुद्र में जाने पर रोक संबंधी चेतावनी दी गई है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने, कमजोर मकानों में रहने से बचने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों से गुजरने और छोटी नावों से यात्रा करने से भी बचना चाहिए।