PM नरेंद्र मोदी ने ली एकता परेड की सलामी, देश की सुरक्षा के लिए सजग रहने की दिलाई शपथ

PM नरेंद्र मोदी ने ली एकता परेड की सलामी, देश की सुरक्षा के लिए सजग रहने की दिलाई शपथ

PM Narendra Modi

सरदार पटेल की जयंती पर गुजरात के एकता नगर में आज एकता परेड का आयोजन हुआ। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों को देश की सुरक्षा के प्रति सजग रहने की शपथ दिलाई। गुजरात के एकता नगर में शनिवार को सरदार पटेल की जयंती पर एकता परेड का आयोजन किया गया।

प्रधानमंत्री मोदी एकता परेड में मौजूद रहे और उन्होंने एकता परेड की सलामी ली। एकता परेड में एंटी-नक्सल अभियान से जुड़े सुरक्षाबलों, डॉग स्क्वाड और 5 हजार से अधिक कलाकारों ने हिस्सा लिया। इस दौरान, पीएम मोदी ने सभी को देश की सुरक्षा के लिए सजग रहने का संकल्प भी दिलाया।

पीएम मोदी ने कहा, ‘आज भारत पहले से अधिक सुरक्षित है। आज भारत अधिक संकल्पित है और इसका एक बड़ा कारण देशवासियों के बढ़ा हुआ आत्मविश्वास है। ये आत्मविश्वास सिद्धियों से आता है, सरकार और व्यवस्था की संवेदनशीलता से आता है। आज ऐसी ही एक बड़ी राष्ट्रीय सिद्धि की चर्चा में जरूर करना चाहता हूं। भारत में गरीबी हटाने की बातें आजादी के बाद से ही चली आ रही है। गरीबी हटाने के नाम पर वोट मांगे गए। लेकिन देश में गरीबी की क्या स्थिति रही, ये हम सभी जानते हैं। जिन्होंने गरीबी हटाओ के नारे लगाए, वो खुद अमीर होते चले गए।’

बीते महीनों में हमने दुनिया को ऊर्जा संकट से जूझते हुए देखा है। कई देशों में तो पेट्रोल-डीजल की खरीद पर लिमिट तक लगा दी गई थी। भारत के लिए भी कहा जा रहा था कि यहां इतनी ज्यादा आबादी है, पेट्रोलियम का उत्पादन भी यहां नहीं होता, इसलिए सबसे बड़ा संकट भारत के सामने खड़ा होगा। इन्हीं आशंकाओं के बीच भारत विरोधी ताकतें भी सक्रिय हो गई थी। लेकिन, ये भारत का सामर्थ्य है कि हमने इस वैश्विक ऊर्जा संकट की चोट अपने नागरिकों पर नहीं पड़ने दी।

ये देश की कूटनीतिक और रणनीतिक सफलता तो है ही, इसमें हमारे देशवासियों की एकता और एकजुटता की भी उतनी ही बड़ी भूमिका है। क्योंकि, जब देश बाहरी चुनौतियों के समाधान तलाश रहा था, उस समय देश के भीतर भी कुछ ताकतें झूठ और अफवाह फैलाकर अस्थिरता पैदा करने में जुट गई थी। लेकिन देशवासी राष्ट्र के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे। यही इस देश की सबसे ताकत है, यही हमारे हौसले का सबसे बड़ा आधार है! 

संविधान को तार-तार करने में लगे विपक्षी : प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि सरदार पटेल और बाबा साहेब अंबेडकर जैसी महान विभूतियों ने जब देश के संविधान का निर्माण किया था, तो उन्होंने सत्ता पक्ष और विरोधी पक्ष की व्यवस्था बनाई। इस व्यवस्था का महत्व भी समझाया। लोकतंत्र में विरोधी पक्ष का दायित्व सरकार की नीतियों का विरोध करना है। लेकिन ये हमारा दुर्भाग्य है कि इस समय देश में विरोधी पक्ष अपना कर्तव्य त्यागकर, विरोध की बजाय अवरोध पक्ष बन चुका है। अपनी हताशा और निराशा में ये लोग देश के विकास के सामने अवरोध खड़े कर रहे हैं। ये विरोध नहीं है, ये अवरोध है। इन्होंने इसी को अपनी राजनीति बना लिया है। ये लोग संविधान की मर्यादाओं को तार-तार करने में लगे हैं।

PM मोदी ने दिलाई देश की सुरक्षा की शपथ: मैं सत्यनिष्ठा से शपथ लेता हूं कि मैं राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करूंगा और अपने देशवासियों के बीच यह संदेश फैलाने का भी भरसक प्रयत्न करूंगा। मैं यह शपथ अपने देश की एकता की भावना से ले रहा हूं जिसे सरदार वल्लभभाई पटेल की दूरदर्शिता एवं कार्यों द्वारा संभव बनाया जा सका। मैं अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुरक्षित करने के लिए अपना योगदान करने का भी सत्यनिष्ठा से संकल्प करता हूं। भारत माता की जय!

400 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात : सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर आज शनिवार को गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में राष्ट्रीय एकता दिवस की भव्य रूप से मनाही की जा रही है। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात दौरे पर पहुंचे हैं। उन्होंने दिनभर विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेकर सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की और साथ ही राज्य को 400 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी है।

UP के सभी 75 जिलों में बनेंगे सरदार पटेल स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन : CM योगी

UP के सभी 75 जिलों में बनेंगे सरदार पटेल स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन : CM योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोकभवन में लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में सरदार वल्लभभाई पटेल स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन विकसित किए जाएंगे। पहले चरण में गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर, झांसी और गौतमबुद्धनगर में इन केंद्रों की स्थापना की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके बाद सभी 18 मंडल मुख्यालयों और फिर प्रदेश के प्रत्येक जनपद तक योजना का विस्तार होगा।

 

इन केंद्रों पर युवाओं का पंजीकरण, उनकी रुचि एवं योग्यता के अनुसार कौशल प्रशिक्षण तथा रोजगार की व्यवस्था एक ही छत के नीचे उपलब्ध होगी। विदेशों में नौकरी के इच्छुक युवाओं को संबंधित देश की भाषा और आवश्यक कौशल का प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था भी की जाएगी।

पहले 18 मंडल मुख्यालयों पर होगी शुरुआत

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण में पांच जनपदों से योजना प्रारंभ की गई है। सभी 18 मंडल मुख्यालयों के लिए धनराशि की व्यवस्था पहले ही की जा चुकी है। जमीन उपलब्ध होते ही केंद्रों का निर्माण कराया जाएगा। गौतमबुद्धनगर में यमुना प्राधिकरण यह केंद्र विकसित कर रहा है और टाटा जैसी संस्था उससे जुड़ चुकी है। गोरखपुर में गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण भी इस पहल से जुड़ा है।

 

कोई युवा हाईस्कूल पास है और काम चाहता है तो केंद्र पर उसका पंजीकरण होगा। उसकी रुचि के अनुसार स्किलिंग होगी और फिर किसी संस्थान, फैक्ट्री अथवा अन्य क्षेत्र में प्लेसमेंट कराया जाएगा। नर्सिंग का प्रशिक्षण प्राप्त युवा जापान या जर्मनी जाना चाहता है तो उसे संबंधित देश की भाषा सिखाई जाएगी। वहां की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण देकर संबंधित दूतावास के सहयोग से रोजगार की व्यवस्था होगी। कोई युवा ही नहीं, अधिक उम्र का व्यक्ति भी रोजगार चाहता है तो वह एम्प्लॉयमेंट जोन में जा सकेगा।

उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री ने बताया कि टाटा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स, अशोक लीलैंड, बीबीसी ग्रुप, पीटीसी, सीआईपैट, एशियन डेवलपमेंट बैंक, मिंडा और अवाडा जैसी संस्थाओं के साथ एमओयू किए गए हैं। इन संस्थाओं के अनुभव और तकनीक का लाभ युवाओं को मिलेगा। उन्होंने लखनऊ में वाहन निर्माण और अशोक लीलैंड के इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग में वैल्यू एडिशन से किसानों की आय कई गुना बढ़ सकती है। दूध से छाछ, घी, मक्खन और पनीर जैसे उत्पाद बनाकर अधिक मूल्य प्राप्त किया जा सकता है। इसी तरह फल-सब्जियों की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग से बेहतर आमदनी संभव है।

स्वरोजगार, पढ़ाई के साथ स्किलिंग का अवसर

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में जॉब कार्ड प्राप्त करने वाले युवाओं को बधाई दी। उन्होंने सीएम युवा योजना के अंतर्गत पांच लाख रुपए तक की ब्याजमुक्त और गारंटीमुक्त सहायता तथा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने एक साथ दो डिग्री अथवा पाठ्यक्रमों से जुड़ने की व्यवस्था की है। युवा कॉलेज की पढ़ाई के साथ कौशल प्रशिक्षण भी प्राप्त कर सकते हैं। प्रतिदिन कुछ घंटे स्किलिंग के लिए निकालकर अपने रोजगार की संभावनाएं बढ़ा सकते हैं। सरदार पटेल के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि युवाओं को राष्ट्रीय एकता, कौशल और रोजगार से जोड़ना है। सरकार इसी संकल्प के साथ सभी 75 जिलों में एम्प्लॉयमेंट जोन विकसित करेगी।

स्केल और स्किल मिलेंगे तो गति प्रगति में बदलेगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के पास दुनिया की सबसे युवा आबादी है और उत्तर प्रदेश के पास देश की सबसे बड़ी युवा आबादी है। यह हमारी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस और सपा के लोग इसे बोझ मानते थे, हमने इसको उपलब्धि माना। हमने स्केल को प्रधानमंत्री मोदी जी के स्किल डेवलपमेंट से जोड़ा। स्केल के साथ स्किल जुड़ेगी तो रोजगार भी आएगा। स्केल हो और स्किल न हो, तो गति दुर्गति में बदल जाती है। लेकिन स्केल के साथ स्किल भी हो, तो वही गति प्रगति में बदल जाती है।

बीमारू यूपी नहीं था, लेकिन… 

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पहले लोग कहते थे उत्तर प्रदेश नहीं बदल सकता। हमने कहा कि यूपी बदलेगा जरूर। जो बदलना नहीं चाहते थे, उन्होंने यूपी को बीमारू बना दिया था। बीमारू यूपी नहीं था, उनकी मानसिकता बीमारू थी जो उस समय शासन कर रहे थे। पिछली सरकारों ने हर जिले में माफिया पाल रखे थे। युवाओं की नौकरियों और रोजगार पर इनके माफिया और डकैत कब्जा कर लेते थे। युवा लाचार और हताश होकर पलायन करता था और अपनी पहचान छिपाता था।

 

उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ पालती थीं। हमने माफिया को मिट्टी में मिलाया और उत्तर प्रदेश के प्रोडक्ट्स को प्लेटफॉर्म और पहचान दी। पिछले साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सीधे सरकारी नौकरी दी गई है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ के माध्यम से प्रदेश में 3.25 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। बेहतर सुरक्षा वातावरण से औद्योगिक विकास में भी लाखों युवाओं को रोजगार मिला।

कांग्रेस-सपा गरीबों का पैसा खा जाती थीं

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस व समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने जनधन खातों की बात की थी तो कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य लोग हंसते थे। कांग्रेस के समय एक प्रधानमंत्री अपनी लाचारी बताते थे कि ₹100 भेजते हैं तो गरीब तक केवल ₹15 पहुंचते हैं। वह रुपया घिसता-घिसता नहीं जाता था, बल्कि इनके लोग निगल जाते थे, बंदरबांट कर देते थे। गरीब का पैसा, विकास का पैसा ये लोग खा जाते थे। जनधन खातों ने सुनिश्चित किया कि पैसा जिसके लिए है, उसी तक पहुंचे। अब ₹100 भेजने पर पूरे ₹100 सीधे खाते में पहुंचते हैं, कोई कट मनी नहीं होती। कांग्रेस के समय पीसीओ खुलते थे, पैसे देने पर भी टेलीफोन कनेक्शन नहीं मिलता था। इन कांग्रेसियों ने देश को लूटा और लोगों में भी लूटने की आदत डाली। ये टेलीफोन कनेक्शन व रसोई गैस कनेक्शन भी बेचते थे। आज डिजिटल इंडिया के माध्यम से भारत डिजिटल क्रांति का नेतृत्व कर रहा है।

फ्रेजाइल फाइव से टॉप फाइव अर्थव्यवस्था बना भारत

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भारत की पहचान दुनिया की अस्थिर और अविश्वसनीय अर्थव्यवस्थाओं में होती थी। भारत को फ्रेजाइल फाइव में माना जाता था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रयासों से आज भारत दुनिया की पांच बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना है। सरदार पटेल भारत की एकता के शिल्पी थे। उन्होंने 563 से अधिक रियासतों को एकजुट कर अखंड भारत के निर्माण में अविस्मरणीय योगदान दिया। वह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, संविधान सभा के महत्वपूर्ण स्तंभ, देश के पहले गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री थे।

 

गुजरात के केवड़िया में स्थापित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सरदार पटेल के विराट व्यक्तित्व का प्रतीक है। हमारी जाति, प्रांत, मत, संप्रदाय, रंग, रूप, बोली और भाषा अलग हो सकती है, लेकिन हमारा भाव एक है- ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’। यही विकसित भारत का आधार है। सीएम योगी ने प्रधानमंत्री मोदी जी को सरदार पटेल के सपनों को साकार करने और आतंकवाद, अलगाववाद, उग्रवाद और नक्सलवाद से मुक्त सुरक्षित भारत बनाने का श्रेय दिया।

 

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं ब्रजेश पाठक, एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर सहित विधायकगण, शासन व उद्योग जगत के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योगपति एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

जातिवाद और जिन्नावाद का मुकाबला मिलकर करना होगा : योगी

जातिवाद और जिन्नावाद का मुकाबला मिलकर करना होगा : योगी

Yogi Patel

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लौहपुरुष की जयंती पर समाज को बांटने वाली ताकतों पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता को तब खतरा होता है, जब हम जाति, क्षेत्र के नाम पर बंटते और कमजोर होते हैं। जब शरीर की प्रतिरोधक क्षमता समाप्त हो जाती है, तब बीमारी होती है। जातिवाद, क्षेत्रवाद, भाषावाद वही बीमारी है, जो समाज की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करती है और फिर आक्रांताओं को हमला करने के लिए आमंत्रित करती हैं। लौहपुरुष का अनुयायी वही हो सकता है जो भारत की एकता, सुरक्षा को सर्वोपरि रखता है। जिन्ना को आदर्श मानने, समाज को बांटने वाले विभाजनकारी लोग वल्लभ भाई पटेल के सच्चे अनुयायी नहीं हो सकते।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लौहपुरुष ‘भारत रत्न’ सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में लिया हिस्सा लिया। उन्होंने जीपीओ स्थित सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्रीय एकता दिवस पर लोगों को शपथ दिलाई। सीएम ने कहा कि यह शपथ सरदार पटेल की उस भावना का प्रतिनिधित्व करता है, जिसके लिए उन्होंने जीवन जिया। मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभ भाई पटेल को भारत गणराज्य का शिल्पी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, प्रखर राष्ट्रवादी नेतृत्वकर्ता बताया। 

2014 के बाद से अनवरत होता है आयोजन

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर 2014 के बाद से 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में अनवरत आयोजित किया जाता है। इसमें राष्ट्रीय एकता की शपथ, राष्ट्रीय एकता दौड़ समेत लौहपुरुष के आदर्शों को ध्यान में रखते हुए रचनात्मक कार्यों के साथ समाज को जोड़ने का अभियान बढ़ाया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहाकि इस वर्ष लौहपुरुष की 151वीं जयंती है। गत वर्ष उनकी पावन जयंती के 150 वर्ष पूर्ण होने पर डबल इंजन सरकार ने अनेक कार्यक्रम आयोजित किए थे। 

अब यूपी में कोई युवा नहीं रहेगा बेरोजगार

मुख्यमंत्री ने कहाकि हमारी सरकार द्वारा लौहपुरुष सरदार पटेल की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए आज हर जनपद में एक इंप्लायमेंट व इंडस्ट्रियल जोन के गठन की कार्रवाई का भी शुभारंभ होने जा रहा है। अब यूपी में कोई युवा बेरोजगार नहीं रहेगा। उसकी स्किलिंग, रोजगार के लिए सरकार व्यवस्थित तरीके से कार्यक्रम को बढ़ा रही है। 

लौहपुरुष के विराट व्यक्तित्व को प्रदर्शित करती है उनकी प्रतिमा

सीएम योगी ने कहा कि भारत मां के महान सपूत सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म गुजरात के छोटे से गांव करमसद (नाडियाड) में हुआ था। लौहपुरुष की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए पीएम मोदी ने दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा गुजरात के केवडिया में नर्मदा नदी के तट पर सरदार सरोवर पर स्थापित कराई है, यह प्रतिमा लौहपुरुष के विराट व्यक्तित्व को प्रदर्शित करती है।

सरदार पटेल ने किया था रियासतों का एकीकरण

सीएम ने कहा कि सरदार पटेल ने 563 से अधिक रियासतों को भारतीय गणराज्य का हिस्सा बनाया था। भारत जब आजाद हुआ था, तब जूनागढ़ व हैदराबाद रियासतों के शासक विलय के लिए आनाकानी कर रहे थे। सरदार पटेल ने जूनागढ़ के नवाब को चेतावनी दी कि बातों से नहीं मानोगे तो हमें दूसरा तरीका भी अपनाना आता है, तब वह अपने बच्चों तक को छोड़कर पाकिस्तान भाग गया। आज जूनागढ़ भारत का हिस्सा है। हैदराबाद का निजाम व्यापक कत्लेआम कराकर हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैनियों को कटवाता और धर्मांतरण कराता था। वह कोई भी प्रोटोकॉल नहीं मानता था परंतु जब लौहपुरुष ने उसे चेतावनी दी तो उसे भी भागना पड़ा। हैदराबाद समेत उसके अंदर आने वाली रियासतों के सभी हिस्से आज भारत में है। 

कांग्रेस ने कश्मीर में किया पाप

सीएम ने कहा कि पं. जवाहर लाल नेहरू ने कश्मीर के मामले को अपने पास रखा था। तब उस पर पाकिस्तान की मदद से कबीलाइयों ने हमला किया। कश्मीर के कुछ हिस्से पर आज भी पाकिस्तान का कब्जा है। वहां हिंदू, बौद्ध, सिख, जैन का कत्लेआम हुआ। अब वहां उनकी न के बराबर आबादी है। पं. नेहरू ने भारत वाले कश्मीर में अनुच्छेद-370 को लागू कर दिया था। बाबा साहेब ने इसका विरोध किया लेकिन यह पाप कांग्रेस ने किया। 

साकार हुआ सरदार पटेल का सपना

सीएम ने कहा कि ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के शिल्पी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद-370 को सदैव के लिए दफन कर कश्मीर को भारत का हिस्सा उसी रूप में बना दिया, जैसे उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्य हैं। अब भारत में दो कानून नहीं, बल्कि एक देश में एक प्रधान, एक विधान व एक निशान ही चलेगा। गृह मंत्री अमित शाह ने जब यह कार्य किया तो वल्लभ भाई पटेल, श्यामा प्रसाद मुखर्जी समेत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सपना साकार हुआ।  

‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के लिए हम सभी देंगे योगदान 

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय एकता के समक्ष चुनौतियां प्रस्तुत करने और संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने के प्रयास हो रहे हैं। हम सभी को मिलकर इसका मुकाबला करना होगा। सीएम ने इस कार्यक्रम के लिए विधायक शशांक वर्मा का अभिनंदन किया और उनके पिता को भी श्रद्धांजलि दी। सीएम ने उम्मीद जताई ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की एकता के लिए हम सभी योगदान देंगे। 

 

इस अवसर पर दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, चौधरी भूपेंद्र सिंह, खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, मनोहर लाल ‘मन्नू कोरी’, कैलाश राजपूत, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल, विधायक शशांक वर्मा, प्रभात वर्मा, राजेंद्र सिंह पटेल, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

IMD Weather Alert: देश पर फिर मंडराया नए चक्रवाती तूफान का खतरा! 7 राज्यों में भारी बारिश का खतरा, 4 नवंबर तक मचेगी तबाही?

IMD Weather Update: देश में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर शांत होने के तुरंत बाद अब देश के समुद्री और तटीय इलाकों में एक नया तूफानी तंत्र आकार ले रहा है।भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने जारी मौसम बुलेटिन में देश के कई राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र अगले कुछ घंटों में डिप्रेशन और इसके बाद चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। आईएमडी के मुताबिक, ये सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंच सकता है।

इसके तूफान में बदलने से आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। कुछ इलाकों में बेहद भारी बारिश भी हो सकती है। वहीं, दक्षिण भारत के कई राज्यों में तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा है। पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। आइए जानते हैं कैसा होगा मौसम

इन राज्यों में होगी तेज बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 2-3 नवंबर को भारी बारिश हो सकती है। तेलंगाना में भी इन दिनों तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और केरल में 31 अक्टूबर से 6 नवंबर के बीच अलग-अलग दिनों में बारिश हो सकती है। ओडिशा में 3-4 नवंबर तक और कर्नाटक में 2 से 5 नवंबर तक बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी बारिश की संभावना है। वहीं, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, सिक्किम और पूर्वोत्तर के राज्यों में भी कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हल्की बारिश का अनुमान है, जबकि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में मौसम शुष्क रह सकता है। पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 31 अक्टूबर से 6 नवंबर तक बारिश हो सकती है।

राज्यवार मौसम का हाल

आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश में मौसम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 2 नवंबर को बेहद भारी बारिश हो सकती है। 3 नवंबर को भी कई जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। रायलसीमा में भी 2 और 3 नवंबर को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, 31 अक्टूबर से 4 नवंबर तक तेज हवाएं चलने की संभावना है। 2 नवंबर को हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं, 3 नवंबर को तटीय इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। 2 नवंबर की शाम से 3 नवंबर की सुबह तक समुद्र में भी तेज लहरें उठने और हालात खराब रहने की आशंका है।

तेलंगाना: तेलंगाना में 2 और 3 नवंबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका है। 31 अक्टूबर से 1 नवंबर और फिर 4 नवंबर को तेज हवाएं चल सकती हैं। 2 और 3 नवंबर को हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने और झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक चलने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में भी राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। मुलुगु जिले के ताडवाई में 12 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।

ओडिशा: ओडिशा में 3 और 4 नवंबर को कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। 2 नवंबर को भारी बारिश की संभावना है। राज्य में 31 अक्टूबर से 6 नवंबर तक अलग-अलग जगहों पर बारिश का दौर जारी रह सकता है। 31 अक्टूबर से 4 नवंबर के बीच गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। दक्षिण ओडिशा के तटीय इलाकों और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 2 नवंबर की शाम से तेज हवाएं चल सकती हैं। 3 नवंबर को हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

पश्चिम बंगाल: गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में 31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। 31 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। पानागढ़ में 16 सेंटीमीटर बारिश हुई है।

बिहार और झारखंड: बिहार में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 31 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका है। पिछले 24 घंटों में राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हुई। बक्सर में 8 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं झारखंड में 31 अक्टूबर से 5 नवंबर तक अलग-अलग जगहों पर बारिश होने की संभावना है। हालांकि, मौसम विभाग ने इस अवधि के लिए राज्य में बहुत भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी है।

सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश: सिक्किम में 31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। 31 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में युकसोम में 7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है। वहीं अरुणाचल प्रदेश में 31 अक्टूबर से 6 नवंबर तक अलग-अलग जगहों पर बारिश हो सकती है। 1 और 2 नवंबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश की आशंका है।

असम और मेघालय: असम और मेघालय में 31 अक्टूबर से 6 नवंबर तक कुछ जगहों पर बारिश का अनुमान है। 31 अक्टूबर और 2 नवंबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा इन राज्यों में 31 अक्टूबर से 6 नवंबर तक कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। 31 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है।

छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ में 31 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। इसके अलावा 2 और 3 नवंबर को भी कई इलाकों में बारिश का अनुमान है। 2 नवंबर को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। 3 और 4 नवंबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में जशपुर में 7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है।

मध्य प्रदेश: पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 31 अक्टूबर से 4 नवंबर तक अलग-अलग जगहों पर बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 2 से 4 नवंबर के बीच गरज-चमक और तेज हवाओं की आशंका है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 31 अक्टूबर और 4 नवंबर को तेज हवाएं चल सकती हैं। विदर्भ में 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को कुछ जगहों पर बारिश और बिजली गिरने की संभावना है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल: इन इलाकों में 31 अक्टूबर से 6 नवंबर तक अलग-अलग जगहों पर बारिश हो सकती है। 1 से 4 नवंबर के बीच गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है। 2 और 3 नवंबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। तटीय इलाकों में 1 नवंबर की शाम से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

केरल और माहे: केरल और माहे में 1 और 2 नवंबर के साथ 5 और 6 नवंबर को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। 31 अक्टूबर और 3 से 4 नवंबर के बीच भी कुछ इलाकों में बारिश का अनुमान है। 1 से 4 नवंबर तक कुछ जगहों पर भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 2 और 3 नवंबर को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। 3 नवंबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 से 4 नवंबर तक कई जगहों पर बारिश हो सकती है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 से 5 नवंबर के बीच कुछ जगहों पर भारी बारिश की आशंका है। इन इलाकों में 1 से 4 नवंबर के बीच तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: यहां 31 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। 1 से 6 नवंबर तक भी कुछ इलाकों में बारिश का अनुमान है। 31 अक्टूबर को गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्र में 1 नवंबर की सुबह तक ऊंची लहरें उठने की आशंका है।

महाराष्ट्र: कोंकण और गोवा में 31 अक्टूबर से 6 नवंबर तक कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी 31 अक्टूबर से 6 नवंबर के बीच अलग-अलग इलाकों में बारिश का अनुमान है। विदर्भ में 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को बारिश हो सकती है। इसके बाद मौसम में सुधार होने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 अक्टूबर को कुछ इलाकों में बारिश का अनुमान है। इसके बाद ज्यादातर जगहों पर मौसम शुष्क रहने की संभावना है। वहीं उत्तराखंड में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।

हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: हिमाचल प्रदेश में 31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद ज्यादातर इलाकों में मौसम साफ रहने की संभावना है। वहीं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ इलाकों में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक बारिश हो सकती है। इसके बाद मौसम में सुधार होने का अनुमान है।

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: इन इलाकों में अगले कुछ दिनों तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। दिल्ली में 31 अक्टूबर को आसमान साफ रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 1 से 3 नवंबर तक अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15 से 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। इस दौरान उत्तर-पश्चिम दिशा से हवाएं चलेंगी।

राजस्थान और गुजरात: पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में अगले सात दिनों के दौरान मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान में इन इलाकों के लिए किसी बड़े बारिश अलर्ट का उल्लेख नहीं है। वहीं गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। फिलहाल यहां बारिश को लेकर कोई बड़ा अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

मछुआरों को किया गया सावधान

मौसम विभाग ने तेज हवाओं और ऊंची लहरों के खतरे को देखते हुए मछुआरों को 1 से 4 नवंबर के बीच अंडमान सागर, बंगाल की खाड़ी, आंध्र प्रदेश, उत्तर तमिलनाडु-पुडुचेरी और दक्षिण ओडिशा के तटीय इलाकों में समुद्र में न जाने की सलाह दी है। वहीं, किसानों को आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और ओडिशा में खेतों से बारिश का पानी निकालने और तैयार फसलों को सुरक्षित रखने को कहा गया है। मौसम साफ होने के बाद ही फसल काटने और तेज हवाओं के दौरान केले, पपीते समेत कमजोर फसलों को सहारा देने की सलाह दी गई है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग ने चेतावनी दी कि भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण पेड़ गिर सकते हैं और कच्चे मकानों व कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है। कई जगहों पर जलभराव होने के साथ निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। ऐसे में लोगों को मौसम की जानकारी लेते रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगह जाने की सलाह दी गई है। साथ ही, बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे न रुकें और बिजली के उपकरणों से दूर रहें।

बंगाल की खाड़ी में फिर बड़ा खतरा, 2 नवंबर को चक्रवाती तूफान के रूप में इस राज्य से टकराएगा!

बंगाल की खाड़ी में फिर बड़ा खतरा, 2 नवंबर को चक्रवाती तूफान के रूप में इस राज्य से टकराएगा!

cyclone alert

Weather Update 31 October : अर्णब तूफान के बाद बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवाती तूफान का खतरा मंडरा रहा है। इसके 2 नवंबर 2026 की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंचने की आशंका है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, यूपी और बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

 

नए साइक्लोन को लेकर मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को दक्षिण अंडमान सागर और उससे लगे उत्तर अंडमान सागर तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर बना कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और आज भारतीय समयानुसार सुबह 08:30 बजे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह व अंडमान सागर के संलग्न क्षेत्रों पर एक स्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र के रूप में केंद्रित हो गया।


इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और अगले 06 घंटों के दौरान उसी क्षेत्र में एक डिप्रेशन में परिवर्तित होने की बहुत संभावना है। इसके बाद, इसके अगले 24 घंटों के दौरान और अधिक तीव्र होकर एक चक्रवाती तूफान में बदलने, पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने तथा 2 नवंबर 2026 की शाम के आसपास आंध्र प्रदेश तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर पहुंचने की बहुत संभावना है।

कई राज्यों में अर्णब का असर

अर्नब तूफान भले ही कमजोर हो गया हो लेकिन कई राज्यों में अभी भी उसका असर बना हुआ है। ओडिशा में चक्रवात से हुई भारी बारिश के बाद शुक्रवार को बाढ़ और भूस्खलन से तीन लोगों की मौत हो गई। उत्तराखंड के केदारनाथ और बद्रीनाथ में बर्फबारी हो रही है।

 

अगले 2 दिन कहां होगी बारिश?

उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में आज तेज बारिश हो सकती है। 1 नवंबर को अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, रायलसीमा, केरलम और आंध्र प्रदेश में बारिश का अलर्ट है। 2 नवंबर को आंध्र प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, पुडुचेरी, रायलसीमा, केरलम और कर्नाटक में भारी बारिश की संभावना है।

 

गुजरात में बदला मौसम

गुजरात में दिवाली के त्योहार से ठीक पहले मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। एक तरफ लोग त्योहार की तैयारियों में व्यस्त हैं, तो दूसरी तरफ आसमान में छाए काले बादलों, बिजली की कड़क और तेज हवाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बेमौसम बारिश के कारण कहीं मकान के टिन-शेड उड़ गए, सड़कों पर पेड़ धराशायी हो गए तो कहीं आतिशबाजी के डोम गिर गए।

30 अक्टूबर को दोपहर के बाद अमरेली और गिर सोमनाथ जिलों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई। गिर सोमनाथ के कोडीनार तालुका के घांटवड गांव में तेज हवा के कारण एक किसान के मकान के टिन-शेड उड़ गए और पेट्रोल पंप के ढांचे को भी नुकसान पहुंचा। इस बेमौसम बारिश के बीच अमरेली जिले में बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई है, जबकि खेतों में तैयार फसल को नुकसान होने की आशंका से किसान चिंतित हैं। 

 

मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के सक्रिय होने के कारण गुजरात में यह बारिश का माहौल बना है। आगामी दो दिनों के दौरान दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया गया है।

वडोदरा में धूमधाम से मनाई गई सरदार पटेल जयंती, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ‘रन फॉर यूनिटी’ को दिखाई हरी झंडी

वडोदरा में धूमधाम से मनाई गई सरदार पटेल जयंती, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 'रन फॉर यूनिटी' को दिखाई हरी झंडी

CM bhupendra patel in run for unity

भारत के स्वतंत्रता संग्राम के शिल्पकार और देश को अखंडता के सूत्र में पिरोने वाले लौह पुरुष भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर पूरे देश में भारी उत्साह के साथ जश्न मनाया जा रहा है। संस्कारी नगरी वडोदरा के ऐतिहासिक नवलखी ग्राउंड में राष्ट्रीय एकता दिवस-2026 तथा ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम का विशेष आयोजन किया गया। इस उत्सव में पूरा वडोदरा शहर देशभक्ति, उत्साह और राष्ट्र भावना के रंग में रंगा हुआ नजर आया।

 

CM ने सरकार पटेल को दी पुष्‍पांजलि

इस राष्ट्रीय पर्व का आयोजन गुजरात के माननीय मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। नवलखी ग्राउंड पहुंचे मुख्यमंत्री का वडोदरा पुलिस बैंड की मधुर धुनों के बीच गार्ड ऑफ ऑनर देकर भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। राष्ट्रगान के पश्चात वडोदरा शहर के पुलिस आयुक्त नरसिम्हा कोमार ने उपस्थित सभी नागरिकों, अधिकारियों और युवाओं को देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने के दृढ़ संकल्प के साथ राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई।

 

रन फॉर यूनिटी को दिखाई हरी झंडी

इसके बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हरी झंडी दिखाकर ‘रन फॉर यूनिटी’ दौड़ का शुभारंभ कराया। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी और प्रेरणादायी विशेषता यह रही कि मुख्यमंत्री ने न केवल दौड़ को हरी झंडी दिखाई, बल्कि वे स्वयं भी अत्यंत उत्साह के साथ इस दौड़ में शामिल हुए। नागरिकों के बीच मुख्यमंत्री की उपस्थिति और उनकी सक्रिय भागीदारी ने दौड़ में भाग ले रहे युवाओं और नागरिकों में अद्भुत ऊर्जा, जोश और नया उत्साह भर दिया।

रैैैली में युवाओं ने दिया खास संदेश

इस वर्ष आयोजित यह दौड़ केवल राष्ट्रीय एकता तक सीमित न रहकर सामाजिक जागरूकता का भी एक सशक्त माध्यम बनी। ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की मूल थीम पर आधारित इस आयोजन में युवाओं ने “Say No To Drugs, Say Yes To Life” के प्ले कार्ड्स के साथ भाग लेकर नशा मुक्ति और स्वस्थ जीवन शैली का बुलंद संदेश दिया।

इस अवसर पर गुजरात विधानसभा के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) बालकृष्ण शुक्ला, मेयर गीताबेन मकवाना, वडोदरा शहर के विधायक, कलेक्टर अनिल धामेलिया सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और जन प्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे।

M.K. Sons Fine Jewels IPO 5 गुना भरकर बंद, अब 4 नवंबर को लिस्टिंग पर मुनाफा होगा या घाटा?

एम के संस फाइन ज्यूल्स का ₹275.40 करोड़ का IPO 30 अक्टूबर को 5.09 गुना भरकर बंद हो गया। इसे सबसे अच्छा रिस्पॉन्स नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स से मिला। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.84 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 14.12 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 3.08 गुना सब्सक्राइब हुआ। इश्यू में ₹220.32 करोड़ के 1.36 करोड़ नए शेयर जारी हुए। साथ ही ₹55.08 करोड़ के 34 लाख शेयरों का OFS (Offer for Sale) रहा।

IPO बंद होने के बाद अब अलॉटमेंट 2 नवंबर को फाइनल हो सकता है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 4 नवंबर को शुरुआत कर सकते हैं। IPO के लिए रजिस्ट्रार Bigshare Services Pvt.Ltd. है। प्राइस बैंड ₹153-₹162 प्रति शेयर था।

एम के संस फाइन ज्यूल्स सोने, हीरे और CZ आभूषणों की खुदरा बिक्री करती है। इसके महाराष्ट्र के मुंबई और गुजरात के अहमदाबाद में 5 रिटेल शोरूम हैं। कंपनी ‘पवित्र’, ‘रिवाज’, ‘सितारे’, ‘नक्श’, ‘सुनहरे’ और ‘वन एंड ओनली’ जैसे कई कलेक्शंस के तहत अंगूठी, हार, चूड़ियां, झुमके, ब्रेसलेट, मंगलसूत्र, सॉलिटेयर, ब्राइडल ज्वेलरी और कस्टमाइज्ड ज्वेलरी की पेशकश करती है। कंपनी के प्रमोटर रामचंद मुरलीधर रायमलानी, नीलम रामचंद रायमलानी और कुश रामचंद रायमलानी हैं।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से ₹82.62 करोड़ जुटाए थे। यह अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी करके हुई कमाई का इस्तेमाल महाराष्ट्र में एक नया शोरूम खोलने के लिए, गुजरात में मौजूदा शोरूम का विस्तार करने के लिए, कर्ज चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

BLS Polymers IPO: 241 गुना के बंपर सब्सक्रिप्शन के बाद अलॉटमेंट 30 अक्टूबर को; शेयर मिले या नहीं ऐसे करें चेक

M. K. Sons Fine Jewels की वित्तीय सेहत

एम के संस फाइन ज्यूल्स का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू ₹101.45 करोड़ रहा। शुद्ध मुनाफा ₹15 करोड़ दर्ज किया गया। इस बीच कंपनी पर ₹70.52 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 53 प्रतिशत बढ़कर ₹538.86 करोड़ और शुद्ध मुनाफा 123 प्रतिशत बढ़कर ₹51.80 करोड़ हो गया। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 3.70 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

कांग्रेस के बाद राहुल पर मोदी का तंज

अहमदाबाद। एमएलसी चुनाव को लेकर कांग्रेस पर तंज करने के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तंज किया है। अपने गृह प्रदेश गुजरात के दो दिन के दौर पर पहुंचे मोदी ने अपनी यात्रा के पहले दिन बनासकांठा में एक कार्यक्रम में राहुल को निशाना बनाया। उन्होंने आलू से सोना बनाने के एक कथित बयान का जिक्र करते हुए कहा कि बनासकांठा का आलू दुनिया भर में मशहूर है। लेकिन यहां कोई आकर नहीं कहता कि आलू से सोना बनाएंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘बनासकांठा में आकर कोई नहीं कहता कि आलू से सोना बनाएंगे, क्योंकि यहां के लोग पहले ही आलू से सोना बना रहे हैं’। इससे पहले मोदी ने पशुपालन से जुड़ी कई परियोजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने बनासकांठा में एक रोड शो भी किया। रोड शो के दौरान लोग तिरंगा हाथ में लेकर खड़े थे और साथ ही बहुत से लोगों ने प्लेकार्ड भी लिया हुआ था, जिस पर लिखा था, ‘मोदी कहीं नहीं जाएगा’। गौरतलब है कि यह बात बिहार में मल्लिकार्जुन खड़गे के एक कार्यक्रम में कांग्रेस के एक कार्यकर्ता ने ही कही थी।

बहरहाल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनासकांठा के कार्यक्रम के किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी की। इसके तहत 9.34 करोड़ से ज्यादा किसान परिवारों को 18,690 करोड़ रुपए से अधिक की रकम उनके खाते में भेजी जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान 14 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। साथ ही दो नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। अपनी गुजरात यात्रा के दूसरे दिन शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर होने वाले राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में शामिल होंगे।

Groww से टेस्ला, एनवीडिया, एमेजन जैसी यूएस कंपनियों में कर सकते हैं इनवेस्ट, जानिए इसके नियम और शर्तें

ब्रोकरेज फर्म ग्रो ने अमेरिकी कंपनियों के शेयरों में निवेश की सुविधा शुरू कर दी है। एलिजिबल भारतीय अब टेस्ला, अल्फाबेट (गूगल), एनवीडिया, एपल, माइक्रोसॉफ्ट और एमेजन जैसी कंपनियों के शेयरों में निवेश कर सकते हैं। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

ग्रो की यह सुविधा गिफ्ट सिटी के जरिए मिलेगी

Groww की यह सुविधा ग्रो आईएफएससी प्राइवेट लिमटेड के जरिए मिलेगी। यह ग्रो की सब्सिडियरी है जो गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT City) में स्थित है। इसके पास इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी (IFSCA) का ग्लोबल एक्सेस प्रोवाइडर लाइसेंस है।

अमेरिकी ईटीएफ में भी कर सकते हैं निवेश 

एलिजिबल भारतीय को पहले रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा करना होगा। उसके बाद वे ग्रो के प्लेटफॉर्म के जरिए अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों के शेयरों और ईटीएफ में निवेश कर सकते हैं। भारतीय इनवेस्टर का अमेरिकी शेयरों में निवेश RBI की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के जरिए होगा। इस स्कीम के तहत कोई भारतीय एक वित्त वर्ष में विदेश में 2,50,000 डॉलर तक इनवेस्ट कर सकता है या पैसे भेज सकता है।

ग्रो ने अमेरिकी ब्रोकरेज फर्म से किया समझौता

ग्रो ने अमेरिकी शेयरों में निवेश की सुविधा भारत में ऑफर करने के लिए अमेरिकी ब्रोकरेज फर्म Alpaca से समझौता किया है। Alpaca सिक्योरिटीज इनवेस्टर प्रोटेक्शन कॉर्पोरेशन (SIPC) का सदस्य है। अमेरिकी शेयरों में निवेश करने के लिए इनवेस्टर को डिपॉजिट और विड्रॉल पर करेंसी कनवर्जन पर लगने वाला चार्ज चुकाना होगा। इसके अलावा ब्रोकरेज फीस और जीएसटी भी देना होगा। इसके अलावा ट्रांजेक्शन पर अमेरिकी रेगुलेटरी चार्ज भी लगेगा।

निवेशक शेयर का एक हिस्सा भी खरीद सकते हैं

ग्रो की इस सुविधा के तहत भारतीय निवेशक शेयर के एक हिस्से को भी खरीद सकता है। चूंकि, अमेरिकी कंपनियों के शेयर की कीमत डॉलर में होती है। उसे रुपये में कनवर्ट करने पर उसकी कीमत काफी ज्यादा आती है। ऐसे में इनवेस्टर एक पूरे शेयर को खरीदने की जगह उसके एक हिस्से को खरीद सकते हैं। इसे फ्रैक्शनल इनवेस्टमेंट कहा जाता है। अमेरिका में निवेशकों को फ्रैक्शनल इनवेस्टमेंट की इजाजत है।

अमेरिकी शेयरों में निवेश के रिस्क को समझ लें

भारतीय निवेशक को अमेरिकी शेयरों में निवेश करने से पहले उनसे जुड़े रिस्क को समझ लेना जरूरी है। पहला, निवेशक के निवेश पर अमेरिकी शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर पड़ेगा। दूसरा, निवेश की वैल्यू पर डॉलर और रुपये के एक्सचेंज रेट का भी असर पड़ेगा। तीसरा, किसी अमेरिकी कंपनी के शेयर में निवेश से पहले उस कंपनी के बिजनेस, वित्तीय स्थिति, कर्ज के बोझ, प्रॉफिट और रेवेन्यू को भी समझना जरूरी है।

दिवाली से पहले किसानों के खाते में आए ₹18,690 करोड़! 9.34 करोड़ अन्नदाताओं को मिली PM किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त

दिवाली से पहले किसानों के खाते में आए ₹18,690 करोड़! 9.34 करोड़ अन्नदाताओं को मिली PM किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त

pm kisan

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी की। इसमें देश भर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 18,690 करोड़ रुपये भेजे गए। उत्तर प्रदेश के 2.24 करोड़ से अधिक किसान इससे लाभान्वित हुए, जिनके खाते में 4482.19 करोड़ की ‘सम्मान निधि’ आई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दीपावली से पहले इस उपहार के लिए किसानों की तरफ से प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है। 

 

दो हजार रुपये आए हर किसान के बैंक खाते में 

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी के खाते में हस्तांतरित हुई। इसमें पात्र किसान परिवार के एक सदस्य को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता दो-दो हजार रुपये की तीन किस्तों में प्रदान किए जाने की व्यवस्था है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 24 फरवरी 2019 को गोरखपुर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी।

 

किसानों की खुशहाली में गांवों की समृद्धि और गांवों की समृद्धि में राष्ट्र की प्रगति निहितः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दीपावली से पहले मिले उस उपहार के लिए उत्तर प्रदेश के अन्नदाता किसानों की तरफ से प्रधानमंत्री का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि किसानों की खुशहाली में गांवों की समृद्धि और गांवों की समृद्धि में राष्ट्र की प्रगति निहित है। इसी संकल्प के साथ आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त के अंतर्गत देश के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹18,690 करोड़ से अधिक की सम्मान राशि सीधे अंतरित की। इससे उत्तर प्रदेश के 2.24 करोड़ से अधिक किसान साथी लाभान्वित हुए हैं।

 

मुख्यमंत्री ने लिखा कि अन्नदाता किसान बंधुओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने, उनकी आय बढ़ाने और खेती की लागत कम करने के लिए डबल इंजन सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। दीपावली से पूर्व प्राप्त इस उपहार के लिए उत्तर प्रदेश के समस्त किसान बंधुओं की ओर से आपका हार्दिक आभार प्रधानमंत्री जी।

 

उत्तर प्रदेश के किसानों को मिला बड़ा लाभ

शुक्रवार को 4482.19 करोड़ जारी होने के बाद उत्तर प्रदेश के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के रूप में अब तक 107,943.95 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं।

 

वर्ष*धनराशि 

2018-19* 2238.92 करोड़ 

2019-20*11006.87 करोड़ 

2020-21*14,432.14 करोड़ 

2021-22*15,775.52 करोड़ 

2022-23*12,454.32 करोड़ 

2023-24*13,808.48 करोड़ 

2024-25*15,594.74 करोड़ 

2025-26*13727.85 करोड़

2026-27 (अप्रैल-जुलाई)*4422.92 करोड़ 

2026-27 (अगस्त-नवंबर)*4482.19 करोड़

 

कुल प्राप्त राशि – 1,07,943.95 करोड़ रुपये