गुजरात में भारी बारिश का खतरा, CM भूपेंद्र पटेल अलर्ट मोड में, बुलाई हाईलेवल बैठक

Chief Minister Bhupendra Patel conducted highlevel review of rainfall situation in Gujarat

Chief Minister Bhupendra Patel : गुजरात में सार्वभौमिक बारिश की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) का दौरा किया और एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मुख्य सचिव एमके दास, राजस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. जयंती रवि और राहत आयुक्त गौरांग मकवाना सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

 

उत्तर गुजरात में भारी बारिश का अनुमान, NDRF-SDRF की टीमें तैनात 

अगले 24 घंटों में उत्तर गुजरात के पाटन, मेहसाणा, वाव-थराद और बनासकांठा जिलों में भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। संभावित स्थिति से निपटने और स्थानीय प्रशासन की मदद के लिए NDRF और SDRF की टीमें तैनात कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने संबंधित जिला कलेक्टरों को पूरी तरह से सतर्क और तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

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 दक्षिण गुजरात में राहत और पुनर्वास कार्य जारी 

दक्षिण गुजरात में बारिश का जोर कम होने के बाद अब राहत और पुनर्वास कार्यों पर तेजी से ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। बारिश से प्रभावित जिलों में नागरिकों को 'कैश डोल्स' (नकद राहत सहायता) का भुगतान शुरू कर दिया गया है और घरेलू सामान के नुकसान की वित्तीय सहायता भी जल्द से जल्द चुकाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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स्थानांतरण, नुकसान और स्वास्थ्य संबंधी निर्देश

 भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति के कारण पूरे राज्य से अब तक 42,158 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित (शिफ्ट) किया गया है, जबकि प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार 308 मवेशियों की मौत दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने बाढ़ का पानी उतरते ही तुरंत सफाई अभियान चलाने, स्वास्थ्य संबंधी कदम उठाने और नुकसान का सर्वे शुरू करने के सख्त निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।

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 बारिश के आंकड़े और जलाशयों की वर्तमान स्थिति 

राहत आयुक्त के अनुसार, जुलाई 2025 की औसत बारिश की तुलना में अब तक वलसाड में 93%, नवसारी में 97%, डांग में 71%, सूरत में 81%, अहमदाबाद में 66% और अमरेली में 63% बारिश दर्ज की जा चुकी है। इसके अलावा, पूरे राज्य के जलाशयों में वर्तमान स्थिति में कुल 53.14% जल संग्रह उपलब्ध है।

वलसाड में 16 घंटे में 1100 मिमी बारिश, भारत के इतिहास की तीसरी सबसे ज्यादा, डूबी हुईं ये कारें दिखा रहीं भयावहता

Valsad Heavy Rain: गुजरात में गुरुवार को जारी मूसलाधार बारिश के कारण कई जिलों में भीषण बाढ़ की स्थिति बन गई है। इसमें वलसाड जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) के मुताबिक वलसाड जिले के उमरगाम में गुरुवार सुबह तक महज 16 घंटे में करीब 1100 मिमी बारिश दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक वलसाड जिले के अन्य तालुकाओं में भी इसी अवधि में 600 मिमी से अधिक पानी बरसा है।

देश के इतिहास में 24 घंटे की तीसरी सबसे ज्यादा बारिश

IMD द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वलसाड जिले के उमरगाम में दर्ज यह बारिश देश के इतिहास में 24 घंटे के भीतर दर्ज की गई तीसरी सबसे अधिक बारिश है।

भारत में 24 घंटे की सबसे ज्यादा बारिश के शीर्ष रिकॉर्ड:

  • सोहरा: 16 जून 1995 को 1563.3 मिमी
  • अमीनीदिवी: 6 मई 2004 को 1168.5 मिमी
  • उमरगाम, वलसाड: 23 जुलाई 2026 को 1064 मिमी (करीब 1100 मिमी)
  • वलसाड जिले में लगातार दूसरे दिन यह असाधारण बारिश दर्ज की गई है। इससे ठीक एक दिन पहले, 22 जुलाई 2026 को वलसाड के कपराड़ा में 417 मिमी बारिश हुई थी।

वापी से सामने आया वायरल वीडियो, 50 से अधिक कारें डूबीं

वलसाड जिले के वापी कस्बे से तबाही की एक भयावह तस्वीर और वायरल वीडियो सामने आया है। किसी पास की इमारत की ऊपरी मंजिल से बनाए गए वीडियो में इलाके का भयानक मंजर देखा जा सकता है। एक रिहायशी इलाके के पार्किंग एरिया में पानी भरने से 50 से अधिक कारें लगभग पूरी तरह पानी में डूब गईं। बाढ़ का पानी इतना ज्यादा बढ़ गया कि खड़ी गाड़ियों की खिड़कियों तक पहुंच गया। आसपास की सड़कें और पूरा इलाका जलमग्न दिखाई दिया। यहां नीचे देखिए वो भयानक मंजर-

उफान पर नदियां, हजारों लोग शिफ्ट किए गए

भीषण बारिश की वजह से वलसाड की औरंगा, पार और दमन गंगा नदियां उफान पर आ गईं। इससे कई निचले इलाकों में पानी भर गया। पानी का स्तर तेजी से बढ़ने पर प्रशासन ने हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। एहतियात के तौर पर सूरत शहर के संवेदनशील इलाकों से 2,200 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।

5 जिलों में रेड अलर्ट

मौसम विभाग (IMD) ने गुरुवार और शुक्रवार को अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान जताते हुए वलसाड, नवसारी, डांग, सूरत और तापी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बारिश से प्रभावित जिलों में स्थिति पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन के साथ राहत कार्यों के समन्वय के लिए कई मंत्रियों को तैनात किया है।