नेपाल बाढ़ हादसा : फंसे हुए गुजरातियों की मदद के लिए गुजरात सरकार सक्रिय, प्रवक्ता मंत्री जीतू वाघानी ने दी बड़ी जानकारी

नेपाल बाढ़ हादसा : फंसे हुए गुजरातियों की मदद के लिए गुजरात सरकार सक्रिय, प्रवक्ता मंत्री जीतू वाघानी ने दी बड़ी जानकारी

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नेपाल में फंसे गुजरात के नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए गुजरात सरकार पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। राज्य सरकार के प्रवक्ता मंत्री जीतू वाघानी ने बताया कि राज्य सरकार लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में है। इस गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सीधी बातचीत की है, ताकि राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा सकें। 

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सहायता के लिए हेल्पलाइन और डेटा कलेक्शन

 

फंसे हुए नागरिकों की सहायता के लिए राज्य सरकार ने आपातकालीन संपर्क (हेल्पलाइन) नंबर जारी किए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नेपाल के प्रधानमंत्री से स्थिति पर चर्चा की है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) द्वारा फंसे हुए गुजरातियों का पूरा विवरण जुटाया जा रहा है। जिन लोगों से अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है, उनकी जानकारी भी साझा की गई है और जिला स्तर पर भी आंकड़े एकत्र किए जा रहे हैं। 

 

नेपाल में बाढ़ से भारी नुकसान

 

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के कारण जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और यातायात तथा संचार ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश के 35 बड़े पुल और 45 झूला पुल बह गए हैं। बुनियादी ढांचे को पहुंचे इस नुकसान के कारण कई क्षेत्रों के बीच संपर्क टूट गया है, जिससे राहत सामग्री पहुंचाने में भी कठिनाई आ रही है। 

 

सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ बड़ा खुलासा

 

नेपाल सरकार द्वारा प्लेनेट लैब्स और लैंडसैट की सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण से पता चला है कि रसुवागढ़ी सीमा से लगभग 18 किलोमीटर ऊपर लेंडी नदी का प्रवाह बाधित हो गया है। नदी में आए इस अवरोध के कारण तटीय क्षेत्र में लगभग 0.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में एक बड़ी अस्थायी (कृत्रिम) झील बन गई है।

 

अचानक बाढ़ (फ़्लैश फ़्लड) का खतरा और प्रशासन की चेतावनी

 

नेपाल सरकार ने इस स्थिति को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है कि यदि यह प्राकृतिक झील का बांध टूटता है, तो निचले इलाकों में अचानक भीषण बाढ़ (फ़्लैश फ़्लड) आ सकती है। इस खतरे को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले सभी नागरिकों तथा संबंधित अधिकारियों को अत्यधिक सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए हैं।

Stocks to Watch: 21 स्टॉक्स; TempSens की लिस्टिंग समेत Lenskart, Wipro और Tejas Networks समेत ये शेयर फोकस में

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों में मजबूत रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 60.50 प्वाइंट्स यानी 0.25% की बढ़त के साथ 24,260.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 27 अगस्त को सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 539.35 प्वाइंट्स यानी 0.70% की गिरावट के साथ 76,933.59 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 116.90 प्वाइंट्स यानी 0.48% की फिसलन के साथ 24,090.85 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Lenskart Solutions

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अल्फा वेव वेंचर्स ब्लॉक डील के जरिए लेंसकार्ट में 1.2% हिस्सेदारी बेच सकती है। लगभग ₹1,313 करोड़ की इस डील के लिए फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹630 तय किया गया है।

Texmaco Rail and Engineering

टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग ने जर्मनी की Bochumer Verein Verkehrstechnik GmbH (BVV) के साथ एक एमओयू किया है। इसमें रेलवे व्हील्स, व्हीलसेट्स, एक्सल्स और रेल गाड़ियों के दूसरे पार्ट्स को लेकर कारोबारी मौके तलाशने और उन पर आगे बढ़ने के लिए जरूरी शर्तें तय की गई हैं।

Tejas Networks

तेजस नेटवर्क्स को टीसीएस से बीएसएनएल के 4G मोबाइल नेटवर्क के लिए 18,685 साइट्स पर RAN इक्विपमेंट, एक्सेसरीज और इंस्टॉलेशन मैटीरियल की सप्लाई के लिए ₹1,537 करोड़ का LoA (लेटर ऑफ इंटेंट) मिला है।

NBCC (India)

एनबीसीसी को केंद्रीय विद्यालय संगठन, डायरेक्टरेट ऑफ टीचर एजुकेशन एंड एससीईआरटी (ओडिशा) और केनरा बैंक से ₹134.27 करोड़ के कई कंस्ट्रक्शन ऑर्डर मिला है।

Chemplast Sanmar

कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने 1 अप्रैल, 2026 से तीन साल के लिए केमप्लास्ट सनमार

के मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर गणेशकुमार सुब्रमण्यन की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।

Wipro

विप्रो ने जेमिनी एंटरप्राइज और एजेंटिक AI को गूगल क्लाउड के साथ अपनी साझेदारी को बढ़ाने का ऐलान किया है। इसके अलावा विप्रो जेमिनी एंटरप्राइज के इंटरनल डिप्लॉयमेंट को बढ़ा रही है और 1,500 फॉरवर्ड डिप्लॉयड इंजीनियर्स समेत 10,000 से ज्यादा एआई-सर्टिफाइड स्पेशलिस्ट्स को एडवांस्ड AI क्षमताओं से लैस करेगी।

Adani Power

अदाणी पावर ने अपनी सब्सिडियरीज चंदेनवल्ले इंफ्रा पार्क और अदाणीकनेक्स के साथ एक शेयर खरीद समझौता किया है, जिसके तहत यह चंदेनवल्ले इंफ्रा पार्क में अपनी पूरी हिस्सेदारी अदाणीकनेक्स को ₹535.69 करोड़ में बेचेगी।

RPP Infra Projects

तमिलनाडु स्पोर्ट्स डेवलपमेंट अथॉरिटी ने आरपीपी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को दिए गए ₹205.89 करोड़ के वर्क ऑर्डर को रद्द कर दिया है।

Star Cement

MMDR (माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन)) एक्ट, 1957 के नए नियमों के तहत स्टार सीमेंट और उसकी सब्सिडियरीज को अब 22 अगस्त, 2026 से मिनरल सेस का पेमेंट करने की जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार ने MMDR एक्ट में बदलाव किया है और अब राज्य सरकारें मिनरल राइट्स या मिनरल वाली जमीनों पर टैक्स, सेस और अन्य लेवी नहीं लगा सकती हैं। इसमें यह भी है कि पुरानी बकाया लेवी अब वसूली नहीं जाएगी।

Dr Agarwal’s Health Care

डॉ अग्रवाल हेल्थ केयर की सब्सिडियरी डॉ अग्रवाल आई हॉस्पिटल ने चेन्नई में दुनिया का पहला पिनहोल पपिलोप्लास्टी (PPP) सेंटर शुरू किया है।

Union Bank of India

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर ब्रांच के अमेरिकी डॉलर में जारी हुए सीनियर अनसिक्योर्ड नोट्स को ‘BBB’ लॉन्ग-टर्म इश्यू रेटिंग दी है।

Apollo Tyres

ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्म वॉरबर्ग पिनकस की कंपनी एमेराल्ड सेज इन्वेस्टमेंट ने अपोलो टायर्स में 4.25% हिस्सेदारी वाले 2.7 करोड़ इक्विटी शेयर ₹1,174.93 करोड़ के भाव पर बेच दिए। ये शेयर तीन घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स- ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, बजाज लाइफ इंश्योरेंस और SBI लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने प्रति शेयर ₹435 के भाव पर खरीदे। जून 2026 तक अपोलो टायर्स में एमेराल्ड सेज इन्वेस्टमेंट की हिस्सेदारी 9.93% थी, जबकि ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड के पास 1.12% हिस्सेदारी थी।

ICICI Prudential Asset Management Company

प्रूडेंशियल कॉर्पोरेशन होल्डिंग्स ने ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी के 98.85 लाख शेयर (2% हिस्सेदारी) ₹3,030.3 करोड़ में प्रति शेयर ₹3,065.47 के भाव पर बेचे। जून 2026 तक ICICI प्रूडेंशियल AMC में प्रमोटर्स की कुल हिस्सेदारी 87.6% थी, जिसमें प्रूडेंशियल कॉर्पोरेशन होल्डिंग्स की हिस्सेदारी 34.59% थी।

Foseco India

मॉर्गन टेरासेन और मॉर्गेनाइट क्रूसिबल ने फोसेको इंडिया में अपनी पूरी 15.26% हिस्सेदारी बेच दी। मॉर्गन एडवांस्ड मैटेरियल्स की मॉर्गन टेरासेन ने फोसेको इंडिया के 5.6 लाख शेयर (7.43% हिस्सेदारी) ₹330.26 करोड़ में तो मॉर्गेनाइट क्रूसिबल ने 5.9 लाख शेयर (7.84% हिस्सेदारी) ₹348.36 करोड़ में बेचे हैं। कुल मिलाकर ₹678.6 करोड़ में 11.5 लाख शेयर को नौ देशी-विदेशी निवेशकों- सिटीग्रुप, इंवेस्को एमएफ, एलआईसी एमएफ, महिंद्रा मैनुलाइफ एमएफ, मिरे एसेट एमएफ, मॉर्गन स्टेनले, कैटामारन वेंचर्स, एसबीआई एमएफ और मोतीलाल ओसवाल एएमसी ने प्रति शेयर ₹5,897 के भाव पर खरीदे।

Aye Finance

ग्लोबल अल्टरनेटिव एसेट मैनेजर अल्फा वेव ग्लोबल की कंपनी अल्फा वेव इंडिया I ने आय फाइनेंस से अपनी पूरी 7.78% हिस्सेदारी (1.92 करोड़ शेयर) ₹322.57 करोड़ में बेच दी। इनमे में 14.88 लाख शेयर मधुसूदन केला की सिंगुलैरिटी AMC ने सिंगुलैरिटी लार्ज वैल्यू फंड III के जरिए ₹25 करोड़ में और इंटीग्रेटेड कोर स्ट्रैटेजीज (एशिया) ने 23.8 लाख शेयर ₹40 करोड़ में खरीदे। शेयरों का लेन-देन ₹168 के भाव पर हुआ।

DCB Bank

एसबीआई और ओमान इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी की ओमान इंडिया जॉइंट इन्वेस्टमेंट फंड II ने डीसीबी बैंक के 37 लाख शेयर (1.14% हिस्सेदारी) ₹80.29 करोड़ में प्रति शेयर ₹217.01 के भाव पर बेच दिए। जून 2026 तक बैंक में इस फंड की 2.86% हिस्सेदारी थी।

Happiest Minds Technologies

पोलुनिन इमर्जिंग मार्केट्स स्मॉल कैप फंड एलएलसी ने हैप्पिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज के 8.3 लाख शेयर (0.54% हिस्सेदारी) ₹35.68 करोड़ में प्रति शेयर ₹429.92 के भाव पर खरीद लिए।

Iris Clothings

निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट ने आइरिस क्लोदिंग्स में 0.6% हिस्सेदारी के बराबर 11.53 लाख शेयर ₹6.58 करोड़ में प्रति शेयर ₹57.1 के भाव पर खरीदे।

RPP Infra Projects

सीएमके प्रोजेक्ट्स ने आरपीपी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के प्रमोटर यागवी एनए से कंपनी के 5 लाख शेयर ₹2.84 करोड़ में प्रति शेयर ₹56.85 के भाव पर खरीद लिए।

Wonder Electricals

नेक्सस ग्लोबल अपॉर्चुनिटीज फंड और यूनिको ग्लोबल अपॉर्चुनिटीज फंड ने वंडर इलेक्ट्रिकल्स में अपनी 5.66% हिस्सेदारी (75.89 लाख शेयर) ₹98.21 करोड़ में बेच दी। जून 2026 तक नेक्सस ग्लोबल अपॉर्च्यूनिटीज फंड की कंपनी में 2.34% हिस्सेदारी थी, तो यूनिको ग्लोबल अपॉर्च्यूनिटीज फंड की 7.48%।

Tempsens Instruments (India)

आईपीओ को 184 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के शेयरों की आज बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

एक्स-डिविडेंड: एमसीएक्स, होनासा कंज्यूमर, एलाइड डिजिटल सर्विसेज, अरविंद स्मार्टस्पेस, ब्लैक बॉक्स, कैंटाबिल रिटेल इंडिया, कोरल इंडिया फाइनेंस एंड हाउसिंग, डैम कैपिटल एडवाइजर्स, डायनामेटिक टेक्नोलॉजीज, इमामी पेपर मिल्स, गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट्स, गुफिक बायोसाइंसेज, गुलशन पॉलीओल्स, हल्डिन ग्लास, जेनबर्कट फार्मा, क्रेडो ब्रांड्स मार्केटिंग, एनबीसीसी (इंडिया), पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज, पॉली मेडिक्योर, प्रोटियन ई-गवर्नेंस टेक्नोलॉजीज, रॉयल ऑर्किड होटल्स, साल्जर इलेक्ट्रॉनिक्स, स्टर्लिंग टूल्स, स्टड्स एक्सेसरीज, सुपरशक्ति मेटालिक्स, स्वान कॉर्प, वेरिटास (इंडिया), वर्धमान होल्डिंग्स, विक्रान इंजीनियरिंग, वर्धमान स्पेशल स्टील्स, वर्धमान टेक्सटाइल्स, व्हर्लपूल ऑफ इंडिया, यूकेन इंडिया

एक्स-राइट्स: जयके एंटरप्राइजेज

एक्स-स्प्लिट: रोटोग्राफिक्स (इंडिया), स्पाइस आइलैंड्स इंडस्ट्रीज

F&O बैन: आज एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस और SAIL में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

पुरानी गाड़ियों के लिए E10 पेट्रोल देने पर विचार, E20 को हटाने का कोई प्लान नहीं: BPCL

भारत में E20 पेट्रोल को लेकर बहस के बीच पुराने गाड़ियों के लिए E10 पेट्रोल उपलब्ध कराने पर विचार हो रहा है। सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनी BPCL के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर संजय खन्ना ने गुरुवार को यह जानकारी दी। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि E20 को हटाकर दोबारा E10 लागू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

E10 और E20 में क्या अंतर है?

E10 पेट्रोल में 10% इथेनॉल और 90% पेट्रोल होता है। वहीं E20 में 20% इथेनॉल और 80% पेट्रोल होता है। E20 को लेकर पुरानी गाड़ियों के मालिकों की चिंता रही है। इसमें माइलेज, फ्यूल सिस्टम के पार्ट्स और मरम्मत से जुड़े सवाल उठे हैं।

पुरानी गाड़ियों के लिए E10 पर विचार

ऑयल मार्केटिंग कंपनी BPCL के मुताबिक, पुरानी गाड़ियों के लिए अलग से E10 उपलब्ध कराने का विकल्प देखा जा रहा है। संजय खन्ना ने कहा कि मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर से E10 की सप्लाई करना संभव है। हालांकि, E10 और E20 को एक साथ उपलब्ध कराने के तरीके पर अभी चर्चा चल रही है।

E10 की सप्लाई में क्या दिक्कत है?

ऑयल मार्केटिंग कंपनी BPCL को E10 की सप्लाई में कोई बड़ी लॉजिस्टिक दिक्कत नजर नहीं आती। लेकिन अगर E10 और E20 दोनों को एक साथ बेचना है, तो अलग ग्रेड के पेट्रोल की सप्लाई संभालनी होगी। इसी वजह से सरकार और कंपनियां इसके तौर-तरीकों पर काम कर रही हैं।

E20 को वापस लेने का प्लान नहीं

सरकार पहले ही कह चुकी है कि E20 से वापस E10 या E0 पर जाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। पेट्रोलियम राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने 10 अगस्त को राज्यसभा में कहा था कि देशभर के एक लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर E0, E10 और E20 की अलग-अलग सप्लाई रखने से लॉजिस्टिक्स और स्टोरेज की लागत बढ़ेगी।

हालांकि, BPCL के ताजा बयान से साफ है कि E10 को E20 के विकल्प के तौर पर नहीं, बल्कि पुरानी गाड़ियों के लिए एक अलग विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।

E10 की मांग क्यों उठी?

E20 को लेकर पुरानी गाड़ियों के मालिकों की चिंता बढ़ी है। लोगों का कहना है कि ज्यादा इथेनॉल वाले पेट्रोल से माइलेज पर असर पड़ सकता है। कुछ पुरानी गाड़ियों में फ्यूल सिस्टम के पार्ट्स की अनुकूलता को लेकर भी सवाल हैं।

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने भी 17 अगस्त को एक लेख में सुझाव दिया था कि पुरानी गाड़ियों के मालिकों की परेशानी दूर करने के लिए पेट्रोल पंपों पर E10 के साथ E20 भी उपलब्ध कराया जा सकता है।

E20 की शुरुआत कैसे हुई?

केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल से ऑयल कंपनियों को 20% तक इथेनॉल मिला पेट्रोल बेचने का निर्देश दिया था। इस पेट्रोल का न्यूनतम Research Octane Number यानी RON 95 होना भी जरूरी किया गया। इसके बाद पुरानी गाड़ियों के मालिकों में माइलेज और गाड़ी की सेहत को लेकर चिंता बढ़ी।

फिलहाल तस्वीर यही है कि E20 की व्यवस्था जारी रहेगी। पुरानी गाड़ियों के लिए E10 उपलब्ध कराने का विकल्प जरूर सरकार और ऑयल कंपनियों की चर्चा में है।

2030 तक ₹20 लाख करोड़ का हो सकता है EV मार्केट, 5 करोड़ नौकरियां पैदा होंगी: नितिन गडकरी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

हथियार बनाने में भारत की लंबी छलांग! प्रोडक्शन ₹1.80 लाख करोड़ और एक्सपोर्ट ₹39,000 करोड़ के पार

India Defence Sector Growth: भारत का रक्षा क्षेत्र आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक छलांग लगा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को जानकारी दी कि पिछले एक दशक में भारत का घरेलू रक्षा उत्पादन करीब 4 गुना बढ़कर लगभग ₹1.80 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। वहीं, भारत से रक्षा उपकरणों का निर्यात बढ़कर ₹39,000 करोड़ के करीब हो गया है।

रक्षा मंत्री मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित 57 साल पुरानी व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर (VFJ) में T-सीरीज के मेन बैटल टैंक्स के ओवरहॉलिंग के लिए बनने वाले ₹472 करोड़ के नए प्लांट का शिलान्यास करने पहुंचे थे।

2014 से 2026: रक्षा उत्पादन और निर्यात के आंकड़े

राजनाथ सिंह ने 2014 के मुकाबले रक्षा क्षेत्र में हुई अभूतपूर्व प्रगति का ब्योरा पेश किया। साल 2014 में देश का हथियारों और गोला-बारूद का उत्पादन महज ₹46,000 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹1.80 लाख करोड़ हो गया है। 2014 में भारत का रक्षा निर्यात सिर्फ ₹1,000 करोड़ का था, जो अब ₹39,000 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2028-29 तक ₹50,000 करोड़ के रक्षा निर्यात का लक्ष्य तय किया है।

जबलपुर VFJ में ₹472 करोड़ का प्रोजेक्ट

जबलपुर की व्हीकल फैक्ट्री में बनने वाला नया प्रोजेक्ट भारत के रक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा। यह नया प्लांट सालाना 80 T-72 और T-90 टैंकों का ओवरहॉल यानी मरम्मत व अपग्रेडेशन करने में सक्षम होगा। भारतीय सेना को हर साल करीब 230 T-सीरीज टैंकों के ओवरहॉल की जरूरत होती है।

अब तक चेन्नई के आवडी स्थित हैवी व्हीकल्स फैक्ट्री (HVF) में सालाना लगभग 150 टैंकों की ओवरहॉलिंग होती थी। जबलपुर का नया प्लांट शुरू होने के बाद सेना की यह कमी पूरी तरह से दूर हो जाएगी।

‘अब केवल हथियार बना ही नहीं रहे, मेंटेन भी कर रहे हैं’

रक्षा मंत्री ने कहा कि रक्षा के क्षेत्र में दुनिया का भारत को देखने का नजरिया बदल चुका है और इसके पीछे ‘आत्मनिर्भर भारत’ का विजन है। भारत अब न सिर्फ अपनी धरती पर आधुनिक हथियार बना रहा है, बल्कि उनका रखरखाव, ओवरहॉलिंग और अपग्रेडेशन करने की पूरी क्षमता हासिल कर चुका है।

इस प्रोजेक्ट से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और यह भारतीय सेना के टैंकों को युद्ध के लिए हमेशा तैयार रखने में ‘वरदान’ साबित होगा।

व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर का ऐतिहासिक सफर

व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर(VFJ) की स्थापना 1969 में हुई थी, जो वर्तमान में आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड (AVNL) के तहत काम करती है। शुरुआत में इस फैक्ट्री में जर्मनी की MAN कंपनी के सहयोग से ‘शक्तिमान 3-टन’ ट्रक और जापान की निसान के सहयोग से ‘निसान 1T’ व ‘जोन्गा’ गाड़ियां बनाई जाती थीं। यह फैक्ट्री 330 एकड़ में फैली है और इसका संलग्न एस्टेट 600 एकड़ का है।

Meerut : मेरठ पुलिस लाइन में बनेगा कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर, 60 लाख रुपए होंगे खर्च, आम लोगों को भी मिलेगी सुविधा, AIIMS के एक्सपर्ट्‍स देंगे परामर्श

Meerut : मेरठ पुलिस लाइन में बनेगा कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर, 60 लाख रुपए होंगे खर्च, आम लोगों को भी मिलेगी सुविधा, AIIMS के एक्सपर्ट्‍स देंगे परामर्श

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मेरठ पुलिस लाइन परिसर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जल्द ही कैंसर स्क्रीनिंग एवं रेफरल सेंटर आकार लेता नजर आएगा। करीब 60 लाख रुपए की सांसद निधि से बनने वाले इस केंद्र का उद्देश्य आम लोगों के मन से कैंसर का भय खत्म करना, रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान करते हुए मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध करना है। इस केंद्र पर पुलिसकर्मियों के साथ आम नागरिकों को भी स्क्रीनिंग की सुविधा मिलेगी। जांच के दौरान कैंसर की आशंका या पुष्टि होने पर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया जाएगा।

 

 आज इस सेंटर के नवीन भवन के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया। राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी की सांसद निधि से भवन और उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को तुलसी के पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। ममता, गुड्डी समेत कई आशा कार्यकर्ताओं को कैंसर की चिकित्सा किट भी वितरित की गईं।

 

 प्रदेश की पहली पुलिस लाइन में कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर

राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि मेरठ पुलिस लाइन प्रदेश की पहली पुलिस लाइन होगी, जहां कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से कैंसर मरीजों का मनोबल बढ़ाने और उन्हें समय पर जांच व उपचार के लिए प्रेरित करने की अपील की।

 

अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर ने कहा कि जागरूकता की कमी और समय पर जांच नहीं कराने के कारण कई मामलों में कैंसर की पहचान देर से होती है। स्क्रीनिंग सेंटर शुरू होने के बाद शुरुआती अवस्था में बीमारी की पहचान करने में मदद मिलेगी। इससे मरीज को समय रहते विशेषज्ञ उपचार के लिए भेजा जा सकेगा।

 

मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने कहा कि केंद्र का लाभ पुलिसकर्मियों के साथ आम नागरिकों को भी मिलेगा। कैंसर की समय रहते पहचान होने पर उपचार की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने में मदद मिलेगी और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाने का रास्ता आसान होगा। 

 

राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत ने कहा कि मेरठ पुलिस लाइन प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र के इंचार्ज डाक्टर अंकुर त्यागी का विशेष योगदान है, इस कैंसर स्कैनिंग सेंटर खोलने के लिए। वह हमेशा कहते थे कि इस बीमार से लड़ने के लिए और सुलभ इलाज के लिए सेंटर होना चाहिए, आज भूमिपूजन कर दिया गया है, चार महीने में यह सेंटर अपना रूप ले लेगा, लेकिन तब तक अस्थायी सेंटर द्वारा सैंपल लेकर इलाज शुरू कर दिया जायेगा। 

 

भवन और उपकरणों पर खर्च होंगे करीब 60 लाख रुपये

 

प्रस्ताव के अनुसार सेंटर के नए भवन के निर्माण पर 36.65 लाख रुपये और उपकरणों की खरीद पर 23.05 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इस तरह भवन और उपकरणों पर कुल करीब 59.70 लाख रुपए की राशि खर्च होगी।

 

केंद्र शुरू होने के बाद लोगों को प्रारंभिक जांच के लिए निजी संस्थानों या दूसरे शहरों में जाने की जरूरत कम होगी। जांच के बाद जरूरत के अनुसार मरीजों को जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के साथ समन्वय करते हुए आगे के उपचार के लिए भेजा जाएगा।

 

एम्स के विशेषज्ञों से मिलेगा परामर्श

 

सेंटर की एक खास सुविधा यह होगी कि जांच में कैंसर की पुष्टि होने या जटिल स्थिति सामने आने पर एम्स नई दिल्ली और झज्जर के विशेषज्ञ चिकित्सकों से दूरभाष के माध्यम से परामर्श लिया जा सकेगा। जरूरत पड़ने पर मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाएगा।

 

सभी मरीजों की जांच और उपचार से संबंधित जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने की भी व्यवस्था की जाएगी। इससे मरीज के फॉलोअप और आगे के उपचार में चिकित्सकों को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।

 

मुंह से लेकर स्तन और प्रोस्टेट कैंसर तक की होगी स्क्रीनिंग

 

इस केंद्र में विभिन्न प्रकार के कैंसर की प्रारंभिक स्क्रीनिंग की जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, हड्डियों से संबंधित कैंसर अन्य संदिग्ध कैंसर की प्रारंभिक जांच शामिल हैं। जांच के दौरान संदिग्ध मामला मिलने पर मरीज को आवश्यकतानुसार आगे की जांच और उपचार के लिए रेफर किया जाएगा।

 

चार स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती का प्रस्ताव

 

सेंटर के संचालन के लिए एक पुरुष स्टाफ नर्स, दो महिला स्टाफ नर्स, एक एक्स-रे तकनीशियन और एक लैब तकनीशियन की तैनाती का प्रस्ताव है। इससे स्क्रीनिंग, जांच और मरीजों को आगे रेफर करने की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में एडीजी भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी, मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रसाद, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता समेत स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

Meerut : मेरठ पुलिस लाइन में बनेगा कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर, 60 लाख रुपए होंगे खर्च, आम लोगों को भी मिलेगी सुविधा, AIIMS के एक्सपर्ट्‍स देंगे परामर्श

Meerut : मेरठ पुलिस लाइन में बनेगा कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर, 60 लाख रुपए होंगे खर्च, आम लोगों को भी मिलेगी सुविधा, AIIMS के एक्सपर्ट्‍स देंगे परामर्श

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मेरठ पुलिस लाइन परिसर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जल्द ही कैंसर स्क्रीनिंग एवं रेफरल सेंटर आकार लेता नजर आएगा। करीब 60 लाख रुपए की सांसद निधि से बनने वाले इस केंद्र का उद्देश्य आम लोगों के मन से कैंसर का भय खत्म करना, रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान करते हुए मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध करना है। इस केंद्र पर पुलिसकर्मियों के साथ आम नागरिकों को भी स्क्रीनिंग की सुविधा मिलेगी। जांच के दौरान कैंसर की आशंका या पुष्टि होने पर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया जाएगा।

 

 आज इस सेंटर के नवीन भवन के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया। राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी की सांसद निधि से भवन और उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को तुलसी के पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। ममता, गुड्डी समेत कई आशा कार्यकर्ताओं को कैंसर की चिकित्सा किट भी वितरित की गईं।

 

 प्रदेश की पहली पुलिस लाइन में कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर

राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि मेरठ पुलिस लाइन प्रदेश की पहली पुलिस लाइन होगी, जहां कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से कैंसर मरीजों का मनोबल बढ़ाने और उन्हें समय पर जांच व उपचार के लिए प्रेरित करने की अपील की।

 

अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर ने कहा कि जागरूकता की कमी और समय पर जांच नहीं कराने के कारण कई मामलों में कैंसर की पहचान देर से होती है। स्क्रीनिंग सेंटर शुरू होने के बाद शुरुआती अवस्था में बीमारी की पहचान करने में मदद मिलेगी। इससे मरीज को समय रहते विशेषज्ञ उपचार के लिए भेजा जा सकेगा।

 

मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने कहा कि केंद्र का लाभ पुलिसकर्मियों के साथ आम नागरिकों को भी मिलेगा। कैंसर की समय रहते पहचान होने पर उपचार की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने में मदद मिलेगी और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाने का रास्ता आसान होगा। 

 

राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत ने कहा कि मेरठ पुलिस लाइन प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र के इंचार्ज डाक्टर अंकुर त्यागी का विशेष योगदान है, इस कैंसर स्कैनिंग सेंटर खोलने के लिए। वह हमेशा कहते थे कि इस बीमार से लड़ने के लिए और सुलभ इलाज के लिए सेंटर होना चाहिए, आज भूमिपूजन कर दिया गया है, चार महीने में यह सेंटर अपना रूप ले लेगा, लेकिन तब तक अस्थायी सेंटर द्वारा सैंपल लेकर इलाज शुरू कर दिया जायेगा। 

 

भवन और उपकरणों पर खर्च होंगे करीब 60 लाख रुपये

 

प्रस्ताव के अनुसार सेंटर के नए भवन के निर्माण पर 36.65 लाख रुपये और उपकरणों की खरीद पर 23.05 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इस तरह भवन और उपकरणों पर कुल करीब 59.70 लाख रुपए की राशि खर्च होगी।

 

केंद्र शुरू होने के बाद लोगों को प्रारंभिक जांच के लिए निजी संस्थानों या दूसरे शहरों में जाने की जरूरत कम होगी। जांच के बाद जरूरत के अनुसार मरीजों को जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के साथ समन्वय करते हुए आगे के उपचार के लिए भेजा जाएगा।

 

एम्स के विशेषज्ञों से मिलेगा परामर्श

 

सेंटर की एक खास सुविधा यह होगी कि जांच में कैंसर की पुष्टि होने या जटिल स्थिति सामने आने पर एम्स नई दिल्ली और झज्जर के विशेषज्ञ चिकित्सकों से दूरभाष के माध्यम से परामर्श लिया जा सकेगा। जरूरत पड़ने पर मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाएगा।

 

सभी मरीजों की जांच और उपचार से संबंधित जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने की भी व्यवस्था की जाएगी। इससे मरीज के फॉलोअप और आगे के उपचार में चिकित्सकों को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।

 

मुंह से लेकर स्तन और प्रोस्टेट कैंसर तक की होगी स्क्रीनिंग

 

इस केंद्र में विभिन्न प्रकार के कैंसर की प्रारंभिक स्क्रीनिंग की जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, हड्डियों से संबंधित कैंसर अन्य संदिग्ध कैंसर की प्रारंभिक जांच शामिल हैं। जांच के दौरान संदिग्ध मामला मिलने पर मरीज को आवश्यकतानुसार आगे की जांच और उपचार के लिए रेफर किया जाएगा।

 

चार स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती का प्रस्ताव

 

सेंटर के संचालन के लिए एक पुरुष स्टाफ नर्स, दो महिला स्टाफ नर्स, एक एक्स-रे तकनीशियन और एक लैब तकनीशियन की तैनाती का प्रस्ताव है। इससे स्क्रीनिंग, जांच और मरीजों को आगे रेफर करने की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में एडीजी भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी, मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रसाद, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता समेत स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

Ganga Expressway to Haridwar: प्रयागराज से हरिद्वार तक बनेगा गंगा एक्सप्रेसवे! ₹10,761 करोड़ की योजना को यूपी कैबिनेट की मंजूरी

Ganga Expressway to Haridwar: उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने प्रयागराज और हरिद्वार के बीच गंगा एक्सप्रेसवे को विस्तार देने के प्रस्ताव को मंगलवार (25 अगस्त) को मंजूरी दे दी। प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को छह-लेन हाईवे के तौर पर बनाया जाएगा, जिसमें भविष्य में इसे आठ-लेन तक बढ़ाने की गुंजाइश होगी। एक बयान में कहा गया है कि यूपी का सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेसवे (594 किमी, मेरठ से प्रयागराज) हरिद्वार तक बढ़ाया जाएगा। इसके विस्तार की कुल लंबाई 130 किमी होगी (100 किमी यूपी में और 30 किमी उत्तराखंड में)। इस प्रोजेक्ट पर ₹10,761 करोड़ का खर्च आएगा, जिसे पूरा राज्य सरकार वहन करेगी।

गंगा एक्सप्रेसवे दो कुंभ नगरियों (प्रयागराज और हरिद्वार) के बीच सीधी कनेक्टिविटी बनेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे छह लेन का होगा, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। परियोजना पर करीब 10,761 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अधिकारियों के मुताबिक, परियोजना में केंद्र सरकार की किसी तरह की वित्तीय भागीदारी अपेक्षित या प्रस्तावित नहीं है।

मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने समेत आगे की आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। राज्य सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, उत्तराखंड सीमा से लगे बिजनौर जिले से हरिद्वार जाने के लिए फिलहाल प्रमुख रूप से मेरठ-बिजनौर-हरिद्वार नेशनल हाईवे उपलब्ध है।

प्रयागराज-हरिद्वार के बीच एक्सप्रेसवे कॉरिडोर बनेगा

बयान में बताया गया कि गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक विस्तार से बिजनौर से हरिद्वार तक आवागमन बेहतर एवं तेज होगा। बयान के मुताबिक, प्रस्ताव के तहत प्रयागराज-हरिद्वार के बीच एक्सप्रेसवे गलियारा विकसित किया जाएगा।

बयान में बताया गया कि गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक पहुंचने से प्रयागराज और हरिद्वार के बीच एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे नेटवर्क के जरिए तेज एवं सुगम ट्रैफिक सुविधा विकसित होगी। अधिकारियों ने बताया कि इससे धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए दोनों धार्मिक नगरियों के बीच आवागमन अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।

₹10,761 करोड़ का आएगा खर्च

गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने पर राज्य सरकार का अनुमानित खर्च 10,761 करोड़ रुपये होगा। इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार से किसी वित्तीय मदद की उम्मीद या प्रस्ताव नहीं है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद, आगे की जरूरी कार्रवाई की जाएगी। इसमें डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करना भी शामिल है। अभी उत्तराखंड की सीमा से सटे बिजनौर जिले से हरिद्वार जाने के लिए मुख्य रूप से NH-34 (मेरठ-बिजनौर-हरिद्वार नेशनल हाईवे) का इस्तेमाल किया जाता है।

गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने से बिजनौर को शहर से बेहतर और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे से बिजनौर और राज्य की राजधानी लखनऊ के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। यूपी सरकार ने एक बयान में कहा कि इस विकास से क्षेत्र में व्यापार, निवेश, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

तेज और आसान कनेक्टिविटी मिलेगी

गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने से प्रयागराज और हरिद्वार के बीच एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे नेटवर्क के जरिए तेज और आसान कनेक्टिविटी मिलेगी। इस पहल से धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए इन दो पवित्र शहरों के बीच यात्रा करना ज्यादा सुविधाजनक हो जाएगा।

एक्सप्रेसवे के विस्तार से धार्मिक पर्यटन में काफी बढ़ोतरी होने की संभावना है। बेहतर कनेक्टिविटी से हरिद्वार, बिजनौर और गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़े अन्य क्षेत्रों में पर्यटन-आधारित आर्थिक गतिविधियों में भी तेज़ी आ सकती है।

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प्रोजेक्ट के निर्माण और उससे जुड़ी आर्थिक गतिविधियों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। बयान में कहा गया है कि इससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी। 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई में 594 किलोमीटर लंबे एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। यह एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ता है।

सुल्तानपुर में 272 करोड़ से बनेगा बड़ा औद्योगिक क्लस्टर, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास IMLC को कैबिनेट की मंजूरी

सुल्तानपुर में 272 करोड़ से बनेगा बड़ा औद्योगिक क्लस्टर, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास IMLC को कैबिनेट की मंजूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने औद्योगिक कॉरिडोर योजना के अंतर्गत जनपद सुल्तानपुर में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (आईएमएलसी) की स्थापना के लिए अवस्थापना विकास के निर्माण कार्यों से संबंधित परियोजना प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी।

 

272.25 करोड़ रुपए की परियोजना को मिली मंजूरी

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के सन्निकट विकसित किए जाने वाले इस औद्योगिक क्लस्टर के लिए 27225.33 लाख रुपए यानी लगभग 272.25 करोड़ रुपए की लागत अनुमोदित की गई है। निर्माण कार्य में होने वाला संभावित व्यय-भार राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। परियोजना में केंद्र सरकार की किसी प्रकार की वित्तीय भागीदारी अपेक्षित अथवा प्रस्तावित नहीं है।

 

ग्लोबल बिड से होगा निर्माण एजेंसी का चयन

कैबिनेट की मंजूरी के बाद परियोजना के निर्माण एजेंसी के चयन के लिए ग्लोबल बिड आमंत्रित की जाएगी। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा और परियोजना को समयबद्ध रूप से पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

 

पूर्वांचल में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को मिलेगी रफ्तार

आईएमएलसी के विकास से सुल्तानपुर में उद्योगों की स्थापना, निवेश और विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के समीप होने के कारण क्लस्टर को बेहतर कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

 

स्थानीय युवाओं के लिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

परियोजना के क्रियान्वयन और इसके अंतर्गत उद्योगों की स्थापना से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है। इससे सुल्तानपुर के लोगों को अपने ही जनपद में रोजगार के अवसर मिलेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर के विकास से सुल्तानपुर में औद्योगिक आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी।

CJP ने संगठन में किए बड़े बदलाव, नए पदाधिकारियों का ऐलान, पार्टी ने बताया अब आगे का क्या है प्लान

CJP ने संगठन में किए बड़े बदलाव, नए पदाधिकारियों का ऐलान, पार्टी ने बताया अब आगे का क्या है प्लान

Abhijeet Dipke Cockroach Janta Party

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मंगलवार को अपने संगठन में नए पदाधिकारियों और जोनल कोऑर्डिनेशन कमेटियों के सदस्यों की घोषणा की। यह फैसला संगठन की 14 सदस्यीय नेशनल वर्किंग कमेटी के गठन के कुछ सप्ताह बाद लिया गया है। पार्टी ने अपने संस्थापक अभिजीत दिपके को राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया है। वहीं मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और प्रवक्ता आशुतोष रांका को सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।

 

CJP ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर नए संगठनात्मक पदाधिकारियों की घोषणा करते हुए कहा कि वह देशभर में संगठन को और मजबूत तथा सक्रिय बनाने की दिशा में काम करना चाहती है। संगठन ने इसके साथ ही पांच संगठन संयुक्त सचिवों और दो राष्ट्रीय प्रवक्ताओं के नामों का भी ऐलान किया है।

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व्यंग्यात्मक संगठन से युवा आंदोलन तक पहुंचा CJP

 

कॉकroach जनता पार्टी की शुरुआत एक व्यंग्यात्मक संगठन के तौर पर हुई थी, लेकिन पिछले महीने हुए सफल प्रदर्शन के बाद यह धीरे-धीरे युवा आंदोलन और दबाव समूह के रूप में उभरा। संगठन का दावा है कि उसके आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

 

नए पदाधिकारियों की घोषणा ऐसे समय हुई है, जब CJP ने केंद्र सरकार पर 25 जुलाई को किए गए कथित वादों और प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करने का आरोप लगाते हुए एक बार फिर आंदोलन का ऐलान किया है।

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5 सितंबर को दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च का ऐलान

 

CJP ने सोमवार को देशभर में विरोध प्रदर्शन करने और 5 सितंबर को दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की घोषणा की थी। संगठन का आरोप है कि केंद्र सरकार ने 25 जुलाई को किए गए आश्वासनों को पूरा नहीं किया है। CJP के मुताबिक, 25 जुलाई को सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों के बाद संगठन ने अच्छे विश्वास में अपना राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन वापस लिया था। हालांकि, अब संगठन का आरोप है कि सरकार अपनी प्रतिबद्धताओं पर खरी नहीं उतरी।

 

संगठन ने बताया कि 5 सितंबर को होने वाला मार्च इंडिया गेट से शुरू होकर दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक जाएगा। मार्च का नेतृत्व कथित तौर पर मृत NEET अभ्यर्थियों के परिवार और पुलिस कार्रवाई से प्रभावित लोगों के परिवार करेंगे। CJP ने दावा किया कि देशभर से छात्र, युवा संगठन और युवा नागरिक इस शांतिपूर्ण मार्च में शामिल हो सकते हैं।

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FIR वापस लेने के वादे को लेकर सरकार पर आरोप

 

CJP लंबे समय से केंद्र सरकार पर अपने वादों से पीछे हटने का आरोप लगाती रही है। संगठन का मुख्य आरोप प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने और प्रदर्शनकारियों को दंडात्मक कानूनी कार्रवाई से सुरक्षा देने के कथित आश्वासन से जुड़ा है। इस महीने की शुरुआत में CJP ने सुप्रीम कोर्ट का रुख भी किया था। संगठन ने केंद्र की मोदी सरकार पर छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को खत्म करने की प्रक्रिया में कथित तौर पर अड़चन डालने का आरोप लगाया था।

 

संगठन ने चेतावनी दी थी कि यदि 25 जुलाई को किए गए कथित वादों पर ठोस प्रगति नहीं हुई तो देशभर में आंदोलन दोबारा शुरू किया जा सकता है। CJP ने सोमवार को अपने बयान में कहा कि सरकार किसी पूरी पीढ़ी का भरोसा लेकर युवाओं को घर भेजने के बाद अपने ही वादे से पीछे नहीं हट सकती। संगठन ने इसे “विश्वासघात” करार देते हुए कहा कि वह इसे स्वीकार नहीं करेगा।

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आगे क्या?

नए पदाधिकारियों की नियुक्ति और 5 सितंबर के प्रस्तावित मार्च के ऐलान से CJP ने अपने संगठनात्मक विस्तार के साथ-साथ सरकार पर दबाव बढ़ाने की रणनीति भी स्पष्ट कर दी है। अब नजर इस बात पर होगी कि केंद्र सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और 5 सितंबर को प्रस्तावित मार्च में कितनी भागीदारी होती है।

यूपी में लड़कियों को स्कूल में हिजाब पहनकर आने की अनुमति नहीं; इलाहाबाद HC ने खारिज की मुस्लिम छात्रा की याचिका

Hijab in Islam: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्कूल में स्कार्फ या हिजाब पहनने की अनुमति देने का स्कूल अधिकारियों को निर्देश जारी करने के अनुरोध वाली याचिका खारिज कर दी है। प्रयागराज के अतरसुइया थाना अंतर्गत टैगोर पब्लिक स्कूल की छात्रा सुकैना रिजवी ने अपनी मां के जरिए यह याचिका दायर की थी। रिजवी ने इस स्कूल से 10वीं की परीक्षा पास की है। वह इसी स्कूल में 11वीं कक्षा में एडमिशन ले रही है। अदालत ने कहा कि दूसरी हाई कोर्ट्स की भी यही राय रही है कि हिजाब पहनना इस्लामिक आस्था का अनिवार्य हिस्सा नहीं है।

जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ल की पीठ ने कहा, “हमने याचिकाकर्ता से जुड़ी विभिन्न कक्षाओं की तस्वीरें देखी हैं और केवल उसे छोड़कर किसी भी छात्रा ने हिजाब नहीं पहना है। यहां तक कि जिस धार्मिक समुदाय से वह आती है, उस समुदाय की छात्राओं ने भी हिजाब नहीं पहना है।”

अदालत ने कहा, “जब कभी भी यह मुद्दा उठा है, उच्च न्यायालयों का एकमत रहा है कि हिजाब पहनना इस्लामिक आस्था का आवश्यक हिस्सा नहीं है। एक महिला के हिजाब नहीं पहनने से आस्था खतरे में नहीं पड़ जाएगी।” हाई कोर्ट ने 21 अगस्त को दिए अपने फैसले में कहा, “यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि याचिका में यह दावा कि हिजाब पहनना एक जरूरी धार्मिक प्रथा है, केवल एक दावा भर है।”

स्टूडेंट ने स्कूल प्रशासन से यूनिफॉर्म के अलावा सिर पर स्कार्फ पहनने की इजाजत देने की मांग की थी। याचिका में कहा गया था कि सिर पर स्कार्फ पहनना इस्लामिक परंपरा का एक जरूरी हिस्सा है। छात्रा उसी स्कूल में छठी कक्षा से ही इसे पहनती आ रही हैं।

‘हेडस्कार्फ पहनना इस्लाम की जरूरी प्रथा नहीं’

हाई कोर्ट ने इस दलील को भी खारिज कर दिया कि हेडस्कार्फ पहनना इस्लाम की एक जरूरी प्रथा है। कोर्ट ने आगे कहा, “जहां भी यह मुद्दा उठा है, हाई कोर्ट्स की राय एक रही है कि महिलाओं के लिए हेडस्कार्फ पहनना इस्लामी आस्था का कोई जरूरी हिस्सा नहीं है, जिसके बिना आस्था खतरे में पड़ जाएगी।” अपने फैसले में कोर्ट ने यह भी कहा, “यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि रिट याचिका में यह दावा कि हेडस्कार्फ पहनना एक जरूरी धार्मिक प्रथा है, महज एक दावा भर है।”

कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि जब तक किसी स्कूल का यूनिफॉर्म कोड निष्पक्ष और बिना भेदभाव का है। उसे संस्थान में अनुशासन और समानता बनाए रखने के लिए लागू किया गया है, तब तक संस्थान को अपने आंतरिक अनुशासन और ड्रेस कोड को लागू करने की पूरी आजादी है।

हाई कोर्ट ने कहा कि किसी भी बिना सरकारी मदद वाले प्राइवेट शिक्षण संस्थान को अपने परिसर में एक जैसा ड्रेस कोड लागू करने का पूरा अधिकार है। कोर्ट ने माना कि तय स्कूल यूनिफॉर्म का पालन करना जरूरी है। साथ ही व्यक्तिगत आधार पर उसमें हेडस्कार्फ जोड़ने की अनुमति मांगने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।

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कोर्ट ने साफ किया कि अगर यूनिफॉर्म सभी छात्रों पर समान रूप से लागू होती है। व्यक्तिगत छात्रों को अपनी पसंद के आधार पर तय यूनिफ़ॉर्म में बदलाव करने या उसे न पहनने की अनुमति देने से यूनिफॉर्म का मूल मकसद ही खत्म हो जाएगा। इससे स्कूल के अनुशासन को तय करने का अधिकार संस्थान के हाथ से निकलकर व्यक्तिगत छात्रों के हाथ में चला जाएगा।