CJP ने संगठन में किए बड़े बदलाव, नए पदाधिकारियों का ऐलान, पार्टी ने बताया अब आगे का क्या है प्लान

CJP ने संगठन में किए बड़े बदलाव, नए पदाधिकारियों का ऐलान, पार्टी ने बताया अब आगे का क्या है प्लान

Abhijeet Dipke Cockroach Janta Party

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मंगलवार को अपने संगठन में नए पदाधिकारियों और जोनल कोऑर्डिनेशन कमेटियों के सदस्यों की घोषणा की। यह फैसला संगठन की 14 सदस्यीय नेशनल वर्किंग कमेटी के गठन के कुछ सप्ताह बाद लिया गया है। पार्टी ने अपने संस्थापक अभिजीत दिपके को राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया है। वहीं मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और प्रवक्ता आशुतोष रांका को सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।

 

CJP ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर नए संगठनात्मक पदाधिकारियों की घोषणा करते हुए कहा कि वह देशभर में संगठन को और मजबूत तथा सक्रिय बनाने की दिशा में काम करना चाहती है। संगठन ने इसके साथ ही पांच संगठन संयुक्त सचिवों और दो राष्ट्रीय प्रवक्ताओं के नामों का भी ऐलान किया है।

ALSO READ: Bajaj Pulsar 125 और Pulsar 150 का नया अवतार लॉन्च, ₹92,990 से शुरू कीमत, मिलेंगे Ride Modes, TFT डिस्प्ले और Google Maps

व्यंग्यात्मक संगठन से युवा आंदोलन तक पहुंचा CJP

 

कॉकroach जनता पार्टी की शुरुआत एक व्यंग्यात्मक संगठन के तौर पर हुई थी, लेकिन पिछले महीने हुए सफल प्रदर्शन के बाद यह धीरे-धीरे युवा आंदोलन और दबाव समूह के रूप में उभरा। संगठन का दावा है कि उसके आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

 

नए पदाधिकारियों की घोषणा ऐसे समय हुई है, जब CJP ने केंद्र सरकार पर 25 जुलाई को किए गए कथित वादों और प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करने का आरोप लगाते हुए एक बार फिर आंदोलन का ऐलान किया है।

ALSO READ: अयोध्या में चंपत राय के विरोध में संतों की बैठक पर पुलिस की रोक, संतों ने लगाया गंभीर आरोप

5 सितंबर को दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च का ऐलान

 

CJP ने सोमवार को देशभर में विरोध प्रदर्शन करने और 5 सितंबर को दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की घोषणा की थी। संगठन का आरोप है कि केंद्र सरकार ने 25 जुलाई को किए गए आश्वासनों को पूरा नहीं किया है। CJP के मुताबिक, 25 जुलाई को सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों के बाद संगठन ने अच्छे विश्वास में अपना राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन वापस लिया था। हालांकि, अब संगठन का आरोप है कि सरकार अपनी प्रतिबद्धताओं पर खरी नहीं उतरी।

 

संगठन ने बताया कि 5 सितंबर को होने वाला मार्च इंडिया गेट से शुरू होकर दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक जाएगा। मार्च का नेतृत्व कथित तौर पर मृत NEET अभ्यर्थियों के परिवार और पुलिस कार्रवाई से प्रभावित लोगों के परिवार करेंगे। CJP ने दावा किया कि देशभर से छात्र, युवा संगठन और युवा नागरिक इस शांतिपूर्ण मार्च में शामिल हो सकते हैं।

ALSO READ: इंदौर क्‍यों सूखा, बचे मानसून में भी बारिश की नहीं उम्‍मीद, कमजोर सिस्‍टम ने बिगाड़ा खेल, क्‍या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक?

FIR वापस लेने के वादे को लेकर सरकार पर आरोप

 

CJP लंबे समय से केंद्र सरकार पर अपने वादों से पीछे हटने का आरोप लगाती रही है। संगठन का मुख्य आरोप प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने और प्रदर्शनकारियों को दंडात्मक कानूनी कार्रवाई से सुरक्षा देने के कथित आश्वासन से जुड़ा है। इस महीने की शुरुआत में CJP ने सुप्रीम कोर्ट का रुख भी किया था। संगठन ने केंद्र की मोदी सरकार पर छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को खत्म करने की प्रक्रिया में कथित तौर पर अड़चन डालने का आरोप लगाया था।

 

संगठन ने चेतावनी दी थी कि यदि 25 जुलाई को किए गए कथित वादों पर ठोस प्रगति नहीं हुई तो देशभर में आंदोलन दोबारा शुरू किया जा सकता है। CJP ने सोमवार को अपने बयान में कहा कि सरकार किसी पूरी पीढ़ी का भरोसा लेकर युवाओं को घर भेजने के बाद अपने ही वादे से पीछे नहीं हट सकती। संगठन ने इसे “विश्वासघात” करार देते हुए कहा कि वह इसे स्वीकार नहीं करेगा।

ALSO READ: यूपी के 558 मदरसा प्रबंधक एंटी करप्शन के रडार पर, फर्जी नियुक्ति से चंदे तक, 333 पन्नों में खुला पूरा कच्चा चिट्ठा

आगे क्या?

नए पदाधिकारियों की नियुक्ति और 5 सितंबर के प्रस्तावित मार्च के ऐलान से CJP ने अपने संगठनात्मक विस्तार के साथ-साथ सरकार पर दबाव बढ़ाने की रणनीति भी स्पष्ट कर दी है। अब नजर इस बात पर होगी कि केंद्र सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और 5 सितंबर को प्रस्तावित मार्च में कितनी भागीदारी होती है।