Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर दे रहे कंसोलीडेशन जारी रहने के संकेत, 24500-24700 का दायरा टूटने पर ही आएगी तेजी

Trade setup for today : निफ्टी कल लगातार चौथे सेशन में एक दायरे में ट्रेड करता रहा। 10 अगस्त को यह 0.05 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। चूंकि इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है,इसलिए इसका ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर कंसोलिडेशन फेज के जारी रहने का संकेत दे रहे हैं। जब तक कि इंडेक्स पिछले बुधवार के 24,500-24,700 के दायरे को किसी भी तरफ मजबूती से तोड़ नहीं देगा, बाजार इसी दायरे में ही रहेगा।

इस रेंज से ऊपर जाने पर निफ्टी 24,800-25,000 तक जा सकता है,जबकि इससे नीचे गिरने पर 24,400-24,300 के लेवल देखने को मिल सकते हैं। बाजार की नजर मिडिल ईस्ट में हो रही हलचल और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर भी रहनी चाहिए।

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर का कहना है कि निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24,450–24,400 के जेन में है। इसके बाद अगला बड़ा सपोर्ट एरिया 24,300–24,250 के आसपास दिख रहा है। जब तक निफ्टी अपने इमीडिएट सपोर्ट जोन के ऊपर बना रहेगा तब तक मार्केट का स्ट्रक्चर पॉजिटिव रहेगा। हालांकि ट्रेडर्स को उतार-चढ़ाव और चुनिंदा शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।

ऊपर की तरफ निफ्टी के लिए 24,650–24,700 का जोन इमीडिएट रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। उसके बाद 24,800–25,000 पर अगला रेजिस्टेंस होगा। 24,700 के ऊपर टिके रहने से मोमेंटम और मजबूत हो सकता है। दूसरी ओर,24400 के नीचे जाने से शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो सकती है और बड़े सपोर्ट जोन पर दबाव बन सकता है।

निफ्टी बैंक आउटलुक

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि पिछले चार ट्रेडिंग सेशन से बैंक निफ्टी एक ही दायरे में बना हुआ है। यह 621 अंकों के छोटे दायरे में ऊपर-नीचे हो रहा है और कई ऐसी कैंडलस्टिक बना रहा है जिनसे किसी साफ दिशा का पता नहीं चलता। इसके अलावा,मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर भी ज्यादातर न्यूट्रल हैं,जिससे संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में भी यह इसी दायरे में ट्रेड करता रहेगा।

टेक्निकल नज़रिए से देखें तो 58,000-58,100 का जोन बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर यह 58,100 के ऊपर निकलता है,तो तेजी का दौर फिर से शुरू होने का संकेत मिलेगा और शॉर्ट टर्म में 58,600 और उसके बाद 59,200 तक की नई रैली की गुंजाइश बन सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि 50-डे EMA अभी 57,100-57,000 के आस-पास है और इससे मज़बूत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। जब तक इंडेक्स इस सपोर्ट बैंड के ऊपर बना रहता है,तब तक जारी कंसोलिडेशन के बावजूद तेजी का बड़ा ट्रेंड बरकरार रहने की संभावना है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,530, 24,504 और 24,462

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,614, 24,640 और 24,682

निफ्टी 50 ने डेली चार्ट पर डोजी कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया है,जो तेजड़ियों और मंदड़ियों के बीच अनिश्चितता को दिखाता है। असल में,इंडेक्स ने पिछले चार सेशन में 24,500-24,700 के दायरे में अनिश्चितता दिखाने वाली कैंडल बनाई हैं, लेकिन इस प्राइस एक्शन का असर सीमित है क्योंकि यह एक रेंज-बाउंड मूवमेंट में हुआ है। मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर मज़बूत बना हुआ है। निफ्टी सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर है। साथ ही हाल की तेजी के 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल और डाउनवर्ड स्लोपिंग ट्रेंडलाइन के भी ऊपर बना हुआ है। वहीं,मोमेंटम इंडिकेटर अभी भी कंसोलिडेशन का संकेत दे रहे हैं। इससे पता चलता है कि नियर टर्म में किसी खास दिशा में मज़बूत मोमेंटम की कमी है।

बैंक निफ्टी (57,687) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वाइंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,930, 58,045 और 58,232

पिवट प्वाइंट के आधार पर सपोर्ट: 57,557, 57,442 और 57,255

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,247, 61,787

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,305, 56,441

डेली चार्ट पर बैंक निफ्टी ने ऊपर और नीचे शैडो वाली एक छोटी बेयरिश कैंडल बनाई है। यह उतार-चढ़ाव के बीच मामूली करेक्शन का संकेत है। कुल मिलाकर,इंडेक्स लगातार चौथे सेशन में पिछले मंगलवार की रेंज के अंदर ही ट्रेड कर रहा है। इसलिए,इस पैटर्न का असर सीमित है। कीमतों में उतार-चढ़ाव न होने के बावजूद,इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो दिखाता है कि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। इसके अलावा,मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर भी ज्यादातर न्यूट्रल हैं,जिससे संकेत मिलता है कि नियर टर्म में एक सीमित दायरे में ही ट्रेडिंग जारी रहने की संभावना है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार,10 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs/FPIs) ने ₹1,974.76 करोड़ के शेयर खरीदे और वे भारतीय इक्विटी के नेट बॉयर बन गए,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹1,290.29 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर रहे।

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में 0.72% की बढ़त हुई और यह 12.24 पर पहुंच गया,लेकिन यह अभी भी चिंताजनक स्तर से काफी नीचे है। जब तक यह 14-15 के दायरे से नीचे बना रहता है,तब तक बाजार में बड़ी अनिश्चितता की संभावना कम है और तेजड़ियों के लिए राहत रहेगी।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 10 अगस्त को बढ़कर 0.99 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.89 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: SAIL

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया और लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

 

 

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वर्ल्ड कप 2027 के फॉर्मेट से नाराज स्कॉटलैंड और नीदरलैंड बोर्ड, आईसीसी के फैसले उठाए सवाल

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के क्वालिफिकेशन के फॉर्मेट अचानक बदलाव कर दिया है। क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन (KNCB) ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट को लेकर नाराजगी जताई है। दोनों बोर्ड ने कहा कि टूर्नामेंट शुरू होने में अब 18 महीने से भी कम समय बचे हैं, ऐसे में फॉर्मेट में बदलाव करना उचित नहीं है। वनडे वर्ल्ड कप 2027 टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक दक्षिण अफ्रीका , जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा।

वनडे वर्ल्ड कप 2027 में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी, वहीं 12वें, 13वें और 14वें नंबर की टीमों को पहले क्वालिफाइंग मुकाबले खेलने होंगे। इन तीन टीमों में से सिर्फ एक टीम मुख्य टूर्नामेंट में पहुंच पाएगी। इसके बाद 12 टीमों को दो ग्रुप में बांटा जाएगा, जिसमें हर ग्रुप में 6-6 टीमें होंगी। ये टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक दक्षिण अफ्रीका , जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा। क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन ने सोमवार को साझा बयान जारी कर वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में किए गए बदलाव पर आपत्ति जताई।

फॉर्मेट को लेकर जताई नाराजगी

दोनों बोर्ड ने संयुक्त बयान में कहा, “क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के हाल के फैसले से बहुत निराश हैं। ICC ने 50 ओवर वर्ल्ड कप के क्वालिफिकेशन सिस्टम और टूर्नामेंट के फॉर्मेट में बड़े बदलाव किए हैं, जबकि टूर्नामेंट शुरू होने में 18 महीने से भी कम समय बचा है।” बोर्ड ने आगे कहा, “ये बदलाव एसोसिएट मेंबर क्रिकेट के लिए बड़ा झटका हैं और पिछले कुछ सालों में दुनिया भर में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए हुई प्रगति को नुकसान पहुंचा सकते हैं।”

किस प्रक्रिया के तहत हुआ बदलाव

बयान में आगे कहा गया, “जब क्रिकेट अपनी पहुंच बढ़ाने, नए दर्शकों को जोड़ने और अंतरराष्ट्रीय खेलों में अपनी जगह मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, तब उभरती हुई टीमों के लिए मौके कम करना बिल्कुल सही संदेश नहीं देता।” CS और KNCB ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात पर चिंता है कि वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में बदलाव किस प्रक्रिया के तहत किए गए हैं। उन्होंने कहा, “क्रिकेट स्कॉटलैंड और KNCB क्रिकेट को दुनिया भर में मजबूत बनाने के लिए ICC और दूसरे सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि, हमें इन बदलावों के असर के साथ-साथ इन्हें लागू करने के तरीके को लेकर भी गंभीर चिंता है।”

मिलना चाहिए पर्याप्त समय

CS और KNCB ने कहा कि एसोसिएट मेंबर्स को इन बदलावों को समझने और उनकी तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए था। दोनों बोर्ड ने पूरी प्रक्रिया को लेकर ज्यादा स्पष्टता की मांग की है। उन्होंने कहा, “बदलावों की घोषणा के बाद क्रिकेट स्कॉटलैंड, KNCB और दूसरे एसोसिएट मेंबर्स ने ICC से दो बार मुलाकात की। इन बैठकों में बदलावों को लेकर लिखित जानकारी और पूरी प्रक्रिया के बारे में ज्यादा स्पष्टता मांगी गई।”

ICC को देना होगा जवाब

बयान में आगे कहा गया, “हमने भविष्य में फैसले लेने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए पॉजिटिव कदम उठाने और फुल मेंबर्स के साथ अलग-अलग प्लानिंग मीटिंग करने का भी अनुरोध किया। दो हफ्ते से ज्यादा समय पहले हुई दूसरी बैठक के बाद से ICC की ओर से कोई और जवाब नहीं मिला है। उठाए गए मुद्दों की गंभीरता को देखते हुए यह स्थिति निराशाजनक है।”

ICC से की अपील

बोर्ड ने कहा कि ICC को एसोसिएट देशों के साथ फिर से बातचीत करनी चाहिए और उनकी चिंताओं और मांगों को गंभीरता से समझना चाहिए। बयान में आगे कहा गया, “हम ICC से अपील करते हैं कि वह एसोसिएट मेंबर्स और उनकी मांगों पर फिर से ध्यान दे। साथ ही, सभी सदस्य देशों के साथ खुलकर चर्चा करे, ताकि यह तय किया जा सके कि लंबे समय में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के हितों को सबसे बेहतर तरीके से कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है।”

9 में से भारतीय टीम को कितने टेस्ट जीतने होंगे WTC Final में पहुंचने के लिए

Young Test Team

मौजूदा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र में अभी भी 27 में से 15 सीरीज़ खेली जानी बाक़ी हैं। ऐसे में अगले कुछ महीनों में टेस्ट क्रिकेट केंद्र में रहेगा, क्योंकि टीमें 9 से 13 जून 2027 तक द ओवल में होने वाले फ़ाइनल में जगह बनाने की होड़ में जुटी होंगी।

पिछले दो डब्ल्यूटीसी चक्रों में चार फ़ाइनलिस्ट टीमों में से तीन ने 65 प्रतिशत से अधिक अंक प्रतिशत के साथ फ़ाइनल में जगह बनाई थी। एकमात्र अपवाद भारत था, जिसने 2023 में 58.8 फीसदी अंक प्रतिशत के साथ फ़ाइनल खेला था। 2025 में दोनों फ़ाइनलिस्ट टीमों के पास 67 से अधिक अंक प्रतिशत था।

भारत की स्थिति पर एक नजर:

टेस्ट 9
जीत 4
हार 4
ड्रॉ 1
अंक प्रतिशत 48.15

आगामी सीरीज़:

श्रीलंका (विदेशी धरती पर) 2 टेस्ट
न्यूज़ीलैंड (विदेशी धरती पर) 2 टेस्ट
ऑस्ट्रेलिया (घरेलू धरती पर) 5 टेस्ट

पिछले साल दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ घरेलू मैदान पर मिली 2-0 की हार ने भारत को मुश्किल स्थिति में डाल दिया है।60 अंक प्रतिशत तक पहुंचने के लिए भारत को बाक़ी नौ टेस्ट में 78 और अंक चाहिए। इसका मतलब है छह जीत और दो ड्रॉ (80 अंक) या सात जीत (84 अंक)। इनमें से पांच टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ होंगे, जिसके विरुद्ध भारत ने 2008 से अब तक घरेलू मैदान पर पिछली पांच सीरीज़ में 12-2 का रिकॉर्ड बनाया है।

हालांकि हालिया घरेलू प्रदर्शन चिंताजनक रहा है। भारत को न्यूज़ीलैंड और दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ क्रमशः 3-0 और 2-0 से सीरीज़ गंवानी पड़ी थी। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध बेहतर प्रदर्शन अनिवार्य होगा।

पिछले WTC चक्र में फ़ाइनलिस्ट टीमों का अंक प्रतिशत 69.44 (दक्षिण अफ़्रीका) और 67.54 (ऑस्ट्रेलिया) था। सात जीत और दो हार भारत को 62.96 प्रतिशत तक ले जाएंगी, जबकि आठ जीत और एक हार के साथ वह 68.52 प्रतिशत पर पहुंचेगा।यानी भारत के पास अब ग़लती की बहुत कम गुंजाइश बची है।

त्रिकोणीय मुकाबले ने भारत को डाला मुश्किल में

न्यूजीलैंड अगर इंग्लैंड से 2-1 या 3-0 से टेस्ट सीरीज हार जाती तो भारत के फायदे की बात होती लेकिन न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 2-1 से सीरीज हराकर भारत की स्थिति थोड़ी और मुश्किल कर दी है। फिलहाल मुकाबला 3 टीमों ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच लग रहा है। भारत के लिए 9 में से जो 2 सबसे ज्यादा मुश्किल मुकाबले हैं वह न्यूजीलैंड के खिलाफ ही देखने को मिलेंगे। अन्य 7 में शायद भारत को उतनी मुश्किल ना हो क्योंकि श्रीलंका से भारत अभ्यास मैच जीता है और ऑस्ट्रेलिया भारतीय धरती पर बोर्डर गावस्कर ट्रॉफी खेलेगी।

ट्रेन टिकट बुकिंग में होने वाला है ऐतिहासिक बदलाव! अब चंद सेकंड में यात्रियों को मिलेगा टिकट, रेलवे का नया PRS सिस्टम मचाएगा तहलका

Indian Railways Reservation System: इंडियन रेलवे ट्रेन टिकट बुकिंग को आधुनिक बनाने और यात्रियों के लिए रिजर्वेशन को तेज एवं सुविधाजनक बनाने के लिए एक नया पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) शुरू करने जा रहा है। सेंटर फॉर रेलवे इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS) द्वारा विकसित PRS लगभग चार दशकों से रेलवे रिजर्वेशन की रीढ़ रहा है। 1986 में शुरू किए गए इस सिस्टम ने पुराने मैनुअल रिजर्वेशन सिस्टम की जगह ली थी।

तब से यह ऑनलाइन और मोबाइल टिकट बुकिंग को सपोर्ट करने के लिए विकसित हुआ है। मई में राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर ने घोषणा की थी कि 40 साल पुराने PRS (Passenger Reservation System) सिस्टम को अगस्त से शुरू करके चरणों में अपग्रेड किया जाएगा।

यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

नए सिस्टम के लागू होने के बाद टिकट बुकिंग, सीट उपलब्धता, वेटिंग लिस्ट, RAC और यात्रियों की पूछताछ से जुड़ी सेवाओं में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल सकता है। सबसे खास बात यह है कि नया PRS मौजूदा सिस्टम की तुलना में कई गुना ज्यादा टिकट बुकिंग का दबाव संभाल सकेगा। रेलवे के मुताबिक, नया सिस्टम एक मिनट में 1.5 लाख से ज्यादा टिकट बुकिंग संभालने में सक्षम होगा।

जबकि मौजूदा सिस्टम की क्षमता करीब 32,000 टिकट प्रति मिनट बताई गई है। इसी सिस्टम के जरिए टिकट बुकिंग, टिकट कैंसिलेशन, सीट अलॉटमेंट, वेटिंग लिस्ट, RAC, रिजर्वेशन चार्ट और यात्रियों की पूछताछ जैसी कई महत्वपूर्ण सेवाएं संचालित होती हैं। अब रेलवे इस पुराने सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से नई तकनीक वाले PRS से बदलने की तैयारी कर रहा है।

भारी ट्रैफिक को संभालने की क्षमता

तत्काल टिकट के समय IRCTC वेबसाइट पर अचानक बढ़ने वाले भारी ट्रैफिक को संभालने में नया सिस्टम पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा सक्षम हो सकता है। Indianexpress.com से बात करते हुए रेलवे बोर्ड के पब्लिक रिलेशंस (PR) के एडिशनल डायरेक्टर जनरल धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि नए सिस्टम में चरणबद्ध तरीके से बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि हाल ही में लॉन्च की गई IRCTC बीटा वेबसाइट इसी बदलाव का हिस्सा है।

अधिकारी ने कहा कि यह बदलाव धीरे-धीरे किया जाएगा। पुराने PRS को पूरी तरह से बदलने से पहले नए सिस्टम का अलग-अलग यूजर लोड स्तरों पर चरणों में टेस्ट किया जाएगा। अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “नए यूजर-फ्रेंडली लुक और फील को चरण-दर-चरण लागू करने में लोड-आधारित टे्ट शामिल होगा, क्योंकि हम पुराने PRS से नए PRS की ओर बढ़ रहे हैं।”

भारतीय रेलवे में अभी पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम क्या है?

PRS एक कंप्यूटराइज्ड सिस्टम है जिसका उपयोग भारतीय रेलवे रिजर्व-टिकटों के मैनेज के लिए करता है। यह यात्रियों को टिकट बुक करने, बदलने और रद्द करने की सुविधा देता है। साथ ही सीट आवंटन, वेटलिस्ट, RAC स्टेटस, रिजर्वेशन चार्ट और यात्री पूछताछ को भी संभालता है। यह सिस्टम रेलवे रिजर्वेशन सेंटरों को ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ता है। इससे टिकट रिजर्वेशन की प्रक्रिया आसान और अधिक कुशल हो जाती है।

PRS ने रेलवे टिकट बुकिंग को कैसे बदला?

PRS ने मैनुअल रिजर्वेशन रजिस्टर और काउंटर-आधारित बुकिंग की जगह एक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम ले लिया। जैसे-जैसे रेलवे नेटवर्क का विस्तार हुआ। यह एक राष्ट्रव्यापी रिजर्वेशन प्लेटफॉर्म बन गया। इससे यात्री कंट्री-वाइड नेटवर्क फॉर कंप्यूटराइज्ड एन्हांस्ड रिजर्वेशन एंड टिकटिंग (CONCERT) के माध्यम से देश भर में अलग-अलग जगहों से ट्रेन टिकट बुक कर सकते हैं।

फिलहाल यात्री रेलवे रिजर्वेशन काउंटर, वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से रिजर्वेशन कर सकते हैं। ऑनलाइन बुकिंग इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) की वेबसाइट और मोबाइल ऐप के साथ-साथ RailOne ऐप के माध्यम से भी उपलब्ध है। इससे यात्री कहीं से भी टिकट बुक कर सकते हैं।

अगस्त से शुरू हुआ बदलाव, धीरे-धीरे होगा पूरा माइग्रेशन

रेलवे ने मई में घोषणा की थी कि करीब चार दशक पुराने PRS को चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड किया जाएगा। इसका काम अगस्त से शुरू किया जाएगा। धर्मेंद्र तिवारी के मुताबिक, नए सिस्टम की ओर माइग्रेशन शुरू हो चुका है। रेलवे इसे एक साथ पूरी तरह बदलने के बजाय धीरे-धीरे और अलग-अलग चरणों में लागू कर रहा है।

पहले नए सिस्टम को अलग-अलग स्तर के यूजर लोड पर टेस्ट किया जाएगा। इसके बाद जैसे-जैसे सिस्टम स्थिर और सक्षम साबित होगा। फिर पुराने PRS से नए PRS की ओर माइग्रेशन बढ़ाया जाएगा। रेलवे के मुताबिक, नए सिस्टम के यूजर इंटरफेस और सुविधाओं को भी धीरे-धीरे बेहतर बनाया जा रहा है।

तत्काल टिकट वालों को मिल सकता है सबसे बड़ा फायदा

ट्रेन यात्रियों के लिए सबसे बड़ी चिंता अक्सर तत्काल टिकट बुकिंग को लेकर होती है। टिकट विंडो खुलते ही लाखों लोग एक साथ बुकिंग की कोशिश करते हैं। भारी ट्रैफिक के कारण वेबसाइट या ऐप पर दबाव बढ़ जाता है। IRCTC के अनुसार, 15 जुलाई को बीटा वेबसाइट लॉन्च होने के बाद टिकट बुकिंग की स्पीड में सुधार देखने को मिला।

महीने के पहले और दूसरे पखवाड़े की तुलना में पहले तीन मिनट के अंदर पूरी होने वाली तत्काल टिकट बुकिंग में 5 प्रतशित से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पांच मिनट के भीतर पूरी होने वाली बुकिंग में करीब 3 फीसदी और 30 मिनट के भीतर पूरी होने वाली बुकिंग में 2 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई।

प्रति मिनट 1.5 लाख की होगी बुकिंग

रेल मंत्रालय के अनुसार, अपग्रेड किया गया PRS प्रति मिनट 1.5 लाख से ज्यादा टिकट बुकिंग संभाल सकेगा। जबकि मौजूदा सिस्टम में यह क्षमता लगभग 32,000 टिकट की है। यह प्रति मिनट 40 लाख से ज्यादा पूछताछ को भी प्रोसेस करेगा। जबकि अभी यह संख्या लगभग 4 लाख है। नए सिस्टम में टिकट बुकिंग और पूछताछ के लिए कई भाषाओं वाला और इस्तेमाल में आसान इंटरफेस होगा। इसे रेलवे रिजर्वेशन की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए ज्यादा स्केलेबिलिटी, फ्लेक्सिबिलिटी और भरोसेमंदता देने के लिए भी डिज़ाइन किया गया है।

नए सिस्टम की सबसे बड़ी ताकत इसकी क्षमता होगी

रेल मंत्रालय के अनुसार:-

मौजूदा PRS: करीब 32,000 टिकट प्रति मिनट क्षमता है।

नया PRS: 1.5 लाख से ज्यादा टिकट काटने की प्रति मिनट क्षमता होगी।

मौजूदा पूछताछ क्षमता: करीब 4 लाख प्रति मिनट होगी।

नई पूछताछ क्षमता: 40 लाख से ज्यादा प्रति मिनट होगी।

इसका मतलब है कि नया सिस्टम टिकट बुकिंग के साथ-साथ ट्रेन, सीट और रिजर्वेशन से जुड़ी बड़ी संख्या में यात्रियों की पूछताछ भी एक साथ संभाल सकेगा।

देशभर में ऑनलाइन टिकट बुकिंग का दबाव कितना बढ़ गया है?

रेलवे के आंकड़े बताते हैं कि जून 2025 से जून 2026 के बीच PRS के जरिए 65.08 करोड़ आरक्षित टिकट बुक किए गए। इनमें से 57.90 करोड़ टिकट ऑनलाइन बुक हुए। यानी करीब 89 फीसदी आरक्षित टिकट ऑनलाइन माध्यम से बुक किए गए। इससे साफ है कि रेलवे की टिकट बुकिंग व्यवस्था अब तेजी से डिजिटल हो चुकी है। ऐसे में पुराने सिस्टम की क्षमता बढ़ाना रेलवे के लिए बेहद जरूरी हो गया है।

नई व्यवस्था में मिलेगा ज्यादा आसान और मल्टी-लैंग्वेज इंटरफेस

नए PRS में यात्रियों के लिए ज्यादा यूजर-फ्रेंडली और मल्टीलिंगुअल इंटरफेस देने की तैयारी है। यानी टिकट बुकिंग और पूछताछ को ज्यादा आसान बनाने के साथ-साथ अलग-अलग भाषाओं में सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर रहेगा। नए सिस्टम को ज्यादा स्केलेबल, फ्लेक्सिबल और भरोसेमंद बनाया जा रहा है। ताकि भविष्य में यात्रियों की संख्या और ऑनलाइन ट्रैफिक बढ़ने पर भी सिस्टम पर अचानक अत्यधिक दबाव न पड़े।

सिर्फ PRS ही नहीं, रेलवे का पूरा डिजिटल नेटवर्क हो रहा आधुनिक

CRIS ने यात्रियों की अलग-अलग जरूरतों के लिए कई डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं। इनमें UTS, NTES, IRCTC Rail Connect, RailOne, RailMadad, CoachMitra, Rail Sugam और Rail Rajbhasha शामिल हैं। इन प्लेटफॉर्म के जरिए यात्रियों को टिकट बुकिंग, ट्रेन की जानकारी, शिकायत दर्ज कराने और रेलवे से जुड़ी कई अन्य रेलवे से जुड़ी सर्विस मिलती हैं। नए PRS और इन डिजिटल प्लेटफॉर्म के बीच बेहतर टेक्नोलॉजी के तालमेल से रेलवे की ऑनलाइन सेवाओं को और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।

40 साल पुराने सिस्टम से Next-Generation PRS तक

भारतीय रेलवे का PRS चार दशक पहले मैनुअल रिजर्वेशन की जगह इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग व्यवस्था लेकर आया था। अब वही सिस्टम एक और बड़े तकनीकी बदलाव की ओर बढ़ रहा है। अगर चरणबद्ध तरीके से हो रहा यह माइग्रेशन सफल रहता है, तो आने वाले समय में ट्रेन टिकट बुकिंग ज्यादा तेज, ज्यादा स्थिर और ज्यादा डिजिटल हो सकती है। यानी रेलवे के इस बदलाव का असली असर सिर्फ वेबसाइट की स्पीड पर नहीं, बल्कि करोड़ों यात्रियों के रोजमर्रा के टिकट बुकिंग अनुभव पर दिखाई दे सकता है।

रेलवे के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, यात्रियों ने जून 2025 और जून 2026 के बीच PRS के ज़रिए 65.08 करोड़ रिजर्व्ड टिकट बुक किए। इनमें से 57.90 करोड़ टिकट (यानी 89 प्रतिशत) ऑनलाइन बुक किए गए थे। IRCTC ने कहा कि 15 जुलाई को अपनी बीटा वेबसाइट लॉन्च करने के बाद टिकट बुकिंग की स्पीड में सुधार हुआ है।

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महीने के पहले और दूसरे पखवाड़े (15-15 दिन के समय) की तुलना करने पर पहले तीन मिनट के अंदर पूरी होने वाली तत्काल बुकिंग में 5 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। पांच मिनट के अंदर पूरी होने वाली बुकिंग में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। जबकि 30 मिनट के अंदर पूरी होने वाली बुकिंग में 2 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई।

पंजाबी शराब कारोबारी की कनाडा में हत्या:दुकान से वाइन उठाकर भाग रहा था युवक, रोकने पर सीने में मारी गोली

कनाडा के एडमंटन में पंजाबी मूल के शराब कारोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना शहर के सेंट्रल इलाके में 112 एवेन्यू और 82 स्ट्रीट के पास स्थित कनेक्ट लिकर स्टोर में दोपहर करीब 1 बजे हुई। 22 वर्षीय युवक स्टोर में आया और शराब की कुछ बोतलें उठाकर बिना पेमेंट किए जाने लगा। इसके बाद कारोबारी ने उसे रोकने की कोशिश की और स्टोर का दरवाजा बंद कर दिया। इसी दौरान युवक ने उनकी छाती पर गोली चला दी। मृतक की पहचान सुखजीत रंधावा उर्फ सनी (48) के रूप में हुई है। घटना 6 अगस्त की है, जो अब सामने आई। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जो कनाडाई नागरिक बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। शराब की बोतलें उठाकर बिना पेमेंट किए जाने लगा युवक जानकारी के अनुसार, कनाडा के एडमंटन में 22 वर्षीय युवक 6 अगस्त की दोपहर करीब 1 बजे सेंट्रल इलाके में 112 एवेन्यू और 82 स्ट्रीट के पास स्थित कनेक्ट लिकर स्टोर में पहुंचा। उसने शराब की कुछ बोतलें उठाईं और बिना पेमेंट किए दुकान से बाहर जाने लगा। स्टोर में मौजूद 48 वर्षीय सुखजीत रंधावा उर्फ सनी ने उसे रोकने की कोशिश की। युवक ने बोतलों के पैसे नहीं दिए। इसके बाद सनी ने उसे रोकने के लिए स्टोर का दरवाजा बंद कर दिया। दरवाजा बंद करते ही कारोबारी पर चलाई गोली दरवाजा बंद किए जाने के बाद युवक ने सनी की छाती पर गोली चला दी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर एडमंटन पुलिस सर्विस (EPS) की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल सनी को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत को हत्या करार दिया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया मामले की जांच के दौरान एडमंटन पुलिस सर्विस की जांच शाखा ने 22 वर्षीय निकलस बटलर-चोवेस को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ सेकंड-डिग्री मर्डर का केस दर्ज किया है। आरोपी कनाडाई नागरिक है। पुलिस का कहना है कि मामले में किसी अन्य संदिग्ध की तलाश नहीं है। दक्षिण एशियाई समुदाय और दुकानदारों में आक्रोश घटना के बाद दक्षिण एशियाई समुदाय और स्थानीय दुकानदारों में गहरा आक्रोश है। एडमंटन के मेयर अमरजीत सोही और स्थानीय नेताओं ने घटना को गंभीर त्रासदी बताया है। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि शहर में छोटे दुकानदारों की सुरक्षा चिंताजनक होती जा रही है। उनका कहना है कि कारोबारियों और कर्मचारियों को अक्सर आपराधिक तत्वों का सामना करना पड़ता है। व्यवसायी संघ ने की सुरक्षा की मांग सुखजीत रंधावा को याद करते हुए उनके ग्राहकों और दोस्तों ने बंद दुकान के बाहर मोमबत्तियां, फूल और अगरबत्तियां रखकर श्रद्धांजलि दी। लोगों ने बताया कि सुखजीत बेहद मिलनसार और दयालु इंसान थे और हर किसी की मदद के लिए तैयार रहते थे। घटना के बाद स्थानीय व्यवसायी संघ ने प्रशासन से रिटेल स्टोर्स और कर्मचारियों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है। ************ ये खबर भी पढ़ें: कनाडा में पंजाबी युवक को फेंटानिल पिलाकर मारा: कफ सिरप में मिलाया, किसी और को देना था; 5 साल पुराने मामले में खुलासा कनाडा के चेस्टर्मेयर में रहने वाले पंजाबी युवक की मौत मामले में अल्बर्टा पुलिस ने पांच साल लंबी जांच के बाद बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि साहिल की मौत कफ सिरप में जानलेवा दवा फेंटानिल मिलाकर पिलाने से हुई थी। (पढ़ें पूरी खबर)

क्या मौजूदा EMIs से आपको पर्सनल लोन मिलने की संभावना कम हो जाती है?

पर्सनल लोन के लिए आवेदन करते समय आपकी मौजूदा EMIs काफी मायने रखती है, जो आपके फाइनैंशियल प्रोफाइल का सबसे अहम हिस्सा है। इनसे पता चलता है कि आपकी हर महीने की कमाई का कितना हिस्सा पहले से ही लोन चुकाने में जा रहा है, जिससे लोन देने वाले संस्थान यह तय करते हैं कि आप एक नई EMI आसानी से चुका पाएँगे या नहीं। पुरानी EMI का बोझ ज़्यादा होने से आपकी पर्सनल लोन एलिजिबिलिटी कम हो सकती है, मिलने वाले लोन की रकम घट सकती है, या लोन चुकाने की शर्तों पर असर पड़ सकता है।

हालाँकि, पहले से लोन होने का मतलब यह नहीं है कि आपको लोन मिल ही नहीं सकता। लोन लेने वाले संस्थान फैसला लेने से पहले कई बातों पर गौर करते हैं, जिनमें आपकी इनकम, क्रेडिट स्कोर, नौकरी की स्थिरता, लोन चुकाने का पिछला रिकॉर्ड और आपकी बाकी की देनदारियां शामिल हैं।

अगर आप पर्सनल लोन लेने के बारे में सोच रहे हैं, तो यह समझना जरूरी है कि मौजूदा EMI आपकी एलिजिबिलिटी पर कैसे असर डालती हैं, जिससे आपको ज़िम्मेदारी से लोन लेने और आपके लिए सही लोन मिलने की संभावनाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।

मौजूदा EMI आपकी पर्सनल लोन एलिजिबिलिटी पर कैसे असर डालती हैं?

आपकी हर महीने की EMI से आपकी मौजूदा आर्थिक देनदारियों का पता चलता है। जब आप पर्सनल लोन के लिए आवेदन करते हैं, तो लोन देने वाले संस्थान आपकी इनकम के साथ-साथ इन देनदारियों को भी देखते हैं, उसके आधार पर तय करते हैं कि आप एक और लोन आसानी से चुका पाएंगे या नहीं।

वे आमतौर पर नीचे दी गई बातों पर गौर करते हैं:

  • महीने की इनकम
  • महीने का खर्च
  • शहर
  • जन्म तिथि

अगर आपके महीने की इनकम का एक बड़ा हिस्सा मौजूदा EMI चुकाने में खर्च हो जाता है, तो इसकी वजह से लोन चुकाने की आपकी क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में, लोन देने वाले संस्थान आपकी फाइनैंशियल प्रोफाइल के आधार पर आपको कम लोन दे सकते हैं या लोन चुकाने की समय-सीमा बदल सकते हैं।

लोन देने वाले संस्थान मौजूदा EMI पर क्यों गौर करते हैं?

लोन देने वाले संस्थान यह पक्का करना चाहते हैं कि ग्राहक किसी आर्थिक दबाव के बिना आसानी से लोन चुका सकें। मौजूदा EMI से उन्हें आपके मौजूदा लोन की जानकारी मिलती है और वे यह तय कर पाते हैं कि आपके लिए एक और लोन लेना सही रहेगा या नहीं।

लोन चुकाने से जुड़ी अपनी देनदारियों पर अच्छी तरह गौर करने से ज़िम्मेदारी से लोन लेने को बढ़ावा मिलता है और समय पर भुगतान न हो पाने का जोखिम भी कम होता है।

पर्सनल लोन एलिजिबिलिटी कैलकुलेटर कैसे मदद कर सकता है?

पर्सनल लोन एलिजिबिलिटी कैलकुलेटर में दी गई आर्थिक जानकारी के आधार पर आप मिलने वाले लोन की रकम का अंदाजा लगा सकते हैं।

आमतौर पर, इसमें आपको कुछ जानकारी भरनी होती है जैसे कि:

• महीने की इनकम

• मौजूदा EMIs

• रोज़गार का प्रकार

• लोन की पसंदीदा समय-सीमा

यह कैलकुलेटर कुछ ही सेकंड में बता देता है कि आपको कितना लोन मिल सकता है। हालाँकि यह नतीजा सिर्फ़ एक अंदाज़ा होता है, लेकिन लोन के लिए आवेदन करने से पहले पैसों का हिसाब-किताब लगाने में इससे काफी मदद मिलती है।

कौन-सी बातें आपकी पर्सनल लोन एलिजिबिलिटी पर असर डालती हैं?

मौजूदा EMI तो बस मूल्यांकन का एक हिस्सा हैं। लोन देने वाले संस्थान पर्सनल लोन को मंजूरी देने से पहले दूसरी कई बातों पर भी गौर करते हैं।

महीने की इनकम

आम तौर पर, ज़्यादा और स्थिर इनकम से आपकी लोन चुकाने की क्षमता बेहतर होती है, जिससे आपकी एलिजिबिलिटी भी बढ़ सकती है।

क्रेडिट स्कोर

अच्छा क्रेडिट स्कोर लोन के संबंध में आपके ज़िम्मेदारी भरे रवैये को दिखाता है। अगर आप अपने EMI और बिल का समय पर भुगतान करते हैं तो आपको अपने क्रेडिट प्रोफाइल को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

नौकरी में स्थिरता

नौकरीपेशा या अपना रोजगार करने वाले जिन लोगों की इनकम में स्थिरता है और लगातार नौकरी का रिकॉर्ड भी बेहतर है तो ऐसे लोगों को लोन मिलने की संभावना थोड़ी ज्यादा होती है।

लोन की समय-सीमा

लोन चुकाने के लिए लंबी समय-सीमा चुनने से आपकी महीने की EMI कम हो सकती है, हालाँकि इससे पूरे लोन के दौरान कुल मिलाकर ज्यादा ब्याज़ चुकाना पड़ सकता है।

मौजूदा आर्थिक देनदारियाँ

लोन की EMI के अलावा, लोन देने वाले संस्थान आपके लोन चुकाने की क्षमता का अंदाजा लगाते समय आपकी कुल आर्थिक देनदारियों पर भी गौर कर सकते हैं।

क्या आप अपनी पर्सनल लोन एलिजिबिलिटी को बेहतर बना सकते हैं?

भले ही एलिजिबिलिटी कई बातों पर निर्भर करती है, पर लोन के लिए आवेदन करने से पहले आप अपने फाइनैंशियल प्रोफाइल को और बेहतर बना सकते हैं।

आप इन बातों को ध्यान में रख सकते हैं:

•अपने मौजूदा EMIs का समय पर भुगतान करना

• जहां तक हो सके, बकाया लोन कम करना

• थोड़े समय के भीतर बार-बार लोन के लिए आवेदन करने से बचना

• अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाए रखना।

• लोन चुकाने के लिए सही समय-सीमा चुनना

• सिर्फ़ उतनी ही रक़म के लिए आवेदन करना जिसकी आपको असल में ज़रूरत हो

ज़िम्मेदारी से लोन लेने से न सिर्फ़ आपकी एलिजिबिलिटी बेहतर होती है, बल्कि आपको लोन चुकाने में भी आसानी होती है।

पर्सनल लोन फाइनेंसिंग का सुविधाजनक विकल्प क्यों है?

पर्सनल लोन बेहद सुविधाजनक होता है, क्योंकि इसके लिए कोलेटरल की जरूरत नहीं होती और इसका उपयोग पहले से तय या अचानक सामने आने वाले कई तरह के खर्चों के लिए किया जा सकता है।

आप निम्नलिखित कामों के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं:

• मेडिकल इमरजेंसी

• आगे की पढ़ाई

• शादी का खर्च

• घर की मरम्मत

• ट्रैवल का खर्च

बजाज फाइनैंस पर्सनल लोन में 40,000 रुपये से लेकर 55 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है, जिसे चुकाने के लिए 12 महीने से 108 महीने तक की समय-सीमा मिलती है। आपकी एलिजिबिलिटी और क्रेडिट प्रोफ़ाइल के आधार पर ब्याज़ दरें सालाना 10% से 30.5% के बीच हो सकती हैं। इस लोन के लिए किसी कोलेटरल की जरूरत नहीं पड़ती है, तुरंत मंजूरी मिल जाती है, कागजी कार्रवाई कम होती है और लोन की शर्तों को पूरा करने वाले लोगों को 24 घंटे के भीतर पैसे मिल जाते हैं।

बजाज फाइनैंस पर्सनल लोन के लिए कौन-कौन आवेदन कर सकते हैं?

आपकी एलिजिबिलिटी लोन देने वाले संस्थान के नियमों और आपकी आर्थिक स्थिति पर निर्भर करता है। आम तौर पर, लोगों की एलिजिबिलिटी जांचने के लिए इन बातों को देखा जाता है:

 

राष्ट्रीयताभारतीय
उम्र21 साल से 80 साल तक
नौकरीपब्लिक, प्राइवेट या MNC
CIBIL स्कोर650 या उससे ज्यादा
ग्राहक का प्रोफाइलखुद का रोजगार या नौकरीपेशा

लोन की समय-सीमा पूरी होने पर आपकी उम्र 80 साल या उससे कम होनी चाहिए

लोन पाने की शर्तें पूरी करने से लोन मंजूरी मिलने की गारंटी नहीं मिलती, क्योंकि हर आवेदन का अलग-अलग मूल्यांकन किया जाता है।

आमतौर पर किन दस्तावेज़ों की ज़रूरत होती है?

बजाज फाइनैंस पर्सनल लोन के लिए बहुत कम दस्तावेज़ों की ज़रूरत होती है। यहाँ उन दस्तावेज़ों की सूची दी गई है जिनकी आवेदन के समय ज़रूरत होती है:

दस्तावेज़ों की श्रेणीमान्य विकल्प
KYC संबंधी दस्तावेज आधार/पासपोर्ट/मतदाता पहचान पत्र/ड्राइविंग लाइसेंस/ राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर का पत्र/ NREGA जॉब कार्ड
पहचान संबंधी दस्तावेजPAN कार्ड, वास्तविक समय की तस्वीर/फोटो
रोज़गार संबंधी दस्तावेज कर्मचारी पहचान पत्र, नौकरी देने वाली कंपनी द्वारा जारी आवास आवंटन पत्र
इनकम प्रूफ  पिछले 3 महीनों की सैलरी स्लिप, पिछले 3 महीनों का बैंक अकाउंट स्टेटमेंट
अन्य पेंशन ऑर्डर, आवश्यक सेवाओं के बिल, फ़ोन बिल, पाइप्ड गैस बिल, प्रॉपर्टी या नगरपालिका की टैक्स रसीद

लोन चुकाने के विकल्प बेहतर फाइनैंशियल प्लानिंग में कैसे मदद करते हैं?

  • लोन चुकाने की सही समय-सीमा चुनना आपके महीने के बजट को अच्छी तरह संभालने में अहम भूमिका निभाता है।
  • लोन चुकाने की समय सीमा काम हो ने से कुल ब्याज़ तो कम हो सकता है, लेकिन आपकी मासिक EMI बढ़ सकती है। वहीं, लोन चुकाने की लंबी समय-सीमा से आपके महीने की EMI कम हो सकती है, क्योंकि इसमें लोन चुकाने का समय बढ़ जाता है।
  • पर्सनल लोन के लिए आवेदन करने से पहले, अपनी महीने की इनकम, मौजूदा EMI और अपने आर्थिक लक्ष्यों पर जरूर गौर करें ताकि आप अपने बजट के हिसाब से लोन चुकाने का सही विकल्प चुन सकें।
  • ज़िम्मेदारी से लोन लेने से आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलती है।
  • पर्सनल लोन लेने से आपको अपने आर्थिक लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलनी चाहिए, न कि आप पर बेवजह का आर्थिक दबाव पड़ना चाहिए।

लोन लेने से पहले:

• अपनी हर महीने की लोन चुकाने की क्षमता का सही अंदाज़ा लगाएं

• सिर्फ़ उतनी ही रकम लोन लें जितनी आपको ज़रूरत हो

• सभी EMI का भुगतान समय पर करते रहें

• अपनी लोन लेने की क्षमता का अंदाज़ा लगाने के लिए पर्सनल लोन एलिजिबिलिटी कैलकुलेटर का इस्तेमाल करें

• ऑफ़र मान लेने से पहले लोन की शर्तों को ध्यान से पढ़ें

ज़िम्मेदारी से लोन लेने से आपको अपनी आर्थिक ज़िम्मेदारियों को बेहतर ढंग से पूरा करने के साथ-साथ एक अच्छा क्रेडिट प्रोफ़ाइल बनाए रखने में भी मदद मिलती है।

मौजूदा EMIs आपके पर्सनल लोन की एलिजिबिलिटी तय करने में अहम भूमिका निभाती हैं, क्योंकि ये आपकी हर महीने लोन चुकाने की क्षमता पर असर डालती हैं। आपकी इनकम, क्रेडिट प्रोफ़ाइल, नौकरी की स्थिरता और लोन चुकाने के पिछले रिकॉर्ड के साथ-साथ, ये लोन देने वाले संस्थानों को यह समझने में मदद करती हैं कि आप ज़िम्मेदारी से कितना लोन ले सकते हैं। आवेदन करने से पहले पर्सनल लोन एलिजिबिलिटी कैलकुलेटर का इस्तेमाल करने से आपको एक अंदाज़ा मिलता है और आप भरोसे के साथ अपने फ़ाइनेंस की योजना बना पाते हैं।

नियम व शर्तें लागू

इमरान खान के बेटों ने 7 महीने से नहीं देखा अपने पिता को, पाकिस्तान जेल में क्या हुआ पूर्व PM के साथ? अब मिला ये जवाब

पाकिस्तान के जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटों ने एक बार फिर अपने पिता की सेहत को लेकर चिंता जताई है। उनका आरोप है कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने पिछले सात महीनों से परिवार के सदस्यों, वकीलों और डॉक्टरों को उनसे मिलने नहीं दिया है।

बता दें कि इमरान खान की गिरफ्तारी के तीन साल पूरे होने पर CNN से बात करते हुए कासिम खान और सुलेमान ईसा खान ने कहा कि उन्हें अपने पिता की हालत के बारे में कोई भरोसेमंद जानकारी नहीं मिली है, क्योंकि उनसे मिलने-जुलने पर बहुत ज्यादा पाबंदियां लगा दी गई हैं।

दोनों भाइयों ने कहा, “हमें कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है क्योंकि पिछले सात महीनों से उनके परिवार, डॉक्टरों और वकीलों को उनसे मिलने की इजाजत नहीं दी गई है।”

इमरान खान के बेटों का यह बयान ऐसे समय आया है, जब खान की पार्टी ‘पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ’ (PTI) के हजारों समर्थकों ने पूरे पाकिस्तान में प्रदर्शन करके पूर्व प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की रिहाई की मांग की।

इमरान खान, जो 2018 से 2022 में संसद में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटाए जाने तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे, 2023 से जेल में हैं। उन्हें भ्रष्टाचार और सरकारी राज जाहिर करने समेत कई मामलों में दोषी ठहराया गया है।

खान और उनके समर्थकों का हमेशा से यह कहना रहा है कि उन पर चल रहे मामले राजनीतिक मकसद से प्रेरित हैं और इनका मकसद उन्हें दोबारा सत्ता में आने से रोकना है।

वहीं, पद से हटाए जाने के बाद, खान ने देश भर में कई रैलियां कीं। उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार पर आरोप लगाया कि उसने उन्हें पद से हटाने के लिए पाकिस्तान की सेना और अमेरिका के साथ मिलकर काम किया है। हालांकि, पाकिस्तानी सेना और वॉशिंगटन, दोनों ने ही इन आरोपों से इनकार किया है।

बाद में, पाकिस्तानी सरकार ने PTI नेताओं और समर्थकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की और पार्टी को 2024 के आम चुनाव लड़ने से रोक दिया।

बेटों ने कहा- पाकिस्तान जाने की कोशिशें नाकाम रहीं

कासिम और सुलेमान, जो 2004 में इमरान खान और उनकी मां जेमिमा गोल्डस्मिथ के अलग होने के बाद से यूनाइटेड किंगडम में रह रहे हैं, ने कहा कि उन्होंने अपने पिता से मिलने के लिए पाकिस्तान जाने की कई बार कोशिश की।

CNN के मुताबिक, भाइयों का दावा है कि जब भी उन्होंने खान की जेल की सजा के बारे में सार्वजनिक रूप से बात की, तो पाकिस्तानी अधिकारियों ने वीजा में देरी करके और प्रशासनिक अड़चनें पैदा करके उनके लिए वहां जाना और मुश्किल बना दिया।

कासिम ने कहा, “हम कोशिश कर रहे हैं, हम जाना चाहते हैं, लेकिन कुछ हो नहीं पा रहा है।”

उन्होंने आगे कहा “ऐसा कोई कारण नहीं है कि हमें वीजा न मिले।”

वहीं दूसरी तरफ, पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने CNN को दिए एक बयान में उन आरोपों को खारिज कर दिया। मंत्रालय ने कहा कि दोनों भाइयों के पास ‘ओवरसीज पाकिस्तानियों’ के लिए नेशनल आइडेंटिटी कार्ड हैं, जिनकी वजह से उन्हें बिना वीजा के पाकिस्तान में एंट्री मिलनी चाहिए।

मंत्रालय ने उनके दावों को “गुमराह करने वाला” बताया और कहा कि ऐसा लगता है कि वे एक प्रशासनिक प्रक्रिया को राजनीतिक फायदा उठाने के मुद्दे में बदलने की कोशिश कर रहे हैं।

हालांकि, कासिम और सुलेमान ने CNN को बताया कि उनके आइडेंटिटी कार्ड की मियाद खत्म हो गई थी और उन्हें रिन्यू नहीं कराया गया था। मंत्रालय ने इस दावे पर सीधे तौर पर कोई बात नहीं की।

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पहुंच की मांग की

इस मामले ने एमनेस्टी इंटरनेशनल का भी ध्यान खींचा है। इस हफ्ते जारी एक बयान में, मानवाधिकार संगठन ने पाकिस्तानी अधिकारियों से आग्रह किया कि वे “बिना किसी शर्त के इमरान खान और बुशरा बीबी खान को अपने परिवार और वकीलों से मिलने का अधिकार बहाल करें।“

एमनेस्टी ने आगे कहा कि दोनों को “बेहतर इलाज की सुविधा मिलनी चाहिए और उन्हें अकेले रखने (solitary confinement) की व्यवस्था, जो गैर-कानूनी है, तुरंत खत्म की जानी चाहिए।“

पाकिस्तान सरकार ने आरोपों को खारिज किया

वहीं, पाकिस्तान सरकार ने इमरान खान को अलग-थलग रखने या उन्हें चिकित्सा सुविधा नहीं देने के आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

CNN को दिए एक बयान में सरकार ने कहा कि वह “साफ तौर पर इस दावे को खारिज करती है कि मिस्टर इमरान खान नियाजी को सात महीने तक संचार-संपर्क से दूर रखा गया या उन्हें अपने परिवार, वकीलों और डॉक्टरों से मिलने नहीं दिया गया।” सरकार ने यह भी कहा कि “सबूत बताते हैं कि (कैदी को) बार-बार और पर्याप्त रूप से मिलने-जुलने की सुविधा दी गई है।”

सरकार ने कहा कि खान ने हाल ही में 21 मार्च, 2026 को अपने एक बेटे से बात की थी। इससे पता चलता है कि बातचीत बंद नहीं की गई थी, बल्कि इसे “पाकिस्तान जेल नियमों, लागू अदालती आदेशों, मंजूर शेड्यूल और हाई-प्रोफाइल कैदी के लिए सुरक्षा जरूरतों के तहत रेगुलेट” किया गया था।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि खान की मेडिकल हालत “ठीक और स्थिर” बनी हुई है और इसमें “कोई गंभीर या अनियंत्रित गिरावट” नहीं आई है।

सरकार के बयान के मुताबिक, इमरान खान को डॉक्टरों की सलाह, जेल नियमों और अदालत के निर्देशों के अनुसार इलाज, दवाएं और नियमित मेडिकल जांच की सुविधा दी जा रही है।

पाकिस्तान की सरकार ने जेल की खराब स्थितियों के दावों को भी खारिज कर दिया। उसने कहा कि खान को “लगभग 30 से 35 कैदियों के लिए बनाए गए एक खास सात-सेल वाले कंपाउंड” में रखा गया है।

सरकार के बयान के अनुसार, इस परिसर में “57 x 14 फीट का एक गलियारा और 35 x 37 फीट का एक लॉन” शामिल है। इसके अलावा वहां इमरान खान के लिए बिस्तर, गद्दा, चार तकिए, कंबल, टेबल, कुर्सी, शौचालय की सुविधा और व्यायाम के उपकरण भी उपलब्ध हैं।

सरकार ने आगे कहा कि ये व्यवस्थाएं उस तस्वीर से बिल्कुल अलग हैं, जिसमें सार्वजनिक रूप से इमरान खान को अलग-थलग रखने, उपेक्षा करने या सजा के तौर पर सुविधाओं से वंचित करने की बात कही जा रही है।

बेटे खान की हालत को लेकर परेशान

सरकार द्वारा भरोसा दिलाने के बावजूद, कासिम ने कहा कि परिवार बहुत परेशान है क्योंकि उन्हें खान की सेहत के बारे में कोई स्वतंत्र जानकारी नहीं मिली है।

उन्होंने कहा, “वे हमें किसी भी तरह की हेल्थ रिपोर्ट दिखाने से इनकार कर रहे हैं। इसलिए हो सकता है कि तब से उनकी सेहत काफी खराब हो गई हो।”

भाइयों ने इस बात को भी खारिज कर दिया कि उनके पिता सरकार के साथ कोई राजनीतिक समझौता कर सकते हैं।

सुलेमान ने कहा कि खान “ऐसा कोई समझौता नहीं करेंगे जिससे दूसरे राजनीतिक कैदी वहीं रह जाएं… जब तक कि उनके लिए भी कोई समाधान न निकल आए।”

कासिम को भी ऐसी संभावना कम ही लगी, हालांकि उन्होंने कहा कि “कुछ कहना मुश्किल है।”

कासिम ने अंत में अपनी बात खत्म करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान में हो रही घटनाओं पर ध्यान देने की अपील की।

उन्होंने कहा, “मुझे पता है कि बहुत कुछ हो रहा है, लेकिन यह सबसे निराशाजनक बातों में से एक है। सिर्फ बेटों के तौर पर नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए, उन 35 करोड़ लोगों के लिए जिन्होंने उन्हें वोट दिया है, जो उनका समर्थन करते हैं और चाहते हैं कि वे देश का नेतृत्व करें। लेकिन इसके बजाय, उन्हें दरकिनार किया जा रहा है और जिस व्यक्ति को वे सत्ता में देखना चाहते हैं, वह बिना किसी ठोस वजह के जेल में है।”

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Sheikh Hasina: ‘भारत हमेशा बांग्लादेश के साथ खड़ा रहा…’; शेख हसीना ने की PM मोदी की तारीफ

Sheikh Hasina Hails PM Modi: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मंगलवार (5 अगस्त) को भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की। 2024 में बांग्लादेश की सत्ता से हटाए जाने के बाद मीडिया से यह उनकी पहली बातचीत थी। दिल्ली से एक वर्चुअली इंटरनेशनल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए हसीना ने अपने खिलाफ चल रहे कानूनी मामलों के बावजूद बांग्लादेश लौटने के अपने इरादे को दोहराया। भारत को बांग्लादेश का बहुत अच्छा दोस्त बताते हुए हसीना ने कहा कि नई दिल्ली मुश्किल समय में हमेशा ढाका के साथ खड़ा रहा है और आगे भी ऐसा ही करेगा।

हसीना ने घोषणा की है कि वह देश को सही राह पर लाने के वास्ते दिसंबर में स्वदेश लौटने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। इसके लिए गिरफ्तारी या मौत की सजा के जोखिम का सामना करने को भी तैयार हैं। हसीना ने यह बात भारत आने के बाद पहली बार डिजिटल तरीके से आयोजित प्रेसवार्ता में कही। वह पांच अगस्त, 2024 को ढाका छोड़कर भारत आई थीं। इस ‘डिजिटल’ प्रेसवार्ता में पत्रकारों को केवल उनकी आवाज सुनाई दे रही थी। वह नजर नहीं आ रही थीं।

हसीना ने कहा, “मुझे पता है, वे मुझे जेल में डाल सकते हैं या मेरी जान ले सकते हैं। मैं अपने लोगों के साथ रहने के लिए घर वापस जाऊंगी।” अवामी लीग की नेता हसीना ने भारत की सराहना करते हुए कहा कि वह हमेशा बांग्लादेश के साथ खड़ा रहा है। उन्होंने कहा, “भारत हमेशा से बांग्लादेश का घनिष्ठ मित्र रहा है।”

‘मेरी वापसी सत्ता के लिए नहीं’

उन्होंने अपने संबोधन में अपने देश के राजनीतिक माहौल, उनके लोगों के सामने मौजूद चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा, “मेरी वापसी सत्ता के लिए नहीं है, बल्कि बांग्लादेश को विकास, धर्मनिरपेक्षता और समृद्धि के रास्ते पर वापस लाने के लिए है।”

‘फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब’ में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, “चाहे मेरी किस्मत में कुछ भी लिखा हो, मैं अपने लोगों के बीच रहने के लिए बांग्लादेश लौटूंगी। जब मेरे प्यारे देशवासी तकलीफ़ में हों, तो मैं उनसे दूर नहीं रह सकती।”

उन्होंने कहा, “मुझे हिरासत में लिया जा सकता है, जेल भेजा जा सकता है, मुझ पर झूठे मामले थोपे जा सकते हैं। लेकिन डर लोगों के प्रति मेरे कर्तव्य को तय नहीं कर सकता। मेरी जिंदगी निजी सुरक्षा के हिसाब-किताब से कहीं ऊपर है।”

‘मुझे अपने भविष्य की चिंता नहीं’

पूर्व प्रधानमंत्री ने अपनी वापसी पर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) सरकार के साथ किसी भी तरह की पर्दे के पीछे की बातचीत की संभावना को भी खारिज किया। उन्होंने कहा, “मुझे अपने भविष्य की चिंता नहीं है। मुझे बांग्लादेश के भविष्य की चिंता है। मैं लौटना चाहती हूं क्योंकि वहां के लोग सुरक्षा, विकास, समृद्धि और शांति के हकदार हैं।” पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि भले ही उन्हें अपने देश से दूर जाने के लिए मजबूर किया गया। लेकिन वह वहां के लोगों से कभी अलग नहीं हुईं।

78 वर्षीय हसीना ढाका छोड़ने के बाद से भारत में रह रही हैं। पिछले साल नवंबर में ढाका के एक विशेष न्यायाधिकरण ने 2024 के छात्रों के नेतृत्व वाले प्रदर्शनों के दौरान हसीना की सरकार की कार्रवाई को लेकर मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में हसीना को उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई थी। इस फैसले के बाद से ढाका नयी दिल्ली से हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। हसीना ने कहा कि बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति बेहद चिंताजनक है।

शेख हसीना ने आरोप लगाया कि जुलाई और अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए विरोध प्रदर्शन कोई शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन नहीं थे, जिनके बाद उनकी सरकार सत्ता से हट गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठित समूहों ने इस आंदोलन को हिंसक राजनीतिक हथियार में बदलने का काम किया।

हसीना के बेटे सजीब वाजिद जॉय ने आरोप लगाया कि अगस्त 2024 से बांग्लादेश में राजनीतिक हत्याओं को वैध बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि आज बांग्लादेश एक विफल राष्ट्र है और देश में कानून-व्यवस्था नहीं है। जॉय ने आरोप लगाया कि नई दिल्ली के लिए सबसे बड़ी चिंता यह होनी चाहिए कि भारत की पूर्वी सीमा पर बांग्लादेश एक और पाकिस्तान बन गया है।

बांग्लादेश की कड़ी प्रतिक्रिया

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने हसीना की प्रेसवार्ता पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि बांग्लादेश इस बात से नाराज है कि ढाका द्वारा नई दिल्ली को इस कार्यक्रम के द्विपक्षीय संबंधों पर संभावित असर के बारे में चिंता जताए जाने के बावजूद, यह बातचीत करने की इजाजत दी गई। उसने कहा कि भारतीय धरती पर हसीना की बातचीत का कार्यक्रम बांग्लादेश की संप्रभुता का अपमान है।

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बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा, “बांग्लादेश भारत के साथ ऐसे संबंध बनाए रखना चाहता है जो रचनात्मक हों, दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद हों और भविष्य की ओर देखने वाले हों। ये संबंध संप्रभु समानता, आपसी सम्मान, एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में दखल न देने और राष्ट्रीय सम्मान पर आधारित हों।”

Asian Stock Market: वॉल स्ट्रीट की थमी तेजी, एशियन मार्केट धड़ाम, निक्केई करीब 2% और कोस्पी 4% टूटा

Asian Stock Market: एशियन मार्केट में 6 अगस्त को गिरावट आई है। आज आई यह गिरावट वॉल स्ट्रीट में हाल ही में टेक्नोलॉजी सेक्टर की वजह से आई तेजी की रफ्तार के धीमी पड़ने के कारण रही है। इस बिकवाली का सबसे ज़्यादा असर दक्षिण कोरिया पर पड़ा, जहां कोस्पी (Kospi) 4.69% गिर गया। जापान का निक्केई (Nikkei) 1.88% नीचे आया। जबकि टोपिक्स (Topix) में मामूली 0.22% की गिरावट हुई। व्यापक MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.2% फिसला और हैंग सेंग फ्यूचर्स 0.9% नीचे रहा, जिससे संकेत मिलता है कि सावधानी का माहौल पूरे क्षेत्र में फैल रहा था, न कि सिर्फ़ किसी एक बाज़ार तक सीमित था।

वॉल स्ट्रीट

वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में मिला-जुला कारोबार हुआ। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज के रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद होने के बाद निवेशक अब कंपनियों की अगली तिमाही की कमाई (कॉर्पोरेट अर्निंग्स) पर ध्यान दे रहे हैं।

डॉव जोन्स फ्यूचर्स में 92 अंक या 0.2% की बढ़त हुई, जबकि S&P 500 फ्यूचर्स में 0.2% की तेजी आई। वहीं, नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।

पिछले सेशन में, डॉव 263.24 अंक या 0.49% चढ़कर रिकॉर्ड क्लोजिंग ऊंचाई पर पहुंचा और लगातार पांचवें सेशन में बढ़त बनाए रखी। इसके विपरीत, S&P 500 में 0.17% की गिरावट आई, जिससे चार दिन की तेजी का सिलसिला थम गया, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 0.83% गिरा।

शानदार कमाई के बावजूद SpaceX के शेयरों में 14% की गिरावट आई, क्योंकि निवेशक गुरुवार को लगभग 101 अरब डॉलर के स्टॉक के ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होने की तैयारी कर रहे थे। चिप से जुड़ी कंपनियों के लिए निराशाजनक माहौल के बीच, डेटा-स्टोरेज फर्म Sandisk और Western Digital के शेयरों में उनके नतीजे आने के बाद ‘आफ्टर-आवर्स’ ट्रेडिंग में क्रमशः 7.5% और 11% की गिरावट आई।

कच्चे तेल की कीमतें

गुरुवार को तेल की कीमतों में नरमी आई क्योंकि निवेशक यह आकलन कर रहे थे कि क्या ईरान-ओमान के बीच चल रही बातचीत से अमेरिका-ईरान शांति समझौता हो सकता है। इससे पांच महीने से चल रहा संघर्ष खत्म हो सकता है और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) फिर से खुल सकता है।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 37 सेंट या 0.5% गिरकर 79.08 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 53 सेंट या 0.7% गिरकर 74.69 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। पिछले सेशन में, ब्रेंट में मामूली बढ़त हुई थी, जबकि WTI मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ था।

अमेरिका-ईरान युद्ध

बुधवार को रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान और ओमान के बीच एक प्रस्तावित समझौते पर बातचीत हो रही है। इसका मकसद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करना है। इस समझौते के तहत, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से खाड़ी में प्रवेश करने वाले जहाजों पर तेहरान का अधिकार हो सकता है। अगर यह समझौता फाइनल हो जाता है, तो यह ईरान को अब तक मिली सबसे बड़ी रियायतों में से एक होगी।

अमेरिका ने इस प्रस्ताव पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए जल्द ही कोई समझौता हो सकता है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों का लगातार यही कहना है कि वाशिंगटन होर्मुज जलडमरूमध्य (जो वैश्विक ऊर्जा शिपिंग का एक प्रमुख मार्ग है) तक पहुंच पर ईरान का नियंत्रण स्वीकार नहीं करेगा।

इस बीच, पांच सूत्रों के अनुसार, ईरान ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका उसके क्षेत्र पर कोई नया सैन्य हमला करता है, तो वह पूरे क्षेत्र में महत्वपूर्ण ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर जवाबी हमले करेगा। यह चेतावनी तेहरान की उस रणनीति को दर्शाती है जिसके तहत वह वाशिंगटन के क्षेत्रीय सहयोगियों के हितों को खतरे में डालकर सैन्य कार्रवाई की संभावित कीमत बढ़ाना चाहता है।

आज सोने की कीमत

गुरुवार को लगातार चौथे सत्र में सोने की कीमतों में बढ़ोतरी हुई और यह सात हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इसकी वजह कमजोर अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में कमी थी, साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की उम्मीदों से भी इसे समर्थन मिला।

स्पॉट गोल्ड 1% बढ़कर $4,285.69 प्रति औंस हो गया, जो 18 जून के बाद का उच्चतम स्तर है। इससे पिछले सत्र में भी इस कीमती धातु ने फरवरी के बाद से एक दिन में सबसे बड़ी बढ़त दर्ज की थी।

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गुजरात में चांदीपुरा वायरस का कहर : 184 संदिग्ध मामले, 22 बच्चों की मौत से उत्तर गुजरात और सौराष्ट्र में दहशत

Chandipura virus in Gujarat

Chandipura Virus Outbreak: मानसूनी मौसम के बीच गुजरात में चांदीपुरा वायरस (CHPV) का आतंक चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। राज्यभर से अब तक 184 से अधिक संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिनमें से 35 से अधिक मरीजों में इस वायरस की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। इस जानलेवा संक्रमण के कारण 15 वर्ष से कम उम्र के लगभग 22 मासूम बच्चों की मौत होने की खबर है। इससे विशेष रूप से उत्तर गुजरात और सौराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों के अभिभावकों में भारी डर और दहशत का माहौल है।

अस्पतालों की स्थिति और वायरस के मुख्य लक्षण

वेबदुनिया संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, हिम्मतनगर, गांधीनगर, राजकोट, पाटन और भावनगर के सिविल अस्पतालों के बाल रोग विभाग (Pediatric Wards) चिंतित माता-पिता से भरे नजर आ रहे हैं। बच्चों में अचानक तेज बुखार, उल्टी, चक्कर आना, ऐंठन (दौरे पड़ना) और अत्यधिक सुस्ती जैसे लक्षण दिखने पर परिजन तुरंत अस्पताल की ओर भाग रहे हैं। सैंडफ्लाई (रेत मक्खी) के काटने से फैलने वाले इस वायरस के लक्षण दिखने के बाद बच्चे की हालत बहुत तेजी से गंभीर हो जाती है, जिससे पूरे राज्य में चिंता का माहौल बना हुआ है।

15 साल से कम उम्र के बच्चों में ही क्यों फैलता है यह वायरस?

GCS मेडिकल कॉलेज के चाइल्ड स्पेशलिस्ट के अनुसार, चांदीपुरा वायरस मुख्य रूप से 15 साल से कम उम्र के बच्चों को ही निशाना बनाता है, क्योंकि इस उम्र में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) पूरी तरह विकसित नहीं होती है और मस्तिष्क को सुरक्षा देने वाला 'ब्लड-ब्रेन बैरियर' कवच कमजोर होने के कारण यह न्यूरोट्रॉपिक वायरस खून से सीधे दिमाग तक पहुंचकर सूजन (Encephalitis) पैदा कर देता है। इसके अलावा, जमीन से कम ऊंचाई पर उड़ने वाली सैंडफ्लाई (रेत मक्खी) जमीन पर खेलते या नीचे सोए मासूम बच्चों को आसानी से काट लेती है और बच्चों का छोटा शरीर वायरस के हमले के बाद तेज बुखार तथा ऐंठन (दौरे) जैसे गंभीर लक्षणों को तेजी से सहन नहीं कर पाता है।

स्वास्थ्य तंत्र पूरी तरह मुस्तैद

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के सीधे मार्गदर्शन में राज्य सरकार का स्वास्थ्य तंत्र पूरी तरह से मुस्तैद होकर काम कर रहा है। सिविल अस्पतालों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि संदिग्ध लक्षणों वाले मरीजों को बिना किसी देरी के ऑक्सीजन और वेंटिलेटर सुविधा वाले आईसीयू (ICU) में भर्ती किया जाए। इसके साथ ही पशुपालन वाले ग्रामीण क्षेत्रों में सैंडफ्लाई के नियंत्रण के लिए कीटनाशक दवाओं का छिड़काव युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है।

क्या कहते हैं स्वास्थ्य मंत्री?

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि फिलहाल चांदीपुरा वायरस के खिलाफ कोई विशेष वैक्सीन (टीका) या निश्चित दवा उपलब्ध नहीं है। इस स्थिति से निपटने के लिए डॉक्टरों और शोधकर्ताओं की एक विशेष टीम द्वारा वैज्ञानिक तरीके से इस वायरस के खिलाफ प्रभावी दवा की खोज और नई वैक्सीन विकसित करने के लिए गहन शोध (Research) शुरू कर दिया गया है, ताकि भविष्य में बच्चों को इस खतरे से बचाया जा सके।

नागरिकों के लिए सावधानी के उपाय और अपील

स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन का सहयोग करने की विनम्र अपील की है। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी है कि कच्चे मकानों या मिट्टी की दीवारों की दरारों को तुरंत भरवाएं और बच्चों को पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनाएं। यदि बच्चे में बुखार या ऐंठन जैसे कोई भी प्रारंभिक लक्षण दिखाई दें, तो बिना समय गंवाए तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल से संपर्क करने का अनुरोध किया गया है।