देवदत्त पड्डीकल ने श्रीलंका के खिलाफ जमाया करियर का पहला टेस्ट शतक

Devdutt Padikkal

INDvsSL देवदत्त पड़िक्कल (नाबाद 131) और केएल राहुल (नाबाद 77) की अर्धशतकीय पारियों की बदौलत भारत ने पहले टेस्ट मैच के पहले दिन शनिवार को 2 विकेट पर 288 रन बना लिये है। आज गॉल में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल की सलामी जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 47 रन जोड़े। इसी दौरान दुभाग्यपूर्ण तरीके से यशस्वी जायसवाल (32) पर रन आउट हो गये। जायसवाल ने अपनी पारी में पांच चौके लगाये।

बाद बल्लेबाजी करने आये देवदत्त पडिक्कल ने केएल राहुल के साथ पारी को संभाला और तेजी के साथ रन बटोरे। भोजनकाल तक भारत ने एक विकेट पर 101 रन बना लिये। भोजनकाल के बाद दोनों बल्लेबाजों ने बिना कोई विकेट गवांये अपने-अपने अर्धशतक पूरे किये। देवदत्त पड़िक्कल ने 36वें ओवर की दूसरी गेंद पर एक रन लेकर अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद केएल राहुल 43वें ओवर की दूसरी गेंद पर एक रन लेकर अपना 21वां अर्धशतक पूरा किया। भारत ने चायकाल तक एक विकेट विकेट पर 197 रन बना लिये।केएल राहुल 162 गेंदों में (नाबाद 77) रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे। इस दौरान राहुल ने अपनी पारी में नौ चौके और एक छक्का लगाया। 

लेकिन चायकाल के बाद पीठ में दर्द के कारण वह रिटायर आउट हो गए। लेकिन उनकी जगह आए शुभमन गिल ने बेहतरीन कवर ड्राइव लगाए। इस दौरान देवदत्त पड्डिकल 98 पर बोल्ड होने से बाल बाल बचे जब गेंद गिल्ली को नहीं गिरा सकी। कुछ गेंदों बाद ही उन्होंने अपना पहला शतक पूरा किया। 16 रनों के स्कोर पर शुभमन गिल ने प्रभात जयसूर्या के खिलाफ हवाई शॉट खेलकर विकेट गंवा दिया। उनकी जगह आए ऋषभ पंत ने आक्रामक बल्लेबाजी की और पड्डीकल के साथ दिन के अंत तक डटे रहे।

न बड़ा रेस्टोरेंट, न महंगा खाना… ₹100 की थाली से लाखों की बिक्री, जानें कैसे चल रहा ये कारोबार?

गांव के पास मुख्य सड़क पर मौजूद एक छोटी-सी खाने की दुकान इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है। आमतौर पर लोग बड़ी दुकानों और शहरों के कारोबार को ही ज्यादा कमाई वाला मानते हैं, लेकिन इस दुकान की कहानी कुछ अलग तस्वीर दिखाती है। यहां कम कीमत में मिलने वाला खाना और लगातार आने वाले ग्राहक लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। दुकान के मालिक से हुई बातचीत में रोजाना ग्राहकों और टिफिन ऑर्डर को लेकर कुछ ऐसे आंकड़े सामने आए, जिन्हें देखकर सोशल मीडिया यूजर्स भी चर्चा करने लगे।

खास बात यह है कि दुकान किसी बड़े शहर या महंगे बाजार में नहीं, बल्कि गांव के पास स्थित है। इसके बावजूद कारोबार को लेकर सामने आई जानकारी ने छोटे और स्थानीय बिजनेस की क्षमता पर नई बहस छेड़ दी है। आखिर इस छोटी दुकान की कमाई का पूरा गणित क्या है और लोग इसे लेकर इतनी चर्चा क्यों कर रहे हैं? आगे जानिए।

₹100 में मिलती है पूरी थाली

सोशल मीडिया यूजर नलिनी उनागर ने इस दुकान की जानकारी X पर साझा की। पोस्ट के मुताबिक, दुकान पर सिर्फ 100 रुपये में पूरी थाली मिलती है। इसमें दो सब्जियां, रोटी, दाल, चावल, पापड़ और सलाद शामिल हैं। यानी ग्राहक को कम कीमत में काफी कुछ खाने को मिल जाता है। दुकान की यही खासियत इसे आसपास के लोगों के लिए पसंदीदा विकल्प बनाती है।

रोज 25 से ज्यादा लोग खाते हैं खाना

नलिनी उनागर ने दुकान के मालिक से बातचीत में पूछा कि रोज कितने लोग यहां खाना खाते हैं। मालिक के अनुसार, हर दिन 25 से ज्यादा ग्राहक दुकान पर बैठकर खाना खाते हैं। दुकान मुख्य सड़क पर होने के कारण वहां आने-जाने वाले लोगों को भी आसानी से खाना मिल जाता है। यही लोकेशन कारोबार के लिए बड़ा फायदा साबित होती दिखाई दे रही है।

40 से ज्यादा टिफिन ऑर्डर भी

दुकान की कमाई सिर्फ सामने बैठकर खाना खाने वाले ग्राहकों से नहीं होती। मालिक के अनुसार, रोजाना 40 से ज्यादा पक्के टिफिन ऑर्डर भी मिलते हैं। जब दोनों आंकड़ों को जोड़ा जाए तो रोजाना 65 से ज्यादा थाली बिकने का दावा सामने आता है।

गांव में कौन मंगाता है टिफिन?

यह सवाल भी दिलचस्प है कि गांव में टिफिन की जरूरत किसे पड़ती है। मालिक ने बताया कि उनके ग्राहकों में खेतों में काम करने वाले लोग और अकेले रहने वाले बुजुर्ग शामिल हैं। ऐसे लोगों के लिए रोज खाना बनाना मुश्किल हो सकता है। इसलिए सस्ती और तैयार थाली उनके लिए सुविधाजनक विकल्प बन जाती है।

₹100 की थाली से कितनी कमाई?

अगर रोजाना 65 थाली 100 रुपये के हिसाब से बिकती हैं, तो गणित कुछ ऐसा बनता है:

एक दिन की बिक्री: ₹6,500

30 दिन की बिक्री: ₹1.95 लाख

एक साल की बिक्री: ₹23.4 लाख

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह कुल बिक्री का अनुमान है, मुनाफा नहीं।

दुकान में कर्मचारी भी नहीं रखने पड़ते

पोस्ट के अनुसार, दुकान का खाना मालिक और उनकी पत्नी खुद तैयार करते हैं। इससे कर्मचारियों की सैलरी का अतिरिक्त खर्च बचता है। इतना ही नहीं, मालिक की अपनी खेती भी है और वह वहां सब्जियां उगाते हैं। इससे दुकान के लिए इस्तेमाल होने वाली कुछ सब्जियों की लागत कम हो जाती है।

हर महीने ₹1 लाख से ज्यादा मुनाफे का दावा

सोशल मीडिया पोस्ट में दुकान के 60 फीसदी तक मुनाफे का दावा किया गया। इस हिसाब से हर महीने 1 लाख रुपये से ज्यादा का मुनाफा होने की बात कही गई। लेकिन यही दावा ऑनलाइन बहस का कारण भी बन गया।

मुनाफे के हिसाब पर क्यों उठे सवाल?

कुछ यूजर्स ने कहा कि 1.95 लाख रुपये की मासिक बिक्री का हिसाब तो आसानी से लगाया जा सकता है, लेकिन 1 लाख रुपये से ज्यादा का शुद्ध मुनाफा तय करने के लिए सभी खर्चों को देखना जरूरी है।इन खर्चों में सब्जी और राशन, LPG, बिजली, पैकिंग, खाना खराब होने का नुकसान, डिलीवरी और किराया शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा मालिक और उनकी पत्नी की मेहनत को भी लागत में जोड़ना होगा। इसलिए 60 फीसदी का मुनाफा एक दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी से नहीं होती।

सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?

इस पोस्ट पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने कहा कि छोटे कारोबार को कम नहीं आंकना चाहिए। उनके मुताबिक, कम कीमत, लगातार ग्राहक और कम खर्च मिलकर छोटे बिजनेस को भी बड़ा बना सकते हैं। कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि भारत में बड़ी संख्या में लोग छोटे और मध्यम स्तर के कारोबार पर निर्भर हैं, इसलिए ऐसी दुकान का सफल होना कोई हैरानी की बात नहीं है।

₹100 में इतनी चीजें, लोगों को लगा शानदार सौदा

कई लोगों ने दुकान की कीमत और खाने की मात्रा की तारीफ भी की। उनका कहना था कि 100 रुपये में इतनी चीजें मिलना ग्राहकों के लिए काफी अच्छा सौदा है। हालांकि, कुछ यूजर्स ने यह भी याद दिलाया कि खाने के कारोबार में कम कीमत के साथ साफ-सफाई और गुणवत्ता का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। लंबे समय तक ग्राहक बनाए रखने के लिए स्वाद के साथ हाइजीन भी जरूरी है।

 

7 नई अमृत भारत एक्सप्रेस को रेलवे ने दी मंजूरी! इन शहरों को जोड़ेंगी ट्रेनें, देखें पूरी रूट लिस्ट

भारतीय रेलवे ने देश में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए सात नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चलाने की मंजूरी दी है। इन ट्रेनों का मुख्य उद्देश्य कम और मध्यम आय वाले यात्रियों को कम किराए में आरामदायक सफर की सुविधा देना है। इन ट्रेनों का किराया प्रीमियम ट्रेनों की तुलना में कम रखा जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग लंबी दूरी की यात्रा आसानी से कर सकें।

नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें उत्तर, मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत के कई शहरों को आपस में जोड़ेंगी। इन ट्रेनों के कई रूट लंबी दूरी के होंगे और रास्ते में कई प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव दिया जाएगा। प्रस्तावित सात ट्रेनों और उनके निर्धारित स्टॉप की जानकारी इस प्रकार है:

धनबाद-कोयंबटूर अमृत भारत एक्सप्रेस

रेलवे बोर्ड ने धनबाद और कोयंबटूर के बीच नई अमृत भारत एक्सप्रेस चलाने को मंजूरी दे दी है। इस ट्रेन के नंबर 22363/22364 होंगे। यह ट्रेन झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कई प्रमुख शहरों को जोड़ेगी।

धनबाद से चलने वाली यह ट्रेन गोमो, पारसनाथ, हजारीबाग रोड, कोडरमा, गया, अनुग्रह नारायण रोड, डेहरी ऑन सोन, सासाराम, भभुआ रोड, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, मिर्जापुर और प्रयागराज छिवकी जैसे स्टेशनों पर रुकेगी।

इसके बाद ट्रेन कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पिपरिया, इटारसी, बैतूल, नागपुर, चंद्रपुर, बल्हारशाह, सिरपुर कागजनगर, मंचेरियल, पेद्दापल्ली, वारंगल, महबूबाबाद, खम्मम और विजयवाड़ा होते हुए आगे बढ़ेगी।

दक्षिण भारत में इसके ठहराव ओंगोल, नेल्लोर, गुडूर, रेनिगुंटा, तिरुत्तानी, काटपाडी, जोलारपेट्टई, सलेम, इरोड और तिरुपुर में होंगे। इसके बाद ट्रेन अपने अंतिम गंतव्य कोयंबटूर पहुंचेगी।

प्रयागराज-लोकमान्य तिलक टर्मिनस अमृत भारत एक्सप्रेस

रेलवे बोर्ड ने प्रयागराज और लोकमान्य तिलक टर्मिनस के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस चलाने को भी मंजूरी दे दी है। इस ट्रेन के नंबर 20436/20435 होंगे। यह ट्रेन सप्ताह में एक दिन चलेगी और रास्ते में प्रयागराज, सतना, जबलपुर, इटारसी, भुसावल और कल्याण स्टेशनों पर रुकेगी। ट्रेन उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ेगी।

सूबेदारगंज-लोकमान्य तिलक टर्मिनस अमृत भारत एक्सप्रेस

रेल मंत्रालय ने सूबेदारगंज और लोकमान्य तिलक टर्मिनस के बीच नई अमृत भारत एक्सप्रेस चलाने को मंजूरी दे दी है। इस ट्रेन के नंबर 14121/14122 होंगे और यह सप्ताह में एक दिन चलेगी।

यह ट्रेन सूबेदारगंज, फतेहपुर, गोविंदपुरी, भरुआ सुमेरपुर, रागौल, बांदा, चित्रकूटधाम कर्वी, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पिपरिया, इटारसी, खंडवा, भुसावल, नासिक रोड, कल्याण और ठाणे स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन के शुरू होने से उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सफर करने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी।

गोरखपुर-दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस

रेलवे बोर्ड ने गोरखपुर और दिल्ली के बीच भी नई अमृत भारत एक्सप्रेस चलाने को मंजूरी दी है। इस ट्रेन के नंबर 15095/15096 होंगे और यह सप्ताह में एक दिन चलेगी।

गोरखपुर से दिल्ली के बीच चलने वाली यह ट्रेन गोरखपुर, खलीलाबाद, बस्ती, गोंडा, बुढ़वल, सीतापुर, बरेली, मुरादाबाद, गाजियाबाद और दिल्ली स्टेशनों पर रुकेगी। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को दिल्ली आने-जाने के लिए एक और सुविधाजनक रेल सेवा मिल सकेगी।

प्रयागराज-उधना अमृत भारत एक्सप्रेस

रेलवे बोर्ड ने प्रयागराज और उधना के बीच भी एक नई अमृत भारत एक्सप्रेस चलाने की मंजूरी दी है। इस ट्रेन के नंबर 20437/20438 होंगे और यह भी सप्ताह में एक दिन चलेगी।

यह ट्रेन प्रयागराज, फतेहपुर, गोविंदपुरी, इटावा, टूंडला, ईदगाह आगरा, बयाना, हिंडौन सिटी, गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर, कोटा, रामगंज मंडी, भवानी मंडी, रतलाम, वडोदरा और उधना स्टेशनों पर रुकेगी। इससे उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के कई शहरों के बीच रेल यात्रा आसान होगी।

गोरखपुर-बांद्रा अमृत भारत एक्सप्रेस

एक अन्य  साप्ताहिक ट्रेन गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस अमृत भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 15085/15086) है।

ट्रेन गोरखपुर, खलीलाबाद, बस्ती, गोंडा, बादशाहनगर, ऐशबाग, कानपुर सेंट्रल, टूंडला, आगरा किला, बयाना, गंगापुर सिटी, कोटा, भवानी मंडी, शामगढ़, रतलाम, वडोदरा, सूरत, वलसाड, वापी, पालघर, बोरीवली और बांद्रा टर्मिनस पर रुकेगी।

चरलापल्ली-गोरखपुर अमृत भारत एक्सप्रेस

सातवीं ट्रेन चारलापल्ली-गोरखपुर अमृत भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22075/22076) है।

यह प्रस्तावित सर्विस चार्लापल्ली, काज़ीपेट, पेड्डापल्ली, मंचिरयाल, बल्हारशाह, चंद्रपुर, नागपुर, बैतूल, इटारसी, भोपाल, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, उरई, पोखरायां, कानपुर सेंट्रल, ऐशबाग, लखनऊ सिटी, गोमतीनगर, बाराबंकी, गोंडा और गोरखपुर में रुकेगी।

इटली में भारतीय फोटोग्राफरों का 40 लाख रुपये का कैमरा गियर चोरी, पुलिस बोली- संडे है, कल आना!

दो भारतीय फ़ोटोग्राफ़रों की इटली यात्रा तब बुरे सपने में बदल गई, जब 40 लाख रुपये से ज़्यादा कीमत का उनका प्रोफ़ेशनल कैमरा इक्विपमेंट चोरी हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शाम के समय एक शॉपिंग आउटलेट की पार्किंग में उनकी किराए की कार का शीशा तोड़कर चोरी की गई। उन्होंने पुलिस में शिकायत तो की, लेकिन रविवार होने के कारण उन्हें कोई मदद नहीं मिली।

गणेश बागल नाम के फ़ोटोग्राफ़र ने इंस्टाग्राम पर इस घटना की जानकारी दी। यह घटना 9 अगस्त को नोवेंता डि पियावे में मैकआर्थरग्लेन डिज़ाइनर आउटलेट की फ़्री पार्किंग एरिया में हुई थी। उन्होंने अपनी किराए की कार दोपहर करीब 3:30 बजे पार्क की थी और 1 घंटे 40 मिनट बाद वापस लौटे थे।

तब तक गाड़ी की पिछली खिड़की तोड़ी जा चुकी थी और कार से उनके कैमरे के बैग और सामान गायब थे। उन्होंने बताया कि चोरी हुआ सामान उन दोनों का था और उसकी कीमत 40 लाख रुपये (यानी 40,000 यूरो) से ज़्यादा थी; इसमें कई प्रोफेशनल सोनी कैमरा बॉडी और लेंस शामिल थे। अच्छी बात यह थी कि उनके कुछ सामान में ट्रैकिंग डिवाइस लगे हुए थे।

रविवार होने के कारण पुलिस ने मदद करने से मना कर दिया

उन्होंने कहा, “हम सबसे पहले पुलिस के पास गए, उन्हें ट्रैकर की लोकेशन दिखाई और मदद मांगी। चूंकि रविवार था और शाम के करीब 7 बज रहे थे, इसलिए हमें बताया गया कि वे हमारे साथ नहीं जा सकते।” लाइव ट्रैकर की जानकारी से पता चला कि उनका सामान एक इंडस्ट्रियल एरिया में ले जाया गया था। पुलिस से मनाही मिलने के बाद, उन्होंने खुद उस जगह जाने का फैसला किया, भले ही वे किसी दूसरे देश में थे और भाषा की दिक्कत भी थी।

उन्होंने लिखा, “यह एक जोखिम भरा काम था,” और बताया कि उन्हें यह फैसला इसलिए लेना पड़ा क्योंकि चोरी हुआ सामान वापस मिलने की उम्मीद अभी भी थी। जब वे उस जगह पहुंचे, तो उन्हें अपने दो पासपोर्ट, सामान, कई निजी चीज़ें और एक खाली कैमरा बैग वहां पड़ा हुआ मिला। कैमरे और लेंस गायब थे।

उन्होंने कहा, “सबसे निराशाजनक बात यह थी कि हमारे पास ऐसी जानकारी थी जिस पर तुरंत कार्रवाई की जा सकती थी। हमारे पास एक ट्रैकर था जो एक खास जगह दिखा रहा था जहां हमारा चोरी हुआ सामान ले जाया गया था। उस जगह खुद जाने से पहले हम पुलिस के पास गए, उन्हें ट्रैकर की जानकारी दिखाई और मदद मांगी।”

उन्होंने बताया कि सबसे ज़्यादा निराशाजनक बात क्या थी

फ़ोटोग्राफ़र ने आगे कहा, “हम समझते हैं कि पुलिस की प्रक्रियाएं और कानूनी सीमाएं होती हैं, और हम यह दावा नहीं कर रहे हैं कि हमें पता है कि अधिकारी कानूनी तौर पर क्या कर सकते थे या क्या नहीं। लेकिन एक पर्यटक के तौर पर, हमारे लिए यह समझना बहुत मुश्किल था कि हाल ही में हुई चोरी से जुड़ी लाइव ट्रैकर लोकेशन के बावजूद तुरंत मदद क्यों नहीं मिल सकी। हमारे लिए सबसे बड़ी निराशा सिर्फ़ चोरी की घटना नहीं थी। बल्कि कीमती समय का नुकसान होना था, जबकि चोरी हुए सामान को वापस पाने की अभी भी संभावना थी।”

फ़ोटोग्राफ़रों ने कहा कि वे पूरे इटली को दोष नहीं दे रहे हैं, बल्कि वे अपना अनुभव इसलिए साझा करना चाहते हैं ताकि दूसरों को आगाह कर सकें। उन्होंने इटली, भारत और फ़ोटोग्राफ़ी समुदाय के लोगों से यह भी अपील की है कि अगर चोरी हुआ सामान बिक्री के लिए पेश किया जाए या सर्विसिंग के लिए भेजा जाए, तो वे सतर्क रहें।

इस घटना पर इंटरनेट पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

इस घटना पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आई हैं। कुछ लोग मामले की जांच न करने के लिए इटैलियन पुलिस की आलोचना कर रहे हैं, जबकि दूसरों का कहना है कि उन्हें अपने सामान के प्रति ज़्यादा सावधान रहना चाहिए था। एक यूज़र ने कहा, “दोस्त, अगर आप 40,000 यूरो का सामान लेकर यात्रा कर रहे हैं, तो सलाह यह नहीं है कि ‘ट्रैकर का इस्तेमाल करें’, बल्कि सलाह यह होनी चाहिए कि ‘सामान अपने साथ रखें और उसे पार्क की हुई कार में न छोड़ें!!’ और यह बात दुनिया भर में लागू होती है।”

एक और यूज़र ने तंज कसते हुए कहा, “संक्षेप में कहें तो यही इटैलियन सिस्टम है। दुख की बात है कि इटैलियन पुलिस उतनी ही काम की है जितना कि किसी सुनसान जगह पर गैस स्टेशन के टॉयलेट में रखा टॉयलेट ब्रश। साथ ही, अगर आपकी कार की खिड़कियों पर टिंटेड ग्लास नहीं है, तो अपना सामान कभी भी कार में न छोड़ें… यह बात दुनिया में कहीं भी लागू होती है; अच्छी बात यह है कि कम से कम आपके डॉक्यूमेंट्स तो वापस मिल गए।”

एक व्यक्ति ने मज़ाक में कहा, “इटली में आपका स्वागत है। एक इटैलियन होने के नाते, मुझे इसके लिए खेद है। दुर्भाग्य से, हमारे लिए यह कोई नई बात नहीं है।” किसी और ने टिप्पणी की, “यह पढ़कर काफी डर और दुख होता है। इटली और कुछ अन्य यूरोपीय संघ के देशों में भी ऐसे मामले सुने हैं, जहाँ ट्रैकर उपलब्ध होने के बावजूद पुलिस मदद करने को तैयार नहीं थी।”

51 साल पहले भारत ने जीता था हॉकी विश्वकप, 1971 से 2023 तक ऐसा रहा है सफर

भारत को हॉकी विश्वकप जीते हुए 51 साल हो गए हैं। पिछले संस्करण में भारत मेजबान था और आशा थी कि वह इंतजार खत्म होगा लेकिन न्यूजीलैंड की टीम ने पेनल्टी शूटआउट में हराकर भारत को विश्वकप से बाहर कर दिया था। ओलंपिक में भारत ने सबसे ज्यादा मेडल इस खेल में जीते हों लेकिन विश्वकप में संघर्ष करना पड़ा है क्योंकि जब विश्वकप शुरु हुआ तब भारतीय हॉकी का स्तर ढलान पर था और एस्टरो टर्फ के आने के बाद भारतीय टीम कभी खड़ी ही नहीं हो पाई। जान लेते हैं कि भारतीय हॉकी टीम का सफर कैसा रहा-  

1971 बार्सीलोना

भारत और पाकिस्तान ने मिलकर मार्च 1969 में FIH परिषद की बैठक में फुटबॉल की तर्ज पर हॉकी विश्व कप कराने का प्रस्ताव रखा जिसे अगले साल ब्रसेल्स में हुई बैठक में मंजूरी मिली। पाकिस्तान को मेजबानी दी गई लेकिन 1971 में दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव के चलते पहला विश्व कप स्पेन के बार्सीलोना में हुआ।

पांच उपमहाद्वीपों की दस टीमों ने FIH के आमंत्रण पर इसमें भाग लिया।ओलंपिक की सबसे कामयाब टीम भारत पूल ए में फ्रांस, अर्जेंटीना, कीनिया और पश्चिम जर्मनी को हराकर शीर्ष पर रहा। सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने भारत को 2-1 से हराया और फिर स्पेन को हराकर पहला विश्व कप जीता। भारत ने कीनिया को 2-1 से हराकर कांस्य पदक जीता।

1973 एम्सटर्डम :

एम्सटेलवीन के वेगनेर स्टेडियम पर खेले गए इस विश्व कप में मेजबान नीदरलैंड ने पेनल्टी शूटआउट में भारत को 4-2 से हराकर खिताब जीता ।भारत पूल ए में पांच जीत और तीन ड्रॉ के साथ पश्चिम जर्मनी के बाद दूसरे स्थान पर रहा।सेमीफाइनल में बी पी गोविंदा के गोल के दम पर भारत ने पाकिस्तान को हराया। फाइनल में अतिरिक्त समय तक मैच 2-2 से बराबर था लेकिन पेनल्टी शूटआउट में नीदरलैंड ने भारत को हराया।

1975 कुआलालम्पुर :

भारतीय हॉकी के विश्व कप इतिहास का सबसे सुनहरा अध्याय लिखा गया 15 मार्च 1975 को कुआलालम्पुर में जब फाइनल में अजित पाल सिंह की कप्तानी में भारत ने पाकिस्तान को 2-1 से हराया।फाइनल में पाकिस्तान ने बढत बना ली थी लेकिन सुरजीत सिंह ने 44वें और अशोक कुमार ने 51वें मिनट में गोल करके भारत को खिताब दिलाया। पूल चरण में शीर्ष पर रहे भारत ने सेमीफाइनल में मलेशिया को मात दी थी। तब तक सात ओलंपिक स्वर्ण जीत चुकी भारतीय टीम का यह पहला विश्व कप खिताब था।

1978 ब्यूनस आयर्स :

गत चैम्पियन भारत बेहद निराशाजनक प्रदर्शन के बाद सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सका और छठे स्थान पर रहा। पूल चरण में भारत ने छह में से तीन मैच जीते और दो गंवाये जिसमें पश्चिम जर्मनी से 7.0 से मिली हार शामिल थी। पाकिस्तान ने नीदरलैंड को 3-2 से हराकर खिताब जीता और आस्ट्रेलिया को कांस्य पदक मिला।

1982 मुंबई :

अपने देश में पहली बार विश्व कप खेलते हुए भारत फिर अंतिम चार में नहीं पहुंच सका और पांचवें स्थान से ही संतोष करना पड़ा। पाकिस्तान ने अपराजेय रहकर वानखेड़े स्टेडियम पर फाइनल में पश्चिम जर्मनी को 3-1 से हराकर तीसरी बार खिताब जीता। भारत के राजिंदर सिंह सीनियर ने टूर्नामेंट में सर्वाधिक 12 गोल दागे थे।

1986 लंदन :

इस विश्व कप में भारतीय टीम अब तक के सबसे खराब प्रदर्शन के बाद 12वें और आखिरी स्थान पर रही लेकिन इसी टीम के एक सितारे मोहम्मद शाहिद ने अपने जबर्दस्त खेल से दुनिया को चौंका दिया। ड्रिबलिंग के जादूगर शाहिद को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।आस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर खिताब जीता जबकि पश्चिम जर्मनी तीसरे स्थान पर रहा । तीन बार का चैम्पियन पाकिस्तान 11वें स्थान पर रहा।

1990 लाहौर :

राजनीतिक तनाव, मेजबान दर्शकों की आक्रामकता और सुरक्षा चिंताओं के बीच भारतीय टीम ने परगट सिंह की कप्तानी में लाहौर में विश्व कप खेला। भारत दसवें स्थान पर रहा लेकिन इतनी प्रतिकूल परिस्थितियों में भी आपा नहीं खोने के कारण FIH ‘फेयरप्ले’ पुरस्कार भारतीय टीम को मिला।नीदरलैंड ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता जबकि आस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर रहा।

1994 सिडनी:

जूड फेलिक्स की कप्तानी में भारतीय टीम ने कृत्रिम टर्फ पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए पांचवां स्थान हासिल किया था। पाकिस्तान ने नीदरलैंड को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर खिताब जीता जबकि आस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर रहा।

1998 यूट्रेक्ट :

इस विश्व कप में पूरी तरह से यूरोपीय टीमों का दबदबा रहा। मेजबान नीदरलैंड ने स्पेन को हराकर तीसरा खिताब जीता जबकि जर्मनी तीसरे स्थान पर रहा। धनराज पिल्लै की कप्तानी वाली भारतीय टीम नीदरलैंड में परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने में नाकाम रही और निराशाजनक नौवें स्थान पर रही।

2002 कुआलालम्पुर :

पहली बार 16 टीमों की भागीदारी में हुए विश्व कप में जर्मनी ने आस्ट्रेलिया को हराकर पहली बार खिताब जीता जबकि नीदरलैंड तीसरे स्थान पर रहा। भारत नौ मैचों में तीन जीत, एक ड्रॉ और पांच हार के साथ दसवें स्थान पर रहा।

2006 मोंशेंग्लाबाख , जर्मनी :

दिलीप टिर्की की कप्तानी में भारतीय टीम पूल चरण में एक भी मैच नहीं जीत सकी और एकमात्र ड्रॉ दक्षिण अफ्रीका से खेलने के बाद आखिरी स्थान पर रही। क्लासीफिकेशन मैच में राजपाल सिंह के एक गोल से दक्षिण अफ्रीका को हराने के बाद 12 टीमों में 11वें स्थान पर रही। जर्मनी ने आस्ट्रेलिया को हराकर लगातार दूसरा खिताब जीता जबकि स्पेन तीसरे स्थान पर रहा।

2010 दिल्ली :

दिल्ली में हुए इस विश्व कप में खचाखच भरे मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम पर पूल चरण में पाकिस्तान को 4-1 से हराना ही मेजबान भारत की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। पूल चरण में चौथे स्थान पर रही भारतीय टीम सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सकी और आठवां स्थान हासिल किया। आस्ट्रेलिया ने जर्मनी को 2-1 से हराकर खिताब जीता जबकि नीदरलैंड तीसरे स्थान पर रहा।

 2014 द हेग :

पूल चरण में बेल्जियम, इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया से करारी हार झेलने वाली भारतीय टीम नौवे स्थान पर रही। आकाशदीप सिंह ने टूर्नामेंट में पांच गोल किये । आस्ट्रेलिया ने नीदरलैंड को 6-1 से हराकर खिताब जीता और अर्जेंटीना तीसरे स्थान पर रहा।

2018 भुवनेश्वर :

हॉकी के गढ ओडिशा में पहली बार हुए विश्व कप में भारत ने पूल चरण में बेल्जियम जैसे दिग्गज को ड्रॉ पर रोका और दक्षिण अफ्रीका तथा कनाडा को हराकर शीर्ष पर रहा। मनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली मेजबान टीम क्वार्टर फाइनल में नीदरलैंड से कड़े मुकाबले में 1-2 से हारकर छठे स्थान पर रही जो कई साल में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। बेल्जियम ने पेनल्टी शूटआउट में नीदरलैंड को हराकर खिताब जीता जबकि आस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर रहा।

2023 भुवनेश्वर और राउरकेला:

लगातार दूसरी बार अपनी मेजबानी में हुए विश्व कप में भारत पूल चरण में दूसरे स्थान पर रहा। क्रासओवर मैच में न्यूजीलैंड ने उसे पेनल्टी शूट आउट में हराया। हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में भारतीय टीम नौवे स्थान पर रही। जर्मनी ने बेल्जियम को शूटआउट में हराकर खिताब जीता जबकि नीदरलैंड तीसरे स्थान पर रहा।

SIP या Lump Sum? जानें कहां मिलेगा सबसे ज्यादा रिटर्न! रिटायरमेंट के लिए एक्सपर्ट्स ने बताए ये धांसू फंड्स!

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव ने म्यूचुअल फंड के निवेशकों को अपने इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी पर दोबारा विचार करने को मजबूर कर दिया है। इसकी वजह यह है कि सिप के कई निवेशकों की शिकायत है कि पिछले दो साल में सिप से लगातार निवेश करने के बावजूद उनका पैसा ज्यादा नहीं बढ़ा है। कई इनवेस्टर्स तो सिप बंद करने के बारे में सोचने लगे हैं। सवाल है कि क्या सिप की जगह एकमुश्त निवेश करने से ज्यादा रिटर्न मिलेगा?

एकमुश्त और सिप दोनों तरीके निवेश के लिए सही

एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेश के दोनों ही तरीके ठीक हैं। दोनों में कौन सा तरीका ज्यादा सही है, यह निवेशक के रिस्क लेने की क्षमता और निवेश करने की कपैसिटी पर निर्भर करता है। जो निवेशक एक बार में बड़े अमाउंट का निवेश नहीं कर सकते, उनके लिए सिप हमेशा निवेश का ज्यादा सुविधाजनक तरीका है। आज सिप के रास्ते म्यूचुअल फंड्स की इक्विटी स्कीमों में काफी ज्यादा पैसा आ रहा है। इनमें से कई निवेशकों के लिए एकमुश्त निवेश करना मुश्किल हो सकता है।

एकमुश्त निवेश के लिए बड़ा फंड जरूरी है

एकमुश्त निवेश के लिए बड़ा अमाउंट जरूरी है। अगर किसी के पास बोनस या किसी दूसरे तरीके से बड़ा फंड आया है तो वह एकमुश्त निवेश म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में कर सकता है। एकमुश्त निवेश करना तब फायदेमंद होता है, जब बाजार में स्टैबिलिटी होती है या बाजार चढ़ रहा होता है। ऐसा होने पर निवेशक को अपने पैसे पर अच्छा रिटर्न मिलता है। लेकिन, उतार-चढ़ाव वाले बाजार में एकमुश्त निवेश करना रिस्की हो सकता है।

रिटायरमेंट के लिए मल्टी एसेट फंड में निवेश समझदारी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति रिटायरमेंट के लिए म्यूचुअल फंड्स की स्कीम में आज निवेश करना चाहता है तो वह मल्टी एसेट फंड में निवेश कर सकता है। इसकी वजह यह है कि यह स्कीम कई तरह के एसेट्स में निवेश करती है। यह एक तरह की हाइब्रिड स्कीम है। यह इक्विटी, डेट और कमोडिटी खासकर गोल्ड और सिल्वर में निवेश करती है। लंबी अवधि में हर एसेट में निवेश से अच्छा रिटर्न मिलता है। इस फंड के लिए हर एसेट में कम से कम 10 फीसदी निवेश करना जरूरी है।

मल्टी एसेट फंड में डायवर्सिफिकेशन का फायदा 

मल्टी एसेट फंड में निवेश करना का दूसरा फायदा यह है कि इससे डायवर्सिफिकेशन का मकसद पूरा हो जाता है। डायवर्सिफिकेशन से निवेश से जुड़ा रिस्क कम हो जाता है। इसकी वजह है कि आम तौर पर हर एसेट क्लास में एक साल साथ गिरावट नहीं आती है।

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एक एसेट का रिटर्न कमजोर होने पर दूसरे का रिटर्न अच्छा रहता है

कई बार इक्विटी मार्केट जब बेयरिश फेज में होता है तो गोल्ड और सिल्वर का प्रदर्शन अच्छा होता है। पिछले दो सालों में निवेशकों को शेयर बाजार से ज्यादा रिटर्न नहीं मिला है, लेकिन गोल्ड और सिल्वर ने बहुत अच्छे रिटर्न दिए हैं। ऐसे पीरियड में मल्टी एसेट फंड का प्रदर्शन अच्छा रहता है।

Kangana Ranaut: ‘पाकिस्तान के प्यार में मारे रहते हैं’, कंगना रनौत ने नसीरुद्दीन शाह को सुनाई खरी-खोटी

Kangana Ranaut: एक्टर और BJP सांसद कंगना रनौत ने हाल ही में स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर सीनियर एक्टर नसीरुद्दीन शाह की टिप्पणियों पर तीखा तंज कसते हुए उन्हें “लोमड़ी” कहा। अब कंगना ने अपनी बात का बचाव किया है और एक्टर पर “पाकिस्तान के प्रति उनके प्यार” को लेकर निशाना साधा है, साथ ही फिल्म इंडस्ट्री पर “दोहरेपन” का आरोप भी लगाया है।

कंगना रनौत ने नसीरुद्दीन शाह को ‘लोमड़ी’ कहने का बचाव किया

ANI के साथ बातचीत में, कंगना ने फ़िल्म इंडस्ट्री के “लगातार बने हुए रवैये” की आलोचना की और जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान मची अफरातफरी को याद किया। उन्होंने दावा किया कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान, उनके कई सांसद दोस्तों की गाड़ियों पर लोग चढ़ गए थे और उनकी खिड़कियां तोड़ दी थीं, जबकि उनके घर के बाहर करीब 2,500 लोग जमा हो गए थे, जिसके कारण भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा और उनके परिवार को रात भर जागना पड़ा।

उन्होंने आगे कहा, “तो जब जंतर-मंतर पर ऐसी स्थिति बन रही थी, तो वे सभी मगरमच्छ के आंसू बहा रहे थे। लेकिन अब जब झारखंड में बच्चे इस तरह के उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं, तो क्या वे भी ‘जेन ज़ी’ (Gen Z) नहीं हैं? क्या कोई व्यक्ति तभी ‘जेन ज़ी’ माना जाता है जब वह देश के खिलाफ काम करता है या प्रधानमंत्री को अपशब्द कहता है? उन्हें खुद ही युवाओं के खिलाफ दिखाया गया है। फिल्म इंडस्ट्री का यह पाखंड नहीं चलेगा। फ़िल्म इंडस्ट्री के लोग जंतर-मंतर के लिए जो मगरमच्छ के आंसू बहा रहे थे, उन्हें झारखंड के बच्चों के लिए भी वैसे ही आंसू बहाने चाहिए।”

इसके बाद उन्होंने नसीरुद्दीन शाह के बारे में अपनी “लोमड़ी” टिप्पणी का बचाव करते हुए कहा, “मैंने नसीरुद्दीन शाह के बारे में ऐसा इसलिए कहा क्योंकि उन्होंने एक बेहद आपत्तिजनक वीडियो बनाया था जिसमें वे इस तरह की धमकियां दे रहे थे। और जब भी आप उनकी फिल्में, साक्षात्कार या बयान देखें, बात हमेशा पाकिस्तान की ही होती है। ये पाकिस्तान की प्रेम कथा कब खत्म होगी? जब देखो पाकिस्तान के प्रेम में ये मरे रहते हैं। अब बंटवारे को भी इतने साल हो गए हैं तो ये प्रेम कहानी खत्म क्यों नहीं हो रही है?”

कंगना रनौत ने नसीरुद्दीन शाह को ‘लोमड़ी’ क्यों कहा?

पिछले हफ्ते, अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर, कंगना ने नसीरुद्दीन की टिप्पणी पर अभिनेता पीयूष मिश्रा की एक टिप्पणी को दोबारा पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने झारखंड में छात्र विरोध प्रदर्शन पर अनुभवी अभिनेता की चुप्पी पर सवाल उठाया था। उन्होंने एक अलग नोट जोड़ा जिसमें लिखा था, “सच तो ये है कि हर कोई न किसी का कुत्ता है लेकिन मुझे इस बात का गर्व है कि मैं जिस घर (देश) की रोटी खाती हूं उसकी रखवाली करती हूं, उसके लिए लड़की हूं। नसीर साहब खाते तो इस देश के हैं लेकिन लड़ते पड़ोसी देश के लिए हैं।” (सच्चाई यह है कि हममें से हर कोई किसी न किसी का पालतू है। मुझे गर्व है कि मैं उसी घर की रक्षा और बचाव करता हूं जहां से मुझे खाना मिलता है। लेकिन नसीर साहब इस जमीन से खाते हैं और पड़ोसी देश की रक्षा करते हैं)।”

उन्होंने आगे कहा, “PS: आज के समय में कुत्ता कहलाना एक तारीफ़ है क्योंकि वफ़ादारी और क्यूटनेस बहुत कम देखने को मिलती है। मैं नसीरुद्दीन की तरह लोमड़ी बनने के बजाय कुत्ता बनना ज़्यादा पसंद करूंगी।” इससे पहले नसीरुद्दीन शाह ने NEET पेपर लीक को लेकर CJP के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के ख़िलाफ़ कथित पुलिस बर्बरता के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई थी।

कल का मौसम: 13 अगस्त को यूपी समेत 20 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट! इन 2 इलाकों में IMD ने जारी की रेड कलर वॉर्निंग

Weather Update 13 August: दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के बड़े हिस्से में सक्रिय बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे के दौरान पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई है। इस बीच आईएमडी ने 13 अगस्त के मौसम को लेकर भी एक विस्तृत चेतावनी बुलेटिन जारी किया है। इसके मुताबिक देश के उत्तरी, पूर्वी, मध्य, पश्चिमी और दक्षिण-प्रायद्वीपीय हिस्सों में बादलों की तगड़ी आवाजाही के बीच मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार देश के 20 से अधिक राज्यों में तेज से बहुत तेज बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है। इस मानसूनी बारिश के बीच सबसे गंभीर स्थिति पूर्वी भारत के दो राज्यों में देखने को मिल सकती है। इन राज्यों में अत्यधिक भारी बारिश को ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग ने रेड कलर वार्निंग जारी की है।

गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा के लिए रेड वार्निंग

मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार 13 अगस्त को गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा के अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार से भी बेहद भारी बारिश यानी अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। इसी परिस्थिति को देखते हुए इन दोनों इलाकों के लिए रेड कलर वार्निंग जारी की गई है। इसका सीधा मतलब है कि स्थानीय प्रशासन और नागरिक स्थिति को लेकर पूरी तरह सतर्क रहें और आवश्यक कदम उठाएं। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने मौसम प्रणालियों के प्रभाव से तटीय इलाकों में तेज बारिश के साथ-साथ निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या पैदा हो सकती है।

छत्तीसगढ़ में बहुत भारी बारिश का अनुमान

मध्य भारत के राज्य छत्तीसगढ़ के मौसम में भी 13 अगस्त को खासा असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इसके साथ ही राज्य के कई इलाकों में मेघगर्जन और बिजली चमकने का अंदेशा भी जताया गया है, जिससे नदी-नालों में उफान और ग्रामीण तथा शहरी इलाकों में दैनिक जीवन प्रभावित हो सकता है।

उत्तर प्रदेश और पहाड़ी राज्यों समेत 20 से अधिक राज्यों में भारी बारिश

देश के एक बड़े हिस्से में 13 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। उत्तर भारत में पूर्वी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के कई स्थानों पर भारी बारिश की प्रबल संभावना है। पश्चिमी भारत और उससे सटे क्षेत्रों में राजस्थान, गुजरात क्षेत्र, कोंकण एवं गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र के इलाकों में भी तेज बौछारें पड़ सकती हैं।

मध्य और पूर्वी भारत की बात करें तो पश्चिम मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान है। पूर्वोत्तर राज्यों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है, जहां अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह के इलाकों में भी भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है।

तेज आंधी, बिजली चमकने और हवाओं की रफ्तार का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। आंध्र प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है।

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इसी तरह अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति वाली हवाओं के साथ बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, पूरे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और विदर्भ में भी बिजली चमकने के साथ वज्रपात का अलर्ट दिया गया है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में सतह पर तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

समंदर में तूफानी हलचल और मछुआरों के लिए चेतावनी

अरब सागर में मानसूनी हवाओं के प्रभाव से मौसम काफी उग्र रहने की संभावना है। सोमालिया और ओमान तट के पास और उससे दूर, पश्चिमी-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों तथा दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे की झोंकेदार रफ्तार तक पहुंच सकती हैं। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और प्रतिकूल मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को इन क्षेत्रों तथा गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है।

IRCTC ने सावन के महीने में दिया भक्तो को नया तोहफा, सिरडी के साई बाबा के दर्शन करे इस सस्ते पैकेज से!

IRCTC ने श्रद्धालुओं के लिए एक खास टूर पैकेज पेश किया है। इस पैकेज के जरिए ट्रैवलर को महाराष्ट्र के तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। यह पैकेज आपके लिए सुविधाजनक है, क्योंकि इसमें यात्रा के दौरान टिकट, होटल और आने-जाने की व्यवस्था को लेकर आपको अलग से ज्यादा भागदौड़ नहीं करनी होगी। मतलब एक ही पैकेज में यात्रा और दर्शन से जुड़ी कई सुविधाएं मिलेंगी।

 

 

ट्रैवल शेड्यूल

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यह टूर कुल 5 दिन और 4 रातों का है। जर्नी हर गुरुवार को शुरू होगी और सोमवार को वापस लौटेंगे। सफर पुष्पक एक्सप्रेस (12533/12534) से होगा। पैसेंजर कानपुर सेंट्रल, उन्नाव, ऐशबाग, बादशाह नगर या गोमती नगर से ट्रेन पकड़ सकते हैं। गुरुवार शाम ट्रेन से निकलने के बाद रातभर सफर रहेगा और शुक्रवार दोपहर करीब 4:15 बजे मनमाड स्टेशन पहुंचेंगे।

 

 

दर्शनीय तीर्थ स्थल

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मनमाड स्टेशन पहुंचने के बाद IRCTC की एसी गाड़ी पैसेंजर को शिरडी के होटल तक लेकर जाएगी। होटल में आराम करने के बाद शाम को साईं बाबा के दर्शन के लिए समय मिलेगा। शनिवार सुबह नाश्ते के बाद त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग और शनि शिंगणापुर मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। दर्शन के बाद वापस शिरडी के होटल में लौटकर आराम किया जा सकेगा। लेकिन दोपहर के खाने का खर्च पैसेंजर को खुद उठाना होगा।

 

 

 

पैकेज फैसिलिटीज

पैकेज में 2AC या थर्ड इकोनॉमी में आने-जाने का कन्फर्म ट्रेन टिकट शामिल है। शिरडी में दो रात होटल में ठहरने के साथ दोनों दिन सुबह का नाश्ता भी मिलेगा। स्टेशन से होटल और मंदिरों तक आने-जाने के लिए शेयरिंग बेस पर एसी गाड़ी की सुविधा रहेगी। पैसेंजर की सुरक्षा के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस भी पैकेज में शामिल है। पैकेज की शुरुआती कीमत करीब ₹14,145 से ₹14,910 के बीच है।

 

 

कैंसिलेशन पॉलिसी

यात्रा से 15 दिन पहले टिकट कैंसिल करने पर सिर्फ ₹250 काटे जाएंगे। 8 से 14 दिन पहले कैंसिल करने पर कुल राशि का 25 प्रतिशत और 4 से 7 दिन पहले कैंसिल करने पर 50 प्रतिशत राशि काटी जाएगी। यदि ट्रिप में 4 दिन से कम समय बचा है, तो कैंसिलेशन पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा। बुकिंग के लिए IRCTC Tourism की ऑफिशल वेबसाइट irctctourism.com पर जाकर सीट बुक की जा सकती है।

 

शिरडी, त्र्यंबकेश्वर और शनि शिंगणापुर जैसे पवित्र स्थलों के दर्शन करने के लिए यह टूर पैकेज परफेक्ट है। ट्रेन यात्रा, होटल, नाश्ता और घूमने की सुविधा एक ही पैकेज में मिलने से यात्रा की प्लानिंग आसान हो जाती है।

El Nino impact: मजबूत हो रहा अल नीनो! अगले 2 हफ्तों में मानसून को लेकर सामने आई टेंशन वाली बात, इन चीजों को लेकर रिस्क बढ़ा

Monsoon & El Nino update: भारत की अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। मौसम विभाग (IMD) के दो वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, मजबूत हो रहे अल नीनो (El Nino) के असर की वजह से अगले दो हफ्तों के दौरान देश के पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी क्षेत्रों में औसतन से कम बारिश होने की संभावना है। ‘रॉयटर्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक मानसून में आने वाली इस सुस्ती और शुष्क मौसम के लंबे खिंचने से हाल ही में बोई गई कपास, सोयाबीन, मक्का और दालों (दलहन) की फसलों पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है।

मानसून में कमी से सिंचाई और कृषि आजीविका पर बड़ा असर

भारत में वार्षिक वर्षा का करीब 70 फीसदी हिस्सा मानसूनी बारिश से ही आता है। ये देश के महत्वपूर्ण जल स्रोतों को रीचार्ज करने के लिए बेहद जरूरी है। भारत में कृषि भूमि का लगभग आधा हिस्सा आज भी सिंचाई सुविधाओं से वंचित है और देश की करीब आधी आबादी अपनी आजीविका के लिए सीधे तौर पर कृषि पर निर्भर है।

न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, IMD के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अगले दो हफ्तों के दौरान देश के कुछ पूर्वी और उत्तरी राज्यों को छोड़कर अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इसदौरान देश के पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों में बारिश की कमी काफी महत्वपूर्ण या गंभीर हो सकती है।

1 जून से अब तक 12 प्रतिशत कम हुई बारिश और बढ़ा तापमान का खतरा

चालू मानसून सीजन में 1 जून से लेकर अब तक भारत में औसत से 12 फीसदी कम बारिश हुई है। देश के कुछ राज्यों में स्थिति और भी चिंताजनक है। उदाहरण के लिए दक्षिणी राज्य आंध्र प्रदेश में बारिश की कमी का आंकड़ा 34 फीसदी तक पहुंच गया है।

मौसम विभाग के एक दूसरे अधिकारी ने बताया कि मजबूत होते अल नीनो की वजह से आने वाले हफ्तों में बारिश और कम होगी। इससे महीने के अंत तक बारिश की कमी का यह अंतर और अधिक बढ़ सकता है। इसके साथ ही आने वाले सप्ताहों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होने और इसके सामान्य से ऊपर बने रहने की संभावना जताई गई है।

नई बोई गई सोयाबीन, कपास और मक्का की फसलों पर मंडराया जोखिम

जुलाई महीने में हुई सामान्य के करीब बारिश की वजह से मिट्टी में नमी बढ़ गई थी। इसके बाद किसानों ने सोयाबीन, कपास, मक्का, दालें और धान जैसी खरीफ की फसलों की बुवाई में तेजी दिखाई थी। मुंबई बेस्ड एक ग्लोबल ट्रेड हाउस के डीलर के मुताबिक नई बोई गई इन फसलों की जड़ें अभी तक मिट्टी में गहराई तक नहीं पहुंची हैं। ऐसी स्थिति में, बारिश के बिना लंबा शुष्क दौर चलने से ये फसलें बेहद संवेदनशील हो जाती हैं और इन्हें भारी नुकसान पहुंचने का जोखिम बढ़ जाता है।

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कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 7 अगस्त तक किसानों ने 96.8 मिलियन (9.68 करोड़) हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई कर ली थी। ये एक साल पहले की इसी अवधि की तुलना में करीब 2 प्रतिशत कम है। अब अल नीनो के मजबूत होने और मानसून के कमजोर पड़ने से इन फसलों के उत्पादन को लेकर जोखिम काफी बढ़ गया है।