भारतीय हॉकी टीम सिर्फ पाक से बेहतर, श्रीजेश समेत इन दिग्गजों ने की आलोचना

विश्व कप में 51 साल बाद पदक जीतने का सपना लेकर गई भारतीय पुरूष हॉकी टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने में भी नाकाम रहने के बाद पूर्व दिग्गजों ने युवा खिलाड़ियों को मौका नहीं देने और उसी कोर ग्रुप के साथ लगातार खेलने पर सवाल उठाये हैं।अर्जेंटीना से 3 -5 से हारने के बाद भारत की सेमीफाइनल की उम्मीदें भी खत्म हो गई और इससे वे कमजोरियां भी उजागर हुई जो पेरिस ओलंपिक के बाद से लगातार चली आ रही थी।

पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि धीमी शुरूआत, मौके गंवाने और डिफेंस में चूक से आगे यह समस्या और बड़ी है और इसका हल काफी पहले निकाला जाना चाहिये था।

भारतीय टीम विश्व कप से पहले स्विटजरलैंड में मानसिक दृढता बढाने के लिये बूट कैंप में गई लेकिन टूर्नामेंट में दबाव का सामना नहीं कर सकी। ड्रैग फ्लिकर और कप्तान हरमनप्रीत सिंह पर अधिक निर्भरता का खामियाजा भुगतना पड़ा जबकि वह पूरी तरह फिट नहीं थे। मनप्रीत सिंह और मनदीप सिंह जैसे सीनियर अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके।नतीजा यह हुआ कि अंकतालिका में भारतीय टीम फिलहाल सिर्फ पाकिस्तान से ऊपर है और 8वें स्थान पर है।

पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद संन्यास लेने वाले गोलकीपर पी आर श्रीजेश ने कहा ,‘‘सीनियर खिलाड़ियों के जाने के बाद उनकी जगह कौन लेगा । क्या हमने दूसरी जमात तैयार की है। लॉस एंजिलिस ओलंपिक में दो ही साल बचे हैं और उससे पहले करीब तीस अंतरराष्ट्रीय मैच ही होंगे। क्या ओलंपिक के लिये इससे खिलाड़ी तैयार हो सकते हैं। नहीं।’’उन्होंने कहा ,‘‘ विश्व कप की टीम में भी भी वही कोर खिलाड़ी हैं जबकि मनमीत सिंह, आमिर अली, रोशन कुजूर, तालेम प्रियब्रत, रोहित, अर्शदीप जैसे कई प्रतिभाशाली जूनियर इंतजार ही कर रहे हैं।’’

पूर्व ओलंपियन जगबीर सिंह ने कहा कि चयन के कुछ फैसले बेहतर हो सकते थे।उन्होंने कहा ,‘‘ जूनियर खिलाड़ियों को सही समय पर मौके मिलने चाहिये और चयन के कुछ फैसले बेहतर हो सकते थे। तैयारी ओलंपिक से ओलंपिक की होनी चाहिये । कोचिंग स्टाफ ने अनुभव को ही तरजीह दी जो काम नहीं आया। भारत के पास यह सर्वश्रेष्ठ मौका था लेकिन प्रदर्शन में निरंतरता नहीं दिखी। हर दस मिनट में डिफेंस चरमरा रहा था।’’

ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता कप्तान रहे वासुदेवन भास्करन ने कहा ,‘‘ मैने पिछले चार साल में किसी भारतीय फॉरवर्ड को अच्छा खेलते नहीं देखा। बैक पास कहां थे, गोल पर कितने हमले किये और फुल प्रेस जाने के समय मिडफील्ड पूरा खाली छोड़ दिया।’उन्होंने कहा ,‘‘ हमने नये खिलाड़ियों को मौके ही नहीं दिये। नीदरलैंड की पेरिस ओलंपिक टीम के छह स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी विश्व कप टीम में नहीं थे। हम हमदर्दी, पिछले रिकॉर्ड और आंकड़ों पर ही टीम चुन लेते हैं। कम से कम छह जूनियर खिलाड़ियों को प्रो लीग में आजमाना चाहिये था।’’

वहीं एक और दिग्गज परगट सिंह का मानना है कि भारतीय हॉकी का आंतरिक ढांचा इतना कमजोर है कि प्रतिभायें निकलती ही नहीं है।उन्होंने कहा ,‘‘ अच्छी घरेलू स्पर्धायें नहीं होने से हमारे पास अच्छी बेंच स्ट्रेंथ नहीं है। यूरोप में कई डिविजन की लीग होती है जो हमारे यहां नहीं है। पहले बेटन कप, आगा खान कप, बांबे गोल्ड कप, मुरूगप्पा कप, नेहरू हॉकी से अच्छी प्रतिभायें निकलती थी। सारा ढांचा ही खराब कर दिया है। इसके अलावा नये खिलाड़ियों को मौका देना था तो दो साल पहले ही बदलाव की शुरूआत कर देनी चाहिये थी।’’

Spinny partners with Nissan, MG and Tesla for exclusive benefits

Spinny partners with Nissan, MG and Tesla for exclusive benefits
Spinny

Spinny has expanded its partnerships with Nissan, JSW MG Motor and Tesla, covering new-car exchanges, pre-owned EVs and other vehicle ownership services. The tie-ups span different stages of the ownership cycle, including buying, selling, exchanging and upgrading vehicles.

  1. Nissan customers can get exchange benefits of up to Rs 75,000
  2. Tesla has appointed Spinny as a preferred exchange partner
  3. JSW MG Motor India partnership focuses on certified pre-owned EVs

Spinny operates across more than 80 cities with 57+ Car Hubs, 17 Spinny Parks and 15+ Integrated Restoration Centres, according to the company.

Nissan, Tesla exchange programmes

Under the Nissan partnership, customers buying a new Nissan can have their existing vehicle evaluated and exchanged through Spinny. The programme includes a 55-minute vehicle exchange process and benefits of up to Rs 75,000. A Spinny-issued Buying Letter is accepted as proof of exchange.

Tesla has appointed Spinny as a preferred exchange partner under its Switch and Save programme. The arrangement allows customers to sell an existing internal-combustion vehicle when buying a new Tesla.

Spinny expands pre-owned EV operations

The partnership with JSW MG Motor India focuses on the pre-owned EV market. It combines JSW MG Motor India’s electric-mobility expertise with Spinny’s vehicle evaluation, certification, refurbishment and retail capabilities.

The programme covers the MG Comet EV, MG Windsor EV and MG ZS EV. Customers buying certified pre-owned MG EVs through Spinny will receive a battery health assessment and certification, continuity of the OEM warranty and fixed pricing, along with Spinny’s inspection and refurbishment processes.

Spinny said its EV evaluation process also includes battery health assessment and certification for customers selling their electric vehicles. The service is currently available in Bengaluru, Chennai, Delhi NCR, Hyderabad, Kochi, Mumbai, Pune, Jaipur, Ahmedabad, Kolkata, Lucknow, Chandigarh and Coimbatore.

गुरुग्राम में बारिश का ऐसा कहर कि करोड़ों के फ्लैट और लग्जरी कारें भी बेकार! स्कूल चलेंगी ऑनलाइन, ऑफिसों में WFH

Gurugram Rain: देश के सबसे महंगे और आधुनिक शहरों में गिने जाने वाले गुरुग्राम की चमक तेज बारिश के सामने फीकी पड़ गई है। हरियाणा के इस प्रमुख शहर में भारी जलभराव ने आम लोगों से लेकर करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी और लग्जरी कारों तक सबको एक ही कतार में ला खड़ा कर दिया है। हालत यह रही कि महंगे इलाकों में रहने वाले लोगों को भी पानी से भरी सड़कों पर निकलने में भारी परेशानी हुई।

बारिश के कारण गुरुग्राम की कई प्रमुख सड़कें और अंडरपास पानी में डूब गए। ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। कई जगह स्कूल बसें तथा एंबुलेंस तक जलभराव में फंस गईं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने आज यानी 25 अगस्त को जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में क्लासेस ऑनलाइन कराने का निर्देश दिया है। वहीं कॉरपोरेट और निजी कंपनियों को कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) की सुविधा देने की सलाह दी गई है।

75 MM बारिश ने बिगाड़े हालात

जिला प्रशासन ने बताया कि सोमवार को गुरुग्राम में 70 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। राजीव चौक, इफ्को चौक, रेलवे रोड, सेक्टर-5, पुरानी दिल्ली रोड, महरौली रोड और बसई रोड समेत प्रमुख इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए। नाहरपुर अंडरपास में भी पानी भर गया। कई सड़कों पर ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रही। लोग पानी से भरी सड़कों से गुजरते दिखाई दिए। पुराने गुरुग्राम के सदर बाजार, गुरुद्वारा रोड और पुरानी दिल्ली रोड समेत कई इलाकों में जलभराव के कारण घंटों तक भारी जाम लगा रहा।

ट्रैफिक जाम से हाहाकार

ट्रैफिक पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सिरहौल बॉर्डर, राजीव चौक, नरसिंहपुर और कुछ अन्य जगहों पर वाहनों की आवाजाही बाधित रही। उन्होंने कहा कि स्थिति संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। ‘साइबर हब’ के पास गेटवे टावर मेट्रो स्टेशन के सामने एक्सप्रेसवे का एक बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया, जिससे प्रमुख मार्ग पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ।

शीतला माता रोड पर बुरा हाल

शीतला माता रोड भी सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल रहा। इस सड़क पर मानसून में अक्सर बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। बारिश के दौरान नगर निगम के अधिकारी मौके पर सक्रिय रहे। नगर निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया और अतिरिक्त नगर निगम आयुक्त यश जालुका ने गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और नगर निगम के अधिकारियों के साथ जलभराव वाले इलाकों का निरीक्षण किया।

स्कूल बसों में फंसे बच्चे, 5-6 घंटे की देरी

बारिश का सबसे बड़ा असर स्कूली बच्चों पर देखने को मिला। कई स्कूल बसें पानी में फंस गईं और बच्चों को घर पहुंचने में सामान्य से 5 से 6 घंटे ज्यादा समय लगा। जलभराव के कारण कई परिवारों को अपने बच्चों के घर लौटने को लेकर घंटों चिंता में रहना पड़ा। यही वजह है कि प्रशासन ने 25 अगस्त को स्कूलों को ऑनलाइन करने का फैसला लिया।

करोड़ों की प्रॉपर्टी भी नहीं बचा पाई

गुरुग्राम की पहचान देश के सबसे महंगे रियल एस्टेट बाजारों में होती है। गोल्फ कोर्स रोड जैसे इलाकों में करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी मौजूद है। लेकिन सोमवार 24 अगस्त को हुई बारिश ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया- क्या करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी भी खराब इंफ्रास्ट्रक्चर और जलभराव से बचा सकती है?

सोशल मीडिया पर लोगों ने इस स्थिति को लेकर कई पोस्ट किए। कुछ लोगों ने यह तक कहा कि शहर में करोड़ों रुपये के फ्लैट और महंगी कारें होने के बावजूद अगर सड़कें पानी में डूब जाएं तो इन संपत्तियों की असली उपयोगिता कितनी रह जाती है।

एक सोशल मीडिया यूजर ने शेयर किया कि उसने कार खरीदने के बजाय अपना पैसा शेयर बाजार में निवेश किया था। लेकिन बारिश के दौरान उसे एक बाइक सवार ने मदद करके सुरक्षित जगह तक पहुंचाया। इस घटना ने गुरुग्राम के जलभराव और शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर पर बहस को और तेज कर दिया।

तीसरी बार बारिश ने रोका गुरुग्राम

इस मानसून में यह पहली बार नहीं है जब गुरुग्राम की रफ्तार थमी हो। इससे पहले 9 जुलाई को भी लगातार बारिश के बाद निजी संस्थानों और कॉरपोरेट ऑफिसों के लिए WFH की सलाह दी गई थी। अगस्त के पहले सप्ताह में भी लगातार बारिश के बाद दो दिन के लिए WFH एडवाइजरी जारी की गई थी। उस दौरान 24 घंटे में गुरुग्राम में करीब 97 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। IMD ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। कई निचले इलाकों में पानी भर गया था।

₹1,400 करोड़ खर्च के बावजूद उठे सवाल

बारिश के बाद गुरुग्राम के इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा सरकार पर निशाना साधते हुए शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को ध्वस्त बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुग्राम पर करीब ₹1,400 करोड़ खर्च किए जाने के बावजूद शहर बारिश के दौरान जलभराव से जूझ रहा है। सुरजेवाला ने स्कूल बसों के फंसने, सड़कों पर पानी भरने और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। गुरुग्राम समेत दिल्ली-एनसीआर में आज भी भारी बारिश हो रही है।

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3-5 से अर्जेंटीना से हारकर भारतीय हॉकी टीम हुई विश्वकप से बाहर

एम्सटेलवीन में अपने सबसे ज़रूरी पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2026 पूल ई मुकाबले में भारत निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए सोमवार को अर्जेंटीना से 3-5 से हारकर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गया। हालांकि भारत ने आखिरी मिनटों में दो गोल दागे लेकिन शुरूआती लड़खड़ाहट ने भारत का काम खराब किया।

मैच के पहले तीनों गोल पहले क्वार्टर में हुए। अर्जेंटीना ने दो गोल की बढ़त बना ली थी, लेकिन भारत ने एक गोल वापस कर लिया। अर्जेंटीना के जोकिन टोस्कानी ने सिर्फ़ 39 सेकंड में गोल किया, और निकोलस डे ला टोरे ने छठे मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल कर बढ़त दोगुनी कर दी। हालांकि, सुखजीत सिंह ने 34वें मिनट में भारत के लिए पहला गोल करके बढ़त कम कर दी।

टॉमस डोमेन ने 33वें और 45वें मिनट में दो गोल दागकर बढ़त को 4-1 पहुंचकर भारत का संघर्ष समाप्त कर दिया। डोमेन ने तीसरा गोल मैदानी किया और उनका चौथा गोल पेनल्टी स्ट्रोक पर आया। लुकास टोस्कानी ने 53वें मिनट में अर्जेंटीना का पांचवां गोल दाग दिया। हालांकि भारत ने सुखजीत सिंह के जरिये 58वें मिनट में अपना दूसरा गोल किया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। भारत को आखिरी मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक मिला जिस पर हार्दिक सिंह ने भारत का तीसरा गोल किया।

पिछले मैच में नीदरलैंड से हारने के बाद भारत पूल ई से अंतिम चार की दौड़ से लगभग बाहर ही हो गया था लेकिन अर्जेंटीना की इंग्लैंड पर जीत के बाद तकनीकी तौर पर उसके रास्ते खुले थे । इसके लिये उसे कम से कम तीन गोल के अंतर से जीत दर्ज करनी थी । भारत ने पहले छह मिनट में ही दो गोल गंवा दिये और इस दबाव से टीम निकल ही नहीं सकी । खराब पासिंग, गेंद पर कब्जा गंवाने और डिफेंस में ढिलाई का खामियाजा भारत को भुगतना पड़ा । आखिर में भारत ने दो मिनट के भीतर दो गोल किये लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी ।

इस पूल से नीदरलैंड पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुका है और अब दूसरी टीम का फैसला इंग्लैंड और नीदरलैंड के बीच होने वाले आखिरी पूल मैच से होगा ।

Trading Plan: दायरे में फंसा बाजार, ICICI सिक्योरिटीज के जय ठक्कर से जाने निफ्टी-बैंक निफ्टी में कैसे होगी कमाई

Trading Plan: मार्केट एक्सपर्ट्स की राय है कि निफ्टी में कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। बाजार को साफ दिशा पकड़ने के लिए सोमवार के ट्रेडिंग रेंज (24,150–24,300) से साफ तौर पर बाहर निकलना होगा। मंथली F&O एक्सपायरी से पहले बाजार में सावधानी का माहौल होने के बावजूद, मोमेंटम इंडिकेटर्स ने अंडरलाइंग मोमेंटम में कुछ सुधार के संकेत दिए हैं। अगर इंडेक्स 24,300 के ऊपर मजबूती दिखाता है तो यह 24,500 की ओर बढ़ सकता है। वहीं,अगर यह 24,150–24,100 के नीचे गिरता है तो 24,000 के स्तर की ओर गिरावट की संभावना बढ़ सकती है।

उधर बैंक निफ्टी के 57,235 पर अपने 50-डे EMA को बनाए रखने की संभावना है,जो इस महीने क्लोजिंग बेसिस पर अच्छी तरह से टिका हुआ है। जानकारों के अनुसार,अगर यह लेवल टूटता है तो इंडेक्स 57,000–56,700 की ओर जा सकता है,जबकि 57,900 के ऊपर जाने पर यह 58,250 की ओर बढ़ सकता है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ डेरिवेटिव्स एंड क्वांट रिसर्च, जय ठक्कर का कहना है कि निफ्टी पिछले हफ्ते और इस हफ्ते के पहले दिन भी गिरावट के साथ बंद हुआ,जिससे पता चलता है कि ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव है। बैंक निफ्टी ऊंचे स्तरों से तेजी से गिरा,जिसका असर निफ्टी पर भी पड़ा। निफ्टी का सबसे ज्यादा पुट बेस 24,000 के स्तर पर है,जो इसे निचले स्तरों पर एक अहम सपोर्ट बनाता है,जबकि 24500 का स्तर तुरंत रेजिस्टेंस का काम कर रहा है। इसलिए,इंडेक्स के लिए निकट-अवधि की रेंज 24,000–24,500 है। जब तक इस रेंज से ब्रेकआउट नहीं होता,तब तक बाजार के साइडवेज रहने की संभावना है।

अब तक रोलओवर का स्तर ठीक-ठाक रहा है। पिछले शुक्रवार तक,पूरे मार्केट में रोलओवर 40 प्रतिशत था। जबकि सोमवार तक निफ्टी में गिरावट का रुख बना रहा। इससे पता चलता है कि FIIs शॉर्ट पोजीशन बढ़ा रहे हैं या उन्हें रोलओवर कर रहे हैं (कम से कम इंडेक्स में),क्योंकि हाल ही में नेट इंडेक्स शॉर्ट्स 1.5 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स से बढ़कर 2.10 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स हो गए हैं।

हालांकि,India VIX निचले स्तरों पर ट्रेड कर रहा है,लेकिन पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशन में इसमें इंट्राडे उछाल देखा गया है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें निकट भविष्य में ग्लोबल इक्विटी के लिए एक निगेटिव फैक्टर बनी हुई हैं। जब तक कच्चे तेल की कीमतें कम नहीं होतीं,महंगाई का जोखिम इंडेक्स पर ऊपरी स्तरों पर दबाव बनाए रखता है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,500

अहम सपोर्ट: 24,000

रणनीति: 24,100 के आस-पास गिरावट आने पर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें। स्टॉप-लॉस 23,950 के नीचे रखें और टारगेट 24,400 व 24,500 रखें।

बैंक-निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि निफ्टी की तरह ही बैंक निफ्टी भी एक दायरे में फंसा हुआ है। ऊपर की तरफ,58,000 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा कॉल बेस है, जबकि स्विंग रेजिस्टेंस 58,500 पर है। नीचे की तरफ,57,000 स्ट्राइक पर सबसे ज़्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट है,जिससे यह एक तत्काल सपोर्ट लेवल बन गया है, जबकि 56,000 अगला सपोर्ट लेवल है। ऐसे में इसका शॉर्ट-टर्म रेंज 57,000–58,000 है,जबकि मीडियम-टर्म रेंज 56,000–58,500 है। निफ्टी PSU बैंक नेगेटिव ट्रेंड के साथ ट्रेड कर रहे हैं और इनमें काफी संख्या में शॉर्ट पोजीशन बनी हैं। वहीं,पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशन में प्राइवेट-सेक्टर बैंक इंडेक्स का प्रदर्शन PSU बैंक इंडेक्स से बेहतर रहा है। हालांकि एक्सिस बैंक और HDFC बैंक इसके अपवाद रहे हैं,क्योंकि बाकी ज्यादातर स्टॉक अपेक्षाकृत बेहतर ट्रेड कर रहे हैं। इसलिए,अगर बैंकिंग सेक्टर में शॉर्ट-कवरिंग होती है तो तेजी से ब्रेकआउट हो सकता है, जिससे इंडेक्स 60,000 और उससे ऊपर जा सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,000, 58,500

अहम सपोर्ट: 57,000

स्ट्रेटेजी: 58,000 के ऊपर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें,57,000 के नीचे स्टॉप-लॉस रखें और 60,000 का टारगेट रखें।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : टेक्निकल इंडीकेटर दे रहे मिलेजुले संकेत, 24300-24400 की दीवार पार होने पर ही आएगी तेजी

Trade setup for today : ऊपरी स्तरों पर हुई मुनाफा वसूली के कारण निफ्टी क्लोजिंग बेसिस पर 24,300 के लेवल (20-डे EMA) को बनाए रखने में नाकाम रहा और 24 अगस्त को 0.14 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। ट्रेडर्स 25 अगस्त को होने वाली मंथली F&O एक्सपायरी से पहले सतर्क नजर आए। मोमेंटम इंडिकेटर्स में बेयरिश क्रॉसओवर घबराहट का संकेत है,लेकिन घटता हुआ रेड हिस्टोग्राम बार बेयरिश मोमेंटम के कमजोर होने का संकेत है।

मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि सोमवार के निचले स्तर के पास स्थित 24,150-24,100 का जोन निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। इसके बाद 24,000 पर बड़ा सपोर्ट होगा। ऊपर की तरफ,24,300-24,400 का जोन रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। इस दीवार को पार होने पर 24,500 की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (24,219) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,161, 24,121 और 24,057

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस :24,290, 24,330 और 24,394

स्पेशल फॉर्मेशन : निफ्टी ने कल एक बेयरिश कैंडल बनाई जिसमें नीचे की तरफ एक साफ लोअर विक दिखी। इससे पता चलता है कि निचले स्तरों पर खरीदारी की दिलचस्पी के बावजूद बिकवाली का दबाव बना रहा। क्लोजिंग बेसिस पर इंडेक्स 20-डे EMA के नीचे रहा,लेकिन डे EMA के ऊपर बना रहा। RSI गिरकर 47.85 पर आ गया और अपनी सिग्नल लाइन के नीचे रहा,जबकि MACD रेफरेंस लाइन के नीचे बना रहा। हालांकि,लाल हिस्टोग्राम बार छोटा हो गया और स्टोकेस्टिक RSI लगातार तीसरे सेशन में भी बुलिश क्रॉसओवर बनाए रहा,जिससे कुल मिलाकर सतर्क रुख के बावजूद अंडरलाइंग मोमेंटम में कुछ सुधार का संकेत मिला।

बैंक निफ्टी (57,526) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,788, 57,937 और 58,176

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,309, 57,160 और 56,921

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,137, 58,714

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,400, 57,135

स्पेशल फॉर्मेशन : बैंक निफ्टी ने भी निफ्टी की तरह ही कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया और अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से थोड़ा नीचे बंद हुआ। इंडेक्स की दो दिन की बढ़त का सिलसिला टूट गया और इसमें 0.41 प्रतिशत की गिरावट आई। हालांकि,यह अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा जो शॉर्ट-टर्म में थोड़ी सावधानी के बावजूद इसके बेहतर स्ट्रक्चर का संकेत है। RSI गिरकर 50.53 पर आ गया और इसमें नेगेटिव क्रॉसओवर देखा गया,जबकि MACD अपनी सिग्नल लाइन के नीचे ही बना रहा। हालांकि,लाल हिस्टोग्राम बार छोटा होता गया और स्टोकेस्टिक RSI लगातार तीसरे सेशन में भी पॉजिटिव क्रॉसओवर बनाए रखने में कामयाब रहा। इससे मिले-जुले संकेत मिलते हैं। शॉर्ट-टर्म मोमेंटम को लेकर सावधानी के संकेत हैं,लेकिन अंदरूनी मजबूती में सुधार के संकेत भी दिख रहे हैं।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

24 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट खरीदार रहे और उन्होंने 1,181 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी लगातार 10वें सेशन में खरीदारी जारी रखी और 2,493 करोड़ रुपये का निवेश किया।

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX सोमवार को 2.95% बढ़कर 11.525 पर पहुंच गया। यह लगातार दूसरे सेशन में भी ऊपर की ओर बढ़ा जो थोड़ी सावधानी बरतने का संकेत है। हालांकि,यह बढ़त तेजड़ियों के लिए अभी चिंता की बात नहीं है,क्योंकि यह इंडेक्स अभी भी अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और 12 के लेवल से नीचे बना हुआ है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 24 अगस्त को गिरकर 0.83 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 1.11 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: सेल (SAIL)

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Price Today: चारों महानगरों में सबसे महंगा गोल्ड दिल्ली में, चेक करें 10 शहरों में 24 से 18 कैरट सोना कहां सबसे सस्ता

Gold Rate Today in India: कमजोर अमेरिकी डॉलर और ग्लोबल बाजार में तेजी के चलते गोल्ड की चमक आज लगातार दूसरे दिन मजबूत हुई है तो इंडस्ट्रियल डिमांड में नरमी से चांदी पर दबाव दिखा। गोल्ड की बात करें तो एक दिन की स्थिरता के बाद लगातार दो दिनों में 10 ग्राम 24 कैरट वाला गोल्ड ₹890 और 22 कैरट वाला ₹810 महंगा हुआ है। 23 अगस्त की स्थिरता से पहले लगातार तीन दिनों में 10 ग्राम 24 कैरट की शुद्धता वाला गोल्ड ₹8120 और 22 कैरट वाला ₹7450 महंगा हुआ है। अब आज की बात करें तो राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरट और 22 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹10 मजबूत हुआ है। चांदी की बात करें तो आज इसकी चमक फीकी हुई है। लगातार तीन दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव नीचे आए हैं। एक किलो चांदी आज ₹100 सस्ती हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली₹1,64,130₹1,50,460₹1,23,090
मुंबई₹1,63,980 ं₹1,50,310₹1,22,940
कोलकाता₹1,63,980₹1,50,310₹1,22,940
चेन्नई₹1,63,980₹1,50,310₹1,28,010
बेंगलुरू₹1,63,980₹1,50,310₹1,22,940
हैदराबाद₹1,63,980₹1,50,310₹1,22,940
लखनऊ₹1,64,130₹1,50,460₹1,23,090
पटना₹1,64,030₹1,50,360₹1,22,990
जयपुर₹1,64,130₹1,50,460₹1,23,090
अहमदाबाद₹1,64,030₹1,50,360₹1,22,990

तीन दिनों की स्थिरता के बाद फिसली चांदी

चांदी की बात करें तो लगातार तीन दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव कम हुए हैं। इन तीन दिनों की स्थिरता से पहले लगातार दो दिनों में एक किलो चांदी ₹10,500 ऊपर चढ़ी थी तो उससे भी एक दिन पहले 19 अगस्त को एक किलो चांदी ₹5000 नीचे आई थी। अब आज की बात करें तो दिल्ली में एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,59,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,75,100 है यानी कि चारों बड़े महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में बिक रही है।

क्या कहना है एक्सपर्ट का

लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च हेड गौरव गर्ग का कहना है कि कमजोर अमेरिकी डॉलर और सुरक्षित निवेश की मांग के चलते घरेलू बाजार में सोना तेजी से ऊपर चढ़ा। अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से निवेशकों का रुझान सुरक्षित एसेट्स की तरफ बढ़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत बढ़ी है। स्पॉट गोल्ड $42.45 यानी करीब 1% बढ़कर प्रति औंस $4,646.54 पर पहुंच गया। वहीं चांदी प्रति औंस करीब $69 पर स्थिर रही।

एनालिस्ट्स के मुताबिक अब गोल्ड की चाल सिर्फ जियो-पॉलिटिकल टेंशन से नहीं तय होगी बल्कि महंगाई और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख पर भी बाजार की नजर रहेगी। कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट (AVP) कायनात चेनवाला का कहना है कि पश्चिमी एशिया में तनाव के कारण अगर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो फेडरल रिजर्व के सामने महंगाई को लेकर चुनौती बढ़ सकती है। मार्केट की नजर इस बात पर रहेगी कि फेड इस बढ़ोतरी को अस्थायी मानता है या इससे महंगाई का बड़ा रिस्क पैदा होता है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: 25 अगस्त को फोकस में रहेंगे ये 12 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: मंगलवार, 25 अगस्त के कारोबारी सत्र में कई कंपनियों के शेयर खबरों की वजह से फोकस में रह सकते हैं। इनमें डील, बड़े ऑर्डर, OFS, फंड जुटाने और मैनेजमेंट बदलाव से जुड़ी खबरें शामिल हैं। आइए जानते हैं किन 12 शेयरों पर खास नजर रहेगी।

Hindustan Copper

सरकारी कॉपर कंपनी Hindustan Copper में सरकार OFS के जरिए 6% तक हिस्सेदारी बेच सकती है। इसमें 3% की बेस हिस्सेदारी और 3% का ग्रीन-शू ऑप्शन शामिल है। OFS का फ्लोर प्राइस ₹514 प्रति शेयर रखा गया है।

TCS

टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी TCS ने Porsche AG की 100% हिस्सेदारी वाली MHP को खरीदने की मंजूरी दी है। यह सौदा करीब 320 मिलियन यूरो का है। इसके अलावा Porsche ने TCS और MHP के साथ 5 साल का 1.25 बिलियन यूरो का समझौता किया है।

Suzlon Energy

विंड एनर्जी कंपनी Suzlon Energy आंध्र प्रदेश में 1,325 MW के नए विंड प्रोजेक्ट विकसित करने की योजना बना रही है। ये प्रोजेक्ट अनंतपुर जिले के Rayadurg विधानसभा क्षेत्र में लगाए जाएंगे। इससे राज्य में कंपनी की मौजूदगी और मजबूत हो सकती है।

ICICI Bank

प्राइवेट सेक्टर बैंक ICICI Bank ने अपने IFSC Banking Unit के जरिए 5 साल के $1 बिलियन के सीनियर अनसिक्योर्ड नोट्स की कीमत तय की है। इन डेट सिक्योरिटीज को S&P Global Ratings ने ‘BBB’ रेटिंग दी है।

Ceigall India

इंफ्रास्ट्रक्चर और रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी Ceigall India को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से करीब ₹704.70 करोड़ का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर अरुणाचल प्रदेश में Frontier Highway के निर्माण से जुड़ा है।

Lenskart

आईवियर और रिटेल कंपनी Lenskart में अगले 2-3 दिनों में करीब ₹2,800-2,900 करोड़ की ब्लॉक डील की खबर है। सूत्रों के मुताबिक Alfa अपनी कुछ हिस्सेदारी बेच सकता है। Alfa के पास कंपनी में करीब 3.4% हिस्सेदारी बताई गई है।

UCO Bank

सरकारी बैंक UCO Bank के बोर्ड ने 1 बिलियन डॉलर तक रकम जुटाने की मंजूरी दी है। बैंक इस रकम का इस्तेमाल अपनी जरूरतों और कारोबार को आगे बढ़ाने में कर सकता है।

Afcons Infrastructure

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Afcons Infrastructure को Uttar Pradesh Expressways Industrial Development Authority से जुड़े मामले में ₹335.50 करोड़ का Arbitral Award मिला है। मध्यस्थता प्रक्रिया के बाद फैसला कंपनी के पक्ष में आया है।

Coal India

सरकारी कोयला कंपनी Coal India ने सिंगापुर में अपनी नई Wholly Owned Subsidiary बनाई है। इसका नाम CIL Global है। यह कंपनी दूसरे देशों में Critical Minerals से जुड़े कारोबारी अवसर तलाशेगी।

Great Eastern Shipping

शिपिंग कंपनी Great Eastern Shipping के बोर्ड की 27 अगस्त को बैठक होगी। इसमें कंपनी के शेयर बायबैक के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। फिलहाल यह सिर्फ प्रस्ताव पर विचार करने की जानकारी है। अंतिम फैसला बोर्ड की बैठक में होगा।

HEG

ग्रेफाइट और इलेक्ट्रिकल कार्बन प्रोडक्ट कंपनी HEG ने मैनेजमेंट में बदलाव किया है। Riju Jhunjhunwala को 1 सितंबर 2026 से CEO बनाया गया है। वहीं Neha Rajvanshi को CFO नियुक्त किया गया है। दोनों नियुक्तियों के कारण शेयर पर नजर रह सकती है।

Brigade Hotel Ventures

हॉस्पिटैलिटी कंपनी Brigade Hotel Ventures ने Vinay Gupta को नया CEO नियुक्त किया है। यह नियुक्ति शेयर बाजार बंद होने के बाद सामने आई। मैनेजमेंट में बदलाव के बाद निवेशकों की नजर कंपनी की आगे की रणनीति पर रहेगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अपोलो माइक्रो सिस्टम्स ने नई डिफेंस कंपनी में 34% हिस्सेदारी खरीदी, वैज्ञानिक वीके सारस्वत करेंगे अगुवाई

Apollo Micro Systems: डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर की कंपनी Apollo Micro Systems ने नई रक्षा तकनीक कंपनी ShauryAstra Defence Systems में 34% हिस्सेदारी खरीदी है। कंपनी ने इसके लिए ₹34,000 का निवेश किया है। ShauryAstra का फोकस ऐसी रक्षा तकनीकों पर रहेगा, जिनकी जरूरत भारतीय सेना को है, लेकिन अभी उनके स्वदेशी समाधान उपलब्ध नहीं हैं।

ShauryAstra में 34% हिस्सेदारी

Apollo Micro Systems ने ShauryAstra के 3,400 इक्विटी शेयर खरीदे हैं। इनकी फेस वैल्यू ₹10 प्रति शेयर है। इस निवेश के बाद ShauryAstra में Apollo Micro Systems की हिस्सेदारी 34% हो गई है।

ShauryAstra को 21 अगस्त 2026 को शामिल किया गया था। अब यह Apollo Micro Systems की एसोसिएट कंपनी बन गई है।

डॉ. वी.के. सारस्वत का मिलेगा अनुभव

नई कंपनी का वैज्ञानिक नेतृत्व डॉ. वी.के. सारस्वत करेंगे। वह DRDO के पूर्व महानिदेशक और रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के पूर्व सचिव रह चुके हैं। वह रक्षा मंत्री के पूर्व वैज्ञानिक सलाहकार भी रहे हैं।

डॉ. सारस्वत भारत के कई बड़े रक्षा कार्यक्रमों से जुड़े रहे हैं। इनमें पृथ्वी, धनुष, प्रहार और अग्नि-5 मिसाइल कार्यक्रम शामिल हैं। वह भारत के बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस कार्यक्रम, तेजस और INS अरिहंत से भी जुड़े रहे हैं।

फोकस होगा अगली पीढ़ी की रक्षा तकनीक पर

ShauryAstra संपूर्ण हथियार प्रणालियों, लंबी दूरी की प्रणालियों और मानव रहित प्लेटफॉर्म्स पर काम करेगी। कंपनी का फोकस एडवांस्ड डिफेंस टेक्नोलॉजी विकसित करने पर रहेगा।

खास बात यह है कि कंपनी सिर्फ मौजूदा जरूरतों पर काम नहीं करेगी। वह भविष्य के युद्धक्षेत्र में आने वाली तकनीकी जरूरतों और संभावित कमियों की भी पहचान करेगी।

Apollo की मौजूदा क्षमता का मिलेगा फायदा

Apollo Micro Systems पिछले चार दशक से डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार में है। कंपनी मिशन-क्रिटिकल इलेक्ट्रॉनिक्स, एवियोनिक्स, रग्ड कंप्यूटिंग, फ्यूज, एक्ट्यूएटर्स और वेपन इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में काम करती है।

ShauryAstra रिसर्च और सिस्टम डिजाइन पर ज्यादा फोकस करेगी। वहीं Apollo Group की इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और सिस्टम इंटीग्रेशन क्षमता का इस्तेमाल उत्पादन के लिए किया जा सकेगा।

कंपनी का लक्ष्य क्या है?

Apollo Micro Systems अब सिर्फ कंपोनेंट और सबसिस्टम बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी संपूर्ण स्वदेशी हथियार प्रणालियों और प्लेटफॉर्म्स के विकास में बड़ी भूमिका बनाना चाहती है।

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर बी. करुणाकर रेड्डी के मुताबिक ShauryAstra इसी दिशा में अगला कदम है। यह पहल भारत के स्वदेशी रक्षा उत्पादन और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के मुताबिक भी है।

Apollo Micro Systems के शेयर NSE पर 0.14% गिरकर ₹384 प्रति शेयर पर बंद हुए।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Sugar Price: अगले 7 दिनों में चीनी की बढ़ती कीमतें क्या करवट लेंगी? ISMA ने पैनिक बाइंग को लेकर ये जानकारी दी

Sugar Price in India: देश में चीनी की बढ़ती कीमतें लोगों की जेब पर भारी पड़ रही हैं। त्योहारों का मौसम होने की वजह से लोग पहले ही खर्चों से घिरे हैं और ऊपर से ये कीमतें उन्हें और परेशान कर रही हैं। इस बीच चीनी उद्योग की सर्वोच्च संस्था इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) का बड़ा बयान सामने आया है। इसमा ने स्पष्ट किया है कि भारत में चीनी की कोई कमी नहीं है और घरेलू बाजार में इसकी उपलब्धता सामान्य है। संस्था का अनुमान है कि सरकार द्वारा बिना शुल्क आयात की अनुमति देने और व्यापारियों व थोक उपभोक्ताओं पर स्टॉक होल्डिंग लिमिट लागू करने के फैसलों के बाद अगले कुछ दिनों में चीनी के खुदरा दामों में गिरावट देखने को मिलेगी।

खुदरा कीमतों का मौजूदा गणित और बाजार का हाल

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश भर में चीनी की औसत खुदरा कीमत 63.05 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। ये एक महीने पहले 48.73 रुपये किलोग्राम थी। यानी एक महीने में चीनी की कीमतों में करीब 29 फीसदी इजाफा देखा गया है। सोमवार को चीनी का अधिकतम खुदरा मूल्य 75 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया जबकि इसका मॉडल प्राइस 65 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बना हुआ है।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक इसमा अध्यक्ष नीरज शिरगावकर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि कीमतों में आई यह तेजी किसी एक वजह से नहीं, बल्कि कई कारणों के एक साथ आने से हुई है। इसमें व्यापारियों और थोक खरीदारों द्वारा की गई सट्टा खरीदारी (पैनिक बाइंग) और अनुमान से कम उत्पादन मुख्य वजहें हैं। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि भारत के पास चीनी की कोई कमी नहीं है और देश में उत्पादन और स्टॉक की स्थिति बुनियादी रूप से बेहद मजबूत है।

सट्टा खरीदारी और पैनिक बाइंग ने बनाई आर्टिफिशियल कमी

इसमा अध्यक्ष ने बताया कि कीमत बढ़ने की सबसे बड़ी वजह सट्टा खरीदारी रही। कारोबारियों के एक वर्ग ने बाजार में चीनी की सप्लाई की किल्लत का भ्रामक माहौल पैदा किया। इसके जवाब में बड़े थोक खरीदारों ने डेढ़ दो महीने का अडवांस स्टॉक जमा करना शुरू कर दिया।

नीरज शिरगावकर ने कहा कि इस सट्टा खरीदारी की वजह से चीनी बाजार में सर्कुलेशन से बाहर होकर गोदामों में बंद हो गई। इसी वजह से बाजार में एक आर्टिफिशियल तंगी की स्थिति पैदा हो गई। उन्होंने यह भी कहा कि उद्योग पर ex-mill कीमतें बढ़ाने या कृत्रिम किल्लत पैदा करने का आरोप लगाना गलत है। हालांकि कुछ मिलों द्वारा स्टॉक रोके जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसकी जांच सरकार कर रही है।

देश में उत्पादन, खपत और ओपनिंग स्टॉक का आंकड़ा भी जानिए

मार्केटिंग वर्ष 2025-26 (अक्टूबर-सितंबर) में एथेनॉल के लिए इस्तेमाल की गई चीनी को घटाने के बाद देश का शुद्ध चीनी उत्पादन करीब 279 लाख टन रहने का अनुमान है। इस सीजन की शुरुआत में 50 लाख टन का ओपनिंग स्टॉक मौजूद था। देश में चीनी की वार्षिक घरेलू मांग लगभग 280 से 285 लाख टन है। ये भी जानना जरूरी है कि सरकार द्वारा निर्यात पर प्रतिबंध लगाने से पहले देश से 8 लाख टन चीनी का निर्यात किया जा चुका था।

इसमा का अनुमान है कि सितंबर के अंत में देश के पास लगभग 35 लाख टन का क्लोजिंग स्टॉक बचेगा। एथेनॉल में डाइवर्ट की गई चीनी का हिसाब लगाने के बाद भी यह क्लोजिंग स्टॉक सामान्य घरेलू मांग को पूरा करने के लिए एक काफी सेफ बफर है। मौसम के असर, कम पैदावार और महाराष्ट्र में पेराई दर और उत्तर प्रदेश में रेड-रॉट की समस्या की वजह से इस सीजन में ग्रॉस चीनी उत्पादन (एथेनॉल डाइवर्जन से पहले) प्रारंभिक अनुमान 345 लाख टन से घटकर 309 लाख टन रह गया।

कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने 10 लाख टन कच्चे चीनी (रॉ शुगर) के बिना शुल्क आयात की अनुमति दी है और डीलरों तथा थोक उपभोक्ताओं पर स्टॉक सीमा तय की है। इसमा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार का यह कदम बाजार में घबराहट को रोकने और सेंटिमेंट को स्टेबल करने के लिए उठाया गया एक एहतियाती कदम है। इससे ये नहीं समझा जाना चाहिए कि चीनी की किल्लत है। संस्था ने मांग की है कि व्यापारियों के लिए मौजूदा 400 टन की स्टॉक सीमा को घटाकर 200 टन किया जाना चाहिए।

रिपोर्ट के मुताबिक ये फैसले लेने के बाद पिछले कुछ दिनों में चीनी की एक्स मिल कीमतों में गिरावट आई है। दो प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में एक्स मिल कीमतें फिलहाल 55 से 56 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास आ गई हैं। आने वाले दिनों में खुदरा दामों में भी और नरमी आने की पूरी उम्मीद है।

एथेनॉल डाइवर्जन और नए पेराई सीजन की तैयारी

इसमा अध्यक्ष ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया कि एथेनॉल बनाने के लिए चीनी का उपयोग किए जाने की वजह से कीमतें बढ़ी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम खाने योग्य चीनी के साथ कंपीटिशन नहीं कर रहा है और न ही यह कीमत बढ़ने के लिए जिम्मेदार है। इस वर्ष तीसरी तिमाही तक लगभग 29 लाख टन चीनी एथेनॉल के लिए डाइवर्ट की गई है और पूरे सीजन में यह आंकड़ा 30 लाख टन रहने की उम्मीद है। ये ऐतिहासिक रूप से 20 से 40 लाख टन के दायरे में ही है। इसके अलावा 2025-26 में एथेनॉल आपूर्ति में चीनी क्षेत्र की हिस्सेदारी घटकर 25 प्रतिशत रह गई है। इसका बड़ा हिस्सा अनाज क्षेत्र से आ रहा है।

अक्टूबर से शुरू होने वाले अगले मार्केटिंग वर्ष 2026-27 के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि ISMA और NFCSF पेराई सत्र की शुरुआत को 10 से 15 दिन पहले करने पर काम कर रहे हैं। तमिलनाडु और कर्नाटक में विशेष पेराई पहले से ही जारी है। नए सीजन की जल्दी शुरुआत और आयातित चीनी के आने से अक्टूबर में चीनी का उत्पादन बढ़कर लगभग 10 लाख टन होने की उम्मीद है (जो सामान्यतः 4 लाख टन रहता है)। इससे त्योहारों के सीजन में मांग के पीक पर रहने के दौरान बाजार में नई आपूर्ति उपलब्ध हो जाएगी। आयातित रॉ शुगर अक्टूबर तक भारत पहुंचने की संभावना है।

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