Upcoming IPO: विजय केडिया का है तगड़ा निवेश! एंकर राउंड में मधुसूदन केला ने भी लगाया बड़ा दांव, 31 अगस्त से खुलेगा ये आईपीओ

Vijay Kedia Backed Asuthosh Fibre IPO: शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक विजय केडिया के निवेश वाली कंपनी आशुतोष फाइबर का आईपीओ दांव लगाने के लिए खुलने जा रहा है। पब्लिक सब्सक्रिप्शन खुलने से ठीक पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों के जरिए ₹16.04 करोड़ जुटा लिए हैं।

एंकर बुक में मधुसूदन केला के मेंटरशिप वाले सिंगुलैरिटी AMC समेत कई बड़े फंड्स ने हिस्सा लिया है। आइए आपको बताते हैं इस आईपीओ की प्राइस बैंड, महत्वपूर्ण तारीखें और कैसी है कंपनी की सेहत।

एंकर बुक: इन 5 बड़े निवेशकों ने लगाए पैसे

28 अगस्त को कंपनी ने एंकर निवेशकों को अपर प्राइस बैंड पर 17.43 लाख शेयर आवंटित किए:

  1. Nine Alps Corporate Advisors: ₹6 करोड़ के निवेश से 6.52 लाख शेयर खरीदे।
  2. Singularity Equity Fund II: ₹3.45 करोड़ के निवेश से 3.75 लाख शेयर खरीदे।
  3. Nav Capital Emerging Star Fund: ₹3.45 करोड़ के निवेश से 3.75 लाख शेयर खरीदे।
  4. Aarth AIF Growth Fund: ₹2.11 करोड़ के निवेश से 2.3 लाख शेयर खरीदे।
  5. Vira Bharat Opportunities Fund: ₹1 करोड़ के निवेश से 1.09 लाख शेयर खरीदे।

Asuthosh Fibre IPO की सभी जरूरी डिटेल्स

गुजरात बेस्ड टेक्निकल टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स बनाने वाली यह कंपनी फ्रेश इश्यू के जरिए बाजार से कुल ₹56.34 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। इसमें कोई भी ऑफर फॉर सेल (OFS) कंपोनेंट नहीं है।

  • IPO खुलने की तारीख: 31 अगस्त
  • IPO बंद होने की तारीख: 2 सितंबर
  • प्राइस बैंड: ₹87 से ₹92 प्रति शेयर
  • अलॉटमेंट: 3 सितंबर
  • लिस्टिंग: 7 सितंबर

आईपीओ के पैसों का क्या करेगी कंपनी?

आशुतोष फाइबर जुटाए गए फंड का इस्तेमाल अपनी क्षमता बढ़ाने और कर्ज कम करने में करेगी। ₹25.5 करोड़ नए उपकरण और मशीनरी की खरीद के लिए। ₹20 करोड़ कंपनी का पुराना कर्ज चुकाने के लिए और बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए करेगी।

विजय केडिया की कितनी है हिस्सेदारी?

ऑफर से पहले कंपनी के प्रमोटर्स के पास 59.79% हिस्सेदारी है। बाकी हिस्सेदारी पब्लिक शेयरधारकों के पास है, जिसमें शेयर बाजार के जाने-माने निवेशक विजय केडिया की 6.57% हिस्सेदारी शामिल है। इस आईपीओ के मर्चेंट बैंकर के रूप में Mefcom Capital Markets को नियुक्त किया गया है।

अब जानिए कैसी है कंपनी की वित्तीय सेहत

टेक्सटाइल यार्न और फैब्रिक मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र से जुड़ी इस कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में शानदार प्रदर्शन किया है। मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी का मुनाफा 88.5% बढ़कर ₹16.04 करोड़ हो गया, जो इससे पिछले साल (FY25) में ₹8.5 करोड़ था। कंपनी का कुल रेवेन्यू 2.9% की मामूली बढ़त के साथ ₹117.37 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹114 करोड़ था।

क्या है ग्रे मार्केट का हाल?

आईपीओ वॉच के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 29 अगस्त 2026 को आशुतोष फाइबर आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹37 प्रति शेयर दर्ज किया गया है। यह इसके अपर प्राइस बैंड ₹92 के मुकाबले 40.22% के तगड़े प्रीमियम का संकेत दे रहा है।

इससे पहले 28 अगस्त को भी जीएमपी ₹37 ही था, जबकि 27 अगस्त को यह ₹15 (16.30%) और 26 अगस्त को ₹13 (14.13%) पर बना हुआ था। लगातार बढ़ते और मजबूत जीएमपी ट्रेंड से स्पष्ट है कि प्राइमरी मार्केट में इस आईपीओ को लेकर निवेशकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रही है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अगले हफ्ते शेयर बाजार में एंट्री के साथ ही रॉकेट बन सकते हैं ये शेयर, क्या आपने आईपीओ में बोली लगाई है?

अगले हफ्ते तीन कंपनियों के शेयर स्टॉक एक्सचेंजों में लिस्ट हो सकते हैं। इनमें सिंबायोटिक फार्मालैब, स्काईवेज एयर सर्विसेज और हाई-टेक इंजीनियर्स शामिल हैं। इन कंपनियों के आईपीओ में बोली लगाने की अंतिम तारीख 27 अगस्त है। तीनों आईपीओ को निवेशकों का स्ट्रॉन्ग रिस्पॉन्स मिला है।

Symbiotic Pharmalab का आईपीओ 20 गुना सब्सक्राइब्ड

Symbiotic Pharmalab का आईपीओ आईपीओ खुलने के तीसरे दिन 20 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ। इस इश्यू में सबसे ज्यादा दिलचस्पी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) ने दिखाई। 1,757 करोड़ रुपये के इस आईपीओ में कंपनी इनवेस्टर्स को 1.31 करोड़ शेयर एलॉट करेगी। ग्रे मार्केट में इस शेयर पर 29.05 फीसदी प्रीमियम चल रहा।

Skyways Air Services के शेयर पर 33 फीसदी से ज्यादा जीएमपी

Skyways Air Services के आईपीओ को भी निवेशकों का स्ट्रॉन्ग रिस्पॉन्स मिला है। अब तक यह इश्यू करीब 23 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। इस इश्यू में NII के अलावा रिटेल इनवेस्टर्स ने भी जबर्दस्त दिलचस्पी दिखाई है। ग्रे मार्केट में इस शेयर पर 33.33 फीसदी का प्रीमियम चल रहा है। इससे इस शेयर की दमदार लिस्टिंग की उम्मीद है।

हाई-टेक इंजीनियर्स का आईपीओ सबसे ज्यादा 144 गुना सब्सक्राइब हुआ

हाई-टेक इंजीनियर्स के आईपीओ में निवेशकों ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है। एनएसई के डेटा के मुताबिक, यह इश्यू 144 गुना सब्सक्राइब हुआ है। NII कैटेगरी में यह इश्यू 301 गुना सब्सक्राइब हुआ है। रिटेल इनवेस्टर्स कैटेगरी में यह इश्यू 134 गुना सब्सक्राइब हुआ है। ग्रे मार्केट में इस शेयर पर 27 अगस्त को 84.91 फीसदी प्रीमियम चल रहा था।

शेयरों के ग्रे मार्केट प्रीमियम से सिर्फ लिस्टिंग के बारे मिलता है संकेत 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी शेयर के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) से सिर्फ स्टॉक मार्केट्स में स्टॉक की लिस्टिंग का संकेत मिलता है। यह शेयर के प्रीमियम के साथ लिस्ट होने की गारंटी नहीं है। अगर लिस्टिंग से पहले बाजार की स्थितियां बदल जाती हैं तो उसका असर शेयरों की लिस्टिंग पर पड़ सकता है। इसीलिए एक्सपर्ट्स किसी आईपीओ में शेयर के जीएमपी के आधार पर बोली लगाने की सलाह नहीं देते हैं।

यह भी पढ़ें: लिस्टिंग पर पैसा डबल! 90x से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ ये IPO, आज है दांव लगाने का आखिरी मौका

शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों पर 27 अगस्त को दिखा दबाव 

तीनों कंपनियों की लिस्टिंग ऐसे वक्त हो रही है, जब बाजार पर दबाव दिख रहा है। 27 अगस्त को भी बाजार में गिरावट दिखी। बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी 0.48 फीसदी यानी 116.90 अंक गिरकर 24,090 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 0.70 फीसदी यानी 539 अंक गिरकर 76,933 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी में भी 0.47 फीसदी की गिरावट आई।

Hyundai to debut new compact electric SUV by Q4 FY27

Hyundai to debut new compact electric SUV by Q4 FY27
Hyundai to debut new compact electric SUV by Q4 FY27

Hyundai has announced a new compact electric SUV for India at its 2026 CEO Investor Day. The new EV will be designed and manufactured in India and is slated to debut in the country by the last quarter of FY 2027 (by March 2027). Jose Munoz, President and CEO of Hyundai Motor Company, said, “A brand-new compact SUV is coming, designed and localised in India.” 

  1. A ‘next-gen infotainment’ and Level-2 ADAS are confirmed features
  2. Will be built on the E-GMP (K) platform and manufactured in Tamil Nadu
  3. Will compete with the Tata Nexon EV and Mahindra XUV 3XO EV

Upcoming Hyundai compact EV: All we know so far

It will be built on the E-GMP (K) platform and will be a rival to the Nexon EV

The upcoming EV, codenamed HE1i, was first announced at Hyundai’s Investor Day 2025. Later, we got to know it will be a born-electric vehicle built on the E-GMP (K) platform, which also underpins the Inster EV offered abroad. It will be manufactured at Hyundai’s Sriperumbudur facility in Tamil Nadu.

The HE1i EV will use localised Exide-sourced batteries and will be offered in two versions: standard range and long range, the exact specifications of which are unknown. For context, the Euro-spec Inster is offered with a 42kWh battery with 300km WLTP-claimed range and a long-range 49kWh battery with 355km claimed range.

Image source: @joonsun_erin on Instagram

The new compact EV is confirmed to have a “next-generation infotainment system”, which could be the Pleos Connect infotainment system also expected on the upcoming third-generation Creta, and “Level 2 assisted driving technology”. 

The upcoming Hyundai compact EV will be positioned as a rival to the Tata Nexon EV, Mahindra XUV 3XO EV and Kia Syros EV. Being a localised offering, it could have a lower price tag than the Syros EV, which is currently the most expensive option in the segment. 

Hyundai confirms next-gen Creta and i10 for India

Hyundai expects electrified vehicles to account for 50 percent of India sales by 2030. Currently, it sells two EVs in the country: the Creta Electric and Ioniq 5, and the upcoming compact eSUV will give the carmaker a share in the more accessible segment of India’s EV market.

IPO Allotment Alert: 105x सब्सक्रिप्शन वाले आईपीओ का आज होगा अलॉटमेंट, 40% है GMP! ऐसे चेक करें स्टेटस

Augmont Enterprises IPO Allotment: बुलियन और गोल्ड ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का ऑपरेट करने वाली कंपनी ऑगमोंट एंटरप्राइज के ₹825 करोड़ के आईपीओ का आज, 27 अगस्त को अलॉटमेंट होना है। इस इश्यू को निवेशकों से बंपर रिस्पांस मिला था और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक यह आईपीओ कुल 105.78 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

कैसा रहा सब्सक्रिप्शन?

कंपनी के ऑफर पर मौजूद 77.15 लाख (77,15,999) शेयरों के मुकाबले कुल 81.61 करोड़ (81,61,83,836) शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुई थीं:

क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): इस कैटेगरी में सबसे तगड़ा रिस्पॉन्स देखने को मिला और यह हिस्सा 226.96 गुना भरा।

नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII): एनआईआई कैटेगरी में आईपीओ 121.47 गुना सब्सक्राइब हुआ।

रिटेल निवेशक: रिटेल निवेशकों का हिस्सा 30.98 गुना भरा है।

अलॉटमेंट, रिफंड और लिस्टिंग की तारीखें

अलॉटमेंट फाइनल होने की तारीख: 27 अगस्त 2026

रिफंड और शेयर क्रेडिट की तारीख: 28 अगस्त 2026

शेयर लिस्टिंग की तारीख: 31 अगस्त 2026 (BSE और NSE पर)

कैसी रहा है वित्तीय प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 53.3% बढ़कर ₹348.3 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹227.2 करोड़ था। कंपनी का कुल राजस्व 42.2% बढ़कर ₹94,186.2 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹620 करोड़ में से ₹465 करोड़ का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और इन्वेंट्री बढ़ाने के लिए करेगी, जो इसके विशाल बुलियन ट्रेडिंग बिजनेस के संचालन के लिए बेहद जरूरी है।

GMP से 40% लिस्टिंग गेन का संकेत

ग्रे मार्केट प्रीमियम पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘InvestorGain’ के मुताबिक, 27 अगस्त को ऑगमोंट एंटरप्राइज के शेयर ₹315 के जीएमपी पर ट्रेड कर रहे हैं। ₹788 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से शेयर ग्रे मार्केट में ₹1,103 पर लिस्ट होने का इशारा दे रहा है, जो करीब 39.97% (करीब 40%) के लिस्टिंग गेन को दर्शाता है।

इन 3 तरीकों से आसानी से चेक करें स्टेटस

अगर आपने भी इस आईपीओ में बोली लगाई है, तो आप अलॉटमेंट प्रक्रिया पूरी होते ही रजिस्ट्रार (MUFG Intime India) या बीएसई/एनएसई की वेबसाइट पर अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं:

1. रजिस्ट्रार (MUFG Intime India) के जरिए स्टेटस देखें:

  • सबसे पहले रजिस्ट्रार की आधिकारिक वेबसाइट 
  • ड्रॉपडाउन सूची में से Augmont Enterprises IPO चुनें।
  • खोज विकल्प चुनें (PAN नंबर, Application Number या DP ID/Client ID)।
  • आवश्यक विवरण दर्ज करें और स्टेटस देखने के लिए Submit बटन पर क्लिक करें।

2. BSE की वेबसाइट से अलॉटमेंट चेक करने का तरीका:

  • BSE के ऑफिशियल अलॉटमेंट पेज
  • ‘Issue Type’ में Equity का विकल्प चुनें।
  • ‘Issue Name’ की सूची से Augmont Enterprises सिलेक्ट करें।
  • अपना एप्लीकेशन नंबर या PAN दर्ज करें।
  • ‘I am not a robot’ पर टिक करें और Search पर क्लिक करें।

3. NSE की वेबसाइट के जरिए:

  • NSE के आईपीओ बिड वेरिफिकेशन पोर्टल पर जाएं।
  • ‘Equity & SME IPO’ का चयन करें।
  • ऑगमोंट एंटरप्राइज का चुनाव कर आवश्यक एप्लीकेशन डिटेल्स भरकर स्टेटस जांचें।

लिस्टिंग पर पैसा डबल! 90x से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ ये IPO, आज है दांव लगाने का आखिरी मौका

Hy-Tech Engineers IPO Subscription: हाइड्रोलिक फिटिंग बनाने वाली कंपनी हाई-टेक इंजीनियर्स के आईपीओ को निवेशकों ने पैसों की बारिश कर दी है। अगर आप भी इस आईपीओ में दांव लगाने की सोच रहे हैं, तो आज, 27 अगस्त पैसे लगाने का आखिरी मौका है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, बोली के चौथे और अंतिम दिन दोपहर तक यह आईपीओ 90 गुना सब्सक्राइब हो चुका है।

NII और रिटेल निवेशकों का भारी उत्साह

कंपनी के ₹136 करोड़ के आईपीओ में ऑफर पर मौजूद 1.81 करोड़ शेयरों के मुकाबले कुल 158.32 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी हैं:

नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII): इस कैटेगरी में सबसे ज्यादा मांग देखी गई और यह हिस्सा 177.30 गुना भरा है।

रिटेल निवेशक: रिटेल कैटेगरी में आईपीओ 95.27 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

IPO से जुड़ी मुख्य बातें 

इश्यू साइज: ₹136 करोड़ (₹60 करोड़ का फ्रेश इश्यू + प्रमोटर्स द्वारा ₹75.73 करोड़ का ऑफर फॉर सेल)

अंतिम तिथि: 27 अगस्त, शाम 5 बजे तक

अलॉटमेंट: 28 अगस्त

लिस्टिंग डेट: 1 सितंबर को BSE और NSE पर लिस्ट होंगे।

एंकर इन्वेस्टर्स से जुटाए ₹40.72 करोड़

पब्लिक इश्यू खुलने से पहले कंपनी ने 8 एंकर इन्वेस्टर्स से ₹40.72 करोड़ जुटाए थे। कंपनी ने ₹53 प्रति शेयर के भाव पर 76.83 लाख शेयर अलॉट किए हैं। दिग्गज निवेशक प्रशांत खेमका के व्हाइटओक कैपिटल ने कुल एंकर अलॉटमेंट का 43% हिस्सा अकेले हासिल किया है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और फंड्स का इस्तेमाल

वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का मुनाफा साल-दर-साल 15.15% बढ़कर ₹22.6 करोड़ रहा। ऑपरेशंस से मिलने वाला रेवेन्यू 17.4% बढ़कर ₹189.4 करोड़ पर पहुंच गया।

फ्रेश इश्यू से मिलने वाले फंड में से ₹29.96 करोड़ का इस्तेमाल कवठे, शिरवल और पीथमपुर यूनिट्स में मशीनरी खरीदने और विस्तार के लिए किया जाएगा। वहीं ₹16 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए होगा, जबकि बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होगी।

GMP में आया बंपर उछाल

ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘InvestorGain’ के मुताबिक, 27 अगस्त की सुबह हाय-टेक इंजीनियर्स का शेयर ₹44 के जीएमपी पर ट्रेड कर रहा है। ₹53 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से यह शेयर ग्रे मार्केट में 83% के प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है। यानी लिस्टिंग पर निवेशकों का पैसा डबल हो सकता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tempsens में लिस्टिंग पर हो जाएगा पैसा डबल! ग्रे मार्केट से मिल रहे ये संकेत

Tempsens Listing: आईपीओ को 184 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद अब टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के शेयरों की लिस्टिंग का इंतजार है। ग्रे मार्केट से बात करें तो इसके शेयरों की लिस्टिंग को लेकर ऐसे शानदार संकेत मिल रहे हैं कि आईपीओ निवेशकों का पैला लिस्टिंग पर ही डबल हो जाएगा। ग्रे मार्केट में इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹300 यानी 100% है यानी कि आईपीओ निवेशकों को पैसा डबल हो सकता है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹300 के भाव पर जारी हुए हैं। इसका अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है जिसका स्टेटस बीएसई या रजिस्ट्रार केफिनटेक की साइट पर देख सकते हैं, जिसका स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम Tempsens चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या पैन भरें।

फिर I’m not a robot पर क्लिक करें।

सर्च पर क्लिक करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे करें स्टेटस चेक

https://ipostatus.kfintech.com/, लिंक पर क्लिक करें।

सेलेक्ट आईपीओ पर क्लिक करके Tempsens चुनें।

एप्लीकेशन नंबर, डीमैट अकाउंट या पैन में से कोई भी चुनें। फिर जो विकल्प चुना है, उसके मुताबिक डिटेल्स दें। जैसे कि पैन चुना है तो पैन भरें।

सबमिट करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

Tempsens IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

टेंपसेंस का ₹650 करोड़ का आईपीओ 20-24 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 184.22 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 302.88 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 314.44 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 61.00 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 124.95 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹95 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹4 की फेस वैल्यू वाले 1.85 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹18.13 करोड़ कर्ज हल्का करने कैपिटल एक्सपेंडिचर, ₹55.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹14.18 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹50.65 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Tempsens के बारे में

टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स फैक्ट्रियों और बड़ी इंडस्ट्रीज के लिए तापमान से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाती है। यह तापमान नापने वाले सेंसर, मशीनों/प्रोसेस को गर्म करने वाले हीटर और खास तरह के इंडस्ट्रियल केबल बनाती है। मार्च 2026 में टेंपरेचर सेंसर सेगमेंट में इसकी करीब 10.5% हिस्सेदारी है। रेवेन्यू के हिसाब से यह देश में कॉन्टैक्ट और नॉन-कॉन्टैक्ट टेंपरेचर सेंसर बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है तो इलेक्ट्रिकल हीटर्स के मामले में सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है। यह MRO (मेटेंनेंस, रिपेयर एंड ऑपरेशंस) का भी काम देखती है। इसका कारोबार भारत के अलावा 80 से अधिक देशों में फैला हुआ है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 32% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹71.07 करोड़ और टोटल इनकम करीब 28% के सीएजीआर से ₹455.86 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹77.95 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹465.16 करोड़ पड़े थे।

Shankesh Jewellers में 7% का उछाल, लिस्टिंग पर एक क्लाइंट ने खरीदी 1.57% होल्डिंग तो नोमुरा सिंगापुर ने बेचे पूरे शेयर

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ट्रंप टैरिफ पर कनाडा का तगड़ा पलटवार, अमेरिकी सामान पर 50% तक ड्यूटी लगाई; ₹5.4 अरब का राहत पैकेज का ऐलान

अमेरिका और कनाडा के बीच ट्रेड वॉर फिर तेज हो गया है। कनाडा ने अमेरिकी सामान पर नए जवाबी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। साथ ही कनाडा सरकार ने प्रभावित कर्मचारियों और कारोबारियों के लिए C$5.4 अरब का राहत पैकेज भी घोषित किया है।

कनाडा की सरकार अमेरिकी सामान पर 15% से 50% तक के जवाबी टैरिफ लगाने की तैयारी कर रही है। ये टैरिफ 8 सितंबर से लागू होंगे। सरकार का कहना है कि इससे अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित कंपनियों और कर्मचारियों को राहत देने में मदद मिलेगी।

अमेरिका ने कनाडा के सामान पर 50% तक टैरिफ लगाया

अमेरिका ने शनिवार से कनाडा के कई सामान पर 50% तक के नए टैरिफ लागू कर दिए हैं। इससे करीब 20 अरब डॉलर के कनाडाई एक्सपोर्ट पर असर पड़ने का अनुमान है। यह अमेरिका को कनाडा के कुल एक्सपोर्ट का करीब 5.5% है।

अमेरिका के इस कदम के बाद कनाडा ने जवाबी कार्रवाई का फैसला किया है। Oxford Economics के मुताबिक, नए अमेरिकी टैरिफ से कनाडा के अमेरिका को होने वाले एक्सपोर्ट पर प्रभावी टैरिफ रेट 5.1% से बढ़कर 6.9% हो सकता है।

किन सेक्टर पर ज्यादा असर?

इस ट्रेड विवाद का असर कई इंडस्ट्री पर पड़ सकता है। प्लास्टिक, इलेक्ट्रिकल मशीनरी, लकड़ी और पेपर प्रोडक्ट्स पर इसका बड़ा असर होने की उम्मीद है। Quebec, New Brunswick और Ontario के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर भी दबाव बढ़ सकता है। कंपनियों के लिए लागत और सप्लाई चेन को लेकर अनिश्चितता बढ़ रही है।

ऑटो सेक्टर भी निशाने पर

ट्रेड विवाद अब ऑटो सेक्टर तक भी पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगले साल कनाडा से आने वाली कारों पर टैरिफ बढ़ाकर 50% किया जा सकता है। फिलहाल गैर-अमेरिकी कंटेंट पर 25% टैरिफ है। इस प्रस्ताव के बाद कनाडाई ऑटो इंडस्ट्री पर दबाव और बढ़ सकता है।

अमेरिका पर कनाडा की बड़ी निर्भरता

कनाडा के लिए यह ट्रेड वॉर इसलिए ज्यादा अहम है क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था अमेरिका के साथ कारोबार पर काफी निर्भर है। कनाडा के कुल एक्सपोर्ट में अमेरिका की हिस्सेदारी करीब 70% है। वहीं कनाडा इस साल अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा गुड्स ट्रेडिंग पार्टनर है।

विवाद अब सिर्फ टैरिफ तक सीमित नहीं

दोनों देशों के बीच तनाव अब ट्रेड से आगे राजनीतिक मुद्दों तक पहुंच गया है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने आरोप लगाया कि अमेरिकी वार्ताकारों ने कनाडा के दूसरे देशों के साथ ट्रेड समझौतों और फ्रेंच भाषा व Quebec की संस्कृति से जुड़े मुद्दों पर भी दबाव बनाया।

ट्रंप ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि वह कनाडाई लोगों के फ्रेंच बोलने के मामले में कभी दखल नहीं देंगे।

USMCA पर भी नजर

अब दोनों देशों के बीच USMCA यानी US-Mexico-Canada Agreement का भविष्य भी अहम हो गया है। ट्रंप पहले ही संकेत दे चुके हैं कि वह मौजूदा समझौते को उसी रूप में आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं।

ESDS Software IPO: 28 अगस्त से खुलेगा ₹720 करोड़ का आईपीओ, GMP 58% के पार; आशीष कचोलिया का भी है निवेश

ESDS Software IPO: 28 अगस्त से खुलेगा ₹720 करोड़ का आईपीओ, GMP 58% के पार; आशीष कचोलिया का भी है निवेश

ESDS Software IPO: महाराष्ट्र की कंपनी ESDS Software Solution अपना ₹720 करोड़ का IPO ला रही है। यह 28 अगस्त को खुलेगा और 1 सितंबर को बंद होगा। कंपनी ने IPO का प्राइस बैंड ₹408 से ₹429 प्रति शेयर तय किया है। इस कीमत पर कंपनी की वैल्यू करीब ₹5,028.3 करोड़ बैठती है।

IPO की पूरी डिटेल

यह IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू है। यानी IPO से मिलने वाला पूरा पैसा कंपनी को मिलेगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली 27 अगस्त को खुलेगी। IPO का अलॉटमेंट 2 सितंबर तक फाइनल होने की उम्मीद है। कंपनी के शेयर 4 सितंबर से शेयर बाजार में लिस्ट हो सकते हैं।

कंपनी ने पहले ₹600 करोड़ का IPO लाने की योजना बनाई थी। अब इश्यू का आकार बढ़ाकर ₹720 करोड़ कर दिया गया है।

रिटेल निवेशक कितना पैसा लगाएगा?

निवेशकों को कम से कम 34 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी। इसके बाद 34 शेयर के मल्टीपल में ही बोली लगाई जा सकेगी।

अपर प्राइस बैंड ₹429 के हिसाब से रिटेल निवेशक के लिए न्यूनतम निवेश ₹14,586 होगा। वहीं अधिकतम निवेश करीब ₹1,89,618 तक जा सकता है।

ESDS Software IPO का GMP

ESDS Software के आईपीओ को ग्रे मार्केट में काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसका GMP ₹250 रुपये है। यानी अपर प्राइस बैंड के हिसाब से निवेशकों को 58.28% का संभावित लिस्टिंग गेन मिल सकता है। हालांकि, GMP सिर्फ आईपीओ की डिमांड का अंदाजा होती है। इसलिए लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं मानना चाहिए।

IPO का पैसा कहां लगेगा?

ESDS Software Solution IPO से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा अपने डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने में लगाएगी।

कंपनी करीब ₹576 करोड़ का इस्तेमाल क्लाउड कंप्यूटिंग इक्विपमेंट और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर की खरीद और इंस्टॉलेशन पर करेगी। यह खर्च FY27 और FY28 के दौरान किया जाएगा। बाकी पैसा सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों में लगाया जाएगा।

कंपनी क्या करती है?

ESDS Software Solution क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा कारोबार करती है। कंपनी GPUaaS, क्लाउड, मैनेज्ड सर्विसेज, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस देती है।

कंपनी का दावा है कि भारत में वह उन चुनिंदा कंपनियों में है जो इन सभी सेवाओं का पूरा स्पेक्ट्रम देती हैं। उसके डेटा सेंटर बेंगलुरु, नोएडा, नासिक और मोहाली जैसे शहरों में हैं। कोलकाता और साहिबाबाद में भी नए डेटा सेंटर बनाने की योजना है।

AI से जुड़ा बड़ा कॉन्ट्रैक्ट

मार्च 2026 में ESDS Software ने ऑस्ट्रेलिया की एक neocloud AI compute कंपनी के साथ रणनीतिक समझौता किया था। यह कॉन्ट्रैक्ट शुरुआती तौर पर 5 साल का है। इसे 2 साल और बढ़ाने का विकल्प भी है।

पूरे संभावित 7 साल के लिए इस समझौते की कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू 1.25 अरब डॉलर है। कंपनी को इस समझौते से FY27 की तीसरी तिमाही से रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है।

कंपनी के शेयरहोल्डर्स कौन हैं?

कंपनी के प्रमोटर्स के पास करीब 46.06% हिस्सेदारी है। पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 52.65% हिस्सेदारी है।

पब्लिक शेयरहोल्डर्स में मुकुल महावीर अग्रवाल की 6.99%, आशीष कचोलिया की 2.39% और Anchorage Capital Fund की 1.32% हिस्सेदारी है।

मुनाफा दोगुने से ज्यादा बढ़ा

कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में भी अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। FY26 में कंपनी का मुनाफा बढ़कर ₹120.8 करोड़ हो गया। FY25 में यह ₹55.6 करोड़ था। इसी दौरान कंपनी का रेवेन्यू 30.7% बढ़कर ₹472.2 करोड़ हो गया। FY25 में रेवेन्यू ₹361.3 करोड़ था।

IPO के लिए DAM Capital Advisors और Systematix Corporate Services को बुक-रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Tempsens Instruments IPO Allotment: 184 गुना सब्सक्राइब, लेटेस्ट GMP के साथ जानिए अलॉटमेंट चेक करने का पूरा प्रोसेस

Tempsens Instruments IPO Allotment: इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट सेक्टर की Tempsens Instruments के IPO के लिए आज, 25 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट हो सकता है। ₹650 करोड़ के इस IPO को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। इश्यू कुल 184.07 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

सबसे ज्यादा दिलचस्पी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स यानी NII की रही। इस कैटेगरी में IPO 314.44 गुना सब्सक्राइब हुआ। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB ने 302.88 गुना बोली लगाई। रिटेल इनवेस्टर्स की कैटेगरी भी 60.69 गुना सब्सक्राइब हुई।

Tempsens Instruments IPO की लिस्टिंग

कंपनी ने IPO के लिए ₹285 से ₹300 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। IPO 20 अगस्त को खुला था। 24 अगस्त को इसकी बोली बंद हो गई। अब निवेशकों की नजर अलॉटमेंट पर है। कंपनी के शेयर 28 अगस्त को BSE और NSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

GMP से लिस्टिंग पर कितना फायदा दिख रहा है?

Tempsens Instruments के शेयर को ग्रे मार्केट में भी काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। InvestorGain के मुताबिक, 25 अगस्त को इसका GMP करीब ₹317 था।

कंपनी के IPO का अपर प्राइस बैंड ₹300 है। ऐसे में ₹317 का GMP जोड़ें तो अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब ₹617 बनती है। यानी ₹300 के IPO Price के मुकाबले करीब 105.67% प्रीमियम का अनुमान लगाया जा रहा था। हालांकि, यह रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है।

Tempsens Instruments IPO अलॉट स्टेटस कैसे चेक करें?

अगर आपने भी इस IPO में पैसा लगाया है, तो अलॉटमेंट स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। इसके लिए KFin Technologies और NSE की वेबसाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है।

KFin Technologies से कैसे चेक करें?

KFin Technologies इस IPO की Registrar है।

  • स्टेप 1: KFin Technologies की IPO Status वेबसाइट खोलें।
  • स्टेप 2: IPO की लिस्ट में Tempsens Instruments चुनें।
  • स्टेप 3: PAN, Application Number या DP ID/Client ID में से कोई विकल्प चुनें।
  • स्टेप 4: मांगी गई जानकारी भरें।
  • स्टेप 5: Submit पर क्लिक करें।

इसके बाद आपका अलॉटमेंट स्टेटस स्क्रीन पर दिखाई देगा।

NSE से कैसे चेक करें?

NSE की वेबसाइट पर भी IPO से जुड़ी जानकारी देखी जा सकती है।

  • NSE के IPO Bid Details सेक्शन में जाएं।
  • Equity और SME IPO Bid Details का विकल्प चुनें।
  • Tempsens Instruments को चुनें।
  • अपनी एप्लिकेशन डिटेल्स डालें।
  • सबमिट करें और डिटेल देखें।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lumino Industries IPO: 27 अगस्त से खुलेगा ₹700 करोड़ का आईपीओ, GMP दे रहा 58% मुनाफे का संकेत

Lumino Industries IPO: कोलकाता की कंडक्टर, पावर केबल और इलेक्ट्रिकल वायर बनाने वाली कंपनी Lumino Industries का IPO 27 अगस्त को खुलेगा। कंपनी इस इश्यू से करीब ₹700 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। IPO का प्राइस बैंड ₹78 से ₹82 प्रति शेयर तय किया गया है।

इसमें ₹500 करोड़ का फ्रेश इश्यू होगा। वहीं करीब 2.44 करोड़ शेयरों का OFS होगा। IPO 31 अगस्त को बंद होगा।

Lumino Industries IPO की पूरी डिटेल

पैमानाडिटेल
IPO खुलने की तारीख27 अगस्त 2026
IPO बंद होने की तारीख31 अगस्त 2026
फेस वैल्यू
₹5 प्रति इक्विटी शेयर

IPO प्राइस बैंड₹78 से ₹82 प्रति शेयर
इश्यू साइजकरीब ₹700 करोड़
फ्रेश इश्यूकरीब ₹500 करोड़
ऑफर फॉर सेल (OFS)करीब 2,43,90,242 इक्विटी शेयर

Lumino Industries IPO का GMP

ग्रे मार्केट में Lumino Industries के IPO को शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। इनवेस्टरगेन के मुताबिक, Lumino Industries का लेटेस्ट GMP ₹48 है।

यह अपर प्राइस बैंड से 58.54% के लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि, GMP लिस्टिंग गेन की गारंटी नहीं होता और लगातार बदलता भी रहता है।

प्रमोटर बेचेंगे ₹200 करोड़ के शेयर

IPO में ₹500 करोड़ का फ्रेश इश्यू होगा। इसके अलावा प्रमोटर देवेंद्र गोयल और उनके बेटे जय गोयल ₹200 करोड़ तक के शेयर OFS के जरिए बेचेंगे।

कंपनी ने पहले ₹1,000 करोड़ का IPO लाने की योजना बनाई थी। तब ₹600 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹400 करोड़ का OFS प्रस्तावित था। बाद में इश्यू का आकार घटाकर करीब ₹700 करोड़ कर दिया गया।

IPO से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल

Lumino Industries फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में लगाएगी। कंपनी करीब ₹337 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज के भुगतान के लिए करेगी।

जुलाई 2026 तक कंपनी पर कुल ₹1,856.7 करोड़ का कर्ज था। इसके अलावा ₹15 करोड़ मशीनरी और उपकरण खरीदने, सिविल वर्क और मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के विकास पर खर्च किए जाएंगे।

कंपनी का कारोबार क्या है?

Lumino Industries कंडक्टर, पावर केबल और दूसरे स्पेशलाइज्ड इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट बनाती है। कंपनी के ग्राहक बड़े EPC प्लेयर हैं।

इनमें Kalpataru Projects International, Jackson और R S Infraprojects जैसे नाम शामिल हैं। कंपनी अमेरिका, माली, बुर्किना फासो, नेपाल, बांग्लादेश, केन्या, घाना, रवांडा और इथियोपिया जैसे देशों में भी अपने प्रोडक्ट बेचती है।

कारोबार का हाल कैसा है?

वित्त वर्ष 2025-26 में Lumino Industries का मुनाफा ₹160 करोड़ रहा। एक साल पहले यह ₹124.6 करोड़ था। यानी मुनाफे में 28.4% की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी बढ़ा।

FY26 में रेवेन्यू ₹2,041 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹1,918 करोड़ था। यानी इसमें 6.4% की बढ़ोतरी हुई। FY26 में कंपनी की कुल बिक्री में घरेलू कारोबार की हिस्सेदारी 98% रही। वहीं वित्त वर्ष के अंत में कंपनी की ऑर्डर बुक ₹3,149.8 करोड़ थी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।