Vodafone Idea Share Price: SBI के नेतृत्व में बैंकों का ग्रुप $3.5 अरब देने पर हुआ राजी, शेयर 1% तक उछला

वोडाफोन आइडिया लिमिटेड की मुश्किलें लग रहा है कि थोड़ी कम होने वाली हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की अगुवाई में कर्ज देने वालों का एक ग्रुप वोडाफोन आइडिया को लगभग 3.5 अरब डॉलर का कर्ज देने पर सहमत हो गया है। यह बात ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से कही गई है। उनका कहना है कि इस ग्रुप में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया लिमिटेड और नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट भी शामिल हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वोडाफोन आइडिया इस फंड का कुछ हिस्सा अपने नेटवर्क को बेहतर बनाने और भारती एयरटेल लिमिटेड और रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के साथ बेहतर मुकाबला करने के लिए इस्तेमाल करने की योजना बना रही है।

कंपनी को दिए जाने वाले लोन की अवधि 10 साल है। फंडिंग की शर्तों में यह शामिल है कि अरबपति कुमार मंगलम बिड़ला लोन की अवधि के दौरान चेयरमैन बने रहेंगे। डिफॉल्ट होने की स्थिति में उन्हें पेमेंट की गारंटी भी देनी होगी।

Vodafone Idea का शेयर 6 महीनों में 55 प्रतिशत मजबूत

कंपनी के शेयरों में 11 सितंबर को तेजी है। BSE पर शेयर पिछले ​बंद भाव से 1.6 प्रतिशत तक चढ़कर 15.20 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप 1.63 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर एक महीने में 16 प्रतिशत और 6 महीनों में 55 प्रतिशत बढ़ा है। एक साल में यह निवेशकों का पैसा डबल कर चुका है। वोडाफोन आइडिया में सरकार के पास लगभग 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

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जून तिमाही में घाटे में गिरावट

कर्ज में फंसी टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया का घाटा अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कम होकर 3,754 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले कंपनी को 6,611 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 6 प्रतिशत बढ़कर 11,689 करोड़ रुपये हो गया, जबकि जून 2025 तिमाही में यह 11,023 करोड़ रुपये था। जून 2026 तिमाही में कंपनी के ग्राहकों की संख्या करीब 2 प्रतिशत घटकर 19.31 करोड़ रह गई। प्रति ग्राहक औसत रेवेन्यू (एआरपीयू) 10.2 प्रतिशत बढ़कर 195 रुपये हो गया।

वोडाफोन आइडिया मजबूत स्थिति में आने के लिए कर्ज जुटाने पर काम कर रही है। CNBC-TV18 ने मई में रिपोर्ट दी थी कि कंपनी कर्ज देने वालों के साथ बातचीत कर रही है। SBI के इस ग्रुप की अगुवाई करने की संभावना जताई गई थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

 

Market This Week :उतार-चढ़ाव के बीच बाजार लगातार चौथे हफ्ते गिरावट के साथ हुआ बंद, रुपये में जारी रही बढ़त

Market This Week : भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुए। इस हफ्ते बाजार में काफ़ी उतार-चढ़ाव रहा। पश्चिम एशिया में फिर से बढ़ रहे तनाव,कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और FII की लगातार बिकवाली के चलते बाजार पर दबाव दिखा। हालांकि,रुपये की मजबूती,DII की खरीदारी,अच्छे GST कलेक्शन और अगस्त में ऑटोमोबाइल की अच्छी बिक्री ने बाजार को सपोर्ट दिया। 4 सितंबर को खत्म हुए हफ्ते में BSE सेंसेक्स 749.08 अंक या 0.96% गिरकर 76,515.43 पर बंद हुआ। जबकि निफ़्टी 277.95 अंक या 1.14% की गिरावट के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ।

निफ़्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.5% की गिरावट

इस हफ्ते निफ़्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.5% की गिरावट आई। इस गिरावट में KEI इंडस्ट्रीज, पॉलीकैब इंडिया, हैवेल्स इंडिया, KPIT टेक्नोलॉजीज़, ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी, हीरो मोटोकॉर्प, नेशनल एल्युमीनियम कंपनी, 360 ONE WAM, लॉरस लैब्स, हिताची एनर्जी इंडिया और ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स ऑफ़ इंडिया जैसी कंपनियों का योगदान रहा। दूसरी ओर, लेन्सकार्ट सॉल्यूशंस, LIC हाउसिंग फाइनेंस, IDFC फर्स्ट बैंक और टाटा कम्युनिकेशंस बढ़त वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल रहीं।

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स सपाट हुआ बंद

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ने हफ्ते के दौरान 20,187.80 का नया हाई छुआ, लेकिन आखिर में यह लगभग सपाट बंद हुआ। IFCI, वेल्सपन कॉर्प, कैप्रि ग्लोबल कैपिटल, RBL बैंक, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज, अर्बन कंपनी और इंद्रप्रस्थ गैस उन कंपनियों में शामिल थीं जिनमें सबसे ज़्यादा बढ़त देखने को मिली। जबकि आरती इंडस्ट्रीज, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, अमारा राजा एनर्जी एंड मोबिलिटी, स्वान कॉर्प और दीपक फर्टिलाइजर्स एंड पेट्रोकेमिकल्स कॉर्पोरेशन में सबसे ज़्यादा गिरावट आई।

सेक्टोरल इंडेक्सों पर एक नजर

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी ऑटो इंडेक्स 4% और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स 2.6% नीचे रहा,जबकि निफ्टी मीडिया, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी FMCG में से हर एक में 2% की गिरावट आई। हालांकि,निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1% की बढ़त हुई।

FIIs की बिकवाली रही जारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे हफ़्ते भी बिकवाली जारी रखी, हालांकि इसकी रफ़्तार धीमी रही। उन्होंने इस हफ़्ते 5,611.94 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को मज़बूत सपोर्ट देना जारी रखा और हफ़्ते के दौरान 23,156.38 करोड़ रुपये का निवेश किया।

मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 4.5 लाख करोड़ रुपये घटा

इस हफ़्ते BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 4.5 लाख करोड़ रुपये घट गया,जिसकी मुख्य वजह बड़ी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट थी। मार्केट वैल्यू में सबसे ज़्यादा कमी स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की वजह से आई, इसके बाद भारती एयरटेल, मारुति सुज़ुकी इंडिया और महिंद्रा एंड महिंद्रा का नंबर रहा। दूसरी ओर इस हफ़्ते रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील और एक्सिस बैंक ने सबसे ज़्यादा वेल्थ क्रिएट की।

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भारतीय रुपया लगातार दूसरे हफ्ते हुआ मजबूत

भारतीय रुपया लगातार दूसरे हफ्ते मजबूत हुआ और इस दौरान दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इस हफ्ते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 89 पैसे बढ़कर 94.49 रुपये पर बंद हुआ। जबकि, 21 अगस्त को रुपया 95.38 रुपये पर बंद हुआ था। इस हफ़्ते के दौरान,घरेलू मुद्रा 95.48 रुपये से 94.27 रुपये के दायरे में कारोबार करती रही।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, Network18 ग्रुप का हिस्सा है। Network18 को इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट कंट्रोल करता है, और रिलायंस इंडस्ट्रीज इसकी एकमात्र बेनिफिशियरी है।)

 

Stock Market Rise: 4 दिन बाद बाजार ग्रीन, जन्माष्टमी पर सेंसेक्स 362 अंक चढ़ा; फिर भी निवेशकों के ₹40894 करोड़ साफ

शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला शुक्रवार को कृष्ण जन्माष्टमी पर टूट गया। 4 दिन गिरावट में बंद होने के बाद 4 सितंबर को बाजार ने हरे निशान में क्लोजिंग की। सेंसेक्स 362.57 अंक चढ़कर 76,515.43 पर और निफ्टी 24.25 अंकों की बढ़त के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ। लेकिन इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 40894 करोड़ रुपये घट गया।

3 सितंबर को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,88,71,693.344 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह 4,88,30,799.53 करोड़ रुपये रह गया। यानि कि 40,893.814 करोड़ रुपये की कमी। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 730 अंक तक चढ़कर 76,883.14 के हाई तक गया। निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से 132 अंकों की बढ़त के साथ 24,005.75 के हाई तक गया।

मार्केट बंद होने पर NSE पर SBI लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, टाटा स्टील, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और ट्रेंट टॉप गेनर रहे। वहीं HCL टेक्नोलॉजीज, भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी इंडिया, बजाज फिनसर्व और मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट टॉप लूजर रहे।

रुपया और मजबूत

4 सितंबर को अमेरिकी मुद्रा डॉलर के मुकाबले भारतीय करेंसी रुपया 2 पैसे बढ़कर 94.49 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एक दिन पहले डॉलर के मुकाबले रुपया 22 पैसे की मजबूती के साथ 94.51 पर बंद हुआ था। विदेशी मुद्रा जमा में उम्मीद से काफी अधिक राशि जुटने से देश के भुगतान संतुलन की स्थिति में सुधार होने से रुपये को सपोर्ट मिला। भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को कहा कि 31 अगस्त तक फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक) या FCNR(B) जमा के तौर पर देश में 127.226 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश आया।

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एक दिन पहले कैसा रहा था बाजार

3 सितंबर को शेयर बाजार में पहले तेजी और बाद में गिरावट दिखी थी। बाजार लगातार चौथे दिन लाल निशान में बंद हुआ था। सेंसेक्स 417.49 अंक टूटकर 76,152.86 पर और निफ्टी 41 अंक फिसलकर 23,873.45 पर बंद हुआ। इससे पहले दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 354.13 अंक तक उछलकर 76,924.48 के हाई तक गया था। निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से करीब 111 अंकों की बढ़त के साथ 24,025.40 के हाई तक गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

रक्षाबंधन के बाद Sensex लाल, 24100 के नीचे बंद Nifty, निवेशकों के ₹3.79 लाख करोड़ साफ

Share Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंचा तो कच्चा तेल उबल पड़ा। इसकी आंच में एशियाई मार्केट झुलस गया और घरेलू मार्केट में भी बिकवाली की आंधी चलने लगी। इस दबाव में सेंसेक्स 513 प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24000 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का दबाव तेज रहा लेकिन मिडकैप में रिकवरी दिखी। निफ्टी स्मॉलकैप 100 शुरुआती कारोबार में करीब आधे फीसदी की गिरावट से उबरते हुए अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए लेकिन निफ्टी मिडकैप 100 आधे फीसदी से अधिक टूट गया।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज प्राइवेट बैंकों और फार्मा कंपनियों ने संभालने की काफी कोशिश की लेकिन मेटल और एफएमसीजी का दबाव अधिक भारी पड़ गया। आईटी सेक्टर ने रिकवरी की काफी कोशिश की लेकिन 1% से अधिक गिरावट से उबरते हुए इसकी गिरावट आधे फीसदी से थोड़ी कम रह ही गई। वहीं निफ्टी प्राइवेट में करीब 1% तो निफ्टी फार्मा में आधे फीसदी से अधिक की बढ़त रही तो निफ्टी मेटल करीब ढाई फीसदी और निफ्टी एफएमसीजी डेढ़ फीसदी से अधिक नीचे आ गया। इस माहौल में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ से अधिक गिर गया।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 31 अगस्त को सेंसेक्स (Sensex) 307.24 प्वाइंट्स यानी 0.40% की फिसलन के साथ 76,957.27 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 95.25 प्वाइंट्स यानी 0.39% की कमजोरी के साथ 24,080.40 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 513.19 प्वाइंट्स फिसलकर 76,751.32 और निफ्टी 182.05 प्वाइंट्स गिरकर 23,993.60 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹3.79 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 28 अगस्त 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,94,12,415.27 करोड़ था। आज यानी 31 अगस्त 2026 को यह घटकर ₹4,90,33,359.29 करोड़ पर आ गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹379,055.98 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 10 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें सिर्फ 10 ही आज ग्रीन रहे। दिन के आखिरी में आज सन फार्मा, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक सबसे अधिक बढ़त के साथ बंद हुए तो दूसरी तरफ अदाणी पोर्ट्स, आईटीसी और एयरटेल में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

 

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इन चार वजहों से आज मार्केट में कोहराम

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Sensex, Nifty लगातार तीसरे हफ्ते गिरे, क्या बाजार के अच्छे दिन अभी दूर हैं?

शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में लगातार तीसरे हफ्ते गिरावट आई। बाजार में काफी उतार-चढ़ाव भी दिखा। यह बीते पांच महीनों में गिरावट का सबसे लंबा सिलसिला रहा। हालांकि, 28 अगस्त को यानी हफ्ते के अंतिम दिन सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में बंद हुए।

इस हफ्ते प्रमुख सूचकांकों में 0.47 फीसदी तक गिरावट आई

28 अगस्त को निफ्टी 0.35 फीसदी यानी 84 अंक चढ़कर 24,175 पर बंद हुआ। Sensex 0.43 फीसदी यानी 330 अंक चढ़कर 77,264 पर क्लोज हुआ। बीते एक हफ्ते में सेंसेक्स 0.44 फीसदी गिरा है। निफ्टी इस दौरान 0.47 फीसदी यानी 114 प्वाइंट्स गिरा है। शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में लगातार तीसरे हफ्ते गिरावट ने इनवेस्टर्स को चिंतित कर दिया है।

BSE का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 1 लाख करोड़ घटा

बीएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन इस हफ्ते करीब 1 लाख करोड़ रुपये घटा है। इस गिरावट में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और महिंद्रा एंड महिंद्रा का बड़ा हाथ रहा। उधर, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगातार दूसरे हफ्ते बिकवाली की। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की खरीदारी से बाजार को कुछ सपोर्ट मिला।

जियोपॉलिटिकल स्थितियां अब भी चिंताजनक

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैश्विक स्थितियां अभी भी चिंताजनक बनी हुई हैं। खासकर मिडिलईस्ट में हालात में बदलाव नहीं आया है। ईरान और अमेरिका के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। उधर, ईरान और ओमान में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने पर बातचीत हुई है। इससे क्रूड ऑयल की कीमतों में थोड़ी नरमी आई है। लेकिन, अब भी ब्रेंट क्रूड 88 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है। यह चिंता की बात है।

अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने का आसार

उधर, अमेरिका में फेडरल रिजर्व चेयरमैन केविन वॉर्श की स्पीच के बाद 28 अगस्त को शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट आई। वॉर्श ने यह साफ कर दिया है कि फेड का फोकस फिलहाल महंगाई को बढ़ने से रोकने पर होगा। इसका मतलब है कि अगले महीने मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक के बाद फेड इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का एलान कर सकता है। अगर अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ता है तो उसका असर भारत में भी आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी पर पड़ेगा। भारत में भी इनफ्लेशन आरबीआई की तय रेंज से बाहर निकल चुका है।

क्रूड में तेजी जारी रही तो बढ़ेगी महंगाई

क्रूड की कीमतें अगर नीचे नहीं आती हैं तो इनफ्लेशन बढ़ना जारी रहेगा। इस बीच इनवेस्टर्स की नजरें अगस्त के रिटेल इनफ्लेशन के डेटा पर लगी हैं। सितंबर के दूसरे हफ्ते में अगस्त के इनफ्लेशन के डेटा आएंगे। अगर इनफ्लेशन ज्यादा बढ़ता है तो अक्तूबर में आरबीआई इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इसका असर कंपनियों के कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान पर पड़ेगा।

निफ्टी-सेंसेक्स में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव

बाजार के जानकारों का कहना है कि जून तिमाही के कंपनियों के नतीजे अच्छे आए हैं। इससे इकोनॉमी में डिमांड स्ट्रॉन्ग रहने का संकेत मिलता है। लेकिन, शेयरों की कीमतों में बड़ी तेजी तभी दिखेगी, जब क्रूड की कीमतें नीचे आएंगी। इस बीच निफ्टी और सेंसेक्स में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

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फिलहाल बड़ी गिरावट की आशंका नहीं

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी ने कहा कि निफ्टी का अंडरलाइंग ट्रेंड बता रहा है कि सूचकांक सीमित दायरे में रह सकता है। हालांकि, इंडिया वीआईएक्स में नरमिी है। यह 3.5 फीसदी गिरकर 10.68 पर आ गया है। यह अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेजज से नीचे है। इसका मतलब है कि बाजार में आगे बड़ी गिरावट की आशंका नहीं है। फिलहाल बाजार सीमित दायरे में रह सकता है।

Sensex और Nifty, लगातार दूसरे दिन इंट्रा-डे के निचले स्तर पर बंद, ₹3.69 लाख करोड़ स्वाहा

Sensex-Nifty closes red: अधिकतर एशियाई बाजारों से कमजोर संकेतों के बीच घरेलू स्टॉक मार्केट में शुरुआती कारोबार की अधिकतर रौनक गायब हो गई। लगातार दूसरे कारोबारी दिन आज सेंसेक्स और निफ्टी इंट्रा-डे के निचले स्तर पर बंद हुए हैं। सेंसेक्स डे-हाई से आज 761 प्वाइंट्स नीचे आ गया तो निफ्टी भी फिसलकर 20100 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का दबाव दिखा और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 लाल बंद हुए।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज सरकारी बैंकों और मेटल कंपनियों ने तोड़ दिया, जिनके निफ्टी इंडेक्स करीब 1-1% टूट गए। निफ्टी ऑटो और निफ्टी आईटी में भी आधे फीसदी से थोड़ी कम गिरावट रही। निफ्टी फार्मा ने मार्केट को संभालने की काफी कोशिश की और इसका निफ्टी इंडेक्स आधे फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुआ है। बिकवाली के इस माहौल में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ से अधिक गिर गया।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 27 अगस्त को सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 539.35 प्वाइंट्स यानी 0.70% की गिरावट के साथ 76,933.59 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 116.90 प्वाइंट्स यानी 0.48% की फिसलन के साथ 24,090.85 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 330.75 प्वाइंट्स चढ़कर 77,986.84 तक पहुंचा था जिससे यह फिर 761.38 प्वाइंट्स गिरकर 76,933.59 तक आ गया तो दूसरी तरफ निफ्टी भी 44.05 प्वाइंट्स उछलकर 24,378.60 तक पहुंचा था जिससे यह 106.60 प्वाइंट्स टूटकर 24,090.85 तक आ गया और इन्हीं पर बंद हुआ।

निवेशकों के ₹3.69 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 26 अगस्त 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,95,23,276.02 करोड़ था। आज यानी 27 अगस्त 2026 को यह घटकर ₹4,91,54,107.21 करोड़ पर आ गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹3,69,168.81 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के सिर्फ 6 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें सिर्फ 6 ही आज ग्रीन रहे। दिन के आखिरी में आज कोटक बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और टेक महिंद्रा सबसे अधिक बढ़त के साथ बंद हुए तो दूसरी तरफ इंफोसिस, एयरटेल और एलएंडटी में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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157 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4526 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 1824 शेयर आज मजबूत हुए तो 2491 में गिरावट रही जबकि 211 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 157 शेयर एक साल के हाई और 80 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 8 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 44 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

इन चार वजहों से आज मार्केट में कोहराम

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

नए हफ्ते में कैसी रहेगी निफ्टी की चाल, कौन से शेयरों में बन सकता है पैसा? एक्सपर्ट सुदीप शाह की ये है राय

भले ही मोमेंटम कमजोर हुआ है, लेकिन जब तक कोई नई नकारात्मक खबर नहीं आती, निफ्टी में 24,200-24,000 के सपोर्ट जोन से नीचे बड़ी गिरावट की संभावना कम है। ऐसा मानना है SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का। उन्होंने नए शुरू हो रहे हफ्ते के लिए निफ्टी और बैंक निफ्टी को लेकर क्या उम्मीद जताई, नए सप्ताह के लिए उनके टॉप स्टॉक आइडियाज क्या हैं, आइए जानते हैं…

क्या आपको लगता है कि धीरे-धीरे आ रही कमजोरी अगले हफ्ते निफ्टी 50 को 24,200–24,000 के जोन से नीचे ले जाएगी?

इस समय, जब तक कोई नई नकारात्मक खबर या ट्रिगर सामने नहीं आता, निफ्टी के 24,200-24,000 के सपोर्ट जोन से नीचे जाने की संभावना कम ही लगती है। हालांकि मोमेंटम धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है, लेकिन इस गिरावट में बड़ी गिरावट वाले लक्षण नहीं दिख रहे हैं। अगस्त की शुरुआत से ही निफ्टी 500 पॉइंट की एक सीमित ट्रेडिंग रेंज में फंसा हुआ है और उतार-चढ़ाव में भी काफी कमी आई है। डेली ATR (एवरेज ट्रू रेंज) गिरकर 192 पॉइंट पर आ गया है, जो जनवरी 2026 की शुरुआत के बाद से इसका सबसे निचला स्तर है। इंडेक्स में ज्यादातर सेशंस में एक जैसा पैटर्न देखा जा रहा है- शुरुआती घंटे में कुछ हलचल होती है और उसके बाद लंबे समय तक कंसोलिडेशन होता है। इससे पता चलता है कि किसी एक दिशा में लगातार मोमेंटम नहीं है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी अपने 20-दिन और 200-दिन के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) के आसपास घूम रहा है। लंबे समय तक कंसोलिडेशन के कारण ये दोनों ही फ्लैट हो गए हैं। डेली RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) 52 के आसपास है और नीचे की ओर जा रहा है। यह अपसाइड मोमेंटम में कुछ कमी का संकेत देता है। हालांकि, यह अभी भी 50 के अहम स्तर से ऊपर बना हुआ है, जो बताता है कि मंदी का मोमेंटम (बेयरिश मोमेंटम) पूरी तरह हावी नहीं हुआ है।

आगे 24,200-24,150 का जोन एक मजबूत सपोर्ट एरिया के तौर पर काम कर सकता है। जब तक निफ्टी इस जोन के नीचे साफ तौर पर बंद नहीं होता, तब तक निचले स्तरों की ओर तेज गिरावट के बजाय कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना ज्यादा है। ऊपर की ओर 24,550-24,600 का स्तर इमीडिएट रेजिस्टेंस बैंड बना हुआ है।

इसलिए, मोमेंटम निश्चित रूप से कमजोर हुआ है, लेकिन मौजूदा टेक्निकल सेटअप 24,200-24,000 से नीचे बड़ी गिरावट के बजाय एक सीमित दायरे में घूमने वाले बाजार (रेंज-बाउंड मार्केट) का संकेत देता है। 24,150-24,600 की रेंज के किसी भी तरफ एक निर्णायक ब्रेक से निफ्टी की अगली अहम दिशा तय हो सकती है।

अगले हफ्ते के लिए आपके टॉप 2 स्टॉक आइडिया क्या हैं?

Hindustan Aeronautics: स्टॉक ने पिछले हफ्ते वीकली टाइमफ्रेम पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन से ब्रेकआउट दिया, जिसके बाद इस हफ्ते एक मजबूत चाल देखने को मिली। वीकली RSI ने 4 मई के बाद पहली बार 60 के निशान को पार किया है, जो बुलिश मोमेंटम में अहम सुधार का संकेत है। डेली टाइमफ्रेम पर बढ़ता ADX, ट्रेंड की मजबूती और खरीदारी के बढ़ते भरोसे को दिखाता है। स्टॉक वीकली टाइमफ्रेम पर ऊपरी बोलिंगर बैंड के ऊपर भी बंद हुआ है। ऐसा अक्सर मजबूत ट्रेंड वाले दौर की शुरुआत में देखा जाता है।

कुल मिलाकर टेक्निकल सेटअप मजबूती (बुलिश) वाला बना हुआ है। स्टॉक में आगे और बढ़त का संकेत है। इसलिए ₹4,990-5,045 के जोन में ₹4,840 के स्टॉप-लॉस के साथ शेयर जमा करने (एक्युमुलेशन) की सलाह है। ऊपर की तरफ, इसके शॉर्ट टर्म में ₹5,400 के लेवल तक पहुंचने की संभावना है।

Mazagon Dock Shipbuilders: मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने 6 अगस्त को डेली टाइमफ्रेम पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन से ब्रेकआउट दिया, जिसके बाद स्टॉक कंसोलिडेशन के दौर में चला गया। वीकली ADX पर DI+ ने DI- को पार कर लिया है, जो बताता है कि खरीदार धीरे-धीरे विक्रेताओं पर हावी हो रहे हैं। पिछले 6 ट्रेडिंग सेशंस में कंसोलिडेशन देखने के बावजूद, स्टॉक अहम शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेजेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है। यह इसकी अंदरूनी मजबूती को दिखाता है।

कंसोलिडेशन रेंज से ब्रेकआउट बुलिश सेटअप को और मजबूत कर सकता है। इसलिए, ₹2,480 के स्टॉप-लॉस के साथ ₹2,560-2,590 के जोन में शेयर जमा करने की सलाह दी जाती है। ऊपर की ओर, यह शॉर्ट टर्म में ₹2,770 के लेवल को टेस्ट कर सकता है।

Bonus Share: हर शेयर पर 1 नया शेयर फ्री, 24 अगस्त से पहले बन जाएं शेयरहोल्डर; 6 महीनों में कीमत 40% मजबूत

क्या बैंक निफ्टी 24 जुलाई से 3 अगस्त तक की अपनी हालिया रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल को बचा पाएगा?

बैंक निफ्टी पिछले 9 हफ्तों से 58,706-56,023 की बड़ी रेंज में फंसा हुआ है, जिससे किसी साफ दिशा वाले ट्रेंड की कमी का पता चलता है। खास बात यह है कि पिछले तीन हफ्तों में ट्रेडिंग रेंज काफी कम हो गई है और इंडेक्स 1,576-पॉइंट के दायरे में सिमट गया है। कंसोलिडेशन के इस दौर में, इंडेक्स ने दोनों तरफ शैडो वाली छोटी बॉडी की कैंडल्स की एक सीरीज बनाई है। यह खरीदारों और विक्रेताओं के बीच लगातार बरकरार अनिश्चितता को दिखाती है।

लंबे समय तक एक ही रेंज में उतार-चढ़ाव के कारण मुख्य मूविंग एवरेज सपाट हो गए हैं। यह ट्रेंड की मजबूती की कमी का संकेत है। मोमेंटम इंडिकेटर भी सुस्त बने हुए हैं; डेली RSI पिछले 28 ट्रेडिंग सेशन से 60-44 जोन में घूम रहा है। डेली ADX गिरकर 8.99 पर आ गया है। यह मार्च 2019 के बाद से इसकी सबसे निचली रीडिंग है। इतनी कम ADX रीडिंग दिशात्मक मजबूती की भारी कमी की ओर इशारा करती है और बताती है कि इंडेक्स अभी गहरे कंसोलिडेशन के दौर में है।

आगे 58,000-58,100 का जोन बैंक निफ्टी के लिए एक अहम रुकावट का काम कर सकता है। नीचे की तरफ 57,200-57,100 का 50-दिन का EMA क्षेत्र एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। किसी भी तरफ ब्रेकआउट होने से अगले ट्रेंडिंग मूव के लिए रास्ता बन सकता है।

क्या आप Apollo Hospitals पर बुलिश नजरिया बनाए हुए हैं?

अपोलो हॉस्पिटल्स ने डेली चार्ट पर अपने 50-दिन के EMA से जबरदस्त रिकवरी देखी है। RSI 40 से तेजी से ऊपर आया है, जो फिर से बुलिश मोमेंटम का संकेत है। स्टॉक बोलिंगर बैंड की मिडलाइन के ऊपर भी बंद हुआ है, जो शॉर्ट-टर्म बुलिश फेज की ओर शिफ्ट का संकेत देता है। ₹8,650–8,600 का जोन अहम सपोर्ट बना हुआ है।

Relaxo Footwears Stock Outlook: 27% तक लुढ़क सकता है शेयर! मोतीलाल ओसवाल ने दी बेचने की सलाह

क्या आप Bharti Airtel में नया निवेश करने की सलाह देंगे, जिसमें शुक्रवार को जबरदस्त तेजी आई थी?

भारती एयरटेल ने अपने 50-दिन के EMA से जबरदस्त रिकवरी देखी है। RSI ऊपर की ओर बढ़ा है, जो मजबूत बुलिश मोमेंटम का संकेत है। धीरे-धीरे बढ़ता ADX ट्रेंड की मजबूती में सुधार का संकेत देता है। MACD लाइन भी बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। यह पॉजिटिव रुख को और मजबूत करता है। ₹1,940–1,930 का जोन अहम सपोर्ट बना हुआ है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

टॉप 10 कंपनियों में से 5 का M-Cap ₹100000 करोड़ घटा, TCS को सबसे अधिक नुकसान

स्थानीय शेयर बाजार में बीते सप्ताह गिरावट रही। इस बीच सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 5 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में कुल मिलाकर करीब 1 लाख करोड़ रुपये की कमी आई। सबसे ज्यादा नुकसान आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने झेला। बीते सप्ताह सेंसेक्स 489.92 अंक या 0.62 प्रतिशत और निफ्टी 204.65 अंक या 0.83 प्रतिशत के नुकसान में रहा।

टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के मार्केट कैप में गिरावट आई। दूसरी ओर भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप बढ़ गया। इन कंपनियों की वैल्यूएशन में कुल 55,149.45 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई।

बीते सप्ताह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का मार्केट कैप 34,263.28 करोड़ रुपये घटकर 8,53,506.85 करोड़ रुपये रह गया। इसी तरह रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 31,869.13 करोड़ रुपये घटकर 17,70,056.06 करोड़ रुपये, भारतीय स्टेट बैंक का 25,891.88 करोड़ रुपये घटकर 9,85,829.96 करोड़ रुपये, HDFC Bank का 7,165.37 करोड़ रुपये घटकर 11,20,802.10 करोड़ रुपये और ICICI Bank का मार्केट कैप 2,792.65 करोड़ रुपये घटकर 10,17,577.98 करोड़ रुपये पर आ गया।

बाकी 5 कंपनियों को कितना फायदा

इस रुख के उलट भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का मार्केट कैप 26,438.49 करोड़ रुपये बढ़कर 5,23,330.31 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह भारती एयरटेल का मार्केट कैप 20,592.13 करोड़ रुपये बढ़कर 12,43,016.11 करोड़ रुपये, बजाज फाइनेंस का 3,548.79 करोड़ रुपये बढ़कर 6,77,197.34 करोड़ रुपये, लार्सन एंड टुब्रो का 2,490.66 करोड़ रुपये बढ़कर 5,58,973.11 करोड़ रुपये और हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 2,079.38 करोड़ रुपये बढ़कर 4,90,888.35 करोड़ रुपये हो गया।

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टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप पर

मार्केट कैप के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी बनी रही। इसके बाद क्रमश: भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

नए सप्ताह में मेनबोर्ड सेगमेंट में 17 अगस्त को NSE और BSE पर धूत ट्रांसमिशन, मोलबायो डायग्नोस्टिक्स की लिस्टिंग होगी। 18 अगस्त को NSE और BSE पर मिल्की मिस्ट डेयरी फूड के शेयर लिस्ट होने वाले हैं। इसके बाद 19 अगस्त को NSE और BSE पर बिहारी लाल इंजीनियरिंग और शिपरॉकेट के शेयर अपनी शुरुआत करेंगे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Vodafone Idea share Price: 3 दिन में 11% चढ़ा वोडाफोन आइडिया का शेयर, क्या आपको खरीदना चाहिए?

Vodafone Idea share Price: वोडाफोन आइडिया का शेयर तीन दिन में करीब 11 फीसदी चढ़ा है। 14 अगस्त को यह 4.37 फीसदी उछलकर 14.10 रुपये पर पहुंच गया। शेयरों में तेजी की वजह कंपनी के टैरिफ बढ़ाने की चर्चा है। दरअसल, भारती एयरटेल ने हाल में अपनी कई स्कीम के टैरिफ बढ़ाए हैं। इससे यह माना जा रहा है कि वोडाफोन आइडिया भी टैरिफ बढ़ा सकती है।

वोडाफोन आइडिया की सेहत में दिख रहा सुधार

अगर वोडाफोन आइडिया टैरिफ बढ़ाती है तो उसका प्रति यूजर औसत रेवेन्यू (ARPU) बढ़ जाएगा। मास्टर कैपिटल सर्विसेज में एवीपी विष्णु कांत उपाध्याय ने कहा कि वोडाफोन आइडिया के टैरिफ बढ़ाने से उसका रेवेन्यू भी बढ़ेगा। वोडाफोन आइडिया की वित्तीय सेहत में सुधार दिख रहा है। इसका असर उसके शेयरों पर दिखा है। बीते एक साल में यह शेयर 129 फीसदी चढ़ा है।

शेयरों में तेजी जारी रहने का अनुमान 

उपाध्याय ने कहा, “निवेशकों को वोडाफोन आइडिया के शेयर अपने पास बनाए रखना चाहिए। इसकी वजह यह है कि कंपनी की स्थिति अब बदल रही है।” उनका मानना है कि यह शेयर 15 रुपये तक जा सकता है। उसके बाद यह 15.50 रुपये की तरफ बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि निवेशकों को कंपनी के एग्जिक्यूशन, सब्सक्राइबर ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी पर नजर रखनी चाहिए।

टैरिफ बढ़ाने से बढ़ सकता है रेवेन्यू 

IIFL का कहना है कि वोडाफोन आइडिया के लिए दो संभावनाएं दिख रही हैं। पहला, अगर यह टैरिफ बढ़ाती है तो इसका ARPU FY27 में करीब 4 रुपये बढ़ सकता है। दूसरा, अगर यह टैरिफ नहीं बढ़ाती है तो इसके सस्ते प्लान में यूजर्स की दिलचस्पी बढ़ सकती है। इसका मतलब है कि दोनों ही स्थितियों में वोडाफोन आइडिया को फायदा होगा।

18.70 रुपये तक जा सकता है शेयर 

ब्रोकरेज फर्म एंबिट कैपिटल ने बताया कि वोडाफोन आइडिया का शेयर 18.70 रुपये तक जा सकता है। जून तिमाही में कंपनी के सब्सक्राइबर्स की संख्या 3 लाख बढ़ी है। लंबे समय बाद कंपनी के यूजर्स की संख्या बढ़ी है। एंबिट का कहना है कि कंपनी दिसंबर 2026 तक टैरिफ 15 फीसदी तक बढ़ा सकती है।

कंपनी का तीन साल में 45000 करोड़ निवेश का प्लान

कंपनी पहले ही डबल डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ हासिल करने का ऐलान कर चुकी है। इसके लिए वह अगले तीन साल में अपने नेटवर्क में 45,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी के सीईओ अभिजीत किशोर ने कहा था कि प्रमोटर्स से मिलता सहयोग और बैंकों से फंड के लिए चल रही बातचीत से हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है।

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सरकार की हिस्सेदारी बढ़कर 50 फीसदी हुई

वोडाफोन आइडिया देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। पहले नंबर पर रिलायंस जियो है। दूसरे नंबर पर भारती एयरटेल है। तीसरे पर वोडाफोन आइडिया है। रिलायंस जियो शेयर बाजार में सूचीबद्ध नहीं है। वोडाफोन में सरकार की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 50 फीसदी हो गई है।