BSE Q1 Results: स्टॉक एक्सचेंज को ₹874 करोड़ का मुनाफा, बुलियन कारोबार में हिस्सेदारी बढ़ाने का प्लान

BSE Q1 Results: स्टॉक एक्सचेंज BSE ने जून तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 9.6% बढ़कर ₹874 करोड़ हो गया। मार्च तिमाही में यह ₹797 करोड़ था।

जून तिमाही में BSE का रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा। यह 0.2% बढ़कर ₹1,566 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, कुल आय 5% बढ़कर ₹1,707 करोड़ हो गई। इसकी बड़ी वजह निवेश से होने वाली आय में तेज उछाल रही।

निवेश से कमाई दोगुनी से ज्यादा

BSE की सबसे बड़ी कमाई ट्रांजैक्शन चार्ज से होती है। यह तिमाही आधार पर 1% बढ़कर ₹1,328 करोड़ हो गया। अन्य ऑपरेटिंग आय में भी 5% की बढ़ोतरी हुई।

हालांकि, लिस्टिंग सर्विसेज से होने वाली आय 15% घटकर ₹101 करोड़ रह गई। इसकी वजह IPO बाजार में सुस्ती रही। दूसरी ओर, निवेश से होने वाली आय ₹62 करोड़ से बढ़कर ₹135 करोड़ हो गई।

मुनाफा मार्जिन 51% रहा

BSE का कंसोलिडेटेड EBITDA ₹1,187 करोड़ रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट मार्जिन 51% दर्ज किया गया। वहीं, कंपनी की नेटवर्थ बढ़कर ₹7,547 करोड़ पहुंच गई। प्रति शेयर आय (EPS) ₹21.22 रही।

कैश मार्केट में BSE का औसत दैनिक कारोबार बढ़कर ₹9,955 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹7,180 करोड़ था। इक्विटी डेरिवेटिव्स में औसत दैनिक प्रीमियम टर्नओवर ₹1,155 करोड़ पहुंच गया।

बुलियन कारोबार में बढ़ाएगी हिस्सेदारी

BSE के बोर्ड ने India International Bullion Holding (IIBH) में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 20% करने को मंजूरी दी है। अभी कंपनी की इसमें 10% हिस्सेदारी है। यह निवेश GIFT City के बुलियन मार्केट में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। BSE अब इक्विटी ट्रेडिंग के अलावा दूसरे मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार में भी विस्तार कर रही है।

BSE के शेयरों का हाल

BSE का शेयर मंगलवार को 0.64% बढ़कर 3,597.90 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 24.22% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने 44.69% का रिटर्न दिया है। बीते 5 साल में स्टॉक ने 2,559.59% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1.47 लाख करोड़ रुपये है।

KEI Industries Share Price:अच्छे तिमाही नतीजों से शेयर सरपट दौड़ा, 9% उछलकर 4 हफ्ते के हाई पर पहुंचा भाव, अब क्या करें?

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gokul Agro Q1 Results: गोकुल एग्रो का मुनाफा 74% उछला, EBITDA में 52% की शानदार बढ़त

Gokul Agro Q1 Results: खाद्य तेल और एग्री-प्रोसेसिंग सेक्टर की कंपनी गोकुल एग्रो रिसोर्सेज ने जून तिमाही में अच्छे नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की बिक्री और मुनाफा दोनों बढ़े हैं। बेहतर ऑपरेटिंग एफिशिएंसी, वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स, एक्सपोर्ट और नॉन-एडिबल बिजनेस ने इस ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई।

रेवेन्यू ₹5,295 करोड़ के पार

अप्रैल-जून तिमाही में गोकुल एग्रो का शुद्ध मुनाफा 74% बढ़कर ₹123 करोड़ पहुंच गया। वहीं, कंपनी की कुल आय 7% बढ़कर ₹5,295 करोड़ पहुंच गई।

EBITDA 52% बढ़कर ₹217 करोड़ रहा। कंपनी का PAT मार्जिन 2.34% रहा और EPS ₹4.16 दर्ज किया गया। यानी हर मोर्चे पर कंपनी की कमाई मजबूत हुई।

कारोबार लगातार बढ़ रहा

गोकुल एग्रो के पास 575 से ज्यादा डिस्ट्रीब्यूटर्स का नेटवर्क है। इसकी कुल प्रोसेसिंग क्षमता 20 लाख MTPA है। कंपनी के उत्पाद भारत के 28 राज्यों और 33 देशों में बिकते हैं। पिछले पांच साल में कंपनी का रेवेन्यू 23% CAGR, EBITDA 35% CAGR और शुद्ध मुनाफा 54% CAGR की दर से बढ़ा है।

नए कारोबार पर फोकस

गोकुल एग्रो के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर कनुभाई जे. ठक्कर ने कहा कि इस तिमाही में बायोडीजल प्लांट शुरू किया गया। साथ ही स्पेशलिटी फैट्स पोर्टफोलियो का विस्तार हुआ। ई-कॉमर्स, इंस्टीट्यूशनल ग्राहकों और एक्सपोर्ट के जरिए बाजार में पकड़ भी मजबूत हुई। इन कदमों से आने वाले समय में ग्रोथ को और रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

आगे क्या है प्लान?

गोकुल एग्रो अब कंज्यूमर ब्रांड्स, वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स और एक्सपोर्ट बिजनेस पर ज्यादा जोर दे रही है। इसके साथ ही क्षमता बढ़ाने और मजबूत वित्तीय अनुशासन बनाए रखने पर भी फोकस रहेगा। कंपनी का मानना है कि खाद्य तेल की बढ़ती मांग और सरकार की नीतियों से आगे भी कारोबार को अच्छा सपोर्ट मिलेगा।

गोकुल एग्रो का शेयर गुरुवार को 0.75% की बढ़त के साथ 224.88 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक ने 38.87% का रिटर्न दिया है। वहीं, 1 साल में यह 45.79% चढ़ा है।

Tata Steel Q1 Results: टाटा की कंपनी को ₹2318 करोड़ मुनाफा, रेवेन्यू उम्मीद से बेहतर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IT Vs Banks : बैंक निफ्टी के लिए कच्चा तेल एक बड़ा सिरदर्द, इस महीने 18% रिटर्न देने के बाद IT में अभी भी बाकी है दम

IT Vs Banks : IT शेयरों ने आज तेजी का चौका लगाया है। निफ्टी IT इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। निफ्टी के टॉप 5 गेनर्स में से 4 IT सेक्टर के हैं। अमेरिका में Cognizant के EPS आउटलुक बढ़ाने से आईटी स्पेस में जोश आया है। निफ्टी IT इंडेक्स 4 दिन में 11% चढ़ा है। ऐसे में सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि आज IT की रैली का भी एक टेस्ट होगा,यह अभी भी सबसे मजबूत इंडेक्स है। कल COGNIZANT का अनुमान बढ़ाना एक बड़ा पॉजिटिव है। निफ्टी IT हमारे 32,800 के लक्ष्य से अब 1700 अंक दूर है। 27,000 से हमने निफ्टी IT पर मजबूत लॉन्ग नजरिया लिया था।

उधर हाल के दिनों में बैंक शेयरों पर दबाव देखने को मिला है। बैंक निफ्टी आज भी 0.58 फीसदी की गिरावट के साथ 56,870 को आसपास दिख रहा है। अनुज सिंघल ने बैंक निफ्टी पर अपनी रणनीति साझा करते हुए कहा कि इसके लिए आज पहला सपोर्ट 56,800-57,000 और बड़ा सपोर्ट 56,500-56,700 पर होगा। वहीं, सबसे अहम रजिस्टेंस 57,300-57,500 पर है। बैंक निफ्टी अभी भी सही ट्रेडिंग मूव्स नहीं दे रहा है

IT Vs बैंक्स: अब क्या?

इन दोनों सेक्टरों के इस महीने के रिटर्न पर नजर डालें तो निफ्टी IT ने 18% रिटर्न दिया है। वहीं, निफ्टी बैंक में 0.6% की कमजोरी देखने को मिली है। निफ्टी प्राइवेट बैंक में 1.3% की गिरावट आई है। HCLTech 25% फीसदी भागा है। वहीं, TCS में 20% की और टेक महिंद्रा में 17% की तेजी आई है। इंफोसिस 16% तो परसिस्टेंट 27% भागा है। दूसरी तरफ एक्सिस बैंक 8% तो HDFC बैंक 6% टूटा है। हालांकि ICICI बैंक में 4.5% की तेजी देखने को मिली है।

अनुज सिंघल की राय है कि HDFC बैंक अभी भी सबसे कमजोर शेयर है। कल की रैली एक डेड कैट बाउंस (Dead Cat Bounce) ही है। HDFC बैंक में किसी भी रैली में ना फंसें। सिर्फ वैल्यूएशन कम्फर्ट के कारण निवेश का तर्क नहीं होता। पहले भी 1 महीने की पूरी रैली एक दिन में स्वाहा हुई थी। वहां फोकस करें जहां पर आपको मोमेंटम मिला है।

परसिस्टेंट जैसे शेयर देखिए जहां 4300 रुपए के स्तर से शॉर्ट फंसे हैं। हमने इस पर लांन्ग का बोल्ड नजरिया लिया और शेयर अब वहां से करीब 30% ऊपर है। HCLTech में भी Sarvam में निवेश के बाद से सिर्फ एकतरफा तेजी है। कोफोर्ज ने भी मुड़कर नहीं देखा है। निफ्टी IT में बहुत लोगों ने रैली मिस की है। अब इसीलिए वो ये कहेंगे कि अब ये रिस्की हो गया है। इसका सबसे बड़ा टेस्ट मिलेगा 200 DMA यानी 32,800 पर।

बैंक निफ्टी के लिए अब भी कच्चा तेल बड़ा सिरदर्द है। अगली तिमाही में क्रेडिट कॉस्ट बढ़ेंगी और NIMs पर असर होगा। टेक्निकली निफ्टी बैंक 57,400-57,500 के 200 DMA पर ही अटक रहा है।

 

Market Insight : आज बाजार में थोड़ी वोलैटिलिटी संभव, IT के बाद 2-व्हीलर सेक्टर सबसे मजबूत सेक्टर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks Of The Day : नतीजों के बाद लॉरेस लैब्स लाइफ हाई पर, कॉनकॉल के बाद KFIN टेक को भी लगे पंख

Stock Of The Day : नतीजों के बाद लॉरेस लैब्स के शेयर आज अपने लाइफ हाई पर जाते दिखें हैं। नतीजों और कॉनकॉल के बाद KFIN टेक का शेयर भी जोर से दौड़ा है। फार्मा सेक्टर में आज सबसे ज्यादा फोकस लॉरेस लैब्स पर है। जिसमें जोरदार तेजी आई है। लॉरेस लैब्स की बात करें तो 1 महीने में इस शेयर ने 11 फीसदी रिटर्न दिया है। वहीं, इस साल अब तक इसने 50 फीसदी रिटर्न दिया है। वहीं, निफ्टी फार्मा इंडेक्स ने 1 महीने में 1 फीसदी और इस साल अब तक 15 फीसदी रिटर्न दिया है।

लॉरेस लैब्स में तेजी क्यों?

कंपनी ने लगातार शानदार नतीजे पेश किए हैं। अब तक का सबसे ज्यादा रेवेन्यू और EBITDA ग्रोथ देखने को मिली है। कंपनी के CDMO और फॉर्मूलेशन बिजनेस ने दम दिखाया है। सिंथेसिस (SYNTHESIS) बिजनेस में 69% की तगड़ी ग्रोथ देखने को मिली है।

लॉरेस लैब्स: कमेंट्री

कंपनी की मैनेजमेंट कमेंट्री में कहा गया है कि कैपेक्स बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपए किया गया। यह पहले 1500 करोड़ रुपए था। विशाखापत्तनम का बड़ा पेप्टाइड प्लांट ट्रैक पर है।

लॉरेस लैब्स: वैल्युएशन

यह स्टॉक FY27 के EPS के 65 गुना वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है। FY26-28 में 24% CAGR अर्निंग संभव है।

लॉरेस लैब्स:शेयर प्राइस हिस्ट्री

3 बजे के आसपास एनएसई पर यह शेयर 121.90 रुपए यानी 7.61% फीसदी की बढ़त के साथ 1725 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। आज का इसका दिन का हाई 1,734.50 रुपए और दिन का लो 1,617.10 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 1,734.50 रुपए और 52 वीक लो 810.05 रुपए है। 1 हफ्ते में इस शेयर ने 10.49 फीसदी और 1 महीने में 18.76 फीसदी रिटर्न दिया है। 1 साल में इसने 105.42 फीसदी और 3 साल में 400.29 फीसदी रिटर्न दिया है।

KFIN (KFin Technologies) में भी रफ्तार

नतीजों और कॉनकॉल के बाद KFIN टेक भी दौड़ा है। कंपनी ने कॉनकॉल में बताया है कि बैंक बेस्ड वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म डील जल्द संभव है। NPS बिजनेस ब्रेकइवेन पर पहुंच गया है। MF मार्केट शेयर 37% से बढ़ाकर 40% करने का लक्ष्य है। पहली तिमाही में कंपनी के साथ 10 करोड़ डॉलर से ज्यादा AUM वाले 6 नए फंड मैनेजर्स जुड़े है। FY27 के अंत तक 40% EBITDA मार्जिन का लक्ष्य है। इंटरनेशनल बिजनेस से मार्जिन में बढ़ोतरी की उम्मीद है।

शेयर की चाल पर एक नजर

3 बजे के आसपास एनएसई पर यह शेयर 92.25 रुपए यानी 10.75% की तेजी के साथ 950 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। आज का इसका दिन का हाई 955.30 रुपए और दिन का लो 862 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 1,215 रुपए है। 1 हफ्ते में इसने 7.51 फीसदी रिटर्न दिया है। वहीं, 1 महीने में इसने 8.40 फीसदी तेजी दिखाई है। 1 साल में शेयर 18.56 फीसदी टूटा है। वहीं, 3 साल में इसने 140.17 फीसदी रिटर्न दिया है।

 

 

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Velora Impact Q1 Results: वेलोरा इम्पैक्ट को पहली तिमाही में ₹8 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू ₹140 करोड़ के पार

Velora Impact Q1 Results: वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। पहले इसका नाम प्रतीक्षा केमिकल्स लिमिटेड था। कंपनी ने अप्रैल-जून तिमाही में कारोबार और मुनाफे, दोनों में बढ़त दर्ज की है। कंपनी का कहना है कि बेहतर बिजनेस परफॉर्मेंस और ऑपरेशनल एफिशिएंसी का फायदा नतीजों में दिखा है।

जून 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹141.92 करोड़ रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में यह ₹1.17 करोड़ था। यानी कंपनी की आय में कई गुना बढ़ोतरी हुई है।

EBITDA और मुनाफा भी बढ़ा

कंपनी का EBITDA ₹7.98 करोड़ रहा। वहीं, टैक्स से पहले का मुनाफा (PBT) ₹7.90 करोड़ दर्ज किया गया। तिमाही के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट भी ₹7.90 करोड़ रहा। कंपनी का कहना है कि बेहतर ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और बिजनेस में तेजी की वजह से मुनाफे में बड़ा सुधार देखने को मिला।

अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का बेसिक और डाइल्यूटेड अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹14.19 रहा। यह प्रति शेयर कमाई में अच्छी बढ़त को दिखाता है।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर सुमित हरजीभाई गोल ने कहा कि पहली तिमाही के नतीजे कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी की सफलता को दिखाते हैं। उनके मुताबिक, कंपनी बिजनेस को और मजबूत करने, नए अवसरों का फायदा उठाने और शेयरधारकों के लिए लंबे समय तक वैल्यू बनाने पर फोकस कर रही है।

वेलोरा इम्पैक्ट का बिजनेस क्या है

वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड स्पेशियलिटी केमिकल्स सेक्टर की कंपनी है। कंपनी मुख्य रूप से कलर पिगमेंट बनाती है। इसके प्रमुख उत्पादों में पिगमेंट ग्रीन 7, कॉपर फ्थैलोसाइनिन ग्रीन क्रूड और दूसरे ब्लू व ग्रीन पिगमेंट शामिल हैं। इन पिगमेंट्स का इस्तेमाल कई उद्योगों में होता है। इनमें पेंट, प्रिंटिंग इंक, प्लास्टिक, ग्लास, सिंथेटिक फाइबर, सिरेमिक, टेक्सटाइल, कॉस्मेटिक्स और कलर्ड सीमेंट जैसे सेक्टर शामिल हैं।

कंपनी अपने प्रोडक्ट्स की सप्लाई भारत के साथ-साथ दूसरे देशों में भी करती है। हाल ही में कंपनी ने अपना नाम बदलकर वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड रखा है। कंपनी का कहना है कि यह बदलाव उसके नए बिजनेस विजन, बढ़ते कारोबार और भविष्य की ग्रोथ स्ट्रैटेजी को ध्यान में रखकर किया गया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Magnus Steel Q1 Results: प्रॉफिट और रेवेन्यू में तगड़ा उछाल, अब स्टील और इंफ्रा सेक्टर के नए मौकों पर फोकस

Magnus Steel & Infra ने जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू सालाना आधार पर 273.7% बढ़कर 7.30 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 1.95 करोड़ रुपये था।

कंपनी का नेट प्रॉफिट 490.6% बढ़कर 2.41 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले इसी अवधि में यह 41 लाख रुपये था। टैक्स से पहले का मुनाफा (PBT) भी 2.41 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के 41 लाख रुपये से करीब पांच गुना ज्यादा है।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी मजबूत

जून तिमाही में कंपनी का EBITDA 400.7% बढ़कर 2.41 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 48 लाख रुपये था। वहीं अर्निंग्स पर शेयर (EPS) बढ़कर 7.13 रुपये हो गई, जो एक साल पहले 1.21 रुपये थी। कंपनी ने कहा कि बेहतर ऑपरेटिंग प्रदर्शन और लागत पर नियंत्रण की वजह से मुनाफे में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई।

टाटा मोटर्स प्रोजेक्ट से मिला बड़ा मौका

कंपनी ने बताया कि उसे गुजरात और महाराष्ट्र में Tata Motors के प्रस्तावित ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट्स के लिए मंजूरशुदा स्टील सप्लायर के रूप में शामिल किया गया है। प्रोजेक्ट कॉन्ट्रैक्टर RIECO Industries के जरिए कंपनी ने स्टील की सप्लाई भी शुरू कर दी है और कई खरीद ऑर्डर हासिल किए हैं। कंपनी का दावा है कि इससे उसकी ऑर्डर बुक मजबूत होगी और आने वाले समय में ग्रोथ को रफ्तार मिलेगी।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

Magnus Steel के चेयरमैन और डायरेक्टर कैरॉन नरेश बजाज ने कहा कि पहली तिमाही का प्रदर्शन कंपनी की मजबूत रणनीति और ऑपरेशनल क्षमता का नतीजा है। उन्होंने कहा कि कंपनी स्टील और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में नए अवसरों का फायदा उठाकर शेयरधारकों के लिए लंबी अवधि में बेहतर मूल्य सृजित करने पर फोकस कर रही है।

FY26 में भी रहा अच्छा प्रदर्शन

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 22.58 करोड़ रुपये रहा, जबकि नेट प्रॉफिट 4.51 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इस दौरान कंपनी का EPS 13.33 रुपये प्रति शेयर रहा।

SRF Share Price : कमजोर गाइडेंस के बाद वायदा के टॉप लूजर में शामिल हुआ शेयर, जानिए अब क्या हो निवेश रणनीति

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

New Tax Regime: अब 10 में 9 टैक्सपेयर्स चुन रहे हैं न्यू टैक्स रिजीम, जानिए 5 बड़े कारण

New Tax Regime: इस बार इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने वाले ज्यादातर लोग न्यू टैक्स रिजीम चुन रहे हैं। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस साल उनके पास रिटर्न फाइल करने वाले 80% से 95% तक टैक्सपेयर्स ने नया टैक्स सिस्टम चुना है। पिछले कुछ सालों में यह संख्या लगातार बढ़ी है। आखिर इसके पीछे क्या वजह है? आइए जानते हैं।

  1. टैक्स में ज्यादा राहत मिलने लगी

न्यू टैक्स रिजीम में सरकार ने सेक्शन 87A के तहत मिलने वाली टैक्स छूट बढ़ाई है। टैक्स स्लैब में भी बदलाव किए गए हैं और स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा बढ़ाया गया है। इसी वजह से पहले के मुकाबले कई सैलरीड लोगों का टैक्स कम हो गया है।

ClearTax का कहना है कि कम टैक्स दरें, ज्यादा टैक्स रिबेट और बढ़ा हुआ स्टैंडर्ड डिडक्शन न्यू टैक्स रिजीम को ज्यादा आकर्षक बना रहे हैं।

2. कागजी झंझट लगभग खत्म

ओल्ड टैक्स रिजीम में HRA, 80C, 80D और दूसरे डिडक्शन के लिए कई तरह के दस्तावेज संभालकर रखने पड़ते हैं। न्यू टैक्स रिजीम में इसकी जरूरत काफी कम हो जाती है। इसलिए ITR भरना भी आसान हो गया है।

SBHS & Associates के पार्टनर हिमांक सिंगला कहते हैं कि लोग अब सिर्फ टैक्स बचाने के लिए निवेश नहीं करना चाहते। आसान प्रक्रिया की वजह से वे तेजी से न्यू टैक्स रिजीम की तरफ बढ़ रहे हैं।

3. कम टैक्स रेट का फायदा

जिन लोगों के पास ज्यादा डिडक्शन नहीं हैं, उनके लिए न्यू टैक्स रिजीम सीधे टैक्स बचाने का मौका दे रही है। यही वजह है कि हर साल इसे चुनने वालों की संख्या बढ़ रही है।

HJ Aggarwal & Co. के पार्टनर सीए हर्षित अग्रवाल के मुताबिक, इस साल उनकी फर्म के करीब 95% क्लाइंट्स ने न्यू टैक्स रिजीम चुनी है। पिछले साल यह आंकड़ा 70% से थोड़ा ज्यादा था, जबकि दो साल पहले सिर्फ 20% लोग इसे चुन रहे थे।

4. ITR फाइल करना पहले से आसान

न्यू टैक्स रिजीम में कम कैलकुलेशन और कम दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है। इससे रिटर्न जल्दी फाइल हो जाता है।

TaxSpanner के को-फाउंडर और CEO सुधीर कौशिक कहते हैं कि 12 लाख रुपये तक की आय वाले कई टैक्सपेयर्स सिर्फ इसलिए न्यू टैक्स रिजीम चुन रहे हैं क्योंकि इसमें दस्तावेज कम लगते हैं और पूरी प्रक्रिया आसान है।

5. फिर भी हर किसी के लिए सही नहीं

न्यू टैक्स रिजीम भले ही ज्यादातर लोगों की पहली पसंद बन गई हो, लेकिन हर टैक्सपेयर के लिए यह बेहतर विकल्प नहीं है। NA Shah Associates के पार्टनर गोपाल बोहरा का कहना है कि जिन लोगों को HRA, होम लोन के ब्याज, Chapter VI-A के तहत मिलने वाले डिडक्शन या दूसरे बड़े टैक्स बेनेफिट मिलते हैं, उनके लिए ओल्ड टैक्स रिजीम अब भी ज्यादा फायदे की हो सकती है।

वहीं, S.K. Patodia LLP के एसोसिएट डायरेक्टर मिहिर तन्ना भी सलाह देते हैं कि रिटर्न भरने से पहले दोनों टैक्स रिजीम में अपना टैक्स निकालकर जरूर देखें। अगर आपके पास HRA, होम लोन, NPS, PPF, EPF या दूसरे बड़े डिडक्शन हैं, तो ओल्ड टैक्स रिजीम आज भी बेहतर विकल्प साबित हो सकती है।

EPS Pension Calculation: 10 से 25 साल की नौकरी पर कितनी बनेगी मंथली पेंशन? 

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

TVS Motor Share Price: जून तिमाही के नतीजों से टीवीएस मोटर का शेयर उछला, जेफरीज ने बढ़ाया टारगेट प्राइस

TVS Motor Share Price: टीवीएस मोटर के शेयरों में लगातार दूसरे दिन तेजी दिखी। 4 फीसदी उछाल के साथ यह एनएसई 500 और बीएसई 500 का सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयरों में शामिल हो गया। टीवीएस मोटर ने 21 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया था। कंपनी के नतीजे एनालिस्ट्स की उम्मीद से बेहतर हैं। इसका असर कंपनी के शेयरों पर देखने को मिल रहा है।

इस साल अब तक 40 फीसदी चढ़ा है शेयर 

TVS Motor Company का शेयर 22 जुलाई को 2 बजे 3.13 फीसदी चढ़कर 3,910 रुपये पर चल रहा था। खास बात यह है कि शेयर बाजार में बड़ी गिरावट के बावजूद टीवीएस मोटर के शेयर में अच्छी तेजी दिखी। बीते एक साल में टीवीएस का शेयर शेयर करीब 40 फीसदी चढ़ा है। यह बीते एक साल में शानदार प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल है।

जेफरीज ने नतीजों के बाद बढ़ाया टारगेट प्राइस

कंपनी के नतीजों के ऐलान के बाद 21 जुलाई को शेयर 5.6 फीसदी चढ़ा था। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने टीवीएस मोटर के शेयर को ‘खरीदने’ (Buy) की अपनी सलाह बनाए रखी है। जून तिमाही के नतीजों के ऐलान के बाद उसने शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाकर 4,900 रुपये कर दिया है।

मौजूदा लेवल से 29 फीसदी चढ़ सकता है शेयर 

जेफरीज ने टीवीएस मोटर के शेयर के लिए जो नया टारगेट प्राइस दिया है, उससे यह संकेत मिलता है कि यह शेयर मौजूदा लेवल से 29 फीसदी से ज्यादा चढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि टीवीएस मोटर का जून तिमाही में प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा है। इस वजह से उसने शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाया है। ब्रोकरेज फर्म ने FY27-FY29 के लिए अर्निंग्स प्रति शेयर (EPS) के अनुमान को भी 4-5 फीसदी बढ़ा दिया है।

कीमतों में उछाल से बढ़ी है शेयर की वैल्यूएशन

जेफरीज ने कहा है कि घरेलू बाजार के साथ ही विदेश में टू-व्हीलर्स की मांग स्ट्रॉन्ग रहने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि प्रतिस्पर्धा के लिहाज से टीवीएस मोटर की पोजीशन लगातार मजबूत हो रही है। उसका यह भी मानना है कि कंपनी के मार्जिन को लेकर चिंता खत्म हो चुकी है। हालांकि, इस शेयर में FY27 की अनुमानित अर्निंग्स के करीब 39 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। यह 10 सालों के 35 गुना के औसत से ज्यादा है।

जून तिमाही में प्रॉफिट में 51 फीसदी उछाल

जून तिमाही में टीवीएस मोटर का प्रॉफिट 51.3 फीसदी बढ़कर 1,174 करोड़ रुपये पहुंच गया। यह सीएनबीसी-टीवी18 के पोल में एनालिस्ट्स के 1,022 करोड़ रुपये के अनुमान से ज्यादा है। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 37.8 फीसदी बढ़कर 13,896 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 41 फीसदी बढ़कर 1,779 करोड़ रुपये रहा। मार्जिन 30 बेसिस प्वाइंट्स बढ़कर 12.8 फीसदी हो गया।