LG Electronics Share Price: शेयर पर बुलिश हुआ BOB Capital, दिया 20% अपसाइड का टारगेट, क्या आप करेंगे निवेश

LG Electronics Share Price: घरेलू उपकरण, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने वाली कंपनी LG Electronics India के शेयरों पर ब्रोकरेज फर्म BOB Capital बुलिश नजर आ रहा है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 20 फीसदी अपसाइड टारगेट के साथ इसकी कवरेज शुरू की है। BOB Capital ने LG Electronics India पर’Buy’ रेटिंग के साथ इसके लिए ₹1,980 प्रति शेयर के टारगेट प्राइस तय किया है, जिसका मतलब है कि इसमें लगभग 20% की बढ़त की संभावना है। ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस में यह बढ़त कंपनी के वैल्यूएशन सितंबर 2028 की अनुमानित अर्निंग्स पर शेयर (EPS) के 50 गुना पर किया है।

BOB Capital Markets के अनुसार, देश में LG Electronics India की लगभग तीन दशकों की मौजूदगी ने इसे इन्वर्टर एयर कंडीशनर, ऑटोमैटिक वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर और टेलीविज़न जैसे प्रमुख कंज्यूमर अप्लायंस कैटेगरी में मज़बूत स्थिति बनाने में मदद की है।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि अगले तीन वर्षों में LG की मार्केट लीडरशिप बनी रहेगी, जिसे मज़बूत ब्रांड रिकॉल, प्रीमियम बनाने की रणनीति (प्रीमियमाइज़ेशन), बढ़ते डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और प्रीमियम व वैल्यू सेगमेंट में नए उत्पादों की लगातार पाइपलाइन से मदद मिलेगी।

ब्रोकरेज ने कहा कि छोटे बाज़ारों में LG की गहरी पैठ और लगातार नए उत्पाद लॉन्च करने से कंपनी को इंडस्ट्री की कुल ग्रोथ से बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

BOB Capital Markets को उम्मीद है कि बढ़ती लोकलाइज़ेशन (स्थानीय स्तर पर उत्पादन) और बैकवर्ड इंटीग्रेशन से LG Electronics India के मार्जिन को स्ट्रक्चरल सपोर्ट मिलेगा।

ब्रोकरेज ने कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग स्केल और आने वाली श्री सिटी फैसिलिटी पर जोर दिया, जिससे कंप्रेसर जैसे प्रमुख कंपोनेंट्स का इन-हाउस प्रोडक्शन और बेहतर हो सकता है। इससे इनपुट लागत पर बेहतर कंट्रोल मिलने और तांबे व एल्युमीनियम की ऊंची कीमतों और करेंसी में उतार-चढ़ाव से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

ब्रोकरेज को यह भी उम्मीद है कि क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर (QCO) के नियम और सख्त होने पर ज़्यादा लोकलाइज़ेशन से LG को फ़ायदा होगा।

BOB Capital Markets का अनुमान है कि FY26–FY29E के दौरान LG Electronics India का रेवेन्यू, EBITDA और PAT क्रमशः 13%, 23% और 20% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेगा।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि यह ग्रोथ भारत में कंज्यूमर अप्लायंस (मोबाइल फ़ोन को छोड़कर) की बढ़ती मांग और नए उत्पाद लॉन्च, मज़बूत डिस्ट्रीब्यूशन और स्थापित ब्रांड फ्रेंचाइजी के ज़रिए मार्केट शेयर हासिल करने की LG की क्षमता से प्रेरित होगी।

हालांकि एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर जैसे उत्पादों की घरेलू बिक्री मौसमी होती है, लेकिन BOB Capital Markets को उम्मीद है कि एक्सपोर्ट और B2B बिज़नेस ग्रोथ के अतिरिक्त इंजन के तौर पर काम करेंगे।

श्री सिटी, नोएडा और पुणे में LG की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज़ से पैरेंट कंपनी की “ग्लोबल साउथ” रणनीति को सपोर्ट मिलने और एक्सपोर्ट से योगदान बढ़ने की उम्मीद है। B2B सेक्टर में, कंपनी अपने इन्फॉर्मेशन डिस्प्ले और HVAC बिज़नेस (जिसमें VRF और कैसेट AC सिस्टम शामिल हैं) का विस्तार कर रही है। इसके सालाना मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट (AMC) बिज़नेस से भी कंपनी को ऐसे रेवेन्यू सोर्स मिलते हैं जिनमें मार्जिन अपेक्षाकृत ज़्यादा होता है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Hero Motors Share Price: कमजोर लिस्टिंग के बाद रॉकेट बने शेयर, खरीदें, बेचें या होल्ड करें?

 Hero Motors Share Price: हीरो मोटर्स के शेयर 23 सितंबर को कमजोरी के साथ लिस्ट हुए। उसके बाद शेयर में जबर्दस्त तेजी दिखी। 11:45 बजे शेयर का प्राइस एनएसई पर 17.14 फीसदी चढ़कर 98.40 रुपये पर चल रहा था। कंपनी ने आईपीओ में इनवेस्टर्स को प्रति शेयर 84 रुपये की कीमत पर शेयर इश्यू किए थे। लेकिन, शेयर की लिस्टिंग 2.38 फीसदी डिस्काउंट के साथ 82 रुपये पर हुई।

लिस्टिंग जीएमपी के संकेतों के मुताबिक

23 सितंबर को Hero Motors के शेयर की लिस्टिंग जीएमपी के संकेतों के मुताबिक रही। जीएमपी से इस शेयर के इश्यू प्राइस से कम कीमत पर लिस्टिंग के संकेत मिल रहे थे। कंपनी के आईपीओ में इनवेस्टर्स ने अच्छी दिलचस्पी दिखाई थी। कंपनी ने 79-84 रुपये प्राइस बैंड तय किया था। 1000 करोड़ रुपये के आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (OFS) भी शामिल था।

शेयर में रॉकेट जैसी तेजी से इनवेस्टर्स दुविधा में

लिस्टिंग के बाद हीरो मोटर्स के शेयरों में आई तेजी ने इनवेस्टर्स को दुविधा में डाल दिया है। सवाल है कि क्या नए निवेशकों को यह शेयर सेकेंडरी मार्केट से खरीदना चाहिए, जिन निवेशकों को शेयर एलॉट हुए हैं, उन्हें इसे रखना चाहिए या प्रॉफिट बुक कर लेना चाहिए?

कंपनी का पावरट्रेन पोर्टफोलियो काफी डायवर्सिफायड

कांतिलाल छगनलाल सिक्योरिटीज के महेश एम ओझा का कहना है कि हीरो मोटर्स का पावरट्रेन पोर्टफोलियो काफी डायवर्सिफायड है। कंपनी टेक्नोलॉजी के मामले में भी स्ट्रॉन्ग है। इस वजह से ऑटोमोटिव सेक्टर में इसकी स्थिति काफी मजबूत है। उन्होंने कहा कि इन-हाउस इंजीनियरिंग कपैसिटी अच्छी है। दुनिया की कई बड़ी कंपनियां इसकी क्लाइंट्स हैं।

ज्यादा वैल्यूएशन चिंता की बड़ी वजह 

उन्होंने कहा कि कंपनी की मौजूदगी सीवीटी हब, ईवी ट्रांसमिशंस, इलेक्ट्रिक मोटर्स जैसे सेगमेंट्स में है। इस वजह से कंपनी की स्थिति काफी स्ट्रॉन्ग है। खासकर प्रीमियम आईसीई और ई-बाइक पावरट्रेन मार्केट्स में यह काफी मजबूत स्थिति में है। लेकिन, वैल्यूएशन चिंता की वजह है। आईपीओ से पहले शेयर की वैल्यूएशन FY26 की अर्निंग्स की करीब 74 गुना थी। इस सेगमेंट की दूसरी कंपनियों का औसत पीई करीब 50.2 गुना है। इससे कंपनी के शेयर में ज्यादा तेजी की उम्मीद नहीं दिखती।

इनवेस्टर्स शेयर में प्रॉफिट बुक सकते हैं

ओझा का मानना है कि क्लाइंट्स के मामले में कंसंट्रेशन रिस्क दिख रहा है। कंपनी की कुल रेवेन्यू में टॉप 10 क्लाइंट्स की करीब 73-78 फीसदी हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा कि जिन इनवेस्टर्स को आईपीओ में शेयर इश्यू हुए हैं, वे प्रॉफिट बुक कर सकते हैं। नए निवेशकों को इस शेयर में निवेश करने के लिए प्राइस कसे मामले में सही एंट्री लेवल का इंतजार करना चाहिए।

नए निवेशकों को सही एंट्री प्वाइंट का इंतजार करना चाहिए

स्वस्तिका इनवेस्टमार्ट में हेड ऑफ वेल्थ शिवानी नयाती का भी मानना है कि शेयर की वैल्यूएशन अर्निंग्स की करीब 69-74 गुनी है, जो इस सेक्टर की दूसरी कंपनियों की वैल्यूएशन के मुकाबले काफी ज्यादा है। हालांकि, RoNW बढ़कर 8.53 फीसदी हो गया है लेकिन EBITDA मार्जिन करीब 10.2 फीसदी है, जो प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से कम है।

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शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक हरे निशान में 

उन्होंने कहा कि नए इनवेस्टर्स इस शेयर में निवेश के लिए बेहतर प्राइस प्वाइंट का इंतजार कर सकते हैं। जिन निवेशकों को आईपीओ में Hero Motors के शेयर एलॉट हुए हैं, वे 75-77 रुपये पर स्टॉपलॉस के साथ इस शेयर को होल्ड यानी अपने पास बनाए रख सकते हैं। 23 सितंबर को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में रिकवरी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में थे।

Shadowfax Technologies Share: इश्यू प्राइस से 127% चढ़ा शेयर और लगा सकता है छलांग,कोटक ने दिए ₹310 का टारगेट

Shadowfax Technologies Share: ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने बुधवार, 23 सितंबर को लॉजिस्टिक्स सर्विस प्रोवाइडर शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज (Shadowfax Technologies) कवरेज शुरु की है। ब्रोकरेज फर्म ने ₹310 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ शेयर को “ADD” रेटिंग दी है । बता दें कि स्टॉक अपने इश्यू प्राइस से पहले ही 127% बढ़ चुका है और अब नया टारगेट प्राइस इसमें 10 फीसदी की ओर अपसाइड दिखा रहा है।

शैडोफैक्स भारत के बड़े पैमाने पर डुओपॉलिस्टिक थर्ड-पार्टी ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स मार्केट में दूसरा सबसे बड़ा प्लेयर है। इसका मुकाबला गुरुग्राम की डेल्हीवरी से है।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज को उम्मीद है कि शैडोफैक्स FY2026-30 के दौरान बड़ी थर्ड-पार्टी ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री से 1.4 गुना आगे निकल जाएगी। इसे कूरियर कंपनी के घरेलू भारतीय ई-कॉमर्स कंपनी मीशो में मज़बूत एक्सपोजर और तुलनात्मक रूप से कम पहुंच वाले सेगमेंट में हिस्सेदारी हासिल करने की इसकी क्षमता से मदद मिलेगी।

ब्रोकरेज ने शैडोफैक्स के एक्सप्रेस बिजनेस की वैल्यू उसके दो साल के फॉरवर्ड एंटरप्राइज वैल्यू से EBITDA के 27 गुना और डेल्हीवरी के फेयर वैल्यू मल्टीपल से 10% डिस्काउंट पर लगाई है। ब्रोकरेज ने इसका कारण मीशो पर ज़्यादा निर्भरता के कारण शैडोफैक्स पर मार्जिन का दबाव बताया।

हालांकि, कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा कि कॉस्ट-डिफ्लेशन लीवर और बेहतर एसेट टर्नओवर रेशियो शैडोफैक्स को इस मुख्य जोखिम को कम करने के लिए अच्छी स्थिति में रखते हैं।

कोटक शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज पर कवरेज शुरू करने वाली छठी ब्रोकरेज बन गई है। उनका प्राइस टारगेट भी छह एनालिस्ट में सबसे ज़्यादा है। स्टॉक को ट्रैक करने वाले पांच दूसरे एनालिस्ट ने भी इसे “बाय” रेटिंग दी है और प्राइस टारगेट ₹280 से ₹300 प्रति शेयर रखा है।

शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज के शेयर बुधवार को 1.7% बढ़कर ₹287.85 पर ट्रेड कर रहे हैं। पिछले एक महीने में स्टॉक 11% बढ़ा है।

 

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Peshwa Wheat IPO: 24 सितंबर को खुलेगा ₹53 करोड़ का IPO, जानिए प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

Peshwa Wheat IPO: गेहूं से जुड़े प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी Peshwa Wheat Limited अपना IPO ला रही है। कंपनी का ₹53.52 करोड़ का IPO 24 सितंबर 2026 को खुलेगा और 28 सितंबर को बंद होगा। कंपनी के शेयर 1 अक्टूबर 2026 को BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे।

₹95 से ₹101 है प्राइस बैंड

Peshwa Wheat ने IPO के लिए ₹95 से ₹101 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। इश्यू में कुल 52.99 लाख शेयर जारी किए जाएंगे। इसमें 50.04 लाख शेयर फ्रेश इश्यू के हैं, जबकि 2.95 लाख शेयर मार्केट मेकर के लिए रिजर्व रखे गए हैं।

रिटेल निवेशकों के लिए 25.03 लाख शेयर रिजर्व हैं। यह कुल इश्यू का 50.02% है। एक लॉट में 1,200 शेयर होंगे। रिटेल निवेशकों को कम से कम 2 लॉट यानी 2,400 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा। अपर प्राइस बैंड के हिसाब से इसके लिए ₹2,42,400 का निवेश करना होगा।

वहीं, HNI कैटेगरी में न्यूनतम 3,600 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा। अपर प्राइस बैंड के हिसाब से इसके लिए ₹3,63,600 की जरूरत होगी।

IPO की अहम जानकारी

जानकारीडिटेल
IPO की तारीख
24 से 28 सितंबर 2026

प्राइस बैंड
₹95 से ₹101 प्रति शेयर

इश्यू साइज₹53.52 करोड़
कुल शेयर52.99 लाख
रिटेल का न्यूनतम आवेदन2,400 शेयर
रिटेल के लिए न्यूनतम निवेश₹2,42,400
HNI का न्यूनतम आवेदन3,600 शेयर
HNI के लिए न्यूनतम निवेश₹3,63,600
लिस्टिंग1 अक्टूबर 2026, BSE SME
बुक रनिंग लीड मैनेजरफिनाक्स कैपिटल एडवाइजर्स
रजिस्ट्रारमाशितला सिक्योरिटीज

कहां इस्तेमाल होगा IPO का पैसा?

कंपनी IPO से जुटाई रकम का इस्तेमाल कारोबार बढ़ाने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में करेगी। इसमें ₹6.69 करोड़ प्लांट और मशीनरी खरीदने पर खर्च किए जाएंगे। वहीं, ₹5.01 करोड़ सिविल कंस्ट्रक्शन और ₹26.50 करोड़ वर्किंग कैपिटल के लिए इस्तेमाल होंगे।

बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए रखी जाएगी। यानी IPO से जुटाई गई बड़ी रकम कंपनी के कारोबार को बढ़ाने और ऑपरेशनल जरूरतों को पूरा करने में लगेगी।

क्या करती है Peshwa Wheat?

Peshwa Wheat Limited की स्थापना 2023 में हुई थी। कंपनी गेहूं से जुड़े उत्पादों का प्रोसेसिंग कारोबार करती है। इंदौर में स्थित इसकी यूनिट की सालाना क्षमता 56,100 मीट्रिक टन है।

कंपनी अपने उत्पादों की सप्लाई मुख्य रूप से संस्थागत और थोक ग्राहकों को करती है। फिलहाल कंपनी 4 राज्यों में अपने उत्पाद पहुंचाती है।

FY26 में बढ़ा रेवेन्यू और मुनाफा

कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में FY26 के दौरान अच्छी बढ़त देखने को मिली। कुल आय FY25 के ₹171.55 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹215.96 करोड़ हो गई। यानी कंपनी की आय में अच्छी बढ़ोतरी हुई है।

इसी तरह EBITDA ₹18.05 करोड़ से बढ़कर ₹22.73 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा भी ₹11.84 करोड़ से बढ़कर ₹15.81 करोड़ पहुंच गया। मार्च 2026 तक कंपनी का ROE 44.96% और ROCE 33.44% रहा। वहीं, डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.55 था। कंपनी का EBITDA मार्जिन 10.53% और PAT मार्जिन 7.32% रहा।

IPO के बाद प्रमोटर होल्डिंग घटेगी

IPO के बाद कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी घटकर 52.39% रह जाएगी। कंपनी का ये इश्यू पूरी तरह फ्रेश इश्यू है, जिसमें नए शेयर जारी करके पूंजी जुटाई जाएगी।

Peshwa Wheat IPO में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए 24 सितंबर से 28 सितंबर तक आवेदन का मौका रहेगा। इसके बाद 1 अक्टूबर 2026 को शेयर BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Patanjali Foods share Price : स्टॉक में रैली जारी, चार कारोबारी सत्रों में करीब 15% भागा शेयर, जानिए मैनेजमेंट की राय

Patanjali Foods Share Price : सोमवार, 21 सितंबर को भी पतंजलि फूड्स के शेयरों की हालिया तेजी जारी है। आज इसमें 6 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली है। कंपनी के मैनेजमेंट ने FY27 में ग्रोथ की संभावनाओं (खासकर FMCG और खाने के तेल के सेक्टर में) को लेकर उम्मीद जताई है और साथ ही मजबूत फ्री कैश फ्लो का अनुमान भी लगाया है। शुरूआती कारोबार में यह शेयर 6.5 प्रतिशत बढ़कर 390.75 रुपये पर पहुंच गया। जिससे पिछले चार सेशन में इसकी कुल बढ़त लगभग 15 प्रतिशत हो गई है। इस रिकवरी के बावजूद,पतंजलि फूड्स में 2026 में अब तक लगभग 30 प्रतिशत की गिरावट आई है,जबकि निफ्टी 50 में इसी अवधि में 10.7 प्रतिशत की गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग 42,300 करोड़ रुपये है।

FY27 में FMCG बिज़नेस में 18-20% ग्रोथ की उम्मीद

पतंजलि फूड्स के CEO संजीव अस्थाना ने CNBC-TV18 के साथ हुई बातचीत में कहा कि कंपनी को उम्मीद है कि FY27 में उसका FMCG बिजनेस 18-20 प्रतिशत बढ़ेगा,जबकि फूड्स बिजनेस के 8-10 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। खाने के तेल के बिजनेस में 4 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी की उम्मीद है। अस्थाना ने कहा कि कंपनी को FY27 के अपने लक्ष्य पूरे करने का भरोसा है और उम्मीद है कि इस अवधि में कंपनी 700-800 करोड़ रुपये का फ्री कैश फ्लो जेनरेट करेगी।

कंज्यूमर डिमांड को लेकर मैनेजमेंट की राय मिलीजुली

कंज्यूमर डिमांड को लेकर मैनेजमेंट की राय मिली-जुली है। अस्थाना ने कहा कि शहरी इलाकों में डिमांड मजबूत बनी हुई है और फेस्टिव सीज़न के अच्छे रहने की उम्मीद है। लेकिन खराब मॉनसून की वजह से कंपनी ग्रामीण इलाकों में डिमांड को लेकर उतने उत्साहित नहीं है। खाने के तेल की सप्लाई की स्थिति भी एक चिंता का विषय है। अस्थाना के मुताबिक,भारत में सूरजमुखी तेल का 90 फीसदी से ज्यादा इंपोर्ट अभी अटका हुआ है,जिससे सप्लाई एक बड़ी समस्या बन गई है।

अस्थाना ने यह भी कहा कि कंपनी के फ़ूड बिजनेस से जुड़ा कोई रेगुलेटरी मुद्दा नहीं है और प्रमोटरों की 38 प्रतिशत हिस्सेदारी के बदले कोई लोन नहीं लिया गया है।

जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन

जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन के बाद मैनेजमेंट ने नया आउटलुक जारी किया है। Q1 FY27 में पतंजलि फूड्स का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 86% बढ़कर 335.7 करोड़ रुपये हो गया,जबकि कंपनी की कामकाजी आय 29% बढ़कर 11,337.5 करोड़ रुपये रही। EBITDA 69% बढ़कर 543.3 करोड़ रुपये हो गया और EBITDA मार्जिन एक साल पहले के 3.7% से बढ़कर 4.8% पर रह। जून तिमाही कंपनी की लगातार चौथी तिमाही थी जिसमें रिकॉर्ड रेवेन्यू दर्ज किया गया।

कानूनी राहत मिलने से भी आया जोश

हाल ही में स्टॉक में आई तेजी के साथ-साथ पतंजलि ग्रुप को कानूनी राहत भी मिली है। दिल्ली हाई कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद से जुड़े इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल के सात आदेशों को रद्द कर दिया है और प्रक्रिया में पाई गई कमियों और ट्रिब्यूनल द्वारा मामलों को संभालने के तरीके की आलोचना की है।

 

 

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Solar Industries India में 25% तक उछाल का दम! ICICI Securities ने दी खरीद की सलाह

एक्सप्लोसिव बनाने वाली कंपनी सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया ने हाल ही में घोषणा की कि वह दक्षिण अफ्रीका की ओम्निया होल्डिंग्स को लगभग 1.36 अरब डॉलर की पूरी तरह कैश वाली डील में खरीदेगी। कंपनी की स्टेप डाउन सब्सिडियरी सोलर SA इनवेस्टमेंट्स प्रोपराइटरी लिमिटेड और सब्सिडियरी सोलर ओवरसीज मॉरीशस लिमिटेड ने इसके लिए ओम्निया होल्डिंग्स के साथ एक डेफिनिटिव एग्रीमेंट साइन किया है। इस डेवलपमेंट के बाद सोलर इंडस्ट्रीज के​ लिए ICICI Securities का व्यू सामने आया है।

ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 23,500 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है। यह बीएसई पर शेयर के मौजूदा भाव 18830 रुपये से करीब 25 प्रतिशत ज्यादा है। सोलर इंडस्ट्रीज की इस नई डील के लिए अभी रेगुलेटर्स और ओम्निया के शेयरधारकों की मंजूरी लिया जाना बाकी है।

सोलर इंडस्ट्रीज को उम्मीद है कि इस विस्तार से अफ्रीका में माइनिंग से होने वाली कमाई वित्त वर्ष 2028 से कई गुना बढ़ जाएगी। यह खरीद 2027 की शुरुआत या मध्य तक पूरी होने की उम्मीद है। सोलर इंडस्ट्रीज माइनिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, कंस्ट्रक्शन, डिफेंस और स्पेस सेक्टर के लिए इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव और इनीशिएटिंग सिस्टम बनाती है। कंपनी की दुनिया भर में 40 से ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट हैं।

Solar Industries India पर ब्रोकरेज के तर्क

ICICI Securities का कहना है कि ओम्निया होल्डिंग्स में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने से सोलर इंडस्ट्रीज को माइनिंग एक्सप्लोसिव्स और ब्लास्टिंग के लिए पहले से स्थापित इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म तक पहुंच मिलेगी। इससे कंपनी का एक्सप्लोसिव्स का मौजूदा मजबूत कारोबार और बढ़ेगा। सोलर इंडस्ट्रीज इस 1.36 अरब डॉलर के कैश बायआउट के लिए कर्ज और इंटरनल फंडिंग का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। कंपनी को उम्मीद है कि दोनों कंपनियों के मिलने से वित्त वर्ष 2027-28 में 330–340 अरब रुपये का रेवेन्यू और 65 अरब रुपये का EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) हासिल होगा।

ICICI Securities का अनुमान है कि डील पूरी होने पर सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया का कर्ज बढ़कर 110–120 अरब रुपये के पीक पर पहुंच जाएगा। ब्रोकरेज ने यह भी उम्मीद जताई कि यह डील वित्त वर्ष 2029 से ही सोलर इंडस्ट्रीज की प्रति शेयर अर्निंग बढ़ाने लगेगी।

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ओम्निया होल्डिंग्स के बारे में

ओम्निया होल्डिंग्स लिमिटेड एक ग्लोबल, डायवर्सिफाइड केमिकल कंपनी है जो माइनिंग, एग्रीकल्चर और केमिकल एप्लीकेशन इंडस्ट्रीज को केमिकल्स और स्पेशलाइज्ड सर्विस व सॉल्यूशंस की सप्लाई करती है। इसकी मौजूदगी 23 से ज्यादा देशों में है। यह 70 से ज्यादा डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स के जरिए 40 से ज्यादा देशों में कस्टमर्स को सर्विस देती है। कंपनी के शेयर जोहान्सबर्ग स्टॉक एक्सचेंज और A2X मार्केट्स सिक्योरिटीज एक्सचेंज पर लिस्टेड हैं। सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया के साथ ट्रांजेक्शन कंप्लीट होने के बाद ओम्निया, जोहान्सबर्ग स्टॉक एक्सचेंज और A2X मार्केट्स सिक्योरिटीज एक्सचेंज से डीलिस्ट हो जाएगी।

Solar Industries India का शेयर 2026 में अब तक 55 प्रतिशत मजबूत

कंपनी का मार्केट कैप 1.70 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 73.15 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर एक सप्ताह में 15 प्रतिशत नीचे आया है। वहीं 6 महीनों में 37 प्रतिशत और साल 2026 में अब तक 55 प्रतिशत उछला है। 2 साल में 75 प्रतिशत और 3 साल में 300 प्रतिशत की तेजी देख चुका है। 5 साल में करीब 870 प्रतिशत मजबूत हुआ है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Tenneco Clean Air Share: 75% की तेजी के साथ ये शेयर लगाएगा लंबी छलांग, मोतीलाल ओसवाल ने दे दिया बड़ा टारगेट

Tenneco Clean Air India  Share Price: ऑटोमोटिव पार्ट्स बनाने वाली कंपनी टेनेको क्लीन एयर इंडिया (Tenneco Clean Air India) के शेयर 15 सितंबर को 3 फीसदी की तेजी दिखाते नजर आए। शेयर में यह तेजी ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल द्वारा शेयर की कवरेज शुरु करने के बाद आई। मोतीलाल ओसवाल ने शेयर पर Buy रेटिंग दी है और इसके लिए ₹673 का टारगेट प्राइस दिया है।

ब्रोकरेज के ‘बेस केस’ टारगेट का मतलब है कि शुक्रवार को स्टॉक की क्लोजिंग कीमत ₹506.35 से इसमें 33% की बढ़त हो सकती है।

MOFSL को उम्मीद है कि टेनेको क्लीन एयर अपनी ग्रोथ के अगले चरण में प्रवेश करेगी। इसकी वजह क्लीन-एयर और सस्पेंशन प्रोडक्ट्स में कंपनी की लीडरशिप, कड़े एमिशन नियम, गाड़ियों का प्रीमियम होना, नए कस्टमर प्रोग्राम और बढ़ता एक्सपोर्ट है।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 और FY29 के बीच कमाई में 19% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) होगी, जबकि इसी दौरान क्लीन-एयर और पावरट्रेन रेवेन्यू में लगभग 17% CAGR से बढ़ोतरी की उम्मीद है।

MOFSL के अनुसार, 31 मार्च, 2026 तक कंपनी का ऑर्डर बुक ₹12,400 करोड़ था, जो इसके FY28 रेवेन्यू टारगेट का 100% से ज़्यादा कवरेज देता है।

मजबूत मार्केट पोजीशन

टेनेको क्लीन एयर का कमर्शियल व्हीकल OEM को सप्लाई किए जाने वाले क्लीन-एयर प्रोडक्ट्स में लगभग 58% मार्केट शेयर है, ट्रैक्टर को छोड़कर ऑफ-हाईवे एप्लीकेशन में 68% और पैसेंजर व्हीकल्स में 20% शेयर है। पैसेंजर-व्हीकल शॉक एब्जॉर्बर और स्ट्रट्स में भी इसका लगभग 55% शेयर है।

MOFSL ने कहा कि ग्लोबल टेनेको नेटवर्क के साथ कंपनी के जुड़ने से उसे टेक्नोलॉजी, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी, ग्लोबल OEM संबंध, रिसर्च और डेवलपमेंट क्षमताएं और मैन्युफैक्चरिंग की विशेषज्ञता मिलती है। ब्रोकरेज ने कहा कि कस्टमर के प्रोडक्ट-डेवलपमेंट साइकिल में शामिल होने से ‘स्विचिंग कॉस्ट’ (दूसरे सप्लायर पर जाने की लागत) भी बढ़ जाती है।

क्या है ग्रोथ के मुख्य कारण

ब्रोकरेज BS-VII, CAFE III और TREM-V को प्रति गाड़ी ज़्यादा कंटेंट (पुर्जों/तकनीक) के महत्वपूर्ण कारण के तौर पर देखती है।

कमर्शियल गाड़ियों के लिए, BS-VII और उससे जुड़े एमिशन नियमों से क्लीन-एयर कंटेंट बढ़ने की उम्मीद है, जबकि लाइट कमर्शियल गाड़ियों में कम पैठ (penetration) के कारण मार्केट-शेयर बढ़ाने की गुंजाइश है। ट्रैक्टर एक बड़ा मौका देते हैं, क्योंकि 30-50 HP वाले सेगमेंट का मार्केट में 90% से ज़्यादा हिस्सा है। MOFSL को उम्मीद है कि जैसे-जैसे आफ्टर-ट्रीटमेंट तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा, TREM-V से प्रति गाड़ी क्लीन-एयर कंटेंट ₹5,000 – ₹7,000 तक बढ़ सकता है।

पैसेंजर गाड़ियों में, BS-VII और CAFE III से क्लीन-एयर कंटेंट लगभग 1.3 गुना बढ़ सकता है, जिसकी वजह गैसोलीन डायरेक्ट इंजेक्शन और गैसोलीन पार्टिकुलेट फिल्टर का ज़्यादा इस्तेमाल है। उम्मीद है कि 2028 से एक जापानी OEM के GPF प्रोग्राम से टेनेको के हॉट-एंड बिज़नेस में बढ़ोतरी होगी।

कंपनी ने एक बड़े भारतीय CV OEM के साथ एक नया क्लीन-एयर इंजन प्लेटफॉर्म, एक प्रमुख यूरोपीय कमर्शियल व्हीकल OEM के साथ एक प्रोग्राम और एक ग्लोबल OEM के दो मॉडल्स के लिए CNG प्लेटफॉर्म कोल्ड-एंड असेंबली प्रोग्राम भी हासिल किया है।

सस्पेंशन बिजनेस में 20% की बढ़ोतरी

MOFSL को उम्मीद है कि प्रीमियम बनाने, एक्सपोर्ट, बिज़नेस में ज़्यादा हिस्सेदारी और एडवांस्ड सस्पेंशन सिस्टम के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से FY26-FY29 के दौरान सस्पेंशन बिज़नेस में लगभग 20% CAGR (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) की बढ़ोतरी होगी।

भारत के पैसेंजर-व्हीकल सस्पेंशन मार्केट में टेनेको की हिस्सेदारी लगभग 55% है। इसका DaVinci DCx, जिसे फरवरी 2026 में महिंद्रा के साथ कमर्शियलाइज़ किया गया था, बहुत कम कीमत पर सेमी-एक्टिव सिस्टम जैसा लगभग 85-90% आराम देता है। MOFSL का मानना ​​है कि यह टेक्नोलॉजी ₹10-35 लाख वाले पैसेंजर-व्हीकल सेगमेंट के लिए काम आ सकती है, जिसका मार्केट में लगभग 70% हिस्सा है।

बढ़ेगा एक्सपोर्ट

टेनेको क्लीन एयर को ग्लोबल टेनेको नेटवर्क में मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब के तौर पर भी तैयार किया जा रहा है, जिसके प्रोडक्ट्स नॉर्थ अमेरिका, यूरोप, एशिया-पैसिफिक और अफ्रीका में सप्लाई किए जाते हैं।

कंपनी अभी लगभग 18-22 देशों में एक्सपोर्ट करती है, जबकि MOFSL को उम्मीद है कि FY29 तक एक्सपोर्ट वैल्यू-एडेड रेवेन्यू का 15% हो जाएगा, जो अभी 7% है। ब्रोकरेज के अनुसार, मौजूदा ऑर्डर बुक में एक्सपोर्ट का हिस्सा लगभग 14% है और आम तौर पर घरेलू बिज़नेस की तुलना में इसमें ज़्यादा मार्जिन मिलता है।

कंपनी के फाइनेंशियल अनुमानों पर ब्रोकरेज की राय

MOFSL को उम्मीद है कि टेनेको का रेवेन्यू FY26 में ₹5,404 करोड़ से बढ़कर FY29 तक ₹8,985 करोड़ हो जाएगा। इसी दौरान EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) के ₹925.5 करोड़ से बढ़कर ₹1,560.8 करोड़ होने का अनुमान है, और EBITDA मार्जिन 17.1% से बढ़कर 17.4% हो जाएगा।

टैक्स के बाद एडजस्टेड प्रॉफ़िट के FY26 में ₹630.4 करोड़ से बढ़कर FY29 में ₹1,026 करोड़ होने का अनुमान है, जबकि EPS के ₹15.6 से बढ़कर ₹25.4 होने की उम्मीद है।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि कंपनी की मज़बूत बैलेंस शीट इस ग्रोथ में मदद करेगी। टेनेको क्लीन एयर की नेट कैश पोज़िशन है, वर्किंग कैपिटल नेगेटिव है और कोर RoCE 90% से ज़्यादा है। साथ ही, कैश-फ़्लो कन्वर्ज़न के भी हेल्दी रहने की उम्मीद है, जिसमें CFO/EBITDA 70% से ज़्यादा और FCF/PAT 80% से ज़्यादा रहेगा।

टेनेको क्लीन एयर का वैल्यूएशन

MOFSL के ₹506 के रेफरेंस प्राइस पर, स्टॉक FY28E की कमाई के 26.1 गुना और FY29E की कमाई के 19.9 गुना पर ट्रेड कर रहा था। ब्रोकरेज ने स्टॉक का वैल्यूएशन सितंबर 2028 की कमाई के 30 गुना के आधार पर किया है, जिससे इसका टारगेट प्राइस ₹673 तय हुआ है।

लंबी अवधि में दे सकता है 75% का रिटर्न

मोतीलाल ओसवाल के ‘बुल केस’ (तेजी वाले अनुमान) में FY29 तक 22.7% रेवेन्यू CAGR, BS-VII को पूरी तरह लागू करने, EV को धीरे अपनाने और सस्पेंशन की तेज़ी से बढ़ती मांग को आधार माना गया है। इस स्थिति में टेनेको क्लीन एयर (Tenneco Clean Air) के लिए ₹886 का प्राइस टारगेट तय किया गया है, जिसका मतलब है कि मौजूदा कीमत से इसमें लगभग 75% की बढ़त की संभावना है।

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