Adani Power Share: मोतीलाल ओसवाल ने Buy रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की, बुल केस में ₹305 का टारगेट दिया

Adani Power Share: ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने अदाणी ग्रुप की पावर कंपनी Adani Power पर कवरेज शुरू करते हुए इसे ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ₹250 का टारगेट प्राइस रखा है। यह पिछले बंद भाव से करीब 20% ज्यादा है। मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, बुल केस में यह 46.8% तक भी उछल सकता है। गुरुवार को अदाणी पावर 207.50 रुपये पर तकरीबन फ्लैट बंद हुआ। 2026 में अब तक शेयर करीब 40% चढ़ चुका है।

मोतीलाल ओसवाल ने कंपनी की मजबूत ग्रोथ योजनाओं को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है। Adani Power FY32 तक अपनी बिजली उत्पादन क्षमता 2.3 गुना बढ़ाकर 42 GW करना चाहती है। FY27 में 1.3 GW, FY28 में 1.6 GW और FY29 में 3.2 GW नई क्षमता जोड़ने का अनुमान है।

थर्मल पावर में तगड़ी पकड़

Adani Power भारत की सबसे बड़ी निजी थर्मल पावर कंपनी है। FY27 की पहली तिमाही में कंपनी की उत्पादन क्षमता 18 GW थी। भारत की कुल कोयला और लिग्नाइट वाली बिजली क्षमता में कंपनी की हिस्सेदारी 8% है। निजी क्षेत्र में यह हिस्सेदारी करीब 24% है।

कंपनी की 95% ऑपरेशनल क्षमता लंबे और मध्यम अवधि के पावर परचेज एग्रीमेंट यानी PPA से जुड़ी है। कंपनी बिजली वितरण कंपनियों यानी DISCOMs को बिजली बेचती है। साथ ही वह मर्चेंट मार्केट में भी बिजली की बिक्री करती है।

मोतीलाल ओसवाल क्यों है बुलिश?

ब्रोकरेज का मानना है कि Adani Power ने संकट में फंसे कई बिजली प्लांटों का अधिग्रहण कर उन्हें सफलतापूर्वक चलाया है। कंपनी की एक और बड़ी ताकत उसकी पूंजी खर्च रणनीति है।

मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, कंपनी ने औसतन ₹3.5 करोड़ प्रति MW की लागत पर बिजली क्षमता का अधिग्रहण किया है। वहीं नया थर्मल पावर प्लांट बनाने में करीब ₹12 करोड़ प्रति MW खर्च आता है। कंपनी के न्यूक्लियर एनर्जी में उतरने की संभावना को भी ब्रोकरेज ने भविष्य के लिए एक अतिरिक्त अवसर माना है।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि मौजूदा कैपेक्स साइकिल पूरी होने के बाद कंपनी का EBITDA करीब ₹80,000 करोड़ तक पहुंच सकता है।

बुल केस में ₹305 का टारगेट

अगर बिजली की कीमतें और प्लांट लोड फैक्टर अनुमान से बेहतर रहे, तो मोतीलाल ओसवाल ने शेयर के लिए ₹305 का बुल केस टारगेट रखा है। यह पिछले बंद भाव से करीब 46.8% ज्यादा है।

इसके उलट, कमजोर स्थिति में ब्रोकरेज ने ₹140 का बेयर केस टारगेट बताया है। यह पिछले बंद भाव से करीब 32.6% नीचे है।

जोखिम भी कम नहीं

ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी की आने वाली थर्मल क्षमता में करीब 44% अभी किसी पावर खरीद समझौते से जुड़ी नहीं है। इससे बिजली की मांग और कीमतों को लेकर जोखिम बना हुआ है।

इसके अलावा, बड़े कैपेक्स, प्रोजेक्ट में देरी, लागत बढ़ने और पर्यावरण नियमों का पालन भी अहम जोखिम हैं। कंपनी को बिजली सेक्टर में प्रतिस्पर्धा का भी सामना करना पड़ता है।

फिलहाल Adani Power को कवर करने वाले 10 में से 9 एनालिस्ट्स ने ‘Buy’ रेटिंग दी है। एक एनालिस्ट ने ‘Hold’ रेटिंग रखी है।

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Lumino Industries Share Price: 34% के दमदार प्रीमियम पर लिस्टिंग; अब क्या करें- बाय, सेल या होल्ड?

ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज लिमिटेड के IPO निवेशकों को लिस्टिंग डे पर जबरदस्त गेन हुआ है। 3 सितंबर को शेयर BSE पर शेयर करीब 33 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 109 रुपये और NSE पर 34 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 110 रुपये पर लिस्ट हुआ। IPO के लिए फाइनल इश्यू प्राइस 82 रुपये था। ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज लिमिटेड एक इंटीग्रेटेड इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कंपनी है। यह अपने प्रोडक्ट भारत की बड़ी EPC कंपनियों को सप्लाई करती है और इंटरनेशनल ग्राहकों को भी सेवाएं देती है।

इसका फोकस पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन इंडस्ट्री के लिए कंडक्टर, पावर केबल, इलेक्ट्रिकल वायर और खास तरह के प्रोडक्ट बनाने और उनकी सप्लाई करने पर है। कंपनी ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों में इस्तेमाल होने वाले हाई-टेंपरेचर लो-सैग (HTLS) कंडक्टर भी बनाती है।इसके मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस में एल्युमीनियम कंडक्टर, पावर केबल और इलेक्ट्रिकल वायर शामिल हैं। वहीं EPC बिजनेस में पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन, रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन, HTLS री-कंडक्टरिंग, EHV सबस्टेशन, सोलर पावर प्रोजेक्ट और वॉटर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट शामिल हैं।

कंपनी का ₹700 करोड़ का IPO 124.02 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हुआ था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 232.79 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 185.21 गुना, रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 40.27 गुना और एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व हिस्सा 12.37 गुना भरा था।

ब्रोकरेज की राय

स्वास्तिका इन्वेस्टस्मार्ट में वेल्थ हेड, शिवानी न्याति का कहना है, “हमारा नजरिया पॉजिटिव है। इसकी वजह हैं- EPC और केबल सेक्टर की दूसरी कंपनियों के मुकाबले आकर्षक वैल्यूएशन, 11.71% EBITDA मार्जिन के साथ अच्छा मुनाफा, और मुख्य प्रतिस्पर्धियों में सबसे ज्यादा RoNW। IPO से मिले पैसे से कर्ज कम करने की योजना से भविष्य में फाइनेंस कॉस्ट भी कम हो सकती है। कंपनी की सरकारी और PSU क्लाइंट्स पर निर्भरता बेहद ज्यादा है। रेवेन्यू का 53%–86% हिस्सा इसी से आता है। यह एक बड़ा रिस्क है, क्योंकि टेंडर बेस्ड कैश फ्लो में उतार-चढ़ाव हो सकता है।”

आगे कहा कि IPO में शेयर पाने वाले निवेशक थोड़ा मुनाफा वसूल सकते हैं और बाकी शेयर ₹98–100 के ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस के साथ होल्ड कर सकते हैं। नए निवेशकों को लिस्टिंग के बाद हुई जबरदस्त बढ़त के बाद स्टॉक के पीछे नहीं भागना चाहिए और थोड़े कंसोलिडेशन का इंतजार करना चाहिए। अगर स्टॉक मजबूत वॉल्यूम के साथ ₹110–112 के ऊपर बना रहता है, तो यह ₹120–125 की ओर बढ़ सकता है। मीडियम-टर्म निवेशक समझदारी से पोजीशन साइजिंग करते हुए इसे होल्ड कर सकते हैं।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 7 प्रतिशत बढ़कर ₹2,089.31 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹160 करोड़ रहा। एक साल पहले रेवेन्यू ₹1,946.68 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹124.59 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर ₹384.16 करोड़ की उधारी थी।कंपनी का मार्केट कैप 3400 करोड़ रुपये के करीब है। शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 71.97 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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Stock to Buy: यह स्टॉक इस साल 227 फीसदी भागा है, जेफरीज ने दी खरीदने की सलाह

Stock to Buy: अगर आप किसी ऐसे शेयर की तलाश में है जिसमें कम समय में जोरदार रिटर्न देने की क्षमता हो तो आप वेलस्पन कॉर्प के बारे में सोच सकते हैं। 3 सितंबर को बाजार खुलते ही इस शेयर में उछाल देखने को मिला। यह स्टॉक ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया।

जेफरीज ने दी खरीदने की सलाह

विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने वेलस्पन के शेयर को कवर करना शुरू किया है। उसने इस पर ‘buy’ रेटिंग यानी इसे खरीदने की सलाह दी है। उसने शेयर के लिए 3,250 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि 2 सितंबर के 2,524 रुपये के क्लोजिंग प्राइस से यह शेयर करीब 29 फीसदी चढ़ सकता है।

हर मोर्चे पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद

जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अमेरिका और मिडिल ईस्ट में ऑयल एंड गैस इंफ्रास्ट्रक्चर में स्पेंडिंग कई साल के अपसाइकिल में है। वेलस्पन इसका फायदा उठाने की स्थिति में है, क्योंकि दोनों ही क्षेत्रों में कंपनी मैन्युफैक्चरिंग में मौजूद है। ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि FY26-FY29 के बीच कंपनी का वॉल्यूम सीएजीआर 17 फीसदी, EBITDA सीएजीआरऔर और ईपीएस सीएजीआर 32-33 फीसदी रहेगा।

अमेरिका और सऊदी अरब में कपैसिटी में 50% इजाफा

वेलस्पन कॉर्प अमेरिका और सऊदी अरब में अपनी कपैसिटी 50 फीसदी बढ़ा रही है। इससे कंपनी की अर्निंग्स ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। इसके अलावा कंपनी के कुल रेवेन्यू में ज्यादा मार्जिन वाले विदेशी बिजनेस की हिस्सेदारी बढ़ रही है। कंपनी की ऑर्डरबुक 42,100 करोड़ रुपये की है, जो इसके FY26 के रेवेन्यू का करीब 2.5 गुना है।

रिटर्न ऑन इक्विटी भी बढ़ने की उम्मीद

कंपनी का नेट कैश पोजीशन FY26 के अंत में 1,400 करोड़ रुपये था, जिसके बढ़कर FY29 तक 3,900 करोड़ रुपये पहुंच जाने की उम्मीद है। जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा है कि FY24-26 के दौरान कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 21 फीसदी रहा। FY27-29 के दौरान इसके बढ़कर 22-23 फीसदी पहुंच जाने की उम्मीद है।

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इस साल 227 फीसदी चढ़ा है शेयर 

Welspun Corp का शेयर 3 सितंबर को 11:15 बजे 3.69 फीसदी चढ़कर 2,617 रुपये पर चल रहा था। इस शेयर में इस साल जबर्दस्त तेजी देखने को मिली है। 2026 में यह शेयर अब तक 227 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। इस दौरान शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों का रिटर्न निगेटिव रहा है।

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गोदरेज ग्रुप का स्टॉक 55% उछल सकता है, कोटक ने ₹1010 का टारगेट दिया

गोदरेज ग्रुप की कंपनी Godrej Agrovet के शेयर मंगलवार, 1 सितंबर को 12% तक चढ़ गए। हालांकि, बाद में तेजी कुछ कम हुई। शेयर आखिर में 5.96% की बढ़त के साथ ₹652 पर बंद हुआ। कंपनी के शेयर में लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली।

Kotak ने टारगेट बढ़ाया

Kotak Institutional Equities ने Godrej Agrovet पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹1,010 कर दिया है।

मंगलवार के क्लोजिंग प्राइस ₹652 के मुकाबले यह टारगेट करीब 55% ज्यादा है। इससे पहले Kotak ने 8 जुलाई 2026 को शेयर का टारगेट ₹850 रखा था। यानी ब्रोकरेज ने नया टारगेट करीब 19% बढ़ा दिया है।

₹4,500 करोड़ EBITDA का अनुमान

Kotak का मानना है कि कंपनी का EBITDA FY31 तक ₹4,500 करोड़ तक पहुंच सकता है। EBITDA मार्जिन 23% से ज्यादा रह सकता है। ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी की ग्रोथ कम से कम 2040 तक मजबूत बनी रह सकती है।

ब्रोकरेज को खासतौर पर कंपनी के पाम ऑयल कारोबार से बड़ी उम्मीद है।

पाम ऑयल बिजनेस पर बड़ा दांव

Godrej Agrovet के पाम ऑयल बिजनेस ने FY26 में ₹430 करोड़ का EBITDA कमाया था। कंपनी को उम्मीद है कि FY31 तक यह आंकड़ा ₹1,000 करोड़ के पार पहुंच जाएगा।

इसकी बड़ी वजह FFB यानी Fresh Fruit Bunch वॉल्यूम में दोहरे अंकों की ग्रोथ हो सकती है। Kotak का मानना है कि पाम ऑयल कारोबार में लंबी अवधि की मजबूत ग्रोथ की संभावना है। साथ ही मार्जिन भी स्थिर रह सकता है और कैपिटल पर अच्छा रिटर्न मिल सकता है।

ब्रोकरेज का कहना है कि अकेले पाम ऑयल बिजनेस की वैल्यू कंपनी के मौजूदा मार्केट कैप से भी ज्यादा हो सकती है। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹12,872 करोड़ है। स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ को देखते हुए Kotak ने इस कारोबार के लिए EBITDA मल्टीपल 15 गुना से बढ़ाकर 18 गुना कर दिया है।

वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स से भी उम्मीद

Kotak ने कहा कि कंपनी के कारोबार में वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी बढ़ रही है। इससे आने वाले वर्षों में कमाई और प्रॉफिटेबिलिटी को सपोर्ट मिल सकता है।

पाम ऑयल कारोबार आगे चलकर कंपनी के लिए बड़ा वैल्यू ड्राइवर बन सकता है। स्टॉक को कवर करने वाले 5 अन्य एनालिस्ट भी शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग देते हैं।

जून तिमाही में मुनाफा घटा

FY27 की पहली तिमाही में कंपनी के नतीजे मिले-जुले रहे। जून तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 13.8% घटकर ₹128.3 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह ₹149 करोड़ था।

हालांकि, रेवेन्यू 9.2% बढ़कर ₹2,855.2 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹2,614.3 करोड़ था।

EBITDA 10.9% घटकर ₹240.1 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह ₹269.6 करोड़ था। EBITDA मार्जिन भी घटकर 8.41% रह गया। पिछले साल यह 10.32% था।

शेयर का हाल

Godrej Agrovet का शेयर मंगलवार को इंट्राडे में 12% तक चढ़ा। बाद में इसमें मुनाफावसूली दिखी और तेजी कम हो गई। शेयर आखिर में 5.96% की बढ़त के साथ ₹652 पर बंद हुआ।

पिछले एक महीने में शेयर करीब 22% चढ़ चुका है। यह 52 हफ्ते के हाई ₹760 से करीब 14% नीचे है। वहीं, 52 हफ्ते के लो ₹506.10 से करीब 29% ऊपर कारोबार कर रहा है।

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Happiest Minds share Price: बाजार खुलते ही शेयर क्रैश, जानिए क्या है पूरा मामला

Happiest Minds share Price: हैपिएस्ट माइड्ंस के शेयर 1 सितंबर को बाजार खुलते ही क्रैश कर गए। इसकी वजह कंपनी का एक बड़ा ऐलान है। आईटी कंपनी ने आईटीसी इंफोटेक में अपने विलय का ऐलान किया है। यह ऐलान बाजार को पसंद नहीं आया। 11:10 बजे हैपिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज का शेयर 11.84 फीसदी गिरकर 358.75 रुपये पर चल रहा था। 2026 में यह शेयर अब तक 21 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है।

हैपिएस्ट माइंड्स के फाउंडर बेच रहे हिस्सेदारी

Happiest Minds के फाउंडर और एग्जिक्यूटिव चेयरमैन अशोक सूता (Ashok Soota) और अशोक सूता मेडिकल रिसर्च एलएलपी कंपनी में 22.1 फीसदी हिस्सेदारी ITC Infotech को बेचने को तैयार हो गए हैं। यह डील 1,329.72 करोड़ रुपये में होगी। इसके बाद Happiest Minds का विलय रेगुलेटरी एप्रूवल के बाद ITC Infotech में हो जाएगा।

प्रमोटर की हिस्सेदारी की बिक्री दो चरणों में होगी

हैपिएस्ट माइंड्स के प्रमोटर की हिस्सेदारी की बिक्री (Sell) दो चरणों में होगी। पहले ITC Infotech प्रति शेयर 390 रुपये की कीमत पर हैपिएस्ट माइंड्स में 11 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगी। इसके लिए उसे 653.26 करोड़ रुपये चुकाने होंगे। उसके बाद वह और 11.06 फीसदी हिस्सेदारी प्रति शेयर 400 रुपये की कीमत पर खरीदेगी। उसे कुल 676.46 करोड़ रुपये चुकाने होंगे।

हैपिएस्ट माइंड्स के शेयरहोल्डर्स को प्रत्येक 81 शेयर पर 25 शेयर मिलेंगे

इस विलय के लिए तैयार् प्लान के मुताबिक, हैपिएस्ट माइंड्स के शेयरहोल्डर्स को अपने प्रत्येक 81 शेयरों के बदले आईटीसी इंफोटेक के 25 फुली पेड-अप शेयर मिलेंगे। बाद में आईटीसी इंफोटेक अपने शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट कराएगी, जबकि हैपिएस्ट माइंड्स का वजूद खत्म हो जाएगा।

दोनों कंपनियों की इतनी लगाई गई है वैल्यू

हैपिएस्ट माइंड्स ने सीएनबीसी-टीवी18 को बताया कि इस ट्रांजेक्शन के लिए उसकी वैल्यू EBITDA की 15.1 गुना लगाई गई है, जबकि आईटीसी इंफोटेक की 13.6 गुना लगाई गई है। प्रॉफिट और रेवेन्यू के लिहाज से आईटीसी इंफोटेक करीब 2.17 गुना बड़ी है। इसका कैश बैलेंस भी ज्यादा है।

विलय के बाद आईटी कंपनी में ITC की 74% हिस्सेदारी होगी

विलय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कंपनी में आईटीसी की करीब 74 फीसदी हिस्सेदारी होगी। हैपिएस्ट माइंड्स ने कहा है कि इस डील के तहत ओपन ऑफर पेश करने का प्रस्ताव नहीं है। विलय के बाद आईटीसी इंफोटेक का टारगेट FY28 तक 1 अरब डॉलर से ज्यादा रेवेन्यू का होगा।

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शेयर बाजार में शुरुआती दबाव के बाद रिकवरी

1 सितंबर को शेयर बाजारों में शुरुआती दबाव के बाद रिकवरी दिखी। 11:30 बजे निफ्टी 0.19 फीसदी यानी 47 अंक चढ़कर 24,126 रुपये पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.32 फीसदी यानी 242 अंक चढ़कर 77,202 पर था। हालांकि, बैंक निफ्टी पर दबाव दिखा। यह 0.47 फीसदी नीचे चल रहा था।

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Meesho Share Price: दिग्गज ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस मीशो के शेयरों की घरेलू ब्रोकरेज फर्म वेंचुरा ने खरीदारी की रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है। वेंचुरा ने इसके शेयरों का जो टारगेट प्राइस फिक्स किया है, उसके मुताबिक मौजूदा लेवल से यह 33% से अधिक ऊपर चढ़ सकता है। अभी की बात करें तो पिछले कारोबारी दिन शुक्रवार 28 अगस्त को बीएसई पर यह 0.51% की बढ़त के साथ ₹208.60 पर बंद हुआ था। आईपीओ के तहत ₹111 के भाव पर जारी होने के बाद इसके शेयर घरेलू मार्केट में 10 दिसंबर 2025 को लिस्ट हुए थे और लिस्टिंग के कुछ ही दिनों बाद 18 दिसंबर 2025 को यह ₹254.65 के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंचा था।

Meesho पर क्यों हुआ ब्रोकरेज फिदा

ब्रोकरेज फर्म वेंचुरा की रिपोर्ट के मुताबिक देश में ऑनलाइन खरीदारी का बाजार तेजी से बढ़ने वाला है। वेंचुरा के मुताबिक जैसे-जैसे टियर-2, टियर-3 और गांवों में इंटरनेट, डिजिटल पेमेंट्स और ऑनलाइन रिटेल का दायरा बढ़ रहा है, वित्त वर्ष 2025 से वित्त वर्ष 2030 के बीच इसकी GMV (ग्रास मर्चेंडाइज वैल्यू) सालाना 20% की रफ्तार से बढ़ सकती है।

वेंचुरा का मानना है कि ग्रोथ के सुनहरे मौके को भुनाने के लिए मीशो ने खुद को मजबूत स्थिति में रख लिया है।

मीशो का मार्केटप्लेस मॉडल ऐसा है कि पूंजी की जरूरत कम से कम पड़ती है और दुकानदारों को अपना सामान सस्ते में बेचने की सहूलियत मिलती है जिससे दाम देखने वाले ग्राहकों के बीच इसे कॉम्पटीटिव एडवांटेज मिल रहा है।

वेंचुरा के मुताबिक अभी मीशो का फोकस ग्राहक और ऑर्डर्स बढ़ाने पर है लेकिन जैसे-जैसे कंपनी का कारोबार बढ़ेगा, हर ऑर्डर और ग्राहक से कमाई ज्यादा हो सकती है।

कमाई में उछाल के उम्मीद की वजह ये है कि अधिक ऑर्डर्स होने से प्री-ऑर्डर लॉजिस्टिक्स कॉस्ट कम हो सकती है, एआई की मदद को ग्राहकों को सही प्रोडक्ट्स दिखाए जा सकते हैं, वाल्मो (Valmo) के जरिए लॉजिस्टिक्स अधिक बेहतर हो सकती है, सेलर्स से एडवरटाइजिंग और दूसरी सर्विसेज की कमाई बढ़ सकती है, और फाइनेंशियल सर्विसेज और सेलर सॉल्यूशंस जैसे रेवेन्यू के नए रास्ते तैयार हो सकते हैं।

वेंचुरा के मुताबिक कुल मिलाकर मीशो को सिर्फ सामान बेचने से नहीं बल्कि ऐड, लॉजिस्टिक्स, फाइनेंशियल सर्विसेज और सेलर सर्विसेज से भी कमाई हो सकेगी।

मीशो के ATU (एनुअल ट्रांजैक्टिंग यूजर्स) यानी साल में कम-से-कम एक बार मीशो पर खरीदारी करने वाले यूजर्स की संख्या अभी 27.4 करोड़ है और वेंचुरा का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2029 तक यह 40.9 करोड़ पर पहुंच सकता है तो ऑर्डर्स की संख्या सालाना करीब 28.2% की रफ्तार से वित्त वर्ष 2029 में 561.9 करोड़ तक पहुंच सकता है।

वेंचुरा का अनुमान है कि मीशो का रेवेन्यू 26.2% की रफ्तार से ₹25,403 करोड़ पर पहुंच सकता है। वहीं ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि यह वित्त वर्ष 2028 तक ऑपरेटिंग लेवल पर प्रॉफिटेबल हो सकती है और शुद्ध मुनाफा हासिल हो सकता है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक वित्त वर्ष 2029 तक कंपनी ₹1,404 करोड़ के EBITDA और ₹1,702 करोड़ के शुद्ध मुनाफे में पहुंच सकता है।

इन सब बातों को देखते हुए ब्रोकरेज फर्म ने खरीदारी की रेटिंग और ₹278 के टारगेट प्राइस के साथ कवरेज शुरू की है।

अब रिस्क की बात करें तो यूजर्स के बढ़ने की रफ्तार उम्मीद से कम होने और कॉम्पटीशन बढ़ने से मीशो के कारोबार को झटका लग सकता है।

गिरता Nifty नहीं बना पा रहा पुट से पैसा, समझें कहां हो रही गड़बड़ी, कैसी स्ट्रैटेजी करेगी काम

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Jio Platforms IPO: सेबी ने जियो के आईपीओ को मंजूरी दी, 27 करोड़ नए शेयर जारी होंगे

Jio Platforms IPO: रिलायंस ग्रुप की टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms की शेयर बाजार में एंट्री अब और करीब आ गई है। मार्केट रेगुलेटर SEBI ने कंपनी के IPO प्लान को मंजूरी दे दी है। Jio Platforms ने 19 जून को DRHP दाखिल किया था। अब IPO की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

यह IPO भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकता है। कंपनी इस इश्यू में 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी। इससे करीब 2.93% हिस्सेदारी कम होगी। IPO से मिलने वाली रकम में से करीब ₹27,500 करोड़ लोन चुकाने में लगाए जाएंगे।

Jio Platforms में किसकी कितनी हिस्सेदारी?

Jio Platforms में Reliance Industries यानी RIL सबसे बड़ी शेयरधारक है। उसके पास 66.43% हिस्सेदारी है। Meta Platforms के पास 9.98% और Google के पास 7.73% हिस्सेदारी है।

सऊदी अरब के पब्लिक इनवेस्टमेंट फंड के पास 2.31% हिस्सेदारी है। KKR के पास भी 2.31% और Vista Equity Partners के पास 2.31% हिस्सेदारी है। Silver Lake के पास 1.88% हिस्सेदारी है।

इसके अलावा Mubadala के पास 1.85%, General Atlantic Singapore के पास 1.34%, Abu Dhabi Investment Authority के पास 1.16% और TPG Capital के पास 0.93% हिस्सेदारी है।

जून तिमाही में रेवेन्यू 12% बढ़ा

Jio Platforms का कारोबार भी अच्छी रफ्तार से बढ़ रहा है। जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 12% बढ़कर ₹45,961 करोड़ रहा।

ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹39,173 करोड़ रहा। EBITDA 15% बढ़कर ₹20,865 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी 52% से बढ़कर 53% हो गया। कंपनी का मुनाफा 9.2% बढ़कर ₹7,764 करोड़ रहा।

53.33 करोड़ पहुंचा सब्सक्राइबर बेस

जून तिमाही के अंत में Jio Platforms का सब्सक्राइबर बेस 53.33 करोड़ हो गया। पिछली तिमाही में यह 52.44 करोड़ था। एक साल पहले यह 49.81 करोड़ था।

कंपनी के 5G सब्सक्राइबर की संख्या 28.5 करोड़ पहुंच गई। डेटा इस्तेमाल भी बढ़ा है। जून तिमाही में कुल डेटा ट्रैफिक सालाना आधार पर 26.9% बढ़कर 69.4 अरब GB रहा। प्रति व्यक्ति औसत मासिक डेटा इस्तेमाल 43.7 GB रहा।

इन कंपनियों के IPO को भी मंजूरी

SEBI ने Bharat PET, Sadbhav Futuretech, MK Sons Fine Jewels, Pushp Brand India और Paras Healthcare के IPO को भी मंजूरी दी है।

इसके अलावा Paramotor Digital Technology के प्री फाइलिंग प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है।

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TD Power Share Price: एक साल में इस शेयर ने पैसा तीन गुना किया, अभी और 107% चढ़ सकता है

TD Power Share Price: आप अगर जोरदार रिटर्न देने वाले शेयर की तलाश में हैं तो आप टीडी पावर सिस्टम्स के शेयर पर विचार कर सकते हैं। ब्रोकरेज फर्म मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल ने इस शेयर पर ‘होल्ड’ की अपनी रेटिंग बनाए रखी है। लेकिन, उसने इस शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाकर 1,512 रुपये कर दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर 107 फीसदी चढ़ सकता है।

शेयर ने एक साल में निवेशकों का पैसा तीन गुना किया

मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल की रिपोर्ट के बाद TD Power Systems के शेयरों में जारी गिरावट पर 27 अगस्त को ब्रेक लग गया। 3 बजे शेयर का प्राइस 2.02 फीसदी चढ़कर 742.50 रुपये पर चल रहा था। बीते एक साल में यह शेयर 194 फीसदी चढ़ा है। इसका मतलब है कि इसने सिर्फ एक साल में निवेशकों का पैसा तीन गुना कर दिया है।

बीते दो कारोबारी सत्रों में 7 फीसदी से ज्यादा गिरा था शेयर 

एक समय यह शेयर एनएसई पर करीब 5 फीसदी चढ़कर 765.50 रुपये पर पहुंच गया था। बाद में तेजी थोड़ी सुस्त पड़ गई। बीते दो कारोबारी सत्रों में यह शेयर 7 फीसदी से ज्यादा गिरा था। मोनार्क नेटवर्क कैपिटल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यह कंपनी ग्लोबल एआई और डेटा-सेंटर पावर साइकिल का फायदा उठाने की मजबूत स्थिति में है।

क्षमता बढ़ने पर कंपनी को ऑर्डर पूरा करने में आसानी होगी

ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि एक्सपोर्ट्स की मीडियम टर्म में कंपनी की ग्रोथ में बड़ी भूमिका होगी। उसने यह भी कहा है कि कंपनी ने अपनी क्षमता बढ़ाने का प्लान बनाया है। इससे उसे स्ट्रॉन्ग ऑर्डर पाइपलाइन पूरी करने में मदद मिलेगी। कंपनी का प्लान बड़े जेनरेटर्स के फील्ड में एंट्री करने का है। इससे कंपनी के लिए बाजार का आकार बढ़ जाएगा।

जून तिमाही में कंपनी को 730 करोड़ रुपये का ऑर्डर 

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि एआई और डेटा-सेंटर की बिजली की बढ़ती जरूरतों की वजह गैस इंजन और गैस टर्बाइन की डिमांड स्ट्रॉन्ग है। FY27 की पहली तिमाही में साल दर साल आधार पर ऑर्डर इनफ्लो 87.4 फीसदी बढ़कर 730 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। ऑर्डर फ्लो में एक्सपोर्ट्स और डीम्ड एक्सपोर्ट्स की हिस्सेदारी 93.1 करोड़ रुपये रही।

FY27 की पहली तिमाही में सेल्स 72 फीसदी बढ़ी

मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल ने FY26 से FY28 के बीच रेवेन्यू, EBITDA और टैक्स बाद प्रॉफिट की सीएजीआर क्रमश: 32.3 फीसदी, 36.8 फीसदी और 34.9 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। FY27 की पहली तिमाही में कंपनी की सेल्स साल दर साल आधार पर 72.1 फीसदी बढ़कर 640.1 करोड़ रुपये रही। इसमें स्ट्रॉन्ग एग्जिक्यूशन और अच्छी डिमांड का हाथ रहा।

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27 अगस्त को शेयर बाजारों के सूचकांकों पर दबाव

TD Power के शेयर में तब तेजी दिखी, जब शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर बड़ा दबाव था। 3:20 बजे निफ्टी और सेंसेक्स में 0.37 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली।