Cyclone Alert: बंगाल की खाड़ी में उठ रहा भीषण चक्रवाती तूफान! 28 अक्टूबर को आंध्र तट से टकराने की आशंका, यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

Cyclone Alert 2026: बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का मौसमी सिस्टम अब तेजी से ताकतवर हो रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 25 अक्टूबर 2026 के बुलेटिन के मुताबिक, यह सिस्टम अगले कुछ दिनों में गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके 28 अक्टूबर की सुबह तक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान बनने और आंध्र प्रदेश के तट पर बापटला तथा विशाखापत्तनम के बीच टकराने की आशंका जताई गई है। इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। जबकि झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है।

इस तूफानी सिस्टम का असर केवल तटीय इलाकों तक सीमित रहने की आशंका नहीं है। ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बंगाल की खाड़ी में तेजी से मजबूत हो रहा सिस्टम

IMD के मुताबिक, 25 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे बंगाल की खाड़ी के मध्यवर्ती हिस्से और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में बना डिप्रेशन लगभग स्थिर था। इसका केंद्र अंडमान द्वीपसमूह के श्री विजयपुरम से करीब 440 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में और विशाखापत्तनम से लगभग 880 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित था।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, यह सिस्टम पहले गहरे डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके बाद 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान और 27 अक्टूबर की सुबह तक गंभीर चक्रवाती तूफान बनने की आशंका है। इसके बाद इसके और शक्तिशाली होकर 28 अक्टूबर की सुबह तक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान का रूप लेने का अनुमान है।

तूफान के 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश तट से टकराने की आशंका

मौसम विभाग के बुलेटिन में अनुमान जताया गया है कि चक्रवाती तूफान 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंच सकता है। इसके बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश तथा यानम तट को पार करने की आशंका है। इस दौरान हवा की अधिकतम रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। तेज झोंकों में यह 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

तूफान के तट से टकराने से पहले आंध्र प्रदेश और आसपास के तटीय इलाकों में हवाओं की रफ्तार लगातार बढ़ने का अनुमान है। 27 अक्टूबर की शाम तक कई तटीय इलाकों में हवा की स्पीड 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तूफान के प्रभाव से समुद्र में भीषण उथल-पुथल होने की आशंका है। पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति 28 अक्टूबर की सुबह से दोपहर तक बेहद खतरनाक हो सकती है।

आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी से बेहद भारी बारिश का अलर्ट

चक्रवाती तूफान के कारण आंध्र प्रदेश में 27 और 28 अक्टूबर को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की भी आशंका है। 29 अक्टूबर को भी राज्य में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। ओडिशा में 27 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

इसके अलावा 28 अक्टूबर को कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। 29 अक्टूबर को भी राज्य के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। तेलंगाना के पूर्वी हिस्सों में 28 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बरसात हो सकती है। 29 अक्टूबर को भी कुछ इलाकों में भारी बारिश की आशंका है।

छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में भी बिगड़ेगा मौसम

IMD के मुताबिक, दक्षिण छत्तीसगढ़ में 28 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। 29 अक्टूबर को उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश और कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश का अनुमान है। झारखंड में 28 से 30 अक्टूबर के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

बिहार में 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका है। जबकि 30 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी क्षेत्रों में 28 और 29 अक्टूबर को तटीय जिलों में भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 29 और 30 अक्टूबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है।

उत्तर प्रदेश में कब होगी बारिश?

चक्रवाती सिस्टम का असर पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी दिखाई दे सकता है। मौसम विभाग के 25 अक्टूबर के बुलेटिन के अनुसार, 29 और 30 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश, 29 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश और 30 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा विदर्भ में भी 28 से 30 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। हालांकि, इस बुलेटिन में यूपी के सभी जिलों के लिए अलग-अलग रेन पूर्वानुमान नहीं दिया गया है।

तेज हवाओं से मकानों, पेड़ों और फसलों को नुकसान की आशंका

मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और उससे सटे दक्षिणी ओडिशा में 27 और 28 अक्टूबर के दौरान तेज हवाओं तथा भारी बारिश से नुकसान की आशंका जताई है। कच्चे मकानों को व्यापक नुकसान हो सकता है। जबकि झोपड़ियों के नष्ट होने और कुछ पक्के मकानों को भी क्षति पहुंचने का खतरा है। तेज हवाओं से बिजली और संचार के खंभे झुक या उखड़ सकते हैं।

IMD फोरकास्ट के मुताबिक, बड़े पेड़ों की शाखाएं टूटने, पेड़ों के गिरने और खड़ी फसलों, बागानों तथा नारियल के पेड़ों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। सड़कों पर जलभराव से ट्रैफिक बाधित हो सकता है। निचले इलाकों में पानी भरने और कुछ अंडरपास बंद होने की स्थिति भी बन सकती है। अंडमान द्वीपसमूह में 25 से 27 अक्टूबर के बीच भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर यातायात प्रभावित होने और खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है।

मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह

IMD ने मछुआरों को बंगाल की खाड़ी के मध्यवर्ती और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों तथा अंडमान द्वीपसमूह के आसपास 26 अक्टूबर तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी तथा दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में 26 से 28 अक्टूबर तक मछली पकड़ने से बचने को कहा गया है।

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आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों के आसपास 27 अक्टूबर से समुद्र में जाने पर रोक संबंधी चेतावनी दी गई है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने, कमजोर मकानों में रहने से बचने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों से गुजरने और छोटी नावों से यात्रा करने से भी बचना चाहिए।

कल का मौसम: IMD का महाअलर्ट! आ रहा है भयानक चक्रवाती तूफान, दिल्ली-NCR समेत 10 राज्यों में भारी बारिश का खतरा

Weather Update: देश के कई हिस्सों में मौसम करवट लेने वाला है। कहीं, मूसलाधार बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है, तो कहीं आंधी, बिजली और तेज हवाओं से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण भारत में बारिश का दौर जारी रहेगा। जबकि बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा कम दबाव का क्षेत्र अगले कुछ दिनों में चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इस सिस्टम के प्रभाव से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में 27 से 29 अक्टूबर के बीच भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। इसका असर पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों तक पहुंच सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है।

बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवाती सिस्टम, 26 अक्टूबर अहम दिन

  • मौसम विभाग के अनुसार, पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र मजबूत हो रहा है। इसके 24 अक्टूबर को डिप्रेशन, 25 अक्टूबर को गहरे डिप्रेशन और 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना जताई गई है।
  • पूर्वानुमान के मुताबिक, यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 28 अक्टूबर के आसपास उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तट के नजदीक पहुंच सकता है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में भारी बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून सक्रिय हो चुका है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का दौर तेज रहने का अनुमान है:-

  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल: 24 से 26 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है।
  • इस दौरान गरज-चमक, बिजली और 40–50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
  • केरल और माहे: 24 से 26 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी से भारी बारिश का खतरा है। इसके बाद भी 28 अक्टूबर तक कई जगह बारिश जारी रह सकती है।
  • लक्षद्वीप: 24 और 25 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर बहुत तेज बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन सकती है।
  • कर्नाटक: तटीय और दक्षिणी आंतरिक हिस्सों में बारिश का अनुमान है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 25 अक्टूबर को भारी बारिश और कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है।

आंध्र प्रदेश और ओडिशा पर सबसे ज्यादा नजर

बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा सिस्टम अगले सप्ताह के मौसम को प्रभावित कर सकता है। खासतौर पर तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में बारिश की तीव्रता बढ़ने की आशंका है:-

  • आंध्र प्रदेश: तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 27 और 28 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है।
  • 29 अक्टूबर को भी भारी बारिश की आशंका है। रायलसीमा में भी 24 से 29 अक्टूबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • ओडिशा: 27 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश और 28 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का अनुमान है। 29 अक्टूबर को भी भारी बारिश जारी रह सकती है।
  • मौसम विभाग ने झारखंड में 28 और 29 अक्टूबर के दौरान गरज के साथ तेज आंधी की आशंका जताई है, जिसमें हवा की रफ्तार 50–60 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी बदलेगा मौसम

मौसम का असर केवल समुद्र तटों तक सीमित रहने का अनुमान नहीं है। पूर्वी भारत में भी अगले सप्ताह बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं:-

  • पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 28–29 अक्टूबर को व्यापक बारिश हो सकती है। गंगा के मैदानी हिस्सों में 29-30 अक्टूबर को बारिश की आशंका है।
  • बिहार: 28 से 30 अक्टूबर के बीच कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान है। 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश और 30 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है।
  • झारखंड: 28–29 अक्टूबर को बारिश के साथ तेज आंधी की आशंका है। 28 और 29 अक्टूबर को हवा के तेज झोंके नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  • अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह: 24 से 27 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश और कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है।

मध्य भारत में भी बारिश और तेज हवाओं का खतरा

  • मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम बदलने की संभावना है। मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 27 से 30 अक्टूबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 29–30 अक्टूबर को व्यापक बारिश का अनुमान है। विदर्भ में 28 अक्टूबर को कई जगह बारिश हो सकती है।
  • जबकि छत्तीसगढ़ में 28–29 अक्टूबर के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इन क्षेत्रों में गरज-चमक और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है।
  • विदर्भ में 28 अक्टूबर और छत्तीसगढ़ में 28-29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। इससे निचले इलाकों में जलभराव और खेतों में पानी जमा होने की समस्या पैदा हो सकती है।

दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?

  • दिल्ली-NCR के लोगों के लिए फिलहाल राहत की बात यह है कि 24 अक्टूबर को दिल्ली में व्यापक बारिश का अनुमान नहीं है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत के लिए जारी पूर्वानुमान में 24 अक्टूबर को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं की संभावना बताई गई है।
  • इसके बाद 28–29 अक्टूबर के दौरान दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में कुछ स्थानों पर हल्की या छिटपुट बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29-30 अक्टूबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28-30 अक्टूबर के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29-30 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।

इन बातों को लेकर सावधानी बरतना जरूरी

1. भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों, जलभराव वाली सड़कों और उफनते नालों से दूर रहें।

2. बिजली चमकने के समय खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें।

3. तेज हवाओं के दौरान कमजोर छतों, अस्थायी ढांचों और पेड़ों के आसपास सावधानी बरतें।

4. तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग प्रशासन और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें। मछुआरे समुद्र में जाने से पहले जारी चेतावनियों की जांच करें।

5. किसान कटाई के बाद खुले में रखी फसल और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था करें।

Cyclone Warning: बंगाल की खाड़ी में भयंकर चक्रवात की आहट! देश के कई राज्यों में बदलेगा मौसम का मिजाज, IMD ने जारी किया ये अलर्ट

Cyclone Warning: देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 24 अक्टूबर 2026 के मौसम विश्लेषण के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र अब मजबूत हो रहा है। इसके 24 अक्टूबर को डिप्रेशन, 25 अक्टूबर को गहरे डिप्रेशन और 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। इसके बाद यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 28 अक्टूबर की सुबह तक आंध्र प्रदेश के तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में पहुंच सकता है।

इस मौसमी सिस्टम के प्रभाव से दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का खतरा है। वहीं, पूर्वी भारत के ओडिशा, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली-NCR, राजस्थान और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी अलग-अलग दिनों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

बंगाल की खाड़ी में मजबूत हो रहा सिस्टम

IMD के मुताबिक, 24 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे तक बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र उसी इलाके में सक्रिय था। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है।

26 अक्टूबर तक तूफान बनने की आशंका

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, यह सिस्टम 24 अक्टूबर को डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके बाद 25 अक्टूबर को इसके गहरे डिप्रेशन में और 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है। सिस्टम के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और लगातार मजबूत होने का अनुमान है। इसके 28 अक्टूबर की सुबह के आसपास आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंचने की संभावना जताई गई है।

इस दौरान बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति भी खराब हो सकती है। 25 अक्टूबर को मध्य बंगाल की खाड़ी में समुद्र बहुत उग्र रहने की आशंका है, जबकि 26 से 28 अक्टूबर के बीच पश्चिम-मध्य और उससे सटे पूर्व-मध्य तथा उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति बेहद खराब से अत्यंत उग्र हो सकती है।

 

इन राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का खतरा

दक्षिण भारत के राज्यों में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और लक्षद्वीप के लिए अलग-अलग तारीखों पर बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया गया है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के हालात

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 24 से 26 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। 27 अक्टूबर को भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 24 से 26 अक्टूबर के बीच गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ झोंकों में हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

केरल और माहे का वेदर फोरकास्ट

केरल और माहे में 24 से 28 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। 25 और 26 अक्टूबर को कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। 27 अक्टूबर को भी भारी बारिश हो सकती है। 24 से 27 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। केरल में लगातार बारिश के दौरान निचले इलाकों, जलभराव वाले क्षेत्रों और पहाड़ी ढलानों के आसपास रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की सलाह पर ध्यान देना चाहिए।

कर्नाटक में भी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका

तटीय कर्नाटक में 24 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 25 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 24 और 25 अक्टूबर को गरज-चमक तथा बिजली गिरने की आशंका है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 27 और 28 अक्टूबर को तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान जैसी स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 26 से 28 अक्टूबर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 27 से 28 अक्टूबर के दौरान तेज सतही हवाओं की संभावना भी जताई है।

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना पर विशेष नजर

आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 27 और 28 अक्टूबर को अत्यंत भारी बारिश की आशंका है। 29 अक्टूबर को भी तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में भारी बारिश हो सकती है। तेलंगाना में 28 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश और 29 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। राज्य में 27 और 29 अक्टूबर को गरज-चमक तथा तेज हवाओं की चेतावनी भी दी गई है।

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए यह अवधि इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा सिस्टम इसी दौरान तटीय क्षेत्र के करीब पहुंच सकता है। हालांकि, किसी स्थान पर बारिश की वास्तविक तीव्रता सिस्टम की दिशा, उसकी ताकत और स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

ओडिशा में 28 अक्टूबर को मूसलाधार बारिश की चेतावनी

पूर्वी भारत में ओडिशा के लिए भी मौसम विभाग ने महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। राज्य में 27 से 30 अक्टूबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। 27 और 29 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश तथा 28 अक्टूबर को अत्यंत भारी बारिश की आशंका है।

27 से 29 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

बंगाल की खाड़ी में बन रहे सिस्टम के मद्देनजर ओडिशा के तटीय इलाकों में मौसम की स्थिति पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। मछुआरों और समुद्र से जुड़े काम करने वाले लोगों को मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करना चाहिए।

बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी बदलेगा मौसम

बंगाल की खाड़ी में बन रहे मौसमी सिस्टम का असर पूर्वी भारत के अन्य राज्यों में भी दिखाई दे सकता है:-

बिहार: 28 से 30 अक्टूबर के बीच कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। 29 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश और 30 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है। 28 से 30 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक, बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

झारखंड: 28 और 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। इसी दौरान गरज के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। इसे देखते हुए लोगों को तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों और कमजोर संरचनाओं से सावधान रहना चाहिए।

पश्चिम बंगाल: गंगा के मैदानी हिस्सों में 29 और 30 अक्टूबर को कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। 28 और 29 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 28 और 29 अक्टूबर को भी बारिश का अनुमान है।

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह: 24 से 27 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। 24 से 26 अक्टूबर के दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की आशंका है।

दिल्ली-NCR और उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम?

दिल्ली-NCR और उत्तर-पश्चिम भारत के लिए भी मौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई है। हालांकि, IMD के इस पूर्वानुमान में दिल्ली के लिए लगातार भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है।दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 24 अक्टूबर तथा 28 से 29 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 24 अक्टूबर और फिर 29 से 30 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश तथा 29 से 30 अक्टूबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। इन दो दिनों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है।

पंजाब और उत्तराखंड

पंजाब में 24 अक्टूबर को गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। इनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29 और 30 अक्टूबर तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29 अक्टूबर को भी तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 24 और 25 अक्टूबर तथा 30 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में 24 और 25 अक्टूबर को छिटपुट बारिश का अनुमान है।

राजस्थान

राजस्थान के पश्चिमी हिस्से में 24 अक्टूबर और पूर्वी राजस्थान में 24 से 25 अक्टूबर तथा 29 से 30 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। दोनों हिस्सों में 24 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है।

मध्य प्रदेश में भी बारिश और आंधी का अनुमान

मध्य भारत के कुछ हिस्सों में 27 से 30 अक्टूबर के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में 29 और 30 अक्टूबर को कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। 28 अक्टूबर को भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 और 29 अक्टूबर को गरज-चमक तथा तेज हवाओं की संभावना है। 29 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है।

मौसम विभाग की मछुआरों को सलाह

समुद्र में मौजूद मछुआरों को 24 अक्टूबर की सुबह तक तट पर लौटने की सलाह दी गई है। पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में 26 अक्टूबर तक तथा पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी एवं दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में 26 से 28 अक्टूबर तक समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों के आसपास 27 और 28 अक्टूबर को भी समुद्र में जाने से बचने की सलाह है।

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IMD Weather Alert: 26 अक्टूबर को आ रहा खतरनाक चक्रवात! आंध्र और ओडिशा तट से टकराने की आशंका, IMD ने 6 राज्यों में जारी किया अलर्ट

IMD Weather Alert: बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब तेजी से शक्तिशाली होकर एक चक्रवाती तूफान का रूप लेने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने इस गंभीर मौसमी प्रणाली की पुष्टि करते हुए चेतावनी जारी की है कि 26 अक्टूबर की सुबह तक यह सिस्टम चक्रवाती तूफान में तब्दील हो जाएगा। यह चक्रवात पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए 28 अक्टूबर की तड़के उत्तर आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा तट के करीब पहुंचेगा। इस संभावित चक्रवात को देखते हुए मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा सहित पूर्वी व मध्य भारत के 6 राज्यों के लिए मूसलाधार बारिश, आंधी और तटीय उथल-पुथल का बड़ा अलर्ट जारी किया है।

चक्रवात के बनने का पूरा टाइमलाइन और हवाओं की रफ्तार

IMD ने इस चक्रवाती तूफान के मजबूत होते जाने को लेकर डिटेल में जानकारी दी है। इसके मुताबिक पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र 24 अक्टूबर को डिप्रेशन में बदल जाएगा। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 45-55 किमी/घंटे से बढ़कर 65 किमी/घंटे तक पहुंचेगी। 25 तारीख को यह और अधिक तेज होकर डीप डिप्रेशन का रूप ले लेगा। ऐसे में हवा की स्पीड 55-65 किमी/घंटे से लेकर 75 किमी/घंटे के झोंकों तक पहुंच जाएगी। 26 अक्टूबर की सुबह पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में यह पूर्ण चक्रवाती तूफान बन जाएगा। इस दौरान हवा की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। इसके झोंके 90 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं।

28 अक्टूबर को तड़के यह तूफान उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा तट के पास पहुंचेगा। लैंडफॉल का सटीक समय, जगह और उस वक्त हवाओं की अधिकतम तीव्रता शनिवार को डिप्रेशन बनने के बाद आधिकारिक रूप से घोषित की जाएगी।

6 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक इस चक्रवात का सीधा असर उत्तर आंध्र प्रदेश और ओडिशा पर पड़ेगा लेकिन इसके असर से पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में भी भारी बारिश और तूफानी हवाओं का व्यापक असर देखने को मिलेगा। उत्तर आंध्र प्रदेश में 26 अक्टूबर से तटीय इलाकों में बारिश शुरू होगी। 27 अक्टूबर को कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश और 28 अक्टूबर को अत्यंत भारी बारिश (24 घंटे में 20 सेंटीमीटर से अधिक) का अलर्ट जारी किया गया है।

ओडिशा में 26 अक्टूबर से तटीय क्षेत्रों में बारिश का दौर शुरू होगा। 27, 28 और 29 अक्टूबर को राज्य के तटीय और आंतरिक जिलों में भारी से बहुत भारी और 28 अक्टूबर को अत्यंत भारी बारिश की आशंका है। आईएमडी भुवनेश्वर की निदेशक मनोरमा मोहंती के मुताबिक गंजम, गजपति और पुरी जिलों में अत्यंत भारी बारिश हो सकती है जबकि मयूरभंज, क्योंझर, बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, कटक, खोर्धा, जगसिंहपुर, नयागढ़, कंधमाल, कालाहांडी और नवरंगपुर में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

पश्चिम बंगाल में 27 अक्टूबर को तटीय इलाकों में भारी बारिश और 28 अक्टूबर को कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है। चक्रवात के आगे बढ़ने की वजह से बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में 28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश और तेज हवाएं चलेंगी।

यूरोप में गर्मी से इस साल रिकॉर्ड 50 हजार मौतें:65% मौतों की वजह क्लाइमेट चेंज, 2022 से 71% ज्यादा; 854 शहरों पर स्टडी

यूरोप में इस साल जून से अगस्त के बीच भीषण गर्मी के कारण 50,391 लोगों की मौत हुई। इनमें 32,619 मौतों के लिए जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) को जिम्मेदार माना गया है। कोयला, तेल और गैस जलाने से बढ़ते वैश्विक तापमान ने गर्मी को और जानलेवा बना दिया। इंपीरियल कॉलेज लंदन के वैज्ञानिकों ने यूरोप के 854 शहरों के तापमान और मौतों के आंकड़ों का अध्ययन कर यह अनुमान लगाया। इन शहरों में यूरोप की करीब 40% आबादी रहती है। 2022 की तुलना में इस बार गर्मी से होने वाली मौतें 71% बढ़ गईं। उस साल 29,480 लोगों की जान गई थी। सबसे ज्यादा मौतें इटली, फ्रांस, स्पेन और जर्मनी में हुई हैं। गर्मी से 20 से 44 साल के 800 से ज्यादा लोगों की भी मौत हुई। अकेले 17 जून से 1 जुलाई के बीच करीब एक-तिहाई मौतें हुईं। इस दौरान तापमान सामान्य से 5.3°C ज्यादा था। शोधकर्ताओं के मुताबिक, मई की हीटवेव को शामिल नहीं किए जाने के कारण वास्तविक मौतों का आंकड़ा और ज्यादा हो सकता है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यूरोप का बुनियादी ढांचा इतनी भीषण गर्मी से निपटने के लिए तैयार नहीं है। 75 साल में धरती के 2.8°C ज्यादा गर्म होने की आशंका यूएनईपी की एमिशन्स गैप रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा नीतियां जारी रहीं तो अगले 75 वर्षों में धरती औद्योगिक युग से पहले के मुकाबले 2.8 डिग्री ज्यादा गर्म हो सकती है। गोयल बोले- यूरोप आठ गुना ज्यादा कार्बन उत्सर्जन कर रहा केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बर्लिन ग्लोबल डायलॉग में विकसित देशों पर क्लाइमेट चेंज से निपटने की जिम्मेदारी नहीं निभाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यूरोप में प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन भारत से 7-8 गुना ज्यादा है। विकसित देशों ने मदद के लिए हर साल 9.49 लाख करोड़ जुटाने का वादा किया था, पर 11 साल बीत गए, लेकिन हमें एक पैसा भी नहीं मिला। बंगाल की खाड़ी में तीन दिन बाद चक्रवात की आशंका बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को बताया कि यह 24 अक्टूबर को डिप्रेशन, 25 को डीप डिप्रेशन और 26 अक्टूबर की सुबह चक्रवात बन सकता है। इसके बाद यह उत्तरी आंध्र प्रदेश व ओडिशा के तटों की ओर बढ़ेगा। दोनों राज्यों में 27 से 29 अक्टूबर के बीच भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी है। ——————————- ये खबर भी पढ़ें… यूरोप में गर्मी से नदियां सूखी, जंगल जले, यूरोपीय संघ ने गर्मी को भी आपदा माना यूरोप में इस साल भीषण गर्मी ने बड़ी तबाही मचाई है। हीटवेव से करीब 35 हजार लोगों की मौत हुई, कई नदियां सूख गईं और जंगलों में आग लगी। हालात को देखते हुए यूरोपीय संघ (EU) अब गर्मी को भी बड़ी आपदा मानकर इससे निपटने के लिए नया सिस्टम बनाने की तैयारी कर रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

UP Weather Alert: बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान से बढ़ेगी चिंता, यूपी में फिर बदलेगा मौसम, भारी बारिश का अलर्ट

देश के कई हिस्सो में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अगले कुछ दिनों में चक्रवाती तूफान बन सकता है। इस दबाव की वजह से उत्तर प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बदलाव होने की संभावना है। मौसम विभाग के जारी बुलेटिन के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र के चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है। इसके असर से प्रदेश में 28 अक्टूबर से बेमौसम बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ज्यादातर दिनों तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।

बंगाल की खाड़ी में मजबूत हो रहा मौसमी सिस्टम

मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है। आईएमडी के मुताबिक, 24 अक्टूबर तक यह दबाव वाला क्षेत्र और मजबूत होगा, जबकि 25 अक्टूबर तक यह गहरे दबाव में बदल सकता है। अनुमान है कि 26 अक्टूबर की सुबह तक यह चक्रवाती तूफान बन सकता है। इसके बाद तूफान की ताकत और बढ़ सकती है और यह उत्तरी आंध्र प्रदेश व दक्षिणी ओडिशा के तटीय इलाकों की ओर बढ़ सकता है। इस मौसमी सिस्टम का असर 28 अक्टूबर से उत्तर प्रदेश में भी पड़ने की आशंका है। इसके चलते अक्टूबर के आखिरी दिनों में राज्य के कुछ हिस्सों में बेमौसम बारिश हो सकती है।

कैसा होगा यूपी का मौसम

मौसम विभाग के अनुसार, 23 से 27 अक्टूबर तक उत्तर प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में मौसम साफ और शुष्क रह सकता है। वहीं, 24 अक्टूबर को पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और गरज-चमक होने की संभावना है। इसके बाद 28 अक्टूबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम बदल सकता है। इस दिन कुछ जगहों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं, 29 अक्टूबर को पूर्वी यूपी के कुछ इलाकों में बारिश के साथ भारी बारिश होने की भी आशंका है। दूसरी ओर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 और 29 अक्टूबर को मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।

इन जगहों पर होगी तेज बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक, 28 अक्टूबर को सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, गाजीपुर और बलिया समेत आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, 29 अक्टूबर को इन जिलों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने की आशंका है। इसके अलावा, बांदा, प्रयागराज, गोरखपुर, अयोध्या, जौनपुर, आजमगढ़ समेत कई जिलों में भी गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

लोगों को सतर्क रहने की जरूरत

मौसम विभाग के मुताबिक, 23 से 27 अक्टूबर तक उत्तर प्रदेश के दोनों हिस्सों में किसी तरह की मौसम संबंधी चेतावनी नहीं है। हालांकि, 28 अक्टूबर से पूर्वी यूपी में मौसम बदल सकता है। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, 29 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती सिस्टम का असर अक्टूबर के आखिरी दिनों में प्रदेश के मौसम पर पड़ने की आशंका है। ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और चेतावनियों पर नजर बनाए रखें।

 

कल का मौसम 24 अक्टूबर: दक्षिण में मूसलाधार बारिश और उत्तर भारत में तेज हवाएं! दिल्ली-NCR के लिए IMD ने दिया ये अलर्ट

Weather forecast for October 24: देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां दक्षिण भारत के तटीय और प्रायद्वीपीय इलाकों में चक्रवाती प्रणालियों के असर से मूसलाधार बारिश का दौर जारी है, वहीं उत्तर और पश्चिम भारत के राज्यों में भी मौसमी हलचल तेज होने वाली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक कल शनिवार 24 अक्टूबर को देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश, गरज-चमक और तेज झोंकेदार हवाएं चलने की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है जबकि राजधानी दिल्ली और आसपास के उत्तर भारतीय इलाकों के लिए भी खास अलर्ट जारी किया गया है।

दक्षिण भारत और द्वीपों में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव

दक्षिण प्रायद्वीप और समुद्र में बने मौसमी सिस्टम की वजह से दक्षिणी राज्यों में बारिश का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक 24 अक्टूबर को केरल व माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी आशंका है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग जगहों पर भी भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

दिल्ली-NCR और उत्तर भारत के राज्यों के लिए IMD का अलर्ट

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में भी मौसमी गतिविधियों में तेजी आएगी। 24 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली कड़कने के साथ-साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है।

दिल्ली-NCR के निवासियों को इस दौरान मौसम में बदलाव के साथ तेज हवाओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही पश्चिमी और मध्य भारत के कोंकण व गोवा क्षेत्र और दक्षिण के आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 30 से 40 किमी/घंटे की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। तटीय कर्नाटक के इलाकों में भी बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं जबकि आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

अंडमान और बंगाल की खाड़ी में तूफानी हवाओं का अलर्ट

समुद्री क्षेत्रों में चक्रवाती गतिविधियों के चलते बंगाल की खाड़ी का माहौल काफी अशांत बना हुआ है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और अंडमान द्वीप समूह के तटीय क्षेत्रों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लेकर 65 किमी/घंटे की गति के तूफानी झोंकों वाली हवाएं चलेंगी। समुद्र में इस उथल-पुथल को देखते हुए अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी के संबंधित इलाकों में मछुआरों और नौका चालकों को गहरे समुद्र में न जाने की सख्त ताकीद की गई है।

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Delhi Awaas Yojana 2026: दिल्ली में सस्ता घर खरीदने का सुनहरा मौका! DDA ला रहा 1,648 नए फ्लैट, 25% डिस्काउंट के साथ सिर्फ 14.95 लाख रुपये

DDA Awaas Nivesh Yojana 2026: दिल्ली में अपना घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने लोगों की जबरदस्त मांग को देखते हुए नरेला में 1,648 एक्स्ट्रा एलआईजी (Low-Income Group) फ्लैट उपलब्ध कराने का ऐलान किया है। इन फ्लैटों पर 25 प्रतिशत की डिस्काउंट दी जाएगी। इसके बाद एक फ्लैट की अनुमानित कीमत करीब 14.95 लाख रुपये रह जाएगी। इन घरों की ऑनलाइन बुकिंग 29 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। फ्लैटों का आवंटन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा। इच्छुक आवेदक 29 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजे से आधिकारिक पोर्टल पर बुकिंग कर सकेंगे।

DDA की आवास योजना में 1,648 फ्लैट

दिल्ली में सस्ता घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए ‘DDA Awaas Nivesh Yojana 2026’ एक अहम मौका बनकर सामने आई है। दशहरा के दौरान शुरू की गई इस योजना को लोगों की शानदार प्रतिक्रिया मिली थी। स्थिति यह रही कि बुकिंग शुरू होने के महज दो घंटे के भीतर पहले चरण में पेश किए गए फ्लैट बुक हो गए थे।

इसी मांग को देखते हुए अब DDA ने नरेला में 1,648 एक्स्ट्रा एलआईजी फ्लैट उपलब्ध कराने का फैसला किया है। दिल्ली के उपराज्यपाल और DDA के अध्यक्ष सरदार तरनजीत सिंह संधू के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य लोगों को किफायती दरों पर नियोजित आवास उपलब्ध कराना है। एक्स्ट्रा फ्लैटों की पेशकश से उन लोगों को भी अवसर मिल सकता है, जो पहले चरण में घर बुक नहीं कर पाए थे।

कहां मिलेंगे सस्ता फ्लैट और कितनी होगी कीमत?

DDA की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, ये सभी एक्स्ट्रा फ्लैट दिल्ली के नरेला इलाके के पॉकेट-1, सेक्टर G2 से G6 में स्थित हैं। इन पर फ्लैट की निर्धारित कीमत पर 25 फीसदी की डायरेक्ट डिस्काउंट दी जाएगी। 49.90 वर्ग मीटर के क्षेत्रफल में कॉमन एरिया भी शामिल है। इसलिए इच्छुक खरीदारों को फ्लैट की वास्तविक उपयोग योग्य जगह और अन्य डिटेल्स आधिकारिक ब्रोशर में जरूर चेक करनी चाहिए।

– फ्लैटों की संख्या: कुल 1,648

– लोकेशन: पॉकेट-1, सेक्टर G2-G6, नरेला

– अनुमानित कीमत: करीब 14.95 लाख रुपये प्रति फ्लैट

– डिस्काउंट: 25 फीसदी

– एरिया: लगभग 49.90 वर्ग मीटर है

– आवंटन का तरीका: ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के तहत फ्लैट मिलेंगे

29 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से शुरू होगी ऑनलाइन बुकिंग

इन एक्स्ट्रा फ्लैटों के लिए ऑनलाइन बुकिंग 29 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। इच्छुक आवेदक DDA के आधिकारिक ‘आवास पोर्टल’ पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर योजना का नाम ‘DDA Awaas Nivesh Yojana 2026’ होगा। फ्लैटों का आवंटन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ यानी FCFS के आधार पर किया जाएगा। ऐसे में इच्छुक आवेदकों को बुकिंग शुरू होने से पहले जरूरी दस्तावेज और भुगतान संबंधी जानकारी तैयार रखनी चाहिए।

बुकिंग पोर्टल: https://eservices.dda.org.in/

फ्लैट बुक करने के लिए कितनी रकम जमा करनी होगी?

डीडीए स्कीम के तहत प्रत्येक फ्लैट के लिए बुकिंग राशि 1 लाख रुपये निर्धारित की गई है। यानी फ्लैट बुक करने के लिए आवेदक को हर हाल में प्रति फ्लैट एक लाख रुपये जमा करने होंगे। हालांकि, यह राशि फ्लैट की कुल कीमत से अलग एक्स्ट्रा खर्च है या फाइनल भुगतान में कैसे ये रकम कैसे शामिल होगी, इसकी पुष्टि आधिकारिक ब्रोशर में दिए गए नियमों से करनी चाहिए।

DDA ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने पहले ही DDA के आवास पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करा लिया है, उन्हें दोबारा रजिस्टर्ड कराने की जरूरत नहीं होगी। वहीं, जिन आवेदकों ने अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं किया है, उन्हें पोर्टल पर उपलब्ध प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

नरेला में क्यों बढ़ रही है घर खरीदने वालों की दिलचस्पी?

दिल्ली का नरेला इलाका आने वाले सालों में एक महत्वपूर्ण आवासीय एरिया के रूप में विकसित होने की संभावनाएं हैं। यहां नियोजित शहरी बुनियादी ढांचे, परिवहन सुविधाओं और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े विकास कार्यों पर जोर दिया जा रहा है।

मेट्रो और RRTS से कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद

नरेला को भविष्य में बेहतर परिवहन सुविधाओं का लाभ मिलने की संभावना है। इनमें रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर पर प्रस्तावित स्टेशन और नरेला में प्रस्तावित रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) स्टेशन शामिल हैं। इसके अलावा अर्बन एक्सटेंशन रोड (UER)-I, UER-II और जीटी करनाल रोड के जरिए सड़क संपर्क भी इलाके की कनेक्टिविटी को मजबूत करने में मदद कर सकता है।

एजुकेशन हब और खेल सुविधाओं का भी होगा फायदा

नरेला के सेक्टर G2–G6 में प्रस्तावित एजुकेशन हब भी इस इलाके की प्रमुख विकास योजनाओं में शामिल है। यहां कई विश्वविद्यालयों को जमीन आवंटित की गई है। इसके अलावा सेक्टर A-7 में नरेला स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और प्रस्तावित मल्टी-स्पोर्ट्स इंटीग्रेटेड स्टेडियम जैसी खेल सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

पहले से रजिस्ट्रेशन करा चुके लोगों को दोबारा आवेदन नहीं करना होगा

DDA के मुताबिक, जिन आवेदकों का Awaas Portal पर पहले से रजिस्ट्रेशन है, वे उसी रजिस्ट्रेशन के जरिए आगे की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। यानी उन्हें दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होगी। आवेदन से पहले आधिकारिक ब्रोशर में दी गई सभी शर्तों को पढ़ना अनिवार्य है। फ्लैटों की उपलब्धता, भुगतान की टाइमलाइन और आवंटन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी के लिए DDA के आधिकारिक पोर्टल का ही इस्तेमाल करें। किसी भी सहायता के लिए आवेदक DDA की टोल-फ्री हेल्पलाइन- 1800 110 332 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

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NRI Housing Loans Fraud Case: दिल्ली-एनसीआर समेत 3 शहरों में 13 ठिकानों पर ED की बड़ी छापेमारी, जानिए क्या है एनआरआई हाउसिंग लोन धोखाधड़ी मामला?

NRI Housing Loans Fraud Case: वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी मामलों के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों की सख्ती लगातार जारी है। इसी कड़ी में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दिल्ली जोनल ऑफिस-II की टीम ने एनआरआई (NRI) हाउसिंग लोन से जुड़े कथित धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ईडी की टीमों ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु और चंडीगढ़ सहित देश के 3 प्रमुख शहरों में कुल 13 ठिकानों पर एक साथ बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया है।

फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोन हासिल करने का है मामला

केंद्रीय जांच एजेंसी को यह इनपुट मिला था कि कुछ लोगों और कंपनियों द्वारा सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके एनआरआई हाउसिंग लोन हासिल किया गया है। इसी गंभीर मामले की तह तक जाने और वित्तीय अनियमितताओं के सबूत जुटाने के लिए ईडी ने यह ताबड़तोड़ छापेमारी की है। जांच एजेंसी से मिली जानकारी के मुताबिक इस पूरी जांच के दायरे में मुख्य रूप से दो कंपनियां और उनसे जुड़े प्रमोटर व अधिकारी शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक जांच एजेंसी M/s Antriksh Promoters and Developers Pvt Ltd और M/s Sunshine Infrawell Pvt Ltd के ठिकानों पर यह कार्रवाई कर रही है।

ईडी के अधिकारियों की विभिन्न टीमें इन दोनों कंपनियों से जुड़े परिसरों, निदेशकों के ठिकानों और अन्य संदिग्ध स्थानों पर दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों और बैंक ट्रांजैक्शन की बारीकी से जांच कर रही हैं। फिलहाल देश के अलग-अलग शहरों में स्थित इन 13 ठिकानों पर तलाशी अभियान जारी है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किन-किन बैंकों से लोन स्वीकृत कराए गए और इस पूरी प्रक्रिया में वित्तीय धोखाधड़ी के जरिए किन लोगों ने अवैध लाभ उठाया है। इस कार्रवाई के पूरा होने के बाद कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

जानिए कैसे हुआ करोड़ों रुपये का कथित घोटाला

NRI हाउसिंग लोन धोखाधड़ी मामला ऐसे कथित बैंक घोटाले से जुड़ा है, जिसमें विदेश में रहने वाले भारतीयों (Non-Resident Indians यानी NRI) के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए होम लोन लेने के आरोप लगे हैं। ताजा खबर 23 अक्टूबर 2026 की है, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित फर्जी NRI हाउसिंग लोन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली-NCR, बेंगलुरु और चंडीगढ़ में कम से कम 13 ठिकानों पर तलाशी ली। ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर धोखाधड़ी से प्राप्त पैसे कहां गया और किन लोगों या संस्थाओं की इसमें भूमिका थी।

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