Top News 28 October: आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्णब से तबाही, यूपी-बिहार MLC चुनाव परिणामों ने चौंकाया

Top News 28 October: आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्णब से तबाही, यूपी-बिहार MLC चुनाव परिणामों ने चौंकाया

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Top News 28 October: चक्रवात अर्णब आंध्र प्रदेश के तट से टकराया, यूपी, बिहार में MLC चुनाव परिणामों ने चौंकाया, कैप्टन स्मित मच्छार को UAE का सर्वोच्च सम्मान, तमिलनाडु में ऑटो किराए में संशोधन, पूर्व मिस स्विट्जरलैंड बीट्रिस केउल ने ट्रंप पर लगाई दुष्कर्म के आरोप। 28 अक्टूबर की बड़ी खबरें :

 

आंध्र प्रदेश के तट से टकराया चक्रवात अर्णब

चक्रवाती तूफान अर्णब बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश में काकीनाडा के पास यानम के नजदीक तट से टकरा गया। चक्रवात के तट से टकराने के बाद, काकीनाडा, विशाखापट्टनम समेत कई जिलों में भारी बारिश से हजारों पेड़ उखड़ गए। बिजली की लाइनें टूट गईं और सड़कें जलमग्न हो गई हैं। इस दौरान 135 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। ALSO READ: तबाही मचा रहा चक्रवात ‘अर्णब’: आंध्र प्रदेश तट से टकराया तूफान, पेड़ उखड़ें, सड़कें जलमग्न, घरों में घुसा समुद्र का पानी

 

यूपी, बिहार में MLC चुनाव परिणामों ने चौंकाया

उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद (MLC) की 28 सीटों पर हुए चुनावों के लिए मतगणना जारी। यूपी, बिहार में MLC चुनाव परिणामों ने चौंकाया। वाराणसी में भाजपा को झटका। बिहार में कड़ा मुकाबला। ALSO READ: कैप्टन स्मित मच्छार को UAE का सर्वोच्च सम्मान, आसमान में बचाई थी 174 यात्रियों की जान

 

कैप्टन स्मित मच्छार को UAE का सर्वोच्च सम्मान

UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कैप्टन स्मित मच्छार सर्वोच्च सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ जायेद II’ से नवाजा। राष्‍ट्रपति ने इस दौरान कैप्टन मच्छार को गले लगाया। इस अवसर पर फ्लाईदुबई के कैप्टन के साथ साथ क्रू मेंबर्स को सम्मानित किया। ALSO READ: कैप्टन स्मित मच्छार को UAE का सर्वोच्च सम्मान, आसमान में बचाई थी 174 यात्रियों की जान

 

तमिलनाडु में ऑटो किराए में संशोधन

तमिलनाडु सरकार ने राज्य में ऑटो किराए में संशोधन किया है। 1.8 किमी के लिए न्यूनतम किराया 50 रुपये और उसके बाद हर अतिरिक्त किमी के लिए 25 रुपये तय किया गया है।

 

ट्रंप पर रेप का आरोप

पूर्व मिस स्विट्जरलैंड बीट्रिस केउल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर 1993 में न्यूयॉर्क के एक होटल में दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। यह आरोप अमेरिकी कांग्रेस की हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी के डेमोक्रेट सदस्यों की ओर से जारी एक नई रिपोर्ट में शामिल है। ALSO READ: डोनाल्ड ट्रंप पर पूर्व मिस स्विट्जरलैंड ने लगाया रेप का आरोप

LIVE: चक्रवाती तूफान अर्णब का लैंडफॉल, समुद्र में ऊंची लहरें

LIVE: चक्रवाती तूफान अर्णब का लैंडफॉल, समुद्र में ऊंची लहरें

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Latest News Today Live Updates in Hindi : चक्रवाती तूफान अर्णब बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश में काकीनाडा के पास यानम के नजदीक तट से टकरा गया। चक्रवात के तट से टकराने के बाद, काकीनाडा कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली की लाइनें टूट गईं हैं। सड़कें जलमग्न हो गई हैं। पल पल की जानकारी…

 

तमिलनाडु सरकार ने राज्य में ऑटो किराए में संशोधन किया है; 1.8 किमी के लिए न्यूनतम किराया 50 रुपये और उसके बाद हर अतिरिक्त किमी के लिए 25 रुपये तय किया गया है।

-चक्रवात अर्नब के असर से आंध्र प्रदेश में विशाखापट्टनम के आरके बीच पर तेज हवाएं चल रही हैं और समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं, जिससे वहां के हालात काफी खराब हैं। एहतियात के तौर पर पुलिस ने लोगों को बीच पर जाने पर रोक लगाई है, और मछुआरों को भी समुद्र में न जाने की सलाह दी है।

-आंध्र प्रदेश के कोनासीमा में चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण तेज़ हवाएं चल रही हैं और समुद्र में ऊंची लहरें देखी गई।

तबाही मचा रहा चक्रवात ‘अर्णब’: आंध्र प्रदेश तट से टकराया तूफान, कई पेड़ उखड़ें, सड़कें जलमग्न

तबाही मचा रहा चक्रवात 'अर्णब': आंध्र प्रदेश तट से टकराया तूफान, कई पेड़ उखड़ें, सड़कें जलमग्न

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Cyclone Arnab : चक्रवाती तूफान अर्णब बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश में काकीनाडा के पास यानम के नजदीक तट से टकरा गया। चक्रवात के तट से टकराने के बाद, काकीनाडा कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली की लाइनें टूट गईं हैं। सड़कें जलमग्न हो गई हैं। आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का दौर जारी है। ALSO READ: Cyclone Arnab: समुद्र में कैसे पैदा होता है खतरनाक चक्रवात? जानिए ‘लैंडफॉल’ और तूफान से जुड़ी खास बात

 

चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से आंध्रप्रदेश के तटीय इलाकों में बहुत तेज हवाएं चल रही हैं और भारी बारिश हो रही है।काकीनाडा में रिहायशी इलाकों में समुद्र का पानी कई घरों में घुस गया। वहीं कोनासीमा में चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण तेज हवाएं चल रही हैं और समुद्र में ऊंची लहरें देखी गई।

खराब मौसम के चलते ओडिशा और आंध्र प्रदेश में कई उड़ानें प्रभावित हुई, रेलवे ने भी कई ट्रेनें रद्द कर दी है। चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सलाह दी गई है कि जब तक तूफान तट को पार न कर ले, वे अपने घरों के अंदर ही रहें। 

अर्णब गोपालपुर के करीब

ओडिशा के गोपालपुर में चक्रवात अर्णब के प्रभाव के कारण तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है। इस चक्रवाती तूफान का केंद्र तट के बहुत करीब है और अगले कुछ घंटों तक इसके तट से टकराने (लैंडफॉल) की प्रक्रिया जारी रहेगी।

 

क्या बोले ओडिशा के मंंत्री?

ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा, “लैंडफॉल की प्रक्रिया करीब 1:30 बजे काकीनाडा में शुरू हुई और यह आंध्र प्रदेश राज्य की ओर बढ़ने लगी। आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंचने के बाद यह उत्तर और उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा और मलकानगिरी तक पहुंचेगा…इसे ओडिशा पहुंचने में अभी कुछ और घंटे लगेंगे। स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए, हमने अलग-अलग जगहों पर 313 रिस्पॉन्स टीमें तैनात की हैं।

 

लैंडफॉल की प्रक्रिया अभी भी जारी है। जैसे ही यह ओडिशा की ओर बढ़ना शुरू करेगा, हमारे सिस्टम इस चक्रवाती तूफान से निपटने के लिए तैयार रहेंगे और हम लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएंगे। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और न ही लोगों को किसी तरह की परेशानी होने की कोई सूचना मिली है। हम पूरी तरह से तैयार हैं।

 

पश्चिम बंगाल में भी भारी बारिश

चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। 

 

चक्रवात ‘अर्नब’: ओडिशा में आठ जिले हाई अलर्ट पर

ओडिशा सरकार ने चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव और भारी बारिश की आशंका से निपटने के लिए अपनी तैयारियों को तेज करते हुए राज्य के आठ जिलों को हाई अलर्ट पर रख दिया है।

जिन आठ जिलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, उनमें गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी, नबरंगपुर, नुआपाड़ा और कालाहांडी शामिल हैं। इन क्षेत्रों में भारी बारिश और प्रतिकूल मौसम की संभावना जताई गई है। राज्य सरकार ने ‘शून्य जनहानि’ के लक्ष्य को अपनाते हुए आपदा प्रतिक्रिया टीमों को तैनात कर दिया है, चक्रवात आश्रय स्थलों को तैयार रखा है और मानव जीवन तथा संपत्ति के नुकसान को कम करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ा दिया है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इन आठ जिलों के संवेदनशील इलाकों में 48,010 लोगों की पहचान की गई है, जबकि उन्हें ठहराने के लिए 466 आश्रय स्थलों को तैयार रखा गया है। सरकार ने आपदा प्रबंधन उपायों को मजबूत करने के लिए 19 करोड़ रूपये की राशि जारी की है।

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आपातकालीन स्थितियों में त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील जिलों में विशेष आपदा प्रतिक्रिया बलों और अग्निशमन सेवा के जवानों को तैनात किया गया है।

यहाँ राजीव भवन स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में विशेष राहत आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि प्रशासन आने वाले चक्रवात से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने लोगों से शांत रहने, आधिकारिक सलाह का पालन करने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों का सहयोग करने का आग्रह किया।

राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि संवेदनशील इलाकों से आने वाले लोगों को ठहराने के लिए सभी चक्रवात आश्रय स्थल पूरी तरह तैयार रहें। जमीनी स्तर से लेकर राज्य स्तर तक तैयारियों को सख्त कर दिया गया है, जिसमें समय पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना, आपातकालीन प्रतिक्रिया और जीवन-संपत्ति की सुरक्षा शामिल है।

Pic Credit : UNI

UP Weather Update: चक्रवात अर्नब उलट-पुलट कर देगा यूपी का मौसम! इन इलाकों में 28 से 30 अक्टूबर तक तूफानी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, 8°C तक गिरेगा तापमान

UP Weather Update: बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर उत्तर प्रदेश के मौसम पर भी देखने को मिल सकता है।आईएमडी ने यूपी के कई हिस्सों में 28 अक्टूबर के लिए येलो अलर्ट तो वहीं 29 और 30 अक्टूबर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उत्तर प्रदेश में 28 से 31 अक्टूबर के बीच मौसम बदल सकता है। इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने के साथ बिजली चमकने और गरज-चमक की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। बारिश और हवाओं के कारण लोगों को मौसम में बदलाव महसूस होगा। इस दौरान प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में अधिकतम तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।

तापामान में गिरावट की वजह से लोगों को ठंड भी लगेगी। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।

इन जगहों पर खराब होगा मौसम

उत्तर प्रदेश में चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से 28 और 29 अक्टूबर को कई जिलों में मौसम खराब रहने की आशंका है। यूपी के कई हिस्सों में 28 अक्टूबर के लिए येलो अलर्ट तो वहीं 29 और 30 अक्टूबर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 28 अक्टूबर को सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, गाजीपुर और बलिया में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, 29 अक्टूबर को मौसम का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। इस दिन चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, वाराणसी मंडल, रायबरेली, अमेठी और सुल्तानपुर में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं कई जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम के इस बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

 

इन जगहों पर होगी भारी बारिश

चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से 30 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। आईएमडी ने इन जगहों पर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 2 मौसम के इस बदलाव को देखते हुए गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, अयोध्या, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में तेज बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। ऐसे में लोगों को मौसम के प्रति सतर्क रहने और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।

गिर सकता है तापमान

बारिश के साथ कई इलाकों में बिजली चमकने और तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है। बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट संभव है। इससे लोगों को मौसम में अचानक बदलाव महसूस हो सकता है। 31 अक्टूबर को भी पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम में होने वाले बदलाव को देखते हुए लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है। आंधी-तूफान के समय किसी सुरक्षित पक्के मकान में रहें और पेड़ों, बिजली के खंभों तथा कमजोर इमारतों के पास खड़े होने से बचें।

बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, खेत, तालाब या ऊंची जगहों पर न जाएं। तेज हवाओं और बारिश के समय बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। किसानों को भी अपनी फसलों, अनाज और पशुओं की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करने चाहिए।

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कल का मौसम 27 अक्टूबर: चक्रवात ‘अर्नब’ का अलर्ट, इन 10 राज्यों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी

Cyclonic Storm Arnab Update: बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ अब बेहद खतरनाक और विकराल रूप धारण करने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक कल यानी मंगलवार 27 अक्टूबर को इस चक्रवात के असर से तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा समेत देश के कम से कम 10 राज्यों में मूसलाधार बारिश, गड़गड़ाहट और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है जबकि समुद्र में हवाओं की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार छू सकती है।

जानिए कहां केंद्रित है चक्रवात अर्णब और क्या है इसका रूट?

IMD के मौसम प्रणाली जानकारी के मुताबिक, पूर्व-मध्य और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ पिछले छह घंटों के दौरान 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है। मौसम विभाग के मुताबिक यह चक्रवात पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 26 अक्टूबर की शाम तक गंभीर चक्रवाती तूफान और 27 अक्टूबर तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में ही बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा। इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 28 अक्टूबर की दोपहर से पहले बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यानम के करीब आंध्र प्रदेश और यानम तट को एक अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में पार करेगा जहां अधिकतम हवाओं की रफ्तार 115 से 125 किमी/घंटे से लेकर 140 किमी/घंटे के विनाशकारी झोंकों तक हो सकती है।

तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी तबाही की आशंका

चक्रवात अर्णब का सबसे सीधा और घातक असर आंध्र प्रदेश और ओडिशा पर पड़ने वाला है। 27 अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश के पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ बेहद भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही ओडिशा के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। इन राज्यों के तटीय जिलों में आकाशीय बिजली कड़कने के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं भी चलेंगी। आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज और खतरनाक सतही हवाएं चलती रहेंगी।

तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और मध्य भारत में मूसलाधार बारिश व थंडरस्क्वाल

चक्रवात के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने के कारण इसका असर आंतरिक और मध्य भारत के राज्यों में भी साफ देखने को मिलेगा। 27 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जगहों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली तूफानी हवाओं यानी थंडरस्क्वाल का प्रकोप देखने को मिल सकता है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, तेलंगाना और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है।

पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण के अन्य राज्यों का हाल

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ-साथ दक्षिण में तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल, रायलसीमा और विदर्भ के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 27 अक्टूबर को दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में तेज हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।

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समुद्र में 140 किमी/घंटे की तूफानी हवाएं, मछुआरों के लिए रेड अलर्ट

चक्रवात अर्नब के कारण समुद्र की स्थिति अत्यंत भयावह रहने वाली है। 27 अक्टूबर की दोपहर से लेकर 28 अक्टूबर की दोपहर तक लैंडफॉल के समय तक पश्चिम-मध्य और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 140 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। 27 अक्टूबर की सुबह तक पूर्व-मध्य, दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में 35 से 45 किमी/घंटे (झोंके 55 किमी/घंटे) की गति से तूफानी मौसम बना रहेगा। मौसम विभाग ने तटीय सुरक्षा और जहाजरानी क्षेत्र को हाई अलर्ट पर रहने तथा मछुआरों को समुद्र में न जाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।

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Om Prakash Bishnoi: सोशल मीडिया पर 21 लाख फॉलोअर्स, लेकिन मिले सिर्फ 33 वोट! राजस्थान पंचायत चुनाव में मशहूर इन्फ्लुएंसर की करारी हार

Om Prakash Bishnoi: सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स, इंस्टाग्राम पर जबरदस्त ‘लाइक’ और यूट्यूब पर हजारों-लाखों दर्शकों का प्यार… लेकिन जब बात गांव की सरकार चुनने की आई, तो डिजिटल दुनिया की यह चमक वोटों में तब्दील नहीं हो सकी। राजस्थान के पंचायत चुनाव 2026 में एक ऐसा ही दिलचस्प मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया की लोकप्रियता और जमीनी राजनीति के बीच के अंतर को उजागर कर दिया है।

‘दैनिक जागरण’ की रिपोर्ट के मुताबिक, जोधपुर जिले की ओसियां तहसील की इंदों की ढाणी ग्राम पंचायत में सरपंच पद के चुनाव में इंटरनेट मीडिया इन्फ्लुएंसर ओम प्रकाश बिश्नोई को कुल 1,600 वोटों में से महज 33 वोट मिले। यानी जिस शख्स के सोशल मीडिया अकाउंट पर लाखों लोग जुड़े हुए हैं, उसे अपने गांव की सरपंची के चुनाव में वोटर्स का बेहद सीमित समर्थन मिला।

21 लाख फॉलोअर्स, लेकिन वोट सिर्फ 33!

बिश्नोई की सोशल मीडिया पर मौजूदगी किसी छोटे-मोटे क्रिएटर जैसी नहीं है। खबरों के मुताबिक, उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 14 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। जबकि फेसबुक पर करीब 2.32 लाख फॉलोअर्स और यूट्यूब चैनल पर लगभग पांच लाख सब्सक्राइबर हैं। इतने बड़े डिजिटल नेटवर्क के बावजूद चुनाव में उन्हें सिर्फ 33 वोट मिले।

यह आंकड़ा अपने आप में चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर लाइक, कमेंट और शेयर की भरमार को अक्सर लोकप्रियता का पैमाना माना जाता है, लेकिन चुनाव परिणाम ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि क्या ऑनलाइन लोकप्रियता वास्तव में वोटों में बदल सकती है?

सोशल मीडिया की दुनिया और गांव की राजनीति अलग-अलग!

आज के दौर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर युवाओं के बीच खासे लोकप्रिय हैं। उनके वीडियो हजारों-लाखों बार देखे जाते हैं, पोस्ट पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आती है और उनकी बात दूर-दूर तक पहुंचती है। लेकिन चुनाव का मैदान केवल लोकप्रियता से नहीं जीता जाता।

गांव की राजनीति में व्यक्तिगत संपर्क, स्थानीय समस्याओं की समझ, लोगों के बीच विश्वास, सामाजिक समीकरण और लंबे समय से बना जनसंपर्क भी अहम भूमिका निभाते हैं। इंटरनेट पर किसी को पसंद करना और उसे अपने गांव का प्रतिनिधि चुनना, दोनों अलग-अलग फैसले हैं। बिश्नोई के चुनाव परिणाम को इसी अंतर के उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

नशामुक्ति को बनाया था चुनावी मुद्दा

खबरों के अनुसार, सरपंच पद के चुनाव में बिश्नोई ने नशामुक्ति को अपना प्रमुख मुद्दा बनाया था। नशे के खिलाफ संदेश देना और समाज में जागरूकता फैलाना उनका चुनावी एजेंडा रहा। इसके बावजूद उन्हें मतदाताओं का अपेक्षित समर्थन नहीं मिल सका।

यह परिणाम इस बात की ओर भी ध्यान खींचता है कि किसी मुद्दे को सोशल मीडिया पर उठाना और उसी मुद्दे पर स्थानीय मतदाताओं का भरोसा हासिल करना अलग-अलग चुनौतियां हैं। किसी अभियान की ऑनलाइन पहुंच बड़ी हो सकती है। लेकिन स्थानीय स्तर पर उसकी स्वीकार्यता का फैसला मतदाता अपने अनुभव और प्राथमिकताओं के आधार पर करते हैं।

लाइक से नहीं, वोट से बनता है सरपंच!

इस चुनावी घटनाक्रम ने सोशल मीडिया की लोकप्रियता के वास्तविक मायनों पर बहस छेड़ दी है। हजारों-लाखों फॉलोअर्स किसी व्यक्ति की डिजिटल पहुंच तो दिखा सकते हैं। लेकिन वे अपने आप में चुनावी समर्थन की गारंटी नहीं होते। एक ओर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कुछ ही मिनटों में लाखों लोगों तक अपनी बात पहुंचा सकता है। वहीं दूसरी ओर गांव का मतदाता अपने प्रतिनिधि से स्थानीय विकास, सड़क, पानी, सफाई, एजुकेशन और दूसरी बुनियादी समस्याओं के समाधान की उम्मीद करता है।

इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सबक यही है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होना और जनता का प्रतिनिधि बनना दो अलग-अलग कसौटियां हैं। इंटरनेट पर फॉलोअर्स की संख्या भले लाखों में हो, लेकिन लोकतंत्र में जीत का फैसला मतदाता की पर्ची से होता है, बल्कि प्रोफाइल की लोकप्रियता से नहीं।

16 जिलों में चुनाव नतीजे घोषित

राजस्थान में पंचायत चुनाव-2026 के पहले चरण के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। इस चरण में 16 जिलों की 3,314 ग्राम पंचायतों के सरपंच और उप-सरपंच के साथ-साथ 28,682 वार्ड पंचों का निर्वाचन समाप्त हुआ। चुनाव के परिणाम आने के बाद राजस्थान से कई रोचक और चौंकाने वाली खबरें सामने आ रही हैं।

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Cyclone Arnab Alert: बंगाल की खाड़ी में ‘अर्नब’ का महाखतरा! 140 KM की रफ्तार से टकराएगा चक्रवाती तूफान, इन राज्यों में भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’

Cyclone Arnab Landfall Alert News Updates: बंगाल की खाड़ी में एक खतरनाक मौसमी सिस्टम तेजी से गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप लेने की ओर बढ़ रहा है। चक्रवात ‘अर्नब’ की बढ़ती ताकत ने पूर्वी तट के लिए खतरे की आशंका बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विभाग विभाग (IMD) के 26 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:30 बजे जारी नेशनल बुलेटिन के मुताबिक, यह तूफान आने वाले घंटों में और शक्तिशाली हो सकता है। इसके 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तटवर्ती इलाके के पास दस्तक देने की आशंका जताई गई है।

ओडिशा-आंध्र में रेड अलर्ट

तूफान के संभावित लैंडफॉल के समय हवाओं की रफ्तार 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक और हवा के तेज झोंकों की स्पीड 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे हालात में तटीय इलाकों में तेज हवाओं, समुद्र में उथल-पुथल और संभावित भारी मौसमी प्रभावों को लेकर सतर्कता बेहद जरूरी है।मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के तटों के लिए चक्रवात चेतावनी के तहत बारिश बारिश होने को लेकर ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है।

ओडिशा के 5 जिलों में स्कूल बंद

तूफान के आंध्र प्रदेश के तट से होकर गुजरने का अनुमान है। लेकिन ओडिशा के दक्षिणी और तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे लोगों की सुरक्षा, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और इमरजेंसी स्थिति से निपटने को प्राथमिकता दें, ताकि किसी की जान न जाए।

राज्य सरकार ने 28 और 29 अक्टूबर को गंजाम, गजपति, रायगडा, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का आदेश दिया है। इन जिलों में इस मौसमी प्रणाली का सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका है। अन्य जिलों के कलेक्टर स्थानीय मौसम और बदलती परिस्थितियों को देखते हुए यह तय करेंगे कि शिक्षण संस्थानों को बंद रखा जाए या नहीं।

तूफान की रफ्तार बढ़ी, अब और विकराल होने की आशंका

मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ पिछले छह घंटों के दौरान लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा है। IMD फोरकास्ट के मुताबिक, 26 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे यह पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित था। इसकी स्थिति लगभग 15.4 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 88.5 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज की गई।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, तूफान के 26 अक्टूबर की आधी रात तक पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की प्रबल आशंका है। इसके बाद 27 अक्टूबर को इसके अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप लेने का अनुमान है। यानी अगले 24 से 48 घंटे इस तूफान की दिशा, तीव्रता और तटीय क्षेत्रों पर संभावित प्रभाव के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।

28 अक्टूबर की सुबह तट से टकराने की आशंका

कब दस्तक देगा तूफान?

मौसम विभाग के वेदर बुलेटिन में कहा गया है कि चक्रवात ‘अर्नब’ आगे चलकर उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ सकता है। 28 अक्टूबर 2026 की सुबह तक आंध्र प्रदेश एवं यानम के तट को पार कर सकता है। इसके लिए बापटला और विशाखापत्तनम के बीच का तटीय क्षेत्र संभावित लैंडफॉल जोन बताया गया है। पूर्वानुमान के मुताबिक, तूफान यानम के निकट से गुजरते हुए तट पार कर सकता है।

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140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं हवा के झोंके

मौसम विभाग के अनुसार, तूफान की सबसे चिंताजनक बात इसकी संभावित स्पीड है:-

  • लगातार हवाओं की रफ्तार: 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकता है।
  • हवा के तेज झोंके: 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक होने की आशंका है।
  • संभावित लैंडफॉल: 28 अक्टूबर की सुबह।
  • संभावित क्षेत्र: बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यानम के नजदीक।
  • इस गति की हवाएं पेड़ों, बिजली के खंभों, कमजोर ढांचों और अस्थायी निर्माणों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
  • समुद्र में ऊंची और खतरनाक लहरें उठने की आशंका भी हो सकती है। वास्तविक नुकसान इस बात पर निर्भर करेगा कि तूफान की तीव्रता, दिशा और तट से टकराने की स्थिति क्या रहती है।

IMD Weather Alert: बंगाल की खाड़ी में उठेगा खतरनाक तूफान! इन राज्यों के लिए खतरे की घंटी

IMD Weather Update: भारत में आने वाले कुछ दिनों में मौसम में काफी बदलाव होने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बन रहा मौसमी सिस्टम अब चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के आसपास के तटीय इलाकों के लिए चक्रवाती तूफान को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्वी हिस्से में एक मौसमी सिस्टम बन रहा है। जो 28 अक्टूबर 2026 तक बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप लेने की आशंका है।

इस दौरान 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक हवाएं चलने और तेज झोंकों की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। ऐसे में तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं कैसा होगा आज का मौसम

28 अक्टूबर को टकराएगा तूफान

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना मौसमी सिस्टम पहले दक्षिण दिशा में आगे बढ़ सकता है और फिर धीरे-धीरे अपनी दिशा बदल सकता है। इसके 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है। इसके बाद 27 अक्टूबर को इसकी ताकत और बढ़ सकती है और यह गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 28 अक्टूबर की सुबह तक यह आंध्र प्रदेश के तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुमान के मुताबिक, चक्रवाती तूफान 28 अक्टूबर की दोपहर तक आंध्र प्रदेश के बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यनम सहित तटीय इलाकों से टकरा सकता है। तूफान के तट से टकराने के दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की आशंका है, जबकि तेज झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करने की जरूरत है।

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कल का मौसम 26 अक्टूबर: इन 7 राज्यों में बिगड़ेगा मौसम, बंगाल की खाड़ी में चक्रवात का तांडव

IMD Weather Update: देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। बंगाल की खाड़ी में 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान बनने की आशंका है। इसकी वजह से देश के कई हिस्सों में कल यानी 26 अक्टूबर को मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक सोमवा 26 अक्टूबर को देश के कई प्रमुख राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और वज्रपात (बिजली गिरने) की चेतावनी जारी की गई है। वहीं उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ रहा नया पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ी इलाकों के मौसम को प्रभावित कर सकता है। आइए जानते हैं कैसा होगा देश के बाकि राज्यों का मौसम

इन राज्यों में होगा तेज बारिश

मौसम विभाग ने 26 अक्टूबर को केरल, माहे, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश की संभावना जताई है। इन जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं अंडमान-निकोबार और तटीय आंध्र प्रदेश में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। खराब मौसम की वजह से निचले इलाकों में पानी भरने और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए। मौसम को देखते हुए मछुआरों और समुद्र में जाने वाले लोगों को मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर सावधानी बरतने की जरूरत है।

100 किलोमीटर प्रति घंटे से चलेगी हवाएं

आईएमडी के अनुसार, 26 अक्टूबर को बंगाल की खाड़ी में तेज हवाएं चलने और समुद्र में हलचल बढ़ने की आशंका है। कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की गति 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में मछुआरों को सतर्क रहने और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। वहीं अरब सागर में कर्नाटक और केरल के तटीय इलाकों, लक्षद्वीप और कोमोरिन क्षेत्र में 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा के झोंके 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। ऐसे में मछुआरों को समुद्र में जाने से पहले मौसम की ताजा जानकारी लेने की सलाह दी गई है।

लोगों को सावधानी बरतने की सलाह

सोमवार को देश के कई दक्षिणी और तटीय इलाकों में तेज बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। केरल, तमिलनाडु, अंडमान-निकोबार और तटीय आंध्र प्रदेश में लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में भी तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेते रहना चाहिए और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित जगह पर रहना चाहिए।

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