पाकिस्तान के बलूचिस्तान में भूकंप के तेज झटके

पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र में शनिवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किये गये। भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.8 आंकी गयी। भूकंप का केंद्र जमीन से 15 किलोमीटर की गहराई में था।

एजेंसी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि भूकंप के झटके भारतीय समयानुसार आज पूर्वाह्न 10 बजकर 37 मिनट पर आए। इसका अक्षांश 27.944 डिग्री उत्तर और देशांतर 66.532 डिग्री पूर्व था। भूकंप के बाद तत्काल किसी के हताहत होने या नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।

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उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में भूकंप आने का खतरा अधिक रहता है, क्योंकि यह भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटों की सीमा के पास स्थित है। इन दोनों प्लेटों के टकराव से भूकंपीय गतिविधियां उत्पन्न होती हैं।

दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान का विशाल प्रांत बलूचिस्तान भूकंप के खतरे वाले क्षेत्रों में शामिल है। इसके अलावा खैबर पख्तूनख्वा और गिलगित-बाल्टिस्तान भी संवेदनशील क्षेत्र हैं, जहां सक्रिय भ्रंश रेखाओं और जटिल पर्वतीय प्रणालियों के कारण भूकंप का खतरा बना रहता है। पंजाब और सिंध के कुछ हिस्सों में भी भूकंपीय गतिविधियों की आशंका रहती है।

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पाकिस्तान के बलूचिस्तान में 5.7 तीव्रता का भूकंप आया:सिंध में भी झटके महसूस हुए; इतनी ही तीव्रता का भूकंप फरवरी में भी आया था

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में शनिवार को 5.7 तीव्रता का भूकंप आया। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र खुझदार शहर से 48 किलोमीटर दूर था। इसी साल फरवरी में यहां इतनी ही तीव्रता का भूकंप आया था। भूकंप के झटके सिंध में भी महसूस किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें खुझदार और आसपास के ग्रामीण इलाकों में नुकसान का आकलन कर रही हैं। जिले में राहत-बचाव दल, अस्पताल और पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है। फिलहाल, भूकंप से जान-माल के नुकसान की कोई जानकारी सामने नहीं आई हैं। फरवरी में भी भूकंप आया था इससे पहले फरवरी में बलूचिस्तान में 5.6 तीव्रता का भूकंप आया था। यह सुबह 6 बजकर 30 मिनट पर आया था और इसका केंद्र जमीन से 13 किलोमीटर की गहराई में था। उस समय भूकंप का केंद्र खुझदार शहर से 86 किलोमीटर दूर था। भूकंप के झटके बलूचिस्तान के झल मगसी, जाफराबाद और नसीराबाद में महसूस किए गए थे। पड़ोसी सिंध प्रांत के सुक्कुर, कंबर, शहदादकोट और दादू जिलों में भी झटके महसूस हुए थे। बलूचिस्तान में पहले भी खतरनाक भूकंप आ चुके हैं बलूचिस्तान के क्वेटा में 1935 में 7.7 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था। इसमें करीब 35 हजार लोगों की मौत हुई थी। वहीं, 1945 में मकरान तट के पास 8.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था, जिससे समुद्र में सुनामी भी उठी थी। 2005 के भूकंप में 74 हजार से ज्यादा मौतें हुई थीं पाकिस्तान में अब तक के सबसे विनाशकारी भूकंपों में से एक 8 अक्टूबर 2005 को आया था। इस भूकंप में 74 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। विशेषज्ञों के मुताबिक, पाकिस्तान तीन प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों – अरबियन, यूरेशियन और भारतीय प्लेट- के संपर्क वाले क्षेत्र में स्थित है। इन प्लेटों की हलचल के कारण देश में अक्सर भूकंप के झटके महसूस होते हैं। ——————– ये खबर भी पढ़ें… बांग्लादेश में छात्रों ने मंदिर के सामने गोमांस पकाया: आज यूनिवर्सिटी में गाय काटने की तैयारी बांग्लादेश की जगन्नाथ यूनिवर्सिटी में 12 अक्टूबर को मंदिर के पास गोमांस पकाने को लेकर विवाद हो गया। इसके दो दिन बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कैंपस में पशु काटने से बचने का नोटिस जारी किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Delhi-NCR Earthquake: दिल्ली-NCR में देर रात लगे भूकंप के झटके, हिली धरती

Delhi-NCR Earthquake:  दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार देर रात को भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, उत्तराखंड के चमोली में आज रात 10:23 बजे 4.9 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप 13 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया।

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