Ankit Balyan Shot Dead: मशहूर हरियाणवी गायक को जिम के बाहर मार दी गईं 15 गोलियां, कौन थे अंकित बालियान?

Ankit Balyan Shot Dead: मशहूर यूट्यूबर और हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की बुधवार (26 अगस्त) शाम उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक जिम के बाहर कुछ अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि शामली के शहर कोतवाली इलाके में शाम को अंकित बालियान जब जिम से बाहर निकले, तभी कुछ अज्ञात हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी। इससे उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सिंगर पर करीब 15 से 18 राउंड फायरिंग की गई।

पुलिस अधीक्षक (SP) नरेंद्र प्रताप सिंह ने पत्रकारों को बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। फिर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें बनाई गई हैं। हत्या के पीछे की वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस के मुताबिक, हमलावर दो मोटरसाइकिलों पर आए और बालियान पर कई राउंड गोलियां चलाईं। इस दौरान उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

अंकित बालियान की हत्या कैसे हुई?

मौके पर मौजूद एक शख्स ने घटनाक्रम के बारे में बताया कि बालियान जिम में कसरत करने के बाद जैसे ही बाहर निकले उनपर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। चश्मदीद ने कहा, “अंकित एक्सरसाइज के बाद जिम से बाहर आए थे। फायरिंग शुरू होते ही हम बाहर भागे और उन्हें गोली लगने से घायल पाया।

अंकित पिछले एक साल से रोज इस जिम में आ रहे थे। वह शाम करीब 4 से 4:15 बजे के बीच जिम पहुंचे थे। कम से कम 10 से 15 राउंड फायरिंग हुई। हमने चार लोगों को भागते हुए देखा। आरोपी पैदल थे और उनके हाथों में पिस्तौल थी।” इस बयान से पता चलता है कि हमलावर हथियारों से लैस थे। गोलीबारी के तुरंत बाद वे मौके से भाग गए।

हत्या के पीछे की असल वजह अभी साफ नहीं है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। उम्मीद है कि जांच आगे बढ़ने पर हत्या से जुड़ी परिस्थितियों का पता चल जाएगा। जांचकर्ता हमलावरों की पहचान करने और घटनाक्रम को समझने के लिए CCTV फुटेज की जांच कर रहे हैं। वे यह पता लगाने की भी कोशिश कर रहे हैं कि हमलावर कहां से आए थे। वे मौके तक कैसे पहुंचे और भागने के लिए उन्होंने किस रास्ते का इस्तेमाल किया।

अखिलेश का बीजेपी पर हमला

समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस वारदात को लेकर राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश का पूरा जाट समुदाय इसे खुद पर प्रहार मानकर आक्रोशित है। सपा प्रमुख ने बालियान की हत्या को बेहद निंदनीय बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति शून्य पर पहुंच गई है। उन्होंने हत्या की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के पहलू से भी जांच किए जाने की मांग की।

उन्होंने देर रात X पर कहा, “उप्र की कानून-व्यवस्था को शून्य करते हुए जिस प्रकार शामली में लोकप्रिय गायक अंकित बालियान की 18 राउंड गोलियां चलाकर बेरहमी से हत्या की गई है उससे पूरे क्षेत्र में भय व्याप्त हो गया है।”

यादव ने इसी पोस्ट में आगे कहा, ”मृतक की दुखी मां के द्वारा अपने बेटे के शव को गोद में रखकर सड़क पर ही शोकाकुल होने का समाचार हृदयविदारक है। जाट समाज ने हमलावारों की गिरफ्तारी को लेकर सड़क पर ही अपनी मांग बुलंद की है। उत्तर प्रदेश का समस्त जाट समुदाय इसे अपने ऊपर प्रहार मानकर आक्रोशित है।” उन्होंने कहा, ”इस हत्याकांड की जांच राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के दृष्टिकोण से भी किये जाने की मांग उठ रही है। बेहद निंदनीय!”

पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे बालियान?

यह अटकलें भी लगाई जा रही थीं कि अंकित बालियान आगामी पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि, अधिकारियों या उनके सहयोगियों की ओर से तत्काल इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, और न ही यह स्पष्ट हो सका कि क्या यह उनकी हत्या की वजह हो सकती है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गोलीबारी की सूचना मिलने के बाद पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। उन्होंने कहा, “शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं।”

पुलिस के अनुसार, हमलावर दो मोटरसाइकिलों पर आए और बालियान पर कई गोलियां चलाईं जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि हमलावरों की पहचान के लिए इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है।

कौन थे अंकित बालियान?

हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान के यूट्यूब चैनल के 3.66 लाख से अधिक सब्सक्राइबर थे। वह अपने वीडियो में विभिन्न सहयोगियों के साथ गायक और कलाकार के रूप में नजर आते थे। उनके कई वीडियो में बंदूक, हथियार और SUV का इस्तेमाल दिखाया गया था। संगीत के अलावा बालियान ने हरियाणवी पॉप वीडियो, पॉडकास्ट और जमीनी स्तर के व्लॉग के जरिए अपनी मजबूत डिजिटल मौजूदगी बनाई थी।

उनका कंटेंट अक्सर क्षेत्रीय गर्व, देसी पहचान, ग्रामीण जीवन और युवा संस्कृति पर केंद्रित होता था। उनके कई गानों में बंदूक संस्कृति, स्थानीय राजनीति और बहादुरी जैसे विषय शामिल थे। एक गायक और क्रिएटर के तौर पर बालियान ने मासूम शर्मा, राजू पंजाबी और आशु ट्विंकल जैसे हरियाणवी कलाकारों के साथ भी काम किया।

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बालियान ने राजनीतिक पॉडकास्ट और स्थानीय व्लॉगिंग में भी हाथ आजमाया। उत्तर प्रदेश तथा हरियाणा के राजनेताओं और समुदाय के प्रमुख लोगों के इंटरव्यू लिए। उनके लोकप्रिय गानों में ‘भारी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान’, ‘112 NE’, ‘गोली के बारूद’, ‘जाट जाटनी’, ‘अगला जनम जाट’, ‘संविधान’, ‘मोदी बरगा रुतबा’, ‘जाट धर्मेंद्र की तरिया’, ‘एक खटोला जेल के भीतर’, ‘वेट’, ‘सिस्टम’ और ‘राइफलें’ शामिल थे।

Nepal-China Border Floods: नेपाल-चीन बॉर्डर पर अचानक आई बाढ़ में अब तक 160 लोगों की मौत, 133 भारतीय समेत 750 से अधिक लापता

Nepal-China Border Floods Update: तिब्बत की सीमा के पास मध्य नेपाल के जिलों में बुधवार (27 अगस्त) सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। अचानक आई बाढ़ में करीब 160 लोगों की मौत हो गई तथा 133 भारतीय नागरिक समेत 750 से अधिक लोग लापता हैं। बाढ़ से शहरों और गांवों में तबाही हुई। कई महत्वपूर्ण पुल बह गए। कम से कम एक दर्जन हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट तबाह हो गईं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने संसद को बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह 8:37 बजे तिब्बत इलाके में भूकंप आया। उसके तीन मिनट बाद अचानक बाढ़ आने की खबर मिली, जिससे पता चलता है कि भूकंप के झटकों की वजह से हिमनद फटा होगा और उसी से बाढ़ आई होगी।

अधिकारियों ने बताया कि भोटे कोशी नदी में बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ा, जिससे तिब्बत से लगे रसुवा और धादिंग जिले प्रभावित हुए। नेपाल-तिब्बत सीमा पर स्थित लेंडे नदी में पानी बढ़ने और चट्टानें खिसकने के कारण रसुवा जिले के सीमावर्ती शहर तिमुरे में भोटे कोशी के जरिए त्रिशूली नदी में भीषण बाढ़ आ गई। इसके बाद बाढ़ का पानी नदी के रास्ते नुवाकोट, चितवन, गोरखा, तनहुं और नवलपरासी पूर्व जैसे अन्य जिलों में फैल गया तथा राजधानी काठमांडू से लगभग 70 से 200 किलोमीटर दूर तक के इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया।

500 लोग लापता

नेपाल सरकार ने कहा कि करीब 500 लोग लापता हैं। जबकि चीन के सरकारी सीजीटीएन न्यूज चैनल ने बताया कि सीमा के चीनी हिस्से में तीन लोगों की मौत हुई और 265 लोग लापता हैं। प्रभावित इलाकों के वीडियो में कीचड़, चट्टानों और मलबे से भरा पानी तेज रफ्तार से सीमावर्ती क्षेत्र में बहता दिखाई दिया। तेज बहाव को इमारतों और वाहनों की ओर बढ़ते देख लोग भागते नजर आए।

सामने आए खौफनाक वीडियो

एक वीडियो में चार मंजिला इमारत को तेज बहाव में बहते देखा गया। जबकि एक अन्य वीडियो में रसुवा में एक कार बाढ़ के तेज पानी में बहती नजर आई। एक और वीडियो में पानी के जबरदस्त दबाव से एक लंबा पुल दो हिस्सों में टूटता दिखाई दिया। एक अन्य वीडियो में तेज बहाव के कारण पुल ढहते और बहते नजर आए। धादिंग जिले के एक वीडियो में बाढ़ का पानी एक पुल से टकराया, जिसके बाद वह ढहकर बह गया। एक अन्य वीडियो में कीचड़ भरा पानी तेजी से एक पुल को अपनी चपेट में लेता और करीब 30 सेकंड में उसे बहाकर ले जाता नजर आया।

133 भारतीय लापता

अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित इलाकों के अलग-अलग हिस्सों से लगभग 100 लोगों को बचाया गया है। इनमें से 30 लोगों का इलाज काठमांडू के त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल में चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि लापता हुए करीब 500 लोगों में कम से कम 133 भारतीय और 37 अप्रवासी भारतीय (NRI) शामिल हैं। इनमें से कम से कम 50 भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री हैं। गैर-लाभकारी संस्था ईशा फाउंडेशन ने बताया कि उसके 77 सदस्य लापता हैं, जो एक आव्रजन केंद्र पर मौजूद थे। उन्होंने बताया कि 495 लोग सुरक्षित लौट आए हैं। बाद में नेपाल सरकार ने कहा कि इस आव्रजन केंद्र के कर्मचारियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

तमिलनाडु के अधिकारियों ने बताया कि लापता 37 पर्यटक तंजावुर के रहने वाले हैं। भारतीयों और अप्रवासी भारतीयों के अलावा लापता हुए बाकी पर्यटक दो दर्जन से ज्यादा देशों से हैं, जिनमें अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड शामिल हैं। इसके अलावा, विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने प्रतिनिधि सभा को बताया कि अलग-अलग जगहों पर 80 सुरक्षाकर्मी लापता हो गए हैं, जिनमें नेपाल सेना के 44 जवान भी शामिल हैं।

भारत ने मदद के लिए बढ़ाया हाथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के अपने समकक्ष बालेंद्र शाह से फोन पर बात की। उन्हें हालात से निपटने के लिए हरसंभव मानवीय मदद का भरोसा दिलाया। नई दिल्ली ने पड़ोसी देश को राहत सामग्री की पहली खेप भेज दी है। काठमांडू में भारतीय दूतावास ने अचानक आई बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद और जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए।

X पर एक पोस्ट में कहा गया है कि लोग +977 985 131 6807 या +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं। भारतीय दूतावास ने X पर एक और पोस्ट में कहा कि नेपाल में अचानक आई बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों के शीघ्र बचाव और उन्हें राहत पहुंचाने के लिए वह नेपाल सरकार के संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है। साथ ही, नेपाल सरकार के साथ समन्वय कर बचाव और राहत कार्यों को और मजबूत किया जा रहा है।

टोल-फ्री नंबर जारी

नेपाल पर्यटन बोर्ड ने भी मदद के लिए टोल-फ्री आपातकालीन नंबर 1234, हॉटलाइन 1144 और पर्यटक पुलिस का नंबर 9851289445 जारी किया है। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने भी हेल्पलाइन नंबर 0086 185 1428 4905 जारी किया है, जिस पर व्हाट्सऐप के जरिए भी संपर्क किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश और केरलम समेत कई अन्य भारतीय राज्यों ने भी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं क्योंकि उन्हें आशंका है कि नेपाल में फंसे लोगों में उनके राज्य के निवासी भी हो सकते हैं।

19 पुल बह गए

‘काठमांडू पोस्ट’ के अनुसार, भोटे कोशी नदी में आई बाढ़ से नुवाकोट के बेत्रावती को रसुवा के रसुवागढ़ी सीमा चौकी से जोड़ने वाली 42 किलोमीटर लंबी सड़क बह गई। सरकार ने बाद में बताया कि बुधवार को अचानक आई बाढ़ में 19 पुल बह गए। हालात का जायजा लेने के लिए नेपाल के प्रधानमंत्री शाह की अध्यक्षता में हुई एक आपात बैठक के बाद प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्य के लिए नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को तैनात किया गया।

खोज और बचाव अभियान जारी

सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, शाह ने जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना और उनके परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई। साथ ही इन दुखद घटनाओं में घायल हुए लोगों के जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित लोगों को हर जरूरी मदद देने का निर्देश दिया। नेपाल सेना ने अचानक आई बाढ़ के बाद खोज और बचाव अभियान चलाने के लिए 12 हेलीकॉप्टर तैनात किए।

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नेपाल सेना के एक बयान के अनुसार, रसुवा जिले के स्याफ्रुबेसी से छह, मैलुंग से दो और धुंचे से चार लोगों को बचाया गया। बयान में कहा गया कि आपात चिकित्सा बचाव दल से लैस सेना का एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर भी त्रिशूली के जिला अस्पताल की ओर भेजा गया है। प्रधानमंत्री शाह ने बाढ़ प्रभावित देश में बचाव एवं राहत कार्यों के लिए हरसंभव मानवीय सहायता की पेशकश करने और एकजुटता व्यक्त करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का देर शाम आभार व्यक्त किया।

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नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने  भारी तबाही मचाई। आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर तिब्बत के ग्यिरोंग में आई भयावह फ्लैश फ्लड को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने अपने ग्रुप को लेकर जानकारी दी। एक्स पर ट्‍वीट कर बताया गया कि उनके कैलाश यात्रा समूहों में से एक समूह बाढ़ की चपेट में आ गया।

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सद्गुरु ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब समूह के सदस्य वापस लौट रहे थे और इमिग्रेशन कार्यालय में मौजूद थे। उनके मुताबिक, बाढ़ के दौरान इमिग्रेशन कार्यालय की इमारत और आसपास का काफी हिस्सा पानी में डूब गया।

उन्होंने कहा कि इमिग्रेशन कार्यालय में मौजूद लोगों के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिल पाई है। उनकी टीम अधिकारियों के साथ मिलकर प्रभावित इलाके तक पहुंचने की कोशिश कर रही है और जोखिम के बावजूद राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग के लिए तैयार है।

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सद्गुरु ने बताया कि उनके Sojourn में शामिल 21 समूहों में से 495 लोग सुरक्षित वापस लौट चुके हैं। वहीं, 743 लोग इस समय तिब्बत में, 148 लोग नेपाल में और 77 लोग इमिग्रेशन सेंटर पर थे। इसके अलावा नेपाल के तिमुरे में उनके 3 स्वयंसेवक मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि उनकी टीम अधिकारियों के संपर्क में है और प्रभावित स्थान तक पहुंचने तथा बचाव अभियान में सहयोग करने के लिए तैयार है।

भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

भारतीय नागरिकों की मदद और जानकारी के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने आपातकालीन नंबर जारी किए हैं। प्रभावित लोग +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं। नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने भी मदद के लिए टोल-फ्री नंबर 1234, हॉटलाइन 1144 और टूरिस्ट पुलिस नंबर 9851289445 जारी किया है।

Mercedes-Benz reveals long-wheelbase GLE L in China

Mercedes-Benz reveals long-wheelbase GLE L in China
Mercedes-Benz reveals long-wheelbase GLE L in China

Mercedes-Benz has revealed the long-wheelbase version of the GLE SUV, called the GLE L, at the 2026 Chengdu Auto Show in China. Currently built in China, the Mercedes-Benz GLE L has a 120mm longer wheelbase than the standard-wheelbase model and is offered with two turbo-petrol engine options. 

  1. Engine options include 2.0L 4-cyl turbo-petrol and 3.0L 6-cyl turbo-petrol mills
  2. Gets a boss mode feature that tilts the front passenger seat by 10.91 degrees
  3. Also features new rear seat entertainment screens and a China-specific AI assistant

Mercedes-Benz GLE L: All you need to know

Gets a new boss mode and rear entertainment screens 

What’s new is a boss mode feature, which tilts the front passenger seat by 10.91 degrees for enhanced rear-seat comfort. Mercedes states that this feature is derived from the more opulent Maybach GLS. The GLE L also gets new rear seat entertainment screens and an indigenous AI assistant.

Offers two turbo-petrol engines, which are the same as the standard-wheelbase model

Mercedes-Benz will offer the GLE L in two trim levels: 350 L 4Matic and 450 L 4Matic, with the same turbo-petrol engine options as the standard-wheelbase model. The ‘350’ has a 2.0-litre four-cylinder turbo-petrol engine producing 258hp and 400Nm, while the ‘450’ has a 3.0-litre inline-six turbo-petrol engine that produces 381hp and 560Nm. Both the engines are available with a 45V mild-hybrid assist and are mated to a 9-speed automatic transmission that sends power to all four wheels (AWD). 

Notably, the standard-wheelbase GLE is also offered in a ‘580’ version with a 537hp, 4-litre twin-turbo V8, a plug-in-hybrid ‘450e’, and two diesel versions: 350d and 450d. 

Everything else is similar to the standard-wheelbase model

Save for the additional wheelbase and redesigned alloy wheels, there is no difference in how the Mercedes-Benz GLE LWB looks compared to the standard-wheelbase model. It continues with a gloss-black grille with a chrome surround and a plethora of tristar elements, and the same dual-barrel headlights with tristar-shaped LED DRLs. The rear design is also identical, with wraparound taillights sporting triangular LED elements, joined by a black trim and dual exhaust tips.

The interior design of the China-spec GLE L is identical to the standard-wheelbase SUV. It features three 12.3-inch screens on the dashboard, one each for the instrumentation, infotainment and front passenger entertainment, and a 3-spoke steering wheel with touch-enabled buttons and physical rocker and roller toggles.

There is no word from Mercedes-Benz about the long-wheelbase GLE’s India launch. The manufacturer offers the E-Class and the V-Class in their respective long-wheelbase avatars in the country. Moreover, there is a growing interest in long-wheelbase cars in the luxury segment, which could make the GLE L an interesting proposition in India. Interestingly, the GLE’s prime rival, the BMW X5, is slated to launch in India in 2027 in a long-wheelbase avatar. 

India China Relations : भारत-चीन संबंधों में आई नई गर्माहट, अजीत डोभाल का बड़ा बयान, बोले- मोदी-शी जिनपिंग ने दी स्पष्ट दिशा

India China Relations : भारत-चीन संबंधों में आई नई गर्माहट, अजीत डोभाल का बड़ा बयान, बोले- मोदी-शी जिनपिंग ने दी स्पष्ट दिशा

भारत और चीन के रिश्तों को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दोनों देशों के संबंधों को “स्पष्ट और सकारात्मक दिशा” दी है। डोभाल के मुताबिक, भारत-चीन संबंध लगातार सामान्य स्थिति की ओर लौट रहे हैं। डोभाल मंगलवार को बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री और पोलित ब्यूरो के सदस्य वांग यी के साथ व्यापक बातचीत कर रहे थे। दोनों देशों के बीच सीमा विवाद से जुड़े मुद्दों पर विशेष प्रतिनिधियों की 25वें दौर की वार्ता हुई।

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90 मिनट से ज्यादा चली छोटी समूह की बैठक

 

बैठक के दौरान डोभाल और वांग यी ने कई घंटे एक-दूसरे के साथ बातचीत की। पहले दोनों पक्षों के बीच छोटे समूह में चर्चा हुई, जिसे दोनों देशों ने विस्तृत बातचीत बताया। यह बैठक 90 मिनट से अधिक समय तक चली। इसके बाद दोनों पक्षों के प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। बैठक में भारत-चीन सीमा से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।

 

चीन के उपराष्ट्रपति से भी मिले डोभाल

 

विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता से पहले मंगलवार को अजीत डोभाल ने चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों और आपसी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

ajit doval

सामान्य स्थिति की ओर लौट रहे भारत-चीन संबंध

 

डोभाल का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा तनाव के बाद द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने की कोशिशें जारी हैं। भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच सीमा मुद्दे पर बातचीत का यह 25वां दौर है। डोभाल ने कहा कि दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व ने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए स्पष्ट और सकारात्मक दिशा तय की है। उन्होंने संकेत दिया कि भारत-चीन संबंध धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं।

पाकिस्तान को चीन और तुर्की के हथियारों की सप्लाई? 60 घंटे की रहस्यमयी ‘सैन्य एयरलिफ्ट’ से मची हलचल

पाकिस्तान को चीन और तुर्की के हथियारों की सप्लाई? 60 घंटे की रहस्यमयी 'सैन्य एयरलिफ्ट' से मची हलचल

South Asia strategic defense

South Asia strategic defense: 18 से 20 अगस्त के बीच पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में देखी गई अभूतपूर्व सैन्य गतिविधियों ने दक्षिण एशियाई सामरिक संतुलन पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। खुले स्रोतों (OSINT) और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट के अनुसार, चीन (Xi'an Y-20) और तुर्की (Airbus A400M) के भारी सैन्य परिवहन विमानों ने करीब 60 घंटे तक पाकिस्तान के प्रमुख एयरबेसों पर दर्जनों उड़ानें भरीं और उतरते देखे गए।

 

यह कोई साधारण उड़ानों का अभ्यास नहीं था। रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस (GHQ के पास) और कराची के मस्रूर एयरबेस पर इन विमानों की आपात लैंडिंग ने पूरी दुनिया की खुफिया एजेंसियों का ध्यान खींचा है। ALSO READ: क्या भारत को घेरने की तैयारी है? पाकिस्तान-तुर्की के ‘मक्का पैक्ट’ से बांग्लादेश का जुड़ना भारत के लिए कितना बड़ा खतरा?

पाकिस्तान की ज़मीन पर क्या उतार रहे हैं चीन और तुर्की?

सैन्य विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह भारी एयरलिफ्ट सिर्फ नियमित लॉजिस्टिक्स (Routine Logistics) का हिस्सा नहीं हो सकती। इस असामान्य हलचल के पीछे निम्नलिखित सैन्य आपूर्ति की संभावना जताई जा रही है। विश्लेषकों और रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस उच्च-स्तरीय लॉजिस्टिक ऑपरेशन में निम्नलिखित महत्वपूर्ण सैन्य सामग्रियों की डिलीवरी शामिल हो सकती है: 

  • सटीक मारक हथियार और उन्नत ड्रोन (UCAVs) : तुर्की के Bayraktar Akinci/TB2 और चीन के Wing Loong III ड्रोनों की नई खेप या उनके महत्वपूर्ण स्पेयर पार्ट्स। 
  • इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW) व राडार सिस्टम : पाकिस्तान वायु सेना (PAF) के लड़ाकू विमानों और ग्राउंड-बेस्ड राडार के लिए एडवांस्ड स्टैंड-ऑफ जैमर्स (SOJ) व सिग्नल्स इंटेलिजेंस उपकरण।
  • एयर-डिफेंस और मिसाइल स्पेयर-पार्ट्स : चीन से प्राप्त HQ-16 और HQ-9P मिसाइल रक्षा प्रणालियों के कलपुर्जे या त्वरित रिप्लेसमेंट हार्डवेयर। 
  • 'KAAN' 5th Gen फाइटर जेट कंपोनेंट्स : तुर्की के 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान प्रोजेक्ट 'KAAN' में पाकिस्तान की साझेदारी के तहत तकनीकी हस्तांतरण।
  • इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW) और राडार उपकरण : पाकिस्तान वायु सेना (PAF) के स्टैंड-ऑफ जैमर्स (SOJ) और अर्ली वार्निंग एयरक्राफ्ट (AEW&C) के लिए आधुनिक जैमिंग उपकरण। 
  • सटीक मारक हथियार और स्पेयर पार्ट्स : जेएफ-17 ब्लॉक 3 (JF-17 Block 3) और जे-10सीई (J-10CE) फाइटर जेट्स के स्पेयर पार्ट्स व गाइडेड म्यूनिशन्स। ALSO READ: पाकिस्तान ने धोखे से हड़पा था बलूचिस्तान, क्यों कभी पाक सेना के आगे नहीं झुके धुरंधर बलोच? जानिए बलोच संघर्ष की पूरी कहानी

भारत के लिए क्या हैं इसके मायने?

भारतीय रक्षा एजेंसियों के लिए यह त्रिगुट (China-Pakistan-Türkiye Axis) कोई नई बात नहीं है, लेकिन इसका समय और तीव्रता चिंता का विषय है:

  • त्वरित क्षमता निर्माण (Rapid Capability Replenishment) : किसी संभावित आपात स्थिति के लिए पाकिस्तान की सैन्य तैयारियों को तेजी से मजबूत करना।
  • त्रिपक्षीय रक्षा गठबंधन : हाल ही में सामने आए तुर्की, पाकिस्तान और रणनीतिक सहयोगियों के बीच बढ़ते सैन्य समन्वय का यह एक व्यावहारिक प्रदर्शन हो सकता है। 
  • 'KAAN' फाइटर जेट प्रोजेक्ट : तुर्की के 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान प्रोजेक्ट में पाकिस्तान की भागीदारी के बाद तकनीकी ट्रांसफर और उपकरणों की आवाजाही। 

South Asia strategic defense

हाल ही में पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब द्वारा हस्ताक्षरित 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' के तुरंत बाद इस तरह की भारी सैन्य एयरलिफ्ट का होना संकेत देता है कि क्षेत्र में एक नया सैन्य ब्लॉक आकार ले रहा है। 

 

चीन की तकनीकी व वित्तीय ताकत, तुर्की की आधुनिक ड्रोन टेक्नोलॉजी और पाकिस्तान का भारत विरोधी एजेंडा—यह त्रिकोण दक्षिण एशिया के सामरिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है। भारत की खुफिया एजेंसियां इस 60 घंटे के रहस्यमयी एयरलिफ्ट ऑपरेशन्स के हर विवरण पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।

विश्व चैंपियनशिप में विफल हुई PV सिंधु चाईना मास्टर्स से हटी

स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु और आयुष शेट्टी आने वाले चाइना मास्टर्स सुपर 750 से हट गए हैं, जो 1 सितंबर से शुरू हो रहा है। यह टूर्नामेंट एशियन गेम्स से पहले एकमात्र बड़ा BWFवर्ल्ड टूर इवेंट होगा। आयुष का नई दिल्ली में वर्ल्ड चैंपियनशिप में यादगार प्रदर्शन रहा, जहाँ उन्होंने पहले राउंड में दुनिया के नंबर 1 शी युकी को हराया था।

इसके बाद भारतीय खिलाड़ी इंडोनेशिया के अल्वी फरहान से हारने से पहले राउंड ऑफ़ 16 में पहुँचे थे। आयुष के हटने के बाद, लक्ष्य सेन और किदांबी श्रीकांत पुरुष सिंगल्स में भारत के रिप्रेजेंटेटिव होंगे। हालाँकि, लक्ष्य को वर्ल्ड चैंपियनशिप में दूसरे राउंड में अमेरिका के वर्ल्ड नंबर 92 गैरेट टैन से हारने के बाद जल्दी बाहर होना पड़ा।

सिंधु ने वर्ल्ड चैंपियनशिप के राउंड ऑफ़ 16 में भी हिस्सा लिया था, जहाँ वह एक करीबी मुकाबले में चीन की वर्ल्ड नंबर 3 वांग ज़ी यी से हार गईं। ऐसा लग रहा था कि भारतीय खिलाड़ी इस मुश्किल मैच का असर महसूस कर रही हैं, जिसकी वजह से उन्होंने चाइना मास्टर्स से हटने का फैसला किया होगा। मालविका बंसोड़ और आकर्षि कश्यप भी हट गई हैं, जिससे महिला सिंगल्स में उन्नति हुड्डा, देविका सिहाग और तन्वी शर्मा भारत की चुनौती संभालेंगी।

पुरुषों युगल में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी, हरिहरन अमासुकरन और अर्जुन एमआर के साथ भारतीय टीम की कमान संभालेंगे। सात्विक और चिराग वर्ल्ड चैंपियनशिप में चोट के कारण बाहर रहने के बाद लौटे थे, लेकिन राउंड ऑफ़ 16 में चीन के लियांग वेइकेंग और वांग चांग से हार गए थे। भारत की महिला डबल्स ड्रॉ में कोई जोड़ी नहीं होगी, क्योंकि ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपने ऐतिहासिक ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने के बाद बाहर होने का फैसला किया है।

2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा के ब्रॉन्ज़ मेडल के बाद, भारतीय जोड़ी वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाली देश की दूसरी महिला डबल्स जोड़ी बन गई। मिक्स्ड डबल्स में, ध्रुव कपिला और तनिषा क्रैस्टो, रोहन कपूर और रुत्विका शिवानी के साथ, भारत को रिप्रेजेंट करेंगे। भारत ने 2011 से हर वर्ल्ड चैंपियनशिप में कम से कम एक मेडल जीतने का अपना शानदार सिलसिला जारी रखा, 2026 एडिशन रविवार को नई दिल्ली में खत्म होगा।

JLR MD Rawdon Glover on Jaguar’s repositioning and working with Tata Motors

JLR MD Rawdon Glover on Jaguar's repositioning and working with Tata Motors
Rawdon Glover MD, JLR

Rawdon Glover has worked with the JLR group for over thirteen years and took charge as Managing Director three years ago. From the sidelines of our first drive with the Jaguar Type 01, we speak to Glover, who tells us about Jaguar’s new direction, taking risky decisions, core markets and upcoming products. 

Why the major shift in the positioning of Jaguar?

Putting Jaguar back on a firm footing for the next 90 years is the main job. And if you look at the task, it’s brand management where sometimes you need small incremental changes. But if you look at today’s technical changes, competitive context, how the brand was performing globally and a host of factors, what was called for was a big shift. That requires you to be bold and confident.

Why go for a radical and polarising design?

We’re ok with polarising. If you look at our history, it was bold evolutions, for example the XJS, the spiritual successor to the E-Type. It would have been easy to say let’s just make a modern example of the E-Type, but that’s not what we did, and if you look back at reviews, it was applauded for its dynamics and refinement, but the design was seen as polarising. Now it’s a design icon. So, I’d rather have four out of ten absolutely love the car, rather than have everyone go – yeah, it’s ok.

Isn’t going all-electric a massively risky move?

The EV landscape is evolving rapidly, many new brands are coming in, and I believe one will crack the EV glass ceiling, so why not Jaguar? So we ripped up the EV rulebook because, in the luxury space, it wasn’t working. So it’s not designed as an EV without an engine and a really cab-forward layout. But it’s about presence and performance, and to deliver the level of performance and refinement, electric is best.

Would the car sit above the XJ in terms of price?
All of the vehicles coming off this platform would be between GBP 1,20,000 and GBP 1,50,000. We see a white space at the top end of the premium segment, but underneath established luxury players. That’s where we want to be, and with this vehicle what you get is the stature, the presence, the drama of those uber-luxury brands at the top end of the premium price point.

What are the core markets, and how does India figure in the plan?

We used to sell in 130 markets, but we’ll narrow this to just eight or nine, with 85 percent of the volume. North America will remain a large part, China will become important, and the UK, Germany and some Nordics, where they have really embraced EVs, will be the mainstay. Then in markets like the Middle East and India, which have been small, we think we can really break into them now. The retail would, of course, still be through the existing JLR network.

FTAs do not favour EVs, so is the 01 capable of being locally assembled?

Manufacturing this outside of the UK is not currently in the plan. All production will be built out of Solihull, so all exports to other markets will be CBUs, but that doesn’t rule out local production outside UK. As you know, the geopolitical situation is so fluid at the moment, but in time we could consider production elsewhere.

Is there a more chauffeur-driven offering from Jaguar coming?

The 01 is unashamedly driver-focussed, it has four comfortable seats, but it’s a four-door GT, not a four-door sedan designed as a luxury chauffeur-driven car. There will be other vehicles off this platform that will share the same design language, but will have a distinct personality and target different groups, and they would be accessible to a wider audience. So, yes absolutely, there will be a chauffeur-driven-focused model from Jaguar.

Would an SUV body style be part of the portfolio?

What you shouldn’t expect from us is a high-sided Jaguar that is a Range Rover competitor. We already have the best SUV on the planet, and part of the house of brand’s strategy is to differentiate the brands. All I can say, for now, is that you can expect a variety of vehicles from us, and there will be vehicles slightly higher positioned, but all will drive like a Jaguar.

How has it been working with Tata Motors?

Unwavering is the word. There is nobody more dedicated and passionate about our success than the shareholders, and that’s an incredibly privileged position to be in. It puts a little pressure, but having somebody like PB Balaji come onto our board is great. He’s been on the journey with us, he understands it inside and out, and for him, Jaguar is personal. It’s important to our chairman and even was to Ratan Tata. I was reading stories about Ratan Tata driving about in his father’s XK120, so it’s really important to Tata that Jaguar wins. In all my interactions with the board, there is never talk of tempering ambitions, it’s always, just go for it.

India-China Border Issues: भारत-चीन के रिश्ते में नया मोड़! NSA अजीत डोभाल 24 अगस्त को जाएंगे बीजिंग, सीमा विवाद पर करेंगे चर्चा

India-China Border Issues: भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को लेकर एक बार फिर उच्चस्तरीय बातचीत होने जा रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल सोमवार (24 अगस्त) को बीजिंग पहुंचेंगे। इस दौरान सीमा विवाद पर भारत-चीन के विशेष प्रतिनिधियों की बातचीत में चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ हिस्सा लेंगे। सरकारी सूत्रों के अनुसार, डोभाल और वांग मंगलवार 25 अगस्त को विशेष प्रतिनिधि वार्ता के 25वें दौर में शामिल होंगे।

डोभाल और वांग दोनों ही सीमा वार्ता प्रक्रिया के लिए तय विशेष प्रतिनिधि हैं। यह प्रक्रिया 2003 में 3,488 किलोमीटर लंबी भारत-चीन सीमा के जटिल मुद्दे को पूरी तरह से सुलझाने के लिए शुरू की गई थी। हालांकि, सीमा विवाद को सुलझाने में इसे सफलता नहीं मिली। लेकिन दोनों तरफ के अधिकारी इस व्यवस्थित प्रक्रिया को अलग-अलग मोर्चों पर दोनों देशों के बीच बार-बार होने वाले तनाव को दूर करने के लिए एक उपयोगी साधन मानते हैं।

जानकारों का कहना है कि यह बातचीत इसलिए भी अहम है क्योंकि यह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा से ठीक पहले हो रही है। वह 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने आ रहे हैं।

शी जिनपिंग आ सकते हैं भारत

शी जिनपिंग की यात्रा के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन दोनों तरफ के अधिकारी चीनी नेता के शामिल होने को लेकर उम्मीद लगाए हुए हैं। शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बैठक भी हो सकती है। इसमें द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की पहलों पर चर्चा हो सकती है। दोनों नेता पिछले साल अगस्त में तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के दौरान मिले थे।

सीमा विवाद पर विदेश मंत्री जयशकंर ने क्या कहा?

बीजिंग में डोभाल-वांग की बातचीत से पहले, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार 22 अगस्त को फिर कहा कि चीन के साथ अच्छे संबंधों के लिए सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता जरूरी है। उनकी यह टिप्पणी हाल के हफ्तों में अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी इलाके में चीनी सैनिकों के आक्रामक रवैये की खबरों के बीच आई है।

जयशंकर ने शनिवार को नई दिल्ली में ‘इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम’ में कहा, “मुझे लगता है कि हमने 2020 की गर्मियों और 2024 की शरद ऋतु के बीच एक बहुत मुश्किल दौर देखा, और यह मुख्य रूप से सीमावर्ती इलाकों की स्थिति का नतीजा था।” उन्होंने कहा, “आखिरकार, सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता अच्छे संबंधों के लिए जरूरी है। सीमा की स्थिति ही काफी हद तक संबंधों की स्थिति तय करेगी।”

अरुणाचल प्रदेश पर चीन का बयान

अरुणाचल प्रदेश सीमा के पास चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों की खबरों पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने 12 अगस्त को कहा कि चीन-भारत सीमा की स्थिति फिलहाल आम तौर पर स्थिर है। गुओ ने कहा कि चीन और भारत ने चीन-भारत सीमा मामलों पर बातचीत और तालमेल के लिए कार्य प्रणाली की 36वीं बैठक की। उन्होंने कहा, “दोनों पक्ष कूटनीतिक और सैन्य चैनलों के जरिए बातचीत बनाए रखने और सीमावर्ती इलाकों में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए सहमत हुए।”

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 11 अगस्त को कहा कि भारत चीन के साथ सीमावर्ती इलाकों से जुड़े मामलों को बहुत गंभीर मानता है। उन्होंने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर शांति और स्थिरता बनाए रखना सबसे जरूरी है, क्योंकि सीमा की स्थिति ही दोनों देशों के रिश्तों की दिशा तय करेगी।

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इससे पहले, नई दिल्ली ने अरुणाचल प्रदेश में 27 जगहों और भौगोलिक विशेषताओं को उनके मानक नामों से औपचारिक रूप से पहचानने के अपने फैसले पर बीजिंग की आलोचना को भी खारिज कर दिया था। भारत ने इस बात पर जोर दिया कि यह राज्य भारत का अटूट और अभिन्न हिस्सा है तथा कोई भी चीज इस निर्विवाद वास्तविकता को बदल नहीं सकती।

JLR MD Rawdon Glover on Jaguar’s repositioning and working with Tata Motors

JLR MD Rawdon Glover on Jaguar's repositioning and working with Tata Motors
Raqdon Glover JLR MD

Rawdon Glover has worked with the JLR group for over 13 years and took charge as Managing Director 3 years ago. From the sidelines of our first drive with the Jaguar Type 01, we speak to Glover, who tells us about Jaguar’s new direction, taking risky decisions, core markets and upcoming products. 

Why the major shift in the positioning of Jaguar?

Putting Jaguar back on a firm footing for the next 90 years is the main job. And if you look at the task, it’s brand management where sometimes you need small incremental changes. But if you look at today’s technical changes, competitive context, how the brand was performing globally and a host of factors, what was called for was a big shift. That requires you to be bold and confident.

Why go for a radical and polarising design?

We’re ok with polarising. If you look at our history, it was bold evolutions, for example the XJS, the spiritual successor to the E-Type. It would have been easy to say let’s just make a modern example of the E-Type, but that’s not what we did, and if you look back at reviews, it was applauded for its dynamics and refinement, but the design was seen as polarising. Now it’s a design icon. So, I’d rather have four out of ten absolutely love the car, rather than have everyone go – yeah, it’s ok.

Isn’t going all-electric a massively risky move?

The EV landscape is evolving rapidly, many new brands are coming in, and I believe one will crack the EV glass ceiling, so why not Jaguar? So we ripped up the EV rulebook because, in the luxury space, it wasn’t working. So it’s not designed as an EV without an engine and a really cab-forward layout. But it’s about presence and performance, and to deliver the level of performance and refinement, electric is best.

Would the car sit above the XJ in terms of price?
All of the vehicles coming off this platform would be between GBP 1,20,000 and GBP 1,50,000. We see a white space at the top end of the premium segment, but underneath established luxury players. That’s where we want to be, and with this vehicle what you get is the stature, the presence, the drama of those uber-luxury brands at the top end of the premium price point.

What are the core markets, and how does India figure in the plan?

We used to sell in 130 markets, but we’ll narrow this to just eight or nine, with 85 percent of the volume. North America will remain a large part, China will become important, and the UK, Germany and some Nordics, where they have really embraced EVs, will be the mainstay. Then in markets like the Middle East and India, which have been small, we think we can really break into them now. The retail would, of course, still be through the existing JLR network.

FTAs do not favour EVs, so is the 01 capable of being locally assembled?

Manufacturing this outside of the UK is not currently in the plan. All production will be built out of Solihull, so all exports to other markets will be CBUs, but that doesn’t rule out local production outside UK. As you know, the geopolitical situation is so fluid at the moment, but in time we could consider production elsewhere.

Is there a more chauffeur-driven offering from Jaguar coming?

The 01 is unashamedly driver-focussed, it has four comfortable seats, but it’s a four-door GT, not a four-door sedan designed as a luxury chauffeur-driven car. There will be other vehicles off this platform that will share the same design language, but will have a distinct personality and target different groups, and they would be accessible to a wider audience. So, yes absolutely, there will be a chauffeur-driven-focused model from Jaguar.

Would an SUV body style be part of the portfolio?

What you shouldn’t expect from us is a high-sided Jaguar that is a Range Rover competitor. We already have the best SUV on the planet, and part of the house of brand’s strategy is to differentiate the brands. All I can say, for now, is that you can expect a variety of vehicles from us, and there will be vehicles slightly higher positioned, but all will drive like a Jaguar.

How has it been working with Tata Motors?

Unwavering is the word. There is nobody more dedicated and passionate about our success than the shareholders, and that’s an incredibly privileged position to be in. It puts a little pressure, but having somebody like PB Balaji come onto our board is great. He’s been on the journey with us, he understands it inside and out, and for him, Jaguar is personal. It’s important to our chairman and even was to Ratan Tata. I was reading stories about Ratan Tata driving about in his father’s XK120, so it’s really important to Tata that Jaguar wins. In all my interactions with the board, there is never talk of tempering ambitions, it’s always, just go for it.