सरकार की इस कंपनी के शेयर में आ सकती है तूफानी तेजी, जेफरीज ने दी निवेश की सलाह

कोल इंडिया के शेयरों में 25 सितंबर को हल्की तेजी दिखी। इसकी वजह विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेफरीज की एक रिपोर्ट है। उसने कोल इंडिया के शेयर पर ‘बाय’ की रेटिंग बनाए रखी है। इससे कोल इंडिया का शेयर 0.81 फीसदी चढ़कर 425.40 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, शेयर बाजारों में भी रिकवरी देखने को मिली।

जेफरीज ने दिया 500 रुपये का टारगेट प्राइस

जेफरीज ने कोल इंडिया के शेयरों के लिए 500 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसने रिपोर्ट में इसकी वजह बताई है। उसने कहा है कि पावर प्लांट्स में कोयले का स्टॉक घटकर सिर्फ 7 दिनों के लिए रह गया है। 10 साल का यह औसत 15 दिन का है। इसकी वजह पावर की बढ़ती मांग है। FY26 में पावर डिमांड की ग्रोथ 1 फीसदी थी, जो इस साल अप्रैल से अगस्त के दौरान बढ़कर 9 फीसदी पहुंच गई।

दुनिया में कोयले की बढ़ती कीमतों का मिलेगा फायदा

ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि FY26-29 के दौरान कोल इंडिया के डिस्पैच की CAGR 5 फीसदी रह सकता है। उसने यह भी कहा है कि दुनिया में कोयले की ऊंची कीमतों से कोल इंडिया के ई-ऑक्शन प्राइसेज को सपोर्ट मिलेगा। यह 2027-2029 के बीच 3,000 से 3,200 रुपये के बीच रह सकता है। हालांकि, ब्रोकरेज फर्म ने यह भी कहा है कि कोल इंडिया की अर्निंग्र प्रति शेयर (EPS) 2024-2026 के दौरान 12 फीसदी तक घटी है। लेकिन, 2026-2029 के बीच इसमें 6 CAGR का इम्प्रूवमेंट दिख सकता है।

कोल इंडिया की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव

ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि कोल इंडिया की वैल्यएशन अट्रैक्टिव है। इसमें एक साल के फॉरवर्ड एडजस्टेड प्राइस-टू-अर्निंग्स के 9 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। इसकी डिविडेंड यील्ड 7 फीसदी है। कंपनी जुलाई में पहली तिमाही के नतीजों का ऐलान किया था। इसका नेट प्रॉफिट इस दौरान साल दर साल आधार पर 0.63 फीसदी बढ़कर 8,852 रुपये पर पहुंच गया।

जून तिमाही में मिलाजुला प्रदर्शन

जून तिमाही में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ साल दर साल आधार पर 7.8 फीसदी रही। हालांकि, EBITDA 4.1 फीसदी घटा। कंपनी ने FY27 के लिए प्रति शेयर 5.5 रुपये के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। कोल इंडिया के शेयर को कवर करने वाले कुल 26 एनालिस्ट्स में से 16 की इस शेयर पर बाय यानी खरीदने की रेटिंग है। पांच ने इसे होल्ड करने और इतने ही एनालिस्ट्स ने इसे बेचने की सलाह दी है।

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कमजोर बाजार में अच्छा प्रदर्शन

बीते एक साल में कोल इंडिया का शेयर 9.32 फीसदी चढ़ा है। इस दौरान सेंसेक्स 8.12 फीसदी गिरा है, जबकि निफ्टी में 6.14 फीसदी की गिरावट आई है। इसका मतलब है कि कमजोर बाजार में भी कोल इंडिया के शेयरों ने निवेशकों को पॉजिटिव रिटर्न दिया है। यह सरकार की कंपनी है, जिसका कोयले के उत्पादन में दबदबा है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

शराब बनाने वाली इस कंपनी के शेयरों को लग सकते हैं पंख, ब्रोकरेज फर्म ने दी खरीदने की सलाह

रेडिको खेतान के शेयरों में 25 सितंबर को तेजी दिखी। इसकी वजह ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल की रिपोर्ट है। ब्रोकरेज फर्म ने रेडिको खेतान के शेयरों पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग बनाए रखी है। इससे शुक्रवार को शेयरों में तेजी दिखी। यह शेयर 1.20 फीसदी चढ़कर 4,535 रुपये पर बंद हुआ।

कंपनी की ग्रोथ प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से ज्यादा रह सकती है

जेएम फाइनेंशियल ने अपनी रिपोर्ट में रेडिको खेतान के शेयरों में 16 फीसदी तक तेजी की उम्मीद जताई है। उसने कहा है कि कंपनी के लिए FY27 की शुरुआत अच्छी रही है। प्रीमियम और इससे ऊपर के सेगमेंट में कंपनी की ग्रोथ प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से ज्यादा रह सकती है। ब्रोकरेज फर्म ने FY26 से FY29 के बीच कंपनी के वोदका बिजनेस की वॉल्यूम ग्रोथ 20 फीसदी से ज्यादा CAGR रहने की उम्मीद जताई है।

इन प्रोडक्ट्स की अच्छी बिक्री से ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि व्हाइट स्पिरिट्स का इस्तेमाल बढ़ रहा है। साथ ही इनोवेशन और फ्लेवर-आधारित लॉन्चेज से ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे महत्वपूर्ण बाजारों में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है, जिससे कुल ग्रोथ को मजबूती मिलेगी। 8पीएम प्रीमियम ब्लैक की सेल्स में रिकवरी है। आफ्टर डार्क की सेल्स अच्छी बनी हुई है। कंपनी के लग्जरी पोर्टफोलियो की डिमांड भी बढ़ी है।

कॉस्ट में इजाफा का कंपनी पर नहीं पड़ेगा ज्यादा असर

जेएम फाइनेंशियल को उम्मीद है कि नए पैकेजिंग में लॉन्च होने के बाद 8PM Premium Black की ग्रोथ 20-25 फीसदी रह सकती है। After Dark को तेलंगाना में एंट्री का फायदा मिलेगा। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ENA) और पैकेजिंग पर आने वाला खर्च बढ़ा है। लेकिन, कंपनी बेहतर प्रोडक्ट मिक्स से बढ़े खर्च को संभाल सकती है।

जेएम फाइनेंशियल ने शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाया

जेएम फाइनेंशियल ने इन वजहों से रेडिको खेतान के शेयरों के टारगेट प्राइस को 4,955 रुपये से बढ़ाकर 5,190 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि कंपनी के लग्जरी पोर्टफोलियो वॉल्यूम ग्रोथ 25 फीसदी से ज्यादा रह सकती है। इसमें इनोवेशन और डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क के विस्तार का हाथ होगा। कंपनी को रॉयल रणथम्बोर, रामपुर सिंगल माल्ट और जैसलमेर जिन का सपोर्ट मिलेगा।

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कमजोर बाजार में भी शेयरों का प्रदर्शन शानदार 

रेडिको खेतान का शेयर उन शेयरों में शामिल है, जिनका कमजोर बाजार में भी शानदार प्रदर्शन रहा है। यह शेयर बीते छह महीनों में 65 फीसदी चढ़ा है। इस दौरान निफ्टी में 0.71 फीसदी गिरावट आई है। सेंसेक्स इस दौरान 1.83 फीसदी कमजोर हुआ है। इससे रेडिको खेतान के शेयरों के स्ट्रेंथ के बारे में पता चलता है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Indegene Share Price: ब्रोकरेज के रेटिंग अपग्रेड से झूमा शेयर, पहुंचा 52-हफ्ते के हाई पर, जानें क्या है टारगेट

Share Price: शुक्रवार, 25 सितंबर को BSE पर इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान Indegene के शेयर की कीमत में लगभग 5% की बढ़त हुई। अपने 52-हफ़्ते के उच्चतम स्तर ₹621.90 पर पहुंच गई। शेयर बाज़ार का माहौल कमज़ोर होने के बावजूद, हाल के समय में इस स्टॉक में अच्छी बढ़त देखी गई है। शेयर में यह तेजी ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल द्वारा स्टॉक की रेटिंग अपग्रेड करने के बाद आई है।

बता दें कि साल की शुरुआत से अब तक इस स्टॉक में 17% की बढ़त हुई है, जबकि छह महीने की छोटी अवधि में इसमें 32% का उछाल आया है।

ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने इसके स्टॉक को ‘न्यूट्रल’ से अपग्रेड करके ‘बाय’ कर दिया और प्रति शेयर ₹708 का प्राइस टारगेट तय किया। Motilal Oswal का कहना है कि Indegene आउटसोर्स की गई सेवाओं की बढ़ती मांग का फ़ायदा उठाने और लाइफ साइंसेज़ क्लाइंट्स के साथ अपनी रणनीतिक भूमिका को मज़बूत करने की अच्छी स्थिति में है।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि ड्रग पाइपलाइन का विस्तार, क्लिनिकल ट्रायल की बढ़ती गतिविधियां और नई बीमारियों के क्षेत्रों का उभरना लाइफ़ साइंसेज़ कंपनियों के लिए जटिलताएँ बढ़ाएगा। साथ ही, रेगुलेटरी और किफ़ायती होने के दबाव के कारण बजट और समय-सीमा पर दबाव बढ़ रहा है, जिससे फ़ार्मास्युटिकल कंपनियाँ नॉन-कोर कामों को आउटसोर्स करने और अपने अंदरूनी संसाधनों को कोर रिसर्च और डेवलपमेंट पर केंद्रित करने के लिए प्रेरित हो रही हैं।

इस माहौल में, Motilal Oswal का मानना ​​है कि Indegene जैसी इंटीग्रेटेड कंपनियाँ – जिनके पास क्लिनिकल, रेगुलेटरी, मेडिकल और कमर्शियल ऑपरेशन की क्षमताएँ हैं – आउटसोर्सिंग के बढ़ते मौकों का फ़ायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में हैं।

ऑपरेशन के लिहाज़ से, Indegene टॉप क्वार्टाइल में बनी हुई है। इसे IT सर्विस सेक्टर की दूसरी कंपनियों की तुलना में प्रति कर्मचारी ज़्यादा रेवेन्यू और हेल्थकेयर बिज़नेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग सेक्टर की कंपनियों की तुलना में लगभग तीन गुना ज़्यादा रेवेन्यू का सहारा मिल रहा है।

Motilal Oswal का अनुमान है कि FY26 से FY28 के दौरान INR के हिसाब से रेवेन्यू, EBIT और PAT में क्रमशः लगभग 19%, 29% और 27% की CAGR से बढ़ोतरी होगी।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि ऑपरेटिंग लेवरेज के सहारे Q4 FY27 तक EBITDA मार्जिन सुधरकर 19% से 20% के स्तर पर आ जाएगा।

ESDS Software Share Price: Q1 नतीजों के बाद शेयर में लगा लोअर सर्किट फिर भी IPO प्राइस से 310% है ऊपर, क्या करेंगे आप निवेश!

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Kheria Autocomp IPO Listing: 3% का लिस्टिंग गेन, कंपनी बनाती है टाटा वेंडर पार्क में ऑटो पार्ट्स

Kheria Autocomp IPO Listing: तेल से चलने वाली और इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए प्लास्टिक पार्ट्स बनाने वाली खेरिया ऑटोकॉम्प शेयरों की आज NSE SME पर प्रीमियम एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल करीब ढाई गुना बोली मिली थी। इसके आईपीओ के तहत ₹101 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹104.90 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 3.86% का लिस्टिंग गेन (Kheria Autocomp Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में हल्की फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹104.50 (Kheria Autocomp Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 3.47% मुनाफे में हैं।

Kheria Autocomp IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

खेरिया ऑटोकॉम्प का ₹46 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 17-21 सितंबर तक खुला था। यह आईपीओ ओवरऑल 2.48 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.05 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 2.97 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 3.08 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 45,98,400 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹39.96 करोड़ नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाने, ₹1.43 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹5.06 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Kheria Autocomp के बारे में

खेरिया ऑटोकॉम्प गाड़ियों के पार्ट्स बनाती है। यह प्लास्टिक इंजेक्शन मोल्डिंग तकनीक के जरिए प्लास्टिक को ऑटोमोबाइल पार्ट्स बनाती है। हालांकि यह सीधे पैसेंजर गाड़ियां बनाने वाली कंपनियों को माल नहीं बेचती है यानी कि यह टियर-2 सप्लायर है। इसके प्रोडक्ट्स की बात करें तो यह केबिन ट्रिम, कार के बाहर इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के पार्ट्स, बोनट के नीचे इंजन कंपार्टमेंट में लगने वाले कंपोनेंट्स, एसी और वेंटिलेशन सिस्टम के लिए प्लास्टिक डक्ट्स बनाती है तो अलग-अलग कंपोनेंट्स जोड़कर एक एसेंबली बनाती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी गुजरात में टाटा वेंडर पार्क में है। इस फैसिलिटी में 30 इंजेक्शन मोल्डिंग मशीन हैं, जिसकी क्षमता 120-1700 टन है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 86% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹11.42 करोड़ और टोटल इनकम करीब 39% के सीएजीआर से ₹120.30 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹35.03 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹28.27 करोड़ पड़े थे।

NSE IPO Listing: ₹1800 पर लिस्ट एनएसई का ₹1785 का शेयर, 1% से कम लिस्टिंग गेन

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE IPO Listing: ₹1800 पर लिस्ट एनएसई का ₹1140 का शेयर, 1% से कम लिस्टिंग गेन

NSE IPO Listing: देश के सबसे बड़े एक्सचेंज एनएसई के शेयरों की आज BSE पर 1% से कम प्रीमियम पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 5 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹1140 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹1800.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को महज 0.84% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹1827.95 (NSE Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 2.41% मुनाफे में हैं। एंप्लॉयीज अधिक फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹108 के डिस्काउंट पर मिला है।

कैसा रिस्पांस मिला था NSE IPO को

एनएसई का ₹22,562 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 17-21 सितंबर तक खुला था। यह आईपीओ ओवरऑल 5.71 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 12.68 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 6.55 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.39 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 2.40 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है बल्कि ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत ₹1 की फेस वैल्यू वाले 12,64,36,650 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। चूंकि कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है तो कंपनी को आईपीओ का पैसा नहीं मिला है बल्कि शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है।

NSE के बारे में

एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है और दुनिया के सबसे बड़े मल्टी-एसेट एक्सचेंज प्लेटफॉर्म्स में शुमार है। इसकी शुरुआत साल 1992 में हुई थी। यह इक्विटी, डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, कमोडिटीज, डेट सिक्योरिटीज और म्यूचुअल फंड्स जैसे एसेट क्वास में ट्रेडिंग, क्लियरिंग, सेटलमेंट, लिस्टिंग, मार्केट डेटा, इंडेक्स सर्विसेज और रेगुलेटरी ओवरसाइट को लेकर एक इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम मुहैया कराती है।

एनएसई ने देश में लगातार कैश मार्केट टर्नओवर, इक्विटी डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग और करेंसी डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में अपनी बादशाहत बरकरार रखी है। जून 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक इस पर 26.13 करोड़ से अधिक निवेशक रजिस्टर्ड हैं तो 12.9 करोड़ यूनिक इंवेस्टर्स और 1328 ट्रे़डिंग मेंबर्स हैं। इसके अलावा एनएसई पर 3005 कंपनियां लिस्टेड हैं जिनका जून 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक मार्केट कैप करीब ₹474 लाख करोड़ है। इसके अलावा मार्च 2026 के आखिरी में कैश मार्केट में टर्नओवर के हिसाब से एनएसई की हिस्सेदारी 99.79%, इक्विटी फ्यूचर्स में 74.71%, इक्विटी ऑप्शंस में 99.48% और एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी ऑप्शंस में 100% हिस्सेदारी है। इसके अलावा एनएसई क्लियरिंग लिमिटेड की भी वित्त वर्ष 2026 में कैश मार्केट में 88.42%, इक्विटी डेरिवेटिव्स में 91.04% और एक्सचेंज-ट्रेडेड डेरिवेटिव्स में 74.09% हिस्सेदारी है।

एक्सचेंज के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 11% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹10,302.06 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान टोटल इनकम में उठा-पटक दिखी और वित्त वर्ष 2024 में ₹16,352.06 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹19,176.83 करोड़ से यह वित्त वर्ष 2026 में ₹18,713.37 करोड़ पर आ गया। चालू वित्त वर्ष 2027 की बात करें तो जून 2026 तिमाही में इसे ₹3,120.08 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹5,252.17 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। जून 2026 तिमाही के आखिरी में एक्सचेंज के रिजर्व और सरप्लस में ₹34,996.73 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

LG Electronics Share Price: शेयर पर बुलिश हुआ BOB Capital, दिया 20% अपसाइड का टारगेट, क्या आप करेंगे निवेश

LG Electronics Share Price: घरेलू उपकरण, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने वाली कंपनी LG Electronics India के शेयरों पर ब्रोकरेज फर्म BOB Capital बुलिश नजर आ रहा है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 20 फीसदी अपसाइड टारगेट के साथ इसकी कवरेज शुरू की है। BOB Capital ने LG Electronics India पर’Buy’ रेटिंग के साथ इसके लिए ₹1,980 प्रति शेयर के टारगेट प्राइस तय किया है, जिसका मतलब है कि इसमें लगभग 20% की बढ़त की संभावना है। ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस में यह बढ़त कंपनी के वैल्यूएशन सितंबर 2028 की अनुमानित अर्निंग्स पर शेयर (EPS) के 50 गुना पर किया है।

BOB Capital Markets के अनुसार, देश में LG Electronics India की लगभग तीन दशकों की मौजूदगी ने इसे इन्वर्टर एयर कंडीशनर, ऑटोमैटिक वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर और टेलीविज़न जैसे प्रमुख कंज्यूमर अप्लायंस कैटेगरी में मज़बूत स्थिति बनाने में मदद की है।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि अगले तीन वर्षों में LG की मार्केट लीडरशिप बनी रहेगी, जिसे मज़बूत ब्रांड रिकॉल, प्रीमियम बनाने की रणनीति (प्रीमियमाइज़ेशन), बढ़ते डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और प्रीमियम व वैल्यू सेगमेंट में नए उत्पादों की लगातार पाइपलाइन से मदद मिलेगी।

ब्रोकरेज ने कहा कि छोटे बाज़ारों में LG की गहरी पैठ और लगातार नए उत्पाद लॉन्च करने से कंपनी को इंडस्ट्री की कुल ग्रोथ से बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

BOB Capital Markets को उम्मीद है कि बढ़ती लोकलाइज़ेशन (स्थानीय स्तर पर उत्पादन) और बैकवर्ड इंटीग्रेशन से LG Electronics India के मार्जिन को स्ट्रक्चरल सपोर्ट मिलेगा।

ब्रोकरेज ने कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग स्केल और आने वाली श्री सिटी फैसिलिटी पर जोर दिया, जिससे कंप्रेसर जैसे प्रमुख कंपोनेंट्स का इन-हाउस प्रोडक्शन और बेहतर हो सकता है। इससे इनपुट लागत पर बेहतर कंट्रोल मिलने और तांबे व एल्युमीनियम की ऊंची कीमतों और करेंसी में उतार-चढ़ाव से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

ब्रोकरेज को यह भी उम्मीद है कि क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर (QCO) के नियम और सख्त होने पर ज़्यादा लोकलाइज़ेशन से LG को फ़ायदा होगा।

BOB Capital Markets का अनुमान है कि FY26–FY29E के दौरान LG Electronics India का रेवेन्यू, EBITDA और PAT क्रमशः 13%, 23% और 20% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेगा।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि यह ग्रोथ भारत में कंज्यूमर अप्लायंस (मोबाइल फ़ोन को छोड़कर) की बढ़ती मांग और नए उत्पाद लॉन्च, मज़बूत डिस्ट्रीब्यूशन और स्थापित ब्रांड फ्रेंचाइजी के ज़रिए मार्केट शेयर हासिल करने की LG की क्षमता से प्रेरित होगी।

हालांकि एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर जैसे उत्पादों की घरेलू बिक्री मौसमी होती है, लेकिन BOB Capital Markets को उम्मीद है कि एक्सपोर्ट और B2B बिज़नेस ग्रोथ के अतिरिक्त इंजन के तौर पर काम करेंगे।

श्री सिटी, नोएडा और पुणे में LG की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज़ से पैरेंट कंपनी की “ग्लोबल साउथ” रणनीति को सपोर्ट मिलने और एक्सपोर्ट से योगदान बढ़ने की उम्मीद है। B2B सेक्टर में, कंपनी अपने इन्फॉर्मेशन डिस्प्ले और HVAC बिज़नेस (जिसमें VRF और कैसेट AC सिस्टम शामिल हैं) का विस्तार कर रही है। इसके सालाना मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट (AMC) बिज़नेस से भी कंपनी को ऐसे रेवेन्यू सोर्स मिलते हैं जिनमें मार्जिन अपेक्षाकृत ज़्यादा होता है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Hero Motors IPO Listing: 2% डिस्काउंट पर लिस्ट ₹84 का शेयर, हीरो मोटर्स ने आईपीओ निवेशकों को किया निराश

Hero Motors IPO Listing: ऑटो कंपोनेंट्स और एडवांस्ड मोबिलिटी मैन्युफैक्चरर हीरो मोटर्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में डिस्काउंट पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 7 गुना बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹84 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹82.10 और NSE पर ₹82.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला, बल्कि 2% से अधिक पूंजी ही घट गई। लिस्टिंग के बाद शेयरों ने रिकवरी की कोशिश की। उछलकर BSE पर यह ₹83.82 (Hero Motors Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 0.21% घाटे में हैं।

Hero Motors IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

हीरो मोटर्स का ₹1000 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 16-18 सितंबर तक खुला था। यह आईपीओ ओवरऑल 7.01 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 7.32 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 10.47 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 8.62 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹600 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले ₹400 करोड़ के4,76,19,047 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स- ओपी मुंजाल होल्डिंग्स और हीरो साइकिल्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹190.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹200.00 करोड़ इक्विपमेंट्स की खरीदारी, ₹171.99 करोड़ अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹60.25 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Hero Motors के बारे में

हीरो मोटर्स एक ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी कंपनी है। यह भारत के साथ-साथ अमेरिका, यूरोप और एशियन की गाड़ी कंपनियों के लिए पावरट्रेन सॉल्यूशंस तैयार कर मुहैया कराती है। यह दोपहिया से लेकर ई-बाइक, पैसेंजर और कमर्शियल गाड़ियां, ऑफ-रोड वेईकल्स और ईवीटोल्स के लिए सर्विसेज देती है। इसकी ग्राहक बीएमडब्ल्यू एजी, डुकाटी मोटर होल्डिंग, और हमिंगबर्डईवी जैसी दिग्गज कंपनियां हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 55% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹41.17 करोड़ और टोटल इनकम 6% के सीएजीआर से ₹1,216.74 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹400.79 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹116.32 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Aastha Spintex Bonus Share: 1:1 बोनस इश्यू की रिकॉर्ड डेट तय, 30 सितंबर से शुरू होगी ट्रेडिंग

Aastha Spintex Bonus Share: गुजरात की टेक्सटाइल कंपनी आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड ने 1:1 बोनस इश्यू की रिकॉर्ड डेट तय कर दी है। कंपनी ने सोमवार, 28 सितंबर 2026 को रिकॉर्ड डेट रखा है। इस दिन कंपनी के शेयर रखने वाले पात्र शेयरधारकों को बोनस शेयर मिलेंगे।

कंपनी के बोर्ड ने 22 सितंबर को हुई बैठक में इससे जुड़े फैसलों को अंतिम रूप दिया। बोनस इश्यू के तहत कुल 4,41,42,190 बोनस इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। बोनस शेयरों की ट्रेडिंग 30 सितंबर 2026 से शुरू होगी।

हर एक शेयर पर मिलेगा एक बोनस शेयर

1:1 बोनस इश्यू का मतलब है कि रिकॉर्ड डेट पर आपके पास कंपनी का एक शेयर है तो आपको एक और बोनस शेयर मिलेगा। इसके लिए अलग से कोई पैसा नहीं देना होगा।

उदाहरण के लिए आपके पास 100 शेयर हैं। बोनस इश्यू के बाद आपके पास कुल 200 शेयर हो जाएंगे। बोनस शेयर भी मौजूदा शेयरों की तरह ही पूरी तरह पेड-अप होंगे और उन्हें समान अधिकार मिलेंगे।

₹44.14 करोड़ के रिजर्व का होगा इस्तेमाल

कंपनी ने बोनस शेयर जारी करने के लिए 31 मार्च 2026 तक उपलब्ध फ्री रिजर्व, सिक्योरिटीज प्रीमियम और कैपिटल रिडेम्पशन रिजर्व का इस्तेमाल करने को मंजूरी दी है। इसके लिए अधिकतम ₹44.14 करोड़ की राशि इस्तेमाल की जाएगी।

इसके अलावा कंपनी की अधिकृत शेयर पूंजी बढ़ाने को भी मंजूरी दी गई है। इसे ₹45 करोड़ से बढ़ाकर ₹100 करोड़ किया जाएगा। इससे बोनस इश्यू के साथ कंपनी के आगे के विस्तार के लिए भी पूंजी ढांचा मजबूत होगा।

टेक्सटाइल कारोबार में आगे बढ़ने की तैयारी

आस्था स्पिनटेक्स ने अपने ब्रांड के तहत ग्रे फैब्रिक और दूसरे वैल्यू-एडेड फैब्रिक प्रोडक्ट्स में विस्तार की योजना को भी मंजूरी दी है। कंपनी का लक्ष्य टेक्सटाइल वैल्यू चेन में स्पिनिंग से आगे बढ़कर ज्यादा वैल्यू वाले प्रोडक्ट्स पर फोकस करना है।

यह योजना फाल्कन यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड के हालिया अधिग्रहण के बाद सामने आई है। इससे कंपनी की स्पिनिंग क्षमता 7,700 MT से बढ़कर 17,457 MT हो जाएगी। वहीं स्पिंडल क्षमता 25,920 से बढ़कर 61,824 हो जाएगी।

दो साल में रेवेन्यू और मुनाफा बढ़ा

कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में भी पिछले दो वित्त वर्षों में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। आस्था स्पिनटेक्स का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2022-23 में ₹240 करोड़ था। यह वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर ₹352 करोड़ हो गया।

इसी अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹1.1 करोड़ से बढ़कर ₹23 करोड़ हो गया। कंपनी के मुताबिक रेवेन्यू का CAGR 21.2% और नेट प्रॉफिट का CAGR 356% रहा।

बोनस इश्यू के साथ कंपनी अब टेक्सटाइल कारोबार में आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है। रिकॉर्ड डेट 28 सितंबर है, जबकि बोनस शेयरों में ट्रेडिंग 30 सितंबर से शुरू होगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Vama Wovenfab IPO Listing: ₹341 का शेयर लिस्ट होते ही लोअर सर्किट पर, लेकिन सेहत हो रही रॉकेट की स्पीड से मजबूत

Vama Wovenfab IPO Listing: कंपनियों की जरूरतों के मुताबिक प्लास्टिक के बैग बनाने वाले वामा वुवनफैब के शेयरों की आज BSE SME पर फ्लैट एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल ढाई गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹341 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹341.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर फिसल गए। टूटकर यह ₹323.95 (Vama Wovenfab Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 5.00% घाटे में हैं।

Vama Wovenfab IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

वामा वुवनफैब का ₹50 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 15-17 सितंबर तक खुला था। यह आईपीओ ओवरऑल 2.53 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.00 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.56 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.80 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 14,52,800 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹1.36 करोड़ शेड बनाने, ₹7.25 करोड़ मशीनरी की खरीदारी, ₹26.50 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, ₹7.00 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹7.43 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Vama Wovenfab के बारे में

वामा वुवनफैब मुख्य रूप से प्लास्टिक के मजबूत वुवन बैग और पैकेजिंग मैटेरियल बनाती है। यह पीपी (पॉलीप्रोपिलीन) और HDPE प्लास्टिक से बने इंडस्ट्रियल पैकेजिंग बैग बनाती है, जिनका इस्तेमाल एग्रीकल्चर, फूड प्रोसेसिंग, केमिकल्स, फर्टिलाइजर्स, शुगर और सीमेंट इंडस्ट्री में होता है। यह कंपनियों की जरूरतों के हिसाब से ये बैग तैयार करती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी दमन में है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 109% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹11.55 करोड़ और टोटल इनकम 177% से अधिक के सीएजीआर से ₹214.62 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹25.44 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹ 24.96 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Manika Plastech IPO को 29 गुना बोली, अब लिस्टिंग पर मिलेगा शॉक या होगा मुनाफा, ग्रे मार्केट से ये हैं संकेत

Manika Plastech Listing: आईपीओ को 29 गुना से अधिक रिस्पांस के बाद अब कंपनियों के लिए प्लास्टिक कवर बनाने और ऑटो पार्ट्स को पेंट करने वाली मणिका प्लास्टेक के शेयरों की लिस्टिंग का इंतजार है। ग्रे मार्केट से बात करें तो इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹2 यानी 4.65% है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 4% से अधिक लिस्टिंग गेन मिल सकता है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹43 के भाव पर जारी हुए हैं। इसका अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है जिसका स्टेटस बीएसई या रजिस्ट्रार केफिनटेक की साइट पर देख सकते हैं, जिसका स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम Manika Plastech चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या पैन भरें।

फिर I’m not a robot पर क्लिक करें।

सर्च पर क्लिक करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे करें स्टेटस चेक

https://in.mpms.mufg.com/Initial_Offer/public-issues.html, लिंक पर क्लिक करें।

सेलेक्ट कंपनी पर क्लिक करके Manika Plastech चुनें।

पैन, एप्लीकेशन नंबर, डीपी/क्लाइंट आईडी, अकाउंट नंबर/IFSC में से कोई भी चुनें। फिर जो विकल्प चुना है, उसके मुताबिक डिटेल्स दें। जैसे कि पैन चुना है तो पैन भरें।

सबमिट करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

Manika Plastech IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

मणिका प्लास्टेक का ₹125 करोड़ का आईपीओ 11-16 सितंबर तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 29.46 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 11.22 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 66.58 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 23.98 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹92 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹2 की फेस वैल्यू वाले ₹33 करोड़ के 76,74,418 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹54.93 करोड़ प्लांट और मशीनरी की खरीदारी, ₹15.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹14.72 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और ₹11.71 करोड़ अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Manika Plastech के बारे में

मणिका प्लास्टेक प्लास्टिक की ऐसी मजबूत चीजें बनाती हैं, जिसमें दूसरी कंपनियां अपने सामान पैक करती हैं या उसमें भरती हैं। इसके मुख्य प्रोडक्ट्स की बात करें तो यह इनवर्टर और ऑटोमोटिव बैट्रीज के लिए बैट्री कास्टिंग्स; पेंट, लुब्रिकेंट और केमिकल्स रखने के लिए पेल्स यानी बड़े प्लास्टिक डिब्बे; और फूड और डेयरी प्रोडक्ट्स के लिए थिनवाल कंटेनर्स बनाती है। यह जापान और जर्मनी के तकनीकी मानकों को भी ध्यान में रखकर प्रोडक्ट्स तैयार करती है। इन सबके अलावा यह ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स को पेंट करने का भी काम करती है। इसके 7 ऑपरेटिंग फैसिलिटीज हैं, जिसमें से 6 मैन्युफैक्चरिंग और 1 पेंटिंग फैसिलिटी है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 39% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹22.40 करोड़ और टोटल इनकम करीब करीब 9% के सीएजीआर से ₹437.26 करोड़ पर पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में कंपनी को ₹13.07 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹162.71 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। जून 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹92.46 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹136.97 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।