Ashutosh Fibre IPO Listing: 52% प्रीमियम पर एंट्री के बाद अपर सर्किट, हर लॉट पर ₹110000 का मुनाफा

Ashutosh Fibre IPO Listing: इंडस्ट्रीज के लिए टेक्निकल टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स बनाने वाली आशुतोष फाइबर के शेयरों की आज NSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 144 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹92 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर ₹140.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 52.17% का लिस्टिंग गेन (Ashutosh Fibre Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹147.00 (Ashutosh Fibre Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 59.78% मुनाफे में हैं। चूंकि लॉट साइज 1200 शेयरों का था तो हर लॉट पर आईपीओ निवेशक ₹1.10 लाख मुनाफे में हैं।

Ashutosh Fibre IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

आशुतोष फाइबर का ₹56 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 31 अगस्त से 2 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धमाकेदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 144.65 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 143.93 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 200.85 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 99.16 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 61,24,800 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹25.51 करोड़ नए इक्विपमेंट और मशीनरी की खरीदारी, ₹20.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹2.06 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹8.78 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Ashutosh Fibre के बारे में

आशुतोष फाइबर टेक्निकल टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स बनाती है। कंपनी का फोकस पॉलीप्रोपाइलीन (PP) स्पन यार्न पर है, जिनका इस्तेमाल इंडस्ट्रीज और घरों में होती है। यह बी2बी मॉडल पर काम करती है और इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरर्स, प्रोसेसर्स और इंस्टीट्यूशनल खरीदारों को यार्न और फैब्रिक सप्लाई करती है। कंपनी मुख्य रूप से टेक्निकल टेक्सटाइल्स के चार अहम कैटेगरीज- इंडुटेक, प्रोटेक, होमटेक और मोबाइलटेक में ऑपरेट करती है। यह फिल्टरेशन और पॉल्यूशन कंट्रोल, कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोटिव, पैकेजिंग, सेफ्टी और प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट, और होम फर्निशिंग जैसी इंडस्ट्रीज के लिए कच्चा माल तैयार करती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में पांच प्रोसेसिंग लाइनें और धागा बनाने की तीन टेक्नोलॉजी- रिंग स्पन, DREF (फ्रिक्शन स्पन) और ओपन-एंड स्पिनिंग मौजूद हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 51% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹16.04 करोड़ और टोटल इनकम 3% से अधिक के सीएजीआर से ₹117.43 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹47.92 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹36.15 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Pranav Constructions IPO: आज, 7 सितंबर से ओपनिंग; ₹351 करोड़ के इश्यू में क्या लगाना चाहिए पैसा?

प्रणव कंस्ट्रक्शंस का ₹351.03 करोड़ का IPO आज, 7 सितंबर से खुल रहा है। यह 9 सितंबर को बंद होगा। IPO खुलने से पहले कंपनी ने 9 एंकर निवेशकों से ₹84.2 करोड़ जुटाए। इन निवेशकों में गोल्डमैन सैक्स इनवेस्टमेंट्स (मॉरिशस), ITI म्यूचुअल फंड और टॉरस म्यूचुअल फंड जैसे नाम शामिल हैं। एंकर निवेशकों को 67.94 लाख इक्विटी शेयर अलॉट किए गए। इश्यू में ₹315.60 करोड़ के 2.55 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹35.43 करोड़ के 28.57 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल रहेगा।

IPO में बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹118-₹124 प्रति शेयर है। लॉट साइज 120 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 15 सितंबर को होने की उम्मीद है। प्रणव कंस्ट्रक्शंस लिमिटेड एक रियल एस्टेट कंपनी है, जो मुख्य रूप से म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ ग्रेटर मुंबई (MCGM) क्षेत्र में री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। इसका खास फोकस वेस्टर्न सबअर्ब्स (पश्चिमी उपनगरों) पर है। कंपनी रेजिडेंशियल सेगमेंट में री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स करती है, जिसमें किफायती, मिड व मास, और एस्पिरेशनल घर शामिल हैं।

क्या अप्लाई करना चाहिए?

SBI सिक्योरिटीज ने कंपनी के एसेट-लाइट मॉडल, बेहतर रिटर्न प्रोफाइल, बेहतर होती बैलेंस शीट और स्केलेबल बिजनेस मॉडल को देखते हुए कट-ऑफ प्राइस पर इश्यू को सब्सक्राइब करने की सलाह दी है।ब्रोकरेज के अनुसार, प्रणव कंस्ट्रक्शंस मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में रीडेवलपमेंट का काम करने वाली एक प्रमुख कंपनी है। वित्त वर्ष 2024 और वित्त वर्ष 2026 के बीच इसका रेवेन्यू 30.5% CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट), EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉटाईजेशन से पहले की कमाई) 49.5% CAGR और शुद्ध मुनाफा 34.2% CAGR से बढ़ा। इसका रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉइड 25.1% और इक्विटी पर रिटर्न 28.9% रहा है।

प्रणव कंस्ट्रक्शंस ने अपनी बैलेंस शीट से कर्ज भी काफी कम किया है। जुलाई 2026 तक इस पर उधारी घटकर ₹236 करोड़ हो गई है। वित्त वर्ष 2026 में यह ₹538 करोड़ थी। SBI सिक्योरिटीज को उम्मीद है कि इश्यू के बाद डेट-टू-इक्विटी रेश्यो लगभग 1.1x से घटकर लगभग 0.3x हो जाएगा। ब्रोकरेज ने कहा कि 37 प्रोजेक्ट्स की मजबूत पाइपलाइन, हर साल 7-8 नए प्रोजेक्ट्स जुड़ना और रीडेवलपमेंट में एंट्री की मुश्किल बाधाएं कंपनी को MMR में रीडेवलपमेंट के बढ़ते मौकों का फायदा उठाने की स्थिति में लाती हैं। प्रणव कंस्ट्रक्शंस का ब्रांड प्री-सेल्स में भी मदद करता है, जिसमें लॉन्च के पहले साल के अंदर ही लगभग 60% बिक्री हो जाती है।

BP इक्विटीज ने भी इस IPO को ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग दी है। इसके पीछे प्रणव कंस्ट्रक्शंस का मुंबई रीडेवलपमेंट पर पूरा फोकस, मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस, बेहतर मार्जिन, डिमांड-सप्लाई की अनुकूल स्थिति और लंबी अवधि में ग्रोथ की संभावनाओं जैसे कारण बताए गए हैं। ब्रोकरेज ने कहा कि वैल्यूएशन उचित है।

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IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

कंपनी अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों में से एक बड़े हिस्से का इस्तेमाल सरकारी और वैधानिक मंजूरियां लेने की लागत, अतिरिक्त FSI खरीदने, और रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स से जुड़े सदस्यों को वैकल्पिक आवास और असुविधा के लिए मुआवजा देने में करेगी। इसके अलावा कर्ज चुकाने, भविष्य के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को हासिल करने, और कंपनी के सामान्य कारोबारी कामकाज के लिए भी इन पैसों का इस्तेमाल किया जाएगा।

IPO में 40 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 45 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। इश्यू के लिए सेंट्रम कैपिटल लिमिटेड और PNB इनवेस्टमेंट सर्विसेज लिमिटेड बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है।

Pranav Constructions की वित्तीय सेहत

प्रणव कंस्ट्रक्शंस का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 20 प्रतिशत बढ़कर ₹763.93 करोड़ रहा। इस बीच कंपनी का शुद्ध मुनाफा 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹71.32 करोड़ हो गया। उधारी ₹258.44 करोड़ की थी। एक साल पहले कंपनी का रेवेन्यू ₹638.24 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹62.25 करोड़ था। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 35.48 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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Stocks to Buy: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का सिलसिला बना हुआ। लेकिन, कुछ शेयरों में अच्छी कमाई के मौके दिख रहे हैं। कई बड़े ब्रोकरेज हाउस ने अलग-अलग शेयरों पर टारगेट प्राइस जारी किए हैं। इन शेयरों में 21% से लेकर 73% तक की संभावित तेजी दिख रही है।

ब्रोकरेज की पसंद और संभावित रिटर्न

शेयरमौजूदा भावटारगेट प्राइससंभावित रिटर्न
CG Power₹894.25₹1,09021.89%
Allied Blenders₹606₹78028.71%
Bharat Electronics₹407₹55035.14%
PhysicsWallah₹126.74₹20057.80%
PVR INOX₹1,230₹2,13573.58%

CG Power

ब्रोकरेज फर्म Macquarie ने CG Power पर ‘Outperform’ रेटिंग दी है। इसका टारगेट प्राइस ₹1,090 रखा गया है। ₹894.25 के मौजूदा भाव के आधार पर इसमें करीब 21.89% की तेजी दिख सकती है। कंपनी सेमीकंडक्टर कारोबार में विस्तार को लेकर India Semiconductor Mission 2.0 के तहत मिलने वाले फायदे का आकलन कर रही है। फिलहाल उसका फोकस मौजूदा सेमीकंडक्टर ऑपरेशन को बढ़ाने पर है।

Allied Blenders

ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने Allied Blenders पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। इसका टारगेट प्राइस ₹780 है। इसमें करीब 28.71% रिटर्न की संभावना है। ब्रोकरेज के मुताबिक ICONiQ White की ग्रोथ, पुराने ब्रांड्स की वापसी और बैकवर्ड इंटीग्रेशन से कंपनी की कमाई को सपोर्ट मिल सकता है। FY28 से मार्जिन में सुधार ज्यादा स्पष्ट होने की उम्मीद है।

Bharat Electronics

ब्रोकरेज फर्म Macquarie ने Bharat Electronics (BEL) पर ‘Outperform’ रेटिंग दी है। इसका टारगेट प्राइस ₹550 रखा गया है। यह स्टॉक मौजूदा स्तर से करीब 35.14% उछल सकता है। Macquarie के India Industrials कवरेज में BEL सबसे ज्यादा संभावित संभावित तेजी वाले शेयरों में शामिल है।

PhysicsWallah

ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने PhysicsWallah पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Buy’ रेटिंग दी है। इसका टारगेट प्राइस ₹200 है। ₹126.74 के मौजूदा भाव से देखें तो इसमें करीब 57.80% रिटर्न की संभावना है। ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी का ऑनलाइन कारोबार मुख्य ग्रोथ ड्राइवर बना रहेगा। FY26 से FY30 के बीच ऑनलाइन कारोबार के रेवेन्यू में करीब 28% CAGR की उम्मीद है।

PVR INOX

ब्रोकरेज फर्म CLSA ने PVR INOX पर ‘Outperform’ रेटिंग बरकरार रखी है। इसका टारगेट प्राइस ₹2,135 है। यह स्टॉक 73.58% उछल सकता है। ब्रोकरेज को सिनेमा अटेंडेंस बढ़ने, प्रति ग्राहक खर्च में सुधार और ऑपरेटिंग लेवरेज से मार्जिन बढ़ने की उम्मीद है। कंपनी की पहली तिमाही में एडमिशन 8%, टिकट से रेवेन्यू 15% और EBITDA 33% बढ़ा था।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Physicswallah में है बहुत जान, बुल केस में दिख सकता है 82% तक उछाल; मोतीलाल ओसवाल बुलिश

एडटेक प्लेटफॉर्म फिजिक्सवाला के शेयर की कीमत आगे 82 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग के साथ कवरेज शुरू किया है। टारगेट प्राइस 200 रुपये प्रति शेयर रखा है। यह पिछली क्लोजिंग से 66 प्रतिशत ज्यादा है। बुल केस में टारगेट प्राइस 220 रुपये है, जो शेयर के पिछले बंद भाव से करीब 82.5 प्रतिशत ज्यादा है। ब्रोकरेज का व्यू सामने आने के बाद फिजिक्सवाला के शेयर में 4 सितंबर को दिन में 8.5 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। बीएसई पर शेयर 130.85 रुपये के हाई तक गया।

ब्रोकरेज का कहना है कि फिजिक्सवाला भारत के सबसे बड़े एजुकेशन प्लेटफॉर्म्स में से एक है। इसे भारतीय एडटेक में सबसे ज्यादा कैपिटल-एफिशिएंट (पूंजी के लिहाज से कुशल) बिजनेस मॉडल में से एक पर बनाया गया है। कंपनी ने YouTube के जरिए एक बड़ा ‘फ्री-टू-पेड’ फनल बनाया है। इससे वह कम लागत पर स्टूडेंट्स को जोड़ पाती है और ऑनलाइन, हाइब्रिड और ऑफलाइन ऑफरिंग्स के जरिए उनसे कमाई कर पाती है। मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, अभी कंपनी के पास भारत की सबसे बड़ी एजुकेशन कम्युनिटीज में से एक है। इसके 10 करोड़ से ज्यादा YouTube सब्सक्राइबर हैं। फिजिक्सवाला ने वित्त वर्ष 2023-2026 के दौरान रेवेन्यू में 74% की कंपाउंडेड ग्रोथ हासिल की है।

ब्रोकरेज ने कहा कि फिजिक्सवाला का ऑनलाइन बिजनेस ही इसकी वैल्यू का मुख्य आधार है। अनुमान है कि पेड-यूजर ग्रोथ, कैटेगरी के विस्तार और AI-बेस्ड मॉनेटाइजेशन की मदद से कंपनी का ऑनलाइन रेवेन्यू FY26-30 के दौरान 28% CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ेगा। कंपनी का ऑफलाइन बिजनेस, ऑनलाइन बिजनेस के मुकाबले प्रति यूजर ज्यादा औसत रेवेन्यू (ARPU) वाली मॉनेटाइजेशन लेयर उपलब्ध कराता है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY26-30 के दौरान ऑफलाइन रेवेन्यू 20% CAGR से बढ़ेगा और मुनाफे में भी सुधार होगा।

बुल केस

बुल केस सिनेरियो में, मोतीलाल ओसवाल ने फिजिक्सवाला के शेयर के लिए टारगेट प्राइस ₹220 प्रति शेयर दिया है। इस मामले में ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का ऑनलाइन रेवेन्यू FY26-37 के दौरान 22% CAGR से बढ़ सकता है। इसकी वजह है ऐसे मार्केट में लगातार मार्केट शेयर बढ़ना, जहां अभी बहुत कम पहुंच है। Physicswallah प्लेटफॉर्म 48.7 लाख स्टूडेंट्स को सर्विस देता है। ब्रोकरेज ने कहा कि ऑनलाइन ग्रोथ, वॉल्यूम और प्राइसिंग दोनों से बढ़ेगी। FY26-37 के दौरान यूनीक ट्रांजेक्शन करने वाले यूजर्स के मामले में 14% की CAGR दिखेगी। प्रति यूजर औसत लागत (ACPU) में 7% की CAGR दिखेगी। सेंटर्स के ज्यादा इस्तेमाल और नेटवर्क के लगातार विस्तार से ऑफलाइन रेवेन्यू FY26-37 के दौरान 17.5% की CAGR से बढ़ेगा।

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बेयर केस

बेयर केस सिनेरियो में मोतीलाल ओसवाल ने ₹110 प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है। यह शेयर की पिछली क्लोजिंग से 9% कम है। ब्रोकरेज ने कहा कि इस सिनेरियो में फिजिक्सवाला का ऑनलाइन रेवेन्यू FY26-37 के दौरान 16.7% CAGR से बढ़ेगा। रेवेन्यू पर डिजिटल-फर्स्ट एडटेक प्लेयर्स, ऑफलाइन इंस्टीट्यूट्स और AI-बेस्ड पर्सनलाइज्ड लर्निंग से कॉम्पिटिशन का असर पड़ेगा। बेयर केस सिनेरियो में FY26-37 के दौरान कंपनी का ऑफलाइन रेवेन्यू 15.7% CAGR से बढ़ने की संभावना है।

Physicswallah के लिए मुख्य जोखिम

  • कॉम्पिटिशन बढ़ना
  • ऑफलाइन कामकाज और सेंटर्स के इस्तेमाल में कमजोरी
  • फैकल्टी के ज्यादा संख्या में नौकरी छोड़ने से छात्रों के नतीजों और ब्रांड की इमेज पर असर
  • कोचिंग संस्थानों, विज्ञापन या डेटा प्राइवेसी से जुड़े नियमों में प्रतिकूल बदलाव

शेयर 6 महीनों में 60 प्रतिशत मजबूत

Physicswallah के शेयर को फिलहाल 8 एनालिस्ट कवर कर रहे हैं। इनमें से 7 ने “बाय” की सलाह दी है। एक ने “होल्ड” रेटिंग दी है। कंपनी की शुरुआत 2016 में एक YouTube चैनल के तौर पर हुई थी। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। कंपनी नवंबर 2025 में लिस्ट हुई थी। IPO 3480 करोड़ रुपये का था। शेयर 6 महीनों में 60 प्रतिशत और 3 महीनों में 20 प्रतिशत चढ़ा है। कंपनी की सालाना आम बैठक 25 सितंंबर 2026 को होने वाली है।

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Rhetan TMT की कर्ज लेने की क्षमता ₹300 करोड़ तक बढ़ाने का प्लान, शेयरों में दिखी तेजी

TMT स्टील बार बनाने वाली कंपनी Rhetan TMT ने अपनी उधार लेने की सीमा बढ़ाने की तैयारी की है। कंपनी ने 16 सितंबर 2026 को होने वाली AGM में उधार लेने की सीमा ₹200 करोड़ से बढ़ाकर ₹300 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा है।

कारोबार बढ़ाने के लिए बढ़ेगी उधारी की सीमा

कंपनी के मुताबिक, यह प्रस्तावित बढ़ोतरी कारोबार के विस्तार और भविष्य की फंडिंग जरूरतों के लिए की जा रही है। इससे कंपनी को ज्यादा फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी मिलेगी। सामान्य कामकाज के लिए लिए जाने वाले अस्थायी बैंक लोन इस सीमा में शामिल नहीं होंगे।

Rhetan TMT का कहना है कि पिछले पांच साल में उसका प्रॉफिट 140% CAGR से बढ़ा है। उधारी की सीमा बढ़ने से कंपनी को अपनी ग्रोथ योजनाओं के लिए फंड जुटाने में मदद मिल सकती है।

1 MW का कैप्टिव सोलर प्रोजेक्ट शुरू

Rhetan TMT ने गुजरात के काडी स्थित अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में 1 MW का कैप्टिव ग्राउंड-माउंटेड सोलर पावर प्रोजेक्ट भी शुरू कर दिया है। इससे कंपनी अपनी बिजली जरूरतों का एक हिस्सा रिन्यूएबल एनर्जी से पूरा करेगी।

कंपनी की कुल लागत में एनर्जी की हिस्सेदारी करीब 20% है। ऐसे में कैप्टिव सोलर पावर से लंबे समय में बिजली खर्च पर बेहतर नियंत्रण और ऑपरेशनल क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

हाई-ग्रेड TMT प्रोडक्ट्स पर भी फोकस

कंपनी को Fe500D, Fe550 और Fe550D ग्रेड के लिए BIS सर्टिफिकेशन भी मिल चुका है। इससे कंपनी को इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर की ज्यादा वैल्यू वाले प्रोजेक्ट्स की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

मैनेजिंग डायरेक्टर शालिन शाह ने कहा कि सोलर पावर प्रोजेक्ट कंपनी की एनर्जी इकोनॉमिक्स को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। कंपनी अब मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने, लागत पर नियंत्रण और प्रोडक्ट रेंज मजबूत करने पर फोकस कर रही है।

Rhetan TMT का शेयर बुधवार को 9.94% की तेजी के साथ 21.02 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 1.67 हजार करोड़ रुपये है।

Zerodha संभालेगी IPO का काम! SEBI ने मर्चेंट बैंकर बनने का रास्ता किया साफ

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Hy-Tech Engineers IPO: कल होगी धमाकेदार एंट्री! 80% चढ़ा GMP, लिस्टिंग के बाद बेचें या होल्ड करें? एक्सपर्ट्स से जानें

Hy-Tech Engineers IPO GMP & Listing: प्राइमरी मार्केट में धमाल मचाने के बाद हाई-टेक इंजीनियर्स का आईपीओ कल यानी 1 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्ट होने जा रहा है। 244 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुए इस आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में जबरदस्त क्रेज है और इसका जीएमपी लगभग 80 फीसदी के करीब पहुंच चुका है।

जिन निवेशकों को आईपीओ में शेयर अलॉट हुए हैं, उनके मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि कल लिस्टिंग वाले दिन क्या करें, मुनाफा वसूल कर निकल जाएं या लॉन्ग टर्म के लिए होल्ड रखें? आइए जानते हैं लिस्टिंग से पहले GMP, सब्सक्रिप्शन डेटा, ब्रोकरेज की राय और कंपनी की वित्तीय स्थिति से जुड़ी पूरी डिटेल्स।

244 गुना से ज्यादा हुआ था सब्सक्राइब

24 अगस्त से 27 अगस्त के बीच खुले इस ₹135.73 करोड़ के आईपीओ में निवेशकों ने रिकॉर्डतोड़ बोलियां लगाई थीं। कुल 1.84 करोड़ उपलब्ध शेयरों के मुकाबले 443.49 करोड़ से ज्यादा शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। गैर-संस्थागत निवेशक(NII) कैटेगरी में सबसे ज्यादा 402.29 गुना आवेदन आए। QIB का हिस्सा 255.77 गुना भरा। वहीं खुदरा निवेशकों का कोटा 170.58 गुना सब्सक्राइब हुआ।

कितनी मजबूत है बैलेंस शीट?

हाइड्रॉलिक्स इंडस्ट्री में 40 सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाली हाई-टेक इंजीनियर्स मुख्य रूप से कंस्ट्रक्शन मशीनरी, ऑटोमोबाइल, कृषि उपकरण और इंजेक्शन मोल्डिंग मशीनों के लिए हाइड्रॉलिक फिटिंग्स बनाती है। 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹189.40 करोड़ रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹22.59 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष में ₹19.62 करोड़ था।

पब्लिक इश्यू खुलने से पहले कंपनी ने व्हाइटओक कैपिटल जैसे दिग्गजों सहित एंकर निवेशकों से ₹40.72 करोड़ जुटाए थे।

80% लिस्टिंग गेन का इशारा

ग्रे मार्केट पर नजर रखने वाली वेबसाइट InvestorGain के अनुसार, 31 अगस्त को Hy-Tech Engineers का GMP ₹42 प्रति शेयर चल रहा है। इसका इश्यू प्राइस ₹53 था। इस हिसाब से इसका संभावित लिस्टिंग प्राइस ₹53 + ₹42 = ₹95 प्रति शेयर रह सकता है। निवेशकों को लिस्टिंग के दिन करीब 80% का बंपर मुनाफे की उम्मीद है।

Buy, Sell या Hold? ब्रोकरेज हाउसेज की क्या है राय?

कांतिलाल छगनलाल सिक्योरिटीज: ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी ने पिछले 2 सालों में 17.28% की रेवेन्यू CAGR दर्ज की है और EBIDTA मार्जिन 22% के आसपास बनाए रखा है। कंपनी का डोमेस्टिक मार्केट शेयर मजबूत है। ब्रोकरेज ने कहा, ‘कंपनी लंबे समय में बेहतरीन प्रदर्शन कर सकती है। कल अच्छे लिस्टिंग गेन की उम्मीद है। जिन्हें अलॉटमेंट मिला है, वे इसे मीडियम से लॉन्ग टर्म के लिए HOLD रख सकते हैं।’

आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स: आनंद राठी ने कंपनी के 11,000 से ज्यादा SKUs, 170 सीधे क्लाइंट्स और रेलवे-डिफेंस में मौजूदगी की तारीफ की। अपर प्राइस बैंड पर FY26 P/E मल्टीपल 22.25x है जो वाजिब वैल्युएशन दिखाता है। इन्होंने भी इस इश्यू को ‘Subscribe – Long Term’ की रेटिंग दी थी।

निवेशकों के लिए फाइनल स्ट्रैटेजी

जिन्हें केवल शॉर्ट-टर्म मुनाफा चाहिए, वे कल बंपर ओपनिंग के बाद अपना प्रॉफिट बुक करके निकल सकते हैं या स्टॉप-लॉस लगाकर चल सकते हैं। वहीं लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स जिन्हें शेयर अलॉट हुए हैं और वे कंपनी के फंडामेंटल्स व हाइड्रॉलिक्स सेक्टर की ग्रोथ पर भरोसा रखते हैं, वे एक्सपर्ट्स की सलाह के मुताबिक इसे अपने पोर्टफोलियो में होल्ड कर सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tempsens IPO Listing: 111% का लिस्टिंग गेन, पैसा डबल, ₹300 का शेयर ₹634 पर लिस्ट

Tempsens IPO Listing: आईपीओ को 184 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद अब टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई और आईपीओ निवेशकों का पैसा डबल से ज्यादा हो गया। इसके आईपीओ के तहत निवेशकों को ₹300 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹634.00 और NSE पर ₹631.20 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 111% का लिस्टिंग गेन (Tempsens Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में हल्की फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। मुनाफावसूली के चलते टूटकर BSE पर यह ₹600.10 (Tempsens Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 100.03% मुनाफे में हैं।

Tempsens IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

टेंपसेंस का ₹650 करोड़ का आईपीओ 20-24 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 184.22 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 302.88 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 314.44 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 61.00 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 124.95 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹95 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹4 की फेस वैल्यू वाले 1.85 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹18.13 करोड़ कर्ज हल्का करने कैपिटल एक्सपेंडिचर, ₹55.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹14.18 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹50.65 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Tempsens Instruments के बारे में

टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स फैक्ट्रियों और बड़ी इंडस्ट्रीज के लिए तापमान से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाती है। यह तापमान नापने वाले सेंसर, मशीनों/प्रोसेस को गर्म करने वाले हीटर और खास तरह के इंडस्ट्रियल केबल बनाती है। मार्च 2026 में टेंपरेचर सेंसर सेगमेंट में इसकी करीब 10.5% हिस्सेदारी है। रेवेन्यू के हिसाब से यह देश में कॉन्टैक्ट और नॉन-कॉन्टैक्ट टेंपरेचर सेंसर बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है तो इलेक्ट्रिकल हीटर्स के मामले में सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है। यह MRO (मेटेंनेंस, रिपेयर एंड ऑपरेशंस) का भी काम देखती है। इसका कारोबार भारत के अलावा 80 से अधिक देशों में फैला हुआ है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 32% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹71.07 करोड़ और टोटल इनकम करीब 28% के सीएजीआर से ₹455.86 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹77.95 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹465.16 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Urban Company Share: BofA ने रेटिंग घटाई, शेयर में तीन दिन की तेजी पर भी ब्रेक लगा

Urban Company Share: टेक्नोलॉजी से जुड़े होम-सर्विस प्लेटफॉर्म Urban Company के शेयर में बुधवार को गिरावट आई। इसके साथ लगातार तीन दिन से चल रही तेजी भी थम गई। इसकी वजह है ग्लोबल ब्रोकरेज Bank of America यानी BofA की नई रिपोर्ट।

BofA ने Urban Company की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से घटाकर ‘अंडरपरफॉर्म’ कर दी है। ब्रोकरेज को शेयर की मौजूदा कीमत ज्यादा लग रही है। कंपनी को घाटा भी हो रहा है। ऊपर से Instant Help कारोबार में मुकाबला बढ़ रहा है।

शेयर 0.69% गिरा

बुधवार को NSE पर Urban Company का शेयर 0.69% गिरकर ₹168.12 पर बंद हुआ। हालांकि, इससे पहले तीन कारोबारी दिनों में शेयर करीब 16% चढ़ चुका था।

जून तिमाही के नतीजों के बाद शेयर करीब 30% ऊपर जा चुका था। इसी तेजी के बाद BofA ने अपना रुख बदला है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट ₹155 रखा है। यानी मौजूदा भाव से करीब 8% नीचे जाने का अनुमान है।

Instant Help कारोबार चिंता बढ़ा रहा

BofA की सबसे बड़ी चिंता Urban Company का Instant Help कारोबार है। कंपनी इस सेगमेंट में तेजी से पैसा लगा रही है। लेकिन अभी यहां घाटा काफी बढ़ गया है।

ब्रोकरेज का मानना है कि इस कारोबार में मुकाबला और बढ़ेगा। इससे कंपनी की कमाई पर दबाव आ सकता है। Urban Company को Snabbit और Pronto जैसी कंपनियों से टक्कर मिल रही है। दोनों ने हाल में पैसा भी जुटाया है। इसका मतलब है कि मुकाबला आगे और तेज हो सकता है।

InstaHelp का घाटा 13 गुना बढ़ा

InstaHelp का EBITDA घाटा तेजी से बढ़ा है। FY26 की पहली तिमाही में यह करीब ₹10 करोड़ था। FY27 की पहली तिमाही में घाटा बढ़कर करीब ₹130 करोड़ हो गया। यानी कंपनी इस कारोबार को तेजी से बढ़ाने के लिए पैसा लगा रही है। लेकिन फिलहाल इसका असर मुनाफे पर नहीं दिख रहा है।

BofA ने इसी वजह से Urban Company के कमाई अनुमान भी घटाए हैं। FY28 के लिए अब उसे प्रति शेयर ₹0.73 का घाटा होने का अनुमान है। पहले यह अनुमान ₹0.59 के घाटे का था। FY29 के लिए EPS अनुमान भी ₹2.27 से घटाकर ₹1.41 कर दिया गया है।

UBS और Emkay की राय अलग

Urban Company पर सभी ब्रोकरेज की राय एक जैसी नहीं है। इससे पहले UBS ने शेयर पर कवरेज शुरू की थी। उसने इसे ‘Buy’ रेटिंग दी थी। UBS का मानना है कि भारत का ऑनलाइन होम सर्विस बाजार तेजी से बढ़ सकता है। UBS ने इस बदलाव को भारत के क्विक कॉमर्स में आए ‘Blinkit मोमेंट’ जैसा बताया था।

इसके बाद Emkay ने भी शेयर पर कवरेज शुरू की। उसने ‘Buy’ रेटिंग दी और ₹190 का टारगेट दिया। Emkay को उम्मीद है कि FY26 से FY29 के बीच भारत का कंज्यूमर सर्विस मार्केट करीब 19.8% CAGR से बढ़ सकता है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Tempsens में लिस्टिंग पर हो जाएगा पैसा डबल! ग्रे मार्केट से मिल रहे ये संकेत

Tempsens Listing: आईपीओ को 184 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद अब टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के शेयरों की लिस्टिंग का इंतजार है। ग्रे मार्केट से बात करें तो इसके शेयरों की लिस्टिंग को लेकर ऐसे शानदार संकेत मिल रहे हैं कि आईपीओ निवेशकों का पैला लिस्टिंग पर ही डबल हो जाएगा। ग्रे मार्केट में इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹300 यानी 100% है यानी कि आईपीओ निवेशकों को पैसा डबल हो सकता है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹300 के भाव पर जारी हुए हैं। इसका अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है जिसका स्टेटस बीएसई या रजिस्ट्रार केफिनटेक की साइट पर देख सकते हैं, जिसका स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम Tempsens चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या पैन भरें।

फिर I’m not a robot पर क्लिक करें।

सर्च पर क्लिक करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे करें स्टेटस चेक

https://ipostatus.kfintech.com/, लिंक पर क्लिक करें।

सेलेक्ट आईपीओ पर क्लिक करके Tempsens चुनें।

एप्लीकेशन नंबर, डीमैट अकाउंट या पैन में से कोई भी चुनें। फिर जो विकल्प चुना है, उसके मुताबिक डिटेल्स दें। जैसे कि पैन चुना है तो पैन भरें।

सबमिट करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

Tempsens IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

टेंपसेंस का ₹650 करोड़ का आईपीओ 20-24 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 184.22 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 302.88 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 314.44 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 61.00 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 124.95 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹95 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹4 की फेस वैल्यू वाले 1.85 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹18.13 करोड़ कर्ज हल्का करने कैपिटल एक्सपेंडिचर, ₹55.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹14.18 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹50.65 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Tempsens के बारे में

टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स फैक्ट्रियों और बड़ी इंडस्ट्रीज के लिए तापमान से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाती है। यह तापमान नापने वाले सेंसर, मशीनों/प्रोसेस को गर्म करने वाले हीटर और खास तरह के इंडस्ट्रियल केबल बनाती है। मार्च 2026 में टेंपरेचर सेंसर सेगमेंट में इसकी करीब 10.5% हिस्सेदारी है। रेवेन्यू के हिसाब से यह देश में कॉन्टैक्ट और नॉन-कॉन्टैक्ट टेंपरेचर सेंसर बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है तो इलेक्ट्रिकल हीटर्स के मामले में सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है। यह MRO (मेटेंनेंस, रिपेयर एंड ऑपरेशंस) का भी काम देखती है। इसका कारोबार भारत के अलावा 80 से अधिक देशों में फैला हुआ है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 32% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹71.07 करोड़ और टोटल इनकम करीब 28% के सीएजीआर से ₹455.86 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹77.95 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹465.16 करोड़ पड़े थे।

Shankesh Jewellers में 7% का उछाल, लिस्टिंग पर एक क्लाइंट ने खरीदी 1.57% होल्डिंग तो नोमुरा सिंगापुर ने बेचे पूरे शेयर

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Shankesh Jewellers में 7% का उछाल, लिस्टिंग पर एक क्लाइंट ने खरीदी 1.57% होल्डिंग तो नोमुरा सिंगापुर ने बेचे पूरे शेयर

Shankesh Jewellers Share Price: आईपीओ को ढाई गुना से अधिक बोली मिलने के बाद शंकेश ज्वैलरी के शेयरों का लिस्टिंग के दिन बड़ा लेन-देन हुआ। करीब 11% के लिस्टिंग गेन के बाद इसके शेयरों की अधिकतर तेजी गायब होने लगी जिसका कई निवेशकों ने फायदा उठाया। एक तरफ नोमुरा सिंगापुर ने अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी तो दूसरी तरफ पीएनजीएस रेवा डायमंड ज्वैलरी के प्रमोटर्स ने इसमें डेढ़ फीसदी से अधिक हिस्सेदारी हासिल की। इसके शेयरों के मौजूदा स्थिति की बात करें तो फिलहाल बीएसई पर यह 1.02% की बढ़त के साथ ₹96.00 पर है। इंट्रा-डे में यह 7.33% उछलकर ₹102.00 तक पहुंच गया था। इसके ₹93 के भाव पर जारी शेयर एक कारोबारी दिन पहले करीब 11% पर लिस्ट होने के बाद इंट्रा-डे में ₹110.99 तक पहुंच गए थे।

लिस्टिंग के दिन किसने खरीदे-बेचे Shankesh Jewellers के शेयर

एनएसई पर मौजूद बल्क डील्स की डिटेल्स के मुताबिक 25 अगस्त को यानी लिस्टिंग के दिन 5.64 करोड़ शेयरों का खरीदारी और बिक्री हुई। इसमें से 1.57% हिस्सेदारी के बराबर 23.2 लाख शेयर पीएनजीए रेवा डायमंड ज्लैवरी के प्रमोटर्स- गाडगिल रेणु गोविंद और पीएम गाडगिल एंड सन्स ने ₹23.44 करोड़ में ₹101.05 के भाव पर खरीदे। पीएन गाडगिल एंड सन्स शंकेश ज्वैलर्स की क्लाइंट है। वहीं नोमुरा सिंगापुर ने अपने पूरे 16.17 लाख शेयर ₹15.63 करोड़ में प्रति शेयर ₹96.66 के भाव पर बेच दिए।

कैसी है कारोबारी सेहत

पीएन गाडगिल (PN Gadgil) और कल्याण ज्वैलर्स (Kalyan Jewellers) जैसी दिग्गज ज्वैलरी कंपनियों के लिए गहने बनाने वाली शंकेश ज्वैलरी की सेहत लगातार मजबूत हो रही है। अपने क्लाइंट्स से गोल्ड और डिजाइन लेकर उससे गहने बनाने वाली शंकेश का वित्त वर्ष 2024-26 में शुद्ध मुनाफा सालाना 188% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹106.68 करोड़ और टोटल इनकम करीब 24% के सीएजीआर से ₹1,630.93 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹167.30 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹150.65 करोड़ पड़े थे। अब इसके शेयर लिस्ट हुए हैं और इसके ₹367 करोड़ के आईपीओ को ओवरऑल 2.80 गुना से अधिक बोली मिली थी।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।