Mopshop IPO Listing: खुदरा निवेशकों ने खूब खरीदे थे ₹138 के शेयर, अब लिस्टिंग पर झटका

Mopshop IPO Listing: साफ-सफाई से जुड़े प्रोडक्ट्स मुहैया कराने वाली मॉपशॉप डिस्ट्रीब्यूशन के शेयरों की BSE SME पर डिस्काउंट पर एंट्री हुई। आईपीओ की बात करें तो खुदरा निवेशकों के दम पर इसे ओवरऑल डेढ़ गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹138 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹137.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि 0.72% पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर में फिलहाल कोई मूवमेंट नहीं आया। फिलहाल यह ₹137.00 (Mopshop Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक 0/72% घाटे में हैं।

Mopshop IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

मॉपशॉप का ₹27 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 19-21 अगस्त तक खुला था। खुदरा निवेशकों के दम पर यह आईपीओ ओवरऑल 1.59 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा आधा भी नहीं भर पाया और 0.27 गुना सब्सक्राइब हुआ जबकि खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.91 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹22 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 3.75 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹11.98 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹2.60 करोड़ कमर्शियल गाड़ियों की खरीदारी, ₹1.05 करोड़ रूफटॉप ग्रिड सोलर पावर प्लांट के सेटअप, ₹3.31 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और 3.13 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Mopshop के बारे में

मॉपशॉप डिस्ट्रीब्यूशन फैसिलिटी मैनेजमेंट सप्लाईज (FMS) मुहैया करने के बिजनेस में है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में माइक्रोफाइबर कपड़े, सर्फेस डिसइंफेक्ट्स, सेंसर वाले डिस्पेंसर्स, बॉयो-डिग्रेडेबल गार्बेज बैग, टिश्यू पेपर, पेडल बिन्स, रिंजर बकेट्स, वैक्यूम क्लीनर्स, एयर फ्रेशनर्स, टूल किट्स और इनसे जुड़ी एक्सेसरीज हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 75% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹2.48 करोड़ और टोटल इनकम 18% के सीएजीआर से ₹42.00 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्षष 2026 की बात करें तो 11 महीने में इसे ₹5.18 करोड़ का नेट प्रॉफिट और ₹44.66 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। फरवरी 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹12.21 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹6.32 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tata Group Stock: टाटा ग्रुप के स्टॉक में 42% कमाई का मौका! मोतीलाल ओसवाल ने ₹1500 का टारगेट दिया

Tata Group Stock: टाटा ग्रुप की FMCG कंपनी Tata Consumer Products के शेयर को लेकर ब्रोकरेज हाउस Motilal Oswal काफी पॉजिटिव है। ब्रोकरेज ने शेयर पर Buy रेटिंग दी है। साथ ही इसका टारगेट प्राइस ₹1,500 रखा है। अभी शेयर करीब ₹1,057.90 पर है। यानी मौजूदा भाव से शेयर में करीब 42% की तेजी की गुंजाइश है।

₹1,500 तक क्यों जा सकता है शेयर?

टाटा कंज्यूमर अब सिर्फ चाय और नमक की कंपनी नहीं रही। कंपनी लगातार नए कारोबार में उतर रही है। Tata Sampann, Tata Soulfull, Organic India और Capital Foods जैसे ब्रांड तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे कंपनी का ग्रोथ पोर्टफोलियो मजबूत हो रहा है।

कंपनी नए प्रोडक्ट भी तेजी से लॉन्च कर रही है। FY25 में 41 नए प्रोडक्ट आए थे। FY26 में यह संख्या बढ़कर 80 हो गई। इनमें 55% प्रोडक्ट हेल्थ और वेलनेस से जुड़े थे। यानी कंपनी अब इस सेगमेंट पर खास जोर दे रही है।

ऑनलाइन बिक्री बनी बड़ा सहारा

Tata Consumer के लिए ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स भी तेजी से बढ़ रहे हैं। FY22 में भारत के कारोबार में इन चैनलों की हिस्सेदारी 19% थी। FY26 में यह बढ़कर 41% हो गई। ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स से मिलकर कंपनी को 19% रेवेन्यू मिल रहा है।

कंपनी की पहुंच भी बढ़ी है। FY26 में कंपनी 45 लाख आउटलेट तक पहुंच चुकी थी। इसका फायदा नए प्रोडक्ट को तेजी से बाजार में उतारने में मिल सकता है।

कमाई बढ़ने का अनुमान

Motilal Oswal को उम्मीद है कि FY26 से FY28 के बीच कंपनी का रेवेन्यू करीब 10% CAGR से बढ़ेगा। EBITDA में 16% और मुनाफे में 21% CAGR का अनुमान है। इसी उम्मीद के आधार पर ब्रोकरेज ने ₹1,500 का टारगेट दिया है।

टाटा कंज्यूमर के इंटरनेशनल कारोबार पर कॉफी की महंगी कीमतों का असर पड़ा था। अब इसमें राहत मिल रही है। FY27 की पहली तिमाही में Arabica की कीमत 6% और Robusta की कीमत 9% तिमाही आधार पर घटी। इससे खासकर अमेरिकी कारोबार के मार्जिन में सुधार की उम्मीद है।

टाटा कंज्यूमर के शेयर

टाटा कंज्यूमर का शेयर सोमवार को 0.85% की बढ़त के साथ 1,057.90 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में यह 10.20% टूटा है। वहीं, 1 साल में 2.19% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 1.05 लाख करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Lalithaa Jewellery IPO Listing: 66 गुना आईपीओ भरने के बाद शेयर 32% प्रीमियम पर लिस्ट, धांसू एंट्री के बाद और भागा ऊपर

Lalithaa Jewellery Mart IPO Listing: दक्षिण भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों की ज्वैलरी रिटेल कंपनी ललिता ज्लैवरी मार्ट के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और इसे ओवरऑल 66 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹201 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹265.30 और NSE पर ₹265.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 32% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹273.80 (Lalithaa Jewellery Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 36.22% मुनाफे में हैं। एंप्लॉयीज अधिक फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹19 के डिस्काउंट पर मिला है।

Lalithaa Jewellery IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

ललिता ज्वैलरी का ₹1,700 करोड़ का आईपीओ 17-19 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 66.63 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 153.80 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 78.17 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 12.51 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 9.10 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹1,200 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹5 की फेस वैल्यू वाले 2,48,75,621 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले प्रमोटर किरण कुमार जैन को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹1,033.23 करोड़ 10 नए स्टोर्स के सेटअप और बाकी आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Lalithaa Jewellery Mart के बारे में

ललिता ज्वैलरी का कारोबार दक्षिण भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में मजबूती से फैला हुआ है। यह सोने, चांदी, हीरे इत्यादि के गहने बनाती है। ललिता ज्वैलरी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 67% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹1,009.82 करोड़ और टोटल इनकम 22% के सीएजीआर से ₹25,039.80 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹1,604.14 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹2,679.74 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lalithaa Jewellery Listing: 66 गुना सब्सक्राइब आईपीओ, ₹201 के शेयर चमकाएंगे पोर्टफोलियो या रेड लिस्ट?

Lalithaa Jewellery Listing: आईपीओ को 66 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद अब दक्षिण भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों की ज्वैलरी रिटेल कंपनी ललिता ज्लैवरी मार्ट के शेयरों की लिस्टिंग का इंतजार है। ग्रे मार्केट से बात करें तो इसके शेयरों की लिस्टिंग को लेकर शानदार संकेत मिल रहे हैं। ग्रे मार्केट में इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹72 यानी 35.82% है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 24 अगस्त को करीब 36% का लिस्टिंग गेन मिल सकता है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा।

इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹201 के भाव पर जारी हुए हैं। इसका अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है जिसका स्टेटस बीएसई या रजिस्ट्रार एमयूएफजी की साइट पर देख सकते हैं, जिसका स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम Lalithaa Jewellery चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या पैन भरें।

फिर I’m not a robot पर क्लिक करें।

सर्च पर क्लिक करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे करें स्टेटस चेक

https://in.mpms.mufg.com/Initial_Offer/public-issues.html, लिंक पर क्लिक करें।

सेलेक्ट कंपनी पर क्लिक करके Lalithaa Jewellery चुनें।

पैन, एप्लीकेशन नंबर, डीपी/क्लाइंट आईडी, अकाउंट नंबर/IFSC में से कोई भी चुनें। फिर जो विकल्प चुना है, उसके मुताबिक डिटेल्स दें। जैसे कि पैन चुना है तो पैन भरें।

सबमिट करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

Lalithaa Jewellery IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

ललिता ज्वैलरी का ₹1,700 करोड़ का आईपीओ 17-19 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 66.63 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 153.80 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 78.17 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 12.51 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 9.10 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹1,200 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹5 की फेस वैल्यू वाले 2,48,75,621 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले प्रमोटर किरण कुमार जैन को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹1,033.23 करोड़ 10 नए स्टोर्स के सेटअप और बाकी आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Lalithaa Jewellery के बारे में

ललिता ज्वैलरी का कारोबार दक्षिण भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में मजबूती से फैला हुआ है। यह सोने, चांदी, हीरे इत्यादि के गहने बनाती है। ललिता ज्वैलरी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 67% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹1,009.82 करोड़ और टोटल इनकम 22% के सीएजीआर से ₹25,039.80 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹1,604.14 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹2,679.74 करोड़ पड़े थे।

आईपीओ को लेकर क्या था ब्रोकरेजेज का रुझान

एसबीआई सिक्योरिटीज ने ललिता ज्वैलरी आईपीओ को न्यूट्रल रेटिंग दी थी। ब्रोकरेज फर्म ने कहा था कि वह अभी की बजाय लिस्टिंग के बाद कुछ तिमाही तक कंपनी के परफॉरमेंस को ट्रैक करेगी। आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से कंपनी की वैल्यू वित्त वर्ष 2026 की कमाई के मुकाबले 11.1 गुना पर थी जोकि ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक इंडस्ट्री पियर्स के हिसाब से है। हालांकि हेजिंग पॉलिसी नहीं होने को एक रिस्क बताया था। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक गोल्ड के भाव स्थिर होने पर कंपनी का मार्जिन कम हो सकता है।

एक और ब्रोकरेज फर्म स्वास्तिक इंवेस्टमार्ट ने ललिता ज्वैलरी को सब्सक्राइब रेटिंग दी थी। ब्रोकरेज फर्म ने लिस्टिंग गेन के साथ-साथ रिस्क उठा सकने वाले निवेशकों को लॉन्ग टर्म के लिए पैसे लगाने की सलाह दी है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक कल्याण ज्लैवर्स (Kalyan Jewellers) और टाइटन (Titan) जैसे दिग्गजों के मुकाबले P/E बेसिस पर यह आईपीओ 75% डिस्काउंट पर है। इसके अलावा ब्रोकरेज फर्म ने ₹1066 करोड़ के जीएसटी विवाद और प्रमोटर से जुड़े मामले को अहम रिस्क के तौर पर जिक्र किया है लेकिन यह भी कहा कि टैक्स से जुड़े पुराने मामले काफी हद तक सुलझ चुके हैं।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

इस म्यूचुअल फंड ने ₹1 लाख के निवेश को ₹46 लाख बना दिया, जानिए इस स्कीम के बारे में

म्यूचुअल फंड में निवेश से जोरदार रिटर्न में फंड सेलेक्शन का बड़ा हाथ है। अगर निवेश के लिए सही फंड का चुनाव हो जाए तो फिर पैसे बढ़ना तय है। आईसीआईसीआई एएमसी के फंड ने निवेशकों को मालामाल किया है। इस फंड का नाम आईसीआआईसीआई वैल्यू प्रूडेंशियल फंड है। इस फंड ने सिर्फ 1 लाख रुपये के निवेश को 22 साल में 46.6 लाख रुपये बना दिया है।

इस फंड ने एकमुश्त और सिप दोनों निवेशकों को किया मालामाल

ICICI Prudential Asset Management Company ने अपने इस फंड के बारे में बताया है। ICICI Prudential Value Fund की शुरुआत 22 साल पहले हुई थी। इस फंड ने शुरुआत में पैसे लगाने वाले एकमुश्त और सिप दोनों निवेशकों को मालामाल किया है। इसका कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 19.11 फीसदी है। इसने Nifty Total Return Index (TRI) के मुकाबले काफी ज्यादा रिटर्न दिया है। इस अवधि में निफ्टी 50 टीआरआई का सीएजीआर 14.63 फीसदी है।

वैल्यू इनवेस्टिंग की स्ट्रेटेजी का करता है इस्तेमाल 

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल वैल्यू फंड की शुरुआत 16 अगस्त, 2004 को हुई थी। इस फंड ने हाल ही में 22 साल पूरे किए हैं। यह फंड वैल्यू ओरिएंटेड इक्विटी इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल करता है। इस फंड का फोकस उन कंपनियों के शेयरों में निवेश करने पर होता है, जिनमें उनके इंटिनसिक वैल्यू से कम पर ट्रेडिंग हो रही होती है। ऐसी कंपनी छोटी या बड़ी हो सकती है।

तीन साल और पांच साल के टाइम फ्रेम में भी अच्छा रिटर्न 

इस फंड का रिटर्न तीन साल और पांच साल के टाइम फ्रेम में भी बहुत अच्छा है। यह क्रमश: 13.44 फीसदी और 16.05 फीसदी है। अगर किसी निवेशक ने इस फंड की शुरुआत के समय इसमें हर महीने 10,000 रुपये का सिप शुरू किया होता तो उसका पैसा बढ़कर 2.37 करोड़ रुपये हो गया होता। यह 17.04 फीसदी का सीएजीआर रिटर्न है। 31 जुलाई को इस फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 61,102.29 करोड़ रुपये था।

93 फीसदी पैसे का निवेश शेयरों में, फाइनेंशियल कंपनियों में ज्यादा निवेश 

इस फंड ने अपना 93.31 पैसा शेयरों में निवेश किया है। सबसे ज्यादा 38.10 फीसदी निवेश फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियों के शेयरों में है। इसके बाद 9.08 फीसदी का निवेश हेल्थकेयर सर्विसेज कंपनियों के शेयरों में है। उसके बाद 9 फीसदी का निवेश एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में है। इस फंड ने 2022 में अपने बेंचमार्क को निफ्टी 500 वैल्यू 50 टीआरआई से बदलकर निफ्टी 500 टीआरआई कर दिया था।

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निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की राय जरूर लें

अगर आप इस फंड में निवेश करना चाहते हैं तो आपको पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह लेनी चाहिए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी फंड के पिछले रिटर्न को देख भविष्य में उसके रिटर्न का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। निवेशक को रिस्क लेने की अपनी क्षमता, निवेश की अवधि और निवेश के लक्ष्य को ध्यान में रख निवेश का फैसला करना चाहिए।

Stock To Buy: सिक्योरिटी सर्विलांस प्रोडक्ट बनाने वाली इस कंपनी में 53% की तेजी मुमकिन, इस साल अब तक 125% चढ़ा, क्या है आपके पास

Stock To Buy: CP Plus की पैरेंट कंपनी, आदित्य इन्फोटेक (Aditya Infotech) के शेयर गुरुवार, 20 अगस्त को 4.9% बढ़कर ₹3,464 पर पहुंच गए। स्टॉक में तेजी मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज द्वारा इस स्टॉक पर कवरेज शुरू करने के बाद आई है। मोतीलाल ओसवाल ने आदित्य इन्फोटेक के लिए “Buy” (खरीदने की सलाह) की सलाह दी है और इसके लिए ₹4,200 का प्राइस टारगेट तय किया है, जो बुधवार के क्लोजिंग लेवल से 27% की तेजी दिखाता है।

ब्रोकरेज फर्म ने कंपनी के ‘बुल केस’ (सबसे अच्छे हालात) रन के अनुसार, स्टॉक ₹5,066 तक जा सकता है, जिसका मतलब है कि इसमें 53% तक की बढ़ोतरी की संभावना है।

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि आदित्य इन्फोटेक भारत के वीडियो सर्विलांस मार्केट में होने वाली ग्रोथ का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है। इस मार्केट में कंपनी की हिस्सेदारी 44% से ज़्यादा है।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि भारत का सर्विलांस मार्केट फाइनेंशियल ईयर 2025 में ₹106 अरब से बढ़कर फाइनेंशियल ईयर 2030 तक ₹227 अरब से ज़्यादा हो जाएगा। उन्हें यह भी उम्मीद है कि आदित्य इन्फोटेक का रेवेन्यू FY26 और FY28 के बीच 44% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेगा, जो इंडस्ट्री की अनुमानित 16%-18% ग्रोथ से काफी ज़्यादा है।

मोतीलाल ओसवाल के अनुसार, स्टैंडर्डाइजेशन टेस्टिंग एंड क्वालिटी सर्टिफिकेशन (STQC) के नियम कॉम्पिटिशन को कम कर सकते हैं और कंपनी को फाइनेंशियल ईयर 2028 तक अपनी मार्केट हिस्सेदारी 58% से ज़्यादा बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि कंपनी FY26-FY28 के दौरान रेवेन्यू, EBITDA और टैक्स के बाद प्रॉफिट में क्रमशः 44%, 58% और 64% की ग्रोथ हासिल करेगी। उन्होंने कॉस्ट एफिशिएंसी और मार्जिन बढ़ाने के लिए लेंस, केबल, प्लास्टिक और मेटल कंपोनेंट्स में बैकवर्ड इंटीग्रेशन को भी एक अहम वजह बताया है।

कंपनी ने ₹1,500 करोड़ जुटाने को मंज़ूरी दी

इसके अलावा, कंपनी के बोर्ड ने 19 अगस्त को इक्विटी शेयर जारी करके ₹1,500 करोड़ तक जुटाने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी। फंड जुटाने का काम एक या उससे ज़्यादा मंज़ूर तरीकों से किया जा सकता है, जैसे कि पब्लिक इश्यू या क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP), या फिर इन तरीकों का मिला-जुला इस्तेमाल।

फंड जुटाने का यह प्रस्ताव शेयरहोल्डर्स और दूसरी रेगुलेटरी मंज़ूरी पर निर्भर है। कंपनी पोस्टल बैलेट के ज़रिए शेयरहोल्डर्स की मंज़ूरी लेगी और उसने इस प्रस्तावित इश्यू से जुड़े मामलों को देखने के लिए एक बोर्ड कमिटी भी बनाई है।

19 अगस्त की एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, कंपनी ने मुंबई में 24 से 26 अगस्त और सिंगापुर में 1 से 3 सितंबर के बीच इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के साथ वन-ऑन-वन ​​और ग्रुप मीटिंग्स भी तय की हैं।

मार्जिन गाइडेंस

जून तिमाही के नतीजों के बाद, आदित्य इन्फोटेक ने FY27 के लिए अपने EBITDA मार्जिन गाइडेंस (14-15%) को फिर से दोहराया है, जबकि Q1FY27 में EBITDA मार्जिन 14.5% था। मैनेजमेंट ने संकेत दिया है कि वे FY27 की पहली छमाही के बाद आउटलुक का फिर से आकलन करेंगे, साथ ही वे तय गाइडेंस से बेहतर परफॉर्मेंस का इंटरनल टारगेट भी बनाए रखेंगे।

शेयर पर एनालिस्ट की राय

IIFL इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ भी आदित्य इन्फोटेक को लेकर पॉजिटिव है। सीनियर वाइस प्रेसिडेंट-रिसर्च रेनू बैद पुगलिया का कहना है कि कंपनी ने भारत के IP कैमरा मार्केट में मज़बूत जगह बनाई है। उन्होंने कैमरा वैल्यू चेन के बड़े हिस्से के लोकलाइज़ेशन (स्थानीय स्तर पर उत्पादन) पर ज़ोर दिया और कहा कि कंपनी को घरेलू प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले 18-24 महीने की बढ़त हासिल है, जिसका इस्तेमाल वह एंटरप्राइज़ और सरकारी ग्राहकों के लिए प्रीमियम प्रोडक्ट्स में विस्तार करने के लिए कर रही है।

उन्हें उम्मीद है कि आदित्य इन्फोटेक 40-45% रेवेन्यू CAGR हासिल करेगी, जिसमें मार्जिन 14.5-15% के आसपास रहेगा, जिससे अगले दो सालों में कमाई में 45-50% की बढ़ोतरी होगी। उन्होंने सरकारी सर्टिफिकेशन की नई ज़रूरतों के बाद चीनी कंपनियों के बाहर निकलने को भी कंपनी के ग्रोथ आउटलुक के लिए एक मददगार कारक बताया।

यह स्टॉक “कंसेंसस बाय” (सबकी सहमति से खरीदने लायक) की श्रेणी में है, क्योंकि इस स्टॉक को ट्रैक करने वाले सभी सात एनालिस्ट इसे लेकर बुलिश (तेज़ी की उम्मीद रखने वाले) हैं।

गुरुवार को आदित्य इन्फोटेक के शेयर 4.71% बढ़कर ₹3,459.2 पर ट्रेड कर रहे हैं। इस साल अब तक स्टॉक में 125% की बढ़ोतरी हो चुकी है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

नोएडा का ये OTT स्टार्टअप हरियाणवी-भोजपुरी कंटेंट के दम पर चमका! 2 साल में 6.3 गुना बढ़ा रेवेन्यू

STAGE OTT Platform: भारत में जब ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की बात होती है, तो ज्यादातर लोग नेटफ्लिक्स और अमेजन प्राइम का नाम लेते हैं। लेकिन इस बीच देश के रीजनल ‘बोली आधारित’ ओटीटी प्लेटफॉर्म STAGE ने चुपके से एक ऐसा बड़ा मार्केट कब्जा लिया है, जिसे बड़े-बड़े ब्रॉडकास्टर्स ‘निश’ (Niche) समझकर छोड़ देते थे।

कंपनी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, FY24 से FY26 के बीच STAGE के रेवेन्यू में 6.3 गुना का जबरदस्त इजाफा हुआ है। इसका सालाना कंपाउंडेड ग्रोथ रेट (CAGR) लगभग 150% रहा है।

FICCI-EY की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के डिजिटल वीडियो और ओटीटी मार्केट में बड़े दिग्गजों के बीच STAGE ने अपनी मजबूत जगह बना ली है। भारतीय ओटीटी मार्केट में STAGE की हिस्सेदारी 1.6% पर पहुंच गई है। STAGE ने अपनी शुरुआत हरियाणवी और राजस्थानी बोलियों से की थी, लेकिन अब यह मॉडल 6 भाषा क्षेत्रों में फैल चुका है।

STAGE के सह-संस्थापक और सीईओ विनय सिंघल ने कहा, ‘भारत में 22 आधिकारिक भाषाएं और 1,900 से ज्यादा बोलियां हैं, लेकिन स्ट्रीमिंग इंडस्ट्री ने सिर्फ 5-6 भाषाओं के लिए कंटेंट बनाया। बाकी सबको ‘निश’ कह दिया गया। जबकि देश में ओटीटी पर आधा कंटेंट क्षेत्रीय भाषाओं में देखा जा रहा है। हमने सिर्फ देश की असली संस्कृति को सम्मान देकर प्लेटफॉर्म बनाया है।’

99% कमाई सिर्फ सब्सक्रिप्शन से, विज्ञापन का कोई चक्कर नहीं

जहाँ कई ऐप्स विज्ञापनों पर निर्भर हैं, वहीं STAGE पूरी तरह से ‘सब्सक्रिप्शन-ओनली’ मॉडल पर काम करता है। FY26 में कंपनी की कुल कमाई का 99.2% हिस्सा केवल यूजर सब्सक्रिप्शन से आया है। Q1 FY27 में कुल सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू का 80.3% हिस्सा पुराने यूजर्स के रिन्यूअल और रिएक्टिवेशन से आया है। FY24 में यह आंकड़ा सिर्फ 30.4% था, जो दिखाता है कि यूजर्स को इसका कंटेंट बेहद पसंद आ रहा है।

AI के इस्तेमाल से कंटेंट बनाना हुआ सस्ता

STAGE ने अपनी प्रोडक्शन कॉस्ट को घटाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल शुरू किया है। एआई की मदद से ओरिजिनल शोज और मूवीज का प्रोडक्शन टाइम और लागत दोनों काफी कम हो गए हैं। इससे उन भाषाओं/बोलियों में भी कंटेंट बनाना आर्थिक रूप से फायदेमंद हो गया है, जहां पहले पारंपरिक तरीके से काम करना नामुमकिन माना जाता था।

Zerodha का बड़ा ऐलान: अब एक ही ऐप पर मिलेंगे शेयर और म्यूचुअल फंड, Kite में ही शुरू होगी डायरेक्ट SIP

Zerodha Kite Mutual Fund Trading: देश के सबसे बड़े डिस्काउंट ब्रोकर्स में शामिल जेरोधा ने अपने करोड़ों यूजर्स के लिए बड़ा फैसला किया है। Zerodha बहुत जल्द अपने पॉपुलर स्टॉक ट्रेडिंग ऐप ‘Kite’ पर ही म्यूचुअल फंड में निवेश करने की सुविधा देने जा रहा है। यानी अब निवेशकों को शेयर खरीदने और म्यूचुअल फंड/SIP में पैसा लगाने के लिए अलग-अलग ऐप्स का इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा।

कंपनी के म्यूचुअल फंड हेड नीलेश वर्मा ने मनीकंट्रोल को दिए इंटरव्यू में बताया कि अगले कुछ ही महीनों में यह नया फीचर Kite ऐप पर लाइव कर दिया जाएगा।

अभी क्या है व्यवस्था और क्यों हो रहा है यह बड़ा बदलाव?

अब तक Zerodha अपने यूजर्स के लिए दो अलग-अलग ऐप्स का इस्तेमाल करता रहा है:

Kite App: एक्टिव ट्रेडिंग और शेयरों की खरीद-बिक्री के लिए।

Coin App: लॉन्ग-टर्म और पैसिव इन्वेस्टमेंट्स जैसे म्यूचुअल फंड्स, NPS और FD के लिए।

फिलहाल, जब यूजर्स Kite ऐप पर म्यूचुअल फंड्स देखते हैं, तो उन्हें खरीदारी करने के लिए ऑटोमैटिकली Coin ऐप पर रीडायरेक्ट कर दिया जाता है। लेकिन Groww जैसे प्रतिस्पर्धी ब्रोकर्स द्वारा एक ही ऐप पर सभी सुविधाएं देने के कारण यूजर्स काफी समय से Zerodha से भी ‘ऑल-इन-वन ऐप’ की मांग कर रहे थे।

Kite ऐप में मिलेंगे 2 सबसे खास और नए फीचर्स

सिंगल ऐप एक्सपीरियंस: अब यूजर्स अपने इक्विटी पोर्टफोलियो और म्यूचुअल फंड निवेश को एक ही स्क्रीन से मैनेज और ट्रैक कर पाएंगे।

पोर्टफोलियो इंपोर्ट करने की सुविधा: यूजर्स किसी दूसरे प्लेटफॉर्म (जैसे- Groww, PayTM Money आदि) पर चल रहे अपने पुराने म्यूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट्स को भी आसानी से Zerodha Kite पर इंपोर्ट कर सकेंगे।

आपको बता दें कि Zerodha अपने ‘Coin’ ऐप को बंद नहीं करेगा। Coin ऐप पैसिव इन्वेस्टर्स के लिए अलग से काम करता रहेगा, लेकिन Kite यूजर्स को अब ऐप बदलने की मजबूरी नहीं होगी।

Zerodha के इस कदम के पीछे के आंकड़े

Zerodha के पास Coin ऐप पर लगभग 30 लाख म्यूचुअल फंड इन्वेस्टर्स और 56 लाख से ज्यादा एक्टिव SIP अकाउंट्स हैं। एसेट अंडर मैनेजमेंट(AUM) के मामले में Coin देश का दूसरा सबसे बड़ा डायरेक्ट म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म है।

Kite App गूगल प्ले स्टोर पर 1 करोड़+ डाउनलोड्स है और करीब 65 लाख+ एक्टिव यूजर बेस है। वही Coin App के 50 लाख+ डाउनलोड्स और 30 लाख से ज्यादा एक्टिव यूजर है।

Kite का यूजर बेस Coin से दोगुना से भी ज्यादा है। ऐसे में Kite के भीतर ही म्यूचुअल फंड्स का विकल्प मिलने से Zerodha के म्यूचुअल फंड कारोबार में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है।

डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स ही क्यों?

Zerodha अपने दोनों प्लेटफॉर्म्स पर सिर्फ डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स ही ऑफर करता है। इसमें निवेशकों को कोई डिस्ट्रीब्यूटर कमीशन या अतिरिक्त चार्ज नहीं देना पड़ता, जिससे लॉन्ग-टर्म में निवेशकों को रेगुलर फंड्स के मुकाबले बेहतर रिटर्न (CAGR) मिलता है।

Groww और Zerodha के बीच म्यूचुअल फंड और SIP ग्राहकों को जोड़ने की होड़ में, Zerodha का यह ‘ऑल-इन-वन’ दांव मार्केट में उसकी पकड़ को और मजबूत कर सकता है।

Pramodini IPO Listing: ₹118 के शेयर ₹120 पर लिस्ट, लगातार मजबूत हो रही प्रमोदिनी की सेहत

Pramodini IPO Listing: डाइग्नॉस्टिक सर्विसेज देने वाली प्रमोदिनी मेडिकेयर के शेयरों की आज NSE SME पर प्रीमियम एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 3 गुना से अधिक बोली मिली थी। इसके आईपीओ के तहत ₹118 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹120.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 1.69% का लिस्टिंग गेन (Pramodini Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹119.05 (Pramodini Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 0.89% मुनाफे में हैं।

Pramodini IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

प्रमोदिनी मेडिकेयर का ₹69 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 12-14 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 3.87 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 3.66 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 4.96 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 3.49 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹63 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 5,00,400 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹45.15 करोड़ मौजूदा और प्रस्तावित डाइग्नॉस्टिक सेंटर्स के लिए मेडिकल इक्विपमेंट्स की खरीदारी और बाकी पैसे अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Pramodini Medicare के बारे में

प्रमोदिनी मेडिकेयर डाइग्नॉस्टिक सर्विसेज मुहैया कराती है। यह टियर1, टियर 2 और टियर 3 शहरों में सरकारी से लेकर प्राइवेट अस्पतालों, PSU, मेडिकल कॉलेजों और प्राइवेट डाइग्नॉस्टिक सेंटर्स को सर्विसेज देती है। इसके सर्विस पोर्टफोलियो में एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्सरे, कलर डॉप्लर के साथ अल्ट्रासाउंट, मैमोग्राफी, डेक्सा स्कैन और इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी जैसी रेडियोलॉजी सर्विस; हेमेटोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, इम्यूनोलॉजी, पैथोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री जैसे क्लिनिकल लेबोरेटरी सर्विस; और पीईटी-सीटी, SPECT और न्यूक्लियर थेरेपी जैसी न्यूक्लियर मेडिसिन सर्विस हैं। कंपनी विजयवाड़ा से 24×7 टेली-रेडियोलॉजी यूनिट और उसी जगह पर एक प्रोसेसिंग लेबोरेटरी भी चलाती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 56% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹17.38 करोड़ और टोटल इनकम 33% के सीएजीआर से ₹63.38 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹17.85 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹36.46 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।