Gold Silver Price: 10 हफ्ते के हाई पर सोना, 1 हफ्ते में 11% चढ़ी चांदी, जानिए इस तेजी के पीछे क्या है वजह

Gold – Silver Price: सोने और चांदी की कीमतों में हालिया तेजी जारी है। सोना 10 हफ्ते के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है जबकि चांदी में पिछले हफ्ते 11% से ज़्यादा की बढ़त हुई है। इस हफ्ते स्पॉट गोल्ड की कीमत लगभग USD 4,435 प्रति औंस तक पहुंच गई, जो जून के मध्य के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। खबर लिखे जाने के समय USD 4,375 के आसपास थी।

Comex सिल्वर में इस हफ्ते 11% से ज्याजा की तेजी आई। स्पॉट सिल्वर की कीमत लगभग USD 64 प्रति औंस हो गई। भारत में, सोना 10 ग्राम के लिए लगभग 1,55,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा था, जबकि MCX सिल्वर में हफ्ते भर में लगभग 6.58% की बढ़त हुई और यह प्रति किलोग्राम लगभग 2,31,804 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा था।

सोने-चांदी की कीमतों के पीछे तेजी के एक नहीं बल्कि कई वजह है। इनमें से US में कमजोर रोजगार डेटा, फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की कम होती उम्मीदें, सेंट्रल बैंक द्वारा लगातार सोने की खरीद, ETF में फिर से निवेश आना और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता – इन सभी ने मिलकर कीमती धातुओं की मांग को मजबूत किया है।

US में कमजोर जॉब्स डेटा से कम हुई ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें

हालिया तेजी की एक मुख्य वजह US जॉब मार्केट से आई। US ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स ने 7 अगस्त, 2026 को रिपोर्ट दी कि जुलाई में नॉन-फ़ार्म पेरोल में 23,000 की गिरावट आई, जबकि बाजार को लगभग 80,000 नई नौकरियों की उम्मीद थी। जून के आंकड़ों को भी नीचे की ओर संशोधित किया गया, जबकि मई और जून के संयुक्त संशोधनों से पहले के अनुमानों में लगभग 103,000 नौकरियों की कमी आई।

इस रिपोर्ट के आने के बाद, स्पॉट गोल्ड 2.67% बढ़कर USD 4,352.60 हो गया, जबकि चांदी 4.20% बढ़कर USD 63.97 हो गई, क्योंकि ट्रेडर्स ने सितंबर में फ़ेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें कम कर दीं।

बाजार अब सितंबर में 25 बेसिस पॉइंट की ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावना लगभग 44% मान रहा है, जबकि एक हफ्ते पहले यह संभावना 67% थी। सोने पर कोई ब्याज या डिविडेंड नहीं मिलता है, इसलिए ब्याज दरें कम रहने की उम्मीद से इस मेटल को रखने की ‘अपॉर्चुनिटी कॉस्ट’ कम हो सकती है और इसकी मांग को बढ़ावा मिल सकता है।

फेडरल रिजर्व के ब्याज दर पर फैसले पर नजर

फेडरल ओपन मार्केट कमेटी ने 29 जुलाई को अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को 3.50% से 3.75% के दायरे में बनाए रखने के लिए 9-3 से वोट किया। हालांकि फेडरल रिजर्व ने पॉलिसी में किसी बड़े बदलाव का साफ संकेत नहीं दिया है, लेकिन कमजोर रोजगार डेटा और दरों को स्थिर रखने के फैसले ने निकट भविष्य में ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदों को कम कर दिया है।

कीमती धातुओं के लिए अगला बड़ा ट्रिगर इस सप्ताह के आखिर में आने वाला अमेरिकी महंगाई का डेटा है। कमजोर पेरोल रिपोर्ट से सितंबर में ब्याज दरें बढ़ाने के लिए फेडरल रिजर्व पर दबाव कम हो सकता है, हालांकि उम्मीद से ज्यादा महंगाई दर बढ़ने की उम्मीदों को फिर से जगा सकती है और सोने-चांदी पर दबाव डाल सकती है।

सेंट्रल बैंक की रिकॉर्ड खरीदारी से सोने को मिला सहारा

कीमतों में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के अलावा, सेंट्रल बैंक की मजबूत मांग ने सोने को एक मजबूत आधार दिया है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की ‘गोल्ड डिमांड ट्रेंड्स Q2 2026’ रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही के दौरान सेंट्रल बैंकों की शुद्ध सोने की खरीदारी 289 टन ​​तक पहुंच गई। यह Q1 2026 के स्तर से पांच गुना अधिक और रिकॉर्ड पर दूसरी तिमाही का सबसे अधिक आंकड़ा था।

सेंट्रल बैंक की खरीदारी एक साल पहले की इसी अवधि की तुलना में 62% अधिक थी। पोलैंड के नेशनल बैंक ने Q2 के दौरान 51 टन सोना जोड़ा, जिससे उसका भंडार 632 टन हो गया, जबकि पीपल्स बैंक ऑफ चाइना ने 33 टन सोना जोड़ा, जो Q4 2023 के बाद से उसकी सबसे बड़ी तिमाही खरीदारी थी।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के नवीनतम सर्वेक्षण में भी सेंट्रल बैंक की मांग जारी रहने की मजबूत उम्मीदें दिखाई दीं। लगभग 89% उत्तरदाताओं को उम्मीद थी कि अगले वर्ष वैश्विक स्वर्ण भंडार में वृद्धि होगी, जबकि रिकॉर्ड 45% लोगों को उम्मीद थी कि वे अपने स्वयं के स्वर्ण भंडार में वृद्धि करेंगे।

ETF में फिर से निवेश बढ़ा

सोने को ETF की खरीदारी से भी सहारा मिला है। 20 जुलाई के बाद से एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) में कुल बुलियन होल्डिंग में 24 टन की वृद्धि हुई है, जो अप्रैल की शुरुआत के बाद से निवेश के प्रवाह की सबसे तेज गति है।

ETF की मांग में यह वापसी ऐसे समय में हुई है जब सेंट्रल बैंक की खरीदारी अधिक बनी हुई है, जिससे इस पीली धातु के लिए निवेश की मांग का एक और स्रोत मिल रहा है। संस्थागत खरीदारी और ETF में फिर से निवेश बढ़ने से कीमतों को सहारा मिला है, भले ही ऊंची कीमतों के कारण गहनों की मांग पर दबाव बना हुआ है।

ब्रोकरेज हाउस क्या दे रहे अनुमान

जेपी मॉर्गन को उम्मीद है कि सोने की कीमतें $6,000 प्रति औंस तक पहुंच सकती है। गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि इस साल के आखिर तक कीमते $5,400 के स्तर पर पहुंच सकती है। वहीं मेटल फोकस का अनुमान है कि कीमतें $6,000 प्रति औंस तक पहुंच सकती है। वहीं डॉयचे बैंक, एचएसबीसी और ING जैसे कई बैंक इस कैलेंडर साल की चौथी तिमाही तक सोने की कीमत $4,600 से $4,900 के बीच रहने का अनुमान लगा रहे है।

 

MCX पर सोना ₹1.53 लाख के पार, चांदी ₹2.36 के नीचे फिसली, जानें किस कारण बढ़ी मांग

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ट्रम्प की मीडिया कंपनी को 2200 करोड़ रुपए का घाटा:3 महीने में सिर्फ 16 करोड़ की कमाई, 6 महीने में 6000 करोड़ का नुकसान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मीडिया कंपनी ट्रम्प मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप (TMTG) को अप्रैल-जून 2026 में 2,261 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। इस दौरान कंपनी की कुल कमाई सिर्फ 16.15 करोड़ रुपए रही। जनवरी से जून 2026 के बीच TMTG का कुल नेट लॉस 6,118 करोड़ रुपए रहा। इस दौरान कंपनी की कुल कमाई सिर्फ 23.75 करोड़ रुपए थी। यानी छह महीने में कंपनी का घाटा उसकी कुल कमाई से करीब 258 गुना रहा। कंपनी ने अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) को दी रिपोर्ट में बताया कि तीन महीने का घाटा पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले काफी बढ़ा है। वहीं, कमाई में 89% की बढ़ोतरी हुई है। डिजिटल एसेट्स से 1800 करोड़ रुपए का नुकसान कंपनी के मुताबिक, उसके घाटे का सबसे बड़ा कारण डिजिटल एसेट्स, उन्हें गिरवी रखकर किए गए निवेश और शेयरों से जुड़ा नुकसान रहा। इनसे जुड़े 1,809 करोड़ रुपए के बिना बिके नुकसान को कंपनी ने दर्ज किया। इसके अलावा करीब 111 करोड़ रुपए का ब्याज और 77 करोड़ रुपए का स्टॉक-बेस्ड पेमेंट भी कंपनी के खर्च में जुड़ा। कंपनी की कमाई कहां से हुई? TMTG की लगभग पूरी कमाई उसके मीडिया कारोबार से हुई। इसमें करीब 13.6 करोड़ रुपए विज्ञापन और 1.7 करोड़ रुपए सब्सक्रिप्शन से मिले। कंपनी का मुख्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल है। इसके अलावा वह वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस ट्रुथ+ और फिनटेक ब्रांड Truth.Fi चलाती है। कंपनी ने पिछले एक साल में क्रिप्टोकरेंसी कारोबार में भी विस्तार किया है। नई सर्विस ट्रुथ API से कंपनियों को ट्रम्प की पोस्ट तक तेज पहुंच 1 अगस्त से TMTG ने ट्रुथ API नाम की सर्विस शुरू की है। यह निवेशकों और कंपनियों को ट्रुथ सोशल पर प्रकाशित पोस्ट तक तेजी से पहुंच देती है। कंपनी के अंतरिम CEO केविन मैकगर्न ने बताया कि अब तक 10 कंपनियां इस सर्विस की ग्राहक बन चुकी हैं। वे हर महीने करीब 57 लाख से 95 लाख रुपए तक फीस दे रही हैं। हालांकि, इस सर्विस को लेकर हितों के टकराव की चिंता भी जताई गई है। इसकी वजह यह है कि ट्रम्प की ट्रुथ सोशल पोस्ट का वित्तीय बाजारों पर असर पड़ सकता है। ट्रुथ सोशल की विजिट एक तिहाई से ज्यादा घटी ट्रुथ सोशल को 2022 में लॉन्च किया गया था, लेकिन यह X और फेसबुक जैसे बड़े प्लेटफॉर्म से काफी पीछे है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने ऑनलाइन ट्रैकिंग कंपनी सिमिलरवेब के आंकड़ों के हवाले से बताया कि जुलाई 2026 में ट्रुथ सोशल की विजिट पिछले साल के जुलाई के मुकाबले एक तिहाई से ज्यादा कम हो गईं। TMTG अमेरिकी शेयर बाजार नैस्डैक पर DJT नाम से सूचीबद्ध है। सोमवार को कारोबार खत्म होने तक कंपनी के शेयरों में करीब 8% की गिरावट आई।

PPF vs NSC: पीपीएफ या एनएससी? लंबी अवधि की बचत के लिए कौन सी सरकारी योजना है बेस्ट, देखें तुलना

PPF vs NSC Comparison: अगर आप बिना किसी जोखिम के अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित निवेश कर बेहतर रिटर्न और टैक्स बचत चाहते हैं, तो केंद्र सरकार की छोटी बचत योजनाएं सबसे भरोसेमंद विकल्प मानी जाती हैं। इन योजनाओं में पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) सबसे ज्यादा पसंद की जाती हैं।

दोनों ही योजनाएं पूरी तरह से सरकारी गारंटी के साथ आती हैं, लेकिन इनके निवेश की अवधि, ब्याज दर, टैक्स नियम और लिक्विडिटी के नियम एक-दूसरे से काफी अलग हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आपकी वित्तीय जरूरतों के हिसाब से कौन सी योजना ज्यादा बेहतर है।

PPF vs NSC: ब्याज दर और मैच्योरिटी अवधि

दोनों सरकारी योजनाओं में ब्याज दर और अवधि का अंतर सबसे प्रमुख है:

PPF vs NSC: ब्याज दर और मैच्योरिटी अवधि

लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए PPF क्यों है बेस्ट?

PPF को उन निवेशकों के लिए तैयार किया गया है जो 10 से 15 साल या उससे अधिक लंबे समय जैसे- रिटायरमेंट या बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए पैसा जोड़ना चाहते हैं।इसमें आपको एक साथ एकमुश्त रकम जमा करने की बाध्यता नहीं है। आप पूरे साल में किस्तों में पैसा जमा कर सकते हैं। 15 साल की शुरुआती अवधि होने के कारण इसमें ब्याज पर मिलने वाला चक्रवृद्धि ब्याज लंबी अवधि में एक बहुत बड़ा कॉर्पस तैयार कर देता है।

5 साल के निश्चित गोल के लिए NSC है बेहतर विकल्प

अगर आपके पास एकमुश्त रकम है और आपका लक्ष्य 5 साल की अवधि के लिए स्पष्ट है, तो NSC एक सही चुनाव साबित हो सकता है। NSC में जिस ब्याज दर (7.7%) पर आप सर्टिफिकेट खरीदते हैं, वह दर आपके 5 साल के पूरे कार्यकाल के लिए लॉक हो जाती है। बाजार या दरों में उतार-चढ़ाव का इस पर असर नहीं पड़ता।

PPF में एक ही खाता सालों-साल चलता रहता है, जबकि NSC में हर बार नया सर्टिफिकेट खरीदने पर उसकी 5 साल की मैच्योरिटी अलग से तय होती है।

टैक्स छूट का गणित: ‘EEE’ कैटेगरी में आता है PPF

ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत दोनों योजनाओं में आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स छूट मिलती है, लेकिन टैक्स का अंतिम नियम अलग है:

PPF (Exempt-Exempt-Exempt): यह ट्रिपल ई (EEE) कैटेगरी में आता है। इसमें निवेश की गई रकम, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाला पूरा पैसा पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है।

NSC (Taxable Interest): NSC का ब्याज टैक्सेबल होता है। हालांकि, शुरुआत के 4 सालों में मिलने वाला ब्याज स्वतः दोबारा निवेश मान लिया जाता है, जिससे उस पर 80C के तहत छूट मिल जाती है। लेकिन मैच्योरिटी पर अंतिम वर्ष का ब्याज टैक्स के दायरे में आता है।

लिक्विडिटी और पैसे निकालने के नियम

इमरजेंसी में पैसे की जरूरत पड़ने पर दोनों के नियम कड़े हैं:

PPF: इसमें निश्चित शर्तों के तहत 6 साल पूरे होने के बाद आंशिक निकासी और लोन की सुविधा मिलती है। कुछ विशेष परिस्थितियों (जैसे- गंभीर बीमारी या उच्च शिक्षा) में ही 5 साल बाद खाता समय से पहले बंद किया जा सकता है।

NSC: इसमें 5 साल से पहले पैसा निकालना लगभग असंभव है। केवल खाताधारक की मृत्यु या अदालत के आदेश जैसी असाधारण परिस्थितियों में ही मैच्योरिटी से पहले इसे भुनाया जा सकता है।

आपके लिए कौन सी योजना है बेस्ट?

PPF चुनें: अगर आपका लक्ष्य 10-15 साल से आगे का है, आप रिटायरमेंट प्लान कर रहे हैं और मैच्योरिटी पर 100% टैक्स-फ्री रिटर्न चाहते हैं।

NSC चुनें: अगर आप 5 साल के निश्चित समय के लिए पैसा सुरक्षित रखना चाहते हैं, एकमुश्त निवेश करना चाहते हैं और PPF की तुलना में अधिक ब्याज दर (7.7%) पाना चाहते हैं।

वैसे एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सबसे स्मार्ट तरीका ये है कि आप चाहें तो अपने पोर्टफोलियो को बैलेंस करने के लिए दोनों योजनाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। लंबी अवधि के लिए PPF में और 5 साल के मीडियम-टर्म गोल के लिए NSC में निवेश कर सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Silver Price Today: हफ्ते के दूसरे दिन फिर उछली चांदी, ₹2.39 पर भाव, खरीदारी से पहले जानें आपके अपने शहर का भाव

Silver Price Today: चांदी की कीमतों में हफ्ते के दूसरे दिन भी तेजी जारी है। भारत में चांदी के भाव लगभग ₹2,40,340 लाखप्रति किलोग्राम के आसपास ट्रेड करता दिखा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा सुबह 10 बजे 2242 रुपये की बढ़त के साथ 2,39,074 रुपये पर ट्रेड करती नजर आई। जबकि पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,36,867 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।

इंटरनेशनल मार्केट में क्या है भाव

इंटरनेशनल मार्केट Comex में सोने और चांदी के दाम में तेजी देखी गई है। सुबह करीब 9 बजे सोना comex पर 1.22% तक चढ़ा (Gold Price on Comex) और कीमत 4473.50 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई हैं। वहीं चांदी (Silver Price on Comex) के दाम 1.02 % चढ़कर 65.940 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा।

अब अगर आप ऐसे में सिल्वर में निवेश करना चाहते हैं, तो आपको अपने शहर के ताजा भाव जानने होंगे:

भारत के शहरों में चांदी के ताजा भाव (10 ग्राम, 100 ग्राम, प्रति किलो)

शहर10 ग्राम चांदी100 ग्राम चांदी1 किलो चांदी
दिल्ली₹2,360₹23,600₹2,36,000
मुंबई₹2,360₹23,600₹2,36,000
कोलकाता₹2,360₹23,600₹2,36,000
चेन्नई₹2,360₹23,600₹2,36,000
पटना₹2,360₹23,600₹2,36,000
लखनऊ₹2,360₹23,600₹2,36,000
मेरठ₹2,360₹23,600₹2,36,000
अयोध्या₹2,360₹23,600₹2,36,000
कानपुर₹2,360₹23,600₹2,36,000
गाजियाबाद₹2,360₹23,600₹2,36,000
नोएडा₹2,360₹23,600₹2,36,000
गुरुग्राम₹2,360₹23,600₹2,36,000
चंडीगढ़₹2,360₹23,600₹2,36,000
जयपुर₹2,360₹23,600₹2,36,000
लुधियाना₹2,360₹23,600₹2,36,000
गुवाहाटी₹2,360₹23,600₹2,36,000
इंदौर₹2,360₹23,600₹2,36,000
अहमदाबाद₹2,360₹23,600₹2,36,000
वडोदरा₹2,360₹23,600₹2,36,000
सूरत₹2,360₹23,600₹2,36,000
पुणे₹2,360₹23,600₹2,36,000
नागपुर₹2,360₹23,200₹2,36,000
नासिक₹2,360₹23,200₹2,36,000
बैंगलोर₹2,360₹23,200₹2,36,000
भुवनेश्वर₹2,360₹23,600₹2,36,000
रायपुर₹2,360₹23,600₹2,36,000
हैदराबाद₹2,360₹23,600₹2,36,000

पिछले दिन क्या रहा चांदी का वायदा भाव

वैश्विक बाजार में मजबूती के रुख के बीच वायदा कारोबार में सोमवार को चांदी की कीमत 1.09 फीसदी बढ़कर 2.33 लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सितंबर वायदा 2,514 रुपये यानी 1.09 फीसदी की बढ़त के साथ 2,33,980 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

वहीं इंटरनेशनल मार्केट में चांदी का वायदा भाव 0.41 फीसदी बढ़कर 63.81 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। विश्लेषकों ने कहा कि सटोरियों की तरफ से नए सौदे किए जाने से चांदी की कीमतों में तेजी को समर्थन मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी का रुख देखा गया।

इन फैक्टर्स पर रखें नजर

सोने को लंबे समय से संकट और युद्ध के समय सुरक्षित निवेश माना जाता रहा है, लेकिन अब इसकी कीमत पर सिर्फ जियो-पॉलिटिकल टेंशन का असर नहीं पड़ रहा है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOFSL) की रिपोर्ट के मुताबिक, निवेशक अब यह भी देख रहे हैं कि महंगाई के आंकड़े, ब्याज दरों और सेंट्रल बैंकों की नीतियों पर क्या असर पड़ेगा। युद्ध और सोने की कीमत के बीच संबंध पहले जितना सीधा नहीं रहा है । रिपोर्ट के अनुसार, इस साल की पहली छमाही में बढ़ती बॉन्ड यील्ड सोने के लिए बड़ी चुनौती बनी रही। जियो-पॉलिटिकल टेंशन के बावजूद हाई बॉन्ड यील्ड ने सोने की तेजी पर दबाव डाला है।

कैसा है सोने का हाल

इस बीच सोने की कीमतों में भी जोरदार उछाल देखने को मिला है। MCX पर सोना (Gold Price) चढ़कर करीब ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड करता दिखा है। 11 अगस्त को दिल्ली में 22K सोने की कीमत करीब ₹13,944 प्रति ग्राम है जबकि मुंबई और केरल में यह लगभग ₹13,929 प्रति ग्राम, जबकि चेन्नई में करीब ₹13,949 प्रति ग्राम है। यानी शहर के हिसाब से सोने के रेट में थोड़ा फर्क नजर आया है।

Gold Price Today: लगातार दूसरे दिन सोना फीका, दिल्ली से पटना तक 10 शहरों में सबसे सस्ता बिक रहा यहां

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Trend : ब्रेंट क्रूड की बढ़ती कीमत बाजार के लिए सबसे बड़ा निगेटिव फैक्टर, आज इन दो शेयरों में हो सकती है बंपर कमाई

Market Trend : मिलेजुले ग्लोबल संकेतों के बीच 11 अगस्त को भारतीय बाजार मामूली गिरावट के साथ खुले हैं। ऐसे में जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट, वीके विजयकुमार का कहना है कि बाजार के दूसरे फंडामेंटल्स मजबूत होने के बावजूद,ब्रेंट क्रूड की बढ़ती कीमतें बाजार के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। बाजार में एक अहम बदलाव यह हुआ है कि FIIs अब खरीदार बन रहे हैं। Q1 के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं और रुपये में स्थिरता आई है, इससे विदेशी निवेशक पसंद कर रहे हैं। इन बातों से बाजार को सपोर्ट मिल सकता है। घरेलू खपत मजबूत रहने से FY27 तक अर्निंग्स में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रह सकता है।

FCNR(B)में आ रहे भारी निवेश से रुपये को सहारा मिल सकता है,जिससे और ज्यादा FII निवेश आ सकता है। FIIs दक्षिण कोरिया और ताइवान में चिप ट्रेड से अपना पैसा निकालकर भारतीय शेयरों में डाल रहे हैं। यह ट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है। दिलचस्प बात यह है कि FIIs अच्छे वैल्यूएशन वाले बड़े बैंकों के बजाय टेलीकॉम, रिन्यूएबल एनर्जी,कैपिटल गुड्स और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर के महंगे शेयरों में पैसे लगा रहे हैं।

चॉइस ब्रोकिंग में टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट, हितेश टेलर का कहना है कि भारतीय इक्विटी मार्केट में सुस्ती के संकेत हैं। ग्लोबल संकेत मिलेजुले हैं। निवेशक अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर कम होती चिंता और दूसरी तरफ कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और मिडिल ईस्ट में जारी जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रहे हैं। इस हफ्ते अमेरिका में जुलाई के रिटेल महंगाई आंकड़े आने वाले हैं। ऐसे में मार्केट महंगाई और ब्याज दरों को लेकर सतर्क रह सकता है।

निफ्टी पर रणनीति

बाजार में आज की कमाई की रणनीति पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24632-24678 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24711-24767/24788 पर है। इसके लिए पहला बेस 24471-24509 पर और बड़ा बेस 24383-24411 पर है। कल बेस-1 से रजिस्टेंस-1 के बीच रेंज ने अच्छा काम किया। FIIs कैश में खरीदारी रही,लेकिन इंडेक्स में बिकवाली हुई। नेट शॉर्ट 1.52 लाख पर रहे,नई शॉर्ट पोजिशन जुड़ी।

आज एक्सपायरी है और ग्लोबल सेटअप साइडवेज है। कच्चा तेल फिलहाल मजबूत निगेटिव फैक्टर है। 24600-24700-24800 पर कॉल और 24500-24400 पर पुट राइटिंग हुई है। 24471 पर 10 DEMA और 24383 पर 200 DEMA है। एक्सपायरी को देखते हुए फिलहाल रेंज में ट्रेड करना बेहतर रहेगा। बेस-1 पर गिरावट में खरीदें,रजिस्टेंस-1 पर निकलें। 24471 के नीचे फिसलने पर दबाव बढ़ेगा,फिर बेस-2 का टेस्ट संभव है। बेस-1 से रिवर्सल मिले तो रजिस्टेंस-1 पर मुनाफा बुक करें।

24711 के ऊपर रेंज ब्रेकआउट हो सकता है,दिन में 70-80 अंक की अतिरिक्त चाल संभव है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 57941-58086 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58278-58389/58534 पर है। इसके लिए पहला बेस 57432-57550 पर और बड़ा बेस 56959-57117/57236 पर है। बैंक निफ्टी अभी छोटी रेंज में फंसा हुआ है। कल भी कारोबार साइडवेज रहा। PSU बैंकों में तेज दबाव देखने को मिला। 58000-58100-58200 पर कॉल राइटिंग दिखी। 57000 पुट में अच्छा OI है, यहां 10/20DEMA भी है।

शुरुआत में रेंज ट्रेड करने की रणनीति रखें। क्रूड में तेजी है,इसलिए बेस-1 टूटने पर दबाव संभव है। बेस-1 टूटने पर बेस-2 तक गिरावट संभव है। बेस-1 से रिवर्सल मिले तो रजिस्टेंस-1 के पास निकलें।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Mantri FinMart के अरुण कुमार मंत्री। आज इनकी जेएसडब्ल्यू एनर्जी और मारुति में खरीदारी की सलाह है। जेएसडब्ल्यू एनर्जी में इनकी 577 रुपए के आसपास, 571 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 586 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, मारुति में इनकी 14090 रुपए के आसपास,13910 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 14545 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है

 

Trading Plan: ICICI सिक्योरिटीज के जय ठक्कर से जाने आज कैसी रह सकती है बाजार की चाल, क्या हो कमाई की रणनीति

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan: ICICI सिक्योरिटीज के जय ठक्कर से जाने आज कैसी रह सकती है बाजार की चाल, क्या हो कमाई की रणनीति

Trading Plan: आने वाले सेशन में निफ्टी 50 के 24,500-24,650 की सीमित रेंज में ट्रेड करने की संभावना है। हालांकि,इंडेक्स की अंदरूनी मजबूती बनी हुई है और यह अपने 200-डे EMA, 21 डे EMA और 24,482 के ब्रेकआउट जोन के ऊपर ट्रेड कर रहा है। अगर इंडेक्स इस रेंज से नीचे गिरता है,तो अगला डाउनसाइड टारगेट 24,400 हो सकता है। ऊपर की तरफ,24,700-24,800 का जोन रेजिस्टेंस का काम करेगा।

उधर बैंक निफ्टी के लिए 57,500 का लेवल एक अहम सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह लेवल टूटता है और इसमें बड़ी गिरावट आती है तो और बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। ऊपर की तरफ इसके लिए 58,100-58,250 का जोन रेजिस्टेंस का काम करेगा। बाजार जानकारों का कहना कि अगर बैंक निफ्टी इस रेंज से ऊपर जाता है तो 58,500 और उसके बाद 58,700 तक के लेवल देखने को मिल सकते हैं।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ डेरिवेटिव्स एंड क्वांट रिसर्च,जय ठक्कर का कहना है कि सोमवार को वीकली सेटलमेंट से पहले आखिरी ट्रेडिंग सेशन में निफ्टी लगभग सपाट बंद हुआ,लेकिन कुल मिलाकर स्थिति पॉजिटिव दिख रही है। डेली क्लोजिंग अब लगभग सामान्य हो गई है और इम्प्लाइड वोलैटिलिटी भी कम हुई है,जो एक अच्छी बात है। पिछली वीकली एक्सपायरी में दोपहर 3:15 बजे तक कोई ‘थीटा डिके'(समय बीतने के साथ ऑप्शन की कीमत में कमी)नहीं हुआ क्योंकि क्लोजिंग प्राइस को लेकर अनिश्चितता थी,लेकिन पिछले कुछ दिनों के आंकड़े बताते हैं कि दोपहर 3:15 बजे और 3:30 बजे के बीच का अंतर कम हुआ है,जो एक अच्छा संकेत है।

ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि शॉर्ट-टर्म रिवर्सल 24,200 से 24,000 के लेवल पर है, जो कुल पुट बेस है। वहीं,24,600-24,800 का जोन रेसिस्टेंस का काम कर रहा है,क्योंकि वीकली एक्सपायरी के लिए यहां सबसे ज्यादा कॉल बेस है और यह 200 DMA के भी करीब है। अगर निफ्टी इसके ऊपर जाता है तो इसके 25,000 की ओर बढ़ने की संभावना है,जहां कुल मिलाकर सबसे ज्यादा कॉल बेस है।

इन बातों को ध्यान में रखकर देखें तो निफ्टी की शॉर्ट टर्म रेंज 24,200-24,800 पर दिख रही है। इसके बाद 24,000-25,000 का लेवल है। इंडिया VIX स्थिर हो गया है और इक्विटी कैश सेगमेंट और इंडेक्स फ्यूचर्स,दोनों में FIIs की तरफ से बिकवाली का दबाव भी कम हुआ है।

मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने और इंटरनेशनल क्रूड ऑयल की कीमतें घटने से भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए अच्छे संकेत मिल रहे हैं। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए निफ्टी के लिए शॉर्ट-टर्म में नजरिया पॉजिटिव बना हुआ है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,600, 24,800

अहम सपोर्ट: 24,200, 24,000

स्ट्रैटेजी: वर्तमान भाव पर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें और 24,400 के आस-पास गिरावट आने पर और खरीदारी करें। क्लोजिंग बेसिस पर 24,200 के नीचे स्टॉप-लॉस रखें और 24,800 और 25,000 का टारगेट रखें।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि प्राइवेट सेक्टर के बैंकों के नतीजों और हाल ही में बढ़े जियो-पॉलिटिकल तनाव (जिससे ब्याज दरें बढ़ने का डर पैदा हुआ था) के बाद से बैंक निफ्टी कंसोलिडेशन मोड में आ गया है। हालांकि,अमेरिका से नौकरियों और महंगाई को लेकर आए अच्छे मैक्रो डेटा,जियो-पॉलिटिकल तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने बैंकिंग शेयरों में आ रही गिरावट को रोकने में मदद की है।

ऑप्शंस डेटा से पता चलता है कि 58,000 का स्ट्राइक अहम है क्योंकि यहां सबसे ज्यादा कॉल और पुट बेस है। ऐसे में इसके ऊपर जाने पर इंडेक्स पॉजिटिव हो जाएगा। ऐसा होने तक यह कंसोलिडेट होता रह सकता है। चूंकि हाल ही में काफी कंसोलिडेशन हुआ है और ओवरऑल मार्केट की स्थिति भी पॉजिटिव है,इसलिए ऐसा लगता है कि इंडेक्स में ऊपर की ओर ब्रेकआउट होगा,जिससे यह 59,000 और 60,000 के लेवल तक पहुंच सकता है।

नीचे की तरफ बैंक निफ्टी के लिए 57,000 पर तत्काल सपोर्ट है क्योंकि 58,000 स्ट्राइक के बाद यहीं सबसे ज्यादा पुट बेस है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,000

अहम सपोर्ट: 57,000

स्ट्रैटेजी: 58,000 के ऊपर बैंक निफ्टी अगस्त फ्यूचर्स खरीदें। स्टॉप-लॉस 57,000 के नीचे रखें और टारगेट 59,000 और 60,000 पर सेट करें।

 

 

Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर दे रहे कंसोलीडेशन जारी रहने के संकेत, 24500-24700 का दायरा टूटने पर ही आएगी तेजी

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : गिफ्ट निफ्टी से भारतीय बाजारों के निगेटिव से सपाट खुलने को संकेत मिल रहे हैं। 7.10 बजे सुबह के आसपास गिफ्टी निफ्टी 17.50 अंक यानी 0.07 फीसदी की हल्की कमजोरी के साथ 24,615.50 के आसपास दिख रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

10 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बिना किसी बड़े बदलाव के सपाट बंद हुए । सेंसेक्स कल 43.27 अंक या 0.06% बढ़कर 78,542.44 पर और निफ्टी 13.15 अंक या 0.05% बढ़कर 24,583.80 पर बंद हुआ। निफ्टी50 में टाइटन कंपनी 3%,टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स 2.4%, बजाज फाइनेंस 2.2%, श्रीराम फाइनेंस 2% और ग्रासिम 1.7% चढ़े थे। गिरने वाले शेयरों में SBI 2.39%,ITC 1.2%, एटरनल 1.5%, डॉ. रेड्डीज़ लैब्स 1.13% और TCS 1% नीचे बंद हुए थे।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी रियल्टी में 1.3%, कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडेक्स में 0.4% और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 0.5% की बढ़त देखने को मिली थी। जबकि निफ्टी PSU बैंक 1.6%, निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.3% और निफ्टी इंफ्रा 0.4% गिरे थे। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.6% की बढ़त हुई और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.3% नीचे आया था।

निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार के लिए मिले-जुले संकेत

निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार के लिए मिले-जुले संकेत नजर आ रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की नरमी है। FIIs की कैश में 1975 करोड़ की खरीदारी देखने को मिली है। हालांकि वायदा में बिकवाली नजर आई है। एशिया में हल्की बढ़त है। वहीं कल US बाजारों में भी हल्की गिरावट दिखी। उधर US बॉन्ड यील्ड फिर 4.7% के पार निकल गया है।

निफ्टी 50 से विप्रो बाहर, BSE की एंट्री

30 सितंबर से NSE इंडेक्स में बड़ा बदलाव होगा। करीब 3 दशक बाद विप्रो का शेयर निफ्टी 50 से बाहर होगा और इसमें BSE की एंट्री होगी। NIFTY NEXT50 और Nifty 500 में भी बदलाव होगा। हिताची,पॉलीकैब,वेदांता एल्युमिनियम और वोडाफोन आइडिया NIFTY NEXT50 में शामिल होंगे।

गौतम अदाणी को US में बड़ी कानूनी राहत

आज अदाणी ग्रुप शेयर फोकस में होंगे। गौतम और सागर अदाणी को अमेरिका में बड़ी कानूनी राहत मिली है। इन पर रिश्वत-धोखाधड़ी का केस खत्म हो गया है। गौतम अदाणी ने कहा है कि US कोर्ट के फैसले का स्वागत है। इसकी सच्चाई,निष्पक्षता और कानून पर हमारा अटूट भरोसा है।

VI को 3700 करोड़ रुपए का घाटा, BOSCH का प्रॉफिट 37% घटा

पहली तिमाही वोडाफोन को 3700 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। 1600 करोड़ रुपये की एकमुश्त आय के बावजूद कंपनी को नुकसान हुआ है। हालांकि घाटे का आंकड़ा अनुमान से कम रहा है। वहीं रेवेन्यू में तीन फीसदी से ज्यादा की बढ़त रही है। एवरेज रेवेन्यू पर यूजर भी 177 से बढ़कर 195 रुपए पर रही है। दूसरी ओर BOSCH INDIA का प्रॉफिट करीब 37% घटा है। लेकिन मार्जिन में सुधार दिखा है।

वायदा की 6 कंपनियों के नतीजे आज

आज वायदा में शामिल सीमेंस,PI इंडस्ट्रीज,मणप्पुरम फाइनेंस और जायडस लाइफ समेत 6 कंपनियों के नतीजे आएंगे। सीमेंस और PI INDUSTRIES के मुनाफे और मार्जिन पर दबाव दिख सकता है। वहीं, मणप्पुरम फाइनेंस की ब्याज से होने वाली कमाई 18 फीसदी बढ़ सकती है।

FII और DII फंड फ्लो

एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार,10 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs/FPIs) ने ₹1,974.76 करोड़ के शेयर खरीदे और वे भारतीय इक्विटी के नेट बॉयर बन गए,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹1,290.29 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर रहे।

 

 

Market View : निफ्टी कंपनियों के लिए अच्छी रहेगी सितंबर तिमाही, बच्चों का कपड़ा बनाने वाली यह कंपनी कर सकती है कमाल

ITR Notice: टाइम पर ITR भर दिया? फिर भी आ सकता है इनकम टैक्स का नोटिस! जानिए बचाव का सही तरीका

Income Tax Notice After Filing ITR: अगर आपने 31 जुलाई या तय समयसीमा के भीतर अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर दिया है, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपकी जिम्मेदारी खत्म हो गई। समय पर ITR फाइल करने से सिर्फ डेडलाइन पूरी होती है, लेकिन यह इस बात की गारंटी नहीं है कि आपका रिटर्न पूरी तरह सही और सटीक है।

इनकम टैक्स विभाग के पास उपलब्ध आंकड़ों (AIS/फॉर्म 26AS) और आपके द्वारा दी गई जानकारी में जरा सी भी गड़बड़ी पाई जाने पर आपको इनकम टैक्स का नोटिस आ सकता है।

समय पर ITR भरने के बाद भी क्यों आता है टैक्स नोटिस?

विशेषज्ञों के मुताबिक, टैक्स रिटर्न दाखिल करना पहला कदम है। नोटिस आने के ये कुछ प्रमुख कारण हैं:

  • TDS और टैक्स क्रेडिट मिसमैच: फॉर्म 26AS या AIS में दिख रहा TDS/TCS और रिटर्न में क्लेम किया गया TDS आपस में मेल न खाना।
  • छूटी हुई आय: सेविंग्स अकाउंट का ब्याज, FD का ब्याज, शेयर या म्यूचुअल फंड से मिला डिविडेंड और कैपिटल गेंस को ITR में न दर्शाना।
  • हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन: जमीन-जायदाद की खरीद-बिक्री, क्रेडिट कार्ड का भारी बिल या बड़े कैश डिपॉजिट का ब्योरा रिटर्न से अलग होना।
  • गलत ITR फॉर्म चुनना: अपनी आय के स्रोतों के हिसाब से सही फॉर्म (ITR-1, 2, 3 या 4) की जगह गलत फॉर्म चुनना।
  • गलत डिडक्शन या क्लेम: बिना किसी पक्के सबूत के फर्जी HRA, 80C या अन्य टैक्स छूट का क्लेम करना।

इनकम टैक्स नोटिस के प्रकार

विभाग अलग-अलग कारणों से अलग-अलग धाराओं के तहत नोटिस भेजता है:

सेक्शन 143(1) इंटिमेशन नोटिस: यह रिटर्न प्रोसेस होने के बाद आता है। अगर विभाग को आपकी आय, टैक्स क्रेडिट या डिडक्शन की गणना में कोई गणितीय गलती मिलती है, तो यह इंटिमेशन जारी किया जाता है।

सेक्शन 139(9) डिफेक्टिव रिटर्न: रिटर्न में कोई जानकारी अधूरी रहने या गलत फॉर्म चुनने पर ‘डिफेक्टिव रिटर्न’ का नोटिस मिलता है।

धारा 142(1) इंक्वायरी नोटिस: जब असेसिंग ऑफिसर (AO) को आपके रिटर्न के संबंध में कोई अतिरिक्त जानकारी या दस्तावेज चाहिए होते हैं।

धारा 143(2) स्क्रूटनी नोटिस: जब आपका रिटर्न विस्तृत जांच के लिए चुना जाता है। इसमें आपको अपने दावों के समर्थन में सबूत देने होते हैं।

धारा 148 – Income Escaped असेसमेंट: जब टैक्स अधिकारी के पास यह मानने की वजह हो कि आपकी कोई आय टैक्स के दायरे से छूट गई है।

धारा 156 – डिमांड नोटिस: अगर जांच के बाद विभाग यह पाता है कि आप पर टैक्स, ब्याज या पेनल्टी की कोई देनदारी बनती है, तो यह नोटिस भेजा जाता है।

नोटीस मिलने पर क्या करें? अपनाएं ये स्टेप्स

अगर आपको इनकम टैक्स विभाग से कोई नोटिस मिलता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। ये स्टेप्स को फॉलो करें:

सबसे पहले इनकम टैक्स के आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल (incometax.gov.in) पर लॉगिन करें। नोटिस का DIN, असेसमेंट ईयर और PAN नंबर जरूर वेरीफाई करें। नोटिस में उठाए गए मुद्दे की तुलना अपने ITR, Form 26AS, AIS/TIS और बैंक स्टेटमेंट्स से करें।

अगर गलती आपकी तरफ से हुई है, तो तय समय में रिवाइज्ड रिटर्न या अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) दाखिल करें। अगर आपका रिटर्न बिल्कुल सही है, तो पोर्टल पर ही मांगे गए कागजात और सबूत अपलोड करके अपना पक्ष रखें।

नोटिस में दी गई डेडलाइन को कभी नजरअंदाज न करें। क्योंकि नोटिस का जवाब न देने पर भारी पेनल्टी, अतिरिक्त ब्याज या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Hindustan Copper Q1 Results: सरकारी कंपनी का मुनाफा 163% बढ़ा, रेवेन्यू में 81% का उछाल

Hindustan Copper Q1 Results: सरकारी माइनिंग कंपनी Hindustan Copper के शेयर सोमवार, 10 अगस्त को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 163.4% बढ़कर 353 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह 134 करोड़ रुपये था।

कंपनी का रेवेन्यू 81.4% बढ़कर 936.5 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 516.4 करोड़ रुपये थी।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी मजबूत

हिंदुस्तान कॉपर का EBITDA 507.5 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह 212.3 करोड़ रुपये था। यानी ऑपरेटिंग मुनाफा भी दोगुना से ज्यादा बढ़ा।

वहीं, EBITDA मार्जिन 41% से बढ़कर 54% पर पहुंच गया। इससे कंपनी की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी में सुधार दिखा।

कॉपर की कीमतों का भी मिला सहारा

वैश्विक बाजार में कॉपर की कीमतें पिछले छह हफ्तों से लगातार बढ़ रही थीं। इसकी वजह सप्लाई का कम होना और अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर चिंता कम होना रहा।

पिछले हफ्ते कॉपर की कीमत 14,000 डॉलर प्रति टन के पार पहुंच गई थी। यह जनवरी के आखिर के बाद का सबसे ऊंचा इंट्राडे स्तर था। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में भी कॉपर की कीमतें मजबूत रह सकती हैं।

हिंदुस्तान कॉपर के शेयरों का हाल

नतीजों के बाद Hindustan Copper के शेयरों में 1% से ज्यादा तेजी देखने को मिली। हालांकि, फिर मुनाफावसूली के के चलते यह लाल निशान में चला गया। दोपहर 2.20 बजे तक स्टॉक 0.48% की गिरावट के साथ 533.50 रुपये पर बंद हुआ।

पिछले 6 महीने में स्टॉक 10.72% गिरा है। वहीं, 1 साल में इसने करीब 125% का रिटर्न दिया है। इस सरकारी कंपनी का मार्केट कैप 51.63 हजार करोड़ रुपये है।

हिंदुस्तान कॉपर का बिजनेस क्या है

Hindustan Copper Ltd भारत सरकार के मालिकाना हक वाली खनन कंपनी है। इसका मुख्य कारोबार कॉपर (तांबा) की खोज, खनन, उत्पादन और बिक्री है।

कंपनी कॉपर ओर (अयस्क) निकालने से लेकर उसे प्रोसेस कर कॉन्संट्रेट, कॉपर कैथोड, वायर रॉड और दूसरे कॉपर उत्पाद बनाती है। इसके ग्राहक बिजली, इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, रेलवे और रक्षा जैसे कई बड़े उद्योग हैं।

SBI Share Price: उम्मीद से बेहतर नतीजों के बाद क्यों टूटा शेयर, जानिए एनालिस्ट स्टॉक को लेकर क्या दे रहा हैं राय

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।