Viral Video: न भारत, न गुजरात… पाकिस्तान में दिखा नवरात्रि का ऐसा नजारा, वीडियो देख खुश हो जाएंगे आप

भारत में नवरात्रि के दौरान गरबा, पूजा और माता रानी के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो जाता है। लेकिन क्या आपने कभी पाकिस्तान में नवरात्रि का ऐसा नजारा देखा है? सोशल मीडिया पर कराची के एक मंदिर का वीडियो चर्चा में है, जहां हिंदू श्रद्धालु माता रानी की भक्ति में डूबे नजर आ रहे हैं। कोई गरबा कर रहा है, तो कोई प्रसाद बांटकर त्योहार की खुशियां साझा कर रहा है। इस वीडियो को देखकर भारत के कई सोशल मीडिया यूजर्स भी अपनी भावनाएं जाहिर कर रहे हैं। खास बात यह है कि सरहद के उस पार मनाए जा रहे इस त्योहार की झलक लोगों को धार्मिक आस्था और आपसी जुड़ाव का खूबसूरत संदेश देती नजर आ रही है।

कराची के मंदिर में गरबा करते दिखे श्रद्धालु

इंस्टाग्राम यूजर @munji_galhiyun ने यह वीडियो साझा किया है। इसमें पाकिस्तान के कराची स्थित श्री रत्नेश्वर महादेव मंदिर में नवरात्रि उत्सव की झलक दिखाई गई है। वीडियो पर लिखा है, “Navratri Day: 1: Shiv Mandir, Karachi Pakistan।”

वीडियो की शुरुआत में महिला कहती है, “This is not India, this is Pakistan Navratri।” इसके बाद मंदिर परिसर में गरबा करते श्रद्धालु दिखाई देते हैं। कहीं लोग भक्ति संगीत पर झूम रहे हैं, तो कहीं एक साथ प्रसाद ग्रहण करते नजर आ रहे हैं। माता रानी की प्रतिमा और ‘जय माता दी’ लिखे हेडबैंड पहने भक्तों की तस्वीरें भी इस वीडियो को खास बनाती हैं।

नौ दिनों तक चलती हैं नवरात्रि की रौनक

इंस्टाग्राम पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, मंदिर में नवरात्रि का उत्सव नौ दिनों तक चलता है। इस दौरान पूजा-पाठ, पारंपरिक गरबा और सामूहिक कार्यक्रमों के जरिए श्रद्धालु त्योहार मनाते हैं। महिला ने एक अन्य वीडियो में यह भी बताया कि मुस्लिम लड़के अपने परिवार के साथ इन कार्यक्रमों में आ सकते हैं। उसने इसकी वजह लड़कियों की सुरक्षा बताई। उसके अनुसार, उत्सव का समय रात 8 बजे से मध्यरात्रि तक रहता है।

वीडियो देखकर भारतीय यूजर्स ने जताई खुशी

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी चर्चा में हैं। कई यूजर्स ने पाकिस्तान में हिंदू समुदाय को नवरात्रि मनाते देखकर खुशी जताई, जबकि कुछ ने भविष्य में इन समारोहों में शामिल होने की इच्छा जाहिर की।

एक यूजर ने लिखा, “भगवान आप सभी को आशीर्वाद दें। भारत से ढेर सारा प्यार और प्रार्थनाएं।” वहीं, दूसरे यूजर ने कहा कि वह भी नवरात्रि में उनके साथ शामिल होना चाहता है और ‘जय माता दी’ कहकर शुभकामनाएं दीं।

एक अन्य यूजर ने हैरानी जताते हुए पूछा कि क्या यह सच है। वहीं, किसी ने लिखा कि यह वीडियो देखकर उसका दिन बन गया।

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भारत-पाकिस्तान के बीच त्योहार साथ मनाने की उम्मीद

कुछ लोगों ने इस वीडियो को दोनों पड़ोसी देशों के बीच बेहतर रिश्तों की उम्मीद से भी जोड़ा। एक यूजर ने इच्छा जताई कि काश किसी दिन भारत और पाकिस्तान के लोग मिलकर त्योहार मना सकें।कराची के मंदिर में नवरात्रि की यह झलक दिखाती है कि धार्मिक परंपराएं और त्योहार लोगों के जीवन में कितनी अहम जगह रखते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल यह वीडियो इसी वजह से लोगों का ध्यान खींच रहा है और सरहद के दोनों ओर रहने वाले लोगों के बीच भावनात्मक जुड़ाव की चर्चा को आगे बढ़ा रहा है।

फ्लाइट अटेंडेंट की नौकरी छोड़ संभाला फैमिली बिजनेस, एक दिन में कमाए ₹14.45 लाख

फ्लाइट अटेंडेंट की नौकरी छोड़ संभाला फैमिली बिजनेस, एक दिन में कमाए ₹14.45 लाख

फ्लाइट अटेंडेंट की नौकरी करना कई लोगों का सपना होता है। इस काम में अलग-अलग जगहों पर घूमने और नए लोगों से मिलने का मौका मिलता है। लेकिन 12 साल तक एविएशन सेक्टर में काम करने के बाद एक महिला ने नौकरी छोड़कर अपने लिए एक नई राह चुनने का फैसला किया। महिला अपनी फ्लाइट अटेंडेंट की नौकरी छोड़कर परिवार के काम में हाथ बंटाने का फैसला किया। वहीं वह इस काम से अब हर दिन करीब 14 लाख रुपये कमा रही है। आइए जानते हैं इसके बारे में

मां का बिजनेस संभालने लौटी घर

Vietnam.vn की रिपोर्ट के अनुसार, जियाओ चेन ने फ्लाइट अटेंडेंट की नौकरी छोड़कर अपने होमटाउन लौटने का फैसला किया। अब वह केकड़े (Crabs) बेचने का काम करती हैं और अपना समय केकड़े चुनने, ग्राहकों के ऑर्डर पैक करने और उनकी डिलीवरी की व्यवस्था संभालने में बिताती हैं। चेन ने नौकरी छोड़कर परिवार के काम में हाथ बंटाने का फैसला किया। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी मां का केकड़े बेचने का कारोबार पहले से अच्छा चल रहा था, लेकिन काम बढ़ने के साथ उसे संभालने के लिए मदद की जरूरत महसूस हुई। ऐसे में चेन चीन के झेजियांग प्रांत के तटीय शहर निंगबो वापस लौट आईं और मां के बिजनेस को संभालने में जुट गईं।

एक दिन में हुई 14.45 लाख की बिक्री

रिपोर्ट्स के अनुसार, त्योहार के दिनों में चेन के परिवार के कारोबार ने हर दिन 1 लाख युआन यानी करीब 14.45 लाख रुपये से ज्यादा की बिक्री की। हालांकि, बढ़ती मांग के बीच उनके सामने अच्छी क्वालिटी के हरे केकड़ों की पर्याप्त सप्लाई जुटाने की चुनौती भी खड़ी हो गई। इसी वजह से चेन ने तय किया कि, वह जरूरत से ज्यादा ऑर्डर नहीं लेंगी, ताकि ग्राहकों को खराब क्वालिटी का सामान न भेजना पड़े। सप्लाई कम होने पर उन्होंने बिक्री घटाने का फैसला किया, जिससे प्रोडक्ट की गुणवत्ता बनी रहे।

ऑनलाइन मिलते हैं ऑर्डर

फ्लाइट अटेंडेंट की नौकरी छोड़ने के बाद चेन ने परिवार के केकड़े के कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। वह छोटे-छोटे वीडियो बनाकर केकड़ों को चुनने, पैक करने और ग्राहकों तक भेजने की पूरी प्रक्रिया दिखाती हैं। उनके वीडियो में उनकी नई जिंदगी भी नजर आती है, जहां वह यूनिफॉर्म की जगह अब तालाब के पास काम करती और केकड़ों को संभालती दिखती हैं। यात्रियों से बातचीत करने का उनका पुराना अनुभव अब ग्राहकों से जुड़ने में मदद कर रहा है। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो लोगों को पसंद आ रहे हैं और कुछ लोग इन्हें देखकर ऑनलाइन ऑर्डर भी कर रहे हैं।

मिड-ऑटम फेस्टिवल में बढ़े ऑर्डर

ऑनलाइन वीडियो और सोशल मीडिया की मदद से चेन के परिवार का कारोबार अब स्थानीय ग्राहकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दूसरे इलाकों से भी लोग उनके प्रोडक्ट के बारे में जानने लगे हैं। पारंपरिक तरीके से बिक्री करने के साथ-साथ वह इंटरनेट पर केकड़ों की जानकारी और वीडियो शेयर कर ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच बना रही हैं। मिड-ऑटम फेस्टिवल के दौरान केकड़ों की मांग बढ़ने से कारोबार में ऑर्डर भी काफी बढ़ गए। इस दौरान चेन और उनकी टीम को पहले के मुकाबले ज्यादा काम संभालना पड़ा।

Q2 Results: प्राइवेट बैंक का मुनाफा 169% बढ़ा, NII में भी तगड़ा उछाल; बैड लोन में कमी आई

RBL Bank Q2 Results: प्राइवेट सेक्टर के RBL Bank ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में बैंक का मुनाफा बढ़कर 481.7 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 179 करोड़ रुपये था। यानी मुनाफे में करीब 169% की बढ़ोतरी हुई है। बैंक की कमाई बढ़ी है। साथ ही, खराब कर्ज के आंकड़ों में भी सुधार हुआ है।

NII में 37.4% की बढ़ोतरी

बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी तेजी से बढ़ी है। सितंबर तिमाही में यह सालाना आधार पर 37.4% बढ़कर 2,131 करोड़ रुपये हो गई। पिछले साल इसी तिमाही में यह 1,551 करोड़ रुपये थी।

खराब कर्ज घटा, लेकिन प्रोविजन बढ़ा

RBL Bank के बैड लोन यानी खराब कर्ज में कमी आई है। सितंबर तिमाही में ग्रॉस NPA घटकर 1.02% रह गया। जून तिमाही में यह 1.3% था। इसी तरह, नेट NPA भी 0.37% से घटकर 0.29% पर आ गया। यानी बैंक के फंसे हुए कर्ज का स्तर कम हुआ है।

हालांकि, बैंक को खराब कर्ज के लिए ज्यादा रकम अलग रखनी पड़ी। सितंबर तिमाही में प्रोविजन बढ़कर 766.5 करोड़ रुपये हो गया। जून तिमाही में यह 599.2 करोड़ रुपये था। एक साल पहले सितंबर तिमाही में यह रकम 499.7 करोड़ रुपये थी।

लोन देने में बढ़ोतरी

बैंक का नेट एडवांस यानी दिया गया कर्ज सालाना आधार पर 42% बढ़कर 1,42,314 करोड़ रुपये हो गया। इसमें रिटेल कर्ज 32% बढ़कर 79,465 करोड़ रुपये रहा। वहीं, कंपनियों को दिए जाने वाले होलसेल कर्ज में 56% की बढ़ोतरी हुई। यह 62,849 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

रिटेल लोन में सिक्योर्ड लोन की बढ़ोतरी ज्यादा रही। इसमें 52% का इजाफा हुआ। वहीं, अनसिक्योर्ड लोन सिर्फ 6% बढ़ा। बैंक में जमा रकम भी बढ़ी है।

डिपॉजिट भी बढ़ा

सितंबर तिमाही में RBL Bank का कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 34% बढ़कर 1,56,272 करोड़ रुपये हो गया। करंट अकाउंट और सेविंग्स अकाउंट यानी CASA रेशियो 27.2% रहा।

बैंक में 3 करोड़ रुपये से कम के डिपॉजिट को ग्रैन्युलर डिपॉजिट कहा जाता है। सितंबर तिमाही में इस तरह की जमा रकम 16% बढ़कर 68,877 करोड़ रुपये हो गई। यह बैंक के कुल डिपॉजिट का 44% है।

कैपिटल रेशियो में आई कमी

30 सितंबर 2026 तक बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 30.1% था। जून के आखिर में यह 33.3% था। वहीं, कॉमन इक्विटी टियर-1 यानी CET1 रेशियो भी घटा है। जून तिमाही के 32.2% के मुकाबले सितंबर तिमाही में यह 29% रहा।

बैंक का औसत लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (LCR) 148% रहा। यह वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही का आंकड़ा है।

CEO ने क्या कहा?

RBL Bank के MD और CEO आर सुब्रमण्यकुमार ने कहा कि सितंबर तिमाही में बैंक का प्रदर्शन मजबूत रहा। कर्ज देने और जमा जुटाने, दोनों मोर्चों पर अच्छी बढ़ोतरी हुई।

उन्होंने बताया कि बैंक ने विदेशी मुद्रा में FCNR डिपॉजिट भी जुटाए हैं। इससे बैंक की फंडिंग मजबूत हुई है। साथ ही, भविष्य में कारोबार बढ़ाने के लिए ज्यादा गुंजाइश मिली है।

बैंक का नेटवर्क बढ़ा

30 सितंबर तक RBL Bank के कुल 1,954 टचपॉइंट थे। इनमें 628 बैंक शाखाएं और 1,326 बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट शाखाएं शामिल थीं।

इन बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट शाखाओं में 248 बैंकिंग आउटलेट थे। वहीं, बैंक की सब्सिडियरी RBL Finserve के पास 1,076 बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट शाखाएं थीं।

RBL Bank के शेयरों का हाल

बैंक ने बाजार बंद होने के बाद सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए। 12 अक्टूबर को RBL Bank का शेयर NSE पर 0.07% गिरकर 417.70 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 32.14% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने 44.03% का रिटर्न दिया है। बैंक का मार्केट कैप 64.84 हजार करोड़ रुपये है।

HCL Tech Q2 results: आईटी कंपनी का मुनाफा 11% उछला, रेवेन्यू गाइडेंस बढ़ाया; ₹12 के डिविडेंड का ऐलान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HCL Tech Q2 results: आईटी कंपनी का मुनाफा 11% उछला, रेवेन्यू गाइडेंस बढ़ाया; ₹12 के डिविडेंड का ऐलान

HCL Tech Q2 results: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी HCL टेक्नोलॉजीज ने 12 अक्टूबर को सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट तिमाही आधार पर 11% बढ़कर 5,132 करोड़ रुपये हो गया।

इससे पिछली तिमाही यानी अप्रैल-जून में कंपनी ने 4,626 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। सालाना आधार पर नेट प्रॉफिट में 21.2% की बढ़ोतरी हुई। प्रॉफिट का आंकड़ा CNBC-TV18 पोल के ₹4,963 करोड़ के अनुमान से ज्यादा है।

कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 3% बढ़कर 35,620 करोड़ रुपये रहा। पहली तिमाही में यह 34,579 करोड़ रुपये था। वहीं, सालाना आधार पर रेवेन्यू में 11.5% की बढ़ोतरी हुई।

ऑपरेटिंग मार्जिन में सुधार

HCL टेक्नोलॉजीज का ऑपरेटिंग मार्जिन दूसरी तिमाही में बढ़कर 18.2% हो गया। इसमें पिछली तिमाही के मुकाबले 131 बेसिस पॉइंट और सालाना आधार पर 71 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ।

नोएडा मुख्यालय वाली इस कंपनी का एडवांस्ड AI से रेवेन्यू 219 मिलियन डॉलर रहा। इसमें तिमाही आधार पर 28.4% और सालाना आधार पर 78% की बढ़ोतरी हुई।

FY27 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस बढ़ाया

HCLTech ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया है। कंपनी ने इसे पहले के 1-4% से बढ़ाकर 2.5-4% कर दिया है। यानी कंपनी ने अनुमान की निचली सीमा बढ़ाई है। हालांकि, पूरे वित्त वर्ष के लिए ऑपरेटिंग मार्जिन का अनुमान 17.5-18.5% पर बरकरार रखा गया है।

दूसरी तिमाही में कंपनी को नए सौदों से 3.24 अरब डॉलर का कारोबार मिला। इसमें मर्सिडीज-बेंज से मिला 1.14 अरब डॉलर का बड़ा AI सौदा भी शामिल है।

CEO ने क्या कहा?

HCLTech के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर सी विजयकुमार ने कहा कि कंपनी ने दूसरी तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है। नई बुकिंग सालाना आधार पर 27% बढ़कर 3.3 अरब डॉलर रही। इसके साथ ही पहली छमाही की बुकिंग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।

उन्होंने बताया कि कंपनी का EBIT मार्जिन पिछली तिमाही के मुकाबले 131 बेसिस पॉइंट बढ़कर 18.2% हो गया। सर्विसेज बिजनेस में तिमाही आधार पर 3% की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान अलग-अलग सेक्टर और भौगोलिक क्षेत्रों में कारोबार बढ़ा। कंपनी का कुल रेवेन्यू तिमाही आधार पर 2.3% बढ़ा।

विजयकुमार के मुताबिक, कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर एडवांस्ड AI से रेवेन्यू तिमाही आधार पर 28.4% और सालाना आधार पर 78% बढ़ा। उन्होंने कहा कि कंपनी के AI प्रोडक्ट और सेवाओं को ग्राहकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इससे कंपनी को भविष्य में ग्रोथ की उम्मीद है।

Anthropic के साथ AI पार्टनरशिप

HCLTech ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी Anthropic के साथ ग्लोबल प्रीमियर पार्टनरशिप का भी ऐलान किया है। इसका मकसद दुनिया भर की कंपनियों में एजेंटिक AI को अपनाने की रफ्तार बढ़ाना है। इस साझेदारी में सुरक्षा, साइबर सिक्योरिटी और गवर्नेंस पर खास ध्यान दिया जाएगा।

HCLTech की चेयरपर्सन रोशनी नादर मल्होत्रा ने कहा कि एडवांस्ड AI से रेवेन्यू में तेजी कंपनी की रणनीति को सही साबित करती है। उनके मुताबिक, रणनीतिक साझेदारियों और AI टेक्नोलॉजी में निवेश के दम पर कंपनी दुनिया भर की कंपनियों और सरकारों के लिए भरोसेमंद टेक्नोलॉजी पार्टनर बनने की स्थिति में है।

कर्मचारियों की संख्या बढ़ी

30 सितंबर 2026 तक HCLTech में कुल 2,30,339 कर्मचारी थे। सितंबर तिमाही के दौरान कंपनी ने 6,450 नए कर्मचारियों को जोड़ा। इनमें 6,136 फ्रेशर्स शामिल थे। वहीं, पिछले 12 महीनों के दौरान कर्मचारियों के कंपनी छोड़ने की दर (एट्रिशन रेट) 12.8% रही। इससे पिछली तिमाही में यह दर 12.7% थी।

हर शेयर पर 12 रुपये का अंतरिम डिविडेंड

HCLTech ने 2 रुपये फेस वैल्यू वाले हर इक्विटी शेयर पर 12 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है।

12 अक्टूबर को HCL टेक्नोलॉजीज के शेयर 0.5% की बढ़त के साथ 1,223 रुपये पर बंद हुए। कंपनी ने बाजार बंद होने के बाद तिमाही नतीजों का ऐलान किया।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

OTT Crime Thrillers: अगर आप भी हैं डिजिटल क्राइम थ्रिलर्स के दीवाने, ओटीटी पर इन फिल्मों और सीरीज का उठा सकते हैं लुत्फ

OTT Crime Thrillers: इन्फ्लुएंसर अंकुश बहुगुणा के 40 घंटे के ‘डिजिटल-अरेस्ट’ के बुरे अनुभव से लेकर हाल ही में जाह्नवी कपूर के AI-जनरेटेड डीपफेक वीडियो तक, भारत में डिजिटल धोखाधड़ी एक गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। जहां एक घटना साइबर फ्रॉड और आर्थिक शोषण के खतरे को उजागर करती है, वहीं दूसरी यह दिखाती है कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का गलत इस्तेमाल करके तस्वीरों में हेरफेर की जा सकती है और लोगों की प्राइवेसी का उल्लंघन किया जा सकता है।

ऐसी घटनाएं टेक्नोलॉजी के बुरे पहलुओं को सामने लाती हैं। इसलिए भारतीय एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री भी दिलचस्प ड्रामा, थ्रिलर और डॉक्युसीरीज के जरिए इन विषयों को दिखा रही है। फिशिंग नेटवर्क से लेकर फाइनेंशियल स्कैम और AI-आधारित हेरफेर तक, यहा कुछ ऐसे भारतीय शो और फिल्में हैं, जो डिजिटल धोखाधड़ी के कई रूपों पर रोशनी डालते हैं।

1. स्कैम 1992 द हर्षद मेहता स्टोरी-Sony LIV

1992 के सिक्योरिटीज स्कैम पर आधारित, ‘स्कैम 1992’ स्टॉकब्रोकर हर्षद मेहता के उत्थान और पतन की कहानी है। हर्षद मेहता मुंबई के स्टॉक मार्केट में मशहूर हुए थे, लेकिन बाद में भारत के सबसे कुख्यात फाइनेंशियल स्कैम में फंस गए। प्रतीक गांधी अभिनीत और हंसल मेहता द्वारा निर्देशित यह सीरीज बैंकिंग की कमियों, फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और उन मीडिया इन्वेस्टिगेशन को दिखाती है, जिनकी वजह से यह स्कैम सबके सामने आया। पत्रकार सुचेता दलाल और देबाशीष बसु की किताब ‘द स्कैम हू वॉन, हू लॉस्ट, हू गॉट अवे’ पर आधारित यह सीरीज फाइनेंशियल मार्केट की जटिलताओं और सिस्टम की कमियों का फायदा उठाने के नतीजों की झलक दिखाती है। यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि स्कैम तब पनपते हैं जब लोग और संस्थाएँ उन सिस्टम पर सवाल नहीं उठाते जिन पर वे भरोसा करते हैं।

2. CTRL- Netflix

अनन्या पांडे और विहान सामत अभिनीत, ‘CTRL’ एक इन्फ्लुएंसर की कहानी है, जो अपनी डिजिटल जिंदगी से अपने एक्स-बॉयफ्रेंड की यादें मिटाने के लिए एक AI ऐप का सहारा लेती है। लेकिन बाद में उसे पता चलता है कि उस टेक्नोलॉजी का मकसद बहुत खतरनाक है। विक्रमादित्य मोटवाने द्वारा निर्देशित यह नेटफ्लिक्स थ्रिलर दिखाती है कि कैसे पर्सनल डेटा, AI टूल्स और टेक्नोलॉजी पर बढ़ती निर्भरता का इस्तेमाल लोगों को मैनिपुलेट करने के लिए किया जा सकता है।

3. स्कैम 2003 द तेलगी स्टोरी- Sony LIV

स्टॉक मार्केट से नकली कागजात के मामले की ओर बढ़ते हुए, ‘स्कैम 2003 द तेलगी स्टोरी’ अब्दुल करीम तेलगी के स्टाम्प पेपर के नकली कारोबार की कहानी दिखाती है। गगन देव रियार की मुख्य भूमिका वाली यह सीरीज दिखाती है कि कैसे स्टाम्प पेपर सिस्टम की कमियों का फायदा उठाकर यह रैकेट एक बड़े नेटवर्क में बदल गया। पत्रकार संजय सिंह की किताब ‘तेलगी स्कैम: रिपोर्टर्स डायरी’ पर आधारित यह शो इस कारोबार के दायरे और उस नेटवर्क के बारे में बताता है जिसने इसे एक बड़े फाइनेंशियल स्कैम में बदल दिया।

4. जामताड़ा सबका नंबर आएगा-Netflix

बड़े फाइनेंशियल संस्थानों से हटकर आम फोन यूजर्स पर फोकस करते हुए, ‘जामताड़ा सबका नंबर आएगा’ झारखंड के जामताड़ा शहर से जुड़े फिशिंग स्कैम की कहानी दिखाती है, जो ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए बदनाम है। यह क्राइम ड्रामा उन युवा लड़कों की कहानी है जो फोन कॉल के जरिए अनजान लोगों को धोखा देकर उनकी जरूरी बैंकिंग जानकारी हासिल कर लेते हैं।

5. बैड बॉय बिलियनेयर्स इंडिया-Netflix

यह डॉक्यूमेंट्री सीरीज विजय माल्या, नीरव मोदी और सुब्रत रॉय जैसे मशहूर भारतीय बिजनेस दिग्गजों से जुड़े विवादों और आरोपों की पड़ताल करती है। आर्काइवल फ़ुटेज, इंटरव्यू और इन्वेस्टिगेटिव स्टोरीटेलिंग के जरिए, यह ताकतवर बिजनेस एम्पायर के बनने और उसके बाद हुए कानूनी और फाइनेंशियल विवादों को दिखाती है।

Delhi Startup: नौकरी छोड़ शुरू किया ये अनोखा स्टार्टअप, एक हुनर ने बदल दी 50 परिवारों की जिंदगी

Startup Success Story: दिल्ली के नजफगढ़ के रहने वाले लक्ष्य और अंजलि कालिया की कहानी उन लोगों के लिए अनोखी है जो नौकरी करते हुए अपना खुद का बिजनेस शुरू करने का सपना देखते हैं। इस कपल ने अपनी नौकरी छोड़ दी और अपना खुद का ब्रांड, लव लाइट शुरू किया। यह ब्रांड कई तरह के प्रोडक्ट बनाता है, जिसमें हाथ से बनी खुशबूदार मोमबत्तियां और क्रोशिया से बुने फूल शामिल हैं।

खास बात यह है कि इस बिजनेस से 50 महिलाओं को काम करने का मौका मिला है। अपना खुद का बिजनेस शुरू करना आसान नहीं है। इसके लिए सही आइडिया, कड़ी मेहनत और मार्केट की जरूरतों की समझ की जरूरत होती है। लक्ष्य और अंजलि ने नौकरी के बजाय अपना खुद का बिजनेस शुरू करने का फैसला किया। उनका बिजनेस हाथ से बने प्रोडक्ट पर आधारित है जो सुंदरता के साथ कड़ी मेहनत और हुनर को मिलाते हैं।

क्या है लव लाइट ब्रांड का बिजनेस

लव लाइट हाथ से बनी खुशबूदार मोमबत्तियां और क्रोशिया प्रोडक्ट बनाती है। खुशबूदार मोमबत्तियां खुशबूदार मोम होती हैं। क्रोशिया एक कला है जिसमें धागे का इस्तेमाल करके फूल और दूसरी सजावटी चीजें बनाई जाती हैं। ये हाथ से बने प्रोडक्ट आजकल घर की सजावट और गिफ्ट देने के लिए पॉपुलर हैं। इन प्रोडक्ट की खासियत यह है कि ये मशीन से बने होने के बजाय हाथ से बने होते हैं। इस काम के लिए स्किल और सटीकता की जरूरत होती है। लव लाइट का बिजनेस भी ऐसे ही प्रोडक्ट पर आधारित है।

50 महिलाओं को मिला रोजगार

लक्ष्य और अंजलि के बिजनेस की सबसे खास बात यह है कि इससे 50 महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। दोनों ने अपने कारोबार को इस तरह आगे बढ़ाया कि इसमें दूसरी महिलाओं के लिए भी काम करने और कमाई करने का अवसर बना। हैंडमेड प्रोडक्ट्स बनाने के काम में हुनर की अहम भूमिका होती है। क्रोशिया से फूल और दूसरी चीजें तैयार करने के लिए धैर्य और बारीकी से काम करना पड़ता है। ऐसे में महिलाओं को इस तरह के काम से जोड़ना उनके हुनर को रोजगार में बदलने का एक तरीका भी है।

क्या-क्या बनाते हैं लक्ष्य और अंजलि

लव लाइट ब्रांड के तहत खुशबूदार मोमबत्तियां यानी सेंटेड कैंडल्स तैयार की जाती हैं। इनका इस्तेमाल घर की सजावट और गिफ्ट देने के लिए किया जाता है। इसके अलावा, क्रोशिया से बने फूल और दूसरी चीजें भी इस ब्रांड का हिस्सा हैं। हाथ से बने होने के कारण इनकी डिजाइन और कारीगरी इन्हें अलग पहचान देती है।

हैंडमेड प्रोडक्ट्स के बिजनेस में कितना हो सकता है मुनाफा

लक्ष्य और अंजलि के Love Light बिजनेस में कमाई हैंडमेड प्रोडक्ट्स की बिक्री और खर्च पर निर्भर करती है। उदाहरण के तौर पर, ₹1 लाख की मासिक बिक्री पर 15–25% मुनाफे के हिसाब से ₹15,000–₹25,000 बच सकते हैं। कपल ने बताया कि भले ही हमें 25% का ही मुनाफा हो रहा हो, लेकिन हमें खुशी है कि यह हमारा अपना पैसा है और हमारे पास वापस आ रहा है। हमें किसी का गुलाम बनने या किसी के लिए काम करने की जरूरत नहीं है।

रिपोर्ट- शुभांगी तिवारी

CarTrade Share Price : ब्रोकरेज की बुलिश रिपोर्ट के बाद करीब 9% भागा शेयर, जानिए UBS का टारगेट प्राइस

CarTrade Share Price : सोमवार, 12 अक्टूबर को CarTrade Tech के शेयरों में लगभग 8% की बढ़त देखने को मिली है। UBS ने इस स्टॉक पर अपना नजरिया बनाए रखते हुए इसका टारगेट प्राइस ₹4,000 तय किया गया है। ब्रोकरेज ने OLX India बिज़नेस की ग्रोथ की संभावनाओं पर फोकस करते हुए क है कि CarTrade Tech के शेयरों में लगभग 36% की बढ़त की संभावना है। UBS ने इस स्टॉक को “Buy” रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि बाज़ार OLX के ग्रोथ के मौकों और उसके संभावित मार्केट के साइज़ को कम करके आंक रहा है।

ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि OLX इंडिया को पिछली ओनरशिप के दौरान लागत से जुड़ी असफलता,खराब इन्वेंट्री मॉडल,फर्जी खरीदारों और गैर-भरोसेमंद विक्रेताओं जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा था। UBS ने कहा कि इस बिज़नेस को खरीदने के बाद से CarTrade के मैनेजमेंट ने इनमें से ज़्यादातर समस्याओं को हल किया है, यूज़र एक्सपीरियंस को बेहतर बनाया है और मुनाफो में बढ़त हासिल की है। ब्रोकरेज ने इस सुधार के सबूत के तौर पर OLX के 30% से ज्यादा के ऑपरेटिंग मार्जिन का हवाला दिया है।

OLX की ग्रोथ से हो सकती है इसकी री-रेटिंग

UBS का मानना ​​है कि OLX के पास अपने कोर बिज़नेस के अलावा कमाई के कई और स्रोत हैं। इसमें सेलर और बॉयर सब्सक्रिप्शन, डीलर पार्टनरशिप, फाइनेंसिंग, एस्क्रो सर्विस, लॉजिस्टिक्स और एडवरटाइजिंग शामिल हैं। ब्रोकरेज का अनुमान है कि अगर सब कुछ अच्छा रहा तो OLX अगले पांच सालों में अपनी कमाई पांच गुना बढ़ा सकती है,जबकि बेस केस में इसी अवधि में 3.8 गुना ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है।

UBS का मानना ​​है कि अगर इस मौके का सही तरीके से इस्तेमाल किया गया तो यह CarTrade के लिए ‘री-रेटिंग’ का एक बड़ा कारण बन सकता है,क्योंकि मार्केट OLX बिजनेस की ग्रोथ की क्षमता को पहचानने लगा है। ब्रोकरेज का यह पॉजिटिव नज़रिया OLX के प्लेटफ़ॉर्म से और ज़्यादा कमाई करने की संभावना और CarTrade के मालिकाना हक में हुए ऑपरेशनल सुधारों पर आधारित है।

स्टॉक पर मार्केट की राय

बता दें की यह स्टॉक 10 एनालिस्ट के कवरेज में शामिल है। इनमें से आठ ने स्टॉक के लिए buy रेटिंग दी है और दो ने sell की सलाह दी है। प्राइस टारगेट का आम अनुमान बताता है कि शुक्रवार की क्लोजिंग के मुकाबले इसमें 8.9% की बढ़त की गुंजाइश है। पिछले 12 महीनों में इस स्टॉक ने 25.9% का रिटर्न दिया है। UBS का ₹4,000 का टारगेट प्राइस आम अनुमान से काफी ज़्यादा है,जो CarTrade की ग्रोथ की संभावनाओं पर ज़्यादा पॉजिटिव नज़रिए को दिखाता है।

 

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63 Moons Tech Share Price: सब्सिडियरी ने FY27 के लिए रेवेन्यू अनुमान बढ़ाया, शेयर ने लगाई 12% तक की छलांग

63 मून्स टेक्नोलॉजीस के शेयरों में 12 अक्टूबर को दिन में जबरदस्त खरीद देखने को मिली। BSE पर शेयर पिछले बंद भाव से लगभग 12.5 प्रतिशत तक उछलकर 860.30 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप 3800 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है। कंपनी ने एक दिन पहले शेयर बाजारों को अप्रैल-सितंबर 2026 छमाही के लिए अपनी सब्सिडियरी 63SATS Cybertech Ltd का बिजनेस अच्छा रहने की जानकारी दी थी। सब्सिडियरी ने बिलिंग में जबरदस्त बढ़ोतरी के बारे में बताया है और वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिल किए गए रेवेन्यू का अनुमान बढ़ा दिया है।

इनवेस्टर अपडेट के अनुसार, सितंबर 2026 ​छमाही के लिए 63SATS Cybertech का प्रोविजनल बिल्ड रेवेन्यू 218 करोड़ रुपये रहा। यह पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान बिल किए गए 87 करोड़ रुपये के रेवेन्यू से लगभग 2.5 गुना ज्यादा है। बिलिंग जून 2026 तिमाही में 102.57 करोड़ रुपये थी। सितंबर 2026 तिमाही में यह 115.64 करोड़ रुपये हो गई।

FY27 में अब कितने रेवेन्यू का अनुमान

63SATS Cybertech ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने बिल किए गए रेवेन्यू का अनुमान 350 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 600 करोड़ रुपये कर दिया है। कंपनी ने अपने क्लाइंट बेस में भी बढ़ोतरी की जानकारी दी है। एंटरप्राइज क्लाइंट्स की संख्या वित्त वर्ष 2026 में 72 थी। सितंबर 2026 छमाही में यह 107 हो गई।

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63 Moons Technologies शेयर 6 महीनों में 50 प्रतिशत चढ़ा

शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। यह BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 3 महीनों में 20 प्रतिशत और 6 महीनों में करीब 50 प्रतिशत मजबूत हुआ है। 2 साल में यह लगभग 90 प्रतिशत और 3 साल में 230 प्रतिशत की बढ़त देख चुका है। 5 साल में कीमत 680 प्रतिशत उछली है। जून 2026 के आखिर तक कंपनी में प्रमोटर्स के पास 45.63 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 957.70 रुपये और एडजस्टेड लो 465.55 रुपये है।

BSE पर मौजूद डेटा के मुताबिक, 63 मून्स टेक्नोलॉजीस का जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 36.12 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 3.15 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 68 लाख रुपये दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 108.96 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 174.66 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 37.91 करोड़ रुपये रही।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Zetwerk Manufacturing IPO 15 अक्टूबर से, प्राइस बैंड ₹143-₹151 प्रति शेयर तय

जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस लिमिटेड का IPO 15 अक्टूबर को खुलने जा रहा है। इसके लिए प्राइस बैंड ₹143-₹151 प्रति शेयर फिक्स किया गया है। लॉट साइज 99 शेयर है। कंपनी का इरादा ₹5,012.33 करोड़ जुटाने का है। IPO में ₹2,830 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे, साथ ही ₹2,182.33 करोड़ के शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। इश्यू 19 अक्टूबर को बंद होगा, जिसके बाद अलॉटमेंट 21 अक्टूबर को फाइनल हो सकता है। 20 अक्टूबर को शेयर बाजार में दशहरा की छुट्टी है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 23 अक्टूबर को लिस्ट हो सकते हैं।

जेटवर्क पहले एक डिजिटल मार्केटप्लेस थी और अब मैन्युफैक्चरर्स को ग्राहकों से जोड़कर एक एंड-टू-एंड इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म बन गई है। यह कई सेक्टर्स में कस्टम-बिल्ट कंपोनेंट्स के लिए इंजीनियरिंग, उत्पादन और डिलीवरी को व्यवस्थित करती है। ग्राहक डिजाइन प्रदान करते हैं, जेटवर्क सप्लायर का चयन, गुणवत्ता नियंत्रण, टाइमलाइंस और लॉजिस्टिक्स को संभालती है। कंपनी लैपटॉप, हियरेबल्स, वियरेबल्स, IT हार्डवेयर बनाती है। जेटवर्क में खोसला वेंचर्स, एक्सेल, लाइटस्पीड, पीक XV पार्टनर्स, ग्रीनओक्स, एवेनिर जैसे दिग्गजों का पैसा लगा हुआ है।

जेटवर्क में फुली डाइल्यूटेड बेसिस पर पीक XV पार्टनर्स इनवेस्टमेंट्स V सबसे बड़ी इंडीविजुअल शेयरहोल्डर है, जिसके पास 9.12 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ग्रीनओक्स कैपिटल अपॉर्चुनिटीज फंड II के पास 8.61 प्रतिशत, रामकृष्णन के पास 8.36 प्रतिशत, एक्सेल इंडिया V के पास 7.74 प्रतिशत और आचार्य के पास 7.53 प्रतिशत हिस्सा है।

Zetwerk IPO को जुलाई में सेबी से मिली थी मंजूरी

जेटवर्क ने अपने IPO के लिए इस साल मार्च में कॉन्फिडेंशियल तरीके से ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे। कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी से जुलाई में मंजूरी मिलने के बाद अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस 13 अगस्त 2026 को फाइल किया। OFS में प्रमोटर-ग्रुप एंटिटी Creovate Innovation, को-फाउंडर अमृत आचार्य, श्रीनाथ रामकृष्णन के साथ-साथ निवेशक पीक XV पार्टनर्स, एक्सेल, लाइटस्पीड वेंचर, के कैपिटल आदि भी शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे।

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IPO के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, मॉर्गन स्टेनली इंडिया, गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज, एवेंडस कैपिटल, जेएम फाइनेंशियल, एचएसबीसी सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया), पैंटोमैथ कैपिटल एडवाइजर्स, बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है। इश्यू में 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

Zetwerk अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल अपना और सब्सिडियरीज का कर्ज चुकाने, पहले से न पता अधिग्रहणों, अन्य रणनीतिक निवेशों और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹4,195.70 करोड़ और शुद्ध घाटा ₹732.98 करोड़ रहा। इस बीच कंपनी पर ₹1,942.19 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025-26 में जेटवर्क का रेवेन्यू 40 प्रतिशत बढ़कर ₹16,100.63 करोड़ रहा। घाटा 1,606.17 करोड़ दर्ज किया गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: सोलर कंपनी को ₹4001 करोड़ के नए ऑर्डर मिले, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: सोलर सेल और मॉड्यूल बनाने वाली कंपनी Premier Energies को 4,001 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले हैं। ये ऑर्डर वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही में मिले।

इन ऑर्डर के तहत कंपनी 2,308 मेगावाट (MW) के सोलर सेल और मॉड्यूल की सप्लाई करेगी। इसके अलावा, इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) प्रोजेक्ट्स पर भी काम करेगी। ये ऑर्डर बिजली, मॉड्यूल और EPC कंपनियों से मिले हैं। इसमें रिटेल मार्केट से मिले ऑर्डर शामिल नहीं हैं।

सोलर सेल और मॉड्यूल बनाने की क्षमता बढ़ी

Premier Energies ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाई है। कंपनी की सोलर मॉड्यूल बनाने की क्षमता लगभग दोगुनी होकर 11.1 गीगावाट (GW) हो गई है। वहीं, सोलर सेल की क्षमता 3.6 GW से बढ़कर 10.6 GW हो गई है।

यह बढ़ोतरी आंध्र प्रदेश के नायडुपेटा में नया प्लांट शुरू होने के बाद हुई है। कंपनी ने पिछले महीने यहां 7 GW की TOPCon सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट चालू की थी।

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर चिरंजीव सलूजा ने कहा कि बढ़ता ऑर्डर बुक कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी को दिखाता है। उनके मुताबिक, भारतीय सोलर बाजार में ग्राहक बड़े पैमाने पर सप्लाई, भरोसेमंद कंपनियों और नई तकनीक चाहते हैं। कंपनी इन जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है।

FY28 तक रेवेन्यू और मार्जिन का अनुमान

अगस्त में कंपनी के चीफ बिजनेस ऑफिसर विनय रुस्तगी ने कहा था कि 15,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर बुक से कंपनी को वित्त वर्ष 2027-28 (FY28) तक रेवेन्यू और मार्जिन का अनुमान लगाने में मदद मिल रही है।

कंपनी का ऑर्डर बुक वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के रेवेन्यू का करीब दोगुना है। इससे कंपनी को FY27 और FY28 तक कारोबार की स्थिति का अंदाजा मिल रहा है। रुस्तगी ने यूरोप में एक्सपोर्ट और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) को कंपनी के लिए ग्रोथ के दो नए मौके बताया।

Premier Energies का शेयर शुक्रवार को BSE पर 895 रुपये पर बंद हुआ। इसमें पिछले बंद भाव के मुकाबले 9 रुपये यानी 1.02% की बढ़त दर्ज की गई।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।