Trent Q2 Update: टाटा की कंपनी का रेवेन्यू 23% बढ़कर ₹5788 करोड़ पहुंचा, Zudio के स्टोर 1000 के पार

Trent Q2 Update: टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी Trent Ltd ने सितंबर 2026 तिमाही का बिजनेस अपडेट जारी किया है। कंपनी का स्टैंडअलोन ऑपरेशंस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 23% बढ़कर ₹5,788 करोड़ रहा। पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹4,724 करोड़ था।

चालू वित्त वर्ष FY27 की पहली छमाही में भी कंपनी का कारोबार मजबूत रहा। अप्रैल-सितंबर के दौरान रेवेन्यू 21% बढ़कर ₹11,454 करोड़ पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही में यह ₹9,505 करोड़ था।

मर्चेंडाइज बिक्री में भी 23% की ग्रोथ

अन्य ऑपरेटिंग इनकम को छोड़कर मर्चेंडाइज की बिक्री से मिलने वाला रेवेन्यू सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 23% बढ़ा। वहीं, FY27 की पहली छमाही में इसमें 21% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

सितंबर तिमाही में Trent ने अपने Zudio ब्रांड का 1,000वां स्टोर भी खोल दिया। 30 सितंबर 2026 तक Westside, Zudio और कंपनी के दूसरे लाइफस्टाइल ब्रांड्स को मिलाकर कुल स्टोर की संख्या 1,342 हो गई।

कितने नए स्टोर खुले?

सितंबर तिमाही के दौरान कंपनी ने नेट आधार पर 10 नए Westside और 17 नए Zudio स्टोर खोले। FY27 की पहली छमाही में Trent ने कुल 11 Westside और 36 Zudio स्टोर जोड़े।

Trent के शेयरों का हाल

सोमवार को Trent का शेयर 0.86% गिरकर ₹2,575 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 1.03% चढ़ा है। हालांकि, 1 साल में इसने 18.93% का नेगेटिव रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 91.53 हजार करोड़ रुपये है।

Trent का बिजनेस क्या है?

Trent टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी है। यह Westside, Zudio और दूसरे लाइफस्टाइल ब्रांड्स के जरिए कपड़े, फैशन और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स बेचती है। कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से अपने रिटेल स्टोर नेटवर्क के जरिए चलता है। 30 सितंबर 2026 तक Trent के Westside, Zudio और अन्य ब्रांड्स को मिलाकर 1,342 स्टोर थे।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Kotak Mahindra Bank Q2 Update: नेट एडवांस 24% बढ़ा, डिपॉजिट में 23% की तेजी; फोकस में रहेगा स्टॉक

Kotak Mahindra Bank Q2 Update: कोटक महिंद्रा बैंक ने सितंबर तिमाही में मजबूत बिजनेस ग्रोथ दर्ज की है। बैंक के प्रोविजनल बिजनेस अपडेट के मुताबिक, 30 सितंबर तक नेट एडवांस सालाना आधार पर 24.7% बढ़कर ₹5.77 लाख करोड़ हो गया। बैंक ने यह अपडेट सोमवार, 5 अक्टूबर को स्टॉक एक्सचेंजों के पास दाखिल किया।

बैंक का कुल डिपॉजिट भी सालाना आधार पर 23.2% बढ़कर ₹6.51 लाख करोड़ हो गया। वहीं, CASA डिपॉजिट 11.3% बढ़कर ₹2.49 लाख करोड़ रहा।

तिमाही आधार पर भी मजबूत ग्रोथ

तिमाही आधार पर नेट एडवांस में 12.7% की बढ़ोतरी हुई। कुल डिपॉजिट 13.7% बढ़ा, जबकि CASA डिपॉजिट में पिछली तिमाही के मुकाबले 7.8% की तेजी दर्ज हुई।

बैंक का औसत नेट एडवांस ₹5.47 लाख करोड़ रहा। इसमें सालाना आधार पर 22.1% और तिमाही आधार पर 10.5% की बढ़ोतरी हुई। औसत कुल डिपॉजिट ₹6.06 लाख करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 18.8% और तिमाही आधार पर 8.5% बढ़ा। औसत CASA ₹2.26 लाख करोड़ रहा, जिसमें सालाना 14.2% और तिमाही आधार पर 4.4% की बढ़ोतरी हुई।

FCNR(B) डिपॉजिट का भी असर

कोटक महिंद्रा बैंक ने बताया कि सितंबर तिमाही के अंत के आंकड़ों में FCNR(B) डिपॉजिट भी शामिल हैं। RBI की स्वैप सुविधा के तहत FCNR(B) डिपॉजिट 5.78 अरब डॉलर यानी करीब ₹55,344 करोड़ रहा।

इन डिपॉजिट के बदले बैंक की इंटरनेशनल ब्रांचों के जरिए 1.68 अरब डॉलर यानी करीब ₹16,110 करोड़ का एडवांस भी शामिल है। बैंक ने कहा कि ये आंकड़े प्रोविजनल हैं और इनकी सीमित समीक्षा बैंक के वैधानिक ऑडिटर्स करेंगे।

Q1 में 25.6% बढ़ा था मुनाफा

FY27 की पहली तिमाही में Kotak Mahindra Bank का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 25.6% बढ़कर ₹4,123 करोड़ रहा था। यह CNBC-TV18 के ₹3,910 करोड़ के पोल अनुमान से ज्यादा था।

पहली तिमाही में बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 9.2% बढ़कर ₹7,928 करोड़ रही थी। हालांकि, यह ₹8,058 करोड़ के पोल अनुमान से थोड़ी कम थी। बैंक के आधिकारिक Q1 अपडेट में भी ₹4,123 करोड़ के स्टैंडअलोन PAT और ₹5.73 लाख करोड़ से ज्यादा के डिपॉजिट दर्ज किए गए थे।

एसेट क्वालिटी में ज्यादा बदलाव नहीं

बैंक की एसेट क्वालिटी ज्यादातर स्थिर रही। मार्च तिमाही में GNPA 1.2% था, जो जून तिमाही में घटकर 1.18% रह गया। नेट NPA 0.27% पर रहा। वहीं, बैंक का NIM घटकर 4.53% रह गया था। मार्च तिमाही में यह 4.67% था।

Q1 में बैंक का नेट एडवांस ₹5.12 लाख करोड़ रहा था, जिसमें सालाना आधार पर 15% की बढ़ोतरी हुई थी। डिपॉजिट 12% बढ़कर ₹5.72 लाख करोड़ रहा था।

कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर का प्रदर्शन

बिजनेस अपडेट से पहले सोमवार को Kotak Mahindra Bank का शेयर 0.4% गिरकर ₹416.50 पर बंद हुआ। शेयर इस साल अब तक 6% से ज्यादा गिर चुका है। वहीं, पिछले 12 महीनों में इसमें करीब 3% की गिरावट आई है।

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IDFC FIRST Bank Q2 Update: लोन ग्रोथ 20% रही, डिपॉजिट में भी उछाल; शेयरों पर रहेगी नजर

IDFC FIRST Bank Q2 Update: प्राइवेट सेक्टर के IDFC FIRST Bank ने सोमवार, 5 अक्टूबर को सितंबर तिमाही का बिजनेस अपडेट जारी किया। बैंक के लोन और एडवांस में सालाना आधार पर 20.4% की बढ़ोतरी हुई। यह बढ़कर ₹3,13,864 करोड़ हो गया।

वहीं, बैंक का कुल डिपॉजिट 17% बढ़कर ₹3,23,697 करोड़ रहा। सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट को हटाकर कस्टमर डिपॉजिट 17.6% बढ़ा। यह ₹3,16,529 करोड़ रहा।

CASA रेशियो भी बढ़ा

बैंक का CASA रेशियो 51.3% रहा। पिछली तिमाही में यह 50.8% था। एक साल पहले CASA रेशियो 50.1% रहा था।

तिमाही आधार पर भी बैंक की ग्रोथ अच्छी रही। लोन और एडवांस 5.4% बढ़े। वहीं, कुल डिपॉजिट में 3.8% की बढ़ोतरी हुई।

FCNR(B) से भी मिला बड़ा सपोर्ट

तिमाही के दौरान बैंक ने ₹34,390 करोड़ के FCNR(B) डिपॉजिट जुटाए। इनमें से ₹24,885 करोड़ की लिवरेज International Banking Unit (IBU) ने NRI ग्राहकों को दी।

बाद में इन डिपॉजिट को घरेलू बैलेंस शीट में FCNR(B) डिपॉजिट के तौर पर दर्ज किया गया।

FCNR(B) जोड़ने पर लोन और डिपॉजिट ज्यादा

IBU की बैलेंस शीट में FCNR(B) लोन को जोड़ने पर ग्रॉस एडवांस ₹3,38,749 करोड़ रहा। इसमें सालाना आधार पर 29.9% और तिमाही आधार पर 13.7% की बढ़ोतरी हुई।

FCNR(B) को शामिल करने पर बैंक का कुल डिपॉजिट ₹3,48,582 करोड़ रहा। इसमें सालाना आधार पर 25.9% और तिमाही आधार पर 11.8% की बढ़ोतरी हुई।

बैंक ने डिपॉजिट ग्रोथ क्यों धीमी की?

बैंक के मुताबिक, तिमाही में FCNR(B) डिपॉजिट काफी ज्यादा आया। इससे बैंक के पास अतिरिक्त लिक्विडिटी हो गई।

इसी वजह से बैंक ने डिपॉजिट ग्रोथ की रफ्तार धीमी की। साथ ही, अतिरिक्त लिक्विडिटी को मैनेज करने के लिए सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट भी घटाए।

LCR बढ़कर 125% हुआ

FY27 की दूसरी तिमाही में बैंक का औसत लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (LCR) 125% रहा। पहली तिमाही में यह 116% था। बैंक ने कहा कि उसकी एसेट क्वालिटी मजबूत बनी हुई है।

सोमवार को BSE पर IDFC FIRST Bank का शेयर ₹82.20 पर बंद हुआ। शेयर में ₹1.88 यानी 2.34% की तेजी रही।

HDFC Bank में आ सकती है जोरदार तेजी! Emkay ने 74% तक उछाल का अनुमान दिया

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

‘जिसे सब समझते थे कचरा, उसी से कमा लिए करोड़ों’! इस कपल को पहाड़ों की सैर से आया था बिजनेस आइडिया

Plastic Waste Startup: दिल्ली में प्लास्टिक कचरा एक बड़ी समस्या है, लेकिन पति-पत्नी की एक जोड़ी ने इसी कचरे को अपने बिजनेस के लिए रॉ मटीरियल में बदल दिया। सोनल शुक्ला और वैभव वर्मा ने 2020 में Econscious की शुरुआत की। प्लास्टिक कचरे को सिर्फ कूड़ा समझने के बजाय, उन्होंने इसे काम की चीज़ोंचीजों में बदलने का एक मॉडल तैयार किया।

आज उनकी कंपनी प्लास्टिक कचरे से पार्क बेंच, डस्टबिन, प्लांटर और आम लोगों के इस्तेमाल की दूसरी चीजें बनाती है। इस कंपनी की शुरुआत महामारी के दौरान प्लास्टिक कचरे की बढ़ती समस्या को देखते हुए की गई थी।

ट्रेक के दौरान आया आइडिया

पहाड़ी इलाकों में यात्रा करते समय, सोनल और वैभव ने देखा कि हर तरफ प्लास्टिक का कचरा फैला हुआ था। इस बात ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि कचरे को लैंडफिल में फेंकने के बजाय किसी काम की चीज़ में कैसे बदला जा सकता है। अपनी टेक्निकल जानकारी का इस्तेमाल करते हुए, उन्होंने प्लास्टिक कचरे को रीसायकल करके नए प्रोडक्ट बनाने पर काम करना शुरू किया। बता दें कि सोनल शुक्ला और वैभव वर्मा, दोनों ने NIT कुरुक्षेत्र से M.Tech किया है।

घर और कंपनियों से आता है कच्चा माल

Econscious का मॉडल सिर्फ प्लास्टिक से सामान बनाने तक ही सीमित नहीं है। कंपनी प्लास्टिक कचरे को उसके स्रोत से इकट्ठा करने का काम भी करती है और दिल्ली-NCR इलाके में घर-घर जाकर प्लास्टिक कचरा उठाने की सर्विस देती है। इसके अलावा, यह कई कंपनियों और संगठनों के साथ मिलकर काम करती है।

इकट्ठा किए गए प्लास्टिक को प्रोसेस करके अलग-अलग डिजाइन वाले प्रोडक्ट बनाए जाते हैं। जहां आम तौर पर बिजनेस को नया कच्चा माल खरीदना पड़ता है, वहीं यहां प्लास्टिक जिसे आमतौर पर कचरा माना जाता है, प्रोडक्ट बनाने का आधार बनता है। यही बात इस मॉडल को सर्कुलर इकॉनमी से जोड़ती है।

प्लास्टिक से बन रही बेंच और डस्टबिन

कंपनी के प्रोडक्ट्स में बेंच, डस्टबिन, प्लांटर्स और दूसरी ऐसी चीजें शामिल हैं जिन्हें पार्क और सार्वजनिक जगहों पर इस्तेमाल के लिए बनाया गया है। Econscious ने P&G, जिलेट, नेस्ले, ITC, बिसलेरी और HCL फाउंडेशन जैसे संगठनों के साथ कई प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। कंपनी के मुताबिक, बिसलेरी की बोतलों के ढक्कनों का इस्तेमाल करके रीसाइकल किए गए प्लास्टिक की बेंच बनाई गई हैं। साथ ही, HCL फाउंडेशन के लिए नोएडा में कई जगहों पर बेंच बनाकर लगाई भी गई हैं।

लाखों किलो प्लास्टिक को बनाया उपयोगी

इस बिजनेस का सबसे अहम पहलू इससे होने वाली कमाई है। सोनल शुक्ला ने बताया कि Econscious ने अब तक लगभग 3,50,000 किलोग्राम प्लास्टिक कचरे को रीसायकल किया है। साथ ही, कंपनी ने अपनी शुरुआत से अब तक ₹1 करोड़ से ज्यादा की कमाई की है।

सोनल के अनुसार, कंपनी की कमाई सिर्फ रीसायकल किए गए प्रोडक्ट्स को बेचने से ही नहीं होती, प्लास्टिक कचरा मैनेजमेंट, उसे इकट्ठा करना और अलग-अलग ऑर्गनाइजेशन के लिए कस्टमाइज़्ड प्रोजेक्ट्स भी इस बिजनेस का हिस्सा हैं।

कमाई का मॉडल सिर्फ एक प्रोडक्ट बेचने तक सीमित नहीं है। यह प्रोसेस कचरा इकट्ठा करने से शुरू होता है, फिर प्रोसेसिंग होती है, और आखिर में रीसायकल किए गए मटीरियल का इस्तेमाल करके ग्राहकों की ज़रूरतों के हिसाब से प्रोडक्ट्स बनाए जाते हैं। इस पूरे प्रोसेस के दौरान अलग-अलग स्टेज पर वैल्यू क्रिएट होती है।

रिपोर्ट- शुभांगी तिवारी 

Physicswallah Share Price: एडटेक कंपनी का शेयर 5% तक उछला, लेंडिंग बिजनेस पर एक अपडेट के बाद बढ़ी खरीद

एडटेक प्लेटफॉर्म फिजिक्सवाला के शेयर में 5 अक्टूबर को दिन में 5.5 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। BSE पर शेयर 126.80 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 36500 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। कंपनी ने 4 अक्टूबर को अपनी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) सेगमेंट की लेंडिंग स्ट्रैटेजी को रीस्ट्रक्चर करने और डायरेक्ट लेंडिंग से हटने की घोषणा की। कंपनी अपने 100 प्रतिशत मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी FinZ Finance Private Limited के जरिए यह कारोबार करती है।

एक्सचेंज फाइलिंग में कहा गया कि FinZ Finance ने RBI-रजिस्टर्ड NBFC ऑक्सिलो फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड के साथ 95.79 करोड़ रुपये के लोन पोर्टफोलियो की बिक्री, ट्रांसफर और असाइनमेंट के लिए एक एग्रीमेंट किया है। ऑपरेशनल ट्रांजीशन प्रक्रिया 60 दिनों के अंदर पूरी होने की उम्मीद है।

चूंकि FinZ Finance का मुख्य काम लोन देना है, इसलिए इस प्रस्तावित ट्रांजेक्शन से इसके लोन देने के कामकाज में काफी कमी आएगी और उम्मीद है कि इससे इसके लोन देने के कामकाज आंशिक रूप से या धीरे-धीरे बंद हो जाएंगे। इस कदम का मकसद कंपनी को अपने मुख्य बिजनेस पर फोकस करने में मदद करना है।

शेयर 6 महीनों में 40 प्रतिशत मजबूत

फिजिक्सवाला के शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। यह BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। कंपनी की शुरुआत 2016 में एक YouTube चैनल के तौर पर हुई थी। कंपनी नवंबर 2025 में लिस्ट हुई थी। IPO 3480 करोड़ रुपये का था। शेयर 6 महीनों में लगभग 40 प्रतिशत चढ़ा है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 71.27 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 162.05 रुपये और एडजस्टेड लो 77.75 रुपये है।

D-Mart Share Price: Q2 में अच्छे बिजनेस के बावजूद शेयर 6% तक फिसला, क्या अभी भी खरीदने लायक है स्टॉक

सितंबर महीने में ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने फिजिक्सवाला के शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग के साथ कवरेज शुरू किया था। टारगेट प्राइस 200 रुपये प्रति शेयर रखा था। वहीं बुल केस में टारगेट प्राइस 220 रुपये प्रति शेयर दिया था। बेयर केस सिनेरियो में मोतीलाल ओसवाल ने 110 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया। ब्रोकरेज ने कंपनी के लिए कॉम्पिटिशन बढ़ना, ऑफलाइन कामकाज और सेंटर्स के इस्तेमाल में कमजोरी, फैकल्टी के ज्यादा संख्या में नौकरी छोड़ने से छात्रों के नतीजों और ब्रांड की इमेज पर असर; कोचिंग संस्थानों, विज्ञापन या डेटा प्राइवेसी से जुड़े नियमों में प्रतिकूल बदलावों को मुख्य जोखिमों में शामिल किया है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

D-Mart Share Price: Q2 में अच्छे बिजनेस के बावजूद शेयर 6% तक फिसला, क्या अभी भी खरीदने लायक है स्टॉक

दिग्गज निवेशक राधाकिशन दमानी की कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स के शेयरों में 5 अक्टूबर को दिन में 6 प्रतिशत तक की गिरावट दिखाई दी। BSE पर शेयर 3,574.40 रुपये के लो तक गया। जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में कंपनी का बिजनेस अच्छा रहने के बावजूद शेयर में बिकवाली का दबाव है। कंपनी D-Mart सुपरमार्केट चेन की ओनर है। शनिवार को इसने शेयर बाजारों को बताया कि सितंबर 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर ऑपरेशंस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 18.4 प्रतिशत बढ़कर 19,206.18 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 16,218.79 करोड़ रुपये था।

एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, तिमाही आधार पर कंपनी का रेवेन्यू सितंबर 2026 तिमाही में 4.7 प्रतिशत बढ़ा। जून तिमाही में यह 18,343.49 करोड़ रुपये था। एवेन्यू सुपरमार्ट्स ने यह भी बताया कि 30 सितंबर 2026 तक इसके D-Mart स्टोर्स की कुल संख्या 518 थी। इस आंकड़े में महाराष्ट्र के नवी मुंबई स्थित सानपाड़ा का स्टोर भी शामिल है। यह स्टोर रीकंस्ट्रक्शन के कारण फिलहाल ग्राहकों के लिए बंद है।

D-Mart के स्टोर महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR), तमिलनाडु, पंजाब और राजस्थान में हैं। इन स्टोर्स में रोजमर्रा के घरेलू सामान और व्यक्तिगत इस्तेमाल के प्रोडक्ट्स समेत कई तरह के सामान मिलते हैं।

Avenue Supermarts का शेयर 6 महीनों में 17 प्रतिशत कमजोर

एवेन्यू सुपरमार्ट्स का मार्केट कैप 2.35 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 3 महीनों में 9 प्रतिशत और 6 महीनों में 17 प्रतिशत गिरा है। 2 साल में 24 प्रतिशत नीचे आया है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 4,642 रुपये और एडजस्टेड लो 3,528.65 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 74.48 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Runwal Enterprises ने किया निराश, फ्लैट लिस्टिंग के बाद शेयर 8% तक फिसला

शेयर पर ब्रोकरेज की राय

D-Mart के शेयर को ट्रैक करने वाले 32 एनालिस्ट्स में से 10 ने ‘बाय’ रेटिंग दी है। 13 ने ‘होल्ड’ और 9 ने ‘सेल’ की सलाह दी है। ब्रोकरेज फर्म CLSA ने एवेन्यू सुपरमार्ट्स के शेयर के लिए 5,723 रुपये के प्राइस टारगेट के साथ ‘हाई कन्विक्शन आउटपरफॉर्म’ रेटिंग दी है। बर्नस्टीन ने 5,000 रुपये के प्राइस टारगेट के साथ ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने कहा कि निवेशक आगे चलकर बिल-कट ग्रोथ और कंपनी के ग्रॉस मार्जिन प्रोफाइल पर नजर रखेंगे। यह भी उम्मीद जताई कि कंपनी FY27 में भी FY26 जैसी ही स्टोर खोलने की रफ्तार बरकरार रखेगी और सितंबर 2026 तिमाही के मार्जिन उम्मीद से बेहतर होंगे।

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पटना की 40 साल पुरानी बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी बनेगी 18 मंजिला हाईटेक टाउनशिप, फ्लैट बनने तक किराया भी मिलेगा

राजधानी पटना के बहादुरपुर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने वाले लोगों के लिए आने वाले दिनों में तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। चार दशक से ज्यादा पुरानी जर्जर इमारतों की जगह अब ऊंची-ऊंची गगनचुम्बी इमारतें नजर आएंगी। सिर्फ मकान ही नहीं बदलेंगे, बल्कि पूरी कॉलोनी का रूप ही बदलने की तैयारी है। यहां आधुनिक टाउनशिप विकसित की जाएगी, जहां रहने के साथ खरीदारी, इलाज, पढ़ाई और रोजमर्रा की जरूरतों की सुविधाएं भी परिसर के भीतर मिलेंगी।

बहादुरपुर सेक्टर-6 स्थित बिहार राज्य आवास बोर्ड की पुरानी कॉलोनी का स्व-वित्तपोषित पुनर्विकास किया जाएगा। इसके लिए नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (एनबीसीसी) के साथ समझौता ज्ञापन किया जाएगा। मंत्रिपरिषद ने इस संबंध में आवास बोर्ड को एनबीसीसी के साथ एमओयू करने और योजना से जुड़े जरूरी फैसले लेने के लिए अधिकृत कर दिया है।

जर्जर फ्लैटों की जगह बनेंगे 18 मंजिला टावर

बहादुरपुर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में बने एलआईजी और एमआईजी फ्लैट 40 साल से ज्यादा पुराने हैं। समय के साथ इनकी हालत जर्जर हो चुकी है और कॉलोनी के कई हिस्सों में अतिक्रमण की समस्या भी सामने आई है। एलआईजी पार्क के आस पास भी स्थिति बेहद खराब है। पार्क के चारों तरफ जर्जर घर और पूरे सड़क पर अतिक्रमण दिखाई देता है। बिल्डिंग के बाहर भी छोटे छोटे घर बने हुए हैं। पूरे इलाके में बिल्डिंग तो कई मंजिला हैं लेकिन बेहद जर्जर स्थि में है। बाहर से लेकर अंदर तक ऐसी ही स्थिति है।

इस योजना के तहत पुराने बिल्डिंग के ढांचे को तोड़कर उसी जगह नई और हुमंजिला इमारतें बनाई जाएंगी। पयह टावर 18 मंजिल तक होने की योजना है। यानी जहां अभी पुरानी और जर्जर इमारतें दिखाई देती हैं, वहां आने वाले समय में आधुनिक आवासीय परिसर नजर आएगा।

नया घर बनने तक कहां रहेंगे पुराने लोग?

पुनर्विकास के दौरान सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि मौजूदा निवासी कहां रहेंगे। योजना में इसका भी प्रावधान किया गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक नए फ्लैट तैयार होने तक वर्तमान में रह रहे वैध आवास धारकों को बाहर रहने के लिए तय किराया भत्ता दिया जाएगा। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना है, ताकि निर्माण के दौरान लोगों को कम से कम परेशानी हो।

जब नए टावर बनकर तैयार हो जाएंगे, तो पुराने आवंटियों को प्राथमिकता के आधार पर फ्लैट दिए जाएंगे। इसके बाद जो फ्लैट बचेंगे, उन्हें आम लोगों के लिए खुले बाजार में बेचा जाएगा। फिलहाल यह प्रोजेक्ट शुरुआती स्टेज में है। धीरे धीरे कई दूसरे जानकारी भी सामने आयेंगे।

सिर्फ फ्लैट नहीं, पूरी टाउनशिप होगी

इस परियोजना की खास बात यह होगी कि यहां केवल घर बनाकर कॉलोनी को छोड़ने की योजना नहीं है। इसे इंटीग्रेटेड टाउनशिप की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। परिसर में स्कूल, अस्पताल, मैरिज हॉल, बैंक और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। रोजमर्रा की जरूरतों के लिए रिटेल मार्केट, एटीएम और क्लिनिक भी परिसर के अंदर उपलब्ध होंगे।

पार्क से जिम और सोलर सिस्टम तक

नई टाउनशिप में आधुनिक सुविधाओं पर भी जोर दिया जाएगा। मल्टीलेवल पार्किंग, सोलर एनर्जी सिस्टम, 24 घंटे जलापूर्ति और आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट जैसी व्यवस्थाएं प्रस्तावित हैं। लोगों के लिए वॉकवे, ग्रीन पार्क, कम्युनिटी सेंटर और जिम जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। यानी पुरानी कॉलोनी की जगह ऐसा परिसर तैयार करने की योजना है, जहां आवास के साथ जीवनशैली से जुड़ी कई सुविधाएं एक ही जगह मिल सकें।

भूतनाथ रोड मेट्रो स्टेशन के पास होगी नई टाउनशिप

कनेक्टिविटी के लिहाज से भी यह परियोजना महत्वपूर्ण होगी। प्रस्तावित परिसर भूतनाथ रोड मेट्रो स्टेशन के करीब है। ऐसे में मेट्रो के जरिए शहर के दूसरे हिस्सों तक पहुंच आसान होगी। इसके अलावा, यह इलाका बायपास से भी बेहद नजदीक है। राजेन्द्रनगर टर्मिनल से भी दूरी अधिक नहीं है।

सेक्टर 5 में 8.5 एकड़ जमीन पर भी परियोजना

बहादुरपुर में सिर्फ सेक्टर 6 की पुरानी कॉलोनी ही नहीं, बल्कि सेक्टर-5 में टीवी टावर के पास आवास बोर्ड की करीब 8.5 एकड़ जमीन पर भी स्व-वित्तपोषित परियोजना विकसित करने का रास्ता साफ हुआ है। इस परियोजना के लिए भी एनबीसीसी के साथ एमओयू किया जाएगा। मंत्रिपरिषद ने योजना जुड़े आवश्यक निर्णय लेने के लिए बिहार राज्य आवास बोर्ड को अधिकृत किया है। इस योजना को लेकर वहां के लोगों में भी खुशी है। स्थानीय अरुण सिन्हा ने बताया कि अगर सरकार इस तरह की प्लानिंग कर रही है तो यह हमारे लिए अच्छी खबर है. मौजूदा बिल्डिंग बाहर से लेकर अंदर तक जर्जर हो चुका है। हमेशा खतरा बना रहता है।

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The Vvaan Box Office Collection Day 10: ‘द वन’ पर जमकर बरस रही छठी मैया की कृपा, 10वें दिन 70 करोड़ के पार पहुंचा कलेक्शन

The Vvaan Box Office Collection Day 10: द वन फिल्म ने 10वें दिन बॉक्स-ऑफिस कलेक्शन में थोड़ी बढ़ोतरी देखी। सिद्धार्थ मल्होत्रा ​​स्टारर यह फिल्म सिनेमाघरों में अपने दूसरे हफ्ते में चल रही है। मूवी बॉक्स ऑफिस पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है।

बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 10

‘द वन – फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ ने 10वें दिन भारत में 2,032 शो में 3.25 करोड़ रुपये (नेट) कमाए। Sacnilk के आंकड़ों के अनुसार फिल्म का कुल भारत नेट कलेक्शन अब 62.10 करोड़ रुपये है, जबकि इसका भारत ग्रॉस कलेक्शन 73.79 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। 10वें दिन का कलेक्शन 9वें दिन की तुलना में 62.5% ज्यादा है, जब फिल्म ने भारत में 2 करोड़ रुपये (नेट) कमाए थे।

विदेशों में फिल्म ने 10वें दिन 50 लाख रुपये कमाए, जिससे इसका कुल विदेशी ग्रॉस कलेक्शन 7 करोड़ रुपये हो गया। इसका वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 80.79 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। हिंदी (2D) वर्शन की कुल ऑक्यूपेंसी 47.03% रही। मॉर्निंग शो में 16.38% ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई, जिसके बाद दोपहर के शो में यह बढ़कर 61.31% हो गई। शाम के शो में सबसे ज्यादा 67.85% ऑक्यूपेंसी रही और रात के शो में 36.77% ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई।

अब तक का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

फिल्म ने पहले दिन 8 करोड़ रुपये के साथ शुरुआत की, इसके बाद दूसरे दिन 11.25 करोड़ रुपये और तीसरे दिन 14.35 करोड़ रुपये कमाए। चौथे दिन कलेक्शन गिरकर 5.25 करोड़ रुपये हो गया, लेकिन पांचवें दिन यह बढ़कर 6 करोड़ रुपये हो गया। फिल्म ने छठे दिन 4.25 करोड़ रुपये और सातवें दिन 4.50 करोड़ रुपये कमाए, जिससे पहले हफ्ते का कुल कलेक्शन 53.60 करोड़ रुपये हो गया। 8वें दिन फिल्म ने 3.25 करोड़ रुपये (नेट) कमाए और 9वें दिन फिल्म ने 2 करोड़ रुपये की कमाई की।

‘द वन – फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ के बारे में

दीपक कुमार मिश्रा के डायरेक्शन में बनी ‘द वन – फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ एक हिंदी फैंटेसी थ्रिलर फिल्म है, जिसमें सिद्धार्थ मल्होत्रा ​​और तमन्ना भाटिया मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म की कास्ट में अनूप सोनी, सुनील ग्रोवर, श्वेता तिवारी, मनीष पॉल और मिलिंद गुणाजी भी शामिल हैं। यह फिल्म पटना के पास बिहटा में स्थित वन देवी मंदिर से जुड़ी कहानियों से प्रेरित है और इसकी कहानी मिडिल इंडिया के जंगलों पर आधारित है।

कहानी ऋषि कुमार के इर्द-गिर्द घूमती है, जो शहर में रहने वाला एक व्यक्ति है और अपनी जमीन बेचने के लिए अपने पुश्तैनी गांव लौटता है। एक प्रतिबंधित जंगल और देवी वनदेवी के बारे में चेतावनियों के बावजूद, वह जंगल में चला जाता है और एक अलौकिक शक्ति को जगा देता है। जल्द ही उसका सामना रहस्यमयी ताकतों से होता है और उसे अपने गांव को एक जानलेवा खतरे से बचाना होता है।

फिल्म को अरुणाभ कुमार और जानवी गिल ने लिखा है और इसे बालाजी मोशन पिक्चर्स और द वायरल फीवर (TVF मोशन पिक्चर्स) ने प्रोड्यूस किया है। इसका संगीत तनिष्क बागची, विशाल मिश्रा और अमित त्रिवेदी ने तैयार किया है। ‘द वन – फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ 25 सितंबर, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।