Stock to Invest: इस इंश्योरेंस कंपनी के शेयर में आ सकती है तूफानी तेजी, एनालिस्ट्स की बाय रेटिंग

Stock to Invest: आप अगर किसी ऐसे शेयर की तलाश में हैं, जिसमें दमदार रिटर्न देने की क्षमता हो तो आप आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस पर विचार कर सकते हैं। 14 अक्तूबर को यह शेयर 0.45 फीसदी गिरकर 445 रुपये पर बंद हुआ। इस साल यह शेयर करीब 34 फीसदी गिरा है।

सितंबर तिमाही के नतीजों के बाद एनालिस्ट्स की राय पॉजिटिव

ICICI Prudential Life Insurance ने सितंबर तिमाही के नतीजों का ऐलान किया है। साल दर साल आधार पर नए बिजनेस की वैल्यू 20.7 फीसदी बढ़ी है। हालांकि, यह अनुमान से कम है। फिर भी, ग्लोबल इनवेस्टमेंट बैंकिंग फर्मों का नजरिया इस शेयर को लेकर पॉजिटिव है।

ब्रोकरेज फर्मों ने बढ़ाए शेयर के टारगेट प्राइस

ग्लोबल इनवेस्टमेंट बैंकिंग फर्मों ने इस शेयर का टारगेट प्राइस भी बढ़ाया है। उनका मानना है कि कंपनी के बिजनेस फंडामेंटल्स में इम्प्रूवमेंट है। हालांकि, ग्रोथ और मार्जिन को लेकर चिंता बनी हुई है। एचएसबीसी ने इस शेयर पर अपनी ‘buy’ रेटिंग बनाए रखी है। उसने शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाकर 582 रुपये कर दिया है। इसका मतलब है कि मौजूदा प्राइस से यह शेयर करीब 30 फीसदी चढ़ सकता है।

एचएसबीसी की शेयर में निवेश की सलाह

एचएसबीसी का मानना है कि शेयर की वैल्यूएशन FY28 की अनुमानित एंबेडेड वैल्यू की एक गुना है, जो महंगा नहीं है। उसने कहा है कि इस वजह से इस शेयर में गिरावट की उम्मीद नहीं दिखती। उसने यह भी कहा है कि दूसरी तिमाही में कंपनी की वीएनबी अनुमान से थोड़ा ज्यादा रही। मार्जिन को फेवरेबल प्रोडक्ट मिक्स का फायदा मिला।

नोमुरा ने शेयर के लिए 710 रुपये का टारगेट दिया

विदेशी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने भी इस शेयर पर ‘buy’ की अपनी रेटिंग बनाए रखी है। उसने शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाकर 710 रुपये कर दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर करीब 59 फीसदी चढ़ सकता है। हालांकि, कंपनी का वीएनबी अनुमान से कम रही। नोमुरा का मानना है कि डिस्ट्रिब्यूशन में रिफॉर्म्स का ज्यादा असर इस कंपनी पर नहीं पड़ेगा।

जेपी मॉर्गन भी इस इस शेयर को लेकर पॉजिटिव

जेपी मॉर्गन ने आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ के शेयर पर ‘ओवरवेट’ की रेटिंग बनाए रखी है। उसने शेयर के लिए 670 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर मौजूदा प्राइस से करीब 50 फीसदी चढ़ सकता है। हालांकि, ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि कंपनी की वीएनबी ग्रोथ अनुमान से 2.7 फीसदी कम रही।

33 एनालिस्ट्स की इस शेयर पर बाय रेटिंग

ब्लूमबर्ग एनालिस्ट डेटा के मुताबिक, इस शेयर को कवर करने वाले 36 एनालिस्ट्स में से 33 ने इसे खरीदने की सलाह दी है। तीन एनालिस्ट्स की इस शेयर पर ‘होल्ड’ की रेटिंग है। किसी एनालिस्ट ने इस शेयर को बेचने की सलाह नहीं दी है। एनालिस्ट्स का 12 महीने का कन्सेन्सस टारगेट 621 रुपये है। इसका मतलब है कि यह शेयर करीब 39 फीसदी चढ़ सकता है।

Bank of Baroda Share Price: ₹1.42 लाख करोड़ के मुकदमे पर डूबे ₹3700 करोड़, 3% टूटे शेयर, ये है पूरा मामला

Bank of Baroda Share Price: एनएमसी हेल्थकेयर ग्रुप और यूएई एक्सचेंज (UAE Exchange) के फाउंडर बीआर शेट्टी ने अपने ग्रुप में फर्जीवाड़े को लेकर बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) को कोर्ट में घसीटा तो शेयर मार्केट में हाहाकार मच गया। बीआर शेट्टी ने बैंक और 25 अन्य के खिलाफ याचिका दायर कर $1500 करोड़ (₹1.42 लाख करोड़) का हर्जाना मांगा है और साथ ही पेमेंट मिलने तक सालाना 18% की दर से ब्याज भी मांगा है। इसने शेयरों पर ऐसा दबाव बनाया कि यह धड़ाम हो गया और निवेशकों की दौलत ₹3700 करोड़ घट गई।

निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद शेयर संभल नहीं पाए। फिलहाल बीएसई पर यह 2.40% की गिरावट के साथ ₹231.90 के भाव पर है। इंट्रा-डे में यह 3.00% फिसलकर ₹230.45 तक आ गया था। बैंक का मार्केट कैप फिलहाल ₹1.19 लाख करोड़ है।

Bank of Baroda कैसे फंसा इस मामले में?

बीआर शेट्टी का आरोप है कि बैंक ऑफ बड़ौदा ने उनकी कंपनियों में हुई कथित वित्तीय गड़बड़ियों में मदद की और बाद में ऐसी गारंटियों के आधार पर उन्हें जिम्मेदार ठहराया, जिन पर उनके साइन ही नहीं हैं। इसे लेकर उन्होंने बैंक और 25 अन्य के खिलाफ याचिका दायर कर $1500 करोड़ का हर्जाना मांगा है। इसमें से $500 करोड़ की डिमांड उन्होंने सीधे तौर पर हुआ वित्तीय नुकसान के लिए मांगी है तो $500 करोड़ बिजनेस और निवेश के मौकों को झटके से जुड़े नुकसान और $500 करोड़ छवि को हुए नुकसान के लिए मांगे हैं। इसके अलावा उन्होंने सालाना 18% की दर से ब्याज भी मांगा है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

बैंक ऑफ बड़ौदा ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। 26 फरवरी 2026 को बीएसई पर यह ₹325.55 के भाव पर था, जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से सात महीने में यह 31.22% टूटकर 29 सितंबर 2026 को ₹223.90 तक आ गया, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

Bank of Baroda पर ₹1.42 लाख करोड़ का मुकदमा, 9 प्वाइंट्स में समझें पूरा मामला

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bank of Baroda से मांगा ₹1.42 लाख करोड़ का हर्जाना, बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका, 9 प्वाइंट्स में समझें पूरा मामला

Bank of Baroda in Fraud Case: एनएमसी हेल्थकेयर ग्रुप और यूएई एक्सचेंज (UAE Exchange) के फाउंडर बीआर शेट्टी ने अपने ग्रुप में फर्जीवाड़े को लेकर बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) को कोर्ट में घसीट लिया है। सिर्फ बैंक ऑफ बड़ौदा ही नहीं बल्कि 25 और भी लोगों से बीआर शेट्टी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर $1500 करोड़ (₹1.42 लाख करोड़) का हर्जाना मांगा है। शेट्टी का दावा है कि उनके ग्रुप में जो धोखाधड़ी हुई है, उसमें बैंक और उसके कुछ अधिकारियों ने मदद की। साथ ही उनका दावा है कि बैंक ने उनके खिलाफ जिन गारंटियों के आधार पर कार्रवाई की है, उस पर तो उन्होंने कभी साइन ही नहीं किए हैं। इस मामले में बैंक ऑफ बड़ौदा और बीआर शेट्टी की तरफ से मनीकंट्रोल को तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई।

हर्जाने के साथ-साथ पेमेंट होने तक सालाना 18% ब्याज की मांग

बीआर शेट्टी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर $1500 करोड़ का हर्जाना मांगा है। इसमें $500 करोड़ तो उन्होंने सीधे नुकसान के रूप में मांगे हैं। इसके चलते बिजनेस और निवेश के मौकों के नुकसान के रूप में $500 करोड़ और $500 करोड़ के मुआवजे की मांग की है। इस प्रकार कुल मिलाकर बिजनेस की साख और गुडविल के नुकसान के लिए उन्होंने $1500 करोड़ (लगभग ₹1.44 लाख करोड़) का मांग की है। बीआर शेट्टी ने इस पर केस शुरू होने से लेकर पेमेंट या वसूली होने तक सालाना 18% की दर से ब्याज भी मांगा है।

क्या है पूरा मामला?

बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर याचिका के मुताबिक बैंक ऑफ बड़ौदा साल 2019 के आसपास एनएमसी हेल्थकेयर ग्रुप का मुख्य बैंकर था।

शेट्टी का आरोप है कि ग्रुप की कंपनियों के बीच पैसे के लेन-देन में गड़बड़ियां हुईं और बैंक ने उन्हें रोकने के बजाय इसमें मदद की। उनका दावा है कि बैंक ने ग्रुप की कंपनियों और इंडिपेंडेंट सप्लायर्स के तौर पर दिखाई गई एंटिटीज के बीच ट्रांसफर के जरिए फंड डायवर्जन में भी मदद की।

शेट्टी का यह भी आरोप है कि बैंक के सिस्टम ने मनी-लॉन्ड्रिंग के 100 से ज्यादा अलर्ट दिए, जिन्हें बाद में बंद कर दिया गया।

याचिका में बैंक पर यह आरोप लगाया गया है कि उसने बिना पर्याप्त सिक्योरिटी के क्रेडिट देना जारी रखा और ऑडिटर को ग्रुप की उधारी और ट्रांजैक्शन से जुड़ी चिंताओं के बारे में नहीं बताया।

शेट्टी की याचिका की एक अहम बात पर्सनल गारंटी और दूसरे डॉक्यूमेंट्स से जुड़ी है, जिन पर उनके अनुसार फर्जी साइन हैं। उनका आरोप है कि बैंक ने इन डॉक्यूमेंट्स की असलियत की ठीक से जांच किए बिना ही उनके खिलाफ देनदारी का दावा किया। शेट्टी ने यह भी दावा किया है कि कुछ अकाउंट इंस्ट्रक्शन और ट्रांसफर बिना मंजूरी के किए गए थे।

शेट्टी ने अपनी याचिका में जून 2026 में लगभग $60 करोड़ (यानी करीब ₹5,700 करोड़) के समझौते का भी जिक्र किया है, जोकि बैंक ने एनएमसी ग्रुप की कंपनियों के जॉइंट एडमिनिस्ट्रेटर्स के साथ किया था। शेट्टी की शिकायत है कि यह सेटलमेंट 2 जुलाई 2026 को हुआ लेकिन बैंक ने अपनी गलती नहीं मानी। अब शेट्टी का कहना है कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी नुकसान हुआ है और चूंकि वह समझौते का हिस्सा नहीं थे, तो उनके अपने दावे अभी बाकी हैं।

शेट्टी ने अपने खिलाफ जारी लुक आउट सर्कुलर में बैंक की भूमिका को भी चुनौती दी है।

अब शेट्टी ने बैंकिंग रिकॉर्ड्स को सार्वजनिक करने की मांग की है, जिसमें अकाउंट खोलने और KYC (नो-योर-कस्टमर) से जुड़े डॉक्यूमेंट्स, ट्रांजैक्शन इंस्ट्रक्शन, इंटरनल कंप्लायंस अलर्ट और ट्रांसफर को वेरिफाई करने वाले अधिकारियों की पहचान करने वाले रिकॉर्ड्स शामिल हैं।

शेट्टी का आरोप है कि इन विवादित ट्रांजैक्शन से मिले कुछ पैसे एविटिस सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल्स और SMARD बिल्डिंग सॉल्यूशंस जैसी भारतीय एंटिटीज में लगाए गए। याचिका में कोर्ट से उन एसेट्स का खुलासा करने की मांग की गई है, जिनके लिए इस पैसे का इस्तेमाल हुआ। उन्होंने बैंक रिकॉर्ड्स और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को सुरक्षित रखने की भी मांग की है।

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Stocks to Watch: 14 अक्टूबर को इन 11 शेयरों पर रहेगी नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: बुधवार 14 अक्टूबर को शेयर बाजार में कई कंपनियों के शेयर खबरों के दम पर एक्शन दिखा सकते हैं। इन कंपनियों ने तिमाही नतीजे और नए ऑर्डर जैसे अहम अपडेट दिए हैं। ऐसे में ट्रेडिंग से पहले इन 11 शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।

Tata Elxsi

टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा एलेक्सी का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट ₹170.3 करोड़ रहा। पिछली तिमाही में यह ₹170.6 करोड़ था। रेवेन्यू 3.4% बढ़कर ₹1,055.7 करोड़ हो गया। EBIT 7.2% बढ़कर ₹207.7 करोड़ पहुंच गया। EBIT मार्जिन भी 18.97% से बढ़कर 19.68% हो गया।

Hyundai Motor India

ऑटोमोबाइल कंपनी Hyundai Motor Group ने 2032 तक भारत में 15.5 अरब डॉलर निवेश करने की योजना बनाई है। यह निवेश मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और स्थानीय सप्लाई चेन को मजबूत करने पर खर्च होगा। कंपनी भारत में R&D सेंटर के लिए 70 करोड़ डॉलर लगाने की भी योजना बना रही है। Hyundai Motor India और Kia India की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर भी निवेश किया जाएगा।

Bharat Electronics

सरकारी डिफेंस भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) को ₹533 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं। ये ऑर्डर 17 सितंबर 2026 के बाद मिले हैं। इनमें कम्युनिकेशन इक्विपमेंट, एवियोनिक्स, साइबर सिक्योरिटी, ड्रोन, जैमर और सॉफ्टवेयर से जुड़े काम शामिल हैं। कंपनी को अपग्रेड, स्पेयर पार्ट्स और सर्विस के ऑर्डर भी मिले हैं।

Transformers and Rectifiers

ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली कंपनी Transformers and Rectifiers का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹79.8 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹33.9 करोड़ था। रेवेन्यू 60.7% बढ़कर ₹739.4 करोड़ पहुंच गया। EBITDA ₹128.8 करोड़ रहा और मार्जिन 11.2% से बढ़कर 17.4% हो गया। तिमाही में कंपनी को ₹131.4 करोड़ का एक्सेप्शनल गेन भी हुआ।

GRT Jewellers

ज्वेलरी कारोबार करने वाली GRT Jewellers को लिस्टेड ज्वेलरी कंपनी Tribhovandas Bhimji Zaveri (TBZ) में 74.12% हिस्सेदारी खरीदने के लिए CCI की मंजूरी मिल गई है। GRT Jewellers ने 4.95 करोड़ शेयर खरीदने के लिए TBZ के प्रमोटर्स के साथ ₹1,033.71 करोड़ तक का सौदा किया है। हालांकि, डील पूरी होने के लिए अभी बाकी शर्तें पूरी करनी होंगी।

Adani Enterprises

अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज ने अमेरिकी कंपनी Jabil Inc. के साथ 50:50 जॉइंट वेंचर बनाने के लिए MoU किया है। इसका मकसद भारत में AI और डेटा सेंटर के उपकरण बनाना है। प्रस्तावित JV में AI रैक, सर्वर, स्टोरेज, नेटवर्किंग उपकरण, पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट और लिक्विड कूलिंग सिस्टम बनाए जाएंगे।

Anand Rathi Shares

शेयर ब्रोकिंग कंपनी आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स का नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में 48.4% बढ़कर ₹42.3 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹28.5 करोड़ था। कंपनी का रेवेन्यू भी 20.1% बढ़कर ₹273 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल यह ₹227 करोड़ था।

Hindustan Oil Exploration

तेल और गैस की खोज करने वाली कंपनी हिंदुस्तान ऑयल एक्सप्लोरेशन ने देबब्रत दास को नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 16 अक्टूबर से लागू होगी। कंपनी के मुताबिक, एलन एंड्रेड 15 अक्टूबर से CFO का पद छोड़ देंगे।

Polycab India

वायर और केबल बनाने वाली कंपनी पॉलीकैब इंडिया को कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी मामले में राहत मिली है। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने कंपनी के खिलाफ इन्सॉल्वेंसी प्रोसेस शुरू करने के NCLT के आदेश पर रोक लगा दी है।

RailTel Corporation of India

सरकारी टेलीकॉम और ICT सेवा देने वाली कंपनी रेलटेल को ओडिशा सरकार के उच्च शिक्षा विभाग से ₹48.98 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। इसमें टैक्स भी शामिल हैं। कंपनी 83 डिजिटल एप्लिकेशन मॉड्यूल तैयार करेगी और उन्हें मौजूदा ERP सिस्टम से जोड़ेगी। इस प्रोजेक्ट को 10 मई 2027 तक पूरा करना है।

GTPL Hathway

केबल टीवी और ब्रॉडबैंड सर्विस देने वाली GTPL Hathway दूसरी तिमाही में मुनाफे से घाटे में आ गई। कंपनी को ₹9.2 करोड़ के मुनाफे के मुकाबले ₹93 लाख का कंसोलिडेटेड घाटा हुआ। हालांकि, कंपनी की इनकम बढ़कर ₹1,143 करोड़ हो गई, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹959 करोड़ थी।

Q2 Results

बुधवार को कई कंपनियां सितंबर तिमाही के नतीजे घोषित करेंगी। इनमें केनरा बैंक, CEAT, भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स (BHEL), ICICI लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस, टाटा टेक्नोलॉजीज और HDB फाइनेंशियल सर्विसेज शामिल हैं। इनके अलावा बजाज कंज्यूमर केयर, एलेकॉन इंजीनियरिंग, लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी, मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स और लीला पैलेसेज होटल्स एंड रिसॉर्ट्स के नतीजे भी आने हैं।

Tata Elxsi Q2 Results: टाटा की कंपनी को ₹170 करोड़ का मुनाफा, ऑटो बिजनेस में मिला बड़ा कॉन्ट्रैक्ट

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q2 Results: ट्रांसफॉर्मर्स बनाने वाली कंपनी का मुनाफा 135% बढ़ा, रेवेन्यू में 61% का उछाल

Q2 Results: ट्रांसफॉर्मर्स बनाने वाली कंपनी Transformers and Rectifiers (India) ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 135% बढ़कर ₹79.8 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹33.9 करोड़ का मुनाफा हुआ था। हालांकि, इस बार मुनाफे में ₹131.5 करोड़ का एक्सेप्शनल गेन भी शामिल है।

रेवेन्यू और EBITDA में मजबूत बढ़त

कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 60.7% बढ़कर ₹739.4 करोड़ हो गया। पिछले साल सितंबर तिमाही में यह ₹460 करोड़ था। वहीं, EBITDA दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹128.8 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹58.9 करोड़ था।

कंपनी का EBITDA मार्जिन भी सुधरा है। पिछले साल के 12.8% के मुकाबले इस बार यह 17.4% रहा। कंपनी के नतीजे CNBC-TV18 के पोल अनुमान से बेहतर रहे।

ऑर्डर बुक में 32% की बढ़ोतरी

Transformers and Rectifiers को चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में ₹3,283 करोड़ के नए ऑर्डर मिले। यह सालाना आधार पर 161% ज्यादा है। 30 सितंबर 2026 तक कंपनी की अनएक्जीक्यूटेड ऑर्डर बुक 32% बढ़कर ₹7,237 करोड़ हो गई। वहीं, बातचीत के दौर में चल रहे ऑर्डर की वैल्यू ₹21,000 करोड़ है।

कंपनी को न्यूक्लियर पावर सेक्टर से पहला ऑर्डर भी मिला है। इसके तहत Nuclear Power Corporation of India के कैगा यूनिट 5 और 6 प्रोजेक्ट के लिए जनरेटर ट्रांसफॉर्मर सप्लाई किए जाएंगे।

दिवाली के आसपास बढ़ेगा प्रोडक्शन

कंपनी के MD और CEO सत्येन ममतोरा ने कहा कि चांगोदर और मोरैया प्लांट में बेहतर इस्तेमाल से रेवेन्यू बढ़ा है। ट्रांसफॉर्मर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। दिवाली के आसपास कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होने की उम्मीद है।

कंपनी ने FY27 के लिए 25% रेवेन्यू ग्रोथ, 16% EBITDA मार्जिन और 9-10% PAT मार्जिन का अनुमान बरकरार रखा है।

शेयर का हाल

नतीजों से पहले मंगलवार को Transformers and Rectifiers का शेयर BSE पर 3.36% चढ़कर ₹304.70 पर बंद हुआ। हालांकि, शेयर पिछले 12 महीनों में 38% से ज्यादा गिर चुका है।

Tata Elxsi Q2 Results: टाटा की कंपनी को ₹170 करोड़ का मुनाफा, ऑटो बिजनेस में मिला बड़ा कॉन्ट्रैक्ट

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

नई कंपनी ज्वाइन करने जा रहे हैं? तो पहले उसके बारे में जरूर पता कर लें

नई कंपनी ज्वाइन करने से पहले उसके बारे में जरूरी बातें जान लेना जरूरी है। खासकर उसकी वित्तीय स्थिति, मैनेजमेंट और लीडरशिप के बारे में जान लेना फायदेमंद है। कई बार एंप्लॉयी ज्यादा पैकेज के लिए जॉब करते हैं। लेकिन, नई कंपनी ज्वाइन करने के बाद उन्हें पता चलता है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। अब आप घर बैठे ऑनलाइन किसी कंपनी की कुंडली निकाल सकते हैं। आप सिर्फ 449 रुपये की फीस चुकाकर किसी कंपनी के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं।

कंपनी की वेबसाइट पर कुछ जानकारियां फ्री में उपलब्ध

Probe42 भारत में रजिस्टर्ड कंपनियों के बारे में कई तरह का जानकारियां ऑफर करती है। बेंगलुरु की यह कंपनी किसी कंपनी की वित्तीय जानकारी, उसके मैनेजमेंट, उसके बिजनेस सहित कई जानकारियां अपने क्लाइंट्स को उपलब्ध कराती है। कंपनी की वेबसाइट पर कुछ जानकारियां फ्री उपलब्ध हैं। कुछ जानकारियों के लिए फीस चुकानी पड़ती है।

देश के 25 बड़े बैंक कर रहे सर्विसेज का इस्तेमाल

देश के कई बड़े बैंक और उनके डिपार्टमेंट्स प्रोब42 की सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित देश के 25 बड़े बैंक शामिल हैं। बैंक किसी कंपनी को लोन देने से पहले उसका क्रेडिट एसेसमेंट, फाइनेंशियल स्टेटस और मैनेजमेंट के बारे में जानकारी हासिल करते हैं। वे अपने पैसे की सुरक्षा के लिए ऐसा करते हैं। किसी गलत या फर्जी कंपनी को दिया गया लोन डूब सकता है।

एंप्लॉयी नई कंपनी ज्वाइन करने से पहले उसके बारे में पता कर सकता है

एंप्लॉयी और इनवेस्टर भी किसी कंपनी को ज्वाइन करने या उसमें निवेश करने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी प्रोब42 से हासिल कर सकते हैं। इससे आगे किसी तरह की दिक्कत की आशंका नहीं रह जाती है। खासकर कंपनी की वित्तीय स्थिति की जानकारी मिल जाने पर एंप्लॉयी या इनवेस्टर आश्वस्त हो जाता है।

कंपनी का अब रिटेल कस्टमर्स को भी सेवाएं उपलब्ध करा रही है

कंपनी के चीफ एग्जिक्यूटिव अफसर प्रह्लाद कृष्णमूर्ति ने बताया कि कंपनी का फोकस अब तक बी2बी कस्टमर्स पर रहा है। लेकिन, अब कंपनी रिटेल कस्टमर्स को भी टारगेट कर रही है। उन्होंने बताया कि कंपनी की पूरी सर्विस ऑनलाइन है। ग्राहक घर बैठे प्रोब42 के जरिए किसी कंपनी के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर सकता है। ये सभी जानकारियां सरकार की अलग-अलग वेबसाइट से जुटाई जाती हैं, जिन्हें कंप्लायंस के तहत कंपनी ने फाइल किया होता है।

Tata Elxsi Q2 Results: टाटा की कंपनी को ₹170 करोड़ का मुनाफा, ऑटो बिजनेस में मिला बड़ा कॉन्ट्रैक्ट

Tata Elxsi Q2 Results: टाटा एलेक्सी ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट लगभग स्थिर रहा। हालांकि, रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में बढ़ोतरी हुई। कंपनी को ऑटोमोबाइल, मीडिया और हेल्थकेयर कारोबार से सपोर्ट मिला। इसके अलावा, नए प्रोजेक्ट मिलने से भी कारोबार को मजबूती मिली।

नेट प्रॉफिट में मामूली गिरावट

सितंबर तिमाही में टाटा एलेक्सी का नेट प्रॉफिट ₹170.3 करोड़ रहा। जून तिमाही में यह ₹170.6 करोड़ था। यानी मुनाफे में मामूली गिरावट आई।

वहीं, कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 3.4% बढ़कर ₹1,055.7 करोड़ हो गया। जून तिमाही में यह ₹1,021.1 करोड़ था। कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर रेवेन्यू में 2.3% की बढ़ोतरी हुई।

ऑपरेटिंग प्रॉफिट और मार्जिन में सुधार

टाटा एलेक्सी का EBIT यानी ब्याज और टैक्स से पहले का मुनाफा 7.2% बढ़कर ₹207.7 करोड़ हो गया। पिछली तिमाही में यह ₹193.7 करोड़ था।

इसके साथ ही EBIT मार्जिन भी बढ़ा। जून तिमाही में यह 18.97% था, जो सितंबर तिमाही में बढ़कर 19.68% हो गया।

तीनों प्रमुख कारोबार में बढ़ोतरी

टाटा एलेक्सी के तीनों प्रमुख कारोबार में पिछली तिमाही के मुकाबले बढ़त दर्ज की गई। कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर ट्रांसपोर्टेशन रेवेन्यू 2% बढ़ा। मीडिया और कम्युनिकेशन कारोबार में 3.4% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, हेल्थकेयर और लाइफ साइंसेज कारोबार का रेवेन्यू 3.5% बढ़ा।

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO मनोज राघवन ने कहा कि तीनों प्रमुख कारोबार में बढ़त दर्ज की गई है।

ऑटोमोबाइल कारोबार में मिला बड़ा कॉन्ट्रैक्ट

टाटा एलेक्सी के सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सर्विसेज कारोबार में ट्रांसपोर्टेशन की हिस्सेदारी 55% से ज्यादा है। इस सेगमेंट में कंपनी को एक प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्माता से कई साल का कॉन्ट्रैक्ट मिला है।

इसके तहत कंपनी क्लाउड बेस्ड टेलीमैटिक्स और कनेक्टेड व्हीकल सिस्टम डेवलप करेगी। इसके अलावा, टाटा एलेक्सी ने सरला एविएशन के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। कंपनी इलेक्ट्रिक विमान ‘शून्य’ के विकास में मदद करेगी। यह विमान वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग यानी eVTOL टेक्नोलॉजी पर आधारित है।

मीडिया कारोबार में AI प्रोजेक्ट मिला

टाटा एलेक्सी के सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सर्विसेज कारोबार में मीडिया और कम्युनिकेशन की हिस्सेदारी 33.6% है। इस कारोबार को नए प्रोजेक्ट और पुराने कॉन्ट्रैक्ट पर काम बढ़ने से फायदा हुआ।

कंपनी को एक ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी से जेनरेटिव AI बेस्ड वर्चुअल असिस्टेंट बनाने का प्रोजेक्ट मिला है। यह असिस्टेंट कई भाषाओं में काम करेगा। इसका मकसद दुनिया भर के यूजर्स को बेहतर डिजिटल अनुभव देना है।

ऑपरेटिंग एफिशिएंसी से बढ़ा EBITDA मार्जिन

टाटा एलेक्सी के CEO मनोज राघवन ने कहा कि कामकाज को बेहतर बनाने पर फोकस से मुनाफे में सुधार हुआ है। इस दौरान कंपनी ने कर्मचारियों की सैलरी में भी बदलाव किए थे।

इसके बावजूद कंपनी का EBITDA पिछली तिमाही के मुकाबले 70 बेसिस पॉइंट बढ़ा। कंपनी के मुताबिक, ऑपरेटिंग एफिशिएंसी बेहतर होने से मार्जिन को सपोर्ट मिला।

Tata Elxsi के शेयरों का हाल

नतीजों की घोषणा से पहले मंगलवार को NSE पर टाटा एलेक्सी के शेयर 5.21% की तेजी के साथ ₹3,426.70 पर बंद हुए।

टाटा एलेक्सी ऑटोमोबाइल, मीडिया, कम्युनिकेशन और हेल्थकेयर कंपनियों को डिजाइन और टेक्नोलॉजी सेवाएं देती है। कंपनी प्रोडक्ट, सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म और डिजिटल सेवाएं विकसित करने में मदद करती है

Stock in Focus: ड्रोन कंपनी को सरकार से ऑर्डर मिला, फोकस में रहेगा स्टॉक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: ड्रोन कंपनी को सरकार से ऑर्डर मिला, फोकस में रहेगा स्टॉक

Stock in Focus: ड्रोन बनाने वाली कंपनी ideaForge Technology को सर्वे ऑफ इंडिया से ऑर्डर मिला है। सर्वे ऑफ इंडिया भारत सरकार का सरकारी विभाग है। यह जमीन की माप, नक्शे बनाने और भौगोलिक जानकारी जुटाने का काम करता है। इस ऑर्डर के तहत कंपनी अपने Q6 V2 ड्रोन उपलब्ध कराएगी। इनका इस्तेमाल सर्वे और मैपिंग के काम में होगा।

कंपनी के मुताबिक, इन ड्रोन की मदद से जमीन के बड़े हिस्से की हवाई तस्वीरें और जरूरी डेटा जुटाया जा सकेगा। इससे अलग-अलग इलाकों में सर्वे करना आसान होगा। साथ ही, मैपिंग का काम भी कम समय में पूरा किया जा सकेगा।

बड़े इलाकों की मैपिंग करेगा Q6 V2 ड्रोन

Q6 V2 को खास तौर पर सर्वे और मैपिंग के लिए बनाया गया है। यह बड़े इलाकों में डेटा जुटा सकता है। इससे बड़े मैपिंग प्रोजेक्ट तेजी से पूरे करने में मदद मिलेगी।

यह ड्रोन वजन में हल्का है और लंबे समय तक उड़ सकता है। इसमें वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (VTOL) की सुविधा है। यानी इसे उड़ाने और उतारने के लिए लंबे रनवे की जरूरत नहीं पड़ती।

कंपनी ने बताया कि इस ड्रोन को भारत में ही डिजाइन और तैयार किया गया है। इसमें मैपिंग के लिए खास उपकरण लगे हैं। साथ ही, यह अपने आप रास्ता तय कर सकता है। इसमें डेटा की सुरक्षा के लिए एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन सिस्टम भी दिया गया है।

कंपनी के मुताबिक, इसे 10 मिनट से भी कम समय में इस्तेमाल के लिए तैयार किया जा सकता है। यह DFCA-सर्टिफाइड भी है। इसका इस्तेमाल मैपिंग, सर्वे और जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस जैसे कामों में किया जा सकता है।

सरकारी और कारोबारी कामों में बढ़ेगा इस्तेमाल

ideaForge Technology में एंटरप्राइज बिजनेस के एसोसिएट डायरेक्टर सोमिल गौतम ने कहा कि जमीन से जुड़ा डेटा जुटाने में ड्रोन की भूमिका बढ़ रही है। इनसे हवाई तस्वीरें और दूसरी जरूरी जानकारियां जुटाना आसान हो रहा है। इस डेटा का इस्तेमाल योजना बनाने, विकास कार्यों और जमीन के बेहतर प्रबंधन में किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि Survey of India के साथ कंपनी का काम दिखाता है कि खास तरह के कामों में भारत में बने ड्रोन की उपयोगिता बढ़ रही है। ऐसे कामों में सही जानकारी समय पर मिलना बहुत जरूरी होता है। गौतम के मुताबिक, सरकारी एजेंसियों और कंपनियों के लिए ड्रोन आधारित मैपिंग और डेटा जुटाने के कई मौके हैं।

ऑर्डर की घोषणा से पहले मंगलवार को ideaForge Technology के शेयर 1.4% चढ़कर ₹745.70 पर बंद हुए। साल 2026 में अब तक शेयर करीब 61% बढ़ चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अब इलाज की नो टेंशन! हर महीने सिर्फ ₹1000 देकर पाएं 3 साल का हेल्थ इंश्योरेंस, हजारों लोगों ने चुना ये नया ट्रेंड

Health Insurance Subscription Model: भारतीय परिवारों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस को आसान और किफायती बनाना इंश्योरेंस इंडस्ट्री की प्राथमिकता बनता जा रहा है। हाल ही में हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर GST दरों में कटौती जैसे बड़े फैसलों के बाद अब इंडस्ट्री में एक नया इनोवेटिव मॉडल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह है हेल्थ इंश्योरेंस का सब्सक्रिप्शन बेस्ड EMI मॉडल।

इस नए मॉडल के तहत ग्राहक अपनी सुविधा के अनुसार मासिक या त्रैमासिक किस्तों में प्रीमियम का भुगतान करके 3 साल तक की मल्टी-ईयर कवरेज हासिल कर सकते हैं। पॉलिसीबाजार के आंकड़ों के मुताबिक, देश में लगभग 13% ग्राहक अब एकमुश्त भुगतान के बजाय मंथली या क्वार्टरली EMI के विकल्प को चुन रहे हैं।

कैसे काम करता है हेल्थ इंश्योरेंस का यह EMI मॉडल?

यह मॉडल मल्टी-ईयर हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज को आसान किस्तों से जोड़ता है। इसमें ग्राहक एक बार में भारी-भरकम राशि देने के बजाय छोटे-छोटे हिस्सों में प्रीमियम चुकाते हैं।

उदाहरण से समझें तो मान लीजिए आपकी 3 साल की हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का कुल प्रीमियम ₹36,000 यानी प्रति वर्ष ₹12,000 बनती है। पुराने तरीके में आपको ₹36,000 एक बार में देने पड़ते थे। लेकिन इस EMI मॉडल में आप हर महीने सिर्फ ₹1,000 की किस्त देकर 36 महीनों तक लगातार 3 साल का कवर चालू रख सकते हैं।

ग्राहकों के बीच बढ़ा क्रेज

पॉलिसीबाजार द्वारा जारी किए गए हालिया आंकड़ों के अनुसार:

औसत सालाना प्रीमियम/EMI टिकट साइज: ₹17,500

EMI चुनने वाले ग्राहक: 13% उपभोक्ता अब मासिक या तिमाही भुगतान का विकल्प चुन रहे हैं।

यह रुझान दर्शाता है कि लोग अब अपने हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम को मंथली बजट और घर के अन्य खर्चों की तरह मैनेज करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

हर साल 10% तक बढ़ने वाले प्रीमियम से मिलेगी राहत

किस्तों में भुगतान के साथ-साथ लॉन्ग-टर्म पॉलिसी चुनने का एक और बड़ा फायदा यह है कि आपका प्रीमियम 3 साल के लिए फिक्स हो जाता है। सामान्यतः हर साल रिन्यूअल के वक्त उम्र या मेडिकल इन्फ्लेशन के कारण प्रीमियम में 10% तक की बढ़ोतरी देखने को मिलती है। मल्टी-ईयर प्लान आपको इस सालाना बढ़ोतरी से सुरक्षा देता है।

इस बदलते ट्रेड पर पॉलिसीबाजार हेल्थ इंश्योरेंस के बिजनेस हेड रोहन गोयल ने कहा, ‘हेल्थ इंश्योरेंस अब धीरे-धीरे पारंपरिक ‘सालाना खरीद और रिन्यूअल’ के चक्र से बाहर निकलकर एक अधिक लचीले और लॉन्ग-टर्म प्रोटेक्शन मॉडल की ओर बढ़ रहा है। मल्टी-ईयर पॉलिसियों और मंथली या क्वार्टरली पेमेंट ऑप्शंस के साथ ग्राहक लंबे समय के लिए अपनी कवरेज सुरक्षित करते हुए प्रीमियम के बोझ को आसानी से बांट सकते हैं। यह साफ संकेत है कि उपभोक्ता अब अपनी हेल्थ सिक्योरिटी के लिए अधिक अनुमानित और प्रबंधनीय तरीके तलाश रहे हैं।’

ग्राहकों को मिलने वाले 3 सबसे बड़े फायदे

 1. वित्तीय राहत: छोटा और अनुमानित पेमेंट शेड्यूल, साथ ही पॉलिसी अवधि के दौरान प्रीमियम स्थिर रहने का फायदा।

2. लगातार सुरक्षा: लंबे समय तक पॉलिसी चालू रहने से अचानक रिन्यूअल मिस होने या कवरेज लैप्स होने का खतरा खत्म।

3. सुविधा और आसानी: हर साल पॉलिसी रिन्यू कराने के झंझट से मुक्ति; सिर्फ एक बार सही निर्णय लें और 3 साल तक निश्चिंत रहें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bonus Share: 3 साल में 455% चढ़ी कीमत, अब मिलेंगे बोनस शेयर; 23 अक्टूबर रिकॉर्ड डेट

टाइटन बायोटेक बोनस शेयर देने जा रही है। शेयरहोल्डर्स को उनके पास मौजूद हर 4 शेयरों पर एक नया शेयर बोनस के तौर पर​ मिलेगा। रिकॉर्ड डेट 23 अक्टूबर है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे बोनस शेयरों के हकदार होंगे। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है।

बोनस शेयरों का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर को होगा और इनमें ट्रेडिंग 27 अक्टूबर से की जा सकेगी। टाइटन बायोटेक फार्मास्यूटिकल, न्यूट्रास्यूटिकल, फूड एंड बेवरेजेस, बायोटेक्नोलॉजी एंड फर्मेंटेशन, कॉस्मेटिक, वेटेरिनरी एंड एनिमल फीड, एग्रीकल्चर इंडस्ट्रीज, माइक्रोबायोलॉजी कल्चर मीडिया एंड प्लांट टिश्यू कल्चर मीडिया आदि के क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स बनाती है। इसके प्रोडक्ट एक्सपोर्ट भी होते हैं।

कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, यह क्लिनिकली अप्रूव्ड कोलाजन (मछली, बोवाइन और चिकन), स्किन केयर इंग्रीडिएंट्स, बोन व जॉइंट केयर इंग्रीडिएंट्स, प्रोटीन, पशु पोषण के लिए इंग्रीडिएंट्स और कई अन्य चीजें बनाती है। कंपनी पिछले 34 सालों से बिजनेस कर रही है और इसकी मौजूदगी 100 से ज्यादा देशों में है।

Titan Biotech शेयर 2 साल में 175 प्रतिशत चढ़ा

वर्तमान में टाइटन बायोटेक के शेयर की कीमत BSE पर 398.70 रुपये है। शेयर साल 2026 में अब तक लगभग 90 प्रतिशत चढ़ा है। 2 साल में कीमत 175 प्रतिशत और और 3 साल में 455 प्रतिशत उछली है। 10 साल में शेयर 5100 प्रतिशत की बढ़त देख चुका है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 55.78 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 555.65 रुपये और एडजस्टेड लो 171.40 रुपये है।

Tata Elxsi Share Price: Q2 नतीजों से पहले शानदार खरीद, शेयर 5% तक उछला

कंपनी की वित्तीय सेहत

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में टाइटन बायोटेक का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 59.17 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 9.46 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। प्रति शेयर अर्निंग 2.29 करोड़ रुपये रही। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 206.19 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 27.45 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 6.64 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।