Bank of Baroda Share Price: ₹1.42 लाख करोड़ के मुकदमे पर डूबे ₹3700 करोड़, 3% टूटे शेयर, ये है पूरा मामला

Bank of Baroda Share Price: एनएमसी हेल्थकेयर ग्रुप और यूएई एक्सचेंज (UAE Exchange) के फाउंडर बीआर शेट्टी ने अपने ग्रुप में फर्जीवाड़े को लेकर बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) को कोर्ट में घसीटा तो शेयर मार्केट में हाहाकार मच गया। बीआर शेट्टी ने बैंक और 25 अन्य के खिलाफ याचिका दायर कर $1500 करोड़ (₹1.42 लाख करोड़) का हर्जाना मांगा है और साथ ही पेमेंट मिलने तक सालाना 18% की दर से ब्याज भी मांगा है। इसने शेयरों पर ऐसा दबाव बनाया कि यह धड़ाम हो गया और निवेशकों की दौलत ₹3700 करोड़ घट गई।

निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद शेयर संभल नहीं पाए। फिलहाल बीएसई पर यह 2.40% की गिरावट के साथ ₹231.90 के भाव पर है। इंट्रा-डे में यह 3.00% फिसलकर ₹230.45 तक आ गया था। बैंक का मार्केट कैप फिलहाल ₹1.19 लाख करोड़ है।

Bank of Baroda कैसे फंसा इस मामले में?

बीआर शेट्टी का आरोप है कि बैंक ऑफ बड़ौदा ने उनकी कंपनियों में हुई कथित वित्तीय गड़बड़ियों में मदद की और बाद में ऐसी गारंटियों के आधार पर उन्हें जिम्मेदार ठहराया, जिन पर उनके साइन ही नहीं हैं। इसे लेकर उन्होंने बैंक और 25 अन्य के खिलाफ याचिका दायर कर $1500 करोड़ का हर्जाना मांगा है। इसमें से $500 करोड़ की डिमांड उन्होंने सीधे तौर पर हुआ वित्तीय नुकसान के लिए मांगी है तो $500 करोड़ बिजनेस और निवेश के मौकों को झटके से जुड़े नुकसान और $500 करोड़ छवि को हुए नुकसान के लिए मांगे हैं। इसके अलावा उन्होंने सालाना 18% की दर से ब्याज भी मांगा है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

बैंक ऑफ बड़ौदा ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। 26 फरवरी 2026 को बीएसई पर यह ₹325.55 के भाव पर था, जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से सात महीने में यह 31.22% टूटकर 29 सितंबर 2026 को ₹223.90 तक आ गया, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

Bank of Baroda पर ₹1.42 लाख करोड़ का मुकदमा, 9 प्वाइंट्स में समझें पूरा मामला

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bank of Baroda Share Price: नोमुरा ने जून तिमाही के नतीजों के बाद घटाया टारगेट प्राइस, शेयर गिरा

बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) के शेयर में 28 जुलाई को गिरावट दिखी। ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने बीओबी के शेयर का टारगेट प्राइस घटा दिया है। उसने बैंक के जून तिमाही के नतीजों के बाद ऐसा किया है। उसने टारगेट प्राइस को 300 रुपये से घटाकर 280 रुपये कर दिया है। हालांकि, शेयर पर उसने अपनी रेटिंग ‘न्यूट्रल’ बनाए रखी है।

नोमुरा ने कहा है, “बीओबी के जून तिमाही के नतीजे कमजोर रहे। प्रोविजनिंग से पहले बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 6480 करोड़ रुपये रहा। यह साल दर साल आधार पर 13 फीसदी ज्यादा है। लेकिन तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 19 फीसदी कम है। यह अनुमान से 4 फीसदी कम है।”

ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, “जून तिमाही में बैंक की फीस से इनकम कम रही। इसका असर मुनाफे पर पड़ा। हालाांकि, कोर नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) तिमाही दर तिमाही आधार पर स्टेबल रहा।” हालांकि, रिपोर्ट में यह कहा गया है कि बैंक को एनएमसी ग्रुप के साथ 56.8 अरब रुपये के सेटलमेंट के असर को बर्दाश्त करना पड़ा।

जून तिमाही में ऑपरेटिंग प्रदर्शन कमजोर रहने के बावजूद क्रेडिट कॉस्ट कम रहने से प्रॉफिट को सपोर्ट मिला। बैंक की ग्रॉस लोन ग्रोथ साल दर साल आधार पर 18 फीसदी रही। हालांकि, तिमाही दर तिमाही आधार पर एडवान्सेज में 1 फीसदी गिरावट आई। डिपॉजिट ग्रोथ साल दर साल आधार पर 14 फीसदी रही। लेकिन, CASA रेशियो तिमाही दर तिमाही आधार पर 117 बेसिस प्वाइंट्स घटकर 37.7 फीसदी पर आ गया।

नोमुरा ने बैंक ऑफ बड़ौदा के FY27 के प्रति शेयर अर्निंग्स के अनुमान को 13 फीसदी तक घटाया है। इसकी बड़ी वजह एनएमसी सेटलमेंट है। हालांकि, उसने FY28 के प्रति शेयर अर्निंग्स अनुमान को अपरिवर्तित रखा है। बीओबी का शेयर 25 जुलाई को 2.05 फीसदी गिरकर 239 रुपये पर बंद हुआ। 2026 में यह शेयर 20 फीसदी से ज्यादा गिरा है।

28 जुलाई को शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांक कारोबार के अंतिम कुछ मिनटों में हरे से लाल निशान में आ गए। सेंसेक्स 0.05 फीसदी यानी 46 अंक गिरकर 76,796 पर बंद हुआ। निफ्टी 0.02 फीसदी यानी 7 अंक गिरकर 23,990 पर क्लोज हुआ।