पटना से मैक्सिको तक का सफर, बिहार में जन्मे IIT ग्रेजुएट 4 बिजनेस शुरू करने के लिए छोड़ी Uber की नौकरी

बिहार में जन्मे एक एंटरप्रेन्योर की कहानी इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गई है। उनकी कहानी उनके जीजाजी ने X (पहले ट्विटर) पर शेयर की है। इस कहानी में IIT दिल्ली से पढ़ाई और टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में 10 साल के करियर के बाद मेक्सिको में चार बिजनेस चलाने तक का सफर शामिल है।

पटना के रहने वाले 33 साल के विजीत सुमन ने Uber में अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ने के बाद फ़ूड, वेलनेस, सॉफ़्टवेयर और फ़्रॉड प्रिवेंशन (धोखाधड़ी रोकने) के क्षेत्र में बिजनेस शुरू किए। हाल ही में उनके जीजाजी राहुल राज ने X पर उनकी उपलब्धियों के बारे में पोस्ट किया, जिससे उनका यह अनोखा करियर सफर वायरल हो गया और लोगों का ध्यान इस ओर गया।

IIT दिल्ली से लेकर टेक्नोलॉजी सेक्टर में 10 साल का सफर

टेक्नोलॉजी सेक्टर में अपना करियर शुरू करने से पहले सुमन ने IIT दिल्ली से टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी की पढ़ाई की थी। उन्होंने पेमेंट और फ़्रॉड प्रिवेंशन के क्षेत्र में 10 साल से ज़्यादा समय तक काम किया और कंपनियों को अरबों डॉलर से जुड़े फाइनेंशियल क्राइम से निपटने में मदद की। उनके प्रोफेशनल सफर में ऐसी कंपनियों में काम करना भी शामिल है, जिन्हें बाद में दूसरी कंपनियों ने खरीद लिया था, जैसे Falabella द्वारा Linio और Uber द्वारा Cornershop का अधिग्रहण।

लेकिन कॉर्पोरेट दुनिया में कई साल बिताने के बाद, सुमन ने एक अलग रास्ता चुनने का फ़ैसला किया। उन्होंने एंटरप्रेन्योरशिप की दुनिया में पहला कदम तब रखा जब वे टेक सेक्टर में काम कर रहे थे।

इसकी शुरुआत मैक्सिको में भारतीय खाने से हुई

2023 में, सुमन और उनके बिज़नेस पार्टनर अर्पित खुराना ने मैक्सिको सिटी में ‘अरोमा करी’ (Aroma Curry) शुरू किया। यह आइडिया विदेश में रहने वाले भारतीयों की एक आम समस्या से आया: घर जैसा स्वाद वाला खाना मिलना। न तो सुमन और न ही खुराना को रेस्टोरेंट चलाने का कोई अनुभव था, लेकिन जल्द ही उनके बिज़नेस को शादियों और दूसरे इवेंट्स में कैटरिंग के लिए रिक्वेस्ट मिलने लगीं।

जो एक रेस्टोरेंट के तौर पर शुरू हुआ था, वह आगे चलकर कई बिज़नेस में से पहला बिज़नेस बन गया। 2024 तक, सुमन ने पूरी तरह से एंटरप्रेन्योरशिप पर ध्यान देने के लिए उबर (Uber) छोड़ दिया। वे एक बिज़नेस से चार बिज़नेस तक पहुंचे।

कॉर्पोरेट दुनिया छोड़ने के बाद, सुमन ने मैक्सिको सिटी में ‘संतुलन’ (Santulan) नाम का एक योग स्टूडियो शुरू किया।

शुरुआत में यह स्टूडियो एक छोटा सा वेंचर था, लेकिन जल्द ही कस्टमर्स ने पिलेट्स रिफॉर्मर क्लास की मांग की। बिज़नेस का विस्तार हुआ और सुमन के अनुसार, दो साल के भीतर यह मैक्सिको सिटी के सबसे ज़्यादा रेटिंग वाले स्टूडियो में से एक बन गया। उनकी तीसरी कंपनी एक और समस्या के समाधान के तौर पर शुरू हुई, जिसका सामना उन्हें स्टूडियो चलाते समय करना पड़ा था।

बिज़नेस को मैनेज करने के लिए सही सॉफ़्टवेयर न मिलने पर, सुमन ने अपना खुद का सॉफ़्टवेयर बनाया। बाद में दूसरे स्टूडियो मालिकों ने भी इस सिस्टम में दिलचस्पी दिखाई, जिससे ‘क्लासियस’ (Klasius) बना – यह स्टूडियो मैनेजमेंट पर केंद्रित एक सॉफ़्टवेयर बिज़नेस है।

अपने चौथे वेंचर के साथ वे उस फील्ड में वापस लौटे जिसे वे सबसे अच्छी तरह जानते थे।

सुमन और उनके तीन दोस्तों ने ‘फोर्टिफाई’ (Fortify) नाम का एक प्लेटफ़ॉर्म शुरू किया, जो धोखाधड़ी रोकने पर केंद्रित था। एंटरप्रेन्योर के अनुसार, कंपनी अब मेक्सिको की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में से एक के साथ पायलट प्रोग्राम चला रही है। इस तरह सुमन अलग-अलग इंडस्ट्रीज़ — इंडियन फ़ूड, वेलनेस, सॉफ़्टवेयर और फ़ाइनेंशियल टेक्नोलॉजी — में चार बिज़नेस चला रहे थे।

300 मेहमानों वाली शादी एक टर्निंग पॉइंट साबित हुई

इस सफ़र के सबसे यादगार पलों में से एक तब आया जब ‘अरोमा करी’ (Aroma Curry) ने 300 से ज़्यादा मेहमानों वाली एक शादी में कैटरिंग की। उस स्तर पर यह टीम का पहला बड़ा इवेंट था। कैटरिंग के इस सफल काम से बिज़नेस का कॉन्फिडेंस काफ़ी बढ़ा, खासकर तब जब मेहमानों ने टीम से कहा कि खाने ने उन्हें दिल्ली की याद दिला दी।

भारत से हज़ारों किलोमीटर दूर शुरू किए गए बिज़नेस के लिए, लोगों की इस प्रतिक्रिया ने ‘अरोमा करी’ को शुरू करने के मूल मकसद को और मज़बूत किया। फिर उनके जीजाजी ने उनके बारे में पोस्ट किया। जब सुमन के जीजा राहुल राज ने X पर उनकी कहानी शेयर की, तो यह बहुत से लोगों तक पहुंची।

इस पोस्ट में बताया गया कि कैसे वे IIT दिल्ली के पूर्व छात्र और टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल से मैक्सिको में कई बिज़नेस चलाने वाले एंटरप्रेन्योर बने। सुमन के अनुसार, इस पोस्ट ने तेज़ी से लोगों का ध्यान खींचा और इसे 1,00,000 से ज़्यादा बार देखा गया। उन्होंने बताया कि इस अचानक मिली चर्चा की वजह से उन्हें ऐसे लोगों के मैसेज भी मिले जिनसे उन्होंने कॉलेज के बाद से बात नहीं की थी। इस अप्रत्याशित वायरल मोमेंट ने परिवार के एक सदस्य की पोस्ट को उनके अनोखे करियर सफ़र के बारे में एक बड़ी चर्चा में बदल दिया।

क्या लंकाई खिलाड़ी से आगे निकल पाएंगे नीरज? कल फिर फेंकेंग भाला

Neeraj Chopra

भाला फेंक के दिग्गज खिलाड़ी नीरज चोपड़ा और श्रीलंका के उभरते सितारे रमेश पथिरागे शुक्रवार को लुसाने डायमंड लीग में फिर से आमने सामने होंगे, जिसमें भारतीय खिलाड़ी डायमंड लीग फाइनल में जगह बनाने की कोशिश करेगा।ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में पथिरागे ने स्वर्ण और चोपड़ा ने रजत पदक जीता था। इसके तीन सप्ताह बाद ये दोनों खिलाड़ी फिर से एक-दूसरे के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करेंगे।

23 वर्षीय पथिरागे इस सत्र में अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हैं। उन्होंने दोहा और रोम डायमंड लीग में जीत हासिल करने के अलावा ग्लास्गो में 89.75 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक भी जीता है। जून में रोम में 92.62 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ उन्होंने 90 मीटर का प्रतिष्ठित आंकड़ा भी पार किया।

श्रीलंकाई खिलाड़ी ने इस सत्र में अब तक जिन नौ प्रतियोगिताओं में भाग लिया है, उनमें से आठ में जीत हासिल की है। वह पहले ही डायमंड लीग फाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुके हैं। दूसरी तरफ चोपड़ा पिछले साल सितंबर से पीठ के निचले हिस्से की चोट से परेशान रहे हैं।

इसके कारण उनकी वापसी दोहा में आयोजित डायमंड लीग तक टल गई थी। ग्लास्गो में वह पूरी तरह से फिट नहीं थे, लेकिन फिर भी 85.83 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक जीतने में सफल रहे।राष्ट्रमंडल खेलों के बाद चोपड़ा स्विट्जरलैंड के बील चले गए थे, जहां वह अपने बचपन के कोच जयवीर चौधरी और फिजियो ईशान मारवाह के साथ अभ्यास कर रहे थे।

मौजूदा विश्व चैंपियन अरशद नदीम और जर्मनी के यूरोपीय चैंपियन जूलियन वेबर के हटने से लुसाने डायमंड लीग की चमक कुछ फीकी पड़ गई है।त्रिनिदाद और टोबैगो के मौजूदा विश्व चैंपियन केशोर्न वालकॉट और ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स की मौजूदगी के कारण अब भी मुकाबला कड़ा है।

अमेरिका के विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता कर्टिस थॉम्पसन और चेक गणराज्य के ओलंपिक रजत पदक विजेता जैकब वाडलेज भी इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले नौ खिलाड़ियों में शामिल हैं।

चोपड़ा के लिए सत्र के आखिर में होने वाले डायमंड लीग फाइनल की रैंकिंग में ऊपर पहुंचने के लिए लुसाने में होने वाली प्रतियोगिता महत्वपूर्ण है। वह फिलहाल छह अंकों के साथ सातवें स्थान पर हैं।रैंकिंग में शीर्ष छह खिलाड़ी चार और पांच सितंबर को ब्रुसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल में भाग लेंगे।

Nifty में 7 सत्रों के बाद लौटी तेजी, क्या शेयर बाजारों में यह तेजी जारी रहेगी?

शेयर बाजारों में 20 अगस्त को रौनक लौट आई। निफ्टी में लगातार 7 सत्रों की गिरावट के बाद तेजी आई। चौतरफा खरीदारी ने बाजार में जोश भरा। हालांकि, मध्यपूर्व में तनाव घटने की जगह बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ आक्रामक रुख दिखाया है। इससे क्रूड में तेज उछाल है। ब्रेंट क्रूड का भाव 94 डॉलर के पार हो गया है।

निफ्टी और सेंसेक्स में अच्छी रिकवरी

Nifty कारोबार खत्म होने पर 0.64 फीसदी यानी 153 अंक चढ़कर 24,231 पर बंद हुआ। सेंसेक्स भी 0.82 फीसदी यानी 628 अंक के उछाल के साथ 77,537 पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी में भी 0.45 फीसदी की मजबूती आई। शेयर बाजारों के करीब सभी प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए।

निफ्टी आईटी इंडेक्स में अच्छी तेजी

सबसे ज्यादा तेजी निफ्टी प्राइवेट बैंक सूचकांक और निफ्टी आईटी में आई। चढ़ने वाले प्रमुख शेयरों में मुथूट फाइनेंस, वेदांता, हिंदुस्तान जिंक, इटर्नल, श्रीराम फाइनेंस, जिंदल स्टील शामिल रहे। गिरने वाले वाले शेयरों में पीएफसी, आरईसीएल, सीमेंस एनर्जी, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और टाटा कंज्यूमर शामिल थे।

बुल और बेयर्स में किसका पलड़ा भारी

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने कहा कि आज प्रमुख सूचकांकों में पुलबैक दिखा। निफ्टी 154 अंक चढ़कर बंद हुआ। सेंसेक्स 628 अंक उछला। उन्होंने कहा कि डेली चार्ट्स पर डोजी कैंडलस्टिक पैटर्न दिख रहा है। यह बुल और बेयर्स के बीच मामला फंसे होने का संकेत है। इसका मतलब है कि पक्के तौर पर यह नहीं कहा जा सकता है कि अभी किसका पलड़ा भारी है।

24,100 का लेवल बना रहा तो जारी रह सकती है पुलबैक

उन्होंने कहा कि निफ्टी का 50-डे SMA 24,150 है, जो ट्रेडर्स के लिए एक प्रमुख सपोर्ट लेवल दिख रहा है। जब तक बाजार इस लेवल के ऊपर बना रहेगा, पुलबैक जारी रह सकती है। तेजी की स्थिति में निफ्टी 24,350-24,500 तक जा सकता है। अगर निफ्टी 24,100 के नीचे जाता है तो ट्रेडर्स के लिए तेजी के सौदे काटना ठीक रहेगा।

इंडिया वीआईएक्स 5 फीसदी गिरा

इंडिया वीआईएक्स इस बीच 5.01 फीसदी गिरकर 10.76 पर आ गया। यह 8 जून, 2026 के बाद इसका सबसे निचला क्लोजिंग लेवल है। यह अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेजेज से भी नीचे है। इससे मार्केट में उतार-चढ़ाव कम रहने और स्टैबिलिटी का संकेत मिलता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में नरमी और डॉलर इंडेक्स में कमी से बाजार को सपोर्ट मिला है। लेकिन, मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ता दिख रहा है। इससे क्रूड की कीमतें लगातार चढ़ रही है। यह बाजार के लिए अच्छा नहीं है।

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तेजी लंबे समय तक जारी रहने पर संदेह

भारतीय बाजारों में तेजी जारी रहने के लिए क्रूड ऑयल की कीमतों का नीचे आना जरूरी है। ऐसा तभी होगा जब अमेरिका-ईरान में डील के लिए बातचीत शुरू होगी। फिलहाल इसके संकेत नहीं दिख रहे है। इसका मतलब है कि 20 अगस्त को बाजार में आई तेजी के लंबे समय तक जारी रहने की उम्मीद कम है।

दिल्ली के रोहिणी में ‘स्पेशल 26’ जैसी घटना, CBI अफसर बनकर कारोबारी के घर पहुंची फर्जी टीम, पत्नी ने ऐसे खोली पोल

Delhi Fake CBI Raid: बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म ‘स्पेशल 26’ शायद सबने देखी होगी, जिसमें एक्टर अक्षय कुमार और अनुपम खेर फर्जी CBI अधिकारी बनकर बिजनेसमैन और नेताओं के घर छापेमारी करते हैं। ऐसी ही एक घटना दिल्ली के रोहिणी के इलाके से भी सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक, ठीक ‘स्पेशल 26’ की तरह कुछ लोग खुद को CBI अधिकारी बताकर एक कारोबारी के घर पर फर्जी रेड करने पहुंचे। हालांकि, कारोबारी की पत्नी ने जब उनसे पहचान का सबूत और वैध सर्च वारंट मांगा, तो सभी लोग वहां से चले गए।

परिवार की शिकायत के मुताबिक, करीब 8 से 10 लोग CBI अधिकारी बताकर घर पहुंचे और कहा कि वे तलाशी लेने आए हैं। उस समय बिजनेसमैन की पत्नी घर पर थीं और उन्होंने गेट खोलने से मना कर दिया। उन्होंने उन लोगों से कहा कि वे अंदर आने से पहले अपनी पहचान साबित करें और सही सर्च वारंट दिखाएं।

शिकायत करने वाली महिला का आरोप है कि उस ग्रुप ने उन्हें अंदर आने देने के लिए दबाव डाला और मना करने पर धमकी दी। हालांकि, वह उनकी पहचान के सबूत और जरूरी दस्तावेज मांगती रहीं।

CBI की बताई जा रही यह टीम लगभग 90 मिनट तक घर के बाहर खड़ी रही, जिससे शक और बढ़ गया।

CCTV में रिकॉर्ड हुई घटना

इलाके में लगे CCTV कैमरों में उस ग्रुप की हरकतें रिकॉर्ड हो गईं। अधिकारियों ने बताया कि जांच टीम इस फुटेज की जांच कर रही है ताकि शामिल लोगों की संख्या का पता लगाया जा सके और उनके इस्तेमाल किए गए वाहन की पहचान की जा सके।

जब वे लोग बाहर ही खड़े रहे, तो आस-पास के लोग भी वहां जमा हो गए और उनसे सवाल-जवाब करने लगे। उन्होंने उस ग्रुप से पहचान-पत्र, सर्च वारंट या कथित रेड (छापे) के लिए जारी नोटिस की कॉपी दिखाने को कहा।

बताया जाता है कि उस ग्रुप ने कहा कि कागजात उनकी गाड़ी में हैं। जब उनसे कागजात लाने के लिए कहा गया, तो वे यह कहकर वहां से चले गए कि वे कागजात ले आएंगे, लेकिन वे कभी वापस नहीं लौटे।

परिवार ने पुलिस से किया संपर्क

इसके बाद परिवार ने इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 112 के जरिए पुलिस से संपर्क किया। पुलिस की एक टीम घर पहुंची और शिकायत करने वाले का बयान दर्ज किया।

शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि आरोपियों ने CBI का लोगो लगा हुआ कपड़ा पहन रखा था और उनके पास ऐसे पहचान पत्र भी थे, जिनमें उन्हें CBI अधिकारी बताया गया था। आरोप है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि पूरी कार्रवाई असली और आधिकारिक लगे।

शिकायतकर्ता के पिता को WhatsApp पर मिला फर्जी नोटिस

मामले में उस समय एक और नया मोड़ तब आया, जब शिकायतकर्ता के पिता को बाद में WhatsApp पर एक नोटिस मिला। शिकायत के मुताबिक, इस नोटिस पर कथित तौर पर CBI डायरेक्टर का नाम और हस्ताक्षर थे।

हालांकि, बाद में वह मैसेज डिलीट कर दिया गया, लेकिन परिवार ने उसका स्क्रीनशॉट ले लिया था और शिकायत के साथ पुलिस को सौंप दिया था।

परिवार का आरोप है कि नोटिस फर्जी था और इसका मकसद कथित रेड को CBI का अधिकृत ऑपरेशन दिखाना था। वहीं, अधिकारियों ने बताया कि पुलिस नोटिस की असलियत की जांच कर रही है, जबकि घटना की जांच जारी है।

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तमिलनाडु CM विजय के यू-टर्न पर भड़के CJP नेता अभिजीत दीपके, कहा डर लग रहा है तो सुधारो व्यवस्था

तमिलनाडु CM विजय के यू-टर्न पर भड़के CJP नेता अभिजीत दीपके, कहा डर लग रहा है तो सुधारो व्यवस्था

CJP Abhijeet Dipke TN CM Vijay

CJP Abhijeet Dipke Tamil Nadu CM Vijay: देश में सरकारी स्कूलों की बदहाली और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का 'स्कूल ठीक करो' आंदोलन अब एक देशव्यापी जन-आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। इसी बीच, तमिलनाडु सरकार द्वारा छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर लगाए गए प्रतिबंध के आदेश को वापस लेने के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने तीखा हमला बोला है। एक इंटरव्यू में अभिजीत दीपके ने तमिलनाडु सरकार, पश्चिम बंगाल में एक छात्र के पिता की हत्या, सुप्रीम कोर्ट के एफआईआर वापसी के निर्देश और 'पीएम केयर्स फंड' जैसे गंभीर मुद्दों पर अपनी बात बेबाकी से रखी।   

अगर डर लग रहा है तो स्कूल ठीक करो

हाल ही में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की सरकार ने शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन को एक विवादास्पद आदेश जारी किया था, जिसके तहत छात्रों को CJP और वामपंथी दलों द्वारा आयोजित 'स्कूल ठीक करो' जैसे आंदोलनों में शामिल होने से रोकने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, भारी जन-विरोध के बाद सरकार ने यह आदेश वापस ले लिया है। ALSO READ: तमिलनाडु की विजय सरकार का यू-टर्न, CJP और लेफ्ट के प्रदर्शन में जाने से छात्रों को रोकने वाला आदेश वापस

 

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि ऐसा आदेश आना ही गलत था। आंदोलन करना और अपनी बात रखना नागरिकों का मौलिक और लोकतांत्रिक अधिकार (Fundamental Right) है। ऐसे आदेश दिखाते हैं कि सरकारें जनता और छात्रों से डर रही हैं। अगर आपको डर है कि लोग वीडियो बना लेंगे या बदनामी होगी, तो स्कूलों की हालत सुधार दीजिए! लोग रोकने के बजाय आपकी तारीफ में वीडियो बनाएंगे। ALSO READ: आखिर क्‍यों CM विजय थलापति ने वापस लिया स्‍टूडेंट को कॉकरोचों से दूर रखने वाला आदेश, क्‍या है वजह?

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी धोखा दे रही सरकार?

दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान दर्ज हुई एफआईआर (FIR) के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से सभी मुकदमों का ब्योरा मांगा था ताकि उन्हें निरस्त (Quash) किया जा सके। इस पर दीपके ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले सरकारें सुप्रीम कोर्ट के कंधों पर बंदूक रखकर यह बहाना बनाती थीं कि अदालत की वजह से केस वापस नहीं लिए जा सकते। लेकिन अब जब सुप्रीम कोर्ट खुद केस खत्म करने को तैयार है, तब भी सरकारें डेटा जमा नहीं कर रही हैं। यह देश के युवाओं के साथ सीधी धोखाधड़ी है।  

PM CARES में 8000 करोड़ की FD क्यों? शिक्षा नीति पर उठाया सवाल

CJP नेता अभिजीत दीपके ने एक वीडियो संदेश जारी कर 'PM CARES Fund' में जमा पड़ी विशाल धनराशि पर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने बताया कि एक तरफ देश के गरीब बच्चे बिना पीने के पानी, टूटी बेंचेस और जर्जर क्लासरूम में पढ़ने को मजबूर हैं, तो दूसरी तरफ PM CARES Fund में लगभग 8,000 करोड़ रुपए बिना किसी इस्तेमाल के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रूप में पड़े हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह पैसा किसी नेता के रिटायरमेंट के लिए बचाकर रखा गया है? जब देश के बच्चे एक अच्छे स्कूल और सड़कों के लिए रो रहे हैं, तो इस पैसे का इस्तेमाल देश में हाई-टेक मॉडल स्कूल बनाने के लिए क्यों नहीं किया जा रहा?

पश्चिम बंगाल में स्कूल की बदहाली का वीडियो बनाया तो हेट क्राइम का शिकार हुए अब्दुल के पिता

पश्चिम बंगाल के बांकुरा में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना पर दीपके बेहद भावुक और आक्रोशित नजर आए। 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत अपने पुराने सरकारी स्कूल का वीडियो बनाने और बदहाली उजागर करने के कारण अब्दुल हफीज के परिवार पर प्राणघातक हमला हुआ, जिसमें उनके पिता की जान चली गई।  

  • हेट क्राइम का आरोप : पुलिस रिपोर्ट्स में पकड़े गए आरोपियों का संबंध राजनीतिक पृष्ठभूमि से बताया गया है। दीपके ने इसे साफ तौर पर 'हेट क्राइम' करार दिया।
  • मुआवजा नहीं, स्कूल चाहिए : अब्दुल के जज्बे को सलाम करते हुए दीपके ने कहा कि पिता को खोने के बाद भी उस लड़के ने कोई आर्थिक मुआवजा (Compensation) नहीं मांगा। उसकी एक ही मांग है कि उसके गांव में एक वर्ल्ड क्लास स्कूल बने और उसका नाम उसके दिवंगत पिता के नाम पर रखा जाए। इससे बड़ा देशभक्त कोई नहीं हो सकता।  

गांधी के विचारों को कोई नहीं मार सकता

आंदोलन पर उठे हिंसा और अराजकता के सवालों पर जवाब देते हुए दीपके ने कहा कि आज जब महात्मा गांधी का परिवार खुद इस मुहिम के साथ खड़ा है, तो इससे बड़ा देशभक्ति का कोई प्रमाण पत्र नहीं हो सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन नेपाल या बांग्लादेश जैसी हिंसक घटनाओं पर आधारित नहीं, बल्कि महात्मा गांधी, मार्टिन लूथर किंग और नेल्सन मंडेला के अहिंसक और शांतिपूर्ण रास्तों पर चलता है। जिस विचारधारा ने गांधी की हत्या की थी, वे आज भी उनके विचारों को खत्म करना चाहते हैं, लेकिन भारत की आत्मा गांधी के सिद्धांतों में ही बसती है।

21 अगस्त को मूसलाधार बारिश का महा-अलर्ट! यूपी-एमपी समेत 14 राज्यों में होगी भारी बारिश, देखें- मौसम विभाग की चेतावनी

Weather update for August 21: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 21 अगस्त के लिए वेदर बुलेटिन जारी करते हुए देश के कई राज्यों में भारी बारिश, बिजली गिरने और आंधी तूफान की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक मध्य भारत से लेकर उत्तर भारत के पर्वतीय इलाकों और पूर्वोत्तर के राज्यों तक मूसलाधार बारिश देखने को मिलेगी।

पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 21 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी से बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस क्षेत्र में मानसूनी प्रणालियों के असर की वजह से जमकर बारिश होगी। इससे निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

यूपी-एमपी समेत 14 राज्यों में मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान

पूर्वी मध्य प्रदेश के अलावा देश के 14 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की पूरी संभावना जताई गई है। उत्तर भारत में पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के इलाकों में तेज बारिश होगी। मध्य भारत के पश्चिम मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी मूसलाधार बारिश का अनुमान है।

पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत की बात करें तो ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की संभावना

कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने का अलर्ट भी दिया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली कड़कने के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

इसके अलावा बिहार, तटीय कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, ओडिशा, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और वज्रपात का अनुमान जताया गया है।

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, पूरे मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की गर्जना के साथ बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के मैदानी इलाकों में तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

मछुआरों के लिए अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने समुद्री क्षेत्रों के लिए भी चेतावनी जारी की है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व व पूर्व-मध्य अरब सागर के हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

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बंगाल की खाड़ी के क्षेत्र में मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है। इस स्थिति को देखते हुए मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

Amrit Bharat Express: अहमदाबाद-भागलपुर ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ जल्द शुरू होगी, जानें- रूट, स्टॉपेज और पूरा टाइम टेबल

Amrit Bharat Express: गुजरात और बिहार के बीच रेल यात्रियों के लिए बड़ी गुड न्यूज है। भारतीय रेलवे जल्द ही अहमदाबाद-भागलपुर नई अमृत भारत एक्सप्रेस की नियमित सेवा शुरू करने जा रहा है। इस ट्रेन के शुरू होने से गुजरात के प्रमुख औद्योगिक शहर अहमदाबाद और बिहार के महत्वपूर्ण कारोबारी केंद्र भागलपुर के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। भागलपुर को अपनी रेशम उद्योग की पहचान के कारण ‘सिल्क सिटी ऑफ इंडिया’ भी कहा जाता है।

‘हिंदुस्तान’ की रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे ने मौजूदा 09447/09448 अहमदाबाद-पटना-अहमदाबाद स्पेशल ट्रेन को नियमित करने का फैसला किया है। इसे अब 19423/19424 अहमदाबाद-भागलपुर-अहमदाबाद विकली अमृत भारत एक्सप्रेस के रूप में चलाया जाएगा। यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे के इस फैसले से गुजरात और बिहार के बीच सफर करने वाले लोगों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

21 अगस्त से शुरू होगी टिकट बुकिंग

इस ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग 21 अगस्त से शुरू होगी। टिकट रेलवे के पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) काउंटर के साथ-साथ IRCTC की वेबसाइट के माध्यम से भी बुक किए जा सकेंगे। ट्रेन सप्ताह में एक दिन अहमदाबाद से भागलपुर और एक दिन भागलपुर से अहमदाबाद के लिए चलेगी।

अहमदाबाद से भागलपुर का पूरा शेड्यूल

ट्रेन नंबर 19423 अहमदाबाद-भागलपुर अमृत भारत एक्सप्रेस की नियमित सेवा 26 अगस्त से शुरू होगी। रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक ट्रेन की परिचालन गति करीब 110 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रहेगी।

अहमदाबाद से रवाना होने का टाइम: हर बुधवार शाम 6:30 बजे

भागलपुर पहुंचने का समय: शुक्रवार सुबह 6:40 बजे

कुल यात्रा समय: करीब 36 घंटे 10 मिनट

भागलपुर से अहमदाबाद वापसी का समय

वापसी में ट्रेन नंबर 19424 भागलपुर-अहमदाबाद अमृत भारत एक्सप्रेस भागलपुर से हर शुक्रवार शाम 4:45 बजे रवाना होगी। इसकी नियमित सेवा 28 अगस्त से शुरू होगी। ट्रेन रविवार सुबह करीब 5:25 बजे अहमदाबाद पहुंचेगी। यानी भागलपुर से अहमदाबाद पहुंचने में लगभग 36 घंटे 40 मिनट का समय लगेगा।

किन-किन स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन?

अहमदाबाद-भागलपुर अमृत भारत एक्सप्रेस गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार के कई महत्वपूर्ण शहरों और रेलवे जंक्शनों से होकर गुजरेगी। इस रूट के जरिए गुजरात और बिहार के अलावा रास्ते में पड़ने वाले कई बड़े शहरों और महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शनों को भी सीधा रेल संपर्क मिलेगा।

इसके प्रमुख स्टॉपेज इस प्रकार हैं:-

अहमदाबाद-आनंद -छायापुरी-गोधरा- दाहोद-रतलाम -कोटा – सवाई माधोपुर – गंगापुर सिटी – आगरा – टूंडला -गोविंदपुरी – प्रयागराज – पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन – बक्सर -आरा – दानापुर -पटना -मोकामा – किऊल- जमालपुर – सुल्तानगंज -भागलपुर।

ट्रेन में होंगे कई तरह के कोच

अहमदाबाद-भागलपुर अमृत भारत एक्सप्रेस में यात्रियों की जरूरत के अनुसार जनरल, बिना रिजर्वेशन वाला कोच और स्लीपर क्लास के कोच उपलब्ध होंगे। इससे अलग-अलग बजट में यात्रा करने वाले यात्रियों को विकल्प मिल सकेंगे।

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गुजरात-बिहार के यात्रियों को क्या होगा फायदा?

अहमदाबाद और भागलपुर के बीच सीधी साप्ताहिक ट्रेन शुरू होने से दोनों राज्यों के यात्रियों को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है। गुजरात में बड़ी संख्या में बिहार और पूर्वी भारत से जुड़े लोग काम और कारोबार के लिए रहते हैं। वहीं, बिहार से गुजरात आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह ट्रेन एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराएगी।

मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ने से ब्रेंट क्रूड 94 डॉलर के पार, भारत के इंपोर्ट बिल में आ सकता है बड़ा उछाल

अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने का असर 20 अगस्त को क्रूड ऑयल की कीमतों पर दिखा। ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर 94 डॉलर को पार कर गई। डब्ल्यूटीआई क्रूड का भाव भी 87 डॉलर के पार हो गया। क्रूड में उछाल का असर सोने और चांदी की कीमतों पर भी देखने को मिला।

ट्रंप के आक्रामक रुख से मध्यपूर्व में संकट गहराया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि ईरान के खिलाफ ऐसे सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं, जो अब तक किसी देश के खिलाफ नहीं लगाए गए हैं। उन्होंने ईरान की आर्थिक रूप से मदद करने वाले देशों को भी चेताया है। इधर, ईरान पर ट्रंप के रुख का कोई असर नहीं पड़ा है। इससे मध्यपूर्व में स्थिति गंभीर हो गई है।

लगातार चौथे दिन क्रूड ऑयल की कीमतो में उछाल

ट्रंप के ईरान के खिलाफ आक्रामक रुख दिखाने से लगातार चौथे दिन क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी रही। भारतीय समय के मुताबिक, शाम 5 बजे ब्रेंट क्रूड का भाव 2.63 फीसदी के उछाल के साथ 94.02 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 3 फीसदी उछाल के साथ 86.92 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

सीजफायर के बाद क्रूड ऑयल में आई थी नरमी

इस साल 28 फरवरी को अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई शुरू हुई थी। इसके बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल आया था। एक समय ब्रेंट क्रूड का भाव उछलकर 120 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था। जून में अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के ऐलान से क्रूड में गिरावट आई थी। लेकिन, युद्धविराम की अवधि बीत जाने के बाद फिर से क्रूड में तेजी दिख रही है।

भारत 85 फीसदी क्रूड की जरूरत इंपोर्ट से पूरा करता है

क्रूड की कीमतों में उछाल भारत के लिए अच्छी खबर नहीं है। भारत अपनी जरूरत के करीब 85 फीसदी क्रूड का इंपोर्ट करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतें बढ़ने से भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ जाता है। इसका सीधा असर भारत के व्यापार घाटा पर पड़ता है। डॉलर के मुकाबले तेज गिराव के बाद रुपये में स्थिरता दिख रही है। लेकिन, अगर क्रूड की कीमतें लंबे समय तक हाई लेवल पर बनी रहती हैं तो फिर से रुपये पर दबाव दिख सकता है।

अप्रैल-जुलाई के बीच इंपोर्ट बिल में 56 फीसदी उछाल

अप्रैल-जुलाई के बीच भारत का क्रूड इंपोर्ट बिल 56.5 फीसदी बढ़कर 63.4 अरब डॉलर पर पहुंच गया। हालांकि, वॉल्यूम में ज्यादा बदलाव नहीं आया। इसका मतलब है कि क्रूड की कीमतों में उछाल इंपोर्ट बिल बढ़ने का मुख्य कारण है। इस साल अप्रैल-जुलाई में भारत ने 8.19 करोड़ टुन क्रूड का आयात किया। एक साल पहले की समान अवधि में 8.15 करोड़ टन क्रूड का आयात हुआ था।

ऑयल मार्केटिंग कंपनियां 4 बार बढ़ा चुकी हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें

भारत सालाना 1.8-2 अरब बैरल क्रूड ऑयल का इंपोर्ट करता है। क्रूड की कीमतों में प्रति बैरल 1 डॉलर के इजाफा से देश का इंपोर्ट बिल एक साल में 2 अरब डॉलर तक बढ़ जाता है। जून में अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर से पहले क्रूड की कीमतों में उछाल की वजह से भारत में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतें चार बार बढ़ाई थीं। इसका सीधा असर लोगों के बजट पर पड़ा। इसके अलावा खाने-पीने की चीजों सहित दूसरी चीजें भी महंगी हुईं।

Samsung Galaxy इवेंट की डेट कन्फर्म, इस दिन Galaxy S26 FE होगा लॉन्च, जानें फीचर्स

दक्षिण कोरिया की दिग्गज कंपनी Samsung ने Galaxy S26 FE को लॉन्च करने के लिए ‘Galaxy Event’ की घोषणा की है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह इवेंट 27 अगस्त, 2026 को आयोजित किया जाएगा। इसके लिए वर्चुअल इवेंट भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार शाम 5:30 बजे शुरू होगा और इसे YouTube पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा।

Samsung की आधिकारिक घोषणा में कहा गया है, ’27 अगस्त को सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ‘Galaxy Event August 2026′ आयोजित करेगा, जिसमें Galaxy S26 परिवार में सबसे नया स्मार्टफोन पेश किया जाएगा। इसे खास तौर पर उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है जो अपने लिए सबसे जरूरी चीजों को महत्व देते हैं। इसमें कैमरा से लेकर AI तक के मुख्य Galaxy S26 अनुभव और लेटेस्ट One UI शामिल हैं।’

इस इवेंट की एक बड़ी खासियत Samsung Galaxy S26 FE का लॉन्च हो सकता है। ऐसी भी चर्चा है कि कंपनी Galaxy Tab S12 को भी बाजार में उतार सकती है। इसी सिलसिले में, आइए जानते हैं Samsung के आने वाले इस फोन के स्पेसिफिकेशन्स, कैमरा और दूसरे खास फीचर्स के बारे में।

Samsung Galaxy S26 FE: कैमरा और स्पेसिफिकेशन्स

कैमरे की बात करें तो Samsung Galaxy S26 FE में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलने की उम्मीद है। इसमें OIS (ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन) के साथ 50MP का प्राइमरी कैमरा, 12MP का अल्ट्रा-वाइड एंगल कैमरा और 8MP का टेलीफोटो कैमरा दिया जा सकता है।

सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए फोन में 12MP का Sony IMX825 सेंसर मिलने की बात कही जा रही है। हालांकि, ये जानकारी फिलहाल सामने आई रिपोर्ट्स और लीक्स पर आधारित है।

Samsung Galaxy S26 FE में 120Hz रिफ्रेश रेट वाला 6.7-इंच का FHD+ डिस्प्ले हो सकता है। वहीं, इस डिवाइस में Samsung Exynos 2500 प्रोसेसर के साथ 12GB RAM और बेस वेरिएंट में 256GB इंटरनल स्टोरेज मिल सकता है। सॉफ्टवेयर की बात करें तो यह फोन Android 17 ऑपरेटिंग सिस्टम पर आधारित होगा, जिसमें ऊपर One UI 9 स्किन होगी। अफवाहों के अनुसार, इस फोन में 4,900mAh की बैटरी होगी, जो 45W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगी।

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लाइसेंस राज की छुट्टी! सरकार बदलने जा रही है कारोबार के लाइसेंस का पूरा सिस्टम, 15 साल तक बढ़ा सकती है वैलिडिटी

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार इस फाइनेंशियल ईयर में लाइसेंस से जुड़ी शर्तों में बड़े बदलाव करने की योजना पर काम कर रही है। इसके तहत,कई तरह के परमिट की वैलिडिटी को 15 साल तक बढ़ाया जा सकता है। कारोबारियों पर नियमों का पालन करने का बोझ कम हो सकेगा। बताते चलें कि अभी हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के किसी बिजनेस को प्रोजेक्ट के पूरे समय में केंद्र,राज्य और स्थानीय निकायों से कम से कम 60 लाइसेंस की जरूरत होती है। इनमें केंद्र-स्तर की कई मंज़ूरियां भी शामिल हैं,जैसे पर्यावरण से जुड़ी मंज़री और फ़ूड सेफ्टी लाइसेंस। इन्हें समय-समय पर रिन्यू भी करवाना पड़ता है।

नीति आयोग की एक रिपोर्ट के अनुसार फ़ूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (FSSAI) के लाइसेंस को अभी हर 1 से 5 साल में रिन्यू करवाने की जरूरत होती है। सुधार की इस प्रक्रिया में पर्यावरण,ड्रग रेग्युलेशन,विस्फोटक और ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) जैसे इंडस्ट्री पर असर डालने वाले कई क्षेत्र शामिल हैं।

वार्षिक लाइसेंस शुल्क का भुगतान

इस सुधार को नॉन-फाइनेंशियल रेगुलेटरी रिफॉर्म्स पर बनी एक हाई-लेवल कमिटी आगे बढ़ा रही है। इसके हेड नीति आयोग के सदस्य और पूर्व कैबिनेट सेक्रेटरी राजीव गौबा हैं। इस कमिटी का गठन अगस्त 2025 में किया गया था। इसका मसद नियमों का पालन करने के बोझ को कम करने के लिए केंद्र सरकार के रेगुलेशन, सर्टिफिकेशन,लाइसेंस और परमिशन की समीक्षा करना था।

इन सुधारों के तहत अब लाइसेंस की वैधता और फीस के भुगतान के नियम अलग-अलग होंगे। सूत्रों के मुताबिक कारोबारियों को तय फीस हर साल देनी होगी,लेकिन जब लाइसेंस 10 या 15 साल के लिए मान्य होगा तो उन्हें रिन्यूअल के लिए बार-बार आवेदन नहीं करना पड़ेगा। इसका मतलब है कि कारोबारियों को सालाना फीस तो देनी होगी लेकिन उन्हें रिन्यूअल से जुड़े बार-बार होने वाले कागजी काम और प्रक्रियाओं से छुटकारा मिल जाएगा।

अभी अलग-अलग इंडस्ट्री को उनकी जरूरतों के मुताबिक अलग-अलग लाइसेंस लेने होते हैं। इस पर सरकारी सूत्रों का कहना है कि अलग-अलग लाइसेंस को एक ही लाइसेंस में मिलाने पर विचार नहीं किया जा रहा है। कारोबारियों को अभी भी अलग-अलग लाइसेंस जरूरी लाइसेंस लेने होंगे। इस कवायद का मकसद सिर्फ नियमों को आसान बनाना और अनुपालन का बोझ कम करना है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर फोकस

यह कोशिश भारत में ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस(कारोबार करने में आसानी)को बेहतर बनाने की दिशा में हो रहे प्रयासों का ही एक हिस्सा है। वर्ल्ड बैंक के ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस इंडेक्स में भारत की रैंकिंग 2014 में 142वीं थी जो 2020 में सुधरकर 63वीं हो गई। डेटा की विश्वसनीयता को लेकर चिंताओं के कारण इस इंडेक्स को बंद करने से पहले यह इसका आखिरी एडिशन था। अब भारत इस साल के आखिर में वर्ल्ड बैंक के नए बिज़नेस रेडी(B-READY) असेसमेंट में शामिल होगा।

 

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