Sugar Stocks Crash: ड्यूटी-फ्री चीनी इंपोर्ट की इजाजत से शुगर कंपनियों के शेयर धड़ाम, बलरामपुर चीनी सबसे ज्यादा गिरा

Sugar Stocks Crash: चीनी बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में 21 अगस्त को बड़ी गिरावट दिखी। इसकी वजह सरकार का एक फैसला है। सरकार ने 10 लाख टन रॉ शुगर आयात करने की इजाजत दे दी है। इस पर इंपोर्टर्स को कोई ड्यूटी नहीं चुकानी होगी। सरकार ने देश में चीनी की सप्लाई बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया है। बीते कुछ महीनों में चीनी की कीमतों में उछाल देखने को मिला है।

रॉ शुगर के इंपोर्ट से देश में चीनी की उपलब्धता बढ़ेगी

सरकार का मानना है कि रॉ शुगर के इंपोर्ट से देश में चीनी की सप्लाई बढ़ेगी। इससे त्योहारों के सीजन में चीनी की कीमतें कंट्रोल में रहेंगी। देश में अक्तूबर से त्योहारों का मौसम शुरू होता है। 20 अगस्त को सरकार ने चीनी की जमाखारी पर अंकुश लगाने के लिए डीलर्स के लिए नई स्टॉक लिमिट तय करने का आदेश दिया था।

बलरामपुर चीनी मिल्स के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट 

21 अगस्त को सबसे ज्यादा गिरावट Balrampur Chini Mills के शेयरों में दिखी। 11 बजे यह शेयर 4.56 फीसदी गिरकर 732 रुपये पर चल रहा था। Shri Renuka Sugars 4.13 फीसदी की कमजोरी के साथ 25 रुपये पर चल रहा था। बजाज हिंदुस्तान शुगर का शेयर 3.26 फीसदी की कमजोरी के साथ 22 रुपये पर च लरहा था। Bannari Amman Sugars का शेयर 4.46 फीसदी गिरकर 4,051 रुपये पर चल रहा था। चीनी बनाने वाली बाकी कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला।

एक दशक में पहली बार रॉ शुगर इंपोर्ट को इजाजत

सरकार ने बीते एक दशक में पहली बार रॉ शुगर के ड्यूटी फ्री इंपोर्ट की इजाजत दी है। अनुमान है कि इसका असर देश में चीनी बनाने वाली कंपनियों पर पड़ेगा। दरअसल, बीते दो महीनों में चीनी की कीमतों में 40 फीसदी उछाल आया है। इसकी वजह देश में चीनी का कम उत्पादन है। अगर देश में चीनी की सप्लाई बढ़ाने के उपाय नहीं किए जाते हैं तो त्योहारों के दौरान कीमतें आसमान में पहुंच सकती हैं।

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लगातार दो सत्रों में शुगर स्टॉक्स में आई थी जोरदार तेजी

इससे पहले दो सत्रों में चीनी कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली थी। इसकी वजह कम सप्लाई और चीनी की ऊंची कीमतें थीं। माना जा रहा था कि इससे चीनी कंपनियों के रेवेन्यू पर पॉजिटिव असर पड़ेगा। 20 अगस्त को बलरामपुर चीना मिल्स का शेयर 18 फीसदी से ज्यादा चढ़ा था। द्वारिकेशन शुगर इंडस्ट्रीज के शेयरों में करीब 14 फीसदी तेजी आई थी। बाकी चीनी कंपनियों के शेयर भी 7-10 फीसदी चढ़े थे। 21 अगस्त को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव दिखा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में चल रहे थे।

Deepika Padukone: दीपिका पादुकोण ने ‘स्पिरिट’ की कहानी लीक कर दी थी, 10% चाहती थीं मुनाफा, प्रणय रेड्डी वांगा ने उनके फिल्म छोड़ने की असली वजह बताई

Deepika Padukone: दीपिका पादुकोण और ‘स्पिरिट’ से जुड़ा विवाद: ‘स्पिरिट’ के प्रोड्यूसर और संदीप रेड्डी वांगा के भाई, प्रणय रेड्डी वांगा ने फिल्म से दीपिका पादुकोण के बाहर होने पर बात की है। दीपिका का फिल्म छोड़ना काफी विवादों में रहा क्योंकि इस फैसले को लेकर कई तरह की अफवाहें उड़ी थीं। इससे भारतीय एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में सैलरी में बराबरी और काम के घंटों को लेकर भी बहस छिड़ गई।

‘दीपिका सैलरी से खुश नहीं थीं, संदीप ने उन्हें जाने दिया’

प्रणय ने अब कन्फर्म किया है कि फीस, शेड्यूलिंग और दूसरी वजहों से दीपिका को प्रोजेक्ट छोड़ना पड़ा। प्रणय ने NTV तेलुगु को बताया, “वजह वही है जो पहले बताई गई थी। एक तो फीस थी, दूसरी टाइमिंग। इसके अलावा कुछ और वजहें भी थीं। मुझे अभी ठीक से याद नहीं है, लेकिन कई बातें थीं। यह संदीप का फैसला था।”

‘दीपिका फिल्म के मुनाफे का 10 परसेंट चाहती थीं’

उन्होंने दावा किया कि संदीप दीपिका को कास्ट करना चाहते थे और डेढ़ साल से उनके संपर्क में थे। हालांकि, “उन्होंने फिल्म के मुनाफे का 10 परसेंट मांगा। इसके बाद बात बिगड़ गई। देखिए, वह कुछ भी मांग सकती हैं। अगर हम देना चाहें तो दे सकते हैं। लेकिन हमारे लिए बजट (इकॉनॉमिक्स) भी सही बैठना चाहिए। हमें लगा कि यह मुमकिन नहीं हो पा रहा है। इसलिए हमने दूसरे ऑप्शन के बारे में सोचा।”

‘दीपिका ने स्पिरिट की कहानी लीक की’

उन्होंने यह भी आरोप लगाया, “जब हमने दूसरे ऑप्शन तलाशने शुरू किए, तो उन्होंने सब कुछ लीक करना शुरू कर दिया… हमने उनसे कहानी और किरदार के बारे में बात की थी। अंदर की बातें बाहर नहीं आनी चाहिए, लेकिन उन्होंने सब कुछ लीक कर दिया। इसीलिए हम परेशान हैं।” प्रणय ने कहा कि वे दीपिका को 5-6 करोड़ रुपये ज़्यादा देने को तैयार थे; हालांकि, फिल्म का कुल बजट एक्ट्रेस के लिए एक मुद्दा बन गया।

तृप्ति डिमरी को लिया गया, स्पिरिट की रिलीज डेट

दीपिका ने अभी तक इन दावों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस बीच, दीपिका के हटने के बाद, प्रभास के अपोजिट तृप्ति डिमरी को कास्ट किया गया। तृप्ति ने पहले संदीप के साथ ‘एनिमल’ में काम किया है, जिससे वह काफी मशहूर हो गईं। ‘स्पिरिट’ 5 मार्च, 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

21 भारतीयों वाले जहाज पर ईरानी हमले का VIDEO:होर्मुज में IRGC बोट्स ने फायरिंग की; शीशे टूटे, सामान बिखरा, क्रू ने छिपकर जान बचाई

होर्मुज स्ट्रेट में 21 भारतीय नाविकों वाले एक कंटेनर जहाज पर ईरानी नौकाओं ने फायरिंग की थी। यह घटना 22 अप्रैल को हुई थी। भारतीय नाविकों के संगठन ने अब इस घटना का वीडियो जारी किया है। वीडियो में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) से जुड़ी नौकाओं को जहाज के आसपास देखा जा सकता है। जहाज पर फायरिंग के बाद शीशे टूटे और सामान बिखरा दिखाई देता है। एक जगह रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड दागे जाने का सीन भी दिखता है। हमले के दौरान जहाज का क्रू अपनी जान बचाने के लिए अंदर छिप गया। जहाज पर 21 भारतीय नाविक सवार थे और सभी सुरक्षित रहे। होर्मुज में भारतीय नाविकों की तैनाती पर रोक लगा चुकी सरकार खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा खतरे के बीच भारत ने 16 जुलाई को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की नई तैनाती पर रोक लगा दी थी। यह रोक अगले आदेश तक लागू है। यह फैसला ऐसे समय लिया गया था, जब होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के इलाकों में हुए हमलों में भारतीय नाविकों की मौत हुई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 28 फरवरी से अब तक इस क्षेत्र में हुए हमलों में कम से कम 14 भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है। भारत ने जहाज मालिकों, जहाज मैनेजमेंट कंपनियों और नाविकों की भर्ती करने वाली RPSL कंपनियों को अरब की खाड़ी, होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के समुद्री इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए थे। यह रोक भारतीय नाविकों की नई तैनाती पर है। भारत के बाहर से विदेशी शिपिंग कंपनियों द्वारा भर्ती किए गए नाविकों पर यह आदेश सीधे लागू नहीं होगा। सोमालिया के पास 6 भारतीयों वाला जहाज हाईजैक सोमालिया के पंटलैंड तट के पास एक कार्गो जहाज को समुद्री लुटेरों ने हाईजैक कर लिया। कैमरून के झंडे वाले M/V LUTUF में 10 लोग सवार थे, जिनमें 6 भारतीय, 1 तुर्की नागरिक, 1 जॉर्जियाई और 2 सर्बियाई सुरक्षा गार्ड शामिल थे। जहाज को 17 अगस्त को ईयल जिले में मैराया से करीब 3.5 नॉटिकल मील दूर कब्जे में लिया गया। लुटेरे इसे नूगाल तट की ओर ले गए। जहाज पर मोगादिशु के तुर्की सैन्य प्रशिक्षण केंद्र के लिए हथियार, संचार और सैटेलाइट उपकरण थे। सोमाली अधिकारी के मुताबिक, 8 समुद्री लुटेरों ने जहाज पर कब्जा किया। बाद में दो तुर्की जहाज पहुंचे और हेलिकॉप्टर-ड्रोन से निगरानी शुरू हुई। मंगलवार को जहाज के पास एक छोटी नाव पहुंची। इसके लौटने के बाद हुए हवाई हमले में 4 लोग मारे गए और 2 घायल हुए। हालांकि, यह साफ नहीं है कि हमला किसने किया और मारे गए लोग हाईजैक में शामिल थे या नहीं। जहाज और क्रू की मौजूदा स्थिति की जानकारी भी साफ नहीं है। हूती हमले में मारे गए 2 पाकिस्तानी नाविकों के शव कराची पहुंचे हूती हमले में मारे गए 2 पाकिस्तानी नाविकों के शव गुरुवार को कराची पहुंच गए। हमले में घायल हुए 6 पाकिस्तानी नाविक भी सुरक्षित पाकिस्तान लौट आए हैं। 11 अगस्त को तंजानिया के झंडे वाले ‘तिहामा’ जहाज पर बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट में हूतियों ने हमला किया था। इसमें 3 पाकिस्तानी और 1 इंडोनेशियाई नाविक की मौत हुई थी। दो घायल नाविक और दोनों मृत नाविकों के शव सऊदी एयरलाइंस की फ्लाइट से कराची पहुंचे, जबकि बाकी 4 घायल PIA की फ्लाइट से लौटे।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने हमले की निंदा की और कहा कि समुद्री नाविकों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित होनी चाहिए। खबर अपडेट हो रही है…

ENS Enterprises का धमाल, 4% प्रीमियम पर शुरू हुआ ₹96 के भाव पर जारी शेयरों का सफर

ENS एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने 21 अगस्त को अपनी लिस्टिंग के दिन IPO निवेशकों को खुश/मायूस कर दिया। शेयर BSE SME पर 4.35 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 96.00 रुपये पर लिस्ट हुआ। IPO के लिए फाइनल इश्यू प्राइस 92 रुपये प्रति शेयर था। कंपनी का 33.14 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू 13.11 गुना भरा था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 9.44 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 22.89 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 11.02 गुना सब्सक्राइब हुआ।

IPO में 36 लाख नए शेयर जारी हुए। ENS एंटरप्राइजेज लिमिटेड एक टेक्नोलॉजी कंपनी है, जो एंड-टू-एंड डिजिटल कॉमर्स इनेबलमेंट और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन देती है। इसके 12 से ज्यादा देशों में क्लाइंट्स हैं। यह ई-कॉमर्स, डिजिटल इंजीनियरिंग और क्लाउड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करती है।

कंपनी की टेक्नोलॉजी सर्विसेज में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, ONDC इंटीग्रेशन, सॉफ्टवेयर और मोबाइल एप्लीकेशन डेवलपमेंट, क्लाउड और DevOps, डिजिटल मार्केटिंग, ब्लॉकचेन सॉल्यूशंस और टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग शामिल हैं। यह SaaS यानि कि सॉफ्टवेयर एज ए सर्विस प्रोडक्ट भी बनाती है। ENS एंटरप्राइजेज 2022 से भारत सरकार के ONDC इनिशिएटिव के लिए टेक्नोलॉजी सर्विस प्रोवाइडर के तौर पर काम कर रही है।

कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 9.44 करोड़ रुपये जुटाए थे। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ENS एंटरप्राइजेज का रेवेन्यू 81 प्रतिशत बढ़कर 51.77 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध मुनाफा 127 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 8.40 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले रेवेन्यू 28.62 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 3.70 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी पर 3.97 करोड़ रुपये की उधारी थी।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news :अमेरिका और एशिया से खराब संकेतों के बावजूद गिफ्ट निफ्टी में मजबूती है। यह करीब 70 अंक ऊपर दिख रहा है। इधर FIIs की कैश में हल्की बिकवाली देखने को मिली है लेकिन वायदा में खरीदारी हुई है। हालांकि FIIs के नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट दो लाख 12 हजार के पार चले गए हैं। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

20 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त वापसी देखने को मिली। US ट्रेज़री यील्ड में कमी और ग्लोबल स्तर पर अच्छे संकेतों के बीच प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी हुई,जिससे निफ्टी की लगातार सात सत्रों की गिरावट का सिलसिला थम गया। बाजार की शुरुआत मजबूत रही,लेकिन शुरुआती घंटों में कुछ प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। हालांकि,जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा बाज़ार ने फिर से तेजी पकड़ी और मीडिया,फाइनेंशियल व रियल्टी शेयरों की अगुवाई में निफ्टी ने 24,265.15 का दिन का हाई छुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 628.04 अंक या 0.82 प्रतिशत बढ़कर 77,537.72 पर और निफ्टी 153.55 अंक या 0.64 प्रतिशत बढ़कर 24,231.85 पर बंद हुआ।

US की ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध की तैयारी

अमेरिका की ईरान पर अब तक के सबसे सख्त प्रतिबंधो की तैयारी है। अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा है कि इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंधों का सोमवार को एलान होगा। ईरान ने कहा कि यह आर्थिक आतंकवाद है। चीन ने भी इसका विरोध किया है। क्रूड 93 डॉलर के पार निकल गया है। सोना-चांदी भी चमके हैं। सोना 4500 डॉलर के पार दिख रहा है।

अमेरिकी बाजारों में तेज गिरावट, बॉन्ड यील्ड फिर 4.7% पर पहुंची

अमेरिका-ईरान के बीच गहराते विवाद से US बॉन्ड यील्ड में फिर उछाल आया है। 10 साल की बॉन्ड यील्ड 4.7% पर पहुंचने से अमेरिकी बाजार नर्वस हो गया है। डाओ जोंस कल 700 प्वाइंट से ज्यादा फिसला। S&P और नैस्डैक भी एक परसेंट फिसले। उधर एशियाई बाजारों में भी नरमी है। निक्केई और कॉस्पी में करीब एक परसेंट का दबाव दिख रहा है।

HDFC बैंक ने बॉन्ड से जुटाए रिकॉर्ड 1.8 बिलियन डॉलर

HDFC बैंक ने तीन और पांच साल के डॉलर बॉन्ड के जरिये रिकॉर्ड पौने दो बिलियन डॉलर्स जुटाए हैं। किसी भारतीय वित्तीय कंपनी का ये सबसे बड़ा डेट इश्यू रहा। HDFC बैंक के बॉन्ड्स के लिए सात बिलियन डॉलर से ज्यादा की बोलियां मिलीं।

Market cues : 24300-24400 के ऊपर टिकने पर ही निफ्टी में आएगी तेजी, 24150 पर दिख रहा तत्काल सपोर्ट

सरकार ने 10 लाख टन चीनी इंपोर्ट को मंजूरी दी

चीनी के दाम काबू में करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 10 लाख टन चीनी आयात को मंजूरी दी गई है। 31 अक्टूबर तक बिना किसी ड्यूटी के इंपोर्ट हो सकेगा।

सेबी की नई रिपोर्ट में हुआ खुलासा, F&O में करीब 88% ट्रेडर्स को हुआ घाटा

F&O में रिटेल ट्रेडर्स को अब भी जमकर घाटा हो रहा है। सेबी की नई रिपोर्ट के मुताबिक FY26 में वायदा में करीब 88% ट्रेडर्स को घाटा हुआ। हालांकि F&O में ट्रेडिंग करने वाले भी घटे हैं। इनमें पिछले साल के मुकाबले 18% की कमी आई है। ऑप्शन बॉयर्स के मुकाबले ऑप्शन सेलर्स ने कम नुकसान झेला है।

सचिवों के साथ PM मोदी की हाई लेवल मीटिंग, इंफ्रा, डिफेंस, पोर्ट-लेड डेवलपमेंट पर चर्चा

सचिवों के साथ PM मोदी की हाई लेवल मीटिंग में इंफ्रा,डिफेंस और कनेक्टिविटी पर मंथन हुआ है। पोर्ट-लेड डेवलपमेंट को स्पीड देने के निर्देश दिए गए हैं। पीएम ने कहा कि डिफेंस को ग्लोबल स्टैंडर्ड पर प्रतिस्पर्धी बनाने की जरूरत है। AI के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

20 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों(FIIs)ने ₹583 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹3,537 करोड़ की नेट खरीदारी करके बाजार को सहारा देना जारी रखा।

बाजार के लिए क्या होगा आज गुड फ्राइडे या लगेगी निराशा हाथ, ग्लोबल बाजार से लेकर गिफ्ट निफ्टी तक जानें कैसे मिल रहे है संकेत

शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के सपाट खुलने की संभावना है। GIFT Nifty मामूली बढ़त का संकेत दे रहा है, जबकि पिछले सेशन में Nifty ने लगातार सात दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा था। ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में फिर से दबाव और कच्चे तेल की कीमतों के एक महीने के उच्चतम स्तर के करीब पहुंचने से सेंटीमेंट पर असर पड़ सकता है, भले ही एशियाई इक्विटी में मिला-जुला कारोबार हुआ और US स्टॉक फ्यूचर्स में थोड़ी बढ़त दिखी।

सुबह 8:05 बजे GIFT Nifty 25 अंक या 30. प्रतिशत बढ़कर 24,333.5 पर कारोबार कर रहा था। कल भारतीय इक्विटी में जोरदार वापसी हुई थी क्योंकि US ट्रेजरी यील्ड में कमी से ग्लोबल रिस्क लेने की क्षमता में कुछ सुधार हुआ था। Sensex 628.04 अंक या 0.82 प्रतिशत बढ़कर 77,537.72 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 153.55 अंक या 0.64 प्रतिशत बढ़कर 24,231.85 पर बंद हुआ।

हालांकि, रात भर में ग्लोबल माहौल कम सपोर्टिव हो गया क्योंकि US ट्रेजरी यील्ड फिर से बढ़ने लगीं और US-ईरान तनाव के समाधान की उम्मीदें कम होने के बीच कच्चा तेल एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

US बॉन्ड यील्ड में फिर से बढ़ोतरी, वॉल स्ट्रीट पर दबाव

इस हफ्ते की शुरुआत में US ट्रेजरी के दखल से मिली राहत कम समय के लिए ही रही, इसलिए शुक्रवार को भी ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में तनाव इक्विटी के लिए एक मुख्य जोखिम बना रहा। US 30-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड वापस लगभग 5.25 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि 10-वर्षीय यील्ड 4.71 प्रतिशत को छू गई। बॉन्ड यील्ड बढ़ने से इक्विटी वैल्यूएशन पर दबाव पड़ता है और इससे विदेशी निवेशकों के लिए उभरते बाजारों की संपत्ति कम आकर्षक हो सकती है।

यील्ड में फिर से बढ़ोतरी का असर रात भर वॉल स्ट्रीट पर दिखा। Dow Jones Industrial Average 703.84 अंक या 1.32 प्रतिशत गिरकर 52,759.21 पर आ गया, जबकि S&P 500 में 0.87 प्रतिशत की गिरावट के साथ 7,641.16 और Nasdaq Composite में 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,067.17 पर कारोबार हुआ। रिटेल सेक्टर की बड़ी कंपनी वॉलमार्ट के निराशाजनक नतीजों ने भी सेंटीमेंट को खराब किया, जबकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दीं।

शुक्रवार सुबह US इक्विटी फ्यूचर्स से थोड़े सकारात्मक संकेत मिले; S&P 500 फ्यूचर्स 0.1 प्रतिशत और नैस्डैक फ्यूचर्स 0.2 प्रतिशत ऊपर रहे।

बॉन्ड मार्केट की चिंताओं के बीच एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख

शुक्रवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। कई प्रमुख इंडेक्स साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रहे थे क्योंकि निवेशक ग्लोबल यील्ड में बढ़ोतरी से जूझ रहे थे। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.5 प्रतिशत बढ़ा, जबकि दक्षिण कोरियाई और ताइवानी शेयरों में थोड़ी बढ़त देखी गई। हालांकि, जापान का निक्केई 0.8 प्रतिशत गिर गया और इसमें 4 प्रतिशत से अधिक की साप्ताहिक गिरावट की संभावना थी।

US-ईरान तनाव के बीच ब्रेंट $93 के करीब

घरेलू निवेशकों के लिए कच्चा तेल एक और बड़ी चिंता का विषय बना रहा, क्योंकि खाड़ी क्षेत्र में कूटनीतिक गतिरोध के कारण कीमतें लगभग एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। ब्रेंट क्रूड पहले $94.71 प्रति बैरल तक पहुंचा, लेकिन बाद में प्रॉफिट बुकिंग के कारण इसमें थोड़ी नरमी आई। फ्यूचर्स अंत में 0.7 प्रतिशत गिरकर $93.12 प्रति बैरल पर रहे, लेकिन पूरे सप्ताह के दौरान 5 प्रतिशत से अधिक ऊपर बने रहे। US क्रूड 0.7 प्रतिशत गिरकर $86.18 प्रति बैरल पर आ गया।

तेल की कीमतों को उस समझौते की कम होती उम्मीदों से सहारा मिला है जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पूरी तरह से फिर से खुल सकता था; यह उम्मीद तब कम हुई जब US ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि वाशिंगटन ईरान पर “इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंध” लगाएगा।

निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक: आगे की रिकवरी के लिए 24,265 का स्तर अहम

बजाज ब्रोकिंग ने कहा कि अगर निफ्टी 24,265 के स्तर के ऊपर लगातार बना रहता है, तो इसकी रिकवरी 24,400 तक बढ़ सकती है; वहीं, अगर यह इस स्तर को पार नहीं कर पाता है, तो यह 24,000-24,250 के दायरे में ही बना रह सकता है। ब्रोकरेज फर्म को 24,000-23,800 पर मजबूत सपोर्ट दिख रहा है और उम्मीद है कि इंडेक्स 24,000-24,600 की व्यापक रेंज में रहेगा। घरेलू संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को भारतीय शेयरों को सहारा देना जारी रखा और 3,537 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशक नेट सेलर बन गए और उन्होंने 583 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। विदेशी निवेश के प्रवाह पर नज़र बनी रहेगी क्योंकि US ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से डॉलर एसेट्स का आकर्षण बढ़ सकता है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी 70 अंक चढ़ा, सेंसेक्स-निफ्टी की हो सकती है मजबूत शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

सोमालिया तट पर हथियारों से लदा जहाज हाईजैक, क्रू में भारतीय नागरिक शामिल, अबतक क्या-क्या पता चला?

सोमालिया के पुंटलैंड तट के पास समुद्री डाकुओं ने तुर्की के हथियारों से लदे एक कार्गो शिप का अपहरण कर लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हाईजैक हुए जहाज पर 10 क्रू मेंबर्स मौजूद हैं। इनमें 6 भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। एक सोमाली अधिकारी के हवाले से आई रिपोर्ट के मुताबिक समुद्री डाकुओं ने जहाज को अपने कब्जे में लेकर तटीय इलाके की ओर मोड़ दिया है।

किस जहाज का हुआ अपहरण और क्या था उस पर लदा?

हाईजैक हुए जहाज का नाम एम/वी लुटुफ है। इस पर कैमरून का झंडा लगा हुआ है। इस जहाज का स्वामित्व पोलर मूवमेंट शिपिंग के पास है। सोमाली अधिकारी के मुताबिक जहाज को पुंटलैंड के ईल जिले में मरराया से करीब 3.5 समुद्री मील दूर से अगवा किया गया। यह जहाज मोगादिशु में स्थित एक सैन्य प्रशिक्षण केंद्र के लिए तुर्की के हथियार, संचार उपकरण और सैटेलाइट उपकरण ले जा रहा था।

क्रू में 6 भारतीय शामिल

रिपोर्ट के मुताबिक हाइजैक जहाज पर कुल 10 लोग सवार हैं। 6 भारतीय नागरिक, 1 तुर्की का नागरिक, 1 जॉर्जिया का नागरिक, 2 सर्बियाई सुरक्षा गार्ड शामिल हैं। इस घटना के बाद तुर्की के अधिकारियों की ओर से तुरंत कोई बयान नहीं आया है। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) की तरफ से भी फिलहाल इस घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है।

8 समुद्री डाकू शामिल, हमले के बाद एयरस्ट्राइक में 4 की मौत

सोमाली अधिकारी के अनुसार जहाज पर कब्जा करने में 8 समुद्री डाकू शामिल थे। ऐसा माना जा रहा है कि यह समूह 26 अप्रैल को एम/वी स्वॉर्ड के अपहरण में शामिल गुट से जुड़ा हुआ है। डाकू इस जहाज को पुंटलैंड के डांगोरोयो जिले में गरमाल के पास तट की ओर ले गए। अपहरण के बाद तुर्की के स्वामित्व वाले दो जहाज हाईजैक किए गए पोत के करीब पहुंचे जबकि तुर्की के हेलीकॉप्टरों और ड्रोन ने क्षेत्र की निगरानी की।

मंगलवार को एक छोटी नाव में सवार दो लोग जहाज के पास पहुंचे और उन्होंने जहाज पर खाट (सोमालिया में चबाया जाने वाला एक प्रकार का नशीला पदार्थ) पहुंचाया। नाव के वापस किनारे लौटने के बाद एक एयरस्ट्राइक हुई, जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई और 2 अन्य घायल हो गए।

अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह हवाई हमला किसने किया था और मारे गए लोग सीधे तौर पर अपहरण की साजिश में शामिल थे या नहीं। जहाज ‘एम/वी लुटुफ’, उसके क्रू मेंबर्स और उस पर लदे हथियारों की मौजूदा स्थिति अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो सकी है।

अदन की खाड़ी में एक और टैंकर पर हमला, समुद्री डकैती की बढ़ी चिंताएं

सोमालिया तट पर समुद्री डकैती के दोबारा उभरने से अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में चिंताएं बढ़ गई हैं। इस घटना के तुरंत बाद गुरुवार को अदन की खाड़ी में एक और घटना सामने आई, जहां अमेरिकी प्रतिबंधों वाले एक टैंकर ‘सीमुल’ पर 6 हथियारबंद लोग सवार हो गए और उसे जबरन सोमालिया की ओर मोड़ने पर मजबूर कर दिया। ईयू के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर इंडियन ओशन ने पुष्टि की है कि 6 सशस्त्र लोगों ने टैंकर पर कब्जा कर लिया है। सीमुल को पिछले साल अमेरिका ने ईरान के ‘शैडो Fleet’ का हिस्सा बताते हुए प्रतिबंधित किया था।

सोमालिया तट पर 2011 में अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक गश्त के बाद समुद्री डकैती में भारी कमी आई थी। लेकिन इस साल अप्रैल के बाद से एक बार फिर हमलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है और कई जहाजों को बंधक बनाए जाने की खबरें आ रही हैं।

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Sawan Purnima 2026 Date: 27 या 28 अगस्त, कब किया जाएगा श्रावण पूर्णिमा का व्रत? जानें सही तारीख, मुहूर्त और पूजा विधि

Sawan Purnima 2026 Date: सावन पूर्णिमा हिंदू धर्म में एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है। यह दिन धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। श्रावण पूर्णिमा के दिन ही रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र यानी राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं, और भाई उनकी रक्षा का वचन देते हैं।

यह श्रावण माह का अंतिम दिन होता है। इस पूरे महीने में भगवान शिव की पूजा-आराधना का विशेष विधान होता है, जो पूर्णिमा के दिन जलाभिषेक और विशेष पूजा के साथ पूर्ण होता है। श्रावण पूर्णिमा के दिन जनेऊ धारण करने वाले (द्विज) गंगा या पवित्र नदियों में स्नान करके पुराना यज्ञोपवीत (जनेऊ) बदलते हैं और नया जनेऊ धारण करते हैं। इसे ‘श्रावणी’ या ‘उपाकर्म’ कहा जाता है। साथ ही, अमरनाथ में पवित्र छड़ी मुबारक की रस्म भी श्रावण पूर्णिमा के दिन ही अमरनाथ गुफा पहुंचती है और वार्षिक यात्रा का समापन होता है।

श्रावण पूर्णिमा 2026: सही तारीख

दृक पंचांग के मुताबिक श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त 2026 को सुबह करीब 9:08 बजे आरंभ होगी। यह तिथि अगले दिन यानी 28 अगस्त को सुबह लगभग 9:48 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर श्रावण पूर्णिमा 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मानी जाएगी।

स्नान और दान की सही तिथि

सावन पूर्णिमा तिथि 28 अगस्त की सुबह तक रहने के कारण स्नान और दान जैसे कार्य इस दिन सूर्योदय के बाद किए जाएंगे। व्रत और पूजा की तारीख स्थानीय पंचांग तथा क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार अलग हो सकती है।

पूर्णिमा तिथि का समय

पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ : 27 अगस्त 2026 को सुबह 09:08 बजे से

पूर्णिमा तिथि का समापन : 28 अगस्त 2026 को सुबह 09:48 बजे तक

स्नान-दान और पूजन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 04:28 बजे से सुबह 05:12 बजे तक

प्रातःकाल स्नान-दान मुहूर्त : सूर्योदय से लेकर सुबह 09:48 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11:56 बजे से दोपहर 12:48 बजे तक

चंद्र ग्रहण व भद्रा का प्रभाव

चंद्र ग्रहण : 28 अगस्त 2026 को आंशिक चंद्र ग्रहण लग रहा है, परंतु यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं रहेगा। इसलिए इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा, जिससे आप बिना किसी रुकावट के पूजा, स्नान, दान व रक्षाबंधन का त्योहार मना सकते हैं।

भद्रा काल : 27 अगस्त की रात में ही भद्रा समाप्त हो जाएगी, इसलिए 28 अगस्त को पूरे दिन रक्षाबंधन एवं धार्मिक कार्यों के लिए भद्रा दोष नहीं रहेगा।

सावन पूर्णि 2026: पूजा विधि

स्नान व दान : इस दिन गंगा या किसी भी पवित्र नदी में स्नान करने तथा दान-पुण्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

सत्यनारायण कथा : पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए श्री सत्यनारायण भगवान की कथा और पूजन करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

चंद्र देव की पूजा : रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देने से मानसिक शांति और आरोग्य की प्राप्ति होती है।

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पेरू में 6.7 तीव्रता का भूकंप आया:झटके कई इलाकों में महसूस हुए, नुकसान की खबर नहीं

पेरू के दक्षिणी हिस्से में गुरुवार को 6.7 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप से नुकसान की कोई खबर नहीं मिली। भूकंप स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 1 बजे (भारतीय समयानुसार रात 11:30 बजे) आया। इसका केंद्र आयाकूचो क्षेत्र के पैरिनाकोचास प्रांत में उपाहुआचो शहर से 38 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था। भूकंप की गहराई 66.7 किलोमीटर थी। दक्षिणी पेरू के कई इलाकों में इसके झटके महसूस किए गए, जिनमें इका और अरेकिपा भी शामिल हैं। पेरू रिंग ऑफ फायर का हिस्सा, अक्सर आते हैं भूकंप पेरू प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर का हिस्सा है। यह इलाका भूकंपीय गतिविधियों के लिए जाना जाता है, इसलिए यहां अक्सर भूकंप आते हैं। साल 2007 में इका क्षेत्र के एक प्रांत में 7.9 तीव्रता का भूकंप आया था। इसमें करीब 600 लोगों की मौत हुई थी। साल 2026 में वेनेजुएला में आया सबसे बड़ा भूकंप, 6 हजार मौतें इस साल वेनेजुएला में सबसे बड़ा भूकंप आया। 24 जून को 7.2 की तीव्रता से आए भूकंप में 6 हजार से ज्यादा मौतें हुईं थीं। इसके अलावा कोलंबिया में 10 अगस्त को आए भूकंप में 70 से ज्यादा जानें गईं थीं। ———————– भूकंप से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… कोलंबिया में भूकंप से 224 लोगों की मौत, 1200 घायल: 86 इमारतें गिरीं साउथ अमेरिकी देश कोलंबिया में 11 अगस्त की रात आए 7.4 तीव्रता के भूकंप से अब तक 224 लोगों की मौत हो गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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