MCX पर सोना ₹1.61 लाख के पार, चांदी ₹2.50 लाख के करीब ,जानें आगे तेजी रहेगी जारी या फिर होगा प्रॉफिट-बुकिंग का दौर शुरू

Gold Silver Price: शुक्रवार को घरेलू फ्यूचर्स मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में और बढ़ोतरी हुई। इसकी वजह अंतराष्ट्रीय बाज़ार में बुलियन (सोने-चांदी) की कीमतों में तेज़ उछाल थी, जो कमज़ोर अमेरिकी डॉलर, अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों और सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) के तौर पर इनकी लगातार मांग के कारण हुआ।

एक्सचेंज की वेबसाइट पर मौजूद ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोपहर 4:55 बजे सोना फ्यूचर्स ₹1,61,405 प्रति 10 ग्राम और चांदी फ्यूचर्स ₹2,46,400 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रहे थे। ये कीमतें क्रमशः 5 अक्टूबर के सोने और 4 सितंबर के चांदी फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए हैं।

यह तेज़ी तब आई है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतें लगभग तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं, जिससे यह धातु लगातार तीसरे हफ़्ते बढ़त की ओर अग्रसर है। इस साल जनवरी में, भारत में सोने की कीमत ₹1.8 लाख प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी, जबकि चांदी की कीमत ₹4.25 लाख प्रति किलोग्राम तक उछल गई थी।

सोने और चांदी की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?

कमज़ोर अमेरिकी डॉलर, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उतार-चढ़ाव, सुरक्षित निवेश के तौर पर मांग और अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी (मौद्रिक नीति) को लेकर उम्मीदों ने बुलियन की कीमतों को सहारा दिया है। चॉइस ब्रोकिंग की पिंकी यादव के अनुसार, COMEX पर बढ़त के अनुरूप MCX पर कीमतें ऊंचे स्तर पर खुलीं। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड बायबैक और बढ़ते राष्ट्रीय कर्ज ने अस्थिरता को बढ़ावा दिया।

उन्होंने यह भी बताया कि तेल की बढ़ती कीमतों (जो ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों से जुड़ी हैं) ने महंगाई की चिंताएं बढ़ा दी हैं, जबकि डॉलर की कमज़ोरी ने कीमती धातुओं को और सहारा दिया है।

कमज़ोर डॉलर से बुलियन को सहारा

अमेरिकी डॉलर यहां एक अहम कारक रहा है। डॉलर इंडेक्स 98.8 के आसपास बना हुआ था और साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रहा था।चूंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने और चांदी की कीमत डॉलर में तय होती है, इसलिए डॉलर के कमज़ोर होने से अन्य करेंसी रखने वाले खरीदारों के लिए ये सस्ती हो जाती हैं, जिससे मांग बढ़ सकती है और कीमतें ऊपर जा सकती हैं।

रॉयटर्स के अनुसार, गोल्डसिल्वर सेंट्रल के ब्रायन लैन ने कहा कि डॉलर की कमज़ोरी ने कीमती धातुओं को व्यापक रूप से सहारा दिया है, साथ ही यील्ड में भी उल्लेखनीय बदलाव आया है।

ट्रेजरी बायबैक से अनिश्चितता

अमेरिकी ट्रेजरी डेट मैनेजमेंट (कर्ज प्रबंधन) एक और कारक है जिस पर बाज़ार की पैनी नज़र है। ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया कि सरकार ट्रेजरी सिक्योरिटीज की रीपरचेज (वापसी खरीद) को और बढ़ा सकती है। उन्होंने पहले ही अगले तिमाही में लंबी अवधि के कर्ज की बायबैक को प्रति ऑपरेशन कम से कम $4 बिलियन तक दोगुना करने की योजना का संकेत दिया था।

इस कदम से बाजार में उतार-चढ़ाव आया है और यील्ड, दरों और कर्ज की व्यापक स्थिति पर नया ध्यान केंद्रित हुआ है।

OCBC के क्रिस्टोफर वोंग ने रॉयटर्स को बताया कि अब ध्यान इस बात पर होगा कि क्या यह कदम टिकाऊ है या नहीं। अमेरिकी डेटा और 27-29 अगस्त को होने वाला जैक्सन होल सिम्पोजियम डॉलर और यील्ड की दिशा तय कर सकते हैं।

फेड की दरे अहम

सोने के आउटलुक के लिए फेड की दरों की उम्मीदें अहम बनी हुई हैं। CME फेडवॉच टूल के अनुसार, बाजार में इस बात की 67% संभावना है कि फेड अगले महीने दरों को स्थिर रखेगा, जबकि दरों में बढ़ोतरी की संभावना 33% है।

चूंकि सोने पर कोई ब्याज या डिविडेंड नहीं मिलता है, इसलिए ऊंची दरों के कारण ब्याज देने वाली संपत्तियों की तुलना में इसकी अपील आमतौर पर कम हो जाती है। लेकिन पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता, साथ ही यील्ड और डॉलर में बदलाव, सोने की ‘सेफ-हेवन’ (सुरक्षित निवेश) अपील को बढ़ा सकते हैं।

जियोपॉलिटिकल टेंशन से ‘सेफ-हेवन’ की मांग में बढ़त

भू-राजनीतिक जोखिम भी इसे बढ़ावा दे रहे हैं। बेसेंट ने कहा कि अमेरिका ईरान पर अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंध लगाएगा। तेल की आपूर्ति पर इसके असर की चिंता ने कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ा दिया है, जिससे महंगाई की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।

ऐसी अनिश्चितता निवेशकों को सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर ले जाती है। यादव ने कहा कि मजबूत निवेश मांग और चीनी केंद्रीय बैंक की लगातार खरीदारी के कारण पूंजी सुरक्षित धातुओं की ओर बढ़ी है।

केंद्रीय बैंक की खरीदारी अभी भी एक अहम आधार

केंद्रीय बैंकों की लगातार मांग सोने के लिए एक बड़ा संरचनात्मक आधार बनी हुई है, क्योंकि देश अपने रिजर्व में विविधता ला रहे हैं। यादव ने जुलाई में ग्लोबल गोल्ड ETF में आए निवेश और केंद्रीय बैंकों की जारी खरीदारी की ओर भी इशारा किया, जो ज्वैलरी और रिटेल निवेश के अलावा मांग बढ़ाने वाले अन्य कारक हैं।

चांदी की कीमतों में भी तेजी

चांदी भी इस तेजी में शामिल हो गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्पॉट कीमतें 1.8% बढ़कर लगभग $69.31 प्रति औंस हो गई हैं। प्लैटिनम 2.6% बढ़कर $1,875.75 और पैलेडियम 1.7% बढ़कर $1,356.59 हो गया।

चांदी पर भी सोने की तरह ही कई मैक्रो-इकोनॉमिक कारकों का असर पड़ता है – जिसमें डॉलर की कमजोरी और दरों को लेकर बदलती उम्मीदें शामिल हैं – लेकिन इसकी औद्योगिक मांग के कारण इसकी कीमतों में स्वतंत्र रूप से भी बदलाव हो सकता है। हाल की तेज़ी से MCX पर चांदी की कीमत ₹2,46,400 प्रति किलोग्राम तक पहुँच गई है, जिससे यह ₹2.50 लाख के स्तर के बहुत करीब आ गई है।

सोने और चांदी के लिए आगे क्या होगा?

निकट भविष्य में इनकी चाल डॉलर, ट्रेजरी यील्ड, अमेरिका से आने वाले डेटा और फेड के संकेतों पर निर्भर करेगी, जिसमें जैक्सन होल पर खास नज़र रहेगी।

भारतीय निवेशकों के लिए रुपया-डॉलर का रेट भी मायने रखता है। अगर रुपया कमज़ोर होता है, तो डॉलर में कीमत वाली चीज़ें देश में महंगी हो जाती हैं, भले ही ग्लोबल कीमतें स्थिर रहें। इस तेज़ी की वजह से भारत में फिजिकल डिमांड पर कुछ असर पड़ा है, क्योंकि ऊंची कीमतों के कारण रिटेल खरीदार पीछे हट रहे हैं, जबकि चीन में डिमांड तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई है।

MCX पर सोना ₹1,61,405 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,46,400 प्रति किलोग्राम पर है। अब सवाल यह है कि क्या ये ग्लोबल हालात तेज़ी को बनाए रख पाएंगे या फिर इससे मुनाफावसूली (प्रॉफिट-बुकिंग) का नया दौर शुरू हो जाएगा।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

बाढ़ में घायल 53 साल की हथिनी ‘जॉयमोती’ का एयरलिफ्ट, इलाज के लिए वनतारा पहुंची, भारत में पहली बार हुआ ऐसा रेस्क्यू

बाढ़ में घायल 53 साल की हथिनी ‘जॉयमोती’ का एयरलिफ्ट, इलाज के लिए वनतारा पहुंची, भारत में पहली बार हुआ ऐसा रेस्क्यू

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जुलाई की भीषण बाढ़ में बहकर गंभीर रूप से घायल हुई 53 वर्षीय हथिनी जॉयमोती को विशेष इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर जामनगर स्थित वनतारा पहुंचाया गया है। नागालैंड में बाढ़ के तेज पानी में बहने के बाद स्थानीय लोगों और सरकारी एजेंसियों की मदद से उसे बचाया गया था। जॉयमोती के शरीर पर कई गंभीर घाव हैं, उसकी दाहिनी आंख बुरी तरह क्षतिग्रस्त है और पुरानी चोट के कारण पिछले पैर में भी लंगड़ापन है।

 

स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार के बावजूद उसकी उम्र, गंभीर चोटों और चलने-फिरने में परेशानी को देखते हुए विशेष अस्पताल में इलाज की जरूरत थी। वनतारा में अब उसकी विस्तृत चिकित्सा जांच के साथ आंख और अन्य चोटों का विशेष उपचार किया जा रहा है। पोषण और दूसरी जरूरी देखभाल भी दी जाएगी।

 

गंभीर रूप से घायल हाथी को अस्पताल में इलाज के लिए विमान से पहुंचाना भारत में अपनी तरह का पहला प्रयास बताया गया है। जॉयमोती को सड़क के लंबे और थकाऊ सफर से बचाने के लिए एयरलिफ्ट किया गया। यात्रा के दौरान उसकी सेहत, आराम और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया।

 

वनतारा ने स्पष्ट किया है कि जॉयमोती को जामनगर लाना स्थायी स्थानांतरण नहीं है। उसे केवल विशेष और जरूरी इलाज के लिए यहां लाया गया है। वनतारा ने असम में हाथियों के लिए एक समर्पित केंद्र समेत तीन वन्यजीव पशु चिकित्सा केंद्र बनाने का प्रस्ताव भी दिया है, ताकि भविष्य में घायल वन्यजीवों को उनके क्षेत्र के करीब ही बेहतर इलाज मिल सके।

Gold पहुंचा ₹1.60 लाख के पर, चांदी भी ₹2.50 लाख के करीब, क्या अब निवेश करने का समय आ गया है?

गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स में 21 अगस्त को जोरदार तेजी दिखी। विदेश में सोने और चांदी में जबर्दस्त तेजी का असर भारत में गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स पर पड़ा। कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स दोपहर बाद 1,771 रुपये चढ़कर 1,61,196 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। सिल्वर फ्यूचर्स भी 3,128 रुपये की तेजी के साथ 2,46,371 रुपये प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4600 डॉलर के करीब

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1.73 फीसदी चढ़कर 4,594 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। सिल्वर 2.34 फीसदी के उछाल के साथ 69.67 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव तीन महीने की ऊंचाई पर पहुंच गया है। यह सोने में तेजी का लगातार तीसरा हफ्ता है। इस तेजी ने सोने के निवेशकों की चिंता दूर कर दी है।

जनवरी में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर थीं

इस साल जनवरी में सोने का भाव ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया था। हालांकि, 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंचने के बाद सोने में तेज गिरावट आई थी। सिल्वर भी 4.25 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पर पहुंच गया था। इसके बाद चांदी में भी तेज गिरावट आई थी। 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद बुलियन की कीमतों पर दबाव बढ़ गया।

इन वजहों से दिख रही सोने और चांदी में फिर से तेजी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि गोल्ड और सिल्वर में तेजी की वजह डॉलर इंडेक्स में कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी है। डॉलर में कमजोरी से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना सस्ता हो जाता है। हालांकि, क्रूड की कीमतें अब भी 93 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है। महंगाई को रोकने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व सहित दूसरे केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकते हैं, जिसका निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा।

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क्या यह निवेश करने का सही समय है?

निवेशक सोने में हर गिरावट के मौके का इस्तेमाल खरीदारी के लिए कर सकते हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौजूदा लेवल पर एकमुश्त खरीदारी करने से बचना ठीक रहेगा। जो लोग पहले से सिप के जरिए गोल्ड ईटीएफ में निवेश कर रहे हैं, उन्हें अपना सिप जारी रखने की सलाह है। क्रूड की कीमतें जब तक नीचे नहीं आ जाती हैं, सोने में तेजी जारी रहने की उम्मीद कम है। हालांकि, मौजूदा लेवल से कीमतें ज्यादा नीचे जाने की उम्मीद नहीं है। नए निवेशक गोल्ड ईटीएफ में थोड़ा-थोड़ा निवेश शुरू कर सकते हैं।

Stock Market Updates: सेंसेक्स और निफ्टी फ्लैट, फिर भी निवेशकों ने गंवाए ₹96547 करोड़

शेयर बाजार ने शुक्रवार, 21 अगस्त को फ्लैट कारोबार किया। सेंसेक्स 3.11 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 77,540.83 रुपये पर और निफ्टी 20.1 अंकों की बढ़त के साथ 24,252 पर बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 96547 करोड़ रुपये घट गया। दिन में सेंसेक्स ने 77,725.67 का हाई और 77,445.86 का लो देखा। निफ्टी 50 दिन में 24,284.05 के हाई और 24,206.80 के लो तक गया। वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी बाजारों में तेज गिरावट के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

गुरुवार, 20 अगस्त को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,92,71,879.619 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को यह घटकर 4,91,75,332.89 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 96,546.729 करोड़ रुपये की कमी।

निफ्टी पर पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, कोटक महिंद्रा बैंक, नेस्ले इंडिया और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड टॉप गेनर रहे। वहीं मारुति सुजुकी इंडिया, ट्रेंट, HCL टेक्नोलॉजीस, इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन और ONGC टॉप लूजर रहे।

गुरुवार को कैसा रहा था कारोबार

गुरुवार को सेंसेक्स 628.04 अंक या 0.82 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,537.72 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 7 दिन की गिरावट से उबरते हुए 153.55 अंक या 0.64 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,231.85 पर बंद हुआ था। BSE स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.83 प्रतिशत और मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.56 प्रतिशत चढ़ा।

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रुपये में तेजी

शुक्रवार को भारतीय करेंसी रुपया, अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 3 पैसे चढ़कर 95.71 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर रहा। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी से घरेलू मुद्रा को सपोर्ट मिला। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की चुनौती के चलते कमजोर डॉलर का असर कम रहा। रुपया गुरुवार को 1 पैसे की गिरावट के साथ 95.74 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

वैश्विक बाजारों का हाल

एशियाई बाजारों में तेजी है। हेंग सेंग, कॉस्पी, ताइवान वेटेड अच्छी बढ़त में हैं। SET कंपोजिट, जकार्ता कंपोजिट और शंघाई कंपोजिट भी हरे निशान में हैं। वहीं निक्केई 225 में गिरावट है। अमेरिकी बाजार गुरुवार को गिरावट में बंद हुए। यूरोपीय बाजारों में तेजी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

‘द पैराडाइज’ को लेकर राघव जुयाल ने बढ़ाई एक्साइटमेंट, फिल्म को लेकर जताया पूरा भरोसा!

राघव जुयाल ‘किल’ में विलेन के किरदार में अपनी शानदार परफॉर्मेंस के लिए खूब पसंद किए गए थे। अब वह एक बार फिर एक दमदार और इंटेंस किरदार के साथ वापसी कर रहे हैं। वह ‘द पैराडाइज’ में विक्रम मलिक का किरदार निभाएंगे, जिसकी अनाउंसमेंट के बाद से ही फैंस के बीच जबरदस्त एक्साइटमेंट देखने को मिल रही है। फिल्म में नानी लीड रोल में हैं और एक सेक्स वर्कर के बेटे का किरदार निभा रहे हैं। उनके किरदार की एक दमदार बैकस्टोरी है, जो उनके बदलाव की कहानी में अहम भूमिका निभाती है!

‘द पैराडाइज’ भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा चर्चित फिल्मों में से एक है, जिसमें नेचुरल स्टार नानी लीड रोल में हैं। इस फिल्म को मशहूर फिल्ममेकर श्रीकांत ओडेला ने डायरेक्ट किया है और अनाउंसमेंट के बाद से ही इसे लेकर जबरदस्त बज बना हुआ है। फिल्म के दमदार टीजर, पोस्टर्स और गानों ने इंटरनेट पर खूब धूम मचाई है, जिनमें दर्शकों को एक्शन, ड्रामा और थ्रिल से भरपूर कहानी की झलक देखने को मिली है। टीजर में नानी के किरदार जदल की दमदार झलक दिखाई गई, जो काफी गुस्सैल, रॉ और देसी अंदाज में नजर आ रहे हैं। फिल्म की कहानी स्लम एरिया की पृष्ठभूमि पर सेट है। हालांकि, राघव जुयाल के किरदार विक्रम मलिक ने सभी को हैरान कर दिया है और दर्शक उन्हें देखने के लिए काफी एक्साइटेड हैं।

राघव पहले ही ‘द पैराडाइज’ से अपने किरदार विक्रम मलिक की झलक दिखाकर सभी को चौंका चुके हैं। इस बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा,“सबने कहा कि ये मैं नहीं हूं। तभी मुझे एहसास हुआ कि ये लोग सिनेमा को कितना प्यार करते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “ये फिल्म बहुत जबरदस्त होने वाली है और मुझे सच में लगता है कि अपने हटकर कंटेंट की वजह से ये फिल्म खूब धमाल मचाएगी।”

इसके अलावा, नेचुरल स्टार नानी पहले ही ‘हाय नन्ना’ और ‘सरिपोधा सनिवारम’ जैसी बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्में दे चुके हैं और इस बार वह ‘द पैराडाइज’ में बिल्कुल अलग स्केल और एक दमदार किरदार के साथ नजर आने वाले हैं। वहीं, डायरेक्टर श्रीकांत ओडेला अपनी मेगा ब्लॉकबस्टर डेब्यू फिल्म ‘दसरा’ के बाद वापसी कर रहे हैं, जो बॉक्स ऑफिस पर सफल रही थी और दुनियाभर में 121 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की थी। इस बार भी वह दर्शकों के लिए एक और दमदार सिनेमाई अनुभव लेकर आने का वादा कर रहे हैं। ‘दसरा’ की सफलता के बाद एक बार फिर इन दोनों की जोड़ी साथ आ रही है और ऐसे में माना जा रहा है कि ये जोड़ी एक नया रिकॉर्ड बना सकती है।

वहीं, ‘द पैराडाइज’ का टीजर और इसके प्रमोशनल कंटेंट पहले ही नए बेंचमार्क बना रहे हैं और रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। फिल्म के गाने ‘आया शेर’ को यूट्यूब पर 200 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं और इसे 1.8 मिलियन से ज्यादा लाइक्स भी मिले हैं। यह गाना सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है, जहां हजारों इंस्टाग्राम रील्स बनाई जा रही हैं और फैंस नानी के लुक और उनके सिग्नेचर हुकस्टेप को रीक्रिएट कर रहे हैं। इन सभी चीजों ने फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच एक्साइटमेंट और भी बढ़ा दी है।

एसएलवी सिनेमाज द्वारा प्रोड्यूस की गई ‘द पैराडाइज’ 24 सितंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में बड़े स्तर पर रिलीज होने वाली है। फिल्म को आठ भाषाओं- हिंदी, तेलुगु, तमिल, इंग्लिश, स्पैनिश, बंगाली, कन्नड़ और मलयालम में रिलीज किया जाएगा। फिल्म के ग्लोबल स्केल को देखते हुए मेकर्स ने कथित तौर पर हॉलीवुड स्टार रयान रेनॉल्ड्स से ‘द पैराडाइज’ को इंटरनेशनल मार्केट्स में प्रेजेंट करने के लिए संपर्क किया है। अपने विजनरी डायरेक्टर, दमदार स्टारकास्ट और ग्लोबल स्केल के साथ ‘द पैराडाइज’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक बड़े कल्चरल फिनॉमिना के तौर पर सामने आ रही है, जिसे लेकर फैंस के बीच एक्साइटमेंट लगातार बढ़ रही है।

Apoorva Mukhija: भारत छोड़ने के बाद अपूर्वा मुखिजा ने शेयर की पहली पोस्ट, न्यूयॉर्क MBA डेस्टिनेशन का चला पता

Apoorva Mukhija: अपूर्वा मुखिजा हाल ही में ‘अनट्रिगर्ड बाय अमीनजैज’ (Untriggered by AminJaz) पॉडकास्ट में नजर आईं और बताया कि वह अब भारत में नहीं रहती हैं। इन्फ्लुएंसर ने बताया कि वह MBA करने के लिए न्यूयॉर्क चली गई हैं, जो उस शहर में रहने की उनकी लंबे समय से चली आ रही इच्छा को भी पूरा करता है।

हाल ही में एक इंस्टाग्राम स्टोरी में, उन्होंने न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर खड़े होकर अपनी एक तस्वीर पोस्ट की। इन्फ्लुएंसर शहर में रहने, MBA करने, डॉर्म में रहने और स्टूडेंट लाइफ में वापस लौटने को लेकर उत्साहित हैं।

अपूर्वा मुखिजा ने MBA के लिए न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया

इन्फ्लुएंसर को कैंपस के अंदर पोज देते हुए देखा गया, जिसमें उन्होंने स्ट्रेट-फिट जींस और नीले रंग का टैंक टॉप पहना था जिस पर “NYC” लिखा था। कैप्शन में लिखा था, “भले ही मैं न्यूयॉर्क में रहती हूं, लेकिन मुझे अभी भी टूरिस्ट की तरह तैयार होना पसंद है।”

25 साल की डिजिटल क्रिएटर ने बताया कि उन्होंने ‘पास्ट मॉडर्न’ (Past Modern) कलेक्शन का टॉप पहना था। एक और स्टोरी में, उन्होंने बताया कि उन्होंने उसी ब्रांड से एक और टॉप खरीदा था, जिस पर मोतियों से न्यूयॉर्क की स्काईलाइन की कढ़ाई की गई थी।

अपूर्वा मुखिजा न्यूयॉर्क क्यों गईं?

पॉडकास्ट पर बात करते हुए इन्फ्लुएंसर ने बताया, “मैंने काफी ट्रैवल किया है, और जब मैं न्यूयॉर्क पहुंची, तो मुझे लगा कि ‘मैं सच में यहीं रहना चाहती हूं।’ इस शहर में कुछ तो खास बात है। यहां की जिंदगी बहुत तेज-तर्रार है, लोग बहुत अच्छे कपड़े पहनते हैं, खाना बहुत बढ़िया है और मुझे यहां का आर्किटेक्चर बहुत पसंद है। मैंने अपनी पसंदीदा हर वेब सीरीज में न्यूयॉर्क देखा है, इसलिए मैं हमेशा से वहां रहना चाहती थी। मैंने न्यूयॉर्क के सिर्फ़ एक कॉलेज में अप्लाई किया और मेरा एडमिशन हो गया।”

उन्होंने बताया कि न्यूयॉर्क जाना हमेशा से उनका सपना था, लेकिन इस बदलाव के दौरान उन्हें घबराहट भी हो रही थी। MBA करने, डॉर्म रूम में रहने और फिर से स्टूडेंट बनने के लिए उन्होंने भारत में अपने दोस्तों, करियर और जानी-पहचानी चीज़ों को पीछे छोड़ दिया।

अपूर्वा ने आगे बताया कि इस कदम के पीछे एक वजह अपना सोशल सर्कल बढ़ाना और नए लोगों से मिलना भी था। उन्होंने कहा कि वह अपना बिज़नेस शुरू करना चाहती थीं, लेकिन इसके लिए उन्हें लॉजिस्टिक्स और कंपनी चलाने के दूसरे पहलुओं के बारे में सीखना ज़रूरी था। इसी मकसद से उन्होंने बिज़नेस की पढ़ाई करने का फैसला किया। इन्फ्लुएंसर ने अपने फ़ैन्स को भरोसा दिलाया कि वह न्यूयॉर्क से कंटेंट शेयर करती रहेंगी, लेकिन उन्होंने लगातार ऐसा करने का कोई वादा नहीं किया।

Waterways Leisure Tourism Stock Split: 10 टुकड़ों में टूटेगा यह शेयर, एक सप्ताह में 16% चढ़ा; रिकॉर्ड डेट 25 अगस्त

क्रूज ऑपरेटर वॉटरवेज लीशर टूरिज्म का स्टॉक स्प्लिट होने वाला है। इस कॉरपोरेट एक्शन के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 10 शेयरों में टूटने वाला है। रिकॉर्ड डेट 25 अगस्त 2026 है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, उनके स्टॉक स्प्लिट हो जाएंगे।

वॉटरवेज लीशर टूरिज्म जुलाई 2026 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। कंपनी का IPO 585 करोड़ रुपये का था। यह कंपनी कॉर्डेलिया क्रूज ब्रांड के तहत कारोबार करती है। यह देश की पहली क्रूज कंपनी है, जो लिस्ट हुई है। कॉर्डेलिया क्रूज भारत की प्रीमियम क्रूज लाइन है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 89.35 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। IPO में 72 लाख नए शेयर जारी हुए।

शेयर एक सप्ताह में 16 प्रतिशत चढ़ा

कंपनी का शेयर 21 अगस्त को BSE पर करीब 6.5 प्रतिशत बढ़त के साथ 969 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 7000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर एक सप्ताह में 16 प्रतिशत मजबूत हुआ है। इसका BSE पर अब तक का रिकॉर्ड हाई 987 रुपये और रिकॉर्ड लो 623.30 रुपये है। शेयर के लिए अपर प्राइस बैंड 1,000.90 रुपये और लोअर प्राइस बैंड 819 रुपये है। सर्किट लिमिट 10 प्रतिशत है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में वॉटरवेज लीशर टूरिज्म का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 190.11 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 27.35 करोड़ रुपये और अर्निंग्स प्रति शेयर 4.19 करोड़ रुपये रही। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 52.14 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। इससे पहले के वित्त वर्ष में कंपनी को 168.19 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। वित्त वर्ष 2026 में इनकम 586.99 करोड़ रुपये रही, जो वित्त वर्ष 2025 में 597.68 करोड़ रुपये थी। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर 101.90 करोड़ रुपये की उधारी थी।

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कोलंबो टेस्ट के लिए श्रीलंका की टीम हुई और कमजोर, इन दो युवाओं पर खेला दांव

श्रीलंका के लिए गॉल टेस्ट विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में 5 मैचों में दूसरी हार थी जिससे श्रीलंका की स्थिति खराब हुई। कोलंबो में यह बद से बदत्तर हो सकती है क्योंकि टीम के 3 अनुभवी बल्लेबाज पथुम निसंका, कुशल मेंडिस और दिनेश चंदीमल चोट के कारण बाहर है। ऐसे में टीम को नए चेहरों पर दांव खेलना पड़ा है।

श्रीलंका ने भारत के खिलाफ रविवार से यहां शुरू होने वाले दूसरे और अंतिम टेस्ट मैच के लिए ऑफ-स्पिन ऑलराउंडर साहन अरच्चिगे और बल्लेबाज कामिल मिशारा को टीम में शामिल किया है।भारत ने गॉल में पहला टेस्ट 165 रन से जीतकर दो मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना रखी है।

अरच्चिगे को रमेश मेंडिस की जगह टीम में लिया गया है। उन्होंने अब तक 5 वनडे और 1 T20I मैच खेला है।अरच्चिगे ने पिछले महीने श्रीलंका ए की कप्तानी करते हुए भारत A के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया था। उन्होंने कुल 209 रन बनाए थे और वह साई सुदर्शन (332 रन) के बाद दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे।

शीर्ष क्रम के बल्लेबाज मिशारा ने टीम में निशान फर्नांडो की जगह ली, जिनका पहले टेस्ट मैच में प्रदर्शन निराशाजनक रहा था।निशान फर्नांडो ने अभ्यास मैच में भारत के खिलाफ दो पारियों में अर्धशतक जड़े थे और कोई भी भारतीय गेंदबाज उनका विकेट नहीं ले पाया था लेकिन पहले टेस्ट में वह उम्मीद पर खरे नहीं उतरे और गैरजिम्मेदाराना शॉट खेलकर दोनों बार मोहम्मद सिराज का शिकार बने।

पासिंदु सूरियाबंदारा चोटिल दिनेश चांदीमल की जगह टीम में बने रहेंगे।चांदीमल दूसरे टेस्ट से अपने आप बाहर हो गए हैं क्योंकि आईसीसी के नियमों के अनुसार, सिर में चोट के कारण सब्स्टीट्यूट किए गए खिलाड़ी सात दिनों तक नहीं खेल सकते। गॉल में चौथे दिन उनके बाहर होने से पसिनदु सूरियाबंदारा के डेब्यू का रास्ता साफ हुआ। सूरियाबंदारा अपनी पहली टेस्ट पारी में बिना खाता खोले आउट हो गए थे, लेकिन फिर भी प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह बनाए रख सकते हैं।

वहीं, निसांका जून में हुई अपनी कलाई की सर्जरी से उबरने के लिए अभी भी संघर्ष कर रहे हैं।लंका प्रीमियर लीग (एलपीएल) के शुरुआती दौर में हैमस्ट्रिंग की चोट लगने के बाद से मेंडिस ने कोई भी प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेला है। टेस्ट टीम में उनकी जगह निरोशन डिकवेला को शामिल किया गया था, और पहली पारी में 80 रन बनाने के बाद, डिकवेला के अपनी जगह बनाए रखने की संभावना है।

दूसरे टेस्ट के लिए श्रीलंका की टीम: लाहिरु उदारा, कामिल मिशारा, पसिंदु सोरियाबंदारा, कामिंदु मेंडिस (उप कप्तान), धनंजय डी सिल्वा (कप्तान), सहान अरच्चिगे, सोनल दिनुशा, निरोशन डिकवेला, केशारा नुवांता, प्रभात जयसूर्या, मिलन रत्नायके, लाहिरू कुमारा, असिथा फर्नांडो, विश्वा फर्नांडो।

मध्यप्रदेश से कुपोषण का कलंक हटाने के लिए मोहन सरकार का बड़ा कदम, टेक होम राशन व्यवस्था में हुआ बदलाव

मध्यप्रदेश से कुपोषण का कलंक हटाने के लिए मोहन सरकार का बड़ा कदम, टेक होम राशन व्यवस्था में हुआ बदलाव

भोपाल। मध्यप्रदेश के माथे से कुपोषण का कलंक हटाने और टेक होम राशन व्यवस्था में हो रही कथित अनियमितता को देखते हुए मोहन सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार ने प्रदेश में बच्चों, गर्भवती-धात्री माताओं को पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराने की व्यवस्था को अधिक प्रभावी और स्थानीय स्तर पर सुदृढ़ किया है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने प्रदेश में नई टेक होम राशन (टीएचआर) व्यवस्था लागू की है। इसके तहत स्थानीय स्व-सहायता समूहों के माध्यम से हितग्राहियों को स्थानीय स्तर पर तैयार टीएचआर उपलब्ध कराया जा रहा है।

 

गौरतलब है कि, पूरक पोषण कार्यक्रम के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पात्र हितग्राहियों को वर्ष में न्यूनतम 300 दिवस पूरक पोषण सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों पर प्रतिदिन नाश्ता एवं गर्म पका भोजन दिया जा रहा है। वहीं 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों तथा गर्भवती एवं धात्री माताओं के लिए मंगलवार को गर्म पका भोजन तथा शेष दिवसों में टीएचआर उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। नई व्यवस्था का उद्देश्य पोषण आहार की उपलब्धता को स्थानीय स्तर पर और अधिक मजबूत करना है। प्रदेश के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में अगस्त के प्रथम सप्ताह से स्थानीय स्व-सहायता समूहों के माध्यम से तैयार टीएचआर का वितरण प्रारंभ किया जा चुका है। इससे स्थानीय स्तर पर पोषण आहार की उपलब्धता के साथ स्व-सहायता समूहों की भागीदारी भी बढ़ रही है।

 

आंगनवाड़ी केंद्रों पर प्रतिदिन गर्म भोजन की व्यवस्था-3 से 6 वर्ष के बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों पर प्रतिदिन नाश्ता एवं गर्म पका भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों तथा गर्भवती एवं धात्री माताओं के लिए स्थानीय स्तर पर तैयार टीएचआर उपलब्ध कराया जा रहा है। 6 से 60 माह के अति गंभीर कुपोषित (एसएएम) तथा 6 से 72 माह के अति कम वजन (एसयूडब्ल्यू) बच्चों के लिए अतिरिक्त पोषण आहार के रूप में भी स्थानीय स्तर पर तैयार टीएचआर दिया जा रहा है।

बच्चों की पोषण स्थिति की नियमित निगरानी के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों का वजन एवं लंबाई-ऊंचाई मापकर पोषण ट्रैकर पर दर्ज किया जा रहा है। चिन्हित बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण परामर्श और आवश्यक देखभाल के साथ जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य विभाग एवं पोषण पुनर्वास केंद्रों से समन्वय कर रेफरल की कार्रवाई की जाती है। हर महीने आयोजित 10 दिवसीय शारीरिक माप दिवसों में जन्म से 6 वर्ष तक के बच्चों की सघन स्क्रीनिंग एवं स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। चिन्हित एसएएम, एमएएम एवं एसयूडब्ल्यू बच्चों का मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम में पंजीयन कर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। मैदानी अमले द्वारा गृहभेंट के माध्यम से बच्चों का नियमित फॉलोअप और परिवारों को पोषण संबंधी परामर्श भी दिया जाता है।

 

विशेष जनजातीय क्षेत्रों में पोषण सेवाओं पर विशेष ध्यान-मध्यप्रदेश के विशेष जनजातीय क्षेत्रों में बच्चों एवं माताओं तक पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान के अंतर्गत जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से 681 नवीन आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन प्रारंभ किया गया है। सहरिया, बैगा एवं भारिया जैसे विशेष जनजातीय समूहों के क्षेत्रों में आंगनवाड़ी सेवाओं, पूरक पोषण आहार तथा बच्चों की वृद्धि एवं पोषण स्थिति की निगरानी को प्राथमिकता दी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर नियमित स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य जांच, रेफरल और फॉलोअप की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण सेवाओं को अधिक प्रभावी, स्थानीय और सतत बनाने के लिए नई टीएचआर व्यवस्था लागू की गई है। स्थानीय स्व-सहायता समूहों की भागीदारी से अगस्त के प्रथम सप्ताह से शुरू हुई यह व्यवस्था प्रदेश में बच्चों और माताओं तक पूरक पोषण आहार की पहुंच को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

भारत की 2 बेटियों ने किया विश्व चैंपियनशिप में पदक पक्का, चीनी जोड़ी को हराया

Treesa Jolly Gayatri Gopichand

भारत की त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने शुक्रवार को पहला गेम गंवाने के बाद शानदार वापसी करते हुए महिला युगल क्वार्टरफाइनल में चीन की जिया यी फैन और झांग शू जियान को हराकर विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में पदक पक्का किया।भारत की गैर-वरीयता प्राप्त जोड़ी ने एक घंटे नौ मिनट तक चले मैच में 16-21 21-15 21-13 से जीत हासिल की। उन्होंने अंतिम चार में पहुंचकर अपने लिए कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया।

भारत ने इससे पहले आखिरी बार 2011 में महिला युगल में विश्व चैंपियनशिप में पदक जीता था। तब ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने लंदन में कांस्य पदक हासिल किया था।भारतीय जोड़ी ने घरेलू दर्शकों के अपार समर्थन के बीच पहला गेम हारने के बाद बेहतर स्मैश और साफ-सुथरे नेट प्ले के दम पर मैच का रुख पलट दिया।

इससे पहले गुरुवार को त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की भारतीय महिला युगल जोड़ी ने जापान की सातवीं वरीयता प्राप्त रिन इवानागा और की नाकानिशी को सीधे गेम में हराया।भारत की गैर वरीयता प्राप्त जोड़ी ने एकतरफा मुकाबले में रिन और नाकानिशी की विश्व में सातवें नंबर की जोड़ी को 21-16 21-12 से हराया।