अमेरिका और कनाडा के बीच 3 दिन तक चली ट्रेड डील की बातचीत नाकाम रही। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार आधी रात से कनाडा के 20 अरब डॉलर (करीब 1.9 लाख करोड़ रुपए) के सामान पर 50% टैरिफ लागू कर दिया। यह टैरिफ कनाडा के अमेरिका भेजे जाने वाले कुल सामान का करीब 5% है। अमेरिका और कनाडा के अधिकारियों ने वॉशिंगटन डीसी में तीन दिन की बातचीत की थी, लेकिन व्यापार समझौता फाइनल नहीं हो सका। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि अमेरिका जितना टैरिफ लगाएगा, कनाडा भी उतना ही जवाब देगा। अमेरिका ने कनाडा पर इतना ज्यादा टैरिफ क्यों लगाया? अमेरिका का कहना है कि कनाडा की कुछ व्यापार नीतियां अमेरिकी कंपनियों के लिए नुकसानदेह हैं। दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इनमें ऑटोमोबाइल, डेयरी प्रोडक्ट्स, शराब और लकड़ी का कारोबार प्रमुख हैं। अमेरिका ने पहले नए टैरिफ 20 अगस्त से लगाने का ऐलान किया था। हालांकि, डेडलाइन से ठीक पहले दोनों देशों ने बातचीत शुरू करने का फैसला किया। इसके बाद ट्रम्प ने टैरिफ लागू करने की समयसीमा 3 दिन बढ़ा दी, ताकि समझौते की कोशिश की जा सके। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, कई मुद्दों पर सहमति बन गई थी, लेकिन कुछ अहम मामलों में दोनों देश एक-दूसरे की शर्तों पर सहमत नहीं हो सके। 1. अमेरिकी कारों के साथ भेदभाव का आरोप 2. कनाडा का अपने डेयरी मार्केट को प्रोटेक्शन 3. अमेरिकी शराब की बिक्री पर प्रतिबंध कनाडा के अमेरिका पर जवाबी टैरिफ अमेरिका के नए 50% टैरिफ के बाद कनाडा ने तुरंत जवाबी कार्रवाई का ऐलान कर दिया। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि कनाडा अमेरिका के टैरिफ का डॉलर के बदले डॉलर के हिसाब से जवाब देगा। यानी अमेरिका जितने कनाडाई सामान पर टैरिफ लगाएगा, कनाडा भी उतने ही मूल्य के अमेरिकी सामान पर टैरिफ लगाएगा। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार तनाव और बढ़ गया है। ————— यह खबर भी पढ़ें… भारत पर 100% टैरिफ वाला बिल अमेरिकी सीनेट में पास:रूसी तेल खरीदने वाले 5 देशों पर कार्रवाई; 86 सांसदों ने पक्ष में वोट किया, 11 विरोध में अमेरिकी सीनेट ने 86-11 के बहुमत से भारत समेत 5 देशों पर 100% तक का टैरिफ लगाने वाला बिल पास कर दिया है। इसका मकसद रूस की तेल से होने वाली कमाई को कम करना है, ताकि उसकी युद्ध लड़ने की क्षमता कमजोर हो सके। पूरी खबर पढ़ें…
भारत में पिछले आठ सालों से रह रहे एक कनाडाई नागरिक ने एयर पलूशन की वजह से दिल्ली और बेंगलुरु छोड़ने के बाद आखिरकार मिजोरम के आइजोल में बसने का फैसला किया है। शख्स का कहना है कि लगातार खराब होती एयर क्वॉलिटी ने उन्हें इस कदम को उठाने के लिए मजबूर कर दिया क्योंकि वे अपने बच्चों के सेहत के साथ कोई जोखिम नहीं लेना चाहते थे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनकी पोस्ट के बाद यह बहस छिड़ गई है कि आखिर भारतीय महानगरों में रहने वाले लोगों को साफ हवा की तलाश में अपना घर या शहर क्यों छोड़ना पड़ रहा है।
साफ हवा की तलाश में छोड़ना पड़ा दिल्ली और बेंगलुरु
कालेब फ्रिसेन नाम के इस कनाडाई शख्स ने बताया कि सर्दियों के दौरान दिल्ली में होने वाले गंभीर वायु प्रदूषण के कारण उन्होंने सबसे पहले 2018 में दिल्ली छोड़ दी थी। इसके बाद वे यह सोचकर बेंगलुरु चले गए कि इसे भारत का ‘गार्डन सिटी’ कहा जाता है। उनका अनुभव रहा कि समय के साथ बेंगलुरु की हवा की गुणवत्ता भी लगातार खराब होती चली गई। इसके बाद वर्ष 2026 की शुरुआत में वे मिजोरम शिफ्ट हो गए। आइजोल में उनकी पत्नी का परिवार रहता है और दो बच्चों का पालन-पोषण भी उनके इस फैसले की एक बड़ी वजह बना।
फ्रिसेन ने अपनी पोस्ट में लिखा कि, ‘हम दो बच्चों की परवरिश कर रहे हैं और मेरा मानना है कि एक बच्चे को पालने के लिए पूरे समुदाय के सहयोग की जरूरत होती है। मुझे खुशी है कि मैं आइजोल शिफ्ट हो गया। मैं कोई जोखिम नहीं लेना चाहता था कि मेरे बच्चे अस्थमा के मरीज बन जाएं।’
इसके साथ ही उन्होंने भारतीय महानगरों में रहने वाले लोगों के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए लिखा कि मुझे इस बात का दुख है कि जो भारतीय महानगरों में रहने का विकल्प चुनते हैं, उन्हें इस तरह रहना पड़ता है। उन्हें साफ हवा में सांस लेने के लिए पहाड़ों की तरफ नहीं भागना पड़ना चाहिए।
India’s air pollution has me on the move.
I left Delhi in 2018 and shifted to Bengaluru (I was told it was the Garden City of India). One major reason was NCR’s air pollution. I couldn’t tolerate another PM2.5 999+ winter.
Earlier in 2026, I moved to Mizoram. Bengaluru’s air… https://t.co/m131RlKetp pic.twitter.com/5L6ObgjzZ7
— Caleb (@caleb_friesen) August 21, 2026
पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि आइजोल एक सपने जैसा लगता है दोस्त! वहीं एक दूसरे यूजर ने सवाल पूछा कि क्या यह कोई विज्ञापन है?
इसके जवाब में फ्रिसेन ने स्पष्ट किया कि यह कोई पेड प्रमोशन नहीं है। उन्होंने समझाया कि वे भारतीय टेक्नोलॉजी कंपनियों पर वीडियो बनाते हैं और उनके पोस्ट प्रायोजित नहीं होते हैं। एक अन्य यूजर ने आइजोल को एक हरा-भरा और सुंदर शहर बताया और विशेष रूप से इसके एयरपोर्ट पर उतरने के अनुभव की तारीफ की। वहीं एक अन्य व्यक्ति ने प्रदूषण की समस्या का सरल समाधान देते हुए लिखा कि समाधान पहले से मौजूद है, पेड़ लगाओ।
Mini Mathur: मिनी माथुर अमेजन प्राइम वीडियो पर दिखाए गए रियलिटी शो ‘अलायंस’ की विनर बनीं। भारतीय टेलीविजन होस्ट और एक्टर और डायरेक्टर कबीर खान की पत्नी मिनी कई दशकों से इस इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। ‘हॉटरफ्लाई’ (Hauterrfly) के पॉडकास्ट ‘द मेल फेमिनिस्ट’ के एक एपिसोड में, मिनी ने मेनोपॉज के अपने अनुभव के बारे में खुलकर बात की और फर्टिलिटी के आधार पर महिलाएं अपने शरीर को जिस नज़रिए से देखती हैं, उससे जुड़े सामाजिक कलंक पर भी चर्चा की। मिनी ने पुरुषों को यह सलाह भी दी कि वे महिलाओं के शरीर पर कमेंट करना हमेशा के लिए बंद कर दें।
मिनी ने क्या कहा
बातचीत के दौरान, मिनी से पूछा गया कि पुरुषों को महिलाओं से क्या कहना बंद कर देना चाहिए। जवाब में मिनी ने कहा, “शारीरिक बनावट पर कमेंट करना। क्या आप थकी हुई लग रही हैं? क्या आपको नींद नहीं आई? क्या आपका वज़न बढ़ गया है? अरे, आपका वज़न कम हो गया? क्या हुआ? दोनों तरफ से, पुरुष और महिलाएं… इस तरह कमेंट करना गलत है। मैंने आपको अपने और अपनों बीच की दूरी कम करने की इजाज़त कब दी? कि आप मेरे शरीर को देखें और उस पर कमेंट करें?”
उन्होंने आगे कहा, “थोड़ी शारीरिक दूरी बनाए रखें। महिलाओं से यह पूछना कि बच्चों का क्या? एक और बच्चा कर लो। इसमें बहुत मज़ा आता है… अपनी सलाह अपने पास रखिए। जब पूछा जाए, तभी जवाब दें। और लोगों को हाउसवाइफ़, होममेकर कहना बंद करें! इससे मुझे चिढ़ होती है। मैं एक होममेकर हूं और मैं काम भी करती हूं, लेकिन मुझे होममेकर होने पर गर्व है। इसलिए मुझे देखकर यह पूछने की हिम्मत न करें कि मैं काम क्यों नहीं कर रही हूं? मैं कई चीज़ों पर काम कर रही हूं जिनके बारे में आप जानते भी नहीं हैं!”
मिनी माथुर के करियर के बारे में
मिनी माथुर ने अपने टेलीविजन करियर की शुरुआत आर. माधवन के साथ ‘टोल मोल के बोल’ शो से की थी और इसके बाद कई सालों तक MTV VJ रहीं। सिंगिंग रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल’ में काम करने के बाद वह घर-घर में पहचानी जाने लगीं। तब से उन्होंने टेलीविज़न, स्ट्रीमिंग और फ़िल्मों में काम किया है, जिसमें ‘माइंड द मल्होत्राज़’ सीरीज़ भी शामिल है। एक मुश्किल सर्टिफ़िकेशन कोर्स पूरा करने के बाद, वह मेनोपॉज़ (रजोनिवृत्ति) पर खास ध्यान देने वाली सर्टिफ़ाइड विमेंस हेल्थ कोच भी बनीं।
उन्होंने 40 और उससे ज़्यादा उम्र की महिलाओं को इस बदलाव के दौर से आसानी से गुज़रने में मदद करने के लिए अपनी इंस्टाग्राम कम्युनिटी ‘पॉज़िटिव’ (Pauseitive) की भी घोषणा की। हेल्थ से जुड़े इस प्लेटफ़ॉर्म का विचार उनके अपने अनुभवों से आया।
मिनी अपने इंस्टाग्राम पेज पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहती हैं, “मेरी अपनी हेल्थ जर्नी तब शुरू हुई जब मुझे ऐसे लक्षण महसूस होने लगे जो मुझे अपने पुराने रूप जैसे नहीं लग रहे थे। मुझे हॉट फ़्लैश होने लगे, रात में पसीना आता था, ठीक से नींद नहीं आती थी, जोड़ों में दर्द होता था, ‘ब्रेन फ़ॉग’ (सोचने-समझने में दिक्कत) महसूस होता था और थोड़ी याददाश्त भी कमज़ोर हो गई थी – आप समझ सकते हैं कि एक टेलीविज़न प्रेजेंटर के लिए यह कितनी बड़ी परेशानी हो सकती है। मैं जिस भी डॉक्टर के पास गई, उन्होंने सिर्फ़ लक्षणों का इलाज किया, असली वजह का नहीं। मुझे पता था कि इसके पीछे कोई गहरी वजह है और तभी मैंने सवाल पूछना शुरू किया।”
कनाडा के एडमंटन स्थित गुरुद्वारा नानकसर साहिब में बेअदबी की घटना हुई है। 27 साल का एक व्यक्ति पेंचकस लेकर गुरुद्वारे के अंदर घुस गया। अंदर आते ही बिछाई साहब पर चढ़ गया और गुरु साहब का रूमाला उतार लिया। इससे पहले कि वह गुरु ग्रंथ साहिब को नुकसान पहुंचाता संगत ने उसे पकड़ लिया। प्रधान जोरा सिंह ने बताया कि 21 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे एक स्थानीय युवक अंदर आया तो उत्पाद मचाने लगा। जैसे ही वह गुरु ग्रंथ साहिब की तरफ बढ़ा तो सिंहों ने उसे रोक लिया। इस पर उसने 2 सिंहों को पेंचकस माकर घायल कर लिया। नीली टी-शर्ट पहने युवक को संगत ने पकड़ लिया। इसके बाद गुरुदारे की एक लड़की ने पुलिस को फोन कर लिया। पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अरेस्ट कर लिया। वहीं, पुलिस ने बताया कि घायलों को अस्पताल भर्ती करवाया गया। एक को छुट्टी मिल गई है, जबकि दूसरे का इलाज चल रहा है। आरोपी की पहले से वांटेड था। पुलिस ने बताया कि आरोपी मेंटली डिस्टर्ब है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जानें प्रधान जोरा सिंह ने क्या बताया… संगत ने उठाए सवाल- हर बार आरोपी मेंटली डिस्टर्ब क्यों? इस घटना के बाद स्थानीय सिख समुदाय में भारी रोष है। लोगों ने सवाल उठाया है कि चाहे भारत हो या विदेश, धार्मिक स्थलों पर होने वाले हमलों के बाद आरोपियों को मानसिक रूप से बीमार बताकर जांच की दिशा क्यों बदल दी जाती है? सिख संगत ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की गहराई से जांच की जाए और आरोपी को सख्त से सख्त सजा दी जाए। फिलहाल, गुरुद्वारा साहिब को संगत के लिए दोबारा पूरी तरह से खोल दिया गया है। जेल से रिहाई के कुछ घंटे बाद ही हमला पुलिस की प्राथमिक जांच और CBC न्यूज के अनुसार, 27 वर्षीय आरोपी कोई आम राहगीर नहीं, बल्कि एक पुराना हिंसक अपराधी है। वह घटना से ठीक एक दिन पहले ही एक गंभीर हमले और पुलिस अधिकारी पर हमला करने के जुर्म में जेल की सजा काटकर रिहा हुआ था। रिहाई के बाद उसे तय रिहाइश हाफवे हाउस जाना था, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा और गायब हो गया। पुलिस ने अभी घायलों और आरोपी की पहचान नहीं बताई है। पुलिस का कहना है कि मामले के निपटारे के बाद पहचान उजागर की जाएगी। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… कनाडा में 2 गुरुद्वारों को गिराने की धमकी:एक ही नंबर से 2 बार धमकी भरी कॉल आई, कैलगरी पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई कनाडा के कैलगरी स्थित प्रमुख सिख धार्मिक स्थल दशमेश कल्चर सेंटर को अज्ञात लोगों ने इमारत गिराने की धमकी दी है। लगातार आ रहे इन नस्ली और धमकी भरे फोन कॉल्स के बाद गुरुद्वारा प्रबंधन, स्थानीय प्रशासन और पुलिस की चिंता बढ़ गई है। पढ़ें पूरी खबर…
दिल्ली-एनसीआर के आज तड़के मौसम ने अचानक बदलाव हुआ है। राजधानी दिल्ली समेत आसपास के शहरों में सुबह से ही बारिश हो रही है। वहीं दिल्ली के लोगों को बारिश की वजह से उमस और गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग के मुताबिक, अभी दिल्ली-एनसीआर में आज और कल यानि रविवार को पूरे दिन हल्की बारिश की संभावना है। वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने 22 अगस्त के लिए यूपी, बिहार समेत 17 राज्यों में मौसम खराब रहने का अनुमान जताया है। इन इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना है।
आज कैसा होगा दिल्ली का मौसम
22 अगस्त को राजधानी में मौसम बदला हुआ रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, शाम के समय दिल्ली के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और रात में न्यूनतम तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं रविवार को भी राजधानी में बारिश की संभावना जताई गई है।
यूपी और बिहार का हाल
22 अगस्त को उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों राज्यों के कई हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश के नोएडा, मेरठ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, बिहार के गया, पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, किशनगंज समेत कई जिलों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट है, जहां हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। लखनऊ में तापमान 27 से 32 डिग्री और पटना में 28 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
आईएमडी का अलर्ट
पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। पूर्वी भारत के कई राज्यों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है और कुछ जगहों पर ओले गिर सकते हैं। वहीं, पश्चिमी भारत में तेज बारिश का दौर फिर शुरू हो सकता है, जिससे कई नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी हरियाणा और दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश के आसपास हवा में चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है। इसका असर आसपास के इलाकों के मौसम पर पड़ सकता है।
इन राज्यों में होगा भारी बारिश
मौसम विभाग ने 22 अगस्त को देश के कई राज्यों में खराब मौसम की आशंका जताई है। यूपी, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र और असम में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।
ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।
आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव
ये रहे 22 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।
मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।
कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।
चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।
गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।
नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।
बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।
भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।
चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।
हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।
जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।
लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।
पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।
तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।
पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?
मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।
किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?
- कच्चे तेल की कीमतें:
पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।
- डॉलर के मुकाबले रुपया:
भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।
- सरकारी टैक्स और शुल्क:
केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।
- रिफाइनिंग की लागत:
कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।
- मांग और आपूर्ति का संतुलन:
बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।
कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?
अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:
Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।
BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।
HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।
Neeraj Chopra: भारतीय स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने लुसाने डायमंड लीग 2026 में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने इस सीजन का अपना सबसे बेहतरीन थ्रो किया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। डायमंड लीग में नीरज चोपड़ा और श्रीलंका के रुमेश पथिरगे के बीच जेवलिन थ्रो में कड़ा मुकाबला देखने को मिला। रुमेश 88.14 मीटर का थ्रो कर पहला स्थान हासिल किया। वहीं नीरज 88.05 मीटर का थ्रो कर दूसरे स्थान पर रहे। ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स 86.69 मीटर के थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
इस सीजन में नीरज का 88.05 मीटर का थ्रो कर अब तक का सबसे लंबा थ्रो रहा, जिसने उनके प्रदर्शन को खास बना दिया। इससे पहले उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 85.83 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो दर्ज किया था।
कैसा था प्रदर्शन
श्रीलंका के रुमेश थरंगा ने 85.99 मीटर के थ्रो से शुरुआत कर बढ़त बनाई, वहीं नीरज चोपड़ा ने अपनी पहली कोशिश में 83.54 मीटर भाला फेंका। इसके बाद नीरज ने दूसरे प्रयास में शानदार प्रदर्शन करते हुए 88.05 मीटर का थ्रो किया और कुछ समय के लिए पहले स्थान पर पहुंच गए। हालांकि मुकाबले के अंत में वह दूसरे स्थान पर रहे। पथिरगे ने अपने अगले प्रयास में 88.14 मीटर का थ्रो कर नीरज चोपड़ा को पीछे छोड़ दिया और बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद नीरज ने तीसरे प्रयास में 83.72 मीटर भाला फेंका, लेकिन चौथी कोशिश में उनका थ्रो फाउल हो गया।
नीरज ने पांचवां प्रयास नहीं किया और सीधे अपने छठे व आखिरी थ्रो के लिए मैदान में उतरे। इस दौरान पथिरगे ने अपनी बढ़त बनाए रखी और नीरज को दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा।
दूसरे स्थान पर करना पड़ा संतोष
नीरज चोपड़ा ने अपने अंतिम प्रयास में 82.15 मीटर का थ्रो किया, लेकिन यह दूरी उन्हें रुमेश पथिरगे से आगे ले जाने के लिए पर्याप्त नहीं रही। इस तरह नीरज को प्रतियोगिता में दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। पथिरगे ने आखिरी प्रयास में फाउल किया, फिर भी उनका 88.14 मीटर का थ्रो सबसे बेहतर रहा और इसी के दम पर उन्होंने मुकाबला जीत लिया। यह जीत नीरज के खिलाफ उनकी एक और बड़ी सफलता रही, इससे पहले वह दोहा और कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भारतीय स्टार से आगे रह चुके हैं।
Hockey World Cup 2026: पाकिस्तान को फिर मिली करारी शिकस्त, भारत ने 5-3 से हराया

ENGvsPAK तेज गेंदबाजों ओली रॉबिन्सन, जोफ्रा आर्चर और जोश टंग के तीन-तीन विकेटों की बदौलत इंग्लैंड ने पाकिस्तान को पहले टेस्ट के तीसरे ही दिन शुक्रवार को पारी और 103 रन से पीट दिया। यह सिर्फ़ दूसरी बार है जब इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ों ने टेस्ट मैच में पाकिस्तान के सभी 20 विकेट लिए हैं; इससे पहले 2001 में लॉर्ड्स में ऐसा हुआ था।लीड्स में पाकिस्तान को लगातार दूसरी बार पारी से हार का सामना करना पड़ा है; इससे पहले 2018 में भी उन्हें पारी और 55 रनों से हार मिली थी।
गेंदबाज़ी में भी उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। पाकिस्तान ने कई मौके गंवाए और दूसरे दिन लंबे समय तक कोई खास असर नहीं डाल पाए, जिससे इंग्लैंड को पहली पारी में बड़ी बढ़त बनाने का मौका मिल गया। इंग्लैंड ने खत्म होने कल के 8 विकेट पर 366 रन से आगे खेलते हुए पहली पारी में 409 रन बनाये और 238 रन की भारी बढ़त हासिल की।
हेडिंग्ले को अपनी पसंदीदा जगह बनाने वाली टीम के खिलाफ़, उन मौकों को गंवाना भारी पड़ने वाला था। इंग्लैंड ने शानदार खेल दिखाया और एक बार बढ़त बनाने के बाद, उन्होंने मेहमान टीम को मैच में वापसी का कोई मौका नहीं दिया। मैच से पहले जो रूट ने इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण की विविधता और गहराई के बारे में बात की थी और बताया था कि वह अपने पास मौजूद अलग-अलग तरह के कौशल को लेकर कितने उत्साहित हैं।
उनके गेंदबाज़ निश्चित रूप से उम्मीदों पर खरे उतरे। आर्चर, एटकिंसन, रॉबिन्सन और टंग ने स्टंप्स पर लगातार गेंदबाज़ी की, सही लेंथ पर गेंद डाली और पूरे मैच के दौरान अपनी योजनाओं में बेहतरीन बदलाव किए। इन सभी ने मिलकर पाकिस्तान पर लगातार दबाव बनाए रखा और यह सुनिश्चित किया कि इंग्लैंड का मैच पर पूरा नियंत्रण रहे।
पाकिस्तान को थोड़ी किस्मत की ज़रूरत थी, और बाबर आज़म के चोट के कारण बाहर होने के बाद तो इसकी और भी ज़्यादा ज़रूरत थी। लेकिन किस्मत अक्सर उनका साथ देती है जो छोटे-छोटे मौकों का भी पूरा फ़ायदा उठाते हैं, और पाकिस्तान इस टेस्ट में ऐसा करने में नाकाम रहा। वे टॉस हार गए और फिर कई अहम मौके गंवा दिए।
All-round perfection secures England a comprehensive innings win over Pakistan at Headingley #WTC27 : https://t.co/bmrVSU3KD6 pic.twitter.com/OLYhI1g224
— ICC (@ICC) August 21, 2026
मैच की शुरुआत में एक छोटा सा समय ऐसा आया जब इमाम-उल-हक और अब्दुल्ला शफ़ीक़ की 91 रनों की साझेदारी ने उन्हें कुछ हद तक नियंत्रण दिलाया, लेकिन उनमें से किसी एक को उस अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने की ज़रूरत थी। इसके बजाय, जोश टंग के खिलाफ़ इमाम के आक्रामक शॉट ने पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा दीं और टीम 117/3 से 171 रन पर ऑल आउट हो गई।
जुलाई 2023 से पाकिस्तान ने विदेश में सिर्फ़ दो टेस्ट मैच जीते थे, और अगर इंग्लैंड में कोई ऐसी जगह थी जहाँ वे अपना रिकॉर्ड सुधारने की कोशिश बिल्कुल नहीं करना चाहते, तो हेडिंग्ले उनमें से एक थी। पिछले दशक में यह इंग्लैंड के लिए एक अभेद्य किला रहा है, और इस जीत के साथ यहाँ खेले गए पिछले नौ टेस्ट मैचों में उनकी यह आठवीं जीत है। इनमें से चार जीत पारी के अंतर से मिली हैं, और दिलचस्प बात यह है कि ये सभी एशियाई टीमों के खिलाफ़ थीं – दो बार पाकिस्तान के खिलाफ़, एक बार भारत के खिलाफ़ और एक बार श्रीलंका के खिलाफ़।
पाकिस्तान की तरफ से मोहम्मद रिजवान ने 41 और शान मसूद ने 29 रन बनाये। ओली रॉबिन्सन, जोफ्रा आर्चर और जोश टंग ने तीन-तीन विकेट लेकर पाकिस्तान का दूसरी पारी में पुलिंदा 135 रन पर बाँध दिया जबकि गस एटकिंसन ने एक अन्य विकेट हासिल किया। ओली रॉबिन्सन को मैच में कुल आठ विकेट लेने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
BMW India ने आज भारत में अपनी नई BMW X1 Long Wheelbase (LWB) लॉन्च कर दी है। कंपनी ने इसकी शुरुआती कीमत 49.90 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी है। खास बात यह है कि इस SUV को भारत में ही BMW Group के चेन्नई प्लांट में तैयार किया जा रहा है। फिलहाल, नई X1 LWB को पेट्रोल इंजन के साथ बाजार में उतारा गया है। इसकी बुकिंग ग्राहक देशभर की BMW डीलरशिप से कर सकते हैं।
BMW ग्रुप इंडिया के प्रेसिडेंट और CEO हरदीप सिंह बराड़ ने कहा, “आज के ग्राहक ऐसी कार चाहते हैं, जो उनकी रोजमर्रा की जरूरतों के साथ-साथ उनकी पसंद और लग्जरी का भी ख्याल रखे। नई X1 LWB इन दोनों जरूरतों को बखूबी पूरा करती है।”
भारत में BMW X1 LWB की कीमत
इसकी शुरुआती कीमत ₹49.90 लाख है, जिसमें लागू GST तो शामिल है, लेकिन रोड टैक्स, TCS (सोर्स पर वसूला जाने वाला टैक्स), रजिस्ट्रेशन चार्ज, लोकल लेवी और इंश्योरेंस शामिल नहीं हैं। BMW ने कहा है कि इनवॉइसिंग के समय जो कीमत होगी, वही लागू होगी।
इस SUV के साथ 2 साल की स्टैंडर्ड वारंटी मिलती है, जिसमें किलोमीटर की कोई सीमा नहीं है। इसके अलावा, 2 साल की रोडसाइड असिस्टेंस भी दी जा रही है। सर्विस पैकेज की शुरुआत 3 साल या 40,000 किलोमीटर से होती है। इसे बढ़ाकर अधिकतम 10 साल या 1 लाख किलोमीटर तक किया जा सकता है। वहीं, कार की वारंटी को भी 10 साल तक बढ़ाने का विकल्प दिया गया है।
लंबा व्हीलबेस और पिछली सीट पर ज्यादा स्पेस
BMW X1 LWB की मुख्य खूबियों में 4,616 mm की लंबाई, 2,104 mm की चौड़ाई, 1,641 mm की ऊंचाई और 2,800 mm का व्हीलबेस शामिल है। BMW का दावा है कि यह अपने सेगमेंट की सबसे लंबी गाड़ी है।
इसका व्हीलबेस 108 mm बढ़ गया है, जबकि पिछली सीट पर लेगरूम और नी-रूम (घुटनों के लिए जगह) में क्रमशः 150 mm और 109 mm की बढ़ोतरी हुई है। पिछली सीट की कुशनिंग को भी 15 mm बढ़ाया गया है। पीछे बैठने वाले यात्री अपनी सीटों को 28.5 डिग्री तक पीछे झुका सकते हैं।
इसके अलावा, इसकी बूट कैपेसिटी 540 लीटर है, जिसे पिछली सीटों को फोल्ड करके 1,700 लीटर तक बढ़ाया जा सकता है।
बाहर की तरफ इसमें BMW की सिग्नेचर किडनी ग्रिल, कॉर्नरिंग फंक्शन वाली अडैप्टिव LED हेडलाइट्स, हाई बीम असिस्टेंट, एल्युमीनियम-फिनिश वाली रूफ रेल्स और 18-इंच के M लाइट अलॉय व्हील्स दिए गए हैं। पीछे की तरफ थ्री-डायमेंशनल LED लाइट्स और एक बड़ा डिफ्यूजर है।
BMW X1 LWB का इंजन और परफॉर्मेंस
नई BMW X1 LWB में 1.5-लीटर, 3-सिलेंडर वाला TwinPower Turbo पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 156 hp की पावर और 230 Nm का टॉर्क देता है। इसे 7-स्पीड Steptronic डुअल-क्लच ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ जोड़ा गया है। हालांकि, BMW X1 LWB में डीजल का कोई ऑप्शन नहीं है। अगर आपको डीजल इंजन चाहिए, तो आपको स्टैंडर्ड X1 लेनी होगी।
फिलहाल, यह SUV फ्रंट-व्हील ड्राइव (FWD) सिस्टम के साथ आती है और कंपनी के मुताबिक इसकी माइलेज 15.5 kmpl तक है। बेहतर आरामदायक ड्राइविंग के लिए इसमें खास तौर पर ट्यून किया गया कंफर्ट सस्पेंशन दिया गया है। साथ ही, इसमें अलग-अलग ड्राइविंग मोड्स और 50:50 वेट डिस्ट्रीब्यूशन भी मिलता है।
BMW X1 LWB के फीचर्स
BMW X1 LWB के फीचर्स की लिस्ट में ड्राइवर और आगे बैठने वाले पैसेंजर के लिए इलेक्ट्रिकली एडजस्टेबल स्पोर्ट सीट्स, एक वाइडस्क्रीन कर्व्ड डिस्प्ले और BMW का लेटेस्ट Operating System 9 शामिल है।
इसका इंफोटेनमेंट सिस्टम QuickSelect इंटरफेस, ओवर-द-एयर सॉफ्टवेयर अपडेट और BMW डिजिटल प्रीमियम पैकेज के जरिए अतिरिक्त डिजिटल सेवाओं को सपोर्ट करता है। केबिन में वर्टिकली लगा वायरलेस स्मार्टफोन चार्जर, एम्बिएंट लाइटिंग और 12 स्पीकर्स व 205W आउटपुट वाला हरमन कार्डन ऑडियो सिस्टम भी मिलता है।
BMW X1 LWB में 9 वर्ग मीटर का पैनोरमिक सनरूफ भी मिलता है। BMW का दावा है कि यह अपने सेगमेंट में मिलने वाला सबसे बड़ा पैनोरमिक सनरूफ है।
BMW डिजिटल की प्लस (Digital Key Plus) की मदद से मालिक कम्पैटिबल स्मार्टफोन या स्मार्टवॉच का इस्तेमाल करके गाड़ी को लॉक, अनलॉक और स्टार्ट कर सकते हैं। इस Digital Key को 18 यूजर्स तक के साथ शेयर किया जा सकता है। वहीं, Comfort Access 2.0 फीचर की मदद से ऑथराइज्ड डिवाइस के कार के पास आते ही SUV अपने आप अनलॉक हो सकती है। इसके लिए दरवाजे के हैंडल को छूने की जरूरत नहीं पड़ती।
सेफ्टी और ड्राइवर असिस्टेंस
सेफ्टी फीचर्स की बात करें तो, BMW X1 LWB में 8 एयरबैग, ब्रेक असिस्ट के साथ ABS, डायनामिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, डायनामिक ट्रैक्शन कंट्रोल, कॉर्नरिंग ब्रेक कंट्रोल, ऑटो होल्ड के साथ इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक, टायर-प्रेशर मॉनिटरिंग और ISOFIX चाइल्ड-सीट माउंट्स मिलते हैं।
इसके ड्राइवर-असिस्टेंस सिस्टम में लेन-डिपार्चर वॉर्निंग, ब्लाइंड-स्पॉट असिस्टेंस, ब्रेकिंग के साथ क्रूज कंट्रोल, ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग, पैदल चलने वालों की सुरक्षा और अटेंटिवनेस असिस्टेंट शामिल हैं।
पार्किंग को आसान बनाने के लिए SUV में फ्रंट और रियर पार्किंग सेंसर, रियर-व्यू कैमरा और 360-डिग्री सराउंड-व्यू कैमरा दिया गया है। इसका Reversing Assistant फीचर पिछले 50 मीटर की ड्राइविंग को याद रख सकता है और जरूरत पड़ने पर कार को उसी रास्ते पर अपने आप पीछे ले जा सकता है।
नई BMW X1 LWB को चार एक्सटीरियर कलर ऑप्शन- Night Dusk Blue, Skyscraper Grey, Carbon Black और Mineral White में खरीदा जा सकता है। वहीं, इंटीरियर के लिए Castanea और डुअल-टोन Smoke White और Atlas Grey अपहोल्स्ट्री का विकल्प मिलता है।
BMW X1 LWB की लॉन्चिंग के बाद अब ग्राहक देशभर में मौजूद अधिकृत BMW डीलरशिप पर जाकर इसकी बुकिंग कर सकते हैं।
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संयुक्त राष्ट्र के मौजूदा महासचिव एंतोनियो गुटेरेस का दूसरा पांच साल का कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 को खत्म होगा। उनके बाद अगला महासचिव चुनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस पद के लिए इस समय 8 उम्मीदवार मैदान में हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 15 मेंबर सीक्रेट वोटिंग के जरिए इन उम्मीदवारों के समर्थन का अंदाजा लगा रहे हैं। पिछले महीने हुए पहले अनौपचारिक मतदान में कोस्टा रिका की रेबेका ग्रिन्सपैन सबसे आगे रहीं। आज शुक्रवार को दूसरे दौर का अनौपचारिक मतदान होगा। इसके बाद भी कई अनौपचारिक पोल हो सकते हैं, जिनमें धीरे-धीरे उम्मीदवारों की संख्या कम होगी। अक्टूबर में औपचारिक चुनाव हो सकते हैं। UN चीफ कैसे चुना जाता है? संयुक्त राष्ट्र का महासचिव सीधे जनता या सभी देशों के वोट से नहीं चुना जाता। पहले सुरक्षा परिषद उम्मीदवारों पर विचार करती है और गुप्त मतदान के जरिए यह पता लगाती है कि किस उम्मीदवार को कितना समर्थन मिल रहा है। सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं। किसी उम्मीदवार को आगे बढ़ने के लिए कम से कम 9 वोट मिलने जरूरी हैं। लेकिन 9 वोट हासिल करना ही काफी नहीं है। सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस में से किसी एक का वीटो भी उम्मीदवार के खिलाफ नहीं होना चाहिए। इसके बाद सुरक्षा परिषद जिस उम्मीदवार पर सहमत होती है, उसका नाम संयुक्त राष्ट्र महासभा के पास भेजा जाता है। महासभा की मंजूरी के बाद वह संयुक्त राष्ट्र का नया महासचिव बनता है। गुटेरेस का कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 को खत्म होगा। इसलिए उससे पहले नए महासचिव के चयन की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी है। इस रेस में शामिल 8 उम्मीदवारों का बैकग्राउंड अलग-अलग है। इनमें पूर्व राष्ट्रपति, वरिष्ठ राजनयिक और संयुक्त राष्ट्र के बड़े पदों पर काम कर चुके लोग शामिल हैं। जानते हैं कौन-कौन इस दौड़ में है और किसकी क्या दावेदारी है। 1. रेबेका ग्रिन्सपैन- कोस्टा रिका 70 साल की रेबेका ग्रिन्सपैन फिलहाल इस रेस में सबसे आगे चल रही हैं। पिछले महीने हुए पहले अनौपचारिक मतदान में उन्हें सबसे ज्यादा समर्थन मिला था। ग्रिन्सपैन कोस्टा रिका की पूर्व उपराष्ट्रपति हैं और संयुक्त राष्ट्र के व्यापार एवं विकास संगठन की प्रमुख हैं। उन्होंने महासचिव पद के लिए प्रचार करने के लिए अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों से छुट्टी ली है। अगर ग्रिन्सपैन चुनी जाती हैं तो वह संयुक्त राष्ट्र की पहली महिला और पहली यहूदी महासचिव होंगी। उनके माता-पिता द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यूरोप से भागे यहूदी शरणार्थी थे। विवाद: UNDP में काम करने के दौरान महंगे निजी विमान के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठे थे। दुबई से ले जाने के लिए UN का चार्टर्ड विमान इस्तेमाल किया, जिसका खर्च करीब 40 हजार डॉलर था। 2. मिशेल बाचेलेट- चिली 74 साल की मिशेल बाचेलेट चिली की समाजवादी नेता हैं। वह 2006 में चिली की पहली महिला राष्ट्रपति बनी थीं। इसके बाद उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख के रूप में काम किया। मानवाधिकार प्रमुख रहते हुए बाचेलेट ने चीन के शिनजियांग में उइगर मुसलमानों की स्थिति पर रिपोर्ट जारी की थी। इसे लेकर चीन ने उनकी आलोचना की थी। बाचेलेट को मेक्सिको और ब्राजील का समर्थन मिला है। हालांकि, दक्षिणपंथी राष्ट्रपति जोस एंतोनियो कास्ट के सत्ता में आने के बाद चिली ने उनका समर्थन वापस ले लिया। अमेरिका भी उनके गर्भपात के अधिकारों से जुड़े रुख को लेकर उनकी आलोचना करता रहा है। विवाद: बाचेलेट ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख रहते हुए भारत के कश्मीर और नागरिकता से जुड़े मामलों पर सवाल उठाए थे। 2019 में उन्होंने जम्मू-कश्मीर में संचार पर रोक और नेताओं की हिरासत पर चिंता जताई थी। भारत ने उनके बयान को गलत और अनुचित बताते हुए खारिज कर दिया था। 3. मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा- इक्वाडोर 61 साल की मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा इक्वाडोर की पूर्व विदेश मंत्री हैं। वह संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। एस्पिनोसा का कहना है कि दुनिया की साझा समस्याओं से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र सबसे अहम वैश्विक मंच है। हालांकि, वह संगठन में बड़े सुधार की भी वकालत करती हैं। उनकी उम्मीदवारी को एंटीगुआ और बारबुडा का समर्थन मिला है, लेकिन उनके अपने देश इक्वाडोर ने उनका समर्थन नहीं किया है। विवाद: एस्पिनोसा के राजनीतिक करियर में विवाद भी रहे हैं। 2019 में इक्वाडोर की संसद में उन्हें पद से हटाने की कोशिश हुई थी। उन पर विदेश मंत्री रहते हुए जूलियन असांजे को नागरिकता देने और कोलंबिया सीमा पर सुरक्षा संकट से ठीक से न निपटने के आरोप लगे थे। हालांकि, उन्हें हटाने के लिए जरूरी वोट नहीं मिले और वह पद पर बनी रहीं। 4. राफेल मारियानो ग्रॉसी- अर्जेंटीना 65 साल के राफेल मारियानो ग्रॉसी अर्जेंटीना के करियर राजनयिक हैं। वह 2019 से अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के (IAEA) प्रमुख हैं। ईरान के परमाणु कार्यक्रम और यूक्रेन के जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र को लेकर ग्रॉसी पिछले कुछ सालों से चर्चा में रहे हैं। महासचिव पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन उन्होंने IAEA चीफ का पद नहीं छोड़ा है। उनका कहना है कि पद छोड़ना अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटने जैसा होगा। ग्रॉसी चाहते हैं कि संयुक्त राष्ट्र दुनिया में होने वाले बड़े संकटों में ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाए और संगठन में जरूरी बदलाव किए जाएं। विवाद: ईरान इन पर पक्षपात करने का आरोप लगाता रहा है। 2025 में IAEA की रिपोर्ट के बाद ईरान ने कहा था कि इससे उसके खिलाफ कार्रवाई का रास्ता खुला। ग्रॉसी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रिपोर्ट जांच के आधार पर तैयार की गई थी। 5. कैरोलिन रोड्रिग्स बिर्केट- गुयाना 52 साल की कैरोलिन रोड्रिग्स-बिर्केट गुयाना की पूर्व विदेश मंत्री हैं। वह गुयाना के आदिवासी समुदाय से आती हैं और सिर्फ 27 साल की उम्र में मंत्री बनी थीं फिलहाल वह संयुक्त राष्ट्र में अपने देश की राजदूत हैं। उनका कहना है कि संयुक्त राष्ट्र को दुनिया में अपनी विश्वसनीयता फिर से स्थापित करने की जरूरत है। विवाद: कोई बड़ा विवाद नहीं 6. इवोन ए-बाकी- इक्वाडोर 75 साल की इवोन ए-बाकी इक्वाडोर की राजनयिक और नेता हैं। वह अमेरिका में इक्वाडोर की राजदूत रह चुकी हैं। इस दौरान उनके अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अच्छे संबंध रहे। उनकी उम्मीदवारी का प्रस्ताव टोंगा ने रखा है। खाड़ी देशों से भी उनके अच्छे रिश्ते हैं। वह कतर में इक्वाडोर की राजदूत रह चुकी हैं। विवाद: डोनाल्ड ट्रम्प से पुरानी दोस्ती है। 2004 में इक्वाडोर में मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता कराने में भी उनकी भूमिका थी, तब ट्रम्प इस प्रतियोगिता के मालिक थे। विरोधी आरोप लगाते हैं कि ट्रम्प से उनके निजी संबंधों का इस्तेमाल इक्वाडोर-अमेरिका संबंधों में कितना किया जा रहा है। 7. मैकी साल- सेनेगल 64 वर्षीय मैकी साल सेनेगल के पूर्व राष्ट्रपति हैं। वह अफ्रीकी संघ के मौजूदा अध्यक्ष भी हैं। मैकी अपने अभियान में शांति और विकास को सबसे जरूरी मुद्दा बता रहे हैं। उनकी उम्मीदवारी का प्रस्ताव बुरुंडी ने रखा था और जुलाई में सेनेगल ने भी उनका समर्थन कर दिया। विवाद: राष्ट्रपति रहते हुए 2021 से 2024 के बीच सेनेगल में कई हिंसक प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों को संभालने के उनके तरीके पर सवाल उठे थे। इस दौरान कई लोगों की मौत हुई थी। 8. ओलारा ओटुन्नु- युगांडा 75 साल के ओलारा ओटुन्नु संयुक्त राष्ट्र में युगांडा के राजदूत भी रह चुके हैं। वह कुछ समय के लिए अपने देश के विदेश मंत्री भी रहे। 2011 में उन्होंने युगांडा पीपुल्स कांग्रेस की ओर से राष्ट्रपति चुनाव लड़ा था। हालांकि, वह लंबे समय से सत्ता में मौजूद राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी से चुनाव हार गए। विवाद: कोई बड़ा विवाद नहीं पहले दौर की वोटिंग में ग्रिन्सपैन को 10 वोट पहले दौर की अनौपचारिक वोटिंग यानी पहला स्ट्रॉ पोल 30 जुलाई 2026 को हुआ था। इसमें कोस्टा रिका की रेबेका ग्रिन्सपैन सबसे आगे रहीं। तब रेस में 7 उम्मीदवार थे। इवोन ए-बाकी इस वोटिंग में शामिल नहीं थीं। वह 18 अगस्त को आठवीं उम्मीदवार बनीं।

