Gold Silver Price Outlook: सोने से भी ज्यादा रिटर्न देने वाली है चांदी? जानिए एक्सपर्ट जोनाथन बैरट की क्या है राय

Gold Silver Price Outlook : कीमती धातुओं के बाजार में इंवेस्टमेंट को लेकर प्लान कर रहे निवेशकों के लिए एक जरूरी आउटलुक सामने आया है। कमोडिटी बाजार के एक्सपर्ट और ईटीओ मार्केट्स के CIO जोनाथन बैरट का मानना है कि आने वाले समय में चांदी का प्रदर्शन सोने से भी बेहतर रह सकता है। बैरट का अनुमान है कि चांदी आने वाले समय में 100 डॉलर प्रति औंस के स्तर को भी छू सकती है।

हमारी सहयोगी वेबसाइट CNBC TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक जोनाथन बैरट ने सोने और तांबे को लेकर भी एक बेहद मजबूत और सकारात्मक आउटलुक पेश किया है। उनका मानना है कि अमेरिकी डॉलर में कमजोरी, चीन से बढ़ती मांग और ग्रीन टेक्नोलॉजी के तेजी से होते विस्तार के दम पर कमोडिटी बाजार में तेजी का नया दौर देखने को मिल सकता है।

100 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है चांदी: एक्सपर्ट

जोनाथन बैरट का साफ कहना है कि चांदी कीमती धातुओं में सबसे बेहतर रिटर्न देने वाला मेटल साबित हो सकती है। उन्होंने सीएनबीसी टीवी 18 से बात करते हुए कहा कि,’मुझे लगता है कि चांदी ही निवेश के लिए सही जगह है।’उनके मुताबिक चांदी सबसे पहले 75 डॉलर प्रति औंस के स्तर को टारगेट करेगी। अगर अमेरिकी ट्रेजरी की लिक्विडिटी से जुड़ी पॉलिसी का सपोर्ट मिला तो चांदी की कीमतें 100 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं।

बैरट ने बताया कि चीन द्वारा सिल्वर ओर के आयात में साल-दर-साल आधार पर 62% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सौर पैनल जैसी ग्रीन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में चीन का दबदबा बढ़ रहा है और इस विस्तार के चलते चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड लगातार बनी रहेगी।

सोना भी छू सकता है 5000 डॉलर प्रति औंस का स्तर

सोने पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए बैरट ने कहा कि वे गोल्ड को लेकर भी काफी बुलिश हैं। उनका अनुमान है कि अगर मौजूदा नीतियां जारी रहती हैं तो सोना प्रति औंस 5000 डॉलर के ऐतिहासिक स्तर को पार कर सकता है। सोने और चांदी की इस तेजी के पीछे उन्होंने कई मैक्रो-इकोनॉमिक वजहें गिनाई हैं। उनके मुताबिक डॉलर इंडेक्स अभी 101 के आसपास है जिसके गिरकर 90 से 95 के स्तर तक आने की संभावना है। डॉलर में इस गिरावट से कीमती धातुओं को सीधा सहारा मिलेगा।

इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व से अलग अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड बायबैक और लिक्विडिटी बनाए रखने के उपायों का इस्तेमाल कर रही है। सीधे ब्याज दरों में बदलाव किए बिना लिक्विडिटी बढ़ाने की यह नीति डॉलर पर दबाव बनाए रखेगी, जो सोने-चांदी के लिए फायदेमंद है।

उनके मुताबिक अमेरिका पर लगातार बढ़ रहा कर्ज निवेशकों को सुरक्षित ठिकाने की ओर रुख करने पर मजबूर कर रहा है। निवेशक सोने और चांदी को वैल्यू के बेहतर एसेट के रूप में देखना जारी रखेंगे।

ETF की वापसी और शेयर बाजार से बुलियन में लौटेगा पैसा

जोनाथन बैरट का मानना है कि आने वाले दिनों में एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) की ओर से कीमती धातुओं में फिर से खरीदारी देखने को मिलेगी। जैसे-जैसे निवेशकों को अमेरिकी ट्रेजरी की लिक्विडिटी नीतियों के जारी रहने का एहसास होगा इक्विटी बाजार से कुछ पूंजी वापस सोने और चांदी में शिफ्ट हो सकती है। इसके साथ ही अलग अलग देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा की जा रही खरीदारी भी सोने-चांदी की कीमतों को सहारा देगी।

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तांबे पर भी बुलिश: स्ट्रक्चरल बुल मार्केट में बेस मेटल

सिर्फ कीमती धातुएं ही नहीं बल्कि बेस मेटल्स में जोनाथन बैरट तांबे पर भी पूरी तरह सकारात्मक हैं। वे कॉपर को एक स्ट्रक्चरल बुल मार्केट के रूप में देखते हैं। इसे चीन से बढ़ती मांग और ग्रीन इकोनॉमी की ओर दुनिया के बदलाव से मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। हाल के दिनों में अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद कॉपर की कीमतों में आई कुछ रुकावट या कंसोलिडेशन पर उन्होंने कहा कि यह हेल्दी पॉज है। माइंस से जुड़ी आपूर्ति की समस्याओं और स्ट्रक्चरल डेफिसिट यानी सप्लाई की कमी की वजह से कॉपर का लॉन्ग-टर्म तेजी का रुझान पूरी तरह से बरकरार है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Outlook: सोने ने पकड़ी रॉकेट जैसी रफ्तार! 1 दिन में 4% उछला भाव, एक्सपर्ट्स से जानिए अगला टारगेट

Gold Price Prediction: घरेलू और वैश्विक बाजार में गुरुवार को सोने की कीमतों में एक बार फिर रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली। हालिया सत्रों में पीली धातु में 4% से अधिक का जोरदार उछाल आया है, जिससे इसके दाम दो महीने के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के बाद सर्राफा बाजार में यह बड़ी तेजी दर्ज की गई है।

एशियाई कारोबार की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड $4,500 प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। वहीं, भारतीय वायदा बाजार (MCX) में सोना तेजी के साथ ₹1,58,008 प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड करता दिखा।

क्यों आई सोने में अचानक इतनी बड़ी तेजी?

सोने की कीमतों में अचानक आए इस बड़े उछाल के पीछे अमेरिका का एक बड़ा फैसला है। अमेरिकी वित्त विभाग ने लंबी अवधि (10 से 30 साल) वाले बॉन्ड बाजार को अतिरिक्त लिक्विडिटी सहायता देने के लिए बायबैक ऑपरेशंस का दायरा दोगुना करने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई और अमेरिकी डॉलर कमजोर हो गया।

चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत डॉलर में तय होती है, इसलिए डॉलर के कमजोर होने और बॉन्ड यील्ड गिरने से बिना ब्याज देने वाले एसेट जैसे सोने की मांग अचानक बढ़ गई।

MCX Gold Target: एक्सपर्ट्स से जानिए अब कहां तक जाएंगे दाम

कमोडिटी मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक तकनीकी सपोर्ट लेवल कायम हैं, तब तक सोने में यह तेजी जारी रहेगी।

चॉइस ब्रोकिंग के एक्सपर्ट आमिर माकडा के अनुसार, ‘तकनीकी चार्ट पर MCX गोल्ड अपने 20, 50 और 100 दिनों के मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है, जो शॉर्ट-टर्म में तेजी का संकेत देता है। इमीडिएट रेजिस्टेंस ₹1,59,250 प्रति 10 ग्राम पर है। अगर यह इस स्तर को पार करता है, तो अगला टारगेट ₹1,60,000 होगा।

ऑगमेंट की चीफ रिसर्च ऑफिसर रेनिशा चैनानी ने कहा कि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने अपनी पुरानी रेंज ($4,340-$4,440) को तोड़ दिया है और $4,500 का टारगेट हासिल कर लिया है। अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अगला लक्ष्य $4,600 है, जो भारतीय बाजार (MCX) में करीब ₹1,62,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर के बराबर बैठता है।

तेजी के बीच ये है एक बड़ा रिस्क

सोने में तेजी के बीच निवेशकों को अमेरिकी केंद्रीय बैंक (US Fed) के रुख पर ध्यान देने की जरूरत है। यूएस फेड की जुलाई बैठक के मिनट्स से साफ हुआ है कि नीति निर्माता अभी भी महंगाई को लेकर चिंतित हैं।

अगर अमेरिका में महंगाई दर 2% के लक्ष्य तक नहीं आती है, तो फेड ब्याज दरों में फिर से बढ़ोतरी कर सकता है। अगर आने वाले दिनों में ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो डॉलर और बॉन्ड यील्ड में रिकवरी आ सकती है, जो सोने की इस रफ्तार पर ब्रेक लगा सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Price Today: सोना ₹600 उछलकर ₹1.56 लाख के पार, कमजोर डॉलर से बढ़ी चमक

Gold Price Today: कमजोर अमेरिकी डॉलर और ग्लोबल बाजार में तेजी के चलते सोमवार को सोने की कीमतों में जोरदार उछाल आया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट वाला सोना ₹600 चढ़कर ₹1,56,800 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। शुक्रवार को इसका भाव ₹1,56,200 प्रति 10 ग्राम था।

वहीं, चांदी की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ। यह लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में ₹2,40,000 प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही।

सोने के दाम क्यों बढ़ रहे हैं?

HDFC Securities के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटी) सौमिल गांधी के मुताबिक, अमेरिका के कमजोर आर्थिक आंकड़ों के बाद फेडरल रिजर्व के सख्त रुख की उम्मीद कम हुई है। इससे डॉलर पर दबाव बढ़ा और सोने की मांग को सहारा मिला।

पिछले हफ्ते अमेरिका में महंगाई, रोजगार और रिटेल सेल्स के आंकड़े उम्मीद से नरम रहे। इससे बाजार को लगने लगा कि फेड जल्द ब्याज दरें बढ़ाने से बच सकता है।

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ग्लोबल बाजार में भी तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना मजबूत रहा। स्पॉट गोल्ड करीब 0.5% बढ़कर 4,398 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। वहीं, चांदी 1% से ज्यादा चढ़कर 65.58 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

Mirae Asset ShareKhan के हेड ऑफ कमोडिटीज प्रवीण सिंह का कहना है कि कमजोर डॉलर और कच्चे तेल की सीमित कीमतें फिलहाल सोने को सहारा दे रही हैं।

इस हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?

जियोपॉलिटिकल मोर्चे पर अमेरिका-ईरान तनाव अब भी बाजार की नजर में है। हालांकि, इस हफ्ते निवेशकों की सबसे बड़ी नजर अमेरिकी फेड की FOMC बैठक के मिनट्स पर रहेगी।

LKP Securities के VP रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, फेड के मिनट्स से ब्याज दरों के अगले संकेत मिल सकते हैं। इससे सोने की कीमतों की अगली दिशा तय होने में मदद मिलेगी।

नहीं थम रही सोने-चांदी की तेजी, रुपया और ग्लोबल फैक्टर्स कैसे डाल रहे है असर,

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में आया बड़ा उछाल! कमजोर डॉलर और US Fed के फैसले से रॉकेट बने दाम, देखें नया भाव!

Gold Price Today: कमजोर डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीद घटने से सोमवार को सोने की कीमतों में तेजी आई। स्पॉट गोल्ड 0.5% चढ़कर 4,398.58 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं दिसंबर डिलीवरी वाला अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.4% बढ़कर 4,455.50 डॉलर प्रति औंस हो गया।

क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 0.2% गिरावट आई। इससे दूसरी मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए सोना सस्ता हो गया। Saxo Bank के कमोडिटी स्ट्रैटेजी हेड ओले हैनसेन का कहना है कि अमेरिका में महंगाई, रोजगार और उपभोक्ता खर्च के नरम आंकड़ों से फेड की अगली बड़ी चाल अब ब्याज दर बढ़ाने की बजाय कटौती की तरफ झुकती दिख रही है।

सितंबर में रेट बढ़ने की उम्मीद घटी

हाल में आए कमजोर पेरोल डेटा और नियंत्रित महंगाई के बाद बाजार की धारणा बदली है। CME FedWatch Tool के मुताबिक, सितंबर में फेड के ब्याज दर बढ़ाने की संभावना अब 31% रह गई है। एक महीने पहले यह 51% थी।

UBS के विश्लेषक जियोवानी स्टाउनोवो ने कहा कि अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें अब भी 4 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर हैं। इससे अगले महंगाई आंकड़ों पर कुछ दबाव बना रह सकता है।

इस हफ्ते किन स्तरों पर रहेगी नजर?

LKP Securities में VP रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, COMEX पर सोना 4,395 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। इसके लिए 4,410-4,415 डॉलर का दायरा नजदीकी रेजिस्टेंस है। 4,375 डॉलर के आसपास मजबूत सपोर्ट बना हुआ है। वहीं MCX Gold में ₹1,54,750 का स्तर अहम सपोर्ट और ₹1,55,500 का स्तर रेजिस्टेंस माना जा रहा है।

दूसरे कीमती धातुओं का हाल

दूसरी कीमती धातुओं में भी तेजी दिखी। चांदी 1.5% बढ़कर 65.61 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। प्लैटिनम 0.7% चढ़कर 1,759.72 डॉलर और पैलेडियम 1.6% बढ़कर 1,333.25 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

निवेशक अब बुधवार को आने वाली फेड की जुलाई बैठक के मिनट्स का इंतजार कर रहे हैं। इससे आगे की मौद्रिक नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं।

(रॉयटर्स से इनपुट के साथ)

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नहीं थम रही सोने-चांदी की तेजी, रुपया और ग्लोबल फैक्टर्स कैसे डाल रहे है असर, अब क्या करें निवेशक!

Gold Silver price: भारत में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई। इसकी वजह ग्लोबल मार्केट में मजबूती का ट्रेंड था, जिसमें कमज़ोर अमेरिकी डॉलर और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों ने कीमती धातुओं की मांग को सहारा दिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, अक्टूबर डिलीवरी के लिए सोने के वायदा भाव ₹676 या 0.44% बढ़कर ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम हो गए। सितंबर डिलीवरी के लिए चांदी के वायदा भाव ₹2,270 या 0.96% बढ़कर ₹2.38 लाख प्रति किलोग्राम हो गए।

ग्लोबल स्तर पर, सोने के वायदा भाव लगभग 0.40% बढ़कर $4,394.01 प्रति औंस हो गए, जबकि चांदी के वायदा भाव 1.64% बढ़कर $65.74 प्रति औंस हो गए।

क्यों बढ़ रही कीमतें हैं?

इसका एक मुख्य कारण अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी (मौद्रिक नीति) को लेकर बदलता नज़रिया है। हाल ही में अमेरिका में महंगाई, रोजगार और कंज्यूमर एक्टिविटी के आंकड़े कमज़ोर रहे हैं, जिससे फेडरल रिज़र्व द्वारा और सख्ती बरतने की उम्मीदें कम हो गई हैं। इसका असर अमेरिकी डॉलर पर पड़ा है और सोने को इससे सहारा मिला है।

आमतौर पर डॉलर के कमज़ोर होने से सोने को फायदा होता है क्योंकि दूसरी करेंसी रखने वालों के लिए यह धातु सस्ती हो जाती है। कम ब्याज दरों की उम्मीदें भी सोने को सहारा दे सकती हैं, क्योंकि सोने जैसी ऐसी एसेट (संपत्ति) को रखने की ‘अपॉर्चुनिटी कॉस्ट’ (वैकल्पिक लागत) कम हो जाती है जिससे कोई रेगुलर इनकम नहीं होती।

भारत के लिए खास वजह क्या है?

घरेलू कीमतें करेंसी में होने वाले उतार-चढ़ाव को भी दिखाती हैं। सोमवार (17 अगस्त) को शुरुआती कारोबार में रुपया कमज़ोर होकर लगभग ₹95.59 प्रति डॉलर पर आ गया। रुपया कमज़ोर होने से सोने और चांदी जैसी इंटरनेशनल कीमत वाली कमोडिटीज़ की ‘लैंडेड कॉस्ट’ (आयात लागत) बढ़ सकती है, जिससे घरेलू कीमतों को और सहारा मिलता है।

कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का भी रुपये पर दबाव रहा है। लेमन (Lemonn) में रिसर्च हेड गौरव गर्ग के अनुसार, WTI क्रूड लगभग $82.83 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था, जबकि ब्रेंट $89 के आसपास बना हुआ था। गर्ग ने कहा कि डॉलर के कमज़ोर होने और आर्थिक आंकड़े कमज़ोर रहने से फेड द्वारा जल्द ही ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें कम हो गईं, जिससे सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। उन्होंने US-ईरान शांति वार्ता के रुकने और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से टैंकरों की आवाजाही कम होने के बाद सप्लाई में रुकावट की चिंताओं की ओर भी इशारा किया।

बता दें कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता एक और वजह है जो बुलियन (सोना-चांदी) को सहारा दे रही है। US-ईरान शांति वार्ता में कोई प्रगति न होने और तेल की सप्लाई को लेकर चिंताओं ने निवेशकों को सतर्क रखा है। ऐसी अनिश्चितता सोने जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली संपत्तियों की मांग बढ़ा सकती है।

अब आगे क्या करें निवेशक

सोने के लिए, फेडरल रिजर्व का रेट आउटलुक, US डॉलर, बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक घटनाक्रम मुख्य कारक बने रहेंगे। अगर फेड का रुख नरम (dovish) होता है तो कीमतों को सहारा मिल सकता है, जबकि महंगाई का नया झटका या सख्त (hawkish) पॉलिसी रुख बुलियन पर दबाव डाल सकता है।

VT मार्केट्स में ग्लोबल स्ट्रैटेजी ऑपरेशंस लीड, रॉस मैक्सवेल ने कहा कि $4,400-$4,450 प्रति औंस सोने के लिए तत्काल रेजिस्टेंस ज़ोन है। अगर कीमत $4,500 प्रति औंस से ऊपर बनी रहती है तो तेजी का रुझान (bullish trend) मजबूत हो सकता है, जबकि उन्होंने $4,150-$4,200 प्रति औंस को एक महत्वपूर्ण सपोर्ट एरिया बताया।

हालांकि, भारतीय निवेशकों के लिए, ग्लोबल सोना और चांदी की कीमतें समीकरण का सिर्फ़ एक हिस्सा हैं। रुपया-डॉलर एक्सचेंज रेट, इंटरनेशनल कीमतें और घरेलू बाजार की स्थितियां मिलकर MCX कीमतों की दिशा तय करती हैं।

एस्पेक्ट बुलियन एंड रिफाइनरी के CEO दर्शन देसाई ने कहा, “कमज़ोर अमेरिकी डॉलर, दरों को लेकर बदलती उम्मीदों और सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) के तौर पर लगातार बनी मांग के कारण सोने और चांदी की कीमतें नए हफ़्ते में मजबूती के साथ आगे बढ़ रही हैं।”

देसाई ने कहा, “भू-राजनीतिक जोखिम और ग्लोबल ग्रोथ को लेकर चिंताएं बुलियन को और सहारा दे रही हैं।” हालांकि, एनालिस्ट कीमतों में सीधी बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। हालिया बढ़त के बाद, सोने और चांदी की कीमतों में कुछ ठहराव (कंसोलिडेशन) या मुनाफावसूली (प्रॉफिट-टेकिंग) देखी जा सकती है।

Silver Price Today: चांदी की बढ़ी चमक, देश-विदेश में महंगे हुए दाम, चेक करें अपने शहर का ताजा भाव

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Gold Price Today : MCX पर सोने-चांदी में तेजी, जानिए आज कमोडिटी में कहां हो सकती है कमाई

Silver Gold Price Today : सोमवार, 17 अगस्त को MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। अमेरिकी डॉलर में गिरावट और सितंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों के कम होने से सोने-चांदी को सपोर्ट मिल रहा है। हांलांकि अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत में गतिरेध और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पूरी तरह से खुलने को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण महंगाई का डर बना हुआ है, जिससे सोने की कीमतों में होने वाली बढ़त सीमित रही है।

11.40 बजे के आसपास एमसीएक्स पर गोल्ड का अक्टूबर वायदा 685 रुपए यानी 0.44 फीसदी की बढ़त के साथ 155,191 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, सिल्वर का सितंबर वायदा 2,692 रुपए यानी 1.14 फीसदी की तेजी के साथ 238,616 रुपए पर कारोबार कर रहा था।

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन का कहना है कि आज के सेशन में सोने के लिए $4,400 और $4,364 पर सपोर्ट है, जबकि $4,470 और $4,500 प्रति ट्रॉय औंस पर रेजिस्टेंस है। वहीं चांदी के लिए $63.40 और $62.60 पर सपोर्ट है, जबकि $65.80 और $67 प्रति ट्रॉय औंस पर रेजिस्टेंस है।

उन्होंने आगे कहा कि MCX गोल्ड के लिए 1,53,650 -1,52,800 रुपए पर सपोर्ट और 1,55,500-1,56,100 रुपए पर रेजिस्टेंस है। जबकि सिल्वर के लिए 2,34,000 -2,31,600 रुपए पर सपोर्ट और 2,38,000- 2,41,000 पर रेजिस्टेंस है।

1,53,000 और 1,52,500 के आस-पास गिरावट पर सोने में खरीदारी की सलाह होगी। जिसमें 1,51,800 रुपए से नीचे स्टॉप लॉस रखकर 1,55,500 और 1,56,000 रुपए का टारगेट रखा जा सकता है। साथ ही, 2,33,300 और 2,32,000 रुपए के आस-पास चांदी में खरीदारी की जा सकती है। इसके लिए 2,29,800 से नीचे स्टॉप लॉस रखकर 2,38,000 और 2,40,000 रुपए का टारगेट रखा जा सकता है।

दूसरी कमोडिटीज पर एक नजर

एमसीएक्स पर कॉपर का अगस्त वायदा 17.80 रुपए यानी 1.30 फीसदी की बढ़त के साथ 1,396.30 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, क्रूड ऑयल का सितंबर वायदा 36.00 रुपए यानी 0.46 फीसदी की कमजोरी के साथ 7,771 रुपए पर दिख रहा था। वहीं, नैचुरल गैस का अगस्त वायदा 9.30 रुपए यानी 3.53 फीसदी की गिरावट के साथ 254.50 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, ELECDMBL का अगस्त वायदा 18.00 रुपए यानी 0.39 फीसदी की कमजोरी के साथ 4,581 रुपए पर दिख रहा था।

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल के लिए आज हमारे साथ हैं कुंवरजी ग्रुप के रवि दियोरा। इनको आज जिंक और नैचुरल गैस में कमाई के मौके दिख रहे हैं। एमसीएक्स जिंक अगस्त वायदा में इनकी 398.5 रुपए के आसपास, 396.0 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 403 रुपए के टारेगट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, एमसीएक्स नैचुरल गैस वायदा में इनकी 264 रुपए के आसपास, 268 रुपए के स्टॉप लॉस के के साथ 256 रुपए के टारेगट के लिए खरीदने की सलाह है।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Iran-US War Update: ईरान ने अमेरिकी सैनिक को मारने या पकड़ने पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया, महिलाओं को देगा दोगुनी रकम

Iran-US War News Update: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच तेहरान ने एक बड़ा और बेहद चौंकाने वाला ऐलान किया है। ईरान ने अमेरिकी सैनिक को मारने या पकड़कर ईरानी सेना को सौंपने वाले व्यक्ति को 30 हजार अमेरिकी डॉलर (करीब 25 लाख रुपये) का इनाम देने की घोषणा की है। खास बात यह है कि अगर यह कार्रवाई किसी ईरानी महिला द्वारा की जाती है, तो उसे इनाम की रकम दोगुनी दी जाएगी।

ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, ईरानी सेना के प्रमुख अमीर हातमी ने इस इनाम की घोषणा की है। हातमी ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों ने इस तरह की कार्रवाई में शामिल होने की इच्छा जताई थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिकी सैनिक को पकड़ने या मारने की कार्रवाई कहां और कब की जानी है।

अमेरिकी सैनिक को पकड़ने पर भी मिलेगा इनाम

हातमी ने कहा कि जो भी व्यक्ति किसी आक्रमणकारी अमेरिकी सैन्यकर्मी को मारता है या पकड़कर ईरानी सेना को सौंपता है, उसे 30 हजार डॉलर या 5 अरब तोमान का इनाम दिया जाएगा। ईरान में तोमान एक अनौपचारिक करेंसी है, जिसका इस्तेमाल आम तौर पर रियाल के साथ किया जाता है। ईरानी सेना प्रमुख ने इसके साथ ही महिलाओं के लिए अलग घोषणा करते हुए कहा कि यदि कोई बहादुर ईरानी महिला ऐसी कार्रवाई करती है, तो उसे दोगुना इनाम दिया जाएगा।

अमेरिका को क्षेत्र छोड़ने की चेतावनी

इनाम की घोषणा के साथ ही हातमी ने अमेरिका को क्षेत्र से अपनी सेना हटाने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेनाओं को अब फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी या स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एंट्री करने की अनुमति नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य एवं राजनीतिक तनाव लगातार बना हुआ है। हालांकि, संघर्ष के दौरान ईरान के भीतर अमेरिकी जमीनी सैनिकों की किसी बड़ी तैनाती की जानकारी सामने नहीं आई है।

ईरान में अमेरिकी जमीनी सैनिकों की तैनाती नहीं

रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में एक बड़े बचाव अभियान के दौरान करीब 200 अमेरिकी सैन्यकर्मी और 170 से अधिक विमान शामिल हुए थे। इस अभियान का उद्देश्य हादसे का शिकार हुए F-15 के वेपन सिस्टम ऑफिसर को सुरक्षित निकालना था। इसके अलावा ईरान के अंदर अमेरिकी जमीनी सैनिकों की किसी बड़ी तैनाती की जानकारी नहीं है। ऐसे में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने के लिए इनाम की घोषणा का ऐलान खास तौर पर तनाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

कैसे शुरू हुआ अमेरिका-ईरान संघर्ष?

अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ, जब अमेरिकी और इजरायली सेना ने ईरान के खिलाफ हमले किए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच लड़ाई जारी रही। बाद में अप्रैल में संघर्ष विराम हुआ। इसके बाद जून में शांति वार्ता के लिए एक संभावित ढांचा तैयार करने की कोशिश की गई। लेकिन बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी और प्रयास विफल हो गया।

इसके बाद भी अमेरिका और ईरान के बीच छिटपुट सैन्य हमले जारी रहे हैं। खासकर दक्षिणी ईरान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास तनाव देखने को मिला है। हालांकि मध्यस्थों के जरिए दोनों पक्षों के बीच अप्रत्यक्ष संपर्क जारी रहने की बात कही गई है, लेकिन अब तक कोई बड़ा कूटनीतिक समाधान सामने नहीं आया है।

संघर्ष में 17 अमेरिकी जवानों की मौत

US मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक 17 अमेरिकी सैन्यकर्मी मारे जा चुके हैं। इनमें सबसे हालिया मौतों की जानकारी जुलाई में सामने आई थी। बड़ी बात यह है कि इन सभी अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत ईरान के बाहर हुई। इनमें जॉर्डन और इराक में मारे गए अमेरिकी सैनिक भी शामिल हैं।

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ईरान की ओर से अमेरिकी सैनिकों को मारने या पकड़ने पर इनाम की घोषणा ऐसे समय हुई है जब दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव के साथ-साथ राजनयिक स्तर पर भी गतिरोध बना हुआ है। ऐसे में इस ऐलान से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल, ईरान के इस घोषणा पर अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पलटवार का इंतजार है।

Share Market Fall: निफ्टी में लगातार चौथे दिन गिरावट, सेंसेक्स 71 अंक टूटा; निवेशकों की दौलत ₹1.97 लाख करोड़ घटी

शेयर बाजार में शुक्रवार, 14 अगस्त को बिकवाली का आलम रहा। स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले सेंसेक्स 70.71 अंकों की गिरावट के साथ 78,009.25 पर और निफ्टी 29.85 अंकों की गिरावट के साथ 24,366 पर बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 1.97 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया। दिन में सेंसेक्स पिछले बंद भाव से 395.66 अंक तक टूटकर 77,684.37 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से 99 अंक तक टूटकर 24,296.80 के लो तक गया। निफ्टी में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट रही।

गुरुवार, 13 अगस्त को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,94,13,560.799 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को यह घटकर 4,92,16,152.08 करोड़ रुपये रह गया। यानि कि 1,97,408.719 करोड़ रुपये की कमी।

मार्केट बंद होने पर NSE पर अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज, भारती एयरटेल, अदाणी पोर्ट्स, अदाणी एंटरप्राइजेज और ICICI Bank टॉप गेनर रहे। दूसरी ओर टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, एशियन पेंट्स, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और ONGC टॉप लूजर रहे।

गुरुवार को कैसा रहा था कारोबार

गुरुवार को कारोबार के अंतिम घंटे में हुई बाइंग से सेंसेक्स 113.61 अंक या 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,079.96 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 40.10 अंक या 0.16 प्रतिशत टूटकर 24,395.85 पर बंद हुआ था। BSE मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक में 0.53 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप सेलेक्ट में 0.35 प्रतिशत का लाभ रहा।

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वैश्विक बाजारों का हाल

एशियाई बाजारों में हेंग सेंग, SET कंपोजिट और ताइवान वेटेड में गिरावट है। वहीं कॉस्पी, निक्केई 225, शंघाई कंपोजिट और जकार्ता कंपोजिट बढ़त में हैं। यूरोपीय बाजार हरे निशान में हैं। अमेरिकी बाजार गुरुवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।

रुपये में आई 3 पैसे की मजबूती

विदेशी बाजारों में अमेरिकी डॉलर के कमजोर रुख के बीच रुपया शुक्रवार को 3 पैसे की बढ़त के साथ 95.42 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ। घरेलू शेयर बाजार से विदेशी पूंजी की निकासी और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण रुपये पर दबाव बना रहा। रुपया गुरुवार को 12 पैसे की गिरावट के साथ 95.45 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

योगी सरकार की निर्यात नीति से किसानों को सीधा लाभ, निवेश की नई लहर

योगी सरकार की निर्यात नीति से किसानों को सीधा लाभ, निवेश की नई लहर

 

 

 

 

 

 


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने निर्यात क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। प्रदेश देश का पहला राज्य बना है, जिसने निर्यात के लिए समर्पित त्रिवर्षीय आबकारी निर्यात नीति (2026-29) लागू की है। एक अप्रैल 2026 से प्रभावी इस नीति के शुरुआती दो माह में ही इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अप्रैल-मई 2026 में प्रदेश से निर्यात 84.5 प्रतिशत बढ़ा, जबकि देश का समग्र निर्यात 6.3 प्रतिशत बढ़ा। राष्ट्रीय निर्यात में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 8.1 प्रतिशत से बढ़कर 14 प्रतिशत हो गई और प्रदेश पांचवें स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंच गया।
 

 

यूपी ने 39.4 लाख डॉलर की वृद्धि अर्जित की

 

अप्रैल-मई 2026 में देश से कुल 6.15 करोड़ अमेरिकी डॉलर का निर्यात हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश का योगदान 86 लाख डॉलर रहा। पिछले वर्ष इसी अवधि में देश का निर्यात 5.78 करोड़ डॉलर और प्रदेश का योगदान 46.6 लाख डॉलर था। इस दौरान देश के निर्यात में 36.5 लाख डॉलर की वृद्धि हुई, जबकि उत्तर प्रदेश ने अकेले 39.4 लाख डॉलर की वृद्धि अर्जित की। बस्ती से 25,000 कुंतल शीरे का निर्यात भी हुआ, जिससे 5,00,000 अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा मिली। शीरा भिन्न शुल्क वर्गीकरण में आता है, अतः यह अर्जन उपरोक्त आंकड़ों में सम्मिलित नहीं है और उनसे अतिरिक्त है। महत्वपूर्ण यह है कि राज्य ने इसके लिए कोई आर्थिक सहायता या अनुदान नहीं दिया, बल्कि नियामक शुल्कों को तर्कसंगत बनाया है। प्रत्येक निर्यात बोतल पर ट्रैक एंड ट्रेस व्यवस्था लागू है। एपीडा ने इस क्षेत्र के लिए करीब एक अरब अमेरिकी डॉलर का राष्ट्रीय निर्यात लक्ष्य रखा है और उत्तर प्रदेश लगातार अपना योगदान बढ़ा रहा है।

 

निवेश और रोजगार के नए अवसर

 

नीति की 3 वर्ष की स्थिरता से उद्योग जगत का भरोसा बढ़ा है। यूनाइटेड ब्रुअरीज उन्नाव और माउंट एवरेस्ट ब्रुअरीज हरदोई में नई इकाई स्थापित कर रही हैं। वुडपेकर ग्रीनएग्री न्यूट्रिएंट्स ने फर्रुखाबाद में इकाई स्थापित की है। एलाइड ब्लेंडर्स एण्ड डिस्टिलर्स ने मुरादाबाद की बंद इकाई को पुनर्जीवित किया है। गोरखपुर में लगभग एक वर्ष पहले एथेनॉल उत्पादन के लिए स्थापित कियान डिस्टिलरी ने पेय आसवनी और ब्रुअरी, दोनों की स्थापना के लिए आवेदन किया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार रैडिको खेतान अन्य राज्यों से अपने सीतापुर और रामपुर संयंत्रों में निर्यात उत्पादन स्थानांतरित कर रहा है। एक अन्य अंतरराष्ट्रीय कंपनी का स्थल चयन अंतिम चरण में है, जबकि कई मौजूदा आसवनियां क्षमता विस्तार कर रही हैं।

 

किसानों को बढ़ी मांग का सीधा फायदा

 

आबकारी एवं मद्य निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने बताया कि इस नीति का महत्वपूर्ण लाभ प्रदेश के किसानों को मिल रहा है। ईएनए उत्पादन बढ़ने से चीनी मिलों के शीरे की मांग बढ़ी है, जिससे गन्ना किसानों को अप्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। वहीं ग्रेन आधारित आसवनियों में उत्पादन बढ़ने से अनाज की खरीद भी बढ़ी है। यानी निर्यात बढ़ने के साथ प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन, किसानों से खरीद और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। नीति में किसान हित को लेकर सख्त प्रावधान भी किए गए हैं। जिस आसवनी अथवा उसके स्वामी की किसी अन्य इकाई या चीनी मिल पर गन्ना मूल्य भुगतान अथवा आबकारी देयों की वसूली प्रमाण-पत्र प्रभावी है, उसे नीति की कोई छूट नहीं मिलेगी। इससे निर्यात प्रोत्साहन को सीधे किसानों के भुगतान से जोड़ा गया है।

 

कांच से लेकर परिवहन तक बढ़ा कारोबार

 

आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि इस क्षेत्र की पश्च संबद्धता गन्ना, शीरा और अनाज जैसी कृषि उपज से जुड़ी है, जबकि अग्र संबद्धता में कांच, पैकेजिंग, ढक्कन, लेबलिंग, भंडारण और परिवहन जैसे उद्योग आते हैं। अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच प्रदेश की इकाइयों ने अन्य राज्यों को 1.64 करोड़ अधिक बोतलें भेजीं, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 45.7 प्रतिशत अधिक हैं। यह वृद्धि घरेलू आपूर्ति घटाकर नहीं, बल्कि कुल उत्पादन बढ़ने से हुई है।

 

देश के लिए मॉडल बनी योगी सरकार की नीति

 

केंद्र सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की ओर से गठित टास्क फोर्स सभी राज्यों के लिए आदर्श निर्यात नीति तैयार कर रही है। इसमें एपीडा और विभिन्न राज्यों के आबकारी विभाग शामिल हैं। टास्क फोर्स की बैठक में उत्तर प्रदेश की नीति की सराहना करते हुए इसे अन्य राज्यों के लिए उपयोगी ढांचा बताया गया और राष्ट्रीय आदर्श नीति में प्रदेश के अनुभवों को शामिल करने के निर्देश दिए गए। इस तरह योगी सरकार की नीति ने किसान हित, निवेश, रोजगार और विदेशी मुद्रा अर्जन को एक साथ जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश को निर्यात के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार किया है।

Gold Silver Price: 2 महीने के हाई पर पहुंचने के बाद सोना हुआ और भी महंगा, चांदी फिसली

Gold Silver Price: इंटरनेशनल मार्केट में गुरुवार (13 अगस्त) की शुरुआती ट्रेडिंग में सोने की कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी हुई, जबकि चांदी की कीमत में गिरावट आई। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि बाजार महंगाई के ताजा आंकड़ों के बाद अमेरिकी ब्याज दरों के भविष्य पर विचार कर रहे थे। COMEX पर सोना $4,473.40 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछली क्लोजिंग से $5.90 या 0.13% अधिक था। इस मेटल ने दिन के दौरान $4,509.10 प्रति औंस का उच्चतम और $4,456.50 प्रति औंस का निचला स्तर छुआ।

COMEX पर चांदी की कीमत $65.58 प्रति औंस थी, जिसमें $0.12 या 0.18% की गिरावट आई। सेशन के दौरान इसकी कीमत $66.45 और $65.22 प्रति औंस के बीच रही।

ये ताजा बदलाव बुधवार यानी 12 अगस्त को सोने की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद आए हैं। उस दिन जुलाई के अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक आने के बाद सोना दो महीने से अधिक समय के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था।

बुधवार (12 अगस्त) को स्पॉट गोल्ड 0.9% बढ़कर $4,406.64 प्रति औंस हो गया, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.6% बढ़कर $4,467.50 प्रति औंस पर बंद हुआ। जून में 0.4% की गिरावट के बाद जुलाई में अमेरिकी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में 0.1% की बढ़ोतरी हुई। यह आंकड़ा बाजार की उम्मीदों के अनुरूप था और इससे निकट भविष्य में सख्त मौद्रिक नीति की ओर बढ़ने की उम्मीदें कम हो गईं।

बाजार अब फेडरल रिजर्व की सितंबर की बैठक में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना कम मान रहे हैं। CME फेडवॉच टूल के अनुसार, महंगाई के आंकड़ों से पहले दरें बढ़ने की संभावना 46% थी, जो अब घटकर लगभग 40% हो गई है।

आमतौर पर ब्याज दरें बढ़ने पर सोने पर दबाव पड़ता है क्योंकि अधिक यील्ड (रिटर्न) से नॉन-यील्डिंग एसेट (जिससे कोई ब्याज या डिविडेंड नहीं मिलता) को रखने की अपॉर्चुनिटी कॉस्ट बढ़ जाती है। इसके विपरीत, कम या स्थिर दरों की उम्मीदें बुलियन की मांग को सहारा दे सकती हैं।

कमजोर अमेरिकी डॉलर ने भी सोने को कुछ सहारा दिया है। निवेशक अब महंगाई और ब्याज दरों के भविष्य के बारे में और संकेतों के लिए गुरुवार को आने वाले अमेरिकी प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स पर नजर रखेंगे।

कीमती धातुओं के लिए भू-राजनीतिक घटनाक्रम भी एक अन्य कारक बने हुए हैं। शिपिंग रूट को लेकर फिर से बढ़े तनाव और ईरान-समर्थक हूथी विद्रोहियों से जुड़े टकराव का असर तेल की कीमतों पर पड़ सकता है, और इसके चलते महंगाई और ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें भी प्रभावित हो सकती हैं।

बुधवार (12 अगस्त) को चांदी की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई। यह 1.3% बढ़कर $65.49 प्रति औंस पर पहुंच गई और 22 जून के बाद अपने सबसे ऊंचे स्तर को छू लिया।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।