5 सेकंड में ₹2.78 लाख करोड़ की बारिश, Sensex में 794 अंकों की तेजी, Nifty भी 24200 के पार

Stock Market Rally: कच्चे तेल में उछाल के बावजूद वैल्यू बाइंग के चलते मार्केट में अच्छी रौनक दिखी। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स करीब 800 प्वाइंट्स उछल पड़ा तो निफ्टी भी 24200 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर भी अच्छी रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 करीब आधे फीसदी मजबूत हुए। सेक्टरवाइज रियल्टी और ऑयल एंड गैस को छोड़ फिलहाल सभी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स ग्रीन हैं लेकिन आईटी सेक्टर सबसे अधिक जोश में है। इसका निफ्टी इंडेक्स करीब ढाई फीसदी मजबूत हुआ है। इस रौनक में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में ढाई लाख करोड़ से अधिक का इजाफा हुआ है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:21 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 662.66 प्वाइंट्स यानी 0.86% के उछाल के साथ 77,428.58 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 194.60 प्वाइंट्स यानी 0.81% के उछाल के साथ 24,179.95 पर है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 793.56 प्वाइंट्स चढ़कर 77,559.48 तक तो निफ्टी भी 217.85 प्वाइंट्स उछलकर 24,203.20 तक पहुंच गया।

₹2.78 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 28 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,79,07,917.44 करोड़ था। आज यानी 29 जुलाई 2026 को यह बढ़कर ₹4,81,86,128.26 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹2,78,210.82 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 18 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें फिलहाल 18 स्टॉक्स ग्रीन जोन में हैं। सबसे अधिक तेजी फिलहाल इंफोसिस, एलएंडटी और एचयूएल में है। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट पावरग्रिड, इंडिगो और एशियन पेंट में है। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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33 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज फिलहाल 2493 शेयरों की ट्रेडिंग हो रही है। इसमें 1635 शेयर फिलहाल मजबूत हैं तो 726 में गिरावट है जबकि 132 में कोई बदलाव नहीं दिख रहा। इसके अलावा 33 शेयर एक साल के हाई और 24 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 42 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 53 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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इंट्रा-डे में आज इन स्टॉक्स पर फोकस

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

भारत में प्रॉपर्टी खरीदने की होड़ शुरू! इन शहरों में निवेश से मिलेगा बम्पर रिटर्न

अब्रॉड में रहने वाले इंडियन (NRI) अब भारत में घर और प्रॉपर्टी (property) खरीदने में पहले से ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं। अच्छी कमाई, बेहतर रिटर्न (returns) और भारत के रियल एस्टेट बाजार (real estate market) में बढ़ते भरोसे की वजह से वे बड़े शहरों में तेजी से इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं, इन शहरों में सबसे ज्यादा इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं NRI:

Delhi-NCR (दिल्ली-एनसीआर)

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दिल्ली-एनसीआर, खासकर गुरुग्राम (Bengaluru), NRI इंवेटर्स की पसंदीदा जगहों में शामिल है। यहां लग्जरी प्रोजेक्ट्स, अच्छी सड़क और मेट्रो कनेक्टिविटी (metro connectivity), बड़े कॉर्पोरेट ऑफिस (corporate office) और तेजी से डेवलप हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण प्रॉपर्टी की मांग लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि यहां इन्वेस्टमेंट करने पर अच्छे रिटर्न (return) की उम्मीद रहती है।

 

Bengaluru (बेंगलुरु)

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बेंगलुरु को भारत की IT केपिटल कहा जाता है। यहां देश-विदेश की बड़ी टेक कंपनियां (tech companies) मौजूद हैं, जिससे नौकरी के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। बढ़ती आबादी और किराये के घरों की मांग के कारण NRI इस शहर को लंबे समय के इन्वेस्टमेंट के लिए अच्छा ऑप्शन मानते हैं।

 

Hyderabad (हैदराबाद)

 

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हैदराबाद तेजी से आगे बढ़ता हुआ रियल एस्टेट (real estate) बाजार है। यहां बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, आईटी सेक्टर (IT sector) का विस्तार और दूसरे बड़े शहरों की तुलना में किफायती प्रॉपर्टी कीमतें इन्वेस्टर्स को अट्रैक्ट करती हैं। यही कारण है कि हाल के वर्षों में NRI का रुझान इस शहर की ओर तेजी से बढ़ा है।

 

Mumbai (मुंबई)

 

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मुंबई देश की आर्थिक राजधानी होने के साथ-साथ NRI इन्वेस्टर्स की सबसे पसंदीदा रियल एस्टेट मार्केट भी है। यहां लग्जरी अपार्टमेंट, प्रीमियम प्रोजेक्ट्स और ऊंची प्रॉपर्टी वैल्यू (property value) इन्वेस्टर्स को अट्रैक्ट करती है। 2024 में भारतीय रियल एस्टेट के प्राइवेट इक्विटी इन्वेस्टमेंट का लगभग 50% हिस्सा मुंबई को मिला, जिससे इसकी पॉपुलैरिटी और मजबूत हुई।

 

अच्छे रिटर्न (Good Returns) की उम्मीद

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भारत के कई शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में NRI मानते हैं कि आज किया गया इन्वेस्टमेंट आने वाले वर्षों में अच्छा प्रॉफिट दे सकता है। इसी वजह से वे रियल एस्टेट को सिक्योर और फायदेमंद इन्वेस्टमेंट मानते हैं।

 

किराये से कमाई (Rental Income) का मौका

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कई NRI भारत में घर खरीदकर उसे किराये पर दे देते हैं। इससे उन्हें हर महीने रेगुलर इनकम होती है और साथ ही समय के साथ प्रॉपर्टी की कीमत (property’s value) बढ़ने का भी फायदा मिलता है।

 

निवेश (Investment) करना हुआ आसान

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सरकार ने NRI के लिए प्रॉपर्टी खरीदने की प्रोसेस पहले से ज्यादा आसान बना दी है। डिजिटल बैंकिंग (digital banking), ऑनलाइन डॉक्यूमेंटेशन (documentation) और सिंपल रेगुलेशन की वजह से अब विदेश में रहकर भी भारत में इन्वेस्टमेंट करना आसान हो गया है।

 

परिवार (Family) और भविष्य (Future) की जरूरत

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कई NRI अपने माता-पिता या परिवार के रहने के लिए भारत में घर खरीदते हैं। वहीं कुछ लोग रिटायरमेंट (retirement) के बाद भारत लौटने की प्लानिंग बनाकर पहले से ही प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं।

Xtranet Technologies IPO: आईटी सेक्टर के इस आईपीओ में निवेश का मौका! क्या आपको करना चाहिए अप्लाई? यहां जानें

Xtranet Technologies IPO Details: आईपीओ में पैसे लगाने वाले निवेशकों के लिए आज से एक और नया मौका खुल गया है। मध्य प्रदेश की आईटी सॉल्यूशंस प्रोवाइडर कंपनी एक्सट्रानेट टेक्नोलॉजीज का ₹167 करोड़ का आईपीओ आज यानी 23 जुलाई से दांव लगाने के लिए खुल गया है। कंपनी के अनलिस्टेड शेयर ग्रे मार्केट में अच्छे प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं। आइए आपको बताते हैं ब्रोकरेज की राय सहित इस आईपीओ से जुड़ी हर जरूरी बात।

Xtranet Technologies IPO का प्राइस बैंड और लॉट साइज

  • प्राइस बैंड: ₹120 से ₹127 प्रति शेयर।
  • रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश: ₹13,970
  • इश्यू ओपनिंग-क्लोजिंग डेट: 23-27 जुलाई
  • शेयर अलॉटमेंट डेट: 28 जुलाई
  • लिस्टिंग डेट (BSE & NSE): 30 जुलाई

एंकर इनवेस्टर्स से जुटाए ₹50 करोड़

यह ₹167 करोड़ का आईपीओ पूरी तरह फ्रेश इश्यू है, जिसमें 1.31 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। आम लोगों के लिए आईपीओ खुलने से ठीक पहले कंपनी ने एंकर इनवेस्टर्स से ₹50.04 करोड़ जुटाए हैं। प्रमुख एंकर इनवेस्टर्स सेंट कैपिटल फंड, विनी ग्रोथ फंड, लॉन्गथ्राइव कैपिटल और टॉरस म्यूचुअल फंड शामिल हैं।

आईपीओ से मिले पैसों का इस्तेमाल कंपनी ₹102 करोड़ वर्किंग कैपिटल जरूरतों, ₹20.2 करोड़ कर्ज चुकाने और ₹8.48 करोड़ नए सिस्टम व हार्डवेयर खरीदने पर खर्च करेगी।

कंपनी की वित्तीय सेहत और ऑर्डर बुक

2002 में स्थापित यह कंपनी एंटरप्राइज एप्लीकेशन, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, मैनेज्ड सर्विसेज और टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म्स के क्षेत्र में एंड-टू-एंड आईटी सॉल्यूशंस प्रदान करती है।

फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) साल-दर-साल 35.6% बढ़कर ₹40.73 करोड़ हो गया। इस दौरान कुल रेवेन्यू 32.3% बढ़कर ₹365.3 करोड़ पर पहुंच गया। 30 अप्रैल 2026 तक कंपनी के पास ₹356.96 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक थी।

ग्रे मार्केट में कितना चल रहा है GMP?

IPO मार्केट पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों के अनुसार, 23 जुलाई को एक्सट्रानेट टेक्नोलॉजीज का ग्रे मार्केट प्रीमियम ₹13 प्रति शेयर दर्ज किया गया। इस हिसाब से इसका संभावित लिस्टिंग प्राइस ₹140 रह सकता है। अगर GMP के अनुमानों के मुताबिक लिस्टिंग होती है तो इसमें पैसा लगाने वाले निवेशकों को करीब 10% से ज्यादा का मुनाफा हो सकता है।

एक्सपर्ट्स की राय: क्या लगाएं पैसा?

ब्रोकरेज फर्म स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट ने इस आईपीओ को मध्यम अवधि और मध्यम जोखिम लेने वाले निवेशकों के लिए ‘Subscribe’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ काफी मजबूत है और इसका वैल्यूएशन मौजूदा वित्तीय प्रदर्शन के हिसाब से सही है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

FY27 की दूसरी छमाही में विदेशी निवेशकों की होगी वापसी, एक्सपर्ट ने बताया कहां दांव लगाने से होगी कमाई

लंबे समय बाद विदेशी निवेशकों के रुख में बदलाव दिखा है। जुलाई में उन्होंने भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली से ज्यादा खरीदारी की है। इससे अमेरिका-ईरान में फिर से लड़ाई शुरू होने के बावजूद बाजार में ज्यादा गिरावट नहीं आई है। शेयर बाजार के ट्रेंड को समझने के लिए मनीकंट्रोल ने AlfAccurate Advisors के चीफ इनवेस्टमेंट अफसर राजेश कोठारी से बातचीत की।

कोठारी ने कहा कि इंटरेस्ट रेट उम्मीद के मुताबिक रहने पर विदेशी निवेशकों की इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में धीरे-धीरे भारतीय बाजार में वापसी होगी। उनका मानना है कि बाजार में हालिया गिरावट के बाद भारतीय बाजार की वैल्यूएशंस वाजिब हो गई है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा वैल्यूएशंस पर रियल एस्टेट सेक्टर को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। हालांकि, हाउसिंग ईकोसिस्टम के बारे में उनकी सोच पॉजिटिव है। उनका मानना है कि इस सेक्टर में बिल्डिंग मैटेरियल्स और रियल एस्टेट की एंसिलियरीज कंपनियों के शेयरों में रिस्क-रिवॉर्ड अट्रैक्टिव दिख रहा है।

आईटी सेक्टर के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि इस सेक्टर में सेलेक्टिव रहने की जरूरत है। डिमांड में सुस्ती का दौर बीत चुका है। वैश्विक अनिश्चितता घटने पर डिस्क्रेशनरी खर्च में धीरे-धीरे इम्प्रूवमेंट दिखेगा। हालांकि, रिकवरी के एकसमान रहने की उम्मीद नहीं है। आईटी सर्विसेज ऑफर करने वाली ट्रेडिशनल कंपनियों के मुकाबले डिजिटल कपैबिलिटीज, एआई सर्विसेज ऑफर करने वाली कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर रहेगा।

क्या एआई थीम में अब दिलचस्पी घट रही है? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि एआई थीम अभी शुरुआती अवस्था में है। कुछ खास ग्लोबल एआई कंपनियों के शेयरों की वैल्यूएशंस काफी बढ़ गई है। उनमें बीच-बीच में करेक्शंस दिख सकता है। लेकिन, एआई थीम से जुड़ी इनवेस्टमेंट साइकिल मजबूत बनी हुई है।

कोठारी ने कहा कि घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़ी कंपनियों को इंडिया की तेज ग्रोथ का फायदा मिलेगा। भारत में लोगों की खर्च करने योग्य इनकम बढ़ रही है। सरकार की पॉलिसी भी सपोर्टिव है। ऐसे में ऑटो एंसिलियरीज, कैपिटल गुड्स, कंजम्प्शन, बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में अच्छी संभावना दिख रही है। खासकर इन सेक्टर की वे कंपनियां अच्छी दिख रही हैं, जिनकी अर्निंग्स को लेकर तस्वीर साफ है।

AI Bubble: क्या AI का बबल फूट रहा? इन 5 बड़े ‘क्रैश’ ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई

AI Bubble: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने पिछले कुछ सालों में शेयर बाजार को नई रफ्तार दी है। AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी आई। लेकिन अब तस्वीर बदलती दिख रही है। दुनिया भर के बाजारों में AI शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिल रही है। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि क्या AI का बूम भी डॉट-कॉम बबल की तरह खत्म होने वाला है?

दक्षिण कोरिया का Kospi Index गुरुवार को 6% से ज्यादा टूट गया। AI चिप बनाने वाली SK Hynix के शेयर 11% और Samsung Electronics के शेयर 8% गिर गए। निवेशकों को अब कंपनियों की ऊंची वैल्यूएशन और भविष्य की कमाई की चिंता सता रही है।

आइए जानते हैं हाल के समय में AI थीम से जुड़े 5 बड़े झटकों के बारे में।

IBM

आईटी और कंसल्टिंग कंपनी IBM के शेयर जुलाई 2026 में करीब 25% टूट गए। इससे कंपनी का करीब 70 अरब डॉलर का मार्केट कैप साफ हो गया। कमजोर शुरुआती नतीजों के साथ यह चिंता भी बढ़ी कि AI कंपनी के पारंपरिक कंसल्टिंग कारोबार पर असर डाल सकता है।

SaaS सेक्टर

सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयर फरवरी 2026 में बुरी तरह टूटे। इसकी वजह Anthropic का नया Agentic AI प्लेटफॉर्म रहा। इसके बाद Salesforce, Adobe और ServiceNow जैसे शेयरों में तेज बिकवाली हुई। निवेशकों को लगा कि AI पारंपरिक सॉफ्टवेयर कंपनियों के बिजनेस मॉडल को बदल सकता है।

Nvidia

AI चिप बनाने वाली कंपनी Nvidia को जनवरी 2025 में बड़ा झटका लगा। कंपनी का मार्केट कैप एक ही दिन में करीब 600 अरब डॉलर घट गया। इसकी वजह चीन के AI स्टार्टअप DeepSeek का सस्ता AI मॉडल था। इसके बाद निवेशकों को डर सताने लगा कि महंगे AI चिप्स की मांग उम्मीद से कम हो सकती है।

Alphabet और Big Tech

टेक दिग्गज कंपनियों Alphabet, Amazon, Meta और Microsoft के शेयर जून 2026 में फिसल गए। Alphabet करीब 6% और Amazon लगभग 5% टूट गया। निवेशकों को चिंता थी कि AI पर हो रहा भारी खर्च कब मुनाफे में बदलेगा।

भारतीय आईटी सेक्टर

भारतीय आईटी कंपनियां भी इस दबाव से नहीं बचीं। IBM की गिरावट के बाद AI को लेकर चिंता बढ़ गई। Infosys, TCS, Wipro, HCLTech, Persistent Systems, Coforge और LTIMindtree जैसे शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। Nifty IT Index करीब 2% टूट गया। जबकि Nifty 50 और Sensex बढ़त के साथ बंद हुए।

फिलहाल AI सेक्टर की लंबी अवधि की कहानी मजबूत मानी जा रही है। लेकिन ऊंची वैल्यूएशन, मुनाफे को लेकर सवाल और AI से बदलते कारोबार की वजह से इस सेक्टर में आगे भी तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

Stocks to Watch : 17 जुलाई को इन 9 शेयरों पर रखें नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Wipro Q1 Results: आईटी कंपनी को ₹3352 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू 10% बढ़ा; डिविडेंड का ऐलान

Wipro Q1 Results: आईटी सर्विसेज कंपनी Wipro ने अप्रैल-जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 0.6% बढ़कर ₹3,352 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹3,330 करोड़ था।

कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 10.6% बढ़कर ₹24,479 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, यह बाजार के अनुमान ₹24,776 करोड़ से थोड़ा कम रहा। कंपनी के बोर्ड ने ₹2 प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

आईटी सर्विसेज कारोबार में कैसी रही ग्रोथ?

तिमाही के दौरान विप्रो का ग्रॉस रेवेन्यू तिमाही आधार पर 1% बढ़ा। वहीं, आईटी सर्विसेज रेवेन्यू 2.61 अरब डॉलर रहा। यह पिछली तिमाही के मुकाबले 1.4% कम, लेकिन सालाना आधार पर 1% ज्यादा है।

कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर आईटी सर्विसेज रेवेन्यू तिमाही आधार पर 1.2% घटा, जबकि सालाना आधार पर इसमें 0.9% की बढ़त रही।

बड़े डील्स बढ़े, लेकिन कुल बुकिंग घटी

विप्रो की जून तिमाही में कुल बुकिंग 3.37 अरब डॉलर रही। यह कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर पिछली तिमाही से 2.4% कम है।

हालांकि, बड़े डील्स (Large Deals) की बुकिंग 12.9% बढ़कर 1.63 अरब डॉलर पहुंच गई।

मार्जिन और कर्मचारियों का हाल

आईटी सर्विसेज का ऑपरेटिंग मार्जिन 16% रहा। यह पिछली तिमाही के मुकाबले 130 बेसिस प्वाइंट और पिछले साल के मुकाबले 120 बेसिस प्वाइंट कम है। ऑपरेटिंग कैश फ्लो ₹3,288 करोड़ रहा, जो कंपनी की शुद्ध आय का 98% है।

वहीं, पिछले 12 महीनों के आधार पर कर्मचारियों की स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की दर (Voluntary Attrition) 13.9% रही।

अगली तिमाही के लिए क्या अनुमान?

जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए Wipro ने आईटी सर्विसेज रेवेन्यू 2.57 अरब डॉलर से 2.63 अरब डॉलर के बीच रहने का अनुमान दिया है। इसका मतलब है कि कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर रेवेन्यू में 1.5% तक की गिरावट या 0.5% तक की बढ़त हो सकती है।

विप्रो ने क्या कहा?

Wipro के CEO और MD श्रीनी पलिया ने कहा कि अब ग्राहक सिर्फ टेक्नोलॉजी मॉडर्नाइजेशन तक सीमित नहीं हैं। वे AI बेस्ड ऑपरेटिंग मॉडल अपना रहे हैं। इससे काम की क्वालिटी, प्रोडक्टविटी और एफिशिएंसी बढ़ रही है।

वहीं, CFO अपर्णा अय्यर ने कहा कि कंपनी शॉर्ट टर्म मार्जिन दबाव के बावजूद कर्मचारियों और अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं में निवेश जारी रखेगी।

₹2 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड

विप्रो के बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए ₹2 प्रति इक्विटी शेयर (100%) अंतरिम डिविडेंड देने का भी ऐलान किया है। कंपनी ने 27 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। डिविडेंड का भुगतान 14 अगस्त 2026 तक किया जाएगा।

हाल ही में पूरा हुआ बायबैक

विप्रो ने जून तिमाही के दौरान 60 करोड़ शेयरों का बायबैक भी पूरा किया। यह बायबैक ₹250 प्रति शेयर के भाव पर किया गया। इस पर कुल ₹15,049.7 करोड़ खर्च हुए। बायबैक पूरा होने के बाद कंपनी की चुकता शेयर पूंजी (Paid-up Capital) भी घट गई है।

विप्रो के शेयरों का हाल

नतीजों से पहले गुरुवार को Wipro का शेयर 1.75% बढ़कर ₹177.70 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 33.56% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 1.86 लाख करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IT Sector की रौनक पर Sensex में 300 अंकों की तेजी, 3 वजहों से 24150 के पार Nifty

Share Market Rally: एशियाई बाजारों में मिले-जुले रुझान के बीच डॉलर इंडेक्स की नरमी से घरेलू स्टॉक मार्केट में रौनक दिख रही है। शुरुआती कारोबार में ही घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेस सेंसेक्स और निफ्टी 50 उछल पड़े। सेंसेक्स 300 प्वाइंट्स से अधिक ऊपर चढ़ गया तो निफ्टी 50 भी 24150 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट को सपोर्ट मिला। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 मजबूत हुए हैं। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:23 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 246.45 प्वाइंट्स यानी 0.32% की बढ़त के साथ 77,431.88 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 66.00 प्वाइंट्स यानी 0.27% के उछाल के साथ 24,144.50 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 328.87 प्वाइंट्स उछलकर 77,514.30 और निफ्टी 88.90 प्वाइंट्स चढ़कर 24,167.40 तक पहुंच गया था।

Share Market Rally: इन वजहों से मिला सपोर्ट

डॉलर इंडेक्स में नरमी

गुरुवार को अमेरिकी डॉलर एक महीने के निचले स्तर के आस-पास आ गया जिससे मार्केट को सपोर्ट मिला। अमेरिका महंगाई के नरम आंकड़ों से इस बात की संभावना बढ़ी कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ाने को लेकर जल्दबाजी नहीं करेगा। इससे अमेरिकी डॉलर इंडेक्स नरम होकर 100.46 पर आ गया। डॉलर की कमजोरी से विदेशी निवेशकों का भारत जैसे उभरते बाजारों में निवेश बढ़ सकता है।

India VIX में गिरावट

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में गिरावट से मार्केट को सपोर्ट मिला है। फिलहाल यह 1.45% की गिरावट के साथ 13.08 पर है। इसके अधिक होने का मतलब मार्केट में वोलैटिलिटी हाई होने की आशंका है तो इसके कम होने का मतलब वोलैटिलिटी कम होने की संभावना है।

IT Stocks से मार्केट को सपोर्ट

आईटी सेक्टर की रौनक से मार्केट को अच्छा सपोर्ट मिला है जिसका निफ्टी इंडेक्स 1% से अधिक की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के अलावा फिलहाल किसी भी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स में 1% या इससे अधिक की उठा-पटक नहीं है। आज मार्केट को आईटी सेक्टर ही चला रहा है। बैंकिंग सेक्टर में हल्की बढ़त है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अब देश को मिलेगी पहली सरकारी AI यूनिवर्सिटी! जानिए इसे लेकर क्या हुआ ऐलान, कैसी है तैयारी

AI university in India: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भारत एक नया इतिहास रचने जा रहा है। देश को जल्द ही अपनी पहली सरकारी एआई यूनिवर्सिटी मिलने वाली है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार (14 जुलाई) को यह बड़ा ऐलान किया कि राज्य देश की पहली सरकारी स्तर की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यूनिवर्सिटी स्थापित करेगा।

मुख्यमंत्री ने यह महत्वपूर्ण घोषणा बेंगलुरु में आयोजित Google I/O Connect India 2026 के उद्घाटन के दौरान की। इस कार्यक्रम में देश और दुनिया भर से टेक्नोलॉजी लीडर्स, इनोवेटर्स, एंटरप्रेन्योर्स, डेवलपर्स, रिसर्चर्स और पॉलिसी मेकर्स हिस्सा ले रहे हैं।

एआई यूनिवर्सिटी और AI Hub की होगी स्थापना

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सीएम डीके शिवकुमार ने बताया कि राज्य सरकार जिम्मेदार एआई इनोवेशन के मामले में कर्नाटक को एक वैश्विक लीडर बनाना चाहती है। इसके लिए दो बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। पहला सरकारी एआई यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी। यह प्रस्तावित यूनिवर्सिटी विश्व स्तरीय एआई टैलेंट तैयार करने, रिसर्च को आगे बढ़ाने और अकादमिक जगत, इंडस्ट्री एवं सरकार के बीच सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

दूसरा AI Hub भी स्थापित होगा जो स्टार्टअप्स, कंपनियों और अन्य संस्थानों द्वारा एआई के क्षेत्र में रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए एक इनक्यूबेशन सेंटर के रूप में काम करेगा। सीएम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तुलना भाप के इंजन, बिजली, इंटरनेट और मोबाइल टेक्नोलॉजी से करते हुए कहा कि यह इस पीढ़ी की सबसे बड़ी तकनीकी क्रांति है।

आईटी सेक्टर में कर्नाटक की मजबूत हिस्सेदारी

बेंगलुरु और कर्नाटक के मौजूदा तकनीकी दबदबे को बताते हुए सीएम डीके शिवकुमार ने कुछ बेहद महत्वपूर्ण आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने बताया कि भारत के कुल सॉफ्टवेयर निर्यात में अकेले कर्नाटक की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है। बेंगलुरु वर्तमान में 17000 से अधिक स्टार्टअप्स और हजारों ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का घर है जो वैश्विक बाजार के लिए प्रोडक्ट्स डिजाइन और इंजीनियर करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य को एक AI-native राज्य बनाना है। ऐसा राज्य जहां एआई केवल एक तकनीकी नारा बनकर न रहे बल्कि इसका इस्तेमाल सुशासन और लोगों के रोजमर्रा के जीवन को बेहतर बनाने के लिए जिम्मेदारी से किया जाए।

इन 5 क्षेत्रों में गूगल के साथ साझेदारी का न्योता

मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कर्नाटक के साथ दो दशकों से अधिक समय की गूगल की साझेदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि सर्च, एंड्रॉयड, यूट्यूब, मैप्स, क्रोम, जीमेल और गूगल पे जैसे गूगल के प्रोडक्ट्स ने भारतीयों के ज्ञान प्राप्त करने, व्यापार करने और सरकारी सेवाओं के साथ जुड़ने के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया है।

मुख्यमंत्री ने गूगल को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, जलवायु अनुकूलन, अर्बन मोबिलिटी और सुशासन के लिए एआई समाधान बनाने में सहयोग करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने सहयोग के लिए 5 प्रमुख क्षेत्रों का खाका पेश किया:-

1- एआई टूल्स का विकास: शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और छोटे व्यवसायों के लिए विशेष एआई टूल्स विकसित करना।

2- भारतीय स्टार्टअप्स को सपोर्ट: बड़े पैमाने पर भारतीय चुनौतियों का समाधान खोजने वाले स्टार्टअप्स को सहायता देना।

3- एआई लर्निंग का विस्तार: पूरे कर्नाटक में छात्रों के लिए एआई सीखने के अवसरों को बढ़ाना।

4- ग्लोबल लैबोरेटरी बनाना: कर्नाटक को जिम्मेदार टेक्नोलॉजी के लिए एक वैश्विक प्रयोगशाला के रूप में स्थापित करना।

5- लॉन्ग-टर्म पार्टनरशिप: इकोसिस्टम पार्टनर के रूप में गूगल की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को और गहरा करना।

भविष्य के लिए डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की तैयारी

कर्नाटक सरकार देश के इस तकनीकी हब के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए राज्य सरकार डेटा सेंटर्स सहित अपने डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार जारी रखेगी ताकि एआई इनोवेशन, क्लाउड कंप्यूटिंग और अगली पीढ़ी की डिजिटल सेवाओं को जरूरी सपोर्ट मिल सके।

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समारोह के अंत में डेवलपर्स और युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी क्रांतियां हमेशा जिज्ञासा और ‘क्या हम इसे अलग तरीके से कर सकते हैं?’ पूछने की इच्छा से शुरू होती हैं। उन्होंने डेवलपर्स को निडर होकर निर्माण करने, उद्यमियों को बड़े सपने देखने और शोधकर्ताओं को नवाचार जारी रखने का आग्रह किया।

डूबे निवेशकों के ₹2 लाख करोड़, Sensex में 550 अंकों की गिरावट, Nifty टूटकर 23052 पर बंद

Sensex-Nifty closes red: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच बढ़ी तो कच्चा तेल उबल पड़ा और वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड प्रति बैरल $80 के पार जाकर $85 के काफी करीब पहुंच गया। इसने एशियाई बाजारों में कोहराम मचा दिया। घरेलू मार्केट में भी इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज- सेंसेक्स और निफ्टी 50 धड़ाम हो गए। सेंसेक्स इंट्रा-डे में 600 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी 24050 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में बिकवाली का तेज दबाव दिखा लेकिन स्मॉलकैप स्पेस में कुछ अधिक ही इसकी आंधी चली। निफ्टी मिडकैप 100 आज आधे फीसदी से थोड़ी कम गिरावट के साथ बंद हुआ तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1% से अधिक की गिरावट आई।

सेक्टरवाइज आज सरकारी बैंकों, रियल्टी, ऑटो और आईटी सेक्टर ने मार्केटपर काफी दबाव बनाया। इसमें रियल्टी सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स तो करीब 2% की गिरावट के साथ बंद हुए तो पीएसयू बैंक और ऑटो सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स डेढ़ फीसदी से कमजोर हुआ और निफ्टी आईटी भी 1% टूट गया। फार्मा और मेटल सेक्टर की रौनक भी बाजार को संभाल नहीं पाई। निफ्टी फार्मा आज 1% से अधिक तो निफ्टी मेटल आधे फीसदी से अधिक मजबूत हुआ है। इस मिले-जुले माहौल में ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹2 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹2 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन आज सेंसेक्स (Sensex) 561.46 प्वाइंट्स यानी 0.72% की फिसलन के साथ 77,054.94 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 158.95 प्वाइंट्स यानी 0.66% की गिरावट के साथ 24,052.05 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 614.92 प्वाइंट्स टूटकर 77,001.48 तक और निफ्टी 187.30 प्वाइंट्स गिरकर 24,023.70 तक आ गया था।

डूबे निवेशकों के ₹2.19 लाख करोड़

एक कारोबारी दिन पहले यानी 13 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,59,666.72 करोड़ था। आज यानी 15 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,79,40,381.54 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹2,19,285.18 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 6 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें से आज छह ग्रीन जोन बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज भारती एयरटेल, टीसीएस और सन फार्मा में रही तो दूसरी तरफ आज सबसे अधिक गिरावट एचसीएलटेक, इंडिगो और बजाज फिनसर्व में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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134 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4433 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 1501 शेयर आज मजबूत हुए तो 2737 में गिरावट रही जबकि 195 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 134 शेयर एक साल के हाई और 64 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 8 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 9 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

5 सेकंड में ₹1 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex में 500 अंकों की गिरावट, Nifty टूटकर आया 24050 पर

Stock Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर टकराव बढ़ने पर कच्चा तेल उबल पड़ा। ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $80 के पार गया तो एशियाई मार्केट झुलस गए और घरेलू मार्केट में भी इसकी आंच महसूस हुई। इसकी आंच में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 500 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24050 तक आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से थोड़ी कम ही गिरावट है।

सेक्टरवाइज आईटी सेक्टर में हल्की-फुल्की रौनक है लेकिन ऑटो, प्राइवेट बैंक और रियल्टी सेक्टर में बिकवाली का काफी दबाव दिख रहा है और इनके निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है। बिकवाली के इस दबाव में ओवरऑल आज शुरुआती कारोबार में ही BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹1 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹1 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:20 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 397.08 प्वाइंट्स यानी 0.51% की फिसलन के साथ 77,219.32 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 99.80 प्वाइंट्स यानी 0.41% की गिरावट के साथ 24,111.20 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 552.99 प्वाइंट्स टूटकर 77,063.41 तक और निफ्टी 160.45 प्वाइंट्स गिरकर 24,050.55 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹1.14 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 13 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,59,666.72 करोड़ था। आज यानी 14 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,80,45,121.51 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,14,545.21 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के सिर्फ 8 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें फिलहाल 8 ही ग्रीन जोन में हैं। सबसे अधिक तेजी फिलहाल टाटा स्टील, इंफोसिस और टीसीएस में है। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट एचसीएल, इंडिगो और बजाज फाइनेंस में है। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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48 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर फिलहाल 2617 शेयरों की ट्रेडिंग हो रही है। इसमें 988 शेयर मजबूत दिख रहे हैं तो 1452 में बिकवाली का दबाव है तो 177 अभी स्थिर हैं। इसके अलावा 48 शेयर एक साल के हाई और 14 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 49 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 57 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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आज इंट्रा-डे में इन शेयरों पर रहेगी नजर

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।