Kawasaki has unveiled new colour options for its midweight sportbikes, the Ninja 500 and Ninja 500 SE in Europe. Both motorcycles are otherwise the same as before. It remains to be seen if these new colours make their way to India on the standard Ninja 500 sold here.
Ninja 500 and Ninja 500 SE get three total new colours
The new colours aren’t available in India at the moment
Ninja 500 was recently updated with Lime Green colour in India
Black for Ninja 500, Green and Blue/Red for Ninja 500 SE
No other mechanical changes
The Ninja 500 gets a new Metallic Flat Spark Black/Metallic Spark Black colour whereas the SE variant with the keyless system gains two new colours, Lime Green and Metallic Matte Twilight Blue/Candy Persimmon Red.
For India, the Ninja 500 was recently updated with no mechanical changes, and the signature Lime Green (the only colour option) being the two new changes. It also now costs Rs 10,000 more at Rs 5.76 lakh (ex-showroom). To recap, the Ninja 500 is Kawasaki’s mid-level sportbike that gets a 451cc twin-cylinder, liquid-cooled engine, making 42hp of power and 42.6Nm of torque. Considered to be extremely bare bones for its price, it has an assist and slipper clutch and dual-channel ABS, meeting the bare minimum requirement for the word features to be plural.
Besides the Ninja 500 and Ninja 500 SE, Kawasaki has updated other motorcycles like the Ninja 650, Ninja ZX-4R, Ninja ZX-4RR, and the Ninja ZX-6R with new colours as well. Of those, the Ninja 650 and Ninja ZX-6R are sold in India. At the time of writing, there’s no indication from Kawasaki India that any of these motorcycles will be getting the new colours anytime soon.
INDvsSL यशस्वी जायसवाल भले ही गॉल में चल रहे मौजूदा टेस्ट में कुछ खास नहीं कर पाए हों लेकिन उन्होंने भारतीय टीम को एक महत्वपूर्ण समय पर विकेट दिला दिया। पहली पारी में सोनल दिनुशा और निरोशन डिकवेला की शतकीय साझेदारी के कारण श्रीलंका ने फोलोऑन बचा लिया था।
लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ यशस्वी जायसवाल ने दूसरी पारी के दौरान डिकवेला से बातचीत करनी शुरु कर दी। उन्होंने डिकवेला से कहा कि पहली पारी में तो बहुत अच्छे शॉट्स खेले थे इस पारी में भी दिखाओ। इस पर डिकवेला का जवाब था कि वह आईपीएल अनुबंध लेकर ही ऐसे शॉट्स खेलेंगे। इस पर यशस्वी जायसवाल ने कहा कि वह जरुर उनके लिए बात करेंगें। अगली ही गेंद पर डिकवेला ने कट शॉट खेला और कृष्णा की गेंद पर पंत ने उनका कैच लपक लिया। टीम ने यह विकेट जायसवाल के साथ मनाया।
Yashasvi Jaiswal unsettles Niroshan Dickwella, and on the very next delivery Prasidh Krishna dismisses him #INDvsSLpic.twitter.com/S99k8nanhH
Sugar Stock: आज शुगर शेयरों की मिठास बढ़ी है। बाज़ार में सुस्ती के बावजूद, अच्छे बिजनेस आउटलुक की उम्मीद में बुधवार को BSE पर शुगर कंपनियों के शेयरों में तेज़ी जारी रही और वे 10% तक चढ़ गए। घरेलू स्तर पर चीनी की कीमतों में भारी बढ़ोतरी और सप्लाई में कमी के कारण उत्पादकों को बेहतर कमाई की उम्मीद जगी। हालांकि, ऐसी खबरें भी आईं कि सरकार कीमतों को काबू में करने के लिए सीमित मात्रा में बिना ड्यूटी के इंपोर्ट की इजाजत देने और दूसरे उपायों पर विचार कर रही है, जिससे इस सेक्टर पर पॉलिसी से जुड़े बदलावों का असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।
दोपहर के शुरुआती कारोबार में बजाज हिंदुस्तान शुगर में सबसे ज़्यादा तेजी रही, और यह 9.3% बढ़कर ₹20.33 पर पहुंच गया। द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज 6.45% बढ़कर ₹47.52 पर, श्री रेणुका शुगर्स 5.54% बढ़कर ₹24.59 पर और सिम्भावली शुगर्स 4.88% बढ़कर ₹7.52 पर पहुंच गए।
धामपुर शुगर मिल्स 3.65% बढ़कर ₹174.81 पर, त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज 3.26% बढ़कर ₹285.54 पर और डालमिया भारत शुगर 2.87% बढ़कर ₹465.70 पर पहुंच गए। अवध शुगर एंड एनर्जी 2.07% बढ़कर ₹726 पर पहुंच गया, जबकि EID पैरी मामूली बढ़त के साथ ₹781 पर रहा। बलरामपुर चीनी मिल्स ने इस ट्रेंड के उलट प्रदर्शन किया और 0.06% गिरकर ₹652.85 पर आ गया।
बाज़ार में कमजोरी के बावजूद ये स्टॉक्स ऊपर चढ़े। दोपहर 12:20 बजे सेंसेक्स 315 अंक या 0.41% गिरकर 76,920 पर था, जबकि निफ्टी 93 अंक या 0.39% गिरकर 24,062 पर था। मार्केट का रुख भी नकारात्मक था; 1,545 शेयरों में बढ़त हुई जबकि 2,171 शेयरों में गिरावट आई।
हाल के हफ्तों में घरेलू स्पॉट मार्केट में चीनी की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण शुगर स्टॉक्स में यह तेजी आई है। त्योहारों के मौसम से पहले इन्वेंट्री में कमी और सप्लाई को लेकर चिंताओं ने कीमतों को ऊपर धकेल दिया है। इस बीच, न्यूयॉर्क में रॉ शुगर (कच्ची चीनी) के फ़्यूचर्स मई 2025 के बाद से अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं।
सप्लाई कम होने से चीनी मिलों को बेहतर कमाई की उम्मीद है, जिससे उन्हें गन्ने की ज़्यादा लागत और अपने कारोबार के दूसरे हिस्सों पर पड़ने वाले दबाव से कुछ राहत मिल सकती है। बलरामपुर चीनी मिल्स ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही की अर्निंग्स कॉल के दौरान कहा कि 2025-26 का चीनी सीज़न उम्मीद से ज़्यादा तंग रहा। ऐसा उम्मीद से कम उत्पादन, घरेलू खपत में तेज़ी और गन्ने को इथेनॉल बनाने की ओर मोड़ने की वजह से हुआ, जिससे स्टॉक में कमी आई।
हालांकि, कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण सरकार त्योहारों के मौसम से पहले सप्लाई बढ़ाने और महंगाई को काबू में रखने के उपायों पर विचार कर रही है। खबरों के मुताबिक, भारत सीमित मात्रा में बिना ड्यूटी के चीनी आयात करने, थोक व्यापारियों के लिए स्टॉक रखने पर सख़्त पाबंदियां लगाने और मिलों को हर महीने बेची जाने वाली चीनी की मात्रा में बदलाव करने जैसे उपायों पर विचार कर रहा है।
सरकार चीनी पर अभी लागू 100 प्रतिशत आयात शुल्क को कम करने या हटाने पर विचार कर रही है। इससे लगभग एक दशक में भारत द्वारा इस कमोडिटी की पहली बड़ी विदेशी खरीद का रास्ता साफ़ हो सकता है। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की चीनी मिलें सप्लाई बेहतर करने के लिए 2026-27 सीज़न के लिए पेराई (crushing) का काम लगभग 10-15 दिन पहले शुरू करने पर भी विचार कर रही हैं। भारत में त्योहारों के मौसम के दौरान, यानी अगस्त से नवंबर के बीच, आमतौर पर चीनी की मांग बढ़ जाती है।
(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
City Gas Distribution Stocks : PNG इन्सेंटिव स्कीम की मंजूरी से सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन शेयरों में जोश देखने को मिल रहा है। आज अदाणी गैस,IGL और महानगर गैस जैसे शेयरों में 3-5 फीसदी तक की तेजी आई है। NSE पर IGL के शेयरों में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी हुई और यह 4.30% तक चढ़ गया। वहीं,MGL के शेयर में 3.74% की तेजी आई। अदाणी टोटल गैस के शेयरों में भी 2.36 फीसदी की तेजी देखने को मिली है।
नई PNG इंसेंटिव स्कीम 1 सितंबर से लागू होगी। इस स्कीम के तहत नए घरेलू PNG कनेक्शन पर सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों(CGDs )को इंसेंटिव मिलेगा। कंपनियों को इंसेंटिव के तौर पर सस्ती APM गैस मिलेगी। नए कनेक्शन पर 200 SCM अतिरिक्त APM गैस मिलेगी। यह स्कीम 6 महीने की अवधि में 2 चरणों में लागू होगी। PNG कनेक्शन पर CGDs का पेबैक पीरियड घटेगा। पेबैक पीरियड 10 साल से घटाकर 3 साल हो सकता है। केंद्र का राज्यों से नेचुरल गैस पर VAT 5% लाने पर जोर है। PNG को सस्ता बनाने के लिए राज्यों से यह कहा गया है कि वे नेचुरल गैस पर लगने वाले VAT को घटाकर 5% कर दें। सरकार ने बताया कि कई राज्यों ने पहले ही नेचुरल गैस पर VAT कम कर दिया है।
सरकार ने घरों में PNG कनेक्शन बढ़ाने के लिए यह इंसेंटिव स्कीम शुरू की है। इसका मकसद पूरे भारत में ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं तक खाना पकाने के लिए साफ और सस्ता ईंधन पहुंचाना है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) इंपोर्टर है। देश में मिडिल ईस्ट में चल रही जंग की वजह से पैदा हुए कुकिंग गैस संकट को देखते हुए गैस के डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क की कमियों को दूर करने और पाइप वाली गैस की ओर तेज़ी से बढ़ने के लिए कोशिशें तेज हो गई हैं, जिससे कि LPG इंपोर्ट और सब्सिडी पर होने वाले खर्च को कम किया जा सके।
सितंबर से लागू होने वाली इस इंसेंटिव स्कीम के तहत,शहरों में गैस बांटने वाली कंपनियों को हर उस घर के लिए 200 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर अतिरिक्त सस्ती और घरेलू स्तर पर बनी गैस मिलेगी,जिसे वे पाइप वाली नेचुरल गैस (PNG) से जोड़ेंगी और जो इसका इस्तेमाल करके इसके लिए पेमेंट करना शुरू करेगा।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि यह योजना शहर में गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स को बेकार पड़े पाइप कनेक्शन को चालू करने और भुगतान करने वाले ग्राहकों में बदलने और नए घरों तक पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
सरकार ने कहा कि इस अतिरिक्त गैस से गैस खरीदने की कुल लागत कम होगी। साथ ही,इससे डिस्ट्रीब्यूटर्स को नए कनेक्शन पर किए गए निवेश को जल्दी वसूलने में मदद मिलने की भी उम्मीद है। इसमें अब लगभग तीन साल लगेंगे,जबकि अभी इसमें करीब 10 साल लगते हैं।
गौरतलब है कि मिडिल ईस्ट में लड़ाई शुरू होने के बाद से इंद्रप्रस्थ गैस,महानगर गैस,गेल (GAIL) और भारत पेट्रोलियम कॉर्प जैसी सप्लायर कंपनियों ने पाइप वाली गैस कनेक्शन के इंस्टॉलेशन चार्ज में कटौती जैसे इंसेंटिव दिए हैं।
सरकार ने मंगलवार को बताया कि भारत में अभी लगभग 1.74 करोड़ घरेलू PNG कनेक्शन हैं। इसकी तुलना में,1 जुलाई तक लगभग 33.14 करोड़ एक्टिव घरेलू LPG ग्राहक थे।
भारत अपनी LPG जरूरत का लगभग 60% हिस्सा आयात से पूरी करता है। 2025 में लगभग 22 मिलियन मीट्रिक टन LPG का आयात किया गया। इसमें से अधिकांश आयात मिडिल ईस्ट से हुआ। इसके लिए लगभग 12 अरब डॉलर खर्च किए गए।
सरकार का कहना है कि उसके इस कदम से होने वाली बचत घरेलू PNG कनेक्शन पर किए गए कैपिटल खर्च की भरपाई की अवधि (पेबैक पीरियड) को लगभग 10 साल से घटाकर करीब तीन साल कर सकती है। इस कदम से सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों को घरों में PNG कनेक्शन के विस्तार में तेजी लाने के लिए मजबूत वित्तीय प्रोत्साहन मिलेगा।
Credit Card Bill Viral News: क्रेडिट कार्ड बिल का पेमेंट करते समय अगर आप एक रुपये से भी कम की चूक करते हैं, तो यह आपको कितना भारी पड़ सकता है? इसका एक ताजा और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एक शख्स ने अपने क्रेडिट कार्ड बिल में से महज 46 पैसे कम चुकाए, जिसके बदले बैंक ने उस पर ₹1200 से अधिक का जुर्माना और अन्य फीस लगा दी।
पीड़ित ग्राहक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए एचडीएफसी बैंक के कस्टमर केयर अधिकारियों को ‘अज्ञानी और घमंडी’ तक कह दिया। यह पोस्ट देखते ही देखते इंटरनेट पर वायरल हो गई और लोग बैंक के इस रवैये पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देने लगे।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित ग्राहक को बैंक की तरफ से ₹10,649.46 का क्रेडिट कार्ड बिल मिला था। भुगतान करते समय गलती से ग्राहक ने दशमलव के बाद के पैसे छोड़ दिए और सिर्फ ₹10,649 का ही पेमेंट किया। यानी कुल बिल में से महज 46 पैसे बकाया रह गए। इस 46 पैसे के मामूली शॉर्टफॉल की वजह से बैंक ने ग्राहक पर ₹1200 से ज्यादा का लेट पेमेंट चार्ज और पेनल्टी ठोक दी।
इस पर ग्राहक ने X पर HDFC Bank को टैग करते हुए लिखा, ‘प्रिय HDFC बैंक, आपने मुझे ₹10,649.46 का क्रेडिट कार्ड बिल भेजा था। गलती से मैंने ₹10,649.00 का भुगतान किया, 46 पैसे छूट गए और आपने 46 पैसे की इस चूक के लिए मुझ पर ₹1200 से ज्यादा का लेट पेमेंट चार्ज लगा दिया? क्या आप इसे जल्द से जल्द रिवर्स करेंगे?
यूजर बैंक के कस्टमर सपोर्ट पर भी भड़ास निकाली और लिखा कि वहां के प्रतिनिधि जितने अज्ञानी हैं, उतने ही घमंडी भी हैं।
सोशल मीडिया पर भड़के लोग, मिली तरह-तरह की सलाह
यह पोस्ट सामने आते ही यूजर्स बैंक के इस एक्शन की आलोचना करने लगे और अपने पुराने अनुभव शेयर करने लगे। एक यूजर ने लिखा, ‘क्रेडिट कार्ड कैंसल करो, उसके 4 टुकड़े करके कचरे के डिब्बे में फेंक दो। उन्हें कोर्ट में साबित करने दो कि 0.46 रुपये का ब्याज ₹1200 कैसे बन गया।’
एक अन्य यूजर ने सुझाव दिया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के दिशानिर्देशों के अनुसार, ₹10,649.46 जैसे आंकड़े को राउंड ऑफ करके ₹10,649 किया जाना चाहिए, क्योंकि 50 पैसे से कम की किसी भी भिन्न को नजरअंदाज कर दिया जाता है।
कुछ यूजर्स ने HDFC बैंक के साथ अपने बुरे अनुभवों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भी बैंक के खराब व्यवहार के कारण अपने अकाउंट्स और एफडी बंद करवा दिए थे।
हालांकि, एक वर्ग ऐसा भी था जिसने ग्राहक को ही जिम्मेदार ठहराया। एक यूजर ने लिखा, ‘यह आपकी गलती है, भाई। इसे बैंक पर मत डालो। यह उन लोगों के लिए एक बहुत अच्छा सबक है जो हर चीज को हल्के में लेते हैं।’
क्रेडिट कार्ड पेनल्टी और भारी-भरकम चार्ज से कैसे बचें?
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय थोड़ी सी लापरवाही बड़ा नुकसान करा सकती है। ऐसी स्थितियों से बचने के लिए इन बातों का खास ध्यान रखें:
Auto-Debit ऑन रखें: अपने बैंक अकाउंट से क्रेडिट कार्ड बिल का ‘Total Amount Due’ ऑटो-डेबिट मोड पर सेट करें, ताकि दशमलव के पैसे भी अपने आप सही समय पर कट जाएं।
राउंड ऑफ न करें: जब भी खुद से मैनुअल पेमेंट करें, बिल में लिखी दशमलव वाली सटीक रकम ही ट्रांसफर करें, खुद से कोई आंकड़ा न घटाएं।
गलती होने पर तुरंत नोडल अधिकारी से संपर्क करें: अगर गलती से ऐसा लेट चार्ज लग भी जाए, तो कस्टमर केयर के अलावा बैंक के Grievance Redressal Officer / Nodal Officer को ईमेल करें और चार्जेस रिवर्स करने की रिक्वेस्ट करें।
RBI Ombudsman में शिकायत करें: अगर बैंक आपकी जायज बात नहीं सुनता है और पैसे वापस नहीं करता है, तो आप आरबीआई के बैंकिंग लोकपाल के पास ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
डिजिटल दौर में ऑटोमेटेड बैंकिंग सिस्टम बिल का पूरा भुगतान न होने पर अपने आप लेट फीस और पेनल्टी जनरेट कर देते हैं, फिर चाहे बकाया राशि 1 रुपये से भी कम क्यों न हो। ऐसे में समझदारी इसी में है कि बिल की पाई-पाई का भुगतान करें ताकि बैंकों के इन कड़े पेनल्टी रूल्स से बचा जा सके।
Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया (X) पर वायरल यूजर पोस्ट पर आधारित है। यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। मनीकंट्रोल इसकी पुष्टि नहीं करता है।
A long-wheelbase BMW X1 isn’t a new idea. China has had an extended-length X1 for years, and we got it in India last year in the form of the all-electric iX1 LWB. The X1 LWB brings the formula to the ICE X1 range. BMW says the standard-wheelbase X1 will continue to sell, though we assume the LWB will be the only X1 down the road.
BMW X1 LWB Exterior Design and Engineering – 7/10
The X1 might be BMW’s smallest SUV, but it’s not particularly small anymore. It’s 116mm longer overall with 108mm of that added length at the wheelbase alone. Importantly, the longer wheelbase doesn’t look unusually long, and so the proportions work.
Lengthened body but well-proportioned design
In person, the X1 LWB doesn’t look vastly different to the standard wheelbase model. It’s got the same peeled back headlamps, same M Sport styling pack and same edgy tail lights. The 18-inch rims are shared with the other X1s, but a more exciting design and or a larger size would have done much for the look. A chrome surround for the large windows is a small detail distinction to the standard X1 that uses a black effect, while the conventional grille here serves as a distinguishing element to the iX1 that sports a closed-off grille.
18-inch wheels shared with regular X1; larger wheels would have done much for the look.
BMW X1 LWB Interior Space and Comfort – 8/10
Long wheelbase opens up huge space at the back
Thanks to wide opening rear doors and a large door aperture, getting into the back of the X1 LWB is very convenient. And once you’re inside, you’ll be amazed by the sense of space that you get there.
Even six footers will find legroom generous and helping the feeling of space is the large glasshouse. The panoramic glass roof (it doesn’t open) lets in lots of light and the rear windows are also large. Pity, they don’t get adjustable sunshades.
Rear seat gets a longer base and enhanced cushioning for better comfort.
Like the iX1 LWB, the X1 LWB also benefits from a redone rear seat. There’s enhanced cushioning while a 15mm longer seat base adds a bit more by way of thigh support. The seating position itself is very good, and if you want a more relaxed setting, you also have the option to recline the backrest by a couple of degrees. The extra leg room also makes the X1 LWB that little bit comfier for a middle passenger who will have more space to keep his or her feet on either side of the high centre tunnel. Still, the rear seat is best for two.
Dashboard is identical to the standard wheelbase X1.
Up front, the X1 LWB is no different to the standard wheelbase X1. The dash with its asymmetric AC vents looks youthful and what also adds some flavour to the X1’s cabin is the upright wireless phone charging pad at the base of the dash. There’s also a floating centre console, which houses a few key buttons, such as for the gear selector, volume control and driving modes. There’s some storage under the front centre armrest but oddly, the lid opens towards the passenger side.
Floating centre console gets a few physical controls and some storage underneath.
Upholstery choices include the brown you see here as well as a white on black theme which we suspect would be a pain to keep clean. The front seats themselves look sporty and also hold you really well, but unfortunately, the X1’s seat massage function has been dropped on the long wheelbase model. There’s also no seat ventilation function. An M Sport steering is standard but feels a bit too chunky in most hands, and also misses on paddleshifters.
Front seats are sporty, but they miss out on ventilation and massage functions.
In terms of quality, key touch points look and feel good. There are padded materials on the dash and the textured metal-like effect is nicely done. However, it’s not quite got the same attention to detail as pricier BMWs. The USB slots on the dash, for one, aren’t backlit, so you’ll fumble with wires in the dark. The ambient lighting, too, isn’t as vibrant as, say, in a Mercedes GLA. BMW says boot capacity stands at 540 litres and there is plenty of space for large bags. Packaged under the boot floor is a space-saver spare tyre.
BMW X1 LWB Features and Safety – 7/10
X1 LWB is available in a single M Sport trim
The X1 LWB sports BMW’s twin screen Curved Display. The 10.25-inch digital instrument cluster does give all the info you need, but the presentation with hexagonal themes isn’t appealing even after all these years. The 10.7-inch touchscreen has its highs and lows, too. It’s crisp and responsive, but packs in way too much, including the climate control settings. The menus, frankly, can feel overwhelming on the go. The crisp 360-degree camera does get our vote. A Reversing Assistant that retraces the path in and automatically backs out (up to 50m) is a handy function to get you out of tricky situations.
Instrument cluster offers lots of information, but the presentation with hexagonal themes isn’t appealing.
Interestingly, BMW offers a subscription service to unlock more advanced maps, customizable icons, and more screen themes and modes. Other features include a digital key, allowing you to share access with up to 18 friends and family members, while the 12-speaker Harman Kardon sound system is rather nice, too.
Headlining the list of comfort features is the panoramic glass roof, and there’s power adjust for both front seats. Rear seat passengers get dedicated rear AC vents but there’s no dedicated zone for the rear section of the cabin. A fold-down armrest and USB type C charging port are other functions at the back.
Panoramic glass roof lets in lots of light, but isn’t openable.
Safety kit includes 8 airbags, ABS, ESC and Isofix child seat mounts among other features. The X1 LWB also packs in a few ADAS functions such as auto emergency braking and lane departure warning and assist. Adaptive cruise control, however, is missed.
BMW X1 LWB Performance and Refinement – 7/10
1.5-litre, three-cylinder turbo-petrol is only engine on X1 LWB
BMW is launching the X1 LWB in S-Drive 18 Li form, which is a complicated way of saying that it’s powered by a 1.5-litre three-cylinder turbo petrol engine. Yes, you read that right. The engine is E25 compliant, but there’s no diesel option for the moment, and buzz is there won’t be one in the future either.
Performance is adequate but unexciting
The X1 LWB’s petrol engine makes 156hp and 230Nm and all the power goes to the front wheels only, via a seven-speed dual-clutch transmission. A fact to note, 156hp is the upgraded power figure. On the standard wheelbase X1, the engine makes 136 horsepower.
Unfortunately, the power bump doesn’t magically transform the X1 LWB into something sporty. In ordinary city driving, you really won’t have a problem with the performance on hand. There’s enough power for the urban grind. It’s just that when you pick up the pace, you’ll miss that reserve of power that you just expect in a luxury car.
Refinement is good but the engine thrums when extended
Sport mode does make the engine feel a bit more urgent, but it’s also in Sport mode that the engine can’t hide its three-cylinder-ness. When it’s time to overtake, for instance, and you press down on the accelerator pedal, there is a bit of a delay, then you hear the engine thrum, and that’s not a very BMW sound. Performance is also not very BMW. We managed a 0-100 kph time of 9.58 seconds.
Then again, the X1 LWB’s USP is the rear seat, and there will be buyers who rarely, if ever, take the wheel. If you’ve instructed your chauffeur to drive in an easygoing manner, you will note that engine noise is actually pretty well-contained.
BMW X1 LWB Mileage and Efficiency – 8/10
While we haven’t put the X1 LWB to the full test it should prove to be more efficient than rivals’ four-cylinder turbo-petrol units. Of course, it won’t be outright frugal because the X1 LWB is a substantial vehicle. We expect real-world fuel economy in the 7-10kpl band with the figure rising to 9-12kpl over highway drives.
BMW X1 LWB Ride Comfort and Handling – 8/10
Suspension has been tweaked for better comfort on the X1 LWB
The X1 LWB might be front-wheel drive only but there is a crispness to the way it changes direction. You will like the feel at the steering wheel and you get a good sense of connect too. Unfortunately, the handling isn’t supported by the engine. Long story short, this is not the BMW for keen drivers.
As for ride comfort, BMW has tweaked the suspension for the X1 LWB, and they’ve done a pretty good job of things. The suspension works quiet, it feels absorbent, and it’s only when you’re really paying attention that you’ll notice a distant firmness to the setup.
BMW X1 LWB price and verdict – 8/10
X1 LWB makes for a great backseat SUV
Prices for the X1 LWB will be announced on August 21. We expect BMW to keep pricing within the Rs 50-55 lakh (estimated, ex-showroom) band, which would make the X1 LWB a very enticing proposition.
Rear seat space is the highlight and immediately gives the BMW bragging rights over the Mercedes GLA and Audi Q3. Thing is, the X1 LWB’s appeal is almost too tied to the rear seat experience. The drive experience is just so-so. Performance is fine for the daily grind but the three cylinder unit does little to excite. If that’s not a deal breaker for you, the BMW X1 LWB is sure worth a long, hard look.
Skoda is planning to expand its product portfolio in India, including the possible introduction of a CNG powertrain with the 1.0-litre turbo-petrol engine powering the Kylaq, Slavia and Kushaq. Speaking about the plans, Skoda India brand director Ashish Gupta told our sister publication Autocar Professional, “The 1.0-litre engine and the MQB A0-IN platform are common across the Kylaq, Kushaq and Slavia. So, all three products are open.”
Skoda’s CNG plans in India
Skoda’s powertrain diversification plan is an attempt to stay relevant in India
Talking about the CNG plans, Gupta further said, “The Middle East crisis and policy noise on ethanol blending have affected consumer sentiment on petrol, resulting in a drop in market share. To stay relevant, we have to diversify.” “The Kylaq segment is the priority where we are trying to tackle CNG,” he added.
The Skoda Kylaq is powered by a 1.0-litre, three-cylinder, direct-injection turbo-petrol engine, which it shares with the larger Slavia and Kushaq. The engine produces 115hp and 172Nm and is available with both manual and automatic transmission options.
For the potential CNG version, Skoda is evaluating how to balance fuel efficiency with the performance expected from its models. Gupta said, “Compared to petrol, a 10-15 percent drop in performance with CNG is acceptable to customers. So I have to make sure that I get the right product, right solution, at the right value proposition, at the right time.”
Gupta also believes there is scope for CNG-powered cars at relatively higher price points, beyond the traditionally budget-focused segment. “There is a potential for the right car at the right price point. Even premium customers who are okay with buying a CNG car purely for the economic benefits they derive,” he said.
ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री को लेकर पाकिस्तान ने नाराजगी जताई है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने डॉक्यूमेंट्री को प्रोपेगेंडा बताया। उन्होंने कहा कि फिल्म में घटनाओं को भारत के पक्ष में दिखाया गया है और इससे असली घटनाएं नहीं बदल सकतीं। अहमद शरीफ ने मंगलवार तड़के करीब 2 बजे सोशल मीडिया X पर यह बयान दिया। उन्होंने डॉक्यूमेंट्री को ‘ट्रेजेडी और कॉमेडी’ तक बताया। उनका आरोप है कि फिल्म में कुछ चुनिंदा इंटरव्यू, भावुक कहानी और फिल्मी अंदाज का इस्तेमाल किया गया है। डिस्कवरी की डॉक्यूमेंट्री ‘डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ 15 अगस्त को रिलीज हुई थी। इसमें ऑपरेशन सिंदूर में शामिल भारतीय सैन्य अधिकारियों के इंटरव्यू हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी इसमें नजर आए हैं। पाकिस्तान बोला- सैन्य नाकामी को जीत बताया पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भारत ने ऑपरेशन के नतीजे को अपनी जीत के तौर पर दिखाया है। उन्होंने कहा कि फिल्म में कहानी और वीडियो के जरिए सैन्य नाकामी को सफल ऑपरेशन बताया गया है। उनका कहना था कि फिल्म बनाने से उस समय हुई असली घटनाएं नहीं बदल सकतीं। अहमद शरीफ दावा किया कि भारत-पाकिस्तान के बीच हुए चार दिन के संघर्ष में उनकी सेना ने 8 भारतीय सैन्य विमान गिराए थे। हालांकि भारत इन दावों को पहले ही नकार चुका है। सीजफायर पर भी पाकिस्तान ने सवाल उठाए पाकिस्तानी सेना ने कहा कि लड़ाई दोनों देशों के DGMO यानी सैन्य ऑपरेशन के प्रमुख अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद रुकी थी। इसलिए इसे भारत की एकतरफा जीत बताना सही नहीं है। पाकिस्तान ने कहा कि डॉक्यूमेंट्री में एक तरफ भारत की बड़ी और सटीक सैन्य कार्रवाई की बात कही गई है, तो दूसरी तरफ यह भी कहा गया है कि भारत ने लड़ाई को सीमित रखा और पाकिस्तान को पीछे हटने का मौका दिया। पाकिस्तान ने इसे विरोधाभासी दावा बताया। पहलगाम हमले से ऑपरेशन सिंदूर तक 19 दिनों में क्या-क्या हुआ? 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव तेजी से बढ़ा। 7 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकी ठिकानों पर हमला किया। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष बढ़ा और 10 मई को DGMO स्तर की बातचीत के बाद सीजफायर पर सहमति बनी। ————————
ये खबर भी पढ़ें…. इमरान खान से बहन और पत्नी ने मुलाकात की:सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अडियाला जेल पहुंचीं; पूर्व PM अस्पताल शिफ्ट किए जाएंगे पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से उनकी बहन नोरीन नियाजी और पत्नी बुशरा बीबी ने अडियाला जेल में मुलाकात की। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह मुलाकात हुई। नोरीन 9 महीने बाद इमरान से मिलीं। पूरी खबर यहां पढ़ें…
Delhi Lakshmi Yojana 2026: दिल्ली सरकार की ‘लक्ष्मी योजना’ के तहत पात्र महिलाओं को 26 अगस्त से आर्थिक सहायता के सैंक्शन लेटर मिलना शुरू हो जाएंगे। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार (18 अगस्त) को दिल्ली सचिवालय में हुई बैठक के बाद यह अहम जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि सैंक्शन लेटर जारी होने के बाद योजना की राशि सीधे लाभार्थी महिलाओं के बैंक अकाउंट में भेजी जाएगी। सरकार के अनुसार, 1 सितंबर से महिलाओं के खातों में 2,500 रुपये की राशि जमा होना शुरू हो जाएगी।
सरकार ने 1 अगस्त से इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी। आवेदन मिलने के बाद सरकार ने आवेदनकर्ताओं की जांच और लाभार्थियों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक समय पर पहुंचे और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए।
कौन महिलाएं होंगी पात्र?
इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला की उम्र 21 से 60 साल के बीच होनी चाहिए। साथ ही वह दिल्ली की निवासी हो और उसकी पारिवारिक आय निर्धारित सीमा के भीतर हो। आवेदन करने वाली महिला की आयु 18 साल से अधिक होने के साथ-साथ वह दिल्ली में कम से कम 10 वर्षों से रह रही होनी चाहिए। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि महिला या उसके परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी अथवा पेंशनभोगी होने पर वह योजना के लिए पात्र नहीं होगी। आयकर दाता परिवारों को भी योजना के दायरे से बाहर रखा गया है।
इसके अलावा, जो महिलाएं पहले से किसी अन्य सरकारी योजना के तहत नियमित आर्थिक सहायता प्राप्त कर रही हैं, वे भी इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगी। सरकारी नियमों के अनुसार, जिन महिलाओं या उनके परिवार के सदस्यों के पास चार पहिया वाहन है, उन्हें भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहन को इस नियम से अलग रखा गया है।
बैंक खाते में सीधे पहुंचेगी स्कीम की राशि
सरकार ने योजना में भुगतान की प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी रखने पर जोर दिया है। पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये सीधे उनके बैंक अकाउंट में डायरेक्ट भेजे जाएंगे। इसके लिए लाभार्थी के बैंक खाते का सत्यापन किया जाएगा। सरकार के मुताबिक, यदि किसी महिला के परिवार में सरकारी कर्मचारी, आयकरदाता या निर्धारित सीमा से अधिक आय वाला सदस्य है, तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगी। वहीं, परिवार के किसी सदस्य के पास चार पहिया वाहन होने की स्थिति में भी आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है।
आवेदन प्रक्रिया पर रखी जा रही नजर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों के साथ बैठक में योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवेदन प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता न हो और पात्र महिलाओं को समय पर योजना का लाभ मिले। सरकार ने बताया कि आवेदन की जांच पूरी होने के बाद लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र दिए जाएंगे।
26 अगस्त से स्वीकृति पत्र मिलने शुरू होंगे और 1 सितंबर से बैंक खातों में आर्थिक सहायता पहुंचने की प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार का कहना है कि लक्ष्मी योजना का उद्देश्य दिल्ली की जरूरतमंद और पात्र महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। योजना के लागू होने के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं को हर महीने सीधे बैंक खाते में वित्तीय सहायता मिलने की उम्मीद है।
पैसा प्राप्त करने का विकल्प
लाभार्थियों को राशि प्राप्त करने के लिए विकल्प दिए गए हैं:-
पहला विकल्प: दैनिक खर्चों के लिए ₹1,000 प्रति माह सेंट्र्ल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वॉलेट में प्राप्त कर सकते हैं और बाकी ₹1,500 को आवर्ती जमा (RD) या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) खाते में जमा करा सकते हैं।
दूसरा विकल्प: लंबी अवधि की बचत के लिए पूरी ₹2,500 की राशि को RD या FD में जमा करा सकते हैं।
Silver Gold Price Today : MCX पर सोना 1.55 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के नीचे फिसल गया है। MCX पर चांदी भी 2.30 लाख रुपए प्रति किलो के नीचे फिसल गई है। वहीं, ब्रेंट क्रूड का भाव 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर और WTI क्रूड का भाव 85 डॉलर के ऊपर कायम है। इस बीच डॉलर इंडेक्स 100 के स्तर के नीचे कायम है। बुधवार,19 अगस्त को MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में इस गिरावट की वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और US-Iran बातचीत के रुकने के बीच US Fed द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती आशंका है। हालांकि,डॉलर इंडेक्स में गिरावट ने सोने की कीमतों में गिरावट को रोक सीमित रखा है।
सोने-चांदी की चाल पर नजर डालें तो एमसीएक्स पर सोना 1 हफ्ते में 1 फीसदी और चांदी 1 हफ्ते में 3 फीसदी गिरी है। वहीं, 1 महीने में सोना 10 फीसदी और चांदी 5 फीसदी टूटी है। 3 महीने में सोना 3 फीसदी और चांदी 15 फीसदी गिरी है। 6 महीने में सोना 1 फीसदी और चांदी 6 फीसदी गिरा है। इस साल अब तक सोने में 14 फीसदी की तेजी आई है, वहीं, चांदी 3 फीसदी गिरी है।
फिलहाल 11.45 बजे के आसपास MCX पर अक्तूबर का गोल्ड वायदा 713.00 रुपए यानी 0.46 फीसदी की गिरावट के साथ 153,500 रुपए पर नजर आ रहा था। वहीं, चांदी का सितंबर वायदा 4,066 रुपए यानी 1.76 फीसदी की कमजोरी के साथ 228,330 रुपए पर दिख रहा है।
पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों,डॉलर इंडेक्स और जियोपॉलिटिकल तनाव में उतार-चढ़ाव के बीच सोने और चांदी की कीमतें वोलेटाइल बनी रहेंगी। उन्होंने आगे कहा कि MCX पर सोने के लिए 1,53,100 रुपए और 1,52,200 रुपए पर सपोर्ट है। वहीं, 1,55,000 और 1,56,100 रुपए पर इसके लिए रेजिस्टेंस है। जबकि चांदी के लिए सपोर्ट 2,30,000 और 2,26,600 रुपए पर और रेजिस्टेंस 2,23,500 रुपए और 2,37,700 रुपए पर है।
दूसरी कमोडिटीज पर एक नजर
एमसीएक्स पर कॉपर का अगस्त वायदा 4.20 रुपए यानी 0.31 फीसदी की हल्की कमजोरी के साथ 1,364.35 रुपए के आसपास दिख रहा था। वहीं,क्रूड का सितंबर वायदा 38 रुपए यानी 0.47 फीसदी की तेजी के साथ 8,126 रुपए के करीब दिख रहा था। नैचुरल गैस का अगस्त वायदा 2.10 रुपए यानी 0.79 फीसदी की तेजी के साथ 266.90 रुपए पर और ELECDMBL अगस्त वायदा 30 रुपए यानी 0.68 फीसदी की कमजोरी लेकर 4,380 के आसपास ट्रेड कर रहा था।
कमोडिटी में कमाई वाले कॉल
कमोडिटी में कमाई वाले कॉल के लिए आज हमारे साथ हैं Kedia Advisory के अजय केडिया। इनको आज गोल्ड और सिल्वर में बिकवाली करके कमाई के मौके दिख रहे हैं। एमसीएक्स गोल्ड में इनकी 155000 रुपए के आसपास,156000 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 153000 रुपए के टारेगट के लिए बिकवाली की सलाह है। वहीं,एमसीएक्स सिल्वर में भी इनकी 234000 रुपए के आसपास,236000 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 230000 रुपए के टारेगट के लिए बिकवाली की सलाह है।
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