Pralhad Joshi: धर्मेंद्र प्रधान की जगह प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री क्यों बनाया गया? माने जाते हैं मोदी सरकार के भरोसेमंद संकटमोचक

Pralhad Joshi: केंद्र सरकार में वरिष्ठ मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने की चर्चाओं के बीच उनकी प्रशासनिक क्षमता और राजनीतिक अनुभव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। मोदी सरकार में उन्हें ऐसे नेता के रूप में देखा जाता है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में विभिन्न मंत्रालयों की जिम्मेदारियां प्रभावी ढंग से संभाली हैं। अब उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंप दिया गया है। अब उनके सामने देश की परीक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करने और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लंबित सुधारों को गति देने जैसी बड़ी चुनौतियां होंगी।

प्रह्लाद जोशी वर्तमान में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इससे पहले वह संसदीय कार्य मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। संसद में विभिन्न दलों के बीच समन्वय बनाने, विधेयकों को आगे बढ़ाने और जटिल राजनीतिक परिस्थितियों से निपटने के कारण उन्हें सरकार का अनुभवी रणनीतिकार माना जाता है।

शिक्षा मंत्रालय के सामने होंगी कई बड़ी चुनौतियां

शिक्षा मंत्रालय का दायित्व मिलने के बाद जोशी की सबसे पहली प्राथमिकता राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की विश्वसनीयता को मजबूत करना होगी। परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली में सुधार और कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान देना पड़ सकता है।

इसके अलावा परीक्षा में गड़बड़ियों और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने, नए कानूनी प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन और छात्रों के बीच विश्वास बहाल करने की दिशा में भी तेजी से काम करना होगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर रहेगा फोकस

संकट प्रबंधन के साथ-साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के विभिन्न प्रावधानों को लागू करना, उच्च शिक्षा में सुधार, कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना और केंद्र व राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी नई जिम्मेदारी का अहम हिस्सा माना जाएगा। सरकार की कोशिश होगी कि शिक्षा मंत्रालय की नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया और दीर्घकालिक सुधार योजनाओं पर किसी तरह का असर न पड़े और छात्रों से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले समय पर लिए जाएं।

नवनियुक्त केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पदभार संभाल लिया है। धर्मेंद्र प्रधान के शनिवार 25 जुलाई को पद से इस्तीफा देने के बाद जोशी को शिक्षा मंत्री नियुक्त किया गया। जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वह उपभोक्ता मामलों के मंत्री भी हैं।

‘विनम्रता के साथ जिम्मेदारी स्वीकार करता हूं’

प्रह्लाद जोशी ने शनिवार को कहा कि उन्होंने दायित्व और विनम्रता की भावना के साथ यह जिम्मेदारी स्वीकार की है। शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान के पद से इस्तीफा देने के बाद जोशी को शिक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है। जोशी को उपभोक्ता मामलों के मंत्री की अपनी मौजूदा जिम्मेदारी के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने मुझे एक जिम्मेदारी सौंपी है। मैं इस जिम्मेदारी को कर्तव्य भावना और विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूं।”

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के पिछले 12 वर्षों में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की गई हैं। पिछले चार-पांच वर्षों में धर्मेंद्र प्रधान ने भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू किया है…प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में मैं अपनी पूरी क्षमता के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास करूंगा।”

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इससे पहले, देशभर में CJP के नेतृत्व में नीट पेपर लीक मामले में छात्रों के प्रदर्शनों के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। प्रधान ने कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का मामला नहीं है। पिछले 10 दिनों में सामने आई घटनाओं को देखकर वह परेशान हैं।

₹2 लाख सैलरी, नो लोन और अच्छी सेविंग्स… फिर भी 26 साल के युवक को क्यों लगता है कि वह गरीब है

पैसा इंसान की कई जरूरतें पूरी कर सकता है, लेकिन क्या यह हमेशा मन को संतुष्टि और सुरक्षा का एहसास भी देता है? ऐसा ही सवाल एक 26 वर्षीय युवक की कहानी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। युवक ने बताया कि वह हर महीने करीब ₹2 लाख कमाता है और उस पर किसी तरह का कर्ज भी नहीं है, फिर भी उसे कई बार खुद को आर्थिक रूप से असुरक्षित महसूस होता है।

अपनी भावनाओं को साझा करते हुए उसने ऑनलाइन कम्युनिटी में बताया कि अच्छी कमाई के बावजूद भविष्य की जिम्मेदारियों और खर्चों को लेकर चिंता बनी रहती है। उसकी पोस्ट ने लोगों का ध्यान खींचा और यूजर्स ने इस बात पर चर्चा शुरू कर दी कि आर्थिक सफलता और मानसिक संतुष्टि के बीच कितना गहरा संबंध है।

छोटे कमरे से शुरू हुआ सफर

युवक ने बताया कि उसका बचपन काफी साधारण परिस्थितियों में बीता। उसके परिवार की कुल आय कभी ₹6-7 हजार रुपये महीने से ज्यादा नहीं रही। वह 21 साल की उम्र में पहली नौकरी मिलने तक बेहद सीमित संसाधनों में रहा। उसने बताया कि वह कभी सिर्फ 10×10 के छोटे कमरे में अपने परिवार के साथ रहता था। नौकरी लगने के बाद उसकी पहली प्राथमिकता अपने माता-पिता की जिंदगी आसान बनाना थी। उसने अपने माता-पिता को काम से आराम दिया और उन्हें अपने शहर में 2BHK घर में शिफ्ट कराया। वहीं, वह खुद बेंगलुरु में अपने 2BHK घर में रहता है।

कमाई का बड़ा हिस्सा बचत और निवेश में लगा देता है

युवक ने बताया कि वह अपनी सैलरी का बड़ा हिस्सा भविष्य के लिए सुरक्षित रखता है।

उसके अनुसार:

  • ₹30 हजार रुपये हर महीने म्यूचुअल फंड में निवेश करता है।
  • ₹10 हजार रुपये FD या RD में डालता है।
  • ₹10 हजार रुपये गोल्ड सेविंग में लगाता है।
  • ₹15-20 हजार रुपये हर महीने माता-पिता को भेजता है।
  • किराए और अन्य खर्चों पर करीब ₹25 हजार रुपये खर्च होते हैं।

नौकरी शुरू करने के बाद उसने अलग-अलग निवेशों में अच्छी रकम जमा कर ली है। उसके पास करीब ₹4 लाख के शेयर, ₹2 लाख की FD, ₹2-2.5 लाख का सोना और ₹6 लाख रुपये बैंक खाते में हैं।

परिवार के लिए खर्च किया पैसा, फिर भी नहीं आया ‘अमीर’ होने का एहसास

युवक ने बताया कि उसकी कमाई का बड़ा हिस्सा परिवार की सुविधाओं पर खर्च हुआ। उसने माता-पिता के घर को बेहतर बनाया, ₹60 हजार रुपये का स्कूटर खरीदा, ₹70 हजार रुपये का MacBook M2 और ₹25 हजार रुपये का OnePlus फोन लिया। इसके अलावा उसने माता-पिता के लिए सालाना ₹30 हजार रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस और खुद के लिए ₹24 हजार रुपये की लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी भी ली। लेकिन इन सब उपलब्धियों के बावजूद उसे लगता है कि वह अभी भी आर्थिक रूप से पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।

शादी, कार और जमीन के सपने बढ़ा रहे हैं भविष्य की चिंता

युवक ने बताया कि आने वाले समय में उसके कई बड़े खर्च सामने हैं। इसी वजह से वह मानसिक दबाव महसूस करता है।

उसकी योजनाओं में शामिल हैं:

  • शादी पर करीब ₹10 लाख खर्च करना।
  • ₹3-4 लाख की कार खरीदना।
  • ₹10-15 लाख की जमीन लेना।
  • करीब ₹2 लाख की बाइक खरीदना।

उसका कहना है कि बचत होने के बावजूद वह हर चीज एक साथ नहीं खरीद सकता और हर आर्थिक फैसला उसे किसी न किसी चीज का त्याग करने जैसा लगता है।

गांव लौटने पर होती है दूसरों से तुलना

युवक ने बताया कि सबसे ज्यादा अजीब उसे तब लगता है जब वह अपने गांव जाता है और ऐसे लोगों को देखता है जो उससे काफी कम कमाते हैं, लेकिन ज्यादा खुश नजर आते हैं। उसने लिखा कि उसके कई दोस्त दिहाड़ी मजदूरी करते हैं या ऑटो चलाते हैं। उनके लिए अतिरिक्त ₹1000 भी बड़ी खुशी लेकर आता है, जबकि वह अच्छी कमाई के बावजूद संतुष्ट महसूस नहीं कर पाता।

कर्ज से दूर रहना बना उसकी सबसे बड़ी आदत

युवक ने बताया कि उसके कई दोस्त अपनी इच्छाएं पूरी करने के लिए लोन लेते हैं, लेकिन उसने हमेशा कर्ज से बचने की कोशिश की। हालांकि, यही सोच कई बार उसके लिए परेशानी भी बन जाती है। छोटी-छोटी चीजें खरीदते समय भी वह सोचने लगता है कि क्या उसे पैसे खर्च करने चाहिए या नहीं।

सब हासिल किया, फिर भी तनाव खत्म नहीं हुआ’

युवक ने लिखा कि उसने जिंदगी को आरामदायक बनाने के लिए लगभग सभी जरूरी कदम उठा लिए हैं, फिर भी अंदर से तनाव महसूस करता है। उसने कहा कि ₹750 से ज्यादा की शर्ट खरीदने से पहले भी वह कई बार सोचता है। हालांकि वह बाहर खाना खाता है, दोस्तों के साथ घूमता है और यात्राएं भी करता है, लेकिन फिर भी उसे अमीर होने या संतुष्ट होने का एहसास नहीं होता।

Reddit यूजर्स ने दी सलाह- उपलब्धियों को पहचानो

पोस्ट वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने युवक को सलाह दी कि समस्या उसकी कमाई में नहीं बल्कि उस मानसिकता में है जो संघर्ष भरे बचपन से बनी है। एक यूजर ने कहा कि उसे अपनी पुरानी सोच और आज की उपलब्धियों के बीच संतुलन बनाना चाहिए। वहीं दूसरे यूजर ने सलाह दी कि वह खुद पर ज्यादा सख्ती न करे और अपनी मेहनत से हासिल की गई चीजों की सराहना करे।

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Nifty के लिए 23650-23600 का जोन अहम, यहीं से तय होगी शॉर्ट-टर्म दिशा; नए हफ्ते में ये शेयर करा सकते हैं अच्छी कमाई

जब तक निफ्टी 50 में बिकवाली का दबाव और नहीं बढ़ता, तब तक 23,600 के नीचे बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है। जब तक 23,600 का सपोर्ट बना हुआ है, निफ्टी 50 के 23,950–24,000 के जोन की ओर वापस जाने की संभावना बनी हुई है। ऐसा मानना है SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का। उन्होंने मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में निफ्टी और बैंक निफ्टी को लेकर क्या उम्मीद जताई, नए शुरू हो रहे सप्ताह के लिए उनके टॉप स्टॉक आइडियाज क्या हैं, आइए जानते हैं…

क्या आपको लगता है कि निफ्टी 50 अगले हफ्ते 23,600 के सपोर्ट लेवल को साफ तौर पर तोड़कर 23,000 के लेवल की ओर बढ़ेगा?

लंबे समय से चल रही कंसोलिडेशन रेंज के नीचे हालिया ब्रेकडाउन ने निफ्टी के शॉर्ट-टर्म टेक्निकल स्ट्रक्चर को कमजोर कर दिया है। इंडेक्स अपने शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेजेज के नीचे आ गया है। मोमेंटम इंडिकेटर लगातार मंदी का संकेत दे रहे हैं। इस कमजोरी के बावजूद, शुक्रवार को 23,650–23,600 के आस-पास 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट जोन से हुई रिकवरी यह बताती है कि खरीदार अभी भी इस अहम सपोर्ट एरिया को बचाए हुए हैं।

हालांकि ब्रॉडर ट्रेंड अभी भी बेयर्स के पक्ष में है, लेकिन जब तक बिकवाली का दबाव और नहीं बढ़ता, तब तक हमें 23,600 के नीचे साफ ब्रेकडाउन की उम्मीद नहीं है। हालांकि अगर 23,600 के नीचे लगातार गिरावट बनी रहती है, तो यह नई कमजोरी की पुष्टि करेगा और इससे 23,450 और उसके बाद 23,300 की ओर तेज गिरावट (करेक्शन) आ सकती है। इसलिए, 23,650–23,600 का जोन बाजार की शॉर्ट-टर्म दिशा तय करने के लिए लड़ाई का मुख्य मैदान बना रहेगा।

क्या आपको लगता है कि अगले हफ्ते बैंक निफ्टी के लिए 56,000-55,500 का जोन एक मजबूत सपोर्ट एरिया का काम करेगा?

बैंक निफ्टी का 56,000-55,800 का जोन निकट भविष्य में एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। इंडेक्स ने हाल ही में 56,000 के स्तर के आसपास खरीदारी का रुझान दिखाया। 200-दिन के EMA से कुछ समय के लिए यह नीचे गया लेकिन फिर उसे सफलतापूर्वक फिर से हासिल कर लिया। इससे पता चलता है कि यह ​एरिया एक मजबूत डिमांड जोन के तौर पर काम कर रहा है। इसकी अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि यह सपोर्ट पिछले अपमूव (तेजी) के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के साथ भी मेल खाता है। इससे यह मार्केट पार्टिसिपेंट्स के लिए नजर रखने लायक एक जरूरी लेवल बन जाता है।

अगर बैंक निफ्टी 55,800 के नीचे निर्णायक रूप से टूटता है, तो इससे मंदी का माहौल मजबूत हो सकता है और नई बिकवाली का दबाव बन सकता है। इससे इंडेक्स शॉर्ट टर्म में 55,000 और फिर 54,400 की ओर जा सकता है।

ऊपर की तरफ, 57,300–57,400 का जोन एक अहम तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है। इस बाधा के ऊपर लगातार ब्रेकआउट होना, निकट-अवधि के टेक्निकल आउटलुक को बेहतर बनाने और बुलिश मोमेंटम को फिर से शुरू करने के लिए जरूरी होगा।

मौजूदा मार्केट करेक्शन में आप किन दो टेक्निकली मजबूत शेयरों को खरीदने की सलाह देंगे?

Manappuram Finance: यह स्टॉक लगातार मजबूती दिखा रहा है और डेली टाइमफ्रेम पर ‘हायर हाई, हायर लो’ पैटर्न में आगे बढ़ रहा है। 20-दिन का EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) लगातार डायनैमिक सपोर्ट का काम कर रहा है, और पिछले एक महीने में कई बार इस लेवल के आस-पास शेयर में खरीदारी देखी गई है। डेली चार्ट पर बढ़ता ADX तेजी (बुलिश ट्रेंड) की मजबूती का संकेत देता है। वीकली टाइमफ्रेम पर RSI (रिलेटिव ​स्ट्रेंथ इंडेक्स) ऊपर जाने से पहले 60 के निशान के पास मजबूती से बना हुआ है, जो बढ़ते बुलिश मोमेंटम को दर्शाता है।

इसके अलावा MACD में बढ़ते हरे हिस्टोग्राम बार दिख रहे हैं और MACD लाइन, सिग्नल लाइन के ऊपर है, जो बुलिश ट्रेंड को और मजबूत करता है। साथ ही आगे भी बढ़त की संभावना की ओर इशारा करता है। इसलिए, 340 रुपये के स्टॉप-लॉस के साथ 350-355 रुपये के जोन में शेयर जमा करने (एक्युमुलेशन) की सलाह दी जाती है। ऊपर की ओर, इसके शॉर्ट टर्म में 380 रुपये के लेवल तक पहुंचने की संभावना है।

Titan Company: टाइटन कंपनी ने 21 जुलाई को डेली टाइमफ्रेम पर ₹4,680-4,505 की रेंज से एक मजबूत ब्रेकआउट दिया और उसके बाद अच्छी बढ़त दिखाई। कमजोर मार्केट सेंटीमेंट के बीच 24 जुलाई को गैप-डाउन के साथ खुलने के बावजूद, स्टॉक में तेजी से खरीदारी हुई और यह ऊपर चढ़ गया। इससे एक बड़ी बुलिश कैंडल बनी। अब यह शॉर्ट और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेजेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो ट्रेंड की मजबूती को दिखाता है।

डेली चार्ट पर ADX तेजी से बढ़ा है, जो मजबूत बुलिश मोमेंटम का संकेत है। वीकली टाइमफ्रेम पर MACD क्रॉसओवर सकारात्मक गति की पुष्टि करता है। पिछले स्विंग हाई ₹4,605 ​​से ऊपर लगातार वीकली क्लोजिंग के साथ, टाइटन का टेक्निकल स्ट्रक्चर आगे भी बढ़त की संभावना दिखाता है। इसलिए, ₹4,525 के स्टॉप-लॉस के साथ ₹4,670-4,715 के जोन में शेयर जमा करने की सलाह दी जाती है। ऊपर की ओर, यह शॉर्ट टर्म में ₹5,040 के लेवल तक पहुंच सकता है।

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क्या आपको लगता है कि पिछले दो हफ्तों में जबरदस्त तेजी के बाद Astral में और बढ़त होगी?

29 जून को गैप-डाउन के बाद स्टॉक 21 जुलाई तक ₹1,311–1,423 की रेंज में कंसोलिडेट होता रहा। इसने 22 जुलाई को ब्रेकआउट दिया और अपने अहम शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेजेज को फिर से हासिल कर लिया। RSI ऊपर की ओर बढ़ रहा है, जो बुलिश मोमेंटम के मजबूत होने का संकेत है, जबकि बढ़ते हरे MACD हिस्टोग्राम बार सकारात्मक रुख को और मजबूत करते हैं। उम्मीद है कि ₹1,400-1,410 का 20-दिन का EMA जोन मौजूदा पुलबैक के लिए मजबूत सपोर्ट देगा।

क्या आपको लगता है कि Laurus Labs अपना बुलिश मोमेंटम बनाए रखेगा, क्योंकि यह मार्च 2026 से ‘हायर हाई-हायर लो’ पैटर्न बना रहा है?

लॉरस लैब्स मजबूत ‘हायर हाई-हायर लो’ स्ट्रक्चर बनाए हुए है, जिसमें 20-दिन का EMA एक भरोसेमंद डायनैमिक सपोर्ट के तौर पर काम कर रहा है। RSI ने दो बार 60 के लेवल के पास सपोर्ट लिया है, जो लगातार बुलिश मोमेंटम को दिखाता है। इसके अलावा, ADX इंडिकेटर पर DI+ मजबूती से DI- के ऊपर बना हुआ है, जो मजबूत खरीदारी की दिलचस्पी को दर्शाता है। ₹1,525–1,530 का जोन एक अहम सपोर्ट है और जब तक स्टॉक इस लेवल से ऊपर है, तब तक इसमें तेजी जारी रह सकती है।

क्या FII की पोजीशनिंग बाजार पर लगातार दबाव का संकेत देती है, या आने वाले दिनों में शॉर्ट-कवरिंग रैली की संभावना है?

FIIs (विदेशी संस्थागत निवेशक) 24 जुलाई को नेट सेलर बने रहे। उन्होंने 3,893 करोड़ रुपये की बिकवाली की। इससे बीते सप्ताह की कुल बिकवाली का आंकड़ा 7,182 करोड़ रुपये हो गया। उनका इंडेक्स फ्यूचर्स लॉन्ग-शॉर्ट रेश्यो 17 जुलाई को 11.01 प्रतिशत से गिरकर 8.63 प्रतिशत हो गया, जो शॉर्ट पोजीशंस के आक्रामक रूप से बढ़ने को दर्शाता है।

हालांकि ऐतिहासिक रूप से ऐसी लो रीडिंग्स के बाद तेज शॉर्ट-कवरिंग रैली देखी गई है। लेकिन भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के निकट होना, मजबूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी व जापानी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से मैक्रो स्थितियों में सुधार होने तक बाजार पर दबाव बने रहने की संभावना है।

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Dharmendra Pradhan Resigns: CJP प्रोटेस्ट के पहले दिन ही धर्मेंद्र प्रधान ने कर दी थी इस्तीफे की पेशकश! फिर किसने मना कर दिया?

Dharmendra Pradhan Resigns: मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर एक सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने दावा किया है कि तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्र आंदोलन शुरू होने के पहले दिन ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आलकमान के सामने मंत्री पद से इस्तीफे की पेशकश कर दी थी। विजयवर्गीय ने शनिवार 25 जुलाई को इंदौर में पत्रकारों से बातचीत में प्रधान की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें जो भी दायित्व सौंपा जाता है, वह उसे बड़ी ईमानदारी और समर्पण से निभाते हैं।

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “पहले दिन से जैसे ही (छात्र) आंदोलन शुरू हुआ था, प्रधान ने पार्टी (BJP) अध्यक्ष से कहा कि अगर उन्हें ऐसा लगता है, तो वह (शिक्षा मंत्री के पद से) इस्तीफा दे देते हैं।” विजयवर्गीय के मुताबिक BJP अध्यक्ष ने उस समय प्रधान को यह कहते हुए इस्तीफा देने के लिए मना कर दिया था कि जब तक इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वह इस्तीफा नहीं देंगे और किसी व्यक्ति से इस्तीफे की बात तक नहीं करेंगे।

BJP के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव विजयवर्गीय ने कहा कि बाद में बनीं परिस्थितियों के चलते जब पार्टी ने प्रधान के इस्तीफे का निर्णय लिया, तो उन्होंने तुरंत इस्तीफा दे दिया। पीटीआई के मुताबिक उन्होंने कहा, “प्रधान के इस्तीफे से उन सब विदेशी ताकतों के मंसूबे खत्म हो गए जो बांग्लादेश और श्रीलंका की तरह भारत में हिंसा फैलाकर अस्थिरता पैदा करना चाहती थीं। इसलिए प्रधान ने जो काम किया है, उसके लिए मैं उनको बधाई भी देता हूं।”

कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला

प्रधान के इस्तीफे को लेकर कांग्रेस नेताओं के जश्न मनाने पर विजयवर्गीय ने एक कहावत का इस्तेमाल करते हुए तंज कसा कि पड़ोसी के घर में बच्चा पैदा होने पर कांग्रेस ढोलक बजा रही है। उन्होंने कहा, “छात्र आंदोलन में कांग्रेस की क्या भूमिका थी? बच्चों ने आंदोलन किया, वे (कांग्रेस) जाकर उसके पीछे खड़े हो गए। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद विपक्ष बिल्कुल निराश हो गया है और निराशा के पल में उन्हें आशा की एक किरण कॉकरोच जनता पार्टी में दिखी।”

मंत्री ने पूछा कि क्या छात्र आंदोलन में किसी कांग्रेस नेता ने पुलिस का एक भी लट्ठ खाया है? लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने दीमक का काम करते हुए देश की शिक्षा व्यवस्था को अंदर से खोखला कर दिया है।

इस बयान पर पलटवार करते हुए विजयवर्गीय ने कहा, “मुझे राहुल गांधी की राजनीतिक विचारधारा और उनकी बुद्धि पर बहुत तरस आता है। मुझे लगता है कि उन्हें अभी जरा समझना पड़ेगा कि संघ है क्या?” उन्होंने कहा कि देश आज सही दिशा में जा रहा है और इसके पीछे संघ की मेहनत है।

प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्री का कार्यभार संभाला

नवनियुक्त केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पदभार संभाल लिया है। धर्मेंद्र प्रधान के शनिवार को पद से इस्तीफा देने के बाद जोशी को शिक्षा मंत्री नियुक्त किया गया। जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वह उपभोक्ता मामलों के मंत्री भी हैं।

नीट पेपर लीक होने के खिलाफ देशभर में कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए। प्रदर्शनों के के बीच, प्रधान ने शनिवार को पद से इस्तीफा दे दिया। प्रधान ने अपने त्यागपत्र में कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। पिछले 10 दिनों के दौरान हुई घटनाओं से वह व्यथित हैं।

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Mercedes-Benz CTO Jörg Burzer on India R&D and future product development

Mercedes-Benz CTO Jorg Burzer

Mercedes-Benz’s Research and Development centre in Bengaluru has evolved from a hardware-focused engineering hub into one of the company’s key global R&D centres, with teams working across software, ADAS, electric powertrains and physical vehicle development. In this interview, Jörg Burzer, Member of the Board and Chief Technology Officer, Development & Procurement at Mercedes-Benz Group AG, discusses the centre’s expanding capabilities, the role of AI in vehicle development, the future of autonomous driving, and why he believes every Mercedes-Benz has “a bit of India” in it.

A lot of global auto OEMs have large R&D centres in India. Beyond cost, what are the benefits of having such large setups in India

Yes, it’s not only cost; you see, the competence level is so high. If you look at our centre, we will be celebrating its 30th anniversary here in India, and over these years, it has only grown in size and capability. We started with hardware, but now it’s massively into software, infotainment and autonomous driving. The team in India is contributing heavily on ADAS, for instance, and we are working on Level 3 and Level 4 with the team in India. So, all in all, I would say it’s competence, speed and agility that are good here. 

Is the Mercedes development centre mainly a digital unit, or is physical development also being undertaken here?

Oh certainly, we have lots of hardware development. There are many test benches, and you’ll see lots of physical testing and development taking place here. Even beyond powertrain, there’s a lot of physical development taking place along with our vendors here too. And then, on electric vehicles, we’re working on the powertrains and batteries too. And yes, on the digital side, there’s lots of AI work, not just on the product, but also on process development. So yes, the centre is a full-scope R&D centre, a blend of the digital and physical. For example, we do a lot of work on the simulation of sheet metal forming and welding here. 

Besides engineering, does the India centre also do design and styling work for your products?

On the design side, at Mercedes, we have this philosophy that we are creating a global product, and so we have a global design. This might change a little bit – obviously, we are adapting our design, which might be enriched by certain market trends – but for us, it’s very important that it is a global design, so we have one design hat. So, our styling team is based in Germany, where we have our design centre, and that’s important for us to maintain the global approach. 

Software is today a leveller, even phone manufacturers can make a car today. Do you view this as a threat? 

I see this as an opportunity because, for instance, you can develop a software stack for ADAS, but at the end you have to apply it to hardware. One interesting bit, to my knowledge, is that we are the only OEM doing a Level 2++ ADAS with a combustion engine, otherwise you only see this on EVs. To do this in a combustion engine environment, you know, with things like a transmission, it’s more complicated, so that’s where our expertise in traditional technologies, along with our developments in software, has an advantage. And of course, we have tremendous respect for our competitors and we are seeing what they are doing, but for me, I think if you do this mix right, you will be at the forefront of development.

Past Mercedes cars stood for robust engineering. What do you think a Mercedes 10 years from now would be all about? 

Obviously there will be tech, but there will be more. I can give you a good example, one of the most important characteristics and values of a Mercedes-Benz is safety. We do plenty of crash tests every year for our cars that we launch, plus there’s a lot that we are doing with autonomous driving too, for instance, what we are doing with Nvidia. And here we have a lot of redundancy. We have a traditional software stack with massive amounts of info like what is a stop sign in every different market, for example. But there’s an end-to-end stack where the software is trained by the behaviour of the driver in traffic, but what we are doing is we have both stacks, so if the end-to-end system does not know what to do, then it can fall back to the classic system. So, we create a safety environment, where we know there is always a solution. 

On redundancy, what is your view of a wide sensor stack like radars, lidars and cameras, or is AI with cameras only fine? 

We are using AI, yes, but we have radars too. We have to use AI to create efficiency in the simulation and training, but you have to also think about the sensor set, and for me, I am convinced you have to have a multiple sensor set, not just one type. So, like on the S Class, we have multiple cameras, radars and ultrasonic sensors too. 

Does the India R&D centre develop products or platforms independently of headquarters, or is it more synergetic?  

For us, it’s very important that we do everything as a team. So, for me personally, it’s very important to have a global perspective in R&D because the innovations and technology solutions are so complex that you can only master them as a team. There are a lot of competencies, but there is not one single team in the world that can say, ‘I am the one that can create a platform.’ It’s always teamwork, and if you look at all industries, automotive engineering is the ultimate for teamwork. So for us, R&D is one big team. And with regards to the India centre, I love to say that in each and every Mercedes, there is a bit of India in it.
 

टॉप 10 कंपनियों में से 9 का M-Cap ₹2.74 लाख करोड़ घटा, HDFC Bank को सबसे ज्यादा नुकसान

बीते सप्ताह सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 9 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में कुल मिलाकर ₹2.74 लाख करोड़ की गिरावट आई। सबसे ज्यादा नुकसान HDFC Bank को हुआ। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 2,091.68 अंक या 2.67 प्रतिशत टूट गया। वहीं निफ्टी 566.85 अंक या 2.32 प्रतिशत के नुकसान में रहा। टॉप 10 कंपनियों में केवल हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का मार्केट कैप घट गया।

बीते सप्ताह HDFC Bank का मार्केट कैप ₹1,18,383.91 करोड़ घटकर ₹11,43,985.90 करोड़ रह गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप ₹65,429.82 करोड़ घटकर ₹17,29,661.44 करोड़ रहा। इसी तरह भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का मार्केट कैप ₹26,814.94 करोड़ घटकर ₹9,36,953.84 करोड़, बजाज फाइनेंस का ₹26,802.74 करोड़ घटकर ₹6,30,471.54 करोड़ और LIC का मार्केट कैप ₹15,116.74 करोड़ घटकर ₹5,33,007.56 करोड़ हो गया।

ICICI Bank का मार्केट कैप ₹6,223.84 करोड़ की गिरावट के साथ ₹10,28,217.93 करोड़, भारती एयरटेल का ₹6,021.64 करोड़ घटकर ₹11,85,046.13 करोड़, TCS का ₹5,191.95 करोड़ घटकर ₹8,15,480.75 करोड़ और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का मार्केट कैप ₹4,092.79 करोड़ की गिरावट के साथ ₹5,20,747.89 करोड़ पर आ गया।

हिंदुस्तान यूनिलीवर को कितना हुआ फायदा

इस रुख के उलट हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में बीते सप्ताह ₹152.73 करोड़ की बढ़ोतरी हुई और यह ₹5,03,928.59 करोड़ पर पहुंच गया। सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही। इसके बाद क्रमश: भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), लार्सन एंड टुब्रो और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

Cyient Stock Outlook: तुरंत कर लें एग्जिट, 12% तक टूट सकता है भाव; मोतीलाल ओसवाल ने दी ‘सेल’ रेटिंग

नए सप्ताह में 27 जुलाई को BSE SME पर Gulf Lloyds के शेयर लिस्ट होने की उम्मीद है। 28 जुलाई को NSE SME पर Metalic Technoforge की लिस्टिंग होने वाली है। 29 जुलाई को BSE SME पर Shree Balaji Mala के शेयरों की लिस्टिंग हो सकती है। मेनबोर्ड सेगमेंट में 30 जुलाई को NSE और BSE पर Lohia Corp, Indo-MIM और Xtranet Technologies की लिस्टिंग की उम्मीद है। 31 जुलाई को BSE SME पर Silverstorm Parks & Resorts के शेयर लिस्ट हो सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

CM योगी का बड़ा ऐलान, आक्रमणकारियों नहीं, भारत के राष्ट्रनायकों के नाम पर बनेंगे म्यूजियम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस आगरा में छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपना शौर्य दिखाया था, सपा सरकार वहां मुगल म्यूजियम बना रही थी। हमने कहा, उत्तर प्रदेश की जनता का पैसा किसी आक्रमणकारी के नाम पर म्यूजियम नहीं, बल्कि भारत के राष्ट्रनायकों के नाम पर म्यूजियम बनेगा। छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर भव्य म्यूजियम के निर्माण का कार्य इस वर्ष के अंत तक पूरा हो जाएगा। सीएम ने कहा कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण नोड आगरा के अंदर विकसित करने जा रहे हैं। 

 

सीएम ने 53 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को आगरा में आगरा उत्तर, आगरा ग्रामीण और आगरा दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों के लिए 342 करोड़ रुपए से अधिक की 53 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री का स्वागत 'जय श्री राम'  एवं 'भारत माता की जय' के नारों के साथ गदा भेंट कर किया गया। इस दौरान उन्होंने स्कूली छात्रों की प्रदर्शनी का निरीक्षण किया और बच्चों से बातचीत कर उन्हें चॉकलेट्स दी। साथ ही अन्य स्टॉल्स का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने नन्हे शिशुओं को गोद में लेकर दुलारा, उन्हें तिलक लगाया और खिलौने भेंट किए। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मुझे ब्रजभूमि में आगरा की इस पौराणिक और महाराजा सूरजमल की शौर्य एवं पराक्रम की इस धरा पर एक बार फिर से आने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने इस धरा को नमन करते हुए कहा कि जब तीन महीने पहले जब मैं आया था, तब 6,500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास का अवसर मुझे प्राप्त हुआ था। आज एक बार फिर से विधानसभाओं के कार्यक्रम की श्रृंखला में मुझे आगरा की इन तीन विधानसभाओं के साथ संवाद बनाने का अवसर प्राप्त हो रहा है। 

 

आगरा ने 2022 और 2024 में बीजेपी को अपना आशीर्वाद दिया

 

सीएम ने आगरा की जनता जनार्दन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आगरा ने 2022, 2024 में डबल इंजन की भारतीय जनता पार्टी को अपना आशीर्वाद दिया है। इसका परिणाम यह है कि आगरा ने जो सोचा, उससे पहले डबल इंजन सरकार उस योजना को लेकर आगरा के अंदर आ गई। आज आगरा स्मार्ट सिटी के साथ-साथ सेफ सिटी के एक नए मॉडल की तरफ आगे बढ़ रहा है। आगरा का यह मॉडल अभी तीन दिन पहले माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद तो और भी उसका उज्ज्वल पक्ष हम सबके सामने आया है। 468 औद्योगिक इकाइयों के एनओसी से जुड़े हुए कार्यक्रम टीटीजेड के नाते जो पेंडिंग पड़े हुए थे, उन सबको स्वीकृति मिल गई। यानी अब आगरा में उद्योग लगने से कोई रोकेगा नहीं, कोई रोक भी नहीं पाएगा।

 

आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की दिशा में कदम बढ़ा चुके हैं

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि आगरा में हम इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की दिशा में कदम बढ़ा चुके हैं। अब आगरा एक बार ब्रजभूमि के औद्योगिक गतिविधियों का ही नहीं, टूरिज्म के भी एक नए केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। बेहतरीन कनेक्टिविटी हो गई है। आगरा के अंदर हर प्रकार की कनेक्टिविटी को मजबूती प्रदान करने की दिशा में डबल इंजन सरकार ने जो कार्य प्रारंभ किया, आज वह आप सबके सामने है। पेरू का इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर भारत के अंदर कहीं खुलना था, हम लोगों ने कहा कि आगरा में हम जमीन उपलब्ध करवाते हैं, और अब इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर ने यहां पर सफलतापूर्वक काम करना प्रारंभ कर दिया है। यहां के अन्नदाता किसानों को लाभ होगा, किसान के उत्पाद को वैल्यू एडिशन मिलेगा, और कई गुना दाम मिलने के बाद अन्नदाता किसानों की आमदनी बढ़ेगी। इससे उनके चेहरे पर खुशहाली आएगी। 

 

ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने जैसे कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जाएंगे

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों से टीटीजेडी के कारण लंबित पड़ी विकास परियोजनाओं को उच्चतम न्यायालय से हरी झंडी मिलने के बाद अब आगरा को स्मार्ट, सेफ और फ्यूचर रेडी सिटी के रूप में विकसित करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। उन्होंने कहा कि अब शहर में मल्टी लेवल पार्किंग, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने जैसे कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जाएंगे। आगरा के विकास के साथ-साथ किसानों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा किसानों की समस्याएं उठाए जाने पर सरकार ने उनका समाधान निकाला है। किसानों को उनकी जमीन का उचित मूल्य मिले, इसके लिए सर्किल रेट बढ़ाने की दिशा में काम किया गया है। उन्होंने कहा कि जहां नए मूल्य के अनुरूप भुगतान संभव नहीं होगा, वहां सरकार किसानों की जमीन का अधिग्रहण नहीं करेगी और किसी भी किसान को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।

 

10 नई टाउनशिप विकसित करने को मंजूरी दी गई

 

सीएम ने कहा कि आगरा से आने वाले विकास प्रस्तावों को सरकार प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति दे रही है। इसी क्रम में ग्रेटर आगरा परियोजना के तहत करीब 5,200 करोड़ रुपये की लागत से 10 नई टाउनशिप विकसित करने को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा आगरा-ग्वालियर रोड पर 1,500 करोड़ रुपये की लागत से अटलपुरम टाउनशिप विकसित की जा रही है, जहां करीब 10 हजार परिवारों के लिए आवास और व्यावसायिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है। साथ ही ओडीओपी और ओडीओसी योजना के तहत आगरा के लेदर उद्योग के बाद अब पेठा को भी वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है।

 

500 महिलाओं के लिए श्रमजीवी हॉस्टल के निर्माण की घोषणा

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। छत्रपति शिवाजी महाराज के आगरा प्रवास से जुड़ी ऐतिहासिक कोठी के अधिग्रहण को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा बटेश्वर धाम, कैलाश मंदिर, गुरु का ताल, गीत गोविंद वाटिका, अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मस्थली बटेश्वर, फतेहपुर सीकरी और सौरीपुर जैन तीर्थ के विकास कार्यों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आगरा में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की स्मृति में 500 महिलाओं के लिए श्रमजीवी हॉस्टल का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने स्वीकृति देने के साथ बजट भी जारी कर दिया है। 

 

आगरा में विकास परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगरा में हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। इन परियोजनाओं में पुल, फ्लाईओवर, सड़कों का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, पॉलिटेक्निक, आईटीआई, नए कॉलेज और विश्वविद्यालयों का निर्माण शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले जो प्रदेश में सरकार चला रहे थे, वे सिर्फ अपने विकास में व्यस्त थे। जनता का पैसा सैफई सिंडीकेट की लूट-खसोट और डकैती का माध्यम बन गया था। 

 

सपा और कांग्रेस पर मुख्यमंत्री ने साधा निशाना

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी और उससे पहले कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में नौजवानों की नौकरियों में भ्रष्टाचार, गरीबों की योजनाओं में अनियमितता और किसानों के हितों की उपेक्षा हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि इन परिस्थितियों के कारण प्रदेश के युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा हुआ, किसान आत्महत्या के लिए मजबूर हुए तथा बेटियां और व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस करते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके और बिना किसी भेदभाव के गांव, गरीब, किसान, नौजवान, महिलाओं सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान और विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

 

यूपी में 9 सालों में 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिली

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार बिना किसी भेदभाव के गांव, गरीब, किसान, नौजवान, महिलाओं और समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। पिछले एक वर्ष में केंद्र सरकार ने 12 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार ने नौ वर्षों में नौ लाख युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी है। अब भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा सहित प्रदेश के सभी जिलों के युवाओं को समान अवसर मिल रहे हैं। अन्यथा इससे पहले सैफई सिंडीकेट उसमें कुंडली मारकर बैठ जाता था। चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली करके उस पूरे कार्यक्रम को इतना विवादित कर देते थे कि पूरा का पूरा अभियान फेल हो जाता था। न्यायालय को स्टे करना पड़ता था। 

 

2017 से पहले के मुख्यमंत्री 12 बजे सोकर उठते थे

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। जो भी उनकी सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश करेगा, उसके लिए केवल दो ही जगह हैं, जेल या जहन्नुम। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास विकास के लिए न समय था, न सोच और न ही जनप्रतिनिधियों तथा जनता से संवाद की इच्छा। जहां पर मुख्यमंत्री 12 बजे सोकर उठता हो, 2 बजे तक तैयार होता हो, 5 बजे जिम चला जाता हो और 7 बजे के बाद अपनी मित्र मंडली के साथ मौज-मस्ती में लिप्त हो जाता हो, वहां का तो भगवान ही मालिक था। पहले प्रदेश के हर जिले में माफिया सक्रिय थे, थाने और तहसीलें गुंडों के प्रभाव में थीं तथा प्रदेश अराजकता, दंगों और कर्फ्यू के माहौल से जूझ रहा था।

 

आज यूपी दंगा, कर्फ्यू और माफियाराज से मुक्त होकर विकास की नई पहचान बन चुका

 

मुख्यमंत्री ने कहा आज उत्तर प्रदेश दंगा, कर्फ्यू और माफियाराज से मुक्त होकर विकास और सुशासन में नई पहचान बना चुका है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था बेहतर हुई है और विकास की गति तेज हुई है। आगरा में सैकड़ों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं इसी विकास यात्रा का हिस्सा हैं। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले भी आगरा को 6,500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार बुलेट ट्रेन की गति से विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है और आगरा को स्मार्ट, सेफ एंड फ्यूचर रेडी सिटी के रूप में विकसित करने का लक्ष्य लेकर काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों के उत्साह की सराहना करते हुए आगरा ग्रामीण, आगरा उत्तरी और आगरा दक्षिण के नागरिकों का आभार व्यक्त किया।

 

 

मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, टैबलेट व चाबी वितरित किए

 

-राघव शर्मा, डॉली त्यागी और चेतना राणा (स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत टैबलेट)

 

-सुनीता (चमड़ा उत्पाद के लिए टूल किट)

 

-सचिन कुमार, राम प्रकाश पचौरी (कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत चाबी)

 

-उपासना (प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चाबी)

 

-योगेश कुमार, मलखान सिंह (आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड)

 

-अमित गर्ग (66 लाख रुपए का चेक)

 

-शोभित बंसल, राजकुमार भगत, चित्रा चौहान (10 लाख रुपए का चेक)

 

-पुष्पा, नंद किशोर जैन (50 हजार रुपए का चेक)

 

ये रहे मौजूद 

इस अवसर पर  मंत्री भूपेंद्र चौधरी, प्रदेश की मंत्री बेबी रानी मौर्य,  मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, मंत्री धर्मवीर प्रजापति, भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष पूरनलाल लोधी, महापौर हेमलता दिवाकर, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, सांसद नवीन जैन, सांसद राजकुमार चाहर, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, धर्मपाल सिंह, डॉ. जी.एस. धर्मेश, चौधरी बाबूलाल, भगवान सिंह कुशवाहा, छोटेलाल वर्मा, रानी पक्षालिका सिंह, विधान परिषद सदस्य विजय शिवहरे, विधान परिषद सदस्य मानवेंद्र प्रताप सिंह, भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया, महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

MV Electrosystems IPO 30 जुलाई से, ₹290 करोड़ जुटाने की होगी कोशिश

MV इलेक्ट्रोसिस्टम्स का ₹290 करोड़ का IPO 30 जुलाई को खुलने जा रहा है। इसमें 3 अगस्त तक पैसे लगाए जा सकेंगे। कंपनी रेलवे रोलिंग स्टॉक में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिकल और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इक्विपमेंट के डिजाइन, डेवलपमेंट, असेंबली और मैन्युफैक्चरिंग का काम करती है। इनमें इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए IGBT-बेस्ड 3-फेज ड्राइव प्रोपल्शन इक्विपमेंट, रेलवे कोच और EMU के लिए स्विचगियर पैनल, केबल प्रोटेक्शन और मैनेजमेंट प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स, सिस्टम और सब-सिस्टम शामिल हैं।

कंपनी इंटीग्रेटेड डिजाइन, प्रोडक्शन और क्वालिटी-टेस्टिंग प्रोसेस के जरिए काम करती है। यह इनोवेशन, प्रिसिजन इंजीनियरिंग और क्लाइंट-सेंट्रिक सॉल्यूशंस पर जोर देती है। MV इलेक्ट्रोसिस्टम्स के प्रमोटर मोहित वोहरा, अमित धवन, सुमित धवन, राहुल धवन, सोनाली धवन, रामेंद्र प्रताप सिंह हैं। IPO में एंकर निवेशक 29 जुलाई को बोली लगा सकेंगे।

MV Electrosystems IPO के लिए प्राइस बैंड और लॉट साइज अभी तय नहीं हुआ है। इश्यू में केवल नए शेयर जारी होंगे। इश्यू की क्लोजिंग के बाद अलॉटमेंट 4 अगस्त को फाइनल हो सकता है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 6 अगस्त को होने की उम्मीद है। IPO के लिए Sundae Capital Advisors Pvt.Ltd. बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है।

MV Electrosystems कैसे करेगी IPO के पैसों का इस्तेमाल

IPO से होने वाली कमाई का इस्तेमाल लॉन्ग टर्म वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, नए पावर इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट के लिए रिसर्च डिजाइन और डेवलपमेंट एक्टिविटीज में निवेश के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। पब्लिक इश्यू में 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

2 और कंपनियों के IPO को SEBI से मंजूरी, BSE और NSE पर होंगे लिस्ट

कंपनी की वित्तीय सेहत

MV Electrosystems का वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रेवेन्यू 23 प्रतिशत घटकर 49.79 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 64.64 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी 12.63 करोड़ रुपये के घाटे में रही, जबकि ​एक साल पहले इसने 1.40 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर 49.89 करोड़ रुपये की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Cyient Stock Outlook: तुरंत कर लें एग्जिट, 12% तक टूट सकता है भाव; मोतीलाल ओसवाल ने दी ‘सेल’ रेटिंग

IT कंपनी साइएंट लिमिटेड के शेयरों में आगे 12 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल इस शेयर पर बेयरिश है। स्टॉक के लिए ‘सेल’ रेटिंग दी है। टारगेट प्राइस 740 रुपये प्रति शेयर रखा है। यह BSE पर शेयर के मौजूदा भाव 840 रुपये से करीब 12 प्रतिशत कम है। कंपनी के तिमाही नतीजे जारी होने के बाद ब्रोकरेज का रुख सामने आया है। साइएंट का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 104.1 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले से 32 प्रतिशत कम है।

कुल इनकम सालाना आधार पर करीब 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 2082.6 करोड़ रुपये हो गई। खर्च 1910.3 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 1565.4 करोड़ रुपये के थे। साइएंट का शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है।

Cyient पर ब्रोकरेज के तर्क

ब्रोकरेज ने अपने रिसर्च नोट में कहा कि Cyient के DET (डिजिटल, इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी) बिजनेस ने जून 2026 तिमाही में 16.3 करोड़ डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया। यह कॉन्स्टेंट करेंसी टर्म में तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 0.5 प्रतिशत कम है। हालांकि यह ब्रोकरेज के अनुमान से बेहतर रहा। ट्रांसपोर्टेशन और मोबिलिटी में तिमाही दर तिमाही कॉन्स्टेंट करेंसी बेसिस पर 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर में कोई बदलाव नहीं हुआ और स्ट्रैटेजिक यूनिट्स में 8.2 प्रतिशत की गिरावट आई। DET बिजनेस का एडजस्टेड EBIT मार्जिन 13.2 प्रतिशत रहा, जो 12.5 प्रतिशत ​​के अनुमान से ज्यादा है।

DET का एडजस्टेड शुद्ध मुनाफा तिमाही-दर-तिमाही 2.1 प्रतिशत बढ़ा, लेकिन सालाना आधार पर 13.4 प्रतिशत घटा। आंकड़ा 141.2 करोड़ रुपये रहा, जबकि अनुमान 149.8 करोड़ रुपये का था। मोतीलाल ओसवाल को उम्मीद है कि साल-दर-साल DET बिजनेस का रेवेन्यू 6.4 प्रतिशत, EBIT 12.9 प्रतिशत और /एडजस्टेड शुद्ध मुनाफा 10.8 प्रतिशत बढ़ेगा।

Dividend Stock: बुलेट बाइक वाली कंपनी देगी ₹82 का डिविडेंड, 31 जुलाई से पहले बन जाएं शेयरहोल्डर

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Anti-Paper Leak Bill: ₹50 लाख का जुर्माना और 10 साल की जेल… पेपर लीक रोकने वाले नए बिल में क्या-क्या है?

Anti-Paper Leak Bill: दो साल पुराने ‘क्वेश्चन पेपर लीक’ विरोधी कानून में बदलाव करने वाला एक बिल सोमवार (27 जुलाई) को लोकसभा में पेश किया जाएगा। इस बिल में आरोपियों पर तेजी से मुकदमा चलाने के लिए हर राज्य में फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने और सजा को और सख़्त करने का प्रस्ताव है। ‘पब्लिक एग्जामिनेशन्स (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026’ के अनुसार, क्वेश्चन पेपर लीक मामलों की जांच दो महीने के अंदर पूरी होनी चाहिए।

बिल पेश करने से पहले सदस्यों को दी गई कॉपी के अनुसार, क्वेश्चन पेपर लीक करने या परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले लोगों को कम से कम पांच साल और ज्यादा से ज्यादा 10 साल की जेल हो सकती है। साथ ही ₹50 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लग सकता है। ऑर्गनाइज्ड क्राइम (संगठित अपराध) के लिए बिल में कम से कम 7 साल की सजा और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रस्ताव है।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कानून को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देने पर जोर दिया। इसे जल्द से जल्द संसद में पेश करने का निर्देश दिया। उम्मीद है कि यह बिल सोमवार को लोकसभा में पेश किया जाएगा।

मौजूदा कानून में क्या है?

मौजूदा कानून में व्यक्तिगत रूप से शामिल लोगों के लिए तीन से पांच साल की जेल का प्रावधान है। जबकि संगठित धोखाधड़ी और क्वेश्चन पेपर लीक में शामिल लोगों को पांच से 10 साल की जेल और कम से कम ₹1 करोड़ का जुर्माना हो सकता है। इस बिल को सोमवार को लोकसभा में पेश करने, उस पर विचार करने और उसे पास कराने के लिए लिस्ट किया गया है। आम तौर पर किसी बिल को एक ही दिन पेश करने और पास कराने के लिए लिस्ट नहीं किया जाता है।

सरकार ने घोषणा की है कि वह प्रस्तावित कानून ला रही है। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब हाल के दिनों में NEET क्वेश्चन पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया था। हालांकि, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब जंतर-मंतर पर उनका प्रदर्शन समाप्त हो गया है।

एक हफ्ते नहीं चल पाया संसद

NEET मुद्दे पर विपक्षी दलों के विरोध के कारण संसद के मानसून सत्र के पहले हफ्ते की कार्यवाही में बाधा आई थी। नए बिल पर विपक्ष का रुख़ अभी साफ़ नहीं है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि वह आम सहमति के आधार पर आगे बढ़ेंगे।

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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार द्वारा अन्य माँगें मान लिए जाने के बाद CJP ने शनिवार को अपना 36 दिन लंबा विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया। इस बिल में 15 गैर-कानूनी कामों को शामिल किया गया है। इनमें क्वेश्चन पेपर लीक करना, OMR शीट के साथ छेड़छाड़ करना, फर्जी वेबसाइट बनाना और फर्जी एडमिट कार्ड जारी करना शामिल है।