Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के नए रेट लागू, घर बैठे जानें आपके शहर का ताजा भाव

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 27 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 | डीजल ₹95.20

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 | डीजल ₹97.83

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 | डीजल ₹99.82

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 | डीजल ₹99.55

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 | डीजल ₹95.44

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 | डीजल ₹95.56

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 | डीजल ₹98.80

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 | डीजल ₹100.92

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 | डीजल ₹86.09

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 | डीजल ₹103.82

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 | डीजल ₹97.78

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 | डीजल ₹95.55

पटना: पेट्रोल ₹113.35 | डीजल ₹99.36

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 | डीजल ₹104.40

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Gold Price Today: नहीं थम रहा सोना, सप्ताह के पहले दिन और नीचे आया भाव

देश में सोने की कीमत में गिरावट जारी है। ज्यादातर शहरों में भाव और घट गया है। 27 जुलाई की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत फिसलकर 145070 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। बीते एक सप्ताह में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 1800 रुपये तक ​बढ़ी। वहीं 22 कैरेट गोल्ड का भाव 1650 रुपये तक मजबूत हुआ। घरेलू बाजार में खरीद का सेंटिमेंट कमजोर रहने के बीच सोने की कीमतों पर दबाव है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,052.78 डॉलर प्रति औंस पर है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 145070 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 132990 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 132840 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 144920 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 145080 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 132990 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 144920 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 132840 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली132990145070
मुंबई132840144920
अहमदाबाद132890144970
चेन्नई132990145080
कोलकाता132840144920
हैदराबाद132840144920
जयपुर132990145070
भोपाल132890144970
लखनऊ132990145070
चंडीगढ़132990145070

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चांदी की कीमत

दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत भी सप्ताह के पहले दिन गिरी है। 27 जुलाई की सुबह चांदी 239900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। बीते एक सप्ताह में भाव 10000 रुपये चढ़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 58.11 डॉलर प्रति औंस पर है। ​सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

Delhi Weather Today: दिल्ली में आज हल्की से मध्यम बारिश की संभावना, अगले 2 दिन और तेज होगा बारिश का दौर, देखें IMD का अपडेट

Delhi Weather Today: दिल्ली में रविवार (26 जुलाई) को मौसम सामान्य से अधिक गर्म रहा और अधिकतम तापमान मौसमी औसत से ऊपर दर्ज किया गया। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार के लिए हल्की से मध्यम बारिश और आसमान में बादल छाए रहने का पूर्वानुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, दिनभर रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जिससे उमस से केवल मामूली राहत मिलने की उम्मीद है।

दिल्ली में रविवार का दिन सामान्य से ज्यादा गर्म रहा

IMD के अनुसार, रविवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.7 डिग्री ज्यादा था, जबकि न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो मौसम के औसत से 0.3 डिग्री अधिक था।

वहीं, दिनभर हवा में नमी का स्तर भी ऊंचा बना रहा। शाम 5:30 बजे रिलेटिव ह्यूमिडिटी (सापेक्ष आर्द्रता) 63% दर्ज की गई, जिससे असल तापमान के मुकाबले ज्याद गर्मी महसूस हुई।

हालांकि, गर्मी के बावजूद दिल्ली की वायु गुणवत्ता (AQI) संतोषजनक बनी रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के समीर ऐप के अनुसार, सुबह 9 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 83 दर्ज किया गया, जो ‘संतोषजनक’ श्रेणी में आता है।

IMD का अनुमान: सोमवार तक बादल छाए रहेंगे और बारिश होगी

IMD ने सोमवार, 27 जुलाई के लिए शहर के कुछ हिस्सों में आम तौर पर बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि सुबह से दोपहर के बीच कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी, और उसके बाद रात में बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है।

इस दौरान अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं, सुबह के समय दक्षिण-पश्चिम दिशा से 10-15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की उम्मीद है, जो दोपहर और शाम तक बढ़कर 15-20 किमी प्रति घंटे हो सकती हैं।

आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है और अगले दो दिनों में मौसम की गतिविधियां थोड़ी तेज हो सकती हैं। इसके अलावा, मंगलवार और बुधवार को राजधानी में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और मध्यम बारिश होने की संभावना है।

IMD के मुताबिक, मंगलवार से तापमान में थोड़ी गिरावट आने की उम्मीद है और बाकी हफ्ते तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। हालांकि, बारिश से गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन बारिश के दौरान लोगों को धीमी रफ्तार वाले ट्रैफिक और निचले इलाकों में जलभराव का सामना करना पड़ सकता है।

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PoK में आज विधानसभा चुनाव का पहला चरण:45 में से 13 सीटों पर मतदान; विरोध प्रदर्शन की वजह से तीन चरणों में चुनाव होगा

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में सोमवार को विधानसभा चुनाव का पहला चरण हैं। पाकिस्तानी चुनाव आयोग के मुताबिक, मौजूदा सुरक्षा हालात और विरोध प्रदर्शनों के देखते हुए यह चुनाव तीन चरणों में होंगे। पहला 27 जुलाई, दूसरा 2 अगस्त और तीसरा 10 अगस्त को मतदान कराया जाएगा। चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक 27 जुलाई को मीरपुर डिवीजन की 13 सीटों पर मतदान होगा। दो अगस्त को मुजफ्फराबाद डिवीजन की 9 सीटों और पाकिस्तान में रहने वाले शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। अंतिम चरण में 10 अगस्त को पूंछ डिवीजन की 11 सीटों पर मतदान होगा। PoK में कई महीनों से चल रहा है विरोध प्रदर्शन PoK में पिछले कई महीनों से महंगाई, बिजली के बढ़े हुए बिल, सरकारी नीतियों और राजनीतिक दखल के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। इन प्रदर्शनों की अगुआई जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) कर रही है। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में कई लोगों की मौत हुई है। महंगाई के विरोध से शुरू हुआ ये आंदोलन, अब पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बड़े राजनीतिक आंदोलन में बदल गया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सुरक्षा बलों ने कई जगह बल प्रयोग किया, रास्ते बंद किए और संचार सेवाएं रोक दीं। उनका कहना है कि इससे खाने-पीने की चीजों और दवाइयों की भी कमी हो गई। कई प्रदर्शनकारी पाकिस्तान की सैन्य मौजूदगी हटाने और क्षेत्र की मौजूदा संवैधानिक व्यवस्था पर भी सवाल उठा रहे हैं। 12 शरणार्थी सीटों पर सबसे ज्यादा विवाद विरोध प्रदर्शनों की एक बड़ी वजह विधानसभा की 12 शरणार्थी सीटें भी हैं। ये सीटें पाकिस्तान में रहने वाले उन लोगों के लिए आरक्षित हैं जो दशकों पहले कश्मीर से वहां गए थे। JKJAAC और कई स्थानीय संगठनों का आरोप है कि इन सीटों के जरिए इस्लामाबाद की सरकार चुनावी नतीजों को प्रभावित करती है। इससे स्थानीय लोगों की राय कमजोर पड़ जाती है और केंद्र की सत्ता में बैठी पार्टी को फायदा मिलता है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, इस बार के चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब लोगों का बड़ा वर्ग पाकिस्तान सरकार की नीतियों से नाराज है। इसी वजह से चुनाव की निष्पक्षता और उसके नतीजों पर भी सवाल उठ रहे हैं। वहीं, PoK के चुनाव आयुक्त गुलाम मुस्तफा मुगल ने बताया कि मतदान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बल और सेना तैनात रहेगी। क्या चुनाव से खत्म होगी नाराजगी? एक्सपर्ट्स का मानना है कि मतदान तो हो जाएगा और वोटिंग भी हो सकती है, लेकिन इससे लोगों की मूल समस्याओं का समाधान नहीं होगा। महंगाई, बिजली, राजनीतिक अधिकार, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और पाकिस्तान की भूमिका जैसे मुद्दे अभी भी बने हुए हैं। ऐसे में चुनाव के बाद भी PoK में राजनीतिक तनाव जारी रहने की आशंका जताई जा रही है। भारत ने चुनाव पर विरोध दर्ज कराया भारत लगातार कहता रहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश, जिनमें PoK और गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल हैं, भारत के अभिन्न हिस्से हैं। भारत ने PoK और गिलगित-बाल्टिस्तान में होने वाले चुनावों पर पहले भी कई बार पाकिस्तान के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है और इन क्षेत्रों की तथाकथित विधानसभाओं को मान्यता नहीं दी है। मानवाधिकार संगठनों जैसे एमनेस्टी इंटरनेशनल ने हालात पर चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने भी हिंसा में हुई मौतों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से PoK में मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराने की अपील की है। नवाज शरीफ ने PoK का प्रधानमंत्री बनने की इच्छा जताई चुनावी माहौल के बीच पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) प्रमुख नवाज शरीफ ने मुजफ्फराबाद की चुनावी रैली में कहा कि अगर उनकी पार्टी चुनाव जीतती है तो वह प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से उन्हें PoK का प्रधानमंत्री बनाने के लिए कहेंगे ताकि वे खुद इलाके के विकास की निगरानी कर सकें। नवाज शरीफ ने कहा कि PoK उनके लिए पंजाब जितना ही प्रिय है और उनके पूर्वज कश्मीर से आए थे। उन्होंने कहा कि यह उनका दूसरा घर है। इस चुनाव में PML-N का मुकाबला पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) से है। खास बात यह है कि PPP इस समय केंद्र सरकार में PML-N की सहयोगी भी है। 2021 में इमरान खान की पार्टी ने बनाई थी सरकार PoK में विधानसभा का कार्यकाल पांच साल का होता है। इससे पहले 2021 में PoK विधानसभा चुनाव में इमरान खान की पार्टी (PTI) ने 45 में से 25 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। इसके बाद सरदार अब्दुल कय्यूम नियाजी प्रधानमंत्री बने। हालांकि अप्रैल 2022 में इमरान खान की सरकार गिर गई। मई 2022 में सरदार अब्दुल कय्यूम नियाजी ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद PTI ने ही सरदार तनवीर इलियास को नया प्रधानमंत्री बनाया। लेकिन अप्रैल 2023 में PoK की उच्च अदालत ने उन्हें अदालत की अवमानना के मामले में अयोग्य घोषित कर दिया। इसके बाद उनका पद चला गया और एक बार फिर नया प्रधानमंत्री चुनना पड़ा। इसके बाद PTI के ही चौधरी अनवरुल हक प्रधानमंत्री बने। लेकिन कुछ ही समय बाद उन्होंने इमरान खान और PTI से दूरी बना ली और खुद को स्वतंत्र नेता के रूप में स्थापित किया। चौधरी अनवरुल हक को भी नवंबर 2025 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटा दिया गया था, और अब वहां पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) के फैसल मुमताज राठौर नए प्रधानमंत्री हैं।

8 things to know before buying the TVS Jupiter 125

8 things to know before buying the TVS Jupiter 125

The TVS Jupiter 125 is the brand’s premium family scooter, positioned above the Jupiter 110. It stands out for its practicality, thanks to its underfloor fuel tank, spacious underseat storage and feature-rich equipment list. Here are answers to some of the most commonly asked questions about it.

1. What is the price of the TVS Jupiter 125?

The TVS Jupiter 125 is available in four variants – Drum Alloy, Disc Alloy, DT SXC and SmartXonnect. Prices start at Rs 87,171 for the Drum Alloy variant and go up to Rs 95,772 for the range-topping SmartXonnect variant (both ex-showroom).

2. What variants of the TVS Jupiter 125 are available?

The Jupiter 125 range comprises four variants. The Drum Alloy serves as the entry point, followed by the Disc Alloy. Above it sits the DT SXC variant, while the SmartXonnect is the range-topper with the most comprehensive feature set.

3. What engine does the TVS Jupiter 125 use?

The Jupiter 125 is powered by a 124.8cc, single-cylinder, air-cooled, fuel-injected engine producing 8.15hp at 6,500rpm and 10.5Nm at 4,500rpm. It is paired with a CVT automatic transmission.

4. What is the fuel tank capacity and underseat storage of the TVS Jupiter 125?

The Jupiter 125 gets a 5.1-litre fuel tank positioned beneath the floorboard, freeing up space for a 33-litre underseat storage compartment. TVS says the storage area is large enough to accommodate two full-face helmets, while the front-mounted fuel filler allows refuelling without opening the seat.

5. What features does the TVS Jupiter 125 have?

Depending on the variant, the Jupiter 125 comes equipped with a digital instrument cluster with Bluetooth connectivity via TVS SmartXonnect, turn-by-turn navigation, call and SMS alerts, voice assist and distance-to-empty. Higher variants also get an LED headlight, a front-mounted external fuel filler, iGO Assist and Emergency Brake Warning (EBW).

6. What are the kerb weight, seat height and ground clearance of the TVS Jupiter 125?

The Drum Alloy variant has a kerb weight of 108kg, while the Disc Alloy, DT SXC and SmartXonnect variants weigh 109kg. Seat height is 765mm, while ground clearance stands at 163mm across the range.

7. What braking hardware does the TVS Jupiter 125 get?

The Drum Alloy variant gets drum brakes at both ends, while the Disc Alloy, DT SXC and SmartXonnect variants feature a front disc and rear drum setup. All variants come equipped with TVS’ Combi-braking system.

8. What colours is the TVS Jupiter 125 available in?

The TVS Jupiter 125 is offered in multiple colour options, with availability varying depending on the variant. These include Dawn Blue Matte, Titanium Grey Matte, Ivory Matte Blue, Ivory Brown, Ivory Grey, Ivory Matte Copper Bronze, Elegant Red, White and Black

SIP Calculator: हर महीने ₹500 की SIP… 10, 20 और 30 साल में कितना फंड बनेगा? समझिए पूरा कैलकुलेशन

SIP Calculator: ‘अरे सिर्फ ₹500 से क्या होगा?’ SIP शुरू करने से पहले यह सवाल लगभग हर निवेशक के मन में आता है। कई लोग इसी सोच में निवेश टालते रहते हैं। उन्हें लगता है कि जब तक हर महीने 5,000 या 10,000 रुपये नहीं बचेंगे, तब तक निवेश का कोई फायदा नहीं है।

असल में ऐसा नहीं है। SIP में सिर्फ रकम काम नहीं करती। समय भी आपके लिए पैसा कमाता है। जितना लंबा निवेश करेंगे, कंपाउंडिंग का असर उतना बड़ा होगा। आइए, ₹500 की मासिक SIP का पूरा हिसाब देखते हैं।

₹500 की SIP पर कितना फंड बन सकता है?

सालाना अनुमानित रिटर्न10 साल (निवेश ₹60,000)20 साल (निवेश ₹1,20,000)
30 साल (निवेश ₹1,80,000)

10%₹1,03,276₹3,82,848₹11,39,663
12%₹1,16,170₹4,99,574₹17,64,957
15%₹1,39,329₹7,57,977₹35,04,910

पहले 10% रिटर्न का हिसाब समझिए

मान लीजिए, आपने हर महीने ₹500 की SIP शुरू की। 10 साल तक इसे जारी रखा। इस दौरान आपकी जेब से कुल ₹60,000 जाएंगे। अगर आपको औसतन 10% सालाना रिटर्न मिलता है, तो यह रकम बढ़कर करीब ₹1.03 लाख हो सकती है। यानी करीब ₹43,000 सिर्फ रिटर्न से मिल सकते हैं।

अब इसी SIP को 20 साल तक चलाइए। आपका कुल निवेश होगा ₹1.20 लाख। लेकिन अनुमानित फंड बढ़कर ₹3.82 लाख हो सकता है। यानी करीब ₹2.63 लाख का फायदा सिर्फ रिटर्न से मिलेगा।

अगर धैर्य रखकर 30 साल तक निवेश करते हैं, तो कुल निवेश सिर्फ ₹1.80 लाख रहेगा। लेकिन फंड बढ़कर करीब ₹11.40 लाख तक पहुंच सकता है। यानी आपकी कमाई, निवेश से कई गुना ज्यादा हो सकती है।

अगर 12% का रिटर्न मिले तो?

अब मान लेते हैं कि औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है। 10 साल में ₹60,000 का निवेश बढ़कर करीब ₹1.16 लाख हो सकता है। यहां रिटर्न करीब ₹56,000 बैठता है। 20 साल में कुल निवेश ₹1.20 लाख होगा। लेकिन अनुमानित फंड करीब ₹5 लाख तक पहुंच सकता है। यानी निवेश से करीब ₹3.80 लाख ज्यादा।

30 साल का आंकड़ा और दिलचस्प है। कुल निवेश रहेगा ₹1.80 लाख। लेकिन अनुमानित फंड करीब ₹17.65 लाख तक पहुंच सकता है। यानी करीब ₹15.85 लाख सिर्फ कंपाउंडिंग की ताकत से जुड़ सकते हैं।

15% रिटर्न मिलने पर तस्वीर बदल जाती है

अगर लंबे समय तक औसतन 15% सालाना रिटर्न मिलता है, तो 10 साल में ₹60,000 की SIP करीब ₹1.39 लाख हो सकती है। 20 साल में कुल निवेश ₹1.20 लाख रहेगा। लेकिन फंड बढ़कर करीब ₹7.58 लाख तक पहुंच सकता है। यानी रिटर्न ही ₹6.38 लाख से ज्यादा हो सकता है।

30 साल का हिसाब सबसे ज्यादा चौंकाता है। आपकी जेब से जाएंगे सिर्फ ₹1.80 लाख। लेकिन अनुमानित फंड बढ़कर ₹35 लाख से ज्यादा हो सकता है। यानी करीब ₹33 लाख सिर्फ रिटर्न और कंपाउंडिंग से जुड़ सकते हैं।

आखिर 30 साल में इतना बड़ा फर्क क्यों आता है?

शुरुआत के कुछ सालों में SIP धीरे-धीरे बढ़ती है। कई लोगों को लगता है कि फंड बहुत तेजी से नहीं बढ़ रहा। असल खेल बाद में शुरू होता है।

पहले आपके पैसे पर रिटर्न मिलता है। फिर उसी रिटर्न पर भी रिटर्न मिलने लगता है। इसे ही कंपाउंडिंग कहते हैं। यही वजह है कि 20वें साल के बाद फंड तेजी से बढ़ने लगता है।

छोटी SIP को छोटा मत समझिए

मान लीजिए, कोई 25 साल की उम्र में ₹500 की SIP शुरू करता है। दूसरा व्यक्ति सोचता रहता है कि अभी रकम कम है, बाद में निवेश करेंगे। कई बार यही देरी सबसे महंगी साबित होती है।

निवेश में बड़ी रकम से ज्यादा जरूरी है जल्दी शुरुआत करना। बाद में जब आय बढ़े, तो SIP की रकम भी बढ़ाई जा सकती है। सबसे मुश्किल काम लाखों रुपये निवेश करना नहीं होता। सबसे मुश्किल काम पहली ₹500 की SIP शुरू करना होता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Rashifal Today: आज के दिन अपने खर्च पर दें ज्यादा ध्यान, जानें क्या कहते हैं आपके सितारे

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन अधिकतर लोगों के लिए आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसले लेने का संकेत दे रहा है। कई मूलांक वालों को बचत और निवेश पर ध्यान देने की सलाह दी गई है, जबकि कुछ लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं।आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में संतुलित सोच रखने की जरूरत है। भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई योजनाएं आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं। खर्च करने से पहले बजट पर नजर डालें और जल्दबाजी से बचें। लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान देना बेहतर रहेगा।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज नए अवसर आपके सामने आ सकते हैं, खासकर तकनीक और नए कामों से जुड़े क्षेत्रों में। हालांकि किसी भी योजना पर तुरंत फैसला लेने की बजाय पहले पूरी जानकारी जुटाएं। धैर्य के साथ किया गया निवेश आगे चलकर अच्छा लाभ दे सकता है।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज बड़े आर्थिक फैसलों से दूरी बनाकर रखें। यह समय अपने भविष्य की योजनाओं पर विचार करने और उन्हें व्यवस्थित करने का है। जल्दबाजी की बजाय सही रणनीति अपनाने से आने वाले समय में बेहतर परिणाम मिलेंगे।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने का अच्छा अवसर मिल सकता है। अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें और बचत बढ़ाने की कोशिश करें। यदि आप भविष्य के लिए निवेश की योजना बना रहे हैं, तो आज उस पर काम शुरू कर सकते हैं।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज नई संभावनाएं आपके लिए लाभदायक हो सकती हैं। निवेश करने से पहले पूरी योजना तैयार करें और बिना सोचे-समझे कोई फैसला न लें। धैर्य और समझदारी से उठाया गया कदम भविष्य में आर्थिक मजबूती देगा।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों से जुड़े मामलों की समीक्षा करने का दिन है। बड़े निवेश या महत्वपूर्ण आर्थिक फैसले फिलहाल टालना बेहतर रहेगा। अपनी वित्तीय योजनाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार करें और धीरे-धीरे आगे बढ़ें।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है। अचानक कोई खर्च सामने आ सकता है, इसलिए बचत को सुरक्षित रखें। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जिससे आगे चलकर आय बढ़ने की संभावना बनेगी। शेयर बाजार या जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाए रखें।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक लाभ मिलने के संकेत हैं। पुराने निवेश से फायदा हो सकता है। यदि आपने किसी को उधार दिया था, तो उसके वापस मिलने की संभावना भी बन रही है। नौकरी करने वालों को आय बढ़ने या प्रोत्साहन मिलने की खबर मिल सकती है।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है। कारोबार करने वालों को नए ऑर्डर मिल सकते हैं और पुराने ग्राहक फिर से संपर्क कर सकते हैं। हालांकि बड़े निवेश से फिलहाल बचना बेहतर रहेगा। साथ ही बेवजह के खर्चों पर नियंत्रण रखें, ताकि बजट संतुलित बना रहे।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

‘हर महीने घर भेजे 70K, फिर भी माता-पिता ने मांगे पढ़ाई के 25 लाख’ कनाडा में रह रहे 22 साल के युवक का पोस्ट वायरल

कनाडा में नौकरी कर रहे एक 22 वर्षीय भारतीय युवक की सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों चर्चा में है। युवक ने बताया कि हर महीने परिवार को अच्छी-खासी रकम भेजने के बावजूद वह आर्थिक दबाव महसूस कर रहा है। युवक ने बताया कि वह हर महीने अपने घर करीब 70 हजार रुपये भेजता है। युवक ने दावा किया कि, उसके माता-पिता उस पैसे का बड़ा हिस्सा चिट फंड और स्थानीय कमेटियों में निवेश कर देते हैं, जिससे घर के खर्च के लिए बहुत कम रकम बचती है। इसी वजह से घर के खर्च और पैसों के इस्तेमाल को लेकर परिवार में लगातार मतभेद बने हुए हैं।

युवक के मुताबिक, जब उसने इस पर सवाल उठाया तो माता-पिता ने उसकी पढ़ाई पर खर्च हुए 25 लाख रुपये का हवाला दिया। युवक की पोस्ट पर हजारों लोगों ने अपनी राय दी है।

यूजर ने किया पोस्ट

रेडिट पर शेयर किए गए पोस्ट में यूजर ने लिखा, “मेरे माता-पिता हर महीने मेरे भेजे गए पैसों में से 50,000 रुपये स्थानीय कमेटी (चिट फंड) में जमा कर देते हैं। इसमें 25,000 रुपये मेरी मां के नाम और 25,000 रुपये मेरे पिताजी के नाम से डाले जाते हैं। उनका मानना है कि यह जबरन बचत का एक तरीका है, लेकिन इससे यह पैसा पूरे साल के लिए फंस जाता है।”

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यूजर ने आगे लिखा, “मेरे भेजे गए 70,000 रुपये में से 50,000 रुपये कमेटी में जमा हो जाने के बाद घर के खर्च के लिए सिर्फ़ 20,000 रुपये बचते हैं। इसी रकम से किराने का सामान, बिजली-पानी के बिल, मेरी बहन की स्कूल और एडमिशन फीस सहित बाकी सभी खर्च पूरे करने पड़ते हैं। जाहिर है, 20,000 रुपये इसके लिए काफी नहीं हैं। इसलिए लगभग हर महीने मेरे माता-पिता मुझसे कहते हैं कि मैं कम पैसे भेज रहा हूं और जरूरी बिलों का भुगतान करने के लिए अतिरिक्त रकम भी मांगते हैं।”

माता-पिता को समझाने की कोशिश की

यूजर ने अपनी पोस्ट में लिखा, “लगभग हर महीने मेरे माता-पिता कहते हैं कि मैं पर्याप्त पैसे नहीं भेज रहा हूं और जरूरी खर्चों के लिए अतिरिक्त रकम मांगते हैं। इसी महीने मुझे 70,000 रुपये के अलावा 25,000 रुपये और भेजने पड़े। इससे कनाडा में मेरा अपना मासिक बजट पूरी तरह बिगड़ गया और मेरे लिए अपने खर्च संभालना मुश्किल हो गया।” यूजर ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मैंने कई बार अपने माता-पिता को समझाने की कोशिश की कि जब रोजमर्रा की जरूरी जरूरतों के लिए ही पैसे कम पड़ रहे हों, तब बड़ी रकम को कमेटी में फंसा देना सही फैसला नहीं है। अगर अचानक कोई इमरजेंसी आ जाए, तो उस समय यह पैसा तुरंत इस्तेमाल भी नहीं किया जा सकता।”

पढ़ाई के पैसे वापस करो

युवक ने कहा कि लगातार बढ़ते आर्थिक दबाव की वजह से उसे अब ऐसा महसूस होने लगा है कि वह सिर्फ परिवार की बचत योजनाओं के लिए ही काम कर रहा है, जबकि उसके अपने सपने और लक्ष्य पीछे छूटते जा रहे हैं। यूजर ने अपनी पोस्ट में लिखा, “क्या किसी और को भी अपने माता-पिता से ऐसी उम्मीदों का सामना करना पड़ा है? मुझे परिवार की मदद करने से कोई दिक्कत नहीं है, क्योंकि मैं पहले से ही हर महीने 70,000 रुपये भेज रहा हूं।”

उसने आगे बताया, “जब भी मैं इस व्यवस्था पर सवाल उठाता हूं, तो मेरे माता-पिता कहते हैं कि उन्होंने मेरी पढ़ाई पर जो पैसा खर्च किया है, वह पहले लौटा दो। उनके मुताबिक, मेरी पढ़ाई पर करीब 25 लाख रुपये खर्च हुए हैं और वे चाहते हैं कि मैं वह पूरी रकम वापस करूं।”

लोगों ने किया कमेंट

युवक की पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई, जिस पर लोगों ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने सलाह देते हुए लिखा, “तुम्हें घर भेजी जाने वाली रकम कम करनी होगी। यही सबसे सही तरीका है। अपने माता-पिता को बताओ कि कनाडा में खर्चे बहुत ज्यादा हैं और उनसे कहो कि कमेटी में हर महीने 10 से 15 हजार रुपये कम जमा करें।” एक अन्य यूजर ने सलाह दी, “तुम अभी सिर्फ 22 साल के हो। शादी जैसी बातों की चिंता अभी मत करो। इस साल के अंत तक अपने परिवार का साथ दो, क्योंकि बीच में चिट फंड छोड़ने पर नुकसान हो सकता है। लेकिन अगले साल उनसे कहो कि कमेटी की जगह एफडी (FD) या आरडी (RD) जैसे सुरक्षित और आसान विकल्पों में बचत करें।”

Commodity Outlook: कच्चे तेल से सोना-चांदी तक, अगले हफ्ते कैसी रहेगी चाल? एक्सपर्ट कायनात चैनवाला से जानिए

Commodity Outlook: पिछला हफ्ता कमोडिटी बाजार के लिए काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बढ़ती आशंकाओं ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। ऐसे में अगले हफ्ते भी बाजार की नजर भू-राजनीतिक घटनाक्रम और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर रहेगी।

कोटक सिक्योरिटीज की कमोडिटी रिसर्च एक्सपर्ट कायनात चैनवाला के मुताबिक, आने वाले दिनों में कमोडिटी बाजार की दिशा तीन बड़े फैक्टर तय करेंगे। इनमें पश्चिम एशिया का तनाव, अमेरिकी फेड की नीति और वैश्विक सप्लाई की स्थिति सबसे अहम होगी।

कच्चे तेल में क्यों आया उछाल?

पिछले हफ्ते कच्चे तेल की कीमतों में करीब 10% की तेजी आई। ब्रेंट क्रूड एक समय 102 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। हालांकि, हफ्ते के आखिर में मुनाफावसूली से इसमें कुछ गिरावट आई।

कायनात चैनवाला के मुताबिक, इस तेजी की सबसे बड़ी वजह लाल सागर (Red Sea) में बढ़ा तनाव रहा। हूती विद्रोहियों ने दो सऊदी टैंकरों पर ड्रोन और मिसाइल हमले का दावा किया। इसके बाद कई जहाजों ने अपना रास्ता बदल दिया। दूसरी ओर, ड्रोन हमले के बाद कजाकिस्तान की पाइपलाइन क्षमता भी करीब 80% प्रभावित हुई। इससे सप्लाई को लेकर चिंता और बढ़ गई।

सोना-चांदी में कैसी रही चाल?

स्पॉट गोल्ड पिछले हफ्ते करीब 1% चढ़कर 4,050 डॉलर प्रति औंस के ऊपर बंद हुआ। वहीं, चांदी में करीब 4% की तेजी आई और यह 58 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई।

कायनात चैनवाला का कहना है कि सोना-चांदी में आई तेजी की बड़ी वजह नई खरीदारी नहीं, बल्कि गिरावट के बाद हुई खरीदारी (Dip Buying) और शॉर्ट कवरिंग रही। मजबूत डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड अभी भी इन धातुओं पर दबाव बनाए हुए हैं।

MCX गोल्ड के लिए कौन से स्तर अहम?

MCX गोल्ड पिछले हफ्ते ₹1,43,106 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। बाजार फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है।

कायनात चैनवाला के मुताबिक, ऊपर की ओर ₹1,46,000 पहला रेजिस्टेंस है। इसके बाद ₹1,48,000 अहम स्तर होगा। नीचे की ओर ₹1,41,000 पहला सपोर्ट है। अगर ₹1,39,800 का स्तर टूटता है, तो गिरावट और बढ़ सकती है।

बेस मेटल्स में भी रही मजबूती

कॉपर, एल्युमिनियम, जिंक और लेड में भी पिछले हफ्ते तेजी रही। चीन में कॉपर का स्टॉक घटने और रिफाइंड मेटल्स पर संभावित टैरिफ को लेकर अनिश्चितता की वजह से कॉपर एक महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया।

फेड की बैठक पर रहेगी नजर

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 28-29 जुलाई की बैठक अगले हफ्ते बाजार के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर होगी।

कायनात चैनवाला का मानना है कि सिर्फ तेल की कीमतों में आई तेजी के आधार पर फेड अगले हफ्ते ब्याज दर बढ़ाने का फैसला शायद ही ले। हालांकि, सितंबर की बैठक को लेकर जोखिम पहले के मुकाबले ज्यादा बना हुआ है।

अगले हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?

कायनात चैनवाला के मुताबिक, अगले हफ्ते कमोडिटी बाजार की दिशा तीन बातें तय करेंगी। पहली, लाल सागर और पश्चिम एशिया में तनाव का घटनाक्रम।

दूसरी, फेड की बैठक और ब्याज दरों को लेकर उसके संकेत। तीसरी, ईरान की ओर से आने वाले किसी भी कूटनीतिक संकेत। इन तीनों का असर कच्चे तेल, सोना, चांदी और दूसरे कमोडिटी बाजारों की चाल पर साफ दिख सकता है।

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Nifty Outlook: लगातार 5 दिनों की गिरावट के बाद तेजी लौटेगी? जानिए एक्सपर्ट्स से

Nifty Outlook: पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को शेयर बाजार में कमजोरी बनी रही। निफ्टी लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि, दिन के निचले स्तर से इंडेक्स ने 200 अंकों से ज्यादा की रिकवरी की।

आखिर में निफ्टी 102 अंक टूटकर 23,767 पर बंद हुआ। यह 12 जून 2026 के बाद का सबसे निचला स्तर है। निफ्टी पिछले हफ्ते 2.3% टूट गया। खास बात यह रही कि हफ्ते के पांचों कारोबारी दिन बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ।

आइए एक्सपर्ट्स से जानते हैं कि सोमवार, 27 जुलाई को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी। लेकिन, उससे पहले समझ लेते हैं कि शुक्रवार के कारोबारी सत्र में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल?

HCLTech, Cipla और Wipro सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं Eternal, Mahindra & Mahindra और Bajaj Finance में सबसे ज्यादा गिरावट आई।

आईटी, मीडिया और PSU बैंक सेक्टर में खरीदारी रही। दूसरी ओर ऑटो, मेटल और रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहे।

मिडकैप और स्मॉलकैप भी दबाव में

शुरुआती गिरावट के बाद इन शेयरों में भी रिकवरी आई। लेकिन आखिर में दोनों इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.10% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.32% की गिरावट रही।

बाजार पर दबाव क्यों है?

एनालिस्टों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव बाजार की सबसे बड़ी चिंता है। इसकी वजह से ब्रेंट क्रूड महंगा बना हुआ है। ऊंचे कच्चे तेल के दाम, कमजोर रुपया और विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली भी बाजार पर दबाव बना रहे हैं।

अगले हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?

जून तिमाही के नतीजों का सीजन जारी है। इसलिए कई शेयरों में हलचल बनी रह सकती है। निवेशकों की नजर IDFC First Bank, Zen Technologies, Birla Corporation और AU Small Finance Bank के नतीजों पर रहेगी।

23,600 का स्तर सबसे अहम

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का कहना है कि 23,600 निफ्टी के लिए मजबूत सपोर्ट है। अगर यह स्तर बचा रहता है, तो अगले हफ्ते इंडेक्स 24,200 तक उछल सकता है।

Centrum Finverse के नीलेश जैन का भी मानना है कि 23,600 के ऊपर रहने पर निफ्टी पहले 24,000 और फिर 24,200 तक जा सकता है। हालांकि, 23,850 के आसपास बड़ी रुकावट मिल सकती है।

सपोर्ट टूटा तो बढ़ सकती है गिरावट

HDFC Securities के नंदीश शाह का कहना है कि अगर निफ्टी 23,606 के नीचे निकलता है, तो गिरावट बढ़कर 23,500 और फिर 23,070 तक जा सकती है। वहीं, 24,000 का स्तर फिलहाल सबसे बड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है।

LKP Securities के रुपक डे के मुताबिक, निफ्टी अब 50 दिन की EMA के नीचे आ चुका है। यह शॉर्ट टर्म कमजोरी का संकेत है। अगर 23,600 का स्तर टूटता है, तो बिकवाली और बढ़ सकती है। वहीं, तेजी की वापसी के लिए निफ्टी का 24,000 के ऊपर निकलना जरूरी होगा।

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