
Garh Panchkot (गढ़ पंचकोट)

Garchumuk (गारचुमुक)

Taki (टाकी)
Raichak (रायचक)


Garh Panchkot (गढ़ पंचकोट)

Garchumuk (गारचुमुक)

Taki (टाकी)
Raichak (रायचक)

अच्छी नौकरी, शानदार कमाई और बड़ी बचत के बावजूद कई युवा बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश जाने का सपना देखते हैं। ऐसा ही मामला सामने आया है एक 26 वर्षीय रिमोट कर्मचारी डैनियल का, जो हर महीने करीब 4 लाख रुपये कमाता है। आर्थिक रूप से मजबूत होने के बाद भी वह भारत छोड़कर ऑस्ट्रेलिया में बसने की योजना बना रहा है।
डैनियल का कहना है कि उसका फैसला पैसों से ज्यादा जीवन की गुणवत्ता और भविष्य को लेकर है। उसकी सोच पर सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
4 लाख की सैलरी, फिर भी विदेश जाने की तैयारी
डैनियल ने पर्सनल फाइनेंस कोच अंशुमान शर्मा के शो में बताया कि वह एक विदेशी कंपनी के लिए रिमोट काम करता है और उसकी सैलरी यूरो में आती है। उसकी मासिक आय करीब 4 लाख रुपये है, जबकि खर्च लगभग 1.20 लाख रुपये तक सीमित है।
अच्छी बचत होने के कारण वह अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा भविष्य की योजना के लिए जमा कर रहा है। उसका लक्ष्य साल के अंत तक ऑस्ट्रेलिया के लिए आवेदन करना है।
विदेश जाने की वजह सिर्फ पैसा नहीं
जब उनसे पूछा गया कि अगर ऑस्ट्रेलिया जाकर भी वही रिमोट नौकरी करनी है तो देश बदलने की जरूरत क्यों महसूस हो रही है, तो डैनियल ने कहा कि उसका फैसला बेहतर जीवन और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को लेकर है।
उसका कहना है कि वह अपने बच्चों के लिए ऐसा माहौल चाहता है, जहां उन्हें बेहतर अवसर मिल सकें।
फाइनेंस एक्सपर्ट ने दी बचत की सलाह
अंशुमान शर्मा ने डैनियल को सलाह दी कि वह हर महीने करीब 1.5 लाख रुपये की रिकरिंग डिपॉजिट शुरू करे। उनके अनुसार, इससे कुछ महीनों में विदेश जाने की प्रक्रिया और PR आवेदन के लिए जरूरी फंड तैयार किया जा सकता है।
देश छोड़ने की सोच पर हुई चर्चा
डैनियल ने भारत में बढ़ते खर्च, टैक्स और कुछ व्यवस्थाओं को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। उसने कहा कि उसकी पीढ़ी के कई युवा बेहतर अवसरों और भविष्य की तलाश में विदेश जाने के बारे में सोच रहे हैं। हालांकि, इस मुद्दे पर लोगों की राय बंटी हुई नजर आई।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
डैनियल की बात वायरल होने के बाद इंटरनेट पर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ यूजर्स ने उसकी सोच को समझने की कोशिश की और बेहतर लाइफस्टाइल की तलाश को सही बताया।
वहीं, कुछ लोगों ने विदेश में रहने की वास्तविक लागत और चुनौतियों का हवाला देते हुए कहा कि वहां ज्यादा कमाई के बावजूद खर्च भी काफी बढ़ जाता है।
एक यूजर ने लिखा कि विदेश में रहने के बाद कई लोग वापस भारत आने के बारे में भी सोचते हैं, जबकि कुछ ने डैनियल की योजना को लेकर सवाल उठाए।
कमाई से ज्यादा मायने रखती है जिंदगी की प्राथमिकता
डैनियल की कहानी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बेहतर भविष्य के लिए देश बदलना सही फैसला है या नहीं। जहां कुछ लोग इसे नए अवसरों की तलाश मानते हैं, वहीं कुछ के लिए अपने देश में रहकर आगे बढ़ना बेहतर विकल्प है।
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New Tax Regime: इस बार इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने वाले ज्यादातर लोग न्यू टैक्स रिजीम चुन रहे हैं। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस साल उनके पास रिटर्न फाइल करने वाले 80% से 95% तक टैक्सपेयर्स ने नया टैक्स सिस्टम चुना है। पिछले कुछ सालों में यह संख्या लगातार बढ़ी है। आखिर इसके पीछे क्या वजह है? आइए जानते हैं।
न्यू टैक्स रिजीम में सरकार ने सेक्शन 87A के तहत मिलने वाली टैक्स छूट बढ़ाई है। टैक्स स्लैब में भी बदलाव किए गए हैं और स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा बढ़ाया गया है। इसी वजह से पहले के मुकाबले कई सैलरीड लोगों का टैक्स कम हो गया है।
ClearTax का कहना है कि कम टैक्स दरें, ज्यादा टैक्स रिबेट और बढ़ा हुआ स्टैंडर्ड डिडक्शन न्यू टैक्स रिजीम को ज्यादा आकर्षक बना रहे हैं।
2. कागजी झंझट लगभग खत्म
ओल्ड टैक्स रिजीम में HRA, 80C, 80D और दूसरे डिडक्शन के लिए कई तरह के दस्तावेज संभालकर रखने पड़ते हैं। न्यू टैक्स रिजीम में इसकी जरूरत काफी कम हो जाती है। इसलिए ITR भरना भी आसान हो गया है।
SBHS & Associates के पार्टनर हिमांक सिंगला कहते हैं कि लोग अब सिर्फ टैक्स बचाने के लिए निवेश नहीं करना चाहते। आसान प्रक्रिया की वजह से वे तेजी से न्यू टैक्स रिजीम की तरफ बढ़ रहे हैं।
3. कम टैक्स रेट का फायदा
जिन लोगों के पास ज्यादा डिडक्शन नहीं हैं, उनके लिए न्यू टैक्स रिजीम सीधे टैक्स बचाने का मौका दे रही है। यही वजह है कि हर साल इसे चुनने वालों की संख्या बढ़ रही है।
HJ Aggarwal & Co. के पार्टनर सीए हर्षित अग्रवाल के मुताबिक, इस साल उनकी फर्म के करीब 95% क्लाइंट्स ने न्यू टैक्स रिजीम चुनी है। पिछले साल यह आंकड़ा 70% से थोड़ा ज्यादा था, जबकि दो साल पहले सिर्फ 20% लोग इसे चुन रहे थे।
4. ITR फाइल करना पहले से आसान
न्यू टैक्स रिजीम में कम कैलकुलेशन और कम दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है। इससे रिटर्न जल्दी फाइल हो जाता है।
TaxSpanner के को-फाउंडर और CEO सुधीर कौशिक कहते हैं कि 12 लाख रुपये तक की आय वाले कई टैक्सपेयर्स सिर्फ इसलिए न्यू टैक्स रिजीम चुन रहे हैं क्योंकि इसमें दस्तावेज कम लगते हैं और पूरी प्रक्रिया आसान है।
5. फिर भी हर किसी के लिए सही नहीं
न्यू टैक्स रिजीम भले ही ज्यादातर लोगों की पहली पसंद बन गई हो, लेकिन हर टैक्सपेयर के लिए यह बेहतर विकल्प नहीं है। NA Shah Associates के पार्टनर गोपाल बोहरा का कहना है कि जिन लोगों को HRA, होम लोन के ब्याज, Chapter VI-A के तहत मिलने वाले डिडक्शन या दूसरे बड़े टैक्स बेनेफिट मिलते हैं, उनके लिए ओल्ड टैक्स रिजीम अब भी ज्यादा फायदे की हो सकती है।
वहीं, S.K. Patodia LLP के एसोसिएट डायरेक्टर मिहिर तन्ना भी सलाह देते हैं कि रिटर्न भरने से पहले दोनों टैक्स रिजीम में अपना टैक्स निकालकर जरूर देखें। अगर आपके पास HRA, होम लोन, NPS, PPF, EPF या दूसरे बड़े डिडक्शन हैं, तो ओल्ड टैक्स रिजीम आज भी बेहतर विकल्प साबित हो सकती है।
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DDA New Housing Scheme: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने घर खरीदने की चाहत रखने वालों को एक बड़ा तोहफा दिया है। प्राधिकरण ने एक विशेष हाउसिंग स्कीम कर्मजीवी आवास योजना 2026 की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य कामकाजी पेशेवरों के लिए दिल्ली में घर खरीदना आसान और किफायती बनाना है।
कर्मजीवी आवास योजना 2026 को खास तौर पर उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है जो देश के निर्माण और आर्थिक विकास में लगातार अपना योगदान दे रहे हैं। सरकारी सेवाओं में कार्यरत व सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ-साथ कॉर्पोरेट, बिजनेस, उद्यमी और प्रोफेशनल सेक्टर से जुड़े कामकाजी पेशेवर इस योजना का फायदा उठा सकते हैं।
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इस योजना के तहत नरेला के पॉकेट-11, सेक्टर A1-A4 में स्थित 1200 से अधिक रेडी-टू-मूव फ्लैटों पर फ्लैट 25 प्रतिशत की भारी छूट दी जा रही है। 25% डिस्काउंट के बाद 1 BHK फ्लैट की शुरुआती कीमत ₹33.40 लाख, 2 BHK फ्लैट की शुरुआती कीमत ₹75.55 लाख और 3 BHK फ्लैट की शुरुआती कीमत ₹1.065 करोड़ तय की गई है।
योजना में शामिल होने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की शुरुआत 24 जुलाई से हो रही है। वहीं, फ्लैटों की बुकिंग 15 अगस्तसे डीडीए आवास पोर्टल पर पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर खोली जाएगी। यह आवासीय परियोजना नरेला सब-सिटी के पॉकेट-11 (सेक्टर A1-A4) में स्थित है। ये इलाका दिल्ली के तेजी से उभरते ग्रोथ कॉरिडोर में शामिल है। यह पूरा परिसर मामूरपुर जंगल के सामने और हरे-भरे माहौल के बीच बना हुआ है।
कनेक्टिविटी के लिहाज से कैसा है ये इलाका?
डीडीए के मुताबिक कनेक्टिविटी के लिहाज से यह जगह काफी बेहतर है। यह प्रोजेक्ट अर्बन एक्सटेंशन रोड (UER)-I से सिर्फ 500 मीटर और जीटी करनाल रोड से 1.1 किमी की दूरी पर है। इसके अलावा आने वाले मेट्रो स्टेशन से यह करीब 1.2 किमी, प्रस्तावित RRTS स्टेशन से 1.9 किमी, नरेला स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से 2 किमी, आगामी एजुकेशन हब से 5 किमी, UER-II से 6.15 किमी और आगामी इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम से 9.2 किमी की दूरी पर स्थित है।
नरेला सब-सिटी की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा डीडीए के हालिया बिक्री आंकड़ों से भी लगाया जा सकता है। डीडीए की प्रेस रिलीज के मुताबिक चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में डीडीए ने कुल 1284 फ्लैट बेचे। इससे ₹1020 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। इनमें से अकेले नरेला सब-सिटी से ही 1153 फ्लैटों की बिक्री हुई। ये कुल बिक्री का करीब 90 प्रतिशत है।
टैक्स छूट की भी व्यवस्था?
खरीदारों की सहूलियत के लिए इस योजना में कई छूट और विशेष नियम दिए गए हैं। योजना के तहत दिए जा रहे सभी फ्लैट फ्रीहोल्ड आधार पर हैं। अगर किसी आवेदक के पास पहले से कोई आवासीय संपत्ति है तब भी वह इस योजना में आवेदन कर सकता है। इसके अलावा डीडीए के तय मानकों के अनुसार पास-पास मौजूद दो फ्लैटों को आपस में जोड़ने का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी बुकिंग प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और खरीदार खरीदारी से पहले सैंपल फ्लैट्स का निरीक्षण भी कर सकते हैं।
इच्छुक आवेदक इस योजना, पात्रता मानदंड, मूल्य, बुकिंग प्रक्रिया और अन्य नियम-शर्तों की विस्तृत जानकारी के लिए डीडीए की आधिकारिक वेबसाइट www।dda।gov।in या डीडीए आवास पोर्टल (https://eservices।dda।org।in) पर जा सकते हैं। किसी भी तरह की सहायता के लिए डीडीए के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-110-332 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
IndusInd Bank Q1 Results: इंडसइंड बैंक ने 22 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 47 फीसदी बढ़कर 1,003 करोड़ रुपये रहा। इसमें संभावित बैड लोन के लिए बैंक की कम प्रोविजनिंग का बड़ा हाथ रहा। एक साल पहले की समान अवधि में बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 684 करोड़ रुपये था। जून तिमाही में बैंक की एसेट क्वालिटी भी बेहतर हुई।
स्ट्रॉन्ग मैनेजमेंट के साथ ग्रोथ के एजेंडा पर फोकस
IndusInd Bank के एमडी और सीईओ राजीव आनंद ने कहा, “इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में हमने स्ट्रेटेजिक प्रायरिटीज पर फोकस बनाए रखा। हमारा जोर ग्रोथ, बैलेंसशीट की मजबूती और फ्रैंचाइज क्वालिटी पर रहा। हमें अनुभवी लीडरशिप टीम का सपोर्ट मिला। हम अच्छे रिस्क मैनेजजमेंट के साथ ग्रोथ के अपने एजेंडा पर अमल कर रहे हैं।”
रिटेल, एसएमई सहित डायवर्सिफायड पोर्टफोलियो पर जोर
उन्होंने कहा कि हम रिटेल, एसएमई और रूरल बिजनेसेज सहित डायवर्सिफायड पोर्टफोलियो बना रहे हैं। इसमें ग्रामीण इलाकों में विस्तार से शामिल है। हम माइक्रोफाइनेंस से आगे जाना चाहते है। साथ ही टेक्नोलॉजी और एआई-आधारित केपैबिलिटीज के जरिए कस्टमर एक्सपीरियंस बढ़ाने के लिए हम इनवेस्ट कर रहे हैं।
टैक्स बाद 1,037 करोड़ रुपये का प्रॉफिट
आनंद ने कहा कि जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट का असर वैश्विक स्थिति पर पड़ रहा है। इस बीच, हमारा जोर सस्टेनेबल ग्रोथ पर है। इंडिया में ग्रोथ को बढ़ाने वाले फैक्टर्स स्ट्रॉन्ग है। बैंक ने प्रोविजन से पहले 2,773 करोड़ रुपये प्रॉफिट कमाया, जबकि टैक्स के बाद प्रॉफिट 1,037 करोड़ रुपये रहा। बैंक का कैपिटल एडक्वेसी 17.15 फीसदी रहा। लिक्विडिटी कवरेज रेशियो 27 फीसदी रहा।
नेट इंटरेस्ट इनकम 4,685 करोड़ रुपये
जून तिमाही में ग्रॉस एनपीए 3.25 फीसदी और नेट एनपीए 0.95 फीसदी रहा। नेट इंटरेस्ट इनकम इस दौरान 4,685 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 4,640 करोड़ रुपये रहा। नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.57 फीसदी रहा, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 3.46 फीसदी था। यील्ड ऑन एसेट्स 8.62 फीसदी रही। एक साल पहले की समान अवधि में यह 9.15 फीसदी थी।
कॉस्ट ऑफ फंड्स घटकर 5.05 फीसदी
जून तिमाही में इंडसइंड बैंक की कॉस्ट ऑफ फंड 5.05 फीसदी रही, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 5.69 फीसदी थी। बैंक का लोन तिमाही दर तिमाही आधार पर 3.3 फीसदी बढ़ा। यह बीत छह तिमाहियों में तिमाही दर तिमाही आधार पर लोन में पहली ग्रोथ है। हालांकि, एक साल पहले के मुकाबले यह अब भी 2.3 फीसदी कम है।
22 जुलाई को बैंक के शेयर चढ़कर बंद हुए
इंडसइंड बैंक का शेयर 22 जुलाई को करीब 1 फीसदी चढ़कर 1,072 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट दिखी। निफ्टी 0.79 फीसदी यानी 191 अंक गिरकर 23,996 पर रहा। सेंसेक्स 0.92 फीसदी यानी 715 अंक गिरकर 76,755 पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी में 1.23 फीसदी गिरावट आई। मिडकैप शेयरों पर भी दबाव दिखा।
दुनिया में कुछ आइलैंड ऐसे हैं, जहां की खूबसूरती देखकर हर ट्रैवलर इनकी और खींचा चला जाता है। साफ नीला समुद्र, सफेद रेत वाले बीच, हरे-भरे जंगल और अनोखी संस्कृति इन जगहों को खास बनाती है। इन आइलैंड्स को उनकी प्राकृतिक सुंदरता, बेहतरीन सुविधाओं और शानदार ट्रैवल एक्सपीरियंस के लिए दुनिया भर में पहचान मिली है। आइए जानते हैं दुनिया के उन खूबसूरत आइलैंड्स के बारे में, जहां घूमना जिंदगी का यादगार एक्सपीरियंस बन सकता है:
1. कोह समुई, थाईलैंड
2. गैलापागोस आइलैंड्स, इक्वाडोर

3. फुकेत, थाईलैंड

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5. ज़ांज़ीबार, तंजानिया

6. डोमिनिकन आइलैंड, कैरेबियन
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Agniveer Bharti 2026: भारतीय सेना ने अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे देश के लाखों युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी दी है। जाट रेजिमेंट सेंटर, बरेली में 6 अगस्त से 13 अगस्त 2026 तक स्पेशल कोटा अग्निवीर भर्ती रैली आयोजित की जाएगी। इस भर्ती में अग्निवीर जनरल ड्यूटी (GD), ट्रेड्समैन, क्लर्क/स्टोर कीपर टेक्निकल और खिलाड़ी (स्पोर्ट्स ट्रायल में चयनित) कैटेगरी के अभ्यर्थी हिस्सा ले सकेंगे।
यह भर्ती रैली विशेष कोटा के तहत आयोजित की जा रही है। इसमें युद्ध में वीरगति प्राप्त सैनिकों के बेटे और सगे भाई, युद्ध के दौरान घायल सैनिकों के बेटे, भूतपूर्व सैनिकों के बच्चे तथा उत्कृष्ट खिलाड़ी निर्धारित पात्रता के अनुसार आवेदन कर सकेंगे। सेना ने भर्ती कार्यक्रम का डिटेल्स शेड्यूल भी जारी कर दिया है।
भर्ती में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को सभी आवश्यक मूल दस्तावेज, प्रमाण पत्र और उनकी प्रतियां साथ लानी होंगी। सभी उम्मीदवारों को भर्ती स्थल पर सुबह 4 बजे तक पहुंचना होगा। सेना ने स्पष्ट किया है कि सुबह 8 बजे के बाद पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा।
भर्ती का शेड्यूल
6 और 7 अगस्त: अग्निवीर (जनरल ड्यूटी) के लिए विशेष भर्ती आयोजित की जाएगी।
8 अगस्त: अग्निवीर (जनरल ड्यूटी) के लिए उत्तर प्रदेश के चयनित जिलों के उम्मीदवारों की भर्ती होगी।
10 अगस्त: अन्य निर्धारित जिलों के अभ्यर्थियों के लिए अग्निवीर (जनरल ड्यूटी) भर्ती होगी।
12 अगस्त: सभी राज्यों के पात्र अभ्यर्थियों के लिए अग्निवीर ट्रेड्समैन भर्ती होगी।
13 अगस्त: अग्निवीर क्लर्क/स्टोर कीपर टेक्निकल पदों के लिए भर्ती रैली आयोजित होगी।
कौन कर सकता है आवेदन?
इस विशेष भर्ती रैली में केवल वे उम्मीदवार भाग ले सकेंगे जो सेना द्वारा निर्धारित विशेष कोटा की पात्रता पूरी करते हैं। इसके अलावा, स्पोर्ट्स ट्रायल में चयनित खिलाड़ी भी संबंधित श्रेणी में शामिल हो सकेंगे।
युवाओं के लिए बड़ा अवसर
सेना का कहना है कि इस विशेष भर्ती का उद्देश्य पात्र युवाओं को अग्निवीर योजना के तहत सेना में शामिल होने का अवसर देना है। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और सभी चयन निर्धारित नियमों एवं पात्रता के आधार पर किए जाएंगे। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे भर्ती की तारीख से पहले अपने सभी दस्तावेजों की जांच कर लें और तय समय पर भर्ती स्थल पर पहुंचें।
अग्निवीर योजना क्या है?
अग्निवीर स्कीम (Agnipath Scheme) केंद्र सरकार की तरफ से 14 जून 2022 को शुरू की गई सैन्य भर्ती योजना है। इसके तहत युवाओं की भर्ती भारतीय सेना (Army), नौसेना (Navy) और वायुसेना (Air Force) में चार साल की अवधि के लिए की जाती है। इस योजना के तहत भर्ती होने वाले जवानों को ‘अग्निवीर‘ कहा जाता है।
योजना की मुख्य बातें
सेवा अवधि: 4 वर्ष (ट्रेनिंग सहित)
भर्ती: भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में होगी।
आयु सीमा: भर्ती अधिसूचना के अनुसार निर्धारित (योजना की शुरुआत में 17.5 से 21 वर्ष) बाद में कुछ भर्तियों में विशेष छूट भी दी गई)।
चार साल बाद क्या होगा?
सैलरी और सुविधाएं
नौकरी के बाद रोजगार के अवसर
केंद्र सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए कई रोजगार अवसरों की घोषणा की है, जिनमें शामिल हैं:-
Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।
ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।
आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव
ये रहे 22 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —
नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 | डीजल ₹95.20
मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 | डीजल ₹97.83
कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 | डीजल ₹99.82
चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 | डीजल ₹99.55
गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 | डीजल ₹95.44
नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 | डीजल ₹95.56
बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 | डीजल ₹98.80
भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 | डीजल ₹100.92
चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 | डीजल ₹86.09
हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 | डीजल ₹103.82
जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 | डीजल ₹97.78
लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 | डीजल ₹95.55
पटना: पेट्रोल ₹113.35 | डीजल ₹99.36
तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 | डीजल ₹104.40
पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?
मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।
किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?
पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।
भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।
केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।
कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।
बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।
कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?
अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:
Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।
BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।
HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।
Trident Q1 Results: टेक्सटाइल और पेपर सेक्टर की कंपनी Trident Ltd ने जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का मुनाफा दोहरे अंक में बढ़ा है। रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, EBITDA मार्जिन पिछले साल के स्तर पर ही स्थिर रहा।
मुनाफा और रेवेन्यू दोनों बढ़े
अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 12.9% बढ़कर ₹158 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹140 करोड़ था। कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 4.7% बढ़कर ₹1,786.8 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹1,706.8 करोड़ था।
इस दौरान EBITDA 2.7% बढ़कर ₹299.6 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹291.7 करोड़ था। हालांकि, EBITDA मार्जिन 17% पर स्थिर रहा।
किस कारोबार का कैसा प्रदर्शन रहा?
जून तिमाही में यार्न बिजनेस कंपनी का सबसे बड़ा रेवेन्यू देने वाला कारोबार रहा। इस सेगमेंट का रेवेन्यू ₹902 करोड़ से बढ़कर ₹954.2 करोड़ हो गया। पेपर और केमिकल्स कारोबार का रेवेन्यू ₹259.8 करोड़ से बढ़कर ₹297.4 करोड़ पहुंच गया, जो सबसे तेज ग्रोथ वाला सेगमेंट रहा।
वहीं, टॉवल बिजनेस का रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा। यह ₹638.9 करोड़ से मामूली घटकर ₹638.5 करोड़ रह गया। दूसरी ओर, बेडशीट कारोबार का रेवेन्यू ₹309.4 करोड़ से घटकर ₹302.8 करोड़ हो गया।
मुनाफे में किसका सबसे ज्यादा योगदान?
यार्न कारोबार का प्री-टैक्स प्रॉफिट ₹70.1 करोड़ से बढ़कर ₹145.8 करोड़ हो गया। यानी इस सेगमेंट का मुनाफा दोगुने से भी ज्यादा बढ़ा। बेडशीट बिजनेस का प्री-टैक्स प्रॉफिट ₹44.8 करोड़ से बढ़कर ₹49.3 करोड़ रहा।
हालांकि, पेपर और केमिकल्स सेगमेंट का प्री-टैक्स प्रॉफिट ₹73.3 करोड़ से घटकर ₹52.4 करोड़ रह गया। वहीं, टॉवल कारोबार का प्री-टैक्स प्रॉफिट ₹47.6 करोड़ से घटकर ₹33.7 करोड़ हो गया।
अंतरिम डिविडेंड और नई सब्सिडियरी
कंपनी ने अप्रैल-जून तिमाही के दौरान ₹1 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर ₹0.50 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड दिया।
इसके अलावा, बोर्ड ने ब्रांड की मौजूदगी मजबूत करने और सेल्स, मार्केटिंग, बिजनेस डेवलपमेंट एक्टिविटीज को बढ़ाने के लिए नई सब्सिडियरी बनाने को मंजूरी दी है। यह सब्सिडियरी विदेशी बाजारों में भी Trident के प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग का काम करेगी।
Trident के शेयरों का हाल
Trident का शेयर 21 जुलाई को NSE पर 0.28% गिरकर ₹25.24 पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 19.97% नीचे आया है। कंपनी का मार्केट कैप 12.67 हजार करोड़ रुपये है।
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Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को सोने की कीमत ₹800 बढ़कर ₹1,47,700 प्रति 10 ग्राम पहुंच गई। मजबूत घरेलू मांग और वैश्विक बाजार में तेजी की वजह से सोने में यह उछाल देखने को मिला। इससे पहले सोमवार को सोना ₹1,46,900 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
वहीं, चांदी की कीमत ₹2,21,500 प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही। कारोबारियों के मुताबिक हालिया गिरावट के बाद चांदी में खरीदारी सीमित रही। वहीं, सोने में लगातार अच्छी मांग बनी हुई है।
सोने की कीमत क्यों बढ़ी?
HDFC Securities के कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरू होने की उम्मीद से भू-राजनीतिक तनाव कुछ कम हुआ है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई और निवेशकों का रुझान फिर से सोने की ओर बढ़ा।
उन्होंने कहा कि चीन में मजबूत फिजिकल डिमांड और दुनिया के कई केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी भी सोने की कीमतों को सहारा दे रही है।
ग्लोबल मार्केट में भी तेजी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.25% बढ़कर 4,057.89 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान यह 4,082 डॉलर प्रति औंस के इंट्राडे हाई तक भी गया।
Kotak Securities की कमोडिटी रिसर्च की कायनात चैनवाला ने कहा कि पिछले हफ्ते 4,000 डॉलर से नीचे फिसलने के बाद सोने ने अब फिर से तेजी पकड़ ली है।
चांदी ने भी दिखाई मजबूती
वैश्विक बाजार में स्पॉट सिल्वर 4% से ज्यादा बढ़कर 58.80 डॉलर प्रति औंस पहुंच गई।
Mirae Asset ShareKhan के कमोडिटी प्रमुख प्रवीण सिंह का कहना है कि अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। वहीं, चीन की ओर से टेक सेक्टर को समर्थन देने के लिए किए जा रहे बड़े निवेश से इंडस्ट्रियल मेटल्स, खासकर चांदी, को भी मजबूती मिली है।
MCX गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय
LKP Securities के वीपी (रिसर्च- कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी ने कहा कि हालिया गिरावट के बाद सोने में फिर से मजबूत रिकवरी देखने को मिली है। MCX पर सोना करीब ₹1,500 यानी 1% चढ़कर ₹1,42,800 के आसपास पहुंच गया। वहीं, COMEX Gold भी 4,070 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार कर रहा है और 4,000 डॉलर के अहम स्तर से ऊपर बना हुआ है।
उनके मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव की वजह से सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग फिर बढ़ी है। इसी का फायदा सोने को मिल रहा है। हाल की गिरावट के बाद बिकवाली का दबाव भी काफी हद तक कम हो गया है।
जतीन त्रिवेदी का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और फेडरल रिजर्व के सतर्क रुख के बावजूद भू-राजनीतिक अनिश्चितता निवेशकों को फिर से सोने की ओर खींच रही है। उनका अनुमान है कि अगले कुछ कारोबारी सत्रों में MCX Gold ₹1,41,000 से ₹1,45,000 प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर सकता है।
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