SpaceX आया रिकॉर्ड हाई से 50% नीचे, इस कारण कमजोर हो रहा Elon Musk का शेयर

Elon Musk’s SpaceX Big Fall: एलॉन मस्क की स्पेस कंपनी स्पेसएक्स ने स्टॉक मार्केट में धांसू एंट्री की। इसने निवेशकों को मालामाल कर दिया और दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलॉन मस्क और अमीर हो गए और वह दुनिया के इकलौते ट्रिलेनियनर यानी कि एक ट्रिलियन डॉलर यानी $1 लाख करोड़ की दौलत वाले शख्स बन गए। हालांकि अब स्पेसएक्स के शेयरों की भारी गिरावट ने मस्क की दौलत गिरा दी और अब वह ट्रिलेनियनर नहीं रह गए। 24 जुलाई को एलॉन मस्क ने X (पूर्व नाम Twitter) पर मजाकिया अंदाज में लिखा, पूर्व ट्रिलेनियर।

इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को $135 के भाव पर जारी हुए थे। 12 जून को मार्केट में इसकी $150 के भाव पर एंट्री हुई थी और पहले ही कारोबारी दिन $176.52 के हाई पर पहुंचने के बाद $160.95 के भाव पर बंद हुआ। इसके दो ही दिन बाद 16 जून को यह $225.64 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा था लेकिन अब नास्डाक पर यह $113.50 पर यानी कि हाई लेवल से यह 49.70% नीचे आ चुका है। वैसे इसका रिकॉर्ड निचला स्तर $108.66 है जो इसने 27 जुलाई को इंट्रा-डे में छुआ।

क्यों टूट रहा SpaceX का शेयर?

स्पेसएक्स के आईपीओ फाइलिंग में सामने आया था कि कंपनी कितना खर्च कर रही है और इसका टारगेट क्या है। अब जून 2026 तिमाही के कारोबारी नतीजे से लेटेस्ट तस्वीर सामने आई है जैसे कि कंपनी को जून तिमाही में करीब $430 करोड़ का नेट लॉस हुआ, $470 करोड़ का रेवेन्यू हासिल हुआ, कैपिटल एक्सपेंडिचर $1010 करोड़ रहा जिसमें से $772 करोड़ सिर्फ एआई पर खर्च हुए। जब शेयर चढ़ रहे थे तो निवेशकों ने इन खर्चों पर ध्यान नहीं दिया और इसे एलॉन मस्क के उस अनुमान से भी सपोर्ट मिला जिसमें उन्होंने कहा था कि साल 2030 के आखिरी तक स्पेसएक्स सालाना $1 ट्रिलियन रेवेन्यू हासिल कर सकती है जोकि साल 2025 के $1870 करोड़ के रेवेन्यू से 50 गुना से भी अधिक है।

हालांकि निवेशक अब इसके खर्चों पर ध्यान दे रहे हैं जिसके चलते शेयरों पर दबाव दिखा। इसके अलावा स्टारशिप की 13वीं टेस्ट फ्लाइट रद्द होने से इसके मार्केट कैप में करीब $10 हजार करोड़ की गिरावट आई। स्पेसएक्स के लिए स्टारशिप काफी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है, क्योंकि इसी से कंपनी की भविष्य की एआई और मंगल ग्रह से जुड़ी योजनाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

अब आगे कैसी रहेगी चाल?

निवेशकों की नजरें अब 4 अगस्त को आने वाले स्पेसएक्स के कारोबारी नतीजे पर हैं। यह पहली बार होगा, जब एक पब्लिक लिस्टेड कंपनी के तौर पर यह अपना रिजल्ट पेश करेगी। इसके अवावा 6 अगस्त को लॉक-अप एक्सपायरी होने को लेकर भी निवेशकों की नजर है। लॉक-अप एक्सपायरी से लाखों शेयर मार्केट में आ सकते हैं तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।

ट्रेडिंगकी की रिपोर्ट के मुताबिक इसे कवर करने वाले 31 एनालिस्ट्स ने 12 महीने के लिए इसका औसत टारगेट प्राइस $235.18 तय किया है। एनालिस्ट्स के मुताबिक हाइएस्ट टारगेट प्राइस $800 और लोएस्ट टारगेट $115 का है। स्पेसएक्स में शुरुआती दौर में निवेश करने वाले और Atreides Management के सीआईओ गैविन बेकर ने सीएनबीसी पर कहा कि उन्हें कोई चिंता नहीं है, क्योंकि आईपीओ के बाद शुरुआती दौर में गिरावट सामान्य बात है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

क्या स्पाउस के अकाउंट में पैसे डालकर टैक्स बचाया जा सकता है? पैसे गिफ्ट करने को लेकर क्या रूल है, ये कब टैक्सेबल होता है?

Tax Rules On Gifting Money To Spouse: बहुत से नौकरीपेशा और बिजनेसमैन यह मान लेते हैं कि अपनी पत्नी या पति के बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करके या उनके नाम पर निवेश करके परिवार की टैक्स देनदारी को कम किया जा सकता है। विशेष रूप से तब, जब स्पाउस की कोई अपनी कमाई न हो या वे लोअर टैक्स स्लैब में आते हों।

हालांकि, आयकर विभाग के नियम कुछ और ही कहते हैं। अगर आप सही नियमों और ‘क्लबिंग ऑफ इनकम’ के प्रावधानों को नहीं समझते हैं, तो टैक्स बचाने का यह तरीका आपके लिए भारी पड़ सकता है।

क्या स्पाउस को पैसे गिफ्ट करना टैक्स फ्री है?

हां, पैसे गिफ्ट करना पूरी तरह से टैक्स फ्री है! इनकम टैक्स एक्ट की धारा 56 के तहत पति या पत्नी को ‘रिश्तेदार’ की श्रेणी में रखा गया है। इसलिए अपनी पत्नी या पति को कैश, चेक या एसेट के रूप में कितना भी पैसा गिफ्ट किया जाए, उस पर पाने वाले को कोई टैक्स नहीं देना होता।

कब लगता है अन्य पर टैक्स?

किसी गैर-रिश्तेदार से एक वित्तीय वर्ष में ₹50,000 से अधिक का गिफ्ट मिलने पर टैक्स लगता है, लेकिन स्पाउस के मामले में यह सीमा लागू नहीं होती। पैसे गिफ्ट करना भले ही टैक्स-फ्री हो, लेकिन जैसे ही उस पैसे को कहीं इन्वेस्ट किया जाता है और उससे कमाई शुरू होती है, टैक्स के नियम बदल जाते हैं।

‘क्लबिंग ऑफ इनकम’ (सेक्शन 64) का गणित क्या है?

अगर आप अपनी पत्नी को पैसे गिफ्ट करते हैं और वे उस पैसे को एफडी, म्युचुअल फंड, शेयर मार्केट या सोने में निवेश कर देती हैं, तो उससे होने वाली कमाई पर आपकी पत्नी नहीं, बल्कि आपको टैक्स देना होगा। आयकर अधिनियम की धारा 64 के तहत ‘क्लबिंग प्रावधान’ इसलिए बनाए गए हैं ताकि लोग कम टैक्स स्लैब वाले पारिवारिक सदस्यों के नाम पर संपत्ति या पैसे ट्रांसफर करके टैक्स न चुरा सकें।

टैक्स किस पर लगेगा?

गिफ्ट किए गए पैसे से जो भी ब्याज, डिविडेंड या कैपिटल गेन्स होगा, वह आपकी कुल कर योग्य आय में जोड़ दिया जाएगा और आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स काटा जाएगा।

कब लागू नहीं होते क्लबिंग ऑफ इनकम के नियम?

कुछ खास परिस्थितियां ऐसी हैं जहां क्लबिंग के नियम लागू नहीं होते और आप कानूनी रूप से टैक्स राहत पा सकते हैं:

खुद की प्रोफेशनल या टेक्निकल योग्यता से कमाई: अगर आपकी पत्नी आपकी किसी कंपनी या फर्म से सैलरी, फीस या कमीशन प्राप्त करती हैं और वह कमाई उनकी अपनी शैक्षणिक योग्यता, ज्ञान या हुनर के दम पर है, तो उस कमाई को आपके साथ नहीं जोड़ा जाएगा।

PPF में निवेश: अगर आप अपनी पत्नी के नाम से पीपीएफ खाता खोलकर उसमें पैसे जमा करते हैं, तो उस पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह से टैक्स फ्री होता है। इसलिए वहां क्लबिंग का कोई नुकसान नहीं होता।

पिन मनी या घर के खर्च की बचत: अगर पत्नी घर चलाने के लिए मिले खर्चों में से बचत करके उसे कहीं इन्वेस्ट करती हैं, तो उससे हुई आय पर क्लबिंग नियम लागू नहीं होते।

कमाई पर दोबारा कमाई: गिफ्ट किए गए पैसे से जो पहली कमाई होगी, वह आपके खाते में जुड़ेगी। लेकिन अगर आपकी पत्नी उस ब्याज के पैसे को दोबारा कहीं इन्वेस्ट करके और कमाई करती हैं, तो उस ‘दूसरी कमाई’ पर क्लबिंग लागू नहीं होगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

5 वजहों से Nifty में पांच दिनों की गिरावट के बाद तेजी, IT Stocks के दम पर Sensex में 600 अंकों का उछाल

Share Market Rally: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन आज लगातार पांच कारोबारी दिनों की गिरावट का सिलसिला टूटा। अमेरिका और ईरान के बीच हमले थमे तो मार्केट उछल पड़ा। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स इंट्रा-डे में 500 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी भी 24150 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर भी रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 एक-एक फीसदी से अधिक मजबूत हुए हैं। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:13 AM पर सेंसेक्स 564.06 प्वाइंट्स यानी 0.74% की बढ़त के साथ 76,623.83 और निफ्टी 50 भी 159.35 प्वाइंट्स यानी 0.67% की बढ़त के साथ 23,926.80 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 655.87 प्वाइंट्स चढ़कर 76,715.64 और निफ्टी 197.05 प्वाइंट्स उछलकर 23,964.50 तक पहुंचा था।

Share Market Rally: ये है वजह

अमेरिका और ईरान के थमे हमले

पश्चिमी एशिया में एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू हो गया था लेकिन अब जब हमले थमे हैं तो इसने मार्केट में रौनक बिखेर दी।

कच्चे तेल में गिरावट

अमेरिका और ईरान के बीच हमले रुके तो इससे वैश्विक जियोपोलिटिकल टेंशन ढीला पड़ा और कच्चा तेल फिसल पड़ा। वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 5% टूटकर प्रति बैरल $86 के करीब आ गया। इससे मार्केट को सपोर्ट मिला।

डॉलर की कमजोरी

वीकेंड में अमेरिका ने ईरान पर बमबारी रोक दी जिससे तेल की कीमतें नीचे आई और ग्लोबल बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ा। इसके चलते डॉलर पर दबाव बना है। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 101.2 के लेवल पर दिख रहा है। डॉलर की कमजोरी से मार्केट को सपोर्ट मिला है।

India VIX में गिरावट

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में गिरावट ने रौनक बढ़ा दी। फिलहाल यह 5.63% की फिसलन के साथ 13.24 पर है। इसमें गिरावट का मतलब वोलैटिलिटी कम होने की संभावना और इसमें उछाल का मतलब वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका है।

IT Stocks में जोरदार तेजी

मार्केट को आईटी शेयरों की ताबड़तोड़ खरीदारी से शानदार सपोर्ट मिला है जिसका निफ्टी इंडेक्स ढाई फीसदी मजबूत हुआ है। इसे एफएमसीजी, फार्मा, और रियल्टी सेक्टर से भी अच्छा सपोर्ट मिला है जिनके निफ्टी इंडेक्सेज में 1-1% से अधिक बढ़त है। सरकारी और प्राइवेट बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में भी आधे-आधे फीसदी की बढ़त है।

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LIC’s Micro Bachat Plan: ₹1000 महीने वाली एलआईसी पॉलिसी, रिटर्न भी धांसू

LIC’s Micro Bachat Plan: एलआईसी के कुछ प्लान ऐसे हैं, जिनमें इंश्योरेंस कवरेज के साथ-साथ रिटर्न भी बेहतर मिलता है। इसमें से एक माइक्रो बचत प्लान है। इसमें सालाना करीब ₹12 हजार में यानी हर महीने महज ₹1000 के प्रीमियम में ही 15 साल तक का इंश्योरेंस कवरेज हासिल किया जा सकता है। इसमें पॉलिसीहोल्डर्स को शर्तों के हिसाब से लॉयल्टी एडीशंस मिलता है और मौजूदा लॉयल्टी एडीशंस के हिसाब से करीब 6% तक का रिटर्न बन सकता है। हालांकि इस प्लान की कुछ सीमाएं भी हैं जैसे कि इसमें अधिकतम ₹2 लाख तक की ही पॉलिसी खरीदी जा सकती है। इस

LIC’s Micro Bachat Plan: खास बातें

एलआईसी का माइक्रो बचत प्लान एक नॉन-लिंक्ड, पार्टिसिपेटिंग, इंडिविजुअल लाइफ, माइक्रो-इंश्योरेंस, सेविंग्स प्लान है।

इसमें 18-55 वर्ष की उम्र में ₹1-₹2 लाख तक की पॉलिसी ली जा सकती है।

प्रीमियम भरने के लिए 10 से लेकर 15 वर्षों तक का पीरियड चुना जा सकता है और प्रीमियम पेमेंट टर्म (PPT) खत्म होने के बाद मेच्योरिटी पर पैसा मिलेगा।

मेच्योरिटी पर कितना पैसा मिलेगा, यह निर्भर करता है कि पॉलिसी कितने साल के लिए ली है क्योंकि जितने समय के लिए पॉलिसी लेंगे, उतने समय तक का लॉयल्टी एडीशन (LA) मिलेगा। लॉयल्टी एडीशन 5 साल के बाद ही जुड़ने शुरू होते हैं यानी कि इससे पहले सरेंडर करने पर लॉयल्टी एडीशन नहीं मिलेगा।

अब डेथ बेनेफिट की बात करें तो पॉलिसीहोल्डर्स की मौत के मामले में अगर पॉलिसी के पहले पांच साल में मृत्यु हुई है तो नॉमिनी को सम एश्योर्ड के बराबर पैसा मिलेगा और 5 साल के बाद मौत होने पर सम एश्योर्ड के साथ लॉयल्टी एडीशन जोड़कर मिलेगा। सम एश्योर्ड का मतलब बेसिक सम एश्योर्ड या सालाना प्रीमियम के सात गुने में जो अधिक हो, वह है।

इसमें किए गए निवेश पर ओल्ड टैक्स रिजीम में सेक्शन 80सी के तहत टैक्स डिडक्शन मिलता है तो मेच्योरिटी का पैसा सेक्शन 10(10डी) के तहत टैक्स-फ्री है।

इसमें ADDB (एक्सीडेंटल डेट एंड डिजेबिलिटी बेनेफिट), AB, AB (दो गुना), AB (3 गुना) जैसे राइडर्स उपलब्ध हैं।

उदाहरण से समझें

मान लिया कि 55 साल के किसी शख्स ने इस प्लान के तहत ₹2 लाख की पॉलिसी खरीदी। उनका सालाना प्रीमियम ₹12066, छमाही ₹6096, तिमाही ₹3080 या मासिक ₹1027 बनेगा। 15 साल तक प्रीमियम पेमेंट करने के बाद मौजूदा लॉयल्टी एडीशन के हिसाब से रिटर्न में ₹2.65 लाख मिलेंगे। अभी सम एश्योर्ड के हर ₹1000 पर एलआईसी ₹325 लॉयल्टी एडीशन दे रही है। इसमें सालाना 5.1% का रिटर्न बनता दिख रहा है। ध्यान दें कि इसमें प्रीमियम कैलकुलेशन ADDB राइडर्स को मिलाकर किया गया है।

अब मान लेते हैं कि किसी शख्स ने 18 साल की उम्र में पॉलिसी ली। ADDB राइडर्स के साथ सालाना प्रीमियम ₹10360, छमाही ₹5235, तिमाही ₹2645 या मासिक ₹882 बनेगा। 15 साल तक प्रीमियम पेमेंट करने के बाद मौजूदा लॉयल्टी एडीशन के हिसाब से रिटर्न में ₹2.65 लाख मिलेंगे। इसमें सालाना 6.7% तक ेका रिटर्न बनता दिख रहा है।

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Small Savings Schemes: शेयर मार्केट में उठा-पटक की टेंशन दूर, 8.2% तक का रिटर्न, पोस्ट ऑफिस की ये स्कीम शानदा

डिस्क्लेमर: निवेश या बीमा से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने सलाहकार से जरूर संपर्क करें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Small Savings Schemes: शेयर मार्केट में उठा-पटक की टेंशन दूर, 8.2% तक का रिटर्न, पोस्ट ऑफिस की ये स्कीम शानदार

Small Savings Schemes: पिछले कुछ महीनों से स्टॉक मार्केट में काफी उठा-पटक दिख रही है। इससे शॉर्ट टर्म में रिटर्न को लेकर निवेशक परेशान हो गए हैं। हालांकि अधिकतक एक्सपर्ट्स लंबे समय में अच्छा पैसा बनाने के लिए इक्विटी में पैसा लगाने की सलाह देते हैं लेकिन जो निवेशक मार्केट की घबराहट से दूर बिना टेंशन अच्छा पैसा बनाना चाहते हैं, उनके लिए भी मार्केट में विकल्प उपलब्ध हैं। ऐसे निवेशकों के लिए सरकार के सपोर्ट वाली छोटी बचत योजनाएं पोर्टफोलियो का अच्छा हिस्सा बन सकती हैं। इनमें सालाना 8.2% तक का ब्याज मिल रहा है, जिससे मार्केट की उठा-पटक से दूर निवेशकों का क्रेज इन्हें लेकर बढ़ रहा है।

Public Provident Fund (PPF)

लंबे समय से पीपीएफ सैलरीड एंप्लॉयीज और अपना खुद का बिजनेस करने वालों के लिए सबसे पसंदीदा निवेश विकल्पों में शुमार है। अभी इस पर सालाना 7.1% की दर से ब्याज मिल रहा है। इसका मेच्योरिटी पीरियड 15 वर्ष है। पुरानी टैक्स व्यवस्था यानी ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत इसमें किए गए निवेश पर इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत टैक्स डिडक्शन मिलका है। साथ ही अर्जित ब्याज और मेच्योरिटी पर मिलने वाला पैसा भी टैक्स-फ्री होता है।

National Savings Certificate (NSC)

एनएससी एक फिक्स्ड इनकम योजना है, जिसमें अभी सालाना 7.7% की दर से ब्याज मिल रहा है। इसका मेच्योरिटी पीरियड 5 साल है और इसमें निवेश पर सेक्शन 80सी के तहत टैक्स बेनेफिट्स भी मिलता है।

Kisan Vikas Patra (KVP)

बाजार की उठा-पटक से दूर किसान विकास पत्र (केवीपी) ऐसे निवेशकों के लिए सुरक्षित है जो बिना किसी टेंशन अपने पैसे को अच्छी रफ्तार से बढ़ता हुआ देखना चाहते हैं। अभी इस पर सालाना 7.5% की दर से ब्याज मिल रहा है और इस रफ्तार से 115 महीने में इसमें रखा पैसा डबल हो जाता है।

Sukanya Samriddhi Yojana (SSY)

लड़कियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना में अभी सालाना 8.2% की दर से ब्याज मिल रहा है जोकि स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स में सबसे अधिक ब्याज देने वाली योजना में से एक है। 10 साल से कम उम्र की लड़की के अभिभावक यह खाता खोल सकते हैं।

Senior Citizens’ Savings Scheme (SCSS)

सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम के तहत अभी सालाना 8.2% की दर से ब्याज मिल रहा है और यह भी अधिक ब्याज देने वाली सरकारी बचत योजनाओं में शुमार है। इसके तहत 60 वर्ष या इससे अधिक उम्र के लोग निवेश कर सकते हैं और ऐसे लोगों के लिए बेहतर है जो नियमित आय चाहते हैं।

Post Office Time Deposits

पोस्ट ऑफिस में बैंकों की तरह एक एफडी है, जिसे सरकार का सपोर्ट मिला हुआ है। इसमें एक साल की जमा पर 6.9%,दो साल की जमा पर 7.0%, तीन साल की जमा पर 7.1% और पांच साल की जमा पर 7.5% की दर से ब्याज मिलेगा। पांच साल की जमा पर सेक्शन 80सी के तहत टैक्स बेनेफिट्स भी मिलेगा।

छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें

सरकार हर तिमाही स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स यानी छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें तय करती हैं और सितंबर तिमाही के लिए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यहां पोस्ट ऑफिस से जुड़ी स्कीम्स के लिए ब्याज दर की डिटेल्स दी जा रही है-

स्मॉल सेविंग्स स्कीमब्याज दर
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)8.2%
सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम (SCSS)8.2%
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)7.7%
किसान विकास पत्र (KVP)7.5%
5 वर्षीय पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट7.5%
पोस्टऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS)7.4%
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)7.1%
3 साल का पोस्ट ऑफिस  टाइम डिपॉजिट7.1%
2 साल का पोस्ट ऑफिस डाकघर टाइम डिपॉजिट7.0%
1 साल का पोस्ट ऑफिस  टाइम डिपॉजिट6.9%
पोस्ट ऑफिस आरडी (RD)6.7%
पोस्ट ऑफिस सेविंग्स स्कीम4.0%

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Stock Market Fall: सेंसेक्स 332 अंक गिरकर बंद; लगातार 5वें दिन लाल, निवेशकों के ₹91511 करोड़ स्वाहा

भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार, 24 जुलाई को लगातार 5वें कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए। दिन में सेंसेक्स ने 917 अंकों की तगड़ी मार झेली और 75,474.43 के लो तक चला गया। निफ्टी भी 263 अंक तक टूटकर 23,606.30 के लो तक गया। हालांकि बाद में रिकवरी हुई। सेंसेक्स 331.62 अंकों की गिरावट के साथ 76,059.77 पर और निफ्टी 102.15 अंकों की गिरावट के साथ 23,767.45 पर बंद हुआ।

इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 91,510.68 करोड़ रुपये घट गया। गुरुवार, 23 जुलाई को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,76,60,985.926 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह घटकर 4,75,69,475.24 करोड़ रुपये हो गया।

NSE पर एचसीएल टेक्नोलोजिज, सिप्ला, विप्रो, आईटीसी, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी टॉप गेनर्स रहे। वहीं इटर्नल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, बजाज ऑटो टॉप लूजर्स रहे।

एक दिन पहले कैसी रही थी चाल

पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण कच्चे तेल के दाम में उछाल से गुरुवार को सेंसेक्स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत टूटकर 76,391.39 पर बंद हुआ था। निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत टूटकर 23,869.60 अंक पर बंद हुआ था।

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रुपये की चाल

शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 22 पैसे मजबूत होकर 96.51 पर पहुंच गया। बाद में यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 18 पैसे मजबूत होकर 96.55 (अस्थायी) पर बंद हुआ। खबरों के मुताबिक, इसमें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की संभावित दखलंदाजी का भी हाथ रहा, जिसके जरिए कच्चे तेल की कीमत में उछाल के बीच रुपये में और गिरावट को रोकने की कोशिश की गई। इसके अलावा कमजोर अमेरिकी डॉलर ने भी घरेलू करेंसी को कुछ सहारा दिया। रुपया गुरुवार को 20 पैसे की गिरावट के साथ 96.73 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 6 प्रतिशत लुढ़क गया। जापान का निक्केई 225, चीन का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग भी गिरावट में हैं। अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Top Stock Picks : बाजार में वेट एंड वॉच मोड में रहें, किसी गिरावट में इन फार्मा और डिफेंस शेयरों में करें खरीदारी

Top Stock Picks : शुक्रवार को दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट देखने को मिल रही है। अलग-अलग सेक्टर में बड़े पैमाने पर बिकवाली के कारण बेंचमार्क इंडेक्स पर दबाव बना हुआ। फिलहाल सेंसेक्स 571.57 अंक या 0.75 प्रतिशत गिरकर 75,819.82 पर और निफ्टी 163.20 अंक या 0.68 प्रतिशत गिरकर 23,706.40 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 0.5% की गिरावट दर्ज देखने को मिल रही है।

ऐसे में टेक्नो फंडा नजरिए के साथ बाजार पर बात करते हुए जेएम फाइनेंशियल्स (JM Financial Services) के PMS के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष चतुरमोहता ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से बाजार में काफी अनसर्टेनिटी देखने को मिल रही है। क्रूड ने फिर से 100 डॉलर का लेवल हासिल कर लिया है। इसके अलावा ग्लोबल मार्केट में एआई डेटा सेंटर रिलेटेड पूरी थीम में अच्छी-खासी बिकवाली देखने को मिली है। ताइवान, कोरिया और यूएस जैसे मार्केट में एआई पर भारी कैपेक्स के चलते दबाव बना है। इस भारी कैपेक्स के चलते Apple जैसे शेयरों की रेवेन्यू विजिबिलिटी काफी कम नजर आ रही है। इसके चलते बाजार में काफी अनिश्चितता देखने को मिल रही है।

इस बीच अगर पश्चिम एशिया का संकट और बढ़ता है तो दुनिया के सभी बाजारों पर इसका असर देखने को मिलेगा। अपने बाजार की बात करें तो निफ्टी ने बहुत दिनों तक अपने 200 डे मूविंग एवरेज को मेंटेन करने की कोशिश की। बैंकिंग सेक्टर में भी हमे ड्रॉप देखने को मिल रहा है। निफ्टी तो ऑलरेडी 200 डे मूविंग एवरेज को क्रॉस ही नहीं कर पा रहा है। ऐसे में बाजार में थोड़ा सा अनसर्टेनिटी का माहौल है। इसको ध्यान में रखते हुए बाजार में वेट एंड वॉच की अप्रोच मेंटेन रखने की सलाह होगी। निफ्टी के 23500- 23400 के पिछले कुछ सपोर्ट बने हुए हैं। अगर ये सपोर्ट टूटते होते हैं तो और कमजोरी आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में हमें थोड़ी वेट एंड वॉच की अप्रोच रखनी चाहिए। इंडेक्स में लॉन्ग और शॉर्ट दोनों ही साइड में कोई जल्दबाजी करने से बचें।

अपने पसंदीदा शेयरों पर बात करते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि उनकी सबसे पहली पसंद हैं हॉस्पिटल स्टॉक्स। इस समय हॉस्पिटल इंडस्ट्री में बहुत बड़ा कंसोलिडेशन चल रहा है। बड़े हॉस्पिटल लगातार छोटे हॉस्पिटल्स को बहुत कम और रीजनेबल वैल्यूएशन पर एक्वायर कर रहे हैं। कहीं ना कहीं इन हॉस्पिटल्स की तीन क्रिटिकल चीजें इंप्रूव हो रही है। इनका एवरेज लेंथ ऑफ स्टे कम हो रहा है। इनके मिक्स हायर मार्जिन साइड में शिफ्ट हो रहे हैं । तीसरी बात यह है कि इनकी ऑक्युपैंसी रेट्स बढ़ रही है। कुल मिलाकर कहें तो आगे हॉस्पिटल सेगमेंट काफी अच्छा प्रदर्शन करेगा। यहां पर लार्ज हॉस्पिटल में अपोलो हॉस्पिटल और मैक्स हॉस्पिटल जैसे स्टॉक काफी अच्छे लग रहे हैं।

अगर मिड एंड स्मॉल सेगमेंट में देखें तो एस्टरडीएम (Aster DM) और पार्क मेडी जैसी कंपनियां काफी इंटरेस्टिंग नजर आ रही हैं। इसके अलावा फार्मा जुड़े कुछ दूसरे शेयर भी अच्छे लग रह हैं। हालांकि, जेरिक साइड पर हमें कुछ अनसर्टेनिटी नजर आ रही है। लेकिन हम अगर इस सेक्टर के स्पेशियलिटी सीडीएमओ और सीआरडीएमओ स्पेस की बात करें तो हमें लगता है यह एरिया टैरिफ से जुड़ी अनसर्टेनिटी से काफी सेफ है। इसके चलते हमें लगता है कि किसी गिरावट में नवीन फ्लोरीन, बायोकॉन और लॉरस लैब जैसे स्टॉक्स में खरीदारी की जा सकती है।

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तीसरी थीम डिफेंस स्पेस से है। इस सेक्टर पर सरकार का लगातार फोकस बना हुआ है। डिफेंस कंपनियों का ऑर्डर इनफ्लो काफी स्ट्रांग है। ये कंपनियां डिजाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग दोनों साइड पर काफी फोकस कर रही हैं। इस बात को देखते हुए एरोस्पेस इंजीनियरिंग और डिफेंस एक ऐसा बास्केट होगा जिसमें गिरावट पर खरीदारी की जानी चाहिए।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Share Market Crash: सेंसेक्स 778 अंक तक फिसला, निफ्टी 23700 के नीचे; निवेशकों के ₹3.58 लाख करोड़ साफ

शेयर बाजार में शुक्रवार, 24 जुलाई को तेज गिरावट है। सेंसेक्स खुलने के कुछ ही पलों के अंदर 778 अंक तक लुढ़क गया। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 3.58 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया। सेंसेक्स की ओपनिंग लाल निशान में 75,708.19 पर हुई। फिर यह पिछली क्लोजिंग से करीब 778 अंक गिरकर 75,613.43 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी गिरावट के साथ 23,666.35 पर खुला और फिर पिछली क्लोजिंग से 223 अंक तक टूटकर 23,646.90 के लो तक गया।

गुरुवार, 23 जुलाई को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,76,60,985.926 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट खुलने के कुछ ही पलों के अंदर यह घटकर 4,73,02,449.65 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 3,58,536.276 करोड़ रुपये की गिरावट।

एक दिन पहले कैसी रही थी बाजार की चाल

शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार 5वें दिन गिरावट है। पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण कच्चे तेल के दाम में उछाल से गुरुवार को 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत टूटकर 76,391.39 पर बंद हुआ था। निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत टूटकर 23,869.60 अंक पर बंद हुआ था।

Market Trend: मार्केट एक्सपर्ट पंकज रांदड़ से जानें, आज निफ्टी-बैंक निफ्टी की कैसी रह सकती है चाल, कहां होगी कमाई

Market Trend : ग्लोबल बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने कल बाजार को दबाव में ला दिया। बाजार में दिनभर बिकवाली हावी रही। सेंसेक्स-निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला। सेंसेक्स 364 प्वाइंट गिरकर 76,391 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 127 प्वाइंट गिरकर 23,870 पर बंद हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली रही। निफ्टी बैंक इंडेक्स करीब 1% गिरकर बंद हुआ। केमिकल,रियल्टी और एनर्जी शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। मेटल और फार्मा इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। बैंक निफ्टी 535 प्वाइंट गिरकर 56,592 पर बंद हुआ। वहीं, मिडकैप 616 प्वाइंट गिरकर 61,685 पर बंद हुआ। डॉलर के मुकाबले रुपया भी 1 पैसा कमजोर होकर 96.57/$ पर बंद हुआ।

आज कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइजर्स (Equinox Research & Advisors) के पंकज रांदड़ ने कहा कि निफ्टी में लगातार कई दिनों से भारी बिकवाली देखने मिल रही है। निफ्टी लोअर टाइम फ्रेम और बड़े टाइम फ्रेम दोनों पर ही 200 डेमा के नीचे फिसल चुका है। इसके अलावा यह 20 डेमा और वीवैप के नीचे भी आ चुका है। ऐसे में ओवरऑल सेंटीमेंट्स थोड़े से नेगेटिव ही नजर आ रहे हैं। लेकिन अगर सपोर्ट की बात करें तो इसके लिए 23750 के लेवल पर सपोर्ट दिख रहा है। जब तक निफ्टी इस सपोर्ट को बनाए रखता है तब तक इसमें ऊपर की तरफ 23400 की और तेजी की उम्मीद कायम रहेगी। हालांकि यह टारगेट्स काफी लंबा नजर आता हैं। लेकिन बहुत शॉर्ट टाइम फ्रेम में यह एक्टिवेट हो सकता है।

जहां तक बैंक निफ्टी की बात करें तो इसमें लोअर टाइम फ्रेम पर निचले स्तरों से खरीदारी आ रही है, लेकिन बड़े टाइम फ्रेम पर अभी भी यहां बड़ी गिरावट देखने मिल रही है। यह इंडेक्स 200 डेमा की रेंज पर आकर बंद होते हुए नजर आ रहा है। ऐसे में ओवरऑल सेंटीमेंट्स साइडवेज से नेगेटिव ही नजर आते हैं।

आज के लिए अपने पसंदीदा शेयर पर बात करते हुए पंकज रांदड़ ने कहा कि IEX के फ्यूचर्स के अंदर वॉल्यूम के साथ में काफी बड़ी बिकवाली देखने को मिली है। ऊपरी रेंज से एक बेस बनाकर वहां से सेलिंग हुई है यहां पे। IEX के फ्यूचर्स में ₹122 की रेंज में बिकवाली की सलाह रहेगी। यहां पर ₹124.50 का स्टॉप लॉस मेंटेन करना है। इसमें आज के सत्र में ₹118 तक के टारगेट देखने को मिल सकते हैं।

 

Realty Stocks : निफ्टी रियल्टी इंडेक्स ने लगाई जबरदस्त छलांग, एनालिस्ट्स को इन चुनिंदा शेयरों में अभी नजर आ रहा दम

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market View : कमजोर बाजार में भी करनी है कमाई तो इन दो शेयरों पर लगाएं दांव, नहीं होंगे निराश

ग्लोबल मार्केट से मिल रहे कमजोर संकेतों के बीच भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ खुले और निफ्टी 24,200 के नीचे आ गया। सुबह 09:40 बजे के आसपास सेंसेक्स 676.84 अंक या 0.87 प्रतिशत गिरकर 77,474.61 पर और निफ्टी 168.45 अंक या 0.69 प्रतिशत गिरकर 24,165.85 पर कारोबार कर रहा था। लगभग 1480 शेयरों में बढ़त देखी देखने को मिल रही थी। 1331 शेयरों में गिरावट आई थी और 185 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था।

निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में ICICI बैंक,टेक महिंद्रा,ONGC,JSW स्टील और सिप्ला शामिल थे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में एक्सिस बैंक,HDFC बैंक,कोटक महिंद्रा बैंक,इंटरग्लोब एविएशन और बजाज फाइनेंस शामिल थे। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।

निफ्टी पर रणनीति

ऐसे में बाजार की आगे की रणनीति पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 24381-24423 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 24505-24545/24593 पर है। इसके लिए पहला बेस 24210-24161 पर और बड़ा बेस 24139-24063 पर है। शुक्रवार को बड़े नतीजों से पहले तेज मूव देखने के मिला। दिन का हाई 24366 रहा। रेजिस्टेंस-1 पार करते ही निफ्टी सीधे रेजिस्टेंस-2 तक पहुंचा। तेजी सिर्फ लार्जकैप शेयरों तक सीमित रही, मार्केट ब्रेड्थ कमजोर रही। FIIs ने कैश में बिकवाली की,लेकिन इंडेक्स फ्यूचर्स में जोरदार खरीदारी की।

FIIs की भारी शॉर्ट कवरिंग देखने को मिली। नेट शॉर्ट करीब 2.16 लाख पर आ गए। 24200, 24100 और 24000 पर मजबूत पुट राइटिंग देखने को मिली। 24500-24600 पर हल्की कॉल राइटिंग मौजूद है। जियोपॉलिटिकल सेटअप निगेटिव और $90 के करीब क्रूड से चिंता है। आज बड़ी कंपनियों के नतीजों का रिएक्शन दिखेगा। चिप शेयरों में कमजोरी जारी है। कई बड़े ग्लोबल इंडेक्स दबाव में हैं। रेजिस्टेंस-1 (200DEMA+50WEMA) पार हुआ तो रंजिस्टेंस-2 भी संभव है। 24381-24423 के ऊपर टिकने पर 24505-24593 की तरफ बढ़त संभव है। फिलहाल आंकड़ो के मुताबिक 24593-628 संभव है। 24210-24161 पर बेस है। पुट राइटिंग के मद्देनजर बेस-1 के करीब गिरावट में एंट्री का सही मौका होगा।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 58710-58978/59040 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 59378-59513/59719 पर है। इसके लिए पहला बेस 58210-58045 और बड़ा बेस 57811-57631 पर है। आज बड़े प्राइवेट बैकों के नतीजों का असर दिखेगा। ICICI बैंक के शानदार नतीजों से सपोर्ट मुमकिन है। 90 डॉलर के करीब कच्चा तेल बाजार के लिए चिंता का विषय है। शुक्रवार की तेज तेजी के बाद 59000 पर कॉल राइटिंग बढ़ी है। 58000 के आसपास मजबूत पुट राइटिंग बनी हुई है।

कच्चे तेल और मिले-जुले नतीजों के बीच लेवल टू लेवल ट्रेड करें। 58710 के ऊपर टिकने पर 58978-59040 तक तेजी संभव है। अगली बड़ी चाल 59040 के ऊपर टिकने पर ही बनेगी। 59040 के ऊपर बैंक निफ्टी रेजिस्टेंस-2 की ओर बढ़ सकता है। जब तक बेस-1 बचा हुआ है BUY ON DIPS की रणनीति रखें। पुट राइटर्स के जोन टूटने तक बैंक निफ्टी में मजबूती संभव है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं manasjaiswal.com के मानस जायसवाल। इनकी कोलगेट पॉमोलिव (COLPAL) में 2014 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 2090 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, कोटक बैंक में इनकी 384 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 400 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

Stock Market Live:निफ्टी 24200 के नीचे फिसला,Q1 नतीजों के बाद HDFC बैंक और एक्सिस बैंक में गिरावट से सेंसेक्स 550 अंक टूटा

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।