शेयरों में निवेश करने जा रहे हैं? पहले जान लीजिए एचएसबीसी ने Sensex के लिए क्या टारेगट दिया है

शेयर बाजार में सेंटिमेंट बेहतर हुआ है। अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई फिर से शुरू होने के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट नहीं आई है। निफ्टी 24000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब बना हुआ है। इस बीच, विदेशी ब्रोकरेज फर्म एचएसबीसी ने 16 जुलाई को भारतीय कंपनियों के शेयरों की रेटिंग बढ़ा दी। उसने रेटिंग ‘अंडरवेट’ से ‘न्यूट्रल’ कर दी ।

विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में वापसी

HSBC ने कहा है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी से कंपनियों की अर्निंग्स को लेकर रिस्क घटा है। रुपये को गिरने से रोकने के उपायों से विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में वापसी हुई है। एचएसबीसी ने 2026 के अंत में BSE Sensex का टारगेट बढ़ाकर 84,000 प्वाइंट्स कर दिया है। पहले उसने 80,500 का टारगेट प्राइस दिया था। इसका मतलब है कि सेंसेक्स मौजूदा लेवल से 8.6 फीसदी चढ़ सकता है।

2026 में सेंसेक्स और निफ्टी का रिटर्न निगेटिव

इस साल भारतीय शेयर बाजार का रिटर्न निगेटिव है। निफ्टी और सेंसेक्स 2026 में अब तक 7 फीसदी से ज्यादा नीचे हैं। एचएसबीसी की रिपोर्ट की मानें तो अगले छह महीनों में बाजार में हालात बदलने वाले हैं। एचएसबीसी ने पहले इस साल दिसंबर तक सेंसेक्स के लिए 80,500 अंक का टारेगट दिया था। इस बीच, India VIX 12.91 पर आ गया है। 16 जुलाई को इसमें 2.71 फीसदी गिरावट दिखी। इंडिया वीआईएक्स का 15 से नीचे होना बाजार के लिए पॉजिटिव है।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स रिकॉर्ड ऊंचाई से 33% गिरा

क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी भारत के लिए अच्छी खबर है। भारत क्रूड की अपनी जरूरत का करीब 90 फीसदी हिस्सा इंपोर्ट से पूरा करता है। 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद क्रूड की कीमतें आसमान में पहुंच गई थीं। अप्रैल में Brent curde Futures 126.41 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। इस लेवल से क्रूड 33 फीसदी गिर चुका है।

क्रूड ऑयल में नरमी से मार्जिन पर दबाव घटा

एचएसबीसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, “ऑयल में नरमी आई है। इससे मार्जिन पर दबाव थोड़ा कम हुआ है। अर्निंग्स डाउनग्रेड का रिस्क भी घटा है।” इस महीने की शुरुआत में गोल्डमैन सैक्स ने इंडिया के आउटलुक को बेहतर बताया था। उसने कमोडिटी की कीमतों में नरमी और रुपये में स्थिरता को इसकी वजह बताई थी।

जुलाई में विदेशी निवेशकों ने की 1.6 अरब डॉलर की खरीदारी

विदेशी निवेशकों का रुख भारतीय बाजार को लेकर बदलता दिख रहा है। जुलाई में उन्होंने अब तक 1.6 अरब डॉलर के शेयर खरीदे हैं। चार महीनों तक भारतीय बाजार में बड़ी बिकवाली के बाद विदेशी निवेशक शुद्ध खरीदार बन गए हैं। 2026 में उन्होंने भारतीय बाजार में 27.7 अरब डॉलर की बिकवाली की है। यह पिछले साल उनकी 18.9 अरब डॉलर की बिकवाली से ज्यादा है। इसकी बड़ी वजह AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी है।

फॉरेन इनवेस्टर्स ने की इस वजह से बिकवाली 

भारतीय बाजार में एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरों की कमी है। इस वजह से विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजारों से पैसे निकाल अमेरिका, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों में लगाए हैं। इससे इन बाजारों में अच्छी तेजी आई है। दक्षिण कोरिया का बाजार तो इस साल दुनिया में सबसे ज्यादा चढ़ने वाला बाजार बन गया है। वहां एआई कंपनियों के शेयरों की कीमतें कई गुनी हो गई हैं।

₹1200 करोड़ जुटाने का प्लान, इस कारण Ather Energy में सरकार भी करेगी निवेश

दिग्गज ईवी कंपनी एथर एनर्जी (Ather Energy) ने नई पूंजी जुटाने का ऐलान किया है। इसमें एक निवेशक इंडिया-जापान फंड (IJF) का भी नाम सामने आया। यह भारत सरकार और JBIC (जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन) का एक इंवेस्टमेंट वेईकल है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि एक लिस्टेड दोपहिया बनाने वाली कंपनी में सरकार क्यों पैसे लगा रही है। इसका जवाब कंपनी को बचाने की कोशिश या मार्केट के बड़े खिलाड़ी को चुनना नहीं है बल्कि सरकार की व्यापक इंडस्ट्रियल स्ट्रैटेजी है। सरकार का लक्ष्य वैश्विक कंपनियों के टक्कर की ईवी बनाने वाली कंपनी तैयार करना, तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और देश को क्लीन मोबिलिटी मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर स्थापित करना है।

सरकार का सीधे निवेश नहीं

एथर एनर्जी में निवेश को लेकर एक और अहम बात ये है कि इसमें सरकार प्रत्यक्ष रूप से पैसे नहीं लगा रही है। यह निवेश इंडिया-जापान फंड के जरिए हो रहा है। $60 करोड़ का यह फंड साल 2023 में NIIF (नेशनल इंवेस्टमेंट एंड इंफ्रा फंड) और जेबीआईसी ने शुरू किया था। NIIF के जरिए भारत सरकार की इसमें 49% हिस्सेदारी है और बाकी 51% जेबीआईसी की। यह फंड क्लीन एनर्जी, सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और कम-कार्बन वाली टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने वाले बिजनेस में निवेश करने के लिए बनाया गया है। आईजेएफ आम सरकारी निवेश इकाई की बजाय एक लॉन-टर्म इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर के तौर पर काम करता है।

Ather Energy कैसे सरकार के क्राइटेरिया में फिट

आईजेएफ के निवेश के लिए एथर एनर्जी इसलिए फिट है क्योंकि विदेशों से तकनीक मंगाकर यहां असेंबलिंग करने वाली कई दूसरी कंपनियों की बजाय एथर एनर्जी ने अपनी अधिकतर तकनीक को यहीं डेवलप किया है। इसने बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम, सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म, कनेक्टेड वेईकल इकोसिस्टम, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और वाहन इलेक्ट्रॉनिक्स को खुद तैयार किया है। सरकार के लिए स्वदेशी तकनीकी क्षमता वाली कंपनियों को सपोर्ट करना ईवी को बढ़ावा जितना ही अहम होता जा रहा है। ईवी, बैट्री और उनसे जुड़ी टेक्नोलॉजी की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने से सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ मुहिम को सपोर्ट मिलता है और अधिक वैल्यू वाली मैन्युफैक्चरिंग नौकरियां भी तैयार होती हैं।

सिर्फ एक ही कंपनी में ही नहीं लग रहा पैसा

एथर एनर्जी में आईजेएफ के जरिए सरकार निवेश काफी अहम है। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है क्योंकि इससे पता चलता है कि कंपनी ऐसे सेक्टर में काम कर रही है जिसे लंबे समय तक पॉलिसी सपोर्ट मिलता रहेगा। ऐसा नहीं है कि फंड सिर्फ एथर एनर्जी में ही पैसे लगा रही है बल्कि महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी और इलेक्ट्रिक कमर्शियल गाड़ी बनाने वाली कंपनी EKA मोबिलिटी में भी इसका निवेश है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के अलग-अलग सेगमेंट- जैसे तिपहिया और कमर्शियल गाड़ियों से लेकर प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर तक की कंपनियों को सपोर्ट करके यह फंड किसी एक कंपनी पर दांव लगाने की बजाय एक बड़ा ईवी इकोसिस्टम बनाने में मदद कर रही है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

मजबूत NBFCs,बैंक और रियल एस्टेट शेयरों को गिरावट में खरीदें, SBI Funds IPO में सिर्फ लिस्टिंग गेन के लिए लगाएं दांव

बाजार की आगे की दशा और दिशा पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी अब तक पिछले बुधवार की कैंडल नहीं तोड़ पाया है। बुधवार का हाई 24,300 और निचला स्तर 23,805 था। पिछले 3-4 दिनों का हाई देखिए,वही पार नहीं हो रहा। लेकिन निचले स्तर पर 24,000 भी नहीं टूट रहा है। कल भी हमारा 24,200-24,250 का शॉर्ट जोन था और क्लोजिंग में वापस हमने न्यूट्रल नजरिया रखा। अभी कुछ दिन यही रणनीति रहेगी। निफ्टी में इंट्राडे रहिए और क्लोजिंग में न्यूट्रल रहें।

बाजार: आज के 2 बड़े सेक्टरल कॉल्स

कोरिया के बाजार में भारी गिरावट आई है। बैंक ऑफ कोरिया ने पॉलिसी रेट 2.50% से बढ़ाकर 2.75% किया है। आमतौर पर कोस्पी में गिरावट हमारे लिए एल्गो पॉजिटिव मानी जाती है। खास तौर से IT शेयरों में आज फिर तेजी आ सकती है। कल भी हमने IT पर घबराने से रोका था। सिर्फ CNBC-आवाज़ ने LTTS पर बिना घुमाए-फिराए लॉन्ग का नजरिया दिया था। TCS पर भी पिछले 1 हफ्ते से पॉजिटिव नजरिया रहा है। सिर्फ टाटा एलेक्सी और HCLTech पर हमने निगेटिव नजरिया रखा था। नतीजे,प्लेसमेंट और वैल्युएशन का कॉम्बिनेशन देखिए। आज उदाहरण के तौर पर विप्रो और टेक महिंद्रा पर लगभग सभी निगेटिव हैं। अगर इनके नतीजे हल्के से भी बेहतर आए तो इनमें जोरदार तेजी आ सकती है।

कच्चा तेल $85 पर है और रुपया ऑल टाइम लो के करीब है। ये भी IT शेयरों के लिए एल्गो पॉजिटिव ट्रिगर्स हैं। इसके अलावा लाइफ इंश्योरेंस शेयरों में भी तेजी देखने को मिल सकती है। कल ICICI Pru के नतीजे बाजार के दौरान आए थे। ICICI Pru में प्रूडेंशियल की बिक्री का डर भी कम हुआ है। HDFC Life के नतीजे भी काफी अच्छे हैं।

बाजार: क्या हो रणनीति?

हमारी दिक्कत ये है कि कच्चा तेल $85 पर अड़ा हुआ है और यही कारण है कि कोई रैली टिकती नहीं है। मगर बाजार में किसी भी एंगल से पैनिक नहीं है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है India VIX। India VIX में रत्ती भर भी डर के संकेत नहीं हैं। इसीलिए जैसे ही हम 24,000 के करीब आते हैं,खरीदारी आ जाती है। ऐसे में इस रेंज को स्मार्टली खेलने की जरूरत है। इंडेक्स में बड़ी ट्रेड 23,800 के नीचे या 24,300 के ऊपर ही मिलेगी। तब तक आपको इंडेक्स में इंट्राडे ही रहना होगा और क्लोजिंग में किसी भी लेकर जाने की टेम्पटेशन से बचिए। लेकर जाना ही है तो हेज के साथ या इंडिविजुअल शेयरों में मजबूत NBFCs,बैंक,ऑटो,रियल एस्टेट शेयरों को गिरावट में खरीदें। कच्चे तेल से जुड़े शेयरों में अब इन स्तरों पर शॉर्ट से बचें। जहां अर्निंग्स मजबूत हैं और कमेंट्री पॉजिटिव है,वहां खरीदारी करें।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,200-24,250 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,275-24,325 पर है। इसके लिए पहला सपोर्ट 23,950-24,050 पर और बड़ा सपोर्ट 23,800-23,850 पर है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 24,000-24,050 है। इसके लिए 23,950 पर स्टॉप-लॉस रखें। बिकवाली का सबसे अच्छा जोन 24,200-24,250 के रिजेक्शन पर है। इसके लिए SL 24,325 पर रखें।

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बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 57,500-57,700 पर और बड़ा सपोर्ट 57,200-57,400 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 57,800-58,000 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58,200-58,500 पर है। इस समय बैंक निफ्टी में ट्रेड करना बेहद मुश्किल है। कल का इंट्राडे चार्ट देखिए।

SBI Funds IPO: क्या करें निवेशक?

SBI Funds देश का सबसे बड़ा म्यूचुअल फंड है,मगर सिर्फ AUM के आधार पर। सिर्फ AUM सबसे बड़े MF का पैमाना नहीं हो सकता। अगर ऐसा होता तो IPO वैल्यूएशन ICICI Pru के मुकाबले इतने डिस्काउंट पर नहीं होता। ऊपरी प्राइस बैंड पर मार्केट कैप ICICI Pru से 40,000 करोड़ रुपए कम होगा। SBI AMC की AUM ग्रोथ 17% है,जबकि ICICI Pru की 26% है। SBI AMC का Equity AUM 36% है,जबकि इंडस्ट्री एवरेज 56% है। SBI AMC का 32% AUM Passive Funds से है। यही कारण है कि SBI MF का मुनाफा कमजोर है और ICICI Pru के मुकाबले ROE काफी नीचे है। अब क्योंकि टेबल पर कुछ छोड़ा है तो लिस्टिंग गेन मिल सकता है। अगर अप्लाई कर रहे हैं तो सिर्फ लिस्टिंग गेन के हिसाब से करें। अगर सिर्फ MF सेक्टर पर दांव लगाना है तो और भी बेहतर विकल्प हैं।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Devson Catalyst IPO Listing: लिस्ट होते ही लोअर सर्किट, धांसू एंट्री के बाद ₹118 के शेयरों पर आया दबाव

Devson Catalyst IPO Listing: इंडस्ट्रियल कैटेलिस्ट और सिरेमिक बॉल बनाने वाली देवसन कैटेलिस्ट के शेयरों की आज BSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 220 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹118 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹196.15 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 66.23% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹186.35 (Devson Catalyst Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 57.92% मुनाफे में हैं। चूंकि हर लॉट 1200 शेयरों का था तो आईपीओ निवेशक लोअर सर्किट के बावजूद हर लॉट पर ₹82,020 के मुनाफे में हैं।

Devson Catalyst IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

देवसन कैटेलिस्ट का ₹42 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 9-13 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 220.35 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 168.56 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 261.22 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 244.08 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 1.06 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹39 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 2.50 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹17.40 करोड़ नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने, ₹12 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Devson Catalyst के बारे में

देवसन कैटेलिस्ट ऑयल और गैस रिफाइनरीज, पेट्रोकेमिकल्स, स्टील, फर्टिलाइजर्स और अन्य इंडस्ट्रियल प्रोसेसिंग सेक्टर्स के लिए कैटेलिस्ट्स, एडजॉर्बेंट्स और सिरेमिक बॉल बनाती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी गुजरात में है जिसकी सालाना उत्पादन क्षमता करीब 6205 टन है। इसका कारोबार पूरी तरह से बी2बी मॉडल पर है। इसके प्रोडक्ट्स में कैटेलिस्ट, एडजॉर्बेंट और सेरेमिकल बॉल्स हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024 में इसे ₹4.08 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2025 में उछलकर ₹7.67 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2026 में ₹12.52 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना औसतन करीब 14% की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹56.84 करोड़ पर पहुंच गई। कंपनी अब कर्जमुक्त हो चुकी है और साथ ही मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर के रिजर्व और सरप्लस में ₹23.25 करोड़ पड़े थे।

Laser Power IPO Listing: ₹214 के शेयर 26% प्रीमियम पर लिस्ट

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IT Sector की रौनक पर Sensex में 300 अंकों की तेजी, 3 वजहों से 24150 के पार Nifty

Share Market Rally: एशियाई बाजारों में मिले-जुले रुझान के बीच डॉलर इंडेक्स की नरमी से घरेलू स्टॉक मार्केट में रौनक दिख रही है। शुरुआती कारोबार में ही घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेस सेंसेक्स और निफ्टी 50 उछल पड़े। सेंसेक्स 300 प्वाइंट्स से अधिक ऊपर चढ़ गया तो निफ्टी 50 भी 24150 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट को सपोर्ट मिला। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 मजबूत हुए हैं। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:23 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 246.45 प्वाइंट्स यानी 0.32% की बढ़त के साथ 77,431.88 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 66.00 प्वाइंट्स यानी 0.27% के उछाल के साथ 24,144.50 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 328.87 प्वाइंट्स उछलकर 77,514.30 और निफ्टी 88.90 प्वाइंट्स चढ़कर 24,167.40 तक पहुंच गया था।

Share Market Rally: इन वजहों से मिला सपोर्ट

डॉलर इंडेक्स में नरमी

गुरुवार को अमेरिकी डॉलर एक महीने के निचले स्तर के आस-पास आ गया जिससे मार्केट को सपोर्ट मिला। अमेरिका महंगाई के नरम आंकड़ों से इस बात की संभावना बढ़ी कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ाने को लेकर जल्दबाजी नहीं करेगा। इससे अमेरिकी डॉलर इंडेक्स नरम होकर 100.46 पर आ गया। डॉलर की कमजोरी से विदेशी निवेशकों का भारत जैसे उभरते बाजारों में निवेश बढ़ सकता है।

India VIX में गिरावट

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में गिरावट से मार्केट को सपोर्ट मिला है। फिलहाल यह 1.45% की गिरावट के साथ 13.08 पर है। इसके अधिक होने का मतलब मार्केट में वोलैटिलिटी हाई होने की आशंका है तो इसके कम होने का मतलब वोलैटिलिटी कम होने की संभावना है।

IT Stocks से मार्केट को सपोर्ट

आईटी सेक्टर की रौनक से मार्केट को अच्छा सपोर्ट मिला है जिसका निफ्टी इंडेक्स 1% से अधिक की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के अलावा फिलहाल किसी भी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स में 1% या इससे अधिक की उठा-पटक नहीं है। आज मार्केट को आईटी सेक्टर ही चला रहा है। बैंकिंग सेक्टर में हल्की बढ़त है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर अभी भी दे रहे कंसोलिडेशन के संकेत, निफ्टी के लिए 24000-23950 के जोन में तत्काल सपोर्ट

Trade setup for today : 16 जुलाई को निफ्टी लगातार दूसरे सेशन में सोमवार की 260 अंको की रेंज के अंदर ही ट्रेड करता रहा और आखिर में मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। इस दौरान कैंडलस्टिक पैटर्न से कोई साफ संकेत नहीं मिला। बाजार US-ईरान के बीच तनाव और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर नजर बनाए रहा। तकनीकी तौर पर,मोमेंटम इंडिकेटर अभी भी कंसोलिडेशन का संकेत दे रहे हैं। 24,000-23,950 का जोन (20 डे और 50 डे EMA) इंडेक्स के लिए मजबूत और तत्काल सपोर्ट का काम कर रहा है।

अगर इंडेक्स इन लेवल से नीचे गिरता है,तो यह कंसोलिडेशन फेज में जा सकता है। हालांकि,अगर इंडेक्स इस सपोर्ट जोन को बनाए रखता है,तो अपट्रेंड की संभावना बढ़ जाएगी। जानकारों के मुताबिक,ऐसी स्थिति में 24,300 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है और इसके बाद 24,500-24,600 का लेवल एक अहम रेजिस्टेंस बन सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,023, 23,974 और 23,893

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,183, 24,233 और 24,313

सोमवार की लॉन्ग ग्रीन कैंडल के अंदर,डेली टाइमफ्रेम पर निफ्टी ने डोजि कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया,जो बुल्स और बेयर्स के बीच अनिश्चितता का संकेत है। इंडेक्स ने क्लोजिंग के आधार पर अपने 20-दिन के EMA को बनाए रखा और 50-दिन के EMA से काफी ऊपर रहा। हालांकि,यह क्लोजिंग के आधार पर 10-दिन और 100-दिन के EMA से ऊपर टिक नहीं पाया।

इसके अलावा,8 जुलाई को एक लंबी बेयरिश कैंडल बनने के बाद से यह फरवरी के हाई से अप्रैल के लो तक के करेक्शन के 50% और 38.2% फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के बीच ट्रेड कर रहा है। RSI 52.31 पर है और MACD अपनी-अपनी सिग्नल लाइनों से नीचे बने हुए हैं,हालांकि पिछले एक हफ्ते से दोनों साइडवेज चल रहे हैं। ये सभी बातें किसी खास दिशा में तेजी की कमी और लगातार कंसोलिडेशन का संकेत देती हैं।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,048, 58,190 और 58,421

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,587, 57,444 और 57,214

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,717

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,305, 56,441

बैंक निफ्टी 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद होने से पहले ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया। इसने एक छोटी बॉडी वाली हरी कैंडल बनाई,जिसकी ऊपरी विक (wick)लंबी थी। यह रेजिस्टेंस जोन के पास बिकवाली के दबाव का संकेत है। प्रॉफ़िट बुकिंग के बावजूद,बैंकिंग इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा। 50-दिन का EMA भी लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है,जो मार्केट के बेहतर स्ट्रक्चर का संकेत है।

यह लगातार चौथे सेशन में भी 1,000-पॉइंट की रेंज में ट्रेड कर रहा है। RSI 55.05 पर अपनी सिग्नल लाइन से नीचे बना रहा और साइडवेज चलता रहा, जबकि MACD भी अपनी सिग्नल लाइन से नीचे रहा और नीचे की ओर बढ़ता रहा। हिस्टोग्राम लगातार सातवें सेशन में भी रेड ज़ोन में रहा। ये सभी बातें कंसोलिडेशन का संकेत देती हैं,हालांकि ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

15 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और 735 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके उलट, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार छठे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और 704 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले संभावित उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में कल 3.49% की गिरावट आई और यह 13.27 पर आ गया। साथ ही यह अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के आसपास बना रहा। जब तक यह 15 के लेवल से नीचे रहता है,तब तक बुल्स को किसी बड़े जोखिम का सामना करने की संभावना कम है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 15 जुलाई को पिछले सेशन के 1.02 से गिरकर 0.95 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

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Paytm के Q1 नतीजे 20 जुलाई को, पहली बार बोनस शेयरों का भी हो सकता है ऐलान

पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस का बोर्ड 20 जुलाई को मीटिंग करने वाला है। इस मीटिंग में अप्रैल-जून 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजों पर चर्चा की जाएगी और उन्हें मंजूरी दी जाएगी। बोर्ड की मीटिंग खत्म होने के बाद नतीजों की घोषणा की जाएगी। इसके साथ ही कंपनी का बोर्ड बोनस शेयरों के इश्यू को भी मंजूरी दे सकता है। पेटीएम इस बारे में शेयर बाजारों को जानकारी दे चुकी है।

साल 2021 में लिस्टिंग के बाद कंपनी पहली बार बोनस शेयरों का तोहफा दे सकती है। Paytm के अभी 7.5 लाख से ज्यादा रिटेल शेयरहोल्डर हैं। इनके पास कंपनी में जून 2026 के आखिर तक 8 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी थी। पेटीएम का IPO 18300 करोड़ रुपये का रहा था। कंपनी नवंबर 2021 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई।

मार्च तिमाही में 183 करोड़ रुपये रहा था Paytm का मुनाफा

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के दौरान One97 Communications ने 183 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट कमाया था। एक साल पहले कंपनी 545 करोड़ रुपये के घाटे में थी। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 18.4 प्रतिशत बढ़कर 2,264 करोड़ रुपये रहा था। मार्च 2025 तिमाही में यह 1,912 करोड़ रुपये था।

शेयर 2 साल में 190 प्रतिशत मजबूत

कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। शेयर बुधवार को BSE पर 1367.90 रुपये पर बंद हुआ।पेटीएम का मार्केट कैप 87600 करोड़ रुपये से ज्यादा है। कंपनी का शेयर एक महीने में 22 प्रतिशत, एक साल में 38 प्रतिशत और 2 साल में 190 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है। शेयर BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 1,407 रुपये और एडजस्टेड लो 947.10 रुपये है।

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Q1 नतीजों को लेकर क्या उम्मीद

JM फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज के एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि Paytm का जून 2026 तिमाही में प्रदर्शन अच्छा रहेगा, जिसकी वजह मुख्य बिजनेस की मजबूती है। Paytm जून तिमाही में भी मुनाफा देख सकती है। EBITDA मार्जिन के तिमाही आधार पर बढ़ने की उम्मीद है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 16 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में तेजी के साथ शुरुआत होने की उम्मीद नजर आ रही है,क्योंकि शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी लगभग 24,112 के स्तर पर ऊपर ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी में मामूली बढ़त के साथ कारोबार खत्म हुआ। सुबह हुई अच्छी बढ़त का अधिकांश हिस्सा बाद में कम हो गया,क्योंकि बैंकिंग, कैपिटल गुड्स,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑयल एंड गैस शेयरों में खरीदारी ने मेटल,IT और FMCG शेयरों में आई कमजोरी के असर को खत्म कर दिया था। कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 130.49 अंक या 0.17 प्रतिशत बढ़कर 77,185.43 पर बंद हुआ,जबकि निफ्टी 26.45 अंक या 0.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,078.50 पर सेटल हुआ था।

अमेरिका की ईरान पर भीषण बमबारी जारी

अमेरिका की ईरान पर भीषण बमबारी जारी है। इस हमले से ईरान भड़क गया है। उसकी तरफ से कह गया है कि जब तक US हमारी शर्तें नहीं मानेगा तब तक हॉर्मुज बंद रहेगा। इस बीच ट्रंप ने कहा है कि ईरान समझौता करने के लिए बेताब है। वेस्ट एशिया टेंशन के बीच क्रूड 85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बरकरार है।

बाजार के लिए मिले-जुले संकेत, गिफ्ट निफ्टी में हल्की बढ़त

सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन भारतीय बाजारों के लिए मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की बढ़त है। FIIs की कैश और वायदा मिलाकर करीब 2100 करोड़ रुपये की बिकवाली हुई है। हालांकि इंडेक्स फ्यूचर्स में FIIs ने 3000 शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट कवर किए हैं।

एशियाई बाजारों में गिरावट, बढ़त पर बंद होने में कामयाब रहे अमेरिकी बाजार

एशियाई बाजारों से संकेत अच्छे नहीं है। इनमें गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। निक्केई तीन फीसदी तो कॉस्पी 7 फीसदी फिसला है। डाओ फ्यूचर्स भी फ्लैट कारोबार कर रहा है। उधर अमेरिका में चिप शेयरों में फिर बिकवाली दिखी है। हालांकि उतार-चढ़ाव के बीच US INDICES बढ़त पर बंद होने में कामयाब रहे।

डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 150.91 अंक या 0.29% बढ़कर 52,659.18 पर पहुंच गया,S&P 500 में 28.83 अंक या 0.38% की बढ़त हुई और यह 7,572.42 पर आ गया। नैस्डैक कम्पोजिट 162.22 अंक या 0.62% बढ़कर 26,269.23 पर पहुंच गया।

HDFC लाइफ के नतीजे अच्छे, ICICI लोम्बार्ड का मुनाफा 46% घटा

पहली तिमाही में HDFC LIFE के नतीजे अच्छे रहे हैं। इसका न्यू बिजनेस प्रीमियम 12% बढ़ा है। वहीं annual premium equivalent यानी APE में करीब 9% की बढ़त देखने को मिली है। VNB Margin हालांकि फ्लैट रहे हैं। वहीं दूसरी ओर ICICI LOMBARD का मुनाफा 46% घटा है। लेकिन Net Premier Earned में 16% की बढ़त रही।

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एंजेल वन के Q1 मुनाफे और मार्जिन पर दबाव, HDB फाइनेंस के मुनाफे में 38% का उछाल

पहली तिमाही में एंजेल वन के नतीजे कमजोर रहे हैं। तिमाही आधार पर इसका मुनाफा 27 परसेंट घटा है। आय पर भी दबाव देखने को मिला है। मार्जिन में 7 परसेंट की कमी आई है। उधर, HDB फाइनेंस का मुनाफा 38 परसेंट बढ़ा है। ब्याज से कमाई भी 20 परसेंट बढ़ी है।

टेक महिंद्रा,विप्रो,जियो फाइनेंस के नतीजे आज, वायदा की तीन कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार

निफ्टी की तीन कंपनियां,टेक महिंद्रा,विप्रो और जियो फाइनेंस के रिजल्ट आज आएंगे। टेक महिंद्रा का Constant Currency Revenue एक परसेंट बढ़ सकता है। मार्जिन में भी सुधार संभव है। वहीं लार्ज कैप IT में विप्रो सबसे कमजोर रिजल्ट पेश कर सकती है। दूसरी ओर वायदा में BHEL,पॉलीकैब और 360 ONE के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।

डीजल और ATF पर एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ी, पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी घटी

डीजल और ATF पर एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई गई है। डीजल एक्सपोर्ट पर 15.5 रुपए प्रति लीटर तो ATF एक्सपोर्ट पर 14.5 रुपए प्रति लीटर ड्यूटी लगेगी। ये दरें पहले के मुकाबले करीब दोगुनी कर दी गई हैं। वहीं पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी घटकर 2.5 रुपए प्रति लीटर कर दी गई है।

डॉलर इंडेक्स

गुरुवार को अमेरिकी डॉलर एक महीने के निचले स्तर के आस-पास दिख रहा है। महंगाई के नरम आंकड़ों से इस बात को बल मिला है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ाने को लेकर जल्दबाजी नहीं करेगा,जबकि मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से महंगाई के अनुमान में बढ़ोतरी का जोखिम भी पैदा हो गया है। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 100.46 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10 ईयर और 2 ईयर के ट्रेज़री बॉन्ड पर यील्ड एक बेसिस प्वाइंट बढ़कर 4.55% और 4.14% हो गई है।

एशियन करेंसी

बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ज्यादातर एशियाई करेंसी में बढ़त दिख रही है। मलेशियन रिंगित सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली करेंसी है,जिसमें 0.18% की मज़बूती आई है। इसके बाद इंडोनेशियन रुपिया का नंबर है जिसमें 0.13% की बढ़त हुई है। चीनी रेनमिनबी में 0.09% और फिलीपीन पेसो में भी 0.09% की बढ़त हुई है। ताइवान डॉलर और जापानी येन में 0.07% की बढ़त हुई है। जबकि सिंगापुर डॉलर में 0.02% की मामूली बढ़त नजर आ रही है।

दूसरी ओर दक्षिण कोरियाई वॉन अपने सबसे कमजोर दिख रहा है। इसमें 0.06% की गिरावट आई है। जबकि थाई बहत भी पिछले क्लोज़ के मुकाबले 0.03% गिरकर ट्रेड कर रहा है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

15 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और 735 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके उलट, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार छठे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और 704 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी; तीन लिस्टिंग और SBI, HDFC Bank, Exide समेत इन स्टॉक्स पर फोकस

Stocks to Watch: वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझान के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। चूंकि आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 15 जुलाई को सेंसेक्स (Sensex) 130.49 प्वाइंट्स यानी 0.17% के उछाल के साथ 77,185.43 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 26.45 प्वाइंट्स यानी 0.11% की बढ़त के साथ 24,078.50 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज इन कंपनियों के आएंगे कारोबारी नतीजे

विप्रो, टेक महिंद्रा, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज़, आईटीसी होटल्स, 360 वन WAM, 5पैसा कैपिटल, भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल), सिएट, मुथूट कैपिटल सर्विसेज, पिरामल फाइनेंस, पॉलीकैब इंडिया, साउथ इंडियन बैंक, स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी और वीवर्क इंडिया मैनेजमेंट आज कारोबारी नतीजे पेश करेंगी।

इन कंपनियों के कारोबारी नतीजे पेश

HDFC Life Insurance Company Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का स्टैंडएलोन न्यू बिजनेस प्रीमियम 12% बढ़कर ₹8,143 करोड़, APE (एनुअल प्रीमियम इक्विवैलेंट) 9% उछलकर ₹3,515 करोड़, रिटेल एपीई 7% बढ़कर ₹2,969 करोड़ और VNB (वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस) 9% चढ़कर ₹879 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान वीएनबी मार्जिन 25.1% से गिरकर 25% पर आ गया।

ICICI Lombard General Insurance Company Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी का प्रॉफिट सालाना आधार पर 46% घटकर ₹403.2 करोड़ रह गया लेकिन प्रीमियम से नेट कमाई 15.8% बढ़कर ₹5,950 करोड़ और नेट कमीशन 32.9% उछलकर ₹1,250.2 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान ऑपरेटिंग प्रॉफिट तेजी से 64.3% फिसलकर ₹233.8 करोड़ पर आ गया तो अंडरराइटिंग लॉस बढ़कर ₹293.14 करोड़ से ₹629.88 करोड़ पर पहुंच गया।

Network18 Media & Investments Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर नेटवर्क18 मीडिया एंड इंवेस्टमेंट्स का कंसालिडेटेड ऑपरेटिंग रेवेन्यू 10.3% बढ़कर ₹516 करोड़, ईबीआईटीडीए ₹4 करोड़ से ₹8 करोड़ और ईबीआईटीडीए मार्जिन 0.9% से 1.5% पर पहुंच गया।

GTPL Hathway Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जीटीपीएल हैथवे का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 78% गिरकर ₹2.3 करोड़ पर आ गया लेकिन रेवेन्यू 12.4% उछलकर ₹1,015.4 करोड़ पर पहुंच गया।

HDB Financial Services Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज का प्रॉफिट 38.3% बढ़कर ₹785 करोड़ और ब्याज से नेट इनकम 20% उछलकर ₹2,509 करोड़ पर पहुंच गया।

Angel One Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एंजेल वन का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 102.2% बढ़कर ₹231.4 करोड़ और रेवेन्यू 25.4% उछलकर ₹1,429.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Sai Silks (Kalamandir) Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर साई सिल्क्स (कलामंदिर) का प्रॉफिट 14.7% गिरकर ₹25.6 करोड़ और रेवेन्यू 1% फिसलकर ₹375.1 करोड़ पर आ गया।

Mangalore Refinery and Petrochemicals Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में मंगलौर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स सालाना आधार पर ₹270.7 करोड़ के घाटे से ₹945.7 करोड़ के कंसालिडेटेड प्रॉफिट में आ गई। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी 120.4% बढ़कर ₹38,254.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Jana Small Finance Bank Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जन स्मॉल फाइनेंस बैंक का प्रॉफिट 52% बढ़कर ₹155 करोड़ और ब्याज से नेट इनकम 33.4% उछलकर ₹782 करोड़ पर पहुंच गया। तिमाही आधार पर ग्रास एनपीए 2.46% से गिरकर 2.39% और नेट एनपीए 0.92% से 0.91% पर आ गया यानी एसेट क्वालिटी सुधरी है।

Himadri Speciality Chemical Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर हिमाद्रि स्पेशल्टी केमिकल का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 26.3% बढ़कर ₹229.5 करोड़ और रेवेन्यू 28% उछलकर ₹1,431.9 करोड़ पर पहुंच गया।

मंथली बिजनेस अपडेट

GMR Airports (June YoY)

जून महीने में सालाना आधार पर पैसेंजर ट्रैफिक 0.3% कम हुआ। घरेलू पैसेंजर ट्रैफिक 0.4% कम हुआ तो इंटरनेशनल पैसेंजर ट्रैफिक 0.1% बढ़ा। एयरक्राफ्ट यानी जहाजों की आवाजाही 2.4% कम हुई।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

State Bank of India (SBI)

सुनील रामगोपाल अग्रवाल 15 जुलाई से एसबीआई में चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (डेजिनेट) के तौर पर शामिल हुए हैं। उन्हें 1 अगस्त से बैंक के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर का पद मिल जाएगा।

Ather Energy

एथर एनर्जी के बोर्ड ने हीरो मोटोकॉर्प को प्रेफरेंशियल आधार पर 76.19 लाख कन्वर्टिबल वारंट जारी करने की मंजूरी दी है। प्रति वारंट ₹1,260 के जरिए कंपनी ₹960 करोड़ रुपये जुटाएगी। इसके अलावा कंपनी ने 15 जुलाई को QIP (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट) इश्यू लॉन्च किया और इसका फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹1,169.70 फिक्स किया है जिसमें यह 5% तक का डिस्काउंट भी दे सकती है।

Adani Power

अदाणी पावर ने महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (MSEDCL) के साथ 25 साल का पावर सप्लाई एग्रीमेंट (PSA) किया है। इसके तहत यह DBFOO (डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन और ऑपरेट) मॉडल पर बनने वाले 2×800 MW के अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट से 1,600 MW बिजली की सप्लाई करेगी। पावर प्लांट के लिए कोयले की सप्लाई (कोल लिंकेज) केंद्र सरकार की शक्ति (SHAKTI) पॉलिसी के तहत तय की गई है।

India Pesticides

इंडिया पेस्टिसाइड्स को यूरोपियन यूनियन में अपने एक फंगीसाइड यानी फफूंदी खत्म करने वाले एक प्रोडक्ट के लिए टेक्निकल इक्विवेलेंस (TEQ) मंजूरी मिल गई है। इससे यूरोपियन मार्केट में कंपनी की पहुंच बढ़ेगी और एक्सपोर्ट बिजनेस मजबूत होगा।

HDFC Bank

आरबीआई ने 15 जुलाई से तीन साल के लिए एचडीएफसी बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन के तौर पर राजीव कुमार की नियुक्ति को मंज़ूरी दे दी है। केकी मिस्त्री बैंक के नॉन-एग्जीक्यूटिव, नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर बने रहेंगे।

NTPC Green Energy

ओएनजीसी एनटीपीसी ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड की पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी अयाना रिन्यूएबल पावर ने SECI (सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) की ई-रिवर्स नीलामी में सफल बोली लगाई है। यह टेंडर भारत में टैरिफ-आधारित कॉम्पिटिटिव बिडिंग के तहत 2,000 MW के ISTS-कनेक्टेड विंड पावर प्रोजेक्ट्स लगाने के लिए विंड पावर डेवलपर्स को चुनने के लिए था। अयाना ने ₹3.85 प्रति kWh के टैरिफ पर 50 MW की क्षमता हासिल की।

Exide Industries

एक्साइड इंडस्ट्रीज ने राइट्स इश्यू के जरिए अपनी सब्सिडियरी एक्साइड एनर्जी सॉल्यूशंस (EESL) में ₹100 करोड़ का निवेश किया है। इस निवेश के साथ EESL में एक्साइड इंडस्ट्रीज का कुल निवेश बढ़कर ₹4,902.23 करोड़ हो गया है।

TVS Holdings

टीवीएस होल्डिंग्स की सब्सिडियरी होम क्रेडिट इंडिया ने ₹967 करोड़ में वर्थाना फाइनेंस में 100% हिस्सेदारी हासिल करने के लिए शेयर पर्चेज एग्रीमेंट किया है।

बल्क डील्स

Mrs Bectors Food Specialities

एबेकस इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स ने प्रति शेयर ₹168.97 के भाव पर मिसेज बेक्टर्स फूड स्पेशलिटीज के 29.39 लाख शेयर (0.95% हिस्सेदारी) ₹49.67 करोड़ में खरीद ली।

One Mobikwik Systems

विदेशी निवेशक एफएलसी इन्वेस्टको एलएलसी ने वन मोबिक्विक सिस्टम्स के 7.12 लाख शेयर (0.9% हिस्सेदारी) ₹16.52 करोड़ में प्रति शेयर ₹232.02 के भाव पर बेच दिए। मार्च 2026 तक एफएलसी इन्वेस्टको की कंपनी में 1.16% हिस्सेदारी (9.15 लाख शेयर) थी।

Safety Controls & Devices

वीबीक्यूब वेंचर्स ने अपनी दो स्कीमों के जरिए सेफ्टी कंट्रोल्स एंड डिवाइसेस में ₹1.88 करोड़ में 1.27% हिस्सेदारी बेच दी। इसमें से वीबीक्यूब वेंचर्स फंड ने प्रति शेयर ₹74.65 और वीबीक्यूब वेंचर्स फंड II ने ₹74.60 के भाव पर 1.26 लाख शेयर बेचे। 10 अप्रैल तक दोनों फंडों के पास सेफ्टी कंट्रोल्स एंड डिवाइसेस में 1.27% हिस्सेदारी (2.51 लाख शेयर) थे।

Jupiter Life Line Hospitals

एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने जुपिटर लाइफ लाइन हॉस्पिटल्स के 9.37 लाख शेयर (1.42% होल्डिंग) ₹139 करोड़ में प्रति शेयर ₹1,483.50 के भाव पर दो नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स से खरीदे। मितुल नितिन ठक्कर ने ₹89.01 करोड़ के 6 लाख शेयर तो अरविंद राव कामिनी ने ₹49.99 करोड़ के 3.37 लाख शेयर बेचे। मार्च 2026 तक कंपनी मितुल की हिस्सेदारी 1.22% (7.99 लाख शेयर) और कामिनी के पास 1.63% हिस्सेदारी (10.66 लाख शेयर) थी।

TCI Express

निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने एचडीएफसी म्यूचुअल फंड से टीसीआई एक्सप्रेस के 5 लाख शेयर (1.3% हिस्सेदारी) ₹28.1 करोड़ में प्रति शेयर ₹562 के भाव पर खरीदे। मार्च 2026 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार एचडीएफसी एएमसी की लार्ज एंड मिड कैप फंड के ज़रिए टीसीआई एक्सप्रेस में 4.04% हिस्सेदारी थी, तो निप्पॉन इंडिया मल्टी कैप फंड के जरिए निप्पॉन लाइफ इंडिया ट्रस्टी की हिस्सेदारी 3.02% थी।

लिस्टिंग

लेजर पावर एंड इंफ्रा के शेयरों की आज बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी तो देवसन कैटेलिस्ट की बीएसई एसएमई और हैप्पी स्टील्स की एनएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

केनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट कंपनी, एडोर वेल्डिंग, बीएंडए पैकेजिंग इंडिया, बनारस होटल्स, कोरोमंडल इंटरनेशनल, क्राफ्ट्समैन ऑटोमेशन, जीआरपी, वेजमन (Weizmann), विंडलास बायोटेक के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो फ्रेडुन फार्मा के बोनस के साथ-साथ प्रॉपशेयर सेलेस्टिया, प्रॉपशेयर प्लैटिना और प्रॉपशेयर टाइटेनिया एसएम आरईआईटी के इनकम डिस्ट्रीब्यूशन की भी आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

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