Stock Market Rally: शाइनिंग शुक्रवार, सेंसेक्स 965 अंक चढ़कर बंद; निफ्टी 24300 के पार, निवेशकों पर ₹81698 करोड़ की बारिश

शेयर बाजार में शुक्रवार, 17 जुलाई को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी रही और यह काफी अच्छी रही। हरे निशान में ओपनिंग के बाद सेंसेक्स दिन में पिछली क्लोजिंग से 1,095.68 अंक तक उछला। इसने 78,282.55 का मार्क छुआ। आईटी स्टॉक्स, बैंकिंग स्टॉक्स, ऑटो स्टॉक्स, रियल्टी स्टॉक्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज व जियो फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे शेयरों में तेजी के दम पर सेंसेक्स बाद में 964.58 अंकों की बढ़ोतरी के साथ 78,151.45 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी भी बढ़त में खुला और फिर दिन में पिछली क्लोजिंग से 294.55 अंक उछलकर 24,367.30 के हाई तक गया। बाद में यह 261.55 अंकों की बढ़त के साथ 24,334.30 पर सेटल हुआ।

इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 81,697.82 करोड़ रुपये बढ़ गया। गुरुवार, 16 जुलाई को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,80,10,512.78 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह बढ़कर 4,80,92,210.60 करोड़ रुपये हो गया।

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एक दिन पहले क्या रहा था मार्केट का हाल

गुरुवार को सेंसेक्स लगभग फ्लैट रहा था। सेंसेक्स 1.44 अंक की मामूली बढ़त के साथ 77,186.87 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 5.75 अंक गिरकर 24,072.75 पर बंद हुआ था। आईटी, कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयरों में तेजी रही थी।

रुपये की चाल

17 जुलाई को रुपया 14 पैसे मजबूत होकर 96.28 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एक दिन पहले अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 17 पैसे की गिरावट के साथ 96.42 पर बंद हुआ था। पश्चिम एशिया में नए तनाव के बाद डॉलर इंडेक्स में बढ़ोतरी ने घरेलू शेयर बाजार से विदेशी पूंजी की निकासी को बढ़ावा दिया, जिससे स्थानीय मुद्रा पर दबाव पड़ा।

वैश्विक बाजारों की चाल

वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में गिरावट है। निक्केई 225 लगभग 5 प्रतिशत नीचे है। हेंग सेंग 2 प्रतिशत, शंघाई वेटेड 3 प्रतिशत और ताइवान वेटेड 7 प्रतिशत गिरा है। जकार्ता कंपोजिट में 1 प्रतिशत की तेजी है। अमेरिकी बाजार गुरुवार को लाल निशान में बंद हुए थे।

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Tech Mahindra Share Price: मुनाफा 28% बढ़ने के बाद शेयर 4% तक चढ़ा, अब क्या हो निवेशकों की स्ट्रैटेजी?

IT कंपनी टेक महिंद्रा के शेयरों में 17 जुलाई को अच्छी तेजी है। दिन में शेयर BSE पर पिछले बंद भाव से 3.8 प्रतिशत तक चढ़कर 1569.65 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप 1.53 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। अच्छे तिमाही नतीजों के चलते शेयर खरीद बढ़ी है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 28.4 प्रतिशत बढ़कर 1465.1 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले मुनाफा 1140.6 करोड़ रुपये था।

ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 17.68 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 15712 करोड़ रुपये हो गया। जून 2025 तिमाही में यह 13351.2 करोड़ रुपये था। EBIT 2264 करोड़ रुपये रहा, जबकि EBIT मार्जिन 14.4 प्रतिशत दर्ज किया गया। टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) डील 1.078 अरब डॉलर की रहीं। यह आंकड़ा सालाना आधार पर 33.3 प्रतिशत ज्यादा है।

जून 2026 तिमाही में डॉलर के लिहाज से टेक महिंद्रा का रेवेन्यू 166 करोड़ डॉलर रहा। यह तिमाही आधार पर 2.2 प्रतिशत और सालाना आधार पर 6.1 प्रतिशत अधिक है। कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या तिमाही आधार पर 863 घटकर 1,46,760 कर्मचारी रह गई।

Tech Mahindra के शेयर पर ब्रोकरेज की राय

HSBC ने टेक महिंद्रा के शेयर पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस 1,635 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी ने जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया। मार्जिन में बढ़ोतरी सही दिशा में चल रही है और मैनेजमेंट का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 के आखिर तक 15 प्रतिशत EBIT मार्जिन हासिल करना है। कंपनी की ग्रोथ अपने साथियों की तुलना में बेहतर है, जो इसके शेयर की प्रीमियम वैल्यूएशन को सही ठहराती है।

नोमुरा ने ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बनाए रखते हुए टारगेट प्राइस 1,600 रुपये दिया है। ब्रोकरेज ने कहा कि टेक महिंद्रा ने मुख्य ऑपरेटिंग पैमानों पर उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है और FY27 के लक्ष्यों को हासिल करने की राह पर है। जेफरीज ने तिमाही नतीजों के बाद FY27-29 के लिए कमाई के अनुमानों को 6-8 प्रतिशत बढ़ा दिया है। लेकिन 1,260 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ ‘अंडरपरफॉर्म’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज का कहना है कि शेयर की वैल्यूएशन काफी ऊंची बनी हुई है।

Reliance Industries Share Price: Q1 नतीजों से पहले शेयर 2% उछला, तिमाही आधार पर 4% बढ़ सकता है EBITDA

टेक महिंद्रा के शेयर के लिए ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लीलाधर ने ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 1780 रुपये प्रति शेयर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की जून तिमाही परफॉर्मेंस शानदार रही है। कंपनी के मैनेजमेंट ने वित्त वर्ष 2027 में कॉम्पिटीटर्स के औसत से अधिक रेवेन्यू ग्रोथ हासिल करने के अपने भरोसे को दोहराया है। साथ ही 15 प्रतिशत EBIT मार्जिन हासिल करने को लेकर आश्वस्त है।

उम्मीद से बेहतर काम-काज, ग्रोथ की बेहतर संभावनाओं और मजबूत डील मोमेंटम को देखते हुए प्रभुदास लीलाधर ने FY27E/FY28E के लिए कॉन्स्टैंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ अनुमानों को बढ़ाकर 6.0%/5.4% कर दिया है। पहले अनुमान 4.8%/5.8% की रेवेन्यू ग्रोथ के थे। EBIT मार्जिन अनुमानों को भी 14.5%/15.0% से बढ़ाकर 14.8%/15.1% कर दिया है। FY27E और FY28E दोनों के लिए प्रति शेयर अर्निंग्स में 2.2% बढ़ोतरी की उम्मीद है।

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Tech Mahindra Q1 Profit: टेक महिंद्रा का प्रॉफिट 28 फीसदी बढ़कर 1,465 करोड़ रुपये पहुंचा

Tech Mahindra Q1 Profit: टेक महिंद्रा ने 16 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का प्रॉफिट 28 फीसदी बढ़कर 1,465 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 1,141 करोड़ रुपये प्रॉफिट हुआ था। कंपनी का प्रॉफिट सीएनबीसी-टीवी18 के अनुमान से कम है। सीएनबीसी-टीवी18 ने प्रॉफिट 1,684 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया था।

जून तिमाही में सभी वर्टिकल्स में ग्रोथ

जून तिमाही में नई डील की कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू 1 अरब डॉलर रही, जो साल दर साल आधार पर 33 फीसदी ज्यादा है। कंपनी के सीईओ मोहित जोशी ने कहा, “साल दर साल आधार पर 6.1 फीसदी ग्रोथ के साथ लगातार तीन तिमाहियों में 1 अरब डॉलर की नई डील से हमारे बिजनेस की मजबूती का पता चलता है। क्लाइंट्स से लगातार गहरे होते रिश्ते भी उत्साहजनक है। 5 करोड़ डॉलर से ज्यादा के क्लाइंट्स बेस में 7 फीसदी इजाफा हुआ। साल दर साल आधार पर सभी वर्टिकल्स ने ग्रोथ दिखाई। “

पहली तिमाही में रेवेन्यू 18 फीसदी बढ़ार्र

Tech Mahindra का रेवेन्यू जून तिमाही में 18 फीसदी बढ़कर 15,712 करोड़ रुपये रहा। एनालिस्ट्स ने रेवेन्यू 15,476 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया था। कंपनी का EBIT मार्जिन 14.4 फीसदी रहा। यह साल दर साल आधार पर 330 बेसिस प्वाइंट्स और तिमाही दर तिमाही आधार पर 60 बेसिस प्वाइंट्स ज्यादा है।

कम्युनिकेशंस डिवीजन का रेवेन्यू 1.3 फीसदी बढ़ा

टेक महिंद्रा के सीएफओ रोहित आनंद ने कहा, “जून तिमाही में अच्छी ग्रोथ, मार्जिन में इजाफा और अनुशासित पूंजी प्रबंधन के साथ हमारा प्रदर्शन अच्छा रहा। हम फ्यूचर रेडी ऑर्गेनाइजेशन बनने को लेकर प्रतिबद्ध हैं।” जून तिमाही में कंपनी के कम्युनिकेशंस डिवीजन का रेवेन्यू 1.3 फीसदी बढ़ा। कंपनी के कुल रेवेन्यू में इस डिवीजन की हिस्सेदारी एक-तिहाई है।

नई ऑर्डर बुकिंग्स 1 अरब डॉलर के पार

टेक महिंद्रा के मैन्युफैक्चरिंग डिवीजन का रेवेन्यू जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 17.2 फीसदी बढ़ा। कंपनी के कुल रेवेन्यू में इसकी दूसरी सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है। कंपनी की नई ऑर्डर बुकिंग एक साल पहले के 80.9 करोड़ डॉलर से बढ़कर 1.08 अरब डॉलर हो गई। कंपनी ने जून तिमाही में Telefonica Germany, Microsoft और रोबोटिक्स प्लेटफॉर्म Viam के साथ पार्टनरशिप का ऐलान किया।

कंपनी के शेयरों पर 17 जुलाई को दिखेगा असर

टेक महिंद्रा का शेयर 16 जुलाई को 1.13 फीसदी चढ़कर 1,515.60 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी के शेयरों पर जून तिमाही के नतीजों का असर 17 जुलाई को दिखेगा। बीते एक साल में कंपनी का शेयर 5.74 फीसदी गिरा है। इस दौरान निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 23 फीसदी गिरा है।

IT Stocks: AI के चलते भारतीय IT कंपनियों पर और बढ़ेगा दबाव! JPMorgan ने घटाया ग्रोथ अनुमान

IT Stocks: भारत का आईटी सेक्टर आने वाले कुछ सालों तक सुस्त रह सकता है। ब्रोकरेज फर्म JPMorgan की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं से आईटी कंपनियों के कारोबार पर दबाव बना रहेगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियां अभी अपने आईटी बजट को लेकर सतर्क हैं। ऐसे में सेक्टर में तेज रिकवरी की उम्मीद फिलहाल कम नजर आ रही है।

तीन साल से धीमी है ग्रोथ

JPMorgan के मुताबिक, पिछले तीन साल से आईटी सर्विस सेक्टर की रेवेन्यू ग्रोथ सिर्फ 2% से 3% के बीच रही है।

ब्रोकरेज का कहना है कि AI का असर अभी शुरुआती दौर में है। अगले दो साल तक भी ग्रोथ पर दबाव बना रह सकता है। इसी वजह से उसने मध्यम और लंबी अवधि के ग्रोथ अनुमान घटा दिए हैं।

अब JPMorgan को उम्मीद नहीं है कि बड़ी आईटी कंपनियां जल्द मिड-सिंगल डिजिट ग्रोथ हासिल कर पाएंगी। उसका अनुमान है कि इनकी रेवेन्यू ग्रोथ फिलहाल 3% से 4% के आसपास ही रह सकती है।

कंपनियां खर्च करने से बच रही हैं

JPMorgan की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर की कंपनियां नई तकनीक और भू-राजनीतिक हालात को लेकर उलझन में हैं। इसी वजह से वे नए आईटी प्रोजेक्ट्स पर फैसले लेने में देरी कर रही हैं।

JPMorgan का कहना है कि कई बड़े सौदों की शुरुआत और नए कॉन्ट्रैक्ट साइन होने में भी देरी हो रही है। इसका असर FY27 की दूसरी तिमाही तक दिखाई दे सकता है।

AI का असर अभी शुरुआती चरण में

ब्रोकरेज का मानना है कि आईटी इंडस्ट्री अभी AI अपनाने के पहले चरण यानी ‘Deflation Phase’ में है। इस दौरान AI की वजह से पुराने और मेंटेनेंस वाले कामों में प्रोडक्टिविटी बढ़ रही है। लेकिन उसकी भरपाई नए AI प्रोजेक्ट्स से नहीं हो पा रही है। इसलिए कंपनियों की कुल ग्रोथ पर दबाव बना हुआ है।

JPMorgan का मानना है कि सेक्टर में मजबूत रिकवरी FY29 की बजाय अब FY30 के बाद ही देखने को मिल सकती है।

FY27 के अनुमान भी घटाए

ब्रोकरेज ने पहली तिमाही के रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान भी घटा दिए हैं। साथ ही उसे उम्मीद है कि कंपनियां FY27 के लिए अपने गाइडेंस में भी कटौती कर सकती हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार वित्त वर्ष की पहली छमाही आमतौर पर जितनी मजबूत रहती है, वैसी स्थिति देखने को नहीं मिलेगी।

वैल्यूएशन पर भी दबाव

JPMorgan ने सेक्टर के कई शेयरों के P/E मल्टीपल में 10% से 25% तक की कटौती की है। ब्रोकरेज का कहना है कि आईटी कंपनियों का मौजूदा वैल्यूएशन वाजिब है, क्योंकि अब सेक्टर की लंबी अवधि की ग्रोथ 7% से 8% की बजाय 5% से भी नीचे आ गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, आईटी शेयरों की वैल्यूएशन तभी बेहतर हो सकती है, जब कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ में तेज सुधार दिखे। फिलहाल ऐसी संभावना साफ नजर नहीं आ रही है।

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