HCL Tech Share Price : 4% से ज्यादा की तेजी के साथ निफ्टी के टॉप गेनर बना शेयर, 1.14 अरब डॉलर की AI डील ने भरा जोश

HCL Technologies Share Price: शुक्रवार को HCL टेक्नोलॉजीज के शेयरों में 4 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई,जिससे यह निफ्टी 50 की सबसे ज्यादा बढ़त वाली कंपनी बन गई है। IT सेक्टर की इस बड़ी कंपनी ने यूरोप की एक फॉर्च्यून ग्लोबल 50 कंपनी के साथ 1.14 अरब डॉलर की स्ट्रैटेजिक AI-बेस्ड डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन डील की जानकारी दी है। इससे इस स्टॉक को लेकर निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। यह डील डिजिटल वर्कप्लेस और एंटरप्राइज़ नेटवर्क सर्विस के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित ऑपरेटिंग मॉडल बनाने और उसे मैनेज करने के लिए की गई है।

एक्सचेंज फाइलिंग में HCLTech ने बताया है कि उसने यूरोप में हेडक्वार्टर वाली एक’फॉर्च्यून ग्लोबल 50’कंपनी (जिसका नाम नहीं बताया गया है) के साथ एक अहम स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की है। इस पार्टनरशिप का मकसद AI-आधारित ऑपरेटिंग मॉडल बनाना है,ताकि क्लाइंट के ग्लोबल डिजिटल वर्कप्लेस और एंटरप्राइज़ नेटवर्क को बदला और मैनेज किया जा सके।

इस समझौते की अवधि जुलाई 2026 से दिसंबर 2031 तक है। इसे और पांच साल के लिए बढ़ाने का विकल्प भी है। HCLTech ने बताया कि शुरुआती अवधि के दौरान कॉन्ट्रैक्ट की अनुमानित कीमत लगभग 1.14 अरब डॉलर है। यही डील कंपनी के लिए पूरी तरह से नया बिज़नेस हासिल करने जैसी है।

आज के शुरुआती कारोबार में HCL टेक्नोलॉजीज का शेयर 4.5 प्रतिशत तक बढ़कर 1,126.50 रुपये पर पहुंच गया। शुक्रवार को आई तेजी के बावजूद, 2026 में अब तक यह शेयर लगभग 31.3 प्रतिशत नीचे है और इसने निफ्टी 50 के मुकाबले खराब प्रदर्शन किया है। निफ्टी 50 में इसी दौरान लगभग 7 प्रतिशत की गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग 3.05 लाख करोड़ रुपये है।

फिलहाल HCL टेक्नोलॉजीज़ का शेयर ₹45.35 या 4.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹1,122.85 पर ट्रेड कर रहा है। इसने इंट्राडे में ₹1,138.75 का उच्चतम और ₹1,115.50 का न्यूनतम स्तर छुआ। पिछले ट्रेडिंग सेशन में, शेयर 4.12 प्रतिशत या ₹42.60 बढ़कर ₹1,077.50 पर बंद हुआ था। इस शेयर ने 03 फरवरी, 2026 और 01 जुलाई, 2026 को ₹1,770.00 का 52-हफ्ते का उच्चतम और ₹1,030.00 का 52-हफ्ते का न्यूनतम स्तर छुआ था। फिलहाल, यह स्टॉक अपने 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर से 36.56 प्रतिशत नीचे और 52-हफ्ते के न्यूनतम स्तर से 9.01 प्रतिशत ऊपर ट्रेड कर रहा है।

प्रभुदास लीलाधर ने बढ़ाई रेटिंग

इस बीच प्रभुदास लीलाधर ने HCL टेक की रेटिंग ‘रिड्यूस’ से बढ़ाकर ‘एक्युमुलेट’कर दी है और ₹1140 का टारगेट दिया है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IT Stocks: AI के चलते भारतीय IT कंपनियों पर और बढ़ेगा दबाव! JPMorgan ने घटाया ग्रोथ अनुमान

IT Stocks: भारत का आईटी सेक्टर आने वाले कुछ सालों तक सुस्त रह सकता है। ब्रोकरेज फर्म JPMorgan की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं से आईटी कंपनियों के कारोबार पर दबाव बना रहेगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियां अभी अपने आईटी बजट को लेकर सतर्क हैं। ऐसे में सेक्टर में तेज रिकवरी की उम्मीद फिलहाल कम नजर आ रही है।

तीन साल से धीमी है ग्रोथ

JPMorgan के मुताबिक, पिछले तीन साल से आईटी सर्विस सेक्टर की रेवेन्यू ग्रोथ सिर्फ 2% से 3% के बीच रही है।

ब्रोकरेज का कहना है कि AI का असर अभी शुरुआती दौर में है। अगले दो साल तक भी ग्रोथ पर दबाव बना रह सकता है। इसी वजह से उसने मध्यम और लंबी अवधि के ग्रोथ अनुमान घटा दिए हैं।

अब JPMorgan को उम्मीद नहीं है कि बड़ी आईटी कंपनियां जल्द मिड-सिंगल डिजिट ग्रोथ हासिल कर पाएंगी। उसका अनुमान है कि इनकी रेवेन्यू ग्रोथ फिलहाल 3% से 4% के आसपास ही रह सकती है।

कंपनियां खर्च करने से बच रही हैं

JPMorgan की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर की कंपनियां नई तकनीक और भू-राजनीतिक हालात को लेकर उलझन में हैं। इसी वजह से वे नए आईटी प्रोजेक्ट्स पर फैसले लेने में देरी कर रही हैं।

JPMorgan का कहना है कि कई बड़े सौदों की शुरुआत और नए कॉन्ट्रैक्ट साइन होने में भी देरी हो रही है। इसका असर FY27 की दूसरी तिमाही तक दिखाई दे सकता है।

AI का असर अभी शुरुआती चरण में

ब्रोकरेज का मानना है कि आईटी इंडस्ट्री अभी AI अपनाने के पहले चरण यानी ‘Deflation Phase’ में है। इस दौरान AI की वजह से पुराने और मेंटेनेंस वाले कामों में प्रोडक्टिविटी बढ़ रही है। लेकिन उसकी भरपाई नए AI प्रोजेक्ट्स से नहीं हो पा रही है। इसलिए कंपनियों की कुल ग्रोथ पर दबाव बना हुआ है।

JPMorgan का मानना है कि सेक्टर में मजबूत रिकवरी FY29 की बजाय अब FY30 के बाद ही देखने को मिल सकती है।

FY27 के अनुमान भी घटाए

ब्रोकरेज ने पहली तिमाही के रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान भी घटा दिए हैं। साथ ही उसे उम्मीद है कि कंपनियां FY27 के लिए अपने गाइडेंस में भी कटौती कर सकती हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार वित्त वर्ष की पहली छमाही आमतौर पर जितनी मजबूत रहती है, वैसी स्थिति देखने को नहीं मिलेगी।

वैल्यूएशन पर भी दबाव

JPMorgan ने सेक्टर के कई शेयरों के P/E मल्टीपल में 10% से 25% तक की कटौती की है। ब्रोकरेज का कहना है कि आईटी कंपनियों का मौजूदा वैल्यूएशन वाजिब है, क्योंकि अब सेक्टर की लंबी अवधि की ग्रोथ 7% से 8% की बजाय 5% से भी नीचे आ गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, आईटी शेयरों की वैल्यूएशन तभी बेहतर हो सकती है, जब कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ में तेज सुधार दिखे। फिलहाल ऐसी संभावना साफ नजर नहीं आ रही है।

Semiconductor Stocks: सरकार का ₹1.64 लाख करोड़ का सेमीकंडक्टर दांव! इन 6 कंपनियों के शेयरों पर रखें नजर

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।