Stocks to Watch : 17 जुलाई को इन 9 शेयरों पर रखें नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: शेयर बाजार में शुक्रवार के कारोबार से पहले कुछ कंपनियां खबरों में हैं। इनमें तिमाही नतीजे, बड़े डील, नई साझेदारी और कारोबारी अपडेट जैसे ट्रिगर शामिल हैं। ऐसे घटनाक्रम का असर आज इन शेयरों की चाल पर देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं 17 जुलाई को किन 9 शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी।

Tech Mahindra

आईटी सर्विसेज कंपनी Tech Mahindra का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 9.8% बढ़कर ₹1,486.3 करोड़ हो गया। हालांकि, यह बाजार के अनुमान से कम रहा। कंपनी की कुल आय 4.2% बढ़कर ₹15,711.9 करोड़ रही, जो अनुमान से बेहतर है। इसने लगातार तीसरी तिमाही में 1 अरब डॉलर से ज्यादा के नए डील हासिल किए।

Wipro

आईटी सर्विसेज कंपनी Wipro का कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू जून तिमाही में 1.2% घटा। यह प्रदर्शन TCS और HCLTech के मुकाबले कमजोर रहा। TCS ने 0.4% की ग्रोथ दर्ज की, जबकि HCLTech में 0.5% की गिरावट रही।

Jio Financial Services

फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी Jio Financial Services का जून तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 156% बढ़कर ₹830 करोड़ हो गया। डिविडेंड आय को छोड़कर कुल आय 141% बढ़कर ₹1,496 करोड़ रही। वहीं, प्री-प्रोविजनिंग ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPOP) 38% बढ़कर ₹505 करोड़ पहुंच गया।

Hexaware Technologies

आईटी सर्विसेज और सॉफ्टवेयर कंपनी Hexaware Technologies ने Factory के साथ नई साझेदारी की है। इसके तहत कंपनी वैश्विक ग्राहकों को AI आधारित सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट समाधान उपलब्ध कराएगी। इसका फायदा बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और प्रोफेशनल सर्विसेज जैसे सेक्टरों को मिलेगा।

Borosil Renewables

सोलर ग्लास बनाने वाली कंपनी Borosil Renewables जून तिमाही में घाटे से मुनाफे में लौट आई। कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹86.8 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹166.5 करोड़ का घाटा हुआ था।

Havells India

कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी Havells India ने कर्नाटक के तुमकुरु स्थित अपने केबल प्लांट के विस्तार के लिए ₹255 करोड़ के अतिरिक्त निवेश का ऐलान किया है। इसके बाद प्लांट की सालाना केबल उत्पादन क्षमता 4,59,600 किमी से बढ़कर 7,34,640 किमी हो जाएगी।

Piramal Finance

NBFC कंपनी Piramal Finance का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 67% बढ़कर ₹461 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹276.3 करोड़ था।

Sky Gold and Diamonds

ज्वेलरी कंपनी Sky Gold and Diamonds ने बताया कि उसकी सहायक कंपनी Starmangalsutra Private Ltd को करीब ₹10.70 करोड़ का नुकसान हुआ है। यह नुकसान साइबर धोखाधड़ी की वजह से हुआ। कंपनी के एक कर्मचारी के ऑफिस मोबाइल और लैपटॉप का गलत इस्तेमाल कर धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया।

Hathway Cable and Datacom

केबल टीवी और ब्रॉडबैंड सेवा देने वाली कंपनी Hathway Cable and Datacom का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 21% घटकर ₹25 करोड़ रह गया। हालांकि, कंपनी की आय 6% से ज्यादा बढ़कर ₹565.1 करोड़ हो गई। EBITDA 13.9% घटकर ₹75.4 करोड़ रहा, जबकि EBITDA मार्जिन 16.5% से घटकर 13.3% पर आ गया।

शेयरों में पैसा डूबने पर नाराज शख्स ने यूट्यूबर पर कर दिया जानलेवा हमला

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Silver Price Today: चांदी 4 दिन में ₹12500 सस्ती हुई, सोना लगातार दूसरे दिन सपाट

Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार को सोने की कीमत लगातार दूसरे दिन स्थिर रही। 24 कैरेट वाला सोना ₹1,46,300 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता रहा। वहीं, चांदी ₹1,500 टूटकर ₹2,24,500 प्रति किलोग्राम पर आ गई। यह स्तर दो हफ्ते से ज्यादा समय का निचला स्तर है।

4 दिन में ₹12,500 टूटी चांदी

चांदी में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। 10 जुलाई को चांदी ₹2,37,000 प्रति किलो पर थी, जो अब घटकर ₹2,24,500 प्रति किलो रह गई है। यानी सिर्फ चार कारोबारी सत्र में चांदी ₹12,500 या 5.3% टूट चुकी है।

सोना सीमित दायरे में क्यों?

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अमेरिका में महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम रहे। वहीं, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है। इन दोनों वजहों का असर एक-दूसरे को संतुलित करता रहा। इसलिए सोना लगातार दूसरे दिन सीमित दायरे में कारोबार करता रहा।

चांदी पर क्यों बना दबाव?

Augmont की रिसर्च हेड रेनिशा चैनानी के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की आशंका बढ़ी है। इससे अमेरिकी केंद्रीय बैंक (Federal Reserve) के ब्याज दरें ऊंची रखने की संभावना बनी हुई है। इसी कारण चांदी में मुनाफावसूली और कमजोर औद्योगिक मांग का दबाव देखा गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल

वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 61 डॉलर यानी 1.68% गिरकर 4,000 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ गया। वहीं, स्पॉट सिल्वर करीब 3% गिरकर 56 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

आगे किस पर रहेगी बाजार की नजर?

Mirae Asset Sharekhan के कमोडिटी प्रमुख प्रवीण सिंह के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है। हालांकि, ईरान की ओर से बातचीत की संभावना जताए जाने के बाद सोने में गिरावट सीमित रही।

वहीं, Lemonn Markets Desk के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग का कहना है कि अब निवेशकों की नजर अमेरिका के रिटेल सेल्स और जॉबलेस क्लेम्स के आंकड़ों पर रहेगी। इनसे अमेरिकी अर्थव्यवस्था और फेड की ब्याज दरों की अगली दिशा का संकेत मिल सकता है।

MCX पर गोल्ड का हाल

LKP Securities के वीपी रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, सोने की कीमतों पर अभी दबाव बना हुआ है। MCX पर गोल्ड करीब ₹950 गिरकर ₹1,40,900 पर पहुंच गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार COMEX में सोना करीब 60 डॉलर टूटकर 4000 डॉलर प्रति औंस के नीचे कारोबार कर रहा है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। हाल में अमेरिका के महंगाई के आंकड़े नरम रहे, क्योंकि मई-जून में ऊर्जा की कीमतें कम थीं। लेकिन अगर कच्चा तेल महंगा बना रहता है, तो महंगाई फिर बढ़ सकती है। इसका असर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों के फैसले पर भी पड़ सकता है।

जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, निवेशकों की नजर अब भू-राजनीतिक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों पर रहेगी। तकनीकी रूप से MCX Gold के ₹1,40,000 से ₹1,43,000 प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार करने की संभावना है। साथ ही, बाजार में उतार-चढ़ाव भी बना रह सकता है।

Gold Silver Prices Today: गोल्ड 4000 डॉलर से नीचे फिसला, चांदी में भी बड़ी गिरावट

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Q1 Results: घाटे से ₹86 करोड़ के मुनाफे में लौटी सोलर कंपनी, शेयरों पर रहेगी नजर

Q1 Results: सोलर ग्लास बनाने वाली कंपनी Borosil Renewables ने जून तिमाही (Q1FY27) में शानदार वापसी की है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹86.8 करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को ₹166.5 करोड़ का घाटा हुआ था।

रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रदर्शन मजबूत

जून तिमाही में बोरोसिल रिन्यूएबल्स का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 17.1% बढ़कर ₹405.7 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹346.6 करोड़ था। वहीं, EBITDA बढ़कर ₹127.2 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹63.1 करोड़ था।

कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 18.2% से बढ़कर 31.3% हो गया। इससे पता चलता है कि कंपनी की कमाई और लागत नियंत्रण दोनों में सुधार हुआ है।

आगे क्या है कंपनी का प्लान?

बोरोसिल रिन्यूएबल्स के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन प्रदीप कुमार खेरुका ने कहा है कि FY28 तक इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 60% बढ़ाने का लक्ष्य है।

उनके मुताबिक, नई क्षमता इस साल शुरू होने की उम्मीद है। FY27 में करीब 8% वॉल्यूम ग्रोथ और ऑपरेशनल एफिशिएंसी के दम पर प्रदर्शन में और सुधार की उम्मीद है।

बोरोसिल का मुनाफा कैसे बढ़ा?

हाल में सरकार ने चीन और वियतनाम से आने वाले सस्ते सोलर ग्लास पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगा दी है।

इससे Borosil Renewables जैसी घरेलू कंपनियों को सस्ते आयात से मुकाबले में राहत मिली है। साथ ही, बेहतर प्राइसिंग और मार्जिन का भी फायदा मिला है।

बोरोसिल के शेयरों का हाल

जून तिमाही के नतीजों से पहले 16 जुलाई को Borosil Renewables का शेयर 0.44% गिरकर ₹617.80 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में कंपनी ने 14.29% का रिटर्न दिया है। इसका मार्केट कैप 8.59 हजार करोड़ रुपये है।

बोरोसिल का बिजनेस क्या है

Borosil Renewables भारत की प्रमुख सोलर ग्लास निर्माता कंपनी है। कंपनी सोलर पैनल बनाने में इस्तेमाल होने वाला लो-आयरन टेक्सचर्ड ग्लास बनाती है। इसके उत्पाद सोलर मॉड्यूल निर्माताओं को सप्लाई किए जाते हैं। कंपनी का कारोबार भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी फैला हुआ है।

Tech Mahindra Q1 Profit: टेक महिंद्रा का प्रॉफिट 28 फीसदी बढ़कर 1,465 करोड़ रुपये पहुंचा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को किया निवेश के लिए आमंत्रित, कहा- हमारे राज्य में आपके लिए सबकुछ उपलब्ध

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित “भारत टेक्स-2026” में सम्मिलित हुए। उन्होंने यहां देश-विदेश के प्रमुख टेक्सटाइल निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और वैश्विक ब्रांड्स के साथ राउंड टेबल बैठक की। बैठक में उन्होंने मध्यप्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों, टेक्सटाइल क्षेत्र की अपार संभावनाओं और उद्योगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं से निवेशकों को अवगत कराया।

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में विकास की बयार बह रही है। मैं कुंभ की नगरी से आता हूं। 12 साल में एक बार कुंभ आता है। कुंभ के समय चारों तरफ एक ही वातावरण तैयार होता है। वो वातावरण तो धार्मिक होता है। उसी तरह यहां वस्त्र उद्योग का वातावरण बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी हमने इस आयोजन में भाग लिया था। इस वर्ष इसकी आभा और निखर गई है। केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के सहयोग से मध्यप्रदेश टैक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करते हुए इस क्षेत्र में कपड़ा उत्पादन और रोजगार दोनों को बढ़ा रहा है। टैक्सटाइल इंडस्ट्री से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। 

 

उद्योगपतियों के पास अनुभव की पूंजी-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने धार जिले में देश के पहले पीएम मित्र पार्क की आधारशिला रखी है। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 3 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा और मालवा-निमाड़ अंचल के 6 लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। पीएम मित्र पार्क, खेत से लेकर कारखाने और यहां से गारमेंट इंडस्ट्री और वैश्विक बाजार तक पहुंच आसान होगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश केंद्र सरकार और वैश्विक ब्रांड्स के साथ चलने के लिए तैयार है। हमारे अधिकारियों निवेशकों को पॉलिसी जरूर बता दी, लेकिन यहां मौजूद उद्यमियों के पसीने में अनुभव की बहुत बड़ी पूंजी है। उद्योगपतियों के कथन राज्य सरकार को तेजी से और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। 

 

भारत में विविधता की खूबसूरती-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते समय बिजली की नीलामी हुई थी। उसके आधार पर यह सत्य है कि इस वक्त विश्व में सबसी सस्ती बिजली कहीं मिल रही है तो वो मध्यप्रदेश में मिल रही है। हमारे यहां पानी पर भी बिजली है और पानी से भी बिजली है। उन्होंने टेक्सटाइल का मामला राजा विक्रमादित्य के काल से जुड़ता है। महारानी अहिल्याबाई ने महेश्वरी साड़ी ब्रांड का निर्माण किया। उन्होंने इसके जरिये बुनकरों की आमदनी की चिंता की। महेश्वरी जैसे ही चंदेरी साड़ी भी एक ब्रांड है। हमारे देश में विविधता की खूबसूरती है। बनारसी साड़ी का आनंद उत्तर भारत वाले भी लेते हैं और दक्षिण भारत वाले भी लेते हैं। इसी तरह बिहार जाते हैं तो भागलपुरी वस्त्र की मांग होने लगती है। कांजीवरम साड़ी का जो महत्व दक्षिण भारत में है, वही महत्व पूरे भारत में है। हमने इकोनॉमी को जीवन के साथ जोड़ा है। 

 

निवेशकों का ख्याल रख रही सरकार-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगपति और निवेशकों से किए अपने सभी वायदे पूरे किए हैं। सभी सेक्टर्स में उद्योगपतियों और निवेशकों को सब्सिडी के रूप में उनके हक की राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की जा चुकी है। राज्य सरकार ने राशि देकर मई 2026 तक की सभी देनदारियां खत्म कर दी हैं। प्रदेश सरकार ने डेढ़ साल में लगभग 5500 करोड़ रुपए की राशि उद्योगपतियों को सब्सिडी के रूप में दी है। उन्होंने उद्योपतियों और निवेशकों को मध्यप्रदेश में अपना उद्योग स्थापित करने का आमंत्रण देते हुए कहा कि एक बार जो मध्यप्रदेश आता है, वहीं का होकर रह जाता है। हृदय प्रदेश सभी उद्योगपतियों का स्वागत कर रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने ग्रीन एनर्जी सेक्टर में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की हैं। राज्य में सोलर और पंप स्टोरेज से निर्मित बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है। मध्यप्रदेश में सबसे सस्ती बिजली मिल रही है, जिससे उद्योग संचालन आसान हो गया है।

शेयरों में पैसा डूबने पर नाराज शख्स ने यूट्यूबर पर कर दिया जानलेवा हमला

शेयर बाजार में निवेश के साथ रिस्क जुड़ा होता है। शेयरों में निवेश से पहले यह बात समझना जरूरी है। कई बार किसी एक्सपर्ट की सलाह पर निवेश करने पर फायदा होता है। कभी-कभी निवेश पर नुकसान उठाना पड़ता है। सवाल है कि किसी एक्सपर्ट की सलाह पर निवेश करने पर नुकसान हो जाए तो क्या आपको एक्सपर्ट पर नाराज होना चाहिए? दरअसल, दक्षिण कोरिया में एक इनवेस्टर ने एक फिनफ्लूएंसर पर इसलिए जानलेवा हमला कर दिया, क्योंकि उसकी सलाह पर निवेश करने से उसे बड़ा लॉस हुआ था।

लॉस से नाराज शख्स ने बनाया हमले का प्लान

यह मामला दक्षिण कोरिया के बुसान का है। एक यूट्यूबर पर उसके एक सब्सक्राइबर ने इसलिए हमला कर दिया, क्योंकि उसकी सलाह पर निवेश करने से उसके पैसे डूब गए। पुलिस के मुताबिक, हमलावर की उम्र 20 साल से कुछ ज्यादा है। बताया जाता है कि उसने फिनफ्लूएंसर का पीछा किया और मौका मिलते ही एक कमर्शियल बिल्डिंग में उस पर जानलेवा हमला कर दिया। चाकू से कई बार हमला करने के बाद वह फरार हो गया।

पुलिस ने दो घंटे बाद ही हमलावर को गिरफ्तार कर लिया

घटना के करीब दो घंटे बाद हमलावर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। लोकल रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर यूट्यूबर की सलाह पर शेयरों में निवेश करता था। काफी पैसा डूबने पर वह नाराज हो गया और यूट्यूबर पर हमले का प्लान बनाया। उसने यूट्यूबर का पीछा किया और मौका मिलते ही उस पर हमला कर दिया।

यूट्यूबर की स्थिति खतरे से बाहर

हमले में यूट्यूबर बुरी तरह से घायल हो गया। हालांकि, उसकी जान बच गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमले की वजह पता लगाने की कोशिश कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हमलावर ने किस तरह पूरी साजिश रची और कहां से हथियार हासिल किया।

बीते एक साल में कोस्पी 114% चढ़ा

दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में बीते एक साल में जबर्दस्त तेजी देखने को मिली है। बाजार का प्रमुख सूचकांक कोस्पी इस दौरान 114 फीसदी चढ़ा है। कई कंपनियों के शेयरों की कीमतें इस दौरान कई गुनी हो गई हैं। इसमें चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों खासकर SK Hynix और Samsung Electronics का बड़ा हाथ है। इन दोनों शेयरों की कोस्पी में 50 फीसदी से ज्यादा वेटेज है। SK Hynix के शेयर ने एक साल में 522 फीसदी रिटर्न दिया है। Samsung Electronics का शेयर एक साल में 294 फीसदी चढ़ा है।

यह भी पढ़ें: Wipro Q1 Results: आईटी कंपनी को ₹3352 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू 10% बढ़ा; डिविडेंड का ऐलान

एक महीने में कोस्पी 22 फीसदी गिरा है

शेयर बाजार में तेजी का फायदा उठाने के लिए लोगों ने शेयरों में जमकर पैसे लगाए। अब बाजार में गिरावट आ रही है तो उन्हें नुकसान हो रहा है। 16 जुलाई को कोस्पी में बड़ी गिरावट आई। यह 6.37 फीसदी गिर गया। बीते एक महीने में कोस्पी करीब 22 फीसदी गिरा है। इससे कई निवेशकों को ब़़ड़ा नुकसान हुआ है। ज्यादा परेशान वे निवेशक हैं, जिन्होंने उधार लेकर शेयरों में निवेश किया था।

Wipro Q1 Results: आईटी कंपनी को ₹3352 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू 10% बढ़ा; डिविडेंड का ऐलान

Wipro Q1 Results: आईटी सर्विसेज कंपनी Wipro ने अप्रैल-जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 0.6% बढ़कर ₹3,352 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹3,330 करोड़ था।

कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 10.6% बढ़कर ₹24,479 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, यह बाजार के अनुमान ₹24,776 करोड़ से थोड़ा कम रहा। कंपनी के बोर्ड ने ₹2 प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

आईटी सर्विसेज कारोबार में कैसी रही ग्रोथ?

तिमाही के दौरान विप्रो का ग्रॉस रेवेन्यू तिमाही आधार पर 1% बढ़ा। वहीं, आईटी सर्विसेज रेवेन्यू 2.61 अरब डॉलर रहा। यह पिछली तिमाही के मुकाबले 1.4% कम, लेकिन सालाना आधार पर 1% ज्यादा है।

कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर आईटी सर्विसेज रेवेन्यू तिमाही आधार पर 1.2% घटा, जबकि सालाना आधार पर इसमें 0.9% की बढ़त रही।

बड़े डील्स बढ़े, लेकिन कुल बुकिंग घटी

विप्रो की जून तिमाही में कुल बुकिंग 3.37 अरब डॉलर रही। यह कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर पिछली तिमाही से 2.4% कम है।

हालांकि, बड़े डील्स (Large Deals) की बुकिंग 12.9% बढ़कर 1.63 अरब डॉलर पहुंच गई।

मार्जिन और कर्मचारियों का हाल

आईटी सर्विसेज का ऑपरेटिंग मार्जिन 16% रहा। यह पिछली तिमाही के मुकाबले 130 बेसिस प्वाइंट और पिछले साल के मुकाबले 120 बेसिस प्वाइंट कम है। ऑपरेटिंग कैश फ्लो ₹3,288 करोड़ रहा, जो कंपनी की शुद्ध आय का 98% है।

वहीं, पिछले 12 महीनों के आधार पर कर्मचारियों की स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की दर (Voluntary Attrition) 13.9% रही।

अगली तिमाही के लिए क्या अनुमान?

जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए Wipro ने आईटी सर्विसेज रेवेन्यू 2.57 अरब डॉलर से 2.63 अरब डॉलर के बीच रहने का अनुमान दिया है। इसका मतलब है कि कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर रेवेन्यू में 1.5% तक की गिरावट या 0.5% तक की बढ़त हो सकती है।

विप्रो ने क्या कहा?

Wipro के CEO और MD श्रीनी पलिया ने कहा कि अब ग्राहक सिर्फ टेक्नोलॉजी मॉडर्नाइजेशन तक सीमित नहीं हैं। वे AI बेस्ड ऑपरेटिंग मॉडल अपना रहे हैं। इससे काम की क्वालिटी, प्रोडक्टविटी और एफिशिएंसी बढ़ रही है।

वहीं, CFO अपर्णा अय्यर ने कहा कि कंपनी शॉर्ट टर्म मार्जिन दबाव के बावजूद कर्मचारियों और अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं में निवेश जारी रखेगी।

₹2 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड

विप्रो के बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए ₹2 प्रति इक्विटी शेयर (100%) अंतरिम डिविडेंड देने का भी ऐलान किया है। कंपनी ने 27 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। डिविडेंड का भुगतान 14 अगस्त 2026 तक किया जाएगा।

हाल ही में पूरा हुआ बायबैक

विप्रो ने जून तिमाही के दौरान 60 करोड़ शेयरों का बायबैक भी पूरा किया। यह बायबैक ₹250 प्रति शेयर के भाव पर किया गया। इस पर कुल ₹15,049.7 करोड़ खर्च हुए। बायबैक पूरा होने के बाद कंपनी की चुकता शेयर पूंजी (Paid-up Capital) भी घट गई है।

विप्रो के शेयरों का हाल

नतीजों से पहले गुरुवार को Wipro का शेयर 1.75% बढ़कर ₹177.70 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 33.56% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 1.86 लाख करोड़ रुपये है।

BHEL Q1 Results: सरकारी डिफेंस कंपनी घाटे से मुनाफे में लौटी, रेवेन्यू भी 40% उछला

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividend Stocks: 3 कंपनियां मिलकर देने वाली हैं ₹845 प्रति शेयर का बंपर डिविडेंड, 17 जुलाई रिकॉर्ड डेट

3 कंपनियां मिलकर वित्त वर्ष 2025-26 के लिए हर शेयर पर 845 रुपये तक का शानदार डिविडेंड देने वाली हैं। ये कंपनियां हैं- 3M India, MRF और Honeywell Automation। तीनों कंपनियों के डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट शुक्रवार, 17 जुलाई है। इस तारीख से एक दिन पहले यानि कि 16 जुलाई को मार्केट क्लोजिंग तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुके होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

सबसे पहले बात करते हैं सबसे ज्यादा डिविडेंड दे रही कंपनी की। 3M India Ltd के शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए हर शेयर पर 506 रुपये का डिविडेंड मिलने वाला है। 506 रुपये के डिविडेंड अमाउंट में 160 रुपये का फाइनल डिविडेंड और 346 रुपये का स्पेशल डिविडेंड शामिल है। 3M India के डिविडेंड पर अगस्त में होने वाली सालाना आम ​बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर पेमेंट 30 दिनों के अंदर किया जाएगा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 160 रुपये का फाइनल डिविडेंड और 375 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड दिया था।

शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। BSE पर वर्तमान कीमत 35426.55 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 40000 करोड़ रुपये के करीब है। 3M India का शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 75 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। 3M India Ltd, अमेरिका की 3M Company का हिस्सा है। 3M Company एक डायवर्सिफाइड टेक्नोलॉजी और साइंस कंपनी है। यह सेफ्टी एंड इंडस्ट्रियल, ट्रांसपोर्टेशन एंड इलेक्ट्रॉनिक्स, और कंज्यूमर सेगमेंट में कारोबार करती है।

MRF का ₹229 का डिविडेंड

टायर कंपनी MRF Ltd वित्त वर्ष 2026 के लिए 229 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। इस डिविडेंड का ऐलान मई महीने में हुआ था। इस पर 6 अगस्त को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर पेमेंट 17 अगस्त को या उसके बाद किया जाएगा। इससे पहले MRF वित्त वर्ष 2026 के लिए दो बार में 3-3 रुपये का अंतरिम डिविडेंड दे चुकी है। वित्त वर्ष 2025 के लिए भी कंपनी ने दो बार 3-3 रुपये का अंतरिम और 229 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था।

ITC Hotels Q1 Results: जून तिमाही में मुनाफा 35% बढ़ा, रेवेन्यू में 15% का उछाल; शेयर 5% गिरा

MRF के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कीमत वर्तमान में BSE पर 131445.70 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 55700 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 27.77 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Honeywell Automation का ₹110 का डिविडेंड

Honeywell Automation 110 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दे रही है। इस पर 29 जुलाई को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट होगा। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कीमत BSE पर 39100 रुपये है। वित्त वर्ष 2025 के लिए कंपनी ने 105 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। कंपनी का मार्केट कैप 34500 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : सपाट बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 17 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 16 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बिना किसी बड़े बदलाव के सपाट बंद हुए हैं। IT और कंज्यूमर सेंट्रिक शेयरों में बढ़त का असर बैंकिंग और रियल्टी शेयरों में कमजोरी से खत्म हो गया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 1.44 अंक बढ़कर 77,186.87 पर और निफ्टी 5.75 अंक या 0.02 प्रतिशत गिरकर 24,072.75 पर बंद हुआ। लगभग 1947 शेयरों में बढ़त हुई, 2119 शेयरों में गिरावट आई और 194 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

अलग-अलग शेयरों में मिला-जुला असर दिखा। इंटरग्लोब एविएशन सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहा, जिसमें 1.8% की तेजी आई। इसके बाद विप्रो (+1.7%), बजाज फाइनेंस (+1.6%), HCL टेक्नोलॉजीज (+1.6%) और मारुति सुजुकी (+1.4%) रहे। गिरावट वाले शेयरों में, एटरनल 2.8% गिरा, जबकि SBI लाइफ इंश्योरेंस में 2.3% की गिरावट आई। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स 0.9% गिरा, HDFC बैंक 0.8% टूटा और श्रीराम फाइनेंस में 0.8% की गिरावट आई।

सेक्टर इंडेक्स में, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा, जिसमें 1.5% की बढ़त हुई। इसके बाद निफ्टी मीडिया (+1%), निफ्टी IT (+0.7%) और निफ्टी ऑटो (+0.4%) रहे। निफ्टी FMCG (+0.25%) भी बढ़त के साथ बंद हुआ।

गिरावट वाले सेक्टरों में, निफ्टी रियल्टी का प्रदर्शन सबसे खराब रहा, जिसमें 1% की गिरावट आई। निफ्टी PSU बैंक 0.5% गिरा, इसके बाद निफ्टी मेटल (-0.3%), निफ्टी प्राइवेट बैंक (-0.3%) और निफ्टी बैंक (-0.3%) रहे।

ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेंचमार्क के मुकाबले कमजोर रहा। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 में 0.4% की गिरावट आई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 लगभग बिना किसी बदलाव के बंद हुआ।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और एशियाई बाजार के कमजोर रुझानों के बीच निवेशकों के सतर्क रुख अपनाने से भारतीय शेयर बाजार में सुस्ती रही। महंगाई की चिंताओं ने फाइनेंशियल और रियल्टी सेक्टर पर दबाव डाला, वहीं कुछ पेट्रोकेमिकल्स पर इंपोर्ट ड्यूटी फिर से लागू होने और मज़बूत कमाई के दम पर केमिकल सेक्टर एक उम्मीद की किरण बनकर उभरा। उधर उम्मीद से कम अमेरिकी महंगाई दर ने ब्याज दरों से जुड़ी चिंताओं को कम किया और बाजार को कुछ सहारा दिया। आगे बाजार की नजर कंपनियों के नतीजों और मैनेजमेंट की टिप्पणियों के साथ-साथ मॉनसून की प्रगति पर रहेगी। इसके अलावा ग्लोबल स्थिति और महंगाई से जुड़ी घटनाएं बाजार की चाल पर असर डालती रहेंगी।

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि निफ्टी एक सीमित दायरे में ट्रेड कर रहा है, जो न्यूट्रल रुख के साथ कंसोलिडेशन का संकेत है। टेक्निकल तौर पर इंडेक्स को 23,950–24,000 के जोन में मज़बूत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, जबकि 24,250–24,300 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। इसके बाद 24,500 के आसपास एक बड़ी रुकावट हो सकती है।

ऑप्शन चेन डेटा भी 24,000 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा ‘पुट राइटिंग’ का संकेत दे रहा है, जो इसे एक अहम सपोर्ट लेवल के तौर पर मजबूत करता है। मौजूदा टेक्निकल सेटअप को देखते हुए, सपोर्ट के पास गिरावट पर खरीदारी और रेजिस्टेंस के पास उछाल पर बिकवाली की रणनीति सही रहेगी।

उन्होंने आगे कहा कि बैंक निफ्टी इंडेक्स ने डेली चार्ट पर एक छोटी कैंडलस्टिक बनाई है, जो अनिश्चितता का संकेत है क्योंकि इंडेक्स कंसोलिडेशन रेंज में ट्रेड कर रहा है। RSI न्यूट्रल जोन के पास स्थिर है, जो मज़बूत डायरेक्शनल मोमेंटम की कमी का संकेत है। टेक्निकल तौर पर 56,800–57,000 का जोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। जबकि 58,200 का लेवल अहम रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

जब तक कोई निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन नहीं होता, तब तक रुख न्यूट्रल रहने की उम्मीद है। इस स्थिति में सपोर्ट के पास ‘बाय-ऑन-डिप्स’ और रेजिस्टेंस के पास ‘सेल-ऑन-राइज़’ की रणनीति फायदेमंद रहेगी।

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए 23960-23930 के पास स्थित 50-डे का EMA जोन तत्काल सपोर्ट का काम करेगा । अगर यह 23930 के लेवल से नीचे जाता है और वहां बना रहता है तो और ज्यादा प्रॉफिट बुकिंग हो सकती है और इंडेक्स 23780 के लेवल तक गिर सकता है, जो अगला अहम सपोर्ट जोन बन सकता है।

ऊपर की तरफ, 24160-24200 की रेंज एक अहम रेजिस्टेंस एरिया बनी हुई है। अगर इंडेक्स इस दीवार को पार कर जाता है, तो मार्केट का सेंटीमेंट बेहतर हो सकता है और और ऊपर जाने का रास्ता खुल सकता है। तब तक, इंडेक्स में एक तय रेंज के अंदर ही ट्रेडिंग होने की संभावना है।

 

 

Stock In News : इस बिस्कुट और ब्रेड बनाने वाली कंपनी पर दिग्गज इन्वेस्टर सुनील सिंघानिया ने लगाया दांव, 14% भागा शेयर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

5 साल तक जीरो सेल्स, अब Ather Energy बनी ₹50000 करोड़ की कंपनी, Tesla से इस सीख ने बदल दी इंडस्ट्री की तस्वीर

करीब 13 साल पहले भारतीय ऑटो इंडस्ट्री को इलेक्ट्रिकल वेईकल्स में कोई भविष्य नहीं दिख रहा था। हर वेंडर से सस्ते से सस्ता पार्ट लेकर असेंबलिंग के बाद एक इलेक्ट्रिक स्कूटर की लागत करीब ₹5 लाख पड़ती। ऑटो इंडस्ट्री के मुताबिक यह मॉडल व्यावहारिक नहीं था। इन सबके बीच तरुण मेहता और स्वप्निल जैन ने इसे अलग नजरिए से देखा और वह भी तब, जब वे अभी भी आईआईटी मद्रास से इंजीनयरिंग करके निकले थे। खास बात ये भी है कि वह टेस्ला (Tesla) की स्टडी तो कर रहे थे लेकिन कारों की नहीं बल्कि इसके फाइनेंशियल्स की। इस स्टडी की नींव पर उन्होंने एथर एनर्जी (Aether Energy) जैसी ऐसी कंपनी खड़ी कर दी जिसने पांच साल तक कोई सेल्स नहीं की और अब यह यह ₹50 हजार करोड़ की कंपनी बन चुकी है।

क्या मिला Tesla के फाइनेंशियल्स से?

तरुण टेस्ला के निवेशकों की रिसर्च रिपोर्ट की स्टडी करते थे। इसमें उन्होंने एक खास बात नोटिस की कि लिथियम-आयन सेल, मोटर और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स की वास्तविक लागत काफी कम थी। तरुण ने पाया कि ये महंगे इसलिए दिखाई देते थे क्योंकि इन्हें बड़े पैमाने पर बनाने और इंटीग्रेशन की प्रक्रिया अभी तैयार नहीं हुई थी।

कैसे पड़ी Aether Energy की नींव

तरुण और स्वप्निल की मुलाकात आईआईटी मद्रास में इंजीनियरिंग डिजाइन की पढ़ाई के दौरान हुई थी। दोनों ने साथ मिलकर कुछ रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर भी काम किया था। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने नौकरियां की लेकिन फिर इस्तीफा देकर बैट्री पैक पर काम करने लगे। उनके मुताबिक बैट्री पैक भारतीय इलेक्ट्रिक गाड़ियों की सबसे बड़ी कमजोरी थी। 2012 के आखिरी दिनों में उन्होंने प्रोजेक्ट एसोसिएट के रूप में फिर आईआईटी मद्रास में वापसी की। वे हॉस्टल में रहते और लैब में काम करते थे। मात्र छह से सात महीनों में उन्होंने एक स्कूटर और बैट्री पैक का प्रोटोटाइप तैयार कर लिया। वर्ष 2013 में एथर एनर्जी को औपचारिक रूप से IIT-M रिसर्च पार्क में इनक्यूबेट किया गया। अगले साल 2014 में उन्हें टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड और आईआईटी के एक पूर्व छात्र से ₹45 लाख की फंडिंग मिली।

दो फैसलों ने तय कर दी दिशा

एथर की नींव अक्टूबर 2013 में पड़ी थी। उसी साल दो फैसलों ने कंपनी की पूरी दिशा तय कर दी। पहला फैसला था कि कंपनी आम लोगों के लिए स्कूटर बनाएगी। उस समय भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियां धीमे और कम पावर वाले होते थे जिसे मुख्य रूप से बुजुर्गों या बिना लाइसेंस के युवाओं के लिए बनाया जाता था। दूसरा फैसला था, स्कूटर के हैंडलबार पर सात इंच की टचस्क्रीन, सिम कार्ड और एक फुल सॉफ्टवेयर इकोसिस्टम देना जोकि उस समय दुनिया में किसी भी दोपहिया गाड़ी पर नहीं था। देश की सड़कों, धूल, बारिश और प्रदूषण के बीच टचस्क्रीन को भरोसेमंद बनाना काफी महंगा और रिस्क वाला था। हालांकि यही दो फैसले एथर की नींव बने।

पांच साल तक जीरो सेल्स से ₹50 हजार करोड़ की कंपनी

एथर का पहला प्रोडक्ट 2018 के मध्य में आया यानी कि पहले पांच साल तक इसकी सेल्स जीरो रही। पहले पांच साल कंपनी की टीम में अधिकतर ऐसे नए ग्रेजुएट्स थे जिन्होंने कॉलेज में रेस कारें बनाई थीं। उनके लिए ग्रेजुएशन के बाद ही सैलरी के साथ गाड़ियों को बनाने का काम करना एक सपने के पूरा होने जैसा था। इससे उन्हें लंबे समय तक कंपनी से जोड़े रखना आसान रहा। हालांकि ऐसा नहीं है कि मुश्किलें नहीं आई। एक निवेशक ने तो सलाह दी थी कि कंपनी सिर्फ होंडा एक्टिवा में इलेक्ट्रिक मोटर लगाकर बेचना शुरू करे। कई ने तो अपना प्रोडक्ट या तकनीक नहीं बनाने की सलाह दी क्योंकि उनके मुताबिक भारत में ऐसे प्रोडक्ट को मार्केट नहीं है। हालांकि एथर अपने विजन पर कायम रही।

सेल्स के आंकड़े

कंपनी के बिक्री की बात करें तो साल 2022 में कंपनी ने 54,769 यूनिट्स बेचीं। 2023 में यह बढ़कर 1,11,812 और साल 2024 में 1,36,513 यूनिट्स तक पहुंच गई। अगले ही साल कंपनी की सेल्स 57% बढ़कर 2,14,985 यूनिट्स पर पहुंच गई। इस साल 2026 की पहली छमाही में ही एथर ने 1,69,020 यूनिट्स का रजिस्ट्रेशन किया, जो पिछले साल 2025 की समान अवधि की तुलना में 91% अधिक थी। ओवरऑल बात करें तो जून 2026 तक कंपनी ग्राहकों को 7 लाख से अधिक गाड़ियों की डिलीवरी कर चुकी है, जिसमें से आखिरी 2 लाख यूनिट्स केवल 8 महीनों में बेची गईं। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने कुल 2,62,942 यूनिट्स बेचीं, जो सालाना आधार पर 69% अधिक थी।

बाजार में दबदबे की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 में दोपहिया ईवी सेगमेंट में इसकी हिस्सेदारी बढ़कर 18.6% हो गई। कंपनी के लिए सबसे शानदार महीना अक्टूबर 2025 रहा, जब इसने 26,713 यूनिट्स बेची और 19.6% मार्केट हिस्सेदारी रही। इस दौरान इसने ओला इलेक्ट्रिक को भी पीछे छोड़ दिया था।

कंपनी के लिए सबसे दमदार गाड़ी एथर रिज्टा साबित हुई जो अप्रैल 2024 में लॉन्च हुई थी। सिर्फ 11 महाने में इसने 1 लाख सेल्स का आंकड़ा पार कर लिया। दिसंबर 2025 तक 2 लाख और अप्रैल 2026 तक लॉन्च के सिर्फ 25 महीने में 3 लाख सेल्स का रिकॉर्ड बना लिया। आज एथर की कुल मासिक बिक्री में इसकी हिस्सेदारी 76% है।

₹200 करोड़ का दांव, Ather Energy में इस कारण सरकारी फंड कर रही निवेश