Tata Elxsi Q1 Results: टाटा की कंपनी का मुनाफा 18% बढ़ा, पहली बार रेवेन्यू ₹1000 करोड़ के पार पहुंचा

Tata Elxsi Q1 Results: डिजाइन और टेक्नोलॉजी सर्विसेज देने वाली कंपनी Tata Elxsi ने जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। टाटा ग्रुप की इस कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 18.2% बढ़कर ₹170.6 करोड़ हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह ₹144.3 करोड़ था।

रेवेन्यू में भी अच्छी बढ़त

जून तिमाही में Tata Elxsi का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 14.5% बढ़कर ₹1,021.1 करोड़ पहुंच गया। तिमाही आधार पर भी इसमें 2.8% की बढ़ोतरी हुई। यह पहली बार है जब Tata Elxsi का तिमाही ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹1,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया।

वहीं, EBITDA 15.7% बढ़कर ₹216 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन 21.2% दर्ज किया गया।

किन कारोबारों ने बढ़ाई रफ्तार?

Tata Elxsi की ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान ट्रांसपोर्टेशन और मीडिया कारोबार का रहा।

ट्रांसपोर्टेशन सेगमेंट का रेवेन्यू सालाना आधार पर 13.3% बढ़ा। वहीं, मीडिया और कम्युनिकेशन कारोबार में 22.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

हालांकि, तिमाही आधार पर कंपनी का शुद्ध मुनाफा 22.6% घटकर ₹170.6 करोड़ रह गया। पिछली तिमाही में यह ₹220 करोड़ था। इसी तरह, EBIT भी 12.5% घटकर ₹193.7 करोड़ रहा। EBIT मार्जिन 22.27% से घटकर 18.97% पर आ गया।

AI और ऑटोमोबाइल कारोबार पर फोकस

Tata Elxsi के CEO और MD मनोज राघवन ने कहा कि तिमाही के दौरान बड़े ऑर्डर और मजबूत डील एग्जीक्यूशन की वजह से अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला। ऑटोमोबाइल कारोबार में OEM ग्राहकों से मजबूत मांग बनी रही।

उन्होंने बताया कि कंपनी AI पर लगातार फोकस बढ़ा रही है। इसी तिमाही में उसने ViTEL नाम का Gen AI बेस्ड प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। यह अलग-अलग मटेरियल का बेहतर एनालिसिस करने में मदद करेगा। इसके अलावा AnaTEL नाम का AI प्लेटफॉर्म भी पेश किया गया है। इसे हेल्थकेयर और मेडिकल टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए तैयार किया गया है।

Tata Elxsi का शेयर मंगलवार को 2.97% की गिरावट के साथ ₹3,710 पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 39.96% टूट चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HCLTech Share Price: अच्छे नतीजों के बाद भी 5% टूटा स्टॉक, अब खरीदें या बेचें? जानिए एक्सपर्ट्स से

HCLTech Share Price: आईटी कंपनी HCL Technologies के शेयर मंगलवार को करीब 5% तक गिर गए। कंपनी ने जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे दिए थे, लेकिन पूरे वित्त वर्ष (FY27) के लिए अपना रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस नहीं बढ़ाया। इसी बात से निवेशक और ब्रोकरेज हाउस निराश दिखे।

मंगलवार को शेयर 4.63% गिरकर ₹1,164.60 पर बंद हुआ। इससे पहले लगातार तीन कारोबारी सत्रों में यह शेयर 6.5% से ज्यादा चढ़ चुका था।

नतीजे मजबूत, लेकिन गाइडेंस से निराश

देश की तीसरी सबसे बड़ी आईटी सर्विस कंपनी HCLTech का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 20% बढ़कर ₹4,624 करोड़ पहुंच गया। वहीं, रेवेन्यू 14% बढ़कर ₹34,579 करोड़ रहा। दोनों ही आंकड़े बाजार के अनुमान से बेहतर रहे।

इसके बावजूद कंपनी ने FY27 के लिए अपना कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस 1% से 4% और EBIT मार्जिन 17.5% से 18.5% पर ही बरकरार रखा।

ब्रोकरेज क्यों हुए निराश?

एनालिस्टों का कहना है कि मजबूत नतीजों और बड़े ऑर्डर मिलने के बाद बाजार को उम्मीद थी कि कंपनी अपना गाइडेंस बढ़ाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। Centrum Broking के मुताबिक, इससे संकेत मिलता है कि आने वाली तिमाहियों में कारोबार की रफ्तार धीमी रह सकती है।

Citi ने शेयर की रेटिंग घटाकर ‘Sell’ कर दी। वहीं J.P. Morgan ने ‘Underweight’ और Jefferies ने ‘Underperform’ रेटिंग बरकरार रखी। ब्रोकरेज का मानना है कि ग्राहकों का टेक्नोलॉजी खर्च अभी भी पूरी तरह नहीं बढ़ा है। खासकर टेलीकॉम और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मांग कमजोर बनी हुई है।

ICICI Securities की राय

ICICI Securities ने HCLTech पर ‘Reduce’ रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹1,060 रखा है। मौजूदा शेयर भाव ₹1,164.60 के मुकाबले इसमें करीब 9% की गिरावट की आशंका जताई गई है। ब्रोकरेज के मुताबिक, ने FY27 का गाइडेंस बरकरार रखा है, लेकिन निकट भविष्य में ग्रोथ सीमित रहने की उम्मीद है।

ICICI Securities का कहना है कि जून तिमाही में कंपनी के बड़े ऑर्डर (TCV) मजबूत रहे, लेकिन उसका असर अभी रेवेन्यू ग्रोथ में पूरी तरह नहीं दिख रहा है। साथ ही AI से जुड़ी मांग बढ़ने के बावजूद पारंपरिक आईटी सेवाओं की सुस्त ग्रोथ चिंता का विषय बनी हुई है।

आगे शेयर पर क्या नजर रहेगी?

एनालिस्टों के मुताबिक, HCLTech का फोकस फिलहाल कॉस्ट कंट्रोल और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर है। कंपनी ने ₹12 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो शेयर को ₹1,030-₹1,050 के दायरे में मजबूत सपोर्ट मिला है। वहीं, ₹1,220-₹1,250 के बीच इसका अगला रेजिस्टेंस माना जा रहा है।

*रॉयटर्स से इनपुट के साथ

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डूबे निवेशकों के ₹2 लाख करोड़, Sensex में 550 अंकों की गिरावट, Nifty टूटकर 23052 पर बंद

Sensex-Nifty closes red: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच बढ़ी तो कच्चा तेल उबल पड़ा और वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड प्रति बैरल $80 के पार जाकर $85 के काफी करीब पहुंच गया। इसने एशियाई बाजारों में कोहराम मचा दिया। घरेलू मार्केट में भी इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज- सेंसेक्स और निफ्टी 50 धड़ाम हो गए। सेंसेक्स इंट्रा-डे में 600 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी 24050 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में बिकवाली का तेज दबाव दिखा लेकिन स्मॉलकैप स्पेस में कुछ अधिक ही इसकी आंधी चली। निफ्टी मिडकैप 100 आज आधे फीसदी से थोड़ी कम गिरावट के साथ बंद हुआ तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1% से अधिक की गिरावट आई।

सेक्टरवाइज आज सरकारी बैंकों, रियल्टी, ऑटो और आईटी सेक्टर ने मार्केटपर काफी दबाव बनाया। इसमें रियल्टी सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स तो करीब 2% की गिरावट के साथ बंद हुए तो पीएसयू बैंक और ऑटो सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स डेढ़ फीसदी से कमजोर हुआ और निफ्टी आईटी भी 1% टूट गया। फार्मा और मेटल सेक्टर की रौनक भी बाजार को संभाल नहीं पाई। निफ्टी फार्मा आज 1% से अधिक तो निफ्टी मेटल आधे फीसदी से अधिक मजबूत हुआ है। इस मिले-जुले माहौल में ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹2 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹2 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन आज सेंसेक्स (Sensex) 561.46 प्वाइंट्स यानी 0.72% की फिसलन के साथ 77,054.94 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 158.95 प्वाइंट्स यानी 0.66% की गिरावट के साथ 24,052.05 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 614.92 प्वाइंट्स टूटकर 77,001.48 तक और निफ्टी 187.30 प्वाइंट्स गिरकर 24,023.70 तक आ गया था।

डूबे निवेशकों के ₹2.19 लाख करोड़

एक कारोबारी दिन पहले यानी 13 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,59,666.72 करोड़ था। आज यानी 15 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,79,40,381.54 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹2,19,285.18 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 6 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें से आज छह ग्रीन जोन बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज भारती एयरटेल, टीसीएस और सन फार्मा में रही तो दूसरी तरफ आज सबसे अधिक गिरावट एचसीएलटेक, इंडिगो और बजाज फिनसर्व में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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134 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4433 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 1501 शेयर आज मजबूत हुए तो 2737 में गिरावट रही जबकि 195 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 134 शेयर एक साल के हाई और 64 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 8 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 9 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold silver price: चढ़ रहा सोना, ₹1,303 और महंगा हुआ भाव, चांदी भी हो गई महंगी, जल्दी करें कहीं चूक ना जाएं मौका

Gold silver price: व्यापारियों की ताजा खरीदारी और मजबूत वैश्विक संकेतों के समर्थन से मंगलवार (14 जुलाई) को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई। हालांकि बाद के सत्र में सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतें 4,000 डॉलर प्रति औंस के प्रमुख स्तर से नीचे फिसल गई।

एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी के लिए सोना वायदा ₹1,303 या 0.93% बढ़कर ₹1.41 लाख प्रति 10 ग्राम हो गया। इस बीच, जुलाई डिलीवरी के लिए चांदी वायदा ₹2,946 या 1.35% चढ़कर ₹2.20 लाख प्रति किलोग्राम हो गई।

बाजार सहभागियों ने इस बढ़त का श्रेय स्थिर हाजिर मांग और घरेलू सर्राफा बाजारों में मजबूती के बीच व्यापारियों द्वारा की गई ताजा पोजीशन को दिया।

भारत में क्यों बढ़ रही हैं सोने-चांदी की कीमतें?

घरेलू सर्राफा कीमतों को स्थानीय खरीदारी और बढ़ी हुई वैश्विक अनिश्चितता के संयोजन से समर्थन मिल रहा है।इससे पहले वैश्विक सत्र में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी जहाजों पर नाकाबंदी बहाल करने के बाद जियोपॉलिटिकल तनाव फिर से उभरने के कारण सुरक्षित-हेवन मांग के कारण सोने के वायदा भाव में तेजी आई थी, जिससे तेल आपूर्ति और मुद्रास्फीति पर चिंता बढ़ गई थी।

हालांकि, बाद में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वालर ने सख्त लहजे में कहा कि अगर मुद्रास्फीति ऊंची बनी रहती है तो ब्याज दरों में बढ़ोतरी और कटौती की भी संभावना है, जिसके बाद सर्राफा ने बढ़त छोड़ दी।

उच्च ब्याज दरें आम तौर पर सोने जैसी गैर-उपज वाली संपत्तियों की अपील को कम कर देती हैं, जबकि मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती ट्रेजरी पैदावार भी कीमती धातु की कीमतों पर असर डालती है।

इस बीच, सुरक्षित मांग और इसके औद्योगिक उपयोग दोनों के समर्थन से चांदी ने घरेलू व्यापार में सोने से बेहतर प्रदर्शन जारी रखा।

निवेशकों को क्या देखना चाहिए?

रिद्धिसिद्धि बुलियंस के प्रबंध निदेशक पृथ्वीराज कोठारी ने कहा कि शॉर्ट टर्म में सोने की चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि यह 4,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर रह सकता है या नहीं। उन्होंने कहा कि लगातार मुद्रास्फीति, जियोपॉलिटिकल रिस्क और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीति पथ पर अनिश्चितता सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक बने हुए हैं। 4,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे लगातार टूटने से सोना 3,900 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है, जबकि चांदी के 58-63 डॉलर प्रति औंस के व्यापक दायरे में रहने की उम्मीद है।

निवेशक अब आगामी अमेरिकी मुद्रास्फीति डेटा और पश्चिम एशिया में आगे के घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखेंगे। क्योंकि दोनों शॉर्ट टर्म में सोने और चांदी की कीमतों को दिशा देते दिखाई देगें।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 15 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 14 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,100 के नीचे रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 561.46 अंक या 0.72 प्रतिशत गिरकर 77,054.94 पर और निफ्टी 158.95 अंक या 0.66 प्रतिशत गिरकर 24,052.05 पर बंद हुआ। लगभग 1422 शेयरों में बढ़त हुई,2632 शेयरों में गिरावट आई और 190 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में शामिल शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज,श्रीराम फाइनेंस,HDFC लाइफ,टाटा मोटर्स और इंटरग्लोब एविएशन सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे। जबकि, भारती एयरटेल,अपोलो हॉस्पिटल्स,सन फार्मा,TCS और डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर रहे।

सेक्टर के हिसाब से प्रदर्शन काफी हद तक कमजोर रहा। निफ्टी रियल्टी सबसे ज्यादा गिरा (2%),इसके बाद निफ्टी PSU बैंक (-1.8%),निफ्टी ऑटो (-1.6%),निफ्टी बैंक (-1.1%) और निफ्टी IT (-1%) रहे। अन्य सेक्टरों में,निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.8%,निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.6%,निफ्टी FMCG 0.6%,निफ्टी मीडिया 0.3% और निफ्टी इंफ्रा 0.3% गिरे।

वहीं, दूसरी तरफ निफ्टी फार्मा ने 1% की बढ़त के साथ अच्छा प्रदर्शन किया,इसके बाद निफ्टी मेटल रहा,जिसमें 0.60% की बढ़त हुई। छोटे-मझोले शेयर भी दबाव में रहे। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.4% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1% गिरे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं हैं,जिससे घरेलू इक्विटी पर फिर से दबाव आ गया। इससे यह डर भी पैदा हो गया कि क्या ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में रुकावट भारत की कॉर्पोरेट कमाई में सुधार को और धीमा कर देगी। रुपये के डॉलर के मुकाबले 96 के स्तर को पार करने से मुश्किलें और बढ़ गईं। इससे इंपोर्टेड महंगाई की चिंता बढ़ी और अलग-अलग इंडस्ट्रीज में इनपुट कॉस्ट बढ़ने का डर पैदा हो गया।

इसका सबसे ज्यादा असर महंगाई और कॉस्ट-सेंसिटिव सेक्टर पर दिखा। ऑटो,फाइनेंशियल और रियल्टी सेक्टर में गिरावट के कारण बाजार नीचे आया। जबकि फार्मा सेक्टर ने इस ट्रेंड के विपरीत प्रदर्शन किया। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों ने’डिफेंसिव’शेयरों का सहारा लिया। इससे फार्मा सेक्टर को फायदा हुआ। विदेशी फंड की लगातार निकासी ने भी बाजार में सावधानी का माहौल बनाए रखा और सेंटीमेंट को कमजोर किया। अब सबकी नजरें US फेड चेयर पर हैं,जिनके आने वाले बयान ग्लोबल ब्याज दरों की दिशा तय कर सकते हैं। इस बीच,Q1 अर्निंग्स सीजन तो अच्छा चल रहा है,लेकिन जियोपॉलिटिकल रिस्क में तेजी से हुई बढ़ोतरी ने सेंटीमेंट को कुछ हद तक कमजोर कर दिया है।

इक्विरस वेल्थ में MD और बिज़नेस हेड अंकुर पुंज का कहना है कि ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेतों,कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और घरेलू करेंसी में भारी गिरावट के कारण बैंकिंग,IT,ऑटोमोबाइल और रियल्टी शेयरों में भारी बिकवाली हुई,जिससे बेंचमार्क इंडेक्स गिर गए।

US-ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से आवाजाही को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। FIIs की ओर से घरेलू इक्विटी में नई बिकवाली के चलते निवेशक इक्विटी में निवेश करते समय सावधानी बरतेंगे और चुनिंदा शेयरों पर ही दांव लगाएंगे।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि NSE के वीकली ऑप्शन की एक्सपायरी के कारण गैप-डाउन के साथ खुलने के बाद इंडेक्स एक दायरे में ही बना रहा। इसने पिछले दिन के निचले स्तर के आसपास सपोर्ट लिया और गिरती हुई ट्रेंडलाइन के ऊपर बना रहा। इंडेक्स 50 EMA के ऊपर भी बना रहा, जो इसकी अंदरूनी मजबूती को दिखाता है।

शॉर्ट टर्म में,जब तक इंडेक्स 23,950 के ऊपर रहता है,तब तक आउटलुक पॉजिटिव रहने की उम्मीद है। ऊपर की तरफ यह 24,250–24,300 के जोन की ओर बढ़ सकता है। हालांकि,23,950 के नीचे बड़ी गिरावट मौजूदा तेजी वाले सेटअप को कमजोर कर सकती है और कंसोलिडेशन का दौर शुरू कर सकती है।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे बाजार की दिशा तय करने में US-ईरान युद्धे से जुड़ी घटनाओं, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और Q1FY27 के अर्निंग्स सीजन की अहम भूमिका होगी। कंपनियों के मज़बूत नतीजों से बाजार को सहारा मिल सकता है,लेकिन जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और तेल की बढ़ती कीमतें निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव बनाए रख सकती हैं।

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बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक’बेयरिश कैंडलस्टिक पैटर्न’बनाया है,जो ऊंचे लेवल पर बिकवाली का दबाव दिखाता है। इंडेक्स अपने 200 डे के मूविंग एवरेज के पास भी बंद हुआ है,इसलिए इस सपोर्ट जोन पर नजर रखना ज़रूरी है। इसके अलावा,RSI ने’लोअर टॉप’बनाया है जो ऊपर की ओर बढ़ने की रफ्तार (मोमेंटम) में कमी का संकेत है।

टेक्निकल तौर पर निफ्टी बैंक के लिए सपोर्ट 56,800–56,900 के जोनन में है। जबकि, तत्काल रेजिस्टेंस 58,200 के आसपास दिख रहा है। मोमेंटम कमजोर होने को देखते हुए,ट्रेडर्स को थोड़ा सतर्क रहना चाहिए और नई पोजीशन लेने से पहले किसी साफ चाल(डिसाइसिव मूव)का इंतजार करना चाहिए।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Bank Nifty Trend : बैंक निफ्टी में तीन दिन की बढ़त थमी, 1% से ज्यादा टूटा इंडेक्स, केनरा बैंक और कोटक ने लगाई सबसे तगड़ी चपत

Bank Nifty Trend : कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच 14 जुलाई को बैंक निफ्टी इंडेक्स में 1% से ज्यादा की गिरावट आई है। जिससे इसकी लगातार तीन दिनों की बढ़त का सिलसिला थम गया है। आज ब्रेंट क्रूड की कीमत कुछ समय के लिए 85 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई,जो 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के समझौते के बाद से सबसे ऊंची कीमत है। सोमवार को अमेरिकी सेना ने लगातार तीसरी रात ईरान पर हमले किए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी शिपिंग पर रोक फिर से लागू कर दी और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए 20% शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है।

कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से उधार लेने की लागत बढ़ सकती है,बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हो सकती है और ट्रेजरी से होने वाले मुनाफे में कमी आ सकती है। इसके चलते बैंकिंग शेयरों पर दबाव बना है।

बैंक निफ्टी की इस गिरावट में केनरा बैंक,कोटक महिंद्रा बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक का योगदान सबसे ज्यादा है। इनमें 2%,1.6% और 1.3% की गिरावट आई है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और फेडरल बैंक भी उन बैंकों में शामिल थे जिनके शेयरों में गिरावट आई है। फाइनेंशियल सर्विस कंपनियों श्रीराम फाइनेंस,बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व में 1-2% की कमजोरी के साथ कारोबार हो रहा है। 1.25 बजे के आसपास बैंक निफ्टी 1.15 फीसदी की गिरावट के साथ 57,475 के आसपास कारोबार कर रहा था।

बैंक निफ्टी व्यू

बजाज ब्रोकिंग रिसर्च का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए ऊपर की तरफ,58,700 (जून का हाई) अभी भी एक तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है। अगर इंडेक्स इस लेवल के ऊपर मजबूती से बंद होता है,तो इससे चल रहे कंसोलिडेशन से ब्रेकआउट की पुष्टि होगी और आने वाले हफ्तों में 59,300 और फिर 60,000 के लेवल की ओर रैली शुरू हो सकती है। अगर बैंक निफ्टी 58,700 के ऊपर नहीं जा पाता है तो इसका मतलब होगा कि पिछले 4 हफ्तों से चल रहा कंसोलिडेशन और जारी रहेगा।

नीचे की तरफ,57,400-57,500 के लेवल के तत्कल सपोर्ट के तौर पर काम करने की उम्मीद है,जो गुरुवार के गैप-अप जोन और सोमवार के निचले स्तर से मेल खाता है। अगला अहम सपोर्ट 56,500 पर है,जहां 20 हफ्ते और 50-हफ्ते के EMA और पिछले हफ्ते का निचला स्तर एक साथ मिलते हैं,जिससे यह एक मजबूत डिमांड जोन बन जाता है।

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा की राय

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए 57,500 पर तत्काल सपोर्ट है। जबकि 57,200 अगला अहम सपोर्ट जोन बना हुआ है। ऊपर की तरफ,58,500 मुख्य रेजिस्टेंस है और इस लेवल के ऊपर ब्रेकआउट से नई तेजी आ सकती है। जब तक इंडेक्स सपोर्ट के ऊपर बना हुआ है ट्रेडर्स को गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वीके विजयकुमार की राय

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि कुछ ऐसी मुश्किलें फिर से सामने आ रही हैं जिनका असर जल्द ही भारतीय बाजार पर पड़ सकता है। अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने से ब्रेंट क्रूड की कीमत 84 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। अगर तेल में यह तेजी जारी रहती है, तो इससे भारत के मैक्रो-इकोनॉमिक हालात पर फिर से खरीब असर पड़ सकता है। BoP (भुगतान संतुलन) की कमजोरी और रुपये पर संभावित असर फिर से ऐसी परेशानियां आ सकती हैं जिनसे बाजार पर बुरा असर पड़ सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि US में 10 ईयर बॉन्ड यील्ड का बढ़कर 4.61% हो जाना एक और चिंता की बात है,जिसका असर विदेशी निवेश पर पड़ सकता है। जून में भारत की रिटेल महंगाई दर बढ़कर 4.38% हो गई है और इसके और बढ़ने की संभावना है। इन चुनौतियों को देखते हुए,निवेशकों को सावधानी बरतनी होगी। तेजी से बदलते जियोपॉलिटिकल और आर्थिक माहौल में निवेश से जुड़े फैसले लेना बहुत मुश्किल होता जा रहा है। निवेशकों इस लगातार बदलते हालात पर नजर बनाए रखनी चाहिए और खासकर कच्चे तेल की कीमतों के मामले में स्थिति साफ होने का इंतजार करना चाहिए।

 

 Stock Of The Day : ब्लॉक डील के बाद बायोकॉन में आई शानदार तेजी, 6% से ज्यादा चढ़कर वायदा का टॉप गेनर बना स्टॉक

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

SBI Funds Management IPO: खुल गया ₹9813 करोड़ का इश्यू, ग्रे मार्केट में गिरी सेहत, निवेश से पहले जान लें ये 10 अहम बातें

SBI Funds Management IPO: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का ₹9813 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए आज खुल चुका है। पहले यह आईपीओ ₹11,693 करोड़ का था लेकिन प्री-आईपीओ राउंड में 30 बड़े निवेशकों से ₹1880 करोड़ जुटाने के बाद यह आईपीओ अब ₹9813 करोड़ है। यहां इस आईपीओ से जुड़ी 10 अहम बातें बताई जा रही है, जिसे जान लें और फिर आईपीओ में निवेश से जुड़ा फैसला लें।

1. प्राइस बैंड और लॉट साइज

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के ₹9813 करोड़ के आईपीओ में ₹545-₹574 के प्राइस बैंड और 26 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट और एसबीआई के एंप्लॉयीज को हर शेयर ₹54 के डिस्काउंट पर मिलेगा। एसबीआई के शेयरहोल्डर्स के लिए कोई छूट नहीं है।

2. अहम डेट्स

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ आज 14 जुलाई को खुला है और 16 जुलाई को बंद होगा। आईपीओ के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 17 जुलाई को फाइनल होगा। फिर बीएसई और एनएसई पर 21 जुलाई को एंट्री होगी।

3. एंकर बुक

आईपीओ खुलने से पहले कंपनी ने 129 एंकर निवेशकों से ₹2663 करोड़ जुटाए। इसके तहत ब्लैकरॉक, अबूधाबी इंवेस्टमेंट अथॉरिटी, मॉर्गन स्टैनले, गोल्डमैन सैक्स, सिटीग्रुप और गवर्नमेंट ऑफ सिंगापुर समेत अन्य एंकर निवेशकों को ₹574 के भाव पर 17.09 करोड़ शेयर जारी हुए हैं। इसमें से ₹991 करोड़ के 1.72 करोड़ शेयर एचडीएफसी एएमसी, एक्सिस म्यूचुअल फंड, टाटा म्यूचुअल फंड और मोतीलाल ओसवाल एएमसी समेत 23 घरेलू म्यूचुअल फंड्स को 70 स्कीम्स के जरिए जारी हुए हैं।

4. ग्रे मार्केट में स्थिति यानी GMP

ग्रे मार्केट में एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयरों की स्थिति कमजोर हुई है और आईपीओ खुलने से पहले इसकी जीएमपी ₹110 तक चली गई थी। हालांकि अब यह आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से ₹93 यानी 16.20% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल के आधार पर ही निवेश का फैसला लेना चाहिए।

5. आईपीओ में कितने शेयर होंगे जारी

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी होगा बल्कि ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत ₹1 की फेस वैल्यू वाले 17,09,56,631 शेयरों की बिक्री हो रही है। इसमें से 12,83,34,397 शेयर एसबीआई और 7,53,74,842 शेयर एमुंडी इंडिया होल्डिंग बेच रहा है।

6. रजिस्ट्रार

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ का रजिस्ट्रार केफिन टेक है यानी कि शेयरों का अलॉटमेंट फाइनल होने के बाद इसकी साइट पर जारी अलॉटमेंट स्टेटस देख सकेंगे कि कितने शेयर मिले। इसके अलावा बीएसई की साइट पर भी स्टेटस देख सकेंगे।

7. कैसे होगा आईपीओ के पैसों का इस्तेमाल?

चूंकि यह इश्यू पीरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है तो आईपीओ का पैसा कंपनी को नहीं मिलेगा बल्कि शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स एसबीआई और एमुंडी इंडिया को मिलेगा।

8. कंपनी के बारे में?

AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) के हिसाब से देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट एसबीआई म्यूचुअल फंड को मैनेज करती है। यह एसबीआई और एमुंडी का ज्वाइंट वेंचर है। यह इक्विटी फंड्स, डेट फंड्स, हाइब्रिड फंड्स, ईटीएफ और PMS (पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज) जैसे निवेश प्रोडक्ट्स ऑफर करती है। 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक यह र्16.32 लाख करोड़ के एसेट्स मैनेज कर रही है जोकि म्यूचुअल फंड्स को कुल एयूएम का करीब 15.5% है। दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के हिसाब से इंडिविजुअल और इंस्टीट्यूशनल मिलाकर इसके 1.60 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं। इसके पोर्टफोलियो में 126 म्यूचुअल फंड स्कीम्स हैं।

9. कैसी है कारोबारी सेहत?

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 के दौरान इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 21% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹3,067.38 करोड़ और टोटल इनकम भी इस दौरान 20% के सीएजीआर से उछलकर ₹4,976.11 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में ₹326.73 करोड़ पड़े थे।

10. क्या है ब्रोकरेजेज का रुझान

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ पर ब्रोकरेजेज का रुझान पॉजिटिव है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में लीडरशिप पोजिशन, एसबीआई के दमदार डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के सपोर्ट, मजबूत प्रॉफिटेबिलिटी और हाई ऑपरेटिंग मार्जिन के चलते ब्रोकरेजेज इसे लेकर बुलिश हैं। स्वास्तिक इंवेस्टमार्ट ने इसे सब्सक्राइब रेटिंग दी है तो अरिहंत कैपिटल ने भी लॉन्ग टर्म के लिए इसे सब्सक्राइब करने की सलाह दी है।

अनलिस्टेड मार्केट में निवेश आपकी पॉकेट पर पड़ सकता है भारी

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Share Market Crash: Banking Stocks का दबाव, Sensex में 500 अंकों की गिरावट, इन 5 बड़ी वजहों से Nifty लाल

Share Market Crash: कच्चा तेल की उबाल ने मार्केट को तोड़ दिया। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $80 के पार जाकर $85 के करीब पहुंचा तो एशियाई बाजारों में कोहराम मच गया। घरेलू मार्केट में भी सेंसेक्स 500 प्वाइंट्स से अधिक फिसल गया तो निफ्टी 24050 पर आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी काफी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:50 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 478.60 प्वाइंट्स यानी 0.62% की फिसलन के साथ 77,137.80 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 138.70 प्वाइंट्स यानी 0.57% की गिरावट के साथ 24,072.30 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 552.99 प्वाइंट्स टूटकर 77,063.41 तक और निफ्टी 160.45 प्वाइंट्स गिरकर 24,050.55 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव

मार्केट पर अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू हुए सैन्य हमले और ईरान के होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने के ऐलान ने दबाव बनाया हुआ है।

कच्चे तेल में उबाल

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के बीच कच्चा तेल उबल पड़ा। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2% बढ़कर $84.98 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 2.1% बढ़कर $79.79 प्रति बैरल हो गया। पिछले सेशन में ब्रेंट क्रूड 9.6% बढ़ा था, जो मई 2020 के बाद से इसकी सबसे बड़ी डेली बढ़त थी।

बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी

महंगे तेल ने महंगाई बढ़ने की रफ्तार तेज होने की आशंका बढ़ाई तो अमेरिकी ट्रेडरी यील्ड उछल पड़ा। बेंचमार्क 10-साल के ट्रेजरी नोट पर यील्ड 4.9 बीपीएस बढ़कर 4.618% हो गई तो 30-साल के बॉन्ड पर यील्ड 3.3 बीपीएस बढ़कर 5.104% हो गई। दो-साल के अमेरिकी ट्रेजरी पर यील्ड 6.5 बीपीएस बढ़कर 4.273% हो गई।

India VIX में उछाल

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में उछाल से मार्केट पर दबाव बना। फिलहाल यह 3.52% के उछाल के साथ 13.75 पर है। इसके अधिक होने का मतलब मार्केट में वोलैटिलिटी हाई होने की आशंका है तो इसके कम होने का मतलब वोलैटिलिटी कम होने की संभावना है।

बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का दबाव

मार्केट पर आज बैंकिंग शेयरों ने दबाव बनाया हुआ है और इसमें रियल्टी सेक्टर भी साथ दे रहा है। पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक के निफ्टी इंडेक्स में 1-1% से अधिक की गिरावट है तो निफ्टी रियल्टी में डेढ़ फीसदी से अधिक की। दूसरी तरफ मेटल और फार्मा के निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की बढ़त है तो निफ्टी आईटी में हल्की ही सही, लेकिन शुरुआती कारोबार में बिकवाली के माहौल में भी यह ग्रीन था।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

5 सेकंड में ₹1 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex में 500 अंकों की गिरावट, Nifty टूटकर आया 24050 पर

Stock Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर टकराव बढ़ने पर कच्चा तेल उबल पड़ा। ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $80 के पार गया तो एशियाई मार्केट झुलस गए और घरेलू मार्केट में भी इसकी आंच महसूस हुई। इसकी आंच में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 500 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24050 तक आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से थोड़ी कम ही गिरावट है।

सेक्टरवाइज आईटी सेक्टर में हल्की-फुल्की रौनक है लेकिन ऑटो, प्राइवेट बैंक और रियल्टी सेक्टर में बिकवाली का काफी दबाव दिख रहा है और इनके निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है। बिकवाली के इस दबाव में ओवरऑल आज शुरुआती कारोबार में ही BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹1 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹1 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:20 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 397.08 प्वाइंट्स यानी 0.51% की फिसलन के साथ 77,219.32 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 99.80 प्वाइंट्स यानी 0.41% की गिरावट के साथ 24,111.20 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 552.99 प्वाइंट्स टूटकर 77,063.41 तक और निफ्टी 160.45 प्वाइंट्स गिरकर 24,050.55 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹1.14 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 13 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,59,666.72 करोड़ था। आज यानी 14 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,80,45,121.51 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,14,545.21 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के सिर्फ 8 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें फिलहाल 8 ही ग्रीन जोन में हैं। सबसे अधिक तेजी फिलहाल टाटा स्टील, इंफोसिस और टीसीएस में है। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट एचसीएल, इंडिगो और बजाज फाइनेंस में है। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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48 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर फिलहाल 2617 शेयरों की ट्रेडिंग हो रही है। इसमें 988 शेयर मजबूत दिख रहे हैं तो 1452 में बिकवाली का दबाव है तो 177 अभी स्थिर हैं। इसके अलावा 48 शेयर एक साल के हाई और 14 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 49 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 57 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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आज इंट्रा-डे में इन शेयरों पर रहेगी नजर

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market cues : कोई साफ दिशा पकड़ने के लिए निफ्टी को तोड़ना होगा 23800-24300 का दायरा, तब तक जारी रहेगा कंसोलीडेशन

Trade setup for today : निफ्टी ने 24,000 के जोन पर सपोर्ट लेने के बाद तेजी से वापसी की और 13 जुलाई को हल्की बढ़त के साथ सपाट बंद हुआ। पिछले तीन सेशन में बढ़त के साथ बंद होने के बावजूद,इंडेक्स पिछले बुधवार को बनी लॉन्ग रेड कैंडल,यानी 23,800-24,300 की रेंज में ही ट्रेड करता रहा। हालांकि,इसने 50-डे EMA के ऊपर बने रहते हुए 10, 20 और 100 डे EMA को फिर से हासिल कर लिया। बाजार जानकारों का कहना है कि कोई साफ और पक्की दिशा पकड़ने के लिए निफ्टी को 23,800-24,300 की रेंज से किसी भी तरफ बाहर निकलना होगा। अगर निफ्टी 24,300 के लेवल को फिर से हासिल कर लेता है और उसके ऊपर बना रहता है,तो 24,400-24,500 के जोन की तरफ बढ़ने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि,जानकारों का यह भी कहना है कि अगर निफ्टी 23,800 के नीचे गिरता है,तो इंडेक्स कंसोलिडेशन के दौर में जा सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,058, 23,997 और 23,897

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,256, 24,317 और 24,417

गैप-डाउन ओपनिंग के बाद,डेली चार्ट पर निफ्टी 50 ने ऊपर और नीचे छोटी शैडो वाली एक लंबी ग्रीन कैंडल बनाई,जो निचले लेवल पर खरीदारी की दिलचस्पी का संकेत है। इंडेक्स 10, 20 और 100 डे EMA के साथ-साथ जून के निचले स्तर से जुलाई के ऊंचे स्तर तक की हालिया रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर वापस आ गया। RSI बढ़कर 55.89 हो गया और यह बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। RSI बढ़कर 55.89 हो गया है और यह बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। MACD भी सिग्नल लाइन के ऊपर बना हुआ है और ग्रीन हिस्टोग्राम बार बढ़ रहा है,जो बेहतर होते मोमेंटम का संकेत है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,226, 58,398 और 58,676

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,670, 57,498 और 57,220

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,717

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,305, 56,441

बैंकिंग इंडेक्स में गैप-डाउन ओपनिंग के बाद एक ग्रीन कैंडल बनी,जो निचले स्तरों पर खरीदारी की दिलचस्पी दिखाती है। इंडेक्स वापस 10 डे EMA के ऊपर चढ़ गया और बाकी सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर बना रहा,जबकि शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे। क्रॉसओवर के बाद, 50 डे EMA 100 और 200 डे EMA के ऊपर बना रहा,जो मजबूत अंदरूनी ताकत का संकेत है। RSI बढ़कर 58.96 हो गया, हालांकि यह रेफरेंस लाइन से नीचे ही रहा। लगातार दूसरे सेशन में रेड हिस्टोग्राम बार छोटा हुआ,जबकि MACD रेफरेंस लाइन से नीचे बना रहा। ये सभी बातें बैंक निफ्टी में बुलिश मोमेंटम के बेहतर होने का संकेत देती हैं,जिसमें मज़बूत अंडरलाइंग स्ट्रेंथ और लगातार खरीदारी की दिलचस्पी दिख रही है। हालांकि ज्यादा मजबूत कन्फर्मेशन के लिए अभी भी पॉज़िटिव MACD क्रॉसओवर का इंतजार है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

13 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगातार चौथे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और 2,171 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे,जिससे विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच घरेलू बाजार को सहारा मिला।

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले संभावित उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में कल 8.39% की बढ़त हुई और यह 13.28 पर पहुंच गया,लेकिन यह अभी भी आरामदायक दायरे में है,जिससे पता चलता है कि तेजड़ियों के लिए कोई बड़ा जोखिम नहीं है। हालांकि,अगर यह 15 के स्तर से ऊपर बढ़ता है,तो बुल्स के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 13 जुलाई को बढ़कर 1.43 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 1.25 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

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