Lalithaa Jewellery Mart IPO: 22 एंकर इनवेस्टर्स से मिले ₹508 करोड़, 17 अगस्त को खुलेगा ₹1700 करोड़ का इश्यू

मेनबोर्ड सेगमेंट में ललिता ज्वेलरी मार्ट का ₹1,700 करोड़ का IPO 17 अगस्त को खुलने वाला है। ओपनिंग से पहले कंपनी ने 22 एंकर निवेशकों से ₹508.2 करोड़ जुटाए। एंकर बुक में गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली, ICICI प्रूडेंशियल AMC समेत कई दिग्गजों ने हिस्सा लिया। कंपनी ने एंकर निवेशकों को 2.53 करोड़ इक्विटी शेयर अलॉट किए। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, कुल एंकर एलोकेशन में से 1.14 करोड़ शेयर 4 घरेलू म्यूचुअल फंड्स को 9 स्कीमों के जरिए अलॉट किए गए। इनमें ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी, सैमको म्यूचुअल फंड, बंधन म्यूचुअल फंड और बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड का नाम शामिल है।

कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस और बजाज लाइफ इंश्योरेंस ने भी 21.49 लाख शेयरों के लिए ₹43.19 करोड़ का निवेश किया। इस IPO के लिए प्राइस बैंड ₹190-₹201 प्रति शेयर और लॉट साइज 74 शेयर है। इश्यू में ₹1,200 करोड़ के 5.97 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹500 करोड़ के 2.49 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में कंपनी के प्रमोटर किरण कुमार जैन शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे। इश्यू की क्लोजिंग 19 अगस्त को होगी। इसके बाद अलॉटमेंट 20 अगस्त को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 24 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

ललिता ज्वेलरी मार्ट लिमिटेड की दक्षिण भारत में अच्छी मौजूदगी है। कंपनी ललिता ब्रांड नेम के तहत सोने, चांदी, हीरे और कीमती व सेमी-कीमती (अर्ध-कीमती) पत्थरों वाली ज्वेलरी की पेशकश करती है। यह कई तरह की ज्वेलरी स्कीम भी पेश करती है। IPO के लिए आनंद राठी एडवाइजर्स बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd. है।

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

ललिता ज्वेलरी मार्ट अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल 10 नए स्टोर खोलने के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। इश्यू में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 11.94 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

IPOs This Week: 17 अगस्त से शुरू हफ्ते में खुलेंगे 8 नए इश्यू, 12 कंपनियां होंगी लिस्ट

Lalithaa Jewellery Mart की वित्तीय सेहत

कंपनी का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 48 प्रतिशत बढ़कर ₹25,039.80 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा 177 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹1,009.82 करोड़ रहा। इस बीच कंपनी पर ₹1,604.14 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025 में ललिता ज्वेलरी मार्ट का रेवेन्यू ₹16,907.88 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹364.73 करोड़ रहा था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividend Stock: हर शेयर पर ₹45 का डिविडेंड, 27 अगस्त रिकॉर्ड डेट; कीमत 6 महीनों में 20% चढ़ी

Procter & Gamble Health Ltd के शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 45 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड मिलने वाला है। रिकॉर्ड डेट 27 अगस्त है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

फाइनल डिविडेंड की घोषणा मई महीने में हुई थी। इस पर 3 सितंबर 2026 को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट होगा। इससे पहले P&G Health वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 110 रुपये का अंतरिम और 50 रुपये का स्पेशल डिविडेंड दे चुकी है।कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 80 रुपये का अंतरिम और 45 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था।

प्रॉक्टर एंड गैंबल हेल्थ लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी VMS कंपनियों में से एक है। यह विटामिन, मिनरल्स और सप्लीमेंट्स प्रोडक्ट्स बनाती और बेचती है। जैसे कि न्यूरोबियन, लिवोजेन, सेवनसीज, एवियन, पॉलीबियन, नेसिवियन।

P&G Health का शेयर 6 महीनों में 20 प्रतिशत चढ़ा

प्रॉक्टर एंड गैंबल हेल्थ के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 5933.70 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 9800 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर 6 महीनों में करीब 20 प्रतिशत मजबूत हुआ है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 51.82 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 6,955 रुपये और एडजस्टेड लो 4,699.70 रुपये है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में P&G Health का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 363.71 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 96.15 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू 1,407.97 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 326.91 करोड़ रुपये रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPOs This Week: 17 अगस्त से शुरू हफ्ते में खुलेंगे 8 नए इश्यू, 12 कंपनियां होंगी लिस्ट

17 अगस्त से शुरू हो रहा हफ्ता IPO के लिहाज से जबरदस्त रहेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि 8 नए पब्लिक इश्यू खुलने जा रहे हैं। इनमें से 6 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले 5 IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। ये सभी SME हैं। स्टॉक मार्केट में नई लिस्टिंग्स की बात करें तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 12 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 5 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

Horizon Industrial Parks IPO: ₹2,600 करोड़ का इश्यू 17 अगस्त को खुलेगा और 19 अगस्त को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹57-₹60 प्रति शेयर और लॉट साइज 250 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 24 अगस्त को हो सकती है।

Lalithaa Jewellery Mart IPO: यह ₹1,700 करोड़ का है। ओपनिंग 17 अगस्त को और क्लोजिंग 19 अगस्त को होगी। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹190-₹201 प्रति शेयर है। लॉट साइज 74 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 24 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

Shankesh Jewellers IPO: यह 18 अगस्त को खुलेगा। कंपनी ₹367.18 करोड़ जुटाना चाहती है। इसमें 20 अगस्त तक ₹88-₹93 प्रति शेयर के भाव पर और 160 शेयरों के लॉट में बोली लगा सकते हैं। कंपनी के NSE और BSE पर 25 अगस्त को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Sunshine Pictures IPO: यह भी 18 अगस्त को खुलेगा और 20 अगस्त को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹342-₹360 प्रति शेयर और लॉट साइज 41 शेयर है। कंपनी का इरादा ₹282.14 करोड़ जुटाने का है। शेयर NSE और BSE पर 25 अगस्त को शुरुआत कर सकते हैं।

Gaja Alternative Asset Management IPO: कंपनी ₹550 करोड़ जुटाना चाहती है। इश्यू 19 अगस्त को खुल रहा है। क्लोजिंग 21 अगस्त को होगी। प्राइस बैंड ₹152-₹160 प्रति शेयर और लॉट साइज 93 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 26 अगस्त को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Dhanwel Hybrid Seeds IPO: ₹26.73 करोड़ का पब्लिक इश्यू 19 अगस्त को खुलेगा क्लोजिंग 21 अगस्त को होगी। बोली ₹95-₹99 प्रति शेयर के भाव पर और 1200 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 26 अगस्त को हो सकती है।

Mopshop Distribution IPO: यह ₹27.26 करोड़ का है। ओपनिंग 19 अगस्त को होगी। फाइनल इश्यू प्राइस ₹138 प्रति शेयर और लॉट साइज 1000 शेयर है। 21 अगस्त को IPO बंद होने के बाद कंपनी के शेयर BSE SME पर 26 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

Tempsens Instruments (India) IPO: यह 20 अगस्त को खुलेगा और 24 अगस्त को बंद होगा। अभी साइज, प्राइस बैंड, लॉट साइज तय नहीं है। IPO बंद होने के बाद शेयर NSE और BSE पर 27 अगस्त को शुरुआत कर सकते हैं।

पहले से खुले 5 IPO

Credent Connect IPO: ₹93.90 करोड़ का यह इश्यू 13 अगस्त को खुला था और 17 अगस्त को बंद होगा। अभी तक 12.14 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹179-₹189 प्रति शेयर और लॉट साइज 600 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE SME पर 20 अगस्त को हो सकती है।

Technocrats Plasma Systems IPO: यह 14 अगस्त को खुला था और 18 अगस्त को बंद होगा। कंपनी का इरादा ₹60.98 करोड़ जुटाने का है। इश्यू अब तक 42 प्रतिशत भरा है। बोली ₹125-₹132 प्रति शेयर के भाव पर और 1,000 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। कंपनी के शेयर BSE SME पर 21 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

ENS Enterprises IPO: यह 14 अगस्त को खुला था और 18 अगस्त को बंद होगा। कंपनी ₹33.14 करोड़ जुटाना चाहती है। इश्यू अब तक 63 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ है। बोली ₹87-₹92 प्रति शेयर के भाव पर और 1,200 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। शेयरों की लिस्टिंग BSE SME पर 21 अगस्त को होने वाली है।

Skytech Infinite Platform IPO: ₹22.68 करोड़ का यह इश्यू भी 14 अगस्त को खुला था और 18 अगस्त को बंद होगा। इसे अभी तक 46 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिल चुका है। प्राइस बैंड ₹73-₹77 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,600 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE SME पर 21 अगस्त को होने की उम्मीद है।

Fascinate Textiles IPO: ₹64.83 करोड़ का पब्लिक इश्यू 11 अगस्त को खुला था और 19 अगस्त को बंद होगा। यह अभी तक 51 प्रतिशत भर चुका है। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹142-₹151 प्रति शेयर है। लॉट साइज 800 शेयर है। कंपनी NSE SME पर 24 अगस्त को लिस्ट हो सकती है।

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इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 17 अगस्त को NSE और BSE पर Dhoot Transmission, Molbio Diagnostics की लिस्टिंग होगी। 18 अगस्त को NSE और BSE पर Milky Mist Dairy Food के शेयर लिस्ट होने वाले हैं। इसी दिन BSE SME पर Sham Foam की लिस्टिंग हो सकती है। इसके बाद 19 अगस्त को NSE और BSE पर Behari Lal Engineering और Shiprocket के शेयर अपनी शुरुआत करेंगे। इसी दिन BSE SME पर Q&T Foods और NSE SME पर Pramodini Medicare के शेयर लि​स्ट होने की उम्मीद है।

20 अगस्त को NSE SME पर Credent Connect की लिस्टिंग होगी। 21 अगस्त को BSE SME पर Technocrats Plasma Systems, ENS Enterprises और NSE SME पर Skytech Infinite Platform की लिस्टिंग होने वाली है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Investment Mantra : एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड दे रहा एनर्जी कंपनियों में निवेश का सीधा मौका, जानिए क्या है खासियत

Investment Mantra : एनर्जी और सोना-चांदी दोनों इस वक्त बाजार के फोकस में हैं। एक तरफ जहां क्रूड में तेज उतार-चढ़ाव से एनर्जी सेक्टर सीधे रडार पर है और सोने-चांदी करेक्शन के बाद बुलियन सभी को लुभा रहा है। लेकिन क्या अभी एनर्जी और सोने-चांदी में निवेश का मौका है? यहां हम आपकी यही मुश्किल दूर करने की कोशिश करेंगे। लेकिन पहले हम आपको बता दें कि बाजार में इन दिनों Axis Nifty Energy Index Fund का NFO खुला हुआ है। क्या इसमें निवेश करके एनर्जी सेक्टर में एक्सपोजर बनाना चाहिए? इन्हीं सब बातों पर चर्चा करने के लिए हमारे साथ हैं मनीफ्रंट (Moneyfront) के CEO और को-फाउंडर मोहित गर्ग।

आइए पहले जान लेते हैं निफ्टी एनर्जी इंडेक्स के बारे में

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स में एक्सपोजर की बात करें तो इसमें ऑयल एंड गैस, पावर जेनरेशन, ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन, रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी इक्विपमेंट और एनर्जी से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल है।

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स की खासियत यह है कि इसमें 500 में से अधिकतम 40 शेयरों पर फोकस है। किसी भी एक शेयर का वेटेज 10% से ज्यादा नहीं है। वहीं, किसी एक सेक्टर का वेटेज 25% से ज्यादा नहीं है। साल में दो बार मार्च और सितंबर में रीकंस्ट्रक्शन होता है।

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स:टॉप 10 होल्डिंग्स

इसकी कोल इंडिया में 10%, रिलायंस इंडस्ट्रीज में 9.9%, ONGC में 9.5%, NTPC में 5.9%, GAIL में 4.9%, पावर ग्रिड में 4.6%, सुजलॉन एनर्जी में 4.2%, CG पावर में 3.9%, GE वर्नोवा में 3.6% और BHEL में 3.6% होल्डिंग है।

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स: इन सेक्टर्स में निवेश

हेवी इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट में 25.5%, रिफाइनिंग में 15%, ऑयल एक्सप्लोरेशन में 11.8%, पावर जेनरेशन में 11.8% और कोल में 10% निवेश है।

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स: निवेश कटेगरी

इसका लार्जकैप 72%, मिडकैप में 23% और स्मॉलकैप में 6% निवेश है।

निफ्टी एनर्जी में रिटर्न जोरदार

निफ्टी एनर्जी ने 1 साल में 10.1% रिटर्न दिया है। जबकि, निफ्टी ने इसी अवधि में 1.7 फीसदी रिटर्न दिया है। इसने तीन साल में 18.8% रिटर्न दिया है। इसी अवधि में निफ्टी ने 12.9 फीसदी रिटर्न दिया है। 5 साल में इसने 16.7% और निफ्टी ने 12.4% रिटर्न दिया है। 5 साल में इसने 18.7% और निफ्टी ने 13.9% रिटर्न दिया है। 25 साल में इसने 17.8% और निफ्टी ने 16.5% रिटर्न दिया है।

एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड को जाने

एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड एक इक्विटी इंडेक्स फंड है। इसका बेंचमार्क निफ्टी एनर्जी TRI है। इसका NFO खुला 7 अगस्त को खुला है जो 21 अगस्त को बंद होगा। इसमें न्यूनतम 100 रुपए का निवेश किया जा सकता है। इसका NFO NAV 10 रुपए है। इसमें रिस्क काफी हाई है। इस फंड मैनेजर्स नंदिक मलिक और रोहित गौतम हैं। एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड का एक्जिट लोड 15 दिन के भीतर 0.25% और 15 दिन के बाद निल है।

एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड: एनर्जी में बड़ा मौका

अगले दशक में भारत में 580+ GW पावर जेनरेशन का अनुमान है। इसमें रिन्यूएबल एनर्जी की बड़ी हिस्सेदारी होगी। अगले दशक में ट्रांसमिशन,स्टोरेज,नेचुरल गैस इंफ्रा में निवेश बढ़ेगा। अगले दशक में ग्रिड मॉडर्नाइजेशन में भी निवेश बढ़ेगा।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Market Outlook : भारतीय इक्विटी इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ हुए बंद, जानिए 17 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Share Market Fall: निफ्टी में लगातार चौथे दिन गिरावट, सेंसेक्स 71 अंक टूटा; निवेशकों की दौलत ₹1.97 लाख करोड़ घटी

शेयर बाजार में शुक्रवार, 14 अगस्त को बिकवाली का आलम रहा। स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले सेंसेक्स 70.71 अंकों की गिरावट के साथ 78,009.25 पर और निफ्टी 29.85 अंकों की गिरावट के साथ 24,366 पर बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 1.97 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया। दिन में सेंसेक्स पिछले बंद भाव से 395.66 अंक तक टूटकर 77,684.37 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से 99 अंक तक टूटकर 24,296.80 के लो तक गया। निफ्टी में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट रही।

गुरुवार, 13 अगस्त को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,94,13,560.799 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को यह घटकर 4,92,16,152.08 करोड़ रुपये रह गया। यानि कि 1,97,408.719 करोड़ रुपये की कमी।

मार्केट बंद होने पर NSE पर अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज, भारती एयरटेल, अदाणी पोर्ट्स, अदाणी एंटरप्राइजेज और ICICI Bank टॉप गेनर रहे। दूसरी ओर टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, एशियन पेंट्स, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और ONGC टॉप लूजर रहे।

गुरुवार को कैसा रहा था कारोबार

गुरुवार को कारोबार के अंतिम घंटे में हुई बाइंग से सेंसेक्स 113.61 अंक या 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,079.96 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 40.10 अंक या 0.16 प्रतिशत टूटकर 24,395.85 पर बंद हुआ था। BSE मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक में 0.53 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप सेलेक्ट में 0.35 प्रतिशत का लाभ रहा।

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वैश्विक बाजारों का हाल

एशियाई बाजारों में हेंग सेंग, SET कंपोजिट और ताइवान वेटेड में गिरावट है। वहीं कॉस्पी, निक्केई 225, शंघाई कंपोजिट और जकार्ता कंपोजिट बढ़त में हैं। यूरोपीय बाजार हरे निशान में हैं। अमेरिकी बाजार गुरुवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।

रुपये में आई 3 पैसे की मजबूती

विदेशी बाजारों में अमेरिकी डॉलर के कमजोर रुख के बीच रुपया शुक्रवार को 3 पैसे की बढ़त के साथ 95.42 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ। घरेलू शेयर बाजार से विदेशी पूंजी की निकासी और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण रुपये पर दबाव बना रहा। रुपया गुरुवार को 12 पैसे की गिरावट के साथ 95.45 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : भारतीय इक्विटी इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ हुए बंद, जानिए 17 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 14 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुए हैं। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 70.71 अंक या 0.09 प्रतिशत गिरकर 78,009.25 पर और निफ्टी 29.85 अंक या 0.12 प्रतिशत गिरकर 24,366 पर बंद हुआ। आज लगभग 1855 शेयरों में बढ़त हुई,2244 शेयरों में गिरावट आई और 174 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में अपोलो हॉस्पिटल्स,भारती एयरटेल,अदाणी एंटरप्राइजेज,अदाणी पोर्ट्स और विप्रो शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल,जियो फाइनेंशियल,ONGC,हिंडाल्को और SBI शामिल रहे।

सेक्टरों की बात करें तो ऑटो,एनर्जी,FMCG,मेटल,फार्मा और रियल्टी में 0.3-1% की गिरावट आई,जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मीडिया में लगभग 1% की बढ़त हुई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.7 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि आज मार्केट में कम उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निवेशक की नजर एनर्जी की कीमतों और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड के आउटलुक पर लगी हुई है। हालांकि,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और डिस्क्रिशनरी कंजम्पशन स्टॉक्स की अगुवाई में मार्केट दिन के निचले स्तरों से रिकवरी हुआ, जिसे बेहतर डिमांड ट्रेंड्स का भी सपोर्ट मिला।

इस तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजों और घरेलू सपोर्टिव फैक्टर्स(जिनसे FY27 के अर्निंग अनुमानों में बढ़ोतरी हो सकती है) की वजह से बॉटम-अप स्टॉक सिलेक्शन अप्रोच के लिए मौके बन रहे हैं।

इसके अलावा,रुपये में स्थिरता,भारत की 10-साल की बॉन्ड यील्ड में गिरावट और FII की खरीदारी में धीरे-धीरे सुधार से घरेलू मैक्रो-एनवायरनमेंट को सपोर्ट मिल रहा है और महंगाई की स्थिति भी बेहतर हो रही है।

17 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी में एक और दिन सुस्त ट्रेडिंग देखने को मिली। ट्रेडर्स वीकेंड से पहले किसी खास दिशा में पोजीशन लेने से बचते दिखे। निफ्टी थोड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ,लेकिन 20EMA के ठीक ऊपर रहा और मोटे तौर पर अपनी शॉर्ट-टर्म मजबूती बनाए रखने में कामयाब रहा।

मोमेंटम इंडिकेटर RSI और कमजोर होने लगा है और बेयरिश क्रॉसओवर ओवरसोल्ड जोन की ओर बढ़ रहा है। कुल मिलाकर,सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है और 24,180 के स्तर तक और गिरावट की संभावना है। ऊपरी स्तर पर 24,400 का लेवल निफ्टी के लिए एक अहम रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड ,सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24500-24550 के जोन में नजर आ रहा है। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर टिकता है तो यह 24700 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 24850 तक जा सकता है। नीचे की तरफ,निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24230-24200 के जोनन में है,जो 100 डे EMA के लेवल के पास ही है।

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी ने कहा कि शुक्रवार को मार्केट में एक छोटे दायरे में उतार-चढ़ाव और कंसोलिडेशन का दौर जारी रहा। अंत में निफ्टी 29 अंक गिरकर बंद हुआ। ओवरऑल चार्ट पैटर्न से पता चलता है कि पिछले 9 सेशन से मार्केट में धीरे-धीरे कमजोरी बढ़ती जा रही है।

पिछले हफ्ते हाई लेवल पर डोजी टाइप का वीकली पैटर्न बनने के बाद इस हफ्ते निफ्टी के वीकली चार्ट पर एक साफ नेगेटिव कैंडल बनी है। यह 24500-24600 के अहम रेजिस्टेंस लेवल के पास ऊपर की ओर एक फॉल्स ब्रेकआउट का संकेत है।

पिछले कुछ महीनों में लगातार हायर बॉटम बनते हुए देखे गए हैं। अभी दिख रही कमजोरी नए हायर बॉटम बनने की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है। इसलिए,आने वाले सेशन में कुछ और कंसोलिडेशन की संभावना है। अगर यहां से और कमजोरी आती है तो निफ्टी जल्द ही 24200-24000 के अगले निचले सपोर्ट लेवल तक गिर सकता है। फिलहाल 24500 के लेवल पर तत्काल रेजिस्टेंस दिख रहा है।

बैंक निफ्टी का आउटलुक

सुदीप शाह ने कहा बैंक निफ्टी ने शुरुआती कमजोरी को पीछे छोड़ते हुए बढ़त बनाई,लेकिन 57,681 के आसपास उसे रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा और फिर यह नीचे गिरकर 57,380 के इंट्राडे निचले स्तर पर आ गया। सेशन के दूसरे हिस्से में निचले स्तरों से आई रिकवरी ने इंडेक्स को अपने शुरुआती नुकसान की कुछ भरपाई करने में मदद की और बैंक निफ्टी 0.25% की गिरावट के साथ 57,491 पर बंद हुआ।

इंडेक्स ने दोनों तरफ विक्स वाली एक छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई। यह बाजार में अनिश्चितता का संकेत है। फ्लैट RSI और ADX मजबूत डायरेक्शनल मोमेंटम और उतार-चढ़ाव की कमी का संकेत देते हैं,जिससे पता चलता है कि इंडेक्स अभी भी कंसोलिडेशन के दौर में है।

आगे की बात करें तो बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57900-58000 के जोन में है। अगर यह इस जोन के ऊपर टिकता है तो बैंक निफ्टी का यह पुलबैक 58400 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 58800 तक बढ़ सकता है। नीचे की तरफ,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57100-57000 के जोन में है।

 

Trading plan: बाजार कह रहा है कुछ दिन ट्रेडिंग ना करें, एकदम पक्का भरोसा मिले तभी करें ट्रेड

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

RBI का लोन प्राइसिंग प्रपोजल: कर्ज लेने वालों पर इसका क्या हो सकता है असर?

RBI loan pricing proposal: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने लोन प्राइसिंग के लिए एक नया फ़्रेमवर्क प्रस्तावित किया है। इसका मकसद छोटे लोन के लिए फ़्लोटिंग इंटरेस्ट रेट, स्प्रेड और कुल लागत में बदलाव को उधार लेने वालों के लिए ज़्यादा पारदर्शी बनाना है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (लोन और एडवांस पर इंटरेस्ट रेट) निर्देश, 2026 का ड्राफ़्ट कमर्शियल बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, को-ऑपरेटिव बैंकों, ऑल-इंडिया फ़ाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन और नॉन-बैंकिंग फ़ाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) – जिनमें हाउसिंग फ़ाइनेंस कंपनियां भी शामिल हैं उनपर लागू होगा। प्रस्तावित निर्देश 1 अप्रैल, 2027 से लागू होने वाले हैं।

यहां वे मुख्य प्रस्ताव दिए गए हैं जिनके बारे में कर्ज लेने वालों को पता होना चाहिए।

फ़्लोटिंग लोन रेट के लिए साफ रीसेट फ़्रेमवर्क

प्रस्तावित फ़्रेमवर्क के तहत, लेंडर को फ़िक्स्ड और फ़्लोटिंग-रेट लोन की कीमत तय करने के लिए इंटरनल या एक्सटर्नल बेंचमार्क के साथ रिस्क-बेस्ड स्प्रेड का इस्तेमाल करना होगा। बेंचमार्क, रीसेट फ़्रीक्वेंसी और रीसेट की तारीख लोन एग्रीमेंट में बताई जानी चाहिए।

फ़्लोटिंग-रेट लोन के लिए, बेंचमार्क रीसेट की अवधि तीन महीने से ज़्यादा नहीं हो सकती। हालांकि, यह जरूरत कुछ छोटी रेगुलेटेड संस्थाओं(जिनमें बेस लेयर की NBFCs शामिल हैं) के लिए अनिवार्य नहीं होगी।

इजी होम फाइनेंस के चीफ फ़ाइनेंशियल ऑफ़िसर विकास कुमार मिश्रा ने कहा कि प्रस्तावित फ़्रेमवर्क से फ़्लोटिंग-रेट पर लोन लेना ज़्यादा अनुमान लगाने लायक हो सकता है। मिश्रा ने कहा, “हर फ़्लोटिंग रेट को ज़्यादा से ज़्यादा तीन महीने के रीसेट साइकल वाले साफ़ बेंचमार्क से जोड़ने से उन उधार लेने वालों के लिए ज़रूरी अनुमान लगाने की सुविधा मिलती है जिन्होंने पहले असमान ट्रांसमिशन देखा है।”

कर्ज लेने वालों के लिए, इसका मतलब यह नहीं है कि EMI में कोई बदलाव नहीं होगा। फ़्लोटिंग-रेट लोन तब भी महंगा हो सकता है जब बेस बेंचमार्क बढ़ता है। इसके बजाय, प्रस्तावित नियमों का मकसद बेंचमार्क और रीसेट मैकेनिज़्म को ज़्यादा साफ़ बनाना है।

लेंडर के लिए लोन स्प्रेड बदलने पर सीमाएं

RBI ने इस बात पर पाबंदियां प्रस्तावित की हैं कि लेंडर बेंचमार्क पर लिए जाने वाले स्प्रेड में कैसे बदलाव कर सकते हैं।

स्प्रेड में क्रेडिट रिस्क प्रीमियम, ऑपरेटिंग कॉस्ट, टर्म प्रीमियम और बिज़नेस स्ट्रैटेजी से जुड़ी बातें शामिल हो सकती हैं। क्रेडिट रिस्क प्रीमियम में तब बदलाव किया जा सकता है जब उधार लेने वाले का क्रेडिट प्रोफाइ बदलता है, बशर्ते उसकी समीक्षा की जाए। हालांकि, फ़्लोटिंग-रेट लोन पर स्प्रेड के अन्य हिस्सों में तीन साल तक कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है। तीन साल की अवधि की गिनती पहली बार लोन की रकम मिलने या पिछली बार स्प्रेड में बदलाव होने (जो भी बाद में हुआ हो)से की जाएगी। मिश्रा ने कहा कि ज़्यादातर स्प्रेड कंपोनेंट्स में तीन साल की प्रस्तावित स्थिरता से कर्जदाता के लिए EMI में होने वाले बदलावों को समझना आसान हो सकता है।

उन्होंने कहा, “लोन स्प्रेड पर तीन साल की प्रस्तावित स्थिरता एक अहम बदलाव है।” “लोन मिलने या उसमें बदलाव के बाद ज़्यादातर स्प्रेड कंपोनेंट्स को तीन साल के लिए फिक्स करने से अनिश्चितता कम होनी चाहिए और EMI में होने वाले बदलावों को समझना आसान हो जाना चाहिए।”

JSA एडवोकेट्स एंड सॉलिसिटर्स के पार्टनर सिद्धार्थ मनचंदा ने भी ‘स्प्रेड’ से जुड़े प्रावधान को ड्राफ्ट के अहम हिस्सों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि तीन साल की अवधि के दौरान स्प्रेड के नॉन-क्रेडिट-रिस्क वाले हिस्से को बढ़ाने की इजाज़त नहीं होगी, जबकि इसमें कटौती बिना किसी भेदभाव के करनी होगी।

₹50,000 तक के लोन के लिए APR की एक तय सीमा (सीलिंग) हो सकती है

प्रस्तावित फ्रेमवर्क में छोटे लोन (स्मॉल-टिकट बॉरोइंग) के लिए भी एक खास प्रावधान है। RBI चाहता है कि लेंडर माइक्रोफाइनेंस लोन और कम रकम वाले लोन के लिए सालाना ब्याज दर (APR) की एक तय सीमा (सीलिंग) लागू करें। APR में ब्याज दर के साथ-साथ बाकी सभी चार्ज और फीस भी शामिल होंगे। कम रकम वाले लोन का मतलब ₹50,000 तक का पर्सनल लोन है।

इससे लोन लेने की कुल लागत की तुलना करना आसान हो सकता है, खासकर तब जब फीस और दूसरे चार्ज लागत का एक बड़ा हिस्सा हों। मनचंदा ने कहा कि छोटे लोन के मामले में, बताई गई ब्याज दर (हेडलाइन इंटरेस्ट रेट) से हमेशा उधार लेने वाले की कुल लागत का पता नहीं चलता।

उन्होंने कहा, “उस सेगमेंट में हेडलाइन रेट कभी भी असल बात नहीं होती थी। असल बात फीस का पूरा ढांचा होती थी। सब कुछ एक ही नंबर में समेटना ही वह बदलाव है जिसे असल में महसूस किया जाएगा।”

ब्याज की गणना का तरीका होगा एक जैसा

RBI ने ब्याज की गणना के लिए एक कॉमन तरीका भी सुझाया है। ज़्यादातर लोन के लिए, ब्याज हर महीने के आधार पर लिया जाएगा और इसकी गणना ‘एक्चुअल/एक्चुअल डे-काउंट कन्वेंशन’ का इस्तेमाल करके रोजाना कम होते बैलेंस पर की जाएगी। खेती से जुड़े लोन के लिए कुछ खास छूट होंगी। इस कदम से रेगुलेटेड लेंडर्स (कर्ज़ देने वाली संस्थाओं) के बीच ब्याज की गणना का तरीका एक जैसा हो जाएगा।

मौजूदा लोन 2029 तक नए फ्रेमवर्क में आ जाएंगे

सुझाए गए बदलावों का असर आखिरकार मौजूदा बेंचमार्क-लिंक्ड लोन पर भी पड़ेगा। RBI ने सुझाव दिया है कि इंटरनल या एक्सटर्नल बेंचमार्क से जुड़े सभी मौजूदा लोन को 1 अप्रैल 2029 तक एक बार की मैपिंग प्रक्रिया के ज़रिए नए फ्रेमवर्क में बदल दिया जाए। इस बदलाव के लिए उधार लेने वाले की मंज़ूरी ज़रूरी होगी।

बदली हुई ब्याज दर, बदलाव से ठीक पहले लागू दर से ज़्यादा नहीं हो सकती, और लेंडर्स बदलाव के लिए कोई फ़ीस नहीं ले सकते।

मिश्रा ने कहा कि नए लोन के लिए प्रस्तावित लागू होने की तारीख और मौजूदा लोन के लिए बदलाव की समय-सीमा के बीच दो साल का समय लेंडर्स को अपने सिस्टम और कम्युनिकेशन प्रोसेस को अपडेट करने का मौका देता है। उन्होंने कहा, “समय-सीमा भी महत्वपूर्ण है। नए नियम 1 अप्रैल 2027 से नए लोन पर लागू करने का प्रस्ताव है, जबकि सभी मौजूदा फ्लोटिंग रेट लोन के 1 अप्रैल 2029 तक नए फ्रेमवर्क में बदलने की उम्मीद है।”

NBFC लोन अपने-आप रेपो-लिंक्ड नहीं होंगे

ड्राफ़्ट में सभी लेंडर्स के लिए एक्सटर्नल बेंचमार्क का इस्तेमाल करना ज़रूरी नहीं है।

कमर्शियल बैंकों को फ्लोटिंग-रेट पर्सनल लोन और फ्लोटिंग-रेट MSME लोन को एक्सटर्नल बेंचमार्क से जोड़ना होगा। NBFC, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, को-ऑपरेटिव बैंकों और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों के लिए, एक्सटर्नल बेंचमार्क से जुड़ना वैकल्पिक रहेगा।

इसलिए, NBFC से फ्लोटिंग-रेट लोन लेने वालों को यह नहीं सोचना चाहिए कि लोन अपने-आप RBI रेपो रेट से जुड़ जाएगा। ड्राफ़्ट अभी फ़ाइनल नहीं है। प्रस्तावित निर्देश 1 अप्रैल 2027 से लागू होने हैं, बशर्ते RBI फ्रेमवर्क को फ़ाइनल कर ले।

10 लाख रुपये की FD पर कहां होगी सबसे ज्यादा कमाई? जानें कौन-कौन से बैंक दे रहे 8% से ज्यादा ब्याज

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading plan: बाजार कह रहा है कुछ दिन ट्रेडिंग ना करें, एकदम पक्का भरोसा मिले तभी करें ट्रेड

Trading plan : पूरे दिन एक रेंज में घूमने के बाद बाजार में निचले स्तरों से रिकवरी आई है। बैंक निफ्टी में भी दिन के लो से सुधार हुआ है। इधर मिडकैप और स्मॉलकैप में हल्का दबाव है। कच्चा तेल 88 डॉलर के ऊपर आ गया है। आज अर्निंग्स सीजन का आखिरी दिन भी है। मेटल और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी आई है। दोनों सेक्टर इंडेक्स करीब करीब एक फीसदी फिसले हैं। साथ ही कैपिटल मार्केट,केमिकल्स और FMCG पर भी दबाव है। वहीं कंज्यूमर ड्यूरेबल और कैपिटल गुड्स में हल्की खरीदारी आई है।

चुनिंदा प्रीपेड प्लान महंगे होने की खबर के बाद टेलीकॉम शेयरों में जबरदस्त एक्शन देखने को मिला है। 3 फीसदी की तेजी के साथ भारती एयरटेल में ब्रेकआउट देखने को मिला है। वोडाफोन आइडिया भी 4 फीसदी भागा है। भारती हेक्सा भी ऊपर कारोबार कर रहा है। कल के नतीजों और ब्रोकरेज की बुलिश रिपोर्ट्स के दम पर जुबिलेंट फूड भागा है। यह शेयर करीब 4 फीसदी चढ़कर वायदा का टॉप गेनर बना है। वहीं अच्छे नतीजों के बाद वेल्सपन लिविंग 5 फीसदी उछला है। साथ ही इंडिगो पेंट्स में भी जोरदार तेजी आई है। उधर नतीजों के बाद ओपोलो हॉस्पिटल में भी लगातार दूसरे दिन तेजी कायम है।

खराब रिजल्ट के बाद टाटा मोटर्स PV में तेज गिरावट देखने को मिली है। JLR फिर सिरदर्द बना है। यह शेयर 5 फीसदी टूटकर निफ्टी का टॉप लूजर बना है। वहीं ब्राजील की कंपनी ALUNORTE की एल्युमिना प्रोडक्शन बढ़ाने की खबर से नाल्को 5 फीसदी टूटा है।

बाजार: उलझन भरा दिन और हफ्ता

सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि पूरे दिन और पूरा हफ्ते बाजार एक दायरे में रहा। निफ्टी न चलने को तैयार है,न गिरने को। बैंक निफ्टी और निफ्टी IT में भी कोई बड़ा ट्रेंड नहीं है। आज मिड और स्मॉलकैप्स में भी काफी कम मौके रहे। Adv/Dec आज थोड़ा खराब रहा। इंडिया VIX में कोई बदलाव नहीं हुआ, PCR भी समान रहा। आज अर्निंग्स सीजन का भी आखिरी दिन है। कच्चा तेल भी वापस $88.5 के स्तर पर आ गया है।

बाजार: अब क्या?

बाजार कह रहा है कुछ दिन ट्रेडिंग ना करें। एकदम ही भरोसा मिले तभी ट्रेड करें। वरना रेंज को स्मार्टली किनारों पर ट्रेड करें। आज भी निफ्टी ने दोनों तरफ के SL नहीं छुए। लेकिन निफ्टी ट्रेड्स में 50-60 अंक मिल रहे हैं। ऐसा मार्केट्स आमतौर पर आपको थका देता है। इसलिए जरूरी है कि ओवरट्रेडिंग न करें। जबरदस्ती ट्रेड न ढूंढें, ट्रेड को आने दें। टेलीकॉम में बड़ी खबर के बाद ब्रेकआउट देखने को मिला है। डिफेंस एक और मजबूत पॉकेट है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,250-24,300 पर सपोर्ट और 24,450-24,500 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 57,100-57,300 पर सपोर्ट और 57,600-57,800 पर रेजिस्टेंस है।

 

आगे खपत से जुड़ी कंपनियों में दिखेगी जोरदार तेजी, फिनटेक और क्विक कॉमर्स शेयरों पर रहे नजर – आशीष चतुरमोहता

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

10 लाख रुपये की FD पर कहां होगी सबसे ज्यादा कमाई? जानें कौन-कौन से बैंक दे रहे 8% से ज्यादा ब्याज

Best return on FDs: अपनी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखते हुए उस पर बेहतर रिटर्न पाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) हमेशा से भारतीय निवेशकों की पहली पसंद रहा है। अगस्त 2026 के आंकड़ों के मुताबिक अगर आप 10 लाख रुपये की बड़ी रकम एफडी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो स्मॉल फाइनेंस बैंक आपको सबसे ज्यादा ब्याज दे रहे हैं। एफडी इंट्रेस्ट रेट में एक छोटा सा अंतर भी लंबे समय में आपकी कुल कमाई को काफी बढ़ा सकता है। खासकर ज्यादा अमाउंट इन्वेस्ट करने वाले सीनियर सिटिजंस के लिए ये काफी फायदेमंद साबित होता है। बिना कोई एक्स्ट्रा जोखिम लिए अपनी इंट्रेस्ट इनकम को मैक्सिमाइज करने के लिए जरूरी है कि आपको अलग अलग बैंकों की ओर से ऑफर किए जा रहे इंट्रेस्ट रेट की पूरी जानकारी हो।

स्मॉल फाइनेंस बैंक दे रहे 8.10% तक का सबसे ज्यादा ब्याज

10 लाख रुपये के निवेश पर सबसे अधिक रिटर्न देने के मामले में स्मॉल फाइनेंस बैंक सबसे आगे हैं। अगस्त 2026 तक स्मॉल फाइनेंस बैंकों में 8.10 फीसदी तक के इंट्रेस्ट रेट ऑफर किए जा रहे हैं। इसकी पूरी लिस्ट यहां नीचे देखी जा सकती है-

सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (Suryoday Small Finance Bank): 8,10 फीसदी तक की ब्याज दर।

उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक (Utkarsh Small Finance Bank): 8.10 फीसदी तक की ब्याज दर।

शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक (Shivalik Small Finance Bank): 8 फीसदी तक की ब्याज दर।

जन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana Small Finance Bank): 8 फीसदी तक की ब्याज दर।

इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक (Equitas Small Finance Bank): 8 फीसदी तक की ब्याज दर।

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Ujjivan Small Finance Bank): 7.80 फीसदी तक की ब्याज दर।

स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक (Slice Small Finance Bank): 7.75 फीसदी तक की ब्याज दर।

प्राइवेट बैंक ऑफर कर रहे 7.50% तक इंट्रेस्ट

निजी क्षेत्र के बैंक भी अलग अलग टेन्योर के लिए आकर्षक एफडी इंट्रेस्ट रेट ऑफर कर रहे हैं।

डीसीबी बैंक (DCB Bank): 7.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

बंधन बैंक (Bandhan Bank): 7.45 फीसदी तक की ब्याज दर।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC FIRST Bank): 7.25 फीसदी तक की ब्याज दर।

कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank): 6.80 फीसदी तक की ब्याज दर।

एक्सिस बैंक (Axis Bank): 6.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank): 6.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank): 6.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

सरकारी बैंक ऑफर कर रहे स्टेबल और सेफ रिटर्न

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पंजाब एंड सिंध बैंक और बैंक ऑफ इंडिया अपने ग्राहकों को एफडी पर सबसे अधिक ब्याज दे रहे हैं:

पंजाब एंड सिंध बैंक (Punjab & Sind Bank): 6.85 फीसदी तक की ब्याज दर।

बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India): 6.85 फीसदी तक की ब्याज दर।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India): 6.75 फीसदी तक की ब्याज दर।

बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda): 6.75 फीसदी तक की ब्याज दर।

इंडियन बैंक (Indian Bank): 6.65 फीसदी तक की ब्याज दर।

पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank): 6.60 फीसदी तक की ब्याज दर।

भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India): 6.45 फीसदी तक की ब्याज दर।

विदेशी बैंक कितना इंट्रेस्ट दे रहे?

भारत में काम कर रहे विदेशी बैंकों में डॉयचे बैंक सबसे बेहतर इंट्रेस्ट रेट ऑफर कर रहा है-

डॉयचे बैंक (Deutsche Bank): 7 फीसदी तक की ब्याज दर।

स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (Standard Chartered Bank): 6.60 फीसदी तक की ब्याज दर।

एचएसबीसी बैंक (HSBC Bank): 5.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

एक्सपर्ट्स की सलाह: कैसे करें 10 लाख रुपये का सुरक्षित निवेश?

मार्केट एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि अगर आप 10 लाख रुपये का निवेश कर रहे हैं तो पूरी रकम एक ही बैंक में रखने के बजाय इसे कई बैंकों में बांटकर जमा करें। ऐसा करने से आप हर बैंक में मिलने वाले 5 लाख रुपये के जमा बीमा कवर के दायरे में सुरक्षित रहते हैं। हाई रिटर्न पाने के लिए स्मॉल फाइनेंस बैंकों का चयन समझदारी से करें और एफडी की समयावधि का चुनाव अपनी लिक्विडिटी यानी पैसे की जरूरत के हिसाब से करें। जमा बीमा सुरक्षा और स्थिर रिटर्न के चलते रिटायर लोगों के लिए एफडी आज भी एक बेहद भरोसेमंद निवेश माध्यम बनी हुई है।

15 अगस्त सेल में मची लूट! Amazon, Flipkart या Vijay Sales, जानें कहां क्रेडिट कार्ड से खरीदारी पर होगी सबसे ज्यादा बचत

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

आगे खपत से जुड़ी कंपनियों में दिखेगी जोरदार तेजी, फिनटेक और क्विक कॉमर्स शेयरों पर रहे नजर – आशीष चतुरमोहता

शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट देखने को मिल रही है। अलग-अलग सेक्टर में कमजोरी के बीच सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा गिरा है और निफ्टी 24,300 के आसपास बना हुआ है। मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिल रही है। इस सेक्टर का इंडेक्स 1.19 प्रतिशत नीचे आ गया है। जबकि IT सेक्टर के इंडेक्स में 1 प्रतिशत की गिरावट आई है। PSU बैंक और ऑयल एंड गैस सेक्टर में भी लगभग 0.7 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिल रही है। लेकिन कमजोर बाजार में भी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर ने 0.66 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है। ​​छोटे-मझोले शेयरों में भी बिकवाली आई है। इसके चलते मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है।

टेक्नो फंडा नजरिए से बाजार की चाल पर बात करते हुए जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज ( JM Financial Services) में PMS के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष चतुरमोहता ने कहा कि पहली तिमाही के नतीजों का सीजन काफी अच्छा रहा। बहुत लंबे समय बाद पहली बार लार्ज कैप में अर्निंग ग्रोथ आई है। हमें इसमें लगभग 19 से 20% की ग्रोथ देखने को मिली है। स्मॉल और मिड कैप ने भी फिर से बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। स्माल कैप अर्निंग ग्रोथ 30 से 32% के आसपास रही है। वहीं मिड कैप ने भी लगभग 24 से 25% की ग्रोथ दिखाई। साफतौर पर अर्निंग ट्रेजेक्टरी बहुत ज्यादा स्ट्रांग रही है। जिस तरह से ग्लोबल अनसर्टेनिटी बनी रही और क्रूड से जुड़े रॉ मटेरियल की वजह मार्जिन पर प्रेशर बना, उसके बावजूद भी प्रॉफिटेबिलिटी में अच्छी ग्रोथ देखने को नजर आई। अब हमें साफ दिख रहा है कि यहां से कॉर्पोरेट अर्निंग्स में काफी मजबूत री-रेटिंग होती हुई नजर आएगी।

इसके अलावा पिछले साल मिले जीएसटी और इनकम टैक्स रिलीफ का बेनिफिट अब बाजार को मिलना शुरू हो गया है। इसके संकेत भी पहली तिमाही के नतीजों में मिले हैं। इसी के चलते ऑटो, ऑटो इंसिलरीज और कंज्यूमर सेक्टर से जुड़े नतीजे काफी अच्छे रहे हैं। यहां तक कि न्यू एज कंपनियों के नतीजे भी काफी अच्छे रहे हैं । हमें लगता है कि एक बहुत अच्छी डबल इंजन ग्रोथ देखने को नजर आ रही है।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तो काफी अच्छा कर ही रहा है पर बहुत लंबे समय बाद खपत से जुड़ी कंपनियों से भी अच्छे संकेत मिल रहे है। हमें लगता है कि हमारे मार्केट्स के लिए काफी अच्छी स्थिति बनती हुई नजर आ रही है। क्यूएसआर सेगमेंट पर अपनी राय साझा करते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि इस सेगमेंट में काफी ज्यादा प्रतिस्पर्धा का माहौल है। पिछली तिमाहियों में बर्गर किंग, देवयानी और ज्युबिलेंट फूड जैसी कंपनियों के नतीजों पर इसका असर भी देखने को मिला है। हालांकि पहली तिमाही इनके लिए अच्छी रही है। इसके चलते ये शेयर री-रेट भी होंगे। लेकिन स्ट्रचरली हमें लगता है कि अगर हमें कंजम्प्शन थीम को ही प्ले करना है तो न्यू एज सेगमेंट को प्राथमिकता देनी चाहिए। कंजम्प्शन थीम के लिए तमाम पॉजिटिव फैक्टर नजर आ रहे हैं।

क्विक कॉमर्स की बात करें तो अगले 5-6 सालों में इसका मार्केट 5 अरब डॉलर से बढ़कर 55-65 अरब डॉलर का हो सकता है। इस सेगमेंट में हमें 11-12 गुना की ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इस सेगमेंट की कंपनियों में आगे हमें काफी तेज ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इसका फायदा इटरनल, स्विगी, मीशो और Honasa जैसी कंपनियों को मिलेगा। इसके अलावा फिन टेक कंपनियों में भी आगे तेज ग्रोथ देखने को मिल सकती है। देश में लोगों की आय और खपत बढ़ने का फायदा इन कंपनियों के मिलेगा। देश में बढ़ेते डिजिटल स्पेंडिंग का सीधा फायदा पेटीएम जैसी कंपनियों को मिलेगा।

 

July WPI Data : जुलाई में थोक महंगाई 9.87% से घटकर 9.78% पर आई,लगातार तीसरे महीने 9% से ऊपर रहा ये आंकड़ा

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।