4 अगस्त का मौसम: बंगाल समेत 3 राज्यों के लिए रेड कलर वॉर्निंग, दिल्ली से यूपी तक धुआंधार बारिश, इन 21 राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट

IMD Heavy Rain Alert: देश में मानसूनी हवाएं एक बार फिर प्रचंड रूप धारण कर चुकी हैं। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजातरीन वेदर बुलेटिन में 4 अगस्त के लिए देश के कई हिस्सों में मुसलाधार से लेकर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इसके साथ ही दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश समेत कुल 21 राज्यों में भारी बारिश को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पूर्वोत्तर और बंगाल में भारी बारिश की आशंका: 3 राज्यों के लिए रेड अलर्ट

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 4 अगस्त को पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) दर्ज की जा सकती है। असम और मेघालय इन दोनों राज्यों में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्रों और सिक्किम में भी 4 अगस्त को एक-दो जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश को लेकर लाल चेतावनी दी गई है।

बिहार और पूर्वोत्तर के इन राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

इसके अलावा पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों और पूर्वी भारत में भी बादलों का आक्रामक रुख देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने नीचे दिए गए राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है:-

अरुणाचल प्रदेश

बिहार

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

दिल्ली-यूपी से लेकर दक्षिण तक: इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

4 अगस्त को देश के उत्तर, मध्य, पूर्व और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है:-

उत्तर भारत: हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।

पूर्वी व मध्य भारत: झारखंड, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह।

पश्चिम व दक्षिण भारत: मध्य महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे।

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की चेतावनी

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं और बिजली गिरने को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चलने की संभावना है। आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

ये भी पढ़ें- Brij Bhushan Sharan Singh: ‘व्यवस्था बचाने में लगी हुई है..’; बृजभूषण शरण सिंह को बरी करने के फैसले के खिलाफ अपील करेंगे पहलवान

बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उत्तराखंड और विदर्भ में वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना के तटीय इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

Bank Holidays: इस हफ्ते 3 दिन बंद रहेंगे बैंक! ब्रांच जाने से पहले चेक करें RBI की ये हॉलिडे लिस्ट

Bank Holidays This Week: अगर इस हफ्ते आपको बैंक शाखा जाकर पासबुक अपडेट कराने, चेक जमा करने या कैश निकालने जैसा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक, अगस्त महीने के इस पहले हफ्ते (3 अगस्त से 9 अगस्त) में देश के कई राज्यों में अलग-अलग क्षेत्रीय त्योहारों और वीकेंड ऑफ के चलते बैंक कुल 3 दिन तक बंद रह सकते हैं।

आज 3 अगस्त, सोमवार को देश भर में बैंक सामान्य रूप से खुले हैं, लेकिन 4 अगस्त से लेकर 9 अगस्त के बीच कुछ राज्यों में त्योहारों और शनिवार-रविवार की छुट्टियां रहने वाली हैं। आइए जानते हैं इस हफ्ते किस-किस दिन और कहां-कहां बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।

इस हफ्ते कब-कब बंद रहेंगे बैंक?

RBI के कैलेंडर के अनुसार, इस सप्ताह निम्नलिखित दिनों में बैंक सेवाएं प्रभावित रहेंगी:

4 अगस्त, मंगलवार (केर पूजा): त्रिपुरा (अगरतला) के सभी सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक केर पूजा के उपलक्ष्य में बंद रहेंगे।

8 अगस्त, दूसरा शनिवार (टेंडोंग लो रम फात व दूसरा शनिवार): सिक्किम में ‘टेंडोंग लो रम फात’ (लेपचा जनजाति का प्रमुख त्योहार) के कारण बैंक बंद रहेंगे। वहीं, महीने का दूसरा शनिवार होने के कारण इस दिन पूरे देश में भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और पीएनबी समेत सभी बैंकों का राष्ट्रीय अवकाश रहेगा।

9 अगस्त, रविवार: रविवार का रेगुलर वीकली अवकाश होने के कारण देशभर की सभी बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।

अगस्त महीने में आगे कब-कब रहेंगी छुट्टियां?

13 अगस्त (गुरुवार): देशभक्त दिवस के अवसर पर केवल मणिपुर में बैंक बंद रहेंगे।

15 अगस्त (शनिवार): स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में पूरे देश में राष्ट्रीय अवकाश रहेगा।

19 अगस्त (बुधवार): महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर की जयंती पर त्रिपुरा में बैंक अवकाश रहेगा।

25 अगस्त (मंगलवार): पहला ओणम, मिलाद-उन-नबी और मिलाद-इ-शरीफ के मौके पर केरल और आंध्र प्रदेश में बैंक बंद रहेंगे।

26 अगस्त (बुधवार): ईद-ए-मिलाद / तिरुवोनम के अवसर पर दिल्ली, यूपी, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, एमपी, तमिलनाडु, राजस्थान और केरल समेत कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे।

28 अगस्त (शुक्रवार): रक्षाबंधन के पावन पर्व पर गुजरात, राजस्थान, एमपी, यूपी, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे।

बैंक बंद रहने पर भी चालू रहेंगी ये डिजिटल सेवाएं

बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को वित्तीय लेनदेन में कोई परेशानी नहीं होगी। डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म 24×7 और 365 दिन काम करते रहते हैं। UPI और मोबाइल बैंकिंग, ऑनलाइन फंड ट्रांसफर की सुविधा बिना किसी रुकावट के उपलब्ध रहेगी। कैश निकालने और जमा करने के लिए एटीएम मशीनें चालू रहेंगी।

Weather Today: आज बिहार में बारिश का तांडव, IMD ने दिल्ली समेत 23 राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट दिया, यहां दिखेगा मौसम का विकराल रूप

Weather Today: देशभर में मानसून अपनी पूरी रफ्तार पकड़ चुका है और देश के कई हिस्सों में बारिश का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 अगस्त के लिए मौसम की ताजा रिपोर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि आज देश के कई राज्यों में मौसम का विकराल रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक बिहार समेत पूर्वोत्तर राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। वहीं दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा सहित कुल 23 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग ने पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी और तटीय क्षेत्रों तक मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है।

बिहार और पूर्वोत्तर के 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 3 अगस्त को बिहार समेत तीन प्रमुख राज्यों में बारिश का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। आईएमडी ने यहां अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बिहार के कई जिलों में मूसलाधार बारिश का तांडव देखने को मिलेगा, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा बढ़ गया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में अत्यंत तेज मानसूनी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

दिल्ली, यूपी से लेकर दक्षिण भारत तक: इन 20 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के बड़े भू-भाग में भारी बारिश की चेतावनी दी है। मैदानी, पहाड़ी और तटीय क्षेत्रों को मिलाकर कुल 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के साथ-साथ पंजाब और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश होगी। इसके अलावा पहाड़ी राज्यों में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में तेज बारिश का अलर्ट है।

मध्य और पूर्वी भारत: झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में बारिश का जोर बना रहेगा।

पश्चिम भारत: कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र के क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

40 से 50 किमी/घंटे की आंधी और बिजली कड़कने का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ देश के कई हिस्सों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली कड़कने का खतरा जताया गया है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंके वाली हवाएं चलेंगी।

बिहार, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुज़फ़्फ़राबाद, झारखंड, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली चमकने का पूर्वानुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, रायलसीमा, उत्तराखंड और विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने के साथ थंडरस्टॉर्म की गतिविधि देखी जा सकती है।

तटीय इलाकों में चलेंगी तेज सतही हवाएं

मौसम विभाग ने तटीय और मैदानी इलाकों में तेज हवाओं को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है। तटीय आंध्र प्रदेश, पूरे कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर दिन के दौरान काफी तेज सतही हवाएं चलने की प्रबल संभावना है। ऐसे में मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों और मछुआरों को सतर्क रहने की हिदायत दी है।

3 अगस्त का मौसम: बिहार समेत इन 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी, IMD ने दिल्ली से यूपी तक दिया ये अलर्ट

Heavy Rain Alert 3rd August: देश भर में मानसून की सक्रियता के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग के नए बुलेटिन के मुताबिक सोमवार 3 अगस्त को देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और तूफानी हवाओं का दौर जारी रहेगा। आईएमडी ने बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल समेत 3 राज्यों में अलग-अलग जगहों पर अत्यंत मुसलाधार यानी बहुत भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है। वहीं उत्तर भारत के मैदानी राज्यों जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा से लेकर पहाड़ी इलाकों तक भारी बारिश और बिजली कड़कने का अलर्ट दिया गया है।

इन 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, 3 अगस्त को देश के तीन प्रमुख राज्यों में बारिश का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिलेगा। यहां कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। बिहार में मानसूनी बारिश का दौर काफी तेज रहेगा। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वोत्तर भारत से सटे उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के इलाकों में 3 अगस्त को बहुत तेज बारिश होने का अनुमान है। पूर्वोत्तर के पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश में भी कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

दिल्ली-यूपी से लेकर पंजाब-हरियाणा तक भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी के मुताबिक 3 अगस्त को देश के एक बड़े हिस्से में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

उत्तर-पश्चिम भारत: उत्तर प्रदेश (पूर्व और पश्चिम दोनों क्षेत्र), हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के साथ-साथ पंजाब में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

पूर्व और मध्य भारत: झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही केंद्र शासित प्रदेश अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भी तेज बारिश दर्ज की जाएगी।

पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय के अलावा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के छिटपुट इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

पश्चिम भारत: कोंकण व गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र के पहाड़ी/तटीय इलाकों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं, कड़केगी बिजली

मौसम विभाग ने 3 अगस्त को बारिश के साथ-साथ गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज रफ्तार हवाओं को लेकर भी विस्तृत चेतावनी जारी की है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल में आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंके वाली तेज हवाएं चलने की प्रबल संभावना है।

बिहार, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, झारखंड, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल व सिक्किम और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, रायलसीमा, उत्तराखंड और विदर्भ के अलग-अलग इलाकों में मुख्य रूप से गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा जताया गया है। तटीय आंध्र प्रदेश, पूरे कर्नाटक क्षेत्र, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में मैदानी व तटीय इलाकों में दिन के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

‘सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल ₹18 करोड़ की चोरी’; राज ठाकरे का सनसनीखेज आरोप

Siddhivinayak Temple donations theft: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी होने का सनसनीखेज दावा किया है। MNS प्रमुख ने शनिवार 1 अगस्त को एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आजकल मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं। मनसे की छात्र इकाई के एक कार्यक्रम में ठाकरे ने यह दावा भी किया कि अयोध्या के राम मंदिर में 1,400 करोड़ रुपये की चोरी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मुद्दे पर बोलना चाहिए।

MNS प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि निराश युवा मंदिरों में जाते हैं। लेकिन मंदिर भी भ्रष्टाचार से मुक्त नहीं हैं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को आठ न्यासियों द्वारा लिखा गया एक लेटर पढ़ते हुए ठाकरे ने कहा कि सिद्धिविनायक मंदिर में दान पेटी से पैसे चुराने वाले कुछ कर्मचारियों को न्यासियों की सतर्कता के कारण पकड़ लिया गया।

‘हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी’

ठाकरे ने कहा कि इस चोरी के पकड़े जाने से पहले मंदिर में दान से होने वाली साप्ताहिक आय 50 लाख रुपये से भी कम थी। लेकिन इसके बाद दान की राशि बढ़कर 1.5 करोड़ रुपये हो गई। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक ठाकरे ने दावा किया, “हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी की गई है।”

9 कर्मचारी गिरफ्तार

इस बीच सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेता सदा सरवणकर ने पत्रकारों से कहा कि इस मामले में 9 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “जहां भी आवश्यक था, हमने मामले दर्ज कर दिए हैं।” सरवणकर ने कहा कि दान में वृद्धि न्यास द्वारा किए गए प्रयासों के कारण हुई।

‘आजकल मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं’

अपनी पार्टी के छात्र विंग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए ठाकरे ने कहा, “आजकल मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं।” राज ठाकरे ने मांग की है कि प्रधानमंत्री मोदी इस मुद्दे पर बात करें। उन्होंने यह भी कहा, “निराश युवा मंदिरों में जाते हैं, लेकिन मंदिर भी भ्रष्टाचार से सुरक्षित नहीं हैं।”

सिद्धिविनायक मंदिर का ज़िक्र करते हुए ठाकरे ने कहा कि दान पेटी से पैसे चुराने वाले कुछ कर्मचारियों को ट्रस्टियों की सतर्कता के कारण पकड़ा गया था। आठ ट्रस्टियों द्वारा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लिखे गए एक पत्र को पढ़कर उन्होंने बताया कि चोरी का पता चलने से पहले मंदिर की साप्ताहिक दान आय 50 लाख रुपये से कम थी। बाद में यह बढ़कर 1.5 करोड़ रुपये हो गई।

ये भी पढ़ें- रेप की धमकियों से डरी नोएडा की लड़की की मां, पीएम मोदी से की भावुक अपील, बोलीं- ‘मेरी बेटी को गोद ले लीजिए’

ठाकरे ने यह दावा अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान चारी केारोपों के बाद आया है। अयोध्या में पुलिस ने राम मंदिर में दान की चोरी के मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अभी जांच चल रही है। मुंबई में दिए गए इन बयानों ने मंदिर के दान को लेकर ठाकरे के आरोपों, सिद्धिविनायक मामले में की गई कार्रवाई और प्रधानमंत्री से जवाब की उनकी मांग पर ध्यान केंद्रित किया है।

Heavy Rain Alert: 4 अगस्त से नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव, अगले 7 दिन तक इन राज्यों में मूसलाधार बारिश! IMD ने बताया यूपी से दिल्ली तक का मौसम अपडेट

India Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों के बीच मौसम विभाग (IMD) ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। आईएमडी के मुताबिक 4 अगस्त से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने जा रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों, मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 7 दिनों तक झमाझम और मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

मौसम विभाग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उत्तर-पश्चिम भारत में नए पश्चिमी विक्षोभ के साथ-साथ दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बने कम दबाव के क्षेत्र, उत्तराखंड व आसपास के इलाकों में निचले क्षोभमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर-पश्चिम बांग्लादेश से सटे उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसूनी बारिश में भारी तेजी आएगी।

उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा में 3 से 7 अगस्त तक भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में आगामी दिनों में व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है। 4 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ ही मैदानी इलाकों में बारिश का दायरा बढ़ेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 3 से 7 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी और कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं 2 अगस्त को पूर्वी यूपी में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 7 अगस्त के दौरान व्यापक रूप से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। हालांकि 2, 3 और 8 अगस्त को छिटपुट जगहों पर ही बारिश होगी।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 3 से 6 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर तेज बारिश होगी और 3 व 4 अगस्त को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा 2 अगस्त और 7-8 अगस्त को इन क्षेत्रों में छिटपुट बारिश दर्ज होगी। पश्चिम राजस्थान में 2 अगस्त को व्यापक बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है, जिसके बाद 3 से 8 अगस्त तक हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होगी। वहीं पूर्वी राजस्थान में 2 से 8 अगस्त तक छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान है।

पहाड़ी राज्यों में आफत की बारिश: हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर का हाल

पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते व्यापक रूप से मूसलाधार बारिश होने का अलर्ट है। उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान बिजली कड़कने और भारी बारिश की लगातार चेतावनी दी गई है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 2 से 6 अगस्त और 8 अगस्त को व्यापक बारिश होगी। 2 से 5 अगस्त के बीच भारी बारिश के साथ-साथ पूरे हफ्ते (2-8 अगस्त) 30-40 किमी/घंटे से लेकर 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और थंडरस्टॉर्म की संभावना जताई गई है।

पूर्वी भारत और बिहार: 3 अगस्त को बिहार में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मध्य और पूर्वी हिमालय की तलहटी में अगले 4-5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश में इजाफा होगा। बिहार में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। आईएमडी के मुताबिक बिहार में 2, 4 और 5 अगस्त को भारी बारिश होगी जबकि 3 अगस्त को राज्य में पृथक स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का गंभीर अलर्ट है। 6 से 8 अगस्त के दौरान बिहार में बारिश में कमी आएगी। वहीं झारखंड में 3 से 8 अगस्त के बीच व्यापक बारिश और 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 से 5 अगस्त के दौरान अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 5 से 7 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। ओडिशा में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते भारी बारिश और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश के साथ 4 से 8 अगस्त के बीच 50-60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट है।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल में 5 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश

पूर्व व पूर्वोत्तर भारत में अगले 5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश की गतिविधियों में काफी तेजी आएगी। असम और मेघालय में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक भारी बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी तथा 5 से 7 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहेगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते काफी व्यापक बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 8 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 4 अगस्त से बढ़ेगी बारिश

मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 8 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और 5 से 8 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जाएगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। 2 से 6 अगस्त के बीच दोनों हिस्सों में तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) और बिजली कड़कने का अलर्ट है। छत्तीसगढ़ में 3 से 8 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर भारी बारिश होगी। विदर्भ में 2 अगस्त और 6 से 8 अगस्त के दौरान व्यापक वर्षा देखने को मिलेगी।

पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र में भारी बारिश

कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते व्यापक स्तर पर बारिश जारी रहेगी और 2-3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है और 3 अगस्त को भारी बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ में 2 अगस्त को भारी बारिश और बिजली कड़कने के बाद 3 से 8 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश दर्ज की जाएगी।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक और केरल में भारी बारिश, तमिलनाडु में अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी बारिश में कुल मिलाकर कमी दर्ज की जाएगी, लेकिन कुछ तटीय इलाकों में बारिश का जोर बना रहेगा। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। इसके बाद 3 अगस्त को भी इन क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है।

ये भी पढ़ें- जंतर-मंतर पर हमले की थी साजिश, गर्लफ्रेंड के सोशल मीडिया पोस्ट से खुली PAK आतंकी की पोल

केरल और माहे में 2-3 अगस्त और फिर 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराकल में 2 और 3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में 2 से 6 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंके वाली हवाएं चलेंगी।

जापान बैकअप कैपिटल बनाने की तैयारी में, क्या भारत में भी दूसरी राजधानी की जरूरत है, दिल्ली के अलावा कौन से ऑप्शन चर्चा में रहे?

Japan second capital: जापान एक बड़े भूकंप जैसी भीषण प्राकृतिक आपदा के दौरान सरकारी कामकाज को बिना किसी रुकावट के जारी रखने के लिए एक बैकअप राजधानी बनाने पर विचार कर रहा है। इसके बाद भारत में भी एक पुरानी बहस फिर से छिड़ गई है कि क्या भारत को भी अपनी एक दूसरी राजधानी की जरूरत है? जापान में जहां यह चर्चा पूरी तरह से आपदा प्रबंधन और आपदा की स्थिति से निपटने की तैयारियों पर केंद्रित है। वहीं भारत में दूसरी राजधानी की मांग ऐतिहासिक रूप से क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, प्रशासनिक पहुंच और राष्ट्रीय सुरक्षा के इर्द-गिर्द घूमती रही है।

यह विचार भारत के लिए नया नहीं है। संविधान के मुख्य शिल्पकार डॉ. बी.आर अंबेडकर से लेकर विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने समय-समय पर इस मुद्दे को उठाया है। उनका तर्क रहा है कि भारत का शासन आज भी काफी हद तक नई दिल्ली में ही केंद्रित है।

डॉ. बीआर. अंबेडकर चाहते थे हैदराबाद बने भारत की दूसरी राजधानी

भारत में दूसरी राजधानी के पक्ष में सबसे शुरुआती और मजबूत तर्कों में से एक डॉ बीआर अंबेडकर का था। अपनी 1955 में प्रकाशित पुस्तक थॉट्स ऑन लिंग्विस्टिक स्टेट्स में उन्होंने तर्क दिया था कि नई दिल्ली भारत की एकमात्र राजधानी के लिए आदर्श जगह नहीं है। अंबेडकर ने तीन प्रमुख चिंताओं की ओर इशारा किया था।

पहली ये कि दिल्ली दक्षिण भारत से काफी दूर है, जिससे दक्षिण के नागरिकों और अधिकारियों को यहां आने-जाने में भारी असुविधा होती है। दूसरा दिल्ली की भीषण गर्मी और अत्यधिक ठंड इसे एक आरामदायक प्रशासनिक केंद्र नहीं बनने देती। अंबेडकर ने चेतावनी दी थी कि दिल्ली की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से निकटता युद्ध के समय इसे बेहद संवेदनशील और असुरक्षित बनाती है।

इसके विकल्प के रूप में उन्होंने हैदराबाद को देश की दूसरी राजधानी बनाने का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने हैदराबाद को एक केंद्रीय रूप से स्थित और कॉस्मोपॉलिटन शहर बताया, जो उत्तर और दक्षिण भारत के बीच एक स्थायी संतुलन स्थापित कर सकता है।

बेंगलुरु प्रस्ताव ने फिर ताजा की थी बहस

दूसरी राजधानी का यह मुद्दा साल 2018 में तब फिर से चर्चा में आया जब कर्नाटक के तत्कालिक आवास मंत्री एम कृष्णप्पा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बेंगलुरु को भारत की दूसरी राजधानी के रूप में मान्यता देने की मांग की।

इस प्रस्ताव में तर्क दिया गया था कि भारत के टेक्नोलॉजी हब के रूप में बेंगलुरु की स्थिति, वहां का अनुकूल मौसम और मजबूत आर्थिक आधार इसे दक्षिण भारत में एक आदर्श प्रशासनिक केंद्र बनाते हैं। समर्थकों का यह भी मानना था कि इस कदम से देश के शासन ढांचे में दक्षिणी राज्यों का एकीकरण और मजबूत होगा।

दुनिया के कई देशों में हैं एक से अधिक राजधानियां

अगर भारत अपनी प्रशासनिक संस्थाओं को अलग-अलग शहरों में बांटता है तो ऐसा करने वाला वह पहला देश नहीं होगा। दुनिया के कई देशों ने अपनी सरकारी शक्तियों को विभिन्न शहरों में बांट कर रखा हुआ है। दक्षिण अफ्रीका यह मल्टी-कैपिटल मॉडल का सबसे बेहतरीन उदाहरण है। यहां प्रिटोरिया में कार्यपालिका, केप टाउनमें संसद और ब्लोएमफोनटेन में न्यायपालिका है। इसी तरह मलेशिया ने अपने प्रशासनिक कार्यालयों को पुत्राजया में ट्रांसफर कर दिया है जबकि संसद कुआलालंपुर से ही चलती है।

श्रीलंका की संसद श्री जयवर्धनेपुरा कोट्टे में बैठती है जबकि कोलंबो इसका वाणिज्यिक केंद्र और कई सरकारी संस्थानों का मुख्यालय बना हुआ है। नीदरलैंड एम्स्टर्डम को अपनी संवैधानिक राजधानी मानता है, लेकिन सरकार, संसद और सुप्रीम कोर्ट द हेग में स्थित हैं। बोलीविया की भी दो राजधानियां हैं, जहां ला पाज प्रशासनिक राजधानी है और सुक्रे संवैधानिक राजधानी व न्यायपालिका का केंद्र है।

जापान का प्रस्ताव भारत की बहस से अलग क्यों है?

जापान का बैकअप कैपिटल का प्रस्ताव भारत में चल रही दूसरी राजधानी की बहस से एक बड़े मायने में अलग है। टोक्यो जापान की मुख्य राजधानी बना रहेगा। जापानी सरकार केवल एक आपातकालीन प्रशासनिक केंद्र की संभावनाओं की स्टडी कर रही है ताकि अगर कोई भीषण भूकंप या बड़ी आपदा राजधानी टोक्यो को प्रभावित करती है तो वहां से देश का शासन निर्बाध रूप से चलता रहे। जापान का मुख्य उद्देश्य सरकार का निरंतर संचालन है, न कि क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व।

क्या भारत को वास्तव में दूसरी राजधानी की जरूरत है?

हालांकि समय-समय पर दूसरी राजधानी का विचार उभरता रहा है, लेकिन दिल्ली में किए गए भारी निवेश (जैसे सेंट्रल विस्टा का पुनर्विकास) को देखते हुए एक नई दूसरी राजधानी बनाना फिलहाल व्यावहारिक नजर नहीं आता। इसके बजाय विशेषज्ञों ने कुछ अधिक व्यावहारिक विकल्प सुझाए हैं। महाराष्ट्र विधानसभा के नागपुर में होने वाले शीतकालीन सत्र की तर्ज पर, हर साल संसद का कम से कम एक सत्र दक्षिण भारत के किसी शहर में आयोजित किया जा सकता है।

ये भी पढ़ें- El Nino Counter: अल-नीनो के खतरे के बीच आई बड़ी खुशखबरी! पॉजिटिव IOD लाएगा झमाझम बारिश, WMO की रिपोर्ट में दावा

एक्सपर्ट्स के मुताबिक न्याय तक आम जनता की पहुंच आसान बनाने के लिए चेन्नई, मुंबई और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में सुप्रीम कोर्ट की स्थायी क्षेत्रीय पीठें स्थापित की जा सकती हैं। फिलहाल नई दिल्ली ही भारत की एकमात्र राजधानी बनी हुई है। लेकिन जैसे-जैसे दुनिया भर के देश अपने शासन को अधिक लचीला, सुरक्षित और सुलभ बनाने के रास्ते तलाश रहे हैं, भारत में भी कुछ संस्थानों के विकेंद्रीकरण का सवाल समय-समय पर उठता रहेगा।

CJP संस्थापक अभिजीत दिपके के पिता ने बेटे की विदेश में पढ़ाई का खर्च कैसे उठाया? RTI कार्यकर्ता ने जांच की मांग की

CJP protest ends Abhijeet Dipke

कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के पिता की आर्थिक स्थिति और उनके बेटे की विदेश में हुई उच्च शिक्षा के खर्च को लेकर सूरत के एक RTI कार्यकर्ता ने जांच की मांग की है। RTI कार्यकर्ता अमित तिवारी ने इस मामले को लेकर निर्वाचन आयोग और कर अधिकारियों से भी वित्तीय पहलुओं की जांच करने का आग्रह किया है।

ALSO READ: Hero Vida VX2 Go : नई फिक्स्ड बैटरी के साथ लॉन्च हुआ नया वेरिएंट, 128 किमी रेंज; कीमत 1.13 लाख रुपए

अमित तिवारी ने सवाल उठाया है कि महाराष्ट्र सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारी भगवानराव दिपके ने अपने बेटे की विदेश में उच्च शिक्षा का खर्च किस तरह वहन किया। उन्होंने भगवानराव दिपके की वित्तीय स्थिति की जांच की मांग करते हुए उनकी सरकारी सेवा और सेवानिवृत्त कर्मचारी होने की स्थिति का हवाला दिया है।

ALSO READ: Gen-Z को PM मोदी ने दिया नशे से दूर रहने का मंत्र, शुरू किया नशा मुक्त युवा अभियान

कपिल सिब्बल के 1 करोड़ रुपए के कानूनी सहायता फंड पर भी सवाल

 

RTI कार्यकर्ता ने वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल की ओर से CJP प्रदर्शनकारियों के लिए घोषित 1 करोड़ रुपए के कानूनी रक्षा कोष को लेकर भी निर्वाचन आयोग और कर अधिकारियों से जांच की मांग की है।

 

सिब्बल ने सोमवार को NEET पेपर लीक विवाद को लेकर हुए आंदोलन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए CJP की ओर से बनाए गए फंड में 1 करोड़ रुपए देने की घोषणा की थी। तिवारी ने इस फंड की प्रकृति और इसके वित्तीय स्रोतों की भी जांच किए जाने की मांग की है।

ALSO READ: NEET UG 2026 Counselling: 4 अगस्त से शुरू होगी AIQ काउंसलिंग, 8 सितंबर से नया सत्र, जानें MBBS एडमिशन का पूरा शेड्यूल

CJP के राजनीतिक दल के रूप में संचालन पर भी सवाल

 

अमित तिवारी ने कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) की कानूनी और राजनीतिक स्थिति पर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि CJP एक अपंजीकृत संस्था है, लेकिन राजनीतिक दल के नाम से काम कर रही है। तिवारी के मुताबिक, यदि CJP के लिए 1 करोड़ रुपए का कानूनी रक्षा कोष घोषित किया गया है, तो चुनाव आयोग को यह जांचना चाहिए कि क्या यह संगठन जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत पंजीकृत है या नहीं। उन्होंने कहा कि यदि संस्था पंजीकृत नहीं है, तो राजनीतिक दल के नाम से उसका संचालन और धन का संग्रह या प्राप्ति जांच के दायरे में आ सकती है।

ALSO READ: US-Iran War : ईरान पर हमले से पीछे हटे ट्रंप तो तेहरान ने कसा तंज, रुबियो बोले- अब चुकानी होगी ‘बहुत बड़ी कीमत’; इराक में ड्रोन अटैक से आग

GST को लेकर भी जांच की मांग

RTI कार्यकर्ता ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) का भी रुख किया है। उन्होंने बोर्ड से यह जांचने का अनुरोध किया है कि सिब्बल की प्रस्तावित 1 करोड़ रुपए की राशि पर GST लागू होता है या नहीं। फिलहाल, इन सभी मुद्दों पर RTI कार्यकर्ता की ओर से जांच की मांग की गई है। उनके आरोपों और सवालों के आधार पर संबंधित प्राधिकरणों की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

ALSO READ: दिल्ली में CJP प्रदर्शन के दौरान 6 दिन तक पथराव, 244 पुलिसकर्मी और 209 नागरिक घायल, रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

कौन हैं अमित तिवारी

अमित तिवारी गुजरात के सूरत जिले के रहने वाले हैं। वे एक आरटीआई एक्टिविस्ट हैं। अभिजीत दिपके और उनके पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने के बाद अमित तिवारी सुर्खियों में हैं। यह पहला मामला है जब अमित तिवारी किसी तरह की सुर्खियों में आए हो। इससे पहले उन्हें कम लोग ही जानते थे।

IMD Heavy Rain Alert: उत्तर से दक्षिण तक मानसून का कहर! दिल्ली समेत इन राज्यों में 7 अगस्त तक भारी बारिश और तेज़ हवाओं का अलर्ट

IMD Heavy Rain Alert: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 से 7 अगस्त के बीच उत्तर, मध्य, पूर्व, पश्चिम, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के अनेक राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

IMD ने 2 अगस्त से 7 अगस्त तक देश भर के मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान और अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिनों तक उत्तर, पूर्व, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

उत्तर भारत में बारिश का अलर्ट

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की आशंका है। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।

मध्य और पूर्वी भारत पर भी मेहरबान रहेगा मानसून

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी व्यापक बारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा बिहार, ओडिशा, झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

इन राज्यों में तेज बारिश की आशंका

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी लगातार बारिश का दौर बना रहेगा। वहीं केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में भी कई स्थानों पर भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका है। कुछ इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

पहाड़ी राज्य: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर (लद्दाख, गिलगित-बालटिस्तान और मुज़फ़्फ़राबाद) में 2 से 7 अगस्त के दौरान व्यापक स्तर पर भारी बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

मैदानी क्षेत्र: पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: 3 से 4 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 3 से 7 अगस्त और पूर्वी यूपी में 2 से 6 अगस्त के बीच भारी बारिश होने की आशंका है।

राजस्थान: पूर्व और पश्चिम राजस्थान में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ 30-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।

कोंकण, गोवा और गुजरात: कोंकण और गोवा में 2 से 7 अगस्त तक लगातार भारी बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ में 2 से 3 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है। 2 अगस्त को उत्तरी एवं दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 50-70 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं (Thundersquall) चल सकती हैं।

तापमान और बारिश की स्थिति

हालिया बारिश: पिछले 24 घंटों में केरल के कन्नानूर (11 सेमी) और त्रिशूर (10 सेमी) में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। जबकि गुजरात के राजकोट में 7 सेमी बारिश हुई।

तापमान: मध्य प्रदेश के खरगोन में देश का सबसे कम न्यूनतम तापमान (18.2°C) और तमिलनाडु के तोंडी में सबसे अधिक अधिकतम तापमान (40.5°C) दर्ज किया गया।

मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में समुद्र उग्र रहने की आशंका जताई है। गुजरात, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और श्रीलंका से लगे समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

अरब सागर: मौसम विभाग के मुताबिक, 6 अगस्त तक सोमालिया, ओमान तटों, गुजरात, कर्नाटक, केरल तटों और लक्षद्वीप के आसपास समुद्र में भीषण हलचल रहेगी।

बंगाल की खाड़ी: 6 अगस्त तक श्रीलंका तट और अंडमान सागर से सटे इलाकों में तेज हवाओं के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

बीते 24 घंटे में इन राज्यों में हुई अच्छी बारिश

पिछले 24 घंटों के दौरान असम-मेघालय, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पूर्वी राजस्थान, पश्चिम उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, कोंकण-गोवा, महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक समेत कई राज्यों में व्यापक बारिश दर्ज की गई। केरल और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ इलाकों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। IMD ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है।

ये भी पढ़ें- Ethanol Petrol Row: ‘…तो दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹125 प्रति लीटर होती’; एथेनॉल विवाद पर सरकार का बड़ा दावा

Abhijeet Dipke: रिटायर्ड पिता ने विदेश में अभिजीत दिपके की पढ़ाई का खर्च कैसे उठाया? RTI कार्यकर्ता ने CJP के फंड पर उठाए सवाल, जांच की मांग

Abhijeet Dipke: सूरत के एक RTI कार्यकर्ता ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत डिपके के पिता की आर्थिक स्थिति की जांच की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया है कि एक रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी अपने बेटे की विदेश में हायर एजुकेशन का खर्च कैसे उठा सकता है? RTI एक्टिविस्ट ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) और सेंट्रल GST अधिकारियों से CJP के कानूनी स्टेटस और फंडिंग की जांच करने का भी आग्रह किया है।

RTI एक्टिविस्ट अमित तिवारी ने अधिकारियों को पत्र लिखकर महाराष्ट्र सरकार के रिटायर्ड कर्मचारी और अभिजीत डिपके के पिता भगवान राव डिपके की आर्थिक स्थिति की जांच की मांग की है। तिवारी ने सवाल किया कि रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद भगवानराव डिपके अपने बेटे को हायर एजुकेशन के लिए विदेश कैसे भेज पाए। इसी आधार पर उनकी आर्थिक स्थिति की जांच की मांग की है।

लीगल डिफेंस फंड भी जांच के दायरे में

डिपके के पिता की आर्थिक जांच की मांग के अलावा, तिवारी ने CJP के उन प्रदर्शनकारियों के लिए घोषित लीगल डिफेंस फंड पर भी आपत्ति जताई है, जिन पर कथित NEET पेपर लीक आंदोलन से जुड़े पुलिस केस चल रहे हैं। तिवारी ने चुनाव आयोग को एक लेटर लिखकर यह पता लगाने को कहा है कि क्या लीगल डिफेंस फंड की घोषणा के बाद कॉकरोच जनता पार्टी को ‘जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951’ की धारा 29A के तहत रजिस्टर किया गया है।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक तिवारी ने कहा, “कॉकरोच जनता पार्टी एक अनरजिस्टर्ड संस्था है। लेकिन एक पॉलिटिकल पार्टी के तौर पर काम कर रही है। अगर इसे लीगल डिफेंस फंड के तौर पर 1 करोड़ रुपये देने का वादा किया गया है, तो चुनाव आयोग को यह जांचना चाहिए कि क्या CJP ‘जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951’ की धारा 29A के तहत उसके पास रजिस्टर्ड है।” उन्होंने आगे कहा कि अगर पार्टी रजिस्टर्ड नहीं है, तो पॉलिटिकल पार्टी के नाम पर उसका काम करना और फंड इकट्ठा करना या लेना जांच का विषय हो सकता है।

कपिल सिब्बल ने दिया 1 करोड़

एक अलग अर्जी में तिवारी ने सेंट्रल GST अधिकारियों से यह जांचने का आग्रह किया कि क्या सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिबल CJP प्रदर्शनकारियों के कानूनी बचाव के लिए दिए गए 1 करोड़ रुपये के योगदान पर 18 प्रतिशत GST देने के लिए जिम्मेदार होंगे। NEET पेपर लीक के आरोपों को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों को कानूनी मदद देने के लिए CJP ने एक लीगल डिफेंस फंड बनाया है। सिब्बल ने इस फंड में 1 करोड़ रुपये का योगदान देने की घोषणा की है।

विवाद के बीच अभिजीत दिपके बीमार पड़े

यह नया विवाद सामने आने के बाद महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में अपने घर पर अभिजीत दिपके बीमार पड़ गए। डॉक्टरों ने उन्हें पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, दिपके शनिवार सुबह करीब 11:45 बजे अपने घर के पार्किंग एरिया में इंतजार कर रहे लोगों के एक समूह से मिलने के लिए नीचे आए। हालांकि, जल्द ही उन्हें बेचैनी महसूस हुई, जिसके बाद वे घर के पिछले हिस्से में गए और उल्टी की। इसके बाद वे मीडिया से बात किए बिना ही वापस ऊपर चले गए। उनके पिता भगवान दिपके ने बताया कि उनकी जांच के लिए तुरंत डॉक्टरों को बुलाया गया।

दिपके का इलाज करने वाले डॉ. विशाल लहाने ने पत्रकारों को बताया कि उनका ब्लड प्रेशर गिरकर 100/60 mmHg हो गया था। उन्होंने उनकी इस हालत का कारण तनाव और चिंता को बताया। डॉक्टर ने कहा, “दिपके का ब्लड प्रेशर 100/60 के स्तर पर थोड़ा कम है। तनाव और चिंता के कारण उन्हें सुबह से ही बेचैनी और जी मिचलाने की समस्या हो रही है। उन्हें कुछ बार उल्टी हुई है और दस्त की भी शिकायत है।”

ये भी पढ़ें- LPG price today: LPG गैस सिलेंडर के दाम में राहत! आज से लागू हुए नए रेट, जानिए दिल्ली समेत देश के प्रमुख शहरों में आज की कीमतें

डॉक्टर ने बताया कि दिपके को IV (नस के ज़रिए) फ्लूइड दिया गया। उन्हें दिन भर आराम करने की सलाह दी गई है। उन्होंने आगे कहा कि दिपके को बुखार नहीं है। उम्मीद है कि पर्याप्त आराम करने से वे ठीक हो जाएंगे। अगर उनकी हालत में सुधार नहीं होता है, तो डॉक्टर इलाज के अगले कदम पर फैसला लेने से पहले ब्लड टेस्ट करेंगे।