मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में 18 करोड़ की दान चोरी! जांच के लिए सरकार के पास पहुंची मंदिर ट्रस्ट

मुंबई के प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट के आठ ट्रस्टियों ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर मंदिर के दान-पात्रों से कथित नकदी चोरी की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका दावा है कि इस मामले से मंदिर को हर साल करीब 18 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ हो सकता है। 21 अप्रैल 2026 को लिखे गए इस पत्र में मंदिर ट्रस्ट के लोगों ने कहा है कि कैश चोरी के आरोप में कुछ कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद मंदिर के दान-पात्रों में हर सप्ताह जमा होने वाली रकम में अचानक बड़ी बढ़ोतरी हुई। उनका कहना है कि इससे यह संकेत मिलता है कि लंबे समय से दान की रकम में गड़बड़ी की जा रही थी।

जांच के दिए  गए आदेश

ट्रस्टियों ने यह भी मांग की है कि इस मामले में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो। उनका कहना है कि उन्हें यह मानने के ठोस कारण हैं कि यह मामला केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं हो सकता। वहीं महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे से मुलाकात के बाद सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन ने कहा कि, जांच के आदेश दे दिए गए हैं। दान की ऑडिट की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मंदिर ट्रस्ट ने सरकार ने मांग

पत्र में ट्रस्टियों ने कहा है कि आरोपी कर्मचारियों की गिरफ्तारी से पहले मंदिर के दान-पात्रों से हर सप्ताह 50 लाख रुपये से भी कम दान मिलता था। लेकिन कर्मचारियों के पकड़े जाने के बाद लगातार तीन हफ्तों तक हर बुधवार को दान की राशि बढ़कर करीब 1.5 करोड़ रुपये पहुंच गई। ट्रस्ट के लोगों का आरोप है कि इससे यह संकेत मिलता है कि दान-पात्रों में जमा होने वाली रकम का बड़ा हिस्सा गिनती से पहले ही निकाल लिया जाता था। उनका कहना है कि उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर मंदिर को हर साल करीब 18 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ हो सकता है। पत्र में यह भी कहा गया है कि इस मामले में सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारी ही नहीं, बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका होने की भी आशंका है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच कराई जानी चाहिए।

ट्रस्टियों ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से पूरे मामले की उच्च स्तरीय सरकारी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि जांच में मंदिर प्रशासन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष तरीके से पड़ताल की जानी चाहिए। अतुल लोधे, भास्कर राउत, महेश मुरलीधर, जितेंद्र राउत, मीना कांबले, मंगला तुपे, गोपाल दलवी और सुदर्शन सांगले के हस्ताक्षर वाले इस पत्र में कहा गया है कि पिछले करीब डेढ़ साल में ट्रस्ट बोर्ड ने कई प्रशासनिक सुधार किए हैं। इन कदमों की वजह से मंदिर की आय में लगभग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

राज ठाकरे ने उठाया मुद्दा

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने भी सिद्धिविनायक मंदिर में दान की कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। उन्होंने शनिवार को पार्टी की छात्र शाखा के एक कार्यक्रम में ट्रस्टियों के पत्र के कुछ हिस्से पढ़कर सुनाए। राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल करीब 18 करोड़ रुपये की दान राशि की कथित हेराफेरी हुई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अयोध्या के राम मंदिर में भी 1,400 करोड़ रुपये की कथित गड़बड़ी हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मुद्दे पर अपनी बात रखनी चाहिए। राज ठाकरे ने कहा, “कई निराश और परेशान लोग आस्था के साथ मंदिरों में जाते हैं, लेकिन अगर मंदिरों में भी भ्रष्टाचार के आरोप लगें, तो यह बेहद गंभीर बात है।”

अबतक 9 लोगों की हुई गिरफ्तारी

सिद्धिविनायक मंदिर में दान की कथित गड़बड़ी के मामले में अब तक नौ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। इस बात की पुष्टि मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सदा सरवणकर ने की है। सदा सरवणकर ने पत्रकारों से कहा कि जहां-जहां जरूरत थी, वहां मामले दर्ज कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दान की कथित हेराफेरी से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

Delhi Free JEE-NEET Coaching: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए दिल्ली सरकार ने शुरू की खास सुविधा, प्रवेश परीक्षा से चुने जाएंगे छात्र

Delhi Free JEE-NEET Coaching: दिल्ली सरकर ने आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए खास पहल की है। देश के इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेने के इच्छुक छात्रों को दिल्ली सरकार की ओर से मुफ्त कोचिंग कराई जाएगी। दिल्ली सरकार की इस विशेष पहल के तहत एक साल का मुफ्त आवासीय कोचिंग प्रोग्राम घोषित किया गया है। दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने एक सर्कुलर जारी कर इस पहल की जानकारी दी है। फ्री कोचिंग प्रोग्राम पुणे की गैर लाभकारी संस्था दक्षिणा फाउंडेशन की स्पॉन्सर्ड स्कॉलरशिप के तहत दिया जाएगा।

दिल्ली सरकार ने सरकारी और सरकारी मदद वाले स्कूलों में कक्षा 12 में पढ़ने वाले जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) और नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के छात्रों के लिए एक साल का फ्री रेजिडेंशियल कोचिंग प्रोग्राम अनाउंस किया है। दिल्ली सरकार और सरकारी मदद वाले स्कूलों में मौजूद शैक्षिक सत्र के दौरान कक्षा 12 (साइंस) में एनरोल छात्र इस पहल का लाभ ले सकते हैं। डीओई ने सभी सरकारी और सरकारी मदद वाले स्कूलों को इस पहल के बारे में सूचित किया है।

निदेशालय की ओर से योग्य छात्रों से चयन प्रक्रिया में हिस्सा लेने को कहा गया है। छात्रों का चयन जॉइंट दक्षिणा सिलेक्शन टेस्ट (JSDT) 2027 के जरिए होगा, जो दिसंबर 2026 में होगी। प्रवेश परीक्षा में सफल छात्रों को महाराष्ट्र के पुणे जिले के कडूस गांव में मौजूद फाउंडेशन के कैंपस दक्षिणा वैली में एक साल के लिए फ्री रेजिडेंशियल कोचिंग दी जाएगी।

डीओई ने कहा कि स्कॉलरशिप की राशि से कार्यक्रम का पूरा खर्च मैनेज हो जाएगा। स्कॉलरशिप में जेईई और नीट के लिए फ्री कोचिंग, एक साल के कोर्स के पूरे समय के लिए हॉस्टल में रहने की जगह और खाना शामिल है। दिल्ली सरकार और दक्षिणा फाउंडेशन की ये पहल खासतौर से ईडब्लूएस वर्ग के उन छात्रों के लिए लाभकारी साबित होगी, जो इंजीनियरिंग और मेडिसिन में करियर बनाना चाहते हैं, लेकिन महंगे कोचिंग इंस्टिट्यूट नहीं अफोर्ड कर सकते हैं।

इस प्रोग्राम का मकसद देश भर के बड़े इंजीनियरिंग और मेडिकल इंस्टिट्यूट में सरकारी स्कूल के छात्रों की उपस्थिति को बेहतर बनाना है। दिल्ली सरकार ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे योग्य छात्रों के बीच स्कॉलरशिप के बारे में जागरूकता फैलाएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्र इस मौके का फायदा उठा सकें। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब सरकारें टारगेटेड स्कॉलरशिप प्रोग्राम और शैक्षिक संस्थानों के साथ पार्टनरशिप के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तक पहुंच को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही हैं।

Direct Admission to DU Without CUET: डीयू के दो कॉलेज छात्रों को 12वीं के नंबरों के आधार पर दे रहे प्रवेश, सीयूईटी का स्कोर जरूरी नहीं

पूर्व राज्यपाल और शिक्षाविद डॉ. डीवाई पाटिल का निधन, 91 वर्ष की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

DY Patil dies

बिहार, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के पूर्व गवर्नर रहे और मशहूर शिक्षाविद डॉ. ज्ञानदेव यशवंतराव पाटिल (डीवाई पाटिल) का मंगलवार को कोल्हापुर के कस्बा बावड़ा स्थित घर पर निधन हो गया। वे 91 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। ALSO READ: क्या है ‍बांकीपुर का जातीय गणित और किस जाति से आते हैं प्रशांत किशोर? कितने पढ़े-लिखे हैं PK

 

पूर्व कांग्रेस नेता डी वाई पाटिल को प्यार से दादा कहा जाता था। पाटिल के परिवार में उनके बेटे कांग्रेस एमएलसी सतेज पाटिल, संजय पाटिल और अजिंक्य पाटिल और बेटी नंदिता पालशेतकर हैं। उनके नेतृत्व में देशभर में 182 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों, 7 विश्वविद्यालयों और अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विशाल नेटवर्क की स्थापना हुई।

 

पाटिल ने वर्ष 1957 से 1962 तक कोल्हापुर के महापौर के रूप में अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद वे 1967 से 1972 तक महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य रहे। कांग्रेस ने उन्हें बिहार, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल का गर्वनर बनाया। वर्ष 2018 में वे कांग्रेस छोड़कर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में शामिल हो गए। ALSO READ: 'कुत्ता या बिल्ली भी जीत जाएगा', क्या इसी ओवरकॉन्फिडेंस ने डुबो दी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट?

 

डी वाई पाटिल के निधन की जानकारी देते हुए पिंपरी की प्रो-वाइस चांसलर स्मिता जाधव ने कहा कि बहुत दुख और भारी मन से मैं आपको हमारे प्रिय संस्थापक, माननीय डॉ. डी वाई पाटिल सर के निधन की सूचना दे रही हूं। उनकी दूरदर्शी लीडरशिप, शिक्षा के प्रति अटूट समर्पण और असाधारण विरासत ने अनगिनत लोगों के जीवन और संस्थानों को संवारा है। उनका जाना पूरे डी वाई पाटिल परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

 

डी वाई पाटिल को सामाजिक क्षेत्र में उनके योगदान के लिए 1991 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। उनका अंतिम संस्कार बुधवार, 5 अगस्त को कोल्हापुर के लाइन बाजार स्थित डॉ. डी वाई पाटील मेडिकल कॉलेज परिसर में किया जाएगा।

अगले 48 घंटे प्रचंड बारिश का अलर्ट: पूर्वोत्तर से उत्तर भारत तक बरसेंगे बादल! यूपी-दिल्ली समेत इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश

IMD Weekly Weather Update: देश भर में मानसून एक बार फिर अत्यंत आक्रामक रूप में लौट आया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी 48 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी राज्यों और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में प्रचंड बारिश का हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों तक पूर्वोत्तर और उससे सटे पूर्वी भारत में भारी से बहुत भारी बारिश होगी जबकि इसके बाद के 5 दिनों तक भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

विशेष रूप से 4 और 5 अगस्त 2026 को असम, मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 सेमी या उससे अधिक अत्यधिक मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में भी आज भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

देश में सक्रिय प्रमुख मौसम प्रणालियां

मौसम में आए इस बड़े बदलाव और भारी बारिश के पीछे देश भर में बने कई मौसमी सिस्टम जिम्मेदार हैं। मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर है, जबकि इसका पूर्वी सिरा उत्तर की तरफ स्थित है। मध्य और ऊपरी ट्रोपोस्फेरिक पश्चिमी हवाओं में एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। उत्तरी हरियाणा और आसपास, उत्तर-पूर्वी राजस्थान, उत्तर-पश्चिम बिहार, उत्तर-पूर्वी असम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी व उससे सटे तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर अलग-अलग निचले और मध्य ट्रोपोस्फेरिक स्तरों पर चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं।

उत्तर भारत: दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और UP में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में अगले कई दिनों तक मानसूनी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 4 से 6 अगस्त के बीच व्यापक बारिश देखने को मिलेगी। इस दौरान 4 से 6 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 4 से 6 अगस्त और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 7 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 और 7 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है, जबकि 5 और 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 4 और 5 अगस्त को बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 4 से 10 अगस्त तक गरज-चमक के साथ रुक-रुक कर बारिश होगी। हिमाचल में 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 10 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है। उत्तराखंड में 4 और 5 अगस्त को बहुत भारी बारिश तथा 6 से 10 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 4-5 अगस्त और 9-10 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में 4, 6 और 9-10 अगस्त को भारी तथा 7 और 8 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और बंगाल में ‘अत्यंत भारी बारिश’ की चेतावनी

पूर्वोत्तर भारत में अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं, जहां अत्यधिक मूसलाधार बारिश से जीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है। असम और मेघालय में 4 और 5 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) होने की पूरी संभावना है। इसके बाद 6 से 10 अगस्त तक भी लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।

अरुणाचल प्रदेश में 4 और 5 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि 6, 9 और 10 अगस्त को भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 4 से 10 अगस्त तक व्यापक बारिश का सिलसिला रहेगा, जहां 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 10 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और बंगाल का हाल

पूर्वी भारत के राज्यों में भी मानसूनी हवाओं का असर साफ दिखेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 5 अगस्त को यहां बहुत भारी बारिश होगी। वहीं गांगेय पश्चिम बंगाल में 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है। बिहार में 4 और 6 अगस्त को भारी बारिश जबकि 5 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। झारखंड में 4 से 8 अगस्त के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

ओडिशा में 5 और 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश तथा 4 और 7 से 10 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 4 से 10 अगस्त के दौरान 50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चल सकता है।

मध्य और पश्चिम भारत: एमपी, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में अलर्ट

मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 4 से 8 अगस्त तक भारी बारिश होगी, जिसमें 6 और 7 अगस्त को बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। छत्तीसगढ़ में 4 से 10 अगस्त तक बारिश जारी रहेगी और 4 से 8 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट रहेगा। कोंकण और गोवा में 5 अगस्त को तथा मध्य महाराष्ट्र में 5 और 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा 4 और 6 अगस्त को इन क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

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दक्षिण भारत: कर्नाटक और केरल में भारी बारिश

तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आज (4 अगस्त) अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। केरल और माहे में 4 से 8 अगस्त तक तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 से 7 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

CLAT 2027: देश की लॉ यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में प्रवेश के लिए शुरू हुई रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, 31 अक्टूबर तक दाखिले के लिए भरें फॉर्म

CLAT 2027: कानून के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक देश के युवाओं के लिए नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज (NLUs) के कंसोर्टियम ने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) 2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन लिंक एक्टिवेट कर दिया है। क्लैट 2026 के जरिए छात्र देशभर में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज के अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट लॉ पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकते हैं। प्रवेश के इच्छुक छात्र अब आधिकारिक प्रवेश पोर्टल के जरिए पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं।

पंजीकरण विंडो 31 अक्टूबर, 2026 तक खुली रहेगी। क्लैट 2027 परीक्षा 6 दिसंबर, 2026 को दोपहर 2.00 बजे से शाम 4.00 बजे तक होनी है। कंसोर्टियम ने स्पष्ट किया है कि आने वाले प्रवेश चक्र के लिए परीक्षा के सिलेबस या स्ट्रक्चर में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

क्लैट 2027: जरूरी तारीखें

इवेंट तारीख

रजिस्ट्रेशन शुरू : 3 अगस्त, 2026 (सुबह 10.00 बजे IST)

अप्लाई करने की आखिरी तारीख : 31 अक्टूबर, 2026

क्लैट 2027 परीक्षा : 6 दिसंबर, 2026 (दोपहर 2.00 बजे से शाम 4.00 बजे तक)

क्लैट 2027 के लिए कैसे करने आवेदन

रजिस्टर करें : एक वैलिड मोबाइल नंबर और ईमेल एड्रेस का इस्तेमाल करके अकाउंट बनाएं।

एप्लीकेशन फॉर्म भरें : पर्सनल, एकेडमिक और कॉन्टैक्ट डिटेल्स डालें।

प्राथमिकता चुनें : पसंदीदा परीक्षा शहर चुनें और एनएलयू प्राथमिकता बताएं।

डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें : पासपोर्ट साइज का फोटो, सिग्नेचर और कैटेगरी सर्टिफिकेट, अगर लागू हो, अपलोड करें।

आवेदन शुल्क का भुगतान करें : ऑनलाइन पेमेंट पूरा करें और एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट करें।

योग्यता और परीक्षा पैटर्न

अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रम के लिए आवेदन करने वाले परीक्षार्थियों को कम से कम 45% अंकों के साथ कक्षा 12 या उसके बराबर की परीक्षा पास करनी होगी। एससी और एसटी परीक्षार्थियों के लिए न्यूनतम योग्यता अंक 40% हैं। फरवरी 2027 में अपना क्वालिफाइंग एग्जाम देने वाले छात्र भी आवेदन करने के योग्य हैं।

पोस्टग्रेजुएट पाठ्यक्रम के लिए, आवेदकों के पास कम से कम 50% अंकों के साथ एलएलबी डिग्री या उसके बराबर की योग्यता होनी चाहिए। एससी और एसटी उम्मीदवारों के लिए क्वालिफाइंग रिक्वायरमेंट 45% है।

क्लैट परीक्षा इस साल भी मौजूदा ऑफलाइन फॉर्मेट में जारी रहेगी। इसमें कॉम्प्रिहेंशन-बेस्ड मल्टीपल-चॉइस सवाल होंगे। अंडरग्रेजुएट पेपर में इंग्लिश लैंग्वेज, जनरल नॉलेज सहित करंट अफेयर्स, लीगल रीजनिंग, लॉजिकल रीजनिंग और क्वांटिटेटिव टेक्नीक शामिल होंगे।

क्लैट 2027 में हिस्सा लेंगी 27 एनएलयू

क्लैट 2027 में देश की 27 नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी हिस्सा लेंगी। अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में लगभग 3,952 से 4,100 सीटें हैं, जबकि पोस्टग्रेजुएट पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए लगभग 1,590 सीटें हैं। आवेदक पूल में 57% महिला परीक्षार्थी हैं, जबकि अंडरग्रेजुएट कैंडिडेट कुल रजिस्ट्रेशन में 80% से ज्यादा हिस्सा लेते हैं। कुल चयन दर 6% से कम रहने के कारण, सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा बहुत ज्यादा रहने की उम्मीद है।

MHT CET Admission 2026: महाराष्ट्र में बी और डी फार्मा में प्रवेश के लिए शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन, यहां देखें पूरा शेड्यूल

पूर्वोत्तर में भूस्खलन का खतरा, उत्तर भारत में भी भारी बारिश के आसार, IMD ने जारी किया अलर्ट

rain alert 4 august

Weather Alert 4 August:  भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देशभर में सक्रिय मानसून को देखते हुए 4 अगस्त के लिए ताजा मौसम अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश के साथ ही भूस्खलन होने की आशंका है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य भारत के कई हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। ALSO READ: Top News 4 August: जम्मू कश्मीर में बादल फटे, चीन का न्यूक्लियर सीक्रेट बेनकाब, EPFO वेतन सीमा बढ़ाने को मंजूरी

 

जम्मू कश्मीर के 6 जिलों में बादल फटे

जम्मू-कश्मीर के 6 जिलों में बादल फटने से हाहाकार मच गया। कुपवाड़ा के लोलाब में बाढ़ में बहने से महिला की मौत हो गई। शोपियां में बारिश ने भारी तबाही मचाई। बाढ़ में फंसे 80 लोगों को बचाया गया है। डल झील में नाव में फंसे 4 युवकों को भी सुरक्षित निकाल लिया गया है। मौसम विभाग ने अगले 2 दिन भी भारी बारिश, बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन की आशंका जताई है।

 

पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका

आईएमडी के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में अत्यधिक बारिश हो सकती है। लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन और जलभराव का खतरा भी बना हुआ है। इसके अलावा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने का अनुमान है।

 

 पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

 

दिल्ली, यूपी और मध्य भारत में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश राज्यों में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ भारी बारिश भी हो सकती है। 

 

वहीं, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। दूसरी ओर, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में लगातार तेज बारिश जारी रहने की संभावना है। कई जिलों में एहतियात के तौर पर स्कूलों में अवकाश भी घोषित किया गया है। ALSO READ: उत्तर-पूर्व भारत में बाढ़ का खतरा, यूपी-दिल्ली से राजस्थान तक जानें मौसम का हाल

 

राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में बदलाव

राजस्थान में पिछले 24 घंटों के दौरान पाली जिले के जैतारण में सबसे अधिक 161 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून ट्रफ के उत्तर की ओर खिसकने से जोधपुर, उदयपुर और कोटा संभाग में बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है। हालांकि, शेखावाटी, बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग में 3 से 5 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है।

 

दक्षिण भारत में भी बरसेंगे बादल

दक्षिण भारत के केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की गई है। वहीं, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

MHT CET Admission 2026: महाराष्ट्र में बी और डी फार्मा में प्रवेश के लिए शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन, यहां देखें पूरा शेड्यूल

MHT CET Admission 2026: महाराष्ट्र में फार्मेसी से जुड़े पाठ्यक्रमों में शैक्षिक वर्ष 2026-27 में प्रवेश के इच्छुक छात्रों के बड़ा और अहम अपडेट है। महाराष्ट्र स्टेट कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) सेल ने सेंट्रलाइज्ड प्रवेश प्रक्रिया (CAP) के जरिए बी फार्मा और डी फार्मा पाठ्क्रमों के फर्स्ट ईयर में प्रवेश के लिए पंजीकरण शुरू कर दिए हैं। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने के इच्छुक उम्मीदवार सीईटी सेल की आधिकारिक वेबसाइट ph2026.mahacet.org पर शैक्षिक वर्ष 2026-27 के लिए अप्लाई कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन फॉर्म के साथ, कैंडिडेट को ऊपर बताए गए पोर्टल पर सभी जरूरी डॉक्यूमेंट भी अपलोड करने होंगे।

एमएचटी सीईटी की ओर से बी और डी फार्मा में प्रवेश के लिए पूरा शेड्यूल आधिकारिक वेबसाइट पर घोषित कर दिया है। इसके मुताबिक, प्रवेश के इच्छुक छात्रों के लिए 10 अगस्त शाम 5 बजे तक आवेदन जमा करने की रजिस्ट्रेशन विंडो एक्टिव रहेगी। आवेदन सफलतापूर्वक जमा करने के बाद, परीक्षार्थियों को ऑनलाइन या फिजिकल मोड में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रोसेस के लिए उपस्थित होना होगा। फार्मेसी कोर्स में प्रवेश चाहने वाले छात्रों के लिए डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रक्रिया 1 अगस्त से शुरू हो गया है। पंजीकृत छात्रों को 11 अगस्त शाम 5 बजे से पहले वेरिफिकेशन प्रोसेस पूरा करना होगा, नहीं तो, उनका एप्लीकेशन अपने आप कैंसल हो जाएगा।

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रोसेस देखें

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए ई-स्क्रूटनी मोड चुनने वाले कैंडिडेट पूरा प्रोसेस ऑनलाइन पूरा कर सकते हैं और उन्हें ई-स्क्रूटनी सेंटर जाने की जरूरत नहीं होगी। आधिकारिक सूचना ब्रोशर के अनुसार, फैसिलिटेशन सेंटर ऑनलाइन जमा किए गए डॉक्यूमेंट्स को वेरिफाई करेगा। अप्रूव होने के बाद, वेरिफिकेशन स्टेटस और एक्नॉलेजमेंट रसीद कैंडिडेट के लॉगिन से मिल जाएगी। आवेदन फॉर्म में गड़बड़ी मिलने पर उसे कैंडिडेट को वापस कर दिया जाएगा, जिसे जरूरी सुधार करने के बाद तय शेड्यूल के अंदर इसे दोबारा जमा करना होगा।

फिजिकल स्क्रूटनी चुनने वाले छात्रों को तय तारीख और समय पर अपने चुने हुए फिजिकल स्क्रूटनी सेंटर पर सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ जाना होगा। सेंटर डॉक्यूमेंट्स को वेरिफाई करेगा और जमा करने के बाद एप्लीकेशन को अप्रूव करेगा। कैंडिडेट को बाद में एक एक्नॉलेजमेंट रसीद मिलेगी। सीईटी सेल 13 अगस्त को अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर प्रोविजनल मेरिट लिस्ट जारी करेगा। कैंडिडेट को लिस्ट में अपनी डिटेल्स चेक करनी होंगी और अगर उन्हें कोई गलती मिलती है, तो 17 अगस्त तक सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स के साथ शिकायत दर्ज करानी होगी। शॉर्टलिस्ट किए गए कैंडिडेट्स के नामों वाली फाइनल मेरिट लिस्ट 19 अगस्त को ऑनलाइन जारी की जाएगी।

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अनार छोड़ शुरू की इस फसल की खेती, आज पैसे गिनते नहीं थकते किसान

भारत को कृषि प्रधान देश कहा जाता है, लेकिन आज खेती पहले जैसी आसान नहीं रही। मौसम की अनिश्चितता, बढ़ती उत्पादन लागत, कीटों और बीमारियों का बढ़ता खतरा तथा बाजार में कीमतों का उतार-चढ़ाव किसानों की कमाई पर सीधा असर डाल रहे हैं। ऐसे में कई किसान पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहने के बजाय नई और कम लागत वाली फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। सही योजना, आधुनिक तकनीक और बाजार की समझ के साथ ये किसान खेती को घाटे का सौदा नहीं, बल्कि मुनाफे का व्यवसाय बना रहे हैं। महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के किसान सागर येलपले इसकी प्रेरणादायक मिसाल हैं। उन्होंने वर्षों से चली आ रही अनार की खेती छोड़कर सहजन (ड्रमस्टिक) की खेती अपनाई।

शुरुआत केवल एक एकड़ में प्रयोग के तौर पर हुई, लेकिन शानदार नतीजों ने उनकी सोच और किस्मत दोनों बदल दी। आज उनका 18 एकड़ का सहजन फार्म हर साल करोड़ों रुपये का कारोबार करता है और लाखों रुपये का शुद्ध मुनाफा देता है। उनकी सफलता आज हजारों किसानों के लिए प्रेरणा बन चुकी है।

महंगी पड़ रही थी अनार की खेती

सागर ने 2012 में पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने पिता के साथ 10 एकड़ की खेती संभाली। परिवार कई पीढ़ियों से अनार उगा रहा था, लेकिन समय के साथ इसकी खेती महंगी होती चली गई। उनके अनुसार, अनार में बीमारियों का खतरा बढ़ गया था, कीटनाशकों और रसायनों पर भारी खर्च करना पड़ता था। एक एकड़ से करीब 3 लाख रुपये की कमाई होती थी, लेकिन लगभग आधी रकम खेती की लागत में ही चली जाती थी। ऊपर से फसल तैयार होने में छह महीने का इंतजार भी करना पड़ता था।

2017 में लिया जिंदगी बदलने वाला फैसला

इसी दौरान एक दोस्त ने उन्हें व्यावसायिक सहजन की खेती का सुझाव दिया। सागर ने बिना जोखिम लिए पहले सिर्फ एक एकड़ में इसकी खेती शुरू की। उन्होंने करीब 4,000 रुपये में 400 ग्राम बीज खरीदे, खेत में गोबर की सड़ी खाद डाली और जनवरी 2017 में बुवाई कर दी। सिर्फ पांच महीने बाद जून में पहली फसल तैयार हो गई।

पहली ही फसल ने बढ़ाया हौसला

एक एकड़ से लगभग 10 टन सहजन की पैदावार हुई। बाजार में 25 से 30 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक्री हुई और पहली ही फसल से 3 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई हुई। यहीं से सागर को भरोसा हो गया कि भविष्य सहजन की खेती में है।

धीरे-धीरे बदली पूरी खेती की तस्वीर

सागर ने एक साथ पूरी खेती बदलने की बजाय धीरे-धीरे अनार के बाग हटाकर सहजन लगाना शुरू किया। बाद में उन्होंने 8 एकड़ और जमीन जोड़ ली। आज उनके पास कुल 18 एकड़ में करीब 12,000 सहजन के पौधे हैं, जिनमें मुख्य रूप से ODC-3 और ODC-4 किस्में लगाई गई हैं।

हर साल 200 टन तक उत्पादन

शुरुआत में एक पेड़ से लगभग 25 किलो फल मिलता था, लेकिन सही देखभाल और नियमित छंटाई के कारण अब एक पेड़ से करीब 50 किलो तक उत्पादन हो रहा है। पूरे फार्म से हर साल 180 से 200 टन सहजन की पैदावार होती है।

बायोगैस प्लांट से घटाया खर्च

सागर ने खेत में बायोगैस प्लांट भी लगाया है, जिससे रोजाना 200 से 300 लीटर स्लरी निकलती है। यही स्लरी खेतों में जैविक खाद का काम करती है। इससे मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर हुई, रासायनिक खाद का खर्च घटा और बायोगैस का इस्तेमाल घर में खाना बनाने के लिए भी होने लगा।

हैदराबाद बना सबसे बड़ा बाजार

अच्छी फसल के साथ सागर ने मजबूत बाजार भी तैयार किया। आज उनकी अधिकांश उपज लगभग 400 किलोमीटर दूर हैदराबाद भेजी जाती है, जहां व्यापारी पूरी फसल खरीद लेते हैं। पहले वे दुबई भी निर्यात करते थे, लेकिन अब हैदराबाद से ही इतनी मांग है कि पूरी उपज वहीं बिक जाती है।

मौसम बदलता है, मुनाफा नहीं

सर्दियों में सहजन की कीमत 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है, जबकि गर्मियों में यह 25 रुपये प्रति किलो तक आ जाती है। इसके बावजूद पूरे साल का औसत भाव करीब 50 रुपये प्रति किलो रहता है, जिससे खेती लगातार फायदे का सौदा बनी हुई है।

बीज बेचकर भी लाखों की कमाई

सिर्फ सहजन बेचकर ही नहीं, बल्कि सागर अब इसकी गुणवत्तापूर्ण बीज भी किसानों को बेचते हैं। वे करीब 10,000 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बीज बेचते हैं, जिससे सालाना लगभग 15 लाख रुपये की अतिरिक्त आय होती है।

1.15 करोड़ का कारोबार, 80 लाख तक मुनाफा

सहजन और बीज की बिक्री मिलाकर सागर का सालाना कारोबार करीब 1.15 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। इसमें से करीब 80 लाख रुपये का शुद्ध लाभ होता है।

दूसरे किसानों को क्या सलाह देते हैं सागर?

सागर का मानना है कि किसी भी नई फसल में सीधे पूरी खेती बदलने की बजाय पहले छोटे स्तर पर प्रयोग करना चाहिए। फसल की देखभाल, बाजार की मांग और खरीदारों की उपलब्धता को समझने के बाद ही बड़े स्तर पर निवेश करना बेहतर होता है। यही सोच उनके लिए सफलता की सबसे बड़ी कुंजी साबित हुई।

उत्तर-पूर्व भारत में बाढ़ का खतरा, यूपी-दिल्ली से राजस्थान तक जानें मौसम का हाल

gujarat rain

IMD Rain Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न हिस्सों में मॉनसून की सक्रियता को देखते हुए 4 अगस्त के लिए अलर्ट जारी किया है। उत्तर-पूर्व भारत के राज्यों—विशेषकर असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका जताई गई है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर, यूपी, राजस्थान और मध्य भारत के राज्यों में भी हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

उत्तर-पूर्व और पूर्वी भारत में रेड अलर्ट जैसी स्थिति

मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 24 घंटों में सबसे ज्यादा सतर्कता की आवश्यकता है। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में बहुत भारी वर्षा हो सकती है। इसके अलावा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान है।

 

पूर्वी भारत की बात करें तो बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। निचले इलाकों में जलभराव और नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को मुस्तैद रहने की सलाह दी गई है।

दिल्ली, यूपी और मध्य भारत का मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम मिला-जुला रहेगा। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं तेज हवाएं और भारी बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। दूसरी ओर, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में भारी बारिश जारी रहेगी। कई जिलों में एहतियातन स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं।

राजस्थान में कैसा रहेगा मॉनसून?

राजस्थान में पिछले 24 घंटों के दौरान पाली जिले के जैतारण में सर्वाधिक 161 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम केंद्र के अनुसार, मॉनसून के ट्रफ लाइन के खिसकने से जोधपुर, उदयपुर और कोटा संभाग में बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी आ सकती है। हालांकि, शेखावाटी क्षेत्र, बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग में 3 से 5 अगस्त के दौरान हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी।

दक्षिण भारत का हाल

दक्षिण भारत में केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। तटीय इलाकों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है, जबकि तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

विदेश में पढ़ाई के खर्चे पर अभिजीत दीपके ने बताया सच, कहा अब लोन चुकाना है

Abhijeet Deepke

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी अमेरिका में पढ़ाई के खर्चे को लेकर उठे सवालों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया है कि उनकी बोस्टन यूनिवर्सिटी में एमएस (पब्लिक रिलेशंस) की डिग्री स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन से पूरी हुई। उन्होंने स्कॉलरशिप दस्तावेज भी सार्वजनिक रूप से दिखाने की पेशकश की है।

अभिजीत दीपके ने पत्रकार बरखा दत्त को दिए इंटरव्यू में कहा, “मैं बोस्टन यूनिवर्सिटी से स्कॉलरशिप प्राप्त की थी और बाकी खर्च के लिए एजुकेशन लोन लिया था, जिसे मुझे अभी चुकाना है।” उन्होंने डीन स्कॉलरशिप का दस्तावेज साझा करते हुए बताया कि यूनिवर्सिटी ने उन्हें प्रति सेमेस्टर 12,500 डॉलर की स्कॉलरशिप दी, जो तीन सेमेस्टर के लिए कुल 37,500 डॉलर (लगभग 30 लाख रुपये से अधिक) बनी।
 
विवाद की शुरुआत : विवाद तब शुरू हुआ जब सूरत के आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने अभिजीत दीपके के पिता भगवानराव दीपके (महाराष्ट्र सरकार के रिटायर्ड जूनियर इंजीनियर) की वित्तीय स्थिति की जांच की मांग की। तिवारी ने सवाल उठाया कि मासिक वेतन लगभग 60-65 हजार रुपए वाले रिटायर्ड कर्मचारी ने अमेरिका जैसी महंगी पढ़ाई का खर्च कैसे उठाया। उन्होंने चुनाव आयोग, इनकम टैक्स विभाग और महाराष्ट्र सरकार को पत्र लिखकर जांच की अपील की थी।

अभिजीत ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि वे अपना स्कॉलरशिप लेटर और एजुकेशन लोन दस्तावेज दिखाने को तैयार हैं। उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर चुनौती दी, “मैं अपना स्कॉलरशिप लेटर और एजुकेशन लोन लेटर दिखाने को तैयार हूं। क्या सम्राट अपना डिग्री दिखाएंगे?” कितना खर्च आया पढ़ाई पर? अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस के मास्टर कोर्स पर ट्यूशन फीस, रहन-सहन, स्वास्थ्य बीमा आदि मिलाकर कुल खर्च 30 लाख से 1 करोड़ रुपये तक हो सकता है। अभिजीत की स्कॉलरशिप ने काफी हिस्सा कवर किया, जबकि बाकी लोन से पूरा हुआ। उनके पिता ने पहले भी लोन लेकर बेटे को पढ़ाने की बात कही थी।

CJP की फंडिंग को लेकर भी सवाल : अभिजीत दीपके ने पुणे से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद वे अमेरिका गए और हाल ही में जून 2026 में भारत लौटकर बड़े प्रदर्शन आंदोलन का नेतृत्व किया। CJP की फंडिंग को लेकर भी सवाल उठे हैं, जिस पर उन्होंने क्राउडफंडिंग और पूर्ण पारदर्शिता का वादा किया है।यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग दीपके के जवाब और RTI कार्यकर्ता के सवालों पर अपनी राय रख रहे हैं। अभिजीत दीपके की स्पष्टता ने कई सवालों के जवाब दिए हैं, लेकिन राजनीतिक और सामाजिक बहस जारी है। अभिजीत दीपके ने बयान दिया है कि पढ़ाई का खर्च स्कॉलरशिप और लोन से हुआ। अब लोन चुकाना है।

बता दें कि अभिजीत दीपके कॉकरोच पार्टी बनाकर चर्चा में आए थे। पार्टी बनाने के बाद उन्‍होंने दिल्‍ली के जंतर मंतर में प्रोटेस्‍ट किया। बाद में ये प्रोटेस्‍ट जेंनजी प्रोटेस्‍ट बन गया। जिसका असर यह हुआ कि नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्‍तीफा देना पडा।