Copper News: कमोडिटी ट्रेडर्स के लिए बिग अलर्ट, कॉपर में मई के बाद की सबसे बड़ी वीकली गिरावट

Copper News: शेयर मार्केट में हाहाकार मचा हुआ ही है, कमोडिटी मार्केट में भी स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। निफ्टी (Nifty) वीकली लेवल पर लगातार आठ हफ्ते कमजोर हुआ है और इतनी लंबी गिरावट 25 साल बाद दिखी है। अब कमोडिटी मार्केट में बात करें तो कॉपर जो धड़ाधड़ ऊपर भाग रहा था, अब मई के बाद से सबसे बड़ी वीकली गिरावट की तरफ बढ़ रहा है। शुक्रवार को डॉलर में गिरावट के साथ लंदन मेटल एक्सचेंज पर इसके फ्यूचर्स प्रति टन $14,300 प्रति टन से ऊपर चले गए, लेकिन फिर भी वीकली लेवल पर हफ्ते की समाप्ति पर इसमें लगभग 2% की गिरावट रहने के आसार हैं।

क्यों फीका पड़ा Copper?

एनर्जी की लागत में बढ़ोतरी और चीन के लड़खड़ाते इंडस्ट्रियल सेक्टर की वजह से मांग कम होने के डर से कॉपर को झटका लगा। एनर्जी की लागत इसलिए बढ़ रही है क्योंकि पश्चिमी एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध ने तेल की सप्लाई को बुरी तरह प्रभावित किया हुआ है, जिससे यह उबल पड़ा और कॉपर को भी इसकी आंच महसूस हुई। इसके अलावा चीन में इंडस्ट्रियल कमजोरी के आंकड़ो ने भी कॉपर पर दबाव बनाया।

अभी कितना टूटेगा भाव?

चीन में इंडस्ट्रियल एक्टिविटीज की कमजोर और कच्चे तेल में उबाल ने कॉपर को नरम किया है लेकिन सप्लाई की कमी के कारण कीमतें ऊपरी लेवल पर बनी हुई है यानी कि इसमें अधिक गिरावट की गुंजाइश नहीं दिख रही है। रिफाइंड मेटल पर अमेरिकी टैरिफ के डर से ट्रेडर्स ने लाखों टन मेटल अमेरिका भेजा है, जिससे दूसरी जगहों पर कमी का खतरा पैदा हो गया है। चिली की एक बड़ी खदान में भी हड़ताल चल रही है।

बैंक ऑफ अमेरिका कॉरपोरेशन के एनालिस्ट्स ने अपने नोट में जिक्र किया है कि जब तक पश्चिमी एशिया में युद्ध जारी रहेगा, बेस मेटल्स में बढ़ोतरी सीमित हो सकती है लेकिन एल्युमीनियम, कॉपर और निकेल की सप्लाई में कमी से कीमतों को सपोर्ट मिलना चाहिए।

अभी अमेरिका में सितंबर महीने का रोजगार डेटा आना है, जिसमें मार्केट का अनुमान है कि हायरिंग में बड़ी सुस्ती देखने को मिल सकती है। यह आंकड़ा आज शुक्रवार को आना है। इसमें सुस्ती का असर ये होगा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अपनी मौद्रिक नीतियों को और सख्त करने की संभावना फीकी होगी, जो कॉपर के लिए पॉजिटिव हो सकता है।

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2026 Chess Olympiad: 11 साल की भारतीय मूल की ब्रिटिश शतरंज खिलाड़ी बोधना शिवनंदन सबसे कम उम्र की महिला ग्रैंडमास्टर बनीं

2026 Chess Olympiad: 11 साल की उम्र में भारतीय मूल की ब्रिटिश बोधना शिवनंद ने अपने नाम एक ऐसा खिताब कर लिया है, जिसे गिनती के कुछ लोग ही हासिल कर सकते हैं। हाल ही में उजबेकिस्तान के समरकंद में 2026 शतरंज ओलंपियाड आयोजित किया गया था। इसमें उन्होंने अपने खेल का ऐसा हुनर दिखाया कि सबसे कम उम्र की महिला ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल कर लिया। इस प्रतियोगिता में बोधना इंग्लैंड की ओर से उतरी थीं।

यह कोई तुक्का या एक बार का अच्छा प्रदर्शन नहीं था। अंतर्राष्ट्रीय शतरंज महासंघ के अनुसार, बोधना ने ओलंपियाड में रविवार को अपना तीसरा और अंतिम WGM नॉर्म अर्जित किया। इससे पहले डब्लूजीएम का खिताब 12 साल की रूस की कैटेरीना लैग्नो के पास था, जिन्होंने यह खिताब 12 साल की उम्र हासिल किया था। लेकिन बोधन ने यह उपलब्धि सिर्फ 11 साल की उम्र में हासिल की इतिहास रच दिया है।

लॉकडाउन का शौक बोधना बना वर्ल्ड रिकॉर्ड का रास्ता

बोधना का जन्म 2015 में लंदन में तमिलनाडु में रहने वाले एक भारतीय परिवार में हुआ था। एक दिन, लॉकडाउन की अफरा-तफरी और बोरियत के दौरान, भारत वापस जाने से पहले एक फैंमिली फ्रेंड उनके घर आया और उन्हें एक चेस सेट दिया। बोधना ने टाइम पास करने के लिए चेस खेलना शुरू किया था। लेकिन, यह खेल कब उनका पैशन बन गया, किसी को भी नहीं पता चला। जब वह सात साल की हुईं, तो उन्होंने यूरोपियन स्कूल्स चैंपियनशिप के सभी 24 गेम जीत लिए। 2023 में, वह रडार पर आने लगीं, और ग्रैंडमास्टर्स के खिलाफ प्रभावशाली ढंग से अपना प्रदर्शन जारी रखा। 2024 में इंग्लैंड ने उन्हें बुडापेस्ट में चेस ओलंपियाड में अपनी महिला टीम के लिए चुना। तब वह सिर्फ नौ साल की थी। 2026 तक, वह इंग्लैंड की टॉप खिलाड़ी के तौर पर ओलंपियाड में वापस आई।

समरकंद मुकाबले में बोधाना शिवनंदन 

समरकंद में हुए 2026 चेस ओलंपियाड में, बोधाना ने इंग्लैंड के लिए पहले बोर्ड पर सभी 11 राउंड खेले, और आठ पॉइंट्स बनाए। उस रन ने न सिर्फ उसे रिकॉर्ड दिलाया, बल्कि उसका डब्लूजीएम टाइटल भी जिता दिया। इसे चेस की इंटरनेशनल गवर्निंग बॉडी FIDE ने कन्फर्म किया है।

ब्रिटेन की सबसे कम उम्र की महिला चेस चैंपियन

अगस्त 2026 में कोवेंट्री में ब्रिटिश चेस चैंपियनशिप में, उन्होंने प्लेऑफ के बाद आयरलैंड की त्रिशा कन्यामारला को हराकर महिलाओं का टाइटल जीता। वह पहले ही ब्लिट्ज और रैपिड में नेशनल चैंपियनशिप जीत चुकी हैं और रेगुलर तौर पर बड़ी और ज्यादा अनुभवी खिलाड़ियों का सामना करती हैं।

अभी भी प्राइमरी स्कूल में हैं बोधना

बोधना ने मजे के लिए, घर पर, महामारी के दौरान शतरंज खेलना शुरू किया था। अब, वह एक इंटरनेशनल चैंपियन, रिकॉर्ड बनाने वाली और शतरंज के इतिहास में सबसे कम उम्र की महिला ग्रैंडमास्टर है। और यह सब तब हुआ जब वह अब भी प्राइमरी स्कूल में हैं।

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IAS से इस्तीफा देकर पॉलिटिक्स करने का ऐलान करने वाली दिव्या मित्तल कितना पढ़ी-लिखी हैं? इनकी पूरी प्रोफाइल जानिए

पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा के बाद अब राजनीति की राह चुनने का ऐलान किया है। करीब 13 साल तक IAS के तौर पर काम करने के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश से अपनी राजनीतिक शुरुआत करने की बात कही है। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में उन्होंने लोगों से जुड़ने और उनके मुद्दों को उठाने की बात कही। दिव्या मित्तल के राजनीति में आने की खबर के साथ उनकी पढ़ाई और अब तक के सफर को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। आखिर IAS बनने से पहले उन्होंने क्या पढ़ाई की और उनका करियर कैसा रहा? आइए जानते हैं।

IIT दिल्ली से शुरू हुई पढ़ाई

दिव्या मित्तल ने IIT दिल्ली से Engineering Physics में BTech किया। उनके LinkedIn प्रोफाइल के मुताबिक, उन्होंने 2001 से 2005 के बीच यह पढ़ाई की। ग्रेजुएशन में उनका CGPA 9.07/10 था और वह अपने विभाग में दूसरे स्थान पर रही थीं। इसके बाद उन्होंने IIM बेंगलुरु से MBA किया। 2005 से 2007 के बीच की गई इस पढ़ाई में भी उनका प्रदर्शन अच्छा रहा। उपलब्ध प्रोफाइल जानकारी के अनुसार, वह अपनी MBA बैच के टॉप 5 फीसदी छात्रों में शामिल थीं।

पढ़ाई के बाद लंदन में नौकरी

MBA पूरा करने के बाद दिव्या मित्तल ने विदेश में कॉर्पोरेट करियर शुरू किया। उन्होंने लंदन में JP Morgan में Associate के तौर पर काम किया। अप्रैल 2007 से जुलाई 2008 तक उन्होंने वहां नौकरी की। इसके बाद उन्होंने कॉर्पोरेट करियर छोड़कर भारत लौटने और UPSC की तैयारी करने का फैसला किया।

UPSC में सफलता और IAS का सफर

दिव्या मित्तल ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की। रिपोर्टों के मुताबिक, अपने पहले प्रयास में वह IPS के लिए चुनी गईं और बाद के प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 68 हासिल कर IAS बनीं। वह 2013 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की अधिकारी रहीं। IAS के तौर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश में कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं। वह संत कबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया की जिलाधिकारी रह चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने NITI Aayog और उत्तर प्रदेश सरकार में भी अलग-अलग पदों पर काम किया।मिर्जापुर में उनके कार्यकाल के दौरान एक पहाड़ी गांव तक पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने की पहल भी चर्चा में रही।

MIT से भी की पढ़ाई

दिव्या मित्तल ने नौकरी और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच अपनी पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने 2019 से 2020 के बीच MITx से Data, Economics and Development Policy में MicroMasters किया। यानी उनकी शैक्षणिक यात्रा इंजीनियरिंग से शुरू होकर मैनेजमेंट, डेटा और डेवलपमेंट पॉलिसी तक पहुंची।

IAS के बाद अब राजनीति में एंट्री

अगस्त 2026 में दिव्या मित्तल ने करीब 13 साल की IAS सेवा के बाद इस्तीफा दे दिया। अब उन्होंने साफ कर दिया है कि उनकी अगली पारी राजनीति में होगी।

उन्होंने कहा है कि वह उत्तर प्रदेश से राजनीतिक शुरुआत करेंगी और किसी राजनीतिक पार्टी के साथ नहीं जाएंगी। अपने वीडियो संदेश में उन्होंने शिक्षक, डॉक्टर, किसान, मजदूर, वकील और छात्रों से जुड़ने की अपील की है।

IIT दिल्ली की पढ़ाई, IIM बेंगलुरु का MBA, लंदन की नौकरी, UPSC में सफलता और करीब 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद दिव्या मित्तल अब अपने करियर का एक नया अध्याय शुरू करने जा रही हैं।

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ब्रिटेन में अमेरिकी एयरबेस के पास आतंकी साजिश का शक:5 गिरफ्तार, 85 घर खाली कराए; ईरान पर हमलों में इस्तेमाल होता है बेस

ब्रिटेन में अमेरिकी वायुसेना के इस्तेमाल वाले एयरबेस के पास आतंकी साजिश की आशंका में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को रविवार तड़के एयरबेस की ओर जा रही 3 संदिग्ध गाड़ियों की सूचना मिली थी। इसके बाद इलाके में अलर्ट जारी किया गया और आसपास के गांव में 85 घर खाली कराए गए। यह एयरबेस इंग्लैंड के ग्लॉस्टरशायर में RAF फेयरफोर्ड के नाम से जाना जाता है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार लोगों पर आतंकी हमला करने की तैयारी और विस्फोटक से जुड़े अपराधों का शक है। रविवार शाम तक पांचों पुलिस की हिरासत में थे। अमेरिकी वायुसेना मार्च से RAF फेयरफोर्ड एयरबेस का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमले शुरू करने के लिए कर रही है। हाल के दिनों में अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने यहां से ईरान के खिलाफ हमलों के लिए उड़ान भरी थी। स्थानीय महिला ने पुलिस को संदिग्ध गतिविधि की सूचना दी BBC के मुताबिक, एक स्थानीय महिला ने रविवार तड़के एयरबेस के पास संदिग्ध गतिविधि देखकर पुलिस को सूचना दी थी। महिला ने नाम नहीं बताने की शर्त पर बताया कि उसने पहले रक्षा मंत्रालय की पुलिस को फोन किया, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। इसके बाद उसने आपातकालीन नंबर 999 पर कॉल किया। महिला के मुताबिक, उसने तीन वैन खड़ी देखी थीं। वहां कुछ लोग मास्क पहने हुए थे। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। सेना ने रोबोट से वैन की जांच कराई AP की रिपोर्ट के मुताबिक घटना के बाद सेना की बम निरोधक टीम ने रोबोट की मदद से तीनों वैन की जांच की। सोमवार सुबह तक ग्रामीणों को घर लौटने की अनुमति नहीं मिली थी और वैन को भी वहां से हटाया नहीं गया था। अमेरिकी वायुसेना ने कहा कि RAF फेयरफोर्ड पर तैनात उसके कर्मचारी सतर्क हैं। हालांकि, उसने सुरक्षा कारणों से सुरक्षा व्यवस्था के विशेष तरीकों की जानकारी देने से इनकार कर दिया। लंदन स्थित अमेरिकी दूतावास ने भी ब्रिटेन में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को सतर्क रहने और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखने की सलाह दी। ईरान के खिलाफ हमलों में इस्तेमाल होता है एयरबेस RAF फेयरफोर्ड ब्रिटेन का एयरबेस है, जिसका संचालन अमेरिकी वायुसेना करती है। यह लंदन से करीब 160 किलोमीटर पश्चिम में है। मध्य पूर्व में कई दशकों से चल रहे सैन्य अभियानों के दौरान अमेरिकी सेना ने इसका इस्तेमाल किया है। 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल की जंग शुरू होने के बाद इस एयरबेस की भूमिका फिर बढ़ गई। अमेरिकी B-1 और B-52 बमवर्षक विमानों ने ईरान से जुड़े सैन्य अभियानों के लिए यहां से उड़ान भरी है। ब्रिटेन ने शुरुआत में ईरान पर हमले करने के लिए अपने एयरबेस इस्तेमाल करने की ट्रम्प की मांग ठुकरा दी थी। हालांकि, मार्च में तत्कालीन प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ईरान की मिसाइलों और उनके लॉन्च ठिकानों के खिलाफ रक्षात्मक कार्रवाई के लिए अमेरिकी सेना को ब्रिटिश एयरबेस इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी। यह फैसला ईरान की ओर से ब्रिटेन के हितों और खाड़ी क्षेत्र में उसके सहयोगियों पर हमलों के बाद लिया गया था। ईरान पहले कह चुका है कि उसके क्षेत्र पर हमले के लिए इस्तेमाल होने वाला कोई भी सैन्य अड्डा उसके लिए वैध निशाना है।

बैंकॉक में बाढ़- गाड़ियां डूबीं, बसों में भरा पानी:सड़कों पर सांप घूम रहे, 48 घंटे में 300 मिमी बारिश, सभी 50 जिले आपदा क्षेत्र घोषित

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भारी बारिश के बाद बाढ़ से हालात बिगड़ गए हैं। सड़कों पर पानी भरने से गाड़ियां डूब गईं और बसों में भी पानी घुस गया। कई इलाकों में लोग कमर तक भरे पानी से गुजरने को मजबूर हैं। इस बीच, बाढ़ के पानी में सांप दिखाई देने की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं। प्रशासन ने शहर के सभी 50 जिलों को आपदा क्षेत्र घोषित कर दिया है। मौसम विभाग ने 27 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। बैंकॉक के कुछ इलाकों में शनिवार तक 48 घंटे के दौरान करीब 300 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश से प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं। बैंकॉक में बाढ़ की तस्वीरें… प्रधानमंत्री लंदन दौरा बीच में छोड़ बैंकॉक लौटे प्रधानमंत्री अनुटिन चार्नविराकुल लंदन का दौरा बीच में छोड़कर बैंकॉक लौट आए हैं। बैंकॉक प्रशासन के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 233 अस्थायी राहत शिविर बनाए गए हैं। इनमें करीब 4200 लोग शरण ले चुके हैं। हालात देखते हुए स्कूल बंद किए गए है। थाईलैंड के 21 प्रांतों में भी बाढ़ जैसे हालात थाईलैंड के आपदा रोकथाम और राहत विभाग के मुताबिक, शनिवार को देश के 21 प्रांतों में भी बाढ़ जैसे हालात है। मौसम विभाग ने रविवार को देश के ज्यादातर हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है। इससे बाढ़ की स्थिति और बिगड़ने की आशंका है। हालांकि, कुछ इलाकों में बारिश कम होने के बाद प्रशासन ने पानी निकालने का काम तेज कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, बारिश नहीं हुई तो जलस्तर धीरे-धीरे घट सकता है। सितंबर में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई बैंकॉक के ड्रेनेज और सीवरेज विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है। 1 से 25 सितंबर के बीच राजधानी में 487 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। 1991 से 2020 के बीच इसी अवधि का औसत करीब 269 मिलीमीटर था। बैंकॉक में बारिश का मौसम सितंबर में अपने चरम पर होता है। हालांकि, कई लोगों ने कहा कि इस बार हालात सामान्य से ज्यादा खराब हैं। 63 वर्षीय निवासी अनुटिन मीचामनान ने कहा, “मैं यहां कई वर्षों से रह रहा हूं, लेकिन ऐसा कभी नहीं देखा। कई दिनों तक लगातार बारिश होती रही।” ——————– ये खबर भी पढ़ें… जयशंकर बोले- आतंकवाद के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस नीति:सीमा पार कोई सरकार इसमें शामिल तो उसे जिम्मेदार ठहराना होगा, यह पूरी दुनिया के लिए चुनौती भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि आतंकवाद के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी। सीमा पार कोई सरकार इसमें शामिल तो उसे जिम्मेदार ठहराना होगा। यह पूरी दुनिया के लिए चुनौती है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

भास्कर अपडेट्स:ओमान के पास जहाज पर हमला, एक भारतीय की मौत, 19 का रेस्क्यू

भारत की ओर जा रहे व्यापारिक जहाज एमवी केप डाओ पर हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई। ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। दूतावास के मुताबिक जहाज पर मौजूद 19 भारतीयों को बचा लिया गया है। अभी यह साफ नहीं है कि जहाज पर हमला किसने किया। आज की अन्य खबरें… मणिपुर के कांगपोकपी जिले में गोलीबारी, बिजली लाइन कर्मचारी की मौत मणिपुर के तामेंगलोंग जिले के एक गांव में बुधवार को हथियारबंद लोगों ने गोलीबारी की, जिसमें व्यक्ति की मौत हो गई। यह घटना सुबह-सुबह लासन गांव में हुई, जिसमें बिजली लाइन कर्मचारी पाओंगम चोंगलोई की मौत हो गई। स्थानीय ग्रामीणों के हवाले से अधिकारियों ने बताया कि चोंगलोई बिजली लाइन की मरम्मत कर रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ। उनके शव को कांगपोकपी जिला अस्पताल लाया गया। लंदन से दिल्ली आ रहे इंडिगो प्लेन में तकनीकी दिक्कत,एक घंटे बाद वापस लौटा, सुरक्षित लैंडिंग लंदन से दिल्ली आ रहा इंडिगो का ड्रीमलाइनर विमान तकनीकी दिक्कत के कारण बुधवार तड़के लंदन लौट गया। विमान ने करीब एक घंटे पहले उड़ान भरी थी। फ्लाइट 6E4 ने लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से भारतीय समयानुसार रात 12:40 बजे उड़ान भरी थी। तकनीकी खराबी का पता चलते ही पायलटों ने तय प्रक्रिया के तहत विमान को वापस मोड़ दिया। यह विमान रात करीब 2 बजे लंदन हीथ्रो एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतर गया। एयरलाइन ने विमान में कितने यात्री सवार थे और तकनीकी दिक्कत क्या थी, इसकी जानकारी नहीं दी है। केवल यह बताया कि विमान की फिलहाल मेंटेनेंस जांच चल रही है। सभी जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद विमान फिर से उड़ान भरेगा। रक्षा मंत्रालय 160 सैटेलाइट स्मार्ट एंटी एयरफील्ड वेपन्स खरीदेगा, बीडीएल के साथ 810.79 करोड़ का कॉन्ट्रेक्ट साइन किया रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को भारतीय वायु सेना के लिए 160 सैटेलाइट स्मार्ट एंटी एयरफील्ड वेपन्स (सैट-साव) और संबंधित उपकरणों की खरीद के लिए भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल) के साथ 810.79 करोड़ रुपए का कॉन्ट्रेक्ट साइन किया। सैट-साव हवा से जमीन पर मार करने वाला सटीक निर्देशित ग्लाइड बम है। इसे जगुआर, हॉक और सु-30 एमकेआई जैसे प्लेटफार्मों से लॉन्च किया जा सकता है और इसमें लंबी दूरी से दुश्मन के हवाई क्षेत्रों को बेअसर करने की क्षमता है। सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन कंटेंट हटाने की याचिका पर सुनवाई से किया इनकार सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। इसमें केंद्र सरकार और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को ऐसे ऑनलाइन कंटेंट की पहचान करने की मांग की गई थी, जिससे सांप्रदायिक तनाव फैल सकता है। याचिका में ऐसे कंटेंट को हटाने और ब्लॉक करने की भी मांग की गई थी, जिससे न्यायिक स्वतंत्रता प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी। याचिका में ऐसे कंटेंट पर कार्रवाई के लिए दिशा-निर्देश बनाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। UDAN योजना का अगला चरण शुरू; 4 करोड़ नए यात्रियों को हवाई सेवा से जोड़ने का लक्ष्य केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बुधवार को UDAN योजना के अगले चरण की शुरुआत की। इसके तहत केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ 21 MoU साइन किए हैं। इसका उद्देश्य कम या बिना हवाई सेवा वाले इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ाना है। इस दौरान एयरड्रोम डेवलपमेंट के लिए चैलेंज मोड पोर्टल और UDAN रूट बिडिंग का नया स्कीम डॉक्यूमेंट भी लॉन्च किया गया। अब राज्य और केंद्र शासित प्रदेश पोर्टल के जरिए एयरस्ट्रिप और हेलीपैड के विकास के प्रस्ताव दे सकेंगे। सरकार का लक्ष्य अगले 10 साल में 120 नए डेस्टिनेशन जोड़ने और 4 करोड़ नए यात्रियों को हवाई सेवा से जोड़ने का है। इस चरण में 20 से ज्यादा राज्य शामिल हैं। तरंग शक्ति 2026 में हिस्सा लेंगे F-35, राफेल और F-16, 7 देश ले रहे हिस्सा जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक मल्टीलेटरल एयर एक्सरसाइज ‘तरंग शक्ति’ का दूसरा संस्करण होगा। इसमें 7 विदेशी देश अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और UAE हिस्सा लेंगे। अमेरिकी स्टील्थ फाइटर F-35 पहली बार इस एक्सरसाइज में शामिल होगा। भारतीय वायुसेना के मुताबिक, भारत एक्सरसाइज में राफेल, मिराज-2000, जगुआर, तेजस, MiG-29 और Su-30 MKI समेत कई एयर एसेट्स उतारेगा। IAF के करीब 60 से 80 एयर एसेट्स इसमें शामिल होंगे, जिनमें स्टैटिक डिस्प्ले भी होंगे। विदेशी एयर एसेट्स में अमेरिका का F-35, फ्रांस का राफेल, UAE का F-16 और बांग्लादेश का C-130J शामिल हैं। IAF के मुताबिक, ये विमान जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन के ऊपर दो हफ्तों तक जॉइंट टैक्टिकल मैन्युवर्स करेंगे। नेपाल में भारतीय फोरेंसिक टीम ने 3,000 DNA सैंपल की जांच की, 1,200 से ज्यादा DNA प्रोफाइल तैयार नेपाल में आई बाढ़ के बाद काठमांडू में तैनात भारतीय फोरेंसिक टीम ने 3,000 DNA सैंपल की जांच की है। टीम अब तक 1,200 से ज्यादा DNA प्रोफाइल तैयार कर चुकी है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार, 22 सितंबर को यह जानकारी दी। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने द्वि-साप्ताहिक ब्रीफिंग में सवाल के जवाब में बताया। नेपाल में 275 भारतीय नागरिकों के लापता होने की जानकारी पहले दी गई थी। इसके अलावा भारतीय मूल के कई अन्य लोग भी लापता हैं।

कनाडा में विमान हादसे में 2 भारतीय छात्रों की मौत:फ्लाइट ट्रेनिंग के दौरान हुआ हादसा; 8 घंटे बाद मिला विमान का मलबा

कनाडा में फ्लाइट ट्रेनिंग के दौरान हुए विमान हादसे में तमिलनाडु और पुडुचेरी के दो भारतीय छात्रों की मौत हो गई। वैंकूवर स्थित भारतीय दूतावास ने रविवार को हादसे की जानकारी दी। दूतावास ने हादसे की जगह और विमान की जानकारी साझा नहीं की। हालांकि, कनाडा के न्यूज आउटलेट CBC ने शनिवार को सस्केचेवान प्रांत में एक विमान हादसे की रिपोर्ट की थी, जिसमें 2 लोगों की मौत हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, जब विमान समय पर लैंड नहीं हुआ तो सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। इसके बाद करीब 8 घंटे बाद विमान का मलबा मिला, जहां दोनों छात्र मृत मिले। भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर कहा कि वह परिवारों को हर संभव मदद देगा। इसमें दोनों के शवों को भारत लाने में मदद करना भी शामिल है। दोनों के पास पायलट लाइसेंस था हादसे में जान गंवाने वाले दोनों भारतीय छात्रों की पहचान मनोज शिवकुमार और श्रीसरण थिरुगनानासंबंथन के रूप में हुई है। CBC की रिपोर्ट के मुताबिक, हार्व्स एयर फ्लाइट स्कूल का Cessna 172 विमान 18 सितंबर की सुबह सस्केचेवान प्रांत के किसबे के पास क्रैश हो गया। दोनों के पास पायलट लाइसेंस था। लेकिन कमर्शियल पायलट लाइसेंस के लिए जरूरी उड़ान घंटे पूरे कर रहे थे। उन्होंने विमान को रेजिना से स्टाइनबाक जाने के लिए किराए पर लिया था। हार्व्स एयर के चेयरमैन एडम पेनर के मुताबिक, दोनों रात में लंबी दूरी की उड़ान भर रहे थे। विमान को सुबह करीब 10:30 बजे सेंट्रल डेलाइट टाइम (CDT) तक तय जगह पहुंचना था। जब विमान वहां नहीं पहुंचा तो कनाडा के ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड को इसकी जानकारी दी गई। विमान के समय पर नहीं पहुंचने पर रेस्क्यू शुरू हुआ विमान के तय समय पर नहीं पहुंचने के बाद उसकी तलाश शुरू की गई। फ्लाइट स्कूल ने सर्च और रेस्क्यू टीमों को इसकी जानकारी दी। करीब शाम 6 बजे CDT टीमों ने विमान का मलबा ढूंढ लिया। विमान में सवार दोनों लोग मौके पर मृत मिले। ज्वाइंट रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर (JRCC) की पब्लिक अफेयर्स के अधिकारी लेफ्टिनेंट जो हॉलैंडर ने बताया कि JRCC ने सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व किया। उन्होंने बताया कि विमान के क्रैश साइट का पता लगाने के बाद पैराशूट के जरिए सर्च और रेस्क्यू टीम के सदस्यों को वहां उतारा गया। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद मामले की जांच रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) को सौंप दी गई। हार्व्स एयर फ्लाइट स्कूल से जुड़ा यह तीसरा हादसा CBC के मुताबिक, जनवरी 2025 के बाद से यह Harv’s Air फ्लाइट स्कूल से जुड़ा तीसरा हादसा है। जनवरी 2025 में इसी स्कूल के एक इंस्ट्रक्टर को छोटे विमान के प्रोपेलर की चपेट में आने से गंभीर चोट लगी थी। उस समय एक छात्र विमान का इंजन शुरू करने की कोशिश कर रहा था। इसके बाद जुलाई 2025 में ट्रेनिंग के दौरान 2 छात्र पायलटों की मौत हो गई थी। उनका सिंगल इंजन विमान हवा में एक दूसरे विमान से टकरा गया था। —————– यह खबर भी पढ़ें… लंदन-ढाका फ्लाइट में दो यात्रियों के बीच मारपीट लंदन से ढाका जा रही बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट में दो यात्रियों के बीच बहस के बाद मारपीट हो गई। दोनों ने एक-दूसरे को घूंसे मारे। पूरी खबर पढ़ें…

इंग्लैंड में सिख बस ड्राइवर पर हमला:युवक ने पहले पीटा फिर बस से उतारा, रास्ते में कई गाड़ियों को टक्कर मारी

इंग्लैंड के वेस्ट मिडलैंड्स के टेलफोर्ड में एक युवक ने सिख बस ड्राइवर से मारपीट की और उसकी बस लेकर फरार हो गया। युवक ने बस को गलत दिशा में दौड़ाया और रास्ते में कई गाड़ियों को टक्कर भी मारी। बाद में पुलिस ने बस को रोककर युवक को गिरफ्तार कर लिया। घटना शुक्रवार शाम मेडले इलाके की कोर्ट स्ट्रीट पर हुई। पुलिस के मुताबिक, युवक और बस ड्राइवर के बीच कहासुनी हुई थी। इसके बाद युवक ने ड्राइवर पर हमला किया और उसे बस से नीचे उतार दिया। फिर वह बस लेकर पार्क वे और हाई स्ट्रीट की ओर निकल गया। ड्राइवर को मामूली चोटें आईं हमले में बस ड्राइवर को मामूली चोटें आईं। मौके पर पहुंचे पैरामेडिक्स ने उनका इलाज किया। पुलिस के मुताबिक, घटना में किसी अन्य व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है। इस घटना का वीडियो वायरल है। पुलिस ने CCTV और वीडियो मांगे वेस्ट मर्सिया पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने आसपास के लोगों से अपील की है कि उनके पास घटना से जुड़ी डैशकैम, CCTV, मोबाइल फोन या डोरबेल कैमरे की रिकॉर्डिंग हो तो पुलिस को उपलब्ध कराएं। आरोपी पुलिस हिरासत में पुलिस ने 20 साल के युवक को लूट और खतरनाक तरीके से वाहन चलाने के शक में गिरफ्तार किया है। वह फिलहाल पुलिस हिरासत में है और मामले की जांच जारी है। ————————- ये खबर भी पढ़ें…. लंदन-ढाका फ्लाइट में दो यात्रियों के बीच मारपीट: पहले बहस, फिर हाथापाई लंदन से ढाका जा रही बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट में दो यात्रियों के बीच बहस के बाद मारपीट हो गई। दोनों ने एक-दूसरे को घूंसे मारे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Varun Sanyal: वजन घटाने के चक्कर में बेहोश हुआ भारतीय एथलीट, अस्पताल में एडमिट, एशियन गेम्स से बाहर

Asian Games 2026: जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स में भारत को बड़ा झटका लगा है। भारतीय एमएमए फाइटर वरुण सान्याल का एशियन गेम्स अभियान दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से खत्म हो गया। वरुण सान्याल वजन करने की कोशिश में सॉना (Sauna) गए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 27 साल के सान्याल रात करीब 1 बजे सॉना में बेहोश हो गए। गनीमत रही कि एक नेपाली खिलाड़ी ने उन्हें देखा और डॉक्टर के पास ले जाने में मदद की। इसके बाद अधिकारियों ने उन्हें मुकाबले के लिए अनफिट घोषित कर दिया और वह क्वार्टर फाइनल में नहीं उतर सके।

एमएमए इंडिया के अध्यक्ष निखिल कुंदर समेत भारतीय अधिकारी तुरंत वरुण सान्याल की मदद के लिए पहुंचे। लेकिन, डॉक्टरों की जांच के बाद उन्हें मुकाबले के लिए अनफिट घोषित कर दिया गया। इसके चलते वरुण सान्याल एशियन गेम्स में अपना तय मुकाबला बिना खेले ही प्रतियोगिता से बाहर हो गए।

एशियन गेम्स में हुई कई दिक्कतें

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मेडिकल जांच में पता चला कि मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स खिलाड़ी वरुण सान्याल को मांसपेशियों में ऐंठन और डिहाइड्रेशन की समस्या हुई थी। इसके बाद उन्हें मुकाबले के लिए अनफिट घोषित कर दिया गया। इस घटना के साथ वरुण सान्याल का एशियन गेम्स सफर यही खत्म हो गया। इसके लिए उन्होंने काफी मेहनत की थी। वह लंदन से मुंबई और फिर सिंगापुर होते हुए लंबी यात्रा करके नागोया पहुंचे थे। वहां पहुंचने के बाद उन्हें रहने की जगह को लेकर भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ऐसी दिक्कतों से एशियन गेम्स में कई दूसरे खिलाड़ियों को भी जूझना पड़ा।

नहीं खत्म हुई सान्याल की परेशानी

एशियन गेम्स में पहली बार मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स को शामिल किया गया है। इस प्रतियोगिता में भारत की ओर से पुरुष वर्ग में वरुण सान्याल ने क्वालीफाई किया था। लेकिन जापान पहुंचने के बाद वरुण को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार, सान्याल ने बताया कि सिस्टम में उनका एक्रेडिटेशन दर्ज नहीं होने के कारण उन्हें 10 घंटे से ज्यादा समय तक अलग-अलग जगहों पर घूमना पड़ा। जब बाद में उन्हें किसी तरह से एक कमरा मिला, लेकिन वहां भी परेशानी खत्म नहीं हुई। दो अन्य भारतीय खिलाड़ियों ने भी उसी कमरे पर दावा कर दिया।

जब तक सान्याल को सोने का मौका मिला, तब तक वह काफी थक चुके थे। इसके बाद उनके लिए मुकाबले से पहले वजन कम करना और सही खान-पान रखना भी एक बड़ी चुनौती बन गया। सान्याल ने कहा, “जब मैं बिस्तर पर पहुंचा, तब मेरा शरीर पूरी तरह थक चुका था।”

कई खिलाड़ियों को हुई दिक्कत

सान्याल को हुई परेशानी एशियन गेम्स में हुई बड़ी व्यवस्थागत दिक्कत का हिस्सा थी, जिसका सामना नागोया पहुंचने वाले कई खिलाड़ियों को करना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, कई टीमों के खिलाड़ियों को गेम्स विलेज पहुंचने के बाद कमरे मिलने में देरी हुई और कुछ खिलाड़ियों को रहने की जगह मिलने तक घंटों इंतजार करना पड़ा। वरुण सान्याल को भी कमरा मिलने से पहले 10 घंटे से ज्यादा समय तक अलग-अलग जगहों के बीच घूमना पड़ा, जिससे उन्हें काफी परेशानी हुई।

‘5 साल बाद क्या करूंगी, पता नहीं’ कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ कंटेंट क्रिएशन में आईं महिला, अब टीवी और वेब सीरीज में मिल रही मौके!

आज के समय में ज्यादातर युवा कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में करियर बनाने का सपना देख रहे हैं। वहीं हाल में नौकरी छोड़कर कंटेंट क्रिएशन शुरू करने वाली महिला की कहानी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। डेलॉइट की एक पूर्व कर्मचारी ने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर कंटेंट क्रिएशन को अपना करियर चुना। उनके इस फैसले ने एक भारतीय फाउंडर को 5 और 10 साल के करियर प्लान की सोच पर सवाल उठाने के लिए मजबूर कर दिया। लिंक्डइन पर ये कहानी जया शक्ति कन्नन ने शेयर की है।

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

डेलॉइट की नौकरी छोड़कर कंटेंट क्रिएशन शुरू करने वाली ऐश्वर्या जीपी की कहानी चर्चा में है। चेन्नई की फाउंडर जया शक्ति कन्नन ने बताया कि ईश्वर्या 5 साल का प्लान बनाने के बजाय अगले 6 महीनों पर फोकस कर रही हैं। लिंक्डइन पर ऐश्वर्या की शेयर की गई कहानी में उन्होंने बताया कि, एक बातचीत के दौरान उन्होंने ऐश्वर्या से पूछा था कि वह अगले पांच सालों में क्या करना चाहती हैं। ऐश्वर्या का जवाब उम्मीद से अलग था। उन्होंने कॉर्पोरेट करियर की तय राह पर आगे बढ़ने के बजाय कंटेंट क्रिएशन को अपना करियर बनाने का फैसला किया था।

अगले 5 साल का प्लान किसे पता

कन्नन ने बताया कि ऐश्वर्या ने कंटेंट क्रिएटर बनने के लिए डेलॉइट की नौकरी छोड़ दी थी। इस पर उन्होंने ऐश्वर्या से पूछा, “अगले 5 सालों के लिए आपका क्या प्लान है?” ऐश्वर्या ने जवाब दिया, “मुझे कोई आइडिया नहीं है।” उन्होंने कहा कि आज वह जिस रास्ते पर हैं, उसके बारे में उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था। कन्नन ने ईश्वर्या के हवाले से बताया, “एक साल पहले मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं कंटेंट क्रिएटर बनूंगी। ऐसे में मैं कैसे बता सकती हूं कि पांच साल बाद मैं क्या कर रही होऊंगी।” पांच साल का कोई तय करियर प्लान बनाने के बजाय ईश्वर्या फिलहाल अगले छह महीनों पर ध्यान दे रही हैं।

कितने महीने का हैं प्लान

कन्नन के मुताबिक, ईश्वर्या के इस तरीके से उन्हें कंटेंट क्रिएशन के अलावा भी कई नए मौके मिले हैं। इनमें फिल्मों, होस्टिंग, टीवी और वेब सीरीज से जुड़े काम शामिल हैं। ईश्वर्या पांच साल का लंबा और तय करियर प्लान बनाने के बजाय अगले छह महीनों पर ध्यान दे रही हैं। कन्नन ने कहा कि ईश्वर्या के नजरिए ने उन्हें करियर प्लानिंग की आम सोच पर दोबारा विचार करने पर मजबूर किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या करियर के लिए पहले से लंबा प्लान बनाना जरूरी है। उन्होंने लिखा, “इसके बजाय, ईश्वर्या अगले छह महीनों पर ध्यान दे रही हैं। वह अपना बेस्ट देना चाहती हैं, नई चीजें सीखना चाहती हैं, अलग-अलग चीजों को आजमाना चाहती हैं और जब भी कोई मौका मिले, उसे अपनाना चाहती हैं।”

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हम 5-10 साल का क्यों करते हैं प्लान

कन्नन ने आगे कहा, “हम अक्सर 5 या 10 साल का एक तय प्लान बना लेते हैं और बिना दूसरी तरफ देखे उसी रास्ते पर चलते रहते हैं। लेकिन क्या हो अगर आगे बढ़ने का कोई आसान और छोटा रास्ता मौजूद हो?” उन्होंने कहा, “जैक मा, अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर, विजय और रीड हेस्टिंग्स जैसे लोगों को देखिए। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक काम से की, लेकिन आगे चलकर कुछ और किया और आखिर में उस क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की, जिसके बारे में उन्होंने शुरुआत में शायद सोचा भी नहीं था।”

किसे पता कौन कहां जाएगा

कन्नन ने कहा कि, करियर की प्लानिंग करते समय यह जरूरी नहीं है कि किसी व्यक्ति को पहले से पता हो कि वह कई साल बाद ठीक कहां पहुंचेगा। उन्होंने कहा, “शायद हमें यह जानने की जरूरत नहीं है कि हम 5 साल बाद बिल्कुल कहां होंगे।” उन्होंने कहा, “एक दिशा तय करें। अगले 6 महीनों की योजना बनाएं। अपनी आंखें खुली रखें। सही मौकों का फायदा उठाएं और आगे बढ़ते रहें।”

उन्होंने आखिर में कहा, “आपने करियर की शुरुआत जिस कदम से की है, जरूरी नहीं कि वही आपकी आखिरी मंजिल तय करे। कई बार अनचाहा रास्ता ही आपको किसी ऐसी जगह पहुंचा देता है, जिसके बारे में आपने कभी सोचा भी नहीं होता।” कन्नन ने अपनी पोस्ट के अंत में ईश्वर्या जीपी को उनके आगे के सफर के लिए शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने लिखा, “आगे के सफर के लिए ईश्वर्या जीपी को मेरी शुभकामनाएं!”

सोशल मीडिया यूजर ने दिया रिएक्शन

इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर लोगों ने तरह-तरह के रिएक्शन दे रहे हैं। एक यूजर ने कहा, “यह बात सच में समझ में आती है। कई बार हम अगले 5 साल को लेकर खुद पर इतना दबाव बना लेते हैं कि आज क्या अच्छा किया जा सकता है, इस पर ध्यान देना भूल जाते हैं।” वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, “6 महीने का माइंडसेट काफी मायने रखता है। आप आने वाले हर मौके का पहले से अंदाजा नहीं लगा सकते, लेकिन आप यह जरूर तय कर सकते हैं कि अभी क्या सीखना है, क्या बनाना है और अपना काम कितनी अच्छी तरह करना है। कई बार यही चीज आपके करियर का अगला रास्ता तय करती है।” उन्होंने ईश्वर्या के आगे के सफर के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

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