Q1 Results: ज्वेलरी कंपनी का मुनाफा 140% बढ़ा, रेवेन्यू 78% उछला; शेयरों पर नजर रहेगी

Sky Gold Q1 Results: मुंबई की B2B ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Sky Gold and Diamonds ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 78% बढ़कर 2,012.8 करोड़ रुपये रही। वहीं, टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) दोगुना से ज्यादा यानी 140% बढ़कर 104.9 करोड़ रुपये हो गया।

कंपनी ने कहा कि यह ग्रोथ संगठित ज्वेलरी रिटेलर्स से मजबूत मांग, हल्के वजन (Lightweight) और वैल्यू-एडेड ज्वेलरी की बढ़ती बिक्री और बेहतर मैन्युफैक्चरिंग एग्जीक्यूशन की वजह से आई है।

कैश फ्लो भी हुआ पॉजिटिव

Sky Gold ने बताया कि जून तिमाही में उसका ऑपरेटिंग कैश फ्लो पॉजिटिव रहा। इसका श्रेय एसेट-लाइट मैन्युफैक्चरिंग मॉडल, एडवांस गोल्ड बिजनेस की बढ़ती हिस्सेदारी और एक्सपोर्ट पेमेंट जल्दी मिलने को दिया गया है।

हल्की ज्वेलरी और एक्सपोर्ट पर फोकस

स्काई गोल्ड अब हल्के वजन की ज्वेलरी, कम कैरेट के गहने और डायमंड-स्टडेड ज्वेलरी पर ज्यादा ध्यान दे रही है। उसका मानना है कि इससे प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और मजबूत होगा। साथ ही, एक्सपोर्ट कारोबार बढ़ाने पर भी कंपनी का फोकस है।

हाल ही में कंपनी ने लंदन में आयोजित Asiana UK-India Jewellery Expo में अपने प्रोडक्ट्स पेश किए। कंपनी के मुताबिक, उसे ब्रिटेन और यूरोप के खरीदारों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला और 30-45 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक तैयार हुई।

₹8,100 करोड़ रेवेन्यू का टारगेट

स्काई गोल्ड के मैनेजिंग डायरेक्टर मंगेश चौहान ने कहा कि संगठित ज्वेलरी बाजार और डिजाइन बेस्ड प्रोडक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। उनका मानना है कि भारत डिजाइन-बेस्ड ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बन सकता है।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 में 8,100 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही, कंपनी का फोकस रेवेन्यू ग्रोथ, मुनाफे और मजबूत कैश फ्लो के बीच संतुलन बनाए रखने पर रहेगा।

स्काई गोल्ड के शेयरों का हाल

स्काई गोल्ड का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 4.61% बढ़कर 723 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 106.78% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने 169.37% का रिटर्न दिया है। 5 साल में 3,114% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 11.20 हजार करोड़ रुपये है।

Nifty Outlook: 10 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, एक्सपर्ट्स से जानिए

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

न कॉलेज डिग्री, न अंग्रेजी! अरबपति बिजनेसमैन कैसे बने वेदांता ग्रुप के अनिल अग्रवाल?

वेदांता ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन अनिल अग्रवाल देश के जाने-माने बिजनेसमैन हैं।  पटना से शुरू हुआ उनका सफर एक बड़ी ग्लोबल नेचुरल रिसोर्स कंपनी के प्रमुख बनने तक पहुंचा। उनका जीवन एक कारोबारी के रूप में मेहनत और मजबूत इरादे की मिसाल माना जाता है। खास बात यह है कि अनिल अग्रवाल ने कॉलेज की पढ़ाई पूरी नहीं की थी।

‘द इकोनॉमिक टाइम्स’ के मुताबिक, अनिल अग्रवाल ने बिहार की राजधानी पटना के मिलर हाई स्कूल से मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने किसी विश्वविद्यालय में पढ़ाई नहीं की और उनके पास कॉलेज की डिग्री भी नहीं है। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने नौकरी या आगे की पढ़ाई करने के बजाय अपने पिता द्वारका प्रसाद अग्रवाल के कारोबार में शामिल होने का फैसला किया। उनके पिता एल्युमीनियम के कंडक्टर बनाने का काम करते थे। यहीं से अनिल अग्रवाल के कारोबारी सफर की शुरुआत हुई। आगे चलकर उन्होंने अपने कारोबार को बड़ा किया और वेदांता समूह को एक बड़ी कंपनी के रूप में स्थापित किया।

19 साल की उम्र में मुंबई पहुंचे अनिल अग्रवाल

बिजनेस के नए मौके तलाशने के लिए अनिल अग्रवाल ने 19 साल की उम्र में पटना छोड़कर मुंबई जाने का फैसला किया। वेदांता की ओर से उनके सफर के बारे में दी गई जानकारी के मुताबिक, जब वह मुंबई पहुंचे, तब उनके पास साधन सीमित थे। हालांकि, एक सफल कारोबारी बनने का उनका इरादा मजबूत था। मुंबई पहुंचने के बाद शुरुआती दौर में उन्होंने कई तरह के कारोबार में हाथ आजमाया। कई कोशिशों के बाद आखिरकार उन्हें धातु और खनन के क्षेत्र में सफलता मिली।

साल 1976 में अनिल अग्रवाल ने उस कारोबार की नींव रखनी शुरू की, जो आगे चलकर वेदांता समूह बना। समय के साथ उनका कारोबार लगातार बढ़ता गया और एल्युमीनियम, जिंक, कॉपर, लौह अयस्क, तेल और गैस समेत कई नेचुरल रिसोर्स के क्षेत्रों तक फैल गया। इस तरह पटना से शुरू हुआ अनिल अग्रवाल का सफर धीरे-धीरे एक बड़े कारोबारी समूह के निर्माण तक पहुंच गया।

2003 में बदली कारोबार की तस्वीर

अनिल अग्रवाल के कारोबारी सफर में साल 2003 एक बड़ा पड़ाव साबित हुआ। इसी साल वेदांता रिसोर्सेज लंदन स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हुई। यह लंदन स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी। इस लिस्टिंग के बाद अनिल अग्रवाल के कारोबार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में मदद मिली। कॉलेज की डिग्री न होने के बावजूद अनिल अग्रवाल ने अपने व्यावहारिक अनुभव, जोखिम लेने की हिम्मत और कारोबार की समझ के दम पर एक बड़ा कारोबारी समूह खड़ा किया। पटना में स्कूल की पढ़ाई पूरी करने से लेकर वेदांता समूह का नेतृत्व करने तक का उनका सफर बताता है कि किसी कारोबारी की सफलता में सिर्फ डिग्री ही नहीं, बल्कि अनुभव, मेहनत और मजबूत इरादा भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। उनकी कहानी यह भी दिखाती है कि सीमित साधनों के बावजूद सही मौके पहचानकर और लगातार कोशिश करते हुए एक बड़ा कारोबार खड़ा किया जा सकता है।

Thalapathy Vijay: सीएम विजय की वाइफ संगीता ने मार यू टर्न, तालक की अर्जी को लिया वापस

Thalapathy Vijay: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पत्नी संगीता ने शुक्रवार को चेंगलपट्टू (जो यहां के पास है) की फैमिली कोर्ट में दायर अपनी तलाक की अर्जी वापस ले ली। खबरों के मुताबिक, विजय की पत्नी संगीता ने एक्टर से राजनेता बने विजय के साथ अपनी शादी खत्म करने के लिए दायर तलाक की अर्जी वापस ले ली है। यह तब हुआ जब चेंगलपट्टू फैमिली वेलफेयर कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई शुरू की, जहां कपल के वैवाहिक विवाद को लेकर कार्यवाही चल रही थी।

इससे पहले, दोनों के बीच मतभेदों की खबरों के बाद संगीता ने विजय से तलाक के लिए फैमिली कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद मामले में कई बार सुनवाई हुई और कोर्ट ने दोनों पक्षों को पेश होकर अपना-अपना पक्ष रखने को कहा। पिछली सुनवाई के दौरान, विजय और संगीता में से कोई भी कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से मौजूद नहीं था। खबरों के मुताबिक, दोनों के वकीलों ने उनकी परिस्थितियों को देखते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होने की अनुमति मांगी थी।

लंदन से पेश हुईं संगीता

7 अगस्त को हुई हालिया सुनवाई में, संगीता लंदन से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कोर्ट के सामने पेश हुईं। जब उनकी अर्जी पर सुनवाई हुई तो संगीता वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट के सामने पेश हुईं और उन्होंने अपना केस आगे न बढ़ाने के कारण बताए।

जब संगीता की अर्ज़ी पर सुनवाई हुई तो वह वीडियो-कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए कोर्ट के सामने पेश हुईं और उन्होंने अपना केस आगे न बढ़ाने की वजहें बताईं। कोर्ट के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इसके बाद कोर्ट ने उनकी याचिका को ‘वापस ली गई’ मानकर निपटा दिया।

यह कार्यवाही निजी तौर पर हुई, जिसमें संगीता ने जज के सामने अपना पक्ष रखा। खबरों के मुताबिक, उन्होंने करीब 20 मिनट तक बात की और तलाक की याचिका से जुड़े सवालों के जवाब दिए। कार्यवाही फिर से शुरू होने से पहले सुनवाई में थोड़ी रुकावट भी आई थी।

हालांकि, इस मामले में एक अहम मोड़ आया है। खबरों के मुताबिक, संगीता ने अब उस तलाक की याचिका को वापस लेने का फ़ैसला किया है, जो उन्होंने स्थानीय फ़ैमिली कोर्ट में दायर की थी। याचिका वापस लेने के उनके फ़ैसले की सटीक वजह का खुलासा नहीं किया गया है। यह भी तुरंत साफ नहीं है कि याचिका वापस लेने का मतलब कपल के निजी रिश्तों में कोई बदलाव है या यह फ़ैसला कानूनी या प्रक्रियात्मक वजहों से लिया गया है।

विजय-संगीता की शादी

सिनेमा में विजय के दशकों लंबे करियर और उसके बाद राजनीति में आने के बावजूद, विजय और संगीता ने अपनी पारिवारिक ज़िंदगी को ज़्यादातर लोगों की नज़रों से दूर ही रखा है। जब ऐसी खबरें आईं कि संगीता ने तलाक के लिए फ़ैमिली कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है, तो उनके वैवाहिक रिश्ते पर लोगों का ध्यान ज़्यादा गया।

Cinema Flashback: जब जुदा होने के सालों बाद आमने-सामने आए देव आनंद और सुरैया….

Cinema Flashback: बॉलीवुड की असल जिंदगी की लव स्टोरीज पर्दे पर दिखाए जाने वाले रोमांटिक ड्रामा से कहीं ज्यादा सच्ची होती हैं। इसमें शामिल लोग, दांव पर लगी चीजें और नतीजे – सब कुछ असली होता है। अधूरा प्यार न सिर्फ हिंदी सिनेमा का एक पसंदीदा जॉनर है, बल्कि यह उन मशहूर ऑन-स्क्रीन और असल जिंदगी के जोड़ों की पहचान भी है, जिनकी कहानियां अधूरी रह गईं।

ऐसे ही पुराने लव कपल में से एक हैं सदाबहार देव आनंद और सिंगर-स्टार सुरैया। मशहूर कहानी है कि फिल्म ‘विद्या’ के गाने ‘किनारे-किनारे चले जाएंगे’ की शूटिंग के दौरान, जब देव आनंद ने सुरैया को डूबने से बचाया, तो दोनों एक-दूसरे के प्यार में बुरी तरह गिरफ्तार हो गए। यह बिल्कुल फिल्मी था।

वह नाव से फिसल गई थीं और उन्हें बचाने के लिए देव आनंद झील में कूद पड़े थे। सुरैया ने एक बार अपने इंटरव्यू में कहा था कि अगर उन्होंने उन्हें न बचाया होता, तो वह जिंदा न होतीं। इसी बात ने उन्हें देव आनंद की ओर आकर्षित किया।

वे मिलते रहे और हर मुलाकात के साथ उनका प्यार और गहरा होता गया। लेकिन सुरैया की दादी इस अलग-अलग धर्मों वाले रिश्ते के खिलाफ थीं। कहा जाता है कि सुरैया, देव आनंद के साथ भागने की योजना भी बना रही थीं, लेकिन उनकी दादी को इसका पता चल गया और उन्होंने उनके प्लान पर पानी फेर दिया।

हाल ही में विक्की लालवानी के साथ एक इंटरव्यू में, देव आनंद के लंबे समय तक सेक्रेटरी और सहयोगी रहे अशोक सिन्हा ने उस घटना को याद किया जब अलग होने के कई साल बाद एक अवॉर्ड फंक्शन में यह एक्स कपल को लगभग फिर से मिलने ही वाला था।

फिल्म सिटी में एक फंक्शन था। राम मोहन नाम के पुराने जमाने के एक एक्टर थे, जो काफी मशहूर थे। राम मोहन जी मेरे पास आए और बोले, ‘सुरैया यहां आई हैं, वह देव साहब से मिलना चाहती हैं। मैंने कहा, ‘यह मुश्किल होगा। मुझे उनसे पूछने दीजिए। यह एक नाजुक मामला है’।

अशोक सिन्हा ने बताया- मैंने देव साहब से पूछा, तो वह असहज हो गए। उन्होंने कहा, ‘चलो जल्दी चलते हैं। मुझे यहां से ले चलो’। जी के रऊफ ने कहा, ‘देव साहब को अवॉर्ड्स में ले आओ। उनका वहां जाना ज़रूरी है’। वह आमतौर पर अवॉर्ड शो में नहीं जाते थे”।

आखिरकार, देव आनंद इवेंट में जाने के लिए तैयार हो गए। उन्हें लता मंगेशकर को वह खास अवॉर्ड देना था। मशहूर रेडियो अनाउंसर अमीन सयानी इस अवॉर्ड शो के होस्ट थे। अशोक सिन्हा ने बताया कि जब देव आनंद और मैं बैकस्टेज थे, तो मैंने देखा कि अमीन सयानी लगभग यह ऐलान करने ही वाले थे कि ‘देव आनंद और सुरैया मिलकर यह अवॉर्ड देने जा रहे हैं’। मैंने कहा, ‘रुको!’ देव साहब चौंक गए। सोचिए उनकी क्या हालत रही होगी। हममें से किसी को भी इसके बारे में पता नहीं था। सब कुछ रुक गया। उन्होंने कहा, ‘यह कोई चाल है’।

फिर अशोक सिन्हा ने उस पल को याद किया जब उन्होंने सुरैया को देव आनंद की ओर आते देखा। मैंने उनसे कहा, ‘सर, वह आपकी तरफ आ रही हैं।’ उन्होंने कहा, ‘आप मजाक कर रहे हैं। मुझे बताते रहो कि वह ठीक कहां हैं।’ फिर मैंने कहा, ‘वह ठीक आपके पीछे हैं।’ देव साहब मुड़े और सामने सुरैया थीं। क्या पल था वह! दो प्रेमी जो बहुत लंबे समय से नहीं मिले थे। देव आनंद ने शादी कर ली थी, जबकि सुरैया अभी भी कुंवारी थीं।”

देव आनंद ने अपनी आत्मकथा ‘रोमांसिंग विद लाइफ’ में अपनी प्रेम कहानी के बारे में खुलकर बात की थी। उन्होंने लिखा है -“किस्मत में ऐसा ही लिखा था। अगर मैं उनके पास चला जाता, तो मेरी ज़िंदगी कुछ और होती। अगर मैंने उनसे शादी की होती, तो उनकी तरफ की ज़िंदगी मुझे किसी और रास्ते पर ले जाती।” उन्होंने लिखा, “तब शायद मैं आज वाला देव आनंद नहीं बन पाता।”

देव आनंद ने 1954 में अपनी फ़िल्म ‘बाज़ी’ की को-स्टार कल्पना कार्तिक से शादी की। उनके दो बच्चे थे- बेटा सुनील आनंद, जिनका हाल ही में लंदन में निधन हो गया, और बेटी देविना। अशोक सिन्हा ने आगे कहा, “मैं सुरैया के हाव-भाव कभी नहीं भूल सकता। उनकी आंखों में किसी भी पल आंसू आ सकते थे। देव आनंद के चेहरे पर भी वही भाव थे। दोनों बिल्कुल चुप थे। फिर उन्होंने सुरैया के गाल को छुआ और कहा, ‘सुरैया’। उन्होंने हल्के से उनके गाल पर थपथपाया।”

अशोक सिन्हा ने अमीन सयानी से साफ तौर पर कहा कि वे देव आनंद और सुरैया का नाम एक साथ न लें। इस बीच, लता मंगेशकर भी बैकस्टेज मौजूद थीं। देव आनंद ने दोनों महिलाओं से बात की और सुरैया को लता मंगेशकर को अवॉर्ड देने के लिए मना लिया। देव आनंद और उनके सेक्रेटरी चुपचाप बैकस्टेज से निकल गए, ताकि आयोजकों और जनता की नजर उन पर न पड़े।

1942 A Love Story: अनिल कपूर, मनीषा कोइराला और जैकी श्रॉफ स्टारर ‘1942 ए लव स्टोरी’ सिनेमाघरों में होगी री रिलीज

1942 A Love Story: ‘1942 अ लव स्टोरी’ जैसी कल्ट क्लासिक फिल्म इस महीने फिर से सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है। विधु विनोद चोपड़ा की डायरेक्ट की गई यह फिल्म, बेहतर क्वालिटी वाले 8K विज़ुअल और 5.1 सराउंड साउंड के साथ सिनेमाघरों में लौटेगी।

बुधवार को NH स्टूडियोज़ ने घोषणा की कि अनिल कपूर, मनीषा कोइराला और जैकी श्रॉफ स्टारर यह फ़िल्म 21 अगस्त को सिनेमाघरों में फिर से रिलीज होगी। इस फिल्म को इटली के बोलोग्ना में मौजूद दुनिया की जानी-मानी फिल्म रेस्टोरेशन सुविधा ‘L’Immagine Ritrovata’ और भारत की ‘प्रसाद फिल्म लैब्स’ के सहयोग से रिस्टोर किया गया है।

इस मेहनत भरे रेस्टोरेशन से फ़िल्म के विज़ुअल और भी शानदार हो गए हैं, जबकि इसका ओरिजिनल सिनेमैटिक अंदाज़ भी बना हुआ है। साथ ही, इसमें डॉल्बी 5.1 सराउंड साउंड मिक्स का इस्तेमाल किया गया है। 1994 में रिलीज हुई ‘1942: अ लव स्टोरी’ हिंदी सिनेमा की सबसे पसंदीदा रोमांटिक ड्रामा फ़िल्मों में से एक है।

यह फिल्म अपनी बेहतरीन एक्टिंग के साथ-साथ आर.डी. बर्मन के सदाबहार संगीत के लिए भी याद की जाती है। 1993 में निधन से पहले, यह महान संगीतकार का आखिरी पूरा किया गया साउंडट्रैक था। ‘एक लड़की को देखा’, ‘कुछ न कहो’, ‘रिम झिम रिम झिम’ और ‘रूठ न जाना’ जैसे गाने आज भी कई पीढ़ियों के बीच लोकप्रिय हैं।

री-रिलीज़ के बारे में बात करते हुए, NH स्टूडियोज़ के डायरेक्टर श्रेयंस हीरावत ने एक प्रेस नोट में कहा, “विधु विनोद चोपड़ा की शानदार फ़िल्मों के कलेक्शन को हासिल करना NH स्टूडियोज़ के लिए एक अहम उपलब्धि है। ये ऐसी फ़िल्में हैं जिन्होंने भारतीय सिनेमा को आकार दिया है और कई पीढ़ियों के दर्शकों को प्रेरित करती रही हैं।

इस असाधारण विरासत को संजोने और उसका जश्न मनाने में पार्टनर बनकर हमें गर्व है। ‘1942: अ लव स्टोरी’ से शुरुआत करते हुए, हमारी कोशिश है कि इन सदाबहार क्लासिक फ़िल्मों को बेहतरीन क्वालिटी में बड़े पर्दे पर वापस लाया जाए, ताकि दर्शक इनका अनुभव वैसे ही कर सकें जैसा इन्हें हमेशा से देखा जाना चाहिए था।”

फिल्म के नए वर्शन के बारे में बात करते हुए फिल्ममेकर विधु विनोद चोपड़ा ने कहा, “मैं एक बहुत ज़रूरी बात कहना चाहता हूं कि पहली बार दर्शक इस फिल्म को वैसे ही देख पाएँगे, जैसा इसे देखा जाना चाहिए था। क्योंकि जब यह फिल्म रिलीज़ हुई थी, तब भारत में डॉल्बी सराउंड साउंड की सही सुविधा नहीं थी। यहां तक कि कलर ग्रेडिंग में भी कुछ कमियां थीं। यह भारत की पहली फिल्म थी जिसे डॉल्बी में बनाया गया था और हम ही डॉल्बी को भारत लाए थे। मैंने फिल्म की मिक्सिंग लंदन में करवाई थी। हम इसे वापस तो ले आए, लेकिन कोई भी सिनेमा हॉल डॉल्बी चलाने के लिए तैयार नहीं था। क्या आप सोच सकते हैं? हमने मेट्रो सिनेमा में खास तौर पर बाहर से मंगवाई गई केबल बिछाईं और सराउंड साउंड स्पीकर लगवाए।”

Rohit Sharma: लंदन में बदले-बदले अंदाज में दिखे रोहित शर्मा, रवि शास्त्री के साथ वायरल हुई फोटो

भारतीय टीम के दिग्गज खिलाड़ी और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा फिलहाल क्रिकेट से ब्रेक लेकर लंदन में समय बिता रहे हैं। इसी दौरान उनकी मुलाकात टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी और पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री से हुई। रवि शास्त्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर रोहित शर्मा के साथ अपनी एक तस्वीर शेयर की है। इस फोटो में रोहित का लुक पूरी तरह से बदला हुआ है। रोहित की फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

रवि शास्त्री ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “लंदन की सड़कों पर घूमते हुए बेहद रिलैक्स मूड में रोहित शर्मा से मुलाकात हुई। उनके साथ समय बिताकर अच्छा लगा।”

लंदन में घूम रहे रोहित शर्मा

भारतीय टीम से दूर चल रहे रोहित शर्मा इन दिनों पूरी तरह आराम के मूड में नजर आ रहे हैं। लंदन में रवि शास्त्री के साथ उनकी मुलाकात के बाद फैंस ने भी उनके बदले हुए लुक पर ध्यान दिया। रोहित पहले के मुकाबले काफी फिट और स्लिम दिख रहे हैं। लंदन में रवि शास्त्री के साथ उनकी मुलाकात की तस्वीर में दोनों मुस्कुराते हुए दिखाई दे रहे हैं। फोटो में शास्त्री ने दोस्ताना अंदाज में रोहित के कंधे पर हाथ रखा हुआ है। माना जा रहा कि हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ मैच के बाद वनडे सीरीज के बाद वह काफी सुकून और रिलैक्स महसूस कर रहे हैं।

 

रोहित को लेकर चल रही थी चर्चाएं

लॉर्ड्स में खेले गए आखिरी वनडे से पहले इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के बाद भारतीय मीडिया में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि, ऐसी चर्चा थी कि यह मैच रोहित शर्मा का आखिरी वनडे हो सकता है, क्योंकि माना जा रहा था कि साल 2027 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले वनडे विश्व कप की टीम में उन्हें जगह नहीं मिलेगी।

लॉर्ड्स वनडे में रोहित ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 111 गेंदों पर 138 रन की बेहतरीन पारी खेली और अपनी फॉर्म पर उठ रहे सवालों का जोरदार जवाब दिया। भले ही भारत वह मुकाबला 2-1 से हार गया, लेकिन रोहित की इस पारी ने साफ कर दिया कि वह अब भी टीम के लिए अहम खिलाड़ी हैं और आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

CWG 2026: बॉक्सिंग में प्रीति और जैस्मिन ने जीता गोल्ड, अब तक भारत ने जीता इतने मेडल

Vinnie Takair: कौन हैं विनी टकायर? डेनिश सिंगर के साथ लंदन के कैसीनो में आर्यन खान हुए स्पॉट

Vinnie Takair: शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की लंदन में हाल की एक आउटिंग सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। शाहरुख खान, गौरी खान, आर्यन, सुहाना खान और अबराम खान समेत पूरा खान परिवार कुछ समय से लंदन में छुट्टियां मना रहा है। सुहाना और गौरी के साथ शाहरुख खान के हाल ही में देखे जाने के बाद, अब आर्यन खान को देर रात बाहर घूमते हुए देखा गया।

पिछले साल नेटफ्लिक्स की पॉपुलर सीरीज ‘द बार्ड्स ऑफ बॉलीवुड’ से डायरेक्टर के तौर पर डेब्यू करने वाले स्टार किड को एक मिस्टीरियस महिला के साथ देखा गया। लंदन के एक कसीनो से निकलते हुए दोनों के वीडियोज चर्चा का विषय बन गए हैं और लोग उनके डेटिंग की अफवाहों पर बातें कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियोज में आर्यन को उस मिस्टीरियस महिला के साथ देखा जा सकता है, जब वह एक फैन के साथ फोटो खिंचवाने के लिए रुके थे। इंटरनेट पर उस मिस्टीरियस महिला की पहचान करने में ज़्यादा समय नहीं लगा। वह डेनिश सिंगर Vinnie Takair हैं, जो आर्यन के साथ लंदन के एक कसीनो से निकल रही थीं। कसीनो के बाहर अपनी कार का इंतजार करते समय आर्यन और विनी दोनों ने एक जैसे काले कपड़े पहने हुए थे।

दिलचस्प बात यह है कि विनी इंस्टाग्राम पर अपनी लंदन यात्रा की तस्वीरें पोस्ट कर रही हैं। लेकिन उनमें से किसी में भी आर्यन नज़र नहीं आए। फिर भी, उनके ध्यान रखने वाले फ़ॉलोअर्स ने यह देख लिया कि वह और आर्यन इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को फ़ॉलो करते हैं। इसके अलावा, ऐसा लगता है कि उनके कुछ कॉमन दोस्त भी हैं, जिससे लोगों को लगता है कि वे एक-दूसरे को कुछ समय से जानते हैं।

इससे पहले, ऐसी अफ़वाहें थीं कि आर्यन ब्राज़ीलियाई मॉडल और एक्ट्रेस लारिसा बोनेसी को डेट कर रहे हैं। लारिसा उनके लक्ज़री स्ट्रीटवियर ब्रांड ‘D’YAVOL X’ के प्रमोशन कैंपेन में भी नज़र आई थीं। उन्होंने मुंबई में आर्यन की डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म के प्रीमियर में भी हिस्सा लिया था।

विनी टकैयर एक डेनिश म्यूज़िक आर्टिस्ट हैं। इंस्टाग्राम पर उनके लगभग 11,000 फ़ॉलोअर्स हैं, जहां वह अपने म्यूज़िक और यात्राओं के बारे में अपडेट शेयर करती रहती हैं। अपनी इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल में उन्होंने कोपेनहेगन और मुंबई को अपने दो शहर बताया है। उन्होंने कई बार मुंबई में परफ़ॉर्म किया है और अपने गानों के म्यूज़िक वीडियो भी शेयर किए हैं, जैसे ‘शाइनिंग लाइट्स’, ‘मेबी आई लव यू’ और ‘ट्रो मिग’।

एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अपने करियर के साथ-साथ, आर्यन एक एंटरप्रेन्योर के तौर पर भी अपने काम को आगे बढ़ा रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि लंदन में अपने परिवार के साथ छुट्टियां बिताने के अलावा, यह युवा फ़िल्ममेकर अपने प्रीमियम ब्रांड ‘D’YAVOL Spirits’ को प्रमोट करने की तैयारी कर रहे हैं। यह एक प्रीमियम अल्कोहल ब्रांड है जिसे उन्होंने अपने पिता शाहरुख़ के साथ मिलकर बनाया है। इसे UK के मार्केट में लॉन्च किया जाएगा।

उधमसिंह शहीद दिवस पर जानें इस वीर क्रांतिकारी के बारे में 10 अनसुने तथ्य

 Picture of Udham Singh, a true son of Mother India and a brave revolutionary, on his martyrdom day

 

Udham Singh Shaheed Diwas; भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में शहीद ऊधम सिंह का नाम अदम्य साहस, देशभक्ति और बलिदान का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लेने के लिए लगभग 21 वर्षों तक धैर्यपूर्वक प्रतीक्षा की और अंततः ब्रिटिश अधिकारी माइकल ओ'ड्वायर को लंदन में गोली मारकर हजारों निर्दोष भारतीयों की शहादत का प्रतिशोध लिया।

31 जुलाई को मनाया जाने वाला ऊधम सिंह शहीद दिवस हमें उनके अद्वितीय साहस, राष्ट्रप्रेम और स्वतंत्रता के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाता है। इस महान क्रांतिकारी के जीवन से जुड़े 10 ऐसे रोचक और कम चर्चित तथ्य, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।

 

आइए जानते हैं उधम सिंह शहीद दिवस पर जानें इस महान क्रांतिकारी के जीवन से जुड़े 10 अनसुने और प्रेरणादायक तथ्य…

 

उधम सिंह के बारे में 10 अनसुने तथ्य

 

1. बचपन में ही माता-पिता का साया उठ गया

ऊधम सिंह का जन्म 26 दिसंबर 1899 को पंजाब के सुनाम में हुआ था। बचपन में ही उनके माता-पिता का निधन हो गया, जिसके बाद वे अपने बड़े भाई के साथ अमृतसर के सेंट्रल खालसा अनाथालय में पले-बढ़े।

 

2. उनका जन्म नाम कुछ और था

बहुत कम लोग जानते हैं कि उनका मूल यानी जन्म नाम शेर सिंह था। अनाथालय में दीक्षा के बाद उनका नाम बदलकर ऊधम सिंह रखा गया।

 

3. जलियांवाला बाग हत्याकांड ने बदल दी जिंदगी

13 अप्रैल 1919 को हुए जलियांवाला बाग नरसंहार ने उनके मन पर गहरा प्रभाव डाला। उन्होंने वहीं प्रतिज्ञा की कि इस अत्याचार के जिम्मेदार लोगों को दंड दिलाएंगे।

 

4. बदला लेने के लिए 21 वर्षों तक इंतजार किया

ऊधम सिंह ने जल्दबाजी नहीं की। उन्होंने लगभग 21 वर्षों तक सही अवसर का इंतजार किया और फिर 13 मार्च 1940 को लंदन के कैक्सटन हॉल में माइकल ओ'ड्वायर को गोली मार दी।

 

5. कई देशों की यात्रा की

क्रांतिकारी गतिविधियों के दौरान उन्होंने अफ्रीका, अमेरिका और यूरोप सहित कई देशों की यात्रा की। इन यात्राओं के दौरान उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े लोगों से संपर्क बनाए।

 

6. कई नामों से पहचाने गए

ब्रिटिश सरकार से बचने के लिए उन्होंने अलग-अलग नामों का उपयोग किया। सबसे प्रसिद्ध नाम 'राम मोहम्मद सिंह आजाद' था, जो भारत की धार्मिक एकता और भाईचारे का प्रतीक माना जाता है।

 

7. अदालत में भी नहीं झुके

गिरफ्तारी के बाद अदालत में उन्होंने अपने कृत्य पर कोई पछतावा नहीं जताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्होंने अपने देशवासियों के साथ हुए अत्याचार का प्रतिशोध लिया है।

 

8. 31 जुलाई 1940 को दी गई फांसी

ब्रिटेन की पेंटनविले जेल में 31 जुलाई 1940 को उन्हें फांसी दी गई। इसी कारण हर वर्ष 31 जुलाई को उनका शहीद दिवस मनाया जाता है।

 

9. 34 साल बाद भारत लौटा उनका पार्थिव शरीर

वर्ष 1974 में महान क्रांतिकारी शहीद उधम सिंह के पार्थिव अवशेष उनकी शहादत के 30 साल बाद एयर इंडिया की विशेष उड़ान से भारत लाए गए थे, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

 

10. आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा हैं

ऊधम सिंह का जीवन हमें अन्याय के खिलाफ साहस, धैर्य, देशभक्ति और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता है। उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के स्वर्णिम अध्यायों में हमेशा अमर रहेगा। शहीद दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि देना और उनके आदर्शों को अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

 

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विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने खरीदा ₹18.29 करोड़ का सी-फेसिंग फ्लैट, जानिए क्या है इसमें खास

भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा ने मुंबई के पॉश इलाके वर्सोवा में एक शानदार अपार्टमेंट खरीदा है। इस आलीशान अपार्टमेंट की कीमत करीब 18.29 करोड़ रुपये बताई गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये फ्लैट ‘गोदरेज स्काईशोर’ प्रोजेक्ट में है, जिसका क्षेत्रफल 2,644 वर्ग फुट है। ये लग्जरी अपार्टमेंट मुंबई के अंधेरी पश्चिम स्थित वर्सोवा इलाके की एक प्रीमियम रिहायशी इमारत की ऊपरी मंजिलों में स्थित है। बड़े फ्लैट के साथ इस प्रॉपर्टी में तीन कार पार्किंग की सुविधा भी दी गई है। इसके अलावा करीब 316 वर्ग फुट का अतिरिक्त विशेष क्षेत्र भी शामिल है, जिससे यह घर और भी खास बन जाता है।

विराट-अनुष्का ने खरीदा फ्लैट

जैपकी को मिले प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन पेपर्स के मुताबिक, इस प्रॉपर्टी की खरीद का रजिस्ट्रेशन 21 जुलाई 2026 को पूरा हुआ। इस दौरान अनुष्का शर्मा और विराट कोहली ने रजिस्ट्रेशन फीस के रूप में 30,000 रुपये जमा किए, जबकि इस सौदे पर करीब 1.09 करोड़ रुपये की स्टाम्प ड्यूटी का भुगतान किया गया। रजिस्ट्रेशन पेपरवर्क के मुताबिक, ये अपार्टमेंट करीब 69,159 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से खरीदा गया है, जो मुंबई के पश्चिमी इलाकों में लग्जरी घरों की बढ़ती मांग को दर्शाता है।

इन जगहों पर है लग्जरी प्रॉपर्टी

मुंबई का ये नया अपार्टमेंट अनुष्का शर्मा और विराट कोहली की पहली लग्जरी प्रॉपर्टी नहीं है। इससे पहले भी दोनों देश के अलग-अलग शहरों में कई महंगे और आलीशान घर खरीद चुके हैं। समय-समय पर उनकी प्रॉपर्टी में किए गए निवेश सुर्खियों में रहे हैं और वे प्रीमियम रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश करने के लिए भी जाने जाते हैं। मुंबई के अलावा विराट और अनुष्का के पास गुरुग्राम में भी एक आलीशान बंगला है। डीएलएफ फेज-1 में स्थित यह घर करीब 10,000 वर्ग फुट में फैला हुआ है, जिसमें निजी स्विमिंग पूल, आधुनिक जिम और कई लग्जरी सुविधाएं मौजूद हैं। इसकी अनुमानित कीमत करीब 80 करोड़ रुपये बताई जाती है।

अलीबाग में किया बड़ा निवेश

इसके अलावा, दोनों ने अलीबाग के जिराड गांव में आवास बीच के पास 5 एकड़ से अधिक जमीन भी खरीदी है, जिसकी कीमत करीब 37.86 करोड़ रुपये बताई गई है। कपल ने अलीबाग में भी पहले से बड़ा निवेश किया हुआ है। साल 2022 में दोनों ने करीब 19 करोड़ रुपये खर्च कर लगभग 8 एकड़ जमीन खरीदी थी। इस जमीन पर उन्होंने एक लग्जरी विला बनवाया है, जिसमें तापमान नियंत्रित स्विमिंग पूल, मॉडर्न किचन, चार बाथरूम, जकूजी, खूबसूरत गार्डन, कवर पार्किंग और स्टाफ के रहने की अलग व्यवस्था जैसी कई शानदार सुविधाएं मौजूद हैं।

कब हुई थी शादी

अनुष्का शर्मा और विराट कोहली ने साल 2017 में इटली में परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में शादी की थी। दोनों की पहली मुलाकात 2013 में एक विज्ञापन की शूटिंग के दौरान हुई थी। आज इस कपल के दो बच्चे हैं, बेटी वामिका और बेटा अकाय। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि दोनों भविष्य में बच्चों की परवरिश के लिए लंदन में बसने पर विचार कर रहे हैं। वहीं, अनुष्का शर्मा ने हाल के वर्षों में नेटफ्लिक्स फिल्म ‘काला’ में कैमियो भूमिका निभाई थी और इस फिल्म की सह-निर्माता भी रहीं।

Nirav Modi Extradition: ‘उसे भारत की जेल में होना चाहिए…’; नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को लेकर ब्रिटेन की पूर्व गृह मंत्री का बड़ा बयान

Nirav Modi India Extradition: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के करीब 2 अरब डॉलर (USD 2 Billion) के कथित घोटाले के मुख्य आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण में हो रही लंबी देरी को लेकर ब्रिटेन की पूर्व गृह मंत्री प्रीति पटेल ने अपनी ही सरकार और न्यायिक व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस मामले में देरी ने भारत और ब्रिटेन के बीच भरोसे को कमजोर किया है। पटेल ने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों पर भी नकारात्मक असर पड़ा है।

प्रीति पटेल ने कहा कि उन्हें यह देखकर बेहद दुख और हैरानी होती है कि नीरव मोदी अब भी ब्रिटेन में है। जबकि उसे काफी पहले भारत भेज दिया जाना चाहिए था। बता दें कि अप्रैल 2021 में पटेल ने ही नीरव मोदी के प्रत्यर्पण आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। ब्रिटेन की अदालतों ने उसके खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त सबूत पाए थे।

“उसे भारत की जेल में होना चाहिए था”

द डेली टेलीग्राफ के एक पॉडकास्ट The Diamond King में बातचीत के दौरान प्रीति पटेल ने कहा कि यदि ब्रिटेन की न्याय व्यवस्था सही तरीके से काम कर रही होती, तो नीरव मोदी आज ब्रिटेन में नहीं बल्कि भारत की जेल में अपनी सजा काट रहा होता। उन्होंने कहा कि प्रत्यर्पण कानूनों और दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का उद्देश्य ही यही है कि आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के लिए उसके देश भेजा जाए। लेकिन इस मामले में लगातार हो रही देरी ब्रिटेन की व्यवस्था का खुला दुरुपयोग है और यह ब्रिटिश करदाताओं के साथ भी अन्याय है।

भारत-ब्रिटेन संबंधों पर पड़ा असर

प्रीति पटेल ने दावा किया कि गृह मंत्री के रूप में 2019 से 2022 के अपने कार्यकाल के दौरान इस मामले ने दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों को भी प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि भारत, ब्रिटेन से असफल शरणार्थियों (Failed Asylum Seekers) को वापस लेने के मुद्दे पर सहयोग करने में हिचकिचा रहा था क्योंकि नीरव मोदी जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही थी।

उनके अनुसार, भारत यह देखना चाहता था कि ब्रिटेन प्रत्यर्पण मामलों में वास्तविक प्रगति दिखाए। जब तक ऐसा नहीं हुआ। तब तक भारत के पास बातचीत में एक मजबूत कूटनीतिक बढ़त बनी रही, जिससे ब्रिटेन को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

लंदन की जेल में बंद है नीरव मोदी

55 वर्षीय नीरव मोदी इस समय लंदन की पेंटनविल (Pentonville) जेल में बंद है। भारत में उसके खिलाफ तीन प्रमुख आपराधिक मामले दर्ज हैं:-

  • सीबीआई (CBI) द्वारा दर्ज पंजाब नेशनल बैंक (PNB) धोखाधड़ी का मामला।
  • प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मनी लॉन्ड्रिंग जांच।
  • सबूतों और गवाहों के साथ कथित छेड़छाड़ से जुड़ा मामला।

प्रत्यर्पण की राह लगभग साफ

रिपोर्ट के अनुसार, नीरव मोदी ब्रिटेन में उपलब्ध लगभग सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल कर चुका है। बताया जा रहा है कि यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय (European Court of Human Rights) में दायर उसकी अंतिम अपील भी खारिज हो चुकी है।

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इसके अलावा मानवाधिकार और गोपनीय शरण (Asylum) संबंधी दावों के आधार पर भी उसे राहत नहीं मिली है। ऐसे में माना जा रहा है कि कई वर्षों तक चली कानूनी लड़ाई के बाद अब नीरव मोदी का भारत प्रत्यर्पण पहले की तुलना में काफी करीब पहुंच चुका है।