Zetwerk Manufacturing IPO 15 अक्टूबर से, प्राइस बैंड ₹143-₹151 प्रति शेयर तय

जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस लिमिटेड का IPO 15 अक्टूबर को खुलने जा रहा है। इसके लिए प्राइस बैंड ₹143-₹151 प्रति शेयर फिक्स किया गया है। लॉट साइज 99 शेयर है। कंपनी का इरादा ₹5,012.33 करोड़ जुटाने का है। IPO में ₹2,830 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे, साथ ही ₹2,182.33 करोड़ के शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। इश्यू 19 अक्टूबर को बंद होगा, जिसके बाद अलॉटमेंट 21 अक्टूबर को फाइनल हो सकता है। 20 अक्टूबर को शेयर बाजार में दशहरा की छुट्टी है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 23 अक्टूबर को लिस्ट हो सकते हैं।

जेटवर्क पहले एक डिजिटल मार्केटप्लेस थी और अब मैन्युफैक्चरर्स को ग्राहकों से जोड़कर एक एंड-टू-एंड इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म बन गई है। यह कई सेक्टर्स में कस्टम-बिल्ट कंपोनेंट्स के लिए इंजीनियरिंग, उत्पादन और डिलीवरी को व्यवस्थित करती है। ग्राहक डिजाइन प्रदान करते हैं, जेटवर्क सप्लायर का चयन, गुणवत्ता नियंत्रण, टाइमलाइंस और लॉजिस्टिक्स को संभालती है। कंपनी लैपटॉप, हियरेबल्स, वियरेबल्स, IT हार्डवेयर बनाती है। जेटवर्क में खोसला वेंचर्स, एक्सेल, लाइटस्पीड, पीक XV पार्टनर्स, ग्रीनओक्स, एवेनिर जैसे दिग्गजों का पैसा लगा हुआ है।

जेटवर्क में फुली डाइल्यूटेड बेसिस पर पीक XV पार्टनर्स इनवेस्टमेंट्स V सबसे बड़ी इंडीविजुअल शेयरहोल्डर है, जिसके पास 9.12 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ग्रीनओक्स कैपिटल अपॉर्चुनिटीज फंड II के पास 8.61 प्रतिशत, रामकृष्णन के पास 8.36 प्रतिशत, एक्सेल इंडिया V के पास 7.74 प्रतिशत और आचार्य के पास 7.53 प्रतिशत हिस्सा है।

Zetwerk IPO को जुलाई में सेबी से मिली थी मंजूरी

जेटवर्क ने अपने IPO के लिए इस साल मार्च में कॉन्फिडेंशियल तरीके से ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे। कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी से जुलाई में मंजूरी मिलने के बाद अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस 13 अगस्त 2026 को फाइल किया। OFS में प्रमोटर-ग्रुप एंटिटी Creovate Innovation, को-फाउंडर अमृत आचार्य, श्रीनाथ रामकृष्णन के साथ-साथ निवेशक पीक XV पार्टनर्स, एक्सेल, लाइटस्पीड वेंचर, के कैपिटल आदि भी शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे।

Fusion CX IPO: ₹702 करोड़ का एक और इश्यू 14 अक्टूबर से; रहेंगे ₹500 करोड़ के नए शेयर; चेक करें प्राइस बैंड

IPO के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, मॉर्गन स्टेनली इंडिया, गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज, एवेंडस कैपिटल, जेएम फाइनेंशियल, एचएसबीसी सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया), पैंटोमैथ कैपिटल एडवाइजर्स, बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है। इश्यू में 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

Zetwerk अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल अपना और सब्सिडियरीज का कर्ज चुकाने, पहले से न पता अधिग्रहणों, अन्य रणनीतिक निवेशों और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹4,195.70 करोड़ और शुद्ध घाटा ₹732.98 करोड़ रहा। इस बीच कंपनी पर ₹1,942.19 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025-26 में जेटवर्क का रेवेन्यू 40 प्रतिशत बढ़कर ₹16,100.63 करोड़ रहा। घाटा 1,606.17 करोड़ दर्ज किया गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HD Fire Protect IPO: 13 अक्टूबर से खुलेगा इश्यू, GMP 30% के पार; जानिए प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

HD Fire Protect IPO: आग से बचाने वाले इक्विपमेंट बनाने वाली HD Fire Protect के आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में तगड़ी हलचल दिख रही है। यह इश्यू 13 अक्टूबर से खुलेगा, मगर इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) अभी से करीब 32% है।

कंपनी ने IPO के लिए ₹258 से ₹271 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह IPO 13 अक्टूबर को खुलेगा और 15 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। इसके जरिए कंपनी ₹712.31 करोड़ जुटाने जा रही है।

₹80 प्रति शेयर के लिस्टिंग गेन का संकेत

इनवेस्टरगेन के मुताबिक, ग्रे मार्केट में HD Fire Protect का GMP 31.73% है। इस हिसाब से शेयर की संभावित लिस्टिंग कीमत करीब ₹357 हो सकती है। IPO का ऊपरी प्राइस बैंड ₹271 है। यानी इस कीमत के मुकाबले करीब ₹86 प्रति शेयर का संभावित फायदा दिख रहा है।

हालांकि, GMP के आधार पर लिस्टिंग प्राइस तय नहीं होती। यह बाजार में चल रहा अनौपचारिक भाव है। लिस्टिंग से पहले इसमें बदलाव हो सकता है। इसलिए इसे मुनाफे की गारंटी नहीं मानना चाहिए।

पूरा IPO ऑफर फॉर सेल है

HD Fire Protect का पूरा IPO ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसमें 2,62,84,500 मौजूदा शेयर बेचे जाएंगे। इनकी कुल कीमत ₹712.31 करोड़ है। इसका मतलब है कि कंपनी को IPO से कोई नया पैसा नहीं मिलेगा। शेयर बेचने से मिलने वाली पूरी रकम मौजूदा शेयरधारकों को जाएगी।

प्रमोटर हरीश नरशी धरमशी 89,83,700 शेयर बेचेंगे। इनकी कीमत करीब ₹243.46 करोड़ है। वहीं, प्रमोटर कुसुम हरीश धरमशी 1,73,00,800 शेयर बेचेंगी। इनकी कीमत करीब ₹468.85 करोड़ है। दोनों प्रमोटर मिलकर करीब 2.63 करोड़ शेयर बेच रहे हैं। इनकी कुल कीमत ₹712.31 करोड़ है।

कब होगा अलॉटमेंट और लिस्टिंग?

HD Fire Protect IPO का अलॉटमेंट 16 अक्टूबर को फाइनल होने की उम्मीद है। वहीं, कंपनी के शेयर 21 अक्टूबर को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

IPO का लॉट साइज 55 शेयर है। ₹271 के ऊपरी प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए ₹14,905 लगाने होंगे। यानी रिटेल निवेशकों को कम से कम इतनी रकम की जरूरत होगी।

कंपनी की कमाई और मुनाफा कितना बढ़ा?

HD Fire Protect की कुल आय वित्त वर्ष 2026 में 12% बढ़कर ₹505 करोड़ हो गई। वित्त वर्ष 2025 में यह ₹451 करोड़ थी। कंपनी का मुनाफा भी बढ़ा है। वित्त वर्ष 2026 में प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 6% बढ़कर ₹117 करोड़ रहा। एक साल पहले यह ₹110 करोड़ था।

कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू वित्त वर्ष 2024 में ₹372.95 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 में यह बढ़कर ₹489.28 करोड़ हो गया। इस दौरान रेवेन्यू की सालाना औसत ग्रोथ 14.54% रही।

क्या काम करती है HD Fire Protect?

HD Fire Protect की शुरुआत अप्रैल 1997 में हुई थी। कंपनी आग से बचाव के इक्विपमेंट और सिस्टम बनाती है। इसके प्रोडक्ट पानी, फोम और गैस की मदद से आग बुझाने में काम आते हैं। कंपनी के प्रोडक्ट में स्प्रिंकलर, अलार्म और डिल्यूज वाल्व, फोम उपकरण, मॉनिटर और नोजल शामिल हैं। इसके अलावा कंपनी वॉटर स्प्रे नोजल, खास जरूरतों के हिसाब से तैयार किए गए सिस्टम और गैस से आग बुझाने वाले सिस्टम भी बनाती है।

कंपनी के ग्राहक कई तरह के उद्योगों में हैं। इनमें तेल और गैस, पेट्रोकेमिकल्स, बिजली, इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस, फार्मा, डेटा सेंटर, होटल और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर शामिल हैं। इसके प्रोडक्ट का इस्तेमाल औद्योगिक, आवासीय और व्यावसायिक जगहों पर होता है।

Stocks to Watch: 12 अक्टूबर को फोकस में रहेंगे ये 12 शेयर, बैंकिंग स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अक्टूबर में IPO का मेला, Jio Platforms और Zetwerk समेत एक दर्जन कंपनियां कतार में

IPO Fair in October: जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms), जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस (Zetwerk Manufacturing Business), और एवांडा इलेक्ट्रो (Avaada Electro) समेत करीब एक दर्जन कंपनियों का इस महीने अक्टूबर में आईपीओ आने वाला है। मर्चेंट बैंकर्स के मुताबिक इनके अलावा और भी कई कंपनियां कतार में हैं। ये आईपीओ अलग-अलग सेक्टर्स से होंगे, जैसे कि टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, रिन्यूएबल एनर्जी, डिफेंस और प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग। इनमें से कुछ कंपनियां आईपीओ के जरिए सिर्फ नए शेयर जारी करेंगी तो कुछ में सिर्फ मौजूदा शेयरहोल्डर्स ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत शेयर बेचेंगे तो कुछ में दोनों का कॉम्बिनेशनल होगा।

इस महीने आने वाले आईपीओ

Jio Platforms IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम और डिजिटल सर्विसेज यूनिट जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21-23 अक्टूबर तक खुला रहेगा। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक यह देश में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है।

HD Fire Protect IPO: फायर प्रोटेक्शन उपकरण और सिस्टम बनाने वाली एचडी फायर प्रोटेक्ट के ₹712 करोड़ के आईपीओ का प्राइस बैंड फिक्स हो चुका है। निवेशक इसमें प्रति शेयर ₹258-₹271 के भाव पर बोली लगा सकेंगे। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर का सेल का होगा और यह 12-15 अक्टूबर तक खुला रहेगा।

Fusion CX: एआई से लैस कस्टमर एक्सपीरिएंस सॉल्यूशंस प्रोवाइडर फ्यूजन सीएक्स ने ₹702 करोड़ के आईपीओ का प्राइस बैंड प्रति शेयर ₹275-₹289 पर फिक्स किया है। यह इश्यू 14-16 अक्टूबर के बीच खुला रहेगा।

Zetwerk IPO: टेक्नोलॉजी आधारित मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म जेटवर्कका ₹5000 करोड़ का आईपीओ 15-19 अक्टूबर तक खुला रहेगा। इस इश्यू के तहत ₹2600 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे।

Tonbo Imaging IPO: थर्मल इमेजिंग और डिफेंस सेक्टर से जुड़ी टेक्नोलॉजी सिस्टम बनाने वाली टोंबो इमेजिंग ने ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत अधिकतम 1.22 करोड़ इक्विटी शेयर बेचने का प्रस्ताव पेश किया है। ययह आईपीओ 15-19 अक्टूबर के बीच खुला रहेगा।

Bonfiglioli Transmissions IPO: इटली के बोनफिगलिओली ग्रुप की भारतीय सब्सिडियरी बोनफिगलिओली ट्रांसमिशन का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का होगा, जिसके तहत अधिकतम 4.32 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री होगी। यह इश्यू 15-19 अक्टूबर तक खुलेगा।

Sahajanand Medical Technologies IPO: पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल इश्यू ला रही मेडिकल डिवाइस बनाने वाली सहजानंद मेडिकल का आईपीओ 15-19 अक्टूबर को खुलेगा। इसके तहत 1.39 करोड़ शेयरों की बिक्री होगी।

और भी कंपनियां कतार में

एवांडा इलेक्ट्रो (Avaada Electro) की योजना ₹7600 करोड़, पारस हेल्थकेयर (Paras Healthcare) की ₹1800 करोड़ और एनडीआर इनविट ट्रस्ट (NDR InvIT Trust) की ₹750 करोड़ का आईपीओ लाने की है। इसके अलावा गुजरात विक्ट्री फॉर्जिंग्स (Gujarat Victory Forgings) ने अधिकतम 1.97 करोड़ शेयरों का आईपीओ लाने का प्रस्ताव रखा है। इन चारों आईपीओ के तहत नए शेयर जारी होंगे और ऑफर फॉर सेल विंडे के तहत भी शेयरों की बिक्री होगी। इसके अलावा एसएफसी एंवयार्नमेंटल टेक (SFC Environmental Tech) की भी योजना आईपीओ लाने की है, जिसके तहत ₹150 करोड़ के नए शेयर जारी हो सकते हैं और ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत 1.23 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री हो सकती है।

इस साल कैसा रहा आईपीओ मार्केट में हाल

जियो-पॉलिटिकल टेंशन के बीच मार्केट में इस साल तेज उठा-पटक रही और हाहाकार का माहौल बना हुआ है। इन सबके बीच इस साल 2026 के नौ महीनों में कंपनियों ने 96 कंपनियों के जरिए ₹1.1 लाख करोड़ से अधिक जुटाए। इसमें से 35 आईपीओ तो अकेले पिछले महीने सितंबर में आए थे।

जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड में इक्विटी कैपिटल मार्केट्स की हेड और एमडी नेहा अग्रवाल का कहना है कि मार्केट की तेज उठा-पटक के बावजूद अच्छी क्वालिटी वाले शेयरों की मांग बनी हुई है। नेहा के मुताबिक सेकंडरी मार्केट में विदेशी निवेशकों का निवेश घटता-बढ़ता रहा लेकिन प्राइमरी मार्केट में देशी-विदेशी संस्थागत निवेशकों का सपोर्ट मिलता रहा।

नेहा का कहना है कि जिन कंपनियों की कमाई साफ तौर पर दिख रही है, जिनका कॉर्पोरेट गवर्नेंस अच्छा है और जो कैपिटल का सही इस्तेमाल कर रही हैं, उनमें निवेशकों की दिलचस्पी अधिक हो सकती है। वहीं साथ ही आगे उन्होंने यह भी कहा कि जिन कंपनियां का वैल्यूएशन सही रहेगी, उन्हें निवेशकों का शानदार रिस्पांस दिख सकता है और लिस्टिंग के बाद भी वे अच्छा परफॉर्म कर सकती हैं।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है। 

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Suzlon Share: सुजलॉन 3 नई फैक्ट्रियां लगाएगी, 15 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा; शेयर पर रहेगी नजर

विंड एनर्जी कंपनी सुजलॉन ग्रुप तीन नई ब्लेड फैक्ट्रियां लगाने जा रही है। इसके लिए कंपनी करीब 550 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इन फैक्ट्रियों में AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा। कंपनी का मकसद बढ़ते ऑर्डर को तेजी से पूरा करना है। साथ ही, देश में विंड एनर्जी इक्विपमेंट की बढ़ती मांग को पूरा करना भी है।

सुजलॉन ग्रुप के को-फाउंडर गिरीश तांती ने PTI को बताया कि दो फैक्ट्रियां गुजरात और कर्नाटक में लगाई जाएंगी। तीसरी फैक्ट्री तमिलनाडु में बनेगी। कंपनी की पहले से ही जैसलमेर, भुज, रतलाम, धुले और अनंतपुर में पांच ब्लेड फैक्ट्रियां हैं।

तीनों नई फैक्ट्रियां शुरू होने के बाद कंपनी के पास कुल 18 फैक्ट्रियां हो जाएंगी। इसके साथ ही सुजलॉन भारत में स्मार्ट विंड मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के मामले में सबसे आगे होगी।

तमिलनाडु की फैक्ट्री पर 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे

गिरीश तांती के मुताबिक, तीनों फैक्ट्रियों पर कुल 550 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कंपनी यह पैसा अपने आंतरिक संसाधनों से जुटाएगी। इसमें से 200 करोड़ रुपये तमिलनाडु की फैक्ट्री पर खर्च होंगे। बाकी रकम गुजरात और कर्नाटक की फैक्ट्रियों पर लगाई जाएगी।

कंपनी की योजना इन फैक्ट्रियों को 2027 तक तैयार करने की है। इन्हें विंड एनर्जी प्रोजेक्ट साइट के करीब बनाया जाएगा। इससे उपकरणों को प्रोजेक्ट तक पहुंचाने में लगने वाला समय और लॉजिस्टिक्स खर्च कम करने में मदद मिल सकती है।

AI टेक्नोलॉजी से बेहतर होगी प्रोडक्शन क्षमता

सुजलॉन इन फैक्ट्रियों में AI बेस्ड सिस्टम लगाएगी। इनका इस्तेमाल प्रोडक्शन बढ़ाने, प्रोडक्ट की क्वालिटी सुधारने और कर्मचारियों की सुरक्षा बेहतर करने में होगा।

कंपनी का लक्ष्य अपने ऑर्डर बुक को तेजी से पूरा करना है। इसके अलावा, घरेलू बाजार में बने विंड एनर्जी इक्विपमेंट्स की बढ़ती मांग को भी पूरा करना है। सरकार भी देश में बने बेहतर और ज्यादा कुशल इक्विपमेंट के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है।

15 हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद

तीनों नई फैक्ट्रियों से करीब 3,000 लोगों को सीधे रोजगार मिलने की उम्मीद है। वहीं, 12,000 लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से काम मिल सकता है। कंपनी के मुताबिक, कुल रोजगार में 80% हिस्सेदारी ग्रामीण क्षेत्रों की होगी।

मार्च 2026 तक सुजलॉन के पास करीब 6 GW के विंड एनर्जी प्रोजेक्ट का ऑर्डर बुक था। ये ऑर्डर कई क्लीन एनर्जी कंपनियों से मिले थे। नई फैक्ट्रियों से कंपनी को इन ऑर्डर को समय पर पूरा करने में मदद मिल सकती है।

सुजलॉन के शेयरों का हाल

सुजलॉन का शेयर शुक्रवार को 3.21% की बढ़त के साथ 37.60 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 14.78% गिरा है। वहीं, 1 साल में 30.82% टूटा है। कंपनी का मार्केट कैप 51.51 हजार करोड़ रुपये है।

SMT IPO: Morgan Stanley और Ashish Kacholia के निवेश वाली कंपनी, 15 अक्टूबर को खुलेगा आईपीओ

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SMT IPO: Morgan Stanley और Ashish Kacholia के निवेश वाली कंपनी, 15 अक्टूबर को खुलेगा आईपीओ

Sahajanand Medical Technologies IPO: कार्डियोवस्कुलर मेडिकल डिवाइस बनाने वाली सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज (SMT) का आईपीओ आने वाला है। समारा कैपिटल (Samara Capital), मॉर्गन स्टैनेल (Morgan Stanley), और कोटक इंवेस्टमेंट एडवाइजर्स के निवेश वाली एसएमटी का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 15 अक्टूबर को खुलेगा। हालांकि अभी इसके प्राइस बैंड का ऐलान नहीं हुआ है और यह 12 अक्टूबर को सामने आएगा। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है यानी कि इसके तहत कोई नया शेयर नहीं जारी होगा।

Sahajanand Medical Technologies IPO: डिटेल्स

सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 15 अक्टूबर को खुलेगा और 19 अक्टूबर तक खुला रहेगा। एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू 14 अक्टूबर को खुलेगा। इस इश्यू के ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत कंपनी के मौजूदा शेयरहोल्डर्स को 1.38 करोड़ शेयर बेचे जाएंगे जिसमें से 2.5 लाख शेयर एंप्लॉयीज के लिए आरक्षित हैं। इस इश्यू के तहत प्रमोटर्स के साथ-साथ समारा कैपिटल मार्केट्स होल्डिंग, कोटक-प्री अपॉर्च्यूनिटीज फंड और एनएचपीईए स्पार्कल होल्डिंग बीवी शेयर बेच रहे हैं।

कंपनी की सबसे बड़ी पब्लिक शेयरहोल्डर समारा कैपिटल मार्केट्स होल्डिंग है, जिसकी कंपनी में 29.61% हिस्सेदारी है। इसके बाद कंपनी में मार्गन स्टैनले की NHPEA स्पार्कल होल्डिंग बीवी की 15.24% और कोटक-प्री आईपीओ अपॉर्च्यूनिटीज फंड की 5.98% हिस्सेदारी है। इसके अलावा कंपनी में दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया की 1.08% हिस्सेदारी है।

इस इश्यू के तहत 50% हिस्सा QIB (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स), 15% हिस्सा NIIs (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स) और 35% हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 21 अक्टूबर को फाइनल होगा और फिर एक्सचेंजों पर इसकी 23 अक्टूबर को एंट्री होगी।

सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज के बारे में डिटेल्स

साल 2021 में धीरजलाल कोटाडिया (Dhirajlal Kotadia) ने सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज को शुरू किया था। यह क्लास 3 और क्लास सी/डी मेडिकल डिवाइसेज डेवलप करती है। इसका मुख्य फोकस कोरोनरी स्टेंट और बैलून जैसे वस्कुलर इंटरवेंशन प्रोडक्ट्स, और ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वॉल्व इम्प्लांटेशन (TAVI) सिस्टम और ऑक्लूडर जैसे स्ट्रक्चरल हार्ट डिवाइस पर है। कंपनी के रेवेन्यू में वस्कुलर इंटरवेंशन प्रोडक्ट्स की लगभग 60% और स्ट्रक्चरल हार्ट डिवाइसेज की 16% हिस्सेदारी है। जून 2026 तिमाही के आंकड़ों के मुताबिक कंपनी के प्रोडक्ट्स की बिक्री भारत और कुछ यूरोपीय देशों समेत 65 देशों में हुई।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो जून 2026 तिमाही में इसे ₹15.1 करोड़ का मुनाफा और ₹351.6 करोड़ का रेवेन्यू मिला था। इससे पहले वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का मुनाफा 174.65% बढ़कर ₹69.1 करोड़ और रेवेन्यू 18.1% चढ़कर ₹1,210.5 करोड़ पर पहुंच गया।

Jio IPO: कम हो रहा कर्ज का बोझ, आईपीओ से पहले तेजी से हो रहा कैश जेनेरेट

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Jio IPO: कम हो रहा कर्ज का बोझ, आईपीओ से पहले तेजी से हो रहा कैश जेनेरेट

Jio IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ लाने की तैयारियों में जुटी है। उससे पहले कंपनी की सेहत काफी मजबूत हुई है और यह अधिक नगदी जेनेरेट कर रही है तो कर्ज पर इसकी अपनी निर्भरता भी कम हो रही है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स का नेट लेवरेज रेश्यो वित्त वर्ष 2024 में 0.88 गुना से घटकर वित्त वर्ष 2026 में 0.36 गुना रह गया। इससे कंपनी को वित्तीय फैसले लेने में अधिक सहूलियत मिली है। जियो का लक्ष्य अपनी मुनाफे वाली ग्रोथ को आगे बढ़ाने का है। आईपीओ के तहत नए शेयर जारी करके जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी रिलायंस जियो इंफोकॉम का कर्ज हल्का करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

क्या कहना है एक्सपर्ट का

जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ ऐसे समय में आ रहा है, जब इसका फोकस नेटवर्क का विस्तार करने और नए ग्राहक जोड़ने से हटकर पिछले एक दशक में बनाए गए इंफ्रास्ट्रक्चर से अधिक कमाई करने पर है। इसका मतलब हुआ कि कंपनी अपने मौजूदा ग्राहकों से कमाई बढ़ाने के साथ-साथ मोबाइल कनेक्टिविटी के अलावा दूसरे कारोबारों को भी डेवलप करने पर फोकस कर रही है।

एंबिट कैपिटल रिसर्च के एनालिस्ट विवेकानंद एस का कहना है कि आईपीओ से जियो की वित्तीय सेहत मजबूत होने की उम्मीद है क्योंकि इसके कैपिटल स्ट्रक्चर अधिक कंजर्वेटिव हो जाएगा। उनका कहना है कि अब अगले चरण की ग्रोथ में कंपनी का फोकस कमाई बढ़ाने पर होगा तो कैपिटल एक्सपेंडिचर पर अधिक कंट्रोल दिख सकता है।

कैसी है Jio Platforms की सेहत

जियो प्लेटफॉर्म्स के कारोबारी सेहत की बात करें तो ऑपरेशंस से इसका रेवेन्यू वित्त वर्ष 2024 में ₹1.10 लाख करोड़ से वित्त वर्ष 2026 में ₹1.47 लाख करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा भी ₹21,423 करोड़ से बढ़कर ₹30,049 करोड़ हो गया। साथ ही अहम बात ये है कि कैपिटल एक्सपेंडिचर के बाद कंपनी की नगदी वित्त वर्ष 2024 में ₹1,449 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹42,071 करोड़ हो गई, जिससे इसके सामने भविष्य में निवेश करने और कर्ज हल्का करने की गुंजाइश बढ़ी है।

इस दौरान कंपनी का ARPU यानी प्रति यूजर औसतन मंथली रेवेन्यू ₹181.7 से ₹214 पर पहुंच गया तो प्रति यूजर मासिक डेटा खपत 28.7 GB से बढ़कर 42.3 GB हो गई। विवेकानंद का कहना है कि ग्राहक अनलिमिटेड डेटा और सस्ती सेवाओं का भरपूर फायदा उठा रहे हैं, जिससे कंपनी को कस्टमर सरप्लस के रूप में काफी फायदा मिल रहा है।

जियो ने नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश और आक्रामक प्राइसिंग के जरिए देश के मोबाइल मार्केट को बदल दिया, जिससे कॉम्पिटिटर्स को भी ऐसा ही करना पड़ा। हालांकि अब टेलीकॉम इंडस्ट्री को अपनी सर्विस से ज्यादा रेवेन्यू कमाने की जरूरत है। कंपनी ने मोबाइल सर्विस के अलावा एक एंड-टू-एंड 5जी स्टैक डेवलप किया है जिसमें कोर नेटवर्क टेक्नोलॉजी, रेडियो इक्विपमेंट और नेटवर्क सॉफ्टवेयर शामिल हैं। मार्च 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स और उसकी यूनिट्स ने 6,817 पेटेंट एप्लीकेशन फाइल किए थे, जिनमें से 1,009 को वैश्विक मंजूरी मिल चुकी थी। जियो ने अपना प्री-6G स्टैक और Giga MIMO रेडियो भी डेवलप किया है, जिसे कंपनी ने पिछले हफ्ते नई दिल्ली में इंडिया मोबाइल कांग्रेस में दिखाया था।

जियो अपने होम ब्रॉडबैंड बिजनेस का भी विस्तार कर रही है। आईपीओ के ड्राफ्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 के आखिरी तक उसके पास 2.71 करोड़ फिक्स्ड ब्रॉडबैंड कस्टमर थे, जिससे उसका मार्केट शेयर 42.6% हो गया।

कंपनी की योजना पार्टनरशिप और मैनेज्ड-सर्विस अरेंजमेंट के जरिए अपनी खास नेटवर्क टेक्नोलॉजी को विदेशी टेलीकॉम ऑपरेटर्स तक पहुंचाने की भी है। इसके सफल होने पर भारतीय ऑपरेशन्स के अलावा कंपनी के लिए रेवेन्यू का एक और जरिया बन सकता है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Fusion CX IPO: ₹702 करोड़ का एक और इश्यू 14 अक्टूबर से; रहेंगे ₹500 करोड़ के नए शेयर; चेक करें प्राइस बैंड

मेनबोर्ड सेगमेंट में फ्यूजन CX का ₹702 करोड़ का IPO 14 अक्टूबर को खुलने वाला है। प्राइस बैंड ₹275-₹289 प्रति शेयर और लॉट साइज 51 शेयर है। कंपनी वॉइस, ईमेल, चैट, सोशल मीडिया और मैसेजिंग के जरिए मल्टीचैनल कस्टमर सपोर्ट उपलब्ध कराती है। यह AI डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस भी देती है, जिसमें डेटा कलेक्शन, डेटा एनोटेशन, इमेज व वीडियो लेबलिंग, और रोबोटिक टेली-ऑपरेशंस शामिल हैं।

Fusion CX इंसानी विशेषज्ञता को टेक्नोलॉजी और अपने खास AI टूल्स के साथ कंबाइन करके कई भाषाओं में और कई चैनलों के जरिए कस्टमर एंगेजमेंट उपलब्ध कराती है, काम करने की क्षमता बेहतर बनाती है और कस्टमर के साथ बातचीत को ऑटोमेट करती है। 30 जून, 2026 तक Fusion CX के 13 देशों में 40 डिलीवरी सेंटर थे।

कंपनी के पब्लिक इश्यू में ₹500 करोड़ के 1.73 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹202 करोड़ के 69.90 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में प्रमोटर्स P.N.S. बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड और रसीश कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे। एंकर निवेशक 13 अक्टूबर को बोली लगा सकेंगे।

कब होगी लि​स्टिंग

IPO 16 अक्टूबर को बंद होगा, जिसके बाद अलॉटमेंट 19 अक्टूबर को फाइनल हो सकता है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 22 अक्टूबर को लिस्ट होंगे। इस इश्यू के लिए ‘नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट लिमिटेड’ बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार Kfin Technologies है। IPO में 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए और 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

ग्रे मार्केट में Fusion CX का शेयर अभी से 19.03 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

IPOs This Week: मार्केट सुस्त, 12 अक्टूबर से शुरू हफ्ते में केवल 4 नए इश्यू; एक कंपनी होगी लिस्ट

कंपनी की वित्तीय सेहत

Fusion CX का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू ₹503.85 करोड़ रहा। शुद्ध मुनाफा ₹55.70 करोड़ दर्ज किया गया। इस बीच कंपनी पर ₹238.13 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 37 प्रतिशत बढ़कर ₹1,851.83 करोड़ और शुद्ध मुनाफा 129 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹169.84 करोड़ रहा।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

कंपनी अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर होने वाली कमाई का इस्तेमाल अपना और सब्सिडियरीज का कर्ज चुकाने के लिए, स्टेप डाउन सब्सिडियरीज में निवेश के लिए, पहले से न पता अधिग्रहणों के जरिए इनऑर्गेनिक ग्रोथ के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPOs This Week: मार्केट सुस्त, 12 अक्टूबर से शुरू हफ्ते में केवल 4 नए इश्यू; एक कंपनी होगी लिस्ट

12 अक्टूबर से शुरू हो रहे हफ्ते में IPO मार्केट बेहद सुस्त रहने वाला है। नए हफ्ते में 4 नए पब्लिक इश्यू खुलने जा रहे हैं। इनमें से 2 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। इसके अलावा ऐसा कोई IPO नहीं है, जो पहले से खुला हो और जिसमें नए हफ्ते में पैसे लगाए जा सकें। स्टॉक मार्केट में नई लिस्ट होने वाली कंपनियों की बात करें तो केवल एक कंपनी के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। यह कंपनी SME सेगमेंट से है। आइए जानते हैं डिटेल…

नया खुल रहा IPO

HD Fire Protect IPO: यह 13 अक्टूबर को खुलेगा और 15 अक्टूबर को बंद होगा। कंपनी का इरादा ₹712.31 करोड़ जुटाने का है। प्राइस बैंड ₹258-₹271 प्रति शेयर और लॉट साइज 55 शेयर है। IPO बंद होने के बाद अलॉटमेंट 16 अक्टूबर को फाइनल होगा। शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 21 अक्टूबर को हो सकती है।

Ravita Engineering Services IPO: ₹116.05 करोड़ का इश्यू 13 अक्टूबर को खुलेगा। बोली ₹105-₹112 प्रति शेयर के भाव पर लगा सकेंगे। लॉट साइज 1,200 शेयर है। 15 अक्टूबर को इश्यू बंद होने के बाद अलॉटमेंट 16 अक्टूबर को फाइनल हो सकता है। कंपनी के शेयर NSE SME पर 21 अक्टूबर को शुरुआत कर सकते हैं।

Vaibhav Vyapaar IPO: यह भी 13 अक्टूबर को खुल रहा है और 15 अक्टूबर को बंद होगा। साइज ₹42.10 करोड़ है। प्राइस बैंड ₹51-₹54 प्रति शेयर और लॉट साइज 2,000 शेयर है। IPO बंद होने के बाद अलॉटमेंट 16 अक्टूबर को फाइनल होगा। कंपनी की लिस्टंग NSE SME पर 21 अक्टूबर को होने वाली है।

Fusion CX IPO: ₹702 करोड़ का इश्यू 14 अक्टूबर को खुलेगा। प्राइस बैंड ₹275-₹289 प्रति शेयर है। लॉट साइज 51 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 16 अक्टूबर को होगी। उसके बाद अलॉटमेंट 19 अक्टूबर को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 22 अक्टूबर को लिस्ट हो सकते हैं।

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इस कंपनी की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 12 अक्टूबर को NSE SME पर R.K.Fashion Accessories की लिस्टिंग होने जा रही है। कंपनी का IPO ₹34.99 करोड़ का था और 2.70 गुना भरा। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 14.11 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.77 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 3.11 गुना सब्सक्राइब हुआ। IPO के लिए प्राइस बैंड ₹77-₹82 प्रति शेयर था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Canara Robeco AMC Q2 Results: मुनाफा 21% बढ़ा, डिविडेंड घोषित; 16 अक्टूबर रिकॉर्ड डेट

केनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) का जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 21.37 प्रतिशत बढ़कर 59.18 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 48.71 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 121.59 करोड़ रुपये रहा, जो सितंबर 2025 तिमाही में 103.92 करोड़ रुपये था। कंपनी के खर्च 48.24 करोड़ रुपये के रहे, जो सितंबर 2025 तिमाही में 46.49 करोड़ रुपये के थे।

अप्रैल-सितंबर 2026 यानि कि वित्त वर्ष 2026-27 के पहले 6 महीनों की बात करें तो केनरा रोबेको AMC का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 237.79 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 201 करोड़ रुपये था। शुद्ध मुनाफा 134.79 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो सितंबर 2025 तिमाही में 109.69 करोड़ रुपये था।

पहले अंतरिम डिविडेंड का ऐलान

Canara Robeco AMC ने वित्त वर्ष 2027 के लिए पहले अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। यह 2 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। रिकॉर्ड डेट 16 अक्टूबर 2026 है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा है कि डिविडेंड का पेमेंट 30 दिनों के अंदर पात्र शेयरहोल्डर्स को कर दिया जाएगा।

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शेयर इस साल अब तक 30 प्रतिशत फिसला

Canara Robeco AMC अक्टूबर 2025 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 1,326.13 करोड़ रुपये का था। सितंबर तिमाही के नतीजों के बाद कंपनी के शेयर में सोमवार, 12 अक्टूबर को तेजी दिख सकती है। वर्तमान में शेयर की कीमत BSE पर 219.75 रुपये है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर साल 2026 में अब तक लगभग 30 प्रतिशत कमजोर हुआ है।

शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 353.55 रुपये और एडजस्टेड लो 214.45 रुपये है। अपर प्राइस बैंड 263.70 रुपये और लोअर प्राइस बैंड 175.80 रुपये है। सर्किट लिमिट 20 प्रतिशत है।कंपनी का मार्केट कैप 4300 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Jio Platforms IPO: ₹1065-₹1119 रह सकता है प्राइस बैंड, 21 अक्टूबर से ओपनिंग; 10 पॉइंट में जानें अहम डिटेल

रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़ी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के IPO का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। और हो भी क्यों न, लगभग दो दशकों यानि कि 20 साल बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्रुप की किसी कंपनी का IPO आ रहा है। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू साबित हो सकता है। Jio Platforms IPO पर ताजा अपडेट इसके प्राइस बैंड को लेकर है। यह कितना रहने वाला है, इस बारे में ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में जानकारी दी गई है। आइए जानते हैं जियो IPO को लेकर अब तक सामने आईं खास बातें…

संभावित प्राइस बैंड और साइज

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वालों के हवाले से कहा गया है कि Jio Platforms Ltd. के प्रस्तावित IPO के लिए प्राइस बैंड 1065-1119 रुपये प्रति शेयर रहने वाला है। ब्लूमबर्ग की कैलकुलेशन के अनुसार, प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर Jio के IPO से लगभग 30200 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे। इससे यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन सकता है।

वैल्यूएशन

रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी 10.3 लाख करोड़ रुपये तक की मार्केट वैल्यू का लक्ष्य रख रही है। लेकिन बातचीत अभी जारी है और प्राइस बैंड, वैल्यूएशन और टाइमिंग सहित अन्य डिटेल अभी भी बदल सकती हैं। IPO का ड्राफ्ट कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास इस साल जून में जमा किया गया था। मंजूरी अगस्त में मिली।

IPO कब खुलेगा और कब लिस्ट होगा

यह पब्लिक इश्यू 21 अक्टूबर को खुल सकता है। एंकर निवेशक 19 अक्टूबर को बोली लगा सकते हैं। 20 अक्टूबर को शेयर बाजार में दशहरा की छुट्टी है। कंपनी के शेयर 28 अक्टूबर को शेयर बाजारों में लिस्ट हो सकते हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स के कारोबार में टेलिकॉम, डिजिटल सर्विसेज, उद्यम समाधान और उभरते टेक्नोलॉजी इनीशिएटिव शामिल हैं। इसकी टेलिकॉम यूनिट रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड देश में सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनियों में से एक है।

Jio IPO में कितने नए शेयर

19 जून 2026 को रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना आम बैठक के दौरान चेयरमैन मुकेश अंबानी ने घोषणा की कि Jio Platforms को अपने प्रस्तावित IPO के लिए बोर्ड की मंजूरी मिल गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुताबिक, इश्यू में 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ तक नए शेयर जारी करने की योजना है।

बुक रनिंग लीड मैनेजर

ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में Jio Platforms ने घोषणा की कि उसने IPO के लिए 19 इनवेस्टमेंट बैंकों को बुक रनिंग लीड मैनेजर (BRLM) के तौर पर नियुक्त किया है। इस ऑफर के लिए BRLM हैं- कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, मॉर्गन स्टेनली इंडिया कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, BofA सिक्योरिटीज इंडिया, एक्सिस कैपिटल, BNP पारिबा, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, CLSA इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, DAM कैपिटल एडवाइजर्स, गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड, HDFC बैंक, HSBC सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, ICICI सिक्योरिटीज, IIFL कैपिटल सर्विसेज (पहले IIFL सिक्योरिटीज), जेफरीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, JM फाइनेंशियल, JP मॉर्गन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, SBI कैपिटल मार्केट्स, UBS सिक्योरिटीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और 360 ONE WAM।

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कैसे बन सकता है देश का सबसे बड़ा IPO

भारत में अभी तक सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू Hyundai Motor India का रहा है। यह अक्टूबर 2024 में आया था और इसका साइज 27,858.75 करोड़ रुपये या 294.97 करोड़ डॉलर रहा था। अब जियो का IPO 30000 करोड़ रुपये से ज्यादा का रहने वाला है।

रिजर्व हिस्से पर क्या अपडेट

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पता चला है कि IPO में जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो प्लेटफॉर्म्स की सब्सिडियरीज के स्थायी कर्मचारियों के लिए शेयर रिजर्व होंगे। इसके बाद नेट इश्यू का 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए, 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) के लिए और 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रहेगा। QIB के हिस्से में से 60 प्रतिशत तक हिस्सा एंकर निवेशकों को अलॉट किया जा सकता है। इसमें से कुछ हिस्सा विशेष रूप से म्यूचुअल फंड्स, बीमा कंपनियों और पेंशन फंड्स के लिए रिजर्व होगा।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

जियो प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल मुख्य रूप से कंपनी की टेलिकॉम यूनिट रिलायंस जियो इंफोकॉम के कर्ज को कुछ हद तक या पूरी तरह चुकाने के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय रोड शो कंप्लीट

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स ने अमेरिका, ब्रिटेन, दुबई, हांगकांग और सिंगापुर में अपने अंतरराष्ट्रीय रोडशो पूरे कर लिए हैं। अब वह 12 अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह में सेबी के पास IPO का फाइनल ड्राफ्ट जमा कर सकती है। कंपनी भारत में भी IPO रोडशो आयोजित कर सकती है। IPO के मामले में रोड शो का मतलब है- संबंधित कंपनी के मैनेजमेंट की ओर से इनवेस्टर्स के साथ मीटिंग और रिप्रेजेंटेशंस। मीटिंग्स में IPO ला रही कंपनी के अधिकारी संभावित निवेशकों से बातचीत करते हैं और उन्हें समझाते हैं कि उनके IPO में निवेश करना क्यों उचित है।

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जियो प्लेटफॉर्म्स की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 14.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1.47 लाख करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 15.1 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 30,000 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 18.8 प्रतिशत बढ़कर 76,255 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2025-26 में Jio के ग्राहकों की संख्या 52.44 करोड़ रही। जियो 5G के सब्सक्राइबर्स की संख्या 26.8 करोड़ है।

Jio Platforms में किसके पास कितनी हिस्सेदारी

रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स में 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है। मेटा के पास 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वहीं गूगल की 7.73 प्रतिशत, सऊदी अरेबिया वेल्थ फंड्स की 2.31 प्रतिशत, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स की 2.31 प्रतिशत, सिल्वर लेक की 1.88 प्रतिशत, मुबादला की 1.85 प्रतिशत, जीए सिंगापुर की 1.34 प्रतिशत, अबुधाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी की 1.16 प्रतिशत और टीपीजी कैपिटल की 0.93 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

Disclaimer:मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।