Mobikwik Share Price: बैंक ऑफ इंडिया स्मॉल कैप फंड ने खरीदे ₹11 करोड़ के शेयर, कीमत 8% तक उछली

डिजिटल पेमेंट्स फर्म ‘वन मोबिक्विक सिस्टम्स’ के शेयर में 9 अक्टूबर को अच्छी तेजी है। शेयर की कीमत पिछले बंद भाव से 8 प्रतिशत तक उछली। BSE पर शेयर 263.90 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। One MobiKwik Systems को मोबिक्विक भी कहा जाता है। एक दिन पहले खबर आई कि बैंक ऑफ इंडिया स्मॉल कैप फंड ने ओपन मार्केट ट्रांजेक्शंस के जरिए कंपनी के 10.78 करोड़ रुपये में 4.48 लाख इक्विटी शेयर खरीदे।

ये शेयर कंपनी की 0.57 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर हैं। ट्रांजेक्शन 240.48 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर हुआ। कुछ दिन पहले वन मोबिक्विक सिस्टम्स ने शेयर बाजारों को बताया था कि प्रमोटर और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर उपासना टाकू ने खुले बाजार में लेनदेन के जरिए कंपनी के 1.07 लाख इक्विटी शेयर खरीदे हैं। डील की वैल्यू करीब 2.12 करोड़ रुपये रही। इस खरीद के बाद कंपनी में टाकू की हिस्सेदारी बढ़कर 10.24 प्रतिशत हो गई है। टाकू ने 28 सितंबर 2026 को 1.04 करोड़ रुपये में कंपनी के 52,000 इक्विटी शेयर खरीदे।

इसके बाद 29 सितंबर को 1.09 करोड़ रुपये में अतिरिक्त 55,000 इक्विटी शेयर खरीदे। दोनों लेनदेन नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर हुए। MobiKwik दिसंबर 2024 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 572 करोड़ रुपये का था। उपासना टाकू ने दिसंबर 2024 में आए कंपनी के IPO के बाद से कुल 294,177 इक्विटी शेयर खरीदे हैं।

Mobikwik का शेयर एक सप्ताह में 30 प्रतिशत मजबूत

कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 290.35 रुपये और एडजस्टेड लो 151.95 रुपये है। शेयर 6 महीनों में 40 प्रतिशत चढ़ा है। एक सप्ताह में कीमत 30 प्रतिशत मजबूत हुई है। अप्रैल 2026 में मोबिक्विक को नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) लाइसेंस के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से मंजूरी मिली थी। इसके बाद कंपनी के लिए एक नई डिवीजन मोबिक्विक फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (MFSPL) शुरू करने का रास्ता साफ हो गया। इससे ग्रुप को अपनी रेगुलेटेड लेंडिंग क्षमताएं बढ़ाने, नए-नए क्रेडिट प्रोडक्ट्स तैयार करने, और ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों और मर्चेंट्स को ज्यादा कुशलता और बेहतर नियंत्रण के साथ सेवाएं देने में मदद मिलेगी।

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कंपनी ने कहा था कि NBFC का कामकाज तभी शुरू होगा, जब कुछ शर्तों को पूरा करने के बाद RBI से ‘सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन’ (COR) मिल जाएगा। इसकी सर्विसेज पूरे भारत में उपलब्ध होंगी, लेकिन मुख्य रूप से फोकस टीयर 2 और टीयर 3 ​शहरों पर होगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Acme India Industries Listing: SME कंपनी की शानदार शुरुआत, 13% बढ़त में लिस्ट; शेयर में तुरंत लगा अपर सर्किट

SME सेक्टर में एक्मे इंडिया इंडस्ट्रीज की 9 अक्टूबर को शेयर बाजारों में लिस्टिंग शानदार रही। BSE SME पर शेयर लगभग 13 प्रतिशत बढ़त के साथ 221 रुपये पर लिस्ट हुआ। कुछ ही देर में शेयर लिस्टिंग प्राइस से 5 प्रतिशत उछला और 232.05 रुपये पर अपर सर्किट लगा। IPO प्राइस ₹196 प्रति शेयर था। कंपनी का ₹121.69 करोड़ का IPO 124.23 गुना भरकर बंद हुआ था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 137.93 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 196.27 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 85.50 गुना सब्सक्राइब हुआ।

क्या करती है Acme India Industries

एक्मे इंडिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड भारतीय रेलवे रोलिंग स्टॉक सेक्टर में काम करती है। इसका फोकस रेलवे कोच के इंटीरियर और पुर्जों की डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई, इंस्टॉलेशन और वॉरंटी मेंटेनेंस पर है। कंपनी नए रेलवे कोच के लिए टर्नकी फर्निशिंग सॉल्यूशन; पुराने कोच के रिफर्बिशमेंट, अपग्रेडेशन, कन्वर्जन; और टॉयलेट सुविधाओं के आधुनिकीकरण का काम करती है।

यह कई तरह के प्रोडक्ट बनाती और सप्लाई करती है, जैसे ब्रेल साइनेज, FRP प्रोडक्ट, सैनिटरी वेयर, एपॉक्सी फ्लोरिंग, डेकोरेटिव ग्लास FRP, टॉयलेट और कंपार्टमेंट के दरवाजे, सीटें और बर्थ, फायर बैरियर कोटिंग, हाइजीन से जुड़े प्रोडक्ट आदि। एक्मे इंडिया इंडस्ट्रीज 16 रेलवे जोन में ऑपरेशनल है। कंपनी मुख्य रूप से टेंडर-बेस्ड बिजनेस मॉडल के जरिए काम करती है।

IPO में ₹105.98 करोड़ के 54.07 लाख नए शेयर जारी हुए। साथ ही ₹15.71 करोड़ के 8.02 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल रहा। कंपनी ने इश्यू की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से ₹34.61 करोड़ जुटाए।

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IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

एक्मे इंडिया इंडस्ट्रीज अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर हासिल हुए पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, कर्ज चुकाने के​ लिए, अतिरिक्त प्लांट और मशीनरी की खरीद के लिए, और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Elon Musk: एक फैसला और डूब गए ₹1.75 लाख करोड़! AI पर ये दांव मस्क को पड़ गया भारी?

Elon Musk: दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क की संपत्ति में बुधवार को अचानक $21 बिलियन (करीब ₹1.75 लाख करोड़) से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई। मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के शेयरों में आई अचानक गिरावट को इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्पेसएक्स एनवीडिया के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप्स खरीदने के लिए $40 बिलियन का भारी-भरकम कर्ज जुटाने की योजना बना रही है, जिसके सामने आते ही निवेशकों में खलबली मच गई।

कैसे घटी मस्क की नेटवर्थ?

फोर्ब्स की रियल-टाइम बिलियनेयर्स लिस्ट के अनुसार, बुधवार सुबह तक मस्क की कुल संपत्ति घटकर $1.03 ट्रिलियन रह गई, जो एक ही दिन में 2.04% की गिरावट है।

इतनी बड़ी कमी की वजह बना है उनकी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट। स्पेसएक्स के शेयर करीब 2% गिरकर $168.86 पर कारोबार कर रहे थे, वहीं टेस्ला के शेयरों में भी 1.5% की गिरावट देखी गई।

मस्क के पास स्पेसएक्स में ऑप्शंस सहित लगभग 38% हिस्सेदारी है। यही वजह है कि रॉकेट और एआई क्षेत्र की इस दिग्गज कंपनी के शेयरों में जरा सी भी हलचल मस्क की कुल संपत्ति पर बड़ा असर डालती है।

क्यों गिरे स्पेसएक्स के शेयर?

स्पेसएक्स के शेयरों में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह $40 बिलियन की नई फाइनेंसिंग की खबरें हैं। कंपनी अपने एआई इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार करने के लिए एनवीडिया के एआई चिप्स खरीदना चाहती है।

‘फाइनेंशियल टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस $40 बिलियन के फंड में $10 बिलियन का बैंक लोन और $30 बिलियन का इन्वेस्टमेन्ट-ग्रेड डेट शामिल होगा।ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, यह सौदा 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है, हालांकि बातचीत अभी शुरुआती स्तर पर है।

क्रेडिट मार्केट में दिखी घबराहट: बॉन्ड और डिफॉल्ट स्वैप पर असर

$40 अरब के अतिरिक्त कर्ज की खबर से क्रेडिट मार्केट में चिंता बढ़ गई। स्पेसएक्स के 5-साल के क्रेडिट डिफॉल्ट स्वैप यानी जो कंपनी के डिफॉल्ट होने के जोखिम का बीमा होता है उसका स्प्रेड बढ़कर 197.6 बेसिस पॉइंट्स के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। जून में जब यह शुरू हुआ था, तब यह महज 110 बेसिस पॉइंट्स पर था। 194 बेसिस पॉइंट्स का मतलब है कि निवेशकों को $1 मिलियन के स्पेसएक्स कर्ज के बीमे के लिए सालाना $19,400 चुकाने होंगे। साथ ही साल 2056 में मैच्योर होने वाले स्पेसएक्स के बॉन्ड्स पर यील्ड स्प्रेड अमेरिकी ट्रेजरी के मुकाबले बढ़कर 2.36% पर पहुंच गया।

IPO के बाद एक और बड़ा फाइनेंसिंग राउंड

कंपनी का यह कदम शेयर बाजार में लिस्टिंग के महज कुछ ही महीनों बाद आया है। स्पेसएक्स ने जून में $135 प्रति शेयर के भाव पर अपना आईपीओ लॉन्च किया था और नैस्डैक पर SPCX टिकर के तहत लिस्ट हुई थी। आईपीओ के जरिए कंपनी ने करीब $85.7 बिलियन जुटाए थे।

जून के अंत में कंपनी ने 2031 से 2056 की मैच्योरिटी वाले $25 बिलियन के सीनियर नोट्स जारी किए थे। तब रेटिंग एजेंसियों (Moody’s – Baa1, Fitch – BBB+, S&P – BBB) ने इसे इन्वेस्टमेन्ट-ग्रेड रेटिंग दी थी। अगर $40 बिलियन की यह नई फाइनेंसिंग पूरी हो जाती है, तो कंपनी के कुल कर्ज में भारी बढ़ोतरी होगी।

एनवीडिया चिप्स पर स्पेसएक्स का बड़ा दांव

एआई की रेस में आगे रहने के लिए मस्क की कंपनी पूरी तरह से एनवीडिया के हार्डवेयर पर निर्भर है। अगस्त में स्पेसएक्स की अर्निंग्स कॉल के दौरान मस्क ने साफ कहा था कि, ‘हमने पूरी तरह से एनवीडिया पर निर्माण करने का फैसला किया है क्योंकि हमारा मानना है कि ‘वेरा रुबिन आर्किटेक्चर’ सबसे बेहतरीन है।’

दरअसल, इस समय पूरी टेक इंडस्ट्री (अल्फाबेट, मेटा, ओरेकल, अमेजन) डेटा सेंटर्स और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए डेट मार्केट से भारी कर्ज उठा रही है। एनवीडिया ने भी एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के लिए अपोलो, ब्लैकस्टोन और गोल्डमैन सैक्स जैसे दिग्गजों के साथ $500 बिलियन का प्लेटफॉर्म बनाने की घोषणा की है।

गिरावट के बाद भी नंबर-1 और ट्रिलियनेयर बने हुए हैं मस्क

$21 बिलियन के नुकसान के बावजूद एलन मस्क दुनिया के सबसे अमीर इंसान बने हुए हैं और उनका ‘ट्रिलियनेयर’ का टैग बरकरार है। मस्क ने सबसे पहले जून में स्पेसएक्स के सफल आईपीओ के बाद $1 ट्रिलियन का आंकड़ा पार किया था, जब कंपनी की मार्केट वैल्यू लगभग $2 ट्रिलियन पहुंच गई थी। हालांकि इसके बाद शेयरों में गिरावट से उनकी संपत्ति $1 ट्रिलियन से नीचे आ गई थी, लेकिन इसी हफ्ते स्पेसएक्स और टेस्ला में आई तेजी के चलते उन्होंने दोबारा यह मुकाम हासिल किया था।

ढहते मार्केट में 20% के अपर सर्किट पर शेयर, Q1 में मुनाफा और रेवेन्यू डबल तो आया जोश

Kanohar Electricals Q1 Result: लिस्टिंग के बाद पहली बार रिजल्ट पेश करने के बाद कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के शेयर रॉकेट बन गए। ऐसे समय में, जब मार्केट में अफरा-तफरी मची थी, इसके शेयरों ने आज जून तिमाही में रेवेन्यू और मुनाफा के डबल होने का जश्न मनाया और 20% के अपर सर्किट पर पहुंच गया। कंपनी ने एक कारोबारी दिन पहले शाम में कारोबारी नतीजे पेश किए थे और अब आज मार्केट खुला तो शेयर उछल पड़े। फिलहाल बीएसई पर यह 15.84% की बढ़त के साथ ₹1090.25 (Kanohar Share Price) पर है। इंट्रा-डे में यह 20% के अपर सर्किट ₹1,129.35 पर पहुंचा था जो इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल भी है।

Kanohar Electricals Q1 Result: खास बातें

कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के लिए इस वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत धमाकेदार रही और इसका मुनाफा-रेवेन्यू दोगुने से अधिक रफ्तार से बढ़ गया। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 140.0% उछलकर ₹27.3 करोड़ और ऑपरेशंस से रेवेन्यू 103.5% बढ़कर ₹137.1 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर भी कंपनी का परफॉरमेंस दमदार रहा और EBITDA इस दौरान 152.2% बढ़कर ₹38.8 करोड़ और ईबीआईटीडीए मार्जिन 22.8% से 28.3% पर पहुंच गया। जून 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी का ऑर्डर बुक तिमाही आधार पर 11% बढ़कर ₹2026.0 करोड़ पर पहुंच गया, जिसमें से 88.4% ऑर्डर गवर्नमेंट सेक्टर से हैं।

अब तक कैसी रही शेयरों की चाल

कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के शेयरों ने कम समय में ही निवेशको की ताबड़तोड़ कमाई कराई है, वह भी ऐसे समय में, जब मार्केट में कोहराम मचा हुआ था। पिछले महीने 16 सितंबर 2026 को बीएसई पर यह महज ₹672.05 के भाव पर था, जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से एक ही महीने में यह 68.06% उछलकर आज 7 अक्टूबर 2026 को ₹1,129.35 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस दौरान निफ्टी डेढ़ फीसदी से अधिक नीचे आया।

कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के शेयरों की पिछले महीने 16 सितंबर को एंट्री हुई थी। इसके ₹1056 करोड़ के आईपीओ के तहत निवेशकों को ₹632 के भाव पर शेयर जारी हुए थे और निवेशकों को 8% तक का लिस्टिंग गेन मिला।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

फिनटेक कंपनी में 20% का अपर सर्किट, ₹189 करोड़ की ब्लॉक डील से रॉकेट बना स्टॉक

फिनटेक कंपनी One Mobikwik Systems के शेयर मंगलवार, 6 अक्टूबर को 20% चढ़ गए। शेयर 242.14 रुपये के भाव पर पहुंच गया। कंपनी के करीब 79.20 लाख शेयरों में ब्लॉक डील हुई।

यह कंपनी की कुल इक्विटी का करीब 10% हिस्सा है। इन शेयरों का औसत सौदा भाव 240 रुपये रहा। इस हिसाब से पूरी डील करीब 189 करोड़ रुपये की रही।

ब्लॉक डील के बाद शेयर में तेजी

ब्लॉक डील के बाद शेयर में जोरदार खरीदारी दिखी। यह लगातार दूसरा कारोबारी सत्र है, जब One Mobikwik का शेयर चढ़ा है।

दो कारोबारी सत्रों में शेयर करीब 23% ऊपर आ चुका है। हालांकि, इस बड़ी डील में खरीदार और बेचने वाला कौन था, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

Mobikwik में किसकी कितनी हिस्सेदारी?

जून 2026 तक One Mobikwik Systems में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 25.08% थी। वहीं, पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 74.92% हिस्सेदारी थी।

प्रमोटर्स में बिपिन प्रीत सिंह के पास 14.52% और उपासना रूपकृष्णन टाकु के पास 10.11% हिस्सेदारी थी। प्रमोटर ग्रुप के पास दो फैमिली ट्रस्ट के जरिए भी शेयर हैं।

FPI और Bajaj Finance की हिस्सेदारी

पब्लिक शेयरहोल्डिंग में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी FPI की हिस्सेदारी 4.48% थी। इसमें Government Pension Fund Global की 2.99% और FLC Investco की 1.16% हिस्सेदारी शामिल थी।

इंश्योरेंस कंपनियों के पास 2.69% हिस्सेदारी थी। इस पूरी हिस्सेदारी में Bajaj Life Insurance शामिल है। वहीं, Bajaj Finance के पास कंपनी की 10.13% हिस्सेदारी थी।

इसके अलावा Times Internet की 1.91% और Elimath Advisors Private Limited की 1.75% हिस्सेदारी थी। जून तिमाही के अंत में 1.62 लाख रिटेल शेयरहोल्डर्स के पास कंपनी की 36.95% हिस्सेदारी थी।

IPO प्राइस के करीब पहुंचा शेयर

मंगलवार की तेजी के बाद One Mobikwik Systems का शेयर 242.14 रुपये पर बंद हुआ। अब यह अपने IPO प्राइस 279 रुपये के काफी करीब पहुंच गया है।

2026 में शेयर अब तक 5% से ज्यादा चढ़ चुका है। हालांकि, पिछले 12 महीनों का प्रदर्शन अभी भी कमजोर है। इस दौरान शेयर करीब 13% नीचे है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Honasa Consumer Share Price: Q2 में नेट सेल्स वैल्यू 30-33% बढ़ने की उम्मीद, शेयर ने लगाई 11% तक की छलांग

मामाअर्थ और डर्मा कंपनी ब्रांड की पेरेंट कंपनी होनासा कंज्यूमर लिमिटेड के शेयरहोल्डर्स के लिए 6 अक्टूबर का दिन बेहद अच्छा जा रहा है। शेयर शुरुआती कारोबार में ही पिछले बंद भाव से 11.5 प्रतिशत तक चढ़ा। BSE पर कीमत 492.90 रुपये के हाई तक गई। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 15900 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। कंपनी ने जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में बिजनेस कैसा रह सकता है, इस पर अपडेट जारी किया है।

होनासा कंज्यूमर ने शेयर बाजारों को बताया है कि उसे सितंबर 2026 तिमाही (Q2) में भी परफॉरमेंस काफी अच्छी रहने की उम्मीद है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में बनी ग्रोथ की रफ्तार Q2 में भी जारी रह सकती है। कंपनी की नेट सेल्स वैल्यू (NSV) की ग्रोथ अर्ली थर्टीज में रह सकती है। मतलब कह सकते हैं कि सालाना आधार पर करीब 30-33 प्रतिशत की बढ़ोतरी की उम्मीद है। NSV का मतलब है रिटर्न, टैक्स, डिस्काउंट और कैंसिलेशन को घटाने के बाद कंपनी की वास्तविक बिक्री की वैल्यू।

मामाअर्थ ब्रांड की ग्रोथ भी मजबूत रहने की उम्मीद है। Q2 में इसकी NSV में सालाना आधार पर करीब 17-19 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। लोकप्रियता बढ़ने और ऑफलाइन स्टोर्स में पहुंच बढ़ने से Mamaearth को फायदा मिलेगा। होनासा कंज्यूमर के नए और छोटे ब्रांड जैसे द डर्मा कंपनी, एक्वालॉजिका, बीब्लंट, डॉ. शेठ्स, स्टेज, ल्यूमिनेव और Reginald Men भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इन ब्रांड्स की NSV ग्रोथ सितंबर तिमाही में करीब 40-45 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है।

ऑफलाइन बिक्री का रहेगा बड़ा योगदान

कंपनी की ग्रोथ में ऑफलाइन बिक्री का हाथ सबसे ज्यादा रहने की उम्मीद है। सामान्य दुकानों और बड़े रिटेल आउटलेट्स, दोनों में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है। सामान्य दुकानों में सीधे डिस्ट्रीब्यूशन बढ़ाने और दुकानों पर प्रोडक्ट की बेहतर बिक्री से कंपनी को फायदा मिल सकता है। ऑनलाइन बिक्री में भी ग्रोथ की रफ्तार जारी रहने की उम्मीद है।

होनासा कंज्यूमर EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) मार्जिन में सुधार पर लगातार काम कर रही है। Q2 में भी कंपनी को ऑपरेटिंग मार्जिन 10 प्रतिशत से थोड़ा अधिक रहने की उम्मीद है।

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जून तिमाही में कैसी रही थी परफॉरमेंस

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में होनासा कंज्यूमर लिमिटेड का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 118 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी के साथ 90.25 करोड़ रुपये रहा था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 27 प्रतिशत बढ़कर 755.94 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। EBITDA सालाना आधार पर 140.7 प्रतिशत बढ़कर 110 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन भी बढ़कर 14.6 प्रतिशत हो गया।

Honasa Consumer का शेयर 6 महीनों में 60 प्रतिशत मजबूत

कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। होनासा कंज्यूमर में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 35.47 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 6 महीनों में 60 प्रतिशत मजबूत हुआ है। साल 2026 में अब तक यह 70 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देख चुका है। होनासा कंज्यूमर नवंबर 2023 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 1701.44 करोड़ रुपये का था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Vishal Nirmiti IPO: ₹178 करोड़ का इश्यू 2 गुना भरकर बंद, अलॉटमेंट 6 अक्टूबर को; ऐसे करें चेक

सिविल इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन कंपनी विशाल निर्मिती का IPO 1.79 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हो गया है। यह ₹178 करोड़ का था। पब्लिक इश्यू में ₹145 करोड़ के 65.91 लाख नए शेयर जारी हुए। साथ ही प्रमोटर वामन प्रीस्ट्रेसिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड की ओर से ₹33 करोड़ के 15 लाख शेयरों को ओएफएस रहा। IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.33 गुना, रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.75 गुना और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.89 गुना भरा।

IPO बंद होने के बाद अलॉटमेंट आज, 6 अक्टूबर को फाइनल होने की उम्मीद है। जिन लोगों ने Vishal Nirmiti के IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd. और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट के जरिए अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है…

BSE पर कैसे करें चेक

  • https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं।
  • इश्यू का टाइप ‘इक्विटी’ चुनें।
  • ड्रॉपडाउन मेन्यू से Vishal Nirmiti IPO चुनें।
  • एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल एंटर करें।
  • ‘कैप्चा’ डालें।
  • ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।

MUFG Intime की वेबसाइट से कैसे करें चेक

  • https://in.mpms.mufg.com/Initial_Offer/public-issues.html पर जाएं।
  • कंपनी नेम में Vishal Nirmiti सिलेक्ट करें।
  • PAN या एप्लीकेशन नंबर या DP/क्लाइंट ID या अकाउंट नंबर/IFSC में से एक को सिलेक्ट कर डिटेल डालें।
  • Submit पर क्लिक करें।

Vishal Nirmiti IPO के लिए प्राइस बैंड ₹208-₹220 प्रति शेयर था। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 8 अक्टूबर को लिस्ट हो सकते हैं। विशाल निर्मिती लिमिटेड का पुराना नाम सेजल फार्म्स प्राइवेट लिमिटेड था। यह कंपनी मुख्य रूप से रेलवे के लिए प्री-स्ट्रेस्ड कॉन्क्रीट (PSC) स्लीपर, प्री-कास्ट और प्री-स्ट्रेस्ड कॉन्क्रीट प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्च​रिंग और डीलिंग के कारोबार में है।

साथ ही, यह पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स (PSPs) के लिए माइल्ड स्टील पाइप, लाइनर और पेनस्टॉक पाइप बनाने और उन्हें लगाने का काम भी करती है। कंपनी रेलवे, रिन्यूएबल पावर और इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टर्स में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई और सिविल इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स के लिए इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) सर्विस भी देती है।

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IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

विशाल निर्मिती अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर होने वाली कमाई का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, कर्ज चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। कंपनी के प्रमोटर ब्रिज बी तापड़िया, अजय भगवानदास तापड़िया, पवन विट्ठलदास तापड़िया, अखिल रणछोड़ तापड़िया, नवीन तापड़िया, राजेंद्रकुमार बद्रीनारायण तापड़िया, सुयश विट्ठलदास तापड़िया, वेदांत तापड़िया और केशव तापड़िया हैं।

विशाल निर्मिती का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 6 प्रतिशत बढ़कर ₹344.13 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा भी 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹24.98 करोड़ रहा। इस बीच कंपनी पर ₹87.42 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू ₹324.86 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹23.64 करोड़ दर्ज किया गया।

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Physicswallah Share Price: एडटेक कंपनी का शेयर 5% तक उछला, लेंडिंग बिजनेस पर एक अपडेट के बाद बढ़ी खरीद

एडटेक प्लेटफॉर्म फिजिक्सवाला के शेयर में 5 अक्टूबर को दिन में 5.5 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। BSE पर शेयर 126.80 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 36500 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। कंपनी ने 4 अक्टूबर को अपनी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) सेगमेंट की लेंडिंग स्ट्रैटेजी को रीस्ट्रक्चर करने और डायरेक्ट लेंडिंग से हटने की घोषणा की। कंपनी अपने 100 प्रतिशत मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी FinZ Finance Private Limited के जरिए यह कारोबार करती है।

एक्सचेंज फाइलिंग में कहा गया कि FinZ Finance ने RBI-रजिस्टर्ड NBFC ऑक्सिलो फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड के साथ 95.79 करोड़ रुपये के लोन पोर्टफोलियो की बिक्री, ट्रांसफर और असाइनमेंट के लिए एक एग्रीमेंट किया है। ऑपरेशनल ट्रांजीशन प्रक्रिया 60 दिनों के अंदर पूरी होने की उम्मीद है।

चूंकि FinZ Finance का मुख्य काम लोन देना है, इसलिए इस प्रस्तावित ट्रांजेक्शन से इसके लोन देने के कामकाज में काफी कमी आएगी और उम्मीद है कि इससे इसके लोन देने के कामकाज आंशिक रूप से या धीरे-धीरे बंद हो जाएंगे। इस कदम का मकसद कंपनी को अपने मुख्य बिजनेस पर फोकस करने में मदद करना है।

शेयर 6 महीनों में 40 प्रतिशत मजबूत

फिजिक्सवाला के शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। यह BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। कंपनी की शुरुआत 2016 में एक YouTube चैनल के तौर पर हुई थी। कंपनी नवंबर 2025 में लिस्ट हुई थी। IPO 3480 करोड़ रुपये का था। शेयर 6 महीनों में लगभग 40 प्रतिशत चढ़ा है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 71.27 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 162.05 रुपये और एडजस्टेड लो 77.75 रुपये है।

D-Mart Share Price: Q2 में अच्छे बिजनेस के बावजूद शेयर 6% तक फिसला, क्या अभी भी खरीदने लायक है स्टॉक

सितंबर महीने में ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने फिजिक्सवाला के शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग के साथ कवरेज शुरू किया था। टारगेट प्राइस 200 रुपये प्रति शेयर रखा था। वहीं बुल केस में टारगेट प्राइस 220 रुपये प्रति शेयर दिया था। बेयर केस सिनेरियो में मोतीलाल ओसवाल ने 110 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया। ब्रोकरेज ने कंपनी के लिए कॉम्पिटिशन बढ़ना, ऑफलाइन कामकाज और सेंटर्स के इस्तेमाल में कमजोरी, फैकल्टी के ज्यादा संख्या में नौकरी छोड़ने से छात्रों के नतीजों और ब्रांड की इमेज पर असर; कोचिंग संस्थानों, विज्ञापन या डेटा प्राइवेसी से जुड़े नियमों में प्रतिकूल बदलावों को मुख्य जोखिमों में शामिल किया है।

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मार्केट लाल, Sensex डे-हाई से टूट गया 750 प्वाइंट्स, Nifty आया 22400 के नीचे

Share Market Crash: 25 साल में लगातार आठ हफ्ते की सबसे लंबी गिरावट के बाद इस हफ्ते की शुरुआत सेंसेक्स और निफ्टी ने मजबूत की लेकिन फिर ये ढह गई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि फिलहाल भारत और अमेरिका के बीच कारोबारी सौदे को लेकर बातचीत फिलहाल स्थिर हो गई है। इससे मार्केट को शॉक लगा और सेंसेक्स डे-हाई से 750 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 22400 के नीचे के आ गया।

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 722.23 प्वाइंट्स चढ़कर 72,631.93 तक पहुंचा था, जिससे फिर यह 791.75 प्वाइंट्स टूटकर 71,840.18 और निफ्टी 199.85 प्वाइंट्स उछलकर 22,621.80 तक पहुंचा था, जिससे फिर यह 224.70 प्वाइंट्स गिरकर 22,397.10 तक आ गया।

क्या है वित्त मंत्री ने? 

मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक नई दिल्ली में एक इवेंट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ट्रेड डील को लेकर भारत और अमेरिका के बीच बातचीत अभी भी चल रही है लेकिन दोनों पक्षों ने एक-दूसरे से काफी बातचीत और समझौते के बाद ऐसी स्थिति हासिल कर ली है, जहां आगे कुछ देना या लेना दोनों के लिए बहुत मुश्किल हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगर दोनों पक्षों के लिए आगे बढ़ने की कोई गुंजाइश बची है, तो वे उसका इस्तेमाल जरूर करेंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल दोनों देशों के लिए अब आगे और समझौता करना बहुत ही ज्यादा मुश्किल होगा। इस पर मार्केट धड़ाम हो गया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच ट्रेड बैलेंस अभी भारत के पक्ष में है अमेरिका का भारत के साथ व्यापार घाटा है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सौदे को लेकर बातचीत अभी चल रही है।

वित्त मंत्री ने दिया चीन का उदाहरण

भारत के साथ सौदे को लेकर अमेरिका चाहता है कि दोनों देशों के बीच ट्रेड इनबैलेंस यानी कारोबारी अंसतुलन कम हो यानी कि भारत अधिक से अधिक चीजें अमेरिका से खरीदे। वित्त मंत्री ने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत और चीन के बीच भी ऐसा ही असंतुलन है और 2014 के बाद से व्यापार घाटा लगातार बहुत तेजी से बढ़ा है लेकिन केवल व्यापार घाटे को कम करना ही अगर किसी समझौते की मुख्य शर्त बन जाए, तो सवाल यह है कि बातचीत के जरिए इसे किस हद तक कम किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि पहले कारोबारी बातचीत का उद्देश्य यह होता था कि दोनों देश अपनी समस्याएं और असमानताएं सामने रखते थे और फिर बातचीत के जरिए समाधान निकालते थे लेकिन अब व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए दूसरे तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले ऐसी बातचीत में किसी देश को अपने बाजार में कुछ चीजों की पहुंच बढ़ानी होती थी तो बदले में वह दूसरे देश की कुछ चीजों को अपने यहां अधिक पहुंच देता था यानी दोनों तरफ से कुछ देना और कुछ लेना होता था लेकिन अब टैरिफ बड़ा हथियार बन गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि पहले टैरिफ यानी आयात शुल्क का इस्तेमाल कारोबारी बातचीत के दौरान एक ढांचे के तहत होता था लेकिन अब इसे दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

क्या कहना है अमेरिका का

भारत के साथ कारोबारी सौदे को लेकर अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमीसन ग्रीर (Jamieson Greer) का कहना है कि ट्रंप सरकार इसे लेकर आखिरी दौर में है लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह समझौता जल्द होने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि G20 की बैठक के दौरान भारत के कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल के साथ अच्छी बातचीत हुई। ग्रीर के मुताबिक भारत और अमेरिका के बीच जिन मुद्दों को लेकर मतभेद है, उसकी पहचान कर ली गई है और अब उन्हें सुलझाने के लिए काम किया जा रहा है।

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