IPO Returns: इस साल 5 छोटे IPO ने किया बड़ा धमाका, 149% तक चढ़े स्टॉक्स

IPO Returns: 2026 में कई छोटे IPO ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। खास बात यह है कि इनमें से हर कंपनी का इश्यू साइज 1,000 करोड़ रुपये से कम था। Prime Database के 18 अगस्त तक के आंकड़ों के मुताबिक, ये पांच IPO लिस्टिंग के बाद 50% से 149% तक चढ़ चुके हैं।

Omnitech Engineering

राजकोट की Omnitech Engineering इस लिस्ट में सबसे आगे है। कंपनी एनर्जी, इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट और ऑटोमेशन सेक्टर के लिए हाई-प्रिसिजन इंजीनियर्ड कंपोनेंट बनाती है। कंपनी ने 583 करोड़ रुपये का IPO लाया था। मार्च 2026 में इसकी लिस्टिंग हुई और तब से शेयर करीब 149% चढ़ चुका है।

GSP Crop Science

अहमदाबाद की GSP Crop Science फसल सुरक्षा से जुड़े प्रोडक्ट बनाती है। इसमें कीटनाशक, फफूंदनाशक, खरपतवारनाशक और बायोपेस्टिसाइड शामिल हैं। कंपनी ने 400 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसके शेयर अब तक करीब 85% का रिटर्न दे चुके हैं।

OnEMI Technology

मुंबई की OnEMI Technology Solutions डिजिटल लेंडिंग और फाइनेंसिंग प्लेटफॉर्म चलाती है। इसका IPO 926 करोड़ रुपये का था। लिस्टिंग के बाद शेयर करीब 78% ऊपर है।

Gaudium IVF

दिल्ली की Gaudium IVF and Women Health महिलाओं की प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं देती है। कंपनी IVF, ICSI और IUI जैसी फर्टिलिटी ट्रीटमेंट्स में काम करती है। कंपनी ने 165 करोड़ रुपये का IPO लाया था। अब तक इसका शेयर करीब 53% चढ़ चुका है।

Laser Power & Infra

कोलकाता की Laser Power & Infra पावर केबल, कंडक्टर और बिजली ट्रांसमिशन से जुड़े दूसरे प्रोडक्ट बनाती है। कंपनी पावर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर भी काम करती है। इसने 742 करोड़ रुपये जुटाए थे। लिस्टिंग के बाद शेयर करीब 52% का रिटर्न दे चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Trading plan : कच्चे तेल में उछाल ने बाजार पर बनाया दबाव, जानिए कल के लिए क्या हो ट्रेंडिंग रणनीति

Trading plan : कच्चे तेल में उछाल से बाजार में लगातार सातवें दिन भी बिकवाली देखने को मिल रही है। निफ्टी करीब 100 अंक प्वाइंट फिसलकर गिरकर 24050 के करीब करीब कारोबार कर रहा है। निफ्टी में लोअर हाईज,लोअर लोज का सिलसिला कायम है। बैंक निफ्टी में भी दबाव देखने को मिल रहा है। छोटे-मझोले शेयरों में भी आज बिकवाली आई है। लेकिन फीयर इंडेक्स INDIA VIX में कोई उछाल नहीं है।

डिफेंस शेयरों में आज तगड़ा करेक्शन देखने को मिल रहा है। डिफेंस इंडेक्स करीब 1.75 फीसदी फिसला है। सोलार इंडस्ट्रीज और BDL तीन फीसदी से ज्यादा फिसलकर वायदा के टॉप लूजर्स में शामिल हैं। कैपिटल गुड्स और केमिकल में भी दबाव है। लेकिन चुनिंदा EMS शेयरों में दूसरे दिन भी रौनक है। KAYNES TECH वायदा का टॉप गेनर बना है।

कमजोर बाजार में न्यू एज शेयर कमाल कर रहे हैं। करीब 2 फीसदी की तेजी के साथ इटरनल निफ्टी के टॉप गेनर्स में शुमार है। वहीं PAYTM, PB फिनटेक भी दो फीसदी से ज्यादा चढ़कर वायदा के टॉप गेनर्स में शामिल हैं। साथ ही नायिका,मीशो और ग्रो में भी जोश देखने को मिल रहा है।

चीनी शेयरों में मिठास बढ़ी है। त्योहारों से पहले चीनी के भाव बढ़ने और सप्लाई पर दबाव से इनकी रफ्तार में तेजी आई है। बजाज हिंदुस्तान 9% से ज्यादा चढ़ा है। साथ ही धामपुर,त्रिवेणी और रेणुका भी तीन से पांच फीसदी ऊपर हैं।

बाजार: एक और खराब दिन

बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में फिर गिरावट हावी हो गई है। CNBC-आवाज़ पर लगातार करेक्शन का नजरिया रहा है। 8 दिनों से लोअर हाईज का सिलसिला चल रहा है। निफ्टी और बैंक निफ्टी काफी अहम स्तर पर हैं। आज मिडकैप में भी काफी बिकवाली है। IPO बाजार गुलजार है और सेकेंडरी मार्केट खराब है। बड़े प्राइवेट बैंकों में फिर बिकवाली का दबाव है। चुनिंदा IT शेयरों में आज अच्छी रैली हुई है। India VIX आज भी सिर्फ 1% ही ऊपर है। बड़ा सवाल है कि क्या ये बड़ी वाली करेक्शन है या सिर्फ छोटी वाली?

बाजार: अब क्या?

CNBC-आवाज़ पर पिछले सोमवार से हमारा शॉर्ट का नजरिया रहा है। वहां से अब निफ्टी करीब 550-600 अंक गिर चुका है। लगातार बात हुई थी कि बाजार के इनटर्नल्स अच्छे नहीं हैं। VIX का खराब बाजार में ना चलना बड़ा निगेटिव था। FIIs का सीरीज के बीच में शॉर्ट जोड़ना निगेटिव था। अब निफ्टी का ट्रेंडलाइन सपोर्ट 23,950 पर है। बाजार में रिकवरी की उम्मीद यहीं से रहेगी।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 23,950 पर सपोर्ट और 24,180-24,250 पर रेजिस्टेंस है। बैंक निफ्टी के लिए 56,800-57,000 पर सपोर्ट और 57,300-57,500 पर रेजिस्टेंस है।

 

 

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Pramodini IPO Listing: ₹118 के शेयर ₹120 पर लिस्ट, लगातार मजबूत हो रही प्रमोदिनी की सेहत

Pramodini IPO Listing: डाइग्नॉस्टिक सर्विसेज देने वाली प्रमोदिनी मेडिकेयर के शेयरों की आज NSE SME पर प्रीमियम एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 3 गुना से अधिक बोली मिली थी। इसके आईपीओ के तहत ₹118 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹120.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 1.69% का लिस्टिंग गेन (Pramodini Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹119.05 (Pramodini Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 0.89% मुनाफे में हैं।

Pramodini IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

प्रमोदिनी मेडिकेयर का ₹69 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 12-14 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 3.87 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 3.66 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 4.96 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 3.49 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹63 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 5,00,400 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹45.15 करोड़ मौजूदा और प्रस्तावित डाइग्नॉस्टिक सेंटर्स के लिए मेडिकल इक्विपमेंट्स की खरीदारी और बाकी पैसे अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Pramodini Medicare के बारे में

प्रमोदिनी मेडिकेयर डाइग्नॉस्टिक सर्विसेज मुहैया कराती है। यह टियर1, टियर 2 और टियर 3 शहरों में सरकारी से लेकर प्राइवेट अस्पतालों, PSU, मेडिकल कॉलेजों और प्राइवेट डाइग्नॉस्टिक सेंटर्स को सर्विसेज देती है। इसके सर्विस पोर्टफोलियो में एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्सरे, कलर डॉप्लर के साथ अल्ट्रासाउंट, मैमोग्राफी, डेक्सा स्कैन और इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी जैसी रेडियोलॉजी सर्विस; हेमेटोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, इम्यूनोलॉजी, पैथोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री जैसे क्लिनिकल लेबोरेटरी सर्विस; और पीईटी-सीटी, SPECT और न्यूक्लियर थेरेपी जैसी न्यूक्लियर मेडिसिन सर्विस हैं। कंपनी विजयवाड़ा से 24×7 टेली-रेडियोलॉजी यूनिट और उसी जगह पर एक प्रोसेसिंग लेबोरेटरी भी चलाती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 56% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹17.38 करोड़ और टोटल इनकम 33% के सीएजीआर से ₹63.38 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹17.85 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹36.46 करोड़ पड़े थे।

Behari Lal IPO Listing: 118 गुना सब्सक्रिप्शन के बाद 63% लिस्टिंग गेन, ₹285 के शेयरों का बड़ा धमाल

Shiprocket IPO Listing: ₹97 का शेयर ₹131 पर लिस्ट, आईपीओ को मिली थी 102 गुना बोली

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Shiprocket IPO Listing: ₹97 का शेयर ₹131 पर लिस्ट, आईपीओ को मिली थी 102 गुना बोली

Shiprocket IPO Listing: ई-कॉमर्स एनेबलमेंट कंपनी शिपरॉकेट के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 102 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹97 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹129.50 और NSE पर ₹131.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 11% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹135.08 (Shiprocket Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 39.26% मुनाफे में हैं। एंप्लॉयीज अधिक फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹9 के डिस्काउंट पर मिला है।

Shiprocket IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

शिपरॉकेट का ₹1,617 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 12-14 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 102.28 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 125.20 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 92.58 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 48.38 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 58.85 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹885 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 7,54,62,363 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹365.60 करोड़ उभरते हुए और कोर बिजनेस के शिपरॉकेट प्लेटफॉर्म्स की ग्रोथ में निवेश, ₹205.80 करोड़ मार्केटिंग, ₹159.80 करोड़ टेक इंफ्रा और कैपेबिलिटीज में निवेश, ₹210.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, और बाकी पैसे इनऑर्गेनिक ग्रोथ और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Shiprocket के बारे में

शिपरॉकेट एक भारतीय ई-कॉमर्स एनेबलमेंट कंपनी है जो कंपनियों को टेक सॉल्यूशंस देती है। यह MSMEs (माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज), D2C (डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर) ब्रांड्स और बड़े रिटेलर्स को उनके ऑनलाइन और ऑफलाइन बिजनेस को मैनेज करने और बढ़ाने में मदद करती है। रेडशियर रिपोर्ट (Redseer Report) के मुताबिक वित्त वर्ष 2025 में रेवेन्यू के हिसाब से यह देश की सबसे न्यू-एज एंड-टू-एंड ई-कॉमर्स एनेबलमेंट प्लेटफॉर्म थी।

कंपनी ने शुरुआत में एक शिपिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करना शुरू किया था। इसकी मुख्य सर्विसेज में घरेलू शिपिंग और शिपिंग सॉफ्टवेयर शामिल हैं, जो इंस्टेंट पिकअप, ऑर्डर ट्रैकिंग, सुरक्षित डिलीवरी, वजन की जांच और फास्ट COD (कैश-ऑन-डिलीवरी) पेमेंट सेटलमेंट जैसी सर्विसेज देती है। समय के साथ इसका कारोबार बढ़ता गया और यह कार्गो और फुलफिलमेंट सर्विसेज, क्रॉस-बॉर्डर शिपिंग सॉल्यूशंस, एडवर्टाइजिंग और मार्केटिंग सॉल्यूशंस, और मर्चेंट सॉल्यूशंस देती है। वित्त वर्ष 2026 में इसने 146 देशों में क्लाइंट्स को सर्विसेज दी। शिपरॉकेट को मुख्य रूप से यूजेज-बेस्ड प्राइसिंग मॉडल से रेवेन्यू मिलता है जिसमें मर्चेंट्स इस आधार पर पेमेंट करते हैं कि वे प्लेटफॉर्म का कितना इस्तेमाल करते हैं, जैसे कि शिपमेंट की संख्या, ट्रांज़ैक्शन या प्रोसेस किए गए ऑर्डर की वैल्यू।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है लेकिन कंपनी तीन वित्त वर्षों से लगातार घाटे में बनी हुई है। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ₹595.18 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था जोकि वित्त वर्। 2025 में घटकर ₹74.45 करोड़ और वित्त वर्ष 2026 में ₹79.25 करोड़ पर आ गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम सालाना करीब 24% की रफ्तार यानी सीएजीआर से ₹2,077.42 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹242.01 करोड़ का टोटल कर्ज था।

Behari Lal IPO Listing: 118 गुना सब्सक्रिप्शन के बाद 63% लिस्टिंग गेन, ₹285 के शेयरों का बड़ा धमाल

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tempsens Instruments IPO: खुलने से पहले ही हिट हुआ यह आईपीओ, ग्रे मार्केट में 56% प्रीमियम! निवेशकों में मची होड़, चेक करें डिटेल्स

Tempsens Instruments IPO GMP & Details: प्राइमरी मार्केट में इस हफ्ते खूब एक्शन है। निवेशकों के लिए इस वीक 7 आईपीओ में पैसे लगाने का मौका खुल रहा है। राजस्थान बेस्ड थर्मल इंजीनियरिंग कंपनी टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स भी अपना नया आईपीओ लेकर आ रही है। यह आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 20 अगस्त को खुलेगा और 24 अगस्त को बंद होगा।

ग्रे मार्केट में इस आईपीओ को लेकर जबरदस्त माहौल देखने को मिल रहा है। आईपीओ खुलने से पहले ही इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम 50% के पार निकल चुका है, जो मजबूत लिस्टिंग गेन की ओर इशारा कर रहा है। जानिए इस आईपीओ की सभी जरूरी डिटेल्स।

आईपीओ का साइज, प्राइस बैंड और लॉट साइज

इश्यू साइज: कंपनी इस आईपीओ के जरिए कुल ₹650 करोड़ जुटाने जा रही है।

फ्रेश इश्यू vs OFS: आईपीओ में ₹95 करोड़ का फ्रेश इश्यू (नए शेयर) शामिल है, जबकि ₹555 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) है, जिसमें 1.85 करोड़ इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे।

प्राइस बैंड: शेयर का प्राइस बैंड ₹285 से ₹300 प्रति शेयर तय किया गया है।

लॉट साइज: कम से कम 50 शेयरों का एक लॉट है। ऊपरी प्राइस बैंड (₹300) पर रिटेल निवेशकों को 1 लॉट के लिए न्यूनतम ₹15,000 का निवेश करना होगा। रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट (650 शेयर) के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसकी लागत ₹1,95,000 होगी।

अहम तारीखें

  • एंकर इन्वेस्टर्स बिडिंग: 19 अगस्त 2026
  • आईपीओ ओपनिंग डेट: 20 अगस्त 2026
  • आईपीओ क्लोजिंग डेट: 24 अगस्त 2026
  • अलॉटमेंट डेट (अनुमानित): 25 अगस्त 2026
  • लिस्टिंग की तारीख (BSE/NSE): 28 अगस्त 2026

कंपनी पैसे का क्या करेगी?

फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹95 करोड़ में से ₹18.1 करोड़ का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक हीटिंग और केबल सॉल्यूशंस बिजनेस के कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) के लिए होगा, ₹55 करोड़ का उपयोग कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा, और बाकी रकम कॉरपोरेट जरूरतों में लगेगी।

कंपनी का बिजनेस और फाइनेंशियल ट्रैक रिकॉर्ड

1990 में शुरू हुई टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स तापमान मापने वाले सेंसर, इलेक्ट्रिक हीटिंग और स्पेशल केबल सॉल्यूशंस बनाती है। तापमान सेंसर सेगमेंट में कंपनी का मार्केट शेयर 10.5% और नॉन-कॉन्टेक्ट टेम्परेचर सेंसर सेगमेंट में 21.3% है। दुनियाभर में कंपनी के पास 15 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी हैं (10 उदयपुर में और 5 विदेशों में)।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 11.2% बढ़कर ₹67.3 करोड़ रहा (जो पिछले साल ₹60.6 करोड़ था)। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 17.5% बढ़कर ₹444.9 करोड़ पर पहुंच गया।

Tempsens Instruments IPO: कितना चल रहा है GMP?

ग्रे मार्केट गतिविधियों पर नजर रखने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स का जीएमपी काफी तगड़ा रिस्पांस दे रहा है। Investorgain के अनुसार, कंपनी के शेयर का GMP ₹168 चल रहा है, जो इसके ऊपरी प्राइस बैंड (₹300) के हिसाब से करीब 56% लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। वहीं, IPO Watch पर इसका जीएमपी करीब 51.33% दर्ज किया गया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tempsens Instruments IPO: खुलने से पहले 56% पर पहुंचा GMP, 20 अगस्त से लगा सकेंगे पैसा

Tempsens Instruments IPO: थर्मल इंजीनियरिंग और स्पेशलाइज्ड केबल बनाने वाली कंपनी Tempsens Instruments का IPO 20 अगस्त को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। इश्यू खुलने से पहले ही ग्रे मार्केट में इसे लेकर जबरदस्त उत्साह दिख रहा है। Investorgain के मुताबिक, कंपनी का GMP ₹168 पहुंच गया है। यानी अपर प्राइस बैंड के मुकाबले करीब 56% प्रीमियम का संकेत मिल रहा है। वहीं IPO Watch ने करीब 51.33% GMP बताया है।

कंपनी इस IPO के जरिए ₹650 करोड़ जुटाना चाहती है। एंकर निवेशकों के लिए बोली 19 अगस्त को खुलेगी, जबकि रिटेल निवेशक 20 से 24 अगस्त तक आवेदन कर सकेंगे। कंपनी के शेयर 28 अगस्त को BSE और NSE पर लिस्ट होने की संभावना है।

IPO की जरूरी बातें

इश्यू साइज₹650 करोड़
प्राइस बैंड
₹285-300 प्रति शेयर

एंकर बिडिंग19 अगस्त
सब्सक्रिप्शन20 से 24 अगस्त
संभावित लिस्टिंग
28 अगस्त (BSE और NSE)

₹468 पर हो सकती है लिस्टिंग

Tempsens ने IPO का प्राइस बैंड ₹285 से ₹300 प्रति शेयर तय किया है। अगर मौजूदा ₹168 का GMP बना रहता है, तो शेयर की संभावित लिस्टिंग करीब ₹468 पर हो सकती है।

इस हिसाब से प्रति शेयर करीब ₹168 का संभावित फायदा बनता है। हालांकि, यह सिर्फ ग्रे मार्केट का संकेत है। असली लिस्टिंग प्राइस बाजार के सेंटीमेंट और मांग पर तय होगा।

जुटाए गए पैसे का कहां होगा इस्तेमाल?

Tempsens IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल अपने कारोबार के विस्तार में करेगी। इसमें इलेक्ट्रिकल हीटिंग सॉल्यूशंस और स्पेशलाइज्ड केबल बिजनेस में पूंजीगत निवेश शामिल है। इसके अलावा कंपनी कुछ कर्ज भी चुकाएगी और बाकी रकम सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों में खर्च करेगी।

Tempsens क्या करती है?

1990 में शुरू हुई Tempsens Instruments थर्मल इंजीनियरिंग और स्पेशलाइज्ड केबल बनाने वाली कंपनी है। कंपनी इंडस्ट्री के लिए कस्टमाइज्ड टेम्परेचर सेंसर, इलेक्ट्रिकल हीटिंग सॉल्यूशंस और स्पेशलाइज्ड केबल तैयार करती है।

इसके पोर्टफोलियो में कॉन्टैक्ट और नॉन-कॉन्टैक्ट दोनों तरह के टेम्परेचर सेंसर शामिल हैं। कंपनी अलग-अलग औद्योगिक सेक्टर के लिए जरूरत के हिसाब से सॉल्यूशंस भी देती है।

Shiprocket IPO: अलॉटमेंट जारी, 19 अगस्त को हो सकती है लिस्टिंग; GMP दे रहा तगड़े मुनाफे का संकेत

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Shiprocket IPO: अलॉटमेंट जारी, 19 अगस्त को हो सकती है लिस्टिंग; GMP दे रहा तगड़े मुनाफे का संकेत

Shiprocket IPO: टेमासेक के निवेश वाली ई-कॉमर्स एनेबलमेंट प्लेटफॉर्म शिपरॉकेट के आईपीओ का अलॉटमेंट जारी हो चुका है। जिन निवेशकों ने इस बुक-बिल्डिंग इश्यू में आवेदन किया था, वे अब अपना अलॉटमेंट स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। अब निवेशकों की नजर 19 अगस्त 2026 को संभावित लिस्टिंग पर है। इस बीच ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) भी मजबूत लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है।

GMP क्या संकेत दे रहा है?

Investorgain के मुताबिक, Shiprocket IPO का लेटेस्ट GMP ₹38 है। कंपनी के शेयर ग्रे मार्केट में इश्यू प्राइस के मुकाबले 39.18% के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं।

कंपनी के IPO का अपर प्राइस बैंड ₹97 प्रति शेयर था। ऐसे में मौजूदा GMP के आधार पर शिपरॉकेट की लिस्टिंग करीब ₹135 पर होने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, GMP केवल ग्रे मार्केट का अंदाजा होता है। असल लिस्टिंग मार्केट की मांग, सेंटीमेंट और ओपनिंग बिड्स पर निर्भर करेगी।

कितना मुनाफा हो सकता है?

Shiprocket IPO का लॉट साइज 154 शेयर था। अपर प्राइस बैंड ₹97 होने के कारण एक लॉट के लिए निवेशकों को ₹14,938 लगाने पड़े।

अगर ₹38 GMP और 39.18% संभावित प्रीमियम के आधार पर शेयर ₹135 पर लिस्ट होता है, तो प्रति शेयर ₹38 का फायदा हो सकता है। ऐसे में आपके निवेश की रकम अच्छी खासी बढ़ सकती है।

  • 1 लॉट (154 शेयर) का संभावित मुनाफा: ₹5,852
  • 5 लॉट (770 शेयर) का संभावित मुनाफा: ₹29,260

यानी एक लॉट की ₹14,938 की शुरुआती निवेश रकम बढ़कर करीब ₹20,790 हो सकती है, जो करीब 39.18% के संभावित रिटर्न के बराबर है। हालांकि वास्तविक मुनाफा लिस्टिंग प्राइस पर निर्भर करेगा।

एक्सपर्ट्स की क्या राय है?

SBI Securities का शिपरॉकेट IPO पर पॉजिटिव रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि कर्ज घटने से बैलेंस शीट मजबूत होगी। साथ ही, ब्याज खर्च कम होने से मुनाफे में सुधार आ सकता है। वहीं Swastika Financial ने ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी है। उसका कहना है कि यह IPO 2-3 साल के नजरिए वाले हाई-रिस्क निवेशकों के लिए ज्यादा सही है।

Ventura Securities के मुताबिक, कंपनी की नेटवर्थ ₹1,524.29 करोड़ है। FY26 में ऑपरेशन से ₹52.64 करोड़ का पॉजिटिव कैश फ्लो रहा। हालांकि, थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स पार्टनर्स पर अधिक निर्भरता और कोर बिजनेस से ज्यादा रेवेन्यू आना इसके प्रमुख जोखिम हैं।

शिपरॉकेट का वैल्यूएशन कैसा है

Geojit Investments ने भी IPO पर पॉजिटिव राय दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि ₹97 के अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन FY26 के आधार पर करीब 3.6 गुना EV/Sales है। यह इसकी लिस्टेड प्रतिस्पर्धियों की तुलना में आकर्षक माना जा सकता है।

ब्रोकरेज का मानना है कि Shiprocket का मर्चेंट बेस बढ़ रहा है। टेक्नोलॉजी आधारित प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स बाजार में मजबूत स्थिति है। ये चीज इसे मध्यम से लंबी अवधि के निवेशकों के लिए दिलचस्प बनाती है।

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Torrent Gas IPO: टोरेंट गैस आईपीओ के अपडेटेड पेपर्स फाइल करेगी, ₹4000 करोड़ का हो सकता है इश्यू

टोरेंट गैस आईपीओ के लिए अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर्स फाइल करेगी। वह इसे इस हफ्ते ही फाइल कर सकती है। कंपनी का प्लान 4,000 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश करने का है। इस मामले से जुड़े दो सूत्रों ने रायटर्स को यह जानकारी दी।

8 राज्यों में पीएनजी सप्लाई करती है कंपनी

Torrent Gas 8 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में घरों और इंडस्ट्रीज को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) सप्लाई करती है। यह कंपनी गुजरात के टोरेंट ग्रुप का हिस्सा है, जिसका हेडक्वार्टर अहमदाबाद है। इस समूह की दो कंपनियां- टोरेंट पावर और टोरेंट फार्मा पहले से शेयर बाजार में लिस्टेड हैं।

500 CNG स्टेशंस ऑपरेट करती है

टोरेंट गैस 2,00,000 से ज्यादा घरों और 1,300 से ज्यादा इंडस्ट्रीज को गैस सप्लाई करती है। यह 500 कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) स्टेशंस भी ऑपरेट करती है। यह जानकारी कंपनी की वेबसाइट पर आधारित है। आईपीओ के प्लान के बारे में पूछने पर कंपनी ने रायटर्स के सवालों के जवाब नहीं दिए।

इस हफ्ते अपडेटेड पेपर्स होंगे फाइल

सेबी ने जून में टोरेंट गैस के आईपीओ को मंजूरी दे दी थी। कंपनी ने कॉन्फिडेंशियल रूट से आईपीओ के पेपर्स फाइल किए थे। अपडेटेड रेट हेरिंग प्रॉस्पेक्टस इस हफ्ते फाइल होने की उम्मीद है। यह कंपनी का पहला पब्लिक आईपीओ डॉक्युमेंट होगा। इस साल की पहली छमाही में सुस्ती के बाद आईपीओ बाजार में गतिविधियां काफी बढ़ी हैं।

जुलाई से अब तक आ चुके हैं 27 आईपीओ

इस साल फरवरी के आखिर में अमेरिका और ईरान में लड़ाई शुरू हुई थी। इसका असर आईपीओ बाजार पर भी पड़ा था। जुलाई से अब तक 27 कंपनियां आईपीओ पेश कर चुकी हैं या उसे लॉन्च करने का ऐलान कर चुकी हैं। इस साल की पहली छमाही में करीब 28 कंपनियों ने आईपीओ लॉन्च किए।

आईपीओ के कॉन्फिडेंशियल रूट का मतलब

सेबी के पास कॉन्फिडेंशियल रूट से आईपीओ के पेपर्स फाइल करने पर कंपनी को तब तक इस बारे में सार्वजनिक रूप से कुछ बताने की जरूरत नहीं पड़ती है जब तक वह इश्यू लॉन्च करने के प्लान पर आगे बढ़ने का फैसला नहीं कर लेती। टोरेंट फार्मा का शेयर 18 अगस्त को 1.57 फीसदी चढ़कर 4,977 रुपये पर बंद हुआ। टोरेंट पावर का शेयर 3.76 फीसदी गिरकर 1,263.50 रुपये पर बंद हुआ।

Oberoi Realty की Delhi NCR में एंट्री का रास्ता साफ! पहले प्रोजेक्ट पर बढ़ी बात लेकिन शेयर लाल

Oberoi Realty Shares Fall: मुंबई की रियल एस्टेट डेवलपर ओबेराय रियल्टी की दिल्ली एनसीआर में एंट्री पर लगा ग्रहण अब हट गया है। इसके बावजूद कंपनी के शेयर धड़ाम हो गए। एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक ग्रुरुग्राम में इसके थ्री सिक्स्टी नॉर्थ प्रोजेक्ट पर पंजाब एंड हरियाण हाईकोर्ट के अस्थायी रोक को हटा दिया है। हालांकि कमजोर मार्केट सेंटिमेंट में इसका शेयरों पर पॉजिटिव असर नहीं दिखा। फिलहाल बीएसई पर यह 1.13% की गिरावट के साथ ₹1910.60 पर है। इंट्रा-डे में यह 2.82% टूटकर ₹1,878.00 तक आ गया था।

Oberoi Realty को किस मामले में मिली है राहत

ओबेराय रियल्टी ने 18 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसके गुरुग्राम के थ्री सिक्स्टी नॉर्थ प्रोजेक्ट पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की लगाई गई अस्थायी पाबंदी अब प्रभावी नहीं है। कंपनी ने सोमवार को स्टॉक एक्सचेंजों को बताया कि DTCP (हरियाणा डिपार्टमेंट ऑफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) के डायरेक्टर ने ATPL (एडवांस इंडिया प्रोजेक्ट्स लिमिटेड) की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें ओबेराय रियल्टी के लाइसेंस को रद्द करने और डेवलपर बदलने की मंजूरी को रद्द करने की मांग की गई थी। DTCP का कहना है कि यह याचिका बिना किसी मेरिट के दायर की गई थी। इसका मतलब है कि Three Sixty North Project में नए अलॉटमेंट और थर्ड-पार्टी राइट्स पर पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट की लगाई गई अस्थायी रोक अब लागू नहीं है।

कंपनी के लिए यह फैसला इसलिए खास है क्योंकि यह मुंबई की रियल एस्टेट डेवलपर का दिल्ली-एनसीआर में पहला प्रोजेक्ट है। पिछले महीने कंपनी ने बताया था कि इस प्रोजेक्ट के लिए उसे लगभग ₹8,109 करोड़ की ग्रॉस बुकिंग मिल चुकी है, जबकि प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित वैल्यू करीब ₹16,000 करोड़ है।

कैसी है सेहत

ओबेराय रियल्टी के लिए चालू वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत धमाकेदार रही। जून 2026 तिमाही में कंपनी का कंसालिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 29% बढ़कर ₹544 करोड़ और ऑपरेशंस से रेवेन्यू 31.7% उछलकर ₹1,301 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर कंपनी का ईबीआईटीडीए 41.1% बढ़कर ₹734.1 करोड़ और ईबीआईटीडीए मार्जिन 52.7% से 56.4% पर पहुंच गया।

अब एक साल में इसके शेयरों की चाल की बात करें तो ओबेराय रियल्टी के शेयर 23 मार्च 2026 को ₹1,390.15 के भाव पर थे जोकि इसके लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से चार ही महीने में यह 42.79% उछलकर 6 जुलाई 2026 को ₹1,985.00 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।